विटामिन B17 की कमी से होने वाला कैंसर बीमारी कम, बिजनेस ज्यादा है

कैंसर कोई बीमारी नहीं बल्कि चिकित्सा जगत में पैसा कमाने का साधन मात्र है। पिछले कुछ सालों में कैंसर को एक तेजी से बढ़ती बीमारी के रूप में प्रचारित किया गया। इसके इलाज के लिए कीमियोथिरेपी, सर्जरी या और उपायों को अपनाया जाता है, जो महंगे होने के साथ-साथ मरीज के लिए उतने ही खतरनाक …

इस मीडिया समूह ने अपने कर्मचारियों का स्‍वास्‍थ्‍य बीमा तक नहीं करवाया है…

पत्रकार की मौत : क्‍या संस्‍थान की कवरेज से भर जाएगा परिवार का पेट! शिमला के एक वरिष्‍ठ पत्रकार की मौत पर उसके मीडिया संस्‍थान ने खबरें और संपादकीय लिख कर श्रद्धांजलि दी। पूरा प्रदेश गमगीन हुआ। लेकिन क्‍या इससे उसके परिवार का भविष्‍य संवर जाएगा। ऐसे वक्‍त में एक कर्मचारी को संस्‍थान से आर्थिक मदद के तौर पर जो मिलना चाहिए क्‍या वह मिलेगा।

‘डाक्टर साब, स्मोकिंग अगर छोड़ दूंगा तो अस्थमा से मर जाऊंगा’

As an individual has his own personality, each and every remedy have their own peculiarities also .These both are some of the most relevant symptoms for the selection of appropriate remedy. Alertness of prescriber’s mind catch these symptoms easily but attendant and patient both can not aware about the usefulness of those symptoms. So they will never give them directly.

तंबाकू से एक पत्रकार और उसका परिवार तबाह… इससे पाएं छुटकारा

Ashwini Sharma : आज के मिलावटी युग में कब कौन गंभीर बीमारी का शिकार हो जाए कहा नहीं जा सकता..जीवन भर नशे से दूर रहने वालों को भी मौत खिंचती है और जो लोग इसकी दलील देकर तरह तरह के व्यसन करते हैं उऩका ईश्वर ही मालिक है..आज सुबह गाजीपुर के प्रत्रकार भाई प्रिंस सिंह की पोस्ट पढकर मन व्यथित हो गया..उन्होंने गाजीपुर के हिन्दुस्तान समाचार पत्र के ब्यूरो चीफ विनोद मिश्रा जी की कैंसर से निधन की खबर को अपनी वॉल पर लिखा… विनोद जी पिछले तीन महीने से मुंह के कैंसर से पीड़ित थे..और मुंबई के टाटा समेत कानपुर के अस्पताल में उनका इलाज हो रहा था..प्रिंस भाई ने बताया कि विनोद जी गुटखे और पान का जमकर सेवन करते थे जिससे उन्हें कैंसर हो गया था..वाकई विनोद भाई के असमय निधन से उनके परिवार पर बज्र टूट पड़ा है..ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें और परिवार को हिम्मत दें..साथ ही मैं अपने पत्रकार मित्रों से भी अनुरोध करता हूं कि कृपया जानलेेवा गुटखे से दूर रहें..और हां जो लोग शराब अदि से कुछ ज्यादा ही संगत कर रहे हैं उनसे भी अनुरोध है कि शराब आपके लीवर को खोखला कर देता है..आज आप किसी भी कैंसर अस्पताल में चले जाएं मुंह और लीवर के कैंसर के मरीज सबसे ज्यादा मिलते हैं..याद रखिए आप से आपके परिवार को बहुत उम्मीदें हैं…

कैंसर के पहले और बाद की तस्वीरें

डिमेंशिया के मरीज को होमियोपैथी की इस दवा ने दी बड़ी राहत

Today’s I have a patient suffering from dementia. She is a well built fair complexioned 60 years of age lady forgotten all her past. She is a housewife belonged from a well mannered big joint family in which her husband is elder of three brothers. They all have their own jobs full of satisfaction and joy. Their wives lives with them. In this sense except when they gathered at their parents house they all leaves in a small family with their two three children.

पागलपन की इस अवस्था के लिए कारगर है Agaricus M

There are a lot of the symptoms in materia medica of Homoeopathy for each and every medicine. In between them there are living some rare Peculiar symptoms by which a wonderful prescribing maybe done and a natural cure maybe find as well.

हायमेनोप्लास्टी के जरिए शादी के पहले योनि दुरुस्त कराने का चलन शहरों में बढ़ा

भारतीय समाज में शादी से पहले लड़कियों में कौमार्य अनिवार्य सी शर्त मानी जाती है, और शायद इसीलिए पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित महानगरों में अब ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिनमें लड़कियां सुंदर नैन नक्श की तरह ही कौमार्य भी कृत्रिम तौर पर हासिल कर रही हैं। आम तौर पर शारीरिक संबंधों, खेल संबंधी शारीरिक गतिविधियों या कभी किसी चोट के कारण योनि के भीतर की हायमन झिल्ली फट जाती है, जिसे दुरूस्त कराने की प्रक्रिया हायमेनोप्लास्टी कहलाती है। इस सर्जरी का उपयोग अब कृत्रिम तौर पर कौमार्य पाने के लिए भी किया जा रहा है।

ये थेरेपिस्ट निर्वस्त्र होकर करती है मानसिक रोगियों का इलाज

…व्यक्तिगत समस्याओं से जूझ रहे क्लाइंट से सवाल-जवाब करने के दौरान वह धीरे-धीरे, एक-एक कर अपने कपड़ों की परत उतारती जाती हैं…  किसी मनोचिकित्सक के पास अपने क्लाइंट से उसकी दबी भावनाओं, बातों को उगलवाने के लिए कई तरीके हो सकते हैं लेकिन न्यूयार्क की 24 वर्षीय सराह व्हाइट के पास जो है, वह शायद ही कोई और इस्तेमाल करता हो…. मनोविज्ञान की इस विशेषज्ञ ने इसके लिए नई किस्म की थेरेपी ईजाद की है जिसने इंटरनेट पर लोगों में दिलचस्पी जगाई है. व्यक्तिगत समस्याओं से जूझ रहे क्लाइंट से सवाल-जवाब करने के दौरान वह धीरे-धीरे, एक-एक कर अपने कपड़ों की परत उतारती जाती हैं.

इसे कहते हैं मीडिया की ताकत, एम्स ऋषिकेश झुका (देखें वीडियो)

रोहिनी गुप्ते नामक एक अनाम सी महिला ने फेसबुक पर एक बड़ा मुद्दा उठाया. आखिर क्यों ऋषिकेश में बने एम्स में दिल्ली वाले एम्स से कई गुना ज्यादा रेट पर इलाज होता है? इस एफबी स्टेटस पर भड़ास4मीडिया, जनचौक समेत कई वेबसाइटों की नजर पड़ी. इन पोर्टल्स पर प्रमुखता से खबर छपने के साथ ही एनडीटीवी की टीम ने भी इस पर काम शुरू कर दिया. चर्चित एंकर रवीश कुमार ने इस गड़बड़ी को प्राइम टाइम में प्रमुखता और विस्तार से प्रसारित किया.

ऋषि‍केश एम्‍स में आने वाले मरीजों से लाखों रुपये असंवैधानि‍क रूप से वसूले जा रहे हैं!

उत्‍तराखंड में एम्‍स बना तो लगा कि‍ पहाड़ की पहाड़ सी बीमारि‍यां शायद तलहटी पर आएं। लेकि‍न फि‍लवक्‍त वहां के एम्‍स में जो हालात चल रहे हैं, साफ लग रहा है कि‍ पहाड़ की बीमारि‍यां पहाड़ पर ही चढ़ती जा रही हैं। ऋषि‍केश एम्‍स में आने वाले मरीजों के इलाज से लेकर जांच तक लाखों रुपये असंवैधानि‍क रूप से वसूले जा रहे हैं। कमाल की बात है कि‍ कुछ एक राजनीति‍क दलों के कुछ एक बार के वि‍रोध प्रदर्शनों को छोड़ दें, तो लगता है कि‍ एम्‍स प्रशासन ने यहां के पत्रकारों को बेहोशी की दवा दे दी है, या मर जाने की। पहाड़ के लोग बुरी तरह से परेशान हैं, और पत्रकार चुप बैठे हैं।

तंबाकू, गुटखा, सिगरेट, सुर्ती, पान खाने वाले इस वीडियो को जरूर देखें

भारत में तंबाकू का प्रचलन बहुत ज्यादा है. हर दूसरा शख्स किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करता मिल जाएगा. इस कारण से भारत में तंबाकू जनित रोगों के शिकार भी काफी मात्रा में होते हैं. आप अगर किसी भी रूप में तंबाकू लेते हैं, मसलन सिगरेट, गुटखा, पान, सुर्ती, जर्दा आदि तो आपको जरूर यह वीडियो देखना चाहिए. आपको यह वीडियो देखकर टेस्ट करना चाहिए कि आप कहीं मुंह के किसी रोग के शिकार तो नहीं होने जा रहे.

कोबरा पोस्ट का ‘ऑपरेशन व्हाईट कोट’ : इलाज के दौरान मरीज भले मर जाए, रेफर करने वाले का कमीशन नहीं मरेगा!

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज अपनी जिंदगी बचाने के लिए बड़े और नामी अस्पतालों का रुख करते हैं या फिर कहे उन्हे छोटे अस्पताल से बड़े सेंटर के लिए रेफर कर दिया जाता है। लेकिन इन बड़े अस्पतालों में मरीजों को सिर्फ और सिर्फ पैसा कमाने का जरिया समझा जाता है। रेफर करने वाले छोटे अस्पतालों और डाक्टरों को कमीशन देकर ये बड़े अस्पताल मरीजों को अपने यहां रेफर कराते हैं और फिर इलाज, सर्जरी और ऑर्गन ट्रांसप्लांट के नाम पर उनसे भारी-भरकम कमाई करते हैं।

कोबरा पोस्ट के स्टिंग में फोर्टिस, मेट्रो, यशोदा, कोलंबिया, मैक्स, अपोलो, नानावती समेत दर्जनों अस्पताल हुए नंगा

कोबरा पोस्ट वाले अनिरुद्ध बहल की टीम ने इस बार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जबरदस्त स्टिंग आपरेशन किया है. इस स्टिंग ने कई बड़े नामी गिरामी अस्पतालों के चेहरे से नकाब उतारने का काम किया है. प्राइवेट अस्पताल वाले मरीज रिफर करने पर किस तरह डाक्टरों और छोटे अस्पतालों को अच्छा खासा कमीशन देते हैं, यह स्टिंग आपरेशन का हिस्सा है. यह कमीशन मरीज के मत्थे मढ़ा जाता है. कोबरा पोस्ट की तरफ से इस स्टिंग को लेकर जारी प्रेस रिलीज इस प्रकार है…

नेपाल में बाबा रामदेव के छह प्रोडक्ट लैब टेस्ट में फेल, हटाने के निर्देश

बाबा से व्यापारी बने रामदेव की दिव्य फार्मेसी के 6 उत्पादों को नेपाल सरकार ने बाजार से हटा लेने के निर्देश जारी किये हैं. इस बाबत बाकायदा अख़बारों में नोटिस निकालकर इन्हें बेचने पर रोक लगाई गई है. वज़ह है इन प्रोडक्ट्स का जीवाणु टेस्ट में असफल होना. इससे पहले भारत में भारतीय सेना के लैब टेस्ट में रामदेव के प्रोडक्ट फेल होने से सेना ने अपनी कैंटीन से प्रोडक्ट्स हटा लिए थे और बिक्री पर रोक लगा दी थी.