हमलावर लोग कायर होते हैं, इसलिए हारना अंततः उन्हें ही होता है…

Anoop Gupta : पत्रकार यशवंत सिंह पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के बाहर हमला किया गया और पुलिस की चुप्पी तो समझ आती है, प्रेस क्लब की चुप्पी के मायने क्या हैं। अगर यशवंत का विरोध करना ही है तो लिख कर कीजिये, बोल कर कीजिए, हमला करके क्या साबित किया जा रहा है। मेरा दोस्त है यशवंत, कई बार मेरे मत एक नहीं होते, ये जरूरी भी नहीं है लेकिन हम आज भी दोस्त हैं। चुनी हुई चुप्पियों और चुने हुए विरोध से बाहर निकलने की जरूरत है।

यशवंत अपने सीमित संसाधनों में भड़ास4 मीडिया चलाते रहे हैं और मीडिया की दुनिया के कई गलत कारनामे निर्भीकता के साथ सामने लाते रहे हैं। एक ऐसे समय में जबकि पूरा मीडिया कॉर्पोरेट घरानों के कब्ज़े में है, इस तरह के सूचना माध्यम काफी अहमियत रखते हैं। काबिलेतारीफ बात यह रही कि यशवंत ने हिम्मत के साथ इस हमले को बेनकाब किया और अभी भी अपनी उसी प्रतिबद्धता के साथ मीडिया मैदान में डटे हुए हैं।

ये हैं दोनों हमलावर…

हम सब आपके साथ हैं। हमलावर लोग कायर होते हैं, इसलिए हारना अंततः उन्हें ही होता है… देश के सभी बागी पत्रकारों से मेरी अपील है की यशवंत सिंह पर हुए हमले के विरोध में दिल्ली के प्रेस क्लब पर सब लोग एक साथ आये और हमलावरों के खिलाफ मोर्चा खोले जिससे कभी कोई और यशवंत सिंह पर हमला करने की जुर्रत ना कर सके. में अनूप गुप्ता संपादक दृष्टान्त लखनऊ हर तरह से यशवंत सिंह के साथ थे, है और रहेंगे.

लेखक अनूप गुप्ता लखनऊ से प्रकाशित चर्चित मैग्जीन दृष्टांत के प्रधान संपादक हैं.

इन्हें भी पढ़ सकते हैं…

xxx

xxx

xxx

xxx

xxx

xxx

xxx

xxx

xxx

xxx

xxx

xxx

xxx

xxx

xxx

xxx

xxx

xxx

xxx

  • भड़ास की पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए आपसे सहयोग अपेक्षित है- SUPPORT

 

 

  • भड़ास तक खबरें-सूचनाएं इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *