हिंदुस्‍तान के सीईओ अमित चोपड़ा का इस्‍तीफा

हिंदुस्‍तान मीडिया वेंचर लिमिटेड से बड़ी खबर आ रही है कि सीईओ अमित चोपड़ा का संस्‍थान से नाता टूटने वाला है. बताया जा रहा है कि अमित चोपड़ा ने संस्‍थान को इस्‍तीफा दे दिया है. वे इस दौरान नोटिस पीरियड पर चल रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि वे स्‍टार समूह के किसी वेंचर …

वरिष्ठ पत्रकार मिश्रीलाल गुप्ता का निधन

जयपुर। भरतपुर जिला मुख्यालय के वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी एवं पूर्व पार्षद श्री मिश्रीलाल गुप्ता का सोमवार को निधन हो गया। वे करीब 81 वर्ष के थे उनका स्वास्थ्य खराब होने की वजह से उन्हें आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने सोमवार सुबह अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार भरतपुर में किया गया। मिश्रीलाल गुप्ता ने 1958 से अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत दिल्ली से प्रकाशित “दैनिक वीर अर्जुन” के संवाददाता के रूप में की थी।

1401 करोड़ रुपये के घोटाले में एफआईआर हेतु कोर्ट में मुकदमा

गोमतीनगर थाने तथा एसएसपी, लखनऊ द्वारा 1401 करोड घोटाले में एफआईआर दर्ज करने से इनकार करने पर मेरे द्वारा आज मा० सीजेएम लखनऊ श्री राजेश उपाध्याय के समक्ष मुक़दमा किया है. मैंने 05 दिसंबर को कैग रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कराने हेतु एक प्रार्थनापत्र थाना गोमतीनगर, लखनऊ में दिया था जिसे थाने ने प्राप्त कर लिया गया पर एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया था. मा० सीजेएम द्वारा गोमतीनगर थाने से रिपोर्ट मंगवाते हुए मामले की सुनवाई 17 दिसंबर नियत की गयी है.

असीम त्रिवेदी को समर्थन देने जंतर मंतर पहुंचे यशवंत एवं संजीव

 नई दिल्‍ली : आईटी एक्‍ट के सेक्‍शन 66 ए के खिलाफ कार्टूनिस्‍ट असीम त्रिवेदी एवं उनके सहयोगी आलोक दीक्षित जंतर मंतर पर शनिवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. सोमवार को अनशन का तीसरा दिन है. न्‍यू मीडिया में अभिव्‍यक्ति की आजादी चाहने वाले सैकड़ों लोग जंतरमंतर पहुंच कर असीम और आलोक का हौसला आफजाई कर चुके हैं. असीम का कहना है कि धारा 66 ए का हटना जरूरी हो गया है. यह सेक्‍शन अभिव्‍यक्ति की आजादी के लिए खतरा है.

कानपुर एवं फतेहपुर में अपना विस्‍तार करेगा लखनऊ सत्‍ता अखबार

लखनऊ से प्रकाशित होने वाला दैनिक अखबार 'लखनऊ सत्‍ता' अपने विस्‍तार की योजना बना रहा है. खबर है कि प्रबंधन इस अखबार का विस्‍तार कानपुर और फतेहपुर में करने जा रहा है. इस अखबार का प्रकाशन 2006 से किया जा रहा है. 12 पेज का यह रंगीन अखबार कानपुर और फतेहपुर के आसपास के जिलों कानपुर देहात, उन्‍नाव में भी वितरित किया जाएगा. इसके बाद अखबार के नए एडिशन का पड़ाव इलाहाबाद होगा. यहां पर लखनऊ की तरह आठ पेज का फुल साइज अखबार प्रकाशित किया जाएगा.

भारत के भाग्य विधाता कितने में बिके होंगे?

वॉलमार्ट ने भारत आने के लिए अमेरिका में लॉबिंग पर 125 करोड़ खर्च किये हैं … अब सोचने की बात यह है कि भारत के भाग्य विधाता कितने में बिके होंगे? मैंने पहले भी लिखा था कि भाजपा वाले भी नाटक ही कर रहे हैं, सच में विरोध कर रहे होते तो संसद में हारने के बाद सड़क पर भी आते… संसद जनता से बड़ी थोड़े ही है… पूरा देश विरोध में खड़ा हो जाये, तो वॉलमार्ट के बाप भी नहीं आ पायेंगे… मतलब साफ़ है कि पैसा और गिफ्ट सब के पास पहुंचा है… संसद में जनता को दिखाने के लिए सिर्फ ड्रामा हुआ था…

125 करोड़ रुपये खर्च कर भारत में घुसा वालमार्ट

नई दिल्ली। रीटेल में एफडीआई के मुद्दे पर संसद में मिली जीत से सरकार उत्साहित है। वहीं, एक खबर के मुताबिक रीटेल की दुनिया में बड़े नाम वालमार्ट ने भारत में अपने रास्ते खुलवाने के लिए साल 2008 के बाद से अब तक करीब सवा सौ करोड़ रुपए लॉबिंग में खर्च किए। अमेरिकी सीनेट में वॉलमार्ट ने ये जानकारी दी है, जिसके बाद विपक्ष एक बार फिर सरकार पर हमलावर हो गया है।

किसी को वालमार्ट की चम्पी करते देखें तो उसके मुखारविंद को ही नहीं, उसके पेट की ओर भी देखें!

इंडियन एक्सप्रेस में पहले पन्ने पर आज यह खबर बहुत महत्त्वपूर्ण है। खबर में अमेरिकी सेनेट में खुद वालमार्ट द्वारा पेश की गई एक रिपोर्ट के हवाले से खुलासा है कि भारत में अपना खुदरा कारोबार घुसाने की कोशिशों के तहत कंपनी ने महज "लॉबिंग" पर पिछ्ले चार सालों में 25 मिलियन डालर (125 करोड़ रुपये से ऊपर) खर्च किए हैं। कंपनी ने सेनेट को बताया है कि 30 सितम्बर को खत्म हुई तिमाही भर में उसने 1.65 मिलियन डालर (सवा आठ करोड़ से ऊपर) लॉबिंग मात्र पर खर्च कर डाले हैं, जिसमें "भारत में एफडीआइ पर चर्चाएं कराना" भी शामिल है। ….तो आगे आप किसी को बढ़-चढ़ कर वालमार्ट की चम्पी करते देखें तो उसके मुखारविंद को ही नहीं, उसके पेट की ओर भी देखें!

गुजरात समाचार का न्‍यूज चैनल जीएसटीवी टुडे लांच

गुजरात में प्रकाशित होने वाले गुजरात समाचार अखबार समूह ने अपना न्‍यूज चैनल भी लांच कर दिया है. जीएसटीवी टुडे नाम से लांच हुए इस चैनल को पिछले महीने से टेस्टिंग रन पर चलाया जा रहा था. इस चैनल का संचालन आसपास मल्‍टीमीडिया लिमिटेड के बैनर तले किया जा रहा है. 9 दिसम्‍बर को चैनल की लांचिंग के समय ग्रुप सीएमडी श्रेयांश शाह, ग्रुप डाइरेक्‍टर अमन शाह, वाइस प्रेसिडेंट आसपास मल्‍टीमीडिया विजय श्रीवास्‍तव भी मौजूद रहे.  

अब सामने लाएंगे जिंदल ग्रुप की हकीकत : सुभाष चंद्रा

नई दिल्ली : जिंदल ग्रुप से 100 करोड़ रुपये की उगाही के मामले में पूछताछ के बाद सुभाष चंद्रा ने जिंदल ग्रुप पर निशाना साधा है। जी ग्रुप के मालिक सुभाष चंद्रा ने कहा कि अब सोमवार से वह सबके सामने जिंदल ग्रुप की हक़ीकत रखेंगे। इतने पर ही नहीं रुके सुभाष चंद्रा, उन्‍होंने यह भी कहा कि वे जिंदल ग्रुप पर मानहानि का मुकदमा करेंगे। उन्होंने सफाई दी कि जिंदल ने ही उनके दोनों संपादकों को 25 करोड़ रुपये का विज्ञापन देने की बात कही थी।

आज कोर्ट में पेश होंगे जी न्‍यूज के दोनों संपादक

नई दिल्ली। नवीन जिंदल की कंपनी से खबर ना दिखाने की एवज में सौ करोड़ रुपये मांगने के केस में गिरफ्तार जी के दो संपादकों की आज फिर से कोर्ट में पेशी होनी है। ग्रुप के मालिक सुभाष चंद्रा से भी क्राइम ब्रांच आज लगातार तीसरे दिन पूछताछ कर सकता है। इससे पहले पुलिस की क्राइम ब्रांच शनिवार को नौ घंटे तथा रविवार को 7 घंटे तक सुभाष चंद्रा तथा पुनीत गोयनका से पूछताछ कर चुकी है। पूछताछ के बाद चंद्रा ने मीडिया में बयान दिया है कि उन्हें पूरे मामले के बारे में तब पता चला जब पुलिस में एफआईआर दर्ज की गई।

आज भोपाल में जुटेंगे प्रदेश के पत्रकार, देंगे गिरफ्तारी

भोपाल। पत्रकारों के संयुक्त आंदोलन के लिए प्रदेश भर में समर्थन जुटने लगा है और जनसंपर्क संचालनालय का विरोध व्यापक होता जा रहा है। राजधानी से निकली बगावत की आवाज तमाम महानगरों, जिलों-कस्बों से होते हुए तहसील और गांवों तक जा पहुंची है और राज्य के कोने-कोने से जनसंपर्क संचालनालय की उन भेदभावपूर्ण तथा पक्षपातपूर्ण नीतियों के खिलाफ आवाज उठने लगी है, जिनके चलते प्रदेश का आम पत्रकार स्वाभिमान की जिंदगी जीने तक से मोहताज है।

आपसी मतभेद भुलाकर काम करें पत्रकार : प्रवीण खारीवाल

नीमच। काफी लंबे समय बाद सभी पत्रकारों को एक साथ देखा है। एकजुटता का लाभ मिलता है। जब तक पत्रकार शत-प्रतिशत आत्मनिर्भर नहीं हो पाएगा तब तक उसके परिवार व भविष्य की चिंता रहती है। प्रस्तावित भवन का निर्माण होने के बाद सभी प्रौद्योगिकी सुविधाएं दी जाएगी। यह बात जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने कही। श्री सखलेचा पत्रकार संघ के दीपावली एवं नववर्ष मिलन समारोह में बोल रहे थे। वे आयोजन के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि पत्रकार को सकारात्मक कार्य की प्रशंसा करना चाहिए। पत्रकार समाज से बाहर नहीं समाज का अंग ही है। पूरे मालवा का नीमच प्रमुख शहर है। नीमच बढ़ेगा तो हर व्यक्ति का विकास होगा। पत्रकारों की आवास योजना पर प्रदेश सरकार की योजना पर विस्तार से जानकारी दी।

‘प्रताप’ के सौ साल पूरे, वर्ष भर कार्यक्रम होगा आयोजित

उत्तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन हिंदी पत्रकारिता के पुरोधा अमर शहीद श्री गणेश शंकर विद्यार्थी के कुशल संपादन में प्रकाशित समाचार पत्र प्रताप के प्रकाशन के सौ वर्ष पूर्ण होने पर वर्ष 2013 को ‘आत्मोसर्ग की पत्रकारिता के सौ साल’ के रुप में मनाते हुए पूरे साल भर कार्यक्रम आयोजित करेगी। यह जानकारी उत्तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के प्रंतीय महामंत्री प्रयाग पांडे प्रांतीय उपाध्यक्ष पंकज वार्षणेय ने संयुक्त रुप से देते हुए बताया कि 9 नवंबर 2013 को मूर्धन्य पत्रकार श्री गणेश शंकर विद्यार्थी ने कानपुर से ‘प्रताप’ नामक समाचार पत्र का प्रकाशन किया था।

हिंदुस्‍तान, बदायूं पहुंचे योगेंद्र सागर एवं श्‍याम मिश्रा

हिंदुस्‍तान, बदायूं से खबर है कि दो रिपोर्टरों ने यहां ज्‍वाइन किया है. अमर उजाला, गढ़मुक्‍तेशवर से इस्‍तीफा देने वाले योगेंद्र सागर तथा बरेली निवासी श्‍याम मिश्रा को बदायूं में ज्‍वाइन कराया गया है. दोनों लोग इसके पहले भी कई संस्‍थानों को अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उल्‍लेखनीय है कि हिंदुस्‍तान, बदायूं में रिपोर्टरों की …

कौन हैं ख़बर के बहाने अफजल गुरु को ‘बेखौफ़’ बता कर महिमामंडित करने वाले?

  अफजल गुरु का दिल कसाब की फांसी पर कितना धड़का, कितना नहीं ये तो किसी को नहीं पता, लेकिन समाचार एजेंसी आईएएनएस को उसकी खासी फिक्र हो गयी है। ये एजेंसी इस आतंकवादी को न सिर्फ एक बहादुर और निडर लड़ाका साबित करने की कोशिश में हैं, बल्कि उसे धार्मिक भी बताने में जुटी …

सुभाष चंद्रा व पुनीत गोयनका से फिर हुई कई घंटे पूछताछ

ज़ी समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा और उनके बेटे पुनीत गोयनका से 100 करोड़ रुपये की उगाही के मामले में दूसरे दिन भी पूछताछ की गयी. कल साढ़े नौ घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने पिता पुत्र को जांच के लिये दोपहर दोबारा पेश होने का निर्देश दिया था.

इंडिया न्यूज में अमित आर्या को मिली बड़ी जिम्मेदारी, इसरार शेख के पर कटे (इंटरनल मेल पढ़ें)

: इंडिया न्यूज हरियाणा के हेड बनाए गए, एडिटर कोआर्डिनेशन के रूप में आईटीवी, न्यूज एक्स और एनडब्ल्यूएस देखेंगे, नेशनल का एसाइनमेंट भी देखेंगे: ये है एचआर द्वारा जारी पत्र : Dear All, We are pleased to welcome Mr. Amit Arya in " India News Family". Amit Ji has worked with Bag Films, Dainik Bhaskar, India TV, India News, P-7 and Live India at different capacity. 

द हिंदू में भी प्रकाशित हुई रमन सरकार और न्यूज चैनलों की पेड न्यूज दास्तान

: Chhattisgarh government paid TV channels for favourable news coverage, claims paper : Absolutely nothing wrong in funding the channels in a transparent way, says official : SUVOJIT BAGCHI : Raman Singh’s BJP government “has paid for favourable news stories” and “regular live coverage” to a host of national and local television channels, an English language newspaper reported.

प्रभातम् ग्रुप को मिला ‘प्रयाग महाकुंभ-2013’ के मीडिया सेंटर का जिम्मा

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रभातम् ग्रुप को प्रयाग महाकुम्भ 2013 में अत्याधुनिक मीडिया सेंटर स्थापित करने का जिम्मा सौंपा है। दुनिया के सबसे बड़े इस जन पर्व की जानकारी और खबरें देश विदेश के मीडिया कर्मियों और संस्थानों को निर्बाध उपलब्ध कराना इस मीडिया सेंटर का एक प्रमुख कार्य होगा। प्रभातम् ग्रुप के चेयरमेन दिनेश गुप्ता ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि समूह के सभी सहयोगियों के सहकार से चुनौती को सफलतापूर्वक सरअंजाम देंगे। प्रभातम् ग्रुप हरिद्वार महाकुम्भ में भी मीडिया सेंटर का सफलतापूर्वक संचालन कर चुका है। 

मैं आतंकवादी नहीं हूं मिस्टर चीफ मिनिस्टर : राजेन टोडरिया

आज सुबह करीब नौ बजे गांव से मेरे भतीजे का फोन आया कि राज्य की खुफिया एजेंसी का कोई कर्मचारी मेरे गांव जा पहुचा और मेरे बारे में पूरी तहकीकात करने लगा। जैसे कि मैं क्या करता था, मैं क्या करता हूं,मेरा अतीत क्या था, मेरा वर्तमान क्या है, देहरादून में मैं कहां रहता हूं,किसका मकान है,किराए पर है या मेरा है। फिर मेरे परिवार से मेरे चचेरे भाई को थाने में बुलवा लिया गया उनसे पूछताछ की गई। 

दीपक के साथ पुण्‍य प्रसून भी जाएंगे इंडिया न्‍यूज!

: कानाफूसी : इलेक्‍ट्रानिक मीडिया में एक बड़ी चर्चा पुण्‍य प्रसून बाजपेयी को लेकर है. जी न्‍यूज से किनारे करने के बीच एक खबर आ रही है कि पुण्‍य प्रसून भी दीपक चौरसिया के साथ इंडिया न्‍यूज ज्‍वाइन करने वाले हैं. कहा जा रहा है कि जी न्‍यूज प्रकरण के बाद उनके सामने भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया था, परन्‍तु दीपक चौरसिया के इंडिया न्‍यूज से जुड़ने की खबरों के बीच पुण्‍य प्रसून के भी इंडिया न्‍यूज पहुंचने की चर्चा तेज है. बताया जा रहा है कि दीपक के जुड़ने के चलते ही पुण्‍य के भी वहां पहुंचने की बात हो रही है. दोनों लोग आजतक में भी रह चुके हैं और पुराने साथी हैं. दीपक के बारे में खबर है कि वे एक जनवरी से चैनल ज्‍वाइन करेंगे.  

संदीप बाधवा बने सहारा के मीडिया डिविजन के सर्वेसर्वा

सहारा में एक बार फिर हलचल है. खबर है कि उपेंद्र राय के ऊपर लाकर बैठाए गए संदीप बाधवा को अब मीडिया डिविजन का भी हेड बना दिया है. मीडिया से जुड़े सारे निर्णय अब संदीप बाधवा ही लेंगे. फाइनेंसियल निर्णय भी अब इनके जिम्‍मे रहेगा. अब तक यह जिम्‍मेदारी उपेंद्र राय के पास थी. मीडिया से जुड़े सारे फैसले वे ही लेते थे. हालांकि संदीप वाधवा की नियुक्ति के बाद उपेंद्र राय उन्‍हें ही रिपोर्ट कर रहे थे. संदीप बाधवा के नई जिम्‍मेदारी का नोटिस नोएडा कार्यालय के बोर्ड पर चस्‍पा कर दिया गया है.

लखनऊ के दो बच्चो ने जस्टिस काटजू को भेजा कानूनी नोटिस

लखनऊ निवासी तनया ठाकुर, बीए एलएलबी प्रथम वर्ष, व उनके भाई आदित्य ठाकुर, कक्षा 11 के छात्र ने आज दिनांक 9 दिसंबर 2012 को जस्टिस मार्कंडेय काटजू को उनके द्वारा 90 प्रतिशत भारतीयों को मूर्ख कहे जाने के खिलाफ कानूनी नोटिस भेजा है। तनया और आदित्य के अनुसार जस्टिक काटजू जैसे सम्मानित एवं जिम्मेदार पदधारक व्यक्ति द्वारा ऐसी बात कहे जाने से भारत की मर्यादा का उल्लंघन होता है तथा विदेश में भारत व भारतियो के प्रति गलत धरना बनाने की संभावना बढ़ जाती है।

रेप केस का खुलासा करने वाले वन इंडिया के पत्रकार को धमकी

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर शहर में रेप की शिकार दलित छात्रा के पक्ष में मुहिम चलाकर पल-पल की खबर उजागर करने वाले वनइंडिया से जुड़े पत्रकार रामलाल जयन को शनिवार की शाम फोन पर धमकी मिली है। धमकी देने वाले ने खुद को सपा लोहिया वाहिनी का पदाधिकारी बताया है। सबसे पहले हम आपको बता दें कि वनइंडिया से जुड़े वरिष्‍ठ पत्रकार रामलाल जयन ने सबसे पहले आपको खबर दी थी कि फतेहपुर शहर के लोधीगंज की रहने वाली एक दलित छात्रा को बलात्कार का अभियोग दर्ज कराने पर मुकामी पुलिस पहले चार दिन महिला थाने में बंद किए हुए है। अब उसे 24 नवम्बर से शहर के नारी निकेतन में बंद किए है।

साईं प्रसाद ग्रुप के पूर्व सीईओ एसएल श्रीवास्‍तव का एक बड़ा फर्जीवाड़ा

एसएल श्रीवास्तव साईं प्रसाद ग्रुप के पूर्व सीईओ थे। इन्हें कुछ महीनों पहले कंपनी द्वारा निकाल दिया गया था। अब इन्होंने साईं प्रसाद ग्रुप को बदनाम करने का तानाबाना बुन डाला और इस कंपनी से मिलते हुए नाम से चार कंपनी बना डाली-  1. श्री साईं स्पेसेस क्रियेसन लिमिटेड, 2. श्री साईं ऑटो प्राइवेट लिमिटेड, 3. श्री साईं नॉन कोन्वेंसनल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, .4. श्री साईं सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड। अब आप सोच रहे होंगे कि कंपनी बनाने में क्या फर्जीवाड़ा है? ये हम बताते हैं। श्रीवास्तव ने अपने शैतान दिमाग से साईं प्रसाद ग्रुप को बदनाम करने का तानाबाना बुना है और इस कड़ी में साईं प्रसाद ग्रुप से निकाले गए कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। 

न्‍यूज एक्‍सप्रेस के ‘ऑपरेशन सौदा’ ने खोली दिल्‍ली-एनसीआर के सुरक्षा की पोल

अंदर की खबर दिखाने वाले न्यूज़ एक्सप्रेस चैनल ने देश की सुरक्षा में सेंध को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। न्यूज़ एक्सप्रेस की टीम अपने स्टिंग ऑपरेशन 'ऑपरेशन सौदा' के जरिए देश के सामने ये सच्चाई लाई है कि किस तरह पुलिस की लापरवाही से दिल्ली-एनसीआर के किसी भी इलाके में खूंखार आतंकवादी किराए पर आसानी से मकान ले सकते हैं। न्यूज एक्सप्रेस की टीम ने दिल्ली-एनसीआर के पांच थानों ग्रेटर नोएडा में कासना एच्छार चौकी, ग़ाजियाबाद के शास्त्री नगर थाना, दिल्ली में सरिता विहार थाना, नोएडा सेक्टर-92 की पुलिस चौकी, और वसुंधरा ग़ाज़ियाबाद थाने की पोल खोली है।

नेशनल दुनिया के करेस्‍पांडेंट हैं तो किसी नेता को लेकर कानपुर पहुंचें!

: मालिक की बहन की शादी में पत्रकारों को सौंपी गई कार्ड बांटने और नेताओं को लाने की जिम्‍मेदारी : एक दौर था जब पत्रकार केवल अपनी लिखी गई खबरों के लिए जाना-पहचाना जाता था. उसकी जिम्‍मेदारी भी केवल अपने संपादक के प्रति होती थी. मालिकों से सीधा उनका कोई लेना देना नहीं होता था. संपादक उनके तथा मालिक के बीच की कड़ी होता था, जो पत्रकारों के हित तथा सम्‍मान की रक्षा करता था. प्रभाष जोशी जैसे संपादक तो पत्रकार हित में अपने मालिकों की भी नहीं सुनते थे. मालिकों की नजर में भी अपने पत्रकारों एवं संपादकों का सम्‍मान होता था. परन्‍तु आज के दौर में पत्रकारों का सम्‍मान तो गया ही संपादकों ने भी अपनी सारी इज्‍जत मा‍लिकों चरणों में गिरवी रख दी है.

संतोष वर्मा जैसे लोग कभी मरते नहीं

बस 2012 के फरवरी महीने के शुरुआती दिनों में ही मुलाकात हुई थी संतोष वर्मा से। हालांकि अब मेरी धर्मपत्नी बन चुकी अलका अवस्थी उनको पहले से जानती थीं। अलका ने संतोष वर्मा के साथ पत्रकारिता भी की। ठीक ठीक नहीं याद कि वो कौन सी तारीख थी लेकिन इतना याद है कि फरवरी का महीना था। संतोष वर्मा से बनारस से देहरादून पहुंचने के बाद मैं अपनी पत्नी के साथ पहली बार उनसे मिलने पहुंचा था। संतोष वर्मा और मुझमें उम्र का बड़ा फासला था लेकिन संतोष वर्मा ने जिस गर्मजोशी से मुझे गले से लगाया वह अविस्मरणीय है।

सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया फिर दो दिन के पुलिस रिमांड पर

जी समूह के दो संपादकों को दिल्ली की एक अदालत ने दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. अब जांच अधिकारी मामले में सबूत जुटाने के लिए उनको जी समूह के प्रमुख सुभाष चंद्रा और उनके बेटे से रुबरु करा सकेंगे. मेट्रोपोटिलन मजिस्ट्रेट अंकित सिंगला ने आदेश दिया, ‘दो दिन की पुलिस हिरासत का आदेश दिया जाता है.’ अदालत ने कहा, ‘मौजूदा मामले में सत्र अदालत ने अन्य दो आरोपियों ‘चंद्रा और गोयनका’ को जांच में शामिल होने का निर्देश दिया है.अगर जांच एजेंसी को सभी चार आरोपियों के बयानों को एक दूसरे के सामने लाने का मौका नहीं दिया जाता तो सबूत इकट्ठे नहीं किये जा सकते क्योंकि आपराधिक साजिश के आरोप हैं.’

पलामू में दैनिक जागरण के छायाकार को भाजयुमो नेता ने पीटा

: अखबार में नहीं छपी एक भी लाइन : झारखंड के पलामू से खबर है कि दैनिक जागरण के छायाकार को भाजयुमो के एक नेता ने पीट दिया. इस घटना की जानकारी छायाकार ने अखबार प्रबंधकों को दी, परन्‍तु अखबार ने इस खबर के बारे में एक लाइन प्रकाशित करना भी गंवारा नहीं समझा. बताया जा रहा है कि रांची से प्रकाशित होने वाले दैनिक जागरण के पलामू कार्यालय में प्रियदत्‍त उर्फ छोटू छायाकार के रूप में काम करते हैं. किसी बात को लेकर एक भाजयुमो नेता ने छोटू को पीट दिया.

नईदुनिया से इस्‍तीफा देकर हरिभूमि पहुंचे चंद्रमोहन

छतीसगढ़ की राजधानी रायपुर से खबर है कि बीते चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय चन्द्रमोहन द्विवेदी ने नईदुनिया से अपना इस्तीफा दे दिया है। चन्द्रमोहन तक़रीबन ढाई वर्षों से नईदुनिया में बतौर रिपोर्टर अपनी सेवाएं दे रहे थे। इससे पहले वे हिन्दुस्थान संवाद सेवा और स्थानीय न्यूज़ चैनल में रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। नईदुनिया के बाद चन्द्रमोहन ने हरिभूमि में अपनी नई पारी शुरू की है। यहाँ उन्हें फिलहाल शिक्षा सहित स्पेशल स्टोरी की जिम्मेदारी दी गयी है।

Chhattisgarh government paid TV channels for favourable news coverage, claims paper

: Absolutely nothing wrong in funding the channels in a transparent way, says official : Raman Singh’s BJP government “has paid for favourable news stories” and “regular live coverage” to a host of national and local television channels, an English language newspaper reported. Furthermore, the senior editors of the channels concerned allegedly wrote to the public relations (PR) department of the Chhattisgarh government “negotiating” rates to produce “news stories” and to ensure “positive coverage.”

पुलिस के सामने पेश हुए जी समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा

नई दिल्ली : ज़ी समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा शनिवार को दिल्‍ली पुलिस के सामने पेश हुए. दिल्‍ली पुलिस ने सुभाष चंद्रा एवं पुनीत गोयनका को कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल की कंपनी से कथित तौर पर समूह के दो संपादकों द्वारा 100 करोड़ रुपये ऐंठने के प्रयास के मामले के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया था. इसके लिए पुलिस ने उन्‍हें तीन बार नोटिस भी भेजा था. आज दोनों संपादकों को भी उनके सामने बुलाकर पूछताछ होगी. साकेत कोर्ट इसके लिए आदेश जारी कर चुका है.

हिंदुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर का ढोंगी लेख और उनके प्रोफेशनलिज्म का सच

पिछले रविवार को हिन्दुस्तान के प्रधान सम्पादक शशि शेखर का लेख उनके अखबार के सम्पादकीय पृष्ठ पर पढ़ा। सम्पादकीय इस हेडिंग से शुरू होता है "खुद आईना देखें, उसे दिखाने वाले". पर सवाल यह है कि  क्या खुद शशि शेखर ने भी वह आइना देखा है जिसकी बात वह अपने लेख में कर रहे हैं। अपने लेख में चार चाँद लगाने के लिए शशि ने मीडिया मुगल रुपर्ट मर्डोक से लेकर सत्यता, निष्ठता और निर्भीकता की बात की। शशि जी को लगता होगा बड़े-बड़े शब्द पढ़ कर पाठकों को अच्छा लगेगा। पाठकों को लगेगा कि देखिए  सम्पादक जी कितने अच्छे हैं कितने निर्भीक हैं कितने निष्पक्ष हैं। 

संतोष वर्मा ने कहा था कि ऐसे ही जीवन कट जाएगा

संतोष वर्मा जी के निधन की खबर मुझे शनिवार को दिन में करीब 11 बजे मिली। मुझे जैसे ही यह खबर मिली कि उनके शव को कोई लेने वाला नहीं है। वे देहरादून के दून अस्पताल में पड़े हैं, मुझे बडा ही आश्चर्य हुआ कि इस नेक दिल इंसान के साथ ऐसे कैसे हो सकता है। मैंने तुरंत देहरादून के कई लोगों से संपर्क किया जो संतोष वर्मा जी को जानते थे। सभी ने मुझे बताया कि उनके परिवार की तरफ से कोई उनकी डेडबाडी लेने को तैयार नहीं है। सभी ने उनको पहचानने से इनकार कर दिया है। मुझे इतना दुख कभी नहीं हुआ था जितना इस घटना ने दुखी कर दिया है। वाह रे दुनिया।

जी हां शशिशेखर जी, ‘कुछ लोगों की करतूत से हमेशा के लिए शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है’

पत्रकारिता की खराब हालत पर चिन्तित नहीं हैं शशिशेखर। वो तो कह रहे हैं कि कुछ लोगों की करतूत से हमेशा के लिए शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है। आप उनका लिखा फिर पढ़िए। दुनिया भर की बात करने से शुरू हुआ लेख दरअसल यही कहता है कि मीडिया पैसे क्यों न कमाए? वे यह भी पूछते हैं कि इसमें हर्ज क्या है? हिन्दुस्तान के विज्ञापन घोटाले पर मौन अपने इस आलेख में उन्होंने कहा है…

सड़क हादसे में आईबीएन7 के पत्रकार की बहन की मौत

चंदौली जिले के बबुरी से खबर है कि आईबीएन7 के स्ट्रिंगर सूरज जायसवाल की बहन की मौत सड़क हादसे में हो गई. वाराणसी के अग्रसेन कॉलेज में बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा जयति जायसवाल (20 वर्ष) परीक्षा की तैयारी के लिए बबुरी अपने घर आई हुई थी. वो अपने पिता के साथ सुबह टहलने के लिए निकली थी तभी एक अनियंत्रित ट्रक ने उसे कुचल दिया. घटना स्‍थल पर ही उसकी मौत हो गई. जयति के जीजा संतोष जायसवाल भी पत्रकार हैं तथा इंडिया टीवी से जुड़े हुए हैं.

फेसबुक पर बेहद सक्रिय थे संतोष वर्मा, देखें- कुछ तस्वीरें, कुछ पोस्ट

हृदय गति रुकने से देहरादून के वरिष्ठ पत्रकार संतोष वर्मा का निधन होने के बाद अब जबकि उनकी दो पत्नियों और सगे भाई ने डेडबाडी लेने से इनकार कर दिया है तो लोगों के मन में यह उत्सुकता पैदा हो रही है कि आखिर संतोष वर्मा जी कौन थे और उनकी जीवनशैली, सोच क्या थी. इस बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है. लेकिन उनके फेसबुक एकाउंट से पता चलता है कि वे फेसबुक पर काफी सक्रिय रहा करते थे. वे रोजाना कुछ न कुछ पोस्ट किया करते थे. साथ ही उन्होंने अपनी कई तस्वीरें भी अपलोड कर रखी हैं. 

…तो क्‍या इंडियन एक्‍सप्रेस ने विशेषांक का प्रस्‍ताव नकारे जाने के बाद ये खबर लिखा है?

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने उस पर (पेड न्यूज) के तौर पर विज्ञापन देने के आरोप संबंधी एक अंग्रेजी दैनिक में आज छपी उस रिपोर्ट को कपोल कल्पित और भ्रामक करार देते हुए अखबार पर उलटे आरोप लगाया कि अंग्रेजी दैनिक ने उसके विशेषांक निकालने के प्रस्ताव नहीं माने जाने पर चिढ़ के कारण ये आरोप लगाये गये हैं। राज्‍य सरकार ने जोर देकर कहा कि वह पेड न्यूज को कतई बढ़ावा नहीं देती और उक्त अंग्रेजी दैनिक को भी उसी नीति से विज्ञापन मिलते हैं जिसके आधार पर अन्य मीडिया संस्थानों को दिये जाते हैं।

अब हाई रेस्‍क्‍यू टीम तलाशेगी एनडीटीवी के कैमरामैन एन रवि को

धर्मशाला : एनडीटीवी के कैमरामैन एन रवि का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। उनके परिजन परेशान और दुखी हैं। एन रवि की माता एन सुगुनाटाय शुक्रवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जी शिवा कुमार और जिलाधीश केआर भारती से मिलकर अपने पुत्र की खोज तेज करने का निवेदन किया हैं। जिलाधीश केआर भारती ने उन्हें आश्वस्त किया है कि कैमरामैन की खोज के लिए हाई रेस्क्यू टीम भेजी जाएगी। वन विभाग से भी सहयोग लिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो हेलीकॉप्‍टर से भी सर्च अभियान को चलाया जाएगा।

पत्रकार संतोष वर्मा की डेडबाडी लेने से दोनों पत्नियों और सगे भाई ने किया इनकार

: बैंक एकाउंट में 15 लाख मिले : अब प्रशासन कराएगा अंतिम संस्कार : कल हृदय गति रुकने से देहरादून के वरिष्ठ पत्रकार संतोष वर्मा का निधन हो गया. उसके बाद लोग उनके परिजनों को तलाशने लगे पर कोई नहीं मिला. संतोष के साथ काम कर चुकीं सुनीता भास्कर को जब संतोष जी के निधन की सूचना मिली तो उन्होंने परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया पर सफलता न मिलने पर पूरे मामले को फेसबुक पर डाला और उत्तराखंड से जुड़े कई वरिष्ठ लोगों के वाल पर शेयर किया. 

अब इंडिया टुडे कैसे पढ़े और कहां रखें

Subhash Tripathi : छोटे शहर इंडिया टुडे के नए कामक्षेत्र। इंडिया टुडे का ये विशेषांक किसी घर में कैसे रखा जाए। ये बड़ा सवाल बन गया है। मैं आउटलुक व इंडिया टुडे जैसी पत्रिकाओं का सामान्य पाठक हूं। घर में वेंडर किताबें दे गया। जब देखी गयी तो कहीं छिपाना पड़ा आखिर ऐसे विशेषांकों से ही ये प्रतिष्ठित पत्रिकाएं बाजार बनाएंगी। पहले से ही अब पढ़ने की ललक कम हुई है। ऐसे विशेषांक पिछले कई सालों से सचित्र प्रकाशित हो रहे हैं। इसके दूसरे चित्रों की बात छोड़िए कवर पेज का फोटो भी यहां देना पसंद नहीं करता हूं। पत्रिकाएं पूरे घर के लिए होती हैं। इंडिया टुडे में जो विशेषांक और प्यास बुझाने के गुर सिखाए हैं। वे आम पाठकों के लिए बेहद आपत्तिजनक हैं। अब घर में कौन सी पुस्तकें आए ये बड़ा मुद्दा है। पहले साप्ताहिक हिन्दुस्तान, धर्मयुग, ब्लिट्ज व करंट, रविवार व दिनमान जैसी पत्रिकाएं रूचि के साथ पढ़ी जाती थी। करंजिया के लेखों को पढ़ने में मुझे बड़ा मजा आता था। फिर एसपी सिंह कुरबान अली की खबरें समीक्षा के साथ, अब इंडिया टुडे कैसे पढ़े और कहां रखे।

प्रभात खबर के पत्रकार धर्मेंद्र का निधन

एक और दुखद खबर. प्रभात खबर के चितरपुर प्रतिनिधि धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं रहे. वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे और हैदराबाद में उनका इलाज चल रहा था. पिछले 18 वर्ष से प्रभात खबर से जुड़े धर्मेंद्र ने काफी निडरता के साथ पत्रकारिता की. प्रभात खबर परिवार में उसकी गिनती सबसे मेहनती सहयोगियों में होती थी.

गुवाहाटी छेड़खानी मामला : पत्रकार बरी, 11 दोषियों को सजा

गुवाहाटी। पूरे देश को झकझोर देने वाले गुवाहटी छेड़छाड़ मामले में शुक्रवार को 11 लोगों को दोषी करार देते हुए अदालत ने उन्हें दो साल की कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मुख्य आरोपी अमरज्योति कलिता की अगुआई में गत नौ जुलाई को इस घटना को सरेआम अंजाम दिया गया था। मामले में चार लोगों को आरोप मुक्त कर दिया गया है। अदालत ने इस सनसनीखेज मामले में महज पांच माह में अपना फैसला दिया है।

सेबी ने मांगा सहारा समूह के सभी खातों का विवरण

नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) सहारा के मामले में कोई कोताही नहीं बरतना चाहता। सेबी ने सभी बैंकों से कहा कि वह सहारा समूह व इसके निर्देशक व प्रोमोटर्स के सभी खातों की जानकारी उपलब्ध कराएं। इस मामले में आरबीआई, ईडी और वित्तीय खुफिया इकाई से भी सेबी ने मदद देने की बात कही है। सेबी ने देश के सभी बैंकों से कहा है कि सहारा समूह के सभी बैंक खातों की पूरी जानकारी बोर्ड को दें।

आईटी एक्‍ट के खिलाफ असीम और आलोक आज से अनिश्चितकालीन अनशन पर

पिछले दिनों फेसबुक और तमाम आनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल करने पर कई लोगों को जेल जाना पड़ा. इसके लिये आईटी एक्ट की धारा 66 (A), जिसे 2008 में जल्दबाजी में सूचना तकनीकी कानून के साथ जोड़ दिया गया था, जिम्मेदार है. 22 दिसंबर 2008 को संसद में महज़ 15 मिनट के भीतर 8 क़ानून पास हुए थे. आई टी एक्ट का सेक्शन 66-A भी उनमे से एक था. इससे पता लगता है कि कितनी लापरवाही के साथ इतना तानाशाही क़ानून पास कर दिया गया.

सीएम से पत्रकारों का संबंध बेहतर क्‍यों नहीं होने देना चाहते नौकरशाह?

नौकरशाहों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर दबाव बना लिया है यह बात अब सामान्य लोग भी कहने लगे हैं। मगर नौकरशाह इतनी मनमानी पर उतर आयेंगे कि वह मुख्यमंत्री के आदेशों की लगातार अवहेलना करेंगे ऐसा किसी ने नहीं सोचा था, मगर अफसोस कि ऐसा हो रहा है। लगातार हो रहा है। अब तक तो सामान्य सरकारी कामकाज को टालने की बात थी मगर अब अफसर सरकार और मीडिया के बीच दूरी बनाने में जुट गये हैं। मुख्यमंत्री के पत्रकारों के संबंध में दिये गये निर्देशों पर महीनों तक कोई कार्रवाई न करके अफसरशाही ने इसे साबित भी कर दिया है।

पत्रकार को जेल भेजे जाने के विरोध में 11 दिसम्‍बर को बंद रहेगा जालौन

जालौन में सपा नेता पर हुए हमले के आरोप में एक पत्रकार को फर्जी फंसा कर जेल भेजने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिसको लेकर पत्रकार 22 नवम्बर से जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई पहल न होने और निर्दोष पत्रकार को न छोड़े जाने पर जिले के पत्रकारों के साथ साथ सभी दलों के नेताओं और प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सभी संगठन, राजनैतिक दल और पत्रकार संगठनों के लोगों ने एक सुर में समर्थन देकर 11 दिसंबर को जिले भर का बाजार बंद कराने का आह्वान कर दिया है।

देहरादून में वरिष्ठ पत्रकार संतोष वर्मा का निधन, उनकी लाश लेने वाला कोई नहीं

फेसबुक पर सुनीता भास्कर ने ये लिखा है : देहरादून के मित्रों के लिए… बेहद दुःख के साथ इत्तला है मित्रो …वरिष्ठ पत्रकार आदरणीय संतोष वर्मा जी की अनायास ही ह्रदय गति रुकने से मौत हो गयी है….उन्हें दून अस्पताल की मौर्चरी मैं रखा गया है..दुर्भाग्य से उनके घर परिवार का कुछ पता नहीं चल पा रहा है.क्यूंकि परिवार उनके साथ नहीं रहता था…अगर आप किसी को, जो जानते हैं उन्हें कुछ मालूम चल पाए तो इत्तला जरुर दें..शीघ्र अति..

”चैनल के पत्रकार के हत्‍यारों को गिरफ्तार कराया जाएगा”

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि काबर्दिनो-बल्कारिया क्षेत्र में हुई टीवी पत्रकार की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर दंडित किया जाएगा। पुतिन ने रूसी मानवाधिकार लोकपाल व्लादिमीर लुकिन के साथ बैठक में कहा कि मुझे यकीन है कि हमारी पुलिस हत्यारों की तलाश करने का हर सम्भव प्रयास करेगी और इन अपराधियों को दंडित करेगी। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार रूसी गणराज्य काबर्दिनो-बल्कारिया की राजधानी नलचिक में बुधवार देर रात वीजीटीआरके प्रसारण कम्पनी के लिए स्थानीय दैनिक समाचार कार्यक्रम की मजेबानी करने वाले कजबेक गेक्कियेव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

प्रमोद भारद्वाज ने स्‍वदेश छोड़ा, अग्निबाण के ग्रुप एडिटर बने

खबर है कि चर्चित और युवा पत्रकार प्रमोद भारद्वाज ने स्वदेश ग्रुप छोड़ दिया है। वे वहां ग्रुप एडिटर थे। अब उन्होंने अपनी नई पारी मध्यप्रदेश के अग्निबाण ग्रुप से शुरू की है। उन्‍होंने यहां बतौर ग्रुप एडिटर ज्वाइन कर लिया है। वे ग्रुप के इवनिंग डेली के इंदौर, भोपाल संस्‍करणों को रीलांच कराएंगे साथ ही ग्वालियर, जबलपुर तथा छत्‍तीसगढ़ में रायपुर व बिलासपुर संस्‍करण लांच कराएंगे। ये इवनिंग डेली अब नयी सजधज और तेवर के साथ बाज़ार में उतरेगा। प्रमोद इसके लिए नयी टीम खड़ी कर रहे हैं। प्रमोद ग्रुप के एमडी राजेश चेलावत और ग्रुप के सीनियर मेम्बर विनोद खुजनेरी को रिपोर्ट करेंगे।

क्यों न ‘हम’ अपने बेटे का नाम ‘मुलायम’ रख दें (देखें चार कार्टून)

मुलायम और मायावती ने जिस तरह कांग्रेस के आगे सरेंडर किया और एफडीआई को पास कराने में बड़ी भूमिका निभाई, उससे जनता के सामने कई संदेश गए हैं. यह कि दुश्मनों पर एतबार कर लो, नेताओं का कभी भरोसा न करो. जिस समाजवादी पार्टी ने एफडीआई के खिलाफ बंद का आयोजन किया था और उसके नेता लोग जिले जिले में रेल बस रोक कर आम जन जीवन ठप करने पर तुले थे, उसी सपा ने कांग्रेस को मदद देकर एफडीआई पास करा दिया. सबसे आश्चर्यजनक भूमिका मुलायम सिंह यादव की रही. मायावती तो तब भी अंत तक चुप रहीं और आखिर में लोकसभा में वाकआउट और राज्यसभा में खुलकर पक्षधरता दिखाकर अपनी राजनीतिक मजबूरी का इजहार कर दिया लेकिन मुलायम ने आखिर तक विरोध किया पर ऐन वक्त पर वाकआउट करके कांग्रेस को एफडीआई पर सपोर्ट दे दिया. इस मुद्दे पर चार कार्टून यहां पेश हैं. -यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया

प्रधान संपादक बनते ही सीएम से ‘चर्चा’ करने पहुंच गए रवींद्र जैन!

 

रवींद्र जैन 'हिंदुस्तान एक्सप्रेस' नामक एक अखबार के संपादक बने. ज्यादा नहीं, हफ्ते दो हफ्ते हुए होंगे. और, आज उन्होंने खुद अपने फेसबुक एकाउंट के जरिए सबको बताया है कि उन्होंने सीएम शिवराज से चर्चा की और 'हिंदुस्तान एक्सप्रेस' के विस्तार की जानकारी दी. सोचिए, आजकल के दौर में लोग प्रधान संपादक बनते क्यों हैं और जो प्रधान संपादक बन जाता है वो तुरंत सीएम-पीएम के यहां भागकर जाता क्यों है? अपने अखबार के विस्तार के बारे में सीएम को बताने की जरूरत क्यों है? और, सीएम से 'चर्चा'में देश-दुनिया पर तो क्या बात होगी, बाकी क्या बात हुई और उसके क्या फायदा-नुकसान अखबार को होने वाला है? 

भूत के कारण मुझे अपना गांव छोड़ना पड़ा : लखन सालवी

आदरणीय, यशवंत जी भाईसाब को नमस्कार। मैंने जिस दिन आपको पुलिस पब्लिक प्रेस के बारे में लेख भेजा था। उसके एक दिन पूर्व ही मुझे आपके न्यूज पोर्टल भड़ास4मीडिया की जानकारी मिली थी। बताया गया था कि कोई भी पत्रकार अपनी व्यथा इस पोर्टल के माध्यम से सार्वजनिक कर सकता है। रातभर में कई कागज फाड़ने के बावजूद पुलिस पब्लिक प्रेस के संबंध में लेख पूरा हो ही गया। मैंने बिना आपसे बात किए वो लेख आपकों ईमेल द्वारा भेज दिया। खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा जब लेख भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित हुआ।

भूत का स्टिंग : सुनें टेप : किरण बेदी की वजह से दिल्ली पुलिस मेरे पीछे पड़ी और लाखों का नुकसान हुआ

हजारों अखबारों में और पत्र-पत्रिकाओं में इस खबर को तमाम प्रमाणों सेहित दिया लेकिन बारां जिले के "निराला राष्ट्रध्वज" के अलावा यह खबर किसी भी अखबार में प्रकाशित नहीं हुई। दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका व दैनिक नवज्योति के पत्रकारों और सम्पादाकें को कई बाद इस फ्राड के बारे में बताया लेकिन वहीं हुआ ढाक के तीन पात . .  स्टोरी कहीं नहीं छपी। धन्यवाद देना चाहूंगा मुख्यधारा के समाचार पत्रों के भी बाप बन चुके भड़ास को जिन्होंने बेबाकी से स्टोरी को प्रकाशित किया। यशवन्त भाई को विशेष धन्यवाद जिन्होंने स्टोरी को प्रमुखता से सबसे पहले प्रकाशित किया। उसके बाद वेब मीडिया की मार्फत फैली इस खबर से तिलमिलाए पवन भूत ने मुझे फोन कर धमकी दी। -लखन सालवी, पत्रकार

सुनता है गुरु ज्ञानी…. (कबीर) को सुनें कुमार गंधर्व की आवाज में

Sunta hai guru gyani.. Gagan me awaaz ho rahi hai jheeni, jheeni, jheeni, jheeni, jheeni, jheeni… Lyrics by Kabir…. Performed by Kumar Gandharva … कुमार गंधर्व की आवाज में कबीर का एक भजन… सुनता है गुरु ज्ञानी… गगन में आवाज हो रही है झीनी, झीनी, झीनी, झीनी, झीनी, झीनी…

शिशिर सोनी हरिभूमि के साथ, आकाश ने एमएच1 न्यूज ज्वाइन किया

शिशिर सोनी के बारे में सूचना है कि उन्होंने हरिभूमि अखबार में वरिष्ठ पद पर ज्वाइन किया है. शिशिर सोनी दैनिक भास्कर के नेशनल ब्यूरो में वरिष्ठ पद पर रह चुके हैं. कई अखबारों में काम कर चुके शिशिर अपनी बेहतरीन रिपोर्टिंग और एक्सक्लूसिव खबरों के लिए जाने जाते हैं. 

जी संपादकों की गिरफ्तारी के तरीके पर दुखी हैं हरिभूमि के संपादक ओमकार चौधरी

जिस तरह जी न्यूज और जी बिजनेस के संपादकों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उन तौर-तरीकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। इन संपादकों पर कोयला खदान आवंटन से जुड़ी खबरों के प्रसारण रोकने की एवज में जिंदल ग्रुप से सौ करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया है। 

पत्रकारिता की खराब हालत पर बहुत चिंतित हैं शशि शेखर

शशि शेखर. हिंदुस्तान अखबार के प्रधान संपादक. इससे पहले अमर उजाला के प्रधान संपादक रहे. आज अखबार से लेकर आजतक चैनल की भी यात्रा उन्होंने की. उन पर कई तरह के आरोप लगे और लगते रहते हैं. अपने अधीनस्थों से गाली गलौज से बातचीत करना, अखबार बेचने के लिए झूठी या आंशिक सच्चाई वाली खबरों को तान देना, कुशाग्र लोगों की जगह औसत से कम दिमाग वालों को तरजीह देना और चेला बनाकर रखना, जहां काम करना वहां के मैनेजमेंट के सारे प्रबंधकीय कामधाम भी पत्रकारों के जरिए करा देना, ब्राह्मणवादी मानसिकता से ग्रसित होने के कारण दलितों-पिछड़ों की नियुक्ति में उपेक्षा करना… ऐसे शशि शेखर अगर पत्रकारिता की गिरती हालत पर चिंता व्यक्त करें तो हम सबों का चिंतित हो जाना बहुत जरूर हो जाता है. पहले आप पढ़ें कि शशि शेखर ने अपनी चिंता किस रूप में व्यक्त की है. उसके बाद भड़ास पर एक वीडियो अपलोड किया जाएगा, जिससे शशि शेखर की शख्सियत के दूसरे पक्ष से अब अच्छे तरीके से परिचित हो जाएंगे. -यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया

महुआ माजी पर आरोप इस लेख के जरिए लगा, लेखक हैं श्रवण कुमार गोस्वामी

: महान लेखक बनते नहीं, बनाए भी जाते हैं : 'आजकल’ (फरवरी 2012) में स्वर्गीय श्रीलाल शुक्ल की एक रचना प्रकाशित हुई है-‘मैं महान लेखक क्यों नहीं बन सका?’ वस्तुतः यह रचना आकाशवाणी के किसी केंद्र के लिए प्रसारणार्थ लिखी गई थी.इस रचना की अंतिम पंक्ति है-‘महान लेखक हमेशा बनते नहीं, बनाए भी जाते हैं.’ मेरे जानते हिन्दी साहित्य में किसी साहित्यकार को महान बनाने के कार्य की शुरुआत स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद ही हो गई थी. 

महुआ माजी ने फोन करके कहा- अपने पक्ष में सुबूत खोज लिया

Geeta Shree :  अभी अभी महुआ माजी ने फोन करके बताया कि उसने अपने पक्ष में तमाम सबूत खोज लिए हैं..अपने पात्रों को भी पाठको से मिलवाएगी..साथ ही साल 2002 में जिसका 50 पेज का इंटरव्यू लिया था, वह भी मिल गया है, पांडुलिपि भी मिल गई जिसमें कांट छांट की गई है, पांडुलिपि का रफ ड्राफ्ट भी मिल गया है..उपन्यास के पात्र नहीं चाहते थे कि उनका नाम सावर्जनिक हो लेकिन कुछ दुष्ट मानसिकता वालों ने जो तूफान खड़ा किया है इसमें पात्र मजबूरन उड़ कर सामने आ जाएंगे..

अमित आर्या की नई पारी, सईद अहमद का इस्तीफा

 

खबर है कि इंडिया न्यूज नेशनल में अमित आर्या ने ज्वाइन किया है. वे पहले भी इंडिया न्यूज में काम कर चुके हैं. अमित कई चैनलों में विभिन्न पदों पर रहे हैं. अमित आर्या ने किस पद पर ज्वाइन किया है, यह पता नहीं चल पाया है. 

श्रीनिवास पंत ने सी न्‍यूज एवं साक्षी ने इंडिया न्‍यूज ज्‍वाइन किया

चढ़दीकला टाइम टीवी से खबर है कि श्रीनिवास पंत ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे अब सी न्‍यूज उत्‍तराखंड की जिम्‍मेदारी संभालेंगे. उन्‍हें सी न्‍यूज का ब्‍यूरोचीफ बनाया गया है. इसके पहले भी श्रीनिवास आउटपुट हेड के रूप में सी न्‍यूज की जिम्‍मेदारी संभाल चुके हैं. माना जा रहा है कि श्रीनिवास चैनल को उत्‍तराखंड में मजबूती प्रदान करेंगे. श्रीनिवास टीवी100, वॉयस ऑफ नेशन, टाइम टीवी में कई महत्‍वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं. उनकी गिनती अच्‍छे खोजी पत्रकारों में की जाती है. श्रीनिवास ने सी न्‍यूज से जुड़ने की पुष्टि की.

महिला रचनाकारों के चरित्र हनन का जवाब लाठी से दें

Geeta Shree : दोस्तों….वक्त आ गया है कि साहित्य में भी गुलाबी गैंग बनाएं और चरित्रहनन का जवाब लाठी से दे। ये लोग नहीं मानेंगे..इनकी पहचान जरुरी है और इन्हें महफिल में घुसकर ठोंका जाए. महिला रचनाकारों की पहचान किसी ना किसी की गर्लफ्रेंड के रुप में करने की मानसिकता पर लाठी बरसाई जाए या उन्हें कोर्ट में घसीटा जाए…लाओ सबूत..यों ही कुछ भी बोल देना और गौसिप करना…इन दिनों इस तरह की हिंसा कुछ ज्यादा ही बढ़ रही है…लानत है…इस पढ़े लिखे समाज पर..सारा साहित्य कबाड़ में डाल दो..जहां नजर इतनी कुंठित और धुंधली है..

छत्तीसगढ़ सरकार से न्यूज, प्रोग्राम, टिकर, स्पेशल पैकेज, साइड पैनल, लाइव के पैसे वसूलते हैं न्यूज चैनल

छत्तीसगढ़ में रमन सिंह सरकार की जय जय करने के लिए मीडिया वाले खुद बिछ जाते हैं और इसके लिए जमकर पैसे वसूलते हैं. यही नहीं, ये मीडिया वाले पैसे लेकर नक्सलवादी आंदोलन के खिलाफ कवरेज भी करते हैं. छत्तीसगढ़ में रमन सरकार का साफ साफ इशारा है कि नक्सलियों के खिलाफ खबरें दिखाओ, और उस खबर के पैसे ले जाओ. इससे आप समझ सकते हैं कि छत्तीसगढ़ में नक्सली आंदोलन के खिलाफ जो दुष्प्रचार आपको प्रिंट, टीवी और वेब पर दिखता है, उसका 99 फीसदी हिस्सा पेड होता है. यानि भारी भरकम पैसे लेकर ये लोग नक्सली आंदोलन को बदनाम करने के लिए कहानियां गढ़ते-दिखाते हैं. 

पंजाब की शक्ति का हेडक्‍वार्टर भी होने लगा खाली

 

दैनिक जागरण व दैनिक भास्‍कर को बाहरी अखबार बताकर पंजाब में उतरे पंजाब की शक्ति का लुधियाना हेडक्‍वार्टर भी खाली होने लगा है। अमृतसर, जालंधर, लुधियाना व बठिंडा कार्यालय के साथ पूरे मालवा में कामकाज ठप हो चुका है। अब पिछले एक सप्‍ताह से लुधियाना के बीआरएस नगर में खुला शक्ति का कार्यालय खाली खाली पड़ा है। 

ब्‍लैकबेरी व सैमसंग टैब के तले दबी पत्रकारों की बेइज्‍जती

 

: कानाफूसी : पंजाब के डिप्‍टी चीफ मनिस्‍टर सुखबीर बादल का बठिंडा में सभी पत्रकारों की मौजूदगी में प्रेस क्‍लब के प्रधान एसपी शर्मा को पत्रकारों की पॉपुलेशन बढ़ने की बात कहकर ताना मारने और इनकी फैमिली प्‍लांनिंग करने की बात कह बेइज्‍जत करने पर उनकी चुप्‍पी कोई आश्‍चर्य की बात नहीं है। बताया जा रहा है कि दीवाली के मौके पर सत्‍ताधारी दल की तरफ से बठिंडा के पत्रकारों को ब्‍लैकबेरी और सैमसंग टैब मोबाइल गिफ्‍ट किए थे। साथ में काजू की टोकरी और शराब की पेटी भी दी गई। 

बीबीसी हिंदी के संपादक बने निधीश त्‍यागी

बीबीसी हिंदी से बड़ी खबर आ रही है. इसके नए संपादक निधीश त्‍यागी बनाए गए हैं. बीबीसी के लोगों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है और इस बाबत बीबीसी हिंदी में आंतरिक मेल भी जारी कर दिया गया है. निधीश अगले साल जनवरी में बीबीसी हिंदी में अपना पद ग्रहण कर लेंगे. बीबीसी ने हिंदी के संपादक के लिए बीते सितम्‍बर महीने में आवेदन मांगा था. 

खबरें अभी तक में डिप्‍टी आउटपुट एडिटर बने लोकेश सिंह

करीब पांच साल तक टोटल टीवी के साथ जुड़े रहे लोकेश सिंह अब खबरें अभी तक में डिप्‍टी-आउटपुट एडिटर का काम सम्‍हालेंगे। टोटल टीवी से शुरुवात करने वाले लोकेश सिहं आउटपुट से अपना कैरियर शुरू किया था। इसके बाद टोटल टीवी में ही राजनीतिक संवाददाता के रूप में भी काम किया, जिसमें कई महत्‍वपूर्ण मंत्रालयों के साथ नेशनल बीजेपी बीट कई वर्ष बहुत करीब से देखते रहे। इसके बाद वो दैनिक हिन्‍दी पेपर राष्ट्रीयय स्‍वरूप के सीनियर संवाददाता के पद पर काम किया।

विज्ञापन मुक्‍त दो चैनल ला रहा है एचबीओ!

भारत में पहली बार एचबीओ एशिया दो नए प्रीमियम मूवी चैनल शुरू करेगी, जो सब्सक्रिप्शन मॉडल पर उपलब्ध कराए जाएंगे। संभवत: दो चैनल एचबीओ डिफाइंड और एचबीओ हिट्स शुरू करने जा रही कंपनी डिजिटलीकरण कार्यक्रम पर दांव लगाने जा रही है और प्रीमियम खंड में उतरकर बढ़त बनाना चाहती है। कंपनी ने दो विज्ञापन मुक्त चैनलों के कंटेंट के लिए इरोस इंटरनैशनल के साथ साझेदारी भी की है। दोनों चैनलों के लगभग 30 फीसदी कंटेंट हिंदी फिल्मों (इरोस द्वारा उपलब्ध) के होंगे, जबकि बाकी कंटेंट पैरामाउंट और टाइम वार्नर जैसे हॉलीवुड स्टूडियोज से मिलेंगे।

महिलाओं की लड़ाई लड़ने के लिए इस अखबार को निकालती हैं महिलाएं

आर्थिक रूप से पिछड़े हुए तबके की महिला होने के नाते ग्रामीण इलाके में एक समाचार पत्र स्थापित करना कितना मुश्किल था? 'खबर लहरिया' की 40 वर्षीय प्रधान संपादक मीरा से मैंने यही सवाल किया। उन्होंने एक शिक्षक की तरह जवाब दिया, 'उतना ही मुश्किल जितना दुनिया में कहीं भी किसी भी अन्य पत्रकार के लिए हो सकता है। फिर भी कहा जाता है कि पत्रकारिता आसान है।' लेकिन यह उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित बुंदेलखंड है जो देश के सबसे पिछड़े  इलाकों में से है। यहां का समाज बिलकुल अलग है, राजनीतिक और आर्थिक शक्तियां भी ऐसी हैं कि यहां किसी संवाददाता के लिए काम करना आसान नहीं है। इस इलाके से खबर निकालने का मतलब है शक्तिशाली राजनीतिज्ञों से लोहा लेना।

मध्‍य प्रदेश में अखबारों के नाम पर छूट की लूट

जनता पार्टी के नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी जब नवंबर की शुरुआत में राजनीतिक दृष्टि से देश के सबसे प्रतिष्ठित गांधी परिवार पर नेशनल हेराल्ड अखबार को चलाने वाली कंपनी के अधिग्रहण का आरोप लगा रहे थे उसी समय मध्य प्रदेश सरकार के एक फैसले पर कम ही लोगों की नजर गई जो इसी अखबार से जुड़ा था.

नोएडा में मीडियाकर्मी की कार बदमाशों ने लूटी

नोएडा : नोएडा में कोई भी सुरक्षित नहीं है. खबर है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर सेक्टर-44 के सामने चार बदमाशों ने एक चैनल में काम करने वाले मीडिया कर्मी से कार लूट ली. कर्मी की शिकायत पर कोतवाली सेक्टर-49 पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. हालांकि अभी तक कार लुटेरों का कोई अता-पता नहीं चल पाया है. हमेशा की तरह पुलिस बस अंधेरे में तीर मारने में जुटी हुई है.

प्रभात खबर प्रबंधन ने मुकेश पाण्‍डेय को कार्यालय आने से मना किया

डेहरी ऑन सोन में सेक्‍स स्‍कैंडल मामले में मोडम कार्यालय प्रभारी मुकेश पाण्‍डेय का नाम आने के बाद प्रभात खबर ने उन्‍हें ऑफिस आने से मना कर दिया है. हालांकि उन्‍हें अभी बाहर नहीं किया गया है. जब तक जांच में वे पाक साफ साबित नहीं हो जाते तब तक उनको कार्यालय आने की मनाही …

नेशन टुडे से जुड़े विशाल, अक्षय, सुहेल एवं अबुल

जल्‍द लांच होने जा रहे नेशन टुडे न्‍यूज चैनल से खबर है कि पिछले दिनों कई लोगों ने ज्‍वाइन किया है. एबीपी न्‍यूज से इस्‍तीफा देकर विशाल कॉलरा एवं अक्षय शुक्‍ला नेशन टुडे पहुंच गए हैं. दोनों लोगों ने प्रोड्यूसर कम एंकर के पद पर ज्‍वाइन किया है. अक्षय स्‍टार न्‍यूज के एंकर हंट प्रतियोगिता …

सुभाष चंद्रा एवं पुनीत गोयनका की गिरफ्तारी पर 14 दिसम्‍बर तक रोक

नई दिल्‍ली। जी समूह के चेयरमैन एवं उनके पुत्र पुनीत गोयनका को कम से कम आठ दिसम्‍बर को होने वाले पूछताछ के बाद पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकेगी. साकेत की एक सत्र अदालत ने जी ग्रुप के प्रमुख सुभाष चंद्रा और उनके बेटे पुनीत गोयनका को बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ़्तारी पर 14 दिसंबर तक की रोक लगा दी है. कोर्ट ने यह आदेश सुभाष चंद्रा द्वारा दिए गए अग्रिम जमानत आवेदन पर दी है. सुभाष चंद्रा ने याचिका में इस बात की आशंका व्‍यक्‍त की थी कि पुलिस इस मामले में जांच के दौरान उन्‍हें गिरफ्तार कर सकती है.

सेक्स रैकेट में फंसा प्रभात खबर का पत्रकार मुकेश पांडेय

डेहरी ऑन सोन से पत्रकारिता को शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आई है. दलाली, वसूली के बाद अब पत्रकारों के सेक्‍स रैकेट में भी शामिल होने की बात सामने आने लगी हैं. प्रभात खबर, डेहरी ऑन सोन के प्रभारी मुकेश पाण्‍डेय सेक्‍स रैकेट में संलिप्त थे. इसका खुलासा खुद गिरफ्तारी की गई महिला ने किया. प्रेस वार्ता के दौरान आन सोन के एसपी भी मौजूद थे. 

अखबार बांटने से करियर शुरू किया और आज वरिष्ठ प्रसार प्रबंधक हैं राजेंद्र गुप्ता

अखबारों के साथ लंबी पारी खेल रहे राजेंद्र गुप्ता यूं ही टकरा गए. उनसे बातचीत हुई. पता चला कि वे एक जमाने में अखबार बांटते थे. और, अब वरिष्ठ प्रसार प्रबंधक के पद पर हैं. उनके करियर की यात्रा और उनकी सोच से प्रभावित हुआ. सोचा, उनके बारे में सबको बताया जाना चाहिए. तो उनसे कुछ सवाल पूछे. उन्होंने जो जवाब दिया. वो यहां पेश है. 

वे तीन लड़कियां मुझे घूरतीं, बार-बार अपमानित करतीं (गुमनाम की डायरी का एक पन्ना)

इस लेख की शुरुआत में मैं मेरे सभी पाठकों, खासतौर से महिलाओं से अग्रिम क्षमा चाहता हूं, क्योंकि हो सकता है कि यहां लिखी गई कुछ बातें आपको उचित न लगें, लेकिन यह मेरे जीवन का एक कड़वा सत्य है। यह एक लड़का और पांच लड़कियों की कहानी है, लेकिन किसी सूरत में यह कोई रंगीली, रसीली या भड़कीली कहानी नहीं है। मैं कौन हूं? – इस सवाल का जवाब कुछ वजहों से नहीं दे रहा हूं। इसका जवाब आपको आखिर में समझ में आ जाएगा। 

कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ और स्याही की जगह सिक्कों का दम (दो स्केच)

कौन कहता है कि कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ नहीं है… बिलकुल साथ है.. लेकिन थोड़े अलग अंदाज और रूप में… इसे आप नीचे दिए गए स्केच के जरिए समझ सकते हैं… मीडिया के हालत पर भी एक  स्केच नीचे है… कलम हम लोगों की अब भी खूब चलती है.. बस स्याही की जगह सिक्कों के दम से चलती है और अब तो सौ करोड़ के सिक्के भी कम पड़ने लगे हैं… सौजन्य से फेसबुक. 

मनमोहन बड़ी मछली लाकर छोटी मछलियों को क्या समझा रहे हैं? (देखें कार्टून)

एफडीआई पर दो और शानदार कार्टून. एफडीआई के मसले पर भड़ास पर कुल चार कार्टून प्रकाशित किए गए हैं. यह तीसरा और चौथा हैं. इसके पहले के दो भी इसी के साथ नीचे दिए जा रहे हैं. कार्टूनिस्ट को बधाई. अपनी बात बिलकुल साफ तरीके से कह देने के लिए और पाठकों को समझने में बिलकुल भी दिक्कत न होगी कि एफडीआई क्या है. 

भड़ासी चुटकुला : बैठे रहना और कुछ न करना उसी के लिए संभव है जो सबसे उपर हो…

एक कौवा पेड़ पर बैठा था। कर कुछ नहीं कर रहा था। उसे देखकर एक खरगोश ने सोचा क्यों न वह भी कौवे की तरह बैठा रहे…. कुछ न करे। 

सुभाष चंद्रा एवं पुनीत गोयनका के अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित

नई दिल्ली। जी न्यूज चैनल में खबर रोकने के एवज में पैसे मांगे जाने के मामले में जी न्‍यूज के मालिक सुभाष चंद्रा एवं पुनीत गोयनका की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने सुभाष चंद्रा व पुनीत गोयनका की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है। पुलिस ने दोनों की अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए अदालत में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी, जबकि नवीन जिंदल के अधिवक्ताओं ने अदालत में दावा किया कि उनके मुव्वकिल को लगातार धमकाया जा रहा है।

No assurance from Delhi Police to Subhash Chandra on his arrest

: This is in connection with the alleged Rs 100 crore extortion bid by two editors of his channel : The Delhi Police today refused to give any assurance in a court here that Zee Group Chairman Subhash Chandra and his son will not be arrested, if their complicity comes up during probe in connection with the alleged Rs 100 crore extortion bid from Naveen Jindal's firm by two editors of his channel.

गाजीपुर के पत्रकार केके का भी पत्रकारिता से मोहभंग

: सलाह केंद्र शुरू किया : यशवंत और ब्रजभूषण के हाथों कराया लोकार्पण : पत्रकारिता के बिगड़ते रूप को देखकर पढ़े-लिखे पत्रकार मेनस्‍ट्रीम मीडिया से मुंह मोड़ने लगे हैं. स्थितियां ऐसी होती जा रही हैं कि पत्रकार अब पत्रकारिता छोड़ रोजी-रोजगार के दूसरे धंधों के साथ लोगों को जागरूक करने के दूसरे तरीके अपनाने लगे हैं. तमाम ऐसे पत्रकार हैं, जिन्‍हें लगता है कि वे कारपोरेट मीडिया के माध्‍यम से वो नहीं कर पा रहे हैं, जिसके करने का सपना-सोच लेकर पत्रकारिता में कदम रखा था, वो पत्रकारिता छोड़ जनसेवा एवं जीविकोपार्जन की दूसरी राहों की तरफ मुखातिब हो रहे हैं.

निश्चिंत रहे कांग्रेस, सभी मौकों के लिए सपा का ‘साम्‍प्रदायिक कार्ड’ तो है ना!

समाजवादी सरकार का दोहरा चरित्र उसके लिए लोकसभा चुनाव में संकट पैदा कर सकता है। वह 2009 के मुकाबले 2014 के चुनाव में और मजबूत होने की बजाये कमजोर हो जाये तो इसमें किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। एक तरफ केन्द्र की कांग्रेस सरकार का किसान विरोधी रवैया बरकरार है तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी साम्प्रदायिकता की आड़ में केन्द्र सरकार की खेवनहार बनी है। वह समझती है कि जनता उसके बहकावे में आ जाएगी, लेकिन उसे यह नहीं पता है कि केन्द्र की कांग्रेस गठबंधन सरकार की गलत नीतियों के कारण मंहगाई बढ़ती जा रही है तो उसके भ्रष्ट नेताओं के कारण देश में  भ्रष्टाचार की गंगा बह रही है। इन दोनों ही विपत्तियों की मार सभी जातियों और वर्गों के लोगों को खाई जा रही है।

द सी एक्‍सप्रेस से अमन पठान का नाता खतम

जो फसल मैने बोई वो काटी नही कभी, दामन में गैर की मेरी मेहनत के फल गए। यह पंक्तियां द सी एक्सप्रेस कासगंज ब्यूरो कार्यालय में तैनात रिर्पोटर अमन पठान पर सटीक बैठ रही हैं, क्योंकि समाचार संपादक राजीव दधीच ने बीते बुधवार की शाम क्राइम रिर्पोटर अमन पठान को अकारण संस्थान से निष्कासित कर दिया गया। समाचार संपादक के इस फैसले से द सी एक्सप्रेस जुड़े रिर्पोटरों में रोष व्याप्त है। कासगंज ब्यूरो कार्यालय में कर्मचारियों में किया जा रहा बदलाव संस्थान के लिए घातक साबित हो सकता है।

एफडीआई पर इससे शानदार कार्टून दिखा हो तो बताइएगा…

संसद में एफडीआई पर गुणा-गणित के मसले को लेकर आज बहुत सारे कार्टून अखबारों में छपे हैं, और फेसबुक ट्विटर आदि पर शेयर किए गए हैं. नीचे जो कार्टून दे रहा हूं, वह सबसे मस्त लगा. ट्रिपल एम यानि मनमोहन, मुलायम और मायावती की तिकड़ी के सांठगांठ को इससे अच्छे तरीके से नहीं दिखाया-बताया-समझाया जा सकता. कार्टूनिस्ट को बधाई इस शानदार काम के लिए…

-यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया

बौद्ध अध्ययन की अन्तरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘संगायन’ का विमोचन

महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय, वर्धा में डॉ. भदंत आनंद कौसल्‍यायन बौद्ध अध्‍ययन केंद्र के प्रभारी अध्‍यक्ष डॉ. सुरजीत कुमार सिंह द्वारा संपादित बौद्ध अध्‍ययन की अंतरराष्‍ट्रीय अर्द्धवार्षिक शोध पत्रिका ‘संगायन’ के प्रवेशांक का लोकार्पण भारतीय बौद्ध अध्‍ययन सोसाइटी की 12 वीं वार्षिक कांग्रेस में देहरादून के दून विश्‍वविद्यालय में राष्‍ट्रीय पांडुलिपि मिशन की निदेशक प्रो.दीप्ति त्रिपाठी के द्वारा किया गया। 

नवीन जिंदल के खिलाफ संपादक, सिस्टम, पुलिस वाले क्यों नहीं खड़े हो रहे?

Harshvardhan Tripathi : सुधीर, समीर दोनों अभी भी जेल में है। ताजी खबर ये है कि जी के संपादकों के बाद अब जी के मालिक सुभाष चंद्रा अपनी जमानत के लिए याचिका डाल रहे हैं, सावधानी वाली। जी के दोनों संपादक इसीलिए जेल में हैं ना कि वो, ब्लैकमेलिंग कर रहे थे। अभी तक सारे संपादक खिलाफ हो गए थे इन दोनों के। ठीक भी लग रहा था। 

एकाध मामले कोर्ट में जाएं तो दिमाग ठिकाने आ जाएंगे : गीताश्री

Geeta Shree : साहित्य में इन दिनों व्यक्तिगत हमले बहुत बढ रहे हैं। जिसको जो मर्जी आ रहा है किसी के बारे में लिखकर विवाद पैदा कर दे रहा है। कोई आधारहीन साहित्यिक चोरी का इल्जाम लगा रहा है तो कोई अपने साथ संबंधो को जोड़ कर प्रचार कर रहा है। घिन्न आने लगी है अब…अपना नया कुछ रच पाना संभव नहीं है तो यही सब लिखकर प्रचार पाते रहो और तूफान उठाते रहो..ये कौन सी प्रवृति है साहित्य में..ये कैसी दुनिया है जो मेरी समझ से परे है। अपने को महान साबित करने की कैसी होड़ है…राजेंद्र यादव तो अक्सर करते हैं और एक लेखिका ने उन पर कोर्ट केस करने की ठान ली..फिर बीच बचाव करके उनको समझाया गया कि साहित्यिक मसलों को कोर्ट से दूर रखना चाहिए…क्या सिर्फ साहित्य के नाम पर आप कुछ भी लिख देंगे और आप बेहद रसूख वाले लोग हैं तो सदियां आप पर भरोसा करेंगी…मुझे तो लगता है कि एकाध मामले कोर्ट में जाएं तो दिमाग ठिकाने आ जाएंगे..साहित्यकारो की दोस्ती एक डरावने सपने में बदल रहा है….

सुभाष चंद्रा एवं पुनीत गोयनका ने दी अग्रिम जमानत की अर्जी

: आज होगी सुनवाई : नई दिल्‍ली : जी न्यूज और जिंदल ग्रुप के केस में जी ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा और उनके बेटे पुनीत गोयनका ने दिल्ली के साकेत कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी है. इस अर्जी पर आज सुनवाई होगी. सुभाष चंद्रा के अधिवक्‍ता ने बताया कि सुभाष चंद्रा और पुनीत गोयनका पुलिस की जांच में हर संभव सहयोग करना चाहते हैं, इसलिए एहतियात के तौर पर अग्रिम जमानत की अर्जी दी गई है ताकि पुलिस बेवजह उन्‍हें अरेस्‍ट ना करे.

सुभाष चंद्रा को भारी पड़ सकते हैं ये 286 सेकेंड

जिंदल ग्रुप से 100 करोड़ रुपये की उगाही के मामले में जी न्यूज के चेयरमैन सुभाष चंद्रा पर 286 सेकेंड भारी पड़ सकते हैं। जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया की जब हयात होटल में जिंदल ग्रुप के अधिकारियों के साथ बैठक खत्म हुई तो समीर ने चंद्रा से फोन पर लगभग पांच मिनट बात की थी। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा चंद्रा और गिरफ्तार संपादकों को आमने-सामने बैठाकर यह जानने का प्रयास करेगी कि इस दौरान क्या बात हुई थी।

दिल्‍ली के पास देने के लिए कुछ बचा नहीं और बनारस से मैंने कभी मांगा नहीं

बिना संदर्भ के कुछ भी कहीं भी छाप देना पाठक के साथ ज्‍यादती है, इसलिए यह इंट्रो दे रहा हूं। बनारस गया था, चार दिन हुए लौटे। अब भी दिमाग ठिकाने नहीं है। कुछ पुराने सवाल थे, खुद से किया एक वादा था, और भी बहुत कुछ… लौट कर यह लिखा। कुछ मित्रों का कहना था कि मुझे इसे छापना नहीं चाहिए। मुझे लगता है कि लिखने और छपने का बड़ा गहरा सम्‍बन्‍ध है। इसे डायरी का हिस्‍सा माना जा सकता है, लेकिन हर डायरी का एक सामाजिक मूल्‍य भी होता है, हो सकता है। दूसरे, लिख कर बक्‍से में रख लेने से बोझ जस का तस रहता है। छपने के बाद हलका होने की गुंजाइश रहती है। न हो, तो अपनी बला से। अस्मिताओं के विमर्श और अस्मिताओं के संकट के इस दौर में एक संकट ऐसा भी है, जो यदि निहायत निजी है तो इसके एकाध साझीदार भी होंगे ही, क्‍योंकि मेरे जाने कुछ भी नितांत निजी नहीं होता। सार्वजनिकता की गुंजाइश हर जगह है। क्‍यों न ऐसा सचेतन तौर पर किया जाए? रेचन के कई तरीकों में यह भी एक है। ''…जो जिगर के पार होता!'' शीर्षक सुझाने के लिए मेरे इस ब्लाग पोस्‍ट के पहले पाठक मित्र व्‍यालोक का शुक्रिया… -अभिषेक श्रीवास्तव.

झूठी जानकारी देकर बन गए मान्‍यता प्राप्‍त पत्रकार

महराजगंज : अपने को जनसत्‍ता एक्‍सप्रेस का जिला प्रभारी बताने वाले सतीशचंद्र श्रीवास्‍तव ने सरकारी मान्‍यता प्राप्‍त कर लिया है. वे इससे जुड़ी सारी सुविधाएं भी उठा रहे हैं. इसमें कोई बड़ी बात नहीं है, परन्‍तु ये सारी सुविधाएं उन्‍होंने झूठ बोलकर और गलत जानकारी देकर उठाई है. इसके बाद उनके स्‍कूल के प्रबंधन ने जिलाधिकारी के संज्ञान में इस मामला को डाला है. बताया जा रहा है कि सतीशचंद्र पिछले तीन दशक से महराजगंज के परतावल में स्थित पंचायत इंटर कालेज में एडेड अध्‍यापक हैं. इनको ट्रेजरी से वेतन भी मिल रहा है.

पावस कुमार एवं मनोज वर्मा ने शुरू की नई पारी

दैनिक भास्‍कर, दिल्‍ली से खबर है कि पावस कुमार ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे सब एडिटर के पद पर कार्यरत थे. पावस ने अपनी नई पारी सीएनएन आईबीएन के न्‍यूज पोर्टस से करने जा रहे हैं. पावस की गिनती अच्‍छे पत्रकारों में की जाती है. वे कुछ अन्‍य संस्‍थानों को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया के नाम पेशी वारंट जारी

: 8 दिसम्‍बर को कोर्ट में होगी पेशी : कोयला आवंटन घोटाला में कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल से जुड़ी खबर प्रसारित न करने की एवज में जबरिया सौ करोड़ रुपये मांगने के मामले में फंसे जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के संपादक समीर आहलूवालिया को अदालत में पेश होना पड़ेगा. साकेत कोर्ट ने पेशी वारट जारी किए हैं. महानगर दंडाधिकारी नेहा की अदालत ने निर्देश दिया कि दोनों संपादकों को 8 दिसंबर को अदालत के समक्ष पेश किया जाए.

इंडिया टुडे समूह का ‘एजेंडा आजतक’ आज से होगा शुरू

आपके अपने, सबसे चहेते चैनल ने की है एक नई पहल. खबरों की दुनिया में 12 साल की लगातार बादशाहत एक नए मुकाम तक पहुंचाने की एक कोशिश है एजेंडा आजतक. 11 सालों तक इंडिया टुडे कॉन्क्लेव आयोजित करने के बाद इंडिया टुडे ग्रुप लेकर आ रहा है हिंदी जगत का ये महामंच, जिसका थीम है 'इंडिया मांगे मोर'. इस महामंच पर बहस होगी राजनीति से लेकर रंगमंच तक की, समाज से लेकर भाषा तक की. जो बातें होंगी, वो आईना होंगी आज की सोच और कल का सच की. सबसे खास बात ये कि ये बातें होंगी हिंदी में.

पत्रकार को अगवा करने वाले सपा विधायक पर मुकदमा

खबर छपने से बौखला कर 'आज' समाचार पत्र के जिला प्रतिनिधि विनोद सिंह को अगवा करने के मामले में आज़मगढ़ जनपद के मेहनगर विधानसभा के सपा विधायक बृजलाल सोनकर पर आजमगढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है। 9 अक्टूबर आज समाचार पत्र में एक खबर 'रिश्तेदारों और ठेकेदारों के लिए हैं बने हैं जन प्रतिनिधि' प्रकाशित हुई थी, जिसमें सपा विधायक बृजलाल सोनकर पर वहां की जनता ने आरोप लगाया था कि विधायक जी जन शिकायतों के सम्बन्ध मे दिए जाने वाले आवेदनों पर शुल्क लेते हैं।

ब्‍लैकमेल कर लूटने वाले तीन पत्रकारों को सजा

उज्जैन की एक स्थानीय अदालत ने तीन पत्रकारों एवं उनके दो सहयोगी सहित पांच को लोगों को ब्लैकमेल कर लूटने के आरोप में 5-5 साल की सजा और 3-3 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि एक आरोपी को संदेह का लाभ देकर छोड़ दिया। इनमें घटना के मुख्य आरोपी को 7 साल की सजा सुनाई गई है। उज्जैन के सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश एके शुक्ला ने बुधवार को पत्रकार अनिल तिवारी, अभय तिरवार, सचिन गोयल तथा उनके सहयोगी मुन्ना कुशवाह एवं मोना खान को लोगों को लूटने एवं ब्लैकमेल करने के आरोप में यह सजा सुनाई।

गाजीपुर जिले के पत्रकार नवीन कुमार श्रीवास्तव बन गए सिविल जज

गाजीपुर । जिले के एक होनहार पत्रकार ने बिहार न्यायिक सेवा में सिविल जज के पद पर सफलता प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। सकलेनावाद निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पत्रकार ओंकार ना़थ श्रीवास्तव के पुत्र नवीन कुमार श्रीवास्तव ने प्रथम प्रयास में ही 134वीं रैंक के साथ सफलता अर्जित की है। 

अनुरंजन झा के मेट्रोमोनियल चैनल का नाम होगा ‘शगुन’

: नए साल में नया शगुन : नया साल सभी के लिए ढेर सारी खुशियां और  नई उम्मीदें लेकर आता है…ये वक्त होता है मौज-मस्ती और अपनों के साथ खुशियां मनाने का… और इस बार ये रहने वाला है और भी बहुत खास…इस नए साल की शुरुआत होगी कभी ना खत्म होने वाले खुशियों के अहसास के साथ…देश में पहली बार अपनी तरह का सबसे अलग टीवी चैनल शगुन नए साल में आपके सामने होगा….इस खास चैनल में सबकुछ होगा शादियों से जुड़ा…..यानि अब शादी की खुशियां और उत्साह आपके घर में 2013 से रहेगा बारहो मास.

पत्रकारों के चक्‍कर में फंसे गए एसडीओ, मामला होगा दर्ज

एक तरफ पूर्व प्रधानमंत्री इन्द्र कुमार गुजराल के निधन पर देश में राष्‍ट्रीय शोक घोषित था वहीं दूसरी ओर बिहार प्रशासनिक सेवा से संबद्ध रोसड़ा (समस्तीपुर) के अनुमंडल पदाधिकारी सुनील कुमार ने राष्‍ट्रीय शोक को धत्ता बताते हुए स्थानीय दैनिक जागरण के पत्रकार, शहर के एक महात्वाकांक्षी शिक्षाविद्, शिक्षा माफिया एवं एक व्यवसायी की सलाह पर अमल करते बिजली बत्ती के चकाचौंध के बीच समारोहपूर्वक रोसड़ा अनुमंडल का स्थापना दिवस मनाया तथा केक काटकर खुशियां मनाई।

खुद को पत्रकार बताने वाला हत्‍या के प्रयास, लूट के आरोप में गिरफ्तार

महाराजगंज से खबर है कि अपने को एक अखबार का पत्रकार बताने वाले व्‍यक्ति को पुलिस ने हत्‍या के प्रयास तथा लूट के आरोप में गिरफ्तार किया है. जानकारी के अनुसार परतावल के रहने वाले नागेश कसौधन, जो खुद को जनमोर्चा अखबार का पत्रकार बताता है, को पुलिस ने पकड़ा है. पुलिस ने आरोप लगाया है कि नागेश परतावल के शराब भट्टी की हत्‍या का प्रयास करके उसके पास से दो लाख पच्‍चीस हजार रुपये की लूट में शामिल था.

याहू 14 दिसंबर से बंद करेगा अपनी चैटरुम सेवा

याहू की लोकप्रिय चैट सर्विस याहू चैटरूम्स को बंद किया जा रहा है। कंपनी की ओर से मिली जानकारी के अनुसार पब्लिक चैट को स्थाई रूप से बंद किया जा रहा है। यह मशहूर चैट सर्विस साल 2005 में उस समय विवादों में आनी शुरू हो गई थी जब कंपनियों ने इस सेवा पर अपने विज्ञापन देने बंद कर दिए थे।

अनुरंजन झा ला रहे हैं देश का पहला ‘मेट्रोमोनियल चैनल’

आईआईएमसी से पत्रकारिता की डिग्री लेने वाले और स्टिंग आपरेशन्स के जरिए इलेक्ट्रानिक मीडिया में अपना एक अलग स्थान बनाने वाले अनुरंजन झा इन दिनों नया प्रयोग करने में जुटे हैं. वे देश का पहला मेट्रोमोनियल चैनल लांच करने जा रहे हैं. इस चैनल के लिए करीब दर्जन भर लोगों की नियुक्तियां हो चुकी हैं. इसका आफिस नोएडा सेक्टर 63 के बी ब्लाक में बनाया गया है.

सहारा को फरवरी तक तीन किस्‍तों में लौटाने होंगे निवेशकों के पैसे

नई दिल्‍ली : सहारा रिफंड केस में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक अहम फैसला दिया। कोर्ट ने सहारा समूह को अपने निवेशकों को अगले साल सात फरवरी तक किस्तों में 24,000 करोड़ रुपये वापस करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप को तुरंत 5 हजार 120 करोड़ रुपये सेबी को जमा करने को कहा है। इसके बाद बाकी पैसे दो किश्तों में जमा कराने होंगे। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों के 27 हजार करोड़ की राशि लौटाने के बारे में स्थिति स्पष्ट करने के लिए सहारा समूह को बुधवार तक का वक्त दिया। शीर्ष कोर्ट में आज इस मसले पर सुनवाई हुई।

वॉलमार्ट के गड़ासे से किसे कटवा रहे हैं मनमोहन? (देखें कार्टून)

एफडीआई और इसके माध्यम से भारत में घुसकर हंगामा बरपाने को तैयार वॉलमार्ट को लेकर भारत में बहस तेज हो चुकी है. ऐसे में कार्टूनिस्ट भी अपनी कूची चला रहे हैं. नीचे दिए गए कार्टून को टीम केजरीवाल के सदस्य कुमार विश्वास ने फेसबुक पर शेयर किया है, इस कमेंट के साथ- 

@F.D.I. सब की मिलीभगत है और कोई सोचने को तैयार ही नहीं है ! दुनिया के दूसरे दरीचों के लिए खिड़कियाँ खोलना बिलकुल बुरा नहीं बशर्ते की उधर से ख़ुशबू, मुहब्बत और तहज़ीब आती हो ! लेकिन अगर "वैस्ट"(WEST) का "वेस्ट"(WASTE) ही व्यापार कहलाता हो तो हमारे मोहल्ले की परचून की दूकान पर सारी गोरी-कृपा कुर्बान की जा सकती है ! संसद में तय पटकथा के अनुसार भाइयों-बहिनों ने बहुत उत्तम अभिनय किया….जिन में इस पर फैसला लेने की ताक़त है उन्होंने हम से ली अपनी ताक़त बाज़ार में बेच डाली है ! हम क्या करें हल्ला मचाने के सिवाय ,खतरे से आगाह करने के अलावा….अब रो-पीट कर घर तो बैठ सकते नहीं….!

"हमें खतरे का अंदाज़ा है लेकिन
हमारे घर में दरवाज़ा नहीं है ,
तुम्हारे घर में दरवाज़ा है लेकिन ,
तुम्हे खतरे का अंदाज़ा नहीं है…..!"

पत्रकारिता छोड़ किसानों को जागरूक करने में जुट गए कृष्‍ण कुमार कन्‍हैया

कुछ युवा पत्रकार अब यह पेशा छोड़कर नए रास्‍तों की तलाश कर रहे हैं. तनाव, उलझन, दांवपेंच, राजनीति में उलझे मीडिया न्‍यूज रूम से इतर वे अपने लिए उन्‍मुक्‍त आकाश पाने की कोशिशों जुटे हुए हैं. ऐसे ही एक पत्रकार हैं कृष्‍ण कुमार कन्‍हैया. वे पिछले एक दशक से ज्‍यादा समय तक पत्रकारिता करने के बाद अब किसानों को आधुनिक कृषि प्रणाली सिखाने के साथ इसे अपनी आजीविका का साधन भी बनाने की दिशा में अग्रसर हैं. वे पिछले कई महीनों से किसानों के बीच रहकर उनकी समस्‍याओं को सुनने तथा उनका निवारण करने में जुटे हुए हैं.

माफियाओं को पालते हैं संघ वाले…!! देखिए, ये हाफपैंटधारी तो नामधारी है

दीपक आजाद उत्तराखंड के ऐसे युवा पत्रकार हैं जिन्होंने अपने सिद्धांतों और सरोकार से समझौता नहीं किया. जहां समझौते करने जैसे हालात आए वहां उन्होंने नौकरी छोड़ने ज्यादा पसंद किया. उन्होंने पेड न्यूज के मुद्दे पर दैनिक जागरण की नौकरी को लात मारी. कई अन्य जगहों पर काम किया लेकिन वहां अपने सिद्धांतों, तेवर और प्रगतिशील सोच के कारण एडजस्ट नहीं कर पाए. अब दीपक आजाद ने खुद की एक मैग्जीन का प्रकाशन शुरू किया है. नाम है वॉचडॉग. वे इसके प्रधान संपादक हैं.

रीलॉन्‍च हुई दैनिक भास्‍कर की अंग्रेजी वेबसाइट

दैनिक भास्‍कर समूह ने अपनी अंग्रेजी की वेबसाइट डेलीभास्‍कर डॉट कॉम को रीलॉन्‍च किया है. मंगलवार को फिल्‍म अभिनेता सलमान खान और कैटरीना कैफ ने 'द कुलेस्‍ट साइट' के टैग लाइन के साथ भास्‍कर की इस वेबसाइट को रीलॉन्‍च की. युवाओं को ध्‍यान में रखते हुए इस खास साज सज्‍जा के साथ डिजाइन किया गया है. इसे ज्‍यादा बेहतर बनाने की कोशिश की गई है. रीलॉन्‍च हुए वेबसाइट में फैशन, सेहत, ग्‍लैमर, गॉसिप, टेक्‍नॉलजी, ऑटो, स्‍पोर्ट्स समेत जीवन के सभी पहलुओं को ध्‍यान में रखा गया है.

”नेताजी बहुत नाराज हैं तुमसे, उठवा ली जाओगी”

लखनऊ की एक सामाजिक कार्यकत्री एवं आरटीआई एक्टिविस्‍ट उर्वशी शर्मा ने तालकटोरा थाना में आवेदन देकर शिकायत की है कि उनको तथा उनके परिवार को जान से मारने की धमकी मिली है. उर्वशी ने अपने शिकायत में आरोप लगाया है कि गुजरात से किसी हरिभाई यादव का फोन आया था, जिस पर उन्‍हें धमकी दी गई कि अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करना तथा आरटीआई डालना छोड़ दो, नहीं तो उठवा ली जाओगी. तुम्‍हारे इस काम से नेताजी भी बहुत नाराज हैं. उर्वशी ने पुलिस ने अपने तथा परिवार के जानमाल की रक्षा की गुहार लगाई है. नीचे उर्वशी शर्मा द्वारा पुलिस को दिया गया पत्र.

शोभना भरतिया के पति पर भी मेहरबान रहे हैं मोदी

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि मोदी ने अडानी ग्रुप के साथ-साथ हिंदुस्‍तान मीडिया वेंचर लिमिटेड की मालकिन शोभना भरतिया के पति की कंप‍नी जुबिलंट एनप्रो प्राइवेट लिमिटेड को भी केजी बेसिन में गैस ब्‍लॉक देकर उपकृत किया. इसमें मोदी के साथ कांग्रेसी नेताओं की भी साठगांठ है. उन्‍होंने कहा कि मोदी राज में केवल उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया गया.

सहारा आज बताएगा कब वापस करेगा निवेशकों का पैसा

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों के 27 हजार करोड़ की राशि लौटाने के बारे में स्थिति स्पष्ट करने के लिए सहारा समूह को बुधवार तक का वक्त दिया है। शीर्ष कोर्ट में आज फिर इस मसले पर सुनवाई होगी। प्रधान न्यायाधीश अलतमस कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मंगलवार को सहारा को इसका जबाव देने के लिए एक दिन और मोहलत दी। पहले उन्हें न्यायालय को पैसा लौटाने के बारे में बताना था। सहारा समूह इस मसले पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए अतिरिक्त समय चाहता था।

दैनिक जागरण, मेरठ के चीफ सब देवेश त्‍यागी को दिल का दौरा, हालत गंभीर

दैनिक जागरण, मेरठ से खबर है कि चीफ सब एडिटर देवेश त्‍यागी को दिल का दौरा पड़ा है. उन्‍हें गंभीर हालत में धनवंतरी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. डाक्‍टरों ने तत्‍काल उनके हर्ट की एंजियोप्‍लास्‍टी की, जिसमें पता चला है कि उनके हृदय में कई ब्‍लॉकेज आए हैं. उन्‍हें डाक्‍टरों की गहन निगरानी में …

राष्‍ट्रीय सहारा के वरिष्‍ठ पत्रकार रत्‍नेश मिश्र बने अध्‍यक्ष

दिल्ली प्रेस प्रत्यायन समिति के अध्यक्ष पद का चुनाव सोमवार को दिल्ली सचिवालय में कराया गया। इस पद के लिए तीन प्रत्‍याशी मैदान में थे। परन्‍तु राष्‍ट्रीय सहारा समाचार पत्र के मुख्य संवाददाता रत्नेश मिश्र को समिति का अध्यक्ष चुना गया।

लखनऊ के पत्रकार डीपी शुक्ला को बदनाम करने की साजिश!

(अपडेट) लखनऊ के पत्रकार डीपी शुक्ला को बदनाम करने की मंशा के तहत कुछ लोग उनके खिलाफ दुष्प्रचार करते हुए गलत जानकारियों भरे मेल न्यूज पोर्टलों के पास भेज रहे हैं. इन मेल में श्रीटाइम्स के सीनियर पत्रकार डीपी शुक्ला के पुत्र पर गंभीर आरोप लगाए गए जबकि उनका पुत्र मात्र आठ साल का है. 

पेड न्‍यूज रोकने के लिए काटजू ने चार सदस्‍यीय समिति गठित की

नयी दिल्ली : भारतीय प्रेस परिषद ने गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान पेड न्यूज पर रोक लगाने और प्रेस की स्वतंत्रता को किसी भी तरह से प्रभावित करने के प्रयासों पर नजर रखने के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। पीसीआई अध्यक्ष न्यायमूर्ति मार्कंडेय काट्जू ने इसकी जानकारी दी।

मीडियाकर्मी विशाल के भाई की संदिग्‍ध परिस्थितियों में मौत

एक मीडियाकर्मी के भाई की संदिग्‍ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मीडियाकर्मी ने अपने भाई की मौत में किसी साजिश की आशंका जताई है. हमार टीवी, नोएडा में सीनियर प्रोमो एडिटर विशाल पाण्‍डेय मूल रूप से बनारस के रहने वाले हैं. विशेश्‍वरगंज कोतवाली के नाटी इमली क्षेत्र में उनका घर है. विशाल का छोटा भाई विवेक पांडेय (29 वर्ष) अपने चाचा के साथ रहता था. विशाल तथा उनके बड़े भाई जिम्‍मी पांडेय दिल्‍ली में रहते हैं.

सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया को फिर रिमांड पर लेगी पुलिस

: कोर्ट में दी अर्जी : सुभाष चंद्रा को तीसरी बार नोटिस जारी : कोल ब्लाक आवंटन घोटाले में कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल से संबंधित खबर प्रसारित न करने के लिए सौ करोड़ रुपये मागने के आरोपी जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के संपादक समीर अहलूवालिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. इन दोनों संपादकों को दिल्ली पुलिस दोबारा रिमांड पर लेना चाहती है. पुलिस ने साकेत कोर्ट में अर्जी दायर कर दोनों को फिर से  पूछताछ के लिए एक दिन की रिमांड पर देने की अपील की है. इस मामले पर कल सुनवाई होगी.

पंजाब केसरी के लापता पत्रकार की मोबाइल लोकेशन धर्मपुर में मिली

शिमला : थाना रोहड़ू के तहत पंजाब केसरी के पत्रकार के संदिग्धावस्था में लापता होने को लेकर पुलिस को पत्रकार के मोबाइल की लोकेशन का पता चल गया है। हालांकि लोकेशन का पता चलने के बाद मोबाइल फोन बंद हो गए। उधर, पुलिस ने उन 4-5 लोगों का भी पता लगा लिया है जिनसे पत्रकार की लापता होने के बाद बातचीत हुई है। पुलिस द्वारा की गई अभी तक की छानबीन में लापता हुए पत्रकार के एक मोबाइल की लोकेशन सोलन के धर्मपुर में पता चली है। यह लोकेशन सोमवार देर शाम की बताई जा रही है और इस दौरान इस फोन से 4-5 लोगों से बातचीत की गई।

सीएनईबी बोले तो न्यूज चैनल नहीं, बस एक कंपनी

 

सीएनईबी न्यूज चैनल पूरी तरह खत्म हो चुका है. पहले इस न्यूज चैनल को नान न्यूज में कनवर्ट किया गया. अब इसका नाम बदलकर 'हमरा एम' नामक भोजपुरी म्यूजिक चैनल कर दिया गया है. चर्चा है कि 'हमरा एम'भी मार्च-अप्रैल महीने तक का मेहमान है. सीएनईबी में काम कर चुके कुछ लोगों का कहना है कि इस चैनल का अस्तित्व अब पूरी तरह खत्म हो चुका है. 

अपने पाठकों को भ्रामक एवं गलत सूचनाएं दे रहा है दैनिक जागरण

दैनिक जागरण लगातार अपने पाठकों को गलत और भ्रामक सूचनाएं उपलब्‍ध करा रहा है. पाठक इससे परेशान हैं. अखबार के चलते उनके खुद के सामान्‍य ज्ञान और जानकारियां प्रभावित हो रही हैं. ऐसी ही एक खबर मंगलवार को अपने लखनऊ एडिशन के 13 नम्‍बर पेज पर जागरण ने प्रकाशित की है, जिसमें पूर्व थल सेनाध्‍यक्ष वीके सिंह का नाम विक्रम सिंह लिखा और बताया गया है. जबकि वीके सिंह का असली नाम विजय कुमार सिंह हैं. ऐसे ही एक सुधि पाठक ने जागरण के ब्‍लंडर को भड़ास के पास भेजा है.

जी न्‍यूज, मुंबई के ब्‍यूरोचीफ बने संजय सिंह

मुंबई से खबर है कि सीनियर जर्नलिस्‍ट संजय सिंह को जी न्‍यूज का नया ब्‍यूरोचीफ बनाया गया है. विजय शेखर के इस्‍तीफे के बाद से यह पद खाली चल रहा था. संजय सिंह ने ऐसे समय में जी न्‍यूज का दामन थामा है जब यह चैनल बड़े संकट के दौर से गुजर रहा है. इसके …

सामना के संपादक बने उद्धव ठाकरे

बाल ठाकरे के निधन के साथ रिक्त हुए शिवसेना प्रमुख के पद को लेने की अटकलों को दूर करते हुए शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष और ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र सामना में ठाकरे की जगह पर संपादक का पद संभाल लिया है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता सुभाष देसाई ने मंगलवार को बताया कि उद्धव जी को प्रबोधन प्रकाशन के सभी प्रकाशनों का संपादक बनाया गया है। देसाई प्रबोधन प्रकाशन के प्रकाशक हैं। यह प्रकाशन, सामना (मराठी) और दोपहर का सामना (हिन्दी) जैसे समाचार पत्रों का प्रकाशन करता है। यह दोनों सामाचारपत्र नवी मुंबई से मुद्रित होते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को स्थिति स्‍पष्‍ट करने के लिए बुधवार तक का समय दिया

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने निवेशकों के 27 हजार करोड़ की राशि लौटाने के बारे में स्थिति स्पष्ट करने के लिए सहारा समूह को बुधवार तक का वक्त दिया है। प्रधान न्यायाधीश अलतमस कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने आज सहारा को इसका जबाव देने के लिए एक दिन और मोहलत दी। पहले उन्हें आज न्यायालय को पैसा लौटाने के बारे में बताना था।सहारा समूह इस मसले पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए अतिरिक्त समय चाहता था। सहारा समूह की ओर से खड़े वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमणियम ने समय बढाने का अनुरोध किया। इस पर न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई कल के लिए स्थगित कर दी।

खबरें अभी तक के चैनल हेड और सीईओ बने विनोद मेहता

वरिष्‍ठ पत्रकार और टोटल टीवी के हेड रहे विनोद मेहता ने खबरें अभी तक ज्‍वाइन कर लिया है. उन्‍हें चैनल हेड कम सीईओ के पद पर चैनल में लाया गया है. विनोद मेहता लम्‍बे समय तक टोटल टीवी से जुड़े रहे हैं. वे खबरें अभी तक के गुडगांव स्थित चैनल के आफिस में बैठने लगे हैं. खबरें अभी तक को इसी साल जनवरी में लांच किया गया था. इसे हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश तथा उत्‍तराखंड में एक साथ लांच किया गया था, फिलहाल अब यह केवल हरियाणा तक सिमित रह गया है.

‘किसी हालत में किसी बिज़नेस की बात मत कीजिए, डर लगता है फोन कहीं टैप न हो रहा हो’

Mayank Saxena : चम्पादक कमोड पर बैठे थे, सिगरेट अर्से पहले छोड़ दी थी सो प्रेशर बनने और क्लीयर होने दोनों में वक़्त लगता था…ताकत लगा कर पिछली रात के सारे पैकेज गिरा रहे थे, तभी अचानक फोन पर तबला और सारंगी बज उठे…जामुन (ब्लैकबेरी) हाथ में लिया सर पर दूसरा हाथ रखा…नम्बर के ऊपर नाम लिखा था…'सर' 

लापता एनडीटीवी रिपोर्टर कहीं दिखे तो इस नंबर पर फोन करें

एनडीटीवी के 26 वर्षीय रिपोर्टर रवि निभनपुडी 23 नवंबर को दिल्‍ली से हिमाचल प्रदेश घूमने के लिए रवाना हुआ, लेकिन उसके अगले दिन से वो अपने परिवार के संपर्क में नहीं आया.  रवि अकेले ही धर्मशाला एवं मैकलियॉडगंज घूमने का मन बनाकर घर से निकला. 

सहारा का दोगलापन- अखबार में विज्ञापन छपवाकर बता रहे खूब पैसा है, सुप्रीम कोर्ट में कह रहे पैसे लौटाने में दिक्कत

सहारा समूह का दोगलापन अब साफ साफ सामने आ गया है. वह अखबारों में दो दो पेज विज्ञापन छपवाकर आम लोगों को यह बताने में जुटा है कि उसके पास बहुत पैसा है, घबड़ाने की कोई बात नहीं है. साथ ही अखबारों को विज्ञापन देकर सहारा मीडिया कंपनियों का भी मुंह बंद रखता है. पर यही सहारा समूह जब सुप्रीम कोर्ट में पैसे लौटाने के मुद्दे पर बात होती है तो अपने वकील के जरिए कहलवाता है कि पैसे देने में दिक्कत है. सहारा के इस दोगलापन को समझते हुए चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर ने कड़ी फटकार लगाई और एक दिन का मौका देकर पूछा है कि सहारा साफ साफ बताए कि वह पैसे लौटा पाएगा या नहीं. 

प्रसिद्ध ग्रामीण पत्रकार पी.साईं नाथ की एक स्टोरी के जरिए जानें वालमार्ट का किसान विरोधी चरित्र

Subhash Chandra Kushwaha : प्रसिद्ध ग्रामीण पत्रकार पी.साईं नाथ का एक आलेख 3 दिसम्बर के ‘द हिन्दू’ में छपा है जिसे उन्होंने न्यूयार्क शहर से 60 मील दूर बसे एक किसान क्रीस पावेलस्की की कथा-व्यथा के सहारे वालमार्ट के किसान विरोधी चरित्र को उजागर करने का प्रयास किया है। पावेलस्की आज तबाही के कगार पर हैं और उनके खेत के बाहर सड़ रहे प्याज का ढेर इसलिए लगा है कि वालमार्ट और उस जैसी दूसरी रिटेल कंपनियों ने 2 से 2.25 ईंच आकार से छोटे प्याज, खरीदने से मना कर दिया है। 

लोकतंत्र में भ्रष्टाचार के लिए पांचों स्तंभ जिम्मेदार : जस्टिस रामा जॉईस

कांस्टीट्यूशन क्लब, रफी मार्ग, नई दिल्ली : ‘साथी’ संस्था द्वारा प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका ‘‘पाँचवाँ स्तंभ’’ के छठवें वार्षिकोत्सव समारोह के अवसर पर ‘‘लोकतंत्र में शुचिता: कौन कितना जिम्मेदार’’ विषय पर व्याख्यान का प्रारंभ सुश्री हंसा कुमारी द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए पूर्व मुख्य न्यायधीश एवं राज्यसभा सदस्य श्री रामा जॉइस ने कहा कि हमारे देश में लोकतंत्र 60 साल पहले ही शुरू हो गया पर 60 साल बाद भी इस विषय पर चर्चा करना बेहद जरूरी हो गया, यह हमारे लिए चिंता का विषय है। 

तीन कार्टून, एक न्यूज कटिंग और पर्चे पर प्रकाशित एक अपील… साभार-फेसबुक

ये तीन कार्टून तीन अलग अलग राजनीतिक और सामाजिक स्थितियों पर हैं. तीनों सोचने के लिए या मुस्कराने के लिए मजबूर करते हैं. एक न्यूज कटिंग है. कि, कैसे एक नेता कहां से कहां पहुंच गया, वाया भ्रष्टाचार. और एक अपील है. पंफलेट नुमा. पर्चे पर प्रकाशित जैसा. यह सब एफबी पर लोगों ने अपने अपने हिसाब से शेयर किया हुआ है. इन्हें एक साथ यहां दिया जा रहा है. शायद, आप लोगों को भी ये सेलेक्शन पसंद आए. नीचे जिस चित्र को देखने पढ़ने में दिक्कत आए तो उसी पर क्लिक कर दें, एनलार्ज होकर नए विंडो में खुल जाएगा. -एडिटर, भड़ास4मीडिया

प्रिय उमाशंकर जी, आप अच्छे आदमी हो सकते हैं, पर एनडीटीवी एक भ्रष्ट कंपनी है

Nikhil Bhusan : एनडीटीवी इंडिया के बड़े सम्मानित पत्रकार हैं श्री उमाशंकर सिंह। अभी तुरंत उन्होंने मुझे ब्लाक कर दिया। पूरा मसला है यह कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर एक पोस्ट लिखी। जिसके जवाब मैने भी कुछ प्रश्न पूछ डाले। जिसके बाद उन्होंने मुझे चंगू कहते हुए ब्लाक कर डाला। घटनाक्रम विस्तार से उमा जी केजरीवाल पर लिखा स्टेटसः 

निमेष आयोग ने उठाए यूपी पुलिस पर सवाल

23 नवंबर 2007 को उत्तर प्रदेश के तीन शहरों लखनऊ, फैजाबाद और वाराणासी में 25 मिनट के भीतर सिलसिलेवार धमाके हुए. इन धमाकों में 18 लोग मारे गए और 21 घायल हुए. उत्तर प्रदेश में हुए इन धमाकों से दिल्ली तक दहल गई. आतंक के साए में जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर आने लगी. इसी बीच 12 दिसंबर 2007 को अपने यूनानी दवाखाने से लौट रहे एक डॉक्टर को टाटा सूमो में सवार कुछ अज्ञात लोग उठा कर ले गए. 16 दिसंबर 2007 को ऐसी ही एक घटना में एक शिक्षक को टाटा सूमो से उठा लिया गया.

एक दूसरे की पोल खोलने पर उतारू मीडिया के मठाधीश

सुधीर- समीर की गिरफ्तारी क्या हुई, मीडिया मठाधीशों में बहस छिड़ गई। बहस का चरित्र साकारात्मक हो तो नवोदित पत्रकारों को भी दिशा मिले लेकिन दुर्भाग्य है कि ऐसा नहीं हो रहा है। स्थिति तो यह बन गई है कि ये मठाधीश एक-दूसरे की चड्ढी उतारने पर पिल पड़े हैं। फेसबुक से लेकर कई सोशल वेब साइट पर कथित वरिष्ठ पत्रकार ज्ञान की वाणी उड़ेल रहे हैं। मीडिया में वाद की जगह विभिन्न खेमों में बंटे पत्रकार भाई अपने ही पेशे की "मां-बहन" करने पर उतारू हैं।

आरोपी रिपोर्टर को छुड़ाने के लिए नेताओं को ब्‍लैकमेल कर रहे जालौन के पत्रकार

उरई में सपा नेता राकेश पटेल पर प्राणघातक हमले के आरोप में 307 धारा में जेल में बंद अमर उजाला के कस्बाई पत्रकार शशिकांत तिवारी को निर्दोष बताने पर तुले हैं जनपद के पत्रकार संगठन। जिंदगी और मौत से जूझ रहे एक आदमी की परवाह किए बिना पत्रकार संगठन शशिकांत को निर्दोष साबित करने पर तुले हैं। अमर उजाला के अनिल शर्मा, हिन्दुस्तान के बृजेश मिश्रा और दैनिक आज के अरविंद द्विवेदी पत्रकारिता के मूल्यों को दरकिनार कर अपनी जातीय भावना से प्रेरित होकर न्यायाधीश बने बैठे और सीधे-सीधे शशिकांत तिवारी को निर्दोष साबित करने पर तुल गए।

क्राइम क्‍लू पत्रिका में बिहार के ब्‍यूरोचीफ बने दीपक विश्‍वकर्मा

जयपुर से प्रकाशित राष्‍ट्रीय हिंदी मासिक समाचार पत्रिका क्राइम क्‍लू का बिहार ब्‍यूरो चीफ नालंदा के दीपक विश्‍वकर्मा को बनाया गया है. 46 पेज की इस पत्रिका में अपराध, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्‍कृतिक गतिविधियों का समावेश है. इस पत्रिका की संपादक आशा माथुर हैं. दीपक विश्‍वकर्मा लम्‍बे समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. दीपने ने अपने करियर की शुरुआत इंकलाब जदीद उर्दू समाचार पत्र से फोटो पत्रकार के रूप में की थी. इसके बाद ये आर्यावर्त, इंडियन नेशन, संध्‍या प्रहरी, हिंदुस्‍तान, हिंदुस्‍तान टाइम्‍स, टाइम्‍स आफ इंडिया, प्रभात खबर, कौमी तंजीम, इंडिया टुडे, माया, समकालीन तापमान में बतौर फोटो जर्नलिस्‍ट काम किया.

राकेश शर्मा को राजस्‍थान पत्रिका पत्रकारिता पुरस्‍कार

राजस्‍थान के कोटा के वरिष्‍ठ पत्रकार राकेश शर्मा को उनकी खबर 'जननी की जान' के लिए राजस्‍थान पत्रिका द्वारा पुरस्‍कृत किया जाएगा. राकेश शर्मा की स्‍टोरी को दूसरा स्‍थान प्राप्‍त हुआ है. इनकी खबर को राजस्‍थान पत्रिका द्वारा चयनित किया गया है. राकेश को राजस्‍थान पत्रिका के संपादक गुलाब कोठारी, नेता प्रतिपक्ष वसुंधरा राजे सिंधिया समेत कई लोगों ने बधाई दी है. राकेश इसके पहले भी पत्रकारिता के लिए कई पुरस्‍कार प्राप्‍त कर चुके हैं. 

एमआर मलकानी और सचिन की नई पारी

डिजी न्‍यूज, जोधपुर से कुछ देर से मिली खबर के अनुसार वरिष्‍ठ पत्रकार एमआर मलकानी ने चैनल में क्राइम रिपोर्टर के रूप में जुड़े हैं. मलकानी की गिनती अच्‍छे तेजतर्रार क्राइम रिपोर्टरों में की जाती है. वे कई संस्‍थानों को अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इसमें दिलचस्‍प बात यह भी है कि डिजी न्‍यूज के हेड डा. मोइनुल हक भी एक अच्‍छे क्राइम रिपोर्टर रहे हैं. अब देखना है कि क्राइम पर पकड़ रखने वाले दोनों लोग चैनल को कितना आगे ले जाते हैं.

इसी खबर के चलते भंवर के गुड़ों ने किया था वरिष्‍ठ पत्रकार केएन सिंह पर हमला

वरिष्ठ पत्रकार कुमार नरेंद्र सिंह पर हमले के मामले में राजस्थान सरकार या मुख्यमंत्री अशोक गहलौत ने अबतक अपराधियों के खिलाफ़ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। दिलचस्प बात ये है कि हमले का मुख्य आरोपी विधायक भंवर सिंह खुलेआम मुख्यमंत्री की धोती खोल देने की बात करता घूम रहा है। दरअसल सारा मामला इसी से शुरु हुआ कि कुमार नरेन्द्र सिंह जिस पत्रिका (लोक स्वामी) के संपादक मंडल में हैं उसमें भंवर सिंह के उज्जड रवैये और बयानों पर तीखी टिप्पणी की गयी थी।

धन दोगुना करने का फर्जीवाड़ा कर रहा है एसएल श्रीवास्‍तव

देहरादून।  भगवान के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने की बातें फिल्मों में ही देखने को मिलती हैं और भगवान का नाम आते ही व्यक्ति धार्मिक हो जाता है। कुछ समय पूर्व ओ माई गॉड फिल्म देखने वालों ने देखा था कि किस तरह भगवान के नाम पर धार्मिक भावनाओं को भड़काया गया, फिल्म के चर्चित होने से लेकर सिनेमाघरों में इस फिल्म ने धूम मचाकर करोड़ों का कारोबार किया। इसी की तर्ज पर भगवान के नाम का सहारा लेकर करोड़ों के वारे न्यारे किए जाने का खेल खेला जा रहा है। हालांकि पूर्व में भी कई फर्जी कंपनियां लोगों के धन को दोगुना करने का झांसा देकर करोड़ों के वारे न्यारे कर चुकी हैं और आज तक देश के अंदर लाखों ग्राहकों का इमानदारी का पैसा वापस नहीं मिल सका है।

पंजाब की शक्ति के कई कार्यालय बंद, पाठक नाराज

लुधियाना से लांच किए गए हिंदी अख़बार पंजाब की शक्ति के लांचिंग के कुछ ही दिनों बाद ही मुश्किलों का दिन देखना पड़ा है. खबर है कि प्रदेश में खोले गए लगभग सभी कार्यालय बंद करवा दिया गया है. पाठकों से लाखों रुपये वसूली के बाद भी अखबार उन तक नहीं पहुंच पाने के चलते वे अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं. अब प्रबंधक फोन भी नहीं उठा रहे हैं, जिससे कई पाठकों ने ठगी की शिकायत भी कर दी है, जिसकी पुलिस अभी जांच कर रही है.

दस दिन बाद भी एनडीटीवी के पत्रकार एन रवि का अता-पता नहीं

धर्मशाला। धर्मशाला घूमने आए एनडीटीवी न्यूज चैनल के रिपोर्टर के गुम होने के 10 दिनों बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीते 24 नवम्बर से लापता दिल्ली में एनडीटीवी न्यूज चैनल में रिपोर्टर का काम करने वाले एन रवि की तलाश ट्रैकिंग स्थल त्रियुंड सहित नड्डी व आस-पास के क्षेत्रों में की गई है लेकिन अभी तक उसके बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है।

मैं जांच का सामना करने को तैयार : सुभाष चंद्रा

नई दिल्ली : जी समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा ने आज पुलिस को पत्र लिखकर बताया कि अपने चैनल के दो वरिष्ठ संपादकों की ओर से जबरन वसूली की मांग के आरोपों के सिलसिले में वह जांच का सामना करने को तैयार हैं। दिल्ली पुलिस ने पिछले महीने यह कहते हुए चंद्रा को दो नोटिस जारी किए थे कि कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल की कंपनी से कथित तौर पर 100 करोड़ रुपए जबरन वसूल किए जाने की कोशिश के आरोपों में जी समूह के संपादकों सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया की गिरफ्तारी के बाद उन्हें जांच में शामिल होना चाहिए।

शाहीन ढाडा के परिवार ने महाराष्ट्र छोड़ गुजरात में शरण ली, मोदी समर्थकों के चेहरे खिले

  महाराष्ट्र के पालघर फेसबुक विवाद के बाद सुर्खियों में आई शाहीन ढाडा अब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के लिये मुस्लिम वोट पाने का मुद्दा बनने वाली हैं। ढाडा के परिवार ने महाराष्ट्र छोड़ दिया है। शाहीन के परिवार ने महाराष्ट्र छोड़ कर गुजरात में शरण ली है और कभी भी वापस नहीं लौटने …

अरविंद केजरीवाल ने इंडिया बुल्स से मोटा माल तो नहीं खा लिया?

 

Umashankar Singh :  अरविंद केजरीवाल ने दो महीने पहले एक पंक्ति का आरोप लगाया था कि इंडिया बुल्स में बड़े लोगों के पैसे लगें हैं और वे जल्द ही इसका ख़ुलासा करेंगे। लेकिन इस मामले में उनकी चुप्पी लंबी होती जा रही है। इससे शक पैदा होना लाज़िमी है कि कहीं उन्हें इस मामले में अपना मुंह बंद रखने के लिए मोटा माल तो नहीं मिल गया है? आरोप क्या इंडिया बुल्स पर सिर्फ दबाव बनाने के लिए लगाया गया था? (ज्ञात हो कि आरोप लगने के अगले ही दिन इंडिया बुल्स का शेयर 10 फीसदी तक गिर गया था।) कहीं ये गुपचुप तरीक़े से चुनावी चंदा जुटाने का तरीक़ा भर तो नहीं था?  अगर यहां जताए गए शक और सवाल ग़लत हैं तो केजरीवाल को इस मामले में तुरंत अपनी बात रखनी चाहिए। आख़िर इस बाबत वो कब अपना खुलासा करेंगे?

शगुन त्यागी चैनल वन में पोलिटिकल एडिटर और बलराम शर्मा दैनिक जागरण, रोहतक में मुख्य संवाददाता बने

 

दो पत्रकारों के नई पारी शुरू करने की खबर मिली है. शगुन त्यागी ने दिल्ली में चैनल वन ज्वाइन कर लिया है. वे यहां पोलिटिकल एडिटर बनाए गए हैं. इस चैनल में अभी हाल में ही युसूफ अंसारी ने संपादक के रूप में दुबारा ज्वाइन किया है. शगुन मायावती की मूर्ति तोड़े जाने के मामले में लखनऊ जेल में रह चुके हैं. इससे पहले वे कई अखबारों मैग्जीनों में काम कर चुके हैं.

यह अध्यात्म का संसार है, यहां बदलाव घटित होता है, इसे प्रचार नहीं चाहिए

अपना दिमाग देशज है. एक हद तक गंवई. इसलिए रोशनी और प्रकाश के बीच का मोटा अंतर समझ में आता है. जब घोर अंधकार हो, भादो की रात, तब रोशनी टिमटिमाये, तो उसे रोशनी की मौजूदगी मान लेनी चाहिए. अंधकार के बीच. जब चौतरफा जगमगाहट हो, पर कहीं-कहीं अंधकार झलक जाये या मिल जाये, तो उस दौर को प्रकाशमय कहना चाहिए.

राजनीति को समझना है तो पोंटी चड्ढा को समझें

यह फार्मूला (पोंटी चड्ढा = दलों का चरित्र) भारत के मौजूदा मध्यमार्गी या क्षेत्रीय दलों (अपवाद छोड़ कर) का चरित्र बताता है. इनकी असल चाल, चेहरा और चरित्र समझना हो, तो पोंटी चड्ढा को समझें. यानी भारतीय राजनीति की दिशा, दशा, असल व्यक्तित्व जानना या समझना है, तो पोंटी चड्ढा की कहानी (काल्पनिक नहीं, असल) जीवंत डॉक्युमेंट है. दुनिया स्तर पर मशहूर एक समाजविज्ञानी मित्र का तो यह निष्कर्ष है कि भारतीय राजनीति का ही पोंटीकरण हो गया है. एक इंसान पूरी भारतीय राजनीति का पर्याय या प्रतीक बन गया. जीते जी.

जी समूह के संपादकों सुधीर चौधरी और समीर अहलूवालिया की जमानत पर फैसला सुरक्षित

जबरन वसूली के आरोपी जी समूह के दोनों संपादकों की जमानत पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. जी न्यूज और जी बिजनेस के दोनों संपादकों सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया की जमानत पर सोमवार को बहस होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया. दोनों संपादकों सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया को पिछले मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था.

अरूण शंकर शुक्ल उर्फ अन्ना जैसे गुंडों को संसद पहुंचाने के लिए सपा तैयार

अगर समाजवादी पार्टी की चली तो एक और नामी-गिरामी गुंडा संसद के दरवाजे पर पहुंचने को तैयार है। उन्नाव से अरूण शंकर शुक्ल उर्फ अन्ना को लोकसभा का प्रत्याशी बनाकर समाजवादी पार्टी ने सिद्घ कर दिया कि बातें भले ही कितनी ही कर ली जाये मगर सपा अभी भी गुंडों को अपने दामन से दूर करने को तैयार नहीं है।

अलविदा अदिति, ईश्वर को भी पछताना होगा इस फैसले पर

दिल्ली के लोदी रोड शवदाह-गृह में अदिति अग्नि को सुपुर्द हो गयीं। उस सड़क से न जाने कितनी ही बार पिछले दो दशकों में गुजरी थी। आज उसे वहां लाया गया था। बूढ़े माता-पिता, भाई और, मित्रजनों विशेषकर कश्मीर से प्रवासित लोग जो अदिति को 'दिल से चाहते थे', सबों की आँखें नम थीं। जैसे जिन्दगी रुक सी गयी हो और सभी ईश्वर को कोस रहे हों उसके "गलत निर्णय' पर।

क्‍या काम के तनाव ने ले ली जागरण के डीपी श्रीवास्‍तव की जान!

दैनिक जागरण, बनारस में काम का तनाव इस कदर बढ़ गया है कि कर्मचारियों को इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है. बताया जा रहा है दैनिक जागरण से तीस सालों से अधिक समय से जुड़े विज्ञापन विभाग के कर्मचारी डीपी श्रीवास्‍तव काम के तनाव से अटैक के शिकार हो गए. बताया जा रहा है कि डीपी श्रीवास्‍तव बीते शुक्रवार को दैनिक जागरण, बनारस के कार्यालय में काम कर रहे थे. तनाव के चलते कार्यालय में ही उनको अटैक पड़ गया.

सहारा समूह को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई कड़ी फटकार

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों को 27,000 करोड़ रुपये लौटाने के आदेश का पालन नहीं करने के लिए सहारा समूह को लगायी फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा से कहा, आपकी नीयत बहुत डगमगा रही है। आपने जो कदम उठाया है वह सही नहीं है। कोर्ट ने निवेशकों का धन लौटाने के मामले में सहारा से कहा आप अपने अनुचित काम को न्यायोचित ठहरा रहे हैं। सहारा ग्रुप पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती  बरतते हुए सोमवार को पूछा कि क्या सहारा हफ्तेभर में लोगों का 27 हज़ार करोड़ दे पाएगा। 

‘हिमाचल आजकल’ न्‍यूज बुलेटिन के मालिक राजेश्‍वर सब्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

: करोड़ों रुपए के पोस्ट डेटेड फर्जी चेकों के मामले में गैर जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज : कभी भी हो सकती है सब्रवाल की गिरफ्तारी : शिमला की एक फर्म श्रीतारा बिजनेस ग्रुप और ‘हिमाचल आजकल' न्यूज बुलेटिन के मालिक राजेश्वर सब्रवाल के खिलाफ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। करोड़ों रुपए के फर्जी पोस्ट डेटेड चेक देने के आरोप में सेब के आढ़ती चुन्नीलाल चौहान ने परवाणु थाना में सब्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी व ठगी की एफआईआर दर्ज करवाई है। यहां अपराधिक मामला गैर जमानती धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। इसिलए सब्रवाल की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। सोलन के एसपी पीके ठाकुर ने मामले की पुष्टि की है।

”मुझे शर्म आती है इस खबर को लिखने वालों को पत्रकार कहने पर”

पत्रकार, स्‍तंभकार सिद्धार्थ शंकर गौतम दैनिक भास्‍कर डॉट कॉम में प्रकाशित एक खबर से काफी नाराज हैं. नेहरू और एडविना के संबंध में प्रकाशित इस खबर से नाराज सिद्धार्थ का कहना है कि इस खबर को बनाने वाले, उसे लगाने वाले और उन्‍हें उत्‍साहित करने वालों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए. हिट्स की भूख की वजह से पत्रकारिता गर्त में जा रहा है. उन्‍होंने इस बारे में एक मेल भास्‍कर डॉट कॉम के संपादक अनुज खरे को भी भेजा है. नीचे सिद्धार्थ द्वारा अनुज खरे को भेजा गया मेल तथा खबर का स्‍क्रीन शॉट.

शिशिर गए जागरण, रिपोर्टर विहीन हिंदुस्‍तान, बदायूं की हालत दयनीय

अमर उजाला के बदायूं कार्यालय का पूरा स्टाफ अपने कुकर्मों से बर्खास्त हो गया, लेकिन बदायूं के हिन्दुस्तान कार्यालय में काम की अति के चलते रिपोर्टर नहीं रुक रहे हैं. एक मात्र बचे रिपोर्टर शिशिर वर्मा भी हिन्दुस्तान छोड़ कर चले गए. उन्होंने मुरादाबाद में दैनिक जागरण को ज्वाइन कर लिया है. अब ब्यूरो चीफ उपेन्द्र द्विवेदी और फोटोग्राफर अरविन्द सिंह के सहारे ही अख़बार चल रहा है. छह पेज के मैटर की बाध्यता के चलते यहाँ रिपोर्टर रुक ही नहीं पाते.

जी से रवि, नीरज और अब्‍बास का इस्‍तीफा

जी न्‍यूज यूपी-उत्‍तराखंड से खबर है कि रवि मिश्रा और नीरज मिश्रा ने इस्‍तीफा दे दिया है. ये लोग डेस्‍क पर कार्यरत थे. इन दोनों के इस्‍तीफा देने के कारणों का पता नहीं चल पाया है. पर माना जा रहा है कि दोनों लोग जल्‍द ही किसी नए संस्‍थान से अपनी पारी शुरू कर सकते हैं. दोनों लोग काफी समय से चैनल के साथ जुड़े हुए थे. इसके अलावा भी ये कई संस्‍थानों को अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

दैनिक जागरण, बरेली के सिटी इंचार्ज को छुट्टी पर भेजा गया

दैनिक जागरण, बरेली से खबर है कि सिटी चीफ आमिर अवस्‍थी को लम्‍बी छुट्टी पर भेज दिया गया है. आमिर को बीचे 28 नवम्‍बर को छुट्टी पर भेजा गया है. हालांकि उनको कब तक तथा किसलिए छुट्टी पर भेजा गया है इसकी जानकारी नहीं हो पा रही है. वैसे अपुष्‍ट रूप से चर्चा है कि …

एक महिला एंकर के इशारे पर चल रहा है राज्‍यसभा टीवी!

: कानाफूसी : राज्‍यसभा टीवी में इस समय सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। ऐसा लगता है जैसे राज्य सभा टीवी को एक महिला एंकर चला रही है। इनके पुराने चैनलों में भले ही इस महिला एंकर की कद्र ना समझी हो मगर राज्यसभा टीवी तो लगता है जैसे इसी के इशारों पर नाच रहा है। दरअसल सीईओ की इस महिला एंकर पर पूरी कृपा है। हालात ये हो गए हैं कि लोग इसे अब डिप्टी सीईओ तक कहने लगे हैं। इनके जलवे इस कदर हैं कि इनकी शिकायत भर से पूरे फ्रंट ऑफिस स्टाफ का तबादला पी एंड ए सेक्शन में कर दिया गया। कोई एडिटर इनके गलत को गलत कहने की जुर्रत नहीं कर सकता और सबसे मज़े की बात है कि दूसरों का प्रोग्राम गिराकर इनके प्रोग्राम का प्रोमो चलाया जाता है।

आगरा में कवरेज हेतु गए छायाकारों को जमीन दे दी आयोजकों ने!

शुक्रवार को आगरा में अजीब नजारा देखने को मिला, जिसने पत्रकारिता की गिरती साख को ही परिभाषित किया. शहर में "फ्लोरेंस मिस यूपी 2012" सौंदर्य प्रतियोगिता का ऑडिशन चल रहा था. शहर के विभिन्‍न कथित प्रतिष्ठित अखबारों के छायाकार भी इस इवेंट को कवरेज करने गए थे. स्थिति यह हो गई कि इस इवेंट को कवर करने के लिए छायाकारों को कुर्सी तक नहीं दी गई. सभी को जमीन पर बैठाया गया. बेचारे अपना सा मुंह बनाए सभी छायाकार जमीन पर बैठे रहे.

राष्‍ट्रीय सहारा के पत्रकार नरेंद्र सिंह के पिता राम सुरेश सिंह का निधन

राष्‍ट्रीय सहारा, सासाराम के जिला प्रभारी एवं वरिष्‍ठ पत्रकार नरेंद्र सिंह के पिता राम सुरेश सिंह का निधन एक सप्‍ताह पूर्व हो गया. वे 74 वर्ष के थे. वे कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे. बनारस के एक निजी चिकित्‍सालय में उनका इलाज चल रहा था. यहीं पर उन्‍होंने आखिरी सांस लिया. उनका अंतिम …

पंकज मुकाती ने बरेली में पद भार ग्रहण किया, प्रिंट लाइन में जाने लगा नाम

अमर उजाला, बरेली से खबर है कि पंकज मुकाती ने संपादक के रूप में अपना पद भार ग्रहण कर लिया है. अब अखबार में स्‍थानीय संपादक के रूप में पंकज मुकाती का नाम जाने लगा है. उल्‍लेखनीय है कि अखबार के पूर्व संपादक डा. तीरविजय सिंह के हिंदुस्‍तान के पश्चिमी यूपी हेड बन जाने के बाद से अमर उजाला में संपादक का पद खाली चल रहा था. उनके स्‍थान पर अमर उजाला, हल्‍द्वानी के संपादक सुनील शाह को बरेली का भी अतिरिक्‍त प्रभार सौंपा गया था.

यूनिट हेड के व्‍यवहार से नाराज पंजाब केसरी के चार रिपोर्टरों का वॉकआउट!

पंजाब केसरी, पानीपत से खबर है कि यूनिट हेड द्वारा अपशब्‍द कहे जाने के बाद चार रिपोर्टर नाराज होकर ऑफिस से चले गए. बताया जा रहा है कि रिपोर्टर दीपक शर्मा, सुनील शर्मा, मुकेश रहल तथा कमल सिंह काम से वापस आने के बाद ऑफिस में मूंगफली खा रहे थे. इसी दौरान पानीपत यूनिट हेड सुरजीत खरब ने सभी को मूंगफली खाने से मना करने के साथ अपशब्‍द भी कहे, जिससे चारो रिपोर्टर नाराज हो गए.

सुखबीर बादल पत्रकारों की बेइज्जती करते रहे और पत्रकार हंसते रहे

: डिप्टी सीएम बोले – पत्रकारों की भी नसबंदी करवानी पड़ेगी : बठिंडा (पंजाब) : अब बठिंडा के पत्रकारों को ये सुनना भी बाकी रह गया था कि उन्हें अब नसबंदी करवा लेनी चाहिए। ये बात किसी डाक्टर ने नहीं कही बल्कि राज्‍य के उप-मुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने विश्व कबड्डी कप के शुभारंभ से एक दिन पहले पत्रकार सम्मेलन में बठिंडा प्रेस क्लब के प्रधान को कहीं। यहीं नहीं सुखबीर बादल पत्रकारों के सवालों के उल्टे जवाब देकर पत्रकारों की बेइज्जती करते रहे लेकिन किसी भी जूनियर व सीनियर पत्रकार ने इसका विरोध तक नहीं किया। उल्टा सभी इस तरह ठहाके मार कर हंस रहे थे जैसे सुखबीर बादल ने उनकी तारीफ की हो।

मुकुल गोस्‍वामी एचबीसी न्‍यूज चैनल के हेड बनाए गए

राजस्‍थान से खबर है कि एचबीसी न्‍यूज को नया चैनल हेड मिल गया है. मुकुल गोस्‍वामी को चैनल हेड बनाया गया है. चैनल काफी दिनों से हेड विहीन चल रहा था. मुकुल सुलझे हुए पत्रकार माने जाते हैं. इनके उपर चैनल की साख को फिर से बढ़ाने की जिम्‍मेदारी होगी. इससे कुछ दिन पहले ही …

नक़वी सर की एफबी क्‍लास में सीखें – कहाँ लगेगा नुक़्ता?

ये समस्या बहुत लोगों की है कि उर्दू और अंग्रेज़ी के शब्दों में कहाँ नुक़्ता लगता है और कहाँ नहीं. अकसर ऐसा होता है कि जहाँ नुक़्ता लगना चाहिए, वहाँ तो लोग लगाते नहीं और जहाँ नुक़्ते की ज़रूरत नहीं, वहाँ इसे लगा दिया जाता है. आइए आज इसी पर बात करते हैं.

वे पत्रकार लोग बिहार सरकार के सरकारी प्रवक्ता बन बैठे

: पत्रकारिता की नयी परिभाषा गढ रहे बिहार के ब्रांडेड पत्रकार : बिहार में मीडिया का दोगलापन अब आम जनता के बीच जगजाहिर हो चुका है। आम आदमी खुलेआम यह कहते हुए सुने जा सकते हैं कि बिहार में मीडिया बिकता है। बस खरीददार चाहिए। व्यक्तिगत तौर पर आम जनता के मुख से निकले ये शब्द कम से कम मेरे लिए पीड़ादायक जरुर होता है। लेकिन आर्थिक नव उदारवाद के दौर में अब यह सब रोजाना की जिंदगी में शुमार हो चुका है। हालत यह हो गयी है कि जब तक कोई मीडिया को गाली न दे, लगता ही नहीं कि मैं बिहार में हूं।

‘शार्दूल विक्रम गुप्त ने जैसा सलूक अपने पिता से किया, वही उनके साथ उनका बेटा कर रहा’

मीडिया इंडस्ट्री में शार्दूल विक्रम गुप्त का नाम अब गाहे बगाहे या किसी दुख भरी मीडिया कहानी के दौरान ही लिया जाता है. 'आज'अखबार के मालिक शार्दूल विक्रम गुप्त को यह श्रेय जाता है कि उन्होंने अच्छे खासे नामी अखबार को मिट्टी में मिला दिया और अखबार चलाने की जगह प्रापर्टी का धंधा करने में ज्यादा रुचि दिखाई.

परिवार-समाज से डरे मेरठ के प्रेमी जोड़े को ‘न्यूज़ एक्सप्रेस’ का सहारा

न्यूज़ एक्सप्रेस की मेहनत के कारण मेरठ के प्रेमी जोड़े सचिन और पूजा को अब सुरक्षा मिलेगी। इन दोनों की जानमाल की रक्षा करने को सरकार तैयार हो गयी है। न्यूज़ एक्सप्रेस की ख़बर का ये असर हुआ है कि न सिर्फ सचिन और पूजा को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि उन लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी जो इनकी जान के दुश्मन बने हुए हैं।

फिर से लौटकर चैनल वन पहुंचे युसूफ अंसारी, संपादक बने

जी न्यूज में लंबे समय तक पोलिटिकल रिपोर्टिंग करने वाले युसूफ अंसारी इन दिनों घाट-घाट का पानी पी रहे हैं. कभी पत्रकारिता और कभी राजनीति. कभी मार्केटिंग तो कभी रिपोर्टिंग. ताजी सूचना है कि युसूफ अंसारी ने फिर से चैनल वन न्यूज चैनल ज्वाइन कर लिया है.

कानून बनाने की मांग को लेकर 12 दिसम्‍बर से पत्रकारों का नागपुर में अनशन

महाराष्‍ट्र में पत्रकारों के ऊपर बढ़ते हमले से चिंतित पत्रकार अब पत्रकार हल्‍ला विरोधी कृती समिति के नेतृत्‍व में 12 दिसम्‍बर से नागपुर में आमरण अनशन पर बैठ रहे हैं. इसी दिन महाराष्‍ट्र के 35 जिले के 356 तहसीलों में स्‍थानीय पत्रकार एक दिन का अनशन करेंगे. यह जानकारी कमिटि अगेन्‍स्‍ट एटक ऑन जर्नलिस्‍ट (महाराष्‍ट्र के पत्रकारों के सोलह संगठनों की एकल कमेटी) के कन्‍वेनर एसएम देशमुख ने दी.

पैसे की खातिर पुलिस ने फर्जी मामला लिखा : रवि पारीख

नासिक के पत्रकार रवि पारीख ने सरकारवाडी पुलिस स्‍टेशन में दर्ज किए गए चार सौ बीसी के मुकदमे को फर्जी बताते हुए कहा है कि पुलिस ने सारा ड्रामा पैसों के लिए रचा. रवि ने बताया कि जिस कार को दूसरे का बताया जा रहा है वह मेरे कजिन भरत पारीख का है, जो मुंबई में रहते हैं. रवि ने बताया कि भरत ने यह गाड़ी किसी को बेच दी थी. कागज अभी ट्रांसफर नहीं हुए थे. उक्‍त व्‍यक्ति ने कार किसी गलत जगह पर खड़ी कर दी थी, जिसके चलते पुलिस कार को उठाकर थाने ले आई. इसकी जानकारी कार खरीदने वालों ने भरत भाई को दी. भरत भाई का फोन आने के बाद मैं मामले के बारे जानने के लिए पुलिस स्‍टेशन पहुंचा था.

कई मीडिया हाउसों से पंगा लेने में जुटा है चैनल वन न्यूज

चैनल वन न्यूज से खबर है कि इस चैनल ने अब मीडिया हाउसों को ही टारगेट करना शुरू कर दिया है. चैनल वन के निशाने पर इन दिनों न्यूज एक्सप्रेस को संचालित करने वाला साईं प्रसाद ग्रुप और सहारा समय चैनल को चलाने वाला सहारा समूह है. इससे पहले चैनल वन ने पी7न्यूज को संचालित करने वाली कंपनी पर्ल और पीएसीएल को टारगेट किया था.

‘जय महाराष्ट्रा’ और ‘सहाना न्यूज’ के साथ कई लोगों ने नई पारी शुरू की, देखें लिस्ट

मुंबई के सहाना ग्रुप के दो न्यूज चैनलों 'जय महाराष्ट्रा' और 'सहाना न्यूज' के लिए कई लोगों की नियुक्तियां हुई हैं. ये दोनों चैनल अभी लांच होने हैं. लांचिंग की तैयारियों के तहत ही इनके लिए नियुक्तियां चल रही हैं. अजय कुमार मिश्रा को वीपी डिजिटल सर्विसेज बनाया गया है. वारिस अली खान को चैनल का टेक्नीकल कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है.

अभी कोई फैसला नहीं लिया है : दीपक चौरसिया

इंडिया न्यूज ज्वाइन करने को लेकर चल रही चर्चाओं पर चुप्पी तोड़ते हुए दीपक चौरसिया ने बताया कि अभी कोई फैसला उन्होंने नहीं लिया है. वे न तो एबीपी न्यूज छोड़ रहे हैं और न ही इंडिया न्यूज ज्वाइन कर रहे हैं.

संपादक को पत्र लिखकर की रिपोर्टर की शिकायत

दैनिक जागरण, महाराजगंज के लोगों ने अखबार के संपादक से लक्ष्‍मीपुर के रिपोर्टर के बारे में शिकायत की है. संपादक को पत्र भेजने वालों का आरोप है कि उक्‍त संवाद सूत्र एक पार्टी विशेष के प्रतिनिधि के तौर पर काम कर रहा है साथ ही कई प्रकार की अनियमितताओं में भी शामिल है. इन लोगों ने संपादक से उक्‍त रिपोर्टर के चरित्र की जांच करवाए जाने की भी मांग की है. नीचे संपादक को भेजा गया पत्र, जिसे आप भी पढ़ सकते हैं.

दीपक चौरसिया ने एबीपी न्यूज को गुडबाय बोला? इंडिया न्यूज के साथ नई पारी??

भरोसेमंद सूत्रों की जानकारियों पर भरोसा करें तो दीपक चौरसिया ने एबीपी न्यूज से नाता तोड़ लिया है और नई पारी इंडिया न्यूज के साथ शुरू की है. सुनने में यह अजीब लगता है कि कहां एबीपी न्यूज और कहां इंडिया न्यूज, लेकिन यह सच है कि दीपक ने एक बड़ा रिस्क लिया और इस रिस्क में मनी फैक्टर सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है. बताया जा रहा है कि दीपक चौरसिया ने शानदार पैकेज और हिस्सेदारी के साथ इंडिया न्यूज का दामन थामा है.

पूछताछ के डर से लंदन भागे जी के मा‍लिक सुभाष चंद्रा

नई दिल्ली: जी न्यूज के चेयरमैन सुभाष चंद्रा पुलिस की पूछताछ से बचने के लिए लंदन पहुंच गए हैं। वह ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट से 28 नवंबर की रात लंदन चले गए थे। इस खबर की पुष्टि ब्रिटिश एयरवेज की ओर से दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारियों को फैक्स भेजकर कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि चंद्रा जब भारत आएंगे तो पूछताछ के लिए उन्हें फिर से नोटिस भेजा जाएगा। चंद्रा के भाई जवाहर गोयल ने इस मामले में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इंकार किया है।

मीडिया जटिल सवालों के घेरे में और विश्‍वसनीयता दांव पर

अपनी सनसनीखेज खबरों के जरिये दुनिया के तमाम सत्ता नायकों को दहला देने वाले जूलियन असांज की हालत गंभीर है और लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में उनका इलाज चल रहा है। भारत में दो वरिष्ठ पत्रकार तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत गुजार रहे हैं। उधर ब्रिटेन में हर रोज ठंडे पड़ते मौसम में एक न्यायमूर्ति की रिपोर्ट के बाद बहस गरम है कि क्यों न मीडिया के लिए आचार संहिता लागू कर दी जाए? ये तीन खबरें दो अलग महाद्वीपों से आई हैं, परंतु इनकी ध्वनि एक है- मीडिया जटिल सवालों के घेरे में है, उसकी विश्वसनीयता दांव पर लगी हुई है।

जालौन के एसपी को सीएम अखिलेश यादव ने निलंबित किया

: पुलिस के खिलाफ पत्रकार भी कर रहे थे आंदोलन : लखनऊ : मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर जालौन के पुलिस अधीक्षक आरपी चतुर्वेदी को शनिवार को निलंबित कर दिया गया। प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यों में लापरवाही एवं गड़बड़ी पाये जाने पर चतुर्वेदी को निलंबित किया गया है। अपने कार्यकाल में विवादित रहे आरपी चतुर्वेदी सपा कार्यकर्ताओं के एक धड़े की भेंट चढ़ गए। अमर उजाला के एक पत्रकार को फर्जी फंसाए जाने का आरोप भी पुलिस पर लगा है। इसे लेकर जिले के पत्रकार धरना भी दे रहे हैं।

अमर उजाला से बर्खास्‍त सुशील और प्रवीन ने जागरण ज्‍वाइन किया

अमर उजाला, बदायूं से बर्खास्त सुशील कुमार और प्रवीन सक्सेना ने हल्‍द्वानी में दैनिक जागरण ज्वाइन कर लिया है. उल्लेखनीय है कि अमर उजाला प्रबंधन ने पिछले सप्ताह तमाम गंभीर शिकायतों के बाद ब्यूरो चीफ कंचन वर्मा सहित सर्कुलेशन और विज्ञापन के समस्त स्टाफ को बर्खास्त कर दिया था. सुशील कुमार और प्रवीन सक्सेना के …

पुलिस हिरासत में पत्रकार की मौत, तीन अधिकारी निलंबित

बोगोटा। कोलंबिया में पुलिस हिरासत में एक पत्रकार की मौत हो जाने के बाद शुक्रवार को तीन पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। राष्ट्रीय पुलिस महानिरीक्षक जनरल सैंटियागो पारा ने सुक्रे प्रांत की राजधानी सिंसेलजो में पुलिस अधिकारियों के निलंबन की घोषणा की। पारा ने घटना की जांच का जिम्मा लेते हुए कहा, "यह संदिग्ध घटना है। फिलहाल हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकते और इसकी निंदा नहीं कर सकते।" मृतक पत्रकार गि्वलेर्मो कि्व रोज विभिन्न रेडियो, टीवी और प्रिंट माध्यमों के लिए काम कर चुका था।

अपने वायदों से मुकरती सपा सरकार

समाजवादी सरकार चुनाव के समय किए गये वायदों से बदल गई है। वह इन वायदों को नाकार तो नहीं रही है, लेकिन कुछ नुक्ते लगाकर चुनाव के समय की गई घोषणाओं के साथ खुलकर मजाक किया जा रहा है। सपा प्रमुख से लेकर अदने से नेता और कार्यकर्ता तक को हर वह शख्स और संस्था गलत लगने लगी है जो उसकी सरकार या उसके मुखिया-मुख्यमंत्री पर उंगली उठाता है। समाजवादी चाहते हैं कि वह कुछ भी करते रहें कोई भी फैसला लें उस पर किसी तरह को कोई सवाल न खड़ा किया जाए। उनसे कुछ पूछा न जाए। समाजवादी ठीक वैसे ही सरकार चलाना चाहते हैं जैसे मायावती चलाती थीं, बसपा सुप्रीमो को उनका अहंकार ले डूबा था, परंतु लगता है कि इससे सबक लेने के बजाए समाजवादी पार्टी सरकार भी बसपा के पदचिंहों पर चलते हुए ‘खुदकुशी’ करना चाहती है।

सहारा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा चैनल वन

‘Channel One News’ has filed an application petition in the honorable Supreme Court of India in the matter of ‘Rajeswar Singh Versus Subrata Roy Sahara and Others’ praying to accept the applicant and permit the applicant to intervene in the above referred matter and take Suo-motto cognizance of the offences in the light of material submitted to the Court and initiate proceeding under Contempt of Court Act. In the matter of Rajeswar Singh versus Subrata Roy Sahara and others the Applicant has also requested the Court to direct the CBI to investigate the matter and submit the report to the Honorable Court.

मीडिया की नलिकाओं में नैतिकता से नहीं, पूंजी से बहता है रक्त

brahmaveer singh : मीडिया एक बिजनेस है। इसमें करोड़ों-अरबों की पूंजी लगती है। हिसाब-किताब के लिए सीए बैठते हैं। मोलभाव के लिए मार्केटिंग की पूरी टीम। कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर बाहर किए जाने तक, वही तरीका है जो किसी कारखाने में अमल लाया जाता है। विज्ञापन लाने के लिए सरकारी नुमाइंदों को उपहार देने से लेकर, कारपोरेट घरानों के साहबों को कहीं-कहीं वो सुविधाएं भी मुहैया कराई जाती हैं, जिनसे लाइलाज बीमारियां फैलती हैं। न तो इसमें लोकतंत्र का कोई स्तंभ है न छत। मीडिया की नलिकाओं में रक्त पूंजी से बहता है। न कि नैतिकता और भावनाओं से।

आईपीएस की पत्नी ने आईपीएस के खिलाफ मोर्चा खोला

: आईपीएस संजीव भट्ट पर कार्यवाही हेतु चुनाव आयोग को प्रत्यावेदन : यूपी कैडर आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की पत्नी सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने चुनाव आयोग, सचिव, गृह मंत्रालय, भारत सरकार तथा मुख्य सचिव, गुजरात को गुजरात कैडर आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट और उनकी पत्नी श्वेता के सम्बन्ध में शिकायती प्रार्थनापत्र भेजा है. नूतन ने कहा है कि संजीव ने अपनी पत्नी के नामांकन प्रक्रिया में खुल कर सहभागिता की और साथ ही गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपनी पत्नी के पक्ष में वोट करने का आह्वान किया है.

खबर भारती के आउटपुट हेड बने प्रेम शंकर, दिल्ली में ब्यूरो चीफ बन गए अनुराग अमिताभ

खबर भारती न्‍यूज चैनल की कमान पंकज शुक्‍ला द्वारा संभालने के बाद इस चैनल से नए लोगों के जुड़ने का सिलसिला भी शुरू हो गया है. इस कड़ी में वरिष्‍ठ टीवी पत्रकार प्रेम शंकर ने खबर भारती में आउटपुट हेड के रूप में जिम्‍मेदारी संभाली है. अनुराग अमिताभ ने बतौर ब्‍यूरो हेड खबर भारती के साथ अपनी नई पारी शुरू की है.

जी के संपादकों ने कहा- लेनदेन के बारे में हमारे मालिकों को पता था

हिंदुस्तान टाइम्स की वेबसाइट पर एक खबर अपलोड हुई है, आज ही. करन प्रताप सिंह ने इस खबर को पुलिस सूत्रों से बातचीत के आधार पर डेवलप किया है. इसमें बताया गया है कि जी के दोनों संपादकों ने जिंदल से लेनदेन के बारे में बातचीत अपने मालिकों की सहमति के बाद की थी. पूरी खबर इस प्रकार है…

तीन दिसंबर से पहले तिहाड़ से नहीं छूट पाएंगे सुधीर और समीर

: जी ग्रुप के संपादकों की जमानत याचिका पर सुनवाई टली : जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के संपादक समीर अहलूवालिया की जमानत याचिका पर सुनवाई 3 दिसंबर तक के लिए टल गई है. दिल्ली की साकेत कोर्ट में शनिवार को इस मामले की सुनवाई होनी थी.

दैनिक भास्‍कर, धनबाद के संपादक बसंत झा समेत चार पत्रकारों पर दुष्‍कर्म के प्रयास का केस दायर

दैनिक भास्‍कर, धनबाद से खबर है कि आपस की लड़ाई आरोप-प्रत्‍यारोप से शुरू होकर लड़कीबाजी और कोर्ट कचहरी तक पहुंच गई है. एक महिला ने दैनिक भास्‍कर के चार लोगों पर छेड़खानी तथा दुष्‍कर्म करने के प्रयास का मामला दर्ज कराने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया है. लड़ाई पूरी तरह उलझ गई है. मीडियाकर्मियों की तरफ से भी दबाव बनाकर महिला तथा उसके पिता को दूसरे मामले में जेल भिजवा दिया गया है. अब तक इस मामले में चुप्‍पी साधे रहा हिंदुस्‍तान तथा दैनिक जागरण एक दिसम्‍बर के अंक में अपने प्रतिद्वंद्वी अखबार के संपादक एवं पत्रकारों की खबर को प्रकाशित किया है. हालांकि इस बात का ख्‍याल रखा गया है कि मीडियाकर्मियों का नाम और अखबार का नाम नहीं प्रकाशित हो. 

”हिमाचल आजकल के बंद होने की खबर पूरी तरह से गलत”

‘हिमाचल आजकल’ के बंद होने की खबर पूरी तरह बचकानी व मनगढ़ंत है। सच्चाई यह है कि जिस चैनल पर ‘हिमाचल आजकल’ स्लॉट चल रहा था उसके संचालकों की ब्लैकमेलिंग के चलते यह स्लॉट बंद कर दिया गया। पत्रकारों की एक मंडली को हिमाचल आजकल से निकाला गया जो कि ‘हिमाचल आजकल’ के बंद होने संबंधी झूठी खबरें फैला रही है। जबकि सच्चाई यह है कि हिमाचल आजकल को पत्रकार लगातार खबरें प्रेषित कर रहे हैं तथा वे निरंतर चैनल 9 पर प्रसारित भी हो रही हैं।

अजीत अंजुम उर्फ दो नावों में एक साथ सवारी करने वाला राय बहादुर!

इन दिनों अजीत अंजुम का फेसबुक पर दिया गया एक वक्तव्य काफी चर्चा में है. उन्होंने टीवी पत्रकारिता के राम के नाम का खुलासा कर दिया है और ये राम कई हैं. अजीत अंजुम ताल ठोंक कर कह रहे हैं कि ये जो नाम हैं, इन्हें कोई खरीद बेच नहीं सकता. पर अजीत अंजुम की बचकानी बातों को पढ़कर कई लोग हंस रहे हैं और कह रहे हैं कि अजीत अंजुम को कैसे समझाया जाए कि सीधे सीधे पैसे मांग लेना ही घूसखोरी नहीं, जो सुधीर चौधरी और समीर अहलूवालिया ने किया.

एक टीम, दो प्रकाशन, तीन अखबार और सरकारी विज्ञापन की लूट

झारखंड में सरकारी विज्ञापन लूटने लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाये जा रहे हैं. इस दिशा में दो प्रकाशनों ने गज़ब का रैकेट बना रखा है. एक प्रकाशन जमशेदपुर का है जिसका नाम है सम्प्रति प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड है. इसके पास अपना प्रेस है और एक छोटी सी सम्पादकीय टीम भी है. यह वर्षों से चमकता आईना नामक दैनिक अखबार का प्रकाशन कर रहा है. यह अखबार पाठकों तक नहीं पहुँचता. सिर्फ विज्ञापन दाताओं और सरकारी अधिकारियों के बीच वितरित होता है. इसका डीएवीपी, आईपीआरडी है. पब्लिक सेक्टर और प्राइवेट सेक्टर के कई उपक्रमों में सूचीबद्ध है. प्रसार संख्या नगण्य होने के बावजूद पर्याप्त सरकारी विज्ञापन जुटा लेता है.

अगर कवर पेज और कंटेंट ऐसा हो तो INDIA TODAY को छिप-छिपाकर ही पढ़ना पड़ेगा

मस्तराम और मंटो मे फर्क है , दोनों के पाठकों में भी – यदि INDIA TODAY ऐसे कवर छापेगा तो मंटो की कहानियों के कवर कैसे होने चाहिए?? इस पत्रिका का स्तर दिनों दिन गिर रहा है, कोई गंदी मछली इस पत्रिका को पतन की और ले जा रही है। कोई मनोविकृत प्राणी है जो गंदगी फैला रहा है…

‘हिन्दुस्तान एक्सप्रेस’ में समूह संपादक के रूप में ज्वाइन किया रवींद्र जैन ने

मध्य प्रदेश के पत्रकार रवींद्र जैन ने नई पारी की शुरुआत की है. उन्होंने अपने नए जाब प्रोफाइल के बारे में फेसबुक पर जानकारी दी है. उन्हीं के शब्दों में- ''लंबी खामोशी के बाद एक बार फिर प्रिन्ट मीडिया में वापसी की है। मैंने हिन्दुस्तान एक्सप्रेस में समूह संपादक के रूप में ज्वाइन किया है।''

थोरियम घोटाले का भड़ास पर भंडाफोड़ करने वाले अभिनव शंकर को दी जा रही धमकियां

एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत अभिनव शंकर ने अपने खुद के प्रयासों के जरिए थोरियम घोटाले की कड़ियों को पकड़ना-जांचना-बुनना शुरू किया और फिर इसका खुलासा भड़ास के जरिए देश भर में कर डाला. अभिनव शंकर अब तक कुल चार पार्ट में थोरियम घोटाले के बारे में लिख चुके हैं. भड़ास पर थोरियम घोटाले से संबंधित चारों लेखों के लास्ट में अभिनव शंकर का मोबाइल नंबर और मेल आईडी का प्रकाशन किया गया था.

लग्ज़री गाड़ियों और आलीशान बंगलों में रहने वाले बड़े पत्रकार न जाने क्यों बेचैन हैं

: गिरफ्तारी से समाधि तक…! : आजकल कई लोग पत्रकारिता और उसके स्तर पर गरमा गरम बयानबाज़ी करते नज़र आ रहे हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो अगर आइने के सामने खड़े होकर बोलें तो सच मानो शरमा ही जाए, नैतिकता और बड़बोलेपन का भाषण ही भूल जाएं। ज़ी न्यूज़ के संपादकों सुधीर चौधरी और समीर आहलुवालिया से पहले इसी माह एबीपी न्यूज़ और इंडिया टीवी के कई लोग उगाही के आरोप में पुलिस के हत्थे क्या लगे, बड़े-बड़ों की घिग्गी बंधी पड़ी हुई है।

सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया की जमानत पर सुनवाई आज

नई दिल्‍ली : जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के संपादक समीर अहलूवालिया की जमानत याचिका पर शनिवार को साकेत कोर्ट में सुनवाई होगी. सुनावाई दोपहर दो बजे से होगी. इससे पहले शुक्रवार को दोनों को 14 दिन के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया गया था. जी न्यूज़ के दोनों संपादकों को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने कोर्ट में कहा था कि पूछताछ पूरी हो चुकी है और अब उन्हें रिमांड की जरूरत नहीं इसलिए दोनों को जेल भेज दिया जाए. हालांकि इस मामले में दिल्ली पुलिस जी ग्रुप के मालिक सुभाष चंद्रा समेत कुछ और अधिकारियों से पूछताछ करना चाह रही है.