ऋषिकेश में पत्रकारों का गंगा को साफ करने का प्रण

उत्तराखण्ड में ऋषिकेश के सुरम्य गंगा तट पर पत्रकारों ने शपथ लिया कि देश में गंगा तथा अन्य नदियों को साफ और प्रवाह निर्मल तथा अविरल रखेंगे ताकि अगली पीढ़ी को संतुलित पर्यावरण और साफ, निर्मल नदियों का प्रवाह मिल सके.

स्त्री और दलित विमर्श के प्रवर्तक थे राजेंद्र यादव

झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के जनसंचार और पत्रकारिता विभाग में बुधवार को अपराह्न बाद हुई एक शोकसभा में हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार राजेंद्र यादव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई. वक्ताओं ने उन्हें हिंदी समाज में स्त्री और दलित विमर्श का प्रवर्तक बताते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए.

मुझे समझ आ गया कि राजेन्द्र यादव का मतलब क्या होता है

न्यूज चैनलों में राजेन्द्र यादव की मौत की खबर देखकर फिर अखबारों को पढ़कर थोड़ा दुख हुआ. हालांकि मेरे दुख का पैमाना हिन्दी साहित्य जगत और उनके मित्रों प्रशसंको और चाहने वालों के दुख के मुकाबले काफी छोटा है, क्योंकि मेरा उनसे सम्बन्ध महज 3-4 घंटे का रहा.

आज बारह बजे महुआ आफिस घेर लो, हड़ताली मीडियाकर्मियों के समर्थन में आप सभी पहुंचें

नोएडा फिल्म सिटी एक ऐतिहासिक संघर्ष का गवाह बना हुआ है. तीन महीने से सेलरी के बिना काम कर रहे महुआ न्यूज के कर्मियों ने कल शाम से बेमियादी हड़ताल कर रखा है और पूरे आफिस पर कब्जा कर लिया है. इनकी मांग है कि तीन महीने की बकाया सेलरी दो और दो महीने की एडवांस सेलरी. इसके बाद महुआ न्यूज बंद कर दो. प्रबंधन इन हड़ताली कर्मियों के बीच फूट डालने की पूरी कोशिश कर रहा है और इन्हें हतोत्साहित करने के लिए कई हथकंडे अपना रहा है. लेकिन सारे महुआ न्यूज कर्मी एकजुट हैं और आरपार की लड़ाई लड़ने का माद्दा अपने भीतर इकट्ठा किए हुए हैं.

इलाहाबाद के वरिष्‍ठ पत्रकार शिवाशंकर पांडेय पर हिस्‍ट्रीशीटर बदमाश ने किया हमला

: तमंचा सटाकर दी जान से मारने की धमकी : शिकायत के बावजूद पुलिस ने दर्ज नहीं किया मामला : इलाहाबाद। वरिष्‍ठ पत्रकार के जान के लाले पड़ गए हैं। पुलिस से शिकायत के बाद भी अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। एक हिस्‍ट्रीशीटर और शातिर अपराधी ने इलाहाबाद के वरिष्‍ठ पत्रकार शिवाशंकर पांडेय के ऊपर तीन दिन के भीतर दो बार जानलेवा हमला किया। तहरीर देने के बावजूद कर्नलगंज और नवाबगंज थाने की पुलिस ने एहतियाती कदम उठाना तक जरूरी नहीं समझा। भुक्तभोगी पत्रकार ने एसएसपी से मिलकर जान के सुरक्षा की गुहार लगाई है।

देखिए तस्वीर, रोहतक में कैसे पुलिस उत्पीड़न के शिकार हुए पत्रकार

सचिन तेंदुलकर के खेल को कवर कर रहे हरियाणा के पत्रकारों पर मंगलवार को पुलिस ने लाठियां बरसाईं। चार पत्रकारों को तो पुलिस ने बुरी तरह लाठियों से पीटा। हरियाणा के रोहतक में चले रणजी ट्राफी मैच में तीन दिन सचिन तेंदुलकर अपने बल्ले का जलवा दिखाए। इस दौरान सचिन के दर्शन पाने के लिए उनके चाहने वालों को पुलिस की लाठियां खानी पड़ी। भीड़ नियंत्रित करने के नाम पर पुलिस ने सचिन के चाहने वालों से उठक बैठक तक कराई।

राजेंद्र यादव साहित्य के पारस थे : निशंक

देहरादून : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने हिंदी साहित्य में नयी कहानी आन्दोलन के प्रणेता प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. राजेन्द्र यादव के आकस्मिक निधन को भारतीय साहित्य के एक और युग का अवसान बताया है.

एबीपी न्यूज उपर चढ़ा, जी न्यूज का पतन जारी

43वें हफ्ते की टीआरपी चार्ट से पता चलता है कि एबीपी न्यूज बढ़त की तरफ है. अगर यही हाल रहा तो इंडिया टीवी को नंबर दो से धड़ाम होकर नंबर तीन पर आना पड़ेगा. दोनों चैनलों के बीच बहुत कम फासला रह गया है. लाख कोशिशों के बावजूद जी न्यूज टॉप फोर में नहीं आ पा रहा. चौथे नंबर पर अड़े इंडिया न्यूज को जी न्यूज नीचे नहीं उतार पा रहा. पूरा चार्ट यूं है…

समाचार प्लस राजस्थान में तेजी से ईटीवी की गर्दन की तरफ बढ़ रहा

राजस्थान के लिए नया लांच हुआ रीजनल न्यूज चैनल 'समाचार प्लस' ने टीआरपी के मामले में बड़ी बढ़त इस हफ्ते हासिल की है. लगभग दुगुनी की छलांग लगाकर समाचार प्लस ने नंबर दो की स्थिति अपनी और ज्यादा मजबूत कर ली है और नंबर एक ईटीवी राजस्थान के गर्दन की तरफ खुद को बढ़ा लिया है.

हे अखिलेश यादव जी, सेलरी नहीं दे रहीं मीना तिवारी, हम हड़ताल पर हैं (79 हड़ताली महुआकर्मियों ने भेजा पत्र)

सेवा में, श्री अखिलेश यादव, माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश : महोदय, महुआ न्यूज के कार्यरतकर्मियों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है…।  प्रबंधन से इस बावत कई बार  संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कंपनी के एचआर विभाग की तरफ से बार-बार आश्वासन दिया गया। एचआर के मुताबिक गत माह सितंबर की सैलरी के लिए इस महीने की कई तारीखें दी गईं।

शुद्ध अवसरवाद की चाशनी में लिपटा अशुद्ध धर्मनिरपेक्षतावाद

30 अक्टूबर 2013 को राजधानी दिल्ली में राजनीति की बारिश में, बरसाती मेंढकों …..(माफ़ कीजिएगा)…. तीसरे मोर्चे की टर्र-टर्र सुनायी दी. टर्र-टर्र…ये आवाज़ इसलिए जानी पहचानी लगती है, क्योंकि ये मौसमी है. मौसम के हिसाब से टर-टराती है. इस आवाज़ की यही पहचान है. लेफ्ट पार्टियों की पहल पर जमा ये मौसमी … गैर-कांग्रेसी, गैर-भाजपाई कुनबा…."धर्म-निरपेक्ष मोर्चा". बिलकुल नया, तारो-ताज़ा नाम.

इलाहाबाद में पत्रकार पर हमला, सुरक्षा की मांग

 
इलाहाबाद। पत्रकार की जान के लाले पड़ गए हैं. जीवन पूरी तरह असुरक्षित है. एक हिस्ट्रीशीटर और शातिर अपराधी ने इलाहाबाद के वरिष्ठ पत्रकार शिवाशंकर पांडेय के ऊपर तीन दिन के भीतर दो बार जानलेवा हमला किया. तहरीर देने के बावजूद कर्नलगंज और नवाबगंज थाने की पुलिस ने एहतियाती कदम उठाना तक जरूरी नहीं समझा. भुक्तभोगी पत्रकार ने एसएसपी से मिलकर जान की सुरक्षा की गुहार लगाई है. देखना यह है कि इलाहाबाद में कानून का राज कायम रहेगा या गुंडे बदमाश सरेराह लोगों को दहशतजदा कर अपना समानांतर राज कायम रखेंगे. खास बात यह है कि वरिष्ठ पत्रकार शिवाशंकर पांडेय भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक प्रभाशंकर पांडेय के छोटे भाई हैं. प्रभाशंकर पांडेय मौजूदा समय में भारतीय जनता पार्टी के संगठन में काशी क्षेत्र के महामंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.  

‘द हिंदू’ की पत्रकार विद्या सुब्रमण्यम बोलीं- मेरे मसले को उठाकर कांग्रेस ने ठीक नहीं किया

नई दिल्ली। कांग्रेस मीडिया सेल के प्रभारी अजय माकन ने नरेंद्र मोदी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुश्मन करार दिया. अजय माकन ने पार्टी की ब्रीफिंग में एक अंग्रेजी अखबार की महिला पत्रकार ('द हिंदू' की पत्रकार विद्या सुब्रमण्यम) को सरदार वल्लभ भाई पटेल पर लिखे एक लेख के कारण मिल रही धमकियों का मामला उठाया और बताया कि उन्होंने गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से इसकी जांच कराके समुचित कार्रवाई को कहा है.

दीपक चौरसिया पर ईंट के बाद पत्थर पड़े

इंडिया न्यूज के भले अच्छे दिन आ गए हों लेकिन लगता है दीपक चौरसिया के बुरे दिन शुरू हो गए हैं. इंडिया न्यूज उनके लिए निजी तौर पर काफी झटके देने वाला प्रोजेक्ट साबित हो रहा है. पहले उनकी टांग टूटी. दो-दो बार आपरेशन हुआ. आखिरकार जब ठीक हुए तो पहले जैसे न बन पाए. अब वो लंगड़ा कर चलने लगे हैं. इंडिया न्यूज को टीआरपी दिलाने के जुनून में पहले आम आदमी पार्टी और केजरीवाल, फिर आसाराम के पीछे पड़ गए. टीआरपी तो मिली लेकिन दीपक के ढेरों दुश्मन और विरोधी पैदा हो गए. आप वालों से लेकर आसाराम वालों तक ने दीपक चौरसिया के खिलाफ कई तरह की मुहिम सोशल मीडिया पर शुरू कर दी है जिसमें दीपक चौरसिया के करप्शन की फाइल खोल दी गई है. फिर जब वो चुनावी शो करने फील्ड में उतरे तो पहले उन पर ईंट पड़े, अब पत्थर पड़ने की सूचना आई है.

याद रहेगी केपी की बेपरकी……!!

वह 80 के दशक का उत्तरार्द्ध था. जब मैं पत्रकारिता में बिल्कुल नया था. यह वह दौर था जब रविवार, धर्मयुग व साप्ताहिक हिंदुस्तान जैसी राष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाएं बंद हो चुकी थीं. लेकिन नए कलेवर के साथ संडे आब्जर्वर, संडे मेल और दिनमान टाइम्स के रूप में कुछ नए साप्ताहिक समाचार पत्र बाजार में उतरे. बिल्कुल नई शैली में ये पत्र या कहें पत्रिकाएं 12 से 14 पेज के अखबार जैसे थे. साथ में बेहद चिकने पृष्ठों वाला एक रंगीन चार पन्नों का सप्लीमेंट भी होता था. उस समय इस सामग्री के साथ एक रंगीन पत्रिका भी साथ में देकर संडे मेल ने तहलका मचा दिया.

आज केपी सक्सेना भी न रहे… लेकिन स्मृतियां तो जीवित रहती ही हैं न

Virendra Yadav : आज केपी सक्सेना भी न रहे. यूं तो लखनऊ शहर के एक ही इलाके में रहते हुए भी इधर कई वर्षों से मिलने जुलने का कोई नियमित सिलसिला नहीं था. इधर अस्वस्थ होने के पूर्व भी शहर के साहित्यिक अयोजनो में भी उनकी उपस्थिति लगभग न के ही बराबर थी. फिर भी जब कभी कभार चलते फिरते देखा देखी हो जाती तो उसी चार दशकों पूर्व की उस आत्मीय मुस्कराहट के साथ मिलते जब हम लोगों का मिलना जुलना सप्ताह में एक दो बार जरूर होता था….

Kumar Ketkar meets Modi-Eyes Sudhindra Kulkarni’s role in Team Modi

Veteran Marathi journalist and staunch Gandhi family loyalist Kumar Ketkar is in a mood to shift his age old loyalty,sources from Mumbai BJP claims. Ardent supporter of Sonia Gandhi and aggressive RSS and Modi basher Kumar Ketkar,secretly met BJP's PM in waiting Narendra Modi with BJP leader Shyam Jaju at New Delhi and conveyed his best wishes to Narendra Modi for 2014 general elections.This meeting was aimed at pressing for top berth in Modi's non political team at Delhi,if Modi becomes PM after next year general elections.

खाने का बिल भी डकार गए चंडीगढ़ प्रेस क्लब के प्रेसिडेंट

कई घोटालों के लिए मशहूर चंडीगढ़ प्रेस क्लब में एक नया घोटाला सामने आया है। घोटाले का खुलासा खुद क्लब के जनरल सेक्रेटी रंजू एरी ने किया है। घोटाले का आरोप क्लब के अध्यक्ष सुखबीर बाजवा पर है। रंजू एरी ने अपने ही अध्यक्ष को शो काज नोटिस भी जारी कर दिया है। रंजू एरी दवारा जारी नोटिस के मताबिक सुखबीर बाजवा ने क्लब के खाने का बिल क्लब को नहीं दिया। यह राशि दो लाख रुपए से उपर है।

हावड़ा-पोरबंदर एक्सप्रेस ट्रेन में घुसे लुटेरे, लूटपाट जारी

अभी-अभी पुणे के सीनियर साफ्टवेयर प्रोफेशनल अमित भट्ट का एक मेल भड़ास के पास आया है जिसमें बताया गया है कि हावड़ा-पोरबंद एक्सप्रेस ट्रेन में लुटेरे घुस चुके हैं और लूटपाट जारी है. इस ट्रेन में अमित भट्ट की बहन, जीजा और इनके बच्चे यात्रा कर रहे हैं. यात्रियों से लाखों रुपये, क्रेडिट कार्ड, मोबाइल, ज्वेलरी आदि की लूटपाट की जा चुकी है. लुटुरे अब भी ट्रेन में हैं और दूसरे डिब्बों के यात्रियों को निशाना बना रहे हैं. पूरी मेल यूं है..

हिमाचल पुलिस के प्रवक्ता की बदजुबानी, अंडरकवर रिपोर्टर को कह दिया दलाल

हिमाचल प्रदेश से संचालित होने वाले ‘सिटी चैनल’ के अंडरकवर रिपोर्टर संजीव शर्मा द्वारा किए गये मानव तस्करी के खुलासे से हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता संजीव रंजन औझा बोखला चुके है, कैमरे के सामने अपनी जवाबदेही तय करने की जगह उलटा स्टिंग आपरेशन को अंजाम देने वाले पत्रकार को ही धमकाया गया। दरअसल हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में लड़कियां और महिलाओं को मानव तस्कर नीलाम करते है, खरीदारी के लिए हरियाणा से आने वाले खरीदारों को ये लड़कियां नीलाम की जाती है।

उप्र सरकार द्वारा पुलिस एसोसियेशन की मांग अस्वीकृत

उत्तर प्रदेश शासन ने आइपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा उत्तर प्रदेश में एकीकृत पुलिस एसोशियेशन बनाए जाने और उसे उत्तर प्रदेश पुलिस एसोसियेशन नाम से पंजीकृत कराये जाने की मांग को खारिज कर दिया है. गृह विभाग ने 15 अक्टूबर 2013 के अपने आदेश द्वारा बिना कोई कारण बताये श्री ठाकुर की मांग अनौचित्यपूर्ण बताते हुए उसे अस्वीकृत कर दिया.

एबीपी के लाइव शो कौन बनेगा मुख्यमंत्री शो में खून खराबा… कांग्रेसी-भाजपाई आपस में भिड़े

रायपुर के नगर निगम मुख्यालय के सामने गार्डन में आयोजित एबीपी चैनल की चुनावी परिचर्चा में कांग्रेसी और भाजपाई भिड़ गये. मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और महापौर किरणमयी नायक की मौजूदगी में कुर्सियां तोड़ी गई. एक-दूसरे पर हमले भी किये गये, इससे आधा दर्जन कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं. टीवी चैनल ने संभावित मुख्यमंत्री को लेकर आयोजित सार्वजनिक परिचर्चा में दक्षिण विधानसभा के दोनों प्रमुख प्रत्याशियों बृजमोहन अग्रवाल एवं किरणमयी नायक समेत कई और लोगों को बुलाया था. काफी संख्या में कांग्रेस व भाजपा के कार्यकर्ता भी जुटे थे. सवाल-जवाब के दौर में एकाएक एक-दूसरे पर व्यक्तिगत टिप्पणी की जाने लगी और देखते ही देखते कार्यकर्ता भड़क गये. कार्यक्रम में मौजूद सुरक्षा बल भी भड़के कार्यकर्ताओं को नहीं रोक पाया.

दीवाली सिर पर और महुआ अपने कर्मियों की तीन माह की तनख्वाह रोके है, इसलिए हड़ताल करना सही

शंभूनाथ शुक्ल : कितना अजीब लगता है कि दीवाली सिर पर हो और एक चैनल महुआ अपने कर्मचारियों की तीन महीने की तनखा रोके हो। ऐसे में अगर वहां के कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से हड़ताल का फैसला लिया तो गलत क्या है। एक चैनल जिसके कार्यक्रम सफल रहे हों अपने कर्मचारियों की वजह से इस ऊँचाई पर पहुंचा और फिर उन्हीं की तनखा डकार गया। जितनी भी निंदा की जाए कम है।

महुआ आफिस पर कब्जा, काम बंद और बेमियादी हड़ताल की खबरें किसी अखबार-चैनल में नहीं आई

शिवानन्द द्विवेदी 'सहर' : महुआ में क्रांति शुरू हो गई है… यहाँ कर्मचारी सैलरी की मांग को लेकर काम ठप कर धरने पर बैठ गए हैं। प्रबंधन से जवाब देते नहीं बन रहा। यह बड़ा सवाल है कि आखिर दुनिया जहान की खबरें एक्सक्लूसिव बनाकर ब्रेक करने वाले न्यूज चैनल मैनेजमेंट अपनी अंदरूनी करतूतों पर चुप क्यों रहते हैं। अभी तक मैंने किसी भी अखबार और चैनल पर एक लाइन की कोई स्टोरी नही देखी जो महुआ चैनल के इन कर्मचारियों के लिए लिखी या चलाई गयी हो।

महुआ आफिस पर कब्जा जमा चुके मीडिया वाले साथियों के समर्थन में कल और साथी वहां पहुंच रहे

Samar Anarya : कुछ तो बदल रहा है दोस्तों.. एक वो दिन थे जब हिंदुस्तान टाइम्स से निकाल दिए गए सैकड़ों मीडियाकर्मियों की सालों चलने वाली लड़ाई को वामपंथी संगठनों से अलग कोई मदद नहीं मिलती थी और एक ये है कि महुआ न्यूज़ के साथियों ने तीन महीने बिना वेतन काम करने को मजबूर किये जाने के बाद ऑफिस पर कब्ज़ा ही नहीं कर लिया बल्कि और साथी उनकी मदद के लिए पंहुचने को हैं!

महुआ के मालिकों ने पहले बैंकों का पैसा खाया, अब अपने कर्मियों का पैसा हड़पने में जुटे

Sanjaya Kumar Singh : मीडिया क्षेत्र की एक बड़ी खबर। वेतन ना मिलने से नाराज कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी है। मजदूर हड़ताल तो करते रहते हैं, महुआ न्यूज के कर्मचारियों की हड़ताल की खासियत यह है कि वे धरना देकर ऑफिस में ही बैठ गए हैं और देर रात तक जमे रहे। उनका कहना है कि बकाया वेतन मिलने तक वे ना घर जाएंगे ना काम करेंगे (यानी चैनल नहीं चलने देंगे)। इससे नोएडा के फिल्म सिटी में गहमा-गहमी का माहौल है।

महुआ की मालकिन पहुंची आफिस, हड़ताली कर्मचारियों से झूठ बोला

महुआ न्यूज के आफिस पर कब्जा कर चुके सवा सौ हड़ताली कर्मचारियों के बीच आज सबुह महुआ के मालिक पीके तिवारी की पत्नी मीना तिवारी यानि महुआ की मालकिन पहुंचीं और रणनीतिक तौर पर कुछ ऐसे बयान दिए जिससे कर्मचारियों का मनोबल टूट जाए. उन्होंने हाथ जोड़कर हड़ताली कर्मचारियों से कहा कि वे लोग संकट में हैं और अगले तीन महीने तक कोई सेलरी नहीं दे पाएंगे. इसलिए हड़ताली कर्मचारियों को जो करना है करें, वे यहां से जा रही हैं और उनकी कोई भी मांग मान पाने में असमर्थ हैं.

डरपोक, काइंया, अवसरवादी, दलाल, चंपादक किस्म के प्राणी न तो इसे पढ़ें और न ही मौके पर आएं…

Yashwant Singh :  कल बारह बजे महुआ के आफिस को घेर लो… नोएडा फिल्म सिटी स्थित महुआ न्यूज के आफिस पर सवा सौ कर्मचारियों ने कब्जा कर रखा है, तीन महीने से सेलरी न मिलने के विरोध में… दीवाली काली होने से बचाने के लिए आंदोलन रत इन साथियों के समर्थन में हमको आपको मौके पर पहुंचना चाहिए ताकि हम आप बता सकें हमारा आपका उनको दिया गया समर्थन सिर्फ फेसबुकी नहीं बल्कि जमीनी है.

रोहतक में पुलिस ने मीडिया पर बरसाई लाठियां, चार पत्रकार घायल

सचिन तेंदुलकर के खेल को कवर कर रहे हरियाणा के पत्रकारों पर मंगलवार को पुलिस ने लाठियां बरसाईं। चार पत्रकार को तो पुलिस ने बुरी तरह लाठियों से पीटा। हरियाणा के रोहतक में चल रहे रणजी ट्राफी मैच में तीन दिन से क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर अपने बल्ले का जलवा दिखा रहे थे। इस दौरान सचिन के दर्शन पाने के लिए उनके चाहने वालों को पुलिस की लाठियां खानी पड़ी। भीड़ नियंत्रित करने के नाम पर पुलिस ने सचिन के चाहने वालों से उठक बैठक तक कराई।

टीवी पत्रकार से अभद्रता करने के आरोपी उप निरीक्षक समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित

लखनऊ। राजधानी के चौक थाना क्षेत्र में इंडिया टीवी के पत्रकार मोहसिन हैदर से अभद्रता के आरोपी पुलिस उप निरीक्षक व दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की आज एनेक्सी मीडिया सेंटर में इस मामले को लेकर बुलायी गयी बैठक में प्रदेश के गृह सचिव देवी शंकर शर्मा ने इस बात की जानकारी दी। समिति ने गृह सचिव को घटना की जानकारी देते हुए आरोपी पुलिस वालों को निलंबित कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी।

और विलियम दादा भूत बन गए

यह कहानी ट्रेन यात्रा के दौरान मिले एक व्यक्ति ने मुझे सुनाई, जो लंदन से भारत आए थे. उनके पास एक पुरानी डायरी थी जिसमें गहरी काली स्याही से परिवार के बुजुर्गों के नाम लिखे हुए थे. वे काफी बूढ़े हो चुके थे, इसलिए अपने साथ हमेशा एक छड़ी रखते. उन्होंने एक गोल हैट पहना हुआ था, जो शायद उन्हीं के लिए बना था. पहली ही नजर में वे बेहद दिलचस्प अंकल लगे. वे मुझे अपना नाम बताना भूल गए, इसलिए आज भी मैं उन्हें अंकल हैट ही कहता हूं. वे खिड़की के पास वाली सीट पर बैठकर सिगार पी रहे थे. बातचीत में उन्होंने बताया कि उनका भारत आना बहुत जरूरी था. वे गर्मियों की छुट्टियां भारत में ही बिताना चाहते थे, लेकिन अत्यधिक बेसब्री की वजह से उन्हें जनवरी की कड़क ठंड में ही आना पड़ा. अंकल हैट के साथ उनकी पोती थी, जो सफेद कोट में किसी परी की तरह लग रही थी. मैंने उसे कहानियों की एक किताब, धागे से चलने वाली फिरकी और सेब काटने का छोटा चाकू दे दिया.

राजकोष से मुआवजा देकर चिटफंड कारोबार का अपराध धुलेगा?

मां माटी मानुष की सरकार राजकोष से आम टैक्स पेयर जनता के पैसे का वारा न्यारा करके चिटपंड के शिकार लोगों का जुबान बंद रखने को मुआवजा बांटकर दागी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और नेताओं का पाप धोने में लगी है. रोज एक के बाद एक सनसनीखेज खुलासा हो रहा है, लेकिन न जांच हो रही है और न रिकवरी.

फिल्म सिटी स्थित महुआ न्यूज के आफिस में घुसे यशवंत, दिया समर्थन

Yashwant Singh :  अभी घर लौटा हूं नोएडा फिल्म सिटी से. करीब सवा सौ मीडियाकर्मियों ने तीन महीने से सेलरी न मिलने से नाराज होकर महुआ न्यूज का आफिस कब्जा लिया है. कामकाज ठप है. न कोई घर जाएगा और न कोई काम करेगा. सबकी एक मांग है. तीन महीने का पुराना बकाया चुकता करो और दो महीने का एडवांस वेतन दो. इतना लेकर सब कर्मी घर चले जाएंगे, ये चैनल सदा के लिए छोड़कर. फिर महुआ का मालिक पीके तिवारी महुआ न्यूज को चलाए या बंद करे, उसकी बला से.

राजस्थान में मुफ्त गेहूं के नाम पर आदिवासी खर्च कर रहे सौ रूपये

बारां, राजस्थान। आदिवासी बारां जिले की किशनगंज व शाहाबाद तहसील में करीब 20 हजार सहरिया परिवार हैं, जिन्हें प्रति माह प्रति परिवार 35 किलो गेहूं निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है. इन दोनों तहसीलों में सहरियाओं को प्रतिमाह करीब सात हजार क्विंटल गेहूं का वितरण होता है. पूर्व में भूख से हुई मौतों को लेकर इस क्षेत्र के सुर्खियों में आने के बाद सरकार की ओर से इन्हें निःशुल्क गेहूं उपलब्ध कराना शुरू किया गया था. कहा गया कि इस योजना को प्रारंभ किए जाने से सहरिया परिवारों को भरपेट भोजन उपलब्ध हो सकेगा. हकीकत कुछ और ही बयां करती है. निःशुल्क गेहूं को प्राप्त करने के लिए सहरियाओं को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. इस गेहूं के लिए भी इन्हें ताकना पड़ रहा है. क्षेत्र के कई गांवों में गेहूं लेने भी पैदल जाना पड़ता है. 35 किलो निःशुल्क गेहूं को प्राप्त करने के लिए लगभग सौ रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं.

महुआ आफिस का हाल, एक तरफ सुरतान की लहरियां दूसरी तरफ भूखे प्यासे कर्मचारी हड़ताल पर

महुआ न्यूज में तीन महीने से वेतन ना मिलने के कारण जहां सारे कर्मचारी जिनमें महिला कर्मचारी भी शामिल हैं, भूखे प्यासे हड़ताल पर बैठे हैं वहीं दूसरी तरफ इसके इंटरटेनमेंट के स्टूडियो में रंगारंग कार्यक्रम चल रहा है. इस कार्यक्रम में मशहूर भोजपुरी कलाकार मालिनी अवस्थी , मनोज तिवारी तथा रविकिशन जैसे लोग आये हुए हैं.

महुआ न्यूज के हड़ताली मीडियाकर्मियों के समर्थन में संपादक किशोर मालवीय ने दिया इस्तीफा

महुआ न्यूज से बड़ी खबर है कि संपादक किशोर मालवीय ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के समर्थन में इस्तीफा दे दिया है. भड़ास4मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की वाजिब मांगों के चलते उनके समर्थन में उन्होंने ये कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने उनसे कहा कि उन्हें पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिल पा रहा है, इसलिए वे हड़ताल पर जा रहे हैं. कर्मचारियों के सामने अब जीवन चलाने के लिए संसाधनों के चरम अभाव की स्थिति आ गई है. कर्मचारियों ने किशोर मालवीय से आग्रह किया कि वे प्रबंधन से बात करें. सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन ने जब कर्मचारियों की मांग मानने में टालमटोल का रवैया अपनाया तो किशोर मालवीय ने अपना खुद का इस्तीफा सौंप दिया.

महुआ न्यूज के हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने एसएसपी नोएडा से की सुरक्षा की मांग

महुआ न्यूज के फिल्म सिटी नोएडा के आफिस में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने नोएडा के एसएसपी को हड़ताल की सूचना दे दी है तथा प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है. कर्मचारियों को आशंका है कि प्रबंधन हड़ताल को खत्म करने के लिये प्रशासन की मदद से कर्मचारियों को बलपूर्वक बाहर निकलवा सकता है. अतः कर्मचारियों ने नोएडा सेक्टर 20 के थानाध्यक्ष से लिखित रूप से सुरक्षा की मांग की है. इस हड़ताल में महुआ की महिला कर्मचारी भी शामिल हैं.

दिल्ली जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने किया महुआ न्यूज के कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन

दिल्ली जर्नलिस्ट एसोसिएशन (डीजेए) के महासचिव अनिल पाण्डेय ने कहा है कि डीजेए महुआ में कर्मचारियों की छंटनी और सेलरी रोके जाने की निन्दा करता है. भड़ास4मीडिया से फोन पर उन्होंने कहा कि अचानक छंटनी कर देने की प्रक्रिया बन्द होनी चाहिये. साथ ही सेलरी रोकने की प्रथा भी अब खत्म करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हम सभी महुआ के हड़ताली कर्मचारियों के साथ हैं तथा मालिकों से अपील करते हैं कि पत्रकारों का उत्पीड़न बंद करें. उन्होंने कहा कि आजकल तमाम चिटफंड कंपनियां अपने स्वार्थ साधने के लिये मीडिया के क्षेत्र में आ गयी हैं जो कि पत्रकारों का शोषण करती हैं.

वेतन ना मिलने तक आफिस नहीं छोड़ेंगे महुआ के कर्मचारी

महुआ न्यूज में हड़ताल पर गये कर्मचारियों ने घोषणा की है कि जब तक वेतन नहीं दिया जायेगा तब तक सभी कर्मचारी महुआ के आफिस पर ही धरने पर बैठेंगे. सभी 150 कर्मचारी महुआ के फिल्मसिटी के आफिस में धरने पर बैठे हैं. पूरी फिल्म सिटी में गहमागहमी का माहौल है.

महुआ न्यूज में कर्मचारी हड़ताल पर, काम ठप्प

बड़ी खबर है कि महुआ न्यूज में सभी कर्मचारी तनख्वाह ना मिलने के कारण हड़ताल पर चले गये हैं, जिसकी वजह से महुआ में काम ठप्प पड़ गया है. महुआ न्यूज में काम कर रहे सभी कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं दिया जा रहा है. ये कर्मचारी पिछले कई दिनों से महुआ प्रबन्धन से वेतन दिये जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन प्रबन्धन द्वारा वेतन नहीं दिये जाने के कारण आज मजबूर होकर महुआ के सभी कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का फैसला कर लिया.

‘जननेता’ के लड्डुओं से पत्रकारों को ‘फूड प्वायजनिंग’!

रेवाड़ी। खुद को 'जननेता' कहने वाले शहर के नेता ने दिवाली के तोहके के नाम पर कई पत्रकारों के पेट में दर्द कर दिया। इस कथित जननेता की ओर से कुछ राष्ट्रीय समाचार पत्रों के पत्रकारों को जहां महंगे गिफ्ट भेजे, तो छोटे या साप्ताहिक समाचार पत्रों के पत्रकारों को सिर्फ गोंद के लड्डू ही नसीब हो पाए। जब ऐसे पत्रकारों को गिफ्ट की जानकारी मिली, तो उन्होंने लड्डू लौटाने की बात कही। कुछ पत्रकार स्वाद चखने के कारण यह काम भी नहीं कर पाए।

इलाहाबाद पुलिस द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुला उल्लंघन

इलाहाबाद पुलिस के लिए शायद सुप्रीम कोर्ट के आदेश का कोई मतलब नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की जनहित याचिका पर 22 सितम्बर 2006 को थानाध्यक्ष सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के तबादले के सम्बन्ध में कई निर्देश दिए थे जिनमे प्रत्येक जिले में इनके तबादले के लिए पुलिस स्थापना बोर्ड बनाए जाने की बात कही गयी थी.

प्रभात खबर में प्रोन्नति की बहार, अखबारों की मार्केटिंग टीम हुई आक्रमक

भास्कर की आहट के बाद बिहार के सभी अखबार अपने तीर-कमान पर से जंग छुड़ाने में जुट गए हैं। प्रभात खबर के पटना समेत बिहार के अन्य यूनिटों में कर्मचारियों को प्रमोशन दिया गया है। यह प्रमोशन सीनियर से चीफ सब एडीटर तक का है। एकाध को डीएनए भी बनाया गया है। बताया जाता है कि प्रमोशन के साथ पैसों में भी इजाफा हुआ है।

मुझे तो बदले दौर का पूरा मीडिया ही मसालेदार दिखाई देने लगा है : राजेंद्र यादव

बात है एक महीने पहले की… राजेंद्र यादव जी का नंबर मिलाया…अपने बारे में बताया…यू-ट्यूब पर चल रहे अपने चैनल क्राइम्स वॉरियर (Crimes Warrior) के बारे में बताया। मैंने उनसे गुजारिश की..सर मैं आपका एक लंबा इंटरव्यू करना चाहता हूं…उधर से जबाब मिलने के बजाये…सवाल आया…क्यों ऐसा मैंने क्या नया फसाद खड़ा कर दिया कि अब यू ट्यूब वालों को भी मेरा इंटरव्यू लेने की जरुरत महसूस होने लगी? मैंने कहा, नहीं सर ऐसी बात नहीं है। बस मन हुआ। सोचा कि आपसे कई साल से मुलाकात नहीं हुई है। इंटरव्यू के साथ आपका आशीर्वाद भी मिल जायेगा। मैंने कहा।

गो तस्करों ने ली पत्रकार जका की जान

खुर्जा, (बुलंदशहर) : पत्रकार जकाउल्ला हत्याकांड के खुलासे ने खुर्जा में चल रहे गोकशी के गोरखधंधे का एक बार फिर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिसिया खुलासे के मुताबिक, जकाउल्ला की हत्या में गोकशी ही प्रमुख वजह बनी। इससे यह भी साफ हो गया है कि शहर में गोकशी का यह धंधा कितने बड़े पैमाने पर संगठित रूप से चल रहा है। पत्रकार जकाउल्ला खां निवासी मोहल्ला पंजाबियान का 25 अगस्त को बोरे में बंद शव चोला चौकी क्षेत्र के जंगलों में बरामद हुआ। 27 अक्टूबर को पुलिस ने कोतवाली खुर्जा में खुलासा किया कि जकाउल्ला की हत्या नगर निवासी तीन लोगों ने मिलकर की थी।

बनारस में भारत रत्न स्व. बिस्मिल्ला खां के नाम पर लगे शिलापट्ट से जूते लटक रहे

: कला-संस्कृति के शोर में हम याद न तुमको कर सके! : खुद के शहर में विस्मृत होती जा रही स्मृतियां : बनारस। इन दिनों शहर में कला-संस्कृति के पहरूए साहित्य, कला को बचाने के लिए झंडा उठाये फिर रहे हैं. आयोजनों की बहार है. बनारस महोत्सव चल ही रहा है, गंगा महोत्सव की तैयारी है. खबर आ रही है कि कैलाश खेर महोत्सव में चार चांद लगाने आ रहे हैं. इधर दुनिया के पैमाने पर भारतीय कला और संस्कृति को ले जाने वाले कलाकारों के स्मृतियों पर ग्रहण लगता जा रहा है. भारत रत्न स्व. बिस्मिल्ला खां साहब के नाम पर लगे शिलापट्ट के सहारे जूते लटके नजर आ रहे हैं.

शरद शंखधार ने जागरण हल्द्वानी ज्वाइन किया, रामनिवास चौधरी का साधना न्यूज़ से इस्तीफा

खबर है कि जागरण हल्द्वानी में शरद शंखधार ने सीनियर सबएडिटर के पद पर ज्वाइन किया है. ये अमर उजाला जम्मू में बतौर सीनियर सबएडिटर काम कर रहे थे. इन्होंने दस दिन पहले जागरण ज्वाइन किया है. जम्मू के पहले ये अमर उजाला बदायूं में कार्यरत थे जहां जनवरी में पूरे आफिस को लेनदेन में घपले के चलते सस्पेंड कर दिया गया था. बाद में मैनेजमेंट से सिफारिश करने पर इन्हें पुनः नियुक्त कर जम्मू भेज दिया गया था.

पुलिसकर्मियों ने लखनऊ के चौक में पत्रकार को पीटा

लखनऊ : चौक कोतवाली थानाक्षेत्र में मंगलवार देर रात एक दारोगा ने कुछ पुलिसकर्मियों के साथ एक न्यूज चैनल के पत्रकार मोहसिन हैदर की पिटाई कर दी। बताया गया कि पत्रकार अपने परिवार के साथ कहीं से आ रहे थे। चौक चौराहे के पास बैरिकेडिंग लगी हुई थी। इसी बात को लेकर उनकी सिपाही सुनील से बहस हो गई। इस बीच मौके पर सिपाही सियाराम व दारोगा रुमा यादव भी मौके पर पहुंच गए।

भास्कर के मालिक पैसा कमाने के लिए अपने कर्मचारियों को दीवाली भी मनाने नहीं देना चाहते

भाई यशवंत जी, भास्कर के मालिक पैसा कमाने के लिए अपने कर्मचारियों को दीवाली भी मनाने नहीं देना चाहते. देखिए, ये किस किस्म का इंटरनल मेल जारी किया गया है भास्कर में…

महाराष्ट्र के यवतमाल में ‘पुण्यनगरी’ के दफ्तर पर शिवसैनिकों का हमला

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के वणी में आज सुबह दैनिक अखबार पुण्यनगरी के ऑफिस पर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने हल्ला बोल दिया. इससे आफिस का काफी नुकसान हुआ है. इस वारदात के बाद यवतमाल, वाशिम जिले के पुण्य नगरी के सभी ऑफिसों को पुलिस प्रोटेक्शन के अधीन कर दिया गया है.

क्या अमर्त्य सेन के मॉडल पर काम कर रही है नीतीश सरकार?

पिछले कुछ दिनों से देश में विकास के मॉडलों पर गंभीर चर्चाएं हो रही हैं. यह अच्छी बात है कि जो सवाल कल तक अतिबुद्धिजीवियों के बहस का मसला हते थे, उस पर चुनावी सभाओं में भी बातें होने लगी है. कहने को देश में विकास के दो मॉडल हैं एक भगवती मॉडल और दूसरा अमर्त्य सेन मॉडल. भगवती मॉडल जहां मानता है कि अगर व्यापार बढ़ा तो उसका लाभ निचले तबके तक पहुंच ही जायेगा, मगर अमर्त्य सेन मॉडल मानता है व्यापार बढ़ने से कई दफा पूंजी का ध्रुवीकरण होता है और गरीब और गरीब होते चले जाते हैं.

पीआईएल होते ही आज़म खान ने अपना आदेश वापस लिया

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में पीआईएल दायर करते ही मंत्री तथा जल निगम के अध्यक्ष आज़म खान ने अपना विधिविरुद्ध आदेश तत्काल वापस ले लिया. डॉ ठाकुर ने अपनी याचिका में कहा था कि उ०प्र० जल निगम उत्तर प्रदेश जल आपूर्ति एवं सीवरेज अधिनियम 1975 की धारा 7(3) के अनुसार अध्यक्ष का पद लाभ का पद नहीं माना जाएगा और उसका निगम के किसी प्रबंधकीय कार्य पर कोई अधिकार नहीं होगा, लेकिन इसके बावजूद श्री खान ने अपने हस्ताक्षर से 28 अगस्त 2012 को एक कार्यालय ज्ञाप जारी कर सारे प्रबंधकीय अधिकार स्वयं ले लिए थे.

नौवें नंबर का चैनल बन गया है आईबीएन7

41वें हफ्ते की टीआरपी में टॉप के सभी चैनलों की टीआरपी गिरी है पर लेकिन पोजीशन सबकी जस की तस बरकरार है. जी न्यूज को फायदा हुआ है पर वह अब भी इंडिया न्यूज से पीछे है. एनडीटीवी को भी फायदा हुआ है लेकिन वह न्यूज24 से पीछे है. सबसे बुरी गत आईबीएन7 की है.

हिन्दू कालेज में राजेंद्र यादव को दी गई श्रद्धांजलि

दिल्ली। 'हंस' के सम्पादक और प्रसिद्ध साहित्यकार राजेन्द्र यादव के असामयिक निधन पर हिन्दू कालेज के हिंदी विभाग द्वारा श्रद्धांजलि दी गई।  शोक सभा में विभाग के आचार्य डॉ रामेश्वर राय ने कहा कि स्त्री और दलित विमर्श की ज़मीन तैयार करने वाले साहसी सम्पादक और विख्यात लेखक का जाना असामयिक इसलिए लगता है कि उन्होंने अपने को अप्रासंगिक नहीं होने दिया था। 

अमृतसर में अखबार विक्रेताओं की हड़ताल, भास्कर के सरकुलेशन मैनेजर ने दी गालियां

अमृतसर में अखबार विक्रेताओं की यूनियन की हड़ताल के चलते पिछले चार दिनों से दैनिक भास्कर अखबार नहीं बंट रहा है. अखबार विक्रेता यूनियन बहुत दिनों से अपना कमीशन बढ़ाने के लिये संस्थान से बात कर रहा था. भास्कर के सर्कुलेशन स्टेट हेड मनीष सिंह कई बार अमृतसर का दौरा कर चुके हैं और उन्होंने यूनियन के प्रधान से बात करके मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन यूनियन अपनी बात पर अड़ा रहा और अन्ततः कोई उम्मीद ना देख रविवार को हड़ताल की घोषणा कर दी.

लखनऊ के डीएम, एसपी के स्थानांतरण और समाजसेवियों की सुरक्षा की मांग

लखनऊ। सामाजिक संगठन ऐश्वर्याज सेवा संस्थान, उत्तर प्रदेश ने लखनऊ में महिलाओं और पत्रकारों के साथ मारपीट किये जाने की घटना की निंदा करते हुए इस सम्बन्ध में लखनऊ के जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का तत्काल स्थानांतरण किये जाने की मांग की है. संगठन ने इन अधिकारियों द्वारा राजधानी में कानून व्यवस्था सुनिश्चित ना किये जाने के कारणों की जांच तथा प्रदेश में सामाजिक कार्यकर्ताओं को चिन्हित कर उनको सुरक्षा प्रदान प्रदान करने का तंत्र विकसित करने की मांगो के साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है.

राडिया टेप : सीबीआई ने सीनियर इनकम टैक्स आफिसर रिपोर्ट दर्ज की

नई दिल्ली : सीबीआई ने राडिया टेप मामले में एक सीनियर इनकम टैक्स आफिसर के खिलाफ प्राथमिक जांच (पीई) के लिए नई रिपोर्ट दर्ज की है। इस अधिकारी पर अपने तबादले के लिए बिचौलिये के माध्यम से सीबीडीटी के अधिकारियों को रिश्वत की पेशकश करने का आरोप है। सूत्रों ने कहा कि वरिष्ठ आयकर अधिकारी, इस अधिकारी से संपर्क रखने वाले कथित बिचौलिए तथा कुछ अन्य को इस मामले में शुरुआती जांच में नामित किया गया है।

Sahara seeks modification in SC order barring Subrata Roy to go abroad

New Delhi : Sahara Group on Tuesday moved the Supreme Court claiming there was a mistake in its Monday's order restraining its chief Subrata Roy from leaving the country till it hands over title deeds of its properties worth Rs.20,000 crore to SEBI. Senior advocate C A Sundaram, appearing for Sahara Group, submitted that the apex court had on Monday said if documents are not handed over to the market regulator within three weeks only then Roy would be restrained from going abroad.

प्री-पोल सर्वे में भाजपा को भारी बहुमत से जिताने वाली खबरों पर आईबीएन7, ईटीवी और तीन अखबारों को नोटिस

रायपुर से एक बड़ी खबर आ रही है. यहां के कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी सिद्धार्थ कोमल सिंह 'परदेशी' ने प्री-पोल सर्वे से संबंधित समाचार के मामले में आदर्श आचरण संहिता के खुला उल्लंघन होने पर रायपुर से प्रकाशित तीन दैनिक समाचार पत्रों के साथ ही एक क्षेत्रीय न्यूज चैनल ईटीवी मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राष्ट्रीय न्यूज चैनल आईबीएन7 को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जानकारी मांगी है.

मैंने अब तक के जीवन में उन जैसा जनतांत्रिक व्यक्ति नहीं देखा

साहित्य का राजहंस हमें छोड़ गया। आदरणीय राजेंद्र यादव के न रहने से हमने हिंदी साहित्य के उस आवेग, असहमति और साहस को गंवा दिया है, जिसकी भरपाई शायद ही कभी संभव हो और उसके बिना हम एक भारी निरसता और ठंडेपन का अनुभव करेंगे। अभी कल ही तो 'दृश्यांतर' में उनके उपन्यास 'भूत' का अंश पढ़कर मैंने टिप्पणी की थी। राजेंद्र जी के साथ मुझे भी कुछ महीनों काम करने का समय मिला था। मैंने अब तक के जीवन में उन जैसा जनतांत्रिक व्यक्ति नहीं देखा।

चर्चित साहित्यिक पत्रिकाओं को ‘दृश्यांतर’ ने दी तगड़ी चुनौती

अजित राय बहुत साहसी, गुणी और संवेदनशील पत्रकार और संस्कृतिकर्मी हैं। सबसे बड़ी बात है कि कला और संस्कृति जगत की सारी विधाओं में उनकी दिलचस्पी और दखल रहती है, चाहे सिनेमा हो, रंगमंच हो, ललित कला हो, नृत्य-संगीत से लेकर साहित्य तक हर मोर्चे पर वे कहीं न कहीं अपनी भागीदारी करते दिखाई दे जाते हैं। लंबे समय तक उन्होंने साहित्य-संस्कृति के सभी पहलुओं की गहमागहमी को अंतरंग होकर समझा है।

टीवी टुडे ग्रुप में गार्डों की बदतमीजी से स्टाफ परेशान

टीवी टुडे नेटवर्क के चैनलों में मैनेजमेंट की शह पर आजकल सिक्योरिटी गार्डों की गुंडई चल रही है. ये गार्ड हर किसी से गलत तरीके से बोलकर उन्हें अपमानित करते हैं. इससे काम करने वाला स्टाफ खुद को बहुत ही अपमानित महसूस करता है लेकिन नौकरी के डर से कोई बोलता नहीं है.

उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियां और अखबारों की चांदी

उत्तर प्रदेश के विभिन्न सरकारी महकमों में बंपर भर्तियों की प्रक्रिया जारी है, जिसमें शिक्षा व पुलिस विभाग प्रमुख हैं. फिलहाल शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों में उर्दू शिक्षकों व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान व गणित शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है. ऐसे में यूपी सरकार की अखबारों को विज्ञापन देने की …

राजेन्द्र यादव, हिन्दी साहित्य का चमकता सितारा

राजेन्द्र यादव नहीं रहे. हिन्दी साहित्य का एक सितारा सो गया. राजेन्द्र यादव को क्या कहा जाय कहानीकार, उपन्यासकार, कवि या सम्पादक. राजेन्द्र यादव ने सब कुछ तो किया और वो भी मजबूती के साथ. साहित्य के मठों में नहीं गये लेकिन हर मठाधीश उनके सामने सिर झुकाता था.   आगरा में 1929 में जन्में और …

सिंधी दैनिक हिंदू के संपादक किशन वर्यानी का निधन

सिंधी दैनिक हिंदू के मुख्‍य संपादक किशन वर्यानी का सोमवार को मुंबई में निधन हो गया. वे 77 वर्ष के थे तथा कुछ दिनों से अस्‍वस्‍थ चल रहे थे. सोमवार की शाम को उनका अंतिम संस्‍कार वैदिक रीति से मुंबई में किया गया. वे अपने पीछे बच्‍चों का भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं. किशन …

बसपा नेता के समर्थकों ने एनबीटी के फोटोग्राफर को उठाया

: पुलिस ने कराया मुक्‍त : लखनऊ में इन दिनों बसपा के एक पूर्व राज्‍यमंत्री के परिवार व समर्थकों ने हंगामा मचा रखा है. बसपा नेता आशीष शुक्‍ला की पुत्री ने दो दिनों पूर्व घर से भागकर एनजीओ आली के पास पहुंची तथा आरोप लगाया कि उसके पिता और भाई उससे छेड़छाड़ कर रहे हैं. उसने थाने में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दिया. इसकी सूचना जब बसपा नेता आशीष शुक्‍ला को मिली तो उनके समर्थक आली के ऑफिस पहुंच गए तथा हंगामा मचाने लगे.

जाने माने साहित्यकार राजेन्द्र यादव का निधन

हिन्दी साहित्य और नयी कहानी के प्रमुख हस्ताक्षर राजेन्द्र यादव नहीं रहे. वे 84 वर्ष के थे. कल देर रात सांस लेने में तकलीफ होने के चलते अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया.   राजेन्द्र यादव का जन्म 28 अगस्त 1929 को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में हुआ था. …

चिल्लाहट, चुप्पी और मौन : आदमी होना या आदमखोर होना बनाम आदमियों से उपर उठना

चिल्लाने वाले चुप हो जाएंगे.. जो चुप बैठे हैं वो चिल्लाएंगे… कुछ चुप-चिल्लाहट के मर्म जान धीरे धीरे मौन साध जाएंगे… उन्हीं की ये दुनिया नहीं जो… चुप हैं और घात में हैं या फिर… जो चिल्ला रहे हैं और हावी हैं… ये दुनिया उनकी ज्यादा है… जो मौन हैं, स्वेच्छाधारी मौन… देखिए न, ये आसमान ये हवाएं ये बनस्पतियां ये तारे सितारे ये समुद्र ये पाताल ये जलचर नभचर प्राणी चेतन अचेतन… सब तो ज्यादातर मौन रहते हैं…. हमसे ज्यादा योगदान करते हैं इस धरती के बचे-बने रहने में.. इस धरती के जीने लायक बनाए रखने में… अपने मौन के मंत्र के माध्यम से…

आईबीएन7 प्री-पोल सर्वे : अंबानी पोषित न्यूज चैनलों की भाजपा के पक्ष में लाबिंग के निहितार्थ

Yashwant Singh : असल में सब कुछ अंबानी के आदेश के तहत हो रहा है. बहुत पहले यह तय किया जा चुका है कि अंबानी समूह अबकी मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहता है. इस बारे में एक शीर्ष स्तरीय बैठक विदेश में हुई थी. चर्चा तो यहां तक है कि मोदी को पीएम बनाने के एजेंडे पर काम करने के मुकेश अंबानी के फरमान पर राजदीप सरदेसाई ने अपनी असहमति जताते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया था. लेकिन बाद में उन्हें ढर्रे पर यानी पटरी पर यानि सब कुछ बुझे मन से मान लेना पड़ा.

शोभन सरकार का स्टिंग कर ले आए इंडिया टीवी के पत्रकार अभिषेक उपाध्याय

तेजतर्रार पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने वो काम कर दिखाया, जिसे इतने भारी-भरकम मेनस्ट्रीम मीडिया वाला कोई पत्रकार-संपादक नहीं कर पाया. हजार करोड़ टोने वाली चर्चा, कुचर्चा, खबर, अभियान, गासिप, दावा… जो कह लीजिए… के असली जनक शोभन सरकार तक कोई मीडिया हाउस नहीं पहुंच पाया और न ही किसी ने जरूरत समझी कि इस शख्स को सामने लाकर इनकी असलियत, इनकी सोच, इनका नजरिया आम जनता के सामने पेश किया जाए.

मुक्ता पाठक से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने खोले पब्लिक-प्राइवेट जीवन के कई राज

मध्य प्रदेश की पहली महिला टेलीविज़न पत्रकार और आजकल 'जिया न्यूज' चैनल की मध्य प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत मुक्ता पाठक ने पिछले दिनों दिग्गज कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह का लंबा इंटरव्यू किया. यह इंटरव्यू जिया न्यूज पर प्रसारित भी हुआ. इंटरव्यू में मुक्ता से बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने अपने पब्लिक और प्राइवेट जीवन के कई सारे राज साझा किए.

Menace of paid news!

Rapid advancement in Information Technology and communications and their convergence have paved the way for the media to permeate the lives of people through various communication modes of newspaper, radio, Television, Internet, mobile phone and so on. Simultaneously, a menacing syndrome of paid news has overtaken Indian media world barring few honourable exceptions. The dangerous trend of presenting the paid information as news content has spread at remarkable pace across the media to benefit particular individuals, organizations or corporate entity. What are essentially advertisements, are disguised as paid news syndrome.

भदोही के वरिष्ठ पत्रकार सुरेश गांधी का घर लूटने वालों के खिलाफ रपट दर्ज

ज्ञानपुर-भदोही। संत रविदास नगर भदोही के वरिष्ठ पत्रकार सुरेश गांधी के कमरे का ताला तोड़कर लाखों के सामान उठा ले जाने के मामले में कोतवाली भदोही ने न्यायालय के आदेश पर विनोद गुप्ता पुत्र स्वर्गीय बाकेलाल गुप्ता व सुमित गुप्ता उर्फ बिट्टू पुत्र विनोद गुप्ता सहित दो अन्य के खिलाफ रपट दर्ज की है। घटना पहली जून 2013 की है। घटना के बाद पत्रकार द्वारा पुलिस अधीक्षक सहित सूबे के मुख्यमंत्री व आला अफसरों को रजिस्टर्ड सूचना दी थी, बावजूद इसके पुलिस रपट दर्ज नही की। बाद में पत्रकार द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां याचिका दायर की। विद्वान अधिवक्ता तेज बहादुर यादव की दलीलों के बाद सीजीएम ने कोतवाली भदोही को रपट दर्ज करने का आदेश दिया।

मासिक न्यूज मैग्जीन ‘क्लाउन टाइम्स’ के दस साल पूरे, दादा अजय मुखर्जी होंगे सम्मानित

बनारस : मासिक समाचार पत्रिका 'क्लाउन टाइम्स' ने 10 वर्षों की सफल यात्रा पूरी कर 11वें वर्ष में प्रवेश किया है। इस यात्रा के दौरान 'क्लाउन टाइम्स' ने न केवल अपने सामाजिक दायित्वों का बखूबी निर्वाह किया बल्कि अन्याय, अत्याचार, शोषण एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। साथ ही पत्रकार हितों की खबरों को भी क्लाउन टाइम्स ने प्रमुखता दी। यही वजह है कि संघर्ष के शुरुआती वर्षों के बाद इस पत्रिका ने आम लोगों के साथ ही मीडिया जगत में एक अलग पहचान बनायी।

इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन ने दिलबर गोठी और अमलेंदु भूषण खां को सम्मानित किया

आयुर्वेदिक, यूनानी और सिद्धा पद्धति के डॉक्टरों की संस्था इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए नवभारत टाइम्स के स्थानीय संपादक दिलबर गोठी और नेशनल दुनिया के विशेष संवाददाता अमलेन्दु भूषण खां को पिछले दिनों हिन्दी भवन में सम्मानित किया।

झांसी में पत्रकार को पुलिस ने हवालात में बंद कर बुरी तरह पीटा, अस्पताल में भर्ती

सच का सामना कराने की आदत के कारण झाँसी में एक पत्रकार को पुलिस की बर्बरता का शिकार होना पड़ा। एक पत्रकार को झाँसी के नवाबाद थाना इलाके के मंडी चौकी में बंद कर दरोगा ने घंटो पीटा। लाठी डंडों और पिस्टल की बटों से पत्रकार को इतना पीटा कि पुलिस के चंगुल से मुक्त होने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस पूरी बर्बरता का कारण थी वह खबर, जिसमें लूट की शिकार एक मरणासन्न महिला की खबर इस पत्रकार ने दरोगा के मना करने के बावजूद चला दी थी।

सैय्यद हुसैन ने ‘इंडिया टीवी’ ज्वाइन किया, मिथिलेश ‘अमर भारती’ में सीनियर सब एडिटर बने

सैय्यद हुसैन के बारे में पता चला है कि उन्होंने इंडिया टीवी के साथ नई पारी की शुरुआत की है. उन्होंने बतौर सीनियर प्रोड्यूसर और स्पोर्ट्स एंकर ज्वाइन किया है. सैय्यद इरशाद हुसैन इससे पहले आर्यन टीवी, पटना में एंकर हेड और स्पोर्ट्स एडिटर के पद पर कार्यरत थे. वे न्यूज एक्सप्रेस, नोएडा में भी एंकर कम एसोसिएट प्रोड्यूसर के रूप में कार्य कर चुके हैं. उसके पहले मौर्य टीवी में एंकर कम रिपोर्ट होते थे. सैय्यद हुसैन टीवी9, मुंबई के भी हिस्से रह चुके हैं.

सुप्रीम कोर्ट को भी सहारा पर भरोसा नहीं, सेबी से सहारा वालों की संपत्ति के कागजात जमा कराने को कहा

सहारा का असली चेहरा सामने आता जा रहा है. इस कंपनी ने जनता को मूर्ख बनाकर हजारों करोड़ रुपये इकट्ठा किया और जब गलत तरीके से इकट्ठे किए गए पैसे को लौटाने के लिए कहा गया तो यह ग्रुप तरह-तरह से आनाकानी कर रहा है. अब तो सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया है कि उसे सहारा कंपनी पर बिलकुल भरोसा नहीं. सेबी-सहारा मामले में सहारा ग्रुप को तगड़ा झटका लगा है. आज मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप को 20,000 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी के असली दस्तावेज सौंपने को कहा है.

राहुल चौधरी छुट्टी पर चल रहे, इंडिया टीवी में जाने की संभावना

आजतक के एसाइनमेंट हेड राहुल चौधरी के बारे में ताजी सूचना ये मिली है कि उन्होंने अभी चैनल से इस्तीफा नहीं दिया है. रिफत जावेद से विवाद के बाद वे अवकाश पर चल रहे हैं. बताया जाता है कि विवाद खबर वेब पर ब्रेक हो पहले या टीवी पर, इसको लेकर था. रिफत जावेद का कहना था कि खबर आते ही सबसे पहले आजतक की वेबसाइट पर ब्रेक हो और न्यूज चैनल विजुअल का इंतजार करे और विजुअल आने पर ब्रेक करे. राहुल चौधरी का कहना था कि ब्रेकिंग न्यूज अगर आ जाए तो उसे न्यूज चैनल समेत सभी माध्यमों पर तुरंत ब्रेक करने की कोशिश होनी चाहिए और विजुअल के इंतजार तक टीवी पर खबर ब्रेक किए जाने से नहीं रोका जाना चाहिए.

न्यूज वेबसाइट चलाने वाले ने गलत आरोप लगाकर निकाला

समस्तीपुर (बिहार) से कृष्ण कुमार संजय ने एक पत्र लिखकर बताया है कि एक वेबसाइट वाले ने उनके साथ खराब सुलूक किया है. उन्होंने लिखित शिकायत में कहा है कि जब जबरन विज्ञापन वसूली का विरोध किया तो उन्हें अपमानजनक तरीके से बाहर कर दिया गया और निकाले जाने की खबर ब्रेकिंग न्यूज के रूप में चलाकर मोबाइल पर एसएमएस के रूप में और वेबसाइट पर खबर के रूप में प्रसारित-प्रकाशित किया गया.

शहीदों पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले अलीगढ़ के डीएम के खिलाफ जांच के आदेश

सैनिकों की शहादत पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले अलीगढ़ के डीएम राजीव रौतेला के खिलाफ उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जांच के आदेश दे दिये गये हैं. राजीव रौतेला ने पिछले सितम्बर माह में शहीद सैनिकों और उनके परिवार वालों के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी. उनके खिलाफ जांच का आदेश सामाजिक कार्यकत्री एवं आरटीआई एक्टिविस्ट लखनऊ की उर्वशी शर्मा की शिकायत पर दिया गया है.

विजय चोपड़ा ने अदालत को नहीं भेजा असली रिकार्ड

पेड न्यूज के मामले में पंजाब केसरी, जालंधर अब अदालत को गुमराह करने के प्रयास में जुटा है। जो अखबार 50 साल से अधिक रिकार्ड को संजोए रखता है वह अब पेड न्यूज संबंधी रिकार्ड नहीं होने का बहाना बना रहा है। इस बारे में एक अन्य हिंदी दैनिक 'सेवरा' ने खबर का प्रकाशन विस्तार से किया है. खबर पढ़ने के लिए नीचे प्रकाशित खबर के शीर्षक पर क्लिक कर दें…

छत्तीसगढ़ में बेबस हैं चांउर बाबा

इस बार चांउर बाबा बेबस हैं। देश के लोग छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री को डा0 रमण सिंह के नाम से जानते हैं लेकिन छत्तीसगढिया डा0 साहब को चांउर बाबा ही कहते है। चांउर बाबा इनका नाम कैसे पड़ गया, इसकी एक लंबी कहानी हैं। उस कहानी में हास्य भी है, ब्यंग्य भी है और कर्मफल भी। शार्टकाट में यही जान जाइए कि पिछले 2003 के चुनाव के बाद डा0 साहब ने प्रदेश वासियों को भले ही कुछ दिया हो या न दिया हो लेकिन सबके घर के दरवाजे पर चावल की पोटली रखवा दी। चावल को इस प्रदेश में चांउर कहते है। 2 रुपए किलो चावल की राजनीति इस प्रदेश में ऐसी चली कि गरीब को कौन कहे, अपने को अमीर कहने वाले लोग भी चांउर मय हो गए।

‘इंडिया न्यूज’ ने भी ‘एएनआई’ के आगे मत्था टेका, ‘एनडब्ल्यूएस’ बंद करने की तैयारी!

खबर है कि इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए विजुवल-बाइट उपलब्ध कराने वाली न्यूज एजेंसी 'एनडब्ल्यूएस' बंद करने की तैयारी अंदरखाने चल रही है. हिंदी-अंग्रेजी न्यूज चैनलों को वीडियो-विजुवल देने वाली यह न्यूज एजेंसी हरियाणा के कांग्रेसी नेता विनोद शर्मा के पुत्र कार्तिक शर्मा की है. इसी ग्रुप का न्यूज चैनल इंडिया न्यूज है. सूत्रों के मुताबिक ग्रुप के न्यूज चैनल इंडिया न्यूज के लिए एएनआई की सर्विस ली गई है.

सोनी सोरी और लिंगा कोड़ोपी को ज़मानत देने के मामले में सर्वोच्च न्यायालय में बहस हुई

Himanshu Kumar : आज सोनी सोरी और लिंगा कोड़ोपी को ज़मानत देने के मामले में सर्वोच्च न्यायालय में बहस हुई। हमें पहले से ही अंदेशा था कि सरकार इस मामले में देरी कराने की कोशिश करेगी। वैसा ही हुआ भी जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, छत्तीसगढ़ के सरकारी वकील ने खड़े होकर कहा कि हमें तो सोनी सोरी की फ़ाइल आज ही मिली है।

आज़म खान को जल निगम से हटाने के लिए हाई कोर्ट में पीआईएल

लखनऊ : सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने, मंत्री तथा जल निगम के अध्यक्ष आज़म खान को जल निगम से हटाये जाने हेतु इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में एक पीआईएल दायर किया है. याचिका के अनुसार उत्तर प्रदेश जल निगम उत्तर प्रदेश जल आपूर्ति एवं सीवरेज अधिनियम 1975 से नियंत्रित होता है. इस अधिनियम की धारा 7(3) के अनुसार अध्यक्ष का पद लाभ का पद नहीं माना जाएगा और उसका निगम के किसी प्रबंधकीय कार्य पर कोई अधिकार नहीं होगा. निगम के समस्त प्रबंधकीय कार्य प्रबंध निदेशक एवं अन्य अधिकारी करेंगे. 

‘लाइव इंडिया’ अखबार के संपादक बने प्रदीप सिंह

'समृद्ध जीवन' समूह की तरफ से संचालित हो रहे लाइव इंडिया न्यूज चैनल और लाइव इंडिया मैग्जीन के बाद जो 'लाइव इंडिया' दैनिक अखबार लांच किया जा रहा है, उसका संपादक प्रदीप सिंह को बनाया गया है. प्रदीप सिंह जनसत्ता अखबार में लंबे समय तक रहे हैं. कुछ वर्ष पहले वे यूएनआई टीवी के हिस्से रहे.

चीनी पत्रकार ने सरकारी दबाव में रिश्वत लेने की बात जबरन कुबूल की!

चीन के एक पत्रकार चेन यांगझोउ को पिछले सप्ताह पैसे लेकर खबर लिखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. अब उनका एक वीडियो चीन की सरकारी न्यूज चैनल 'चाइना सेंट्रल टेलीविजन' (CCTV) पर जारी किया गया है जिसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि उन्होंने रिश्वत लेकर एक निर्माण उपकरण निर्माता कम्पनी के बारे में गलत रिपोर्टिंग की थी. यांग ने कहा कि "मैं निश्चित रूप से ये उम्मीद करता हूं कि पूरा मीडिया उद्योग मुझसे सीख लेगा. यदि मुझे दोबारा पत्रकार के रूप में काम करने का मौका मिला तो मैं पत्रकारिता के मूल्यों पर खरा उतरूंगा और लालच से दूर रहूंगा." इस वीडियो में उनके हाथ बंधे हुए हैं और बयान देते वक्त पुलिस उनके पास है.

माथुर साहब : वो जब याद आए बहुत याद आए

अपने समय की हिंदी पत्रकारिता के शिखर पर विराजमान स्व. राजेंद्र माथुर मस्त आदमी थे। यारों के यार। मुगलाई खाने के शौकीन और चहुंमुखी प्रतिभा के धनी। मगर स्वभाव इतना सहज कि घमंड उन्हें तनिक भी नहीं था। अपने कक्ष से बाहर आ कर कभी भी हम सबके बीच बैठ जाते और खबरों के संपादन में सहायता करने लगते। लगे हाथों संपादन के कुछ गुर भी बता देते। टाइम्स आफ इंडिया में अगर उन्हें कोई समाचार पसंद आता तो किसी सबएडीटर से उसका अनुवाद न करा कर स्वयं अनुवाद कर देते और उदारता देखिए कि उस पर संवाददाता का नाम भी डाल देते। अखबार में वर्तनी की अशुद्धियां होना आम बात है मगर माथुर साहब किसी अशुद्धि के लिए किसी से पूछताछ न कर अशुद्ध शब्द के साथ शुद्ध शब्द लिख कर नोटिस बोर्ड पर लगा देते। इस प्रकार कुछ ही दिन में अखबार वर्तनी की अशुद्धियों से मुक्त हो गया।

टीवी पत्रकारिता : जारी है शोषण का खेल

अगर आप मीडिया में आना चाहते हैं, यदि आप लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ से जुडकर देश के लिए कुछ करने का सपना देख रहे हैं तो एक बार फिर विचार कर लीजिये। क्योंकि इस वक्त देश में ऐसा कोई न्यूज़ चैनल नहीं है जहां सीधे दरवाज़े से आपको प्रवेश मिल सके। यदि आप ये सोच रहे हैं कि ऐसा सिर्फ निजी समाचार चैनलों में ही है तो ये आपकी भूल है. मीडिया की दुनिया में सुनहरे भविष्य का सपना संजोने से पहले एक बार फिर विचार कर लीजिए। यदि आप ये सोचते हैं कि आप अच्छा लिखते हैं, खबरों को लेकर आपकी समझ अच्छी है और अपनी इसी प्रतिभा के बल पर आप मीडिया में अपना मुकाम बना लेंगे तो आप फिर भूल कर रहे हैं। क्योंकि हिन्दी समाचार चैनलों में ऐसे पत्रकारों की आवश्यकता ही नहीं है. जी हाँ सरकारी समाचार चैनलों में भी नहीं। तमाम सरकारी चैनलों जैसे, दूरदर्शन न्यूज़, राज्य सभा टीवी और लोकसभा टीवी में जितने भी लोग कथित तौर पर पत्रकारिता कर रहे हैं वो सभी ऊंची पहुँच और पैरवी रखते हैं। आप यहाँ एक भी ऐसा शख्स नहीं पायेंगे जो किसी नेता, मंत्री, अफसर या उद्योगपति का कृपा-पात्र नहीं है.

‘दृश्यांतर’ मैग्जीन के विमोचन में बोले नामवर सिंह- ‘ये अजित राय तो संपादकीय लिखने लगा’

प्रोफेसर नामवर सिंह ने अध्यक्षता की. आयोजन दूरदर्शन भवन (मंडी हाउस के पास) में छठें फ्लोर स्थित कांफ्रेस रूम में हुआ था. मीडिया और साहित्य से चुनिंदा लोग बुलाए गए थे. मंच पर नामवर सिंह के अलावा राजेंद्र यादव, त्रिपुरारी शरण और खुद अजित राय बैठे थे. 'दृश्यांतर' मैग्जीन के संपादक हैं अजित राय. ये मैग्जीन सरकारी यानि दूरदर्शन यानि प्रसार भारती के पैसे से लांच की गई है.

छह साल से जेल में बंद एक सज्जन ने चार सौ पन्नों का उपन्यास लिखा

यशवंत सिंह जी, आपकी पुस्तक 'जानेमन जेल' पढ़ी, अच्छी लगी. आँखों के सामने जेल का वातावरण जैसे सचित्र खड़ा हो गया. आपकी सकारात्मक सोच ने प्रभावित किया। एक और सज्जन हैं, जो फिलहाल 6 वर्षों से जेल में हैं, जिन्होंने जेल में रह कर इसी तरह की सकारात्मक सोच के साथ अंग्रेजी का 400 पन्नों का उपन्यास लिखा है जो अभी प्रकाशित नहीं हुआ है, शायद इस वर्ष के अंत तक छप जाए.

‘देख तमाशा’ में ‘इंडिया न्यूज’ की लंबी छलांग

लोकस्वामी मैग्जीन के 'देख तमाशा' स्तंभ में तहसीन मुनव्वर ने इस बार 'इंडिया न्यूज' चैनल और दीपक चौरसिया की सफलताओं के बारे में लिखा है. आसाराम प्रकरण में लीड कर और कौटिल्य के बहाने केबीसी की तर्ज पर जीनियस का टेस्ट लांच कर दीपक ने इंडिया न्यूज को टीआरपी में जबर्दस्त उछाल दे दी.

आजतक से राहुल चौधरी गए, कल्पतरु में संजीव माथुर सीनियर एनई बने, सूर्यकांत को प्रमोशन

आजतक न्यूज चैनल से एक बड़ी खबर है. बताया जा रहा है कि एसाइनमेंट हेड राहुल चौधरी को हटा दिया गया है. चर्चा है कि रिफत जावेद से विवाद के बाद राहुल को जाने के लिए कह दिया गया.

सीत और लोकेश की नई पारी, शमशेर का आजतक से इस्तीफ

दो पत्रकारों के बारे में सूचना मिली है कि इन्होंने नई पारी की शुरुआत कर दी है. कई न्यूज चैनलों में काम कर चुकीं सीत मिश्रा ने अब साधना न्यूज ज्वाइन कर लिया है. उधर, मेरठ के जर्नलिस्ट लोकेश पंडित के बारे में पता चला है कि इन्होंने नई पारी की शुरुआत दैनिक जागरण, आगरा के साथ की है.

उत्तराखण्ड राज्य : न खुदा ही मिला न बिसाले सनम

उत्तराखण्ड की जनता ने यहां की गिरि-कंदराओं से लेकर देश के महानगरों की सड़कों तक पृथक राज्य आन्दोलन इसलिए लड़ा था कि वह समय की दीवार पर अपना भाग्य स्वयं लिख सके. यह राज्य उसे उपहार में नहीं मिला, बल्कि इसके लिए लोगों ने दशकों तक आत्म-उत्पीड़न झेला और शहादतें दीं हैं. इस आन्दोलन के दौरान राष्ट्रीय राजनैतिक दलों ने पहाड़ के भोले-भाले तथा राष्ट्रभक्त लोगों के आत्म-सम्मान को ठेस पहुंचाई.

शिवराज ने न्यूज एक्सप्रेस चैनल की खबर देखने के बाद क्या ट्वीट किया?

बिहार में सीरियल ब्लास्ट वाली यानि कल बीती रात को केंद्रीय गृहमंत्री म्यूजिक लांच पार्टी में व्यस्त थे. इस खबर को सबसे पहले न्यूज एक्सप्रेस चैनल ने ब्रेक किया. न्यूज एक्सप्रेस चैनल ने बताया कि ब्लास्ट के महज कुछ घंटे बाद गृहमंत्री म्यूजिक लांच में बिजी हैं. इस खबर को भाजपा खेमे ने हाथोंहाथ लपक लिया.

हर साल करीब सत्तर हजार लोगों के फोन टेप कराती है सरकार

नई दिल्ली। टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि प्रमुख नेताओं, नौकरशाहों और कारोबारियों के साथ नीरा राडिया की टैप की गई टेलीफोन की बातचीत औद्योगिक प्रतिद्वंद्विता के कारण ही मीडिया को लीक की गई थी। न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष रतन टाटा की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने यह सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि टाटा टेलीकम्युनिकेशंस को भी टेलीफोन की बातचीत सुनने के लिए हर साल सरकारी प्राधिकारियों से 10 से 15 हजार अनुरोध मिलते हैं। उन्होंने टैप की गई बातचीत लीक करने वालों का पता नहीं लगाने पर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाया।

राजुल माहेश्वरी को बोलना पड़ा, अमर उजाला का शेयर किसी कारपोरेट हाउस को नहीं बेचा

अमर उजाला को लेकर बाजार में उड़ी चर्चाओं, अफवाहों, कयासों को विराम देने के लिए खुद अमर उजाला के मालिक राजुल माहेश्वरी को आगे आना पड़ा. उन्होंने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट आफ इंडिया से एक बातचीत में कहा कि अमर उजाला का शेयर किसी कारपोरेट हाउस के समक्ष गिरवी नहीं रखा गया है और न ही अमर उजाला अखबार को किसी को बेचने की कोई तैयारी है. उन्होंने बताया कि खुद के परिवार और मित्रों के सहयोग से उन्होंने अशोक अग्रवाल एंड फेमिली के साथ चल रहे विवाद को खत्म किया और उनके शेयर के बदले उन्हें डेढ़ सौ करोड़ रुपये दिए. प्रेस ट्रस्ट आफ इंडिया की तरफ से जारी खबर इस प्रकार है…

Reply on Post of Mr. Nadim

Dear Yashwant Ji

Greetings, Let me introduce myself that I am a homemaker and regular reader of your website for some authentic information's and news. I have some concerns about a post on your website as "एबीपी न्यूज ने भारी भूल की, मस्जिद या ढांचा विवादित नहीं है, जन्मस्थल पर विवाद है" written by Mr. Nadim S. Akhtar.

वीडियो में उस लड़की ने आंसुओं की धार के बीच उस रात का वर्णन किया है

Mayank Saxena : मौन तोड़ देने का समय… हाल के दो दिनों के प्रकरण में बहुत सारी चर्चाएं हुई, कुछ सार्थक और कुछ चकल्लसी…राहत देने वाली बात ये थी कि कई सारे सच सामने आए और कई प्रहसनों-अफ़वाहबाज़ों का पर्दाफ़ाश हुआ….अब सवाल ये कि मैं और इला चुप क्यों थे…चलिए मैं मौन (चुप्पी नहीं) तोड़ देता हूं…

कम्युनिटी रेडियो के लिए उमेश कुमार ने काम शुरू किया

पत्रकार और उद्यमी उमेश कुमार ने अब कम्युनिटी रेडियो के फील्ड में काम शुरू कर दिया है. उनकी लंदन की एक कंपनी से इस बारे में डील फाइनल हो चुकी है. उमेश की खुद की कंपनी और लंदन की एक अन्य कंपनी के पार्टनरशिप में छोटे-मझोले शहरों में रेडियो शुरू किया जाएगा. उमेश कुमार 'समाचार प्लस' न्यूज चैनल के मालिक हैं. वे मीडिया के अलावा फिल्म, खेल, विमानन आदि क्षेत्रों में सक्रिय हैं.

सहारा और चैनल वन में जाने संबंधी खबरें गलत, भड़ास विश्वसनीयता न खोए : सतीश के. सिंह

वरिष्ठ पत्रकार सतीश के. सिंह ने सहारा और चैनल वन में जाने संबंधी भड़ास पर प्रकाशित खबरों को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि पहले मुझे सहारा में ज्वाइन किया बताया गया और अब चैनल वन में ज्वायनिंग के संबंध में खबर भड़ास पर प्रकाशित हुई है. ये दोनों ही खबरें गलत हैं.

‘दैनिक जागरण में राजनीति तो होती ही है, फिर भी झा साहब जहां खड़े होंगे, लाइन वहीं से शुरू होगी’

मनोज झा तमाम प्रशंसा और निंदा से ऊपर हैं। संतों की तरह रहते हैं, जैसे हैं, वैसे दिखते हैं। कोई छल नहीं, कोई कपट नहीं। जो मन में आता है, कहते हैं, न कोई राज न कोई राजनीति। भोले के भक्त हैं और भोले भी हैं, यही वजह है कि वो खुद राजनीति के शिकार हो जाते हैं।

एबीपी न्यूज ने भारी भूल की, मस्जिद या ढांचा विवादित नहीं है, जन्मस्थल पर विवाद है

Nadim S. Akhter : अच्छा है. एबीपी न्यूज वालों ने संघ और बीजेपी की लाइन ले ली है. वे इसे -बाबरी मस्जिद- नहीं मानते. चैनल इसे -विवादित ढांचा- बता रहा था अपने कार्यक्रम -प्रधानमंत्री- में. एबीपी न्यूज वालों जिस तरह से बाबरी मस्जिद के इतिहास की व्याख्या की, उसका मतलब ये हुआ कि जिस 'ढांचे' को कारसेवकों ने ध्वस्त कर दिया, वह 'ढांचा' पहले मंदिर था. फिर दूसरे धर्म के लोगों (मुसलमानों) ने उस 'ढांचे' पर कब्जा कर लिया और उस ''ढांचे' को मस्जिद बताकर वहां नमाज पढ़नी शुरू कर दी. यानी ढांचा –विवादित– हो गया.

टीवी चैनल वाले तो सिर्फ नरेंद्र मोदी को सुना रहे हैं, राहुल गांधी की आवाज दब गई

Nadim S. Akhter : क्या यह इत्तेफाक है कि दिल्ली की रैली में जब राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े हुए, ठीक उसी वक्त पटना में नरेंद्र मोदी बोलने के लिए खड़े हो गए. टीवी के कैमरे दोनों पर है. सीधा प्रसारण हो रहा है. अब देखते हैं कि टीवी चैनल मोदी का भाषण सुनाते हैं या राहुल गांधी का… अरे ये क्या. ज्यादातर चैनल नरेंद्र मोदी को सुना रहे हैं. राहुल का भाषण सिर्फ एनडीटीवी इंडिया दिखा रहा है. हां न्यूज 24 भी. पर भी चेंज हो रहा है. आज तक चैनल अब राहुल को सुना रहा है. मोदी पीछे छूट गए. ये देखिए, एनडीटीवी इंडिया भी अब मोदी को सुनाने लगा…हम्म…अब फिर राहुल गांधी पर आ गया.

TRP और Media Management से आगे भी कुछ होता है, जिसे नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी कहते हैं

Dilnawaz Pasha : आप समझते हैं कि चैनल आपके लिए पत्रकारिता कर रहे हैं. पत्रकारिता में balance यानि संतुलन का भी एक सिंद्धांत होता है. जब तक संतुलन न हो तब तक रिपोर्टिंग हमेशा अधूरी रहती है. भारतीय चैनलों को देखकर तो यही लग रहा है कि ज़्यादातर संतुलन के सिद्धांत को भूल गए हैं. सिर्फ़ नरेंद्र मोदी की ही रैली का प्रसारण किया जा रहा है जबकि दिल्ली में राहुल गाँधी की भी एक रैली थी. होना तो यह चाहिए था कि दोनों को बराबर का वक़्त दिया जाता और जनता दोनों के विचारों पर अपनी राय क़ायम कर पाती.

दयाशंकर शुक्ल ‘सागर’ ने कहा- ‘अलविदा इलाहाबाद’

‘न दोस्त है न रकीब है तेरा शहर कितना अजीब है।’ कुछ इसी अंदाज से तीन साल पहले इलाहाबाद आना हुआ था। सब कुछ रुका-रुका-सा थमा-थमा-सा। जैसे जिंदगी ठहर गई हो। पहली नजर में यह शहर सोया-सोया, उनींदा-सा लगा था। हमारे अखबार ने ‘आओ संवारे इलाहाबाद’ की मुहिम शुरू की। शुरुआत सिविल लाइन्स के एमजी रोड से करनी थी। सवाल था लखनऊ का हजरतगंज संवर सकता है तो इलाहाबाद का सिविल लाइन्स क्यों नहीं?

न हो सकी जो बात चौरसिया जी से

हरिभाई हमेशा थोड़ी जल्दी में होते हैं। आँधी की तरह आये, बाँसुरी की तान छेड़ी और खाना-वाना खाये बगैर किशमिश के चार दाने मुंह में डालकर तूफान की तरह चले गये। गाड़ी से उतरकर मंच पर विराजने और लौटकर फिर अपने वाहन में सवार होने तक लोगों ने उन्हें घेरे रखा था। किसी को उनके आटोग्राफ चाहिये थे तो किसी को उनके साथ फोटू खिंचानी थी। कुछ लोग एक सेलिब्रिटी के साथ महज चंद पल गुजारने का सुख लूटना चाहते थे, सो लूट लिया। मुझे उनका इंटरव्यू करना था, जो नहीं हो सका। हरिभाई ने लगातार दूसरी बार धोखा दिया।

सेबी कर रही सहारा क्यू शॉप स्कीम का परीक्षण

भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) ने सहारा क्यू शॉप स्कीम की जांच शुरू कर दी है. यह तथ्य सेबी द्वारा आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन की इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में दायर याचिका में प्रस्तुत हलफनामे में कही गयी. इस दंपत्ति ने सहारा क्यू शॉप स्कीम की जांच कराये जाने हेतु याचिका दायर किया था जिसमे कोर्ट ने सेबी और सहारा क्यू शॉप लिमिटेड को नोटिस जारी किया था. 

रेडियोथिरेपी के मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं वीरेन डंगवाल

जो शख्स पूरे जीवन चहंकता, खिलखिलाता, हंसता-हंसाता, संबल बंधाता और जनता के आदमी के बतौर कई पीढ़ियों को जीना सिखाता रहा, वह इन दिनों खुद ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां सिवाय संकट, मुश्किल, दर्द, तनहाई और निराशा के कुछ नहीं हैं. फिर भी वे इन बुरे भावों के साये तक को अपने उपर पड़ने नहीं देने की जिद पर अड़े हुए हैं और खूब सारी उम्मीदों के बल पर फिर से उसी अपनी सहज सरल जनता की दुनिया में लौटने को तत्पर हैं जहां खड़े होकर वह जीवन और जनता के गीत लिखा करते, गान गाया करते.

संजय कुमार, अनिल कुमार, अभय वर्मा, प्राची, मानव, गजेंद्र, संतोष दीक्षित के बारे में सूचनाएं

कई लोगों के इधर से उधर होने की खबर है. शुरुआत प्रभात खबर से. पटना में कार्यरत संजय कुमार ने इस्तीफा देकर दैनिक हिंदुस्तान, रांची ज्वाइन कर लिया है. वे प्रभात खबर से पहले रांची हिंदुस्तान में ही थे. प्रभात खबर में वे खेल रिपोर्टर थे. हिंदुस्तान में वे सिटी डेस्क पर काम करेंगे. प्रभात खबर से ही एक अन्य खबर के मुताबिक देवघर यूनिट के प्रोडक्शन डिपार्टमेंट में दस वर्षों से कार्यरत अनिल कुमार इस्तीफा देकर दैनिक हिंदुस्तान, रांची के साथ जुड़ गए हैं.

उस लड़की ने उन्हें बताया कि उस वरिष्ठ साथी ने रात में उस लड़की से बलात्कार किया!

Samar Anarya : फेसबुक पर कुछ लोग बहुत कहानियाँ सुना रहे हैं.. जहरीली बूंदों की कहानियाँ. बहुत दिन सोचा चुप रहूँ पर अब अब खामोश रहना जुर्म में शरीक रहना होगा सो इन कहानियों के जवाब में सच सुनाता हूँ.. हुआ यह था कि उड़ीसा से लौट दिल्ली आने की पहली शाम ही आदतन एक बहुत प्यारे कामरेड और पुराने दोस्त के घर चला गया था. उस शाम हो रही बातचीत के बीच अचानक पुरानी और प्यारी दोस्त और कामरेड Ila Joshi का फोन आया. फोन पर उन्होंने जो कहा वह होश उड़ा देने वाला था, स्तब्ध करने वाला था. खैर, उस फोन के बाद ज्यादा देर वहाँ बैठना मुनासिब नहीं था सो निकल आया.

एबीपी न्यूज के संपादक शाजी जमा साहब से एक सवाल

Nadim S. Akhter : एबीपी न्यूज पर -प्रधानमंत्री- नाम का एक बेहद लोकप्रिय प्रोग्राम आता है. मैं शुरु से ही इस कार्यक्रम के दर्शकों में से एक रहा हूं और अभी हाल ही में बीजेपी के भीष्मपितामह लालकृष्ण आडवाणी ने भी इस कार्यक्रम की जमकर तारीफ की थी. दरअसल यह कार्यक्रम मुझे इसलिए भी प्रिय है कि इसमें प्रधानमंत्री और उसके इर्द-गिर्द बुना वह दांव-पेंच बहुत सलीके से बताया जाता है, जो शायद इतिहास की किताबों में हमें ना मिले. आज की युवा पीढ़ी के लिए यह कार्यक्रम देश के सत्ता-सिंहासन और उसके चलने-चलाने को जानने का नायाब मौका है टीवी पर.

आम बोलचाल में भी लोगों की भाषा द्विअर्थी और अश्लील हो गई है

Sanjaya Kumar Singh : पत्रकारिता और जनसंचार में अनुसंधान कर रहे आशीष कुमार ने रेडियो जॉकियों की भाषा पर एक टिप्पणी लिखी है। उनके मुताबिक रेडियो की भाषा पर अश्लीललता का लेप चढ़ा दिया गया है। एक शो में उद्घोषक साहब कुछ महिलाओं और बच्चों की प्रशंसा करते हुए कह रहे थे – “देखो इन्होंने अपराधियों की कैसे कह कर ली।” इन शब्दों के साथ वह उनकी पीठ थपथपा रहे थे। एक अन्य मामले में कहा गया – “कुछ किया तो डंडा हो जाएगा।” ऐसी भाषा बोलने वालों में महिलाएं भी हैं।

पत्रकार उत्पीड़न पर मानवाधिकार आयोग ने भेजा भदोही के एसपी को नोटिस

भदोही। संत रविदास नगर, भदोही के वरिष्ठ पत्रकार सुरेश गांधी के खिलाफ हुए, पुलिस एवं प्रशासनिक उत्पीड़न की कार्यवाही को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सक्रिय हो गया है. आयोग के असिस्टेन्ट रजिस्ट्रार (लॉ) ने पुलिस अधीक्षक संत रविदास नगर, भदोही को पत्र भेजकर श्री गांधी पर हुए उत्पीड़न की कार्यवाही की रिपोर्ट मांगी है. पत्र में कहा गया है कि कार्यवाही किस आधार पर की गयी है. प्रकरण की सक्षम अधिकारी से जांच कराकर रिपोर्ट आयोग को भेजने का निर्देश दिया गया है. एसपी की जांच रिपोर्ट को आयोग अंतिम मानेगा. एसपी की जांच रिपोर्ट के बाद आयोग अपने तरीके से जांच करेगा.

दौसा में पत्रकार बनकर वसूली कर रहे थे, जमकर हुई धुनाई

दौसा : फर्जी पत्रकार बनकर वसूली करने वाले सावधान हो जायें. ऐसे लोगों की बहुत पिटाई होती है. राजस्थान के दौसा जिले के मण्डावर इलाके में सरपंच, ठेकेदारों और सरकारी कर्मचारियों से खबर छाप देने का डर दिखाकर वसूलने वाले दो फर्जी पत्रकारों के साथ ऐसा ही हुआ है.

बिना विचार के पत्रकारिता की शुरुआत ही नहीं होती : अरविन्द मोहन

नई दिल्ली : गांधी शांति प्रतिष्ठान में पत्रकारिता एवं लेखन पर चल रही दस दिवसीय कार्यशाला में वरिष्ठ पत्रकार अरविन्द मोहन ने ‘पत्रकारिता में विचार’ के महत्व समझाये. पत्रकार के अंदर स्पष्ट विचार के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी समाचार पत्र, पत्रिका या टेलीविजन में खबरों का जो चुनाव किया जाता है वहीं से संपादक के विचार का महत्व समझ में आने लगता है. उन्होंने कहा कि हर पत्र का एक दृष्टिकोण होता है और वह संपादक का दृष्टिकोण होता है. बिना विचार के पत्रकारिता की शुरुआत ही नहीं होती.

लोकमत समाचार की रचनावार्षिकी ‘दीप भव 2013’ का लोकार्पण 29 अक्टूबर को दिल्ली में

लोकमत समूह के हिंदी दैनिक लोकमत समाचार की रचनावार्षिकी ‘दीप भव 2013’ का लोकार्पण समारोह नई दिल्ली में 29 अक्टूबर को आयोजित होने जा रहा है. विश्व कविता पर केंद्रित इस रचना वार्षिकी का अतिथि संपादन कवि एवं कलाप्रेमी श्री अशोक वाजपेयी ने किया है. संपादक हैं विकास मिश्र और प्रकल्प निर्देशन कवि पीयूष दईया ने किया है. लोकमत समाचार की यह तीसरी रचना वार्षिकी है.

सहारा में बात नहीं बनी, चैनल वन ग्रुप ज्वाइन करने की तैयारी में सतीश के सिंह!

हाल ही में नवीन जिन्दल के पॉजीटिव ग्रुप को छोड़ने वाले सतीश के सिंह का सहारा में 'खेल' हो गया है। सूत्रों के मुताबिक सहारा में काम कर रही मजबूत लॉबी ने बीच में टांग अड़ा दी है। सतीश के नाम को सहाराश्री ने भी हरी झंडी दिखा दी थी, लेकिन नोएडा के वरिष्ठ लोगों ने मामला फंसा दिया है। सूत्र बता रहे हैं, सतीश पीएमओ में अपने संबंधों के जरिए सहारा के ऊपर लगे मामलों को ढीला करवाने के वादे के साथ सहारा में एडिटर इन चीफ का पद चाह रहे थे। वे अपने साथ कई लोगों की टीम भी लाने की मांग कर रहे थे। इस पर मामला अटक गया है।

मजीठिया वेतन बोर्ड : बिना स्टे आर्डर के हो रहा गोलमाल, प्रेस मालिकों ने डकारे दस हजार करोड़

पत्रकार मजीठिया वेतनमान को तरस रहे है। सुप्रीम कोर्ट ने भी उक्त मामले की सुनवाई 12 नवंबर तक बढ़ा दी है। वहीं प्रेस के मालिक सुप्रीम कोर्ट के स्टे का बहाना बनाकर कर्मचारियों के हक पर डाका डाल रहे है। लेकिन सच ये है कि सुप्रीम कोर्ट ने उक्त मामले में याचिकाकर्ताओं को कोई स्टे नहीं दिया है। गौरतलब है कि पत्रकारों को मजीठिया वेतनमान का लाभ 2010 से देने की घोषणा की गई लेकिन 2011 में उक्त मामले को सुप्रीम कोर्ट में मीडिय मालिकों ने चुनौती दी।

पत्रकार ने की लाखों की ठगी, मामला दर्ज

मीडिया के क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर इन दिनों ठगी का सिलसिला चल निकला है. ताजा मामला बिहार कि राजधानी पटना का है जहाँ न सिर्फ मीडिया में काम करने के इच्छुक लोगों को ठगा गया है, बल्कि पटना के एक मीडिया हाउस को भी इन जालसाजों ने नहीं बख्शा. गिरिराज मीडिया नेटवर्क नाम की कंपनी चला रहे अमरनाथ पाठक और उनके चार साथियों ने पटना से प्रकाशित एक पत्रिका 'देशी हंगामा न्यूज़' के मालिक को ही चूना लगा दिया है.

हे मोदी जी, पता कीजियेगा… ये मज़दूर अभी भी इतना ही काम करते हैं…

: छह महीने काम छह महीने आराम : आदरणीय मोदी जी, माडल खोजने में आपका जवाब नहीं। खोजने से ही मिलता है । केंद्र सरकार जहाँ न खोजने का माडल है वहीं आप खोजने के । झाँसी में जो आपने कहा है उससे मेरी उम्मीदें बढ़ गई हैं । इसलिए आपके नाम एक चिट्टी तो बनती ही है । आपने कहा कि आपने कारखानेदारों को बुलाकर कहा कि आपकी फैक्ट्री में बिहार यूपी के मज़दूर काम करने आते हैं । एक कमरा लेकर बीस पचीस लोग रहते हैं । बाप रे । एक कमरे में पचीस लोग । वो भी उस गुजरात में जिसकी तारीफ़ अमरीका कर रहा है( राजनाथ ने झाँसी में कहा) । मैंने जब सूरत से यही रिपोर्ट बनाई तो आपके जाप समर्थकों ने गाली देकर धो दिया सर । चलिये आपने यह स्वीकार किया कि एक कमरे में पचीस मज़दूर रहते हैं। बाक़ी प्रदेशों में मज़दूरों की हालत सोचकर डर जाता हूँ । दिल्ली के कापसहेड़ा में भी यही हाल है सर ।

माखनलाल पत्रकारिता विवि में बड़े पैमाने पर फर्जी और संघी नियुक्तियां

भोपाल: माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता संस्थान में फर्जी एवं आरएसएस-भाजपा से जुड़े लोगों की बड़े पैमाने पर नियुक्तियां किये जाने का मामला सामने आया है. इन नियुक्तियों को तत्काल निरस्त करने और इस पर विचार-विमर्श के लिए महापरिषद् की बैठक बुलाने की मांग उठने लगी है. पत्रकारिता विश्वविद्यालय में विगत दिनों विभिन्न पदों के लिए जारी भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की कई शिकायतें सामने आई हैं. विश्वविद्यालय में शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के करीब 220 पदों पर चयन कार्य में यूजीसी व विश्वविद्यालय अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा है.

मामला हजार करोड़ से ऊपर का है.. जिसमें जेके समूह, जागरण ग्रुप, लोहिया और कोठारी जैसे उद्योग समूह शामिल हैं

: हरे पेड़ काटने पर स्टे से निवेशकों में हड़कंप, बिल्डर कंपनी फिर लगी गोटें बिछाने : कानपुर : शहर की हरियाली पर कंक्रीट का इन्द्रप्रस्थ बसाने वाले इन दिनों सो नहीं पा रहे हैं। शहर के एक आम आदमी ने अपना तीसरा नेत्र खोल दिया है, फलस्वरूप भूमिदेव भागे घूम रहे हैं कि कहीं भस्म न हो जाएं। यह किस्सा है लक्ष्मण बाग, गुटैया योजना-७ के उस गड़बड़़ घोटाले का जिसकी जानकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर कानपुर नगर निगम, केडीए के संतरी तक है लेकिन सब खामोश…।

शाब्दिक अश्लीलता परोस रहे हैं रेडियो जॉकीज.. कुछ उदाहरण

रेडियो जॉकियों ने भाषा का दम निकाल दिया है… अश्लीललता का लेप चढा दिया है.. जरा देखिए… एक शो में उदघोषक साहब यानी जॉकी जनाब कुछ महिलाओं और बच्चों की प्रशंसा करते हुए कह रहे थे- 'देखो इन्होंने अपराधियों की कैसे कह कर ली.' इन शब्दों के साथ वह उनकी पीठ थपथपा रहे हैं.

दैनिक जागरण, मेरठ के संपादकीय प्रभारी मनोज झा का ‘सुर्ती कांड’!

दैनिक जागरण, मेरठ के संपादकीय प्रभारी मनोज झा मूलतः भागलपुर के रहने वाले हैं और खुले मन-मिजाज वाले दक्षिणपंथी पत्रकार हैं. अपने शौक, अपने विचार, अपनी स्टाइल, अपनी पसंद-नापसंद सबकुछ वो खुलेआम रखते हैं. यही कारण है कि मैनेजर किस्म के प्राणी उनसे नाखुश रहते हैं और उनके किसी मसले को तिल का ताड़ बनाने की फिराक में लगे रहते हैं. झा साहब को सुर्ती-तंबाकू का खूब शौक है. जब भागलपुर जाते हैं तो वहां से अच्छी खासी असली तंबाकू आदि की खेप लेकर मेरठ आते हैं.

वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश अश्क ने ‘सार्थक समय’ मैग्जीन शुरू किया

रांची से 'सार्थक समय' नाम से एक हिंदी मैग्जीन का प्रकाशन वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश अश्क ने शुरू किया है. मैग्जीन का तीसरा अंक मार्केट में आने वाला है. पत्रिका का दाम पच्चीस रुपये रखा गया है. इस मैग्जीन और ओम प्रकाश अश्क के बारे में दैनिक जागरण, कोलकाता के संपादक रवि प्रकाश फेसबुक लिखते हैं:

कारपोरेट मीडिया और खबरों की विश्वसनीयता

मीडिया कारपोरेट हुई तो एचआर पालिसी बनी जिसके मुख्य घटकों में ट्रेनिंग, ट्रांसफर, इन्क्रीमेंट व एलाउंस शामिल हैं। जिलों में पहले वहां के इतिहास, भूगोल से सुपरिचित संवाददाता कामयाब माने जाते थे लेकिन ट्रांसफर पालिसी के तहत तय हुआ कि जिले में बाहर से पत्रकार को भेजा जायेगा और वह भी मात्र दो तीन साल रहेगा। इसके बाद दूसरी जगह उसका तबादला कर दिया जायेगा। एचआर पालिसी की मजबूरी के साथ-साथ इस व्यवस्था के पीछे दलील यह थी कि पुराने खुर्राट पत्रकार अपने जिले में मठाधीश हो जाते हैं और अपने न्यस्त स्वार्थों के चश्मे से खबर को देखते हैं। बाहर का संवाददाता नियुक्त होगा तो इस तरह की तमाम गंदगियां दूर हो जायेंगी लेकिन यह सदाशयता खोखली साबित हुई।

नेशनल दुनिया दिल्ली के सरकुलेशन हेड का इस्तीफा, राष्ट्रीय सहारा कोटद्वार के प्रभारी का तबादला

उमेश चंद सिंह ने नेशनल दुनिया से इस्तीफा दे दिया है. वे दिल्ली एनसीआर के सरकुलेशन हेड हुआ करते थे. उन्होंने नई पारी की शुरुआत एचटी मीडिया लिमिटेड के साथ की है. 

एचटी ने क्रासवर्ड देना बंद किया तो मैंने एचटी लेना बंद किया : जग सुरैया

आप न्यूज पेपर कई अच्छी न्यूज, लेखों या अन्य कारणों से लेते होंगे लेकिन कुछ लोग कोई न्यूज पेपर केवल उसके क्रासवर्ड पहेलियों के लिये लेते या बंद कर देते है. टाइम्स आफ इंडिया के एसोसिएट एडिटर जग सुरैया ऐसे ही लोगों में से हैं. वे कहते हैं कि कई सालों तक हिन्दुस्तान टाइम्स न्यूज पेपर खरीदने के बाद मैंने इसे लेना बंद कर दिया. ऐसा नहीं था कि हिन्दुस्तान खराब पेपर था बल्कि हमने इसे इसके क्रासवर्ड की वजह से बंद किया. मैं और बन्नी इसकी क्रासवर्ड पहेलियां सुलझाने के आदती हो गये थे. लेकिन जब हिंदुस्तान टाइम्स ने क्रासवर्ड जो ये 'द टाइम्स', लंदन से लेता था, लेना बंद कर दिया तब मैंने इसे लेना बंद कर दिया.

हाई कोर्ट ने मंत्रालय से पूछा- न्यूज़ चैनेल की शिकायत दर्शक कैसे करते हैं?

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने आज सूचना और प्रसारण मंत्रालय, न्यूज़ ब्रॉडकास्टर एसोसियेशन (एनबीए) तथा न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (एनबीएसए) को सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर द्वरा दायर याचिका में नोटिस जारी किया. जस्टिस देवी प्रसाद सिंह और जस्टिस अशोक पाल सिंह की बेंच ने कहा कि किसी लोकतंत्रात्मक देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का बहुत महत्व है पर इसके साथ पेड न्यूज़ तथा अन्य सुनियोजित खबरों की समस्या भी रहती है. यदि जनता की शिकायतों के निस्तारण हेतु सरकार के पास कोई उचित फोरम नहीं है, तो उसे वैसे ही नहीं छोड़ा जा सकता है.

राहुल गांधी को खुफिया सूचनाएं लीक करने वाला अफसर सेवा में रहने के योग्य नहीं

राहुल गांधी द्वारा इंदौर में मुज़फ्फरनगर में आईएसआई की कथित भूमिका बताये जाने जाने चुनावी भाषण पर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने श्री गाँधी को पत्र तथा ईमेल भेज कर उनसे सम्बंधित ख़ुफ़िया अफसर का नाम सार्वजनिक करने को कहा है. उनके अनुसार यदि श्री गाँधी द्वारा कही गयी बात सत्य है तो उस ख़ुफ़िया अफसर ने एक प्राइवेट अनधिकृत व्यक्ति को गोपनीय सूचनाएँ दे कर निश्चित रूप से अनुचित कार्य किया है जिसके कारण वह अफसर अब आगे ख़ुफ़िया विभाग में रहने योग्य नहीं है.

सर्कुलेशन प्रभारी ने नशे में दी हाकर को गालियां तो हुई पिटाई

सेवा में, संपादक, भडास4मीडिया, विषय- शराब पीकर बवाल काटते हिन्दुस्तान के सर्कुलेशन प्रभारी की धुनाई…. खुद को देश का नंबर बन बढता हुआ अखबार होने का दावा करने वाले दैनिक हिन्दुस्तान के कर्मचारी आजकल दारूबाजी कर लोगों के बीच कंपनी की फजीहत करा रहे हैं. हिन्दुस्तान की आगरा यूनिट के एटा ब्यूरो में कार्यरत सर्कुलेशन के प्रभारी सुबोध गुप्ता गुरुवार की देर शाम को शराब के नशे धुत होकर एक हाकर से भिड़ गए. उसे मां बहन की गाली गलौच कर दी.

सांध्य दैनिक ‘6 पीएम’ भोपाल से भी शुरू, अवधेश बजाज के हाथ बागडोर

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सांध्य दैनिक '6 पीएम' का आगाज हो चुका है। इंदौर के बाद सांध्य दैनिक '6 पीएम' भोपाल से शुरू हुए एक सप्ताह से अधिक हो चुका है। इसके शुरू होते ही प्रदेश टुडे व अग्निबाण प्रबंधन की नींद उड़ गई है क्योंकि भोपाल में इसकी बागडोर वरिष्ठ पत्रकार अवधेश बजाज के पास है।

लेखक-पत्रकार अमित बैजनाथ गर्ग की ‘खामोश सहर’ का विमोचन

जयपुर। लेखक-पत्रकार अमित बैजनाथ गर्ग के पहले काव्य संग्रह खामोश सहर का विमोचन शुक्रवार को नारायण सिंह सर्किल स्थित पिंकसिटी प्रेस क्लब में आयोजित सादे समारोह में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीसीसी और राजस्थान फाउंडेशन के उपाध्यक्ष राजीव अरोड़ा थे। अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक अनिल लोढ़ा ने की।

बिल्डर कर रहा परेशान, नोएडा में धरना देने का ऐलान

Protest/dharna by buyers against Noida Builder : 26th oct , 11 a.m

Hello,

Thanks for standing by AAM Aadmi and bringing some transparency in this country through your hard work.

We are united buyers (752 from facebook group)  of Lotus Panache project situated in Noida. We have been repeatedly humiliated by builder and we have finally decided to do a dharna against the builder.

स्‍टेट बैंक वाले वीपी पांडेय का जाना रुला गया

वीपी पांडेय का देहांत हो गया है। मैंने वीपी पांडेय को पहली बार सन 1999 में देखा था। उन्‍हीं की मार्फत मैं भारतीय स्‍टेट बैंक की गंभीरता को समझ पाया। वे लखनऊ में अशोक मार्ग शाखा के मुख्‍य प्रबंधक थे। हर काम पूरी शिद्दत के साथ समझना और उसे हर कीमत पर पूरा करना उनके जीवन का लक्ष्‍य लगा। आने वाले हर शख्‍स-ग्राहक के साथ वे तपाक के साथ मिलते थे। वे एक निहायत सरल मगर अनुशासन-प्रिय शख्‍स थे, जबकि मैं कुछ मजाकिया। मगर, कम्‍माल यह कि बस दस मिनट भर में ही हमारी दोस्‍ती हो गयी। अम्‍बेडकर नगर के रहने वाले थे पांडेय जी।

एक संगत गुलज़ार के साथ

हिंदी सिनेमा के सौ बरस के मौके पर हिंदी विभाग हिन्दू कॉलेज में प्रख्यात गीतकार गुलज़ार ने सिनेमा के कई पहलुओं पर रौशनी डाला। उनके मुताबिक  किस्सागोई की परंपरा को तकनीक के सहारे सिनेमा ने नया विस्तार दिया है और गीत संगीत भारतीय सिनेमा की कमजोरी नहीं बल्कि उसकी ताकत है बशर्ते उसका इस्तेमाल कथानक को गति देने के लिए हो। श्रोताओं की इस शिकायत पर कि इस दौर की गीतों और धुनों में पहले वाली मिठास नहीं रही वो कहते है कि आपाधापी भरे इस दौर में जब जिन्दगी में सुकून कम हो रहा है तो इसका असर तो सिनेमा समेत तमाम कलाओं पर पड़ना लाजमी ही है।

दैनिक जागरण, मुरादाबाद के सेल्स मैनेजर समेत कइयों के खिलाफ एफआईआर

मुरादाबाद से खबर आ रही है कि मझोला थाने में दैनिक जागरण के कई कर्मियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है. इन पर अखबार के एक हाकर की पत्नी ने कई किस्म के गंभीर आरोप लगाए हैं. एफआईआर में दैनिक जागरण, मुरादाबाद के सेल्स मैनेजर हरीश शर्मा, सिटी हेड सेल्स शैलेंद्र दीक्षित, सेंटर एक्जीक्यूटिव अंकित मिश्रा और सेल्समैन चेतन शर्मा का नाम है.

नवेंदु के कुमाउनी कविता संग्रह ‘उघड़ी आंखोंक स्वींण’ का विमोचन

नैनीताल। प्रदेश की लोक संस्कृति के उन्नयन के लिए आयोजित पर्व-नैनीताल शरदोत्सव का मंच बृहस्पतिवार को कुमाउनी लोक भाशा के उन्नयन का मंच बना। इस दौरान नैनीताल क्लब स्थित शैले हॉल में प्रदेश के खादी, ग्रामोद्योग एवं सेवायोजन मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने डीएम अरविंद सिंह ह्यांकी, एडीएम प्रकाश चंद्र, स्थानीय विधायक सरिता आर्या, नगर पालिका अध्यक्ष श्याम नारायण तथा प्रदेश के लब्ध प्रतिश्ठ जनकवि बल्ली सिंह चीमा, डा. अतुल शर्मा, प्रो. देव सिंह पोखरिया, हीरा सिंह नेगी, दामोदर जोशी देवांशु एवं जहूर आलम आदि के साथ नवीन जोशी ‘नवेंदु’ के पहले कुमाउनी कविता संग्रह ‘उघड़ी आंखोंक स्वींण’ का विमोचन किया।

एम्स के डाक्टर एसडी चौहान ने पूर्वांचल के पत्रकारों को सम्मानित किया

दिल्ली : परिंदों को मिलेगी मंज़िल, ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं। वही लोग खामोश रहते हैं अक्सर, जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं।। ..ये पंक्तियां शायद एसडी चौहान जैसे लोगों के लिये ही लिखी गयी है जो पैर से विकलांग होने के बाद भी एक लंबे अरसे से मानव सेवा में लगे हुए हैं। श्री चौहान धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरी पेशे से करीब से जुड़े हैं और देश के सबसे प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से जुड़े हुए हैं।

न्यूज़ एक्सप्रेस में संदीप शुक्ला बने महाराष्ट्र ब्यूरो हेड, सादिया पुणे की ब्यूरो चीफ

न्यूज़ एक्सप्रेस मुंबई में कार्यरत डिप्टी ब्यूरो चीफ संदीप शुक्ला को ब्यूरो हेड महाराष्ट्र बनाया गया है। संदीप शुक्ला को विवेक अग्रवाल की जगह तैनात किया गया है। इससे पहले विवेक अग्रवाल को चैनल ने बर्खास्त कर दिया था जिसके बाद से ब्यूरो हेड की जगह खाली चल रही थी।

शरद पवार जितनी बार बयान देते हैं उतनी बार चीजों के दाम बढ़ जाते हैं

Nadim S. Akhter : शरद पवार, क्रिकेट, चीनी और प्याज— एनसीपी के मुखिया शरद पवार कह रहे हैं कि राहुल गांधी के साथ वह काम नहीं कर सकते. एक बार फिर से पुरानी मुद्रा में आ गए हैं ताकि सत्ता मिली तो ज्यादा से ज्यादा हिस्सा खुद के लिए झपट सकें. आप भूले नहीं होंगे जब सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर कांग्रेस से अलग होकर उन्होंने खुद की पार्टी, एनसीपी बना ली थी लेकिन जब सत्ता की मलाई सामने आई तो पवार को उसी सोनिया गांधी से कोई एलर्जी नहीं हुई. यूपीए में शामिल हो गए.

पि‍टना तो पहले दूसरे संपादकों को चाहि‍ए था…

Rising Rahul : पि‍टना तो पहले दूसरे संपादकों को चाहि‍ए था, दीपक चौरसि‍या बेचारे पहले पि‍ट गए…लगता है कि‍सी ने पीछे से नंबर लगाना शुरू कर दि‍या है। अब इन संपादकों को पब्‍लि‍क में जाना और प्रेस क्‍लब में दारूबाजी कम तो करनी ही पड़ेगी… काउंटडाउन शुरू हो गया है साहब.. जरा बचके..

कालाबाजारियों की सबसे बड़ी संरक्षक भारतीय जनता पार्टी है

Yashwant Singh : कालाबाजारियों की सबसे बड़ी संरक्षक भारतीय जनता पार्टी है…. दिल्ली में सत्ताधारी कांग्रेस वाले डर के मारे कालाबाजारियों पर छापे नहीं डाल रहे क्योंकि चुनाव का वक्त है, कालाबाजारियों के बहाने पूरे व्यापारियों के वोट को भुना लेगी भाजपा. यही वजह है कि शीला दीक्षित कालाबाजारीजी, दलालजी और आढ़तीजी लोगों से हाथ जोड़कर विनती कर रही हैं कि हे महानुभावों, जिस प्याज को आप दबाए बैठे हैं, उसे अब तो रिलीज कर दें… काहें मिट्टी पलीद करा रहे हैं…

‘इंडिया न्यूज’ के चुनावी लाइव शो को डिस्टर्ब करने की कोशिशें लगातार जारी

रहीसुद्दीन 'रिहान' : दिल्ली के विकासपुरी में इंडिया न्यूज़ के शो 'किस्सा कुर्सी का' में प्रत्याशियों के समर्थकों का हंगामा. दीपक चौरसियों के साथ धक्कामुक्की. चौरसिया ने शो बंद किया. इंडिया न्यूज़ पर 8 बजे दीपक चौरसिया ने अपना शो 'किस्सा कुर्सी का' विकासपुरी इलाके के एक स्कूल में किया. (स्कूल का नाम शायद होली मॉर्डन पब्लिक स्कूल था). दीपक ने कांग्रेस, बीजेपी, बीएसपी और आम आदमी की पार्टी यानि 'आप' के प्रत्याशियों को बुला रखा था. शो को कवर करने के लिए कुछ साधारण कैमरों के अलावा एक हैंगिंग कैमरा भी था.

प्रजातंत्र के असली राजा को जगाइये

प्रजातंत्र का वास्तविक राजा प्रजा होती है लेकिन हमारे देश का दुर्भाग्य है कि राजा सो रहा है। और जिन्हें प्रजातंत्र के राजा ने वोट के अधिकार से निर्वाचित कर विकास, सुरक्षा और कल्याण जैसी कई दूसरी अहम् जिम्मेदारियां सौंपी हैं वो कर्त्तव्यविमुख होकर निज स्वार्थ साधने और कुर्सी पर जमे रहने के की तिकड़मों में मशगूल रहते हैं। आज देश और देशवासियों की जो हालत है उसके लिए व्यवस्था के साथ-साथ प्रजातंत्र का राजा माने हम लोग भी बराबर के भागीदार हैं। अगर हम जाग रहे होते और अपने कर्त्तव्य का पालन ठीक ढंग से कर रहे होते तो न आज आम आदमी की जो दुर्गति है वो शायद न होती।

बैठक में हुआ फैसला- आईआईएमसी में छात्रावास नहीं; तो फीस नहीं

Abhishek Ranjan Singh : साथियों, आज तारीख़ 24 अक्टूबर, 2013 को भारतीय जनसंचार संस्थान मुख्यालय नई दिल्ली में पिछले ढाई दशकों से छात्रावास की सुविधा से वंचित छात्रों की समस्या को लेकर संस्थान में सत्र-2013-14 के मौजूदा छात्रों और पूर्व छात्रों की एक अहम बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में छात्रावास न होने से छात्रों को होने वाली परेशानियों के विषय में विस्तृत चर्चा हुई.

‘मालिक ही संपादक’ वाले ट्रेंड से ‘द हिंदू’ ने निकलने की कोशिश की फिर वापस खोल में घुस गया

Om Thanvi : सिद्धार्थ वरदराजन मेरे अजीज मित्र हैं। वे बहुत जिंदादिल हैं: नीचे मूंछों वाली तसवीर देखिए, जो मैंने आठ साल पहले इटली की रमणीक कोमो झील के किनारे बसे बेलाजो कस्बे में खींची थी। वे नितांत पेशेवर भी हैं। बहुत थोड़े पत्रकारों में हैं जो निरंतर पढ़ते हैं; उनके घर में किताबों का जखीरा है। 'द हिंदू' का संपादन परिवार के घेरे से बाहर निकालकर एन. राम ने सिद्धार्थ को सौंपा और एक मिसाल कायम की।

चुनावी लाइव शो के दौरान दीपक चौरसिया पर ईंट से हमला

इंडिया न्यूज के एडिटर इन चीफ दीपक चौरसिया पर एक दुकानदार ने ईंट से हमला कर दिया. दीपक को चोटें आई हैं. हमलावर के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. घटना पश्चिमी दिल्ली की है. बीती रात दिल्ली विधानसभा चुनाव से संबंधित एक ओपन कार्यक्रम के कवरेज के दौरान यह घटनाक्रम हुआ. हमलावर की उम्र पैंतीस साल के आसपास है और उसका नाम सुरेंदर सिंह है. उसकी अपनी छोटी मोटी दुकान है. उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.

हिंदी में एक ऐसी किताब जो पन्‍ना दर पन्‍ना आपको चकित करती है

Manisha Pandey : हिंदी में जाने कितने बरसों बाद एक ऐसी किताब आई जो पन्‍ना दर पन्‍ना आपको चकित करती है। एक ऐसी किताब, जिसे आप पढ़ते नहीं, किताब खुद को पढ़वा लेती है क्‍योंकि आप लाख चाह लें, एक बार शुरू करके उसे छोड़ नहीं सकते। किताब इतिहास के गलियारों में ले जाती हैं, भाषा के चमत्‍कार से चकित करती है, रुलाती है, अवसाद में डुबो देती है और मुहब्‍बत के सबसे बीहड़ बियाबानों में अकेला भटकने के लिए छोड़ देती है। इस भटकन का सुख तो वही जानते हैं तो किताबों के संग-संग भटके हैं।

पूर्व पत्रकार जानकी विश्वनाथन की फिल्म ‘बकरापुर’ साल के अंत में

अगर कोई पत्रकार फिल्म बनायेगा तो प्रचार के लिये मुफ्त का साधन ढूढ़ ही लेगा. ऐसा ही किया है पूर्व पत्रकार और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता जानकी विश्वनाथन  ने अपनी पहली हिन्दी फिल्म बकरापुर के प्रचार के लिये. इसमें एक बकरा है जिसका नाम शाहरुख है.

मुंबई में तीन नये दैनिक अखबारों ने दी दस्तक

: पहले दक्षिण मुंबई, उसके बाद अब्सोल्यूट इंडिया और अब दबंग दुनिया भी लांच : हाल ही में मुंबई से लांच हुए दैनिक दबंग दुनिया के साथ ही अब मुंबई में नये दैनिकों की संख्या तीन हो गई है। इससे पूर्व दैनिक दक्षिण मुंबई फिर अब्सोल्यूट इंडिया लांच हो चुके हैं। दक्षिण मुंबई लांच होने के बाद स्मूथली अपने विकास में लगा हुआ है वहीं अब्सोल्यूट इंडिया आने से पहले अच्छी चर्चा बटोरने के बाद भी उसमें कुछ खास नहीं दिखा। उस अखबार में संपादकीय पृष्ठ ही नहीं है, जिसके कारण उसका काफी मजाक भी बनाया जा रहा है। हालांकि उस अखबार के साथ कई प्रतिष्ठित नाम जुड़े होने की वजह से अभी भी अच्छे की उम्मीद की जा रही है। अब्सोल्यूट इंडिया के प्रधान संपादक वरिष्ठ पत्रकार द्विजेंद्रनाथ तिवारी हैं।

DUJ commends bonus, incentive for The Hindu employees

The Delhi Union of Journalists has congratulated the employees’ union and the management of The Hindu and Group publications for the announcement of a goodwill incentive payment in addition to 20 per cent bonus, pre-Deepavali. While congratulating The Hindu Office & National Press Employees’ Union, DUJ president Sujata Madhok, general secretary S.K. Pande and treasurer Amit Prakash Singh said in a statement issued on Wednesday that the announcement puts paid to the argument that newspapers are low in profitability and that owners cannot afford to pay workers wages as per the Majithia Wage Boards for Newspaper Employees notified by the Government of India in 2011.

डिप्टी एसपी हत्याकांड में न्यूज चैनलों की रिपोर्ट निष्पक्ष थी : एनबीएसए

डिप्टी एसपी जिया उल हक़ हत्याकांड में राजा भैया के सम्बन्ध में विभिन्न टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित समाचारों के बारे में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर द्वरा दी गयी शिकायत पर न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (एनबीएसए) ने सुनवाई करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि प्रसारण में कोई पक्षपात नहीं किया गया था. एनबीएसए की सेक्रेटरी जनरल ऐनी जोसेफ ने डॉ ठाकुर को भेजे पत्र दिनांक 16 अक्टूबर में कहा है कि एनबीएसए ने 18 सितम्बर की अपनी बैठक में चार न्यूज़ चैनलों के उत्तर को देखने के बाद यह पाया कि इस सम्बन्ध में किसी अग्रिम कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है.

अपने पत्रकार को छोड़ने की अपील के साथ चीनी अख़बार ने लिखा- ‘हमारा अख़बार छोटा है लेकिन हमारी रीढ़ की हड्डी सलामत है’

चीन में एक अख़बार ने पुलिस से अपने एक पत्रकार को छोडऩे की अपील अख़बार के पहले पन्ने पर की है. चीन के गुआंशू प्रांत स्थित इस अख़बार ने अपने पत्रकार चेन यॉन्गशू को रिहा किए जाने की मांग की है. चेन को पिछले हफ़्ते पुलिस ने पकड़ा था. अख़बार का कहना है कि उनकी गिरफ़्तारी हन्नान प्रांत में एक सरकारी कंपनी के बारे में रिपोर्ट के सिलसिले में हुई है. पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि की है कि चेन को 'कंपनी के व्यवसाय को नुकसान' पहुंचाने के चलते गिरफ़्तार किया गया है.

कांग्रेसपरस्त मीडिया वालों पर हुड्डा की खुलेआम मेहरबानी

चंडीगढ़ : हरियाणा की हुड्डा सरकार ने एक और पत्रकार पर मेहरबानी दिखाई है। इस पत्रकार बंधु को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का मीडिया कोआर्डिनेटर बनाया गया है। यह पहला मौका नहीं है जब सरकार ने इस प्रकार किसी पत्रकार के प्रति अपनी दयालुता का परिचय दिया है बल्कि हाल ही में दो पत्रकारों के नाम भी सामने आए थे, जिन्हें सूचना आयुक्त
नियुक्त करने की तैयारी चल रही है। ऐसे में एक और पत्रकार को तोहफा देकर सरकार यह दर्शाना चाहती है कि वह मीडिया फ्रेंडली है।

हिन्दुस्तान मीडिया का मुनाफा 14.95% बढ़ा

नई दिल्ली : हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड (एचएमवीएल) का 30 सितंबर को समाप्त चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही का शुद्ध लाभ 14.95 प्रतिशत बढ़कर 24.91 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड में बेहतर वृद्धि से कंपनी के मुनाफे में जोरदार बढ़ोतरी हुई है। एचएमवीएल देश के प्रमुख और अग्रणी हिन्दी अखबार ‘हिन्दुस्तान’, बच्चों की पत्रिका ‘नंदन’, प्रतिष्ठित मासिक पत्रिका ‘कादम्बिनी’ का प्रकाशन करती है और वेब पोर्टल ‘लाइव हिन्दुस्तान डॉट कॉम’ का संचालन करती है।

राहुल-मोदी के अपने-अपने संकट

चार राज्यों के विधानसभा चुनाव इन दिनों भाजपा और कांग्रेस के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गए हैं। क्योंकि, लोकसभा चुनाव के ठीक पहले होने वाले इन चुनावों को 2014 के ‘सेमीफाइनल’ के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में, दोनों प्रमुख दलों के रणबांकुरे विजयश्री पाने के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहते। चुनावी वैतरणी पार करने के लिए तरह-तरह के राजनीतिक प्रयोग किए जा रहे हैं। यहां तक कि सतही राजनीतिक हथकंडों से भी ज्यादा परहेज नहीं किया जा रहा। राज्यों के चुनाव में आमतौर पर स्थानीय मुद्दों का बोलबाला रहता है, लेकिन इस बार दोनों दलों ने राष्ट्रीय मुद्दों की मारक बौछारें एक-दूसरे के खिलाफ बरसानी शुरू कर दी हैं। भाजपा के प्रमुख रणबांकुरे हैं, नरेंद्र मोदी। जबकि, कांग्रेस ने इस बार इस भूमिका में पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को आगे खड़ा कर दिया है।

हरियाणा में दैनिक भास्कर के एक और पत्रकार को मिली लाल बत्ती

हुड्डा साब ने "तुरंत प्रभाव" से एक और पत्रकार को सरकारी बना दिया है। ये सज्जन हैं अलवर (राजस्थान) मूल के श्री प्रमोद वशिष्ठ जी। वर्षों से दैनिक भास्कर में सेवायें दे रहे थे ..साथ ही कांग्रेस की सेवा भी कर रहे थे। कहते हैं कि चुनाव में भास्कर और कांग्रेस के बीच पेड न्यूज़ को लेकर जो फाइनेंसियल डील हुई थी, उसके तहत भास्कर ने खबरें लिखने के लिए उन्हें कांग्रेस को प्रति-नियुक्ति पर दिया था।

…देखना कल के अखबार में यह खबर नहीं छपेगी

उस दिन बंबई के दफ्तर शाम से पहले ही सूने हो गए थे। हर कोई लोकल के बंद हो जाने से पहले ही अपने घर के भीतर पहुंच कर सुरक्षित हो जाने की हड़बड़ी में था। भारी बारिश और लोकल जाम-यह बंबईवासियों की आदिम दहशत का सर्वाधिक असुरक्षित और भयाक्रांत कोना था, जिसमें एक पल भी ठहरना चाकुओं के बीच उतर जाने जैसा था।

पत्रकार राजेन्द्र राजपूत आत्महत्या मामला : गिरफ्तारी के डर छत से कूदा सिपाही

भोपाल : गोविंदपुरा थाने की छत से कूदकर सोमवार रात एक आरक्षक ने फरार होने का प्रयास किया। आरक्षक को पत्रकार राजेन्द्र सिंह राजपूत आत्महत्या मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। छत से कूदने के कारण उसके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राजेन्द्र सिंह ने अपने सुसाइड नोट रूपी शिकायती आवेदन में अन्य अधिकारियों के अलावा उक्त आरक्षक पर भी प्रताडि़त करने का आरोप लगाया था।

पटना में होने जा रही भाजपा के नरेंद्र मोदी की रैली में तकरीबन 60-70 करोड़ से ऊपर खर्च होने का अनुमान है

: गरीबी से खफ़ा, अरबों की सभा : पटना में होने जा रही , भाजपा के नरेंद्र मोदी की रैली में तक़रीबन 60-70 करोड़ से ऊपर खर्च होने का अनुमान है ! पिछली कानपुर की रैली में भी करोड़ों रुपये बहाए गए ! अब तक कई सौ करोड़ रुपये, नरेंद्र मोदी की रैली में बहाए जा चुके हैं……. कई सौ करोड़ और बहाए जाने की उम्मीद है ! एक ऐसी उम्मीद , जो गरीबी से खफ़ा है और अमीरों के सहयोग से, गरीबी हटाने का का राग अलापती है !

‘क़िस्सा कोताह’ न आत्मकथा है और न उपन्यास, यह एक गप्पी का रोज़नामचा भर है : राजेश जोशी

हिन्दी-साहित्य पाठकों के लिए राजेश जोशी जाना-पहचाना नाम है। वे एक साथ ही कवि-कहानीकार-आलोचक-अनुवादक-संपादक सब कुछ हैं। हाल ही में उनकी रचना ‘क़िस्सा कोताह’ (राजकमल प्रकाशन) सामने आयी है। राजेश जोशी के ही अनुसार, न यह आत्मकथा है और न उपन्यास। यह एक गप्पी का रोज़नामचा भर है- जो न कहानी है और न संस्मरण, यदि कुछ है तो दोनों का घालमेल- जिससे हयवदन विधा पैदा हो सकती है। गप्पी की डायरी के जरिये राजेश जोशी हिन्दी पाठकों को बेतरतीबवार नरसिंहगढ़ और भोपाल के, अपनी बचपन और परिवारजनों व दोस्तों के क़िस्से सुनाते हैं- जिसका न कोई सिरा है और न अंत।

सीएमडी को महंगी पड़ रही है अवैध चिटफंड संचालक से दोस्ती

भारत सरकार का अतिमहत्वपूर्ण संस्थान, झारखंड के जादूगोड़ा का यूरेनियम माइंस, जो सीधे गृह मंत्रालय के देखरेख में चलता है, यह संस्थान अपने सीएमडी श्री दिवाकर आचार्या के क्रियाकलापों की वजह से अच्छा-खासा बदनाम हो रहा है. यूसिल (यूरेनियम कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) के चेयरमैन श्री दिवाकर आचार्या ने अपने चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी अवैध चिटफंड संचालक कमल सिंह के माल का उदघाटन ६/०५/२०१३ को फीता काटकर किया एवं उदघाटन के बाद उन्होंने कमल सिंह (अवैध चिटफंड संचालक) के परिवार के साथ जिस तरह से हाथ जोड़कर माल के अंदर प्रवेश किया वह यह दर्शा रहा था कि वे कमल से कितनी गहराई तक जुड़े हुए हैं.

प्रबोध चंद्र डे उर्फ मन्ना डे : न कोई शिकायत, न कोई मलाल (सुनें कुछ गाने)

भारतीय सिनेमा जगत के महान पार्श्व गायक मन्ना डे का गुरुवार तड़के शहर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वह 94 साल के थे और लंबे समय से बीमार थे. नारायण हृदयालय अस्पताल के एक प्रवक्ता के. एस. वासुकी ने बताया कि मन्ना दा को आईसीयू में रखा गया था, गुरुवार तड़के उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और चार बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. भारतीय सिनेजगत के बहुभाषी गायक मन्ना दा चार महीनों से बीमार चल रहे थे. उनके परिवार में दो बेटियां रमा और सुमिता हैं. वासुकी ने बताया कि डे की बड़ी बेटी रमा को उनकी स्थिति के बारे अवगत करा दिया गया था, वह अपने पिता के निधन के समय उनके साथ अस्पताल में ही थीं.

आप हम ग्रामीण पत्रकारों की परेशानी समझते क्यों नहीं हैं संपादक महोदय?

जयपुर : एक ग्रामीण संवाददाता का सबसे बड़ा दुःख तो ये है कि उसे जीवन भर पत्रकार ही नहीं समझा जाता. उसके गाँव मोहल्ले के लोग उसे उसकी पीठ पीछे दलाल की संज्ञा देते हैं और डेस्क वाले उसको महज हॉकर समझते रहते हैं. इन दोनों उपमानों के बीच झूलता ग्रामीण पत्रकार महज कुछ सौ रुपयों के मानदेय की एवज में खबरों के लिए रात-दिन एक करता भागता रहता है.

अखबार एक, प्रतिनिधि अनेक, प्रेसवार्ता करवाने वालों के छूटे पसीने

झुंझुनू । राजस्थान के झुंझुनू जिला मुख्यालय पर पत्रकारों की प्रेसवार्ता आयोजित करवाने वालों आयोजकों के पसीने छूट रहे हैं। अभी तक यह चलन रहता आया था कि प्रेसवार्ता में एक अखबार या न्यूज चैनल से एक ही प्रतिनिधि शिरकत करते थे, जिससे आयोजक उसी के अनुरूप व्यवस्थाएं करते थे। लेकिन अब प्रेस वार्ता करवाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि पहले जहां निमंत्रित पत्रकार ही वार्ता में भाग लेते थे, वहीं अब तो बिना आमत्रंण के ही एक आध दर्जन पत्रकार जा धमकते हैं।

‘आपणा अंदाज’ साप्ताहिक ने किया दूसरे वर्ष में प्रवेश

हुबली। उत्तरी कर्नाटक क्षेत्र के एकमात्र पहले हिन्दी साप्ताहिक अखबार 'आपणा अंदाज' का प्रकाशन 2009 में शुरू हुआ था. करीब तीन वर्ष तक पाक्षिक अवधि में चले इस अखबार ने अल्प समय में राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहुंच बना ली थी. पाठकों की बढ़ती मांग पर पिछले वर्ष में इसका पाक्षिक से साप्ताहिक प्रकाशन शुरू किया गया है. इसके स्वामी व प्रबंध निदेशक और प्रधान संपादक पत्रकार सुरेन्द्र के मेहता हैं जो ढाई दशक से पत्रकारिता से जुड़े हुए है.

सोनभद्र में पाँच विभूतियाँ हुयीं सम्मानित

सोनभद्र : साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली पाँच विभूतियों को डा. मूल शंकर शर्मा सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान  में ग्यारह ह़जार रूपये राशि, स्वर्ण पत्र व अंगवस्त्रम् भेंट किया गया। देश के शीर्षस्थ विद्वानों की चयन समिति द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार साहित्य के क्षेत्र का सम्मान प्रोफेसर सत्यमित्र दूबे को व पत्रकारिता का सम्मान अंबरीष कुमार को दिया गया।

सुभारती चैनल : हाथ मिलाना, साथ खाना या मिलना… और गयी नौकरी!

मेरठ के एकमात्र सेटेलाईट न्यूज चैनल सुभारती को लेकर कुछ दिन पहले एक खबर भड़ास पर पब्लिश हुई थी। इसमें कहा गया था कि चैनल हैड नीरज शर्मा ने सुभारती ज्वाइन करते ही पुराने लोगों को कुछ न कुछ इल्ज़ाम लगाकर निकालने की मुहिम छेड़ी हुई है। उनके निकालने से तो कर्मचारी नहीं गये लेकिन अपनी साख को बचाने के लिए लोगों को सुभारती छोड़ना पड़ा था।

वह पत्रकार भांग के पेड़े बेचता था

फुर्सत के समय मैं इंटरनेट पर जिन चीजों की सबसे ज्यादा तलाश करता हूं वे हैं – दूसरे महायुद्ध से पहले की तस्वीरें, नई दुनिया का रास्ता खोजने वाले यात्री, दुनिया के बहुत पुराने पुस्तकालय और युद्ध में भाग लेने वाले सैनिक। पुरानी चीजों के प्रति मेरी दीवानगी ऐसी है कि मेरे संग्रह में सौ साल से भी ज्यादा पुरानी चीजें जमा हो गई हैं। मेरे पास कई सिक्के सवा सौ साल पुराने हैं।

आन्दोलन के लिये राइफल आवश्यक नहीं : सत्यमित्र दूबे

सोनभद्र : आन्दोलन के नाम पर राइफल उठाने वालों से मैं पूरी तरह असहमत हूँ। यह कहना था प्रोफेसर सत्यमित्र दूबे का जो देश के प्रमुख भाषाविद् डा. मूल शंकर शर्मा की पाँचवी पुण्यतिथि पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में अपना विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आन्दोलन परिवर्तन की ओर नहीं ले जाता, आन्दोलन के पूर्व इस बात का आकलन करना आवश्यक है कि आन्दोलन की दिशा क्या है।

हिंदुस्तान के मीडियाकर्मियों को उत्पीड़ित किए जाने के खिलाफ एक पत्र

कमलेश कुमार मिश्र एचटी मीडिया कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हैं. उन्होंने हिंदुस्तान अखबार के मीडियाकर्मियों को प्रबंधन द्वारा तरह-तरह से परेशान किए जाने के खिलाफ अपर श्रमायुक्त, कानपुर को पत्र लिखा है और इसकी प्रतिलिपि दर्जनों लोगों को की है. इस पत्र में उन्होंने कुछ कर्मियों को नाम परिचय देकर बताया है कि किस तरह प्रबंधन उन्हें अखबार से बाहर निकालने के लिए उत्पीड़ित कर रहा है. पूरा पत्र यूं है…

India’s Press Faces an Online Future

By MARK BERGEN

Two years ago, Samir Patil surveyed his publishing floor in Mumbai, one of 10 he owned, and saw death. It was not for a lack of lively activity. His company, ACK Media, shipped roughly six million books, magazines and DVDs across India every month. In 2007, he had bought the children’s comic book Amar Chitra Katha, eventually merged it with two other titles and set lofty goals, described here, to revitalize the once popular comics industry.

दिल्ली में पत्रकारों-संवाददाताओं के लिए सम्मानों की भरमार है

: पत्रकार और सम्मान : दिल्ली में पत्रकारों खास तौर पर संवाददाताओं के लिए सम्मानों की भरमार है। कई लोग अपने माता पिता के नाम पर संगठन बना कर हर साल 20-25 पत्रकारों को सम्मानित करते हैं तो कई लोग किसी अन्य बहाने से सम्मानित करते हैं। कहने का मतलब यह कि इन संगठनों द्वारा 50-60 पत्रकार हर साल सम्मानित कर दिए जाते हैं। कुछ पत्रकार तो ऐसे भी हैं जो कई कई बार सम्मानित हो चुके हैं। दिल्ली की रिपोर्टिंग के दौरान मेरे सामने भी ऐसे कई प्रस्ताव आए मगर मैंने सम्मान लेने से इंकार कर दिया। एक बार कुछ लोग आए और मुझे हिंदी की सेवा के लिए सम्मानित करने का प्रस्ताव किया मैंने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। कारण यह था कि यह सम्मान पाने वाले दो चार ही पत्रकार थे मगर ऐन मौके पर मैंने यह सम्मान लेने से इंकार कर दिया।

पहली बार किसी फिल्म को देखकर रात भर नींद नहीं आई

Mohammad Anas : शाहिद आज़मी मेरा हीरो है, उस पर बनी फिल्म 'शाहिद' देश भर में चल रही है. फिल्म ज़रूर देखें. जब बहुत से नौजवान हिंसा , तिरस्कार ,अपमान एवं नफरत के बाद बंदूक उठा लेते हैं और बीहड़ से लेकर बम्बई तक खून बहाते हैं तब शाहिद ने देश के संविधान के दायरे में रह कर व्यवस्था के क्रूर पक्षपात के शिकार मुसलामानों का मुकदमा लड़ा और एक दिन अज्ञात हत्यारों की गोली का शिकार हो गया.

टीवी टुडे वालों के एम्स पर स्टिंग ऑपरेशन का पोस्टमार्टम

Vineet Kumar : हेडलाइंस टुडे ने एम्स पर जो स्टिंग ऑपरेशन किया है वो तथ्यात्मक और बड़े संदर्भों को काटकर सनसनी फैलाने का काम है..जरा कभी स्टोरी मिले कि कुछ नहीं तो सिर्फ एक्सरे और यूरीन टेस्ट कराने के अपोलो, मेदांता, फार्टिस, रॉकलैंड कितना लेता है और एम्स में इसके लिए कितने पैसे देने होते हैं, यूट्यूब लिंक दीजिएगा. मैं अपनी जिंदगी की कमाई का अस्सी फीसद रुपया ऐसे अस्पतालों में लुटा चुका हूं और एम्स का भी लाभ लेता आया हूं..

आर्यन टीवी, पटना से एंकर हेड व स्पोर्ट्स एडिटर सैय्यद इरशाद हुसैन का इस्तीफा

सैय्यद इरशाद हुसैन ने आर्यन टीवी, पटना से इस्तीफा दे दिया है. वे एंकर हेड हुआ करते थे. साथ ही स्पोर्ट्स एडिटर भी थे. सैय्यद हुसैन ने निजी कारणों से इस्तीफा दिया. वे न्यूज एक्सप्रेस, नोएडा में भी एंकर कम एसोसिएट प्रोड्यूसर के रूप में कार्य कर चुके हैं. उसके पहले मौर्य टीवी में एंकर कम रिपोर्ट होते थे. सैय्यद हुसैन टीवी9, मुंबई के भी हिस्से रह चुके हैं.

पत्रकार बनाए नहीं जा सकते, बेहतर किए जा सकते हैं

‘पत्रकारिता ऐतिहासिक दस्तावेज है और पत्रकार अल्पकालिक इतिहास लेखक।’ उक्त उद्गार वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार त्रिपाठी ने गांधी शांति प्रतिष्ठान द्वारा पत्रकारिता एवं लेखन पर आयोजित दस दिवसीय कार्यशाला में व्यक्त किए। वे ‘जनांदोलन एवं मीडिया’ विषय पर बोल रहे थे। श्री त्रिपाठी ने अपनी बात 1857 के आंदोलन से शुरू करके स्वाधीनता आंदोलन, जेपी आंदोलन, भ्रष्टाचार विषयक अन्ना आंदोलन और निर्भया कांड एवं उसके आंदोलन पर विस्तारपूर्वक रखी। बीच-बीच में नर्मदा बचाओ आंदोलन, किसान आंदोलन, चीन-रूस की क्रांति, नक्सल आंदोलन, दलित-आदिवासी आंदोलन एवं स्त्री विषयक आंदोलनों की खूबियों एवं कमियों पर भी प्रकाश डालते रहे।

सुभारती टीवी, मेरठ से मानस रंजन, ताहिर खान, राजकुमार नागर का इस्तीफा

'सुभारती' टीवी, मेरठ से खबर है कि पहले तो इलेक्ट्रिक इंचार्ज अली असगर, कैमरा मैन कैलाश, कासिफ को बिना किसी गुनाह के निलंबित कर दिया गया. अब हाल ही में ताहिर खान और राजकुमार नागर ने प्रतिरोध स्वरूप रिजाइन कर दिया है. सुभारती चैनल में पांच साल से काम कर रहे मानस रंजन ने भी नासमझ चैनल हेड नीरज शर्मा और बदतमीज प्रशासक विजय भोला के उधम से परेशान होकर रिजाइन कर दिया. मानस पर झूठे आरोप लगाकर निलंबित कर दिया गया. कुछ नहीं मिला तो फिर ज्वाइन करने को कहा गया पर उन्होंने दुबारा आना स्वीकार नहीं किया.

लाइव इंडिया में राकेश त्रिपाठी प्राइम से मार्निंग शिफ्ट में भेजे गए

लाइव इंडिया में नये बॉस के आने के बाद से सबसे ज्यादा कोई परेशान है तो वो हैं राकेश त्रिपाठी। पुराने एडीटर इन चीफ सतीश के सिंह ने भी राकेश को साइड लाइन कर रखा था। प्रबल प्रताप सिंह ने राकेश त्रिपाठी की शिफ्ट का टाइम बदल दिया है। पहले प्राइम टाइम में रहने वाले राकेश त्रिपाठी अब अल सुबह की शिफ्ट में आते हैं। प्रबल प्रताप सिंह ने ये शिफ्ट इस वजह से लगाई क्योंकि सुबह सुबह कोई बड़ी खबर का रायता नहीं होता।

दैनिक जागरण, नोएडा में ट्विटर और फेसबुक पर भी रोक

दैनिक जागरण, नोएडा में इन दिनों विष्णु त्रिपाठी का वक्त चल रहा है. किसको डांटना है, किसको निकालना है, किसको पुचकारना है, कैसा माहौल रखना है, क्या-क्या देखने-करने की परमीशन देनी है… ये सब विष्णु त्रिपाठी तय करते हैं. हालांकि इसके साइड रिएक्शन में पिछले दिनों हरियाणा डेस्क के एक बुजुर्ग पंडित जी परशुराम की माफिक खड़ा हो गए और विष्णु त्रिपाठी से तूतू-मैंमैं करने लगे पर विष्णु त्रिपाठी ने उदारता दिखाते हुए खुद को चैलेंज करने वाले इस शख्स का सर कलम करने की जगह इन्हें तात्कालिक माफी दे दी है पर देखते हैं कि बकरे की मां कब तक खैर मनाती है.

द हिंदू से एमके वेणु का भी इस्तीफा, सुमित अवस्थी ने जी न्यूज ज्वाइन किया

द हिंदू अखबार में उठापटक थम नहीं रही. परसों सिद्धार्थ वरदराजन ने इस्तीफा दिया और कल एमके वेणु ने. वेणु पांच महीने पहले ही द हिंदू के हिस्से बने थे. वे फाइनेंसियल एक्सप्रेस में मैनेजिंग एडिटर पद से इस्तीफा देकर द हिंदू आए थे. द हिंदू के प्रबंधन ने अब अखबार को परिवार द्वारा संचालित करने का फैसला लिया है. इस कारण टाप लेवल पर धड़ाधड़ इस्तीफे हो रहे हैं. वेणु ने कहा भी कि वे द हिंदू में प्रोफेशनल एडिटोरियल मैनेजमेंट के कारण गए पर जैसे ही पूरी प्रक्रिया बदली, इस्तीफा देने का निर्णय ले लिया.

भाषण देते समय हुड्डा भूल गए कि हरियाणा में उनकी ही सरकार के दो विधायक चैनल चला रहे हैं

गुड़गांव : हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को लगता है कि मीडिया अपनी भूमिका सही तरीके से नहीं निभा रहा है और व्यवसाय बनकर रह गया है। वे कहते हैं कि अखबारों में अब संपादकों और पत्रकारों की जगह मालिकों की चलती है। उन्होंने तो सोशल मीडिया पर भी सवाल उठाया। पत्रकार और पत्रकारिता के प्रति हुड्डा का यह दर्द सोमवार को मीडिया कर्मियों के सामने आया। मौका था इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के उद्घाटन समारोह का। इस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे हरियाणा के मुख्यमंत्री ने मीडिया कर्मियों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास दिलाया। यह समारोह गुडगांव के भोड़ाकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सैंटर में हुआ था।

जब दिग्विजय सिंह ने उन वरिष्ठ पत्रकार की ‘बेबाकी’ बंद कर दी!

एक वरिष्ठ पत्रकार हैं. ज्यादातर अखबारों में कार्यरत रहे हैं. खुद का भी अखबार चला और बंद कर चुके हैं. चैनलों में भी थोड़ा बहुत कार्य किया है. जब एक चैनल से उनकी बड़े बेआबरू होकर विदाई का पूरा सीन तैयार हो चुका था तो उनके कुछ पत्रकार मित्रों ने उस मुश्किल दौर में उनकी बड़ी मदद की और एक ठीकठाक चैनल में वरिष्ठ पद पर आसीन कराया. उन वरिष्ठ पत्रकार की फितरत अवसरवादी के साथ-साथ लगातार झूठ बोलने और खुद की हर वक्त ब्रांडिंग करने की रहती है.

दैनिक जागरण, बरेली से तीन लोगों का इस्‍तीफा

दैनिक जागरण, बरेली से खबर है कि इस यूनिट से जुड़े तीन लोगों ने माहौल से नाराज होकर इस्‍तीफा दे दिया है. ये लोग अपनी नई पारी कहां से शुरू करेंगे इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. बरेली में कार्यरत सीनियर सब एडिटर रंजीत सिन्‍हा, जूनियर स‍ब एडिटर सौरभ दीक्षित तथा बदायूं में कार्यरत जूनियर सब एडिटर किशन बाबू मिश्रा ने इस्‍तीफा दे दिया है. बताया जा रहा है कि ये लोग यहां की परिस्थितियों से सामंजस्‍य नहीं बैठा पा रहे थे.

मजीठिया पर अंतिम सुनवाई / फैसला कल यानि चौबीस अक्टूबर को

पत्रकारों और गैर-पत्रकारों के लिए मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू कराने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला 24 अक्टूबर को आने की संभावना है. 24 अक्टूबर को आखिरी सुनवाई होनी है और संभवतः इसी दिन फैसला आ जाना है. इसके पहले इसी महीने की एक तारीख और 3 तारीख को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई.

भास्कर कार्यालय बना मदिरालय (देखें वीडियो)

दैनिक भास्कर का एक ब्यूरो कार्यालय इन दिनों मदिरालय बना हुआ है. यहां कार्यरत पत्रकार और यहीं कार्यरत मार्केटिंग वाला एक बंदा मिलकर शाम को भास्कर कार्यालय को शराबियों का अड्डा बना देते हैं. शाम होते ही कार्यालय में शराब की बोतलें आ जाती हैं और शाम करीब 7 बजे से शराब पीने का दौर शुरू हो जाता है. शहर के कुछ ऐसे शराबी भी यहां जमा होते हैं जो आफिस वालों के करीबी व परिचित होते हैं.

गोपाल स्वरूप बाजपेयी पत्रिका, भोपाल में न्यूज कोआर्डिनेटर बने

गोपाल स्वरूप बाजपेयी ने पत्रिका भोपाल में बतौर न्यूज कोआर्डिनेटर ज्वाइन कर लिया है. उन्हें यहां सिटी रिपोर्टिंग और डेस्क का इंचार्ज बनाया गया है. गोपाल स्वरूप बाजपेयी ने पिछले सप्ताह दैनिक भास्कर, भोपाल से इस्तीफा दे दिया था. वो वहां सिटी रिपोर्टिंग और डेस्क के इंचार्ज थे. पिछले तीन सालों से वे वहां डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर थे. बताया जाता है कि भास्कर में प्रमोशन नहीं मिलने के कारण उन्होंने चेंज किया है.

एमपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के राधा बल्लभ शारदा ने क्रिमिनल को बनाया संभागीय अध्यक्ष

जबलपुर के कुख्यात बाहुबली रज्जाक पहलवान का बदमाश बेटा और कई संगीन मामलों के आरोपी मोहम्मद सरताज को एमपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन ने जबलपुर का संभागीय अध्यक्ष बना दिया है। मोहम्मद सरताज पर रासुका भी लगाया जा चुका है। पुलिस के अनुसार सरताज पर 2002 से 2011 तक कुल 13 प्रकरण चल रहे थे जिसमें 2007 का रासुका का मामला भी है। वह हत्या बलवा मारपीट जैसे छह गंभीर मामलो में फरार चल रहा था।

विक्रम श्रीवास्तव ‘राष्ट्रखबर’ में आउटपुट हेड बने, सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा ईटीवी छोड़ बंसल न्यूज गए

जन सन्देश, सीएनईबी, नेटवर्क10, साधना न्यूज में रहे उत्तराखंड के पत्रकार विक्रम श्रीवास्तव ने राष्ट्र खबर में आउट पुट हेड का पद भार संभाला. पूर्व आउट पुट हेड नवीन के जगह पर प्रबंधन ने उन्हें ये जिम्मेदारी दी है. राष्ट्र खबर दिल्ली एनसीआर के फरीदाबाद सराय ख्वाजा के पास से संचालित होने वाला नेशनल न्यूज चैनल है.

मेरे घर पर और फोन पर प्रमोद महतो ने ज्योति के साथ जो कुछ भी गलत किया और कहा, उसके लिए मुझे खेद है : राजेंद्र यादव

Rajendra Yadav : फेसबुक, ब्लॉग या किसी भी इंटरनेट माध्यम, प्रिंट मीडिया या अन्य जगहों पर ज्योति कुमारी और मेरे बीच पैसों की लेन-देन, साहित्यकार बनाने का प्रलोभन, ज्योति ने महत्वाकांक्ष पूरी करने के लिये संबंध बनाया, आदि बिल्कुल बेबुनियाद और गलत बात है. ‘तहलका’ पत्रिका में मेरे हवाले से जो आया है, वो गलत है. मैंने ‘तहलका’ से कोई बात नहीं की है.

पूरे विश्व से चुने गए दस पत्रकारों में से एक हैं प्रियंका दुबे

Samar Anarya : प्रेरणास्पद होते हुए भी महान लोगों की आम लोगों को डराने वाली कहानियाँ साझा करना हमेशा थोड़ा सा अजीब लगा मुझे.. इसलिए क्योंकि उनमे अक्सर वे विशिष्ट थे, हमसे शायद न हो पाए वाला भाव छुपा होता है. और ठीक इसीलिए हमारे आपके घरों से आने वाली अदम्य जिजीविषा, संघर्ष और हौसलों की परवाज की दास्तान हमेशा आकर्षित करती रही. पर वे इतनी मिलती कहाँ हैं? और उसमे में स्त्रियों की? इतने लम्बे दौर में याद करूँ तो सिर्फ 2 लड़कियों की कहानी साझा की.

तहलका वाले तरुणजीत तेजपाल के नाम खुलापत्र : तहलका से ये उम्मीद न थी

जनाब तरुणजीत तेजपाल साहब, हम जिस तहलका को जानते हैं उसका मतलब विश्वसनीयता का पर्याय होता है। हमें याद है कि रक्षा घोटाले को उजागर करने में आपने किस तरह से स्टिंग और इंस्वेस्टीगेटिव रिपोर्टिंग का शानदार नमूना पेश किया थ। मेरे पास जब भी कोई नौजवान साथी पत्रकारिता की ख्वाहिश लेकर आता है, तो मैं उसे उदाहरण देते हुए कहता हूं कि उत्कृष्ट पत्रकारिता पैसे के लिए और पैसे की जोर से नहीं हो सकती। वह जज्बा मांगती है। हमेशा निष्पक्ष रहने की। जब आपने 2008 में हिन्दी में तहलका शुरू की तो हम जैसे हिन्दी पट्टी के पत्रकारों और पाठकों को उम्मीद थी कि इसमें से अपनी मिट्टी की सुगंध निकलेगी और वह इस मानक पर खरी भी उतरी।

सुनील द्विवेदी बने हिंदुस्तान इलाहाबाद के संपादकीय प्रभारी, दयाशंकर शुक्ल सागर अमर उजाला पहुंचे

हिंदुस्तान, एनसीआर में न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत सुनील द्विवेदी के बारे में सूचना है कि शशि शेखर और प्रताप सोमवंशी ने उन्हें इनाम देते हुए हिंदुस्तान, इलाहाबाद का संपादकीय प्रभारी बना दिया है. अभी तक वहां दयाशंकर शुक्ल सागर संपादकीय प्रभारी हुआ करते थे. उन्होंने अमर उजाला ज्वाइन कर लिया है.

मेरे खिलाफ शिकायत पर रामकृपाल सिंह ने नोट लिखा कि इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए

: नभाटा में चौदह साल की नौकरी के बाद मिला डिसमिसल : संस्थान में एक मैनेजर थे जो कबीर चौरा के फैन थे इसलिए उनके साथ मित्रता का भाव था। वैसे भी वह मेरे हमदर्द थे। संस्थान से नौकरी छोड़ कर अन्यत्र जा रहे थे। जाने से पहले उन्होंने मुझे बताया कि ''मुकुल की चार्जशीट तैयार थी मगर वह त्याग पत्र दे कर चला गया, डॉ. साहब आप सतर्क रहना, अगला नम्बर आपका है, और भी दो-तीन निशाने पर हैं, मगर उनके नाम नहीं बताउंगा और आप से भी वायदा लेना चाहता हूं कि आप यह सब किसी को नहीं बताएंगे।''

पत्रकारों को दिया जाये लैपटॉप व मकान

: श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने भेजा मुख्यमंत्री को पत्र : बोले गोप- गम्भीरता से होगा विचार : बाराबंकी। जिला व तहसील स्तरीय पत्रकारों के लिए आसरा योजना शुरू करते हुए उन्हें लैपटॉप व आई-पेड मकान दिये जाने सहित अन्य कई मांगों के लेकर आज श्रमजीवी पत्रकार यूनियन बाराबंकी ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। ग्राम्य विकास मंत्री अरविन्द सिंह गोप ने पत्रकारों की मांगों पर गम्भीरता से विचार करने व इससे सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को अवगत कराने का आश्वासन दिया है।
 

महिला ऑटो चालकों पर बनेगी डॉक्यूमेंट्री फिल्म

पटनाः पटना में ऑटो चलानेवाली महिलाओं पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘वीमेन ऑन व्हील्स’ का निर्माण किया जायेगा। ’वाह जिंदगी मीडिया सर्विसेज’ के बैनर तले बननेवाली इस फिल्म की अवधि तकरीबन पच्चीस मिनट होगी। वीमेन ऑन व्हील्स के निर्माता राजगीर कुमार सिंह ने बताया कि पटना में महिलाओं का ऑटो चलाना महिला  सशक्तिकरण की दिशा में बेहतरीन कदम है। दुनिया की आधी आबादी महिलायें आज कंधा से कंधा मिलाकर पुरूषों के साथ काम कर रही हैं। रोजगार के किसी क्षेत्र में वे पुरूषों से कम नहीं हैं।

खुदाई से फाइनली सोना निकल गया तो मैं ये मान लूंगा कि…

Vivek Satya Mitram : एक बात तय है, अगर डौंडियाखेड़ा में हो रही खुदाई से फाइनली सोना निकल गया तो…मेरी जिंदगी में कुछ चीजें हमेशा के लिए बदल जाएंगी….जिनपे मुझे यकीन नहीं रहा कभी मसलन –

The four great wars of N. Ram on ‘Hindu’ soil

: ARVIND SWAMINATHAN writes from Madras :

As if to prove the old adage that blood is thicker than water, there have been four rounds of internecine strife in the last 22 years in the undivided Hindu family that owns and runs India’s “most respected” newspaper.

To no one’s surprise, Narasimhan Ram aka N. Ram, the card-carrying Marxist who drove CPI (M) strongman E.M.S. Namboodiripad around town, and was a college mate of current CPI(M) general secretary Prakash Karat, has been the central figure in all four of them.
 

‘खुशहाल’ भूटान में नाखुश पत्रकार

भूटान दुनिया का एकमात्र देश है, जो अपने नागरिकों की खुशी को मुख्य सरकारी नीति बनाने का दावा करता है। लेकिन अगर आप देश के निजी पत्रकारों से पूछेगें, तो वो अलग ही राग अलापेगें। देश के पहले निजी अखबार, भूटान टाइम्स, के 2008 में करीब 100 कर्मचारी थे। आज, आप इस साप्ताहिक अखबार के कर्मचारियों की गिनती उगंलियों पर कर सकते हैं।

विवेकाधिकार मतलब बंटाधार

कई बार हम सुनते हैं कि फलां मंत्री या प्राधिकारी ने फलां काम अपने विवेकाधिकार के तहत किया. हम यह पाते हैं कि विवेकाधिकार का प्रयोग करते हुए एक व्यक्ति के लिए एक प्रकार का सलूक और दुसरे व्यक्ति के लिए दुसरे प्रकार का सलूक हो जाता है. दिक्कत यह होती है कि सम्बंधित प्राधिकारी विवेकाधिकार (डिसक्रिशन) की बात कह कर बच निकले का प्रयास करते हैं और देखा यह जाता है कि अक्सर वे इस आधार पर अपने आप को बचाने में सफल भी हो जाते हैं.

हरदोई में नेतीगिरी करनी हो या पत्रकारिता, नरेश अग्रवाल को तेल लगाना पहले सीख लो

हरदोई के नक्शेबाज सपा नेता ने शहर के बड़का पत्रकारों में शुमार रखने वाले आमिर किरमानी को प्रेस वार्ता के दौरान खुले आम तमाम छोटे-बड़े पत्रकारों के सामने खूब छीछालेदर की। वहां पर मौजूद हरदोई मीडियाकर्मियों की जमकर फजीहत हुई। फिर भी हां में हां करने के साथ ही सभी मुंह ताकते रह गए। तमाम लोगों को बात नागवार गुजरी फिर भी सामने कुछ न बोल पाने के बाद गिले-शिकवे आपस में आज भी जारी हैं। दूसरों की आवाज उठाने वाले मीडियाकर्मी इनदिनों अपने साथी के अपमान का दर्द पी घूंट जी रहे हैं।

दैनिक जागरण के पत्रकार के फार्म हाउस से पुलिस ने दो ट्रक शराब बरामद किया

दैनिक जागरण, लखीमपुर के मैग्लागांज में कार्यरत पत्रकार अखिलेश पांडेय के फार्म हाउस से दो ट्रक शराब पकड़ी गई है. दैनिक जागरण में इस बारे में दो दिन तक खबर ही नहीं छपी. आज जरूर बिना के शराब पकड़े जाने की खबर प्रकाशित हुई है. सीओ मोहम्मदी ने घटना के बारे में पत्रकारों को विस्तार से जानकारी दी.

मीडिया में आत्महत्या

भोपाल में हाल ही में पत्रकार राजेन्द्र राजपूत ने तंत्र से तंग आकर आत्महत्या कर ली। ऐसा करने वाले राजपूत अकेले नहीं हैं। मीडिया वाले अनेक वेबसाइट पर जांचा तो देखा कि हर प्रदेश में एक राजेन्द्र राजपूत हैं। कुछेक राजेन्द्र के नक्शेकदम पर चल पड़े हैं तो कुछेक अभी मुसीबत से घिरे हुये हैं। यह आश्चर्यजनक ही नहीं, दुखद है कि जिन लोगांे ने समाज को जगाने और न्याय दिलाने की शपथ लेकर फकीरी का रास्ता चुना है, आज उन्हें मरने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार गला फाड़-फाड़ कर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की दुहाई दे रही है और पत्रकार एक के बाद एक जान देने के लिये मजबूर हैं।

दुष्यंत की कहानियों में है नयी जीवन स्थितियाँ

दिल्ली।  दुष्यंत की कहानियां बिल्कुल नए जमाने की सच्चाइयों का संधान करती हैं और इसके लिए वे किसी भी पारम्परिक शिल्प को जस का तस स्वीकार नहीं करते।  हिन्दू कालेज की हिन्दी साहित्य सभा द्वारा आयोजित 'रचना पाठ और लेखक से मिलिए' कार्यक्रम में युवा कथाकार दुष्यंत के पहले कहानी संग्रह 'जुलाई की एक रात' पर परिसंवाद में आलोचक रामेश्वर राय ने कहा कि दुष्यंत अपनी कहानियों में जिन जीवन स्थितियों की चर्चा करते हैं वे हमें स्वीकार न होने पर भी उन पर बात करना जरूरी है। 

महेंद्र श्रीवास्तव, अर्चना सिंह, नीतीश कुमार और अशोक राज की लाइव इंडिया संग नई पारी

आईबीएन सेवेन के चार पूर्व पत्रकारों ने नई पारी की शुरुआत लाइव इंडिया चैनल के साथ की है. इनके नाम हैं महेंद्र श्रीवास्तव, अर्चना पुष्पेंद्र सिंह, नीतीश कुमार और अशोक राज. महेंद्र श्रीवास्तव आईबीएन7 में करीब आठ वर्षों से थे. वे इस चैनल के शुरुआत से इसके साथ थे. महेंद्र ने करियर की शुरुआत दैनिक जागरण, मिर्जापुर से की थी. बाद में वे करीब पंद्रह साल तक अमर उजाला, मुरादाबाद और अमर उजाला, इलाहाबाद में सेवारत रहे. महेंद्र श्रीवास्तव का पद लाइव इंडिया में एसोसिएट एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर का है.

Kailash Hospital Noida के Dr . PRAVEEN K KULSHRESHTHA का कारनामा

मेरा नाम अभिषेक है और मैं एक MNC में as a Software Engineer Working हुं. मैंने कुछ मेडिसिन लिया था जिससे मेरे पैरों में दर्द होने लगा था. ये दिक्कत चली जाती अपने आप कुछ दिन में.  बाद में मुझे nervousness हुआ तो मैं Kailash Hospital Noida में treatment के लिए चला गया. वहां मैंने Dr . PRAVEEN K KULSHRESHTHA को VISIT किया.

खुदाई हो गई हो तो फसल बो दो, चिंता की कोई बात नहीं

: उन्नाव में एक हजार टन सोना प्रकरण सपना पीछे छूटा, विवाद आगे बढ़ा : आस्था और अंधविश्वास के बीच बेहद बारीक रेखा खिंची होती है। कई बार इसकी बारीकी राजा से रंक और सरकार से लेकर प्रजा तक नहीं समझ पाती है। कई मौकों पर जनता ही नहीं सरकारें तक आस्था के विश्वास में अंधविश्वास का साथ देते हुए दिख जाती है, जिसका फायदा चन्द्रा स्वामी से लेकर आशा राम बाबू जैसे तमाम कथित संत समय-समय पर उठाते रहते हैं। आस्था के नाम पर भोली-भाली जनता को साधू-संत ही नहीं ठगते हैं।

क्या अमर उजाला अखबार को नवीन जिंदल ने खरीद लिया?

एक जोरदार कानाफूसी इन दिनों मीडिया हलके में यहां से वहां पंख लगाकर उड़ रही है. चर्चा है कि अमर उजाला अखबार को नवीन जिंदल ने खरीद लिया है. डील की रकम सात सौ करोड़ के आसपास बताई जाती है. इस चर्चा को पंख और ज्यादा तब लगे जब फेसबुक पर एक पत्रकार इंदु शेखावत ने यह स्टेटस डाला:

सोने का सपना मोदी के लिए बन गया जी का जंजाल!

सियासी दुनिया में कई बार ज्यादा फुर्तीलापन दिखाना काफी महंगा पड़ जाता है। कुछ ऐसा ही इन दिनों भाजपा के ‘पीएम इन वेटिंग’ नरेंद्र मोदी के साथ हो रहा है। उन्होंने उन्नाव के बहुचर्चित गांव डोडियाखेड़ा में टनों सोने के लिए चल रही महाखुदाई को लेकर पिछले दिनों तीखा कटाक्ष किया था। उनके निशाने पर मनमोहन सरकार थी। लेकिन, मोदी का निशाना गलत जगह लग गया। इससे संत शोभन सरकार भड़क गए हैं। उन्होंने मोदी की खबर ली, तो भाजपा के बड़बोले नेता ने बगैर देरी के ‘यू-टर्न’ लेना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं ‘डैमेज कंट्रोल’ के लिए पार्टी के रणनीतिकारों ने शोभन सरकार की मनुहार भी शुरू करा दी है। खबर तो यह भी है कि पार्टी ने कानपुर के एक अपने विधायक सतीश महाना को मोदी के दूत के रूप में शोभन सरकार के पास भेजा है। ताकि, संत महाराज भाजपा से और ज्यादा कुपित न हों। 

डीजीपी यूपी को अंग्रेजी और क़ानून कम आता है?

आरटीआई के जरिये प्राप्त सूचना से यूपी के डीजीपी द्वारा अंग्रेजी में लिखे विधि के प्रावधानों का ठीक उल्टा मतलब निकाल्रे जाने का एक वाकया सामने आया है. आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने मौलिक भारत नामक एक सामाजिक संगठन का अवैतनिक सदस्य बनने के बारे में डीजीपी को सूचना भेजी. इस पर आईजी कार्मिक तनूजा श्रीवास्तव ने अंग्रेजी में आईपीएस अधिकारियों के आचरण नियमावली के नियम 13(2) का हवाला दिया जिसका अर्थ हुआ कि कोई आईपीएस अधिकारी बिना शासन के किसी पूर्वानुमति के अवैतनिक रूप से सामाजिक कार्य कर सकता है.

सांप मेला

क्या आप किसी ऐसे मेले की कल्पना कर सकते हैं, जहां आकर्षण का केंद्र गोलगप्पे या जलेबी अथवा प्रदर्शनी व झूला नहीं बल्कि विषाक्त सांप हों। मेला परिसर में आपका स्वागत ही सांपों की फुंफकार से हो। लेकिन यह सच है। हम बात कर रहे हैं पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के कोलघाट में हर साल होने वाले सांप मेले की। इस साल का यह मेला आज सोमवार को समाप्त हो रहा है।

गाजियाबाद से ‘पीपुल टुडे’ अखबार लांच, आलोक मेहता ने किया विमोचन

गाजियाबाद से खबर है कि शहर में एक और अखबार ने दस्तक दे दी है। नाम है 'पीपुल टूडे'। फिलहाल यह साप्ताहिक अखबार है। अखबार का विमोचन हो गया। शीघ्र ही यह अखबार दैनिक के रूप में गाजियाबाद से प्रकाशित होगा। विमोचन किया आलोक मेहता ने। ट्रांसपेरेंसी ग्रुप के डायरेक्टर रवि अरोड़ा ने अखबार की पृष्ठभूमि और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार इंदु शेखावत, कुलदीप तलवार, तेलूराम कांबोज, कमल सेखरी, राकेश पाराशर, राज कौशिक, सलामत मियां, अजय औदिच्य, गौरव त्यागी, सत्यपाल चौधरी, पूर्व विधायक रूप चौधरी, गौरव त्यागी आदि ने विचार रखे।

अश्लील कॉल के खिलाफ आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने एफआईआर दर्ज कराई

Amitabh Thakur : आज आजमगढ़ कोतवाली में फर्जी मिस्ड कॉल रैकेट द्वारा पैसे लूटने से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज कराया है. एफआईआर के अनुसार कल (20 अक्टूबर) को मुझे और पत्नी नूतन को हमारे मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबर +93780872199 से मिस्ड कॉल आये. नूतन ने आदत के मुताबिक इस नंबर पर कॉल किया तो दूसरी ओर से एक पुरुष और महिला के बीच अश्लील गन्दी बातचीत सुनाई दे रही थी. जब तक वे फोन काटतीं, उनके 30 रुपये कट चुके थे.

सिद्धार्थ वरदराजन के इस्तीफे की घोषणा के बाद द हिंदू ने क्या छापी खबर, पढ़ें

Changes at the Helm: Editorial and Business

Chennai, October 21, 2013

N. Ravi has taken over as Editor-in-Chief of The Hindu, and Malini Parthasarathy as Editor of The Hindu. Arun Anant is no longer the Chief Executive Officer of Kasturi & Sons Limited, the company that owns and publishes The Hindu Group of publications. N. Ram has become Chairman of KSL and Publisher of The Hindu and Group publications; and N. Murali, Co-Chairman of the company. These decisions were taken by the Board of Directors of the Company at its meeting on Monday.

द हिंदू के संपादक पद से सिद्धार्थ वरदराजन को हटाया गया, बहाना बने मोदी

जो सदिच्‍छा से आया है, उसको एक न एक दिन जाना ही है। सिद्धार्थ वरदराजन के साथ भी खेल हो गया। सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने उनकी विदेशी नागरिकता पर मुकदमा किया और इसी बहाने ''दि हिंदू'' ने उन्‍हें संपादकीय मूल्‍यों से खिलवाड़ करने वाला करार देकर खानदानी कारोबार में अचानक गिरी मक्‍खी की तरह निकाल बाहर किया। ये इस्‍तीफा नहीं है, भले इसे इस्‍तीफा बताया जा रहा हो।

नेटवर्क10 से अशोक पांडेय आउट, उनके खास लोग भी हटाए गए

उत्तराखंड बेस्ड न्यूज चैनल नेटवर्क10 से खबर है कि इसके संपादक अशोक पांडेय को टर्मिनेट कर दिया गया है. ऐसा चैनल की बिक्री के बाद नए प्रबंधन ने किया. अशोक पांडेय के खास लोगों को भी चैनल से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. जहूर जो सीओओ हुआ करते थे और गिरधर ज्वाइंट एडिटर, इन दोनों को भी हटाया गया है. वसी जैदी को नया संपादक बनाए जाने की सूचना है.

कशिश न्यूज ने जिले के स्ट्रिंगरों को सात महीने से एक रुपये नहीं दिया

कशिश न्यूज वालों ने भड़ास पर खबर छपवा दी कि दिवाली से पहले कर्मचारियों को दिवाली तोहफा दे दिया गया लेकिन उन्होंने यह क्यों नहीं छपवाया कि इस बिहारी न्यूज चैनल ने जिले के स्ट्रिंगरों को सात महीने से एक रुपया भी नहीं दिया है… कशिश न्यूज़ का ये कैसा मनेजमेंट….

मुजफ्फरनगर दंगा : विश्वास की डोर में जो गांठें पड़ी हैं, वे अभी ढीली तक नहीं पड़ी हैं

मुजफ्फरनगर और उसके आसपास के क्षेत्र में हुए दंगों को एक महीने से ज्यादा हो चला है। वक्त के साथ खेतों में खड़ी गन्ने की फसल भी बड़ी हो गई है। गन्ने की लहलाहती जो फसल लोगों को मिठास का एहसास कराती थी, आज की तारीख में डराती ज्यादा है। लोग अपने अनुभव बताते हैं कि रात की बात तो दूर, दिन में भी गन्ने के खेतों के बीच से गुजरते वक्त हवा की वजह से र्इंख में थोड़ी-सी भी सरसराहाट होते ही इस आशंका से आदमी अपनी चाल तेज कर देता है कि कहीं कोई वहां से निकलकर उस पर वार न कर दे। यदि एक महीने से ज्यादा गुजरने के बाद भी इतनी दहशत कायम है, तो कहना पड़ता है कि विश्वास की डोर में जो गांठें पड़ी हैं, वे अभी ढीली तक नहीं पड़ी हैं।

पत्रकार स्व. राजेन्द्र की आत्महत्या भ्रष्टाचार की लड़ाई में लड़ते घटी

भोपाल। पत्रकार जब स्वयं व्यवस्था से परेशान हो कर भ्रष्टाचार की जंग लड़ते हुए सुसाइड कर ले तो सिस्टम की असंवेदनशीलता को समझा जा सकता है। पत्रकार राजेंद्र कुमार अंतिम बार शासन के सर्वोच्च अधिकारी मुख्य सचिव एंटोनी डिसा से मिलने की कोशिश की जिसमें वो असफल रहे। इसके बाद राजेन्द्र कुमार गहरी निराशा में डूब गए और आत्महत्या करके यह साबित कर दिया कि मध्य प्रदेश की राजधानी में पुलिस के उच्चाधिकारी से लेकर थानों के सिपाही तक कितने असंवेदनशील हैं।

केजरीवाल, उत्तराखंड और लोकपाल

उत्तराखंड में केजरीवाल की अचानक जरूरत आन पड़ी है। दिल्ली की व्यस्तता के बीच लोकपाल कानून के प्रणेता अरविंद केजरीवाल सौ मील दूर उत्तराखंड निकल पाएंगे, ऐसा मान लेना बेमानी है। राज्य में उत्तराखंड लोकपाल कानून 2013 के असामयिक मौत के हालात पैदा हो गए हैं। सरकार के इरादे की भनक राज्य में सक्रिय एक गैर सरकारी संगठन के बयान से मिल रहा है।

‘नाराज निकम्मा’ ने खूब गुदगुदाया और झकझोरा भी

चूरू : शहर में मॉडर्न थिएटर की पहली प्रस्तुति के रूप में प्रदेश के वरिष्ठ रंगकर्मी दिनेश प्रधान द्वारा निर्देशित हास्य नाटक ‘नाराज निकम्मा’ ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में मौजूद विसंगतियों पर कड़े प्रहार करते हुए दर्शकों को खूब गुदगुदाया और झकझोरा भी। लोहिया कॉलेज में चल रहे राष्ट्रीय सेमीनार के पहले दिन शनिवार शाम को जयपुर की रंगशीर्ष आर्ट एंड कल्चर सोसायटी की ओर से हुए इस मंचन में कलाकारों ने एक से बढकर एक अभिनय कर देशभर से आए शोधार्थियों और शहरवासियों की दाद पाई।

Akshay Kumar gets angry at journalists over a question on his movie ‘Boss’, responds rudely

Jaipur: Bollywood star Akshay Kumar, who was in Jaipur to promote his upcoming movie boss, got upset by a question asked by a journalist and angrily replied to him. “Tu chala ja court, le aa notice,”(You go to court and receive the notice) he said. Co-star Ronit Roy and director Anthony De Souza was all there. The actor talked in a rude tone to the journalist and appeared visibly upset.

बाबा स्वप्नदर्शी शोभन सरकार की जय…. बस ‘स्वप्न में दोष’ न निकले कहीं…

Mayank Saxena : साल था 2005, महीना यही था अक्टूबर और तारीख थी 20…दिन भी याद करा देता हूं गुरुवार था…जगह थी मध्य प्रदेश के बैतूल ज़िले का एक अनजाना सा गांव सेहरा…कुंजीलाल नाम के एक महान ज्योतिषी ने अपनी मौत की ख़ुद भविष्यवाणी की थी…ये इतना महान ज्योतिषी था कि इसकी कभी कोई भविष्यवाणी ग़लत साबित नहीं हुई थी…ये अलग बात है कि इस गांव के अलावा इसका कोई नाम तक नहीं जानता था…

जनसत्ता में रखने के पूर्व प्रभाष जी ने कितनी दफे हमें छलनी में छाना था (पढ़ें एक पुराना पत्र)

अचानक एक सरकारी विभाग ने मांगा कि आप उन सारे प्रतिष्ठानों की नियुक्ति और रिलीविंग का प्रमाणपत्र दीजिए जहां-जहां आपने काम किया है। अब यह कितना मुश्किल था। सिर्फ अमर उजाला का नियुक्ति व रिलीविंग का प्रमाणपत्र अपने पास था। पर वह तो मात्र 19 अगस्त 2002 से 13 फरवरी 2013 तक का है। मांगा गया है अतीत का भी ब्योरा दीजिए। कितना कठिन है। खैर तलाश शुरू हुई। कहीं कोई रिकार्ड नहीं। हो भी कहां से कानपुर, दिल्ली, चंडीगढ़, कोलकाता से फिर कानपुर, दिल्ली, लखनऊ, दिल्ली, मेरठ से पुन: दिल्ली इतना रिकार्ड कौन रखता है।

ये टीआरपी भी बहुत कमीनी चीज है… सोना मिले ना मिले, ये चैनलवाले तो चांदी काट रहे हैं…

Nadim S. Akhter :  ये टीआरपी भी बहुत कमीनी चीज है. दिल है कि मानता नहीं. अब देखिए ना, महाखजाने की महा-महाखोज अब भी जारी है. हिन्दी टीवी चैनलों पर. सारी छीछालेदर के बाद भी. सारे प्रवचनों के बाद भी कि हम तो इस ड्रामे को दिखाने के पक्ष में नहीं हैं और ना थे. अरे भाई, जब आप इस नौटंकी के पक्ष में नहीं हैं तो फिर काहे आधे-आधे घंटे का स्पेशल चलवा रहे हैं अपने चैनल पर. अब भी. यानी आपके खाने के दांत अलग हैं और दिखाने के अलग.

इंदौर में चार नेता पुत्रों ने अपनी सोच, अपने इरादे और अपना विजन रखा

इंदौर। उन्हें राजनीति विरासत में मिली, लेकिन वे अपने राजनेता माता-पिता की छाया से अलग अपनी पहचान बनाने को आतुर हैं। राजनीतिक विरासत को वे अपनी ताकत मानते हैं, लेकिन वे अपने काम और सोच के आधार पर जनता के बीच जगह बनाना चाहते हैं। विरासत के दम पर जनता पर थोपे हुए उम्मीदवार न बनकर स्वीकार्य नेतृत्व देना चाहते हैं। वे पैराशूट प्रत्याशी नहीं, बल्कि पैराटूपर्स कहलाना अधिक पसंद करते हैं। उन्होंने राजनीतिक और कारपोरेट के मिक्सअप मैनेजमेंट को साफगोई से स्वीकार किया। राजनीति को गंदा तालाब कहने वालों के लिए उन्होंने कहा कि तालाब में उतरी बिना यह गंदगी वैâसे साफ होगी। लिहाजा युवाओं को भी राजनीति में आना होगा।

पत्रकार सतीश मोदी सुसाइड मामले में डीएसपी सहित नौ पर केस दर्ज

डबवाली (सिरसा) : पत्रकार सतीश मोदी आत्महत्या मामले में पंजाब पुलिस ने आठ माह बाद हरियाणा पुलिस के एक डीएसपी, चार पुलिसकर्मियों सहित नौ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। 17 फरवरी 2013 को बठिंडा में रेलवे स्टेशन के पास डबवाली निवासी पत्रकार सतीश मोदी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। उनकी पेंट की जेब से तीन पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ था। इसके अतिरिक्त एक अन्य जेब से सुसाइड नोट की एक फोटो कॉपी और सात-आठ रसीद बरामद हुई थी। जिन्हें पंजाब पुलिस ने अपने कब्जे में लिया था।

मीडिया रिपोर्टिंग रोकने की आसाराम की अर्जी पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

नई दिल्ली: एक नाबालिग पर यौन हमले के आरोप में जेल की हवा खा रहे आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हो रही मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि वह इस तरह कोई रोक नहीं लगा सकता है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में पहले से ही मीडिया के लिए गाइडलाइन है। कोर्ट ने मीडिया से भी कहा है कि इस तरह के मामलों में रिपोर्टिंग के वक्त मीडिया को भी सावधानी बरतनी चाहिए। कोर्ट ने मीडिया को सलाह दी कि वह इस केस से संबंधित रिपोर्टिग पूरी जिम्मेदारी और पुराने गाइडलाइन के मुताबिक करे।

पत्रकारीय बनवास से वापस लौटे चंदन प्रताप सिंह, एक चुनावी चैनल से जुड़े

चंदन प्रताप सिंह फिर पत्रकारिता में सक्रिय हो गए हैं. प्रख्यात पत्रकार एसपी सिंह के परिवारीजन चंदन लंबे समय से अज्ञातवास में थे. वे न्यूज एक्सप्रेस चैनल से किन्हीं वजहों से हटने के बाद अब जाकर फिर से एक नए चैनल में बहाली पाए हैं. नया चैनल चुनावी है और लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर लांच किया जाएगा.

संत शोभन ने मोदी से कहा- दीपक चौरसिया को लेकर मेरे आश्रम आइए… (पढ़ें पूरा पत्र)

संत शोभन सरकार ने नरेंद्र मोदी को जो चिट्ठी भेजी है, उसमें अगर किसी एक पत्रकार का नाम है तो वो हैं 'इंडिया न्यूज' चैनल के एडिटर इन चीफ दीपक चौरसिया. शोभन सरकार ने पत्र में मोदी को कहा है कि वे संसद के प्रतिनिधियों और मीडिया की तरफ से दीपक चौरसिया को लेकर आश्रम आ जाएं और सारी शंकाओं का समाधान कर लें. बाबा ने यह भी कहा है कि अगर उनका दावा गलत निकल जाएगा तो दीपक चौरसिया के कहे अनुसार अपना सिर तलवार से अलग कर दूंगा.

पत्रकार सुरक्षा अधिनियम को बालीवुड का सर्मथन

प्रतापगढ़। पत्रकार सुरक्षा अधिनियम बनाए जाने की मां के सर्मथन में शुरू हुआ हस्ताक्षर अभियान बालीवुड पहुंचा। प्रसिद्ध निर्देशक एवं कामेडियन सतीश कौशिक ने प्रथम हस्ताक्षर कर अभियान को सर्मथन प्रदान किया। उन्होनें कहा कि वह एक्ट बनाए जाने का सर्मथन करते हैं ताकि पत्रकारों की लेखनी निडरता और निष्पक्षता से चलती रहे। अभिनेता शरमन जोशी, अभिनेत्री मीरा चोपड़ा, माही गिल, एहसान कुरैशी, प्रसिद्व मेकअप मैन राहुल शिन्दे, सेलिब्रिटी फूड मैनेजर राजू खान, सहित तमाम फ़िल्मों से जुड़े लोगों नें अभियान को सर्मथन दिया।

सीएम शिवराज के दोस्त ने पत्रकार पर दर्ज कराए पांच फर्जी मुकदमे

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कालेज के दोस्त टीआई जनकगंज थाना, लश्कर ग्वालियर, मप्र पिछले 6 महीनों से ग्वालियर के पत्रकार अमित गुप्ता को प्रताडि़त कर रहे हैं। टीआई ने पत्रकार के खिलाफ 5 फर्जी मुकदमे दर्ज करा दिए हैं और पत्रकार की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पत्रकार अमित गुप्ता ने जनवरी 2013 को जनकगंज थाने के अंतर्गत सब्जीमंडी में आरक्षक, हवलदारों द्वारा 200 रू. मिनी ट्रकों को सब्जी मंडी में अंदर जाने का समाचार प्रकाशित करवाया था। सीएम के दोस्त टीआई को इस बात से नाराजगी हो गई, तभी से टीआई द्वारा पत्रकार को प्रताड़ित करने लगेस कई बार धमकी भी दी गई।

आत्महत्या करने वाले पत्रकार राजेंद्र पर भोपाल के एक व्यक्ति ने कई आरोप लगाए

भोपाल : पिछले दिनों भोपाल में मंत्रालय की चौथी मंजिल पर मुख्य सचिव कार्यालय के समक्ष नाटकीय ढंग से आत्महत्या करने वाला राजेन्द्र राजपूत खुद को पत्रकार बताता था, किन्तु वह निकला ब्लैकमेलर और थानों का फरार मुलजिम। यही नहीं लोगों को डॉक्टर बनाने के नाम पर राजपूत ने लाखों रुपये उदरस्थ किये जिसकी एफआईआर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में दर्ज है। साथ ही हरियाणा के सोनीपत में भी 6 सितंबर 2010 से यह फरार घोषित है।

आत्महत्या करने वाले पत्रकार राजेंद्र का परिवार पहुंचा सीएम हाउस

भोपाल : मंत्रालय परिसर में जहर खाकर आत्महत्या करने वाले पत्रकार राजेंद्र कुमार राजपूत का परिवार उनका अस्थि कलश लेकर सीएम हाउस पहुंच गया। परिवार मुख्यमंत्री से मिलकर मामले की सीबीआई जांच की मांग करना चाह रहा था, लेकिन पुलिस ने उन्हें हाउस में प्रवेश करने से रोक दिया। मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने भी परिवार की मांगों का समर्थन करते हुए सीबीआई जांच की मांग की।

वीरेंद्र यादव के विमर्श के वितान में आइस-पाइस यानी छुप्पम-छुपाई का खेल

: इस आलेख को पढ़ने के पूर्व कृपया नोट कर लें कि वामपंथी अवधारणा के तहत वीरेंद्र यादव की नज़र में राम मनोहर लोहिया फ़ासिस्ट हैं। न सिर्फ़ फ़ासिस्ट हैं, नाज़ी हैं, हिटलर के अनुयायी भी हैं लोहिया :

भाजपा की कानपुर रैली में धूप में तपते रहे मीडियाकर्मी, मीडिया प्रभारी रहे मस्‍त

भाजपा का मीडिया मैनेजमेंट कितना कारगर है, यह कानपुर में नरेंद्र मोदी की रैली में देखने को मिला. इस रैली में मीडिया को उचित व्‍यवस्‍था देने के लिए राष्‍ट्रीय मीडिया प्रभारी श्रीकांत शर्मा और प्रदेश मीडिया प्रभारी मनीष शुक्‍ला ने कई राउंड की मीटिंग की थी, लेकिन जब सुविधाएं देने की बारी आई तो यह सारी मीटिंग फेल हो गई. मीडियाकर्मियों को धूप में बैठकर रैली की रिपोर्टिंग करनी पड़ी. इस अव्‍यवस्‍था से मीडियाकर्मियों में खासी नाराजगी देखने को मिली.

थाईलैंड में बम विस्फोट से पांच पत्रकार घायल

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की ख़बर है कि थाईलैंड के दक्षिणी प्रांत नरथीवात में शनिवार को हुए दो बम-धमाकों में पाँच पत्रकारों सहित तेरह लोग घायल हो गए हैं। पहला बम-विस्फोट शनिवार की सुबह तब हुआ, जब छह अर्द्धसैनिक सड़कों पर गश्त कर रहे थे। उन सभी को बम के छर्रे लगे हैं।

शाहजहांपुर में श्रीटाइम्‍स ने हिस्‍ट्रीशीटर को बनाया संवाददाता

: संपादक से शिकायत : पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जता है। समय के साथ-साथ लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को दीमक लगने लगी है। अब पत्रकारिता में आने वाले ज्यादातर पत्रकारों का मकसद पैसा कमाना हो गया है। इसी क्रम में अखबार प्रबंधन ऐसे लोगों को भी पैसे लेकर पत्रकार बना दे रहा है, जो गैरकानूनी कामों में संलिप्‍त रहे हैं। ताजा मामला श्री टाइम्‍स, शाहजहांपुर से जुड़ा हुआ है। यहां एक हिस्‍ट्रीशीटर को अखबार का संवाददाता बना दिया गया है।

कभी किसी मुस्लिम नेता ने सऊदी अरब और दूसरे मुस्लिम देशों में धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था होने की बात नहीं की

दैनिक ‘सहाफत’ ने मुसलमान और सेक्युलरिज़्म के शीर्षक से लिखा है कि मुसलमानों का ये रवैया बहुत अजीब है कि जिन देशों में मुसलमान बहुसंख्यक हैं और जिन्हें मुस्लिम देश कहा जाता है, वहां कभी सेक्युलरिज़्म का नाम नहीं लिया जाता, लेकिन जिन देशों में मुसलमान अल्पसंख्यक हैं, वहां मुसलमानों की तरफ़ से बराबर सेक्युलर यानी धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था पर जोर दिया जाता है.

पत्रकार पंकज सुसाइड मामले में विधायक रामकिशन की अग्रिम जमानत याचिका रद्द

अंबाला के हल्का नारायणगढ़ के विधायक व हरियाणा के संसदीय सचिव रामकिशन गुर्जर की नारयणगढ़ के पत्रकार पंकज खन्ना आत्महत्या मामले में मांगी गई अग्रिम जमानत याचिका को रद्द कर दिया गया है। नारायणगढ़ के पत्रकार पंकज खन्ना ने 10 जून 2009 को आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले पंकज ने अपने लिखे सूइसाइड नोट में विधायक रामकिशन गुर्जर, अजीत और विजय कुमार को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने इस मामले में तब जाकर मामला दर्ज किया था जब पंकज खन्ना के पिता यशपाल खन्ना ने पंकज की लाश को दो दिनों तक सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था।

पंजाब केसरी ने एक युवक को बना दिया कुकर्मी, बवाल बढ़ा तो खंडन छापा

पंजाब केसरी भिवानी संस्करण ने एक युवक को कुकर्मी बना दिया। पंजाब केसरी जालंधर ने अपने भिवानी संस्करण में दिनांक 18 अक्तूबर को एक समाचार प्रकाशित किया कि एक 7 साल के बच्चे के साथ युवक ने किया कुकर्म। यह समाचार पेज नम्बर 3 पर प्रमुखता से छापा गया जबकि हकीकत कुछ और ही थी।

शाहजहांपुर में फर्जी पत्रकारों पर जिला प्रशासन करेगा कार्रवाई

शाहजहांपुर : जिला प्रशासन अब फर्जी पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। इसका निर्णय डीएम की अध्यक्षता में हुई जिलास्तरीय स्थाई पत्रकार समिति की बैठक में लिया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में समिति के सदस्यों ने मुद्दा उठाया कि जिले में दर्जनों फर्जी पत्रकार सक्रिय हैं। वाहनों पर प्रेस लिखाए हुए हैं। जिनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस पर जिलाधिकारी राजमणि यादव ने कहा कि मीडिया और प्रशासन के बीच आपसी सौहार्द बना रहे। उन्होंने कहा कि सहायक निदेशक सूचना जिला प्रशासन एवं पुलिस कप्तान को अधिकृत पत्रकारों की सूची उपलब्ध कराएं जिससे फर्जी मीडिया कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

आजमगढ़ में शराब पीकर मरने वालों की संख्या छिपा रही है सरकार

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर और आदित्य ठाकुर ने आज आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर तहसील में शराब पीने से हुई मौत के मामलों में आदमपुर गाँव में जा कर यह पाया कि इस गाँव में घूरे (70), शास्त्री (40) पुत्र घूरे, संजय (35) पुत्र घूरे, गोपाल (38), प्यारे (35) पुत्र विश्वनाथ, मोती (60) तथा सुकरे अर्थात सात लोगों की मौतें हुईं जबकि पुलिस और चिकित्सा विभाग के लोगों ने इनमे मात्र प्यारे, संजय और घूरे यानी केवल तीन लोगों का पोस्टमोर्टम किया. प्यारे का भी पोस्टमोर्टम तब हुआ जब गाँव वालों ने इसके लिए पुलिस पर दवाब बनाया. मोती के मामले में पुलिस की मौजुदगी में ही बिना पोस्टमोर्टम के लाश घरवालों को दे दी गयी.

धोखेबाजों ने अब पीएफ खातों में भी सेंध लगा दी है… इसलिए, आपका पीएफ खतरे में

आम तौर पर सरकारी या बेसरकारी कर्मचारियों की परवाह वेतन और भत्तों की जितनी होती है, उतनी भविष्यनिधि, ग्रेच्युटी और पेंशन की नहीं होती। अगर कोई हालत वक्त से पहले पीएफ निकालने की होती है, तभी खोजबीन करते हैं लोग। वरना लोग ताजिंदगी रिटायर होने से पहले पीएफ खाते में झांककर नहीं देखते। अगर आपने अपने प्रोविडेंट फंड (पीएफ) खाते को इन दिनों चेक नहीं किया है, तो जरूर उसकी जांच कर लें। क्या पता आपके पीएफ खाते में भी निगेटिव बैंलेस दिख रहा हो। जी हां, धोखेबाजों ने अब लोगों के पीएफ खातों में भी सेंध लगा दी है।

सोना न मिलने के बाद एएसआई और जीएसआई अफसरों पर खीझ निकाल रहे चैनल वाले

Shivam Bhardwaj : "खिसियानी बिल्ली खम्बा नोचे….." कुछ ऐसा ही हाल इस समय हमारे हिंदी न्यूज चैनलों का हो रहा है ! बेचारे कितनी शिद्दत के साथ डौंडीखेड़ा से "महाखाजाने की महकवरेज" कर रहे थे….. बता रहे थे कि १००० टन सोना मिलने पर इसका क्या क्या सदुपयोग किया जा सकता है…. बाबाओं के इंटरव्यू दिखा रहे थे, नेताओं की राय ले रहे थे खजाने के उपयोग और उसपर अधिकार के सम्बन्ध में !

1,000 Journalists Present History’s First Media Social Responsibility Declaration

: From a Rio Declaration to a Rishikesh Declaration : PARMARTH NIKETAN, RISHIKESH – Today, nearly 1000 journalists from across India and nations abroad pledged their commitment towards working to ensure a clean and free-flowing Ganga River in history’s first Media Social Responsibility Declaration. The Declaration urges specific immediate action from the Central and State Governments to preserve the sanctity and cleanliness of the River Ganga and its tributaries. The journalists acknowledged the crucial responsibility that the media bears in the national and international pursuit of keeping vital water sources, especially life-giving rivers, free-flowing and unpolluted.

रोज पंद्रह हजार रुपये की चाय पी जाते हैं उत्तराखंड के सीएम विजय बहुगुणा!

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा रोजाना चाय पीने पिलाने पर पंद्रह हजार रुपये खर्च कर देते हैं. जी हां. ये बहुगुणा जी उसी पार्टी के हैं जिसके लोग कहते हैं कि आम आदमी पंद्रह रुपये में पेट भर खाना खा सकता है. पर इसी पार्टी के एक नेता जो सीएम के पद पर हैं, खुद सिर्फ चाय पीने पिलाने पर पंद्रह हजार रुपये खर्च कर डालते हैं.

इलाहाबाद के एक क्राइम रिपोर्टर ने बीएड कराने और नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों वसूले!

बड़े अखबार का भय दिखाकर रिपोर्टर पहले कैसे दलाली करता है और बाद में पैसे हड़प जाता है यह देखने को मिल रहा है इलाहाबाद के एक बड़े अखबार में। यहां पर कार्यरत क्राइम रिपोर्टर ने कई लोगों से बीएड, पीएचडी और माध्यमिक स्कूलों में नौकरी के नाम पर लाखों की रकम बटोरी। नेहरू ग्रामभारती विश्वविद्यालय से बीएड कराने के लिए आधादर्जन लोगों से प्रति व्यक्ति 70 से 80 हजार रूपये ले लिये। पैसे वसूलने के बाद इसने सभी को विवि का फर्जी अंकपत्र भी दिलवा दिया। जांच में सभी अंकपत्र फर्जी निकले।

वसूली-ब्लैकमेल से बचने को बड़े बिल्डर, चिटफंडिये और सरकारी कांट्रेक्टर खोल लेते हैं चैनल-अखबार

Deepak Sharma : फेसबुक में मैसेज और कमेंट्स में बहुत से मित्र पूछते हैं कि न्यूज़ चैनलों का कंटेंट इतना चीप क्यूँ है? खासकर हिंदी चैनलों में छिछले और चीप शो क्यूँ दिखाए जाते हैं? हाँ, एक और सवाल जो लोग पूछते हैं …क्या पत्रकार सरकार (के दफ्तरों) में दलाली और लाइजनिंग भी करते हैं? मित्रों पिछले ११ साल से मैं आजतक में हूँ और ये कह सकता हूँ कि इन्डिया टुडे ग्रुप में कोई पत्रकार दलाली करके रह नहीं सकता. यही नहीं इन्डिया टुडे ने आपातकाल से लेकर कोयला घोटाले तक हमेशा बेधड़क रिपोर्टिंग की है. देश में बचे-खुचे वरिष्ठ पत्रकार इस तथ्य की पुष्टि कर सकते हैं.

दबंग दुनिया मुंबई : न अखबार शुरू हुआ और न पत्रकारों को पैसे मिले

: पत्रकारों के पैसे खा कर फिर लांच का ढकोसला :  मुम्बई में हिन्दी अखबार 'दबंग दुनिया' लांच करने का एक छलावा करने और नियुक्त किये गए पत्रकारों की पेमेंट हजम करने के बाद जब पत्रकार इस अखबार को छोड़ कर चले गए तो दूसरी बार फिर इसे लांच करने का ढकोसला किया जा रहा है और इस बार नए पत्रकारों को लेकर उन्हें फिर से चूना लगाने की तैयारी है…

वो जो एचटी दफ्तर के बाहर दस साल से धरने पर बैठे हैं

कल भड़ास वाले यशवंत जी की फेसबुक वाल पर पता चला कि एचटी मीडिया के एक कर्मचारी पिछले दस सालों से धरने पर बैठे हैं. इसके बाद मैंने तय किया कि मुझे भी इनसे मिलना चाहिए. इसी सिलसिले में कनाट प्लेस के हिन्दुस्तान टाइम्स दफ्तर के सामने गया. सुना था कि पिछले 2004 से कोई अपने मैनेजमेंट के द्वारा प्रताड़ित, धरने पर बैठे हैं. एचटी हाउस के गेट पर पहुंचा तो सोचा कि देखूं कि कहां पर धरना दिया जा रहा. पहले तो पता नहीं चला कि कहां बैठे हैं, एचटी मीडिया के गेट के ठीक बगल में गौर से देखने पर ये पता चला कि यहां कोई तम्बूनुमा आकृति विद्यमान है, और जांच पड़ताल के बाद ये मालूम पड़ा कि यही वो धरनास्थल है.

खोजी पत्रकारिता के विद्रूप होते चेहरे पर अनुपम मिश्र ने चिंता जताई

दिल्ली : 'गांधी शांति प्रतिष्ठान', नई दिल्ली द्वारा आयोजित 'पत्रकारिता एवं लेखन कार्यशाला' के उद्घाटन सत्र में शामिल होने का मुझे अवसर प्राप्त हुआ. दस दिवसीय इस कार्यशाला में पत्रकारिता की विधा में आने वाले नवागन्तुक लोगों को लेखन और पत्रकारिता के बारे में समझने का अवसर प्राप्त होगा. उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक जनसत्ता के प्रधान संपादक ओम थानवी जी ने पत्रकारिता के सामाजिक सरोकार तथा व्यवसाय के सम्बन्ध में अपना वक्तव्य दिया.

उत्‍तराखण्‍ड में महिला पत्रकारों के लिए वूमेन हॉस्टल बनेगा : बहुगुणा

उत्तराखण्ड में श्रमजीवी पत्रकारों की समस्याओं पर विचार कर आवश्यक कार्यवाही के लिए राज्य सरकार एक समिति बनाएगी। कार्यरत महिला पत्रकारों के लिए एक वूमेन हॉस्टल बनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में श्रमजीवी पत्रकारों को जो सुविधाएं मिल रही हैं, उत्तराखण्ड में भी वे ही सुविधाएं श्रमजीवी पत्रकारों को मिलेंगी। परमार्थ निकेतन ऋषिकेश में इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट के 66वें नेशनल अधिवेशन में 'गंगा स्वच्छता में मीडिया की भूमिका' विषय पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेवारी है।

एसएसपी वाराणसी द्वारा एएसपी यातायात गोपेश के उत्पीड़न मामले की जांच तीन दिनों में हो

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने एसएसपी वाराणसी अजय कुमार द्वारा अपने अधीनस्थ कार्यरत एएसपी यातायात गोपेश कुमार खन्ना के उत्पीड़न किये जाने के मामले में डीजीपी यूपी देवराज नगर को पत्र लिख कर तीन दिनों में डीजी या एडीजी स्तर के अधिकारी से जांच कराये जाने की मांग की है.

मुजफ्फरनगर दंगे से जुड़ी पिटीशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में वकील नौशाद खान के साथ दुर्व्यवहार

Himanshu Kumar : क्या आपको मालूम है अभी एक सप्ताह पहले, भारत के सर्वोच्च न्यायलय में एक मुसलमान वकील को मुज़फ्फर नगर दंगों पर नागरिक जांच दल की रिपोर्ट पेश करने की कोशिश करने पर हिंदू वकीलों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश की मौजूदगी में कालर पकड़ कर सर्वोच्च न्यायालय से घसीट कर बाहर कर दिया? मुझे पदचाप सुनाई दे रही है रामराज्य की.

दैनिक भास्कर के संपादक की सहमति से डीएनई ने कैसे किया पार्षद को ब्लैकमेल, सुनें ये छह टेप

दैनिक भास्कर, बांसवाड़ा के स्थानीय संपादक तरुण रावल और डिप्टी न्यूज एडिटर हेमंत पाठक ने किस तरह एक पार्षद को ब्लैकमेल किया, निगेटिव खबर न छापने के लिए दो लाख रुपये मांगे और फिर मामला सत्तर हजार रुपये से लेकर पचास हजार रुपये के बीच में झूलता रहा, इस बारे में पूरा विवरण नीचे दिए गए छह आडियो टेपों में है.

भास्कर के संपादक और डीएनई ने पार्षद से खबर के नाम पर मांगे दो लाख रुपये, ये है पूरी बातचीत

बांसवाड़ा । नगर परिषद बांसवाड़ा में मनोनीत पार्षद मनीष एन. त्रिवेदी के खिलाफ दैनिक भास्कर ने 19 सितंबर 2013 को पेज नंबर 2 पर 'गिरफ्तारी वारंट जारी' के शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। इसके पश्चात उक्त समाचार पत्र के संवाददाता (डीएनई-डिप्टी न्यूज एडीटर) हेमंत पाठक ने करीब पांच से अधिक बार दिनांक 22 सितंबर 2013 से 24 सितंबर 2013 तक पार्षद से मोबाइल पर बात की।

दयाशंकर शुक्ल ‘सागर’, तरुण रावल, हेमंत पाठक, अवनीश सिंह, विजय शुक्ला, कुमार मुकुल के बारे में सूचनाएं

हिंदुस्तान, इलाहाबाद के संपादकीय प्रभारी दयाशंकर शुक्ल 'सागर' को लेकर कुछ चर्चाएं सामने आई हैं. बताया जा रहा है कि वे अमर उजाला के हिस्से बनने जा रहे हैं. संभवतः उन्हें डिप्टी एडिटर का पद आफर किया गया है. कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने अमर उजाला ज्वाइन कर लिया है और लखनऊ में बैठेंगे. वहीं कुछ का कहना है कि उन्होंने अमर उजाला का आफर कबूल नहीं किया है. उधर, अमर उजाला, लखनऊ के स्थानीय संपादक पंचोली को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं कि उनका तबादला होने वाला है. बताया जा रहा है कि उन्हें अमर उजाला के नोएडा स्थित मुख्यालय बुलाया गया था.

सतीश के. सिंह होंगे सहारा ग्रुप के ‘समय’ न्यूज चैनल के एडिटर इन चीफ, नोएडा मुख्यालय में आफिस बनना शुरू

सहारा मीडिया टीवी नेटवर्क से एक बडी खबर यह आ रही है कि सतीश के. सिंह सहारा ग्रुप के एडीटर इन चीफ की हैसियत से ज्वाइन करने वाले हैं. चैनल के अंदरखाने से आ रही खबरों के मुताबिक सतीश के. सिंह की ज्वाइनिंग एक या दो दिन में किसी भी समय हो सकती है. बताया जा रहा है कि सहाराश्री ने सतीश के. सिंह के नाम पर एडिटर इन चीफ के लिये अपनी मुहर लगा दी है. इसी आधार पर नोयडा आफिस में उनके लिये केबिन तैयार किया जाना शुरू कर दिया गया है. सतीश के. सिंह जिस आफिस में बैठेंगे उसकी फिनिशिंग बड़े स्तर पर की जा रही है.

जोशी के कंधे पर किसकी बंदूक?

मितभाषी मनोहर जोशी के कंधे पर किसकी बंदूक है? महाराष्ट्र की राजनीतिक जिज्ञासा के पिपासु परेशान है। बंदूक से दनादन गोलियों की बौछार हो रही है और उद्धव ठाकरे चाहकर भी नहीं बच पा रहे हैं। दशहरा रैली के रंग में भंग करने के बाद अब 75 साल के बुजुर्ग ने चिंघाड़ मारी है कि वो शिवसैनिक है। शिवसेना के पहले मुख्यमंत्री को आखिर गुर्राते हुए क्यों परिचय देना पड़ रहा है? जिसे शिवसेना ने भारतीय लोकतंत्र की सर्वश्रेष्ठ कुर्सी यानी लोकसभा के स्पीकर के तख्त पर पहुंचा दिया है, उसे अधेड़पन में बताने की जरूरत क्यों पड़ रही है कि वो शिवसैनिक है। इसका राजनीतिक मायने निकाला जाना जरूरी है। जाहिर तौर पर यह सब शिवसेना के कर्णधार को बिदकाने के लिए हो रहा है।

पत्रकारिता के मास्टरों-छात्रों ने भी हिंदी न्यूज चैनलों को उनके हाइपर रवैये पर खरी-खोटी सुनाई

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में देश के लिए कौतुहल का केंद्र बना उन्नाव जिले के डौडिया खेड़ा गांव में हो रही महाखजाने की खुदाई पर चर्चा आयोजित की गई। इसमें खजाने की खुदाई को लेकर हुए घटना क्रम पर छात्रों और शिक्षकों ने अपने विचार रखे। कौतुहल के पीछे एक साधु के सपने की सत्यता पर भी सवाल उठाए गए।

कारपोरेट घराने टीवी के बाद न्यू मीडिया माध्यम पर भी कब्जे का प्रयास करेंगे

हिंदी में विविध किस्म के लेखों को प्रकाशित करने वाले पोर्टल पोर्टल प्रवक्ता डॉट काम के 5 वर्ष पूरे होने पर इसके संचालकों द्वारा एक गोष्ठी का आयोजन स्पीकर हाल, कांस्टीट्यूशन क्लब, दिल्ली में किया गया. गोष्ठी का विषय था ''नया मीडिया एवं जनसंवाद'', तथा मंचासीन थे बेब जर्नलिज्म के शुरुआत से ही इस माध्यम के साथ रहे जयदेव कर्णिक, वरिष्ठ पत्रकार एनके सिंह एवं राहुल देव, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के नोएडा सेन्टर के निदेशक जगदीश उपासने और प्रवक्ता बेबसाइट का संचालन देख रहे भारत भूषण थे.   इस गोष्ठी में न्यू मीडिया के स्वरूप उनकी जन संवाद में उपयोगिता के बारे में बात हुई, जिसमें मंचासीन दिग्गजों के विचारों को समझने का मौका मिला.

वर्ष 2013 का हेमंत स्मृति कथा सम्मान युवा कवि हरेप्रकाश उपाध्याय के नाम

मुंबई : कादंबिनी, जनसंदेश टाइम्स, डेली न्यूज एक्टिविस्ट समेत कई मैग्जीनों-अखबारों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके और इन दिनों लखनऊ में रहते हुए 'समय सरोकार' मैग्जीन का संपादन कर रहे युवा कवि हरे प्रकाश उपाध्याय को वर्ष 2013 का हेमंत स्मृति कथा सम्मान देने की घोषणा की गई है. यह सम्मान हेमंत फाउंडेशन, मुंबई की तरफ से दिया जाएगा. फाउंडेशन कार्याध्यक्ष सुमीता प्रवीण की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है.

सीबीआई ने इस बार प्रधानमंत्री को ही फंसा दिया!

सीबीआई के बारे में कहा जाता है कि यह विरोधियों को फंसाने का सबसे बड़ा तंत्र है, लेकिन इस बार सीबीआई ने ऐसा दांव मारा है कि सरकार तो सरकार, उसके सरताज यानी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी उसके जाल में फंसते नजर आ रहे हैं। कोयला-घोटाले पर अपनी 14वीं एफआईआर में सीबीआई ने ‘हिंडालको’ के आदित्य बिड़ला ग्रुप और पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख को फंसाया है लेकिन पारेख ने कहा है कि बिड़ला को कोयला-खदान देने का दोष यदि उनका है तो उनसे बड़ा दोष तो प्रधानमंत्री का है, क्योंकि उस समय वे ही कोयला मंत्री थे। उनके दस्तखत के बिना पारेख की सिफारिश की कोई कीमत नहीं होती।

ब्यूरो चीफ के चलते गुडगांव नवभारत टाइम्स से बीपी पांडे का पंद्रह साल पुराना नाता टूटा

नवभारत टाइम्स, गुड़गांव में पिछले 15 साल से कार्यरत सीनियर पत्रकार बीपी पाण्डे को अचानक निकाल दिया गया। बताया जाता है कि पिछले कई सालों से बीपी पांडे और नभाटा के ब्यूरो चीफ के बीच आपसी खीचतान चल रही थी। बीपी पाण्डे को एनबीटी के संपादक राम कृपाल का करीबी माना जाता है. यही वजह है कि बीपी पाण्डे पर ब्यूरो हावी नहीं हो पा रहे थे.

मनमोहन और आसाराम को खजाने की खोज वाली खबर से फायदा मिला : दिबांग

Nadim S. Akhter : तो महाखजाने की महाखोज ने विश्व हिन्दू परिषद की संकल्प यात्रा की हवा निकाल दी. टीवी चैनलों पर खबर ही गायब रही. ना कोई कैमरा और ना कोई एक्शन. पता ही नहीं चला कि संकल्प यात्रा निकली भी कि नहीं और अगर निकली तो क्या हुआ. मौजूदा घटनाक्रम ये बताने के लिए काफी है कि आज के टीवी युग में आंदोलन और यात्राएं मास मीडिया के जरिए ही सम्पन्न होती हैं या यूं कहें कि कराई जाती हैं.

अंग्रेजी के चैनलों ने सोने की खोज को ‘राष्ट्रीय मिशन’ नहीं बनाया है

Nadim S. Akhter : कहते हैं हिन्दी और अंग्रेजी पत्रकारिता में अंतर नहीं. लेकिन महाखजाने की महाकवरेज में हिन्दी-अंग्रेजी की सोच का अंतर साफ दिख रहा है. अंग्रेजी के चैनलों ने सोने की खोज को 'राष्ट्रीय मिशन' नहीं बनाया है. वे इसे रूटीन खबर के रूप में ले रहे हैं. रेगुलर बुलेटिन में एक न्यूज स्टोरी. बस. महाकवरेज वहां नहीं दिखता. इस तरह के स्लोगन उन्होंने नहीं चलाए. उल्टे इस बेतुकी खुदाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

खजाने की खोज : जब खूब हंसे अर्णव गोस्वामी और लोटपोट हो गए सुहैल सेठ

Nadim S. Akhter : कल ही इस बात का जिक्र कर रहा था कि हिन्दी और अंग्रेजी के न्यूज चैनलों में कितना फर्क होता है. महाखजाने की महाकवरेज ने इस अंतर को और साफ कर दिया. अंग्रेजी न्यूज चैनलों ने देश को बता दिया कि उनकी सोच, उनका विजन, न्यूज सिलेक्शन, दर्शकों के प्रति जवाबदेही और अपने पेशे के प्रति ईमानदारी की भावना में वे हिन्दी न्यूज चैनलों से कहीं आगे हैं. दिनभर जब हिन्दी वाले महाखजाने की महाखोज को महाभारत के युद्ध में तब्दील कर चुके थे, तब भी अंग्रेजी के लगभग सभी चैनल इस स्टोरी को low tune में चला रहे थे.