नहीं बचाए जा सके पत्रकार विक्रम जोशी

पत्रकार साथी विक्रम जोशी की इलाज के दौरान डेथ हो गई है। उनके भाई अनिकेत द्वारा ये जानकारी दी गई है। अनिकेत के अनुसार उन्हें आज सुबह 4 बजे इस बारे में बताया गया। भगवान विक्रम भाई की आत्मा को शांति दे। इस कठिन वक़्त में हम उनके परिवार के साथ खड़े हैं।

विक्रम भाई को शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। आरोपियों को मुठभेड़ में मारा जाना चाहिए। थाना प्रभारी पर कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए जिसने पत्रकार द्वारा लिखित कंप्लेन दिए जाने के बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की।

उधर, इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने गाजियाबाद के पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या पर दुख और क्षोभ व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 50 लाख रुपये की तात्कालिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में हेमंत तिवारी ने कहा कि की विगत एक वर्ष के दौरान उत्तर प्रदेश में पत्रकारों पर हमले, सरकारी उत्पीड़न, फर्जी मुकदमे लगाने की दर्जनों घटनाएं हुईं और हर बार शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से बात हुई, पत्र लिखे गए लेकिन यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि संवेदनशीलता नही दिखी । उन्होंने कहा है कि यदि सरकार इस बार भी नकारात्मक रवैया अपनाती है तो पूरे प्रदेश पत्रकारों से संग्रह कराकर पीड़ित परिवार का सहयोग किया जाएगा ।
परसों आपराधिक तत्वों ने गाजियाबाद के पत्रकार विक्रम जोशी की गोली मार दी थी जिनकी कल रात मौत हो गई है। जोशी को विजय नगर इलाके में स्कूटी सवार बदमाशों ने सोमवार को सिर में गोली मारी थी। इस सिलसिले में कल तक नौ लोगों को गिरफ्तार और चौकी इंचार्ज को निलंबित किया गया था।  

विजयनगर बाईपास निवासी विक्रम जोशी एक समाचार पत्र से जुड़े थे। सोमवार रात वह माता कॉलोनी निवासी बहन के घर गए थे। रात करीब 10:30 बजे वहां से आते समय कुछ बदमाशों ने उन पर हमला बोल दिया। एक बदमाश ने तमंचा सिर से सटाकर विक्रम को गोली मार दी। घटना को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गए। परिजनों के मुताबिक विक्रम जोशी के परिवार की एक लड़की के साथ छेड़छाड़ हुई थी। इस संबंध में थाने में नामजद शिकायत की गई थी। पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर आरोपी पीड़ित पक्ष को लगातार धमकी दे रहे थे। विक्रम इस मामले की पुलिस में पैरवी कर रहे थे। इसी बात को लेकर आरोपियों ने उन्हें गोली मार दी। 

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One comment on “नहीं बचाए जा सके पत्रकार विक्रम जोशी”

  • विजय सिंह says:

    दुःखद। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।
    अपराधियों को कड़ी सजा मिले।

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