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उत्तर प्रदेश

रिहाई मंच नेता लक्ष्मण प्रसाद के भतीजे पर जानलेवा हमला सपा गुंडाराज का ताजा उदाहरण

लखनऊ । प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है, गुंडों और पुलिस की मिली भगत से आम लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है जिसका ताजा उदाहरण रिहाई मंच नेता लक्ष्मण प्रसाद के भतीजे दिलीप कुमार पर इलाहाबाद में हुआ जानलेवा हमला है। रिहाई मंच ने राजनाथ सिंह के इस दावे कि मानव संसाधन राज्य मंत्री राम शंकर कठेरिया ने आगरा में कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया और इसीलिए उनका नाम एफआईआर में नहीं है को सफेद झूठ बताते हुए कहा है कि अगर कठेरिया का भाषण भड़काऊ नहीं है तो फिर उन्हें भड़काऊ भाषण की परिभाषा भी बतानी चाहिए। मंच ने इस पूरे मामले में सपा सरकार पर कठेरिया को बचाने के लिए उनका नाम एफआईआर में नहीं डालने को सपा और भाजपा के मिलीभगत का ताजा उदाहरण बताया है।

लखनऊ । प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है, गुंडों और पुलिस की मिली भगत से आम लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है जिसका ताजा उदाहरण रिहाई मंच नेता लक्ष्मण प्रसाद के भतीजे दिलीप कुमार पर इलाहाबाद में हुआ जानलेवा हमला है। रिहाई मंच ने राजनाथ सिंह के इस दावे कि मानव संसाधन राज्य मंत्री राम शंकर कठेरिया ने आगरा में कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया और इसीलिए उनका नाम एफआईआर में नहीं है को सफेद झूठ बताते हुए कहा है कि अगर कठेरिया का भाषण भड़काऊ नहीं है तो फिर उन्हें भड़काऊ भाषण की परिभाषा भी बतानी चाहिए। मंच ने इस पूरे मामले में सपा सरकार पर कठेरिया को बचाने के लिए उनका नाम एफआईआर में नहीं डालने को सपा और भाजपा के मिलीभगत का ताजा उदाहरण बताया है।

रिहाई मंच द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में मंच के प्रवक्ता शाहनवाज आलम ने कल देर रात रिहाई मंच नेता लक्ष्मण प्रसाद के भतीजे दिलीप कुमार पर इलाहाबाद के बैंक रोड इलाके में फायरिंग को सपा के गुंडा राज का ताजा उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि सपा राज में न तो महिलाएं सुरक्षित रह गई हैं न ही आम नागरिक। पुलिस थाने सपा दफ्तरों में तब्दील हो गए हैं। अपराधी लूट और हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस मूक दर्शक बनी रह रही है।

रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने कहा कि सपा सरकार ने जानबूझ कर मानव संसाधन राज्य मंत्री राम शंकर कठेरिया के खिलाफ आगरा में भड़काऊ भाषण देने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं कराया ताकि ऐसे साम्प्रदायिक तत्व सूबे का माहौल बिगाड़ सकें। उन्होंने कहा कि ठीक इसी तरह लवजिहाद के मामलों में भी भड़काऊ भाषण देने वाले भाजपा के बड़े नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से सपा बचती रही। अखलाक कांड में भी सपा ने भाजपा से जुड़े हत्यारों को बचाने के लिए ही मामले की सीबीआई जांच की मांग केंद्र सरकार से नहीं की। रिहाई मंच नेता ने कहा कि मुलायम सिंह यादव शुरू से संघ परिवार के करीबी रहे हैं और इसी वजह से बाबरी मस्जिद के करीब स्थित थाने का नाम बदल कर रामजन्म भूमि थाना रखा था और 2009 के लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह के खिलाफ प्रत्याशी नहीं खड़ा किया था। उनके बेटे अखिलेश यादव भी उनके नक्शे कदम पर चलते हुए मुजफ्फरनगर साम्प्रदायिक हिंसा के दोषियों को बचाने के लिए जस्टिस सहाय कमीशन की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं।

रिहाई मंच नेता शबरोज मोहम्मदी ने कहा कि सपा के इस गंुडाराज के खिलाफ रिहाई मंच 16 मार्च को रिफाहे आम से विधान सभा तक ‘जनविकल्प मार्च’ निकाल कर जनता के आक्रोश का प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि जनविकल्प मार्च को सफल बनाने के लिए गांेडा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, श्रावस्ती समेत विभिन्न जिलों में बैठकें कर सपा की जनविरोधी नीतियों से जनता को अवगत कराया जा रहा है।

द्वारा जारी-
शाहनवाज आलम
(प्रवक्ता, रिहाई मंच)
09415254919

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