दयाशंकर शुक्ल सागर को तीसरा कुलिश अवार्ड देंगे राष्ट्रपति

इलाहाबाद “हिन्दुस्तान” के संपादक दयाशंकर शुक्ल सागर के नेतृत्व में “हिन्दुस्तान टीम” को इस साल के “केसी कुलिश अवार्ड फार एक्सिलेंस इन जर्नलिज्म” के लिए फिर चुना गया है। यह अवार्ड ‘अंधे दलित का दर्द’ नाम की उस समाचार श्रृंखला के लिए दिया जा रहा है जिसमें अखबार के प्रयास से एक दलित परिवार को इंसाफ मिला। इससे पहले श्री शुक्ल को ‘इस आतंकवादी की खता क्या है और ‘फर्जी खाते बना कर करोड़ों की लूट नाम की समाचार श्रृंखला पर दो बार केसी   कुलिश अवार्ड से नई दिल्ली में नवाजा जा चुका है।

सोशल मीडिया के उपयोग पर सेबी देगा दिशा-निर्देश

सेबी पूंजी बाजार में सोशल मीडिया के दुरुपयोग की आशंका दूर करने के लिए दिशा-निर्देश बनाने पर काम कर रहा है ताकि निवेशकों के हितों की रक्षा की जा सके। सेबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि टि्वटर और फेसबुक जैसी साइटों की लोकप्रियता बढ़ने के साथ दुनियाभर के पूंजी बाजार नियामक संपूर्ण रख को समझने एवं खुफिया जानकारी हासिल करने के लिए इस तरह के टूल का इस्तेमाल करने की संभावना तलाश रहे हैं।

रावण जी की आज पुण्यतिथि है

Yashwant Singh :  रावण जी की आज पुण्यतिथि है. इस मौके पर मैं रावण को सादर नमन करता हूं. रावण को मैं असली योद्धा मानता हूं. आपने झुकने या टूटने की जगह अंतिम दम तक लड़ाई लड़ना पसंद किया और लड़ते हुए प्राण त्यागने को अपना गौरव समझा. कायरों की इस दुनिया में जिनकी थोड़ी-थोड़ी, छोटी-छोटी बातों से फट जाती है, उन्हें रावण से सबक लेना चाहिए कि हर हालत में, चाहें भले ही हार सुनिश्चित हो, मौत तय हो, आपको अपने साहस के साथ डटे रहना चाहिए… रावण ने अपने परिजन शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए आखिरी दम तक लड़ाई लड़ी…

‘आपकी अदालत’ में केजरीवाल ने यशवंत देशमुख को आरएसएस का एजेंट कहा!

Manish Kumar : आज बहुत दिनों के बाद इंडिया टीवी पर आप की अदालत देखा. अरविंद केजरीवाल आज कटघरे में था. इस कार्यक्रम में क्या हुआ उसका कुछ अंश नीचे लिख रहा हूं… अरविंद ने आज देश को बताया कि कुछ दिन पहले टीवी चैनलों पर जितने भी सर्वे हुए वो एक "स्कैम" था, जिसमें 5 टीवी चैनल शामिल थे. लेकिन आदतन, उसने कोई सबूत नहीं दिया.

‘हिंदुस्तान’ ने खबर छापी है कि मैंने अपने विरोधियों को धमकी दी है : कंवल भारती

Kanwal Bharti : 'हिंदुस्तान' ने खबर छापी है कि मैंने अपने विरोधियों को धमकी दी है. मैं 'हिंदुस्तान' का आभारी हूँ कि उसने मुझे अपनी गलती का अहसास कराया. दरअसल मैं खुद इस बात को लेकर दुखी हूँ कि मेरे जो मित्र कल तक मेरे साथ खड़े थे, आज वे मेरे इस कदर विरोधी हो गये हैं कि तीखी आलोचना के साथ-साथ तीखे व्यंग्य-बाण भी चला रहे हैं. वे मेरे संकट के साथी हैं, उनकी आलोचनाओं को मैं अपने लिए चुनौती समझता हूँ और शीघ्र ही यह साबित भी हो जायेगा कि मैं अपने आन्दोलन से जरा भी विचलित नहीं हुआ हूँ.

राजेंद्र यादव प्रकरण पर हिंदी पट्टी में इतना गहरा सन्नाटा देख विभूति छिनाल प्रसंग याद आता है

Samar Anarya : राजेन्द्र यादव के घर में कार्यरत एक व्यक्ति द्वारा एक युवा लेखिका का अशालीन वीडियो बना लिए जाने की और उसे सार्वजनिक कर दिए जाने की धमकी दी जाती है और लेखिका के शिकायत करने पर राजेन्द्र जी सुबह बात करने की बात करते हैं. तमाम प्रयासों के बाद अंततः जब बात होती है त उनके समे उस लड़की पर यौन हमला होता है, उसके कपड़े फाड़े जाते हैं और जब वह पुलिस बुलाने की कोशिश करती है तो राजेन्द्र यादव पहले पुलिस को वापस फोन कर न आने की सलाह देते हैं आर फिर आ जाने पर शराब की रिश्वत दे कोशिश करते हैं कि मामला दब जाय.

पत्रकार मयंक सक्सेना और रंगकर्मी इला जोशी की लखनऊ में आज शादी है

Yashwant Singh : एक पत्रकार और दूसरा रंगकर्मी. दोनों ने अपने अपने क्षेत्र को जन सरोकार से जोड़ा और जिया. अन्ना का आंदोलन हो या दामिनी कांड के खिलाफ जन उभार, आपदाग्रस्त इलाकों में राहत हो या आम आदमी का दुख-सुख.. हर एक जगह ये दोनों पूरे दमखम के साथ मौजूद रहे और एक बड़ी टीम को अपने साथ जोड़कर नेतृत्व किया… ढेर सारे मुश्किल दुख झेले देखे इनने.. लेकिन अपने जिद, जुनून और जज्बे को कायम रखा, आगे बढ़ते रहे…

कसीनो वाले से सत्तर हजार वसूलते हुए टीवी रिपोर्टर गिरफ्तार, पढ़ें पुलिस को सौंपा गया माफीनामा

कल मुक्तसर में एक टीवी रिपोर्टर को कसीनो लाटरी वाले से पैसा लेते रंगे हाथों पुलिस ने पकड़ा. इनका नाम है कुलविंदर ग्रोवर. ये बठिंडा के रहने वाला हैं. कल मुक्तसर में  कसीनो लाटरी की चलती दुकानों पर ये कैमरा ले कर पहुंच गए और बोला कि पैसे दो अन्यथा आपकी खबर चला देंगे. इसने एक लाख की मांग की और सौदा 70 हज़ार में हो गया. मौके पर ही 35 हज़ार दे दिया गिया. बाकी के पैसे एक घंटे बाद देने थे.

एक ही मंडप में हुआ निकाह व सात फेरों की रस्म

बाराबंकी। देवा महादेवा की सरजमी पर भारतीय किसान यूनियन के सहयोग से एक ही स्थल पर निकाह और अग्नि के समक्ष सात फेरे लगाकर विवाह का कार्यक्रम अपने आप में एक सम्प्रदायिक सौहार्द का मिसाल बन गया। आज हुए एक साथ चार निकाह और 122 विवाह के बाद मुस्लिमों के साथ हिन्दू भाइयों में एक प्यार मोहब्बत का नया जोश दशहरा और बकरीद के त्यौहारों से पूर्व देखने को मिला।

दाऊद को लेकर जो काम भारतीय पत्रकार न कर सके, वो इटली के पत्रकारों ने कर दिखाया

नई दिल्ली। इटली के दो पत्रकारों ने वो काम कर दिखाया जिसे दरअसल भारतीय पत्रकारों को करना चाहिए था. यह काम है दाऊद इब्राहिम से संबंधित कुछ नए खुलासों को लेकर. इन नए खुलासों के बाद से पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हो गया है. इटली के दो खोजी पत्रकार प्रैंसेसका मरीनो और बेनियामो नटाल ने वर्षों की खोजी पत्रकारिता और सूबतों के आधार पर ने अपनी किताब `एन एनाटॉमी ऑफ द वर्ल्डस मोस्ट डेंजरस नेशन’ में दाऊद को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे किये हैं.

‘बिहार में पत्रकारिता का इतिहास’ किताब में कई अच्छी व नई जानकारियां

पटना : इतिहास के पन्ने में झांके तो बिहार के सासाराम का महत्व शेरशाह सूरी के दौर से शुरू होता है। लेकिन आजादी आजादी लड़ाई और उस दौर की पत्रकारिता में भी इस शहर ने अपनी पहचान को नये सिरे से स्थापित किया। भाषाई पत्रकारिता के इतिहास में यह बात अत्यंत महत्वपूर्ण है कि बिहार में पहला प्रिंटिंग प्रेस पटना में न होकर एक छोटे -से स्थान सासाराम में था। आरा से प्रकाशित होने वाले एक उर्दू अखबार यही से छप कर जाता था। यह बात एक शोध पर आधारित पुस्तक में आई है। पुस्तक का नाम है–बिहार में पत्रकारिता का इतिहास।

कंवल भारती तो पांच दिन में ही कांग्रेस के कमलापति त्रिपाठी बन गए!

: आने के ही साथ जगत में कहलाया 'जानेवाला' : अरे यह क्या? कंवल भारती तो कांग्रेस में अपने पांच दिन की आयु में ही कमलापति त्रिपाठी बन गए। चिट्ठी लिखने लग गए। वह भी फ़ेसबुक पर। आप को याद ही होगा कि जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे तब कमलापति त्रिपाठी को कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष तो बना दिया था पर उन्हें पैदल करने के लिए उन्हों ने अर्जुन सिंह को उपाध्यक्ष बना कर सारे अधिकार उन्हें ही थमा दिए था। सो कमलापति त्रिपाठी ने कांग्रेस में बाकी जीवन राजीव गांधी को चिट्ठी लिखते हुए ही बिताया था।

हिंदुस्तान विज्ञापन घोटाला : शोभना भरतिया के एसएलपी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई ग्यारह नवंबर को

बिना आरएनआई के बिहार में कई एडिशन प्रकाशित करने और इस अवैध एडिशनों में झूठे दस्तावेजों के आधार पर सरकारी विज्ञापन लेकर छापने व इसके जरिए करोड़ों-अरबों रुपये का गड़बड़-घोटाला करने के आरोपियों में से एक हिंदुस्तान अखबार की मालिकन शोभना भरतिया के स्पेशल लीव पेटिशन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई ग्यारह नवंबर को होगी. इस विज्ञापन घोटाले का खुलासा बिहार के पत्रकार श्रीकृष्ण प्रसाद समेत दो-चार लोगों ने किया और हिंदुस्तान प्रबंधन के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं. इस प्रकरण के बारे में श्रीकृष्ण प्रसाद की ये रिपोर्ट पढ़ें…

भास्कर का स्टेट हेड इतना डरा कि घर छोड़ने कई पत्रकारों को जाना पड़ा

पानीपत में ब्यूरो चीफ से सीनियर रिपोर्टर बने अजय राजपूत ने स्टेड हैड शिवकुमार विवेक पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। वाकया बुधवार का है। हुआ यूं कि सीनियर रिपोर्टर अजय राजपूत का फोटोग्राफर हैप्पी बुद्धी राजा से फोटो को लेकर कहासुनी हुई। बीच में ब्यूरोचीफ निशांत ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने फोटोग्राफर का फेवर लेते हुए राजपूत को उल्टा-सीधा कहना शुरू कर दिया। न्यूज रूम में हंगामा मचने पर स्टेड हैड शिवकुमार विवेक ने अजय राजपूत को अपने केबिन में बुलाकर हड़काना शुरू कर दिया।

पत्रकार विक्रम राव की पुस्तक ‘न रुकी, न झुकी यह कलम’ का मुलायम और अखिलेश ने किया विमोचन

'श्रमजीवी पत्रकारों को अधिक संख्या में पुस्तकें लिखनी चाहिए ताकि जनसाधारण का ज्ञान और बढ़े।' लोहिया पार्क में एक सार्वजनिक सभा में पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव तथा उ.प्र. के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पत्रकार के. विक्रम राव की पुस्तक 'न रुकी, न झुकी यह कलम' का लोकार्पण करते समय यह सुझाव दिया। अनामिका (दिल्ली) द्वारा 45 लेखों का यह संग्रह विभिन्न राष्ट्रीय दैनिक में छपी रचनाओं का संकलन हैं। इसमें विविध विषयों पर विचारोत्तेजक लेख हैं।

भोपाल : गोपाल बाजपेयी ने भास्कर छोड़ा, अजय द्विवेदी ने ‘दबंग दुनिया’ ज्वाइन किया

दैनिक भास्कर, भोपाल से खबर है कि डिप्टी न्यूज एडिटर गोपाल स्वरूप बाजपेयी ने रिजाइन कर दिया है. उन्होंने इस बारे में प्रबंधन को एक महीने का नोटिस थमा दिया है. गोपाल बाजपेयी दैनिक भास्कर के सिटी डेस्क इंचार्ज के रूप में करीब पौने तीन साल से तैनात थे. वे रिपोर्टिंग व डेस्क दोनों कंट्रोल करते थे.

फीका रहा ‘जिया न्यूज’ का शुरुआती प्रदर्शन, चुनावों तक चैनल चलने की उम्मीद

'जिया न्यूज' नामक जो चैनल पिछले दिनों लांच किया गया, उसका शुरुआती प्रदर्शन काफी फीका बताया जाता है. चैनल कई जगहों पर दिखाई नहीं दे रहा. चैनल का कंटेंट, लेआउट और प्रजेंटेशन बेहद सामान्य सा है. न्यूज चैनलों के बीच जबरदस्त आपसी होड़ के बीच 'जिया न्यूज' का टोटल फील ऐसा नहीं है कि कहा जा सके- यह चैनल कुछ अलग और आक्रामक करता दिख रहा है. चैनल के अंदरखाने कई पावर सेंटर भी हैं जिसकी वजह से इंटरनल पालिटिक्स भी शुरू हो गई है.

‘न्यूज100’ नाम से लांच होगा न्यूज चैनल, मनोज कुमार श्रीवास्तव वाइस प्रेसीडेंट

विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनाव को देखते हुए अखबार, मैग्जीन, चैनल लांच करने की होड़ मची हुई है. भड़ास के पास आई एक सूचना के मुताबिक नोएडा से चौबीसों घंटे का एक न्यूज चैनल शुरू होने जा रहा है. नाम है 'न्यूज100'. जो मीडिया कंपनी इस चैनल को लांच कर रही है वो एक आडियो-विजुवल समाचार एजेंसी एआईएनएस भी संचालित करती है.

करनाल से ‘भारतीय राजनेता’ मैग्जीन शुरू कर रहे हैं मयंक जोगी

'भारतीय राजनेता' नाम से जल्द ही एक पत्रिका शुरू हो रही है जो पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गोवा, जम्मू व कश्मीर, दिल्ली, चंडीगड़, गुजरात व पश्चिम बंगाल राज्यों में प्रसारित होगी. यह पत्रिका हरियाणा के करनाल से प्रकाशित की जाएगी. इस पत्रिका के मुख्य संपादक मयंक जोगी हैं.  अभी करनाल में इसका मुख्यालय बनाने का काम चल रहा है जो इस माह के अंत तक पूरा हो जायेगा.

श्रम आयुक्त ने एचआर मैनेजर से पूछा- तुमको एचआर से न्यूज लिखने वाले डिपार्टमेंट में लगाया जाय तो क्या तुम कर पाओगे?

यशवंत जी नमस्कार, आपने जो न्यूज लगायी है वो बहुत ही अच्छी है. इसकी तारीफ मीडिया से जुड़े सभी कर्मचारी कर रहे हैं. मजीठिया वेज बोर्ड की अगली सुनवाई 24.10.2013 को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली है इसलिए हिन्दुस्तान मीडिया मैनेजमेंट शैतानों की तरह व्यवहार कर रहा है. हम सभी चारों कम्प्लेन करने वाले कर्मचारी अंजनी कुमार, पारस नाथ शाह, नवीन कुमार, संजय दूबे और मैनेजमेंट की तरफ से एचआर मैनेजर संजीव सिन्हा को अतिरिक्त श्रम आयुक्त श्री प्रदीप श्रीवास्तव ने बुलाकर मैनेजमेंट को ये निर्देश दिया कि इन लोगों को सितम्बर माह की सेलरी तत्काल दी जाय. इसके बाद भी मैनेजमेंट ने अभी तक सेलरी नहीं दी है.

पत्रकार की पुलिसिया पिटाई को लेकर प्रेस काउंसिल ने सात अफसरों को तलब किया

यूपी के सुल्तानपुर जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में 25 फरवरी को कवरेज के दौरान एक हिंदी दैनिक अख़बार के फोटोग्राफर की पुलिस पिटाई के मामले में भारतीय प्रेस परिषद् ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव समेत सात अधिकारियों को 29 अक्टूबर को नई दिल्ली तलब किया है.

वरिष्ठ टीवी पत्रकार विनोद कापड़ी ‘मिस टनकपुर हाजिर हो’ फीचर फिल्म बना रहे

वरिष्ठ टीवी पत्रकार विनोद कापड़ी जल्द ही एक फीचर फिल्म लेकर सामने आने वाले हैं,  फिल्म का टाइटल होगा 'मिस टनकपुर हाजिर हो'. ये एक ट्रेजडी से भरी कॉमेडी फिल्म है. विनोद के मुताबिक फिल्म एक सच्ची घटना पर आधारित है, जो कि सिस्टम के एक बड़े सच से पर्दा उठाएगी. फिल्म को राजधानी दिल्ली के नजदीक उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में 40 दिनों के अंदर शूट किया जाएगा.

जब शूर्पणखा नाक कटाने से पहले भाग गई

साल 2000 का दशहरा मनाने के बाद हमारी मंडली को रामलीला करने का खयाल आया। उन दिनों गांवों में टीवी की ज्यादा पहुंच नहीं थी, इसलिए रामलीला, स्वांग और इसी तरह के आयोजन मनोरंजन का बड़ा माध्यम थे। आखिरकार हमारी मित्र मंडली ने फैसला किया कि इस बार हम रामलीला का मंचन करेंगे। इस बात का पूरा ध्यान रखा गया कि इस बारे में ज्यादा प्रचार नहीं किया जाएगा, क्योंकि हमारे पात्रों की यह पहली ही रामलीला थी।

देखो मुझे, महाप्रतापी महिषासुर की वंशज हूं मैं

विजयादशमी, दशहरा या नवरात्रि का हिन्दू धार्मिक उत्सव, असुर राजा महिषासुर व उसके अनुयायियों के आर्यों द्वारा वध और सामूहिक नरसंहार का अनुष्ठान है। समूचा वैदिक साहित्य सुर-असुर या देव-दानवों के युद्ध वर्णनों से भरा पड़ा है। लेकिन सच क्या है ? असुर कौन हैं? और भारतीय सभ्यता, संस्कृति और समाज-व्यवस्था के विकास में उनकी क्या भूमिका रही है? इस दशहरा पर, आइये मैं आपका परिचय असुर वंश की एक युवती से करवाता हूं।

जादूगोड़ा चिटफंड घोटाला : प्रशासन कर रहा है लगातार कार्रवाई का दावा पर नतीजा शून्य

प्रिय यशवंत जी, बहुत दुःख एवं आश्चर्य के साथ बताना चाहता हूँ कि जादूगोड़ा में चिटफंड संचालकों द्वारा अरबों लेकर भाग जाने के लगभग पन्द्रह दिनों बाद भी अभी तक पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी है, ना तो संचालक पकड़े गए हैं और ना ही उनके एजेंटों के ऊपर कोई पुलिसिया कार्रवाई हुई है. चिटफंड संचालकों के ऑफिस, घर, माल, होटल, रेस्टोंरेंट, ( संचालकों के २३/०९/२०१३ से भाग जाने के बाद सभी बंद पड़े हैं ) किसी को भी सील नहीं किया गया है और न ही कोई कागजात जब्त किया गया है. 

 

अवधेश आकोदिया के संपादन में ‘राजस्थान सम्राट’ रीलॉन्च

जयपुर। 1982 से प्रकाशित पाक्षिक समाचार पत्र 'राजस्थान सम्राट’ का नया रूप सामने आया है। वरिष्ठ पत्रकार अवधेश आकोदिया ने इसे रीलॉन्च किया है। अब तक 8 पेज के टेबलायड अखबार के रूप में प्रकाशित हो रहे 'राजस्थान सम्राट’ का नया अंक मैगजीन के रूप में सामने आया है। पत्रिका की कवर स्टोरी वसुंधरा राजे के बदले हुए व्यवहार पर केंद्रित है। गौरतलब है कि राजस्थान की राजनीति में सक्रिय होने से लेकर अब तक राजे के व्यवहार में काफी परिवर्तन आए हैं।

अखिलेश, आज़म को दंगा पीआईएल में सुप्रीम कोर्ट नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरनगर दंगों के सम्बन्ध में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर, रविन्द्र राजौरा तथा वी द पीपल द्वारा इलाहाबाद हाई कोर्ट की इलाहाबाद और लखनऊ बेंच में दायर पीआईएल को अपने यहाँ स्थानांतरित करने के बाद इस सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कैबिनेट मंत्री आज़म खान को नोटिस जारी किया है.

देवालय आस्था का प्रतीक है और शौचालय मूल आवश्यकता है : राजनाथ सिंह

न्यूज24 पर 'आमने-सामने' कार्यक्रम में अनुराधा प्रसाद (एडिटर इन चीफ) के साथ खास बातचीत में बीजेपी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी देश के किसी भी कोने से चुनाव लड़ सकते हैं। अब ये फैसला नरेंद्र मोदी को करना है कि वो कहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं। बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है कि नरेंद्र मोदी बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार है और उनकी लोकप्रियता को देखते हुए अब ये मोदी को तय करना है कि वो कहां से चुनाव लड़ेंगे।

दैनिक जागरण, नोएडा के ब्यूरो चीफ कुमार संजय का इस्तीफा, मनोज त्यागी को प्रभार

दैनिक जागरण से खबर है कि नोएडा के ब्यूरो चीफ कुमार संजय का इस्तीफा हो गया है. सूत्रों का कहना है कि दैनिक जागरण, एनसीआर के एडिटर विष्णु त्रिपाठी और नोएडा ब्यूरो चीफ कुमार संजय के बीच किसी बात को लेकर गर्मागर्म बहस हुई. इस बहस के बाद कुमार संजय ने आफिस जाना बंद कर दिया. अब सूचना आ रही है कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है. उनकी जगह मनोज त्यागी को नोएडा का नया ब्यूरो चीफ बनाया गया है.

उज्जवल भट्टाचार्या को लखनऊ प्रेस क्लब में 14 अक्टूबर की शाम 4 बजे सुनिए

Siddharth Kalhans : सशक्त रचनाकार, कवि, कई बेहतरीन अनुवाद करने वाले रेडियो पत्रकार उज्ज्वल भट्टाचार्य इन दिनों लखनऊ में हैं। बीते 30 सालों से जर्मनी में रह रहे उज्ज्वल दा रेडियो डायचे वैले में कई दशक तक काम कर चुके हैं। लखनऊ श्रमजीवी पत्रकार यूनियन उज्ज्वल जी के साथ एक शाम उनसे बातचीत और सुनने का कार्यक्रम रखा है। तारीख 14 अक्टूबर समय शाम 4 बजे प्रथम तल हाल में।

शरद यादव ने बताया महिला पत्रकार को ‘खूबसूरत’

भोपाल : राजग संयोजक एवं जनता दल (यू) अध्यक्ष शरद यादव ने मंगलवार को भोपाल की एक महिला पत्रकार को उस समय ‘खूबसूरत’ बता दिया, जब उसने उनसे पूछा कि बिहार एवं मध्यप्रदेश में कौन बेहतर प्रदेश है।

आपदा के बाद ईटीवी, उत्तराखंड को बहुगुणा सरकार ने पौने दो करोड़ रुपये दिए

: आपदा से कराह रहा था उत्तराखंड, विजय बहुगुणा एंड कंपनी मीडिया मैनेज कर रही थी : कर्णप्रयाग : उत्तराखंड में 15, 16 जून को आई भारी बारिश ने उत्तराखंड की विजय बहुगुणा की सरकार के आपदा प्रबंधन के दावों की पोल खोल कर रख दी. स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया लचर आपदा प्रबंधन और उत्तराखंड सरकार द्वारा लागू किए गए विनाशकारी विकास की खबरों के साथ राज्य सरकार पर टूट पड़ा. खोज, राहत और बचाव का अभियान शुरू हुआ और धीरे-धीरे मीडिया की सरकार के प्रति तल्खी भी कुछ कम पड़ने लगी. समाचार पत्रों में उत्तराखंड की सरकार की अपील और उपलब्धियां भी दिखनी शुरू हो गयी. स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया के नर्म सुरों से लगा की सरकार ने अपनी लापरवाही से सबक सीखते हुए व्यवस्था को चाक-चौबन्द करना शुरू कर दिया है.

48वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार तेलुगु कथाकार डॉ. रावूरि भरद्वाज को

नयी दिल्ली : साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारतीय ज्ञानपीठ का वर्ष 2012 का ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ तेलुगु के सुप्रसिद्ध कथाकार डॉ. रावूरि भरद्वाज को नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय सभागार, नयी दिल्ली में सुप्रसिद्ध सरोदवाद· उस्ताद अमजद अली खाँ के कर कमलों द्वारा प्रदान किया गया.

अंग्रेजी बनाम देशी पुस्तक

आज के युग में इंटरनेट सूचना प्रसार का सबसे बड़ा, लोकप्रिय और सशक्त माध्यम है। वर्तमान युग में इंटरनेट पर किसी भी सूचना को आसानी से प्राप्त करने के अवसर सुलभ हैं। नेट पर पुस्तकें, पत्रिकाएं और समाचार पत्र भी आसानी से पढ़े जा सकते हैं। माना जाता है कि नेट की वजह से आज पुस्तकों के पाठकों की संख्या कम हो गयी है लेकिन यह देखा गया है कि प्रायः प्रिंट माध्यम के पाठक और इंटरनेट के पाठक अलग-अलग होते हैं। जो लोग पुस्तक खरीद कर पढ़ने में रुचि रखते हैं उन्हें इंटरनैट पर उपलब्ध मूल्यरहित सामग्री भी अच्छी नहीं लगती और वे पुस्तक खरीदकर ही पढ़ते हैं।

‘जानेमन जेल’ से मुझे कैदी और बंदी के बीच का फर्क समझ आया

Dev Gupta : 'जानेमन' का इंतजार था, पर इजहार करने में इंतहा हो गयी….. 'जानेमन' को आनलाइन मंगाने के बाद पढ़ने के लिए बेसब्री से इंतजार था। 'जानेमन' के मिलने की डेट 20 अगस्त के बाद तय थी, न मिलने पर फोन भी किया तो तकनीकी कारण का पता चला। 22 को किताब मिल गयी। भेजने वाले शख्स शैलेष भारतीय का धन्यवाद करने के बाद पढ़ना शुरू किया। पत्रकारिता करते हुए पढ़ना था तो अपना मनपसंद समय निकाला रात का। तीन दिनों में पूरी किताब पढ़ ली।

उत्तराखंड में सूचना निदेशालय का बड़ा घोटाला : चोर को कहा चोरी कर कोतवाल को कहा जागते रहो

देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार की नाक के नीचे जो हो जाए वह कम है। यहां थानेदार को ही चोरी करने का पूरा मौका दे दिया जाता है। राज्य में आई  भीषण आपदा के बाद से ही राज्य का सूचना एंव लोक संपर्क विभाग सुर्खियां बटोरता रहा है। आपदा प्रभावित लोगों को प्रभावी विस्थापन के बजाय मुख्यमंत्री इस विभाग का सदुपयोग पूरे देश के मीडिया संस्थानों को विज्ञापन बांटकर अपनी छवि सुधारने का नाकाम प्रयास करते रहे हैं। हाल ही में खुलासा हुआ कि यह चर्चित विभाग मुख्यमंत्री के इशारे पर 90 करोड़ रुपए से अधिक के विज्ञापन और न्यूज डायरी के नाम पर बांट चुका जिसकी चर्चा पूरे देश में है ।

उत्तराखंड में विजय बहुगुणा की उल्टी गिनती शुरू!

उत्तर प्रदेश से अलग होने के बाद गुजरिश्ता १३ सालों में उत्तराखंड राज्य में ७ मुख्यमंत्री बन चुके हैं और एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सत्ता के गलियारों से ताजा हवा निकल रही है। लगातार मीडिया में सुर्खियां बन रहे इस मुददे पर मुख्यमंत्री कैंप का मौन, यह बताने के लिए काफी है कि नेतृत्व परिवर्तन का यह धुंआ बिना आग के हवा में यों ही नहीं तैर रहा है। दरअसल मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की ताजपोशी के बाद से ही विरोध के सुर तेज हो गये थे, किसी तरह एक साल पूरा हो पाया था कि जून मध्य में आये जल प्रलय ने सरकार को हिला दिया। हालांकि शुरूआती हीलहवाली के बाद राहत व बचाव कार्य तो कर दिया गया लेकिन इस दौरान सरकार की जो भूमिका रही, वो आपदा के पहले दिन से ही सवालों के घेरे में घिरी रही।

जनता का पैसा और सिस्टम का नाकारापन

भारत सरकार पर जनता के पैसे को खर्च करने की जिम्मेवारी होती है, जिसे वह अनेक प्रकार के टैक्स के रूप में जनता से वसूल करती है. केंद्र तथा राज्य सरकारें मिलकर एक साल में लगभग 15 से 16 लाख करोड़ रुपये खर्च करती हैं, जिसमें 60 प्रतिशत केंद्र द्वारा तथा 40 प्रतिशत राज्यों द्वारा खर्च होता है. इस पैसे का लेखा-जोखा (audit) रखने की जिम्मेवारी Comptroller and Auditor General (CAG, कैग) पर होती है.

जयप्रकाश बाबू होते तो इन समाजवादी नेताओं को देख उन्हें रोना आता

''संपूर्ण क्रांति अब नारा है, भावी इतिहास हमारा है'' कौन दिया था यह नारा? 1974 में जेपी के नेतृत्व में संपूर्ण क्रांति की ज्योति बिहार में जल रही थी। इसी ज्योति में कई छात्र नेता नेतागिरी का ककहरा सीखने में लगे थे। ककहरा सीखने में लालू यादव सबसे आगे थे। पटना विश्वविद्यालय में छात्रसंघ के अध्यक्ष थे  लालू यादव। सुशील मोदी महासचिव व रविशंकर प्रसाद संयुक्त महासचिव थे। इसके अलावा रामविलास पासवान, नीतिश कुमार, राजीव प्रताप रूडी, नरेंद्र सिंह, मंगनी लाल मंडल, रामजीवन सिंह, शिवानन्द तिवारी… ये सभी छात्र राजनीति की धारा में आ कर राजनीति का पाठ पढने में जुटे थे। लालू यादव,रामविलास पासवान,सुशील मोदी व नीतिश  कुमार ने अपने अपने स्तर से राजनीतिक स्पेस खोजकर अपनी पहचान बनाई। नब्बे के द्शक में लालू यादव पिछड़ी जाति के मसीहा बनकर सामने आए।

तानाशाही के खिलाफ एक अभियान थी संपूर्ण क्रांति की पूरी संकल्‍पना : प्रो. मनोज कुमार

वर्धा : लोकनायक जयप्रकाश के जन्‍म दिवस पर महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय के अहिंसा और शांति अध्‍ययन विभाग की ओर से ‘संपूर्ण क्रांति: एक मूल्‍यांकन’ विषय पर एक विशेष व्‍याख्‍यान समारोह का आयोजन किया गया। विवि के महात्‍मा गांधी फ्यूजी गुरूजी शांति अध्‍ययन केंद्र के निदेशक प्रो. मनोज कुमार ने जयप्रकाश के प्रांरभिक जीवन एवं सामाजिक जीवन के बीच के पडा़वों को स्‍पष्‍ट करते हुए कहा कि साम्‍यवादी जयप्रकाश समाजवादी होते हुए सर्वोदय में प्रशिक्षण लेते हैं।

पंजाब केसरी, दिल्ली : नो पोलिटिकल न्यूज, ओनली पेड न्यूज!

: यह कैसा लोकतंत्र है? चुनाव आयोग मौन : उत्तर भारत में सबसे ज्यादा प्रकाशित होने का दावा करने वाले पंजाब केसरी अखबार में दो दिन पहले दिल्ली के स्थानीय संपादक अश्वनी कुमार की अध्यक्षता में अखबार के संपादकीय विभाग की एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष स्वदेश भूषण जैन भी मौजूद थे। इस मौके पर सारे रिपोर्टरों और डेस्क स्टाफ को ताकीद की गई कि नो पोलिटिकल न्यूज, ओनली पेड न्यूज।

मध्य प्रदेश में फीलगुड चौहान को सिंधिया की चुनौती

भोपाल : कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में चुनाव अभियान समिति की कमान अंततः केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को सौंप दी हैं।  कांग्रेस के इस ऐलान से सत्तारूढ़ भाजपा की धुकधुकी बढ़ गयी है। इस घोषणा के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, संगठन के महत्वाकांक्षी मुखिया  नरेंद्र तोमर और  सांसद प्रभात झा समेत भाजपा नेताओं के बयानों से  जाहिर है कि भयाक्रांत बीजेपी को अब अपनी रणनीति  नये सिरे से तैयार करनी होगी। कांग्रेस आलाकमान के ताजा फैसले से फीलगुड में डूबी भाजपा की दिक्कतें इस नाते बढ़ गयी है कि कांग्रेस ने ब्रांड शिवराज के मुकाबले ऐसे ब्राण्ड को मैदान में उतारा है, जो कहीं अधिक आकर्षक, चमकीला और आबदार है तथा पांसा  पलटने की  ताब  रखता है।

`गवर्नेंस नाउ’ के को-आर्डिनेटिंग एडिटर दीपक रस्तोगी को ‘केसी कुलिश इंटरनेशनल मेरिट अवार्ड’

'गवर्नेंस नाउ’ के को-ऑर्डिनेटिंग एडिटर दीपक रस्तोगी को 'केसी कुलिश अवार्ड फॉर एक्सेलेंस इन प्रिंट जर्नलिज्म’ का 'मेरिट अवार्ड’ प्रदान करने की घोषणा की गई है। 3० अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन में पुरस्कार समारोह रखा गया है। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी पुरस्कार प्रदान करेंगे। राजस्थान पत्रिका समूह द्बारा अखबारी जगत में उल्लेखनीय पत्रकारिता के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है। इसके लिए दुनिया भर के अखबारों में छपी खोजी खबरों की समीक्षा की जाती है। वर्ष 2०1० में केन्द्रीय विषय था- 'क्रूसेड अगेन्स्ट करप्शन’ (भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग)।

राजनाथ सिंह का क्षत्रिय पराक्रम

लखनऊ : एन मौके पर समाजवादी पार्टी ने निर्दल दबंग क्षत्रिय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को साध लिया। राजा को लाल बत्ती (कैबिनेट मंत्री) देकर सपा नेतृत्व ने भाजपा के मंसूबों पर पानी फेर दिया। इसके साथ ही राजा के भाजपा में आने की चर्चाओं पर भी विराम लग गया। लेकिन सपा एक अन्य दबंग ठाकुर नेता बृज भूषण शरण सिंह को नहीं रोक सकी। उन्होंने सांसदी का टिकट ठुकरा कर समाजवादी पार्टी को बॉय-बॉय कह दिया।

राजेंद्र यादव ने तरह-तरह के एसएमएस भेजे, वे साहित्यिक व्यक्ति हैं, इसलिए उनकी धमकी भी साहित्यिक भाषा में थी : ज्योति कुमारी

लेखिका ज्योति कुमारी की जुबानी उनकी अपनी कहानी… (भाग दो) : इन सारी घटनाओं के दौरान जब मैं थाने में बैठी थी। मेरे मित्र मज्कूर आलम के पास फोन किया जा रहा था। मज्कूर आलम उस दिन अपने घर बक्सर (बिहार) में थे। उन्हें फोन पर बताया जा रहा था- ‘ज्योति थाने में है। यह अच्छा नहीं है। उसे वापस बुला लीजिए।’

लोग मुझे याद करेंगे मेरे मर जाने के बाद : डॉ लोहिया

: 12 अक्टूबर पुण्यतिथि पर : इस देश के अनोखे नेता डॉ राममनोहर लोहिया को आज याद करने का दिन है. वही डॉ लोहिया जिसने उस वक्त जर्मनी से अर्थशास्त्र में पीएचडी किया जब हिटलर उभर रहा था और उनके अपने विचारों के कारण उनके प्रोफ़ेसर ने उनका पीएचडी का इन्टरव्यू समय से पहले करवा दिया ताकि हिटलर के सत्ता में आने से पहले वे जर्मनी छोड़ दें. वही डॉ लोहिया जो जर्मनी गए तो जर्मन नहीं जानते थे और जर्मन जाने बिना वहां छात्र नहीं बन सकते थे तो उन्होंने अपने प्रोफ़ेसर से केवल दो महीने का समय मांगा और जब दो माह बाद वो दुबारा अपने प्रोफ़ेसर से मिले तो जर्मन बोलते हुए मिले.

हां, दलाली भी करते हैं चैनल

Deepak Sharma : फेसबुक में मैसेज और कमेंट्स में बहुत से मित्र पूछते हैं कि न्यूज़ चैनलों का कंटेंट इतना चीप क्यूँ है? खासकर हिंदी चैनलों में छिछले और चीप शो क्यूँ दिखाए जाते हैं? हाँ एक और सवाल जो लोग पूछते हैं …क्या पत्रकार सरकार (के दफ्तरों )में दलाली और लाइजनिंग भी करते हैं?

नेपाल संविधान सभा चुनाव में दर्जनभर पत्रकार आजमा रहे हैं किस्मत

काठमांडू : पत्रकारों का राजनीति में आना कोई नई बात नहीं है लेकिन एक आम चुनाव में शायद यह पहली बार होगा जब एक साथ एक दर्जन से अधिक पत्रकार अपना किस्मत आजमाने के लिए चुनावी मैदान में कूद पड़े हैं.  १९ नवम्बर को नेपाल में दूसरी बार होने जा रहे संविधान सभा के चुनाव में सभी प्रमुख पार्टी के तरफ से पत्रकारों को भी टिकट दिया गया है. इनमे से कुछ पत्रकार तो सीधे चुनाव लड़ रहे हैं जबकि कुछ पत्रकारों की सूचि मनोनित सांसद के लिए चुनाव आयोग के पास जमा कर दी गई है. हालांकि इसके लिए तीन दर्जन से अधिक पत्रकारों ने अपने अपने लिए प्रयास किया था लेकिन उम्मीदवार बनने का सौभाग्य इनमे से कुछ पत्रकारों को मिल पाया है.

सपा-बसपा हाईकमान के लिए पार्टी नहीं, खुद अपना वर्चस्व प्रमुख है : कंवल भारती

Kanwal Bharti : मायावती जी, पिछले कितने सालों से लगातार कांग्रेस को समर्थन दे रही हैं, पर उनको अब जाकर पता चला है कि कांग्रेस दलित विरोधी है. यह उनकी भोली नासमझी नहीं है, बल्कि राहुल गांधी ने उनकी जिस दुखती रग पर उंगली रखी है, यह उसकी बौखलाहट है. राहुल गाँधी ने क्या गलत कहा कि मायावती ने अपने अलावा किसी अन्य दलित नेता को उभरने नहीं दिया. कोई बताये कि देश भर में मायावती के बाद बसपा में दूसरे-तीसरे नम्बर का कौन दलित नेता है?

गाजीपुर के बुजुर्गों को ब्रितानिया हुकुमत याद आई

यह बात जन सामान्य की समझ से परे है कि क्यों पूर्वी उ0प्र0 के गाजीपुर जिले में विश्वविद्यालय की मांग पर लोकतांत्रिक तरीके से आमरण अनशन कर रहे अनशनकारियों को जबरन अर्द्धरात्रि में उनके सहयोगियों सहित उठवा लिया गया। उनके अन्य साथियों की राजतंत्र के लठैतों द्वारा बर्बरतापूर्वक धुनाई कर उन्हें बन्द क्यों किया गया और यह लठैत इतने जूनूनी क्यों हो गये कि इन्हें राह चलते वादकारी तथा अन्य का फर्क भी नहीं समझ में आया।

जेके, लोहिया, जागरण, कोठारी, झुनझुनवाला जैसे लोग और समूह जब कानपुर शहर उजाड़ेंगे तो बचेगा क्या?

कानपुर में लक्ष्मण बाग कालोनी का मामला आदर्श सोसायटी घोटाला से कतई कम नहीं है। लेकिन दिक्कत यह है कि इसमें सत्ता, विरोध, धन्नासेठों और मीडिया माफियाओं का ऐसा मजबूत गठजोड़ है कि शहर के फेफड़ों को पंचर कर देने वाली, शहर के आक्सीजन जोन को तहस-नहस करने वाली इस जगजाहिर करतूत पर चीखने चिल्लाने के बजाय पूरा शहर अंधा, बहरा और गूंगा बनकर अपनी नामर्दगी का सबूत दे रहा है।

यूपी में ‘पुलिस कम्प्लेन अथॉरिटी’ के लिए अमिताभ ठाकुर ने दायर की याचिका

आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने उत्तर प्रदेश में अब तक एक स्वतंत्र “पुलिस कम्प्लेन अथॉरिटी” नहीं बनने के सम्बन्ध में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर किया है. याचिका के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय ने प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार केस में 22 सितम्बर 2006 के अपने आदेश में सभी राज्यों को निर्देशित किया था कि वे अपने यहाँ राज्य स्तर पर और प्रत्येक जिले में स्वतंत्र “पुलिस कम्प्लेन अथॉरिटी” बनाए जो पुलिस विभाग और राज्य सरकार के नियंत्रण से पूरी तरह अलग रहे.

हाई कोर्ट ने पूछा- सीएम खुद फाइलों पर साइन क्यों नहीं करते?

इलाहाबाद हार्इ कोर्ट की लखनऊ बेंच ने सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के स्तर पर पत्रावली पर स्वयं हस्ताक्षर नहीं करने सम्बंधित पीआईएल पर राज्य सरकार से जवाब माँगा है. मामले की अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को होगी. जस्टिस इम्तियाज़ मुर्तजा और जस्टिस देवेन्द्र कुमार उपाध्याय की बेंच ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसे निर्णित होना आवश्यक है. अतिरिक्त महाधिवक्ता बुलबुल गोदियाल ने प्रारम्भिक आपत्ति प्रस्तुत की कि यह पीआईएल नहीं है, जिस पर कोर्ट ने कहा कि सरकार को जो बात कहनी हो, वह लिखित रूप में प्रस्तुत की जाए.

भास्कर ने ‘नो पेड न्यूज’ का विज्ञापन निकाला

हिंदुस्तान अखबार में निष्पक्ष खबरें छापने और पेड न्यूज का गलत काम न करने का विज्ञापन पिछले दिनों निकाला गया था. अब दैनिक भास्कर ने भी इसी नक्शेकदम पर चलते हुए 'नो पेड न्यूज' का विज्ञापन निकाला है. साथ ही पाठकों से अपील की है कि अगर दैनिक भास्कर में छपी किसी खबर या रिपोर्टर की निष्पक्षता पर किसी को संदेह हो तो भोपाल स्थित भास्कर मुख्यालय को पत्र लिखकर सूचित करें. विज्ञापन पूरा एड्रेस भी दिया गया है. क्या है ये विज्ञापन, इसे पढ़ने के लिए नीचे देखें…

झूठे शपथ पत्र के आधार पर हड़प ली पत्रकार श्रद्धानिधि

मध्य प्रदेश शासन ने 62 वर्ष से अधिक उम्र वाले पत्रकारों के लिए पांच हजार रू. माह श्रद्धानिधि देने की योजना क्रियान्वित की है, जिसे पांच माह पूर्व से लागू करना बताया है अर्थात प्रारंभ में ऐसे पत्रकारों को 25-25 हजार रूपए दिए गए हैं। इस योजना का एक पत्रकार राधावल्लभ शारदा ने अनुचित लाभ उठाया। इस योजना के नियम 7 में कहा गया है कि आवेदन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं होना चाहिए।

लखनऊ के पत्रकार को मातृशोक

लखनऊ। शहर के वायस आफ लखनऊ समाचार पत्र में कार्यरत वरिष्ठ अपराध पत्रकार मनोज बाजपेयी की माता श्रीमती कमला देवी बाजपेयी का परसों यहां भैंसाकुंड श्मशान घाट पर अन्तिम संस्कार कर दिया गया। वह इकहत्तर वर्ष की थीं। कल मध्यान्ह एलडीए कालोनी कानपुर रोड स्थित आवास पर अचानक तबियत बिगड़ने के बाद अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो गया था।

पत्रकारिता से बेचैन आत्माओं का विस्थापन

मीडिया आज एक बड़े पूंजी निवश के उद्योग का रूप ले चुकी है। पत्रकारों के पारिश्रमिक की हालत इससे बेहतर होने का भ्रम पैदा हुआ है। सूचना के मामले में उनका सेवा क्षेत्र व्यापक हुआ है। जिसे जनतंत्र की अहम जरूरत की पूर्ति बताया जा रहा है। इसके पेरौकार कहते हैं कि जब लोगों को ज्यादा तथ्यों से अवगत होने का अवसर मिलेगा तो उनकी जागरूकता का स्तर भी बढ़ेगा। पत्रकारों के रूतबे में भी पहले से बढ़ोत्तरी हुई है जो नौएडा जैसी जगहो पर प्लाट आवंटन की धांधली में उनकी हिस्सेदारी और जिलों के स्तर पर शस्त्र लाइसेंसों में सत्तारूढ़ नेताओं की तरह उनके कोटे को मान्यता के रूप में परिलक्ष्यित है। जिससे व्यवस्था के चौथे स्तम्भ का अहंकार उनके अंदर सजीव हो उठा है। इतनी तमाम उपलब्धियों के बावजूद मीडिया के प्रति जनमानस में ही नहीं रचना धर्मी समाज तक में मोह भंग की स्थिति है। विरोधाभाष का यह पहलू पड़ताल की मांग किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए करता है।

विजयम्मा से मिलने के बाद एक ही सवाल घूम रहा है, नॉर्थ में कब आएगी यह समझ?

अपनी रिपोर्टिंग के सिलसिले में कल यानी बुधवार को मेरी मुलाकात आंध्र के नेता और कांग्रेस की रातों की नींद उडाने वाले जगन मोहन रेड्डी की मां विजयम्मा से हुई। जगन के जेल में होने के चलते विजयम्मा वाईएसआर कांग्रेस पार्टी यानी वाईआएसआरसीपी की कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। पिछले दो दिनों से वह दिल्ली में आंध्र प्रदेश के विभाजन के खिलाफ राष्ट्रपति और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलने आई थीं।

सोनभद्र से हिंदी वीकली अखबार ‘वनांचल एक्सप्रेस’ तेरह अक्टूबर से

विंध्य की घाटियों और ‘शोण’ नद (सोन नदी) के प्रवाह क्षेत्र में स्थित कैमूर वन क्षेत्र के आदिवासी बहुल जनपद ‘सोनभद्र’ से 13 अक्टूबर, 2013 (रविवार) को हिन्दी साप्ताहिक समाचार-पत्र ‘वनांचल एक्सप्रेस’ का पहले अंक प्रकाशित किया जाएगा. ‘वनांचल एक्सप्रेस’ जनवादी एवं प्रगतिशील लेखकों तथा पत्रकारों की पहल है. यह समाचार-पत्र वनांचल क्षेत्र की पृष्ठभूमि और उससे जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से प्रकाशित करेगा.

सहारा का बड़बोलापन भारी पड़ रहा, पीएफ डिपार्टमेंट जांच करा रहा

सहारा वालों ने एक बार एक विज्ञापन निकालकर बड़ी बड़ी बातें कहीं थी और उसी में यह भी बताया था कि उनके यहां साढ़े दस लाख कर्मचारी काम करते हैं. बस, इसी बात को प्राविडेंट फंड डिपार्टमेंट वालों ने पकड़ लिया और जांच करा रहे हैं कि सहारा में अगरे इतने कर्मचारी हैं तो उनका पीएफ कटता या नहीं. अगर कटता है तो वो कहां जमा हुआ, कब जमा हुआ. सहारा का मामला सुप्रीम कोर्ट से लेकर सेबी तक में फंसा हुआ है.

हिंदुस्तान, कानपुर के चार कर्मियों ने अखबार मैनेजमेंट के खिलाफ श्रम विभाग को लिखा पत्र

हिंदुस्तान, कानपुर में कार्यरत चार कर्मियों पारस नाथ साहू, नवीन कुमार, अंजनी प्रसाद और संजय कुमार दुबे ने उप श्रमायुक्त, कानपुर को पत्र लिखकर अपने साथ हो रहे अन्याय के बारे में खुलकर बताया है. इन चारों को इनके मूल काम से अलग कर प्रबंधन ने इन्हें अलग डिपार्टमेंट में ट्रांसफर कर दिया है. प्रबंधन की कोशिश इन्हें किसी तरह अखबार से अलग करने की है. इन लोगों ने पत्र में हिंदुस्तान, कानपुर के महाप्रबंधक नरेश पांडेय पर कई आरोप लगाए हैं. पूरा पत्र नीचे दिया जा रहा है…

हिंदुस्तान, कानपुर के मैनेजर और पीड़ित कर्मियों के बीच श्रम विभाग ने बैठक कराई, कोई नतीजा नहीं

हिंदुस्तान, अखबार कानपुर के पीड़ित कर्मियों और प्रबंधन की तरफ से मैनेजर के बीच श्रम विभाग ने एक बैठक का आयोजन कराया पर इसमें कोई नतीजा नहीं निकला. कर्मियों ने प्रबंधन और श्रम विभाग के अफसर पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए एक अन्य पत्र अपर श्रम आयुक्त, कानपुर को भेजा है. नीचे सारे पत्र प्रकाशित किए जा रहे हैं. इन्हें ध्यान स पढ़िए..

अमर उजाला समूह ने आपदा के दौरान किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए किया कर्मियों का सम्मान

देहरादून। अमर उजाला समूह ने जून माह में आई आपदा में उल्लेखनीय रिपोर्टिंग करने वाले संस्थान के संपादकीय सहयोगियों को एक विशेष समारोह में सम्मानित किया। इस अवसर पर नोएडा से आए कार्यकारी संपादक उदय कुमार ने सम्मानपत्र के साथ ही सम्मान राशि का चेक देकर सहयोगियों का हौसला बढ़ाया। अपने संबोधन में उदय कुमार ने कहा कि अमर उजाला सिर्फ एक प्रोडक्ट न होकर पहाड़ के सुख-दुख का साथी है। इसीलिए उसने लोगों के दिल में अपनी जगह बनाई है।

‘जो ज्ञानपुर के विधायक विजय मिश्र के खिलाफ छापेगा, वह ढेर सारे फर्जी मामले खुद पर पाएगा’

सेवा में यशवंत जी, संपादक, भड़ास4मीडि‍या, उत्‍तर प्रदेश के भदोही जि‍ले के ज्ञानपुर वि‍धानसभा सीट से बाहुबली सपा वि‍धायक वि‍जय मि‍श्र के के तमाम गोरखधंधे जि‍ले में चल रहे हैं। बालू खनन हो चाहे सड़कों के निर्माण में धांधली का मामला जि‍ले का कोई भी पत्रकार इनके खि‍लाफ खबरें छापने से कतराता है। इसका दो कारण है वि‍धायक जी द्वारा वि‍ज्ञापन और अन्‍य तरह का लाभ पत्रकारों को जम कर दि‍या जाता है। और अगर कोई पत्रकार इन गोरखधंधों की खबर लि‍ख दे तो उसे झूठे मुकदमों में फंसाकर प्रताड़ि‍त कराया जाता है।

‘समाचार प्लस, राजस्थान’ मात्र दो महीने में रेटिंग्स में दूसरे नंबर तक पहुंच गया

Jai Prakash Sharma : मित्रों, आप सभी की शुभकामनाओं से 'समाचार प्लस, राजस्थान' मात्र दो महीने में रेटिंग्स में दूसरे नंबर तक पहुंच गया है. चालीसवें सप्ताह की रेटिंग्स में समाचार प्लस ने बड़ी छलांग लगाते हुए सबको चौंकाया है. ये सब आप सभी मित्रों से मिलने वाले सतत मार्गदर्शन का नतीजा है.

पांच न्यूज चैनलों ने ओपीनियन पोल घोटाल किया : अरविंद केजरीवाल (देखें वीडियो)

फायरब्रांड नेता और करप्शन के खिलाफ जंग लड़ने वाले योद्धा अरविंद केजरीवाल दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह कमर कसे हुए हैं और जनता में जो अंडरकरंट है, उसे देखते हुए वे खुद भी कह रहे हैं कि दिल्ली प्रदेश में अगली सरकार आम आदमी पार्टी की बनने वाली है.

राजनीति और पत्रकारिता : विश्वास का संकट

राजनीति और पत्रकारिता। दोनों विश्वसनीयता के संकट का सामना कर रही हैं। पत्रकारिता में पेड न्यूज का मामला सबके सामने है। इसे लेकर मीडिया का अंदरुनी संघर्ष जारी है। जबतक शुद्धि नहीं होती तबतक मुश्किल बनी रहेगी। अब देश के सधे राजनेताओं पर विश्वास का ग्रहण लग रहा है। खासकर देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति ने लालकृष्ण आडवाणी के कहे को जिस तरह से नकारा हैं, उससे राजनेताओं के साख की पोल खुल रही है। इससे खतरनाक स्थिति बन सकती है।

सुभाष चंद्रा दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे तो उनके समर्थकों ने मीडिया से दुर्व्यवहार किया! (देखें वीडियो)

भड़ास4मीडिया के पास किन्हीं Shilpa Kumar ने kumarshilpa325@gmail.com मेल आईडी से एक वीडियो भेजा है, जिसमें दिखाया गया है कि जी ग्रुप के मालिक और खबर रोकने के लिए नवीन जिंदल से पैसे मांगने के आरोपी सुभाष चंद्रा दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंच रहे हैं और मीडिया वाले जब उनसे कुछ सवाल पूछते हैं तो उनके आदमी मीडिया वालों को दाएं-बाएं करके सुभाष चंद्रा को आगे बढ़ने के लिए रास्ता बना रहे हैं. इस वीडियो को भेजने वाले ने वीडियो के साथ जो टेक्स्ट लिखकर भेजा है उसमें कहा है कि सुभाष चंद्रा के लोगों ने मीडिया वालों के साथ दुर्व्यवहार किया.

पीएसी को दस मिनट देर से आने के लिए तैयार किया था ‘अंकल’ ने (बातचीत की ट्रांसक्रिप्ट)

: मुजफ्फरनगर के कुटबा-कुटबी गांव के दंगाइयों की मोबाइल रिकार्ड में दर्ज बातचीत :  लखनऊ। । मुस्लिम विरोधी जनसंहार के शिकार गांव कुटबा-कुटबी के एक दंगाई के मोबाइल चिप में रिकार्ड बात-चीत का विवरण मीडिया में जारी करते हुये मुजफ्फरनगर, शामली और बागपत में हुये साम्प्रदायिक हिंसा की सीबीआई जांच की मांग की है। मंच ने जारी बयान में कहा है कि उसके पास ऐसे कई साक्ष्य मौजूद हैं जो साबित करते हैं कि मुस्लिमों का जनसंहार सुनियोजित षडयंत्र के तहत हुआ और अब किस तरह सुबूतों को छुपाने की कोशिश प्रशासनिक अमले द्वारा दंगाईयों को बचाने के लिए किया जा रहा है।

चैनलों के लिए आसाराम एंड फैमिली तो टीआरपी की फैक्ट्री साबित हो रही है!

Vikas Mishra : बाबा आसाराम कितने बड़े संत हैं, ये मैं नहीं जानता, कितने बड़े दुष्कर्मी हैं, इस पर भी कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन न्यूज चैनलों के लिए बाबा आसाराम भगवान के वरदान की तरह हैं। जिसने जो भी चलाया, कूटकर टीआरपी मिली। आसाराम बाहर थे तो भक्तों को आशीर्वाद देते थे, जेल में बंद हैं तो टीआरपी दे रहे हैं। अब टीवी पर उनकी खबरें उनके भक्त देख रहे हैं या फिर वो जो उनके जेल जाने से खुश हैं, इसका जवाब तो ऊपर वाला जाने, लेकिन चैनलों के लिए बाबा आसाराम एंड फैमिली तो टीआरपी की फैक्ट्री साबित हो रही है।

आसाराम के पक्ष में और मीडिया ट्रायल के खिलाफ दो लंबे पत्र

“आज के समय में तो लोग कुछ रुपयों के लिए अपनी इज्जत तक बेच देते हैं फिर लाखों रुपये मिलने पे कोई किसी पे झूठा आरोप लगा दे तो क्या बड़ी बात है?” ताजा मामला संत आसाराम बापू का है जिन्हें बलात्कारी, धोखेबाज, शातिर और कुकर्मी सिद्ध करने का अभियान हमारी मीडिया ने जोर-शोर से चलाया हुआ है। भारत के पढ़े-लिखे युवा से लेकर दिग्गज बुद्धीजीवी, मानवाधिकार के हनन के खिलाफ दिन-रात एड़ियां घिसने वाले भी सहर्ष सुर से सुर मिला कर संत आसाराम बापू को कोसने में लगे हैं। पर बापू और उनके अनुयायिओं को कोसने से पहले ये विडियो जरुर देख लें-

पत्रकारों के खिलाफ तो पोस्टर चिपकने लगे, पर्चे बंटने लगे, देखें महाराष्ट्र का हाल

पत्रकारों के खिलाफ पोस्टर चिपकने लगे हैं, जैसे नेताओं के खिलाफ चिपकते थे. लगातार धंधेबाज हो रही पत्रकारिता के कारण आम लोगों का भरोसा पत्रकारों से उसी तरह उठ गया है जैसे पुलिस व वकीलों से उठ चुका है. यही कारण है कि कई बार लोग सबक सिखाने के लिए पोस्टर वगैरह भी चिपका देते हैं. महाराष्ट्र में पत्रकारिता के व्यवसायीकरण के कारण पत्रकारों पर आए दिन हमले होते रहते हैं.

एएनआई, कोलकाता की एक रिपोर्टर ने दिया इस्तीफा, पढ़ें दीपांजना डे का इस्तीफानामा

एएनआई में खराब वर्किंग कंडीशन और उत्पीड़न से परेशान होकर ठीकठाक जर्नलिस्टों के इस्तीफे का सिलसिला जारी है. ताजी सूचना के मुताबिक कोलकाता की रिपोर्टर दीपांजना डे ने भी इस्तीफा दे दिया है. दीपांजना ने अपने इस्तीफे में बताया है कि उसे कैसे परेशान किया जाता रहा और अब उसके लिए काम करना किस कदर कठिन हो गया था. दीपांजना का पत्र संजीव प्रकाश को संबोधित है, जो एएनआई के प्रोपराइटर हैं. पढ़ें पूरा पत्र…

अमित झा नक्षत्र न्यूज़ पहुंचे, रोहित जिंदल और अखिलेश ने थमाया जागरण को नोटिस

कशिश न्यूज़ के पत्रकार अमित झा ने इस्तीफा दे दिया है. वे बतौर सीनियर रिपोर्टर कशिश न्यूज़ में पिछले 3 सालों से कार्यरत थे. इसके पहले वे हमार टी.वी सहित कई चैनलों में अपनी सेवा दे चुके हैं. अमित को पटना में राजद बीट में अच्छी पकड़ के लिए जाना जाता हैं. अमित अपनी नयी पारी की शुरुआत नक्षत्र न्यूज़ चैनल से कर रहे हैं. अमित को यहाँ प्रमोशन देकर चीफ करेस्पोंडेंट के तौर पर पटना में ज्वाइन कराया गया है.

जितेंद्र बच्चन, कविंद्र रंजन बर्मन, अलीशा शर्मा और राहुल के बारे में सूचनाएं

हमवतन अखबार में बतौर मुख्य उप संपादक काम रहे जितेन्द्र बच्चन के बारे में खबर है कि उन्होंने अपनी नई पारी की शुरुआत राष्ट्रीय जनमोर्चा अखबार के साथ की है. वे यहां संपादक की भूमिका में होंगे. इसके पहले बच्चन दैनिक जागरण के साथ लंबी पारी खेल चुके हैं.

लेखपाल को गाली देने वाले सुधाकर शर्मा को अमर उजाला ने हटाया

अमर उजाला की प्रतिष्ठा की आड़ में बवाल करने के लिए कुख्यात हो चुके सुधाकर शर्मा को अमर उजाला ने आउट कर दिया है, जिससे उसके द्वारा सताये लोग राहत महसूस कर रहे हैं। सुधाकर के स्थान पर फ़िलहाल बदायूं कार्यालय में तैनात तरुण नाम के रिपोर्टर को ही बिसौली तहसील की रिपोर्टिंग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दे दी गई है।

आजतक उपर चढ़ा, इंडिया टीवी नीचे गिरा, जी न्यूज और न्यूज24 की बुरी स्थिति

चालीसवें सप्‍ताह की टीआरपी आ गई है. पिछले सप्‍ताह के मुकाबले चैनलों की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है. आजतक नम्‍बर एक पर बना हुआ है. दूसरे नम्‍बर पर मौजूद इंडिया टीवी को मामूली अंकों का नुकसान हुआ है. एबीपी न्‍यूज नम्‍बर तीन तथा इंडिया न्‍यूज नम्‍बर चार पर मौजूद है. इसके अलावा इस सप्‍ताह कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है. नीचे 40वें सप्‍ताह की टीआरपी.. 

नेटवर्क18 समूह में फिर छंटनी की तैयारी, इस आंतरिक मेल को पढ़कर तो ऐसा ही लग रहा

Dear Team, As we know, our Network has come through a trying period of transformation across some businesses. Change is never painless and it has been no different for us. While the economy may take its time to fully rebound, I believe the worst is behind us as a Network.

लक्ष्‍मीकांत ने राजस्‍थान पत्रिका तथा मुकेश पांडेय ने दैनिक जागरण ज्‍वाइन किया

अमर उजाला, मुरादाबाद से खबर है कि लक्ष्‍मीकांत दुबे ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर चीफ रिपोर्टर के पद पर कार्यरत थे. लक्ष्‍मीकांत ने अपनी नई पारी जयपुर में राजस्‍थान पत्रिका के साथ शुरू की है. उन्‍हें यहां पर डीएनई बनाया गया है. उन्‍होंने जयपुर में ज्‍वाइन कर लिया है. लक्ष्‍मीकांत दैनिक भास्‍कर से इस्‍तीफा देकर कुछ महीने पहले ही अमर उजाला ज्‍वाइन किया था, लेकिन उन्‍हें इस अखबार की पारी रास नहीं आई.

साईं प्रसाद मीडिया का सर्वे : दिल्ली में त्रिशंकु विधानसभा लेकिन सीएम के रूप में केजरीवाल जनता की पसंद

साईं प्रसाद मीडिया से संबद्ध ‘न्यूज एक्सप्रेस’ मीडिया एकेडमी और ‘हमवतन’ अखबार ने दिल्ली की जनता की नब्ज को टटोला, तो कुछ चौंकाने वाले जवाब सामने आए हैं। मसलन, पिछले 15 सालों से दिल्ली पर राज कर रहीं मुख्यमंत्री शीला दीक्षित मुकाबले में तो बनी हुई हैं, लेकिन उनकी लोकप्रियता में जबर्दस्त गिरावट आई है। इसी तरह सरकार विरोधी माहौल होने के बावजूद भाजपा बहुमत से काफी दूर है। दरअसल, कांग्रेस और भाजपा दोनों के  खेल को बिगाड़ रही है आप। पहली बार किसी चुनाव में भाग ले रही आप को दिल्ली के 21 प्रतिशत से ज्यादा लोग पसंद कर रहे हैं।

क्या हम मुसलमान हैं?

क्या सचमुच हम मुसलमान हैं? क्या हम इस्लाम के बताये रास्ते पर चल रहे हैं? अगर आज हम अपने आप को और दुनिया के 61 इस्लामिक मुल्क की 1.50 अरब की आबादी मुसलमान को देखें तो जवाब ना में मिलता है. मुसलमान उसे कहते हैं जो एक अल्लाह और आखिरी रसूल हज़रत मुहम्मद (सल्ल) को माने और इस्लाम के जो अरकान हैं उन पर अमल करे. इस के अतिरिक्त मुसलमानों का चरित्र भी अच्छा होना चाहिये. चरित्र तब ही अच्छा होगा जब आप में ये खूबियां होंगी जैसे ईमानदारी, हार्दिकता, वादा निभाना, सच्चाई और इंसाफ, जो बदकिस्मती से पूरी इस्लामी दुनिया में अब नहीं पायी जाती. जब तक ये खूबियां मुसलमानों में थीं दुनिया ने देखा कि हम कैसे पूरे विश्व पर छा गये थे.

धर्मवीर की समाचार लेखन व संपादन पर पुस्तक प्रकाशित

अंबाला- हरिभूमि हरियाणा संस्करण के अंबाला ब्यूरो चीफ धर्मवीर सिंह की समाचार लेखन व संपादन के सिद्धांत शीर्षक के साथ पुस्तक प्रकाशित हुई है। पुस्तक में उनके साथ गवर्नमेंट कॉलेज अंबाला छावनी के मास कॉम विभाग के हेड रविशंकर कॉ आथर हैं। पुस्तक का विमोचन 26 सितंबर को अंबाला के पुलिस कमीश्नर व जानेमाने साहित्यकार राजबीर देशवाल ने किया। इस मौके पर देशवाल ने पुस्तक के कंटेंट की खूब सराहना की। पुस्तक सुकीर्ति प्रकाशन से प्रकाशित हुई है।

कंवल भारती, कांग्रेस, रामपुर का तानाशाह, कायर और लफ़्फ़ाज़ दोस्तों का दलदल

: एक वह दिन थे कि कारंत के लिए अशोक वाजपेयी सारी अफ़सरी भूल कर रात भर थाने में बैठे रहे थे : मतलब कंवल भारती न हों, वामपंथी मित्रों की जागीर हों। गुलाम हों। कि वह जो भी कुछ करें इन से पूछ कर करें। नहीं यह उन्हें पानी भी नहीं देंगे। दिन-रात कोसेंगे मुफ़्त में। अदभुत है यह तो। गरज यह कि कंवल भारती पहले दलित थे, फिर वामपंथी हुए, अब कांग्रेसी हो गए हैं। गनीमत है कि वह भाजपाई नहीं हुए। कई वामपंथी बल्कि चरम वामपंथी तो मौका मिलते ही भाजपाई तक हो गए हैं। वैसे वामपंथी दोस्त उन के कांग्रेसी होने पर ऐसा स्यापा कर रहे हैं गोया वे सपाई या बसपाई हुए होते तो बेहतर होता। वह शायद इस तथ्य को भूल रहे हैं कि दो दशक पहले ही वह कांशीराम के दो चेहरे किताब लिख चुके हैं। तो बसपा में जा नहीं सकते थे। समाजवादी पार्टी की आग में वह जल ही रहे हैं। वामपंथियों की कोई हैसियत नहीं है रामपुर या उत्तर प्रदेश में। और फिर जो वह कांग्रेसी हो ही गए हैं तो खुशी-खुशी नहीं हुए होंगे।

कांग्रेस से जुड़ना मेरी मजबूरी है, जिसका अहसास आप नहीं कर सकते : कंवल भारती

अपने पक्ष में कांग्रेस का समर्थन लेने पर मैं आपकी आलोचना का पात्र बन गया हूं. यह मैं सुबह से देख रहा हूं. सामाजिक और दलित आन्दोलनों के सभी साथी मुझसे नाराज़ हैं. मुलायम सिंह यादव और मायावती ने कांग्रेस की छतरी में जाकर अपने सारे आर्थिक पाप क्षमा करा लिए, किसी दलित और पिछड़े ने उनकी आलोचना क्यों नहीं की? आज भी वे जनता को धोखा दे रहे हैं और लोकसभा में कांग्रेस की ही सरकार बनाने के लिए सपोर्ट करेंगे. तोहफा उन्हें मिल ही चुका है. ये लोग जनता के विश्वासघाती क्यों नहीं हैं? सिर्फ कंवल भारती कांग्रेस की सपोर्ट लेकर विश्वासघाती हो गये?

पत्रकार जेडे हत्याकांड के आरोपी छोटा राजन गिरोह के सदस्य पॉलसन जोसफ को जमानत

मुंबई : बंबई उच्च न्यायालय ने पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या के आरोपी और छोटा राजन गिरोह के कथित सदस्य पॉलसन जोसफ को आज जमानत दे दी। न्यायमूर्ति यू वी बाकरे ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जोसफ को जमानत दे दी। पॉलसन इस मामले में जमानत प्राप्त करने वाला दूसरी आरोपी है।

मां दुर्गा की तस्वीर के सामने बाप ने छह माह के बेटे की दे डाली बलि

बाराबंकी। एक अंधविश्वासी बाप ने अपने 6 माह के बेटे को कुल्हाड़ी से काटकर उसकी बलि दे डाली। यह जघन्य कृत्य उसने घर में बने पूजा स्थल में रखी मां दुर्गा की तस्वीर के सामने किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने इस हत्यारे को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। वहीं इस खबर ने पूरे इलाके में हड़कम्प मचा दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक रामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम नरैनी पुरवा निवासी 23 वर्षीय राजकुमार उर्फ हेमन्त कनौजिया पुत्र महेश आज सुबह अपने 6 माह के बेटे अहम को गोद में लेकर घर से निकल गया। इस दौरान उसने स्वयं भी नहाया और अपने बेटे को भी स्नान कराया। स्वयं कपड़े पहने तो बेटे को भी अच्छे कपड़े पहनाये।

वोट बैंक की राजनीति के कारण तेलंगाना विरोधियों के बीच जबरदस्त होड़ शुरू, कांग्रेस दुविधा में फंसी

आंध्र प्रदेश का बंटवारा करके अलग तेलंगाना राज्य बनाने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद सीमांध्र (तटीय आंध्र और रॉयल सीमा क्षेत्र) में विरोध प्रदर्शनों की होड़ लग गई है। इसके चलते यहां का आम जन-जीवन विरोधी आंदोलनों की चपेट में आ गया है। 30 हजार से ज्यादा बिजली कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इससे सभी बड़े पावर स्टेशन ठप पड़ रहे हैं। बिजली की आपूर्ति बुरी तरह से बाधित हो गई है। इसके चलते सीमांध्र का अधिकांश इलाका अंधेरे में डूब रहा है। विशाखापट्टनम जैसे बड़े शहर बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं।

नीरा राडिया को आयकर विभाग के कुछ अफसरों ने करोड़ों रुपये का लाभ पहुंचाया

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि आयकर विभाग के कुछ अधिकारियों ने कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया को करोड़ो रुपए का फायदा पहुंचाया है। सीबीआई के मुताबिक टैक्स से संबंधित कागजात में छेडछाड़ कर नीरा राडिया को जानबूझकर करोड़ो रुपए की मदद पहुंचाई गई है। टीएनएन के मुताबिक नीरा राडिया के तरफ से की गई करीब 72,000 फोन कॉल की जांच करने के बाद सीबीआई इस नतीजे पर पहुंची है।

चंडीगढ़ से प्रकाशित केडी सिंह का फाइनेंसियल वर्ल्ड अखबार बंद होने की चर्चा

चंडीगढ़ से एक अपुष्ट सूचना आई है कि राज्यसभा सांसद केडी सिंह का अखबार फाइनेंसियल वर्ल्ड बंद हो गया है. बताया जाता है कि करीब दो सौ मीडियाकर्मी बेरोजगार हो गए हैं और नौकरियां तलाशते फिर रहे हैं. बताया जाता है कि फाइनेंसियल वर्ल्ड का दिल्ली एडिशन पहले ही बंद हो गया था जिसका आफिस दिल्ली में तहलका वाले ऑफिस के पास था. यहां के मुखिया शान्तनु गुहा थे.

दीपक चौरसिया और इंडिया न्यूज के खिलाफ आसाराम एंड कंपनी ने कुत्सित दुष्प्रचार अभियान शुरू किया

आसाराम एंड कंपनी ने इंडिया न्यूज के एडिटर इन चीफ दीपक चौरसिया के खिलाफ कुत्सित अभियान शुरू कर दिया है… यौन उत्पीड़न के ढेर सारे केसों में फंसे आसाराम एंड फेमिली के करीबियों ने एक खास रणनीति के तहत अपने आदमियों, समर्थकों के माध्यम से दीपक चौरसिया पर प्रहार कराना शुरू कर दिया है. इसके लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है.

आईआईएमसी के छात्र रहे और पी7न्यूज के पत्रकार शिव ओम गुप्ता को ‘केसी कुलिश अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार’

Sushant Jha : हमारे लिए खुशी की बात है कि IIMC के हमारे सहपाठी शिव ओम गुप्ता को राजस्थान पत्रिका के 'के सी कुलिश अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार' के लिए चुना गया है। शिव ओम, अन्ना के लोकपाल आन्दोलन के समय अमर उजाला के उस विशेष पृष्ठ के इनचार्ज थे जो उस आन्दोलन को कवर कर रहा था। शिवओम को यह पुरस्कार 'प्रिंट जर्नलिज्म में उत्कृष्ट कार्यों' के लिए दिया जा रहा है।

ग्वालियर से मुंबई में नभाटा के साथ पत्रकारिता करने पहुंचे फिरोज खान को किराए पर मकान नहीं मिल रहा

Ravi Rawat : महीने भर पहले नवभारत टाइम्स में ग्वालियर से आए फिरोज खान ने ज्वाइन किया है। महीना भर उन्होंने अपने एक दोस्त के साथ रहकर गुजार दिया, अब वे अपना अलग घर लेना चाहते हैं किराए पर। फिरोज मुंबई की अलग-अगल जगहों पर घर लेने की कोशिश कर चुके हैं और उनकी कोशिश लगातार जारी है। पर, उन्हें घर नहीं मिल रहा, क्योंकि उनका नाम फिरोज और उपनाम खान, उनके और मकान के बीच बाधा बन गया है।

ठाकुर राजनाथ सिंह के यहां से दो वरिष्ठ ब्राह्मण पत्रकार भूखे लौट गए…

Shrinarayan Tiwari : आज भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के यहाँ आये उत्तर प्रदेश मूल के दो बड़े वरिष्ठ ब्राहमण भूखे प्यासे ही लौट गए। आश्चर्य की बात ये है कि नवरात्रि चालू है और ठाकुर साहेब के दरवाजे से दो दो ब्राह्मणों का भूखा प्यासा लौटना? बड़ा अपशकुन माना जा रहा है. सवाल पूछा जा रहा है कि अब क्या होगा? क्या शाप तो नहीं लगा होगा?

बिहार में जाने-माने रंगकर्मी की बर्बर पुलिस पिटाई के खिलाफ सोशल मीडिया पर गुस्से की लहर

Amitesh Kumar : बेगूसराय पुलिस एक दोषी अधिकारी पर कार्यवाही करने की बजाए पुलिसिया पैंतरे अपना रही है. और गुंजन पर केस दर्ज करने का दबाव बना रही है. पुलिस को ऐसे किसी मुगालते में नहीं रहना चाहिये कि इससे घबड़ा कर रंगकर्मी समझौता कर लेंगे. क्योंकि यह सिर्फ़ रंगकर्मी का मामला नहीं है. अगर शहर के एक जाने माने चेहरे के प्रति पुलिस का यह व्यवहार है तो आम आदमी को तो उसने हाइवे पर ही निबटा दिया होता! बिहार पुलिस के आला अधिकारी तक कोई यह सूचना पहुंचा दे कि दोषी को शीघ्र सजा दी जाए और बिहार पुलिस का रवैया ठीक किया जाए. अपनी उर्जा झूठे मुकदमे में खर्च करने की बजाए आम आदमी की सुरक्षा में अधिक ध्यान दिया जाए.

ये जो नंगी पीठ देख रहे हैं, ये है बिहार की कला, जो निशान दिख रहे हैं, वो है कलाकार को मिला इनाम

Nitin Chandra : हम किस राज ठाकरे, किस बाल ठाकरे, किस शीला दीक्षित और किस दिल्ली वाले और किस मराठी को दोषी ठहराते हैं। यहाँ पर बिहार के अन्दर एक बिहारी दूसरे बिहारी के साथ जो करता है वो देश के किसी हिस्से में हमारे साथ नहीं होता है। बस बुद्ध और अशोक के नाम पर खोखले शान बघारते रह गए। अरे हम तो आईएएस और आईपीएस बनते हैं। बनकर क्या उखाड़ लिया? इज्ज़त तो कोई किसी की नहीं करना चाहता। इज्ज़त क्या है, ये भी पता है? सब बेइमानी है। अभी प्रवीन भाई से बात हुई। जितने धीरे उनके मुँह से शब्द थे, उससे कहीं ज्यादा दर्द चीख रहा था। प्रवीन भाई, मिट्टी खराब हो चुकी है।

राष्ट्रभाषा तो है नहीं, राष्ट्र कवि की फ़रियाद!

Dayanand Pandey : एक हैं मोहम्मद अनस। आजकल फ़ेसबुक पर राष्ट्र कवि कौन हो की एक नकली बहस के बहाने अपने को सुखी करने में डटे पड़े हैं। हिंदी-उर्दू का खांचा भी खींच बैठे हैं। मैथिली शरण गुप्त, दिनकर और सोहन लाल द्विवेदी को लानत भेजते हुए अपना दुख भी जता रहे हैं कि हाय फ़िराक को क्यों नहीं राष्ट्र कवि बनाया गया? हमारे मित्र हैं शंभूनाथ शुक्ल। वह भी मोहम्मद अनस के सुर में सुर मिला गए हैं पर वह शहरयार को राष्ट्र कवि बनाने की पैरवी कर रहे हैं। अभी यह लोग हिंदी को छोड़ कर उर्दू के कवियों को राष्ट्र कवि बना कर अपनी धर्मनिरपेक्षता कहिए या भावना कहिए व्यक्त कर रहे हैं।

बेगूसराय स्टेशन के पास आधी रात मित्रों संग चाय पीते रंगकर्मी गुंजन पर पुलिसिया कहर को क्या कहें!

कोई दो दशक पहले जब सीडी का चलन आम नहीं था और फिल्म वगैरह देखने के लिये किराये पर वीसीपी लाना पड़ता था, उन दिनों उमर शरीफ के एक नाटक ‘बकरा किस्तों में’ वीडियो बेहद मकबूल था। इसी नाटक में एक प्रसंग है कि एक दवा के सेवन से इंसान की उम्र घट जाती है। संयोग या दुर्योग से एक पुलिस वाला इस दवा की खुराक कुछ ज्यादा ही ले लेता है और वह पुलिसिया वर्दी में ही छोटे-से बच्चे में तब्दील हो जाता है। इस मजेदार दृश्य में पुलिस को गोद में उठाये नायिका से नायक कहता है, ‘‘बेगम, इसे पढ़ाओ – लिखाओ, इसे बेहतर परवरिश दो ताकि आने वाली नस्लों को एक अच्छी, पढ़ी-लिखी पुलिस मिल सके!’’ यानी पड़ोसी मुल्क में भी पुलिस का हाल वही है, जो अपने यहाँ है।

बेगूसराय में दाढ़ी बढ़ाने के जुर्म में रंग निर्देशक प्रवीण कुमार गुंजन की पुलिस ने की निर्मम पिटाई

ऐसा क्या बिहार में ही होना था और वह भी बेगूसराय में! राज्य सरकार, केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित और देश के उभरते हुए रंग निर्देशक प्रवीण कुमार गुंजन को बिहार पुलिस के एक निर्मम दारोगा और उसके साथियों ने इसलिये बेरहमी से पीटा क्योंकि उनकी दाढ़ी बढ़ी हुई थी, क्योंकि उन्होंने यह बताने की कोशिश की वे एक रंगकर्मी है, क्योंकि उन्होंने पुलिस अधिकारी को कहा कि आप इसकी ताइद अपने आला आधिकारियों से कर सकते हैं।  बहरी पुलिस ने तब तक पीटा जब तक वे अस्पताल जाने लायक नहीं हो गये, बिना किसी आपराधिक रिकार्ड के हाजत में रखा…

दो पीड़ित हिंदुस्तानियों ने लेबर कमिश्नर शालिनी प्रसाद से की लिखित कंप्लेन (पढ़ें पत्र)

हिंदुस्तान अखबार में मध्ययुगीन अनाचार फैला हुआ है. प्रबंधन ने कत्लेआम करने वाले तानाशाह जमींदार / सामंत का रूप धारण कर लिया है. जिसे चाहो निकालो, ट्रांसफर करो, धमकाओ, आफिस से बाहर कर दो… दर्जनों बुजुर्ग और दशकों से जुड़े कर्मचारियों का बिहार के कई एडिशनों से यूपी-उत्तराखंड के कई एडिशनों में तबादला कर दिया गया ताकि ये लोग परेशान होकर खुद इस्तीफा दे दें.

सात करोड़ रुपये बचाने के लिए शोभना भरतिया और शशि शेखर ले रहे हैं अपने 22 बुजुर्ग कर्मियों की बलि!

हिंदुस्तान प्रबंधन अपने ही मीडियाकर्मियों को परेशान कर रहा है। प्रबंधन की मंशा है कि मजीठिया वेजबोर्ड पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले वह ज्यादा से ज्यादा स्थायी और बुजुर्ग कर्मचारियों से मुक्ति पा ले। इसी कारण प्रबंधन अपने कर्मचारियों को किनारे लगाने की कोशिश कर रहा है। प्रबंधन ने बाइस लोगों का तबादला कर दूर फेंक दिया है। जो तबादला स्वीकार कर नई जगह जा रहा है, उसे फिर किसी और सेंटर पर भेज दिया जा रहा है। जबरन डराया धमकाया जा रहा है ताकि इस्तीफा दे दें।

हिंदुस्तान अखबार के 22 छोटे कर्मियों का दूर-दराज तबादला… (देखें लिस्ट) …उत्पीड़न चालू है…

पत्रकारों और गैर पत्रकारों के वेतन के लिए गठित मजीठिया वेजबोर्ड पर सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला करता है, यह तो अभी समय के गर्भ में है पर हिंदुस्तान प्रबंधन ने इस फैसले के भय से ही बिहार से 22 लोगों का तबादला कानपुर और देहरादून के लिए कर दिया है ताकि इन्हें संस्थान से बाहर किया जा सके और इन्हें मजीठिया के लाभ से वंचित किया जा सके। सूत्र बता रहे हैं कि सबसे ज्यादा मुजफ्फरपुर और पटना से स्थानांतरण हुए हैं। स्थानीय स्तर के जीएम इनको धमकाकर न केवल इस्तीफा लिखवा रहे हैं बल्कि वे तानाशाही रवैये से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।

पायनियर हिंदी में माया के खिलाफ बेहद अश्लील लाइनें प्रकाशित, कई पर मुकदमा दर्ज

लखनऊ से खबर है कि पायनियर हिंदी अखबार में माया के खिलाफ बेहद अश्लील लाइनें प्रकाशित हो गई हैं. संपादक विजय प्रकाश ने कानपुर डेस्क के छह मीडियाकर्मियों के खिलाफ लखनऊ के थाना गाजीपुर में एफआईआर दर्ज करा दी है. मायावती के खिलाफ जो कुछ छपा है, वो इतना अश्लील है कि उसका प्रकाशन यहां भी नहीं किया जा सकता. भड़ास4मीडिया के पास न सिर्फ अखबार की कटिंग है बल्कि एफआईआर की कापी भी है.

अनुपम मार्कंडेय फिर लौटे मीडिया में, साधना से चार गए, कश्मीरा की नई पारी

अनुपम मार्कंडेय के बारे में सूचना है कि वे फिर से बरेली-मुरादाबाद की तरफ लौट आए हैं. अबकी वे लखनऊ से प्रकाशित एक अखबार कैनविज टाइम्स को लांच कराने का जिम्मा लेकर लौटे हैं. अनुपम मार्केंडेय अमर उजाला, दैनिक जागरण में कई दशक तक कार्य कर चुके हैं. बीच में काफी समय से वे दिल्ली में किसी कंपनी में कार्यरत रहे. अल्पविराम के बाद वे फिर से मीडिया में वापसी कर रहे हैं.

गुजरात में सूखे के समय दलित बन रहे हैं भेदभाव का शिकार

'वाईब्रेंट गुजरात' के सौराष्ट्र की जसदान तहसील के कनेसरा गांव में एक नन्हा-सा दलित बालक अपनी दादी से कहता है, 'मुझे एक गिलास पानी तो दो। बहुत प्यास लगी है'। वे उत्तर देती हैं, 'तुम्हारी मां को घर आ जाने दो। वे बहुत दूर से पानी लेने गयी हैं। जब वे वापस आ जावेंगी, तब हम दोनों पानी पियेंगे'। लड़का पूछता है, 'मेरी मां को एक मटका पानी लाने के लिए इतनी दूर तक क्यों जाना पड़ता है? गांव की हौदी में तो ढेर सारा पानी है'। दादी को इस प्रश्न का उत्तर बहुत अच्छी तरह से मालूम है परन्तु वे उस छोटे-से बालक को समझा नहीं सकतीं।

राज्य सभा टेलीविजन साक्षात्कार में फिर हुआ भेदभाव!

राज्य सभा टेलीविजन में दोबारा फिर हुआ भेदभाव. कल दो वरिष्ठ कैमरामैन पद के लिए इंटरव्यू कंडक्ट किए गए. पर हमने देखा है कि जो लोग वहां वर्तमान में कार्यरत कैमरामैन हैं, वे लोग भी इंटरव्यू दे रहे हैं. ये लोग किस प्रकार एलिजबल हो सकते हैं. इन्हें पहले रिजीगनेशन देना चाहिए, फिर साक्षात्कार में एपीयर होना चाहिए.

सिखों का कहना है कि पासी ने पगड़ी का अपमान किया है

सिखों का एक धड़ा आजकल भाजपा नेता पूर्व सांसद बलराज पासी का पगड़ी का अपमान का आरोप लगाते हुए विरोध कर रहा है। मालूम हो कि विगत दिनों मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा अपनी पार्टी के एक कार्यक्रम में रुद्रपुर आए थे विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत बलराज पासी ने मुख्यमंत्री का विरोध करने जा रहे थे लेकिन विरोधियों को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल तक नहीं जाने दे रही थी, तो पासी ने पगड़ी बांधकर भेस बदला था, ताकि पुलिस गच्चा खा जाए। इस पर सिखों का कहना है कि पासी ने पगड़ी का अपमान किया है। सिखों का एक धड़ा पगड़ी के अपमान पर पासी से माफी मांगने की मांग कर रहा है।

कॉरपोरेट घराने यशवंत को जेल तो भिजवा सकते हैं लेकिन ‘जानेमन जेल’ लिखने से कैसे रोकेंगे

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम के सम्पादक यशवंत की किताब "जानेमन जेल" कल मेरे पास आई. यशवंत भाई की मोहब्बत है कि एक बार फोन काल करने पर उन्होंने किताब अपने पब्लिशर को मेरा पता देकर भिजवा दी. देखने के लिए खोला तो एक पेज पढने का मन हुआ और जब एक पेज पढने लगा तो पूरी किताब पढ़े बिना चैन नहीं आया. जेल जाने को भी ख़ुशनसीबी समझना और बिना झुके उसूलों को बरक़रार रखने का हुनर भाई यशवंत से कोई सीखे।

स्मिता मिश्रा दक्षिण भारतीय अंग्रेजी अखबार ‘मेट्रो इंडिया’ की दिल्ली ब्यूरो चीफ बनीं

वरिष्ठ पत्रकार स्मिता मिश्रा ने दक्षिण भारत के अखबार 'मेट्रो इंडिया' के दिल्ली ब्यूरो चीफ के रूप में नई पारी की शुरुआत की है. 'मेट्रो इंडिया' अभी हाल में ही आंध्र प्रदेश से लांच किया गया अंग्रेजी अखबार है. जिस ग्रुप ने इस अखबार को लांच किया है, उसका एक तेलगु दैनिक और एक तेलगु रीजनल न्यूज चैनल में मालिकाना हिस्सा है. यह ग्रुप तेलंगाना समर्थक है. ग्रुप के मालिक हैं सीएल राजम, जो आंध्र प्रदेश के मशहूर उद्योगपति हैं.

एएनआई में अंदर ही अंदर असंतोष की आग, पंद्रह वर्षों का नाता तोड़ रही हैं अजीथा मेनन

खबर है कि समाचार एजेंसी एएनआई से पंद्रह वर्षों का साथ अजीथा मेनन छोड़ रही हैं. अजीथा कोलकाता की वरिष्ठ पत्रकार हैं और एएनआई की ब्यूरो चीफ हैं. अजीथा ने एक महीने का नोटिस एएनआई प्रबंधन को दिया है. सूत्रों का कहना है कि एएनआई मैनेजमेंट की मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर अजीथा ने इस्तीफा देने का फैसला लिया. पत्रकारिता में कोलकाता यूनीवर्सिटी से गोल्डमेडलिस्ट रहीं अजीथा को कई फेलोशिप मिल चुके हैं.

जातिवाद-क्षेत्रवाद में सिमटता मुलायम का समाजवाद

लखनऊ  : न हम बदले हैं, न हमारी सोच बदली है। हमें तो जातिवाद का ही सहारा है। एम (मुस्लिम) वाई (यादव) फैक्टर के सहारे दिल्ली के तख्तो ताज पर कब्जा करने की हसरत पाले सपा प्रमुख की यही सोच उनके सामने चट्टान की तरह अवरोधक बन कर खड़ी हो गई है,लेकिन न तो मुलायम को कुछ दिखाई दे रहा है न सुनाई। किसी की सुनने को भी वह तैयार नहीं है। उनकी हठधर्मी से पार्टी के भीतर ही विरोध के सुर सनाई पड़ने लगे हैं।

दर्जनों चैनलों के नाम पर यह अकेला करता है ठेकेदारी!

उज्जैन में इन दिनों एक प्रादेशिक न्यूज चैनल के एक मार्केंटिंग मैन ने अपनी संस्था के साथ साथ दर्जनों चैनलों की ठेकेदारी का जिम्मा उठा रखा है. चुनाव सामने आते ही खुद को पत्रकार बता कर दर्जनों इलेक्ट्रानिक चैनलों की ठेकेदारी करने वाले इस सक्रिय मार्केटिंग मैन के कारण शहर के ब्रांडेड चैनलों के स्ट्रिंगर खासे परेशान हैं. बिना किसी की मौजूदगी में ये खुद ही आधा दर्जन चैनलों के नाम से सौदेबाजी कर लेता है.

क्यों चुनाव प्रक्रिया से हटे एडवोकेट पीयूष जैन?

कड़कडड़ूमा कोर्ट का जाना-माना नाम एडवोकेट पीयूष जैन ने अचानक चुनाव से दो दिन पहले घोषणा की कि वह चुनाव प्रक्रिया से हट रहे हैं। श्री जैन इस कोर्ट में ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के उम्मीदवार थे। उनके शांत और हंसमुख स्वभाव के कायल उनके खिलाफ चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवार और उनके समर्थक भी हैं।

मतलब साफ कि वसूलो और कमाओ

वाह रे चैनल हेड जी, के न्यूज, आप की जितनी तारीफ की जाय कम है.. पहले तो आप खबरों के लिए बड़ा जोर मारा करते थे..अब विज्ञापन के लिए मार रहे हैं.. क्या हो गया है..आपको …आप इनपुट और एसाइनमेंट का काम छोड़कर मार्केटिंग विभाग के जीएम की तरह काम करने लगे हैं.. कभी भी एक बार संवाददाताओं को खबरों के बारे में बात नहीं करते पर विज्ञापन के लिए कई बार मेल कर रहे हैं.. लगता है अब आपको भी मालिकों की बात ज्यादा समझ में आने लगी है.. संवाददाताओं की नहीं..

आदित्य पंचोली ने महिला पत्रकार पर उठाया हाथ, कैमरा तोड़ा

मुंबई : बॉलीवुड में अपने झगड़ालू स्वभाव के लिए बदनाम अभिनेता आदित्य पंचोली ने मंगलवार को एक न्यूज चैनल की महिला पत्रकार पर हाथ उठाया। इतना ही नहीं उन्होंने महिला पत्रकार से साथ मौजूद कैमरामैन के हाथ से कैमरा छीन कर जमीन पर पटक कर तोड़ दिया।

जब रावण के साथ हुई बदमाशी

पिछली बार जब मैंने ब्लॉग लिखा तो मुझे एक ईमेल मिला। यह ईमेल लंदन से था। एक पाठक ने मुझसे पूछा कि ‘समझदारों का पागलखाना’ वाले लेख के पात्र क्या सचमुच इसी दुनिया के हैं। कुछ लोगों को लगता है कि इतने मजेदार लोग इस दुनिया में कैसे हो सकते हैं? वास्तव में मेरे सभी पात्र इसी दुनिया के हैं। दरअसल हमारी दुनिया जितनी साफ दिखाई देती है, यह उतनी ही रहस्यों से भी भरी हुई है। आप किसी भी वस्तु के अस्तित्व पर गौर कर उससे जुड़े रहस्य को महसूस कर सकते हैं। अगर न मानें तो हर कोई साधारण और मानें तो हर चीज जादुई। जादू मुझे बचपन से ही पसंद है। अगर आज के जमाने में कहीं जादू की छड़ी काम करती तो मैं एक रहस्य का पर्दाफाश करता, जो आज तक रहस्य ही बना हुआ है।

महाराष्ट्र सरकार ने कल्याण रकम दोगुना की पर इसका लाभ केवल मान्यता प्राप्त पत्रकार को ही

महाराष्ट्र सरकार ने पत्रकार कल्याण कोष से पत्रकारों को दिऐ जान वाली रकम दुगना तो कर दी है लेकिऩ इस योजना का लाभ केवल ऍक्रीडेटेड पत्रकारों को ही मिल रहा है. इससे पत्रकार जगत में काफी आक्रोश है. महाराष्ट्र में केवल 8 से 10 प्रतिशत ही ऍक्रीडेटेड पत्रकार हैं. राज्य के 35 जिले में 22,000 से उपर पत्रकार हैं. इसमें वीकली के संपादक, फ्री लान्स, वर्किंग जर्नलिस्ट, टीवी के स्ट्रिंगर, फोटोग्राफर आदि शामिल हैं.

हिन्दुस्तान, आगरा के एटा ऑफिस पर पुलिस का छापा!

हिन्दुस्तान आगरा के एटा ब्यूरो आफिस में सोमवार 7-10-13 को पुलिस पहुंची. एटा में विज्ञापन के राजीव गुप्ता व सर्कुलेशन विभाग के सुबोध गुप्ता द्वारा की गई गड़बडियों को तत्कालीन ब्यूरोचीफ अनुज शर्मा ने पकड़ लिया था. यही नहीं इस संबंध में लगातार संपादक और उच्च प्रबंधन को शिकायत कर रहे थे. कई ठोस सबूत उन्होंने अपकंट्री हेड अरूण त्रिपाठी, संपादक पुष्पेन्द्र शर्मा व यूपी उत्तराखंड के एचआर हेड रवि शंकर तक पहुंचा दिए थे.

अब खबर वह होती है जो बिकने लायक होती है

: चुनाव में पूँजीपतियों का दखल घातक : 'चुनाव और मीडिया' पर सेमिनार : लोकतंत्र के महोत्सव का बिगुल बज गया है, जिसमें सामान्य जन खास हो जाता है और खास शख्स आम जन की शरणागत। यहीं इस महोत्सव की खासियत है। सामान्य तौर पर हर पांच साल में मनाये जाने वाले इस उत्सव में मतदाताओं के हाथों में वोट का ब्रह्मास्त्र होता है। इसके प्रहार से राजा, रंक हो जाता है। इसे चलाने का मौका जल्दी ही मतदाताओं को मिलने वाला है। राजस्थान सहित पांच राज्यों में विधानसभाओं के गठन के लिए यह अवसर दो महीने बाद आएगा, वहीं लोकसभा के लिए देशवासियों को यह तोहफा सात-आठ माह के अंतराल में मिलेगा। इसलिए आने वाला समय नागरिकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है।

हाइकार्ट ने पत्रकार पर दर्ज मुकदमे पर लगाई रोक

इलाहाबाद : संत रविदास नगर भदोही के वरिष्ठ पत्रकार सुरेश गांधी के विरूद्ध पुलिस द्वारा दायर झूठी प्राथमिकी के आधार पर चल रहे मुकदमें पर माननीय उच्च न्यायालय ने अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी. माननीय न्यायमूर्ति वीके नारायन के समक्ष प्रस्तुत याचिका में याची की तरफ से वरिष्ठ अधिक्ता के0 के0 राय एवं शम्स विकास ने बहस की. माननीय उच्च न्यायालय ने विपक्षीगण को प्रतिशपथपत्र दाखिल करने के लिए डेढ़ माह का समय दिया है और दो महीने के बाद याचिका को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है.

कृपया मुझे वोट न दें : पीयूष जैन एडवोकेट

साथियों नमस्कार, आप सभी जानते हैं कि शाहदरा बार एसोसिएशन के वर्तमान चुनावों में मैं ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद का उम्मीदवार था। 1 अक्टूबर को जो हुआ, वह शाहदरा बार एसोसिएशन के इतिहास का काले धब्बे के रूप में जाना जाएगा। इसकी सारी जिम्मेदारी चुनाव समिति (गड़बड़ समिति) के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार शर्मा की है। आप सभी जानते हैं कि गड़बड़ समिति के कुछ सदस्य अपने चहेतों के लिए वहां पर वोट मांग रहे थे। यानी की उम्मीदवार अपने प्रतिद्वंद्वी की बजाय गड़बड़ समिति के साथ चुनाव लड़ रहे थे। इस वजह से उस दिन वोटिंग को स्थगित करना पड़ा और गड़बड़ समिति के अध्यक्ष को हटाने के लिए 3 अक्टूबर को एक मीटिंग का आयोजन किया गया।

दयानंद पांडेय, कौन कुमति तोहे लागे

: ‘जाति न पूछो साधु के बरक्स आलोचना के लोचन का संकट ऊर्फ वीरेंद्र यादव का यादव हो जाना’ के प्रतिवाद में : देश के बड़े साहित्यिक सम्मानों को पाने वालों में बाह्मण व द्विज ही कब्जा जमाये हुए है। ज्ञानपीठ सम्मान(हिन्दी) और साहित्य अकादमी सम्मान(हिन्दी) पाने वालों के नाम की सूची से खुलासा होता है कि साहित्य के क्षेत्र में पुरस्कार पाने वालों में द्विज शिखर पर हैं और दलित-पिछड़े हाशिये पर। 1968 से 2009 तक ज्ञानपीठ सम्मान(हिन्दी) पाने वालों में एक भी दलित-पिछड़ा नहीं है। सम्मान पाने वालों में चार बाह्मण, एक भूमिहार बाह्मण और चार द्विज है।

अभिषेक पांडेय ने इंडिया टीवी छोड़कर इंडिया न्यूज ज्वाइन किया

दो वर्षों से इंडिया टीवी में बतौर रिपोर्टर काम कर रहे अभिषेक पांडेय ने नई पारी की शुरुआत इंडिया न्यूज चैनल के बतौर करेस्पांडेंट की है. अभिषेक ने जर्नलिज्म का कोर्स करने के बाद स्टार न्यूज के एक रियल्टी शो 'स्टार एंकर हंट' के दौरान दिल्ली से विजेता रहे हैं.

बसपा में लोकतंत्र के लिए स्थान नहीं, इसलिए कांग्रेस ज्वाइन किया : कंवल भारती

रामपुर । फेसबुक पर आईएएस दुर्गाशक्ति नागपाल के निलंबन पर टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तारी से सुर्खियों में आए साहित्यकार कंवल भारती ने कांग्रेस ज्वाइन कर ली है। नौ अक्टूबर को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की होने वाली धन्यवाद रैली को लेकर केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री जितिन प्रसाद मंगलवार को रामपुर पहुंचे।

तीसरा मोर्चा ‘एक्सपायर्ड इलेक्शन चॉकलेट’ जैसा, जिसका कोई उपयोग नहीं

कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व में दोनों गठबंधन एक-दूसरे को मात देने की होड़ में तेजी से जुट गए हैं। ऐसे दौर में वामदलों ने दोनों गठबंधनों की बढ़त रोकने के लिए ‘तीसरे मोर्चे’ की मुहिम तेज कराने के लिए कवायद शुरू कर दी है। सीपीएम के वरिष्ठ नेताओं ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को इस अभियान का अगुवा बना दिया है। कोशिश की जा रही है कि एक महीने के भीतर ही तीसरे राजनीतिक विकल्प की सुगबुगाहट तेज करा दी जाए।

काले को सफेद करने की कला भाजपा वालों को कांग्रेसियों से सीखनी होगी

पिछले आम चुनाव में किस पार्टी ने कितना खर्चा किया और उसमें से कितना पैसा नकद आया और कितना चेक से, यह अभी चुनाव आयोग ने बताया है। ये आंकड़े चुनाव आयोग ने अपनी जांच-पड़ताल से इकट्ठे नहीं किए हैं। ये उन पार्टियों ने अपनी तरफ से दिए हैं। पहले हम इन आंकड़ों को देखें और फिर उनका विश्लेषण करें। 2009 के पिछले चुनाव में भाजपा का दावा है कि उसने 448 करोड़ रु. खर्च किए, जिसमें से 49 प्रतिशत चेक से आए, बाकी 51 प्रतिशत नकद आए।

रमन सिंह ने बलात्कार में छत्तीसगढ़ को नंबर वन बना दिया है : कांग्रेस

रायपुर । प्रदेश कांग्रेस कमेटी व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कन्हैया अग्रवाल ने राजनांदगांव में मासूम बच्ची के साथ हुए बलात्कार और उसके बाद चिकित्सा के नाम पर हुई लेनदेन की घटना को प्रदेश की जनता को शर्मसार करने वाला बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश को अपराधगढ़ बना दिया है। लूट का ताण्डव मचा हुआ है। राजधानी के बूढ़ातालाब की चैपाटी का काम रुकने के बाद अब तालाब के परिक्रमा पथ को बर्बाद किया जा रहा है।

गाजीपुर मे विश्‍वविद्यालय की मांग पर लाठियों का तोहफा

प्रदेश की समाजवादी सरकार छात्रों और युवाओं की सबसे बड़ी हितैषी होने का दावा कर रही है लेकिन अखिलेश सरकार मे छात्रों को खुलेआम पुलिस द्वारा बर्बर तरीके से पीटा जा रहा है। छात्रों का कुसूर महज इतना है कि ये छात्र उच्च शिक्षा के लिए अपने जिले मे विश्‍वविद्यालय स्थापित करने की मांग कर रहें है। गाजीपुर मे विश्‍वविद्यालय स्थापना की मांग को लेकर पिछले एक हफ्ते से चल रहा छात्रों का लोकतांत्रिक आमरण अनशन मंगलवार को पुलिस की लाठियों की भेंट चढ़ गया।

जब मैं समझ गई कि राजेंद्र यादव के घर से बच कर निकलना नामुमकिन है, तब मैंने सौ नंबर मिलाया

जुलाई 2013 में एक खबर आई थी कि राजेन्द्र यादव की प्रिय लेखिका ज्योति कुमारी ने ‘हंस’ का बहिष्कार किया है। सितम्बर के संपादकीय में ज्योति को लेकर श्री यादव का अनर्गल प्रलाप छपा। अक्टूबर संपादकीय में उन्होंने अपनी गलती के लिए युवा लेखिका से क्षमा मांग ली। राजेन्द्र यादव और हंस के बहिष्कार को लेकर आशीष कुमार ‘अंशु’ ने ज्योति कुमारी से लंबी बातचीत की। ज्योति ने विस्तार से पूरी कहानी बयान की। इस कहानी में यदि आने वाले समय में राजेन्द्र यादव का पक्ष शामिल होता है तो यह कहानी पूरी मानी जाएगी। यहां प्रस्तुत है, ज्योति का बयान, जैसा उन्होंने आशीष को बताया। 

हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा- कितने लोगों को अवैध ढंग से सुरक्षा दी?

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर की तरफ से उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सुरक्षाकर्मी दिये जाने के सम्बन्ध में जारी दो शासनादेशों को चुनौती देती पीआईएल संख्या 6509/2013 पर इलाहाबाद हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच ने आज राज्य सरकार से दस दिनों के अन्दर अनुमन्य लोगों के अलावा अन्य लोगों को सुरक्षा प्रदान किये जाने की पूरी सूची दिए जाने के आदेश दिए हैं.

एकदम से एंटी ब्रह्मनिस्म लिखते हैं.. हम लोग दशहरा के दिन प्रतियां जलाएंगे

अभी थोड़ी देर पहले सुपौल (बिहार) शहर मेरे घर पर ब्राह्मण टोला से कुछ लोग आये थे। बड़े टेम्पर में थे। एक के हाथ में फारवर्ड प्रेस का अगस्त अंक और पेज संख्या 32 " No Entry for Brahmins " ('ब्राह्मणों का प्रवेश निषेध') शीर्षक लेख की फोटो कॉपी थी। परिचय होने के बाद उनलोगों से हुई बात चीत के अंश का यह आप लोगों लिए प्रस्‍तुत कर रहा हूं :

भुट्टा वाला

Yashwant Singh : भुट्टे के दिन खत्म. मेरे मोहल्ले के मोड़ पर रोज भुट्टे भून कर खिलाने वाला भुट्टा वाला अब अपना ठेला नहीं लगाता. उसके बगले में मोसम्मी जूस बेचने वाला बताता है कि भुट्टे के दिन खत्म हो गए तो वो भुट्टा वाला अब रिक्शा वाला बन गया होगा. मै नासमझ सा दिखा तो उसने समझाया. वो भुट्टा वाला दिन में रिक्शा चलाता था और शाम चार बजे के आसपास रिक्शा खड़ा कर भुट्टा वाला ठेला लगा देता था. अब भुट्टे नहीं आ रहे होंगे इसलिए वो फुल टाइम रिक्शा चला रहा होगा.

यशवंत की ‘जानेमन जेल’ पढ़ते हुए रोहित की ‘जेल डायरी’ याद आई, पढ़ें कुछ अंश

Manika Mohini :  'जानेमन जेल' यशवंत सिंह की पहली पुस्तक है, जो किसी विधा के तहत नहीं लिखी गई है. यह लेखक का आत्मालाप है. डायरी इसलिए नहीं कह सकते क्योंकि इसमें तिथिवार ब्यौरा नहीं है. इसमें मुख्यरूप से तो लेखक के जेल में कैद होकर बिताए 68 दिनों के अनुभवों की कहानी है.

अरुण पुरी के इस पत्र से दूसरे मीडिया मालिकों को सबक लेना चाहिए, पढ़ें पत्र

आमतौर पर जब कोई संपादक किसी मीडिया ग्रुप से विदा लेता है तो उसके प्रति मालिक का रवैया सकारात्मक नहीं रहता. लेकिन अरुण पुरी ने अपने एक संपादक की विदाई पर जो पत्र जारी किया है, उसमें उन्होंने संपादक की अच्छाइयां और उनके किए गए योगदान को गिनाया है.

एक्सक्लूसिव खबर बनाने के लिए रुकवा दिया राहुल गांधी का काफिला

नागपुर : एक पत्रकार ने एक्सक्लूसिव खबर बनाने के चक्कर में राहुल गांधी के काफिले को रुकवा दिया. उसने इस काम के लिए महिलाओं को आगे कर दिया. मामला नागपुर का है. बीते दिनों कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कार्यकर्ताओं से मिलने महाराष्ट्र के दो दिन के दौरे पर थे. इसी सिलसिले में वो 24 सितम्बर को नागपुर पहुंचे थे. सर्वविदित है कि राहुल गांधी की सुरक्षा अभेद्य होती है लेकिन इंडिया न्यूज़ नागपुर के सीनियर पत्रकार राजेश तिवारी ने एक्सक्लूसिव खबर बनाने के लिए सुराबर्डी गांव के समीप सुनियोजित तरीके से कुछ महिलाओं को आगे कर राहुल गाँधी का काफिला रुकवा दिया.

गांधी ग्राम संवाद यात्रा का हुआ समापन, रजी अहमद को सौंपी गई यात्रा की रिपोर्ट

पटना। गांधी जयंती के मौके पर दो अक्टूबर को शुरू हुई गांधी ग्राम संवाद यात्रा छह अक्टूबर रविवार को पटना के गांधी संग्रहालय में पहुंच कर समाप्त हो गयी। यात्रा में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार वीरेंद्र यादव, आदित्य कुमार और गौरव सिंह ने गांधी संग्रहालय के मंत्री रजी अहमद को यात्रा की संक्षिप्त रिपोर्ट सौंपी। यात्रा पर आधारित डाक्यूमेंट्री भी उन्हें दिखायी गयी। इस मौके पर गांधी जी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किये गए। यात्रा में शामिल तीनों लोगों ने पूरी यात्रा साइकिल से की और गांधी से जुड़े लोग, जगह और आश्रमों तक पहुंच कर जानकारी एकत्रित करने की पहल की।

संगीतज्ञ और कवि औरंगजेब : मैं शीशा था, मुझे क्यों आपने पत्थर बना डाला?

Dhruv Gupt : अंग्रेज इतिहासकारों के विभाजनकारी नज़रिए ने मुग़ल बादशाह औरंगजेब को आम तौर पर एक कट्टर, धर्मांध, शुष्क और हृदयहीन शासक के रूप में ही चित्रित किया और हिन्दुवादी इतिहासकारों ने उनका अनुगमन किया है। सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। बहुत कम लोगों को पता है कि औरंगजेब कठोर शासक के अलावा एक विलक्षण संगीतप्रेमी और एक भावुक कवि भी थे।

छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता ने किया दलित लड़की से रेप, मीडिया पैसे लेकर चुप

Vikram Singh Chauhan : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के सरसीवां थाना क्षेत्र में एक दलित लड़की से बलात्कार का मामला सामने आया है. बलात्कारी भाजपा के युवा मोर्चा भाजयुमो का युवा नेता व राईस मिलर नरेश चंद्रा है. पीड़िता सरला (बदला हुए नाम) सरसीवां थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है. लड़की दसवीं कक्षा में पढ़ती है. भाजयुमो नेता ने अपने रसूख और पहुँच का पूरा फायदा उठाते हुए मामले को दबाने की पूरी कोशिश की है.

चैनल के लिए इंटरव्यू देने गया तो एंकर ने पूछा- कैश, डीडी या चेक लाये हो?

24 सितम्बर 2013 को मैं ठाणे में एक नए चैनल के साक्षात्कार के लिए गया था, जिसका नाम था 'गर्जा महाराष्ट्र' मराठी न्यूज़ चैनल. ये चैनल सिर्फ इन्टरनेट पर एक पोर्टल जैसा शुरू हुआ है… वहां पहुंचने के बाद मुझे पूना, अमरावती, नागपूर यवतमाल आणि चंद्रपूर के कुछ युवा पत्रकार मिले. हम सब वहां अपनी बारी का इन्तजार कर रहे थे. हम सब एक दूसरे के अनुभवों से परिचित हो रहे थे. उसके बाद चैनल के एंकर स्नेहल ने हमें साक्षात्कार के लिए केबिन में बुलाया. मैं अपने पूरे जोश के साथ अंदर चला गया. एंकर ने मूझसे पूछा कि कुछ लाये हो साथ में? मैंने कहा- हां, मैं अपना सीवी लाया हूं. वो फटाक से कहा- सीवी नहीं कैश, डीडी, या चेक ये लाये हो क्या?

इंडिया टीवी नंबर दो पर आया, इंडिया न्यूज की टीआरपी में उछाल जारी

39वें हफ्ते की टीआरपी में इंडिया टीवी नंबर दो पर आ गया है. एबीपी न्यूज नंबर तीन पर जा चुका है. लेकिन इंडिया न्यूज नंबर चार की पोजीशन पर कायम है. इस बार भी इंडिया न्यूज की टीआरपी बढ़ी है. आईबीएन7 और सहारा ग्रुप के समय चैनल की टीआरपी गिरी है. 39वें हफ्ते की टीआरपी इस प्रकार है….

बैंक वालों ने बकाया वसूली के लिए महुआ न्यूज और पीके तिवारी के यहां मारा छापा

नोएडा फिल्म सिटी से खबर आ रही है कि महुआ न्यूज के आफिस पर छापा पड़ गया है. बैंक वालों ने अपने अरबों रुपये के कर्ज की वसूली के लिए यह छापा मारा है. वे एक-एक सामान की तस्वीर खींच रहे हैं और उसकी कीमत आंक रहे हैं. हालांकि कहा जा रहा है कि पीके तिवारी को ये अंदाजा था कि छापा पड़ने वाला है इसलिए महंगे इक्विपमेंट हटा दिए गए थे. आज सुबह ही महंगी वाली एफसीपी मशीन को पीके तिवारी के निर्देश पर आफिस वालों ने छुपा दिया था. बैंक वाले जो सामान मौजूद है, उसकी वैल्यू लगा रहे हैं और रजिस्ट पर नोट कर रहे हैं.

आईआईएमसी झुका, उर्दू पत्रकारिता के छात्रों को हास्टल मिलेगा

Abhishek Ranjan Singh : IIMC प्रशासन की और से प्रकाशित संशोधित इश्तेहार… भारतीय जनसंचार संस्थान के हाकिमों ने 4 अक्टूबर को उर्दू पत्रकारिता के संबंध में संशोधित इश्तेहार प्रकाशित कराया है, जिसमें छात्राओं को हास्टल सुविधा देने की बात कही गई है, जबकि सितंबर माह में प्रकाशित इश्तेहार में उन्होंने उर्दू पत्रकारिता की छात्राओं के छात्रावास की सुविधा नहीं होने की बात कही थी.

द ग्रेट गुलाब बाई थियेट्रिकल कंपनी

Dhruv Gupt : एक थी गुलाब बाई. उत्तर भारत की सर्वाधिक लोकप्रिय नाट्य-विधा 'नौटंकी' के लगभग चार सौ साल पुराने इतिहास से अगर किसी एक शख्सियत का नाम लेने को कहा जाय तो निर्विवाद रूप से वह नाम होगा पद्मश्री स्व. गुलाब बाई का। अपने जीवनकाल में ही किंवदंती बनी इस महान लोक कलाकार का जन्म उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद के बलपुरवा गांव के एक गरीब लोक-गायक परिवार में हुआ था।

नवरात्र, प्याज, उदय प्रकाश और जय माता दी!

Uday Prakash :  सुबह सब्जी मंडी में प्याज ने पिछले ढाई-तीन महीने की रिकार्ड तोड़ सस्ताई दिखाई. ४५ रुपये किलो. मंडी के बाहर, ठेले वाले ५५ रुपये और स्थाई दूकानदार ६०-६५ रुपये किलो बच रहे हैं. वजह ? नवरात्रि . इन दिनों दिल्ली-गाज़ियाबाद के इलाके में अधिकतर ग्राहक प्याज-लहसुन नहीं खाते. पता चला अष्टमी के पहले प्याज और सस्ता होगा.

प्रोफेसर सत्यमित्र दुबे, पत्रकार अंबरीश कुमार समेत कई होंगे पुरस्कृत

सोनभद्र : डॉ. मूलशंकर शर्मा स्मृति साहित्य सम्मान की घोषणा कर दी गयी है जो देश के वरिष्ठ साहित्यकारों और पत्रकारों को दी जायेगी। प्रख्यात भाषाविद व हिन्दी-संस्कृत के विद्वान स्व. डॉ. मूलशंकर शर्मा की स्मृति में सम्मान के अन्तर्गत ग्यारह हज़ार रुपये की राशि, स्वर्णपत्र व अंगवस्त्रम प्रदान किया जायेगा। डॉ. मूलशंकर शर्मा साहित्य सम्मान को इस वर्ष साहित्य, पत्रकारिता, भाषा विज्ञान, लोकसाहित्य में उल्लेखनीय कार्य व संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिये दिया जा रहा है।

अरबों के जादूगोड़ा चिटफंड घोटाले में हिंदुस्तान का एक पत्रकार भी शामिल!

: जादूगोड़ा चिटफंड घोटाले पर मीडिया खामोश क्यों है?  : प्रिय यशवंत जी, बहुत दुःख और आश्चर्य लग रहा है की छोटी-छोटी बातों को घी डालकर ब्रेकिंग और देश की सुर्खियां बना देने वाला मीडिया समूह (खासकर इलेक्ट्रोनिक मीडिया)  झारखंड के जादूगोड़ा में हुए इतने बड़े अरबों रुपये के चिटफंड घोटाले के बारे में कुछ नहीं दिखा रहा है. देश की अधिकाँश जनता को इस महाघोटाले की खबर तक नहीं है जबकि कागजी तौर पर इसकी शिकायत जिले के निचले अधिकारी से लेकर प्रधानमन्त्री कार्यालय तक की गयी है. लगता है इन मीडिया समूहों को नान–बैंकिंग चिटफंड कंपनियों से मोटा विज्ञापन मिलता है,जि सके कारण ये मीडिया समूह बड़ा आर्थिक सपोर्ट खोना नहीं चाहते हैं और लुट चुकी जनता को न्याय नहीं दिलाना चाहते.

धोनी समेत कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों का खेल देखने एके47 लेकर स्टेडियम में घुस गया (देखें तस्वीर)

बात बीते 26 सितंबर की है. रांची में चेन्नई सुपर किंग और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मैच था. इसमें महेंद्र सिंह धोनी समेत करीब 12 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हुए थे. इस मैच को देखने एक आदमी एके47 हथियार लेकर स्टेडियम में घुस गया. स्थानीय अखबार सन्मार्ग ने पहले पन्ने पर हथियारधारी व्यक्ति की तस्वीर प्रकाशित की.

जागरण ने ब्‍यूरोचीफ की हत्‍या में जेल जा चुके डाक्‍टर को बनाया कवि सम्‍मेलन का प्रायोजक

दैनिक जागरण जैसे घोर बाजारू अखबार से किसी नैतिकता की उम्‍मीद तो कतई नहीं की जा सकती है, लेकिन कम से कम अपने कर्मचारियों के सम्‍मान के लिए थोड़ी बहुत शर्म तो होनी ही चाहिए. जागरण समूह मुश्किल में फंसने वाले अपने कर्मचारियों से पल्‍ला झाड़ने के लिए कुख्‍यात रहा है, लेकिन शाहजहांपुर में इसने बेशर्मी की हद ही पार कर दी है. हल्‍ला बोल के दौरान हल्‍ला बोलने वाले के चरणों में लोट जाने वाला यह समूह हमेशा से बिना रीढ़ का रहा है. पत्रकारिता की आड़ में सही गलत धंधों को चलाने के लिए बुराइयों से टकराव नहीं बल्कि उनके चरणों में लोटना ही सबसे ज्‍यादा मुफीद मार्ग होता है.

मीडिया की बागडोर अब कॉरपोरेट घरानों के हाथों में है जिनके लिए नैतिकता कोई मायने नहीं रखती : विजय क्रांति

जयपुर : मौजूदा दौर में जब समाज में चौतरफा बदलाव की लहर चल रही है, ऐसी सूरत में मीडिया को आंतरिक अनुशासन का एक ऐसा मार्ग अपनाना चाहिए, जिससे हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत हो और लोग मीडिया पर उंगलियां नहीं उठाएं। यह बात जयपुर में आयोजित एक सेमीनार में उभरकर सामने आई। सेमीनार का विषय था 'चुनाव और मीडिया'। इस सेमीनार का आयोजन जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) की तरफ से पिंक सिटी प्रेस क्लब के सहयोग से किया गया था।

साधना न्यूज से दो एंकर अक्षय और आशा का इस्तीफा, समाचार प्लस से जुड़े

साधना न्यूज, मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ से काफी समय से जुड़े एंकर अक्षय गौर ने इस्तीफा दे दिया है. साधना न्यूज, बिहार-झारखंड से एंकर आशा मिश्रा के भी इस्तीफा देने की खबर है. दोनों एंकर अक्षय और आशा का जाना साधना के लिए झटका माना जा रहा है. इन दोनों ने नई पारी की शुरुआत समाचार प्लस न्यूज चैनल के साथ की है. अक्षय गौर समाचार प्लस, यूपी-यूके के साथ जुड़े हैं तो आशा मिश्रा समाचार प्लस, राजस्थान के साथ.

एनबीटी मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार रो पड़े

नवभारत टाइम्स मुंबई में एसोसिएट एडीटर के रूप में कार्यरत एक पत्रकार की बदतमीजियों के कारण इसी अखबार में कार्यरत एक वरिष्ठ पत्रकार रो पड़े। इन एसोसिएट एडीटर की वजह से नवभारत टाइम्स मुंबई के सबसे वरिष्ठ सहयोगियों में से एक शनिवार शाम को फूट फूट कर रो पड़े। उन्होंने इस्तीफे का लेटर भी लिख लिया था, लेकिन एनबीटी मुंबई के दफ्तर से बाहर जो खबरें आ रही हैं, उसके मुताबिक संपादक सुंदर चंद ठाकुर ने वरिष्ठ पत्रकार को ऐसा करने से रोक दिया।

कोरमा बिरयानी और मुस्लिम पत्रकार

बात 1992 की है। संघ परिवारी बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर चुके थे जिसके विरोध में दिल्ली के जाफराबाद में लोग प्रदर्शन कर रहे थे। वहां कोई सरकारी सम्पत्ति नहीं थी। सड़क पर बसों का आवागमन बंद था। तभी पुलिस ने आकर गोली चला दी जिसमें तीन लोग मारे गए और कई घायल हो गए। गोली चलने पर भीड़ गलियों में चली गई तो तुरंत कर्फ्यू का ऐलान कर दिया गया। मेरे तथा कई अन्य पत्रकारों के रिश्तेदार जाफराबाद में रहते थे। पता चला कि रात में तलाशियां होंगी। यह सुन कर सब चिंतित हो गए क्योंकि तलाशी में पुलिस लूटपाट तो करती ही है, साथ ही महिलाओं की जो बेइज्जती करती है, वह असहनीय होती है।

विज्ञापन के दबाव में साधना न्यूज चैनल, देहरादून से एक माह में तीन पत्रकारों का इस्तीफा

देहरादून से खबर है कि साधना न्यूज चैनल से सुधांशु पुरी ने इस्तीफा दे दिया है। साधना न्यूज चैनल देहरादून में पिछले 1 माह में 3 पत्रकार चैनल छोड़ कर जा चुके हैं। खबर है कि चैनल में देहरादून के उद्योगपतियों और व्यापारियों के खिलाफ खबर चलाने और इसके नाम पर विज्ञापन की वसूली करने के लिये जबरदस्त दबाव है।

टीआरपी के लिए कम से कम बीस हजार घरों से डॉटा लें : ट्राई

नई दिल्ली : टेलीकाम रेगुलेटरी अथारिटी (ट्राई) ने टीवी पर प्रसारित कार्यक्रमों की लोकप्रियता को जांचने-परखने के लिए एक नई गाइडलाइंस जारी की है. इस गाइडलाइंस के अनुसार टीवी कार्यक्रमों और न्यूज चैनलों के शो की व्यूअरशिप जांचने के लिए फिलहाल कम से कम 20 हजार घरों से डॉटा लिए जाएंगे.

जौनपुर पत्रकार संघ का दसवां स्थापना दिवस समारोह संपन्न

जौनपुर : बड़ी खबरें शहरों से नहीं, गांवों से निकलती हैं जिनकी वजह से सरकारों को मजबूर होना पड़ता है कि वे उनके खिलाफ कार्यवाही करें जो भ्रष्टाचार व अन्य गतिविधियों में लिप्त होकर समाज को दूषित करते हैं। इस कार्य के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के उन पत्रकारों की सहराहना करनी चाहिए जो जमीनी हकीकत को जनता के समाने लाने के लिए अपना सब कुछ दाव पर लगा देते हैं। उक्त विचार जौनपुर पत्रकार संघ के 10वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि दयाशंकर शुक्ल सागर ने गोष्ठी ''वर्तमान परिपेक्ष्य में मीडिया की भूमिका'' के संदर्भ कही। उन्होंने कहा कि आज देश का बड़े से बड़ा घोटाला मीडिया के सक्रियता से उजागर हो सका है जिसके चलते राजनेताओं को अब जेल तक जाना पड़ रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हेमन्त तिवारी ने कहा कि ग्रामीण पत्रकारों के सम्मान के लिए हमें एक होना होगा।

राजेश श्रीनेत, अरुण कुमार त्रिपाठी, अंजनी कुमार, दीपक धामा, ननंदलाल तिवारी, सोनी, अरविंद गोयल के बारे में सूचनाएं

'मध्य प्रदेश जनसंदेश' नाम से एक नया अखबार सतना से निकलने जा रहा है. इस अखबार से राजेश श्रीनेत जुड़े हैं. चर्चा है कि कई अन्य पत्रकार भी इस अखबार से लगातार जुड़ रहे हैं. इस अखबार का एडिशन एमपी के कई शहरों से निकाले जाने की तैयारी चल रही है. बताया जा रहा है कि कल्पतरु एक्सप्रेस, आगरा से इस्तीफा देने वाले अरुण कुमार त्रिपाठी भी इस अखबार के हिस्से बन सकते हैं. हालांकि यह सूचना अभी कनफर्म नहीं हो पाई है.

चैतन्य कालबाग का इस्तीफा, मिहिर मोदी जील के सीएफओ बने

चैतन्य कालबाग ने बिजनेस टुडे और मनी टुडे के एडिटर पद से इस्तीफा दे दिया है. कालबाग ने करीब तीन वर्षों से इंडिया टुडे ग्रुप के साथ थे. कालबाग हिन्टुस्तान टाइम्स के एडिटर-इन-चीफ भी रह चुके हैं.

चिटफंड कंपनी भागने के बाद खाने के लाले पड़ रहे जादूगोड़ा वासियों को

पूर्वी सिंहभूम (झारखंड) के जादूगोड़ा से चिटफंड कंपनी द्वारा अरबों रुपये लेकर भाग जाने के बाद जादूगोड़ा के लोगों के समक्ष खाने के लाले पड़ गए हैं. लोग परिवार समेत आत्महत्या करने की बातें कर रहे हैं. जिनके बच्चे बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे थे उनमें से अधिकतर बच्चे पैसों के अभाव में वापस आ चुके हैं. बेटियों की शादी की चिंता में अभिभावकों की रातों की नींद उड़ गयी है.

जनसंदेश टाइम्‍स, बनारस के हालात खराब, अफरा-तफरी का माहौल

: दो महीने से नहीं मिली सैलरी : जनसंदेश टाइम्‍स, बनारस में हालात काफी बिगड़ चुके हैं. पिछले दो महीनों से कर्मचारियों का पगार नहीं मिला है. कर्मी बिलबिला गए हैं. अखबार में भगदड़ जैसी स्थिति है. कर्मचारी अपने अपने तरीके से नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं, जिसे मौका मिल रहा है वो निकल जा रहा है. बताया जा रहा है कि लापरवाह रवैये के चलते दो वरिष्‍ठ पत्रकारों ने प्रंबंधन को अपने इस्‍तीफे भी सौंप दिए, लेकिन कर्मचारियों की लगातार कम होती संख्‍या के चलते इसे मंजूर नहीं किया गया. 

शाहजहांपुर में थाने में हिस्‍ट्रीशीटर ने प्रेस फोटोग्राफर को दी धमकी

शाहजहांपुर में खादी-खाकी अपराधी का गठजोड़ व्यापारियों के साथ साथ पत्रकारों पर भी भारी पड़ रहा है। मैरिज लान के संचालक नवीन बत्रा को खाकी-खादी का संरक्षण प्राप्त एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी ने फिल्मी स्टाइल में घर से मैरिज लान जाते समय बीच सड़क पर दौड़ा दौड़ा के पीटा। भीड़ तमाशा देखती रही। पुलिस ने कई घंटों के बाद रिपोर्ट दर्ज की, पर अपराधी के खिलाफ सजातीय थानेदार किसी तरह की कार्रवाई करने से बच रहे थे।

राष्‍ट्रीय सहारा के प्रिंट लाइन से जयव्रत राय एवं सुशांतो राय का नाम हटा

: गोरखपुर के स्‍थानीय संपादक अनिल पांडेय का नाम भी नदारद : सहारा समूह के अखबार राष्‍ट्रीय सहारा के प्रिंट लाइन में कुछ बदलाव हुए हैं. हालांकि किस कारण प्रबंधन ने यह बदलाव किए हैं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. लेकिन माना जा रहा है कि किसी कानूनी अड़चन से बचने के लिए प्रबंधन ने यह फैसला लिया है. वहीं गोरखपुर के स्‍थानीय संपादक का नाम भी प्रिंट लाइन से हटा दिया गया है.

नये कंपनी कानून पर एक नजर

नया कंपनी कानून 'कंपनी अधिनियम 2013' के रूप में अवतार ले चुका है। ढेर सारे प्रावधान बनाने का अधिकार विभिन्न धाराओं के अंतर्गत केंद्र सरकार को दिया गया है और केंद्र सरकार उन्हें बनाने, प्रकाशित करने व जनता के सुझाव का इंतजार कर रही है।  फिलहाल कुछ धाराओं (98) जिनके अंतर्गत केंद्र सरकार को कोई प्रावधान नहीं बनाने हैं उन्हें 12 सितंबर 2013 से अमल में लाया गया है। इसके चलते कंपनी अधिनियम 1956 एवं  कंपनी अधिनियम 2013 कुछ काल के लिए लंगड़ी खेलते हुये साथ साथ चलेंगे। ऐसे में कंपनियों को व उनके सलाहकारों को जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा वह अभी व्यक्त नहीं की जा सकती हैं। आगे आगे देखिये क्या होता है?

युवा पत्रकार रमेश ठाकुर का इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में नाम दर्ज

आधुनिक पत्रकारिता व व्यवसाय नियंत्रण में लगातार एक घंटे पच्चीस मिनट तक ज्ञानवर्धक स्पीच देने के लिए युवा पत्रकार रमेश ठाकुर का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज किया गया है। उन्हें यह सम्मान एसिया के मुख्य संपादक श्री बीएस चौधरी की ओर से प्रदान किया गया है। पिछले साल सितंबर में इंडिया बुक …

सुल्ताना डाकू की एक दुर्लभ तस्वीर देखिए

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…उसे पकडने के लिए सेना के 300 जवान लगे…लंदन से एक खास अधिकारी फ्रायड यंग बुलाए गए…जिम कार्बेट भी इस काम में लगे थे…सुल्ताना को पकड़ लिया गया औऱ फांसी दे दी गयी..लेकिन वो आज भी किस्सों कहानियों में है…उस पर बन नौटकी शायद सबसे लोकप्रिय रही…

रिंग मास्टर दीपक चौरसिया ने ‘इंडिया न्यूज’ पर चल रहे सर्कस में शामिल उस बच्चे को ‘विशेष सुरक्षा सेल’ में रखा हुआ है!

Chandan Srivastava : ये जो दूसरा बच्चा आया है "जीनियस" मृगेन्द्र राज (इंडिआ न्यूज पर), इस पर स्टोरी लगभग 4 साल पहले कर चुका हूं. "आज का अभिमन्यू" नाम के स्लग से. क्योंकि तब इसके माता-पिता का दावा था कि बचपन मे जब बच्चा कोख में था तभी उसके पिता उसे ब्यूरोक्रेट बनाने का सपना पाल चुके थे और उसके कोख मे रहते ही उसे जनरल स्टडीज का ज्ञान दिया करते थे.

पत्रकारिता में जिसे अंग्रेजी नहीं आती उसका भविष्य अंधकारमय है

आज हमारे देश में अंग्रेजी भाषा इतनी प्रभावी हो गई है कि क्या हम इसके बिना पत्रकारिता के क्षेत्र में वह शोहरत या इज्जत नहीं पा सकते जो हमें मिलनी चाहिए ? आखिर आज देश में जितने भी बड़े से बड़े, नामी-गिरामी एडिटर्स या रिपोर्टर्स हैं क्या वे शुरू से अंग्रेजी में ही रिपोर्टिंग करते आ रहे हैं ? जबकि सच्चाई यह है कि हिंदी भाषा की तेज-तर्रार रिपोर्टिंग ने ही उन्हें आज उस मुकाम पर पहुचाया है, जहाँ वे आज विराजमान है, सो आनेवाले समय पर हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषाओं में रिपोर्टिंग करनी आनी चाहिए यह शर्त बेवजह क्यों लादी जा रही है ? इस बेतुके निर्णय से आने-वाले समय पर अनेक होनहार सीनियर पत्रकारों का भविष्य क्या अंधकारमय नहीं हो जायेगा ? 

JFA expresses grave concern at news channel closure

Guwahati, October 6: Journalists’ Forum Assam (JFA) has expressed grave concern at the shut down of  Prime News by its management leaving more than 170 employees including journalists jobless. Extending supports to various protest demonstrations organized by the Electronic Media Forum Assam (EMFA) against the closure notice of the 24×7 satellite news channel, the JFA has urged the State chief minister Tarun Gogoi to intervene on the mater for the benefit of the affected employees of Prime News.

राजेंद्र माथुर की ‘गिफ्ट-लिफ्ट’ वाली सलाह और सांसत में फंसी मेरी जान

नवभारत टाइम्स के तत्कालीन प्रधान संपादक राजेंद्र माथुर ने एक घटना के बाद मुझे कहा था कि पत्रकार को गिफ्ट और लिफ्ट से परहेज नहीं करना चाहिए बल्कि इन्हें सहर्ष स्वीकार करना चाहिए। हुआ यह कि रब्बी जी के अवकाश पर होने के कारण माथुर जी ने मुझे यू. पी. डेस्क की जिम्मेदारी दे रखी थी। मैं काम में व्यस्त था कि एक महिला आकर मेरे पास बैठ गई और बाते करने लगी। मैंने डेस्क पहली बार संभाली थी इसलिए थोड़ा परेशान भी था। उधर वह महिला बात बनाए जा रही थी। मैंने उसे कहा कि आज काम बहुत है, आप फिर किसी दिन आ जाएं।

अमेरिकी युवा कागज पर छपा अखबार नहीं पढ़ रहा, वह नेट पर गूगल समाचार में एक ही जगह कई अखबारों की सुर्खियां देख ले रहा

हिंदी दैनिक कल्पतरु एक्सप्रेस द्वारा हर महीने आयोजित होने वाले मीडिया विमर्श की आठवीं कड़ी में आज श्रोताओं को संबोधित करते हुए चर्चित स्तंभकार और मीडिया अकादमिक आनंद प्रधान ने कहा कि सन 1977 के बाद के दौर में आए बदलावों ने मुख्यधारा की पत्रकारिता की भाषा, मुहावरा, तेवर आदि को बदल कर रख दिया। इस धारा को रविवार, जनसत्ता जैसे पत्रों ने और राजेन्द्र माथुर, एसपी सिंह आदि की पत्रकारिता ने एक मुकाम तक पहुंचाया। 1974 आंदोलन में बहुतेरे युवाओं ने वाम आंदोलन से लेकर जेपी आंदोलन तक, इसमें शिरकत की। पंकज सिंह भी उसी दौर के हैं। तब बीबीसी किसी भी अखबार से ज्यादा लोकप्रिय था।

‘भवदीय प्रभात’ नाम से बारह पेजी अखबार दिल्ली से लांच, दिलीप झा समेत कई जुड़े

'भवदीय प्रभात' नाम से एक अखबार दिल्ली से प्रकाशित किया जा रहा है। बारह पेज का अखबार है ये। 'भवदीय प्रभात' का प्रसार आठ राज्यों में हो रहा है, जिसमें बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, प. बंगाल, उत्तराखंड शामिल है। इस अखबार को अवनीन्द्र ठाकुर लेकर आए हैं। समाचार पत्र का संपादक दिलीप झा को बनाया गया है।  दिल्ली ब्यूरो प्रमुख के पद पर सुनील वर्मा को नियुक्त किया है। टीम में गरिमा राय को डेस्क इंचार्ज बनाया गया है। मो. सलीम को यूपी डेस्क, कुमकुम को डीजीएम, रंजीत मिश्रा को सर्कूलेशन मैनेजर, मनीष को डिजायनर के पद पर नियुक्त किया गया है।

सतीश के. सिंह, इन्द्रजीत राय और आमोद का पाजिटिव मीडिया के साथ 26 दिन के सफर का सच

बाजार से तमाम खबरें आ रही हैं…. कोई कुछ कह रहा है तो कोई कुछ… लेकिन असल खबर की शुरुआत उस वक्त हुई जब नवीन ज़िंदल पाज़िटिव मीडिया के दफ्तर में पांच दिन पहले 12.30 बजे आए… मैनेजमेंट के टाप अधिकारियों की मीटिंग बुलाई गई… इस मीटिंग में रीजनल चैनल के एडीटर, सीईओ, न्यूज़ डायरेक्टर सतीश के सिंह, डिप्टी एडीटर और एसआईटी व स्पेशल ब्यूरो हेड का काम देख रहे इन्द्रजीत भी शामिल हुए… सभी चैनल को आगे बढ़ाने का ब्लूप्रिंट अपने दिमाग और डायरी में नोट कर के मीटिंग आए थे.. क्योंकि पहली बार मालिक जिंदल साहब पाजिटिव मीडिया के दफ्तर पधारे थे…

मुसलमान ही नहीं, हिंदू शासकों ने भी मंदिर तोड़े और लूटे

हिन्दुस्तान में हमेशा मंदिर विध्वंस और लूट के लिये और हिन्दुओं की दयनीय हालत के लिए मुस्लिम शासकों को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है. मुस्लिम शासको के जुल्म को इस तरह बताया जाता है कि इससे बड़ा जुल्म दुनिया में कहीं नहीं हुआ है. हम सभी जानते हैं कि जनता के सहयोग के बिना कोई हुकूमत कर ही नहीं सकता. अगर मुस्लिम शासक इतने क्रूर और जालिम होते तो 500 साल तक हुकूमत नहीं करते.

आईने पर इल्ज़ाम लगाना फ़िज़ूल है, सच मान लीजिए, चेहरे पर धूल है

: यह सब देख कर मन तो करता है कि एक नया दर्पण फिर से पेश कर दूं? : बचपन से सुनता और पढ़ता आया हूं कि कींचड़ में पत्थर फेंकने से बचना चाहिए, क्यों कि कीचड़ के छींटे अपने कपड़ों पर भी आते हैं। आज पुस्तक मेले में एक मित्र यही बात मुझ से कहने लगे। तो मैं ने उन से पूछ ही लिया कि, 'आखिर आप यह बात मुझे क्यों याद दिला रहे हैं? मैं ने कीचड़ में कोई पत्थर फेंक दिया है क्या?' वह बोले, 'लगता तो यही है।' मैं ने उन्हें दुष्यंत कुमार का शेर सुना दिया :

उत्तराखंड में ‘मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री’ खेल से सरकार को गंभीर खतरा

उत्तराखण्ड की कांग्रेस सरकार में शह मात का खेल जारी है। 'मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री' खेलने को कांग्रेस के सभी धड़े तैयार हैं। इसके लिए कांग्रेसी नेता लगातार दिल्ली दरबार तक दौड़ लगा रहे हैं। अधिकारिक सूत्रों की माने तो वर्तमान सीएम विजय बहुगुणा के प्रयासों के बावजूद उनके सिर पर विकास का सेहरा सजता नहीं दिखता। ऐसा नही है कि मुख्यमंत्री विकास कामों को तरजीह नहीं दे रहे हैं अथवा विकास कार्यों से मुह मोड़ रहे हैं, पर जून की जल प्रलय ने इनके सारे किये कराए पर पानी फेर दिया। अब तक विकास की लहर जो दौड़नी चाहिए थी वह नहीं दौड़ी। जिसके कारण स्थिति गंभीर हो रही है। विकास के कामों को न कर पाना और विकास को प्रचारित प्रसारित न कर पाना इस सरकार की प्रमुख नाकामयाबी है।

केसी मलकानियां पंचकूला प्रेस क्लब के चीफ पैटर्न बने

पंचकूला : पंचकूला प्रेस क्लब पंचकूला के नवनिर्वाचित प्रधान सत्यनारायण गुप्ता ने महासचिव सुरेंद्र गोयल के साथ सलाह मशविरा करने के बाद पंचकूला प्रेस क्लब की कार्यकारणी घोषित कर दी है और घोषणा की है कि जल्द ही साथी पत्रकारों को बैठने के लिए पंचकूला में स्थान उपलब्ध करवा दिया जाएगा। सत्यानारायण गुप्ता द्वारा घोषित कार्यकारणी के अनुसार निम्नलिखित पदाधिकारी नियुक्त किये गए हैं, जोकि प्रेस क्लब की गतिविधियों को आगे बढ़ायेंगे और क्लब के उत्थान में अपना योगदान देंगे।

NUJ welcomes Jharkhand Govt announcement of Insurance Policy for Journalists

New Delhi : It is a matter of great pleasure for the NUJ(I) that Jharkhand Government has announced Insurance of Rs 5 lakh for the journalists of the state. It was one of the major demands raised at the recently concluded National Executive meeting at Koderma from September 28 to 29. “Really, it is a great achievement for the NUJ(I). It will be highly beneficial for our friends in Jharkhand, Prasanna Mohanty, NUJ(I) Secretary General said in a statement released here today.

NUJ(I) expresses grave concern over news channel closure

New Delhi : The National Union of Journalists-India (NUJ(I) expressed grave concern over the shutdown of  Prime News, Assam and HYTV, Hyderabad by its managements leaving more than 400 employees, including journalists, jobless. The NUJ(I) also extended supports to various protests and demonstrations being organised by the local unions and Journalists Association of Assam  against the closure notice of the 24×7 satellite news channels.

सहारा लंदन में ढाई सौ करोड़ की संपत्ति खरीद सकता है तो निवेशकों का भुगतान क्यों नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को करीब 20000 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सहारा की दोनों ग्रुप कंपनियां सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्प और सहारा हाउजिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्प को अगली सुनवाई से पहले बैंक गारंटी को जमा करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट में अब सहारा और सेबी मामले पर सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।

फूट डालो, राज करो की नीति का शिकार है उत्तर प्रदेश उर्फ अंकल प्रदेश

समाजवादी सरकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैली साम्प्रदायिक हिंसा से हुए राजनैतिक नुकसान की भरपाई के लिये आने वाले दिनों में कई गैर जरूरी फैसले कर सकती है। खासकर उसके निशाने पर भारतीय जनता पार्टी और उसके बड़े नेता रहेंगे। सपा उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटों की जंग को अपने और भाजपा के बीच में समेटना चाहती है। भय दिखा कर प्रीत और सरकारी खजाने का मुंह मुस्लिम वोटरों की तरफ करके युवा सीएम अल्पसंख्यकों को लुभाना और सपा के पक्ष में मुस्लिम ध्रुवीकरण करना चाहते हैं।

इराक में दो टीवी जर्नलिस्टों की गोली मारकर हत्या

बगदाद : इराक के मोसूल शहर में एक इराकी समाचार चैनल के लिए काम करने वाले दो पत्रकारों की अज्ञात बंदूकधारियों ने शनिवार को गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस एवं टीवी चैनल ने यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, अल शरकियाह सैटेलाइट चैनल के लिए काम करने वाले पत्रकार करीन अल-बदरानी एवं उनके साथी पत्रकार मोहम्मद गानिम को बंदूकधारियों ने उस समय गोली मार दी, जब वे शहर के सर्ज-खाना जिले में स्थानीय नागरिकों का साक्षात्कार ले रहे थे।

सीमांध्रा के पत्रकार जंतर मंतर पर देंगे धरना

राजमुंदरी (आंध्र प्रदेश) : आंध्र प्रदेश के बंटवारे के केंद्र के फैसले के विरोध में सीमांध्रा के पत्रकार अक्तूबर के तीसरे हफ्ते में दिल्ली में जंतर मंतर पर धरना देंगे । सीमांध्रा जर्नलिस्ट यूनाइटेड फोरम :एसजेयूएफ: के संयोजक पी देलिबाबू रेड्डी ने यहां आज आयोजित सीमांध्रा पत्रकार संगठनों की बैठक में बोलते हुए क्षेत्र के राजनीतिक दलों से इसमें शामिल होने की अपील की।

दीपक चौरसिया से इंटरव्यू का सेकेंड पार्ट… जानिए दीपक के संघर्ष की कहानी

इंडिया न्यूज के एडिटर इन चीफ दीपक चौरसिया से भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह ने जो बातचीत की उसे दो पार्ट में रिकार्ड किया गया. पहले पार्ट आप लोग देख-सुन चुके हैं. अब पेश है दूसरा पार्ट. इस इंटरव्यू में दीपक चौरसिया ने अपने संघर्ष की कहानी बयान की है. इंदौर, आईआईएमसी, एसपी सिंह, टीवी जर्नलिज्म, सुख-दुख…. सब कुछ पर सिलसिलेवार उन्होंने बताया है.

इगो के साथ आप चैनलों में काम नहीं कर सकते हैं (प्रसून शुक्ला : वीडियो इंटरव्यू)

न्यूज एक्सप्रेस चैनल के एडिटर (न्यूज आपरेशन) प्रसून शुक्ला से पिछले दिनों भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह की मुलाकात हुई तो वहीं बातचीत के दौरान तय हो गया कि भड़ास पर वीडियो इंटरव्यू का एक सिलसिला शुरू किया जाए. इस वीडियो इंटरव्यू में युवा पत्रकारों से लेकर अनुभवी पत्रकारों तक को शामिल किया जाए और उनसे दस से बीस मिनट की बातचीत रिकार्ड कर भड़ास पर अपलोड किया जाए. और उसी वक्त सबसे पहला इंटरव्यू प्रसून शुक्ला का रिकार्ड कर लिया गया. फिर कमल शर्मा और दीपक चौरसिया के इंटरव्यू किए गए. यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा.

करियर चुनने के मामले में मैंने एसपी सिंह की सलाह को ठुकरा दिया था (वीडियो इंटरव्यू : कमल शर्मा)

राजस्थान के रहने वाले और मुंबई में बिजनेस जर्नलिज्म कर रहे वरिष्ठ पत्रकार कमल शर्मा ने करियर चुनने के मामले में एसपी सिंह की सलाह को ठुकरा दिया था. एसपी सिंह ने बिजनेस जर्नलिज्म न करने की उन्हें सलाह दी थी पर कमल शर्मा ने बिजनेस जर्नलिज्म के आने वाले दौर को समझ लिया था और इसी फील्ड में वे सक्रिय हो गए.

नेता जिस तरह कुत्ता, तोता, गाय या गुंडे पालता है, उसी तरह पत्रकार भी पालता है

Rajiv Nayan Bahuguna : लालू बाबू की सद्यः कृष्ण भवन यात्रा ने मुझे फिर से यह श्रृंखला लिखने की प्रेरणा दी, और उनसे जुड़े कुछ पुराने प्रसंग भी याद आ गए. अस्सी के दशक में मैं नवभारत टाइम्स पटना में सब एडीटर के तौर पर काम कर रहा था. पत्रकारों से सघन संपर्क में रुचि रखने वालों में वहां उस वक़्त फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा, जनरल एस के सिन्हा, कर्पूरी ठाकुर और लोक दल के युवा विधायक लालू प्रसाद यादव थे. हेमवती नंदन बहुगुणा तब इलाहबाद से चुनाव हार कर अपने पुनर्वास के लिए छटपटा रहे थे. बिहार की किसान गंज लोक सभा सीट पर उप चुनाव होना था. मुस्लिम बहुल सीट थी. हेमवती नंदन बहुगुणा मुस्लिमों में लोकप्रिय थे, या उन्हें ऐसा लगता था, सो उन्होंने बिहार में अपनी सक्रियता बढ़ा दी.

एक ऐसा उद्योग जो औरतों और लड़कियों के बीच हीनता बढ़ाने का काम करता है

Ila Joshi : हम औरतों की निजता के हिमायती हैं, उनको दस तालों, सात पर्दों में रखते हैं, कोशिश करते हैं कि उनके शारीरिक सौष्ठव को ज़्यादा से ज़्यादा छुपाया जा सके.. आदमी उन्हें घूरें नहीं, छेड़ें नहीं, फब्तियां न कसें… लेकिन एक ऐसा उद्योग है जो लगातार न सिर्फ ऊपर लिखी बातों के ख़िलाफ़ काम कर रहा है, बल्कि औरतों और लड़कियों के बीच हीनता बढ़ाने का काम भी करता है…

लखनऊ पुस्तक मेला में ज्यादातर कबाड़ के अंग्रेजी फिक्शन को निपटाने का धंधा दिखा मुझे

Siddharth Kalhans : लखनऊ में पुस्तक मेला चल रहा है। तीन करोड़ की किताबें बिकीं। खबर है। पर दो दिन मैं भी मेले में गया। ज्यादातर किताबें पुरानी ही हैं। नए अनुवाद नहीं दिखे। दाम को लेकर नवभारत टाइम्स की खबर सही है। आनलाइन सस्ती मिल जाती हैं किताबें। ज्यादातर कबाड़ के अंग्रेजी फिक्शन को निपटाने का धंधा दिखा मुझे। सीडी, बच्चों ती तामिक्स का धंधा तेज दिखा। कंपटीशऩ की किताबों को लेकर लोग रुचि दिखाते मिले। डिस्काउंट भी कुछ खास नही था। हाल ये था कि आधा दर्जन किताब लेने के बाद भी राजकमल प्रकाशन के स्टाल पर ले जाने के लिए पेपर बैग या पन्नी नही मिली।

गुजरात की हकीकत सुन खिसक लिए अमित शाह

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश के प्रभारी अमित शाह (मोदी की विशेष कृपा प्राप्त) आज लखनऊ से बरेली में भाजपा नेताओं की मीटिंग लेने के लिए जा रहे थे कि शाहजहांपुर के भाजपा नेताओं ने नेशनल हाईवे पर पथिक होटल के सामने उनके स्वागत की तैयारी की दो घंटे इंतजार करने के बाद जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं को अमित शाह की कार दिखी तो वह जोश में नारे लगाने लगे।

ये फील्ड टीवी के ग्लैमर की चाहत रखने वाले या देखादेखी करने वाले लोगों के लिए नहीं है

Vasudev Tripathi : जर्नलिज़्म में कैरियर की शुरुआत और टीवी पर दिखने के बाद से मुझे लोगों के तरह तरह के सवालों का सामना करना पड़ रहा है। इन सवालों में बड़ी संख्या में सवाल उन नौजवान साथियों या उनके अभिभावकों के होते हैं जो अब जर्नलिज़्म में अपना या अपने बच्चों का करियर बनाना चाहते हैं। इनमें जान-पहचान वाले भी हैं, परिवार वाले भी हैं और फेसबुक के लोग भी, जो चैट में ही सारी जानकारी कर लेना चाहते हैं, जबकि जानकारी देने से लिहाज से मैं सबसे अनुपयुक्त व्यक्ति हूँ क्योंकि जिन बातों को लेकर जर्नलिज़्म के प्रति आजकल की पीढ़ी में क्रेज़ है वो मेरे लिए कभी न कारण रहे न प्रेरक।

एक सेल्समैन का सुसाइड लेटर

'..मुझे बेंगलुरु में काम करते हुए 12 साल हो गए हैं, लेकिन मैं कुछ पैसे कमाने और संपत्ति बनाने में नाकाम रहा हूं. आर्थिक तंगी के चलते मैं अपने बूढ़े मां-बाप की देखभाल भी नहीं कर पाया, यह मुझे बड़ा दुख देता है. बेंगलुरु में रहना बड़ा मुश्किल है और इसलिए मैं इस शहर से नफरत करता हूं. बेंगलुरु में सच्चाई और मानवीय मूल्यों का कोई मोल नहीं है. मैं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की नाकामी से भी दुखी हूं. पाकिस्तानी सैनिक हमारी सीमा में घुस रहे हैं. हमारे सैनिकों को मार रहे हैं, उनका गला तक काट रहे हैं. इसके बावजूद सरकार कुछ नहीं कर रही है. अगर पुनर्जन्म जैसी कुछ चीज है तो मैं एक भारतीय सैनिक के रूप में जन्म लूंगा और देश की सेवा करूंगा..'

कहीं इन जीनियस बच्चों का भी हाल महाबली खली वाला न हो जाए!

अभी तक एक जीनियस लड़का था. अब दूसरा भी आ गया. हिंदी न्यूज चैनलों के लिए आसाराम और जीनियस लड़के, ये दो टीआरपी के सबसे बड़े माध्यम बने हुए हैं. आसाराम का मीडिया ट्रायल जारी है तो जीनियस लड़कों का भविष्य चौपट करने की कवायद. मीडिया के एक मित्र बता रहे थे कि जीनियस कौटिल्य को कुल 900 सवालों के जवाब याद हैं जो उसके दादा ने उसे लिखाए-रटाए हैं. उन सवालों से बाहर का सवाल पूछने पर कौटिल्य जवाब नहीं दे सकेगा. इन्हीं नौ सौ सवालों के बीच के सवाल पूछकर न्यूज चैनल वाले कौटिल्य को महा जीनियस बताने बनाने में जुटे हुए हैं.

टीवी टुडे ग्रुप में इतने बदलावों के पीछे वजह क्या है?

टीवी टुडे ग्रुप के हिंदी अंग्रेजी न्यूज चैनलों में धड़ाधड़ बदलाव हो रहे हैं. पुराने चेहरे या तो जा रहे हैं या फिर साइडलाइन किए जा रहे हैं और नए लोगों को खूब इंट्री मिल रही है. बड़े पैमाने पर छंटनी के बाद अब टीवी टुडे ग्रुप में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां चल रही हैं. रिफत जावेद आए. राहुल कंवल को एडिटर एट लार्ज बनाकर साइड लाइन कर दिया गया है. कहने को तो उन्हें आजतक और हेडलाइंस टुडे, दोनों का संपादक बनाया गया है पर सूत्रों का कहना है कि उन्हें रिपोर्टिंग में भेज दिया गया है और एक तरह से ये उनका डिमोशन है.

इंडिया टीवी को झटका, संजय ब्रागटा का इस्तीफा, आजतक ज्वाइन करेंगे

इंडिया टीवी को बड़ा झटका लगा है. संजय ब्रागटा ने इस्तीफा दे दिया है. उनके बारे में चर्चा है कि वे आजतक न्यूज चैनल के हिस्से बनने जा रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि वह दिल्ली आजतक के हेड बनेंगे. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि टीवी टुडे नेटवर्क में संजय ब्रागटा की पोजीशन क्या रहेगी. इंडिया टीवी से इस्तीफे की सूचना कनफर्म है.

नवीन जिंदल के एडिटोरियल मामले में ज्यादा हस्तक्षेप से सतीश ने इस्तीफा दिया!

अब पॉजीटिव टीवी ग्रुप से सतीश के सिंह भी विदा हो गए। सूत्रों के हवाले से खबर है कि पत्रकारिता जगत से दूर-दूर तक नाता नहीं रखने वाले उद्योगपति नवीन जिंदल का अपने चैनल के एडिटोरियल मामलों में ज्यादा हस्तक्षेप करने की वजह से सतीश के सिंह को पॉजीटिव टीवी ग्रुप से अलग होना पड़ा है।

दो दिन विचार करने के बाद आज बारह बजे सतीश के. सिंह ने दिया इस्तीफा

वरिष्ठ पत्रकार सतीश के. सिंह ने आज दिन में बारह बजे इस्तीफा दिया. उन्होंने इस्तीफे का फैसला लेने से पहले दो दिनों तक विचार किया. यह कहना है सतीश के. सिंह के कुछ बेहद करीबी लोगों का. इनके मुताबिक सतीश के. सिंह जिस विजन से पाजिटिव मीडिया ग्रुप के साथ जुड़े थे, उन्हें वहां ऐसा कुछ नहीं दिखा. स्मूथ और सैटिसफैक्ट्री ढंग से इस ग्रुप में चीजें नहीं चल रही थीं. जो उम्मीद लेकर सतीश के. सिंह और उनकी टीम यहां आई थी, वैसा कुछ भी यहां नहीं हो रहा था. इसी वजह से सतीश के. सिंह ने इस्तीफा देने का फैसला लिया.

सतीश के. सिंह की पाजिटिव मीडिया से विदाई, इंद्रजीत राय व आमोद राय भी हटे, संजीव श्रीवास्तव के आने की चर्चा

महीने दो महीने से ज्यादा नहीं हुए होंगे जब सतीश के. सिंह ने लाइव इंडिया के एडिटर इन चीफ पद से इस्तीफा देकर नवीन जिंदल और मतंग सिंह वाले पाजिटिव मीडिया ग्रुप के साथ जुड़े थे. अपने साथ कई लोगों को भी उन्होंने सीनियर पदों पर जोड़ा था. पर सूचना आ रही है कि सतीश के. सिंह कार्यमुक्त हो गए हैं. उन्होंने इतना जल्दी खुद तो इस्तीफा दिया नहीं होगा.

गुड़गांव में हुआ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन का गठन

 
गुड़गांव टेलीविजन से जुड़े पत्रकारों ने सर्वसम्मति से इलेक्ट्रानिक मीडिया एसोसिएशन का गठन किया है। हरियाणा सरकार के नियमों के अनुसार संगठन के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करते हुए एसोसिएशन का रजिस्ट्रेशन कराया गया है। संगठन की मुख्य कार्यकारिणी में दस सदस्यों को शामिल किया गया है। 

देश में कुछ घरानों का गिरोह है कांग्रेस : कैप्टन अभिमन्यु

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी में आत्मविश्वास नहीं है और कांग्रेस फूट डालो राज करो की नीति पर काम कर रही है. साथ ही कैप्टन अभिमन्यु ने गुजरात के सीएम और बीजेपी के पीएम की तारीफों के पुल बांध दिए। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि मोदी ने जनता के दिल को जीत लिया है, इस पर 4 रीयल न्यूज की पत्रकार शशि तुषार शर्मा ने तपाक से पूछ लिया कि आडवाणी के दिल को नहीं जीत पाए मोदी?

लो, भाजपा भी अखबारों में गांधी जी के विज्ञापन छपवाने लगी!

देशभर में इन दिनों चुनावी माहौल है। लोकसभा चुनाव तो खैर अभी दूर है, लेकिन पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए रण का मैदान सज चुका है। सो, इस चुनावी माहौल में हर मामलें का राजनीतिक लाभ उठाने की नेताओं और पार्टियों की कुदरती खूब फिर से दिखने लगी है। जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले है, उनमें मप्र भी शामिल है, सो दो बार विकास के घोड़े पर सवार होकर सत्ता तक पहुंच चुके प्रदेष के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सत्ता की हैट्रिक लगाने की कोशिश में गांधीजी को भी याद करने से परहेज नहीं कर रहे हैं।

मुरादाबाद के पास कार हादसे में तीन मीडिया कर्मी घायल

मुरादाबाद। भोजपुर के पीपलसाना में शुक्रवार सुबह चार बजे आल्टो कार अनियंत्रित पिकअप से टकरा गई। इसमें कार सवार तीन मीडियाकर्मी घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई थी। नोएडा सेक्टर तीन निवासी उज्ज्वल एक न्यूज चैनल में विज्ञापन प्रतिनिधि हैं। गुरुवार देर रात वह साथ में काम करने वाले रविंद्र और मनोज कुमार के साथ रामनगर स्थित जिम कार्बेट पार्क जाने के लिए कार से निकले थे। कार मनोज चला रहे थे जबकि उज्ज्वल आगे की सीट पर और रविंद्र पीछे सीट पर बैठे थे।

मानहानि कानून का इस्तेमाल मीडिया को चुप करने के हथियार के रूप में नहीं होना चाहिए

: जिंदल स्टील की मानहानि याचिका खारिज : नई दिल्ली : कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले का विवाद लोगों व राष्ट्रहित से जुड़ा विषय है। इसके बारे में जानने का पाठकों को हक है। यह कहते हुए पटियाला हाउस कोर्ट की महानगर दंडाधिकारी गोमती मनोचा ने कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल की कंपनी जेएसपीएल (जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड) की ओर से दायर मानहानि की याचिका खारिज कर दी। नवीन जिंदल कंपनी के चेयरमैन हैं। जेएसपीएल ने मीडिया समूहों के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर करते हुए कार्रवाई की मांग की थी।

समलैंगिकों को समर्पित पहला भारतीय रेडियो स्टेशन

नई दिल्ली : देश में समलैंगिक समुदाय के लिए विशेष रूप से समर्पित चौबीसों घंटे चलने वाले पहले रेडियो स्टेशन के शुरू होने के साथ ही यह समुदाय भी अब वायु तरंगों की आजादी का जश्न मना सकता है। इस वर्ष सितंबर में बेंगलुरु से शुरू हुआ ‘क्यू रेडियो’ समलैंगिक, उभयलिंगी और ट्रांसजेंडर (एलजीबीटी) श्रोताओं को ध्यान में रखकर शुरू किया जाने वाला देश का पहला रेडियो चैनल होने का दावा करता है।

यौन उत्पीड़न का आरोपी दूरदर्शन का वरिष्‍ठ अधिकारी हुआ निलंबित

नई दिल्ली : सरकारी प्रसारक प्रसार भारती ने यौन उत्पीड़न के आरोपी दूरदर्शन के वरिष्ठ अधिकारी को निलंबित कर दिया है। अधिकारी की सहकर्मी ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। सूत्रों ने बताया कि प्रसार भारती ने अधिकारी के निलंबन का आदेश जारी करते हुए कल वरिष्ठ महिला अधिकारी को कहा कि वह मामले में आगे की कार्रवाई कर सकती हैं। महिला अधिकारी आरोपी से वरिष्ठ हैं।

राडिया टेप में रेलवे बोर्ड सदस्यों की नियुक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मसले भी

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने आज स्पष्ट किया कि कॉरपोरेट घरानो के लिए सम्पर्क सूत्र का काम करने वाली नीरा राडिया की राजनीतिज्ञों, उद्योगपतियों और पत्रकारों के साथ बातचीत केवल टूजी स्पेक्ट्रम तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि रेलवे बोर्ड के सदस्यों की नियुक्ति सहित अनेक मसलों से जुड़ी थी। न्यायमूर्ति जी एस सिंघवी और न्यायमूर्ति वी गोपाल गौडा की खंडपीठ ने कहा कि सुश्री राडिया की प्रभावी लोगों से हुई बातचीत के टेप की समीक्षा करने के बाद यह बात सामने आई है कि केवल टूजी स्पेक्ट्रम के आवंटन को लेकर ही बातचीत नहीं हुई है, बल्कि इसमें अन्य पहलू भी शामिल है।

डीएनए ने लांच किए हिंदी तथा उर्दू के चार नए एडिशन

डेली न्‍यूज ऐक्टिविस्‍ट ने नवरात्रि के पहले दिन धूमधाम के साथ चार नए एडिशन लांच किए हैं. इसमें तीन हिंदी तथा एक उर्दू का एडिशन शामिल है. इसके साथ ही डीएनए हिंदी के एडिशनों की कुल संख्‍या पांच हो गई है. डीएनए ने कानपुर, बनारस तथा फैजाबाद में हिंदी एडिशन लांच किया है.

इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकारिता (दो) : इसका मकसद संतोष भारतीय की प्रतिष्ठा पर हमला करना था

: अगर कोई अ़खबार या संपादक किसी के ड्राइंगरूम में ताकने-झांकने लग जाए और गलत एवं काल्पनिक कहानियां प्रकाशित करना शुरू कर दे तो ऐसी पत्रकारिता को कायरतापूर्ण पत्रकारिता ही कहेंगे. हाल में इंडियन एक्सप्रेस ने एक स्टोरी प्रकाशित की थी, जिसका शीर्षक था, सीक्रेट लोकेशन. यह इस अ़खबार में प्रकाशित होने वाले नियमित कॉलम डेल्ही कॉन्फिडेंशियल का एक हिस्सा थी. इस स्टोरी को पढ़कर कोई आदमी यही निष्कर्ष निकालेगा कि वी के सिंह और अन्ना हजारे, जो पारदर्शिता के स्वघोषित योद्धा हैं, वे हमेशा गुप्त तरीके से मिलते हैं, क्योंकि खुले में मिलना उनके लिए असहज होता है और यह भी कि चौथी दुनिया पूर्व सेनाध्यक्ष वी के सिंह का बहुत बड़ा समर्थक है. नीचे वह पूरी स्टोरी प्रकाशित की जा रही है, जो इंडियन एक्सप्रेस ने छापी है :

इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकारिता (एक) : उस रिपोर्टर को क्यों छोड़ दिया गया?

: क्या इस देश की सेना पर हथियारों के दलालों का कब्जा हो गया है? जो लोग देश के साथ गद्दारी करते हैं, उन्हें ईनाम और जो लोग जान देने के लिए तत्पर हैं, उनके साथ अन्याय!  क्या ऐसे ही देश चलेगा? आज हम भारतीय सेना के एक ऐसे राज से पर्दा उठाएंगे, जिसे जानकर आपको हैरानी होगी. आज हम सेना में छुपे गुनहगारों और मीडिया के नेक्सस का पर्दाफाश करेंगे. हम आपको बताएंगे किस तरह इंडियन एक्सप्रेस अ़खबार का एक रिपोर्टर शक के घेरे में आया और किस तरह वह छूट गया? :

आसाराम की ‘रासलीला’ के एपिसोड दिखाकर बैंक बैलेंस बढ़ने की उम्मीद कर रहे खबरिया चैनल

संतगिरी की आड़ में ‘सेक्स’ के भूखे तथाकथित संत आसाराम बापू की जेलयात्रा अगर लंबी होती जा रही है और राम जेठमलानी जैसा तेजदिमाग वकील रखने के बाद भी उसकी जमानत नहीं हो पा रही है, तो इसके लिए बिना किसी शक के मीडिया, खासकर खबरिया चैनलों को सलाम करना चाहिए। टीआरपी की खातिर ही सही, लेकिन अगर ये खबरिया चैलन आसाराम की कारगुजारियां अपने प्राइम टाइम पर नहीं दिखाते, तो बहुत संभव था कि अरबो-खरबों की बेनामी संपत्ति का मालिक बन बैठा आसाराम इस पैसे के दम पर हमेशा की तरह ही सभी बिक सकने वालों को खरीद लेता और खाल के पीछे छिपा भेड़िया कभी भी सामने नहीं आ पाता।

मीडिया में जाति और धर्म आधारित खबर रोकने के लिए याचिका

राजनीतिक पार्टियों की जाति और धर्म आधारित रैली करने पर रोक लगाने के लिए दिल्ली स्थित एक संस्था ने उच्चतम न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है. इस याचिका में मीडिया को भी जाति धर्म आधारित खबर लिखने और प्रसारित करने से रोकने के लिए भी आदेश देने की बात की गयी है.

आजतक से इस्‍तीफा देकर जी न्‍यूज जाएंगे सुमित अवस्‍थी

आजतक से खबर है कि सुमित अवस्‍थी ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे कई सालों से आजतक को अपनी सेवाएं दे रहे थे. सुमित जल्‍द ही अपनी नई पारी जी न्‍यूज के साथ शुरू करने जा रहे हैं. उन्‍हें यहां किस पद पर लाया जा रहा है इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. वे आजतक …

”मेरे टीवी करियर के उस्‍ताद दीपक चौरसिया ही हैं”

शाम के तकरीबन ५ बजे थे …आफिस के फोन की घंटी फिर बजी और दूसरे छोर से दीपक भाई की आवाज़ आई, "बाबा एक बार फिर सोचो ….एक बार कोशिश करो …बात करो," मैं उस वक्त तय नहीं कर पाया लेकिन अगले दिन इरादा बदला और दीपक के कहने पर दिल्ली के निक्को होटल में आजतक के इनपुट एडिटर अजय उपाध्याय से मिला.. उपाध्यायजी ने कहा कि वो मेरी खोजी ख़बरें अखबार में पढ़ते रहते हैं पर उन्हें टीवी में स्क्रीन टेस्ट तो लेना होगा. मैं फिर पीछे हटा लेकिन दीपक…जी हां दीपक चौरसिया ने जोर दिया कि बाबा टेस्ट दे दो मुश्किल चीज़ नहीं है…दो-तीन दिन बाद कैमरामैन वाल्टर ने टेस्ट लिया और मेरी पीटीसी पास हो गयी. हफ्ते भर में मुझे आजतक में विशेष संवादाता का पत्र मिल गया. फिर स्टूडियो में दीपक चौरसिया और संजय बरागटा ने मुझे प्रिंट और टीवी का अंतर समझाया. ये बात अक्टूबर २००२ की है.

यशवंत ने 68 दिन में जेल को बना लिया जानेमन

भड़ास ब्लॉग और भड़ास4मीडिया वेबसाइट के संस्थापक एवं संचालक यशवंत सिंह ने एक मामले में 68 दिन जेल में जिए। डासना जेल में। यहां मैंने 'जिए' शब्द जानबूझकर इस्तेमाल किया है। यशवंतजी ने जेल में दिन काटे नहीं थे वरन इन दिनों को उन्होंने बड़े मौज से जिया और सदुपयोग भी किया। यह बात आप उनके जेल के संस्मरणों का दस्तावेज 'जानेमन जेल' पढ़कर बखूबी समझ सकेंगे।

प्रधानमंत्री के कितने नाम.. रोबोट, देहाती औरत, नामर्द….! पद की गरिमा को लेकर सोचने की जरूरत

R.K. Gandhi : भारत के प्रधानमंत्री पद की कोई गरिमा नहीं रह गई है..जो चाहे इस गरिमा को तार-तार करने में लगा हुआ है..आज योगगुरू बाबारामदेव ने प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह को नामर्द बोल दिया..तो कई देहाती औरत कह देता है..तो कोई प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह द्वारा लाए जा रहे अध्यादेश पर ही सवाल खड़े कर रहा है.कभी उन्हें रोबोट कहा जाता है..तो कभी और न जाने क्या-क्या कहते हैं..

अब किताबों में भी होने लगा भड़ास का जिक्र

अखबारी पत्रकारिता पर अनेक किताबें बाजार में हैं। इन्हीं में एक किताब आपके इस छोटे भाई की भी जुड़ गई है। किताब बाकी किताबों से इस मायने में अलग है कि इसमें सिद्धांत पर कम अख़बारों की व्यावहारिक पत्रकारिता पर ज्यादा जोर दिया गया है। आजकल अख़बारों के दफ्तरों में किस प्रकार काम होता है, इसकी जानकारी पुस्तक को पढ़कर आसानी से हासिल की जा सकती है।

प्रधानमंत्री नामक नाटक अपने दुखान्त की ओर

सोनिया कांग्रेस इस देश में अपनी सरकार चला रही है । इस पार्टी की अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गान्धी और उपाध्यक्ष उनके सुपुत्र राहुल गान्धी हैं । सरकार के प्रधानमंत्री फ़िलहाल मनमोहन सिंह हैं । मनमोहन सिंह की सहायता के लिये या फिर उनकी घेराबन्दी करने के लिये एक कैबिनेट भी है । इस कैबिनेट में भी अधिकांश सदस्य सोनिया कांग्रेस से ही ताल्लुक रखते हैं । सोनिया कांग्रेस द्वारा इस देश में पिछले दस साल से जो प्रधानमंत्री नामक नाटक खेला जा रहा है , उस नाटक के यही मुख्य पात्र हैं । नाटक की इस पूरी पटकथा में प्रधानमंत्री की भूमिका में डा० मनमोहन सिंह हैं ।इस लिहाज़ से वही नाटक के नायक के रुप में जाने जाते हैं । 

‘बिग बॉस’ का कमाल!

जाने-अनजाने राहुल गांधी ने ‘बिग बॉस’ के किरदार में अपने रुतबे की एक झलक दिखा दी है। उन्होंने चर्चित अध्यादेश के विरोध में हुंकार भरी थी। मनमोहन सरकार के कैबिनेट फैसले को डंके की चोट पर ‘बकवास’ करार कर दिया था। इसी के बाद लगने लगा था कि यह अध्यादेश अब कभी कानूनी शक्ल नहीं ले पाएगा। वही हो भी गया। जिस कैबिनेट ने ‘जनहित’ में अध्यादेश लाने का फैसला किया था, उसी ने अब ‘जनभावनाओं’ की दुहाई देकर ‘यू-टर्न’ ले लिया है। इसी के साथ कैबिनेट ने यह भी तय किया है कि दागी माननीयों को कानूनी ‘कवच’ देने वाला लंबित विधेयक भी वापस ले लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह विधेयक राज्यसभा में सरकार पास करा चुकी है। इस लंबित विधेयक को समीक्षा के लिए संसदीय समिति के पास भेजा गया था। लेकिन, इस मुद्दे का पूरा परिदृश्य ही बदल गया है।

‘आज’ के बिहार संस्करण की दशा-दुर्दशा पर एक कथा

पटना (बिहार)। प्रकाशन के 93वें वर्श (शताब्दी दशक) में चल रहे देश के प्रतिश्ठित हिन्दी दैनिक समाचार-पत्र ‘आज’ के बिहार संस्करण की स्थिति काफी बदहाल हो गई है। पटना यूनिट की बदहाली पर प्रबंधन द्वारा कोई ध्यान नहीं देने से बिहार का सबसे पुराना और विश्वासनीय अखबार अब अंतिम सांसे गिन रहा है। बिहार में दैनिक भास्कर की तेज हो रही दस्तक को देखकर लगता है कि भास्कर ग्रुप के बिहार में आगाज होने के बाद ‘लड़खड़ा’ कर चल रहे ‘आज’ की स्थिति और भी दयनीय हो सकती है।

मुख्यमंत्री अखिलेश के साथ हेलीकाप्टर में आजम खां की जगह राजेन्द्र चौधरी का आना बना चर्चा का विषय

: मोहन सिंह के निधन से समाजवादी विचारधारा की अपूर्णीय क्षति- मुख्यमंत्री : देवरिया : प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समाजवादी चिन्तक एवं राज्य सभा सदस्य मोहन सिंह को समाजवाद का एक स्तम्भ बताते हुए कहा कि मोहन सिंह के निधन से समाजवादी विचारधारा की अपूर्णीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को देवरिया में स्व0 सिंह के पैतृक आवास बरहज तहसील स्थित जय नगर में आयोजित एक श्रद्धाजंलि सभा में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

नेटवर्क10, देहरादून और सी न्यूज, आगरा में पत्रकारों के सामने सेलरी संकट

देहरादून से खबर है कि सिर्फ देहरादून में ही दिखने वाले उत्तराखंड केंद्रित न्यूज चैनल नेटवर्क10 के कर्मियों को दो-दो माह से वेतन नहीं मिला है. बाहर से आकर देहरादून में किराए पर रह रहे पत्रकारों को वेतन न मिलने से काफी कष्ट का सामना करना पड़ रहा है. पर चैनल के संपादक अशोक पांडेय की चमक-दमक में कोई कमी नहीं आई है. उनके दोनों हाथों में लड्डू हैं. वो चैनल की फ्रेंचाइजी जिले-जिले में और दूसरे प्रदेशों में बेचकर एक तरफ अच्छा कमीशन कमा-बना रहे हैं दूसरी तरफ उत्तराखंड के नेताओं की लायजनिंग कर अच्छी खासी तरक्की कर रहे हैं.

मोदी पर अटलजी के साथ-साथ गांधीजी का भी अवतरण हो रहा है तो मैं उसका स्वागत करता हूं

नरेंद्र मोदी के इस कथन पर मुझे कई साधु-संतों ने फोन करके आश्चर्य व्यक्त किया कि क्या उन्होने ‘पहले शौचालय और फिर देवालय’ कहा होगा?  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ उच्च पदस्थ अधिकारियों ने भी शंका व्यक्त की कि क्या सचमुच नरेंद्र मोदी ने ऐसा कहा है? सचमुच नरेंद्र मोदी के इस कथन का कई तबकों में गलत अर्थ लगाया जा सकता है। नरेंद्र मोदी पर चारों तरफ से इतना दबाव पड़ सकता है कि वे या तो अपने कथन को वापस ले सकते हैं या जैसा कि नेता करते हैं, वे लीपा-पोती करके बच निकलना पसंद करें। यदि नरेंद्र मोदी ऐसा करते हैं तो वे गलत करेंगे। उन्हें अपने बयान पर डटना चाहिए।

‘NRI ACHIEVERS’ ने पूरा किया एक साल, एक और मैगजीन लांच करेंगे राजीव पंछी

पूरी दुनिया में रहने वाले भारतवंशियों को ध्यान में रखकर दिल्ली से निकाली जा रही ग्लोबल मासिक पत्रिका NRI ACHIEVERS ने एक साल पूरा कर लिया है।  पत्रिका के प्रधान संपादक राजीव गुप्ता उर्फ राजीव पंछी ने एक साल के सफर को बेहद कामयाब करार दिया है। पत्रिका के डिजीटल संस्करण को पूरी दुनिया में काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। अभी तक निकाले गए 12 अंकों की सामग्री, डिजाइन और ले-आउट को खासा पसंद किया जा रहा है। इस सफलता से उत्साहित होकर ग्रुप ने एक और पत्रिका INDIAN  ACHIEVERS लांच करने का ऐलान किया है।

कागज पर ‘मोज़र बेयर’ के मालिक दीपक पुरी हैं, जो कमलनाथ के बहुत नजदीकी रिश्तेदार हैं

Prabhat Ranjan Deen : कमलनाथ के हित पर उत्तर प्रदेश का हित कुर्बान.. यूपी को 25 साल तक प्रति वर्ष लगेगा चार हजार करोड़ का धक्का.. 'सत्यमेव जयते दिवस' के पहले मन गया 'मोज़र बेयर जयते दिवस'..  उत्तर प्रदेश को चार हजार करोड़ रुपए सालाना का नुकसान पहुंचाने की तैयारी है या केंद्रीय मंत्री कमलनाथ को उपकृत करने के लिए यह प्रदेश के हित को ताक पर रखने की साजिश है? उत्तर प्रदेश सरकार को चार हजार करोड़ का सालाना झटका 25 साल तक लगता रहेगा। यानी 25 वर्षों में एक लाख करोड़ रुपए के नुकसान की उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने आधारशिला रख दी है। पावर कारपोरेशन के आला अधिकारियों ने एक अक्टूबर को बैठक कर आनन-फानन में ऐसा विवादास्पद फैसला किया, जिससे प्रदेश को भीषण क्षति होने वाली है।

मीडिया का मौन साधक सुभाष कदम

Amarendra Kishore : जवाहरलाल नेहरू विश्विद्यालय से भूगोल में स्नाकोत्तर से अचानक मीडिया की ओर मुखातिब सुभाष कदम के बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था कि आने वाले सालों में वह ऐसा कुछ कर गुजरेगा, जिसे लोग सालों-साल क्या हर वक़्त और हर हफ्ते महसूस करेंगे। कितनी अटपटी सी बात है की किसी को सीमा सुरक्षा बल में उपाधीक्षक पद का बुलावा आये, वहां वह कुछ दिनों तक प्रशिक्षण भी ले मगर कुछ रास नहीं आये तो फिर मीडिया में लौट आये –सुभाष ने ऐसा ही किया। क्योंकि उसके दिमाग में कुछ और ही चल रहा था और उसका दिल मीडिया केलिए ही धड़क रहा था।

प्रेस काउंसिल ने कहा- प्रिंट मीडिया में एफडीआई सीमा बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं

नयी दिल्ली : भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) ने कहा है कि प्रिंट मीडिया क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सीमा बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पीसीआई से प्रिंट मीडिया में एफडीआई सीमा में बढ़ोतरी का मुद्दा देखने को कहा था।

सिने गीतकार अभिलाष का सम्मान

राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा एवं फिशरीज़ यूनीवर्सिटी की ओर से आयोजित एक भव्य समारोह में 'इतनी शक्ति हमें देना दाता' जैसा कालजयी गीत लिखने वाले सिने गीतकार अभिलाष को गीत गौरव सम्मान से विभूषित किया गया। समारोह में आयोजित कवि सम्मेलन/ मुशाइरे का संचालन शायर देवमणि पांडेय ने किया। इसमें शिरकत करने वाले कवि-शायर थे- रफ़ीक जाफ़र, नवाब आरज़ू, इब्राहीम अश्क, प्रमोद कुश, रवि यादव, शेखर अस्तित्व, कवयित्री रीना राज और शिल्पा राठी। समारोह के मुख्य अतिथि नवनीत हिंदी डाइजेस्ट पत्रिका के संपादक एवं वरिष्ठ साहित्यकार विश्वनाथ सचदेव थे। उन्होंने कहा कि इस  तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिए ताकि साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा मिले। उन्होंने डॉ राजेश्वर उनियाल के उपन्यास 'भाड़े का रिक्शा' का विमोचन किया।

किसान दुर्दशा व मीडिया के काले सच पर शॉर्ट फिल्म “जम के रखना कदम” अंतरराष्ट्रीय शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल के लिए नामित

पत्रकारिता के छात्र रहे युवाओं द्वारा तैयार की गई शॉर्ट फिल्म "जम के रखना कदम" को अंतरराष्ट्रीय शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल के लिए नामित किया गया है| किसानों की दुर्दशा और मीडिया के काले सच को उजागर करती इस फिल्म को 12 अन्य देशों की 25 सर्वोत्तम लघु फिल्मों की सूची मे जगह मिली है| जम के रखना कदम एक लघु फिल्म है जिसे दिल्ली के युवाओं ने तैयार किया है|

लालू यादव को मिली सजा तो तमाम ‘दागी’ राजनेताओं को सताने लगा है डर!

चारा घोटाले का बहुप्रतीक्षित फैसला आ गया है। दिग्गज राजनेता लालू यादव सहित 37 आरोपियों की सजा मुकर्रर कर दी गई है। इस घोटाले में चार साल की सजा तो पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को भी मिली है। वे भी लालू के साथ रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं। लेकिन, बुजुर्ग हो चले 76 वर्षीय जगन्नाथ मिश्र की राजनीति सालों पहले ही हाशिए पर पहुंच चुकी है। ऐसे में, उनकी सजा को लेकर ज्यादा कोहराम नहीं मच रहा है। जबकि, चारा घोटाले की चर्चा का फोकस राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर ही ज्यादा रहता है।

Zee Media acquires Maurya TV

New Delhi :  Zee Media Corporation today announced the acquisition of popular regional news and current affairs channel Maurya TV, which was launched by noted film maker Prakash Jha a couple of years ago. In a regulatory filing, Zee Media said its board of directors, during their meeting today, approved the acquisition of up to 100 per cent equity stake in Maurya TV Private Ltd. However, financial details of the deal were not disclosed.

दनिया के इन पच्चीस देशों में फौज नहीं है, तरक्की खूब है

जर्मनी की एक पत्रिका ने दुनिया के 25 ऐसे मुल्कों की सूची जारी की है जिनके पास फ़ौज नहीं है. ये सभी देश अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के आस पास हैं. इन देशों में इंदोरा, बारबाडोस, कोस्टारिका, डोमेंकेन, ग्रेंडा, हैती, आइस्लॅंड, कैर्बै, लॅकटन स्टेन, मिकरोनेसिया, मोनाकाओ, पनामा, तुवालो, वेटिकन सिटी, समउवा आदि प्रमुख हैं. जब मैंने यह खबर पढी तो मैंने इन देशों का डाटा जमा करना शुरू किया. मालूम हुआ कि सभी मुल्क फ़ौज के बिना भी अपना वजूद बरकरार रखे हुए हैं और साथ-साथ तरक्की भी कर रहे हैं. छोटे मुल्क होने के उपरान्त भी कुछ ऐसी विशेषता है जो और किसी मुल्क के पास नहीं है.

हरिभूमि के संपादक ओमकार चौधरी को ‘भानुप्रताप शुक्ल सम्मान’

: नीरज ने ओमकार चौधरी की पुस्तक का विमोचन किया : गाज़ियाबाद : हरिभूमि के संपादक ओमकार चौधरी को इस वर्ष के भानुप्रताप शुक्ल स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. विकल्प संस्था की ओर से हर वर्ष महात्मा गाँधी और लाल बहादुर शास्त्री के जन्म दिवस की पूर्व संध्या पर होने वाले कवि सम्मलेन में श्री चौधरी के अलावा नवभारत टाइम्स के दिलबर गोठी को भी इस सम्मान से नवाजा गया. इस अवसर पर जाने-माने गीतकार गोपाल दास नीरज ने श्री चौधरी की सातवीं पुस्तक डन डन लन्दन का विमोचन भी किया.

महिला पत्रकार का दो पेजों का सुसाइड नोट रोनित नामक शख्स पर केंद्रित

कोटा। रेलवे कॉलोनी थाना इलाके के रंग तालाब में गुरूवार को एक महिला पत्रकार ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को दो पृष्ठ का एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें प्यार में असफल होने व मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराने की बात कही गई है। पुलिस ने बताया कि पत्रकार ज्योति पाठक घटना के वक्त घर में अकेली थी।

लखनऊ में महिला पत्रकार से छेड़छाड़, काम न आई अखिलेश की महिला हेल्पलाइन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की महिलाओं के साथ बढ़ रहे अपराधों पर लगाम कसने के लिए और महिलाओं को विशेष सुरक्षा सहायता मुहैया करवाने के उद्देश्य से महिला हेल्प लाइन 1090 का शुभारम्भ किया था। लेकिन 2 अक्टूबर महात्मा गांधी की जयंती के दिन महिलाओं के सुरक्षा के तमाम दावे करने वाली यह सरकारी हेल्पलाइन पूरी तरह फेल होती नजर आई। मामला प्रदेश की राजधानी लखनऊ का है जहां 1090 हेल्पलाइन ने छेड़छाड़ का शिकार हुई एक महिला पत्रकार को मदद पहुंचाने के बजाय 100 नंबर डायल करने की सलाह देकर अपनी जिम्मेदारी को निपटा दिया | जबकि मुख्यमंत्री ने ही इस हेल्पलाइन को शुरू करते वक्त कहना था कि इस व्यवस्था से महिलाओं में अपनी सुरक्षा को लेकर विश्वास बढेगा |

कोटा की टीवी पत्रकार ज्योति पाठक ने आत्महत्या की

कोटा (राजस्थान) : कोटा की टीवी पत्रकार ज्योति पाठक ने अपने घर में पंखे से चुनरी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस उपाधीक्षक सीताराम माहिच ने बताया कि ज्योति पाठक उम्र 30 वर्ष ने रेलवे कालोनी थाना क्षेत्र के काला तालाब क्षेत्र स्थित अपने घर में उस वक्त फांसी लगा ली जब उसकी मां उसके सहयोगी बनवारी के साथ अस्पताल गई हुई थी।

एक पत्रकार के सवालों से बौखलाए रामदेव, पत्रकार को बताया दिग्विजय का दूत

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बाबा रामदेव 3 अक्टूबर को मतदाता जागरूकता अभियान का शंखनाद करने तो पहुँचे..लेकिन जागरूकता अभियान की आड़ में वो प्रधानमंत्री  डॉ.मनमोहन सिंह, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गाँधी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी पर बरसते नजर आए..उन्होंने भ्रष्टाचार में डूबी सरकार पर तंज कसे.. रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेस में जब एक पत्रकार ने तमाम भ्रष्टाचार की बातों के बीच बाबा रामदेव से उनके दो ट्रस्ट पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट और दिव्य योग मंदिर का टर्नओवर और बाबा द्वारा टैक्स भरे जाने से संबंधित सवाल किया तो बाबा की भौंहे तन गई. उन्होंने  कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह द्वारा उस पत्रकार को भेजे जाने की बात कहकर अपना बचाव करते नजर आए..उन्होंने उस पत्रकार पर ही सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या तुम्हें दिग्विजय सिंह ने भेजा है..

जालौन के छह पत्रकारों को बालू की दलाली में हर माह मिलते हैं सत्तर हजार से एक लाख रुपये

यूपी में है जालौन जिला। यहां बेतवा नदी देश में सबसे उम्दा मौरंग के लिये प्रसिद्ध है। कृपालु बेतवा मां ने खनन के नये अध्याय में माफियाओं को छप्पर फाड़ कर दिया है। साथ ही लोकल पत्रकारों की भी दशा सुधार दी है। दुर्गाशक्ति नागपाल के निलंबन के समय उत्तर प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन का मुद्दा सुर्खियों में छा गया था जिसके बाद इससे उड़ी गर्द दबाने के लिये राज्य सरकार और उसके साथ जुड़े सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सब्र करना पड़ा। ऊपर के इशारे की वजह से अवैध खनन करने वाले कुछ दिनों के लिये भूमिगत हो गये लेकिन अब लोगों का ध्यान बंटते ही वे पूरी ऊर्जा के साथ अपने काम में पिल पड़े हैं।

विज्ञापन सीमा के खिलाफ टीवी चैनल वाले टीडीसैट गए

नई दिल्ली : भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा प्रति घंटे 12 मिनट की विज्ञापन सीमा के खिलाफ कई टीवी चैनल, अपीलीय न्यायाधिकरण टीडीसैट चले गए हैं। ट्राई ने टीवी चैनलों के लिए एक घंटे में विज्ञापन के लिए 12 मिनट की सीमा तय की है।

सोशल मीडिया पेड न्यूज के दायरे में लाना चाहते हैं चुनाव आयोग के महानिदेशक

इंदौर। भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक अक्षय राऊत ने गुरुवार को इंदौर में कहा कि अब सोशल मीडिया को भी पेड न्यूज के दायरे में लाने की तैयारी है। इसके लिए आयोग और सूचना एवं तकनीक मंत्रालय के बीच बातचीत का दौर जारी है। राऊत पेड न्यूज पर केंद्रित मीडिया वर्कशॉप में शामिल होने आए थे। इंदौर और उज्जैन संभागों के लिए आयोजित इस वर्कशॉप में विभिन्न अखबारों व न्यूज चैनलों के प्रतिनिधि और मप्र निर्वाचन आयोग के सीईओ जयदीप गोविंद, ज्वॉइंट सीईओ एसएस बंसल, संभागायुक्त संजय दुबे, कलेक्टर आकाश त्रिपाठी आदि मौजूद थे।

दैनिक जागरण ने पहले गलत खबर प्रकाशित की, फिर छापा खंडन

दैनिक जागरण अक्‍सर ऐसी गलतियां करता है, जिससे किसी की छवि धूमिल होती है। इसी तरह की गड़बड़ी दैनिक जागरण, शाहजहांपुर ने की। पहले तो उसने गलत खबर प्रकाशित करके शाहजहांपुर के जिलाधिकारी राजमणि यादव का तबादला करा दिया, जबकि शासन की तरफ से इस तरह का कोई फैसला नहीं लिया गया था। गलत खबर छपने पर जब राजमणि यादव ने नाराजगी दबाई तब दैनिक जागरण के लोग आनाकानी करने लगे।

ये कैसा ब्रेकिंग न्यूज भाई… देखिए जी न्‍यूज की गलती

‘ब्रेकिंग न्यूज’ और ‘सबसे पहले इसी चैनल’ पर दिखाने और अपना टीआरपी बढाने के चक्कर में निजी चैनल वाले कितनी गलतियां करते हैं इसका सबूत यह तस्वीर है। आज रांची स्थित सीबीआई की अदालत ने जब चारा घोटाला मामले में लालू यादव सहित कई राजनेताओं की सजा के बिन्दुओं पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से फैसला सुनाया तो इसे ‘ब्रेकिंग न्यूज’ बनाने के चक्कर में कई चैनलों ने गलत न्यूज ब्रेक कर दिया।

मैं तो एक मोमबत्ती थी… जिसे तुम जलाकर चले गए थे…

पटना/  २ अक्टू. कोई भी कवि अपनी काव्य-रचना के माध्यम से आम आदमी की जीवन-स्थितियों तक पहुँचना चाहता है। इसलिए जो सच्चा कवि होता है वह आम आदमी की जीवन स्थितियों  का ही चित्रण करता है। इन्हीं विचारों को उद्घाटित करने के ख्याल से प्रगतिशील लेखक संघ के तत्वावधान में 'लेखराज परिसर', ईस्ट पटेल नगर, पटना में एक कवि समागम का आयोजन किया गया। इस कवि समागम की अध्यक्षता शायर आरपी घायल ने की। मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि भगवती प्रसाद द्विवेदी थे तथा संचालन कवि शहंशाह आलम ने किया।

महाराष्ट्र में दो दिन में तीन पत्रकारों पर जानलेवा हमले, विरोध में मूक मार्च निकाला

महाराष्ट्र में पिछले दो दिन में तीन पत्रकारों के उपर जानलेवा हमले हुए हैं. इनमें जय महाराष्ट्र न्यूज चैनल के विकास बडे, टीवी9 के रिपोर्टर रामराजे शिंदे व सागर कुलकर्णी और अहमद नगर जिले के श्रीरामपूर के पत्रकार धनंजय कानगुडे का अंतर्भाव है. विकास बडे को जात पंचायत के कुछ कार्यकर्ताओं ने कमरे में दो घंटे तक बंद करके बुरी तरह से पीटा, जिससे उन्हें हॉस्पिटल में भरती कराना पड़ा. इस कांड के नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. मुंबई के जोगेश्वरी में यह घटना घटी.

पुरानी खबर को एक्सक्लूसिव लिख कर छाप दिया अमर उजाला, वाराणसी ने!

यशवंत सर प्रणाम. अमर उजारा वाराणसी आजकल अपने हाथों से अपनी पीठ थपथपाने  का काम कर रहा है. ताजा मामला विश्वनाथ मंदिर न्यास की बैठक की खबर को लेकर है. 30 सितम्बर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की न्यास की बैठक मंडलायुक्त सभागार में हुई. यह बैठक हर महीने मन्दिर की कार्य प्रणाली और होने …

मतदान से ठीक एक दिन पहले यूपी फोटोजर्नलिस्ट एसोसिएशन का चुनाव क्यों रद्द हुआ?

लखनऊ : दारुलसफा ए ब्लाक 66 स्थित उत्तर प्रदेश फोटोजर्नलिस्ट एसोसिएशन का मतदान एक दिन पूर्व रद्द कर दिया गया. कहा जा रहा है कि ऐसा पूर्व अध्यक्ष रूपेश कुमार और उनके आधा दर्जन चहेतों के चलते हुआ है क्यूंकि उनकी और उनके चहेतों की हार सुनिश्चित थी. आपको यह भी बताते चलें कि लोगों के नाम वापस लेने के कारण अध्यक्ष पद पर संजय त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर सुशील सहाय, उपाध्यक्ष पद पर आजम हुसैन तथा कोषाध्यक्ष पद पर एरिक थामसन पहले ही निर्वाचित हो चुके हैं.

कुबेर दत्त स्मृति आयोजन कल शाम पांच बजे जीपीएफ में

4 अक्टूबर 2013 को शाम 5 बजे से गांधी शांति प्रतिष्ठान में चर्चित मीडियाकर्मी, फिल्मकार, चित्रकार और कवि कुबेर दत्त की स्मृति में जन संस्कृति मंच की ओर से एक आयोजन हो रहा है। कुबेर दत्त ने दूरदर्शन में नौकरी करते हुए प्रगतिशील-लोकतांत्रिक मूल्यों, विचारों और साहित्यिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को जिस कंर्सन के साथ दर्ज किया, वह अपने आप में एक मिसाल है। उसे अगर संरक्षित किया जाए, तो न केवल वह हमारी साहित्यिक-सांस्कृतिक थाती के तौर पर सुरक्षित होगा, बल्कि डाक्युमेंटरी, इंटरव्यू आदि की कला तथा कलाओं के अंतर्संबंध के अध्ययन के लिहाज से उपयोगी हो सकता है.

नरेंद्र मोदी के ‘लोकायुक्त’ से पत्रकार जाएंगे जेल!

Anand Pradhan :  ‘भारत मां के शेर’ नरेन्द्र मोदी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बहुत दहाड़ते रहते हैं. भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए उनकी गुजरात की ‘ड्रीम टीम’ की ओर से पेश और विधानसभा द्वारा पारित लोकायुक्त आयोग विधेयक में यह प्रावधान किया गया है कि जांच के दौरान उससे संबंधित कोई जानकारी मीडिया को नहीं दी जाएगी. यही नहीं, इस ‘ड्रीम कानून’ में प्रावधान है कि लोकायुक्त जांच के दौरान अगर किसी पत्रकार ने उससे संबंधित खबर छापी या दिखाई तो उसे दो साल तक की सजा हो सकती है.

मराठी चैनल के पत्रकार को सीएम के अंगरक्षक ने पीटा

मुंबई : महाराष्ट्र सचिवालय के भीतर मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण के अंगरक्षक ने बुधवार को एक चैनल के पत्रकार की पिटाई कर दी। घटना के सिलसिले में मरीन ड्राइव पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महाराष्ट्र भाजपा ने पत्रकार पर हमले की निंदा की है। इससे पहले मार्च में महाराष्ट्र विधानसभा परिसर में विधायकों द्वारा दरोगा सचिन सूर्यवंशी की पिटाई का मामला सुर्खियों में छाया रहा था।

एक बुजुर्ग को छत न मिलना… एक युवा का संघर्ष न खत्म होना… दोनों का मर जाना…

आज सुबह जल्दी उठ गया. दो खबरों से मन दुखी है. अखबार पढ़ा तो पता चला कि उन बेघर और सड़क पर आ चुके बुजुर्गों में से एक बुजुर्ग की मौत हो गई जो एक एनजीओ द्वारा संचालित ओल्ड एज भवन की लीज खत्म हो जाने के बाद से मारे-मारे फिर रहे हैं. दिन-रात खुले आसमान के नीचे रहने सोने से इस बुजुर्ग की सेहत बिगड़ गई और अचानक खड़े खड़े नीचे गिर कर दम तोड़ दिया… भाई राणा यशवंत के वॉल से पता चला कि उनके बगल में रहने वाला एक हंसमुख मेहनतकश नौजवान ने इसलिए आत्महत्या कर लिया क्योंकि वह जिंदगी को पटरी पर लाते-लाते और जिंदगी से लड़ते-लड़ते थक चुका था.. दिन-रात काम, मजदूरी, संघर्ष करते-करते वह उब चुका था और इन स्थितियों से छुटकारा न मिलते देख मौत को गले लगा लिया…

गांधी को भले ही याद न करो, गांधी को आत्मसात तो करो

कल गांधी जयंती थी। पूरे देश ने हर्ष और उल्लास के साथ महात्मा गांधी को याद किया। मनमोहन सिंह से लेकर सोनिया गांधी तक ने सुबह ही राजघाट पर जाकर गांधी जी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें याद किया।  लेकिन यहाँ जो बेहद अहम सवाल है वो ये कि क्या सच में आज हम सब गांधी जयंती मनाने के लायक हैं जबकि आये दिन हम सब गांधी के विचारों और सिद्धांतो की सरेराह हत्या करते हैं।

मीडिया पर भड़के कांतिलाल भूरिया, कहा- अपनी बीवी से करवाओगे पुण्यतिथि पर कार्यक्रम

भले ही छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस एकजुट होने का दावा कर रही हो लेकिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया के गृह जिले में गुटबाजी की झलक साफ देखने को मिल रही है… 30 सितंबर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माधवराव सिंधिया की पुण्यतिथि लेकिन झाबुआ जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया…

झारखंड सरकार की घोषणा- राज्य में कार्यरत पत्रकारों के लिए बीमा, मुआवजा और ट्रस्ट

रांची में मीडिया पर आयोजित एक सेमिनार में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पत्रकार हित में कई बड़ी घोषणाएं की. उन्होंने राज्य के मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए पांच लाख रुपये का बीमा कराने की घोषणा की. बीमा प्रीमियम में पचास प्रतिशत हिस्सा सरकार खुद पे करेगी और बाकी पचास प्रतिशत पत्रकार करेगा.

हन्नी का जाना उर्फ एक मेहनतकश नौजवान के सामने हर रास्ते का बंद हो जाना

Rana Yashwant :  आज रात नींद शायद ही आए। आत्मा को जैसे काठ मार गया है। हन्नी की खुदकुशी ने हिला कर रख दिया है। अभी उसके घर से लौटा हूं। चार साल की छोटी बेटी और बीवी को उनकी किस्मत के हवाले छोड़ गया । मेरठ के एक होटल में हन्नी की लाश मिली। परसों शाम साढे तीन बजे के आसपास उसकी पत्नी का फोन आया – बदहवास सी थी। भैया हन्नी कहीं चला गया, उसका फोन भी नहीं लग रहा । डेढ बजे घर से रेस्टोरेंट के लिए निकला लेकिन अभी तक पहुंचा नहीं । वो बहुत परेशान था भैया। वो कहां गया होगा?

मीडिया में आज भी सनातनी व्यवस्था है : श्रीकांत

श्रीकांत देश के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं, जिन्होंने रोजाना की खबरों की दुनिया में रहते हुए भी कई शोधपरक पुस्तकें लिखीं। दैनिक हिन्दुस्तान के पटना संस्करण से कोआर्डिनेटर स्पेशल प्रोजेक्ट के पद से पिछले वर्ष सेवानिवृत्त हुए श्रीकांत का अनुभव संसार व्यापक है।

सांसदों का वेतन छह लाख रुपये प्रतिमाह करने की साजिश

देश के सांसदों का प्रतिमाह वेतन, वर्ष जो 2005 तक 4000 रूपये था, को दिनांक 12.09.2006 से 16000  और शीघ्र ही दिनांक 18.05.09 से बढाकर 50000 रूपये कर दिया गया है! दूसरी ओर न्यूनतम मजदूरी की ओर देखें तो यह वर्ष 2005 में रुपये 2500 रूपये थी जो 2009 में बढ़कर मात्र 4000 रूपये ही हो पायी है| इस प्रकार हमारे माननीय जन प्रतिनिधियों की परिलब्धियों में 4 वर्ष में 1100% से अधिक बढ़ोतरी हुई और महंगाई की मार से त्राहीत्राही करते आम मेहनतकश मजदूर की मजदूरी में समान अवधि में मात्र 60% वृद्धि हुई है|

अंधेर कॉलेज, चौपट प्रोफेसर : उच्चतर शिक्षा का किया कबाड़ा

– सर जी, कोश्चन ‘आउट ऑफ गैस पेपर’ पूछ दिया है…

– हें s s … आउट ऑफ सिलैबस होता है, ई आउट ऑफ गैस पेपर क्या है ..अंअ…

बिहार के भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में इन दिनों चल रही स्नातक पार्ट-टू की परीक्षा के दौरान मधेपुरा के प्रतिष्ठित परीक्षा केंद्र ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय में सामान्य/सब्सिडीयरी पत्र समाजशास्त्र की परीक्षा दे रहे एक छात्र ने जब उक्त सवाल उठाया तो गाइडिंग कर रहे प्रोफेसर साब ने डांट कर बिठा दिया।

अगर ‘सुबह सवेरे’ की रिकार्डिंग या टेक्स्ट सामग्री आपके पास हो तो मुकेश कुमार के पास भेजें

: एक आवश्यक सूचना एवं विनम्र निवेदन : बहुत से मित्रों को याद होगा कि कुछ साल पहले दूरदर्शन पर एक अत्यधिक लोकप्रिय कार्यक्रम प्रसारित होता था, जिसका नाम था 'सुबह सवेरे'। इसमें हर शुक्रवार को सुप्रसिद्ध समालोचक डा. नामवर सिंह के साथ साहित्यिक चर्चा प्रस्तुत की जाती थी। इस खंड में हम एक साहित्यिक कृति की समीक्षा करते थे, जिन्हें दर्शक तो पसंद करते ही थे, साहित्यिक हल्कों में भी वे बेहद गंभीरता से ली जाती थीं।

भाई यशवंत वाकई भाई हैं पत्रकारों के

यशवंत भाई से इस बार दिल्‍ली में मिलना चाहता था। दिल्‍ली तकरीबन तीन साल बाद गया था। पहले यशवंत भाई को एसएमएस किया कि आपसे मिलना है और आप 28 से 30 सितंबर के दौरान दिल्‍ली में ही हैं क्‍या। यशवंत भाई ने तत्‍काल जवाब दिया कि कमल भाई दिल्‍ली में ही हूं और आप कहां ठहरेंगे। पिछली बार जब मैं दिल्‍ली गया था तब वे भोपाल में थे। दूसरे एसएमएस में मैंने उन्‍हें बताया कि न्‍यू अशोकनगर में रूकूंगा। यशवंत भाई का एसएमएस आया कि जहां आप ठहरेंगे उसके बगल में ही मैं रहता हूं। मयूर विहार फेज दो में नीलम माता मंदिर के पास।

गांधी जी और भगत सिंह : सरकार ने एक को सम्मान दिया और दूसरे की उपेक्षा की

Ramji Rai : स्वतन्त्रता आंदोलन के दो व्यक्तित्व और दो मुहावरे 28 सितम्बर भगत सिंह की जयंती थी और आज 2 अक्तूबर महातमा गांधी की। स्वतन्त्रता आंदोलन के दो बड़े नाम या कहिए दो धाराएँ। दोनों के विचार और संघर्ष के रास्ते जुदा-जुदा थे। लेकिन शहादत दोनों ने दी। एक फांसी पर चढ़ाया गया बरतनिया हुकूमत द्वारा और एक को गोली मारी गई अपने देश के सांप्रदायिक उन्मादियों द्वारा।

अब हम मीडिया वाले बयान लेने किसके पास जाएं!

Zafar Irshad : कानपुर में सत्ताधारी पार्टी के एक नेता हुआ करते थे, मीडिया के इतने शौक़ीन कि कैमरा या पत्रकार को देख ले, तो आप उनसे सीरिया के गृह युद्ध से लेकर अमरीका की इकॉनमी तक पर बयान ले लो…अगर आपका कोई सवाल उनकी समझ में नहीं आता था तो वो उस पत्रकार से ही पूछ लिया करते थे..बताओ क्या बयान देना है.?

दिल्ली में ‘आप’ की बढ़त से बौखलाए कांग्रेसियों-भाजपाइयों ने ‘केजरीवाल चरित्रहनन अभियान’ शुरू किया, देखें पोस्टर

अरविंद केजरीवाल की बढ़ती ताकत और दिल्ली में आम आदमी पार्टी की अगली बनती सरकार देखकर तिलमिलाईं कांग्रेस और भाजपा जैसी पार्टियां अब नीचता पर उतर आई हैं. ये पार्टियां अरविंद केजरीवाल पर निजी हमले और बिलो द बेल्ट वाले हमले करने लगी हैं. अरविंद केजरीवाल के खिलाफ ऐसे ऐसे पोस्टर दिल्ली में लगवाए जा रहे हैं कि अगर आप एक बार देख पढ़ लेंगे तो दंग रह जाएंगे.

देखिए, मोदी जी गांधीजी के गले में माला पहना रहे या फांसी का फंदा!

यह तस्वीर आज सोशल मीडिया पर खूब दौड़ रही है. लोग खूब शेयर और कमेंट कर रहे हैं. तस्वीर में गांधीजी के गले में कुछ डालते हुए दिख रहे हैं नरेंद्र मोदी. कुछ लोगों का कहना है कि यह एक जल्लाद द्वारा फांसी के लिए डाले जाने वाला फांसी का फंदा ही है. वहीं कुछ लोग आश्चर्य व्यक्त कर रहे कि आखिर गांधी के सिद्धांतों का खून करने वाला मोदी किस मुंह से गांधी जी के गले में माला डाल रहा है.

पत्रकारों को घूंसे मारने वाले आसाराम एंड कंपनी को सही सबक सिखा रहे दीपक चौरसिया

Yashwant Singh : चलो कोई पत्रकार तो निकला जो आसाराम एंड कंपनी को धमका सकता है… वरना ये आसाराम तो जहां-जहां गया, वहां-वहां के पत्रकारों के चेहरे पर घूंसे बरसाकर आया.. चाहें भदोही का मामला हो या गाजियाबाद का या कहीं और का… ढेर सारे पत्रकारों ने तो ये बात बताई ही नहीं कि उसे आसाराम ने घूंसा मारा.. आसाराम को एक ये भी बड़ी बीमारी है. पत्रकारों को घूंसे मारने की. अकेले में इंटरव्यू करते हुए जिसने भी उससे थोड़ा टेढ़ा और आरोप लगाने वाला सवाल पूछा नहीं कि आसाराम का घूंसा चला…

सहारा से आरएस चौहान और महुआ से सुनील शर्मा की विदाई!

दो अपुष्ट खबरें भड़ास तक पहुंची हैं. पहली सहारा से. एक मेल के मुताबिक सहारा के इंजीनियरिंग और आपरेशंस हेड राजेंद्र सिंह चौहान को पिछले हफ्ते टर्मिनेट कर दिया गया. इन पर कई तरह के आरोप थे. इन आरोपों की सहारा प्रबंधन ने जांच कराई और इसे सही मिलने पर चौहान को फायर कर दिया. उन्हें पिछले महीने 27 सितंबर को हटाया गया.

अरुण कुमार त्रिपाठी ने किताबें लौटाई, स्थानीय संपादक पद से दिया इस्तीफा, वशु जैन आई-नेक्स्ट पहुंचे

आगरा से खबर है कि कल्पतरु एक्सप्रेस में स्थानीय संपादक के रूप में कार्यरत अरुण कुमार त्रिपाठी ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने आफिस को वो किताबें लौटा दी हैं, जिसे वो उठाकर घर ले गए थे. कल्पतरु एचआर को अपना इस्तीफा उन्होंने आज ही सौंपा.

पटना के चाणक्या और टापलिपुत्रा होटल में भास्कर, बिहार के लिए आज चल रही है भर्ती

पटना में आज से गतिविधियां और तेज होने जा रही हैं। सारी हलचल का केंद्र रहेगा चाणक्या और पाटलिपुत्रा होटल। भास्कर के चेयरमैन रमेश अग्रवाल, प्रबंध संचालक सुधीर अग्रवाल, जगदीश शर्मा, नेशनल एडीटर नवनीत गुर्जर आज दोपहर पटना पहुंच रहे हैं। रमेश अग्रवाल जहां पटना के बड़े-बड़े मारवाड़ियों से मिलेंगे वहीं सुधीर अग्रवाल सीनियर लोगों के नाम फाइनल करेंगे।

दिल्ली-एनसीआर के पत्रकारों के लिए नेत्र जांच शिविर 3 अक्टूबर को

मित्रों, दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन और इंद्रप्रस्थ प्रेस क्लब आफ इंडिया दिल्ली-एनसीआर के पत्रकारों और उनके परिवार वालों के लिए 3 अक्टूबर, 2013 को भारत के सबसे प्रतिष्ठित नेत्र अस्पतालों में से एक गुरुनानक आइज सेंटर (जीबी पंत अस्पलाल के बगल में रामलीला मैदान के पास) में नेत्र जांच शिविर का आयोजन कर रहा है.

पत्रकार जेडे मर्डर की हत्या में अभियुक्त पत्रकार जिग्ना वोरा की याचिका मकोका कोर्ट से रिजेक्ट

मुंबई : पत्रकार जेडे मर्डर की हत्या में कथित अभियुक्त पत्रकार जिग्ना वोरा की उस याचिका को मकोका कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया है जिसमें वोरा ने इस केस से अपने आपको डिस्चार्ज करने की मांग की थी। फिलहाल जिग्ना वोरा जमानत पर बाहर हैं। वे भी मंगलवार को महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ आर्गनाइज्ड क्राईम एक्ट (मकोका) कोर्ट में इस अर्जी की सुनवाई के समय मौजूद थी।

मिजाज़ ऐसा फक्कड़ कि जब जेल गए तो उसे भी उत्सव बना डाला..

Kamal K. Jain : यशवंत भाई (Yashwant Singh Yashwant Singh Bhadas4media ) से वास्तविक दुनिया में तो कोई जान-पहचान नहीं है, उन्हें जितना जाना समझा यही इसी दुनिया में जाना… बड़ा बिंदास कैरेक्टर है. उनसे सीखा कि कैसे अपनी बात को लोगो के सामने रखा जाता है, बिना अच्छे-बुरे के फेर में पड़े.. अपने मन की करना भी उनसे बेहतर कौन सिखा सकता है.

दीपक चौरसिया से सबक, मठों को चुनौती देना और इनके वर्चस्व को तोड़ना संभव

Yashwant Singh  : दीपक चौरसिया का इंटरव्यू कर आए… साथ मेरे गए थे विवेक सिंह जो पत्रकारिता के शिशु हैं… इलाहाबाद विश्वविद्यालय से दिल्ली आ गए हैं, हर हाल में पत्रकार बनने की ठान कर.. उनने अपने अनुभव, मन की बात को फेसबुक पर लिख मारा है… इस नवागत पत्रकार का स्वागत किया जाना चाहिए… लीजिए, पढ़िए कि विवेक ने क्या लिखा है…

इसलिए पार्टनर, अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जी लो.. न उम्मीद करना न उम्मीद रखना

Yashwant Singh : दिल्ली के एक ओल्ड एज होम की लीज खत्म हो जाने से वहां पर रह रहे सैकड़ों बुजुर्ग सड़क पर आ गए हैं. हिंदुस्तान अखबार के रिपोर्टर ने जब इनमें से कुछ से बात की तो ये रो पड़े. किसी की तीन बेटियां, तीनों की शादी कर दी, और अब तीनों में से कोई मुड़ कर नहीं देख रही… कोई लंदन में पढ़ा-लिखा और भारत में जज रहा.. अब उसके बेटे के पास वक्त नहीं, वह कह रहा कोई और एनजीओ देख लो… ऐसी ही कहानी है ढेर सारे बुजुर्ग बापों की…

कुमार विश्वास को एक बार सुन लेंगे तो पप्पू या फेंकू को पसंद करना बंद कर देंगे

Yashwant Singh : कुमार विश्वास को सुनकर लौटा हूं अभी. कह सकता हूं कि इस शख्स में जादू है. अब कविताई, गीत, पद्य छोड़कर यह आदमी गद्य में बात करने लगा है और सुनते हुए लगता नहीं कि ये कोई पद्य नहीं. पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र के कम से कम छह हजार लोग नीलम माता मंदिर के पास हुई जनसभा में उपस्थित और ढेर सारे लोग अगल-बगल, आस-पास खड़े होकर सुन रहे थे.

दीपक चौरसिया से यशवंत की बातचीत का पहला पार्ट (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : आप लोगों ने कहा तो मैं भी कल के दिन चला गया दीपक चौरसिया का विचार जानने, कि वो क्या सोचते-समझते हैं खुद के बारे में, अपने चैनल की सफलता के बारे में, उनके खुद के दुख-सुख क्या हैं.. ये है इंटरव्यू का पहला अंश है…