इंडिया न्यूज के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत और उनके परिजनों को ‘भक्त’ देने लगे धमिकयां!

Rana Yashwant : इस देश में एक कौम पैदा की जा रही है जो पूरी तरह से नंगा है और आप पर अपनी सारी सड़ांध, लिजलिजापन और गंध लिए कभी भी हमला बोल देती है. ये सोशल मीडिया पर होता है और फोन के जरिए भी. मुझे अभी एक कॉल आया एक नंबर से. (ये नंबर जरूरत पड़ी तो मैं आप लोगों से साझा करुंगा) निहायत घटिया जुबान और हर बात के आखिर में- ”तुम…देशद्रोही”. ये देशभक्ति का ठेका लेकर चलनेवाली जमात सनकी, दिमागी तौर पर अपाहिज और लफंगों-लुहेड़ों की है.

उसको पता ही नहीं कि हम किस मिट्टी के बने लोग हैं. डर और आतंक की औकात ही नहीं कि रत्ती भर भी हिला पाए. इस बार का ‘अर्धसत्य’ कार्यक्रम किसानों पर था और लाजिमी है कि सत्ता-व्यवस्था से आप सवाल करेंगे ही. हमारा काम ही सवाल करना है. सवाल हमारा फर्ज है, विरोध नहीं. जबतक जिंदा रहेंगे, इस सवाल से किसी को भी फारिग नहीं होने देंगे. किसी भी हाल में नहीं. अगर ऐसे दो कौड़ी के लोगों के चलते कलम औऱ जुबान बदलने लगे तो इससे बेहतर मरना होगा.

प्रधानमंत्री जी, गृह मंत्री जी, उम्मीद कर रहा हूं कि उस नंबर के बारे में मुझसे पूछा जाएगा. अभी जब मैं ये पोस्ट खत्म कर ही रहा था कि मेरे बेटे का फोन आया कि पापा फलां नंबर से फोन आया और काफी गाली गलौज कर रहा था, धमकी दे रहा था मारने की. ये स्थिति खतरनाक है.

इंडिया न्यूज चैनल के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत की एफबी वॉल से.

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यूपी में भाजपा विधायक ने सीओ को धमकाया

यूपी में भारी बहुमत पाने वाली भाजपा की छवि पर पलीता लगाने का काम उसके कुछ नए बने विधायकों ने शुरू कर दिया है. सत्ता के नशे में चूर इन विधायक महोदय को मर्यादा का खयाल नहीं है. इस आडियो में सुनिए एक भाजपा विधायक (सवायजपुर, हरदोई) की सीओ (शाहाबाद, हरदोई) से बातचीत. लोग इस टेप को सुनकर कहने लगे हैं कि लगता है यूपी के अच्छे दिन आ गए हैं… टेप सुनने के लिए नीचे क्लिक करें :

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महाराष्ट्र के एमएलसी ने दी हरियाणा के पत्रकार को धमकी- ”अंदर करवा दूंगा!”

महाराष्ट्र विधान परिषद् के एक मेंबर ने अम्बाला के एक पत्रकार को धमकी दी है कि वो उसे महाराष्ट्र में बुलवा कर अंदर करवा देगा। यही नहीं, उसके अखबार का रजिस्ट्रेशन भी रद करवा देगा। पत्रकार ने मामले की शिकायत अम्बाला पुलिस को कर दी है। शिकायत के साथ धमकी भरी तीन मिनट और सात सेकंड की ऑडियो क्लिप भी दी गयी है। शिकायत की कॉपी पुलिस महानिदेशक को भी भेजी गयी है।

अम्बाला के पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल ने बताया कि अभी मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि हो सकता है किसी थाने में शिकायत की गयी हो। महेशनगर पुलिस स्टेशन के इंचार्ज सुभाष ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है और पुलिस मामले की जाँच कर रही है। मामले की नाजुकता के मद्देनजर पुलिस जल्दबाजी में कोई कदम नहीं लेना चाहती। अम्बाला पुलिस ने आला अफसरों को हालात से अवगत करवा दिया है। विधान परिषद् का मेंबर पत्रकार को धमकी देता है कि उसे विधायक की ताकत का नहीं पता, किसी नेता से पन्गा लेने का अंजाम बुरा होता है।

बताया जाता है कि विधान परिषद् का मेंबर किसी खबर के कारण पत्रकार से नाराज है। वो महाराष्ट्र ड्रग्स व केमिस्ट्स एसोसिएशन का प्रधान भी है। वो कहता है कि आप मेरी मदद भी लेते हो और फिर भी मेरे खिलाफ गंदी खबरें लिखते हो। वो कहता है कि महाराष्ट्र को हरियाणा नहीं समझो, तुझे मेरे ताकत का अंदाज नहीं है। बाद में मेंबर साहिब अखबार के प्रधान सम्पादक को फ़ोन करके खेद प्रकट करते हुए मामले को रफा दफा करने का आग्रह करते हैं।

हरियाणा से वरिष्ठ पत्रकार पवन कुमार बंसल की रिपोर्ट.

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अनुभव मित्तल की ‘आनलाइन कंपनी’ से सुधीर चौधरी भी हो गए परेशान!

Sudhir Chaudhary : My personal phone suddenly started ringing non stop last night and since then it has not stopped even for a second. I am getting nonstop calls from hired online goons using prepaid shady numbers, all of them similar in nature.

All messages and callers are pressurising to show news in Ablaze Online Scam’s main accused Anubhav Mittal’s favour. It’s a new age online intimidation executed by paid trolls.

Even if I switch off my phone for some time, the bombardment of text messages and continuous calls start as soon as I start the phone again. I have been receiving intimating calls and messages earlier also in my career while different stories against high and powerful but have never ever faced such consistent nonstop trolling on phone in such a high volume.

Anubhav Mittal masterminded a big online scam and now I know he is actually a mastermind in online terrorism. It’s a new phenomenon for media and also for police and investigating agencies to be prepared for in future.

जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी की एफबी वॉल से.

इस मामले में सुधीर चौधरी ने यूपी पुलिस से मदद मांगी और यूपी पुलिस ने उन्हें तुरंत वो सारे नंबर देने को कहा है जिससे उन्हें कॉल, मैसेज और ह्वाट्सएप आदि आ रहे हैं… देखिए ट्वीट…

Sudhir Chaudhary ‏@sudhirchaudhary 

Spoke to @Uppolice Giving them all the numbers of online goons propagating for Anubhav Mittal of Ablaze Scam. 1680 Whatsapp, 321SMS, 132 Calls


UP POLICE @Uppolice 

@sudhirchaudhary @sardanarohit Matter taken up with @uppstf. Pls report it at reportfraud@upstf.com Action will b taken against intimidators


Sudhir Chaudhary ‏@sudhirchaudhary 

Thanks @Uppolice for this quick response.

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आईपीएस को फोन पर धमकाने के मामले में मुलायम की मुश्किलें बढ़ीं, पुलिस रिपोर्ट खारिज, आवाज़ मिलान के आदेश

सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव द्वारा आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को मोबाइल फोन से दी गयी धमकी के सम्बन्ध में दर्ज एफआईआर में हजरतगंज पुलिस द्वारा लगाये गए अंतिम रिपोर्ट को अदालत ने ख़ारिज कर दिया है. सीजेएम लखनऊ संध्या श्रीवास्तव ने अपने आदेश में कहा कि केस डायरी से स्पष्ट है कि विवेचक ने कॉम्पैक्ट डिस्क में अंकित वार्तालाप की आवाज़ का नमूना परीक्षण नहीं कराया है और मात्र मौखिक बयान दर्ज कर के अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दिया है.

सीजेएम लखनऊ संध्या श्रीवास्तव ने क्षेत्राधिकारी हजरतगंज को इस मामले में अग्रिम विवेचना करते हुए अमिताभ और मुलायम सिंह के आवाज़ का नमूना प्राप्त कर उसका कॉम्पैक्ट डिस्क की आवाज़ से विधि विज्ञानं प्रयोगशाला में परीक्षण करा कर 30 सितम्बर 2016 तक रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं. ज्ञात हो कि इस मामले में विवेचक द्वारा धमकी की बात गलत होने और अमिताभ द्वारा महज लोकप्रियता के लिए गलत तथ्यों के आधार पर झूठी सूचना दिए जाने की बात कहते हुए अंतिम रिपोर्ट कोर्ट को भेजी गयी थी. अमिताभ ठाकुर ने कोर्ट में इस अंतिम रिपोर्ट के खिलाफ विरोध याचिका दायर कर इसे चुनौती दी थी. कहा जा सकता है कि कोर्ट के ताजे आदेश के बाद मुलायम की मुश्किलें बढ़ गई हैं. नीचे कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश की कापी है…

Mulayam Phone case : Order for voice sample matching in FSL

In the protest petition presented by IPS officer Amitabh Thakur against the Final report presented by Hazratganj police in the FIR registered by him regarding alleged threat given to him by SP Supremeo Mulayam Singh Yadav on mobile phone, the CJM Lucknow Court today dismissed the Final report.

CJM Lucknow Sandhya Srivastava said in her order that it is apparent from the Case diaries that the voice samples have not been scientifically examined and Final report has been sent merely on hearsay evidences. Hence she directed Circle officer Hazratganj to undertake further investigation in the matter and get the voices in the Compact Disc scientifically examined in the State Forensic Science Laboratory, presenting his report by 30 September 2016.

Previously the Investigating Officer had presented Final Report concluding that the threat allegations were not found to be correct and was a false case based on wrong facts for cheap popularity. Amitabh had presented a protest application against the Final Report.

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सहारा के जिस डिवीजन के लोग हड़ताल करेंगे, सहाराश्री उस डिवीजन को ही बंद कर देंगे… देखें नोटिस

सहारा अपने कर्मचारियों को लगभग डेढ़ साल से नियमित वेतन नहीं दे रहा है। एक साल से ज्यादा का समय हो गया है, सिर्फ आधा वेतन दिया जा रहा है। वेतन न मिलने से लाखों कर्मचारी प्रभावित हैं। वेतन न मिलने की वजह से कई तो खुदा को प्यारे हो गए। पंद्रह सितंबर 2015 को सहारा के सभी कार्यालयों में सहारा सुप्रीमो का यह पत्र नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया गया है। पत्र में वेतन न देने की बात करते हुए हड़ताल न करने की हिदायत दी गई है साथ ही चेतावनी या धमकी जो कह लीजिए, दी गई है कि उस विभाग को ही बंद कर दिया जाएगा जहां के कर्मचारी वेतन की मांग करेंगे। मसलन पैराबैंकिंग में हड़ताल होती है तो वह ही बंद कर दिया जाएगा।

हमारे संविधान ने हमें जुर्म के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए या अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन करने का अधिकार दिया है। अंग्रेजों से आजादी भी हमारे पूर्वजों ने यूं ही हासिल नहीं की। इसके लिए धरना प्रदर्शन किया है। लेकिन पैसे के मद में चूर सहारा इंडिया के मुखिया सुब्रतो राय अपने कर्मचारियों से यह अधिकार भी छीन लेना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने बकायदे गश्ती पत्र जारी किया है।

इस पत्र में उन्होंने हड़ताल को अराजकतावादी कदम बताया है। इसका मतलब आजादी के आंदोलन के सारे के सारे क्रांतिकारी अराजक थे? राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का असहयोग आंदोलन अराजकतावादी कदम था? इस तरह तो भगत सिंह सबसे बडे अराजक थे? इस पत्र में यह धमकी भी दी गई है कि जिस भी डिवीजन में हडताल हुई वह बंद कर दिया जाएगा। जैसे नियम कानून इनके अधिकारियों की तरह इनके आगे पीछे दुम हिलाते फिरते हैं।

प्रसंगवश जिस संस्थान में एक हजार या उससे अधिक कर्मचारी हैं वह बिना अनुमति के कारोबार नहीं समेट सकता। बीमार संस्थान को बंद करने के भी नियम हैं। हर नियमित कर्मचारी का पूरा ड्यूज देना होगा। जिसकी जितनी सेवाएं बची हैं उसको पूरा वेतन देना पडता है। कानपुर में एक नहीं दर्जनों फैक्ट्रियां/ मिलें बंद हुई हैं सभी ने पूरा बकाया दिया है। कांग्रेस का नेशनल हेरल्ड और नवजीवन इसके उदाहरण हैं। बंद होने को तो बंबई और कोलकाता में न जाने कितनी मिलें बंद हुई हैं सुब्रतों राय, लेकिन ऐसे नहीं जैसे तुम या तेरे गुर्गे समझ / समझा रहे हैं।

एक सहाराकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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दिल्ली के जाने-माने पत्रकार जॉन दयाल को कुछ दक्षिणपंथी ताकतें धमका रही हैं

The Delhi Union of Journalists in association with Sahmat has castigated the targetting of well known journalist, member of the National Integration Council, human Rights activist and General Secretary of the All India Christian Council, John Dayal by some rightwing outfits. It has taken a serious note of his complaint to the police commissioner and has called for immediate protection to him and his family.

We are attaching copies of the FIR received to the Delhi Chief Minister, Lt. Governor and the Human Rights Commission. We further take note of the fact that John Dayal has completed over 40 years in journalism besides being a writer, known to have been associated with a book coauthored with Ajoy Bose in 1977 called “For Reasons of State: Delhi Under Emergency”. He is known to espouse secular causes from time to time.

Sh. Bhim Sain Bassi,
Commissioner of Police
Delhi Police Headquarters,
ITO, New Delhi-110002

Dear Sir,

Sub: i) Threat to my life and liberty, criminal intimidation and defamation suffered by me at the hands of various people on the website ‘www.twitter.com’.
ii) Widespread attempts to disturb and prejudice religious harmony and insult Christianity with the malicious intention of outraging the religious beliefs of Christians.

.      1)  I am a member of the National Integration Council (NIC)of India, Secretary- General of the All India Christian Council and a past president of the All India Catholic Union. I have subscribed to the website twitter.com and use the medium to communicate with various people. I have been the subject of tremendous and vile abuse (both personal and religious in nature) on twitter, from various miscreants for a long time now. I regularly receive threats to my life and liberty and live under constant fear. Previously I made complaints to the concerned authorities, however, no action has been taken till date. 


.      2)  This campaign of abuse is directed not only at me but at the Christian community in general and there appears to be a deliberate and concerted attempt to prejudice religious harmony and hurt the sentiments of the Christian community and other Indians as well. 


.      3)  This campaign of vitriolic abuse, vilification and bigotry reached a crescendo on 12th September, 2015, when a sudden, unprovoked and large scale attack on me and the members of my community was launched on twitter by a large number of people. I am emphasizing with great pain that the abuse in question was directed not only at me but also the larger Christian Community. My personal telephone number was posted on twitter and the world at large was invited to threaten and abuse me on the phone. As soon as my number was released I began receiving threatening and abusive phone calls. I am not able to use my mobile phone now. 


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.      4)  The extent of abuse and threats faced by me can be gauged from the fact that within a few hours ‘shame on john dayal’ started trending. As you are aware sir, a ‘trend’ indicates that a large number of people are tweeting with the phrase which is trending. 


.      5)  Sir, as the screenshots attached by me will illustrate, I have been accused of selling my mother and have been the recipient of vile cuss words. Handles like @smartindianhere @tsukinorayko @vsreeniwas @sarcaism are a few out of many who have shamelessly abused me. @abdullah_0mar’s tweet claimed that I endorse rape. 


.      6)  Direct threats of harm to my life and liberty have been made. People tweeting from handles such as @ajaykamath1981 @dwivedi_ji12 tweeted saying that I must die, with the latter tweeting that the person who shoots me will be a patriot. People tweeting from the handles @damodarshenoy92 @kaandmasti
@joydeep1985 incited people to be violent with me. 


.      7)  Sir people tweeting from @prohindugirl @socialmediatbn @milind_singh @munendradwivedi @jagobharathjago @revolutionmonk went a step ahead and attacked my religion-Christianity. Previously, @abhijeetsinger who is a famous bollywood singer had tweeted that I should be hanged along with YakubMemon. Another person using the handle @anandks666 tweeted a threat to commit depraved crimes against my son and wife. I find it beyond my dignity to quote the tweets in question and the screenshots of the same have been attached for your convenience. 


.      8)  Sir, my reputation stands destroyed, my life is in danger. I live under fear for my life and liberty and more alarmingly there is a conspiracy underway to destroy religious harmony. A prima facie perusal of the tweets attached with this complaint reveals the commission, inter alia, of offences under sections 153(A), 295 (A), 499, 503, 505 and 507 of the Indian Penal Code and other enactments. 


.      9)  By the means of this complaint, I implore you to act against these dangerous people so that my life is protected and no further harm is caused to me or to religious harmony in general and such criminals are brought to book. 


Sincerely,
Dr. John Dayal
505 Link Apartments, 18 Indraprastha Extension, Delhi

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भाजपा विधायक ने पत्रकार को एनकाउंटर कराने की धमकी दे डाली

मध्य प्रदेश के धार में भाजपा विधायक वेल सिंह भूरिया की ओर से भरी सभा में पत्रकार को एनकाउंटर कराने की धमकी देने का मामला सामने आया है. धार में एक आम सभा में मौजूद नेताजी का गुस्सा उस वक्त उबल पड़ा जब एक पत्रकार ने उनके सामने कई सवाल रख द‌िए. पत्रकार के सवालों से तमतमाए विधायक ने उन्हें एनकाउंटर कराने की धमकी दे डाली। ये विधायक महोदय आरएसएस के कभी कार्यकर्ता रह चुके हैं.

पत्रकार ने जब किसानों को मुआवजा दिलाने संबंधी सवाल पूछा, तभी उनका पारा चढ़ गया. विधायक ने धमकी देते हुए कहा कि मैं अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकता हूं… यहां तक की कोई अगर शांति भंग करता है और समस्या पैदा करने वाले काम करता है तो उसका एनकाउंटर भी करा सकता हूं. विधायक ने कहा- मुझे लोगों ने इसलिए विधायक बनाया है ताकि मेरे जैसे शख्स का सम्मान आप सब कर सकें.

अपनी धमकी के तुरंत बाद ही विधायक को एहसास हो गया कि उसने कुछ गलत बोल दिया है जिसके बाद उसने मामले को संभालने की कोशिश की. उसने पत्रकार को कहा कि उसने जो सवाल पूछा गया है वह ठीक नहीं है. विधायक ने पत्रकार से कहा वे उन्हें पहचानते हैं लेकिन उनके साथ जो अन्य लोग खड़े हैं उन्हें वे नहीं पहचानते. उन्होंने कहा कि पत्रकार साथी ने सभा में मौजूद लोगों, जिनमें बच्चे तक हैं, के सामने जो सवाल पूछा है, उसके बारे में किसी सही जगह पर बात की जाएगी. उनके इसी बयान के दौरान किसी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया और सर्कुलेट कर दिया. बीजेपी विधायक का यह वी‌डियो आने पर मध्य प्रदेश के कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा है बीजेपी विधायक अपनी मर्यादा भूल गए हैं. जिन लोगों ने उन्हें विधायक बनाया उन्हीं को वो अब धमकी दे रहे हैं.

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वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार देसी हिन्दू उग्रवाद के निशाने पर

एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार को धमकाया जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी सिंह लिखते हैं – ”रवीश “रवीश” होने के नाते देसी हिन्दू उग्रवाद के निशाने पर हैं । अब तो बाक़ायदा ए के ४७ लगाकर उनको धमकाने के यत्न हो रहे हैं । हम असहमति के मुक़ाबले में हिंसा पेश करने के दौर दौरे की ओर हैं जैसा पाकिस्तान और बांग्लादेश में पहले से ही चल रहा है !”

रवीश कुमार ने अपने एफबी वाल पर लिखा है – ”मुझे देवी और माँ की तरह पूजी जाने वाली भारतीय महिलाओं के नाम से भारतीय संस्कृति वाली गालियाँ देने वालों में से एक की ये तस्वीर देखिये । आख़िर जब बंदूक है ही तो अच्छा भला चेहरा किससे छिपा रहा है । वैसे कोई भी पुलिस वाला यह बताता देगा कि बंदूक देखकर ही हम पकड़ते हैं न कि चेहरा ढंका देख छोड देते हैं । खैर नक़ली हो या असली मगर ये प्रोफ़ाइल तो सजीव है ही इसलिए सोचा कि आपका इनसे परिचय करवा दूँ । ये किस संविधान धर्म और मानवता का पालन कर रहे हैं इनकी प्रोफ़ाइल पर जाकर देखें । जय श्री राम या हिन्दुत्व कहने के लिए एक के 47 की क्यों जरूरत है । चेहरा छिपाकर जयश्रीराम क्यों कहना । वैसे ए के 47 का संबंध तो आतंकवाद से ही हो गया है क्या बंदूक इनके हाथ में आकर राष्ट्रवादी हो गई है । 

” जो लोग चुप हैं वो रहें । मुझे भारतीय और राष्ट्रीय संस्कृति वाली गाली दें ये कोई बड़ा मसला नहीं है लेकिन एक प्रतिभाशाली युवक को हिंसक राह से तो बचाया ही जा सकता है । इसे इतना तो बता दीजिये कि चेहरे से कपड़ा हटाकर बंदूक पर डाल दो !”

एफबी वाल से

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मीडिया कर्मियों से रिरिया भी रहे और धमका भी रहे, जयपुर भास्कर के संपादक एलपी पंत

जयपुर : दैनिक भास्कर जयपुर के संपादक एल पी पंत ने मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन नहीं देने पर अवमानना का केस करने वाले और अपने यहां काम करने वाले पत्रकार साथियों पर केस वापस लेने के लिए धमकाना शुरू कर दिया है। उनकी हरकतों से मीडिया कर्मियों में भारी रोष बताया जाता है।

पंत ने शनिवार रात को केस करने वाले कर्मचारियों को अपने चैम्बर में बुलाया। उनसे केस वापस लेने के लिए दबाव बनाया। साथ ही कहना नहीं मानने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दे डाली। पंत ने पहले तो सभी साथियो को अच्छा इन्क्रीमेंट और मजीठिया के अनुसार सैलरी दिलाने का वादा किया था, साथ ही आश्वासन दिया था कि केस करने वाले कर्मचारियों को तंग नहीं किया जाएगा। इसके बाद ही वे अपने वादे से मुकर गए और दो पत्रकार साथियो संजय सैनी और सुधीर शर्मा का जयपुर से बाहर रांची डेपुटेशन करवा दिया और केस करने वाले 21 कर्मचारियों को निलंबित करवा दिया था।  

पंत की दादागिरी के खिलाफ भास्कर के वरिष्ठ संपादक रामबाबू सिंघल ने इस्तीफा दे दिया था। अपनी इमेज ख़राब होती देख दूसरे संपादक स्तर के अधिकारी हबीब को इस्तीफा भेजने पर अपने चमचों के जरिेए हबीब को मनाया। उनकी नाराजगी दूर कर उन्हें प्रमोट किया था। 

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित

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हरियाणा न्यूज की मैनेजिंग एडिटर नवजोत सिद्धू को मिला धमकी भरा पत्र

हरियाणा के रीजनल न्यूज चैनल “हरियाणा न्यूज” की मैनेजिंग एडिटर नवजोत सिद्धू को किसी अझात शख्स ने एक धमकी भरा पत्र लिखा है. पत्र में उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है. साथ ही पत्र में लिखा गया है कि सच का आईना कार्यक्रम दिखाना बंद करो. इस कार्यक्रम के कारण हमारे आकाओं को होने लगी है तकलीफ. ये पत्र डाक के जरिए आया है. पत्र मिलने के बाद दिल्ली के हौज खास थाने में मामला दर्ज करवा दिया गया है.

 

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Report of the Press Council on threats to media in Telangana

The Report of three-member Committee consisting of Shri Rajeev Ranjan Nag as Convenor and S/Shri Krishna Prasad and K. Amarnath as Members constituted on 12.9.2014 by the Chairman, Press Council of India to probe threats to the media in Telangana following remarks reported to have been made by the Chief Minister of the State, Shri K. Chandrasekhar Rao, in Warangal City on 9th September, 2014 was adopted by the Council in its meeting held on 27.10.2014 at New Delhi. 

An open enquiry was made by the Committee with the journalists/Journalists’ Unions and State Government officers. On the basis of evidence and arguments at Hyderabad and Warangal, the Committee gave its findings and recommendations observing that no media person/house/journalist/journalist’s union denied that the Chief Minister had made the comments. They were of the firm opinion that the CM had deliberately and wilfully made these threats to browbeat the media so that it would not critically scrutinize his policies, programs and actions, and so that other media may fall in line, or else.

The Committee attempts to meet the CM of Telangana, the Chief Secretary and DGP to elicit their views on the points of reference made to the Committee was not successful.  While making general observation that those in public life and power politics to exercise restraint and behave in irresponsible and glacial manner, the Committee recommended that-

The PCI and the Government of India should impress upon the CM of Telangana state that blatant threats to the media and media personnel violates the oath of office he took to protect and defend the Constitution of India and follow the rule of law.

The CM of Telangana should be directed to restrain himself from making provocative statements against journalists or in saluting and supporting organizations which seek to limit the flow of information to the people, on the basis of nativity or domicile status.

The State Government of Telangana should be directed to take immediate action to create the conditions and atmosphere where free and fair journalism can be practiced by print and electronic journalists without fear of retribution by the State or the sword of ‘business terrorism’ by non-state actors.

All the cases registered against journalists for participating the protest actions should be withdrawn or fast tracked. Prompt action should be taken against the police official responsible for attacking the journalists and roughing up women journalists at Hyderabad and Warangal.  The photographers and videographers whose equipment was damaged during the police action should be compensated.

The State should not discriminate against the journalists on the ground of their nativity. 

The State Government should immediately take steps to enable MSOs to withdraw their illegal blackout of TV9 and ABN Andhra Jyothy in the interest of freedom of media and people’s right to know, as enshrined in the Constitution.

Print and electronic media organizations must put in place sterner mechanisms for greater editorial scrutiny of public interest journalist.
   
The Council, adopting the report decided to release in the public domain.

PR/3/14-15-PCI.

Dated: 27.10.2014.

Press Release

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