लूट प्रदेश कह लीजिए या आतंक प्रदेश, चहुंओर मातम का नाम है उत्तर प्रदेश…. (सुनें आडियो टेप)

Yashwant Singh : गजब है उत्तर प्रदेश. भ्रष्टाचार और अराजकता का चरम है इस सूबे में. मीडिया वाले सूबे के युवा मुखिया अखिलेश यादव का चरण दबाने में लगे हैं. ज्यादातर समाजवाद का कोरस गा रहे हैं. कुछ एक जो बोल सकते थे, वे चुप्पी साधे हैं. मीडिया मालिक यूपी सरकार के भारी भरकम विज्ञापन तले दबकर एहसानमंद हैं. इन मालिकों के नौकर किस्म के पत्रकार सरकार से अघोषित रूप से मिले कैश या आवास या दलाली या अन्य सुविधाओं के कारण सरकार के खुलेआम या छिपे प्रशंसक बने हुए हैं. ऐसे में सच्चाई सामने नहीं आ रही.

एक के बाद एक जघन्य घटनाएं हो रही हैं. इस सरकार का एक मंत्री अरबों रुपये के खनन घोटाले में लिप्त पाया गया है. जाहिर है, यह पैसा सिर्फ मंत्री तक ही नहीं पहुंचता है. यह बहुत उपर तक जाता है. उन तक भी पहुंचता है जो अपनी इमानदारी के सर्टिफिकेट भांड़ पत्रकारों से जारी करवाते हैं. उन नेताजी तक भी पहुंचता है जो समाजवाद का नाम ले लेकर कई दशकों तक यूपी की सत्ता की मलाई खाते व खिलाते रहे हैं. यूपी की सत्ता पर काबिज पूरा यादव खानदान भ्रष्टाचार का खुला खेल खेलने में जुटा है. इस खानदान ने लूट के लिए इलाके बांट लिए है. विभाग बांट लिए हैं. सब अपने अपने बीट-इलाके में लगे पड़े हैं. हर किसी को इस समवेत अर्हिनिश जारी लूटकांड के बारे में पता है लेकिन कोई नहीं बोल रहा. क्योंकि सब ओबलाइज्ड हैं या ओबलाइज फील करने में मगन हैं…

ऐसे में अगर यादव सिंह जैसे लुटेरे के मामले की सीबीआई जांच यह समाजवादी सरकार कतई नहीं चाहती तो कोई बड़ी बात नहीं. ऐसे में कोई सपा नेता अगर दरोगा को जीभ काट लेने की धमकी देता हो तो कोई बड़ी बात नहीं. यूपी के भीतर जाइए. आपको अराजकता, कुंठा, हताशा, लूट, दमन, शोषण, अत्याचार की नंगी लाइव कहानियां मिल जाएंगी, हर मोड़ पर, यत्र तत्र सर्वत्र. पर देश के प्रगतिशील हिप्पोक्रेट जाने कितनी मजबूरियां गिनाकर इन्हीं लुटेरे शासकों का सपोर्ट करते मिलेंगे. कहीं दूर दूर तक कोई विकल्प नहीं.

आम आदमी पार्टी ने कुछ उम्मीदें जगाई थीं लेकिन इसने अपना बेड़ा गर्क खुद कर लिया. यह पार्टी भी यसमैनों के एक गिरोह में तब्दील हो चुका है जो धीरे धीरे शिशु लुटेरों के रूप में प्रकट होगा और समय के साथ भयंकरतम वाले लुटेरों के स्तर पर पहुंच जाएंगे. यूपी में राजनीतिक हालात बेहद खराब हैं. जनता किस पर भरोसा करे. कोई नागनाथ तो कोई सापनाथ तो कोई बिच्छू कुमार. सबका काम जनता को लूटना और अपनी तिजोरी भरना है. ऐसी स्थिति में आइए, हम सब कुछ देर के लिए यूपी में फैले कुशासन के मातम पर मौन रख लें. सुनिए टेप… वाराणसी जिले के सिगरा थाने के लल्लापुर चौकी के दारोगा रामसरीख को समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष राज कुमार जायसवाल ने खुलेआम जीभ काटने की धमकी किस तरह दी…

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.


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