Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

ग़लत बोल रहा है चैनल, पानी में विटामिन B12 होता ही नहीं तो RO कैसे फिल्टर करेगा!

विवेक उमराव-

भारत के सबसे बड़े टीवी चैनल माने जाने वाली एक कंपनी के एक चैनल जिसके ढाई-करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं, के एक वीडियो को देख रहा था। इस वीडियो में हैदराबाद के किसी मेडिकल-संस्थान के हवाले से बताया गया कि आरओ का पानी पीने से शरीर में विटामिन B12 की कमी होती है।

चाहे मेडिकल-संस्थान हो या टीवी-चैनल, इनको सफेद झूठ बोलने में शर्म नहीं आती है, न ही कोई झिझक। लंपटई की हद यह है कि इनमें समाज के लोगों के प्रति जवाबदेही का कोई भी रंचमात्र भी भाव नहीं होता है, सनसनी के लिए, व्यूज बढ़ाने के लिए कुछ भी फेंक देना है। क्योंकि इन लोगों को पता है कि कुछ भी फेक दो, भारत का अधिकतर लोग श्रद्धा भाव से ग्रहण कर लेता है।

पानी में विटामिन B12 नहीं होता है, मानव-शरीर विटामिन B12 का उत्पादन नहीं करता है। जब पानी में विटामिन B12 होता नहीं है, और मानव-शरीर विटामिन B12 का उत्पादन भी नहीं करता है। तो आरओ ऐसा क्या फिल्टर कर देता है जिससे आरओ का पानी पीने से विटामिन B12 की कमी हो जाती है।

यदि पानी में विटामिन B12 होता तो, मान सकते हैं कि आरओ से विटामिन B12 फिल्टर हो जाता है। यदि कोई ऐसा मिनरल होता जिसकी मदद से मानव-शरीर विटामिन B12 का उत्पादन खुद ही कर लेता, तब भी माना जा सकता है कि चूंकि फलाने मिनरल को आरओ फिल्टर कर देता है, नतीजन मानव-शरीर विटामिन B12 का उत्पादन नहीं कर पाता है, इसलिए कमी हो जाती है। मानव-शरीर तो विटामिन B12 का उत्पादन करता ही नहीं है।

बेसिक कामनसेंस व वैज्ञानिक दृष्टिकोण के यह हालात हैं डाक्टर्स के। डाक्टर्स जो विज्ञान के छात्र होते हैं, भारत के प्रतिष्ठित मेडिकल-संस्थानों में पढ़ाई करते हैं। रही बात पत्रकारों या एंकर्स की, तो अपवाद प्रतिशत छोड़ इन लोगों में उस विषयवस्तु तक की समझ नहीं होती है जिनमें चर्चा कर रहे होते हैं, कुछ भी फेकमफाक करते रहते हैं।

मैं आरओ के प्रयोग का न तो समर्थक हूं, न ही विरोधी। मेरी बात सिर्फ कामनसेंस व वैज्ञानिक-दृष्टिकोण को लेकर है। व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना है कि दूषित पानी पीने से बेहतर है कि आरओ का पानी पिया जाए, रही बात यह कि आरओ मिनरल्स को छान देता है तो पहली बात पानी में बहुत अधिक मात्रा व संख्या में मिनरल्स होते नहीं, दूसरी बात यह कि मिनरल्स की कमी भोजन में उचित वस्तुएं लेने से पूरी की जा सकती है। जबकि दूषित पानी द्वारा शरीर के अंदर पहुंचाए गए विषाक्त को निकालना बहुत मुश्किल होता है, शरीर पर कुप्रभाव डालता ही है।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन