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सुख-दुख

ये है सिस्टम : पद्मभूषण राजन मिश्र को बेड न मिला पर अपराधभूषण छोटा राजन को बेड मिलने में कोई दिक़्क़त न आई!

Prem Shankar Mishra-

पद्मभूषण राजन मिश्र को किसी साधारण अस्पताल तक में न सही, “अपराध भूषण” छोटा राजन को तत्काल सेवा से देश के सबसे बड़े अस्पताल में दिल्ली के “एम्स” में बेड मिल गया।

न कोई SOS कॉल, न ट्वीट न गुहार।

किसी भी शहर के क़ातिल बुरे नहीं होते
दुलार करके हुकूमत बिगाड़ देती है।

जे सुशील-

सिस्टम के बारे में कुछ समाचार… दिल्ली में जजों ने अपने लिए कोविड सेंटर खोलने का फरमान जारी किया है. अशोका होटल कोविड सेंटर में बदलेगा सिर्फ जजों के लिए. (ये कोलेजियम सिस्टम है)

भारत से कई करोड़पति प्राइवेट जेट में बैठकर ब्रिटेन और दुबई आ गए हैं. ये विमान देर रात लैंड हुई क्योंकि ब्रिटेन ने भारत से लोगों के आने पर रोक लगा दी है. (ये पूंजीवादी सिस्टम है)

एम्स में काम कर चुके एक डॉक्टर ने कहा है कि उनके पिता जो एयर फोर्स में काम कर चुके हैं उनके लिए बिस्तर नहीं मिल रहा है. ट्वीट करने के बाद जब उनका ट्वीट वायरल हुआ तो एक बिस्तर मिला है. इस डॉक्टर के अनुसार एम्स में कई बिस्तर राजनेताओं के लिए बचा कर रखे गए हैं. (ये राजनीतिक सिस्टम है)

ऑस्ट्रेलिया के एक क्रिकेटर (जो राजस्थान रॉयल से खेलते हैं) ने पूछा है कि जब भारत में लोगों को ऑक्सीजन, बेड और दवाएं नहींं मिल रही हैं तो आईपीएल में इतना पैसा क्यों लगाया जा रहा है. (ये सवाल वाला सिस्टम है)

अमेरिका में पिछले साल कुछ ऐसा ही हाल था जैसा अभी भारत का है लेकिन ऐसे हाल में भी कभी दवाएं मंहगी नहीं हुई और न ही किसी ने दस रूपए की दवा के लिए बीस हज़ार रूपए मांगे. एकाध अपवाद हुए हों तो हुए हों. (ये अमेरिकी सिस्टम है)

फिलहाल अमेरिका में दो से ढाई लाख लोगों के बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने पहला डोज़ लेने के बाद दूसरा डोज़ नहीं लिया है और ये चिंता का विषय है.

अगले महीने तक इस देश की लगभग अस्सी प्रतिशत आबादी टीका ले चुकी होगी.

अमेरिका में अब कोरोना नियंत्रण में है और हर दिन करीब पचास हज़ार मामले आ रहे हैं लेकिन मौतें बहुत कम हैं. ये नंबर दिखने में ज्यादा लग रहा है लेकिन यहां टेस्टिंग बहुत अधिक होती है और हो रही है लगातार.

सिस्टम संबंधी समाचार समाप्त हुए.

अब सुझाव-

चूंकि मैं डॉक्टर नहीं हूं इसलिए सिर्फ यही सुझाव रहेगा कि ज़रूरत न हो तो घर से न निकले. निकलना ही पड़े तो डबल मास्क लगा कर निकलें. नाक और मुंह अच्छी तरह ढंके. अगर कपड़ा बांध रहे हों तो घर आकर उस कपड़े को धो लें.

कोरोना हो जाए तो जूस पिएं, खिचड़ी खाएं. आराम करें. तनाव न लें. जब तक बहुत ज़रूरी न हो अस्पताल न जाएं. बुजुर्गों का ख्याल रखें.

फेसबुक पर अनाप शनाप सलाह देने वालों की घटिया पोस्टें इग्नोर करें. डबल्यू एच ओ की वेबसाइट से जानकारी लें.

चेतावनी-

पॉजिटिव खबरों की बात करने वाले लोग अपने पोस्टों में पॉजिटिव बात करें. अपने पोस्टों में दूसरों को अधिक ज्ञान न दें वर्ना ट्रोल किया जाएगा.

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