योगी सरकार और माप्राप समिति के चलते एक वरिष्ठ पत्रकार की बच गई जान!

जब बारह लाख के सरकारी फंड से मिल गया एक गरीब पत्रकार को जीवन… करीब पच्चीस वर्षों से अधिक समय से आधा दर्जन से ज्यादा जाने पहचाने अखबारों से जुड़े लिक्खाड़ और ईमानदार पत्रकार राकेश मिश्रा की प्रेस मान्यता खत्म हो गई थी।

ये जिस ‘प्रभात अखबार में काम कर रहे थे उसका प्रसार कम होने के तकनीकी कारणों से इनकी प्रेस मान्यता बरकरार नहीं रह पायी।

ऐसे में पत्रकार मनोज मिश्रा ने इस जुझारू पत्रकार को अपने अखबार से मान्यता दिलवा दी।

दुर्भाग्य से पत्रकार राकेश मिश्रा को मेजर ब्रेन स्ट्रोक पड़ा और डाक्टरों ने साफ कह दिया कि इनके बचने की उम्मीद 95% नहीं है। फिर उन्हें पीजीआई ले जाया गया जहां ये पूरे दो महीने वैंटीलेटर पर रहे।

उ.प्र.मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति अपने अथक प्रयासों से मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए पीजीआई में निशुल्क इलाज करवाने का जीओ बहुत पहले ही करवा चुकी थी। इसलिए राकेश मिश्रा का बारह लाख के सरकारी खर्चे पर बेहतरीन इलाज हुआ।

इस तरह एक ईमानदार और गरीब पत्रकर की ज़िन्दगी बच गई।

एक पत्रकार मित्र का जीवन बचाने के लिए धन्यवाद योगी सरकार।

शुक्रिया उ.प्र. मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति।

लखनऊ के स्वतंत्र पत्रकार नवेद शिकोह की रिपोर्ट.

Tweet 20
fb-share-icon20

भड़ास व्हाटसअप ग्रुप ज्वाइन करें-

https://chat.whatsapp.com/B5vhQh8a6K4Gm5ORnRjk3M

भड़ास तक खबरें-सूचना इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *