सुब्रतो की ज़मानत पर फ़ैसला आज, पांच माह से वेतन के बिना बे-सहारा स्टॉफ को बेचैनी से इंतजार

सहारा सुप्रीमो सुब्रत रॉय की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में आज गुरुवार को सुनवाई होने वाली है। सुब्रत रॉय के वकीलों ने दावा किया है कि उनकी जमानत की रकम का इंतजाम हो चुका है। इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि करीब एक साल से तिहाड़ जेल में सजा काट रहे सहारा प्रमुख जमानत पर आज रिहा हो सकते हैं। सुब्रत राय की रिहाई का अगर सबसे ज्यादा बेचैनी से किसी को इंतजार है तो राष्ट्रीय सहारा के मीडिया कर्मियों को। उन्हें पांच-छह महीने से सैलरी ही नहीं दी जा रही है। 

गौरतलब है कि पिछले हफ़्ते सहारा ग्रुप ने ज़मानत के लिए 5,000 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी देने पर सहमति जताई थी। सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय निवेशकों के 24 हज़ार करोड़ रूपये न चुकाने के मामले में 4 मार्च 2014 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय की ज़मानत के लिए 10 हजार करोड़ रूपये सेबी के पास जमा कराने की शर्त रखी है। इसमें से आधी रकम नकद जमा करानी है और आधी रकम की बैंक गारंटी देनी है। 

पांच-छह महीने से सैलरी से वंचित राष्ट्रीय सहारा के मीडिया कर्मियों को सुब्रत राय की रिहाई का सबसे ज्यादा बेचैनी से इंतजार है। बताया जाता है कि स्टॉफ के टॉप वेतनभोगी तो बांए-दांए से अपनी घरेलू जरूरतों की भरपाई कर ले रहे हैं लेकिन स्वाभिमानी पत्रकारों को ऐसे में सबसे अधिक दिक्कतों से दोचार होना पड़ रहा है। इसी बीच पिछले दिनो तिहाड़ जेल में ही मीटिंग कर सुब्रतो रॉय अपने संपादकीय प्रमुखों को कड़ी फटकार लगाते हुए कह चुके हैं कि वे घाटे के कारण अपने चैनलों को बंद करने के साथ ही अखबारी स्टॉफ की छंटनी करना चाहते हैं। इसके पीछे अंदेशा ये जताया जा रहा है कि स्टॉफ के लोग इस तरह की धमकियों से स्वयं नौकरी बचाने की जरूरत वश बैकफुट पर चले जाएंगे और पुराना स्टॉफ बने रहने से ग्रुप का मीडिया वर्क भी प्रभावित नहीं होगा। 

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Comments on “सुब्रतो की ज़मानत पर फ़ैसला आज, पांच माह से वेतन के बिना बे-सहारा स्टॉफ को बेचैनी से इंतजार

  • Pariwar ke mukhiya ke samne unke sadsyo ke bhukhe mane ki naubat aa gai hai aur mukhiya itne bade samrajya ke malik hokar ab apne ko diwaliya ghosit kane me lage hai. ab aise malik ke saath kya karna chahiye swami bhakti karnewalo ab ap hi bataye.

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *