‘शिव’ राज में जीरो TRP वाले चैनल्स की भी मौज

भोपाल : मध्य प्रदेश में इन दिनों बड़ा चैनल घोटाला चर्चा में है जिसकी अंतर्कथा व्यापम से जोड़कर देखी जा रही है। खबर यह है की वर्ष 2012 से उन  चैनलस पर मेहरबानी की जो अधिकांश जीरो टीआरपी वाले चैनल्स हैं या बंद पड़ी हैं जबकि बड़ी चैनल्स अपने प्राइम टाइम के समाचारों के विज्ञापन के लिए  तरस रहीं हैं यहाँ तक की प्रधानमंत्री मोदी की पसंद दूरदर्शन को छ अंकों की राशि में भी शामिल नहीं किया गया है, कुल १०० करोड़ के इस घोटाले में उन चैनल मालिकों की पौ बारह हो गयी है जो या तो जेल में बंद हैं या उन पर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं|

दरअसल मध्य प्रदेश विधानसभा में ८ दिसम्बर २०१५ को कांग्रेस के विधायक बालबच्चन  ने ताराकित प्रश्न क्रमांक २८८ के माध्यम से सरकार से यह जानकारी मांगी तब से मध्यप्रदेश के राजनैतिक और प्रशासनिक हलकों में मीडिया मैनेजमेंट और चैनल घोटाले के चर्चों को पर लग गए हैं मध्यप्रेश शासन के जनसम्पर्क विभाग के प्रमुख सचिव एस के मिश्रा ने आज मंत्रालय  में इस घोटाले की जाँच के आदेश दिए हैं दूसरी और कांग्रेस इस मुद्दे को व्यापम से जोड़कर भुनाने चाहती है. कांग्रेस के नेताओं ने इसे मीडिया मैनजमेंट में जनधन लुटाने का आरोप लगते हुए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को खरीदने का सीधा सीधा आरोप सरकार पर लगाया है.

प्रदेश के सहारा समय को १२ करोड पचास लाख रुपये की राशि दी गयी है वहीँ ई टीवी मध्यप्रदेश को १३ करोड़ और ई टी वी उर्दू को लगभग १ करोड़ की राशि दी गए है, मध्यप्रदेश के स्थानीय चैनल बंसल न्यूज़ को ११ करोड़ ५७ लाख, साधना न्यूज़ मध्यप्रदेश को ८ करोड ७८ लाख रुपये की राशि विज्ञापनों के नाम पर बाँट दी गयी है. जबकि देश के प्रधानमंत्री की सर्वाधिक पसंद और शासकीय समाचारों की अधिकृत चैनल दूरदर्शन को  मात्र ८ लाख में संतोष करना पड़ा है।

लोकल चैनल आपरेटर हथवे इंदौर को ५० लाख, सुदर्शन न्यूज़ को १४ लाख, सिटी केबल को ८४ लाख , टाइम्स नाउ को १ करोड़ ३९ लाख, एबीपी न्यूज़ को १२ करोड ७६ लाख, ज़ी मीडिया को ६ करोड़ १० लाख, सी एन बी सी आवाज को ६ करोड़ ५० लाख, इंडिया न्यूज़ को ८ करोड ६८ लाख , एन डी टी वी को १२ लाख ८४ हजार, न्यूज़ वर्ल्ड को १ करोड २८ लाख रुपय , भास्कर मल्टिनेट के मालिक सुधीर अग्रवाल को ६ लाख ९५ हजार , सेंट्रल इंडिया डिजिटल नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड को १ करोड़ ४१ लाख की राशि लुटाए गयी है.

अपराधिक छवि वाले संचालकों पर कृपा

सरकार का जनसम्पर्क महकमा मध्यप्रदेश की जनता का पैसा लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है, जिन चैनल्स को विज्ञापनों के नाम पर करोड़ों रुपये दिए गए हैं उनमें से अधिकांश चैनल के मालिक जेलों में बंद हैं या उनके विरुद्ध वारंट निकले हुए हैं मसलन पी ७ के संचालक केसर सिंह पर आर्थिक अपराध के कई मामले चल रहे हैं उनकी बंद पड़ी चैनल को सरकारी खजाने से ७६ लाख रुपये की राशि दी गई हैं.

चिटफंड कंपनी साईं प्रसाद मीडिया लिमिटेड के चैनल को २३ करोड़ ३३ लाख रुपये दिए गए हैं जिसमें कंपनी ने दो बार कंपनी और चैनल का नाम बदला, सूत्र बताते हैं  की चैनल के मालिक भापकर मुंबई जेल में बंद हैं।  खबर भारती, भारत समाचार और स्टेट न्यूज़ को क्रमश ९ करोड़, ४५ लाख और १ करोड़ से नवाजा गया है जबकि जो चैनल गर्भ में ही हैं दबंग डी लाइव को १ लाख अग्रिम रूप से दे दिए गए हैं। बात यहीं खत्म नहीं होती प्रोडक्शन हाउस निकिता फिल्म्स को चैनल की आड़ में ६१ लाख रुपये की रेवाड़ी बांटी  गयी है।  कई नेशनल चैनल्स के स्टेट ब्यूरो भी इस घोटाले की आड़ में भरी भरकम राशि ले कर उपकृत हुए हैं, इस घोटाले की सूची बहुत लम्बी है किन्तु स्थानाभाव के कारन चुनिंदा नाम ही यहाँ दिए गए हैं।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने पूरे मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा है कि “देश की आजादी में लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ यानि मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी लेकिन लोकतंत्र के मूल्यों को भ्रष्टाचार से बचाने  का प्रतिबिम्ब मीडिया भी शिवराज सिंह चौहान के बदनाम चेहरे को बचाने  में इस्तेमाल हो गया है.  मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने पहले डम्पर कांड फिर व्यापम घोटाल के कलंक को धोने के लिए लोकतंत्र के महत्वपूर्ण आधार स्तम्भ की प्रतिमा और प्रतिभा को खंडित करने का दुस्साहसास सरकारी खजाने से धन लूटा कर किया है.”

मध्यप्रदेश शासन के जनसम्पर्क विभाग के प्रमुख सचिव एस  के मिश्रा ने राज्य में हुए चैनल घोटाले के उजागर होने का बाद अब जाकर संपूर्ण मामले की जाँच करवाने के आदेश दिए हैं। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश की राजनीती में एक बार फिर व्यापम घोटाले को मैनेज करने के लिए चैनल घोटाला सुर्खियां बटोर रहा है ऐसे में सरकार की छवि बनाने वाले विभाग जनसम्पर्क और राज्य के मुखिया मुख्यमंत्री की परेशानी बढ़ गई है।

अजित उज्जैनकर व आशीष शर्मा ‘रिशी’ की विशेष रिपोर्ट

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एमपी में तीन सौ करोड़ के विज्ञापन घोटाले में आईएएस समेत कई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी

भोपाल. 300 करोड़ के विज्ञापन घोटाला एवं एक ही परिवार के कई सदस्यों को करोड़ो रुपये देकर शासन को आर्थिक हानि पहुंचाने पर जनसंपर्क आयुक्त अनुपम राजन, सीएम के सेकेट्री एसके मिश्रा और दो अन्य के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 120बी की एफआईआर दर्ज करने का परिवाद सीजेएम कोर्ट में एडवोकेट यावर खान ने विनय डेविड की ओर से पेश किया. कोर्ट ने बयान के लिए 02 /03 / 16 पेशी नियत की है. मध्यप्रदेश का जनसम्पर्क विभाग पत्रकारिता के नाम पर भाई-भतीजावाद, कमीशन आधारित विज्ञापनवाद, चहेतों को आर्थिक लाभ पहुंचाने तथा एक ही परिवार के कई सदस्यों को मीडिया अथवा पत्रकारिता के नाम पर विज्ञापन देने के लिए कुख्यात है.

लोकायुक्त ने कई प्रकरणों में जांच भी की परंतु इस मामले में कभी भी दोषियों को सजा नहीं हुई. इस मामले में आवाज उठाने पर बेखौफ निर्भीक एवं सजग स्वच्छ पत्रकारिता करने वालों को दबाने का प्रयास किया गया. कई पत्रकार संगठनों ने समय-समय पर आंदोलन भी किए. परंतु ऐसे संगठनों में फूट डालकर आंदोलनों को उनके रास्ते से दूर करने की कोशिश भी की जाती रही है.

भोपाल के पत्रकार विनय डेविड ने पूरे तीन सौ करोड़ रुपए के घोटाले के विरुद्ध सीजेएम भोपाल न्यायालय में एक इस्तगासा दायर किया. एडवोकेट यावर खां तथा विनय डेविड के मुताबिक दायर इस्तगासे में प्रमुख सचिव एसके मिश्रा, आयुक्त जनसम्पर्क अनुपम राजन के अलावा दो अन्य के विरुद्ध 420, 467, 468, 120 बी की एफआईआर दर्ज करने के लिए निवेदन किया गया है. सीजेएम भोपाल इस इस्तगासे में दो मार्च 2016 को सभी के कथन लेने के उपरांत अपना निर्णय सुनाएंगे. इस्तगासे से पत्रकार जगत में खुशी की लहर है. वहीं 300 करोड़ के इस घोटाले में लिप्त सभी आरोपी इस इस्तगासे को मैनेज करने के प्रयास भी शुरू कर दिए हैं.

भोपाल से पत्रकार सतीश सिंह की रिपोर्ट.

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मध्य प्रदेश में चैनलगेट के आगे पानी भरता दिखाई देता है वेबगेट

मध्यप्रदेश में इन दिनों न्यूज वेबसाईट को दिये विज्ञापनों पर हंगामा जारी है। इसे बकायदा वेबगेट घोटाला कहा जा रहा है। लेकिन अगर सूची पर नजर डालें और प्रमुख सचि के हालिया आदेश पर नजर डालें तो वेबगेट के आगे चैनल गेट कहीं नहीं लगता। आंकड़े तो यही बता रहे हैं कि वेबगेट घोटाला यानी वेबसाईटों का विज्ञापन घोटाला चैनल विज्ञापन घोटाले के आगे पानी भरता नजर आ रहा है। पिछले एक महीने से मचे हंगामे और उठा—पटक के बीच वेबसाईट्स के विज्ञापन बंद कर दिये गये हैं।  सूची के अनुसार गड़बड़ है तो गड़बड़ियों को पकड़ने के बजाय मध्यप्रदेश की बदनामी कराने से क्या मिला?

ई-गर्वननेंस के पुरस्कारों के आवेदन मंगाने वाली सरकार वेबमीडिया के साथ ये कैसा बर्ताव कर रही है। एक तरफ जहां प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक वालों को उदार हाथों से खजाना लुटाया जा रहा है वहीं वेबसाइट्स के साथ दोहरा व्यवहार किया जा रहा है। यहां तक कई आपराधिक रिकार्ड वाले चैनल संचालकों को भी विज्ञापन बांट दिये गये। एक चैनल तो अभी अस्तित्व में ही आने वाला है उसे एक लाख रुपये दे दिये गये एडवांस में। इस खबर में आ रहे आंकड़ों पर नजर डालिये समझ आ जायेगा वेबगेट क्यों नहीं लगता चैनलगेट के आगे कुछ—

मध्यप्रदेश में इन दिनों बड़ा चैनल घोटाला चर्चा में है जिसकी अंतर्कथा व्यापम से जोड़कर देखी जा रही है। खबर यह है की वर्ष 2012 से उन चैनलस पर मेहरबानी की जो अधिकांश जीरो टीआरपी पर हैं या बंद पड़ी हैं जबकि बड़ी चैनल्स अपने प्राइम टाइम के समाचरों के विज्ञापन के लिए तरस रहीं हैं यहाँ तक की प्रधानमंत्री मोदी की पसंद दूरदर्शन को छ अंकों की राशि में भी शामिल नहीं किया गया है ,कुल 100 करोड़ के इस घोटाले में उन चैनल मालिकों की पौ बारह हो गयी है जो या तो जेल में बंद हैं या उन पर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं।

दरअसल मध्यप्रदेश विधानसभा में 8 दिसम्बर 2015 को कांग्रेस के विधायक बालबच्चन ने ताराकित प्रश्न क्रमांक 288 के माध्यम से सरकार से यह जानकारी मांगी तब से मध्यप्रदेश के राजनैतिक और प्रशासनिक हलकों में मीडिया मैनेजमेंट और चैनल घोटाले के चर्चों को पर लग गए हैं मध्यप्रेश शासन के जनसम्पर्क विभाग के प्रमुख सचिव् एस के मिश्रा ने आज मंत्रालय में इस घोटाले की जाँच के आदेश दिए हैं दूसरी और कांग्रेस इस मुद्दे को व्यापम से जोड़कर भुनाने चाहती है कांग्रेस के नेताओं ने इसे मीडिया मैनजमेंट में जनधन लुटाने का आरोप लगते हुए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को खरीदने का सीधा सीधा आरोप सरकार पर लगाया है।

मध्य्रपदेश के सहारा समय को 12 करोड 50 लाख रुपये की राशि दी गयी है वहीँ ई टीवी मध्यप्रदेश को 13 करोड़ और ई टी वी उर्दू को लगभग 1 करोड़ की राशि दी गए है, मध्यप्रदेश के स्थानीय चैनल बंसल न्यूज़ को 11 करोड़ 57 लाख , साधना न्यूज़ मध्यप्रदेश को 8 करोड 78 लाख रुपये की राशि विज्ञापनों के नाम पर बाँट दी गयी है. जबकि देश के प्रधानमंत्री की सर्वाधिक पसंद और शासकीय समाचारों की अधिकृत चैनल दूरदर्शन को मात्र 8 लाख में संतोष करना पड़ा है।

लोकल चैनल आपरेटर हाथवे इंदौर को 50 लाख, सुदर्शन न्यूज़ को 14 लाख, सिटी केबल को 84 लाख, टाइम्स नाउ को 1 करोड़ 39 लाख, एबीपी न्यूज़ को 12 करोड 76 लाख, ज़ी मीडिया को 6 करोड़ 10 लाख, सीएनबीसी आवाज को 6 करोड़ 50 लाख, इंडिया न्यूज़ को 8 करोड 68 लाख, एनडीटीवी को 12 लाख 84 हजार, न्यूज़ वर्ल्ड को 1 करोड 28 लाख रुपये, भास्कर मल्टीनेट के मालिक सुधीर अग्रवाल को 6 लाख 95 हजार, सेंट्रल इंडिया डिजिटल नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड को १ करोड़ ४१ लाख की राशि लुटाई गयी है।

अपराधिक छवि वाले संचालकों पर कृपा

सरकार का जनसम्पर्क महकमा मध्यप्रदेश की जनता का पैसा लुटाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है ,जिन चैनल्स को विज्ञापनों के नाम पर करोड़ों रुपये दिए गए हैं उनमें से अधिकांश चैनल के मालिक जेलों में बंद हैं या उनके विरुद्ध वारंट निकले हुए हैं मसलन पी 7 के संचालक केसर सिंह पर आर्थिक अपराध के कई मामले चल रहे हैं। उनके बंद पड़े चैनल को सरकारी खजाने से 76  लाख रुपये की राशि दी गई है।

चिटफंड कंपनी साईं प्रसाद मीडिया लिमिटेड के चैनल को 23 करोड़ 33 लाख रुपये दिए गए हैं जिसमें कंपनी ने दो बार कंपनी और चैनल का नाम बदला , सूत्र बताते हैं की चैनल के मालिक भापकर मुंबई जेल में बंद हैं। खबर भारती, भारत समाचार और स्टेट न्यूज़ को क्रमश 9 करोड़, 45 लाख और 1 करोड़ से नवाजा गया है जबकि जो चैनल गर्भ में ही हैं दबंग डी लाइव को 1 लाख अग्रिम रूप से दे दिए गए हैं, बात यहीं खत्म नहीं होती प्रोडक्शन हाउस निकिता फिल्म्स को चैनल की आड़ में 61 लाख रुपये की रेवाड़ी बांटी गयी है। कई नेशनल चैनल्स के स्टेट ब्यूरो भी इस घोटाले की आड़ में भरी भरकम राशि ले कर उपकृत हुए हैं , इस घोटाले की सूची बहुत लम्बी है किन्तु स्थानाभाव के कारन चुनिंदा नाम ही यहाँ दिए गए हैं।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने पूरे मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा है कि ” देश की आजादी में लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ यानि मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी लेकिन लोकतंत्र के मूल्यों को भभ्रष्टाचार से बचाने का प्रतिबिम्ब मीडिया भी शिवराज सिंह चौहान के बदनाम चेहरे को बचाने में इस्तेमाल हो गया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने पहले डम्पर कांड फिर व्यापम घोटाल के कलंक को धोने के लिए लोकतंत्र के महत्वपूर्ण आधार स्तम्भ की प्रतिमा और प्रतिभा को खंडित करने का दुस्साहसास सरकारी खजाने से धन लूटा कर किया है।

मध्यप्रदेश शासन के जनसम्पर्क विभाग के प्रमुख सचिव एस के मिश्रा ने राज्य में हुए चैनल घोटाले के उजागर होने का बाद अब जाकर संपूर्ण मामले की जाँच करवाने के आदेश दिए हैं। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश की राजनीती में एक बार फिर व्यापम घोटाले को मैनेज करने के लिए चैनल घोटाला सुर्खियां बटोर रहा है। ऐसे में सरकार की छवि बनाने वाले विभाग जनसम्पर्क और राज्य के मुखिया मुख्यमंत्री की परेशानी बढ़ गई है।

लेखिका ममता यादव मल्हार मीडिया की संस्थापक और संपादक हैं.

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मध्य प्रदेश में सौ करोड़ रुपये का TV चैनल विज्ञापन घोटाला

जीरो TRP वाले चैनल्स पर मेहरबान शिवराज सरकार

भोपाल : मध्य प्रदेश में इन दिनों बड़ा चैनल घोटाला चर्चा में है जिसकी अंतर्कथा व्यापम से जोड़कर देखी जा रही है। खबर यह है की वर्ष 2012 से उन  चैनलस पर मेहरबानी की जो अधिकांश जीरो टीआरपी पर हैं या बंद पड़ी हैं जबकि बड़ी चैनल्स अपने प्राइम टाइम के समाचारों के विज्ञापन के लिए  तरस रहीं हैं यहाँ तक की प्रधानमंत्री मोदी की पसंद दूरदर्शन को छ अंकों की राशि में भी शामिल नहीं किया गया है, कुल १०० करोड़ के इस घोटाले में उन चैनल मालिकों की पौ बारह हो गयी है जो या तो जेल में बंद हैं या उन पर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं.

दरअसल मध्य प्रदेश विधानसभा में ८ दिसम्बर २०१५ को कांग्रेस के विधायक बालबच्चन  ने ताराकित प्रश्न क्रमांक २८८ के माध्यम से सरकार से यह जानकारी मांगी तब से मध्यप्रदेश के राजनैतिक और प्रशासनिक हलकों में मीडिया मैनेजमेंट और चैनल घोटाले के चर्चों को पर लग गए हैं मध्यप्रेश शासन के जनसम्पर्क विभाग के प्रमुख सचिव एस के मिश्रा ने आज मंत्रालय  में इस घोटाले की जाँच के आदेश दिए हैं दूसरी और कांग्रेस इस मुद्दे को व्यापम से जोड़कर भुनाने चाहती है. कांग्रेस के नेताओं ने इसे मीडिया मैनजमेंट में जनधन लुटाने का आरोप लगते हुए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को खरीदने का सीधा सीधा आरोप सरकार पर लगाया है.

प्रदेश के सहारा समय को १२ करोड पचास लाख रुपये की राशि दी गयी है वहीँ ई टीवी मध्यप्रदेश को १३ करोड़ और ई टी वी उर्दू को लगभग १ करोड़ की राशि दी गए है, मध्यप्रदेश के स्थानीय चैनल बंसल न्यूज़ को ११ करोड़ ५७ लाख, साधना न्यूज़ मध्यप्रदेश को ८ करोड ७८ लाख रुपये की राशि विज्ञापनों के नाम पर बाँट दी गयी है. जबकि देश के प्रधानमंत्री की सर्वाधिक पसंद और शासकीय समाचारों की अधिकृत चैनल दूरदर्शन को  मात्र ८ लाख में संतोष करना पड़ा है।

लोकल चैनल आपरेटर हथवे इंदौर को ५० लाख, सुदर्शन न्यूज़ को १४ लाख, सिटी केबल को ८४ लाख , टाइम्स नाउ को १ करोड़ ३९ लाख, एबीपी न्यूज़ को १२ करोड ७६ लाख, ज़ी मीडिया को ६ करोड़ १० लाख, सी एन बी सी आवाज को ६ करोड़ ५० लाख, इंडिया न्यूज़ को ८ करोड ६८ लाख , एन डी टी वी को १२ लाख ८४ हजार, न्यूज़ वर्ल्ड को १ करोड २८ लाख रुपय , भास्कर मल्टिनेट के मालिक सुधीर अग्रवाल को ६ लाख ९५ हजार , सेंट्रल इंडिया डिजिटल नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड को १ करोड़ ४१ लाख की राशि लुटाए गयी है.

अपराधिक छवि वाले संचालकों पर कृपा

सरकार का जनसम्पर्क महकमा मध्यप्रदेश की जनता का पैसा लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है, जिन चैनल्स को विज्ञापनों के नाम पर करोड़ों रुपये दिए गए हैं उनमें से अधिकांश चैनल के मालिक जेलों में बंद हैं या उनके विरुद्ध वारंट निकले हुए हैं मसलन पी ७ के संचालक केसर सिंह पर आर्थिक अपराध के कई मामले चल रहे हैं उनकी बंद पड़ी चैनल को सरकारी खजाने से ७६ लाख रुपये की राशि दी गई हैं.

चिटफंड कंपनी साईं प्रसाद मीडिया लिमिटेड के चैनल को २३ करोड़ ३३ लाख रुपये दिए गए हैं जिसमें कंपनी ने दो बार कंपनी और चैनल का नाम बदला, सूत्र बताते हैं  की चैनल के मालिक भापकर मुंबई जेल में बंद हैं।  खबर भारती, भारत समाचार और स्टेट न्यूज़ को क्रमश ९ करोड़, ४५ लाख और १ करोड़ से नवाजा गया है जबकि जो चैनल गर्भ में ही हैं दबंग डी लाइव को १ लाख अग्रिम रूप से दे दिए गए हैं। बात यहीं खत्म नहीं होती प्रोडक्शन हाउस निकिता फिल्म्स को चैनल की आड़ में ६१ लाख रुपये की रेवाड़ी बांटी  गयी है।  कई नेशनल चैनल्स के स्टेट ब्यूरो भी इस घोटाले की आड़ में भरी भरकम राशि ले कर उपकृत हुए हैं, इस घोटाले की सूची बहुत लम्बी है किन्तु स्थानाभाव के कारन चुनिंदा नाम ही यहाँ दिए गए हैं। 

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने पूरे मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा है कि “देश की आजादी में लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ यानि मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी लेकिन लोकतंत्र के मूल्यों को भभ्रष्टाचार से बचाने  का प्रतिबिम्ब मीडिया भी शिवराज सिंह चौहान के बदनाम चेहरे को बचाने  में इस्तेमाल हो गया है.  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने पहले डम्पर कांड फिर व्यापम घोटाल के कलंक को धोने के लिए लोकतंत्र के महत्वपूर्ण आधार स्तम्भ की प्रतिमा और प्रतिभा को खंडित करने का दुस्साहसास सरकारी खजाने से धन लूटा कर किया है.”

मध्यप्रदेश शासन के जनसम्पर्क विभाग के प्रमुख सचिव एस  के मिश्रा ने राज्य में हुए चैनल घोटाले के उजागर होने का बाद अब जाकर संपूर्ण मामले की जाँच करवाने के आदेश दिए हैं। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश की राजनीती में एक बार फिर व्यापम घोटाले को मैनेज करने के लिए चैनल घोटाला सुर्खियां बटोर रहा है ऐसे में सरकार की छवि बनाने वाले विभाग जनसम्पर्क और राज्य के मुखिया मुख्यमंत्री की परेशानी बढ़ गई है।

(साभार- खरी न्यूज)

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विज्ञापन घोटाला : क्या सिर्फ वेबसाईट संचालक ही घोटालेबाज हैं, दूसरी तरफ नजर टेढ़ी क्यों नहीं?

मध्यप्रदेश में मचे विज्ञापन घोटाले के हंगामे के बीच निशाने पर सिर्फ और सिर्फ वेब मीडिया यानी समाचार वेबसाईट्स हैं। वेबसाईट्स को दिये गये विज्ञापनों को लेकर एक हद तक काफी चीजें सही भी हैं जो बताती हैं कि गड़बड़ तो हुई है लेकिन सवाल ये है कि क्या गड़बड़ सिर्फ वेबसाईट्स को लेकर ही है? सुना है किसी मीडिया सन्घ के पदाधिकारी द्वारा कोर्ट में विज्ञापन घोटाले को लेकर सीबीआई जांच की मांग की गई है इस पूरे मामले में ऐसा प्रतीत होता है कि एकतरफा खेल खेला जा रहा है हर तरफ सिर्फ वेबसाइट्स की चर्चा है। जताया ऐसा जा रहा है कि सबसे बड़े घोटालेबाज सिर्फ और वेबसाईट संचालक पत्रकार ही हैं। वेबसाईट संचालक पत्रकारों पर सबकी टेढ़ी नजर है मगर क्यों?

जारी की गई सूची को या तो कोई पूरा देख नहीं रहा या देखना नहीं चाहता। अगर वेबसाइटों की ही बात करें तो असली फर्जीवाड़े पर बात हो ही नहीं रही लोग सिर्फ इस बात पर पगलाये हुये हैं कि उसे इतना मिला, इसे इतना मिला। लगातार यह बात कही जा रही है कि बन्द वेबसाइटों को भी विज्ञापन जारी हुए। इस पूरी सूची में जो तमाम तरह की सोसायटीज हैं उनकी कोई बात नहीं कर रहा सवाल इस पर भी उठने चाहिए कि 257 वेबसाइट्स को 12 करोड़ और एक-एक चेनल को 11-12 करोड़?

सवाल यह भी उठे कि मांगे जाने पर चाहे जिसने भी जानकारी मांगी हो तमाम तरह के चार पन्नों के अखबार, पत्र—पत्रिकाओं को क्यों बख्श दिया गया? बाला बच्चन ने भी यह सवाल क्यों नहीं उठाया? यहां बता दूं कि मुझे शुरू से ही सूची देखने में रुचि नहीें थी मगर बार—बार कुछ ऐसी बातें की गईं जिससे मैंने रुचि ली और सबसे बड़ी बात जिन पत्रकारों को सबसे ज्यादा सूची देखने की खुजली मची हुई थी अब सारे एपीसोड में खामोशी अख्तियार किए हुये हैं।

मैं किसी गलत के साथ नहीं हूँ चाहे वेबसाईट्स हों या कोई और मगर मेरा सवाल सिर्फ़ इतना है कि सवाल वेबसाइट्स पर ही क्यों? बेशक सबकुछ ठीक नहीं है मगर बहुत कुछ छुपा हुआ ऐसा भी है जो बताता है कि बहुत ज्यादा बहुत कुछ ठीक नहीं है। सुना है कुछ वेबसाइट चला रहे पत्रकारों को संस्थानों ने नौकरी से हटा दिया है अगर उक्त बातें साफ हों तो कितने लोग कमा खा पायेंगे? जो बाकी लोग दूध के धुले बनकर न्यूज वेबसाइट वालों को टेढ़ी नजर से देख रहे हैं अगर उनके प्रकाशनों को मिले विज्ञापनों का ब्यौरा बाहर आ जाए तो…?

बता दूं कि मुझे किसी ने उकसाया नहीं है न ही मैं किसी का टूल बन रही हूं मगर ये वो सवाल हैं जो हर वेबसाईट संचालक को पूछने चाहिए? पर उससे पहले मेरा सवाल क्यों छुपाया गया कि वेबसाईट भी चलाई जा रही हैं? क्यों एक सीधे रास्ते को चोर रास्ता बना दिया गया? क्यों एक लाईन से सब घोटालेबाजों में शामिल कर दिये गये? इस पूरे खेल में गलती चाहे जिसकी भी हो पिसेंगे छोटे ही। खबरनेशन और बाला बच्चन से मेरा यह सवाल तब तक जारी रहेगा जब तक यह स्पष्ट नहीं कर दिया जाता कि असली घोटालेबाज कौन और विशुद्ध पत्रकार कौन? या सिर्फ थोड़ी देर की पब्लिसिटी और वाहवाही पाने के लिये यह किया गया? खबरनेशन बताये ​क्या उसने पत्रकारिता के सारे मापदंड पूरे किये? क्यों नहीं सारी बातें स्पष्ट की गईं? बसाईट्स को लेकर सवाल हर बार उठते हैं मगर जवाब क्यों नहीं दिये गये? यहां बता दूं कि मुझे किसी ने उकसाया नहीं है लेकिन ये बातें भी तो साफ हों? कहीं ऐसा न हो कि पत्रकार एक दूसरे की टांग—खिचाई में घर फूंक तमाशा देखते रहें। एक साथ दो काम करना गुनाह तो नहीं है?

लेखिका ममता यादव मल्हार मीडिया वेब न्यूज पोर्टल की संस्थापक और संपादक हैं. उनसे संपर्क 7566376866 या 9826042868 के जरिए किया जा सकता है.

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मध्य प्रदेश विज्ञापन घोटाले के बहाने उघड़ती असलियत को कोई दिन के उजाले में भी नहीं देखना चाहता

एक घोटाला मध्यप्रदेश का जिसे विज्ञापन घोटाला कहा जा रहा है। बहरहाल इस घोटाले के बहाने कई और भी परतें उधड़ रही हैं और कुछ असलियतें सामने आ रही हैं जिनकी तरफ कोई दिन के उजाले में भी देखने को तैयार नहीं है।  इस मामले की लिखी गई खबर में वेबसाईटस की संख्या लिखी 235 जबकि सूची में वेबसाईटस हैं 259 । गिनती फिर से करिये। दे कॉपी पेस्ट दे कॉपी पेस्ट किये जा रहे हैं। सूची के अनुसार जितना पूरी वेबसाई्टस को विज्ञापन को नहीं दिये गये उससे कहीं ज्यादा तो सिर्फ एक चैनल को पकड़ा दिये गये। बाजी मार गईं तमाम तरह की सोसयटीज और क्षेत्रीय प्रचार कंपनियां इनमें कई करोड़पतिये हैं।

कुछ ऐसे भी महारथी हैं जो नौकरियां भी कर रहे हैं वेबसाईट्स भी चला रहे हैं और सोसायटीज में भी कमा ले गये। जमीनों और सरकारी बंगलों की सूची की तो अभी बात ही नहीं हो रही, जिसमें सोसयटीज बनाकर लाखों की जमीन औने—पौने दामों में दे दी गई। और भी दिलचस्प बात ये कि कई रिटायर्ड जनसंपर्क अधिकारी पत्रकार बनकर इन सोसायटीज में तो घुसपैठ कर ही गये वेबसाईट्स बनाकर पत्रकार भी बन गये। यही रिटायर्ड अधिकारीगण पत्रकारों को नैतिकता का पाठ पढ़ाते घूम रहे हैं पत्रकारों को चार वेबसाईट नहीं चलानी चाहिये।

क्यों साहब आप जनसंपर्क अधिकारी रहते तबादलों से कमाई कर सकते हैं,सरकारी बंगलों में रह सकते हैं और कहीं से सूंघ लिया तो पत्रकार बनकर जमीन पर भी कब्जा कर सकते हैं और पत्रकार के असली काम पर ही सवाल? कमाल की नैतिकता है। वेबसाईट्स को लेकर सरकारों की नीति में भी विरोधाभास है। सरकार को वेबसाईट्स को विज्ञापन देने से गुरेज नहीं है मगर जनसंपर्क की संवाददाता सूची में वेबसाइट पत्रकारों का नाम शामिल करने से परहेज है। और भी कई नियम हैं जो प्रिंट—इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिये तो हैं मगर वेबमीडिया के लिये नहीं। बीमारी के नाम पर खैरात ऐसी बंटती है कि भिखारी भी शरमा जायें मगर वेबसाईट्स को विज्ञापन देने में ही लोहे के चने चबवा दिये जाते हैं। सबसे बड़ा खेल स्मारिकाओं में फोटोकॉपी करो कवर बदलो और लो विज्ञापन।

ई—गर्वनेंस में सफलता के आयामों की तरफ बढ़ती सरकारों को समाचार वेबसाइट्स के बारे में फिर से नीति बनाने की जरूरत है। सूत्रों के अनुसार अभी—भी जो घोटाला सामने आया है उसमें भी कई खास तथ्यों की तरफ ध्यान देने के बजाय नीति यह बनाई जा रही है कि हिट्स से विज्ञापन तय होंगे तो नया क्या है पहले भी यही था। उनका तो फिर भी कुछ नहीं बिगड़ना जो अंगद के पैरों की तरह जमे हुये हैं।   

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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वेब मीडिया को विज्ञापनों पर हंगामा क्यों? दूसरा पहलू भी आये सामने

सिर्फ सनसनी पैदा करने के लिये अपनी ही बिरादरी के लोगों को नीचा दिखाने पर उतारू न हो जायें। मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र तो सामान्य हंगामेदार रहा लेकिन असली हंगामे की एक जड़ छोड़ गया भोपाली मीडिया में। इस बहाने कांग्रेस विधायक बाला बच्चन भी अच्छे—खासे चर्चा में आ गये हैं। उन्होंने सवाल ही कुछ ऐसा पूछ डाला। इसके कारण एक और काम सबसे अच्छा हुआ है कि सबकी असली मानसिकता और असली चेहरे सामने आ गये। सोशल मीडिया में ये बहुत अच्छा प्लेटफॉर्म मिला है कि लोगों के असली चेहरे और उनकी असली मानसिकता जल्दी सामने आ जाती है।

जैसा कि सबको ज्ञात है माननीय विधायक महोदय ने पूछा था कि वर्ष 2012 से अभी तक वेबसाईट इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, समाचार पत्र—पत्रिकाओं को सरकार की तरफ से कितना विज्ञापन दिया गया उसकी सूची बताई जाये। तो साहब बाला बच्चन को तो फिर भी देर लगी होगी उस सूची को लेने में लेकिन कुछ फुरसतिये पत्रकारों ने इसे सबसे पहले निकाला। इनमें वे लोग शामिल थे जो एनजीओ आदि चला रहे हैं। इस सूची में इलेक्ट्रॉनिक चैनल,समाचार पत्र—पत्रिकाओं सबको छोड़कर निशाना बना वेबमीडिया। वेबमीडिया सरकारी विज्ञापनों को लेकर हमेशा निशाने पर रहा है क्यों इसका असली मतलब अब समझ आ रहा है।

दरअसल वेबमीडिया को जो विज्ञापन सालों से जारी किये जा रहे हैं उनके भुगतान की राशि एकमुश्त चार साल की दिखाई जा रही है। ऐसे में जाहिर है कि अगर एक वेबसाईट को मासिक 25 हजार भी मिलता है तो चार साल का क्या आंकड़ा हो सकता है और इसमें भी साल में एकाध महीने का गैप भी हो जाता है। तो साहब लोगों के झगड़े की जड़ ये है कि फलां पत्रकार की वेबसाईट को इतना मिला तो उनको उतना मिला। इसमें ये बात स्पष्ट कहीं नहीं दशाई जा रही खबरों में कि ये कितने सालों का है। इसको पेश ऐसे किया जा रहा है ​जैसे किसी एक वेबसाईट को एक—दो महीने में एकमुश्त रकम दे दी गई।

इस मामले में एक जो गंदी मानसिकता का परिचय सामने आ रहा है कि पत्रकारों की पत्नियों और उनके परिवार को लेकर अच्छी टिप्पणियां नहीं की जा रही हैं। वेबसाईट संचालक पत्रकारों को तमाम तरह की पत्रकारिय गालियों से नवाजा जा रहा है। सबको पता होता है कि एक पत्रकार जब नौकरी करता है तो अपने नाम से कुछ और नहीं कर सकता ऐसे में परिवार के किसी सदस्य के नाम से उसने कोई वेबसाईट शुरू कर ली और विज्ञापन ले लिये तो क्या गुनाह कर दिया। ठीक यही काम तो साप्ताहिक और मासिक केे माध्यम से किया जा रहा है फिर उस पर सवाल क्यों नहीं? वैसे यह नौबत न आती अगर वेबसाईट संचालक पत्रकार खुद इस बारे में सामने आकर लोगों को जवाब देते लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

सवाल यह भी है कि चारों ओर से घेरा वेबसाईट्स पर ही क्यों? एक बड़े संस्थान के कई उपसंस्थान होते हैं तो क्या वो एक ही व्यक्ति के नाम पर होते हैं? जाहिर ​है परिवार के ही अलग—अलग लोगों के नाम से होतें हैं तो पत्रकार नौकरी करते हुये अगर ऐसा कर रहा है तो गलत क्या है? अगर यह मीडिया का दोमुंहापन या दलाली है तो यह उस धंधे से कहीं अच्छी है जिसे शुद्ध शब्दों में ब्लैकमेलिंग कहा जाता है।

और एक बात तो जाहिर है कि कोई भी मीडिया माध्यम बिना विज्ञापन के नहीं चलता है।वेबसाईट्स पर छपना भी है,उनकी खबरें भी चुराना है, जिस खबर को अखबार न छापें उसे वेबसाईट में छपवाना है और जब उसे आमदनी होने लगे तो उसे दोमुंहा,दलाल और कोई महिला हो तो उसके चरित्र पर उंगली भी उठाना है यह कैसी पत्रकारिय नैतिकता है।

खबरनेशन वेबसाईट ने इस सूची को लेकर खबर प्रकाशित की वह बधाई का पात्र है लेकिन बेहतर होता अगर सारे मीडिया को इसमें लिया जाता। और भी बेहतर होता अगर खबरनेशन स्पष्ट करता कि वास्तविक स्थिति है क्या? क्यों खबरनेशन ने सिर्फ पत्रकारों को निशाने पर लिया? क्यों खबरनेशन ने इंट्रो में यह लिखने के बावजूद कि ऐसी मात्र 25 वेबसाईट हैं जो पत्रकारिता कर रही हैं उनके नाम स्पष्ट नहीं किये। क्यों यह स्पष्ट नहीं किया कि किसकी कितनी वेबसाईट चल रही हैं?कयों एक जमात में सबको खड़ा कर दिया गया?

क्यों उनके नाम सामने नहीं लाये गये जिनके बारे में लोग मुंहजबानी बातें करते नहीं थकते कि फलां नेता की इतनी वेबसाईट्स हैं और फलां उसका रिश्तेदार है? और एक आपत्तिजनक बात खबरनेशन की खबर मेें यह थी कि एक विवादित महिला पत्रकार को भी विज्ञापन जारी हुये तो सवाल सीधा कि विवादित कौन नहीं है और जो विवादित है वह चाहे महिला हो या पुरूष उसे यह अधिकार है कि नहीं? एक पत्रकार होने के नाते मल्हार मीडिया खबरनेशन से ये उम्मीद करता है कि वो ये सारी चीजें बातें स्पष्ट करे।

दिलचस्प बात यह रही कि जिस दिन यह सवाल पूछा गया उस दिन से अभी तक कई फोन मल्हार मीडिया को कर दिये गये सवालों पर सवाल। इनमें वो लोग शामिल थे जो भोपाल में हैं भोपाल से बाहर हैं और कुछ की वेबसाईट बंद पड़ी हैं जो सरकार के पास विज्ञापन मांगने जाने में इसलिये शर्माते हैं क्योंकि दूसरे मदों से पैसा बटोरने में लगे हैं। एक अपील भोपाली मीडिया से कि नजर चारों तरफ दौड़ायें और सोचें कि असली नैतिकता की जरूरत कहां पर है और हम अपनी क्या छवि प्रस्तुत कर रहे हैं एक—दूसरे को नीचा दिखाकर।

ममता यादव भोपाल की प्रतिभाशाली पत्रकार हैं और मल्हार मीडिया नाम से अपना डिजिटिल मीडिया उपक्रम संचालित करती हैं. उनसे संपर्क 7566376866 या 9826042868 के जरिए किया जा सकता है.

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मध्य प्रदेश में व्यापमं के बाद विज्ञापन घोटाला!

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रतलाम। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजपुर विधायक बाला बच्चन को विधानसभा में उठाए सवाल के जवाब में मिली जानकारी ने प्रदेश के पत्रकारों के कान खड़े कर दिये हैं। विधायक बाला बच्चन द्वारा जनसंपर्क विभाग के मंत्री राजेन्द्र शुक्ल (जो कि ऊर्जा मंत्री भी है) से जनसंपर्क विभाग की विज्ञापन नीति विषय से जुड़े चार सवाल पूछे गए। इन सवालों के जवाब में जो जानकारी विधानसभा में जनसंपर्क विभाग द्वारा दी गई, उसके मुताबिक विभाग द्वारा 235 वेबसाईट/वेबपोर्टलों को साढ़े चार साल में लगभग सवा बारह करोड़ रूपए के विज्ञापन बांट दिए गए। 70 न्यूज चैनलों को लगभग 72 करोड़ रूपए और क्षेत्रीय प्रचार के नाम पर लगभग 58 करोड़ रूपए दे दिए गए।

इस प्रकार वेबपोर्टल, न्यूज चैनल और क्षेत्रीय प्रचार संस्थाओं पर सरकार और मुख्यमंत्री के प्रचार-प्रसार के लिए आम आदमी की गाढ़ी मेहनत का 1300 करोड़ से ज्यादा का खर्चा कर दिया गया। अब बताया जा रहा है कि इनमें से अधिकांश को विज्ञापन उनकी औकात से ज्यादा के दे दिए गए हैं। ऐसे कई लोगों को विज्ञापन दे दिए गए जो भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस से संबंध रखते हैं जो सिर्फ सरकारी विज्ञापन लेने के लिए पत्रकार बन गए हैं।

235 वेबसाईट में से मात्र 25 वेबसाईट ऐसी हैं जो नियमित पत्रकारिता कर रही हैं। 210 वेबसाईट के संचालक नामी गिरामी पत्रकारों के रिश्तेदार या जनसंपर्क विभाग के सेवा निवृत्त अधिकारी हैं, जिन्हें भारी भरकम राशी के विज्ञापन दिए गये हैं। कुछ डमी पत्रकारों के तौर पर भाजपा के प्रभावशाली नेताओं से जुड़े लोग भी हैं। बाला बच्चन का कहना है कि यह सारा पैसा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की छवि बचाए रखने के नाम पर हथियाया गया है। इस मामले में अपने लोगों को उपकृत करने, भारी कमीशन खोरी से इंकार नहीं किया जा सकता।

बाला बच्चन कहते हैं कि सूची में शामिल कुछ लोग वाजिब हैं जिनको विज्ञापन दिए जाने का हम स्वागत करतें हैं, लेकिन सूची में शामिल कई नाम सन्देहास्पद हैं। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन के प्रश्न क्रमांक 283 के जवाब में सरकार द्वारा पेश सूची में रतलाम से संबंधित लोगों द्वारा संचालित वेबसाईट /वेबपोर्टलों की जानकारी प्रस्तुत की जा रही है। रतलाम में रहने वाले लोगों द्वारा संचालित वेबपोर्टल के जरिए सरकारी विज्ञापन से पैसा कमाने के मामले में ईखबरटुडे डॉट कॉम सबसे आगे रही। इसने 8,45,000 रूपए के विज्ञापन लिए। सरकारी गपशप डॉट कॉम आई दूसरे नंबर पर 4,95,000 रूपए के सरकारी विज्ञापन लाने सफल रही। ईमालवा डॉट कॉम तीसरे नंबर पर रही जिसे 3,30,000 रूपए के सरकारी विज्ञापन मिले। पर्यावरण विर्मश डॉट कॉम चौथे नंबर पर रही जो 75,000 रूपए के सरकारी विज्ञापन लाने सफल रही। खबर बाबा डॉट कॉम पांचवे नंबर पर, जिसे 65,000 रूपए के सरकारी विज्ञापन मिले। न्यू मेकर इंडिया छठे नंबर पर, 30,000 रूपए के सरकारी विज्ञापन के साथ।

इंदौर की बेबदुनिया डॉट कॉम जो बड़ी वेबसाईट है, को मात्र 4 लाख 80 हजार रूपए दिए गये। रेडिफ डॉट कॉम इंडिया लिमिटेड को 15 लाख 64 हजार 650 रूपए के विज्ञापन दिए गये। रतलाम की ईखबर टुडे डॉट कॉम ने बिच्छू डॉट कॉम को पछाड़ दिया। राजपुर विधायक बाला बच्चन के सवाल नम्बर 283 जिसका विषय ‘जनसंपर्क विभाग की विज्ञापन नीति’ है, के उत्तर में 8 दिसम्बर 2015 को विधानसभा में उत्तर प्रस्तुत किया गया।

रतलाम से युवा पत्रकार किशन साहू की रिपोर्ट. संपर्क: फोन- 9753548363 मेल- shabdexclusiveratlam@gmail.com

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शिवराज सरकार ने मध्य प्रदेश के पत्रकारों के रिश्तेदारों पर 150 करोड़ रुपये उड़ाया, देखें लिस्ट

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वेबमीडिया के नाम पर बूढ़ी बुआओं का विलाप…! बाला बच्चन दिखायें साहस ये सवाल पूछने का

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मध्य प्रदेश के जनसंपर्क विभाग द्वारा 150 करोड़ के विज्ञापन पत्रकारों को मनमाने तरीके से बांटे जाने का मामला प्रकाश में आया है. 235 वेबसाईट / वेबपोर्टलों को साढ़े चार साल में लगभग सवा बारह करोड़ रुपए के विज्ञापन नियमविरूद्ध तरीके से बांट दिए गये. इसी प्रकार 70 न्यूज चैनलों को लगभग 72 करोड़ रूपए और क्षेत्रीय प्रचार के नाम पर लगभग 58 करोड़ फूँक दिए गये. 235 वेबसाईट में से मात्र 25 वेबसाईट ऐसी हैं जो नियमित पत्रकारिता कर रही हैं. 210 वेबसाईट के संचालक नामी गिरामी पत्रकारों के रिश्तेदार या जनसंपर्क विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, जिन्हें भारी भरकम विज्ञापन दिए गये हैं. कुछ डमी पत्रकारों के तौर पर भाजपा के प्रभावशाली नेताओं से जुड़े लोग भी हैं.

मध्यप्रदेश विधानसभा में जनसंपर्क विभाग से इस बारे में सवाल करने वाले काँग्रेस विधायक बाला बच्चन का कहना हैं कि यह सारा पैसा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की छवि बचाये रखने के नाम पर हथियाया गया हैं. इस मामले में अपने लोगों को उपकृत करने और भारी कमीशन खोरी से इनकार नहीं किया जा सकता. श्री बच्चन ने कहा कि सूची में शामिल कुछ लोग वाजिब हैं जिनको विज्ञापन दिये जाने का हम स्वागत करतें हैं, लेकिन सूची में शामिल कई नाम सन्देहास्पद हैं. कांग्रेस विधायक बाला बच्चन के प्रश्न क्रमांक 283 के जवाब में सरकार द्वारा पेश सूची में किसको कितना विज्ञापन दिया गया है, उन वेबसाईट और वेबपोर्टलों की जानकारी इस प्रकार है…

आरूषी न्यूज नेटवर्क भोपाल को 18 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। ई 19, 45 बंगले से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता सुरेश मेहरोत्रा हैं। यह वेबसाईट लगभग 15 वर्ष पूर्व से व्हिस्पर इन कॉरीडोर डॉट कॉम के नाम से प्रशासनिक समाचारों को प्रसारित करती है।

एफ 45/2, साऊथ टी.टी.नगर से संचालित तीन बेबसाईट के मालिक सरमन नगेले और सुनीता नगेले हैं।

वेबसाईट एम.पी. पोस्ट भोपाल को 9 लाख 20 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।

सोशल मीडिया डॉट कॉम को 4 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।

भारत ई सेवा डॉट कॉम भोपाल को 4 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।

इंदौर से संचालित खबरनेशन डॉट कॉम को विगत चार साल में 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिये गये हैं जिसे नीति चतुर्वेदी द्वारा संचालित किया जाता है।

स्टार बिग अड्डा डॉट कॉम के नवनीत लाड़के को 25 हजार रूपए

सावित्री का संसार डॉट कॉम को 40 हजार रूपए नीतू सिंह भोपाल

विज न्यूज डॉट इन को 10 हजार रूपए आशीष रत्न पारखे, भोपाल

समाचार युग डॉट कॉम को मात्र 10 हजार रूपए भावतोश कोन्टू भोपाल

दैनिक न्यूज एक्सप्रेस डॉट कॉम को 15 हजार रूपए भोपाल उमेश त्रिपाठी

खबर ही खबर डॉट कॉम को 30 हजार रूपए अंशुल विश्वकर्मा  भोपाल

टूडे इंडिया डॉट कॉम भोपाल को पचास हजार रूपए  उपेन्द्र तिवारी

द ब्यूरोक्रेट डॉट कॉम भोपाल को 40 हजार रूपए  भोपाल  सोमदत्त शास्त्री

ई खबर डॉट इन भोपाल को  15000 दामोदर सिंह राजावत

अपना मध्यप्रदेश डॉट कॉम भोपाल को 10 हजार रूपए दामोदर सिंह राजावत

सतना न्यूज डॉट नेट भोपाल को 23 हजार 877 रूपए सुमन द्विवेदी

श्रीजी न्यूज डॉट कॉम भोपाल को 40 हजार रूपए अभिनव दुबे

जॉब न्यूज वर्ल्ड डॉट कॉम भोपाल को 15 हजार  रीवा रमाकान्त दुबे

एमपी लीक्स डॉट इन को 15000 रुपये. इसे हेमा नाम की महिला संचालित करती हैं ।

इनक्वेस्ट डॉट ओ आर जी डॉट इन को 45000 सुष्मा मथाई

न्यूजमेकर इंडिया डॉट कॉम इंदौर को तीस हजार रुपये  रित्विक मिश्रा

इंडियन टेण्डर डॉट नेट को तीस हजार रुपये राधिका वीरेन्द्र

इंडियन एक्सप्रेस 24 डॉट कॉम को पच्चीस हजार रुपये भोपाल से वीना उपाध्याय

एबीपी स्टार न्यूज डॉट कॉम के संचालक अनिल कुमार सिंग को 30 हजार रूपए भोपाल

समाचार विचार डॉट कॉम को 45 हजार रूपए जबलपुर के चैतन्य भट्ट

पल पल इंडिया डॉट कॉम को 50 हजार रुपये सीमा अभिमनोज जबलपुर

खिलवाड़ डॉट कॉम को  50 हजार रूपए खिलवाड भोपाल

नेशनल आज डॉट कॉम को 20 हजार रूपए  भोपाल  कल्पना शर्मा

दुनिया की हलचल डॉट कॉम को 10 हजार रूपए भोपाल के.के. प्यासी

भोपाल समाचार डॉट कॉम को 15 हजार रूपए उपदेश अवस्थी भोपाल

इंडिया लुक डॉट कॉम को 10 हजार रूपए प्रतीक पवार भोपाल

प्रवेश न्यूज डॉट इन भोपाल को 40 हजार रूपए मनीष अग्रवाल

जर्नलिस्ट रिव्यूज़ डॉट कॉम को 25 हजार रूपए शान्तनु बिसाड़िया  भोपाल

शाइनिंग भारत डॉट कॉम को 15 हजार रूपए  मोनिका झा

भारतीय किसान डॉट कॉम को 55 हजार रूपए  भोपाल शिशुपाल सिंह तोमर

इंटरनेशनल न्यूज एंड व्यूज़ डॉट कॉम को 1 लाख रूपए  दिल्ली  जाकिर हुसैन

समाचार दुनिया डॉट कॉम को एक लाख दस हजार  गौरव सिंह राजपूत

जनप्रचार डॉट कॉम को 1 लाख रूपए भोपाल रवि शंकर अवस्थी

इंडियन न्यूज लाइव डॉट कॉम को 80 हजार रूपए  दानिश शाहमिनी  भोपाल

न्यूज इंडिया पोस्ट डॉट कॉम को 75 हजार रूपए  रीता सिंह  भोपाल

लोकल इन्दौर डॉट कॉम को 75 हजार रूपए  विकास  यादव  इन्दौर

एन एस पी न्यूज डॉट इन को 60 हजार रूपए  अमित कुमार ओन्देला नरसिंहपुर

क्लिक फोटो न्यूज डॉट कॉम को 70 हजार रूपए  राकेश सिंह

सत्यमेव जयते डॉट ओ आर जी को नब्बे हजार रुपये भोपाल की मोनालिसा पाण्डें

गर्भनाल ई- पत्रिका भोपाल को 72 हजार रूपए  सुष्मा शर्मा

क्लिक न्यूज डॉट कॉम भोपाल को 75 हजार रूपए  राजीव वशिष्ट

युवासंसार डॉट नेट भोपाल को 75 हजार रूपए आरती गुप्ता

कोबरा डॉट कॉम भोपाल को 75 हजार रूपए हेमेन्द्र तिवारी

प्रदेश टूडे डॉट कॉम भोपाल को 75 हजार रूपए  मध्यप्रदेश टूडे मीडिया प्रा. लि.

लोकयान डॉट इन ग्वालियर भोपाल को 75 हजार रूपए संजय कुमार शर्मा

पर्यावरण विमर्श डॉट कॉम दिल्ली को 75 हजार रूपए  रंजना मिश्रा

योगा हेल्थ डॉट इन भोपाल को 75 हजार रूपए सुनील पाण्डेय

खजुराहो डॉट कॉम भोपाल को 75 हजार रूपए दामोदर सिंह राजावत

एम.पी. बुन्देली डॉट कॉम भोपाल को 2 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एफ. 118/23 शिवाजी नगर भोपाल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर हैं।

एस आर पत्रिका डॉट कॉम को 1 लाख 80 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किये गये। इसे संजय रायजादा एफ 8/10, चार इमली भोपाल से संचालित किया जा रहा हैं।

एन डब्लू न्यूज डॉट इन को 1 लाख 80 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। जिसे ए-182, शाहपुरा भोपाल से राजेश सिरोठिया द्वारा संचालित किया जा रहा हैं।

न्यूज पोर्टल डॉट नेट डॉट इन को 1 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एफ 8/23 चार इमली भोपाल से इसे कंचन चतुर्वेदी द्वारा संचालित किया जाता हैं।

जनहित मिशन डॉट कॉम को 1 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। इसके संचालन कर्ता श्री प्रकाश दीक्षित हैं जो  जनसंपर्क विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं। श्री दीक्षित इसे 108, जी.वी. हाईट्स, आर्शीवाद कॉलोनी कोलार रोड भोपाल से संचालित करते हैं।

समाचार एम पी डॉट कॉम को 1 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 524 सांईनाथ नगर भोपाल से इसे अलका तिवारी द्वारा संचालित किया जा रहा हैं।

न्यूज बुन्देलखण्ड डॉट कॉम को 1 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एल आई जी 75 कोटरा सुल्तानाबाद भोपाल से इसे अर्चना चतुर्वेदी संचालित करती हैं।

टारगेट मीडिया विजन डॉट कॉम को 1 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये। 36 कोटरा सुल्तानाबाद भोपाल से इसे सरोज जोशी संचालित करती हैं।

मल्हार मीडिया डॉट कॉम को 1 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 201-बी कृष्णा कॉम्प्लेक्स प्रियंका नगर भोपाल से इसे ममता यादव द्वारा संचालित किया जा रहा है।

एम पी ई खबर डॉट कॉम को एक लाख पच्चीस हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। जिसे सी. एम 43, सी सेक्टर शाहपुरा भोपाल से चन्दन वैष्णव संचालित करते हैं।

यू.एन.आई. भोपाल को 6 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 9, रफी मार्ग से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता यूनाईटेड न्यूज ऑफ इन्डिया हैं। जो भारत की समाचार सेवा के तौर पर जानी जाती हैं। देश के प्रत्येक समाचार पत्र को डीएवीपी की विज्ञापन सूची में शामिल होने के लिए इस संस्थान की या पी टी आई की सेवा लेना अनिवार्य रहता हैं।

प्रतिवाद डॉट कॉम भोपाल को 10 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।एच-83,शहंशाह गार्डन रायसेन रोड से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता दीपक शर्मा हैं।

माय न्यूज डॉट इन भोपाल को 8 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। ई 101/19 शिवाजी नगर भोपाल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता वेदव्रत्त गिरि हैं।

वेबसाईट भारतीय डॉट कॉम भोपाल को 15 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। ई 43,45 बंगले न्यूज मार्केट से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता विजय कुमार तिवारी हैं।

मेट्रोमिरर डॉट कॉम भोपाल को 11 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। फ्लेट नं. 1, एलोरा अपार्ट्स, लाला लाजपत राय सोसाइटी से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता ब्रेन पावर मीडिया इन्डिया प्रा. लि. हैं।

अलर्ट न्यूज डॉट इनफो. भोपाल को 5 लाख 40 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। सी-2, शास्त्री नगर, जवाहर चौक से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता न्यूज हैं।

बिच्छू डॉट कॉम भोपाल को पॉच लाख 20 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। इस संस्थान के कर्ताधर्ता अवधेश बजाज हैं।

पी आई सी एम.पी. डॉट कॉम भोपाल को 7 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। अलकनंदा कॉम्प्लेक्स, एम.पी. नगर ज़ोन 1, से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता प्रेस इन्फर्मेशन सेंटर हैं।

एम.पी. न्यूज फ्लेश डॉट कॉम भोपाल को 11 लाख 55 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एफ-1 प्लॉट नं. 19 कमर्शियल, प्रग्या सागर अपार्टमेन्ट से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता वैशाली वाल्दे हैं।

एम.पी.मनी डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।एफ-88/35 तुलसी नगर भोपाल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता स्मार्ट फेस कन्सलटेन्सी प्रा.लि. हैं।

एम.पी. न्यूज ऑनलाइन डॉट कॉम भोपाल को  17 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 31, आकाश नगर, कोटरा सुल्तानबाद से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता मिनी शर्मा हैं।

एम.पी. न्यूज डॉट इन भोपाल को 8 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।1 126, एस.एफ.एस. कॉलोनी, अग्रवाल फॉर्म से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता राकेश कुमार श्रीवास्तव हैं।

खबरबाज डॉट कॉम भोपाल को 10 लाख 60 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। जी- 99/53, तुलसी नगर से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता आलोक कुलश्रेष्ठ हैं।

प्रकल्प डॉट आर्गेनाईजेशन इन भोपाल को 10 लाख 60 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 26, भागसीपुरा, उज्जैन म.प्र. से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता नवीन जोशी हैं।

न्यूज फॉयर ऑनलाइन भोपाल को 8 लाख  75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।8, बेटवा अपार्टमेन्ट न्यू मार्केट टी.टी.नगर से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता अवधूत श्री नित्यानंद जनकल्याण समीति हैं।

अद्वितीय डॉट कॉम भोपाल को 2 लाख 10 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 3/2, छोटा सराफा उज्जैन से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता सुदर्शन सोनी हैं।

आधीदुनिया डॉट कॉम भोपाल को 6 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 104, सिल्वर ट्यूलिप अपार्टमेन्ट गुलमोहर कॉलोनी भोपाल से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता नम्रता जोशी हैं।

टाइम्स टी.वी.भोपाल को 4 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 432, सुदामा नगर गोविन्दपुरा से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता मोहम्मद आज़म खान हैं।

क्रियेशन एण्ड प्रोजेक्शन डॉट कॉम भोपाल को 9 लाख रुपए के विज्ञापन दिये गये हैं। जी 2 प्लॉट नं. 368, चाणक्य अपार्टमेन्ट , सर्वधर्म बी. से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता अमिताभ अग्निहोत्री हैं।

इनसाईट टी.वी. न्यूज नेटवर्क भोपाल को 34 लाख 70 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 314, 3 फ्लोर, आकांक्षा बिल्डिंग प्लॉट नं. 2, प्रेस से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता इनसाईट टी.वी. न्यूज प्रा. लि. हैं।

मंत्रालय डॉट इन भोपाल को 10 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 314, 3 फ्लोर, आकांक्षा बिल्डिंग प्लॉट नं. 2, प्रेस से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता इनसाइट टी.वी. न्यूज नेटवर्क प्रा. लि. हैं।

विजन एम.पी. डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।शॉप नं. 12, रिलाइबल प्लाज़ा से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता विजन एम.पी. डॉट कॉम हैं।

घमासान डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। ए 17 किला मेदान आर.डी. इन्दौर से संचालित इस संस्थान की के कर्ताधर्ता वन्दना राठौर हैं।

एम.पी. डॉक्टर्स डॉट कॉम भोपाल को 7 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 98 अफजल कॉलोनी जिन्शी भोपाल से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता समीना खान हैं।

दखल डॉट नेट भोपाल को 19 लाख 70 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 68 डी., आकृति गार्डन, नेहरू नगर से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता श्रुति अनुराग उपाध्याय हैं।

दृष्टिकोण डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। ई-100/25, शिवाजी नगर से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता निपुन शर्मा हैं।

आपका भोपाल डॉट कॉम भोपाल को 3 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एम. 20 एम.आई.जी. प्लेट्स, बी.डी. ए शॉपिंग कम रेसीडेन्सी भोपाल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता रोहन राजन हैं।

सिटी भोपाल डॉट कॉम भोपाल को 10 लाख 30 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। सी-8 एच.आई.जी. धनवन्तरी परिसर ई 7 से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता विनोद कुमार शर्मा हैं।

कॉर्टून्स बाई इरफान डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। डी-2, लवली अपार्टमेन्ट्स, फेस-1 से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता मोहम्मद इरफान खान हैं।

बवन्डर डॉट कॉम भोपाल को 6 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एफ.5/1, चार इमली से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता साधना हैं।

शब्द दीप डॉट कॉम भोपाल को 9 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।  एफ.-2 स्वातिक अपार्टमेन्ट्स,ई 8/57, त्रिलोचन नगर से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता शब्ददीप समीति हैं।

एफ.एम.पी.सी.सी.आई. डॉट कॉम भोपाल को 4 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 12 ए उद्योग भवन मालवीय नगर भोपाल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता  फ्रेडरेशन ऑफ एम.पी. चेम्बर ऑफ कमर्शियल एण्ड इन्डीविजल हैं।

वेबखबर डॉट कॉम भोपाल को 11 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एफ-49/25, गवर्नमेंट अवस, साऊथ टी.टी. नगर से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता पूनम भट्नागर हैं।

मध्यभारत डॉट नेट भोपाल को 17 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। डी.के.-3 आई.पी.एस. बंगले दनिश कुंज कोलार रोड भोपाल से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता शेफाली गुप्ता हैं।

कोलॉर न्यूज डॉट नेट भोपाल को 10 लाख 7500 रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एस बी 6 ड्रीम होम्स, नियर कम्फर्ट स्कूल सनखेडी से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता शेफाली गुप्ता हैं।

नम्बीसन्स डॉट कॉम भोपाल को 9 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एफ 124/17 शिवाजी नगर भोपाल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता समीता निशान्त नम्बीसन हैं।

राष्ट्रवाद डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एस-202, सुख-शांति अपार्टमेन्ट, कोलार रोड से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता मिलिन्द देसाई हैं।

ब्यूरोक्रेसी टूडे डॉट कॉम भोपाल को 4 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 2 बिग सिटी हाउस कस्तुरबा गांधी मार्ग कॉननाउट प्लेस से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता आलिया प्रोडक्शन प्रा. लि.हैं।

खो़जखबर न्यूज डॉट कॉम भोपाल को 7 लाख 85 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एस नं. 280, खानू गोन, वी.आई.पी. रोड से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता अतुल्ला फैजान हैं।

समाचार लाईन डॉट कॉम उज्जैन को 6 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। श्याम समृति भवन पल्टन एरिया से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता प्रकाश त्रिवेदी हैं।

डेली हिन्दी न्यूज डॉट कॉम सागर को रूपए7 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। शांति  विहार कॉलोनी रोड से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता संजय कुमार करीर हैं।

आईना ऑनलाईन डॉट कॉम भोपाल को 7 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एफ 90/57 तुलसी नगर भोपाल से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता कंचन चतुर्वेदी हैं।

एम.पी. समाचार डॉट को इन भोपाल को 7 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एच नं. 31 महादेव मंदिर रोड पुष्पांजली से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता कल्पना सक्सेना हैं।

दिशा न्यूज डॉट इन भोपाल को 6 लाख 80 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। बी.-1602 इन्टरफेस हाईट्स ऑफ लिंक रोड से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता मनोज कलाप्पुराकल शशिधारन हैं।

एम.पी. बिजनेस लाईन डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 4बी लवलोक अपार्टमेन्ट्स 1बी लवलोक प्लेस से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता सुधीर कुमार सिंह हैं।

इंडिया न्यूज एंड व्यू डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एम./एस. नौगांव मेडिकल स्टोर, एस नौगांव छतरपुर से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता राजेश कुमार अग्निहोत्री हैं।

फैलान डॉट कॉम भोपाल को 18 लाख 70 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। वार्ड नं. 2 फ्रंट ऑफ क्लाव, नौगांव छतरपुर से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता प्रखर अग्निहोत्री हैं।

सेवा डॉट कॉम ऑनलाईन न्यूज को 3 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 2/3 अम्बर कॉम्प्लेक्स, जोन 2 एम.पी. नगर भोपाल से इसे रामदुलारे संचालित कर रहे  हैं।

एम.पी.न्यूज 24×7  डॉट कॉम भोपाल को 10 लाख 5 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एस-1200, नेहरू नगर से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता विनीता ठाकुर हैं।

बिग ब्रेकिंग डॉट कॉम इंदौर को 8 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 47, कालिन्दी मिड टॉउन, बाइ पास रोड भोपाल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता राजा शर्मा हैं।

मंत्रालय न्यूज डॉट कॉम भोपाल को 7 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। जी 3/381, गुलमोहर कॉलोनी से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता आशीष चौधरी हैं।

व्यापार गणेश डॉट कॉम भोपाल को 5 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। ई एल 271 नेहरू नगर भोपाल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता देवेन्द्र कुमार मिश्रा हैं।

ई खबर टूडे डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 45 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 48, राजस्व कॉलोनी रतलाम से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता तुषार कोठारी  हैं।

विधायक न्यूज डॉट कॉम भोपाल को 14 लाख 45 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।टी.-3, अल्तमश अपार्टमेन्ट से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता हुस्न राजा हैं।

जागृत मध्यप्रदेश डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एफ 83/43 तुलसी नगर भोपाल से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता रश्मि पाण्डे हैं।

स्पीड समाचार डॉट कॉम भोपाल को 4 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। हाऊस नं. 04 बाफना कॉलोनी बेरासिया रोड भोपाल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता संतोष कुमार हैं।

नया सबेरा डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। हाऊस नं. 129, फेस 2 कैलाश नगर से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता नया सवेरा डॉट कॉम हैं।

खबर इन्डिया डॉट आर्ग को 21 लाख 70 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। डी- 3/496, दानिश नगर होशंगाबाद रोड भोपाल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता अश्विनी रॉय हैं।

खरीखरी डॉट नेट भोपाल को 16 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एफ 5/11 चार इमली भोपाल से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता सुमन त्रिपाठी हैं।

न्यूज फर्स्ट डॉट ऑर्ग भोपाल को 18 लाख 70 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। डी- 135, फेस 1,अयोध्या नगर भोपाल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता हरि दयाल पटेरिया हैं।

नो टू पॉलिटिक्स डॉट कॉम भोपाल को 18 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। हाउस नं. 135 डीम अयोध्या नगर सेक्टर हुजूर भोपाल से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता अर्चना हैं।

बर्निंग न्यूज डॉट ऑर्ग भोपाल को 20 लाख 70 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 403, न्यू सुभाष नगर से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता सुमन शर्मा हैं।

टूडे एम.पी.डॉट कॉम भोपाल को 5 लाख 55 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। सी 216, शाहपुरा से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता सीमा द्विवेदी हैं।

द भोपाल पोस्ट डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। ई 101/15 शिवाजी नगर भोपाल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता राज कुमार केसवानी हैं।

न्यूज रूम 24×7  डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 65 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। ई-7/26 से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता ललित शास्त्री हैं।

न्यूज व्यू डॉट कॉम भोपाल को  8 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 14 बंगला, प्लॉट नं. 8, मालवीय नगर से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता प्रमोद भारद्वाज हैं।

ई.एम.एस.टी.वी. डॉट इन भोपाल को 5 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 455, हनुमानताल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता सनत कुमार जैन हैं।

खबरमेल डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एफ- 48/28 से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता राजेश पाण्डेय हैं।

खबरों का खुलासा डॉट कॉम भोपाल को 7 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। सी 12, शास्त्री नगर, जवाहर चौक से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता भारती बुधवानी हैं।

इन्डियनट्रीबॉल्स डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 275, पंकी, स्वराज्य नगर सी ब्लॉक से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता राकेश ठाकुर हैं।

शंखनाद डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एल.आई.जी. भारती निकेतन, गोविन्दपुरा से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता प्रतुल पराशर हैं।

देश भक्ति डॉट कॉम भोपाल को 6 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। नबाब बाग भिन्ड से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता मिजाजी लाल जैन हैं।

न्यूज आज डॉट इन भोपाल को 15 लाख 60 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। ई-33, 45 बंगला से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता अरून कुमार भण्डारी हैं।

सचिवालय डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 60 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 1, संजय कॉलोनी, बी/एट शिव मंदिर से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता सुशील शर्मा हैं।

नेशन न्यूज डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। हाउस नं. 25, चर्च रोड जहांगीराबाद से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता उमेश यादव हैं।

सबकी खबर डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 10/बी प्रोफेश्नल कॉलोनी से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता रविन्द्र जैन हैं।

एम.पी.न्यूज टूडे डॉट इन भोपाल को 9 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।एम.आई.जी.-10 त्रिवेणी कॉम्प्लेक्स, न्यू मार्केट से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता धर्मेश जैन हैं।

फोटो न्यूज डॉट कॉम भोपाल को 4 लाख 65 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एफ 303, अभिलाषा अपार्टमेंट ए सेक्टर सर्वधर्म से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता देवेन्द्र दुबे हैं।

सर यू आबसर्व डॉट कॉम भोपाल को 7 लाख 65 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 89, अशोक विहार से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता हरि हरानंद मीडिया प्रा. लि.हैं।

टाऊन विन्डो डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। प्लॉट नं. 83 टॉप फ्लोर जोन 2 से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता टाऊन विन्डो एण्ड को. हैं।

खरी न्यूज डॉट कॉम भोपाल को 6 लाख 40 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एफ 31 वर्धमान ग्रीन पार्क अशोका गार्डन भोपाल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता विनय द्विवेदी हैं।

सरकारी गपशप डॉट कॉम भोपाल को 4 लाख 95 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।7 रूद्रधाम रत्नेश्वर रोड रतलाम से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता हरीश शर्मा हैं।

हिन्दी न्यूज मेल डॉट कॉम भोपाल को 7 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। हाउस नं. 478/16, बीएट पी के स्कूल गली नं. 3 उर्हट से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता प्रदीप शर्मा हैं।

खबर सबकी डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। हाउस नं. 237, गोविन्दपुरा से संचालित इस संस्थान की  कर्ताधर्ता सरिता कैलासिया हैं।

एम.पी. अपडेट डॉट इन भोपाल को 6 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिये गये हैं। 10/1 अंजली कॉम्प्लेक्स भोपाल से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता श्रुति शर्मा हैं।

मध्यमत डॉट कॉम भोपाल को 10 लाख 85 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 197/2 साकेत नगर भोपाल 24 से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता अक्षरा उपाध्याय हैं।

सिटीचौक डॉट कॉम भोपाल को 11 लाख 90 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एस बी 30/31 ब्लॉक – सी मानसरोवर कॉम्प्लेक्स भोपाल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता मीडियामिन्ट कॉन्सेप्ट इंडिया प्रा.लि.हैं।

खबर धमाका डॉट कॉम भोपाल को 12 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। एम.आई.जी.-36 डी-सेक, अयोध्या नगर, बायपास रोड से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता मनीष कुमार पाठक हैं।

एम.पी. न्यूज डॉट कॉम भोपाल को 7 लाख 95 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 80 रूशाल्ली करोड बेरासिया रोड भोपाल से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता अंजली मिश्रा हैं।

स्पंदन फीचर्स डॉट कॉम भोपाल को 4 लाख 90 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। ई 31/45 बंगला भोपाल 3 से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता अनिल सौमित्र हैं।

स्ट्रेट खबर डॉट कॉम भोपाल को 8 लाख 55 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 6/4 ए, साकेत नगर से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता नीतू तिवारी हैं।

संध्यादेश डॉट कॉम ग्वालियर को 7 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 77, कान्ती नगर, तानसेन रोड से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता रश्मि अग्रवाल हैं।

ताजा समाचार डॉट कॉम भोपाल को 6 लाख 95 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। इटावा रोड भिन्ड से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता सिद्धान्त जैन हैं।

स्टेट समाचार डॉट कॉम भोपाल को 7 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 31, मार्केट महादेव मंदिर रोड सिन्धी भोपाल से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता  निधि सक्सेना हैं।

द इन्डियन रिपोर्ट डॉट कॉम भोपाल को 9 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 76, भदभदा रोड प्रेम पुरा से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता  दीपक सिंह चौहान हैं।

न्यूज 24×7  डॉट इन भोपाल को 7 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। हाउस नं. 131, आजाद वार्ड नं. 7  से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता  कृष्ण मोहन झा हैं।

मध्यन्यूज डॉट कॉम भोपाल को 10 लाख 20 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। हाउस नं. 2 वार्ड नं. 12 शाहंजहानाबाद से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता सतीश साहू हैं।

न्यूज ओके डॉट इन भोपाल को 9 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। जी-83 बर्फानी धाम पंचधाम नगर होशंगाबाद से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता संगीता गुप्ता हैं।

एम.पी.लाईव. डॉट को डॉट इन भोपाल को 8 लाख रूपए के विज्ञापन दिये गये हैं। बी-145 आकृति गार्डन भदभदा रोड से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता अजय सिंह सिसोदिया हैं।

दिव्यसत्त डॉट कॉम भोपाल को 7 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।हाउस नं. 5 रिगल कम्पाउण्ड कृष्णा नगर भोपाल से संचालित इस संस्थान की कर्ताधर्ता मंजू लता सिंह हैं।

भोपाल न्यूज अपडेट डॉट कॉम भोपाल को 7 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।एफ-1 प्लॉट नं.5, न्यू एम एल ए कॉलोनी से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता मुक्ता पाठक हैं।

समाचार एजेन्सी डॉट कॉम भोपाल को 3 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। समृति धाम शाला बाहुबली चौक सिवनी से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता शरद खरे हैं।

देशव्रत डॉट कॉम भोपाल को 6 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 138 बाग उमराव दुल्लाह बारखेड़ी भोपाल से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता जगदीश दांगी हैं।

प्रदेश समाचार डॉट कॉम भोपाल को 6 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। सिनियर एल आई जी 05 से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता  दामोदर गोविन्द शहाने हैं।

राजकाज डॉट कॉम भोपाल को 7 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। हाउस नं. 16/2 नॉर्थ टी टी नगर से संचालित इस संस्थान के कर्ताधर्ता राजेन्द्र धनोतिया हैं।

भोपाल के हाउस नम्बर 4, सूर्या अर्पाटमेंट , ईदगाह हिल्स से संचालित प्रिंट मीडिया जर्नलिस्ट डॉट इन को पाँच लाख बीस हजार रुपये के विग्यापन दिये गये हैं । इसे इसी नाम की समिती से संचालित किया जा रहा हैं।

प्रतिदिन खबर डॉट कॉम को साढ़े छह लाख के विग्यापन दिये गये। मध्यप्रदेश या यूँ कहे भारत के सर्वाधिक पिछड़े इलाके वाला जिला पन्ना की अमानगंज तहसील का कस्बा गुन्नौर भी मध्यप्रदेश के पत्रकारिता जगत में चार चाँद लगा रहा हैं ।  यहाँ के सौरभ श्रीवास्तव नामक पत्रकार इस बेबसाईट को संचालित करते हैं।

भोपाल के रचना नगर के 263 कृष्णा अर्पाटमेंट से संचालित एम पी अलर्ट डॉट कॉम को चार लाख रुपये के विग्यापन दिये गये । इस संस्थान को अनीता चौधरी संचालित करती हैं।

रतलाम के बुद्धेश्वर रोड से संचालित ई मालवा डॉट कॉम के राजेश मूणत को तीन लाख तीस हजार रूपए के विज्ञापन जारी किये गये हैं।

सागर की लॉ समाचार  डॉट कॉम  वेबसाइट को 6 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। यह वेबसाईट शुभम दीक्षित द्वारा 4/130 बी.एच. ज्योति भवन यादव कॉलोनी तहसील सागर से संचालित की जा रही हैं।

प्रोफेसर कॉलोनी भोपाल से अनु अग्निहोत्री खबर नेट  डॉट कॉम संचालित करते हैं। जिसे 5 लाख रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं।

समाचार भारती डॉट इन को 3 लाख 65 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किए गये । जिसके संचालन कर्ता शैलेन्द्र सिंह हैं। यह संस्थान 701 ए बिंग, रेहब बिल्डिंग नियर प्रशमेश पार्क, वीरा दसई अंधेरी पश्चिम मुम्बई पर पंजीकृत बताई जा रही हैं।

हिन्द मीडिया  डॉट इन को 5 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं। जिसे 336, थर्ड फ्लेर बिल्डिंग नम्बर 3 घोसीवाड़ा, अंधेरी, पश्चिम मुम्बई से शिवानी चन्द्रकांत जोशी संचालित करती हैं।

Olyzen.com की स्मिता निशांत नम्बीसान को 5 लाख 25 हजार के विज्ञापन जारी किए गये हैं। जो टी-2, मोहिनी अपार्टमेंट सेक्टर सी इन्द्रपुरी भोपाल से संचालित की जा रही हैं।

आप न्यूज डॉट इन को 4 लाख 75 हजार रुपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं। अहमदाबाद की दीपा आशीष जोशी इस वेबसाइट का संचालन करती हैं।

जबलपुर के 338 संजीवनी नगर से संचालित रमाकांत पंचोली की वेबसाइट टुडे लाइव न्यूज डॉट कॉम को 4 लाख रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं।

हैलो एम.पी. डॉट कॉम को 4 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं। इसे देव शंकर उपाध्याय बी.4 पूजा नगर सी.टी.ओ. बैरागढ़ भोपाल से संचालित किया जाता हैं।

एम.पी. न्यूज टुडे डॉट कॉम वर्षा निगम द्वारा 430 ए सांई आधार शिला बरखेड़ा भोपाल से संचालित किया जा रहा हैं। इस पोर्टल को 4 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किए जा रहे हैं।

एम.पी. 24×7  डॉट कॉम को 4 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए जा रहे हैं। यग वेबसाइट ज्योति पति मनोज वर्मा कहार मोहल्ला झालावाड़ के पते पर पंजीकृत हैं।

अद्धैत न्यूज डॉट कॉम को 4 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। जिसे अमित परमानंद 11, अटल बिहार, नाना पैश्वा चौक नूतन हिंदी स्कूल के पास कल्याण ईस्ट से संचालित करते हैं।

पंचायत डॉट नेट को 2 लाख रूपए के विज्ञाप जारी किेए गये हैं। 455 हनुमानताल जबलपुर से इसे सनत कुमार जैन संचालित करते हैं।
सागर के आलोक कुमार गोस्वामी की सियासत डॉट कॉम को 6 लाख 30 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं। नम्बर 28 सागर से इसे संचालित किया जाता हैं।

समाचार प्रदेश डॉट कॉम ए 59 शाहपुरा मनीषा मार्केट भोपाल से विशाल राजौरिया संचालित करते है। जिसे 4 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं।

मेट्रो न्यूज टुडे डॉट कॉम के शिशिर उपाध्याय को 4 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किये गये हैं। जो इसे एफ बी5, ब्लॉत ए मानसरोवर कॉम्प्लेक्स हबीबगंज रेल्वे स्टेशन के पास भोपाल से संचालित कर रहे हैं।

RTV (www.RealTV.com) के संजीव कुमार श्रीवास्तव को 1 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं। यह वेबसाईट एफ 119/18 शिवाजी नगर से संचालित की जा रही हैं।

समाचार लहर  डॉट कॉम को 1 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। बी. 10 काशिव कॉम्प्लेक्स मालवीय नगर भोपाल से इसे कोमल शर्मा संचालित करती हैं।

5 लाख 65 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं। आई 42 कोटरा सुल्तानाबाद भोपाल से इसे सुनील सिखैया द्वारा संचालित किया जा रहा हैं।

न्यूज डे डॉट कॉम को 5 लाख रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं। इसे 217 वसुंधरा बिल्डिंग सुरेन्द्र नगर भोपाल से मिलन भार्गव संचालित करते हैं।

न्यूज भारती डॉट कॉम नागपुर से विश्वास वी पाठक द्वारा संचालित की जाती हैं। जिसे सवा दो लाख रूपए के विज्ञापन जारी किये गये हैं।

एम.पी. न्यूज लाइव डॉट कॉम को 6 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं। जी-18 प्लेटिनम प्लाजा टी.टी. नगर भोपाल से राजेश दुबे के नाम से संचालित हैं।

सागर के सौरभ सोनी की वेबसाईट एम.पी. वेबन्यूज डॉट कॉम को 4 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिये गये हैं। यह वेबसाईट 12 टोनी निवास लक्षमी बाई देवरी कला से संचालित की जाती हैं।

वेबन्यूज इंडिया डॉट कॉम को दिनेश निगम त्यागी ई-115/42 शिवाजी नगर भोपाल से संचालित करते हैं। इस वेबसाईट को 3 लाख 60 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।

संदीप कुल श्रेष्ठा द्वारा इसे 89 ज्ञान पीठ परिषद उज्जैन से संचालित किया जाता हैं।

न्यूज आज की डॉट कॉम की विशाखा श्रीवास्तव को 3 लाख रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं। इसे 17 खानू गॉव वी.आय.पी.रोड से संचालित किया जाता हैं।

रियल स्ट्रेंथ डॉट को की मोनिका जॉर्ज को 3 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। जो इसे 660 सी सेक्टर शाहपुरा भोपाल से संचालित करती हैं।

एम.पी. पॉवर बज डॉट कॉम के सत्येन्द्र प्रकाश पाराशर को 3 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं। जो 36 मयूर मार्केट थाटीपुक ग्वालियर से इस पोर्टल को संचालित करते हैं।

हेयनापोस्ट डॉट कॉम मीना राय 84 पोलिस लाइव जहॉगीराबाद से पोर्टल संचालित करती हैं। जिन्हें 3 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं।

एम.पी.जीरो वन डॉट ओ आर जी को 2 लाख 10 हजार रूपए  के विज्ञापन दिए गये हैं। जिसे विक्रांत पैगवार 20 बरखेड़ी भोपाल से संचालित करते हैं।

नौकरी अलर्ट 4 यू डॉट कॉम को 3 लाख रूपए के विज्ञापन जारी किये गये। जो ग्वालियर से आदित्य मिश्रा संचालित करते हैं।

बेबाक डॉट कॉम भोपाल के प्रज्जवलित सिन्हा जिनका पता गौरखपुर का दिया हुआ हैं को 3 लाख 85 हजार रूपए के विज्ञापन दिये गये हैं।

भोपाल के कैलाशचन्द्र गुप्ता 486 डी सेक्टर नेहरू नगर से शब्द संग्राम डॉट कॉम नामक वेबसाइट संचालित करते हैं। जिसे 5 लाख पच्चीस हजार रूपए के विज्ञापन दिये गये हैं।

पॉवर गैलरी डॉट कॉम को 6 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। जिसे एफ 88/ 35 तुलसी नगर भोपाल से दिनेश गुप्ता संचालित करते हैं।

न्यूज न्यूज 365 डॉट कॉम को तीन लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। जिसे श्रुति कुशवाहा 3 लवकुश नगर पिपलानी भोपाल द्वारा संचालित किया जाता हैं।

न्यूज न्यूज इंडिया डॉट कॉम को 3 लाख 75 हजार रुपए के विज्ञापन दिए गये हैं। जो एल. आई.जी. 1/22 ए /10 इन्द्रा नगर रीवा से जयराम शुक्ला संचालित करते हैं।

जांबाज डॉट कॉम को 2 लाख 10 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किये गये हैं। जिसे अनूप सक्सेना सतना से संचालित करते हैं।

एम न्यूज टुडे डॉट कॉम को तीन लाख पच्चीस हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। जो 249/6 तिवारी कॉलोनी होशंगाबाद से अंशुपाठक संचालित करते हैं।

बुन्देली माटी डॉट कॉम जिसके संचालक जनसंपर्क विभाग के रिटायर्ड अधिकारी रज्जू राय हैं को 3 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं। यह वेबसाईट एल आय जी 32, साकेत नगर शिवाजी नगर भोपाल से संचालित की जाती हैं।

द न्यूज अभियान डॉट कॉम शुजालपुर से महेश मालविय संचालित करते हैं। इस वेबसाईट को 2 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं।

ग्वालियर के रंजीत मिश्रा को दैनिक प्रदेश डॉट कॉम के लिए 2 लाख 20 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। इनका पता 1 अशोका अपार्टमेंट जीवाजीगंज हैं।

न्यूजवंदना डॉट कॉम को 3 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। इसं वंदना शर्मा द्वारा एफ 83/39 कृपा कॉम्प्लेक्स तुलसी नगर भोपाल से संचालित किया जा रहा हैं।

एम.पी. खबरनामा डॉट कॉम को 3 लाख 25 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। जिसे मोहन राव,16, महाबली नगर कोलार रोड भोपाल से संचालित करते हैं।

एक्सपीरियंस द ट्रूथ एट बंजिग एम.पी. डॉट इन्फों के रोमेश शर्मा को 1 लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। सुरेन्द्र विहार बाग मुगलिया भोपाल से यह वेबसाईट संचालित की जाती है।

एच.टी.टी.वी न्यूज डॉट कॉम को 1 लाख चालीस हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 133 तीन मीनार मस्जिद सीहोर से इसे आमिर खान संचालित करते हैं।

जुगनू न्यूज डॉट कॉम को 90 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। 78/15 साउथ टी.टी. नगर से इसे प्रवीण शर्मा द्वारा संचालित किया जाता हैं।
खबर प्रदेश डॉट कॉम को 1 लाख 30 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। शुभम श्रीवास्तव इसे छतरपुर से संचालित करते हैं।

न्यूज हैंन्स डॉट कॉम को एक लाख 95 हजार दिए रूपए के विज्ञापन  । आई नेट कान्सेप्ट लिमिटेड द्वारा इसे बी एफ टॉवर एम पी नगर भोपाल से संचालित किया जाता हैं।

जान्हवी न्यूज डॉट इन को एक लाख 75 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। सौरभ शर्मा द्वारा 31/1 मोचिया गली औकापा क्वार्टर, जवाहर चौक से जुमेराती भोपाल से संचालित किया जाता हैं।

एम.पी.ई. न्यूज डॉट इन को तीन लाख पच्चीस हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। सी-115, बी. एच. ई. एल. संगम कॉलोनी से इसे नीतिश राय के द्वारा संचालित किया जा रहा हैं।

रीवा रियासत डॉट कॉम के प्रदीप कुमार द्विवेदी को 2 लाख 40 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं। जिसे आकांक्षा कॉम्प्लेक्स शाप नम्बर 1 जिला कोर्ट के पास रीवा से संचालित किया जाता हैं।

पेट्रोल न्यूज डॉट इन के आलोक शर्मा को 2 लाख 40 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। जो इस पोर्टल को मउगंज रूवा से संचालित करते हैं।

इंदौर की बेबदुनिया डॉट कॉम को 4 लाख 80 हजार रूपए दिए गये हैं।

खबर बाबा डॉट कॉम रतलाम से राजेश जैन संचालित करते हैं को पैसठहजार रुपये के विज्ञापन दिये गये हैं ।। जिसे देवी सिंह गली कोर्ट चौक रतलाम के पते पर पंजीकृत कराया गया हैं।

भोपाल की कैपीटल समाचार डॉट कॉम को 3 लाख रूपए के विज्ञापन दिये गये हैं। एल आय जी 30, शबरी कॉम्प्लेक्स, एम.पी. नगर भोपाल से दीपिका राय संचालित करती हैं।

भोपाल वन डॉट कॉम को 2 लाख 40 हजार रूपए के विज्ञापन जारी किए गये हैं। एफ 83/35 तुलसी नगर, सैकेण्ड स्टॉप भोपाल से अविराज अशोक जैन द्वारा संचालित करते हैं।

तहलका पोस्ट डॉट कॉम को 2 लाख 50 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। इसे अरशद अली खान द्वारा 6 कर्बला रोड भोपाल से संचालित किया जाता हैं।

न्यूज ऑफ चेयर पर्सन डॉट कॉम को 3 लाख 60 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गये हैं। अवधेश कुमार भार्गव द्वारा इसे गॉधीनगर भोपाल से संचालित किया जा रहा हैं।

रेडिफ डॉट कॉम इंडिया लिमिटेड को 15 लाख 64 हजार 650 रूपए के विज्ञापन दिए गये। जो विश्व के प्रमुख सर्च इंजनों में से एक वेबसाईट हैं।

सौजन्य : खबर नेशन डॉट कॉम

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वेबमीडिया के नाम पर बूढ़ी बुआओं का विलाप…! बाला बच्चन दिखायें साहस ये सवाल पूछने का

कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने एक सवाल क्या पूछा भोपाली मीडिया के पत्रकार एक—दूसरे के कपड़े फाड़ने पर उतारू हो गये। खुराफाती लोग पड़ गये वेबसाईटों को दिये गये विज्ञापनों के पीछे। इस सब में जो दिग्गज नाम गिरामी लोग थे उनका तो कुछ नहीं लेकिन जो नये काम करने वाले पत्रकार थे उनका सारे मध्यप्रदेश के पत्रकारों ने फोन मैसेज करके जीना मुश्किल कर दिया। ऐसे में मल्हार मीडिया ने वो सवाल उठाये हैं जो वास्तव में पत्रकारिता के हित में खुद पत्रकारों को पूछने चाहिए और बाला बच्चन से उम्मीद की जाती है कि वे इन्हें विधानसभा के अगले सत्र में जरूर उठायेंगे। सारे मीडिया साथी इसे जरूर पढ़ें…

पत्रकारिता की आड़ में दलाली और वो सारे काम करने वाले जो गैरवाजिब माने जाते हैं, करने वाले लोग न्यूज वेबसाईट्स को लेकर बूढ़ी बुआओं की तरह छाती पीटते नजर आ रहे हैं। अब तक कईयों को सफेद साड़ी पहना चुकी इन बूढ़ी बुआओं का हाजमा इसलिये बिगड़ गया क्योंकि ये लोग स्वीकार ही नहीं कर सकते कि तमाम पत्रकार ईमानदारी से वेबसाईट चलाकर काम करके खुद प्रगति कर सकते हैं और अपना घर चला सकते हैं। यहां सवाल न तो पत्रकारिता की बूढ़ी बुआयें हैं और न इनके सिरमौर बने कांग्रेस विधायक बाला बच्चन।

यहां सवाल यह है कि क्या बाला बच्चन में इतनी ताकत है कि वो दैनिक भास्कर, पत्रिका, नई दुनिया, दैनिक जागरण, स्वदेश, देशबंधु, या वेंटीलेटर पर पड़े मरीजों की तरह निकलने वाले कई छोटे अखबार मैगजीन को मिलने वाले विज्ञापनों के बारे में सवाल पूछ सकते हैं। बाला बच्चन की नासमझी तो इस बात से ही जाहिर हो गई कि उन्हें पता ही नहीं कि वेब मीडिया होता क्या है? उन्होंने अपने सवाल में वेबसाईट, वेबपोर्टल दोनों शब्दों का जिक्र किया है।

बाला बच्चन न तो नये जमाने से सरोकार रखते हैं और न ही नये जमाने के मीडिया से। अपनी विधायकी में रंगे हुये तमाम सारे बाला बच्चनों से निवेदन है कि वो विधानसभा में सवाल लगायें और पूछें कि दैनिक भास्कर और उससे जुड़े अन्य संस्थानों को कितना विज्ञापन मिला। हम जानते हैं इतना करने की क्षमता नहीं है अगर उन्होंने ऐसी गलती की तो उनका हश्र भी वैसा ही हो जायेगा जैसा उन तमाम विधायकों का हुआ जो अब विधायक नहीं हैं। इस समय के राजनेताओं की क्षमता सिर्फ छोटों पर आक्रमण और बड़ों के तलवे सहलाने से ज्यादा नहीं है।

बाला बच्चन से निवेदन है कि अगर वो पत्रकारिता का भला चाहते हैं तो सवाल लगायें और पूछें कि मध्यप्रदेश में ऐसे कितने पत्रकार हैं जिनके उपर गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। ऐसे कितने पत्रकार हैं जिनके अदालतों से वारंट और स्थायी वारंट जारी हैं और ये रसूख के दम पर अपना साम्राज्य फैलाये हुये हैं।

बाला बच्चन से निवेदन है कि वो ये सवाल भी सरकार से पूछें कि ऐसे कितने लोग हैं जो पत्रकारिता की आढ़ में गलत काम कर रहे हैं साथ ही सरकार से अधिमान्यता भी लिये हुये हैं। अधिमान्यता के सामान्य नियम हैं कि सरकार किसी भी अपराधी को पत्रकार होने का सरकारी तमगा नहीं देगी। वे यह भी पूछें आमतौर पर आवेदन लगाने के कितने समय बाद पत्रकारों को अधिमान्यता आसानी से मिल जाती है नियमों के तहत। लेकिन ऐसा करने के लिये जिस साहस की जरूरत है वो बाला बच्चन में नजर नहीं आता है।

बाला बच्चन पत्रकारों के हित में सवाल लगाकर यह भी पूछें कि ऐसे कितने न्यूज चैनल हैं जो सैटेलाईट पर तो कम और व्हाट्सएप पर ज्यादा नजर आते हैं उनको कितने—कितने विज्ञापन और क्यों चलाये जाते हैं। बाला बच्चन से एक निवेदन और है कि आम श्रमजीवी मेहनतकश खबरों से सरोकार रखने वाले पत्रकारों के हित में वे यह भी पूछें कि ऐसे कितने अखबार हैं जो मजीठिया आयोग की सिफारिशों को लागू किये हुये हैं।

बाला बच्चन सरकार से यह भी पूछें कि क्या आम पत्रकार को वो सभी सुविधायें मिल रही हैं जिसके वे हकदार हैं? नये जमाने के नये वेबमीडिया को लेकर बाला बच्चन ने अपने सवाल के जरिये जो काठ की हांडी चढ़ाई थी वो तो अब जल चुकी है लेकिन सवाल बाला बच्चन की नियत का है। एक आम पत्रकार के हक में वो ये सवाल भी विधानसभा में पूछें और उन पत्रकारों के खिलाफ कार्यवाही भी करवायें जो दशकों से सरकारी मकानों में कब्जा जमाये बैठे हैं? सरकार से नाममात्र की राशि पर खैरात में जमीन लिये बैठे हैं और उसके बाद सरकारी मकानों का करोड़ों रूपये का किराया भी दबाये बैठे हैं। बाला बच्चन यह भी पूछें कि ऐसे कितने पत्रकार हैं जिन्होंने सरकारी मकान खाली कर दिये जमीनें मिलने के बाद। वे यह भी पूछें जमीन आवंटन के लिये बनाई गई सोसायटियों में पिता अध्यक्ष तो बेटे को भी जमीन मिल गई? मीडिया में बैठे इन बड़े कहे जाने वाले पत्रकारों के बारे में अगर बाला बच्चन खुलासा कर पायेंगे तो बधाई के पात्र होंगे।

लेकिन इतना सब अगर बाला बच्चन पूछ लेंगे तो ये तय है कि वेबसाईटों पर सवाल उठाने वाली मीडिया की बूढ़ी बुआयें बाला बच्चन को अभिमन्यू की तरह चरक्रव्यूह में घेर देंगे।  बाला बच्चन पुराने कांग्रेसी नेता हैं उनको उनकी पार्टी के सर्वश्रेष्ठ नेता मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का शासन याद होगा। विज्ञापन बांटने दिग्विजय सिंह भी किसी से पीछे नहीं थे तब बाला बच्चन भी उस सरकार का हिस्सा हुआ करते थे वो जमाना वेब मीडिया का नहीं था लेकिन तब दिग्विजय सिंह ने बिना रजिस्ट्रेशन वाली तमाम समाचार और आलेख सेवाओं को कैसे उपकृत किया था इसका जवाब बाला बच्चन विधानसभा में 1993 से लेकर अब तक हिसाब मांगें तो दूध का दूध और पानी का पानी करनें में ज्यादा समस्या नहीं होगी।

बाला बच्चन को तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के दौर के पर्चे भी याद होंगे। दिग्विजय सिंह बहुत स्प्ष्ट कहा करते थे पत्रकार मेरे पास चार कामों से आते हैं पहला मकान मांगने दूसरा विज्ञापन मांगने तीसरा पत्नियों की नौकरी लग जायेगा और चौथा तबादले कराने। अब बाला बच्चन थोड़ा सा साहस जुटायें और सवाल लगाकर पता करें कि वो कौन पत्रकार थे जो कांग्रेस के शासन में पत्नियों की नौकरी तबादले विज्ञापन और मकान लेने में सफल रहे? पत्रकारिता की आढ़ में तमाम गोरखधंधे करने वाले इन लोगों के खुलासे के लिये जरूरी है कि ईश्वर बाला बच्चन को इतना सामर्थ्य दे कि वो इन सारी बातों पर मनन कर सवाल उठा सकें।

ये बातें इसलिये भी लाजिमी हैं कि मध्यप्रदेश में पत्रकारों का एक गिरोह नेताओं से पैसे लेता है सरकारी मकानों पर कब्जा करता है सरकार से सस्ती दरों पर जमीनें लेता है अपनी पत्नियों की सरकारी नौकरियां लगवाता है वक्त—बेवक्त तबादले कराता है और उसके बाद उसकी कोशिश होती है कि कोई आम पत्रकार कभी फलक को देखने की कोशिश भी न कर पाये। मीडिया में एक वर्ग ऐसा है जो हर चीज को अपनी कमांड में रखना चाहता है। इन्हीं में ये बूढ़ी बुआयें शामिल हैं जो पत्रकारिता के नाम पर दलाली करती हैं। इनकी नैतिकता कहां चली जाती है जब इन पर लिखे सवाल पूछे जाते हैं और खुद के हितों की बात आती है?

एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है पत्रकारों में जो महिला पत्रकारों को आगे बढ़ता नहीं देख सकता। इन्हें महिलायें अपने अधीन काम करते और दूसरों द्वारा तनख्वाह खाने का रोना रोते हुये ही अच्छी लगती हैं तब कोई किसी महिला के हक में खड़ा नहीं होता। तब नैतिकता कहां जाती है। क्यों ये सवाल पहली बार विधानसभा पहुंची महिला पत्रकार से पूछ लिया जाता है अरे आप यहां? क्यों ये सवाल उससे पूछा जाता है कि आपने विज्ञापन पाने के लिये क्या किया? क्या महिलाओं में काबिलियत नहीं कि वो अपने दम पर काम कर सकें?

और आखिर में एक सीधा सवाल उन पत्रकारों से जो खुद को विशुद्ध सही पत्रकार मानते हैं वे ही अपने हक के लिये आवाज क्यों नहीं उठाते क्यों चुप रहते हैं? और जो आवाज उठाता है उसे यह क्यों कहते हैं चलता है ये सब चुप रहो। कहीं न कहीं तो शुरूआत करिये बोलिये। निशाना वेब मीडिया ही क्यों? बाला बच्चन जी पत्रकार हित में आप यह सब पूछेंगे क्या सरकार से?

लेखिका ममता यादव भोपाल की युवा डिजिटल जर्नलिस्ट हैं. मल्हार मीडिया की संस्थापक और संपादक हैं. उनसे संपर्क 7566376866 या 9826042868 के जरिए किया जा सकता है.

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शिवराज सरकार ने मध्य प्रदेश के पत्रकारों के रिश्तेदारों पर 150 करोड़ रुपये उड़ाया, देखें लिस्ट

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संवाददाता समिति ने दी वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र सिंह के परिजनों को 55 हजार की मदद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश मुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने लम्बे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र सिंह के परिजनों से आज मुलाकात कर उनके इलाज के लिए 55 हजार की फौरी मदद प्रदान की। इसी के साथ समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह श्री सिंह के इलाज के लिए दस लाख रूपये देने की उसकी मांग पर शीघ्र निर्णय करे।

समिति के अध्यक्ष प्रांशु मिश्र व सचिव नीरज श्रीवास्तव के नेतृत्व में समिति के सदस्यों ने आज गोमती नगर स्थित वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र सिंह के आवास पर जाकर यह राशि प्रदान की। श्री सिंह लम्बे समय तक हिन्दी दैनिक आज से जुड़े रहे। दो वर्ष पूर्व वे नर्व की लाइलाज बीमारी के शिकार हो गये। इस समय उनका 80 फीसदी अंग काम नहीं कर रहा है। समिति ने कुछ दिन पूर्व उनकी हालात से प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल को अवगत कराते हुए उनसे मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दस लाख रूपये की आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की थी।

अभी तक सहायता राशि न मिलने के कारण फौरी मदद के तौर पर समिति ने 55 हजार रूपये की राशि उनकी पत्नी पूनम सिंह को प्रदान की। इस राशि में राज्य मुख्यालय में मान्यता प्राप्त संवाददाता सदस्यों का 30 हजार रूपये का योगदान है। शेष राशि समिति के सदस्यों ने अपनी ओर से एकत्रित की है। इसी के साथ आज पुनः समिति ने सरकार से सुरेन्द्र सिंह को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। सहायता राशि देने के प्रतिनिधिमण्डल में समिति के उपाध्यक्ष नरेन्द्र श्रीवास्तव, संजय शर्मा, संयुक्त सचिव अजय श्रीवास्तव, अमितेश श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष अशोक मिश्र तथा सदस्य मुदित माथुर,काजिम रजा,आशीष श्रीवास्तव व वरिष्ठ पत्रकार आनन्द सिन्हा शामिल थे।

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