लखनऊ वाले गांधी और हरिद्वार वाले बाबा के आगे मीडिया क्यों लाचार है…

Naved Shikoh लखनऊ में सीएमएस वाले गांधी और देशभर में बाबा रामदेव के आगे मीडिया के हाथ क्यों बंधे हैं! सुना है देशभर के कार्पोरेट घरानों के लिए काम करने वाली पीआर कंपनियां गांधी और रामदेव के मीडिया मैनेजमेंट पर रिसर्च कर रही हैं। कई इंस्टीट्यूट मास कम्युनिकेशन के पीआर क्लासेस के लिए रामदेव और …

सवाल पूछने भर से संतत्व काफूर हो रहा है तो योगत्व की प्रभावकारिता समझना आसान है…

पुण्य प्रसून और रामदेव विवाद : जब संत व्यापारी हो जाए तो सवाल उठेंगे ही… योग गुरू बाबा रामदेव जी पर मेरी गहरी आस्था है इसलिए नहीं कि वे हिन्दू संत हैं, गोया कि देश-दुनिया में भारतीय योग और स्वदेशी का ब्राण्ड बन चुके हैं. बाजार पतंजलि के उत्पादों से इस कदर भर गया है कि हिंदुस्तान लीवर जैसी कंपनियों के छक्के छूट गए हैं। बाबा की आलोचना को भी मैं दरकिनार करता आया हूं तो इसीलिए क्योंकि दुनिया की नजरों से तो भगवान भी नहीं बच सके थे, बाबा रामदेव तो महज एक इंसान हैं।

…जब रामदेव को उल्टे पांव भागना पड़ा! (देखें वीडियो)

बाबा रामदेव बीते मंगलवार को जोधपुर हवाई अड्डे पर पहुंचे. उन्हें जोधपुर के चौपासनी इलाके के एक होटल में पतंजलि उत्पादों पर एक निजी कार्यक्रम में शामिल होना था. बाबा रामदेव जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचे तो स्वागत करने वालों की भीड़ में काफी संख्या में कांग्रेसी आ गए थे. कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बाबा का भारी विरोध किया. नारे लगाए. कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बाबा रामदेव को देखकर काले धन को वापस लाने सहित कुछ मुद्दों पर सवाल भी उठाए.

प्रियंका की किताब का खुलासा, बाबा रामदेव इन तीन हत्याओं के कारण बन पाए टाइकून!

Surya Pratap Singh :  एक बाबा के ‘फ़र्श से अर्श’ तक की कहानी के पीछे तीन हत्याओं / मौत के हादसे क्या कहते हैं? अमेरिका में पढ़ी-लिखी प्रसिद्ध लेखिका प्रियंका पाठक-नारायण ने आज देश के प्रसिद्ध योगगुरु व अत्यंत प्रभावशाली व्यक्ति, बाबा रामदेव की साइकिल से चवनप्रास बेचने से आज के एक व्यावसायिक योगगुरु बनने तक की कथा अपनी किताब में Crisp facts / प्रमाणों सहित लिखी है। इस पुस्तक में बाबा की आलोचना ही नहीं लिखी अपितु सभी उपलब्धियों के पहलुओं को भी Investigative Biography के रूप में लिखा है।

बाबा रामदेव ने ‘वैदिक’ चैनल लांच किया

बाबा रामदेव ने ने ‘वैदिक’ चैनल लांच किया है. इसे टाटा स्काई पर 1078 नंबर पर देखा जा सकता है. बाबा रामदेव का कहना है कि इस आध्यात्मिक चैनल का मकसद वेद, दर्शन, उपनिषद, रामायण, महाभारत और गीता को घर-घर तक पहुंचाना है.

नेपाल में बाबा रामदेव के छह प्रोडक्ट लैब टेस्ट में फेल, हटाने के निर्देश

बाबा से व्यापारी बने रामदेव की दिव्य फार्मेसी के 6 उत्पादों को नेपाल सरकार ने बाजार से हटा लेने के निर्देश जारी किये हैं. इस बाबत बाकायदा अख़बारों में नोटिस निकालकर इन्हें बेचने पर रोक लगाई गई है. वज़ह है इन प्रोडक्ट्स का जीवाणु टेस्ट में असफल होना. इससे पहले भारत में भारतीय सेना के लैब टेस्ट में रामदेव के प्रोडक्ट फेल होने से सेना ने अपनी कैंटीन से प्रोडक्ट्स हटा लिए थे और बिक्री पर रोक लगा दी थी.

बाबा रामदेव द्वारा सेना को घटिया आंवला जूस सप्लाई करने की खबर को न्यूज चैनलों ने दबा दिया

पतंजलि और बाबा रामदेव के अरबों-खरबों के विज्ञापन तले दबे मीडिया हाउसेज ने एक बड़ी खबर को दबा दिया. भारतीय सेना ने बाबा रामदेव द्वारा सप्लाई किए जा रहे आंवला को घटिया पाया है और इसकी बिक्री पर फौरन रोक लगा दी है. यह खबर दो दिन पुरानी है लेकिन इस मुद्दे पर किसी न्यूज चैनल में कोई चीखमचिल्ली नहीं है. सब बड़े आराम से चूं चूं के मुरब्बा की तरह इस बड़ी खबर को पी गए और देश को बांटने वाले विषयों पर हो-हल्ला जारी रखे हुए हैं.

न्यूज चैनल और अखबार वाले रामदेव की धोखेबाज कंपनी पतंजलि पर जुर्माने की खबर पी गए

Samar Anarya : हरिद्वार की अदालत ने सेठ रामदेव की पतन-जलि आयुर्भेद पर भ्रामक विज्ञापनों के लिए 11 लाख का जुर्माना। 2012 में पतन-जलि के सरसों तेल, नमक, अनानास जैम, बेसन और शहद के घटिया स्तर का पाए जाने पर ज़िला खाद्य सुरक्षा विभाग ने दर्ज किया था मामला!

रामदेव समर्थकों ने बनारस के राजघाट स्थित गांधी विद्या संस्थान परिसर पर कब्जे की कोशिश की

इसी गाड़ी पर सवार होकर अवैध कब्जा करने आए रामदेव समर्थक. वीडियो बना रहा यह कथित बाबा भी कब्जा करने आए लोगों के साथ था.

2 सप्ताह पहले अवैध कब्जाधारियों को हटाने का दिया था कमिश्नर ने आदेश…   बाबा रामदेव के पातंजली योग पीठ के प्रभारी और उनकी टीम ने सर्व सेवा संघ के परिसर में घुसपैठ करने की कोशिश की. कल सुबह रामदेव के लोग परिसर में स्थित गेस्ट हाउस में साफ़ सफाई के नाम पर घुस आये. बिना अनुमति अंदर घुसने का विरोध कर उन्हें बाहर निकाला गया. उसके उपरांत शाम को 5 बजे पतंजली योग पीठ के प्रांतीय प्रभारी अपने लोगों को गाड़ी में भर कर दुबारा आये और परिसर में पुनः प्रवेश करने की जबरन कोशिश की.

रामदेव की दवाएं और सामान न खरीदने के लिए तर्क दे रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार राजीव नयन बहुगुणा

Rajiv Nayan Bahuguna : क्यों न खाएं रामदेव की दवा… मैं कोई रसायन शास्त्री अथवा कीमियागर नहीं हूँ, अतः अपने सामान्य बुद्धि विवेक का प्रयोग कर मित्रों को सलाह देता हूँ कि रामदेव के किसी भी उत्पाद का इस्तेमाल न करें, अपितु बहिष्कार करें।

टीवी पर सबसे ज्यादा विज्ञापन देने वाले उद्योगपति बने बाबा रामदेव

नई दिल्ली। योगगुरु बाबा रामदेव योग के मामले में तो आगे हैं ही, अब चैनल्स को सबसे ज्यादा विज्ञापन देने वाले विज्ञापनदाता भी बन गए हैं। ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी) की रिपोर्ट के अनुसार की पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड सबसे बडी एफएमसीजी एडवर्टाइजिंग कंपनी बन गई है। काउंसिल की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक पतंजलि ब्रांड ने 23 से 29 जनवरी के बीच कैडबरी (16 हजार कमर्शियल्स) को पीछे छोड़ते हुए 17000 से भी अधिक बार टीवी कमर्शियल्स प्रसारित। पतंजलि ब्रांड के अंतर्गत आने वाले प्रॉडक्ट्स के टीवी कमर्शियल्स की संख्या कैडबरी, पार्ले और पॉन्ड्स जैसे दिग्गज ब्रैंड्स के विज्ञापनों से भी ज्यादा रही।

सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रही बाबा रामदेव और बालकृष्ण की ये तस्वीर, जानें क्यों…

 

जब तक कांग्रेस की सरकार केंद्र में थी, बाबा रामदेव रोज काला धन की हुंकार भरते थे. काला धन का हिसाब अपने भक्तों और देशवासियों को बताते थे कि अगर वो काला धन आ गया तो देश की सारी समस्याएं हल हो जाएंगी. काला धन के मुद्दे को नरेंद्र मोदी ने भी लपका और बाबा रामदेव की मुहिम को समर्थन किया. माना जाने लगा कि रामदेव और नरेंद्र मोदी की जोड़ी अगर जीतकर केंद्र में सरकार बनाने में सफल हो गई तो यह तो तय है कि देश में काला धन वापस आ जाएगा. लेकिन जोड़ी के जीतने और सरकार बनाने के बावजूद काला धन देश वापस नहीं आया.

India Tv Blunder : Rajat Sharma put very light questions to Baba Ramdev

New Delhi : The discussion between Baba Ramdev & Rajya Sabha MP K C Tyagi on 1st of May was remarkable. That was the top discussion issue in the media of the day in spite of the fact that the Parliament is in session. All the channels covered the issue on its Erie & given full chance to both opposing personalities to explain their views. Aajtak, Zee News, IBN7, ABP & other leading channels covered this event of debating that issue with the them on equal basis & giving equal weight age to both. 

क्या एबीपी न्यूज अपनी चलाई सनसनियों पर एक बार भी नजर डालने को तैयार है?

Sheetal P Singh : लम्बे समय तक पेड मीडिया और चिबिल्ले चैनल इस कथित बाबा की गप्पों को UPA2 की हैसियत बिगाड़ने के लिये राष्ट्रीय ख़बर बनाते रहे। अब कोई अपनी ही चलाई सनसनियों पर एक बार भी नज़र डालने को तैयार नहीं है… और यह ढोंगी बाबा तो खैर टैक्सपेयर की कमाई से Zplus कैटगरी का हो ही गया!

हर दिन लाखों का विज्ञापन चैनलों पर देने वाले खरबपति बाबा की सुरक्षा पर जनता का धन खर्च होगा

Anil Singh : नेताओं को ही नहीं, कलियुगी साधुओं और बाबाओ को भी सुरक्षा की तगड़ी ज़रूरत है तो बाबा रामदेव को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने Z सुरक्षा देने का फैसला कर लिया है। राजनाथ सिंह ने मन ही मन सोचा – खर्च तो जनधन ही होगा, अपना या अपने पूत का क्या जाता है! कांग्रेस ने बड़ी चोरी की तो भाजपा ने छोटी चोरी की, इसमें क्या बुराई…. इस किस्म के तर्क दे रहे हैं कुछ लोग। मित्र, संत को कभी राजाश्रय या सुरक्षा की ज़रूरत नहीं होती। इसका एक अर्थ तो यही है कि यह बाबा संत नहीं, कुसंत है। दूसरे खरबों की संपत्ति वाला बाबा हर दिन लाखों का विज्ञापन न्यूज़ चैनलों पर दे सकता है तो अपनी सुरक्षा का इंतज़ाम खुद क्यों नहीं कर सकता? आखिर क्यों उस पर हमारा यानी करदाताओं का धन लुटाया जा रहा है?