पत्रिका पर केस करने वाले तीन पत्रकार प्रताड़ना के शिकार, कोई टर्मिनेट तो किसी का 6 माह में 3 बार ट्रांसफर

सत्य और नैतिकता की बड़ी बड़ी बातें करने वाले और ‘उठाओ आवाज, बदलो हालात’ जैसे नारे देने वाले अखबार अखबार के कर्मचारी अमित मिश्रा और विजय कुमार शर्मा ने जब अपने हक के लिए आवाज उठाई और माननीय सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी तो पत्रिका प्रबन्धन ने अपनी नैतिकता और सत्य को उठा कर ताक पर रख दिया। विजय कुमार शर्मा को आनन फानन में जयपुर बुला कर केस वापस लेने का दबाव बनाया लेकिन विजय शर्मा ने इनकार कर दिया।

ये बात तय है कि इंदौर प्रेस क्लब ख़तरे में है!

7 अगस्त, 2016 दिन रविवार को प्रात: 9.00 से 04.00 बजे तक इंदौर प्रेस क्लब का भविष्य तय होगा. इस चुनाव में दबंग दुनिया अखबार के मालिक और गुटखा किंग नाम से कुख्यात किशोर वाधवानी भी चुनाव लड़ रहे हैं, अध्यक्ष पद के लिए. उनके अखबार में काम करने वाले पत्रकार अपने मालिक के लिए जमकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं. इंदौर प्रेस क्लब के चुनाव को लेकर एफबी पर पत्रकार तरुण व्यास ने एक पोस्ट साझा की है, जिसमें उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि इंदौर प्रेस क्लब खतरे में है. आइए देखें तरुण ने क्या लिखा है…

राजस्थान पत्रिका ने सीकर यूनिट से तीन लोगों की बलि ली

मजीठिया वेज बोर्ड के कारण पत्रिका ग्रुप लगातार अपने कर्मियों को प्रताड़ित कर रहा है. सूचना सीकर यूनिट से है जहां से तीन लोग निकाले गए हैं. इनके नाम हैं- खुशबू शर्मा (मार्केटिंग), बजरंग लाल (सम्पादकीय) और जितेश (प्यून). बताया जा रहा है कि पत्रिका मजीठिया वेज बोर्ड लागू करने को लेकर लगातार अपने यहां छंटनी कर रहा है. अब तक सभी यूनिटों को मिलाकर करीब तीन दर्जन से ज्यादा लोगों को निकाला जा चुका है. कई अन्य कर्मियों की भी नौकरी लेने की तैयारी है.

संपादक पंचोली की बदतमीजी से अमर उजाला लखनऊ के दो और विकेट गिरे

लखनऊ से खबर है कि अमर उजाला से दो लोग छोड़कर चले गए. बताया जा रहा है कि ये लोग भी संपादक पंचोली के दुर्व्यवहार के कारण गए हैं. ऋषि मिश्रा और हेमंत पांडेय के अमर उजाला छोड़ जाने से फिर अमर उजाला लखनऊ चर्चा में है. सूत्रों के मुताबिक पंचोली ने किसी छोटी सी खबर को लेकर ऋषि मिश्रा को जलील किया. ऋषि मिश्रा पहले से ही संपादक के रवैये से नाराज होकर कुछ हफ्तों के लिए घर बैठ गए थे. काम पर लौटे तो फिर से हुए दर्व्यवहार के बाद इस्तीफा दे दिया.

उर्दू टाइम्स से सईद हमीद की छुट्टी, आलम रिज़वी और दानिश आज़मी जुड़े

खबर मुम्बई से प्रकाशित रोज़नामा उर्दू से है कि एडिटर सईद हमीद की छुट्टी हो गयी है। उनके स्थान पर आलम रिज़वी को एडिटर पद पर नियुक्त किया गया है। आलम रिज़वी मुम्बई उर्दू मीडिया जगत में पुराने पत्रकारों में से एक हैं। लगभग दो दशक से अधिक समय तक उन्होंने मुम्बई से प्रकाशित रोज़नामा इंकलाब के साथ काम किया है। वह सहाफत, इनदिनों जैसे अखबारों के साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने अपनी नई पारी उर्दू टाईम्स मुम्बई के साथ शुरू की है।

मंतव्य’ का लंबी कहानी विशेषांक : बेहतरीन अंक निकालने के लिए हरेप्रकाश जी को बधाई

-संदीप तिवारी-

पत्रिका का ताना -बाना हमेशा की तरह दुरुस्त है। यह अंक निकाल कर हरेप्रकाश जी ने मंतव्य के पाठकों को चौंकाया है। इतना बेहतरीन अंक निकालने के लिए हरेप्रकाश जी को बधाई! उम्मीद है कि मंतव्य आगे भी पाठकों को इसी तरह चौंकाती रहेगी। पांच लंबी कहानियों में से पहली लंबी कहानी सूरज प्रकाश की है ‘ललिता मैडम’। सूरज प्रकाश जी ने अपनी पिछली कुछ कहानियां भी फेसबुक को आधार बना कर लिखी हैं। अब लगता है कि यहाँ संवेदना के नाम पर अनावश्यक विस्तार ज्यादा है, संवेदना कम।

IT slaps 525 cr fine on NDTV!

India’s Income Tax Department (ITD) has slapped a fine of Rs.525 crores on New Delhi Television Limited (NDTV) for fooling, concealing more than Rs.642 crore income earned through sham transactions in 2008. When caught for the unexplained money of how more than Rs.642 crores reached its kitty via Bermuda, NDTV claimed that they “sold a dream”. This curious answer was given to the ITD by NDTV by claiming that this unexplained money was through some inflated share transfer and dividend from a tax haven based firm.

आजमगढ़ में पत्रकार और उनके परिजनों को घर छोड़ कर भागने के लिए धमका रही पुलिस

आज़मगढ़ जिले की कोतवाली फूलपुर की अंबारी पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले गांव सजई को इस कोतवाली के कोतवाल और चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक जातीय और सांप्रदायिक आग में झोंकने और बेकसूर लोगों को बेवजह परेशान करने में लगी है। हिंदी मासिक लोक सुरभि के प्रकाशक श्री ज्ञान प्रकाश सिंह और उनके चचेरे भाई श्री ओमकार सिंह को अपना घर छोड़ कर भागने अन्यथा गिरफ़्तारी और पुलिसिया उत्पीड़न का शिकार होने की धमकी दे रही है। ऐसे में अगर पुलिस महकमे के जिम्मेदार अफ़सरान और राज्य की अखिलेश सरकार ने समय रहते मामले पर ध्यान नहीं दिया और पुलिस की मनमानी नहीं रोकी तो इस गांव में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।

सुनील नेगी को दिल्ली में राष्ट्रीय रत्न सम्मान से नवाज़ गया

उत्तराखंड पत्रकार फोरम और उत्तराखंड थर्ड फ्रंट के संयोजक सुनील नेगी को सत्ताईस जुलाई को दिल्ली के ली मेरीडियन होटल में आल इंडिया अचीएवर्स कांफ्रेंस द्वारा आयोजित समारोह में राष्ट्रीय रत्न सम्मान से नवाज़ गया. वरिष्ठ पत्रकार और उत्तराखंड के सामजिक सरोकारों से जुड़े सुनील नेगी को ये सम्मान पत्रकारिता, लेखन और समाजसेवा के लिए दिया गया. सुनील नेगी ने आठ सौ पन्नों की दो पुस्तकों का संपादन और प्रकाशन किया है. उत्तराखंड आपदा पर एक पुस्तक का अंग्रेजी अनुवाद किया.

अपनी भाषा से कितना प्यार करते हैं, गूगल को बताइए

स्वतंत्रता दिवस वाले अगस्त माह में गूगल हिंदी समेत तमाम भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए खास आयोजन कर रहा है। अनुवाद से जुड़ा ये आयोजन 1 अगस्त से 31 अगस्त तक चलेगा। गूगल इन दिनों हिंदी समेत तमाम भारतीय भाषाओं पर बहुत ध्यान दे रहा है। जैसा कि आप जानते हैं कि गूगल के सीईओ भी अब भारतीय मूल के ही सुंदर पिचाई हैं।

काशी पत्रकार संघ के प्रेस क्लब चुनाव में अध्यक्ष बने जीतेन्द्र श्रीवास्तव

काशी पत्रकार संघ के प्रेस क्लब चुनाव में अध्यक्ष पद पर जितेन्द्र श्रीवास्तव 70 मत पाकर जीते। उन्होंने चंदन रूपानी को 6 वोटों से हराया। कुल 134 मतदाताओं ने अपने मतों का प्रयोग किया। चंदन, संदीप, पुरूषोत्तम की तिकड़ी चुनाव से पहले तो निर्विरोध पदाधिकारियों को जिताने में बड़ी सफलता हासिल की थी।

लोकमत, नागपुर में श्रम अफसरों ने किया सर्वे, ट्रांसफर किए जाने पर महिला पत्रकार ने लिया स्टे

महाराष्ट्र के मराठी दैनिकों में प्रमुख लोकमत से एक बड़ी खबर आ रही है। यहाँ लोकमत नागपुर आफिस में श्रम आयुक्त की टीम पहुंची और वहां उन्होंने जांच की। पहले कार्मिक अधिकारी ने अपने ही आदमी भेज कर टीम को गुमराह करने की कोशिश की। बाद में यूनियन के कुछ लोग श्रम आयुक्त कार्यालय पहुंचे और वहां उन्होंने पूरी जानकारी दी। बाद में कामगार अधिकारियों की टीम फिर से लोकमत नागपुर आफिस गई और यूनियन के लोगों की बात सुनी और दस्तावेज लिए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखा रहा है राजस्थान का श्रम आयुक्त कार्यालय

भास्कर प्रबंधन के दबाव में श्रम आयुक्त कार्यालय ने दी श्रम अदालत में जाने की सलाह

माननीय सुप्रीमकोर्ट ने साफ आदेश दिया है कि 11 नवम्बर 2011 से मजीठिया वेज बोर्ड को अमल में लाया जाए। इसके लिए भारत सरकार द्वारा गजट भी जारी किया गया है। मजीठिया वेज बोर्ड का पालन कराना राज्य के श्रम आयुक्तों का काम है मगर लगता है राजस्थान के श्रम आयुक्त कार्यालय का माई बाप दैनिक भास्कर प्रबंधन हो गया है। श्रम विभाग, राजस्थान आँख बंद करके सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहा हे। मीडिया मालिक और श्रम विभाग दोनों में कोई अंतर नहीं है, ऐसा साफ लग रहा है।

नोएडा मीडिया सेंटर जर्नलिस्ट एसो. की नई टीम गठित, वरिष्ठ पत्रकार सुरेश चौधरी बने अध्यक्ष

नोएडा मीडिया सेंटर जर्नलिस्ट एसोसिएशन की आम सभा की बैठक सेक्टर-15 में हुई। इस बैठक में मीडिया सेंटर के नये पदाधिकारियों का चुनाव हुआ। सुरेश चौधरी को अध्यक्ष, संजीव यादव को महासचिव व बलराम पाण्डेय को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। सभी सदस्यों ने सर्वसम्मिति से तीनों पदों पर अपनी मोहर लगायी। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार अनिल चैधरी ने किया। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि नोएडा मीडिया सेंटर के संरक्षक मंडल में चेतना मंच के संपादक श्रीरामपाल रघुवंशी, अनिल चैधरी, मनोज त्यागी, एसएस अवस्थी, विनोद शर्मा, संतोष सिंह, मुखराम सिंह, अनिल निगम, आलोक द्विवेदी, सत्यदेव यादव को रखा जाये। इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

न्याय पाने से वंचित आकाशवाणी के सैकड़ों कैज़ुअल एनाउंसर फिर जंतर-मंतर पहुंचे

जंतर-मंतर एक अगस्त 2016 को एक बार फिर गवाह बना उस आंदोलन का, जिसमें शामिल थे आकाशवाणी में काम करने वाले कैज़ुअल उद्घोषक / कमपियर और आर. जे. यानि रेडियो जॉकी, पिछले साल भी तीन और चार अगस्त को जंतर मंतर से आवाज़ दी गई थी आकाशवाणी महानिदेशालय और प्रसार भारती के उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों को. हैरत की बात है आकाशवाणी महानिदेशालय और प्रसार भारती न सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मान रही है और ना उसकी नज़रों में संसद के संसदीय समिति द्वारा पारित आदेश का कोई सम्मान है। इतना ढीठ, जिद्दी, अभिमानी, अहंकारी कोई कैसे हो सकता है और वो भी एक ऐसा संस्थान जो देश की आवाज़ कहलाता है।

यूपी में जंगलराज : रेप के मामलों में 55 फीसदी बढ़ोत्तरी

अजय कुमार, लखनऊ

नयी पीढ़ी का तो पता नहीं, लेकिन एक समय था, जब सुल्तान अहमद उर्फ सुल्ताना डाकू की कहानी खूब सुनी-सुनाई जाती थी। नाटक खेले जाते थे।सुल्ताना डाकू पर फिल्में भी बनीं। बीसवीं सदी के  दूसरे दशक का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी। उसे पकडने के लिए सेना के 300 जवान लगे। लंदन से एक खास अधिकारी फ्रायड यंग बुलाए गए। इस काम में प्रसिद्ध वन्यजीवन विशेषज्ञ और लेखक जिम कार्बेट ने उसकी मदद की थी। सुल्ताना को पकड़ लिया गया और फांसी दे दी गयी। सबसे दुर्दांत और खतरनाक, लेकिन सबसे लोकप्रिय सुल्ताना डाकू को  सामजिक कार्यों के कारण उसे ‘ सोशल बैंडिट ‘ के नाम से जाना जाता था। उत्तर प्रदेश में अपने अपार जनसमर्थन के कारण वह कई वर्षों तक पुलिस के साथ आंखमिचौली खेलता रहा था। उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में उसके नाम का एक किला आज भी मौजूद है। जहां वह कुछ दिन छुपकर रहा था।

महिला बोली- मैं पत्रकार नहीं, पति हनीमून ट्रिप पर गर्लफ्रेंड को साथ बुलाना चाहता था!

गुड़गांव की एक कंपनी में नौकरी करने वाले मुरादाबाद के आईटी इंजीनियर ने तीन दिन पहले सिविल लाइंस थाने में अपनी पत्रकार पत्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इंजीनियर का आरोप था कि शादी को करीब दो साल गए हैं, लेकिन उसकी पत्नी उसे पति नहीं समझती। इंजीनियर ने रिपोर्ट में दावा किया था कि उसकी पत्नी गुड़गांव में पत्रकार है और टच करने पर जेल भिजवाने की धमकी देती है। इंजीनियर की पत्नी का कहना है कि पति ने रिपोर्ट में सब झूठ बोला है। वह कभी पत्रकार नहीं रहीं बल्कि एक अखबार में इवेंट सेल में काम करती थीं, जिस नौकरी को शादी से पहले ही छोड़ दिया था।

मजीठिया ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने महाराष्ट्र के श्रम मंत्री को भेजे पत्र में क्या लिखा, पढ़िए

TO,
Shri Sambhaji Patil Nilangekar,
Labour Minister,
Maharashtra STATE,
Mumbai -1

SUB- Response to Labour Commissioner’s Report dated 08.07.2016 on the implementation of the Majithia Wage Board Award in Maharasthtra and submitted to the Supreme Court in Contempt Petition (C) No. 411/2014 in Writ Petition (C) No. 246/2011

बासी खबर प्रकाशित कर रहा समस्तीपुर हिन्दुस्तान

समस्तीपुर हिन्दुस्तान इन दिनों बासी खबर प्रकाशित कर रहा है। पिछले एक माह का आंकड़ा लें तो पता चलता है कि जो खबर प्रभात खबर, दैनिक जागरण तथा दैनिक भास्कर आज प्रकाशित कर रहा है, हिन्दुस्तान उसे अगले दिनों में प्रकाशित कर रहा है। बासी खबर प्रकाशित करने से पाठकों का एक हिस्सा हिन्दुस्तान से विमुख होने लगा है। पिछले दिनों हिन्दुस्तान ने समस्तीपुर के ब्यूरो चीफ ब्रज मोहन मिश्रा का स्थानान्तरण भी कर दिया। इस पद पर राम बाबू सुमन का आगमन हुआ। रोसड़ा में छायाकार के पद पर रहने वाले सुनील पंजियार को शिवाजीनगर प्रखंड का रिपोर्टर बना दिया गया।

लखनऊ के बाद आजमगढ़ से भी ‘नेशनल कवरेज’ अखबार शुरू, कई लोग जुड़े

आजमगढ़। ‘नेशनल कवरेज’ नामक अखबार का प्रकाशन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनउ और आजमगढ़ से होने लगा है। अखबार के आजमगढ़ संस्करण की शुरुआत पिछले दिनों हुई। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी, अपर जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी व आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की सचिव ऋतु सुहास के अलावा पूर्व सांसद डा. संतोष सिंह अतिथि की भूमिका में थे। 32 पेज के इस अखबार में सभी पेज रंगीन हैं और स्टोरी बेस्ड ये समाचार पत्र है।

महिला पत्रकार अपने इंजीनियर पति से बोली- बिना इजाजत हाथ लगाया तो जेल में सड़ा दूंगी!

बीवी पत्रकार और पति इंजीनियर। शादी के दो साल बाद इनकी कहानी अब पुलिस थाने तक पहुंच गई है। मुरादाबाद के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने दो साल पहले अपने इंजीनियर बेटे की शादी हिसार हरियाणा में रहने वाली पत्रकार लड़की से की थी। शादी के बाद से ही लड़की ने उसे पति मानने से इनकार कर दिया। जैसे-तैसे ये रिश्ता दो साल तक खिंचा। इंजीनियर का आरोप है कि जब वह उसे पत्नी की तरह मानकर पास जाता है तो वह कहती है- ”मैं पत्रकार हूं… मुझे बिना इजाजत छुआ तो पूरे खानदान को जेल में सड़ा दूंगी”। दुखी पति कहता है कि शादी को दो साल हो गए लेकिन पत्रकार पत्नी ने कभी उसे पति ही नहीं माना। पत्नी को समझाने की कोशिश करने पर वह भड़क उठती है और जेल भिजवाने की धमकी देती है।

बोल बम… साइड बम… हटिहा बम… कुद्दा मत बम… चला मरदवा बम…

Yashwant Singh : बनारस में गोदौलिया से चौक की चढ़ाई के दौरान कांवड़ियों से भरी सड़क में आगे बढने के वास्ते रास्ता साफ करते एक  रिक्शे वाले की क्रमिक हुंकार… इस दौरान अपन इस रिक्शा पर विराजमान रहे…

NUJ(I) Demands Enquiry Committee on Tussle between Media, Lawyer and Police in Kerala

New Delhi : The National Union of Journalists (India) and its state unit NUJ(Kerala) has expressed grave concern over imposing restriction on media in the Kerala High Court premises. The NUJ(I) feels that the district administration of Kerala  has no right to impinged the freedom of the press.

यूपी में जंगलराज : बुलन्दशहर से जुड़े सवालों के जवाब चाहिए

उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में नेशनल हाइवे पर गैंगरेप का बेहद ही शर्मनाक मामला सामने आया है। कार में सवार परिवार को बंधक बनाकर वहशी दरिंदो ने मां और बेटी को हवश का शिकार बनाया है। सामूहिक दुष्कर्म की यह खौफनाक घटना कानून के शासन को कलंकित करने और सभ्य समाज को लज्जित करने वाली हैं। रूह को कंपा देने वाली इस घटना ने एक बार फिर नारी अस्मिता को कुचला है। एक बार फिर नारी की इज्जत को तार-तार किया गया। उस डरावनी एवं खौफनाक रात्रि की कल्पना ही सिहरन पैदा करती है कि परिवार के सदस्यों के सामने किस तरह एक मां-बेटी को अगवा किया और फिर बंधक बनाकर गैंगरेप किया गया।

फर्जी इंस्टीट्यूट ‘राधा गोविंद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ के खिलाफ एफआईआर का आदेश

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से बड़ी खबर। न्यायलय ने दिया फर्जी इंस्टीट्यूट के खिलाफ एफआईआर का आदेश। एक छात्र पारस ने अपनी शिकायत जिले के पुलिस अधीक्षक से लेकर मुख्यमंत्री तक की लेकिन विडंबना देखिए कि उसकी किसी ने नहीं सुनी। उसकी शिकायत थी कि वह जिस इंस्टीट्यूट में पढ़ रहा था वह फर्जी है। उसके अनुसार उस जैसे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। वह कहता रहा लेकिन सुनने वाला कौन था। आखिरकार उसने एक आरटीआई लगाई और फिर सच प्रामाणिक और लिखित तौर पर सामने आया। इसके बाद न्यायालय की शरण ली और जहां से इंस्टीट्यूट के खिलाफ मामला दर्ज करा सका।

मजीठिया मामले में प्रबंधन से मोटी फीस लेकर बिना तैयारी के सुनवाई में आ रहे वकील

मुम्बई में डीबी कार्प के खिलाफ मजीठिया मामले में दैनिक भास्कर के प्रिंसपल करस्पांडेंट धर्मेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा 17 (1) के तहत दायर की गयी शिकायत के मामले में शनिवार को श्रम आयुक्त कार्यालय मुम्बई शहर में सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान प्रबंधन की तरफ से अधिवक्ता बिना किसी कागजात के चले आये और ऐसा उन्होंने दूसरी बार किया। इस मामले में अब तक तीन तारीख लग चुकी है लेकिन भास्कर प्रबंधन अब तक कोई कागजात उपस्थित नहीं कर पाया और न ही वकील की तरफ से वकालतनामा ही दाखिल किया गया है। इस पर सहायक कामगार आयुक्त सीए राउत ने कड़ा एतराज जताया।

यूपी में जंगलराज : अखिलेश यादव के राज में अपराधियों का मनोबल चरम पर

यूपी के बुलंदशहर में दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बंधक बनाकर मां-बेटी से गैंगरेप और लूटपाट कोई पहली घटना नहीं है। इसके पहले भी एक-दो नहीं हजार से भी अधिक ऐसे मामले है, जिसमें गैंगरेप, लूट, हत्या, डकैती, बच्चियों संग बलातकार जैसी वारदाते हुई है। इन घटनाओं में संलिप्त अपराधियों को धर दबोचने के बजाय सपाई गुंडों संग मिलकर पैसा बनाने में जुटे पुलिसकर्मी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति ही की है। चार-छह घटनाओं को छोड़ दें तो हरेक घटनाओं में निर्दोषों की गिरफ्तारी दिखाकर पुलिस न सिर्फ वाहवाही लूटी बल्कि अवैध वसूली का कुछ हिस्सा सत्ताई कुनबे को पहुंचाकर न मलाईदार थानों में तैनाती के साथ तरक्की का तगमा भी हासिल कर ली या करने वाले है।

छत्तीसगढ़ में जेल में बंद पत्रकार संतोष यादव पर जानलेवा हमला

जगदलपुर। छत्तीसगढ के जगदलपुर में माआवादियों से मिली भगत के आरोप में स्थानीय जेल में बंद पत्रकार संतोष यादव पर जानलेवा हमला किया गया। इसकी जानकारी पत्रकार संतोष के पिता बुधराम ने दी। यह जानकारी बाहर तब आई जब उसकी तबीयत खराब होने की सूचना पर उसके पिता बुधराम यादव जेल में उनसे मुलाकात करने पहुंचे। इस दौरान संतोष यादव ने बताया कि दो दिन के भीतर उसे चंदू व विक्की नाम के दो युवकों ने उसके साथ जमकर मारपीट की है।