बुरी तरह फंस गए सहारा टीवी के ग्रुप एडिटर मनोज मनु, जबरन छुट्टी पर भेजे गए, जांच शुरू,पढ़ें ये पत्र

सहारा समय न्यूज चैनल के ग्रुप एडिटर मनोज मनु बुरी तरह से चक्रव्यूह में फंस चुके हैं. उन पर कई गंभीर आरोप लगे हैं जिसकी जांच चल रही है. प्रबंधन ने उन्हें जबरन छुट्टी पर भेज दिया है.

मनोज मनु लंबे समय से सहारा टीवी के रीजनल न्यूज चैनल सहारा समय एमपी-सीजी के हेड रहे. उन्हें प्रमोट करके ग्रुप एडिटर भी बना दिया गया. मनोज मनु समय समय पर कई आरोपों के घेरे में आते रहे.

बताया जाता है कि आर्थिक गड़बड़ियों के कुछ गंभीर मामले में उनकी जांच चल रही है. प्रबंधन ने जांच होने तक उन्हें छुट्टी पर भेज दिया है. मनोज मनु इस छुट्टी के दौरान कोई वेतन व भत्ता नहीं पाएंगे.

सहारा मीडिया के मानव संसाधन विभाग के अमिताभ चक्रवर्ती की तरफ से जारी एक आदेश में मनोज मनु को कहा गया है कि वे बिना अनुमति कहीं नहीं जाएंगे. बुलाए जाने पर उन्हें जांच टीम के सामने उपस्थित होना होगा.

पढें आप भी पत्र-

सहारा समय के ग्रुप एडिटर मनोज मनु सभी पदों से हटाए गए। गंभीर मामलों में फंसे। सहारा समय के ग्रुप एडिटर मनोज मनु की सहारा न्यूज नेटवर्क में लंबी पारी का अंत हो गया है। उनके खिलाफ गंभीर मामले होने के कारण सभी पदों से मुक्त कर दिया गया है। यहां तक कि सहारा प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों की जांच टीम सभी मामलों की गहराई से जांच कर रही है और तब तक उनके सहारा परिसर में आने पर रोक लगा दी गई है।

जांच पूरी होने तक उन्हें अवकाश पर भेज दिया गया है और सहारा ग्रुप से जुड़ी किसी भी गतिविधि में शामिल होने से रोका गया है। इस दौरान उनका वेतन और अन्य सुविधाएं भी नहीं मिलेंगी। उनके सारे प्रोमो भी सभी चैनलों से हटा दिए गए हैं।

बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ गंभीर शिकायतें हैं जिनमें भ्रष्टाचार से लेकर ब्लैकमेलिंग और दुर्व्यवहार तक शामिल हैं। इसीलिए पहले उन्हें सहारा समय मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के चैनल हैड पद से हटाया गया और फिर शिकायतों में गंभीर तथ्य मिलने पर सहारा समय ने उनसे पल्ला झाड़ लिया है।

मनोज मनु सहारा समय की शुरुआत से ही जुड़े रहे हैं और निचले स्तर से शुरुआत करने के बाद ग्रुप एडिटर पद तक पहुंचे।

बताया जा रहा है कि प्रबंधन को लंबे अरसे से उनके खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं लेकिन तमाम चेतावनियों के बाद भी उनकी ब्लैकमेलिंग वाली गतिविधियां नहीं रुकीं जिससे सहारा ग्रुप की बदनामी हो रही थी।

उनसे जुड़े कई सहयोगी भी इन गतिविधियों में संलग्न रहे हैं और उनके बारे में तमाम अखबारों और वेबसाइट में छप चुका है। इसके बाद भी राजनीतिक प्रभाव और ब्लैकमेलिंग के बलबूते पर प्रबंधन उन्हें हटाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। लेकिन अब तमाम चौंकाने वाले तथ्य आने के बाद प्रबंधन ने उनकी छुट्टी करने का मन बना लिया है। इस खबर के बाद सहारा ग्रुप में हड़कंप मचा हुआ है और इस तरह की चर्चा है कि उनके खिलाफ प्रबंधन कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है। इसीलिए उन्हें जांच पूरी होने तक बिना अनुमति के शहर छोड़ने पर रोका गया है और बुलाने पर जांच टीम के सामने उपस्थित होने को कहा गया है।

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Comments on “बुरी तरह फंस गए सहारा टीवी के ग्रुप एडिटर मनोज मनु, जबरन छुट्टी पर भेजे गए, जांच शुरू,पढ़ें ये पत्र

  • शैलेन्द्र झा says:

    मनोज मनु सहरा समय का अभिशाप था. बहुत देर से गया. भगवान् से यही प्राथना है की फिर यह कमीना वापस ना आ जाये.

    Reply
  • संजय मिश्रा says:

    उपेंद्र राय जी सबसे अच्छे संपादक है. सहारा को ऐसे ही समापदको की जरुरत हमेशा रही है. ऐसे संपादक के नेतृतव में ही चैनल अपने असल मुकाम को प्राप्त कर सकेगा. जो बीत गयी वो ब्बात गयी. अब नए दौर में हम सभी एक टीम होकर अच्छा काम करके पूर्व के पाप को धो सकते है

    संजय मिश्रा

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  • संजीव कुमार says:

    लेकिन समय सहारा में कोई भी पाक साफ नहीं । उपेन्द्र राय जी के आदेश से मुझे 2016 में पटना मे वरिष्ठ संवाददाता के रूप में नियुक्त किया गया पर रायजी को हटाया गया तो बिना वजह मुझे भी हटा दिया गया । अभी तक मेरा बकाया भी नहीँ दिया गया। एच आर अमिताभ से जबभी बात किया हरबार जबाब मिला उपेन्द्र राय जी से मांगो । अब किसे क्या कहें, ये सहारा ही पापी संस्था है।
    मेरा इम्फलाई नम्बर 35915 है संजीव कुमार के नाम से सारा रिकार्ड है ।
    सहारा ने बुरे वक्त में भी मेरा बकाया भी नहीँ दिया ।मैं अपना किडनी ट्रांसप्लांट करवा चुका हूँ । 9818236901
    9431290949

    Reply
  • Sanjeev kumar says:

    Sir aapne mujhe june 2016 me rakha tha. Patna me sanjeev kumar snr correspondent emp code 35915
    Aapko hatane ke turant bad mujhe bhi hata diya gaya. Tanav me dono kidney kharab huyi, transplant karwaya, kayi baar apna bakaya amitabh aur ac se manga ,sabine jabab diya up ray se mango. Mujhe mere ilaj me bhi meri salary nahi di gayi . Kya yahi justice hai ?
    Sanjeev kumar
    9818236901
    9431290949
    Sabir Ali ji ki pairvi se aapse main Noida mila tha .

    Reply
  • किसी ने सही कहा है ऊपर वाले के यहां देर है अंधेर नहीं…एक हद तक तो भगवान भी माफ कर देता है…लेकिन किसी के कुकर्म इतने बढ़ जाए कि वो लोगों को कीड़ा मकौड़ा समझने लगे तो ऊपर वाला उसको उसकी असली औकात दिखाता ही है…जिस समाज, वर्ग और सहयोगियों के सामने बेसकीमती कपड़े और गाड़ी में चलने वाला एक राजा पत्रकार जिसका लाईफ एस्टाइल किसी राजा से काम नहीं…हां ये बात भेले है कि एक पत्रकार बामुश्किल अपना घर चलाता है…खैर छोड़ो…वो ‘चनोद चनू’ ये बताने और जताने की कोशिश करता है कि उससे ज्यादा साफ सुधार कोई नहीं है…चनू सहाब जारा किसी को ये भी बताएंगे कि आपने मध्यप्रदेश में क्या-क्या किया…अरे मध्यप्रदेश तो छोडिए आपने तो नोएड़ा में भी अपने दूषचरित्र के झंड़े गाड़ दिया…हनी-हनी- हनी-हनी ट्रैप….खैर छोड़ए समझाने की जरुरत नहीं लोग बहुत समझदार है वो समझ गए…आपको पता है ये राजाओं वाला लाइफ एस्टाल कहां से आया…हां तूम्हे तो पात ही होगा…उसी संस्थान से जिसे तुमने नोंच-नोंच कर खाया…हां ये भले ही था कि आप सहारा को सहारा देने का नाटक एक अच्छे अभिनेता की तरह करते रहे और संस्थान को खोखला करते रहे…चोनद चनू….यहां तक भी सब ठीक था…ऊपर वाले ने यहां तक भी तूझे बक्श दिया…लेकिन जब तूने जिन लोगों ने अपनी जिंदगी सहारा देने में लगा दी…जो देश के एक परिवार का अटूट हिस्सा थे…उन कर्तव्यवान और इमानदार सिपाहियों को चनोद चनू तूने बेज्जत कर संस्थान से निकलवा दिया…तेरे ये खेल सालों तक चलता रहा तूने ईमानदार और कर्तव्यवान लोग जिन्होंने तेरी बातों से इत्तेफाक नहीं रखा…उन्हें एक-एक कर निकालता गया…वाह रे वाह चोनद चनू…तेरे पाप का घड़ा भरता ही गया भरता ही गया पर तू नहीं रुका…अब समझा आया ऊपर वाले की लाठी में अवाज नहीं होती…और दर्द की उफ सालों तक रहती है…तू क्या किसी को निकालेगा और क्या किसी को बनाएगा…ये सब तो ईश्वर की माया है….

    आपका सदैव हितैशी

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  • दुर्गति मिस्र says:

    सहारा मैं इतनी तब्दीलियां के बावजूद लगता नहीं है कि सब कुछ ठीक-ठाक है मनोज मनु को भले ही मैनेजमेंट ने हटा दिया हो लेकिन ऐसा होते ही नेशनल आउटपुट चैनल हेड समेत नेशनल टीम से जुड़े हुए कई लोग अकस्मात लंबी छुट्टियों पर चले गए किसी ने बीमारी का बहाना बनाया तो किसी ने कोरोना के चलते क्वॉरेंटाइन होने का हालत यह है कि नेशनल को रीजनल चैनल का स्टाफ संभालने की जुगत कर रहा है इसी बीच बिहार चैनल हेड को नेशनल की जिम्मेदारी देकर मैनेजमेंट ने स्थिति को संभालने की कोशिश की लेकिन लगता नहीं है कि ऐसा करके मैनेजमेंट हालात को काबू कर पाने में कामयाब रहा क्योंकि अब दो रीजनल चैनल के हेड में ही आपस में टकराहट देखने को मिल रही है। हरियाणा चैनल हेड ने मनोज मनु के जाते ही उनका शो और चैनल की एंकर उमरा आलम का शो ले लिया वही बिहार चैनल हेड जो एक्सपीरियंस और उम्र दोनों में ही बिहार चैनल हेड से ज्यादा बेहतर है उन्हें भी हरियाणा चैनल की हेड को रिपोर्ट करना पड़ रहा है जो बात शायद उन्हें गवारा नहीं वैसे मैनेजमेंट को यह स्वयं समझ लेना चाहिए था की वरीयता किसे दी जाए बाहर हाल खबर अब यह है कि चैनल के एक वरिष्ठ एंकर एवं अन्य अधिकारी नाराजगी में छुट्टी पर चले गए हैं देखना यह है कि उनकी नाराजगी को चैनल मैनेजमेंट समझ पाता है या एक बार फिर बड़ी उठापटक देखने को मिल सकती है

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