Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

चार न्यूज चैनलों के पांच पत्रकार पश्चिम बंगाल में किए गए गिरफ्तार

पांच पत्रकारों को पश्चिम बंगाल में स्थानीय लोगों के साथ मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पश्चिम मेदनीपुर की इस घटना में एक शख्स के गंभीर चोट भी लग गई। इन पत्रकारों को बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया है। 20 मई को नतीजे घोषित होने के बाद ये सभी पत्रकार वहां एक चाय की दुकान पर बैठकर चाय पी रहे थे। तभी वहां खड़े लोगों ने चुनाव में उनके न्यूज चैनल की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए अभद्र टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं। इसके बाद दोनों गुटों के बीच लड़ाई शुरू हो गई। इस मारपीट में देबराज राय नाम के एक शख्स की टांग टूट गई।

पांच पत्रकारों को पश्चिम बंगाल में स्थानीय लोगों के साथ मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पश्चिम मेदनीपुर की इस घटना में एक शख्स के गंभीर चोट भी लग गई। इन पत्रकारों को बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया है। 20 मई को नतीजे घोषित होने के बाद ये सभी पत्रकार वहां एक चाय की दुकान पर बैठकर चाय पी रहे थे। तभी वहां खड़े लोगों ने चुनाव में उनके न्यूज चैनल की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए अभद्र टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं। इसके बाद दोनों गुटों के बीच लड़ाई शुरू हो गई। इस मारपीट में देबराज राय नाम के एक शख्स की टांग टूट गई।

उन लोगों ने मीडियाकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी और स्थानीय नेताओं से कहलवाकर सबको हिरासत में लेने का दबाव बनाया। इसके बाद पुलिस ने 5 मीडियाकर्मियों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। जिन लोगों को पुलिस ने पकड़ा उसमें एबीपी न्यूज के अमिताभ रथ, ईटीवी के राजू सिंह, 24घंटा के सौरव चौधरी, आजतक के देबिन तिवारी और एबीपी न्यूज के कैमरामैन आलोक शामिल थे। सभी पर पुलिस ने संयम खोने के लिए धारा 341, इरादतन खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने के लिए धारा 326, गैर इरादतन हत्या की कोशिश के लिए 308, अपराधिक धमकी के लिए धारा 506 और समूह बनाकर किसी अपराध को अंजाम देने के लिए धारा 34 लगाई है। गिरफ्तारी के बाद रविवार को वहां की स्थानीय कोर्ट ने सभी को जमानत पर छोड़ दिया।

पुलिस ने बताया कि उनके मौके पर पहुंचने पर बात को संभाला जा सका था। वहीं, अपनी सफाई में 24 घंटे के सौरव चौधरी ने कहा कि उन्होंने खुद जाकर पुलिस में सरेंडर किया था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे स्थानीय लोग शराब में नशे में अभद्र बातें बोल रहे थे और विरोध करने पर सब लोगों ने उन समेत बाकी पत्रकारों पर हमला कर दिया। उनका कहना है कि देबराज की टांग वहां हुई धक्का-मुक्की में गिरने से टूटी थी। अब एक तरफ पुलिस कह रही है कि पत्रकारों की तरफ से उनके पास कोई शिकायत नहीं आई वहीं, पत्रकारों का कहना है कि वे लोग शिकायत करने गए थे पर टीएमसी पार्टी के दवाब में पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन