मीडिया में एक बड़े आंदोलन की जरूरत : अब न्यूज ही पेड नहीं हैं, अखबार और चैनल भी पेड हैं

ओम प्रकाश सिंह


मीडिया जिस मुकाम पर है, उसमें अब धमचक भी है, और आंतरिक विस्फोट भी जल्द होने वाले हैं। एक बड़े आंदोलन की जरूरत उठ खड़ी हुई है। जनसत्ता में पत्रकार रहे और अब एक बड़े लेखक श्री दयानंद पांडेय कहते हैं – मीडिया को कारपोरेट स्वार्थों, और भांड़ों और भड़ैतों ने घेर लिया है। जी हां, केवल भांड़ों और भड़ैतों ने ही नहीं, मिरासियों और बाई जी लोगों ने भी। जैसे नृत्य, संगीत आदि एक निश्चित किस्म के लोगों से घिर गये थे, वैसी ही हालत मीडिया की भी हो रही है।

मोदी ने बढ़ा दिया दूरदर्शन का कद

: पांच महीनों में दूरदर्शन की बढ़ी पूछ : टीवी दर्शक सबसे ज्यादा कौन सा चैनल देखते हैं? इसका खुलासा करने वाले टीआरपी यानी टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट चाहे जो कहते हों लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद सत्ता के गलियारों में अब देश के सार्वजनिक टीवी चैनल दूरदर्शन की बढ़ती धमक साफ देखने को मिल रही है। सरकार ,संचालन के केंद्र नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में दूरदर्शन की पूछ पिछले पांच महीनों में तेजी से बढ़ी है। मंत्री और अफसरों से लेकर देशी-विदेशी राजनयिक और कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक दल सरकार के हरेक कदम की जानकारी के लिए दूरदर्शन के समाचार चैनल पर खुद को अपडेट रख रहे हैं।

निजी न्यूज चैनल पैसे देकर ही दिखा सकेंगे लोकसभा टीवी का कंटेंट, पढ़िए पत्र और रेट लिस्ट

निजी न्यूज चैनलों पर अक्सर लोकसभा टीवी के फुटेज दिखाए जाते हैं. खासकर तब जब लोकसभा से जुड़ी कोई खबर हो. अब तक निजी न्यूज चैनल लोकसभा टीवी का नाम लोगो देकर कंटेंट फ्री में अपने यहां दिखा देते थे. लेकिन अब इसका पैसा लगेगा.