योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ने शिक्षा विभाग में 500 करोड़ के घोटाले का खुलासा किया, देखें वीडियो

बलिया से पत्रकार संजीव कुमार ने खबर दी है कि सूबे में चल रहे बीजेपी और भासपा गठबंधन वाली योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, जो खुद भासपा के नेशनल प्रेसीडेंट हैं, ने एक जनसभा में  शिक्षा विभाग में 500 करोड़ के घोटाले का खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में 500 करोड़ का घोटाला हुआ है. स्कूल कागज पर, ज़मीन पर बिल्डिंग नहीं, मान्यता मिल गया, बच्चे पढ़ते नहीं लेकिन सबको सर्टिफिकेट मिल जाता है. इस सब का सबूत मिल गया है. इसको लेकर जल्द मिलेंगे मुख्यमंत्री योगी से.

बलिया के मुस्लिम बहुल इलाका बेहेरी में अल्पसंख्यकों की एक जनसभा में पहुंचे ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि आजादी के ठीक बाद मुसलमान 31% नौकरी में थे मगर आज 1% भी मुस्लमान नौकरी में नहीं है. इसके लिए जिम्मेदार नेता है क्योंकि नेता अपनी लड़ाई लड़ता है, समाज की नहीं. यूपी की योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि प्रदेश में मुसलमानों से ज्यादा दुखी राजभर हैं. 90% राजभर के पास खाने और रहने के लिए कुछ भी नहीं है. देखें वीडियो…

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अच्छे दिन का नारा देने वाली पार्टी के ही बुरे दिन आ गए लगते हैं… देखें वीडियो

Yashwant Singh :  बीजेपी को नींद से जाग जाना चाहिए…. अच्छे दिन का नारा देने वाली पार्टी के ही बुरे दिन आ गए लगते हैं… जनता खूब मजे ले रही है… अमित शाह वाली भाजपा की जींद रैली में एक स्थानीय आदमी ने खूब चटखारे ले लेकर वीडियो बनाया..

रैली में भीड़ न आने से परेशान हताश हरियाणा के मंत्री लोग दो-दो चार-चार लोगों को हांकते हुए धकेलते हुए रैली स्थल की ओर ले जा रहे थे ताकि लोग बैठें तो कुर्सियां भर सकें… मुझे तो वीडियो रिकार्ड करने वाले बंदे की आवाज़ में ज्यादा मजा आ रहा है.. पुलिस वालों से लेकर मंत्री नेता और जनता सबसे मजा ले रहा है.. मस्ट वाच वीडियो…

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भड़ास एडिटर यशवंत की एफबी वॉल से.

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पीएम मोदी का पीएनबी घोटाले के एक आरोपी मेहुल भाई से कनेक्शन! देखें वीडियो

Ravish Kumar : प्रधानमंत्री के हमारे मेहुल भाई और रविशंकर प्रसाद की जेंटलमैन चौकसी… ये शब्द प्रधानमंत्री के हैं- ”कितना ही बड़ा शो रूम होगा, हमारे मेहुल भाई यहां बैठे हैं लेकिन वो जाएगा अपने सुनार के पास ज़रा चेक करो।” ये वाक्य यूट्यूब पर हैं। यूट्यूब पर ”PM Narendra Modi at the launch of Indian Gold Coin and Gold Related Schemes” नाम से टाइप कीजिए, प्रधानमंत्री का भाषण निकलेगा। इस वीडियो के 27वें मिनट से सुनना शुरू कीजिए। प्रधानमंत्री हमारे मेहुल भाई का ज़िक्र कर रहे हैं। ये वही मेहुल भाई हैं जिन पर नीरव बैंक के साथ पंजाब नेशनल बैंक को 11 हज़ार करोड़ का चूना लगाने का आरोप लगा है। उनके पार्टनर हैं।

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रविशंकर प्रसाद काफी गुस्से में प्रेस कांफ्रेंस करने आए थे। उन्हें लगा कि वे जो बोलेंगे वे जज की तरह फैसला होगा। पत्रकार भी सवाल जवाब नहीं कर सके। आज कल चुप रहने वाले लोग पोलिटिकल एडिटर बन रहे हैं, बोलने वाले निकलवा दिए जा रहे हैं। बहरहार रविशंकर प्रसाद दोबारा अपना प्रेस कांफ्रेंस देख सकते हैं। कितने गुस्से में मेहुल चौकसी का नाम लेते हैं जैसे उनकी हैसियत से नीचे की बात हो उस शख्स का नाम लेना। जबकि प्रधानमंत्री उसी मेहुल भाई को कितना आदर से पुकार रहे हैं। हमारे मेहुल आई। अहा। आनंद आ गया। इन्हीं के बारे में रविशंकर प्रसाद कह रहे थे कि इनके साथ कांग्रेसी नेताओं की तस्वीरें हैं मगर वो जारी नहीं करेंगे। क्योंकि ये उनकी राजनीति का स्तर नहीं है। दुनिया भर के विरोधी नेताओं की तस्वीरों और सीडी जारी करने की राजनीति के बाद उनके इस आत्मज्ञान पर हंसी आई। गोदी मीडिया की हालत बहुत बुरी है।

13 जनवरी 2016 को पीटीआई की खबर कई अखबारों में छपी है कि अरुण जेटली 100 उद्योगपतियों को लेकर जा रहे हैं। यह ख़बर फाइनेंशियल एक्सप्रेस में भी छपी है। आप ख़ुद भी देख सकते हैं कि उसमें नीरव मोदी का नाम है। किसी भी बिजनेस अख़बार की ख़बर देखिए, उसमें यही लिखा होता है कि प्रधानमंत्री मोदी इन बिजनेसमैन की टोली का नेतृत्व कर रहे हैं। ज़ाहिर है उन्हें पता था कि भारत से कौन कौन वहां जा रहा है। इसलिए रविशंकर प्रसाद को सही बात बतानी चाहिए थी न कि इसे सी आई आई पर टाल देना चाहिए था। नीरव मोदी 1 जनवरी 2018 को भारत से रवाना हो जाते हैं। उसके एक दिन बाद सीबीआई की जांच शुरू होती है। क्या यह महज़ संयोग था? जांच के दौरान यह शख्स 23 जनवरी को स्वीट्ज़रलैंड के दावोस में प्रधानमंत्री के करीब पहुंचता है, क्या यह भी संयोग था? इतने छापे पड़े, एफ आई आर हुई मगर यह तो मकाऊ में शो रूम का उद्घाटन कर रहा है। क्या ऐसी छूट किसी और को मिल सकती है? 2014 के पहले मिलती होगी लेकिन 2014 के बाद क्यों मिल रही है?

एनडीटीवी की नम्रता बरार की रिपोर्ट है कि नीरव मोदी इस वक्त न्यूयार्क के महंगे होटल में है। सरकार ने कहा है कि पासपोर्ट रद्द कर दिया जाएगा मगर अभी तक तो नहीं हुआ है। इतने दिनों तक उन्हें भागने की छूट क्यों मिली? हंगामा होने के बाद ही सरकार ने ये क्यों कहा जबकि पंजाब नेशनल बैंक ने एफ आई आर में कहा है कि इनके ख़िलाफ़ लुक आउट नोटिस जारी किया जाए। क्यों नहीं तभी का तभी किया? अब ख़बर आई है कि इंटरपोल के ज़रिए डिफ्यूज़न नोटिस जारी किया गया है। इसका मतलब है कि पुलिस जांच के लिए गिरफ्तारी ज़रूरी है। हंगामे के बाद तो सब होता है मगर लुकआउट नोटिस उस दिन क्यों नहीं जारी हुआ जब एफ आई आर हुई, छापे पड़े। 15 फरवरी को नीरव मोदी के कई ठिकानों पर छापे पड़े हैं जिनमें 5100 करोड़ की संपत्ति के काग़ज़ात ज़ब्त हुए हैं। सभी जगह इसे बड़ा कर छापा गया है जिससे लगे कि बड़ी भारी कार्रवाई हो रही है। इस पर मनी कंट्रोल की सुचेता दलाल ने सख़्त ट्वीट किया है। उनका कहना है कि ख़बर है कि सीबीआई और डीआरई ने 5100 करोड़ के जवाहरात ज़ब्त किया है। अगर नीरव मोदी के पास इतनी संपत्ति होती तो उसे फर्ज़ी लेटर आफ अंडर टेकिंग लेकर घोटाला करने की ज़रूरत नहीं होती। दूसरा प्रक्रिया की बात होती है जो इन छापों से जुड़े अधिकारी बता सकते हैं। इतनी जल्दी संपत्ति का मूल्यांकन नहीं होता है। यह सब ख़बरों का मोल बढ़ाने के लिए किया गया है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि घोटाला 2011 से शुरु हुआ। लेकिन यह 2017 तक कैसे चलता रहा? क्यों फरवरी 2017 में आठ फर्ज़ी लेटर ऑफ अंडर टेकिंग जारी किए गए? रविशंकर प्रसाद ने यह तथ्य प्रेस कांफ्रेंस में क्यों नहीं कहा? इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि यह घोटाला 17 बैंकों तक भी गया है। 11,300 करोड़ के अलावा भी 3000 करोड़ का घोटाला हुआ है। नीरव मोदी की कई कंपनियां हैं, इन कंपनियों को 17 बैंकों ने 3000 करोड़ रुपये के लोन दिए हैं। एक्सप्रेस ने लिखा है कि नीरव मोदी और उनके रिश्तेदारों की कंपनी को 2011 से 2017 के बीच 150 लेटर आफ अंटरटेकिंग दिए गए हैं। नियम है कि लेटर आफ अंडर टेकिंग से पैसा लेने पर 90 दिनों के अंदर चुका देना होता है। मगर बिना चुकाए भी इन्हें LOU मिलता रहा है। इतनी मेहरबानी किसके इशारे से हुई? इस मामले में बैंक मैनेजर को क्यों फंसाया जा रहा है? LOU की मंज़ूरी बैंक के बोर्ड से मिलती है, बैंक के मैनेजर से नहीं। मगर एफ आई आर बैंक के मैनेजर और क्लर्कों के खिलाफ हुई है। बोर्ड के सदस्यों और चेयरमैन के ख़िलाफ़ क्यों नहीं एफ आई आर हुई?

एक दो LOU बैंक के खाते में दर्ज नहीं हो सकते हैं मगर उसके आधार पर जब दूसरे बैंक ने नीरव मोदी को पैसे दिए तो उस बैंक ने पंजाब नेशनल बैंक को तो बताया होगा। अपने पैसे पंजाब नेशनल बैंक से तो मांगे होंगे। कहीं ऐसा तो नहीं कि उन बैंकों से भी पैसे ले लिए गए और वहां भी हिसाब किताब में एंट्री नहीं हुई? इसका जवाब मिलना चाहिए कि पंजाब नेशनल बैंक के बोर्ड ने कैसे LOU को मंज़ूरी दी, बैंक की आडिट होती है क्या उस आडिट में भी 11,000 करोड़ का घपला नहीं पकड़ा गया तो फिर आडिट किस बात की हो रही थी? इसलिए नौटंकी कम हो ज़रा इस पर, जांच जल्दी हो। 2 जी में भी सारे आरोपी बरी हो गए। एक नेता को बचा कर कितने कारपोरेट को बचाया गया आप खुद भी अध्ययन करें। आदर्श घोटाले में भी अशोक चव्हाण बरी हो गए। इटली की कंपनी अगुस्ता वेस्टलैंड से हेलिकाप्टर खरीदने के घोटाले को लेकर कितना बवाल हुआ। पूर्व वायु सेनाध्यक्ष को गिरफ्तार किया गया मगर इटली की अदालत में सीबीआई सबूत तक पेश नहीं कर पाई। ये सारी मेहरबानियां किस पर की गईं हैं?

बैंक कर्मचारी बताते हैं कि ऊपर के अधिकारी उन पर दबाव डालते हैं। नौकरी बचाने या कहीं दूर तबादले से बचने के लिए वे दबाव में आ जाते हैं। इन ऊपर वाले डकैतों के कारण बैंक डूब रहे हैं और लाखों बैंक कर्मचारी डर कर काम कर रहे हैं। उनकी सैलरी नहीं बढ़ रही है, बीमारियां बढ़ती जा रही हैं। बैंको पर भीतर से गहरी मार पड़ी है। आप किसी भी बैंक कर्मचारी से पूछिए वो बता देंगे अपना बुरा हाल। उनकी मानसिक पीड़ा समझने वाला कोई नहीं। आप उस महंगी होती राजनीति की तरफ देखिए जहां पैसे से भव्य रैलियां हो रही हैं। वो जब तक होती रहेंगी तब तक बैंक ही डूबते रहेंगे। आखिर बिजनेसमैन भी पैसा कहां से लाकर देगा। इन्हीं रास्तों से लाकर देगा ताकि हुज़ूर रैलियों में लुटा सकें। यह पैटर्न आज का नहीं है मगर इसके लाभार्थी सब हैं।

एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार की एफबी वॉल से.

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यशवंत सीख रहे वीडियो एडिटिंग, देखें उनकी पहली वीडियो स्टोरी

Yashwant Singh : प्रिंट मीडिया का आदमी रहा हूं. कंपोजिंग, एडिटिंग, रिपोर्टिंग, पेज मेकिंग आदि में एक दशक तक जीता-मरता रहा. फिर वेब मीडिया में आया तो यहां आनलाइन लिखने-पढ़ने, खबर-फोटो अपलोड करने के अलावा एचटीएमएल, कोडिंग से लेकर टेंपलेट्स, माड्यूल्स, प्लगइन, सर्वर आदि तक सीखने-जानने की कोशिश करते एक दशक बिता दिया. अब विजुवल मीडिया को सीखने की बारी है. वैसे भी स्मार्टफोन और फ्री डाटा के कारण विजुवल मीडिया में जबरदस्त क्रांति का दौर है. सो इसमें कदम रखते हुए अब वीडियो एडिटिंग सीख रहा हूं.

इसी क्रम में आज एक ऐसी वीडियो स्टोरी तैयार की जिसमें आपको कई सारे बुनियादी तकनीकी ज्ञान नजर आ जाएंगे… वीडियो काटना, वीडियोज मर्ज करना, बैकग्राउंड म्यूजिक, यूट्यूब चैनल का लोगो, फोटो स्लाइड्स, वायसओवर, वायस पिच एडिटिंग आदि देख पाएंगे, इसी एक वीडियो में… ये लर्निंग किसी इंस्टीट्यूट में नहीं बल्कि एक मेरे ही जैसे सीखने को आतुर मित्र के पिछले दो महीने में दिन-रात एक कर आनलाइन सर्च और खुद की समझ के जरिए हासिल ज्ञान के मुझ तक हस्तांतरण के माध्यम से हुई. वीडियो लिंक कमेंट बाक्स में है. देख कर बताइएगा, तकनीकी रूप से कैसा बन पाया है ये वीडियो… और हां, आप भी सीखते-सिखाते रहिए… कभी प्रकृति नेचर से सीखिए तो कभी तकनीकी को जानिए-बूझिए. जय जय… शुक्रिया… वीडियो ये रहा…

भड़ास के एडिटर यशवंत की एफबी वॉल से. उपरोक्त स्टेटस पर आए ढेर सारे कमेंट्स पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें:  

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केजरी-लालू के बेमेल मिलन में रोड़ा बनेंगे कुमार विश्वास, देखें वीडियो

राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा के इस बयान पर कि आम आदमी पार्टी और राजद में चुनावी गठबंधन संभव है,  पर आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य डॉ कुमार विश्वास का बयान पढ़िए-देखिए :  मैं आश्वस्त करता हूँ कि किसी भी हालत में हमारी पार्टी का लालू के साथ खड़े होने का कोई प्रश्न ही नहीं है। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का सिपाही और आम आदमी पार्टी का संस्थापक सदस्य होने के नाते मैं पूरी ज़िम्मेदारी से इस ख़बर का खंडन करता हूँ। We can’t and we won’t even think of political alliance with Lalu Prasad Yadav ever, this I assure you as a founder member of the party and as a foot-soldier of the anti-corruption movement.Rebutting this news with full responsibility.

मालूम हो कि राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने इस बात कि पुष्टि की है कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और राजद सुप्रीमो के पुत्र तेजस्वी यादव के बीच दो बार मुलाक़ात हुई है। इसी के बाद केजरी-लालू बेमेल गठबंधन की बातें होने लगीं जिस पर कुमार विश्वास ने चुप्पी तोड़ी है। कुमार विश्वास का बयान सुनिए :

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इस भाजपा सांसद ने तो सिपाही पर हाथ उठा दिया (देखें वीडियो)

आगरा के सांसद एवं एससी आयोग के अध्यक्ष राम शंकर कठेरिया ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर हाथ उठा दिया. एससी आयोग के अध्यक्ष सोमवार सुबह नौ बजे अपनी गाड़ी से खंदारी से वाटर वर्क्‍स चौराहे की ओर जा रहे थे. इसी दौरान अबू उलाह कट के पास फाउंड्री नगर डिपो की देहरादून जाने वाली बस सवारियां भर रही थी. चालक द्वारा बस को अचानक चलाने से वह कठेरिया की गाड़ी की खिड़की से टकरा गई. इस पर सांसद ने गाड़ी से उतरकर हंगामा कर दिया.

वहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए. आरोप है कि गुस्साए सांसद ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर हाथ उठा लिया. रोडवेज के अधिकारी को मौके पर बुलाकर उसे भी जमकर खरीखोटी सुनाई. वीडियो को देखकर ऐसा लगता है की सत्ता के नशे में चूर सांसद अपनी पद की मर्यादा भी भूल चुके हैं.  ये एक सरकारी कर्मचारी पर हाथ उठाने में बिलकुल भी नहीं हिचकिचाए. इससे यह साफ़ जाहिर होता है कि देश व प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार क्या आई है, सरकार के नेता व सांसद गुंडागर्दी पर ही उतर आये हैं! देखें वीडियो…

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भाजपा में जमीनी कार्यकर्ताओं ने कर दी बगावत (देखें वीडियो)

सांसदों-विधायकों पर चहेतों को टिकट दिलवाने का आरोप… भारतीय जनता पार्टी से निकाय चुनाव में टिकट न मिलने पर जमीन से जुड़े पार्टी कार्यकर्ताओं ने बगावत का एलान कर दिया है! आगरा वार्ड नम्बर 40 पर पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि सांसद विधायक और अध्यक्ष ने सिर्फ अपने चहेतों को टिकट दिया है। जो कार्यकर्ता अपनी जी जान लगा कर पार्टी का प्रचार प्रसार कर रहा है उनको इस निकाय चुनाव में कोई जगह नहीं दी है। इसका खामियाजा पार्टी को निकाय चुनाव के साथ साथ आगामी लोकसभा चुनाव में भुगतना पढ़ेगा! इसको लेकर पार्टी कार्यकर्ताओ ने आक्रोश व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी का पुतला दहन किया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया! देखें वीडियो :

-आगरा से फरहान खान की रिपोर्ट.

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अलीगढ के लड़के को मिला Youtube से सिल्वर प्ले बटन

सर मेरा नाम बबलू राघव है. मैं एक यूट्यूबर हूँ. जाहरवीर नगर बरौला बाई पास का रहने वाला हूँ. यूट्यूब पे मेरा चैनल है जिसका नाम है ‘टेक्निकल राघव’. इस चैनल के 2 लाख 92 हजार सब्सक्राइबर हैं. करीब 2 करोड़ व्यू हैं. यूट्यूब पर मेरे चैनल के एक लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर होने के उपलक्ष्य में यूट्यूब ने मुझे सिल्वर प्ले बटन अवार्ड से नवाजा है. यूट्यूब की शुरुआत मैंने आज से एक साल पहले की थी.

तब यूट्यूब से रूपये कमाने की बात का लोग मजाक उड़ाते थे. अब लोग मुझसे सीखने आते हैं. मेरी हर महीने की इनकम यूट्यूब से 30 से 40 हजार है। मैं अलीगढ में इस स्मार्ट वर्क के बारे में बहुत लोगों को सिखाता हूं. अब मैं एप्प बनाना भी सीख गया हूँ और उससे अच्छी इनकम कर रहा हूं. मैं अब अलीगढ में लोगो को ये सिखाना चाहते हैं की वो अपने मोबाइल से हर महीने बहुत अच्छी इनकम कर सकते हैं.

बबलू राघव
8279631185
technicalraghav11@gmail.com


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मोदी पर मिमिक्री दिखाने में क्यों फटती है टीवी चैनलों की?

वरिष्ठ पत्रकार जयशंकर गुप्त ने प्रेस क्लब आफ इंडिया में पत्रकार विनोद वर्मा की छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा की गई अवैधानिक गिरफ्तारी के खिलाफ बोलते हुए खुलासा किया कि टीवी चैनलों पर मोदी की मिमिक्री दिखाने पर पाबंदी है. इस वीडियो को सुनिए विस्तार से, जानिए पूरा प्रकरण क्या है…

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पत्रकार गौरव अग्रवाल ने पूछा तीखा सवाल तो तिलमिला गए सीएम योगी (देखें वीडियो)

कल आगरा पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताज महल में झाड़ू लगाने के बाद एक प्रेंस कांफ्रेंस किया. इसमें एक युवा पत्रकार गौरव अग्रवाल ने उनसे तीखा सवाल पूछ लिया. सवाल था कि पिछली सरकार के जो भ्रष्ट नौकरशाह थे, वे अब योगी जी के इर्दगिर्द दिखने लगे हैं, भ्रष्टाचार के मुद्दे का क्या हुआ? साथ में ये कि युवाओं को रोजगार देने का वादा था, लेकिन ऐसा कुछ तो हो नहीं रहा है.

इन सवालों पर सीएम योगी कहने लगे कि उन्हें इस सवाल पर अफसोस है. सीएम योगी ने इसी सवाल के बाद हाथ जोड़ते हुए अपनी प्रेस कांफ्रेंस खत्म कर दी. सवाल पूछा था युवा पत्रकार गौरव अग्रवाल ने. गौरव पंजाब केसरी और नवोदय टाइम्स टीवी के लिए आगरा में रिपोर्टर हैं. गौरव ऐसे ही कड़वे सवाल पूछने वालों में जाने जाते है. देखें संबंधित वीडियो :

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