पुलिस सिर्फ एक धोखा है, इससे विश्वास उठाना ही आपके लिए शुभ होगा!

कार की टक्कर के बाद पत्रकार तड़पता रहा, पुलिस वाला पास भी नहीं आया… दोस्तों, अपने अनुभव के आधार पर पुलिस को लेकर अपनी बात रख रहा हूं। 11 अक्टूबर की रात लगभग 11:30 पर लखनऊ के सेंट फ्रांसिस स्कूल के पास एक तेज रफ़्तार वैगन आर ने पीछे से मेरी बाइक पर जोरदार टक्कर मारी और वो तेजी से निकल गया। अपनों के आशीर्वाद से मेरी जान तो बच गई लेकिन शरीर पर चोट आई थी। लेकिन दिल पर गहरा घाव वो पुलिसकर्मी दे गया, जो दूर से यह सब देखता रहा। लेकिन उसने करीब आकर ये देखने की जहमत तक नहीं उठाई कि इतनी तेज टक्कर होने के बाद घायल बाइक सवार यानि मैं, जिंदा हूं या मर गया। बन्दे ने पास की दूकान से गुटखा ख़रीदा, खाया और निकल गया।

बस्तर पुलिस ने देशबंधु अखबार के ब्यूरो चीफ देवशरण तिवारी को फर्जी मामलों में फंसाया

रायपुर । बस्तर में ईमानदार और निरपेक्ष पत्रकारों पर हमले जारी हैं। इस बार पुलिस ने षड्यंत्र कर तीन माह पुराने मामले में देशबंधु बस्तर के ब्यूरोचीफ व छत्तीसगढ़ सरकार के अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार देवशरण तिवारी का नाम चालान पेश करते समय न केवल आरोपियों की लिस्ट में जोड़ा बल्कि उन्हें फरार भी बताया है। ज्ञात हो कि तीन माह पूर्व बस्तर परिवहन संघ के दो गैंग के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। इस पूरे मामले को लेकर देवशरण ने खुद लगातार समाचार कवरेज किया था। देशबंधु कार्यालय के ठीक बगल में स्थित बस्तर परिवहन संघ के कार्यालय को सील करते समय पुलिस ने पंचनामा में देवशरण का भी हस्ताक्षर कराया था।

कोई मीडिया वाला अगर पत्रकारिता न कर रहा हो और गाड़ी पर प्रेस लिखवाए हो तो क्या वो भी जेल जाएगा?

Dinesh Choudhary : इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह फैसला गौरतलब है। आप प्रेसवाले नहीं हैं और प्रेस लिखते हैं तो चारसौबीसी के मामले में जेल जा सकते हैं। पर आप प्रेस वाले हैं और पत्रकारिता न कर कुछ और करते हैं, तब कौन-सा मामला बनता है? थिएटर एक्टिविस्ट और जर्नलिस्ट दिनेश चौधरी की एफबी वॉल से. …

रवीश कुमार जी, खोटे सिक्के अकेले पुलिस महकमे की टकसाल में ही नहीं ढलते, कुछ आपके पेशे में भी होंगे!

रवीश कुमार की चिट्ठी पढ़ कर यूपी के एक प्रादेशिक पुलिस अधिकारी ने लिखा जवाबी खत… भारतीय पुलिस सेवा (उत्तर प्रदेश) के अधिकारी द्वारा रवीश के पत्र का समुचित जवाब ये रहा….

रवीश जी के ख़त का उत्तर..

प्रिय रवीश जी,

यूपी में जंगलराज : लाख रुपये न देने पर पुलिस वालों ने पीटकर मार डाला और लाश हवालात में टांग दिया

यूपी की संभल पुलिस का बर्बर चेहरा… युवक की हवालात में मौत… परिजनों ने पुलिस पर लगाया हत्या का आरोप… हवालात के शौचालय में फाँसी पर झूलता मिला युवक का शव… पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी समेत सात पुलिस कर्मियो को किया निलंबित… मजिस्ट्रेटी जाँच के दिए आदेश… परिजनों ने काटा हंगामा…. भारी पुलिस बल मौके पर तैनात… कई थानों की पुलिस को बुलाया गया…  

बलिया में सिपाही ने की अवैध वसूली की शिकायत तो एसपी ने किया सस्पेंड, आहत सिपाही ने दिया इस्तीफा (देखें वीडियो)

उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के नरही थाने के पिकेट पर हो रही अवैध वसूली की शिकायत करना एक सिपाही को महंगा पड़ गया. एसपी ने शिकायत करने वाले सिपाही को ही सस्पेंड कर दिया. इससे आहत निलम्बित सिपाही ने पुलिस हेड क्वार्टर इलाहाबाद को अपना त्याग पत्र भेज दिया है. उसने जान-माल की सुरक्षा की गुहार भी की है.

यूपी पुलिस रातों रात इतनी बहादुर हो गई कि उसको पत्रकारों को दौड़ा दौड़ा कर पीटना भी आ गया! …आखिर क्यों!!

उत्तर प्रदेश पुलिस ने आगरा में कई पत्रकारों को जमकर लाठियों से पीटा और उनको घायल कर दिया। बताया जाता है कि उनके कैमरे तक तोड़ दिय गये। पत्रकार असली थे या नक़ली..? दलाल थे या ईमानदार..? कवरेज कर रहे थे या ब्लैकमेल…? हो सकता है कुछ लोगों के मन में इस दखद समय में इसी तरह के विचार आ रहे हों! हो सकता है कि कुछ प्रेस क्लबों में शराब के नशे मे धुत कुछ कथित क़लम के सिपाही सरकार को गिराने से लेकर एक एक को देख लेने का प्लान भी बना भी चुके हों!

स्कूल यूनीफार्म में नाबालिग छात्रा ने थाने में पुलिस वालों को चाय पिलाया (देखें वीडियो)

देश के प्रधानमंत्री भले चाय बेच चुके हों और चाय बेचने का बार बार गर्व से जिक्र करते हों लेकिन उनके पीएम बनने के बाद भी बाकी चाय वालों की जिंदगी में अच्छे दिन नहीं आ पाए हैं. स्कूली ड्रेस में एक नाबालिग छात्रा चाय बेचने की मजबूरी के कारण थाने में पुलिस वालों को चाय पिलाने पर मजबूर है, वह भी फ्री में. बाल अधिकार जैसे कानून के होने के बावजूद खुद पुलिस वाले इसकी सरेआम धज्जियां उड़ाते हं. आजमगढ़ क्षेत्र के डीआईजी, बलिया के पुलिस अधीक्षक और गड़वार थाना के पुलिस कर्मी इसी कक्षा चार की छात्रा के हाथों दी गई चाय को चुस्कियां लेकर पीते रहे.

दिल्ली पुलिस ने झूठी खबर पर जागरण को थमाया नोटिस

दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी राजन भगत ने दैनिक जागरण के संपादक को प्रेषित एक लिखित स्पष्टीकरण में आगाह किया है कि वह अपने संवाददाता को विभाग के संबंध में अनधिकृत खबरें न देने की ताकीद करें। साथ ही, दैनिक जागरण में “आप की खबरें करती हैं लोगों का मनोरंजन: भीम सेन बस्सी” शीर्षक से प्रकाशित समाचार पर हमारा पक्ष ठीक से प्रकाशित करें। 

पुलिसकर्मी ने अपने पैंट की जीप खोल पत्रकार को जलील किया

केरल : यहां के एक पत्रकार से अभद्रता कर रहे पुलिस कर्मी ने अपने पैंट की ज़िप खोल दी. मीडिया में मामला सुर्खियों में आने पर पता चला कि पुलिसकर्मी एक्सिडेंट के बाद एक व्यक्ति को पीट रहे थे। पत्रकार मोहम्मद रफी ने उसे अपने कैमरे में कैद कर लिया। इस पुलिस वाले आग बबूला हो गए। 

आंखो देखी : ये मीडिया का आपातकाल नहीं तो और क्या है!

13 जुलाई, रात के लगभग दस बज चुके थे। मेरे मोबाइल फोन की घंटी बजी। हमारे दैनिक जागरण के सहयोगी रमेश मिश्र का फोन था। उन्‍होंने कहा, क्षेत्राधिकारी द्वितीय डॉक्‍टर अनूप सिंह ने बुलाया है। राष्‍ट्रीय सहारा कार्यालय परिसर में। मैंने तुरंत अपनी मारुति वैन निकाली और हम राष्‍ट्रीय सहारा के मुख्‍य द्वार पर पहुंच गए। चारों ओर पुलिस ही पुलिस। कहीं पीसीआर तो कहीं पुलिस की बुलेरो। यही नहीं, पुलिस के वज्र वाहन समेत कई बड़े वाहन खड़े थे। ऐसा लग रहा था, जैसे कोई बड़ा दंगा हो गया हो। बिना किसी बात के उत्‍तर प्रदेश पुलिस को इस तरह से सक्रिय होते पहली बार देखा।

बाराबंकी पुलिस कांड : दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई – पुलिस महानिदेशक

लखनऊ। बलात्कार करने में नाकाम बाराबंकी पुलिस द्वारा थाने में पेट्रोल छिडक कर जलाई गयी पत्रकार की मां की हत्या की घटना पर उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने की कडी निंदा की है। एसोसिएशन की लखनऊ इकाई के एक प्रतिनिधि मण्डल ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जगमोहन यादव को एक ज्ञापन देकर मांग की है कि घटना में शामिल आरोपी एसओ और दरोगा को तत्काल गिरफ्तार किया जाय व घटना की सी0बी0आई0 से जांच कराई जाय।

पत्रकार की मां को फूंकने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन

बाराबंकी के कोठी थाने में पत्रकार की मां को जलाने के विरोध में पत्रकारों ने जिला पंचायत सभागार में बैठक कर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ जमकर गुस्से का इजहार किया। घटना की पुरजोर मजामत की और एक मिनट का मौन रखकर मृतक की आत्मशांति के लिए दुआ की। 

पत्रकारों पर पुलिस लाठी चार्ज, क्षुब्ध पत्रकारों और शिक्षकों ने धरना दिया

भबूआ, कैमूर : पिछले दिनो यहां जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों ने शव सदर अस्पताल के सामने रखकर सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने जमकर लाठियां चलाईं । फोटो लेने के दौरान कई मीडिया कर्मियों पर भी लाठियां बरसीं। कई पत्रकार घायल हो गए। 

जगेंद्र को फूंकने में नेता, अपराधी, पुलिस और पत्रकार की साजिश

मृत्‍योपरान्‍त किसी व्‍यक्ति को वास्‍तविक पहचान दिलाते हुए शहीद के तौर पर सम्‍मानित करना और अपने पापों का सार्वजनिक क्षमा-याचना करते हुए पश्‍चाताप करना बड़ी बात माना जाती है। इतिहास तो ऐसे मामलों से भरा पड़ा हुआ है, जब सरकार या किसी समुदाय ने किसी को मार डाला, लेकिन बाद में उसके लिए माफी मांग ली। ठीक ऐसा ही मामला है शाहजहांपुर के जांबाज शहीद पत्रकार जागेन्‍द्र सिंह और उसके प्रति मीडिया के नजरिये का। इसी मीडिया ने पहले तो उसे ब्‍लैकमेलर और अपराध के तौर पर पेश किया था। फेसबुक आदि सोशल साइट पर अपना पेज बना कर खबरों की दुनिया में हंगामा करने वाले जागेन्‍द्र सिंह को शाहजहांपुर से लेकर बरेली और लखनऊ-दिल्‍ली तक की मीडिया ने उसे पत्रकार मानने से ही इनकार कर लिया था। लेकिन जब इस मामले ने तूल पकड़ लिया, तो मीडिया ने जागेन्‍द्र सिह को पत्रकार के तौर पर सम्‍बोधन दे दिया।

यूपी के आला पुलिस अफसरों ने खाकी को चुल्लू भर पानी में डुबोया

उत्तर प्रदेश में खाकी अपनी करतूतों के चलते अक्सर ही शर्मसार होती रहती है, लेकिन जब भ्रष्टाचार के आरोप विभाग के मुखिया पर ही लगे तो हालात कितने खराब हैं, इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। खाकी पर अबकी से उसके दो ‘हाकिमों’ (पूर्व पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) के कारण दाग लगा है। दोनों डीजीपी ने अपनी तैनाती के दौरान ट्रांसफर-पोस्टिंग को धंधा बना लिया।

पुलिस को ‘दबंग दुनिया’ के मालिक किशोर वाधवानी की तलाश?

इंदौर के अखबार ‘दबंग दुनिया’ के मालिक किशोर वाधवानी इन दिनों कुछ ज्यादा ही परेशान हैं। खबर है कि वाधवानी ने अपने उज्जैन ब्यूरो चीफ महेश पांडे पर आरोप लगाते हुए काम से हटा दिया था! इस बात की सूचना उन्होंने अखबार में महेश पांडे के खिलाफ ‘दबंग दुनिया’ में विज्ञापन छापकर दी। 

दरोगा के सीने में गोली मारी, सिपाही पर भी हमला

आगरा : बदमाशों ने दारोगा सुधीर कुमार को गोली मारकर घायल कर दिया और सिपाही पर पत्थरों लाठियों से हमला कर घायल कर दिया। घायल दारोगा और सिपाही थाना निबहोरा में तैनात हैं और मुकद्दमों में वांछित अपराधी विनोद पर गैर जमानती वारंट तामील करने आज रात उसके गांव शाहवीर गए थे। 

सोशल मीडिया में उछले गैंगरेप कांड को पुलिस ने झूठा करार दिया

धर्मशाला (हिमाचल) में गत दिनों पहले हुए गैंगरेप की जांच में एसआईटी को कुछ भी नहीं मिला है। पुलिस ने घटना को झूठा करार दिया है। पुलिस का दावा है कि उसने शिकायतकर्ता तथा  कथित पीडि़ता दोनों को ढूंढ़ निकाला है। 

उत्तर प्रदेश में 17 एडिश्नल एसपी बदले, सुभाषचन्द्र बने नए एटीएस एसएसपी

उत्तर प्रदेश सरकार ने पांच जिलों के एसपी समेत 15 आईपीएस के तबादले कर दिए हैं। लखनऊ के एसएसपी की नियुक्ति पर ऊहापोह बना हुआ है। प्रदेश में कुल 17 एडिश्नल एसपी के कार्यक्षेत्र बदल दिए गए। सुभाष चन्द्र दुबे को एटीएस का एसएसपी नियुक्त किया गया है। 

थाने से उड़ गई रिपोर्टर की तहरीर, दुबारा गुहार, फिर भी पुलिस खामोश

वाराणसी : अभी पिछले माह की ही बात है, जब एक लोकल चैनल डेन काशी के लंका-भेलूपुर प्रतिनिधि को ठिकाने लगाने की धमकी मिली थी. सभी मामलो की तरह यह भी मामला पंहुचा थाने लेकिन इस मामले में हुआ कुछ अलग. 

मसूरी में बवाल काटते पंजाबी नवाबजादों को जमकर पीटा उत्तराखंड पुलिस ने

आज मसूरी में हूं. जिस होटल में ठहरा हूं, वंहा पंजाब के लड़कों का एक झुंड भी ठहरा हुआ था. हां, आप सही पढ़ रहे हैं, यह झुंड ही है. इनकी बीएमडब्लू, औडी जैसी गाडि़यों से होटल का आंगन भरा पड़ा है. इस झुंड ने रात को दस बजे के बाद डीजे बंद होने पर बवाल किया. बवाल क्या बल्कि बेहूदी की हदें पार कीं. होटल के लोगों को मारा, उन्हें मां-बहन की गालियां दीं. मैं जब दोस्तों के साथ होटल पहुंचा तो यह बवाल जारी था. 40-50 लड़के थे. उन्होंने डीजे का सामान समेट रहे लड़के को जमकर पीटा और उसका सामान फेंक दिया. इस बीच तीन पुलिसकर्मी भी होटल पहुंचे. लेकिन नशे में धुत इन नवाबजादों ने उनसे भी मारपीट की. चीख-चीख कर धौंस दी कि बुलाओ साले एसएसपी को. इनमें से कुछ होटल कर्मचारियों को पीट रहे थे. मैं यह सब देख रहा था. सच बताऊं तो इतना लाचार मैंने खुद को कभी पहले नहीं पाया था. जब वो मिलकर गरीब कर्मचारियों को पीट रहे थे तो कुछ समझ नहीं पा रहा था कि क्या करूं? 

इंदौर के दो पत्रकारों में ठनी

इंदौर : आज़तक के इंदौर रिपोर्टर राहुल करैया के खिलाफ झूठे प्रकरण में फंसाने में, धमकाने और षड्यंत्र रचने की शिकायत की गई है। यहां की धर्मराज कालोनी एअरोड्रम रोड, निवासी एवं सुदर्शन न्यूज, टाइम टीवी के स्टेट को-ऑर्डिनेटर हितेष शर्मा ने शासन-प्रशासन एवं पुलिस को अपने शिकायती पत्र में बताया है कि राहुल ने उन्हें धमकियां दी हैं। राहुल करैया का कहना है कि ऐसा व्यक्ति हमारे ऊपर अनर्गल आरोप लगा रहा है, जो पूरे परिक्षेत्र में फ्रॉड पत्रकारिता करने के लिए कुख्यात है। उसके खिलाफ कई गंभीर मामलों पर एक से अधिक जांच विचारधीन हैं। हितेश शर्मा जिस टाइम टीवी और सुदर्शन न्यूज का खुद को स्टेट कोऑर्डिनेटर बाताते हैं, उन दोनो चैनलों का प्रबंधन इन्हें अपना प्रतिनिध मानने से ही मना करता है। 

कोतवाल की थाने में पिटाई, जांच के नाम पर लीपापोती, अब आईपीएस अमिताभ ठाकुर का भरोसा

देवरिया : पुलिस विभाग का एक अधिकारी अपने मातहतों द्वारा कोतवाली थाने में ही बुरी तरीके से पिटा जाता है, लेकिन उच्चाधिकारी जांच के नाम पर मामले को मैनेज कराने में जुटे हुए हैं। इस घटना को हुए एक सप्ताह से अधिक का समय हो रहा है। आला अफसर अब तक पिटाई करने वाले दोषियों को चिन्हित ही नहीं कर पाये हैं। कार्यवाही करने की बात तो काफी दूर की है। लोगों का कहना है कि इससे तो यही प्रतीत होता है कि पुलिस के आला अधिकारी कोतवाल को पिटवाना चाहते थे?

पुलिस विभाग में “लीडरशिप” को कुत्सित प्रयास बताने पर आईपीएस का विरोध

लखनऊ पुलिस लाइन्स के मुख्य आरक्षी बिशन स्वरुप शर्मा ने अपने सेवा-सम्बन्धी मामले में एक शासनादेश की प्रति लगा कर अनुरोध किया कि उन्हें इस बात का अपार दुःख और कष्ट है कि शासनादेश जारी होने के 33 साल बाद भी इसका पूर्ण लाभ पुलिस कर्मचारियों को नहीं दिया गया. पुलिस विभाग के सीनियर अफसरों को श्री शर्मा की यह बात बहुत नागवार लगी कि “उसने विभाग के पुलिस कर्मचारियों की सहानुभूति प्राप्त करने का एक प्रयास किया है” और पुलिस विभाग के कर्मचारियों को लाभ दिलाने की सामूहिक बात लिखित रूप से प्रकट की है.

यूपी में जंगल राज : पुलिस वाले ने आठ साल के इस बच्चे के साथ क्या किया, देखें वीडियो

यूपी में पुलिस पहले से ही हैवान थी और आज भी है. कोई बदलाव सुधार नहीं आया है. फिरोजाबाद के थाना सिरसागंज में थाने के अन्दर पुलिस 8 वर्ष के मासूम बच्चे पर जुल्म ढा रही है. मासूम बच्चे को पट्टे से बर्बरता से मारती पुलिस इसे अपनी मर्दानगी का सबूत समझ रही है. पुलिस ने पॉकेट मारी के आरोप में 8 वर्ष के बच्चे पकड़ा था. थाने का हेड कांस्टेबल धनीराम इस बच्चे के लिए कैसे यमराज बन जाता है, देखिये यह कुछ सेकेंड्स का वीडियो…

ये है अखिलेश यादव की नाक तले काम कर रही लखनऊ पुलिस की हकीकत

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने आज डीआईजी लखनऊ आर के चतुर्वेदी को पत्र लिख कर लखनऊ पुलिस की हकीकत बताई है. पत्र में उन्होंने कहा है कि उनकी पत्नी डॉ नूतन ठाकुर ने स्वयं से सम्बंधित एक शिकायती पत्र थाना गोमतीनगर में भेजा पर थानाध्यक्ष और एसएसआई सहित सभी ने पत्र रिसीव करने तक से मना कर दिया. श्री ठाकुर ने इस सम्बन्ध में एसएसआई से फोन पर बात करना चाहा तो उन्होंने इससे भी मना कर दिया.

यूपी पुलिस के सीओ आशुतोष मिश्रा की कारस्तानी : पिच्चू मिश्रा की जगह धर्मेंद्र तिवारी को छह साल जेल कटवा दिया

04 सितम्बर 2009 को क़स्बा अनंतराम, थाना अजीतमल, जिला औरैया में महेंद्र कुमार की हत्या हुई जिसमे अनिल कुमार त्रिपाठी नामजद हुए और पिच्चू मिश्रा आरोपों के घेरे में आये. विवेचना के दौरान विवेचक सीओ अजीतमल आशुतोष मिश्रा ने जबरदस्ती पिच्चू मिश्रा की जगह धर्मेन्द्र कुमार तिवारी पुत्र चंद्रशेखर को पुच्ची मिश्रा बताते हुए 11 सितम्बर 2006 को गिरफ्तार कर इटावा जेल भेज दिया जबकि वे जानते थे कि यह पिच्चू मिश्रा नहीं है.

लाला लाजपत राय को भाजपाई पटका पहनाने के मामले में कोर्ट ने किरण बेदी के खिलाफ कार्रवाई का ब्योरा मांगा

किरण बेदी अपनी मूर्खताओं, झूठ, बड़बोलापन और अवसरवाद के कारण बुरी तरह घिरती फंसती जा रही है. पिछले दिनों नामांकन से पहले किरण बेदी ने स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की प्रतिमा को भगवा-भाजपाई पटका पहना दिया. इस घटनाक्रम की तस्वीरों के साथ एक कारोबारी सुरेश खंडेलवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के जाने-माने वकील हिमाल अख्तर के माध्यम से किरण बेदी को कानूनी नोटिस भिजवाया फिर कोर्ट में मुकदमा कर दिया. इनका कहना है कि लाला लाजपत राय किसी पार्टी के प्रापर्टी नहीं बल्कि पूरे देश के नेता रहे हैं. ऐसे में किसी एक पार्टी का बैनर उनके गले में टांग देना उनका अपमान है.