उत्तरांचल प्रेस क्लब भूमि व्यक्ति विशेष को देने पर सीएम की रोक

देहरादून। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तरांचल प्रेस क्लब कैंटीन की भूमि को व्यक्ति विशेष के नाम पर फ्री-होल्ड करने संबंधी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। उन्होंने इस संबंध में एमडीडीए उपाध्यक्ष को आदेश जारी किए हैं। इस बीच, क्लब की भूमि को व्यक्ति विशेष के पक्ष में खुर्दबुर्द कराने की साजिश में एक कैबिनेट मंत्री की भूमिका के प्रति मंगलवार को प्रेस क्लब के सदस्यों और पत्रकारों ने जबर्दस्त आक्रोश व्यक्त किया। गुस्साए पत्रकारों ने प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन किया और मंत्री इंदिरा हृदेयश का पुतला जलाया। यह भी तय किया गया कि प्रेस क्लब को आवंटित भूमि खुर्दबुर्द कराने में कथित रूप से शामिल मंत्री इंदिरा के खिलाफ पूरी जानकारी से सोनिया गांधी को भी अवगत कराया जाएगा।

बेटियों के नाम असीमा भट्ट का खुला ख़त

प्यारी बेटियों

आज तुम सब से कुछ ज़रूरी बात करना चाह रही हूँ. राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में ‘छऊ’ सीखते हुये पैर तोड़कर मेसोनिक क्लिनिक, जनपथ दिल्ली के  आर्थोपेडिक से मिली तो हम दोस्त बन गए. उन्हें नाटक देखना बहुत पसंद था इसलिए अक्सर नाटक देखने आते थे. एक दिन डॉक्टर नरेन ने मुझसे पूछा कि अकेली औरत होते हुए क्या दिक्क़तें आईं?

मैंने कहा- वही जो पूरे युनिवेर्स की औरतों को…..

अश्लील डान्स कवरेज के दौरान आरपीएफ जवानों ने पत्रकार को पीटा

दो जवान और 12 अज्ञात के खिलाफ बलवा का मुकदमा दर्ज… अश्लील डान्स कवरेज के दौरान रेलवे स्टेशन पर घटना… रेलवे स्टेशन मऊ जंक्शन पर आरपीएफ द्वारा आयोजित अश्लील आर्केस्ट्रा नाच का कवरेज कर रहे पत्रकार अभिषेक राय को RPF जवानों ने बुरी तरह पीटा।

अमर उजाला कानपुर में श्रम विभाग का छापा

मजीठिया वेज बोर्ड मामले को लेकर माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेश का असर उत्तर प्रदेश में दिखने लगा है। कानपुर में अमर उजाला के कार्यालय पर श्रम अधिकारियों की टीम ने औचक छापा मारा और जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिया। बताया तो यहाँ तक जारहा है कि श्रम अधिकारियों ने अमर उजाला के कार्मिक विभाग का हार्डडिस्क भी अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि हार्ड डिस्क वाली बात की पुष्टि नहीं हो पाई है।

कानपुर में पत्रकार चंदन पर जानलेवा हमला करने वाला गिरफ्तार

कानपुर । 20 अगस्त को कानपुर कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े पत्रकार चन्दन जायसवाल पर जानलेवा हमला करने वाला रितेश गुप्ता उर्फ वासू गुप्ता पुलिस के हत्थे चढ़ गया। अन्य हमलावर अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। बताते चलें कि पुलिस की पकड़ में आया रितेश गुप्ता उर्फ वासू गुप्ता अपने आपको समाजवादी पार्टी का नेता बताकर रौब झाड़ता रहता था जबकि वह कमोडिटी शेयर ट्रेडिंग की आड़ में सट्टे का कारोबार करता था। यह भी पता चला कि वह जुआखाना भी चलवाता था।

ग्वालियर में मंत्री के कार्यक्रम में ‘लपके पत्रकारों’ ने मंच और मंत्री को तुरंत लपक लिया!

ग्वालियर में रविवार को एक अजीब बात देखने को मिली। प्रदेश सरकार के जनसंपर्क मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने पत्रकारों के लिए भोज का आयोजन किया। जनसंपर्क मंत्रालय मिलने के बाद वे पहली बार पत्रकारों से मिल रहे थे, इसलिए जनसंपर्क विभाग ने सभी पत्रकारों को आमंत्रण दिया कि मंत्री रात्रि भोजन पर आप से मिलना चाहते हैं। लेकिन वहां माजरा ही अजीब था। लपकों की भीड़ थी। यह वे लपका थे जो ग्वालियर के हर मंत्री को लपकते हैं। कायदे से मंत्री को पत्रकारों की अगवानी करनी थी पर मंत्री पहुंचे रात आठ बजे के बजाय नौ बजे और लपका मंत्री को लपकने के लिए इतने बेताब थे कि वे आयोजन स्थल छोड़ सड़क पर आ जमे और मंत्री का इंतजार ऐसे करने लगे मानो कार्यक्रम लपकों ने ही आयोजित किया हो।

ओला, ब्ला ब्ला के बाद अब ओयो : नाश्ता और वाई-फाई समेत एसी कमरा सिर्फ 750 रुपये में!

Yashwant Singh : OYO ने सचमुच क्रांति कर दी है. होटल का शानदार एसी कमरा मात्र 750 रुपये में. हाल के दिनों में टेक्नालजी ने गजब की सुविधाएं मुहैया कराई है जिससे हम जैसे घुमंतूओं का जीवन बहुत स्मूथ हो गया है. ब्ला ब्ला, ओला से लेकर ओयो तक. गाड़ी, होटल सब कुछ बेहद सस्ते दरों पर और आपके एक क्लिक पर उपलब्ध. आज पहली बार ओयो की सुविधा यूज कर रहा हूं.

एयरपोर्ट पर ऐसी लापरवाही : एयर इंडिया के जहाज से लड़ते कटते बाल-बाल बचे दो दर्जन यात्री

Aalok Aawasthii : एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गयी जबलपुर airport पर और जिसका मैं स्वयं साक्षी हूँ । आपसे घटना share करता हूँ – 27 अगस्त को दिल्ली से जबलपुर मैं SpiceJet की flight से जबलपुर पहुँचा और सभी यात्रियों से बस में बैठने को वहाँ के ground staff ने कहा । 25-30 यात्री बस में बैठ चुके थे। इतने में airindia का प्लेन land होकर parking में आ रहा था जहाँ पर SpiceJet का प्लेन और यात्रियों से भरी हुई बस खड़ी थी। airindia का प्लेन जब बस के बहुत नज़दीक पहुँचने लगा तो SpiceJet के ग्राउंड स्टाफ़ ने चिल्ला कर सबको बस से दूर जाने को कहा जिससे वहाँ पर भगदड़ मच गयी।

पत्रकारिता के इस दौर में विनय श्रीकर का होना…

हिंदी पत्रकारिता के इस दौर में हम लोगों के बीच एक ऐसा सदाबहार और अदभुत पत्रकार मौजूद है जिसकी प्रतिभा का इस्तेमाल कोई मीडिया हाउस नहीं कर रहा है. साहित्य, इतिहास, पत्रकारिता, राजनीति सब पर गजब की पकड़ रखने वाले इस शख्स का नाम विनय श्रीकर है. आलेख लिखना हो या ग़ज़ल या कविता या गीत, लेक्चर देना हो या जीवन का पाठ पढ़ाना हो, विनय श्रीकर का जवाब नहीं. 68 साल के विनय श्रीकर के भीतर जो उर्जा, ओज और तेजी है, वह सोचने पर मजबूर कर देती है कि इन जैसे ही हम जैसों को कहते होंगे- बुड्ढा होगा तेरा बाप!.

आईबीएन7 पर डिबेट के बाद सपा नेता ने भाजपा नेता पर दर्ज करा दिया मुकदमा!

TV debate on IBN7 lands up at police station… SP leader registers case against BJP leader… भारत में ऐसा पहली बार हुआ होगा जब किसी चैनल पर डिबेट के बाद उसमें शामिल एक नेता ने दूसरे नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया हो. आईबीएन7 चैनल पर हुई बहस के बाद समाजवादी पार्टी के नेता ने भाजपा नेता पर मुकदमा दर्ज करा दिया है. पढ़िए भाजपा नेता आईपी सिंह की एक एफबी पोस्ट, जिससे पूरा प्रकरण समझ में आ जाएगा…

मुलायम फिर ‘मुल्ला’ बनने को बेताब

अजय कुमार, लखनऊ

उत्तर प्रदेश की सियासत अब दिल की जगह दिमाग के सहारे परवान चढ़ रही हैै। सभी दलों के सूरमा ‘लक्ष्य भेदी बाण’ छोड़ रहे हैं। यही वजह है बसपा सुप्रीमों मायावती अपने दलित वोट बैंक को साधे रखने के लिये बीजेपी को दलित विरोधी और  मोदी की सरकार को पंूजीपतियों की सरकार बताते हुए कहती हैं कि यूपी में बीजेपी की हालत पतली है, इसलिये वह बसपा का ‘रिजेक्टेड मॉल’ ले रही है तो मुसलमानों को लुभाने के लिये बीजेपी को साम्प्रदायिक पार्टी करार देने की भी पूरजोर कोशिश कर रही हैं। आजमगढ़ की रैलीम में मायावती ने यूपी चुनाव जीतने के लिये बीजेपी पाकिस्तान से युद्ध करने की सीमा तक जा सकता है, जैसा बयान मुस्लिम वोटों को बसपा के पक्ष में साधने के लिये ही दिया गया था। वहीं भाजपा और सपा 30 के फेर में फंसे हैं। चुनावी बेला में हमेशा की तरह इस बार भी सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने मुस्लिम वोटरों को लुभाने के लिये  अयोध्या तान छेड़ दी हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह कह रहे हैं कि देश की एकता के लिये 16 के बजाये 30 जानें भी जाती तो वह पीछे नहीं हटते।

एमके झा भी आईबीएन7 से हटाए गए

आईबीएन7 में एक्जीक्यूटिव एडिटर के रूप में कार्यरत एमके झा भी हटा दिए गए हैं. एमके झा सन 2006 में लांच हुए इस चैनल की शुरुआती टीम के हिस्से थे. इस कवायद से एक तरह से पुराने सभी लोगों को हटा दिया गया है या हटाया जा रहा है. प्रबंधन की कोशिश युवा और तेजतर्रार लोगों को चैनल से जोड़ने की है क्योंकि चैनल की टीआरपी लाख प्रयासों के बावजूद बढ़ नहीं पा रही है. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि असल बीमारी शीर्षस्थ लोगों के कारण है, मध्यम लेवल पर कार्यरत लोगों के चलते नहीं. पर हमेशा यही होता है कि शीर्षस्थ लोग खुद को सुरक्षित रख कर सारी गाज अपने से नीचे के लोगों पर गिरा देते हैं.

लो साहब, अब 50 प्रभावशाली बिहारियों की भी लिस्ट बन गई!

देश और राष्ट्र की बात करने कहने वाले संपादक लोग जब बिहारीवाद चलाने लगते हैं तो दुख होता है… कम से कम टाप 50 प्रभावशाली बिहारी जैसी लिस्ट बनाए जाने की निंदा होनी चाहिए… क्षेत्रवाद को बढ़ावा देने वाले कुकृत्य आजकल के आधुनिक दौर में नहीं किए जाने चाहिए… नेताओं ने तो पहले ही ढेर सारे वाद में देश के लोगों को बांटा हुआ है… अब पत्रकार और मीडिया वाले भी अपने अपने स्तर पर कई किस्म के वाद फैला रहे हैं… मीडिया में भूमिहार वाद के बाद अब क्षेत्रवाद भी खूब होने लगा है… 50 प्रभावशाली बिहारी जैसी लिस्ट इसी क्षेत्रवाद को बढ़ावा देने वाली है… कोई फेम इंडिया नामक एक अनजान पत्रिका ने 50 प्रभावशाली बिहारियों की एक लिस्ट जारी कर दी है जिस पर हमारे संपादक लोग खूब इतरा रहे हैं… देखिए, अजीत अंजुम क्या लिख रहे हैं और 50 प्रभावशाली बिहारियों में किन किन का नाम डाला गया है….

बादल परिवार के सामने नतमस्तक अमित शर्मा!

करीब दो महीने पहले की बात है। अमर उजाला में संपादक के तौर पर काम कर चुके वरिष्ठ पत्रकार निशीथ जोशी जी ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा था कि पंजाब में दैनिक जागरण जैसे बड़े अखबार को पंजाब का तेज तर्रार पत्रकार अमित शर्मा मिल गया है। जोशी जी ने अमित शर्मा को दलाली बट्टे से दूर हर समय पत्रकारिता में जीने वाला पत्रकार बताते हुए खूब तारीफ के पुल बांधे थे। यह भी कहा था कि अब लगता है कि पंजाब में हिंदी पत्रकारिता में नई ईबारत लिखी जाएगी। अब काम करने वाली टीम के सुखद दिन और दलाली करने वालों की शामत जागरण में तो तय है। परंतु दो माह के अंदर ही श्री जोशी की भविष्यवाणी पर लगता है कि ग्रहण लग गया है। अमित शर्मा भी अब वही कर रहे हैं जैसा पहले हो रहा था। पंजाब में मजबूत बादल परिवार के सामने अमित शर्मा ने भी लगता है घुटने टेक दिये है।

योगिता यादव और पंकज सुबीर सम्मानित

दैनिक जागरण की महिला पत्रकार योगिता यादव को राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान-2016 से सम्मानित किया गया है. उन्हें यह पुरस्कार राजेंद्र यादव की पत्नी और वरिष्ठ लेखिका मन्नू भंडारी ने दिया. इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में हंस पत्रिका के संपादक संजय कुमार भी मौजूद थे. योगिता को पुरस्कार उनकी कहानी ‘राजधानी के भीतर’ के लिए मिला. कार्यक्रम में कहानीकार पंकज सुबीर को भी उनकी कहानी ‘चौपड़े की चुड़ैलें’ के लिए पुरस्कार मिला.

युवा पत्रकार विष्णु पांडेय को श्रद्धांजलि

आईआईएमसी कैंपस में बीते दिनों बिजनेस स्टैंडर्ड और इकनॉमिक टाइम्स में काम कर चुके दिवंगत पत्रकार विष्णु पांडेय को उनके 30 वे जन्मदिवस के अवसर पर याद किया गया. विष्णु पांडेय आईआईएमसी के 2007-08 अंग्रेजी पत्रकारिता कोर्स के छात्र थे और इसी साल 17 जुलाई को ब्रेनहेमरेज की वजह से उनका आकस्मिक निधन हो गया था.

विजय नारायण सिंह का तबादला

अमर उजाला जम्मू से विजय नारायण सिंह का तबादला अमर उजाला आगरा कर दिया गया है. वे सीनियर न्यूज एडिटर के पद पर हैं. विजय नारायण आगरा में दैनिक जागरण के ‘आईनेक्स्ट’ अखबार के इंचार्ज रह चुके हैं. वे अमर उजाला मेरठ में न्यूज एडिटर काम कर चुके हैं.

अमिताभ अग्निहोत्री के. न्यूज में कितने दिन टिकेंगे?

समाचार प्लस चैनल से हटने के बाद अमिताभ अग्निहोत्री कहीं भी लंबा टिक नहीं पा रहे. उनकी उछलकूद अब एक नए चरण में पहुंच चुकी है. वह कानपुर से संचालित होने वाले एक छोटे न्यूज चैनल के. न्यूज में संपादक बनने को मजबूर हुए हैं. इसके पहले वह इंडिया नाऊ नामक एक कथित नए चैनल से जुड़े थे लेकिन बहुत जल्द हटना पड़ा था. बाद में वह चैनल वन पहुंचे लेकिन यहां भी टिक नहीं पाए. अब के. न्यूज की नाव पर सवार है. देखना है कितने दिन काम कर पाते हैं.

जी मीडिया से आरके अरोड़ा गए, राजीव सिंह आए

आर.के. अरोड़ा ने जी समूह को अलविदा कह दिया है. वह जी मीडिया के कार्यकारी निदेशक और सीईओ थे. अरोड़ा पिछले साल ही जी मीडिया ग्रुप में बतौर सीओओ जुड़े थे. बाद में उन्हें कार्यकारी निदेशक और सीईओ बना दिया गया. प्रमोशन के कुछ महीने बाद ही उनका इस्तीफा देना बताता है कि जी मीडिया के अंदरखाने सब कुछ सही नहीं चल रहा है. अरोड़ा न्यूज नेशन और न्यूज24 के सीईओ रह चुके हैं.

खुशदीप सहगल टीवी टुडे नेटवर्क से जुड़े

वरिष्ठ पत्रकार खुशदीप सहगल ने अपनी नई पारी टीवी टुडे नेटवर्क के साथ शुरू की है। एसोसिएट एडिटर के तौर पर खुशदीप को यहां स्पेशल प्रोजेक्ट से जोड़ा गया है। इससे पहले खुशदीप न्यूज़ 24 के डिजिटल हिंदी विंग की कमान संभाल रहे थे। खुशदीप ऐसे पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट, इलैक्ट्रॉनिक और डिजिटल, तीनों तरह की विधाओं में अनुभव हैं। मेरठ में दैनिक जागरण से प्रिंट मीडिया में शुरुआत करने वाले खुशदीप ने करीब सात साल तक अमर उजाला ग्रुप को भी अपनी सेवाएं दीं।

आईबीएन7 में कुल दस लोगों की बलि!

IBN7 में काम कर रहे मित्रों को लेकर एक बुरी ख़बर है। दो साल में सुमित अवस्थी के नेतृत्व में 4.5-5 टीआरपी लेकर आठवें-नवें पायदान पर झूलते रहने को अभिशप्त इस चैनल ने अब नया टोटका करते हुए करीब दस लोगों की बलि दे दी है, यानी उन्हें नौकरी से हटा दिया गया है। 2013 में जब लोगों को निकाला गया था तो इस चैनल ने हर व्यक्ति को उतने महीने की तनख़्वाह अतिरिक्त दी थी जितने वर्ष उसने चैनल में बिताये। लेकिन इस बार महज़ एक महीने का वेतन थमाकर इस्तीफ़ा ले लिया गया।

भड़ास मीडिया सरोकार अवार्ड (4) : नौकरी छोड़ पहाड़ बचाने के लिए लड़ रहे नौजवान समीर रतूड़ी को एक सम्मान

हम सफलता का मतलब क्या मानते हैं? किसी के लिए नौकरी, परिवार और मकान-दुकान में लगातार रमे रहना और बढ़ते जाना तरक्की है तो किसी के लिए नौकरियों को लात मार कर पहाड़, पर्यावरण, अपने जन के लिए लड़ना सफलता है. सफलता अंबानी के लिए ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाना हो सकता है तो एक फकीर के लिए सब कुछ त्याग कर मस्त रहना ही सफलता है. आज के बाजारू दौर में जब माना जाने लगा है कि हर किसी का लक्ष्य पैसा है, सुख है, भौतिक लाभ है, वैसे में कुछ लोग ऐसे भी दिखते हैं जो इन सबसे अलग जीवन का मकसद वंचितों के पक्ष में खड़ा होना बना लेते हैं.

भड़ास मीडिया सरोकार अवार्ड (3) : उद्यमिता के लिए संजय शर्मा, अशोक दास और विवेक सत्य मित्रम को सम्मान

हम भारत के लोग बचपन से ही नौकरी करने के लिए ट्रेंड किए जाते हैं. कभी यह नहीं पढ़ाया सिखाया जाता है कि आप खुद कैसे एक सफल उद्यमी बनकर दूसरों को रोजगार दे सकते हैं. खासकर मीडिया की बात करें तो यहां मीडियाकर्मी नौकरी पाने, नौकरी बचाए रखने और नौकरी चले जाने पर नौकरी खोजने में अपना जीवन गुजार देता है. वह अपनी आत्मा, अपने सम्मान, अपने आत्मविश्वास, अपनी ईमानदारी सबसे समझौता करता चला जाता है एक अदद नौकरी के लिए. लेकिन मीडिया के कुछ साथी हमारे आपके बीच में ऐसे भी हैं जिन्होंने करियर की शुरुआत तो मीडिया में नौकरी करने से की लेकिन जल्द ही उन्होंने समझ लिया कि उनका रास्ता ये नहीं है. इन साथियों ने अपने अपने प्रयासों, संघर्षों और प्रयोगों से नया रचा और बड़ा मुकाम हासिल करने की ओर अग्रसर हैं. ऐसे ही तीन साथियों को भड़ास4मीडिया ने इस बार उद्यमिता के लिए सम्मानित करने का फैसला लिया है. इनके नाम हैं- संजय शर्मा, अशोक दास और विवेक सत्य मित्रम्.

भड़ास मीडिया सरोकार अवार्ड (2) : ‘विकास संवाद’ के साथियों के नाम एक सम्मान

मध्य प्रदेश का एक एनजीओ है ‘विकास संवाद‘. इससे कई एक्टिविस्ट, पत्रकार, समाजसेवी, एकेडमिशियन और शोधकर्ता जुड़े हैं. यह एनजीओ हर साल तीन दिवसीय आयोजन कर देश भर के सजग और समझ वाले पत्रकारों, एक्टिविस्टों, समाजसेवियों को एक किसी दूरस्थ जगह बिठाकर सामाजिक और जन सरोकार के मुद्दों पर प्रशिक्षित करता है. कभी जल, कभी जंगल, कभी स्वास्थ्य तो कभी पर्यावरण. साथ ही मध्य प्रदेश के मीडियाकर्मियों को विभिन्न कैटगरीज में शोध के लिए फेलोशिप प्रदान करने का काम भी यह संगठन करता है.

भड़ास मीडिया सरोकार अवार्ड (1) : मजीठिया वेज बोर्ड की लड़ाई लड़ने वाले मीडियाकर्मियों के नाम एक सम्मान

11 सितंबर को दिन में एक बजे दिल्ली में रफी मार्ग पर स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब के स्पीकर हाल में भड़ास4मीडिया की तरफ से कई मीडियाकर्मियों / संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा. इस कड़ी में सबसे पहले पुरस्कार के लिए मजीठिया वेज बोर्ड की लड़ाई लड़ने वाले मीडियाकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा. इन सैकड़ों मीडियाकर्मियों की तरफ से प्रतीकात्मक रूप से यह सम्मान ग्रहण करेंगे मुंबई के पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट शशिकांत सिंह. इस लड़ाई के लिए अलग-अलग जगहों पर अलख जगाने वाले और मीडियाकर्मियों को गोलबंद करने वाले साथियों राजस्थान से आलोक शहर और संजय सैनी, उत्तराखंड से अरुण श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश से अशोक चौधरी, दिल्ली से प्रदीप सिंह और श्रीकांत सिंह, चंडीगढ़ से भूपेंद्र प्रतिबद्ध, हिमाचल प्रदेश से रविंद्र अग्रवाल, हरियाणा से मुन्ना प्रसाद आदि साथियों को भी सम्मानित किया जाएगा.

(मुंबई के पत्रकार शशिकांत सिंह. इन्होंने अपने सैकड़ों आर्टकिल्स, रिसर्च, आरटीआई के जरिए देश भर के मीडियाकर्मियों को अपना हक पाने के लिए जागरूक किया, ट्रेंड किया और उन्हें निराश न होने की प्रेरणा दी. 11 सितंबर को भड़ास के आठवें स्थापना दिवस पर शशिकांत और ऐसे ही कई जुझारू मीडियाकर्मियों का सम्मान किया जाएगा.)

एचटी मीडिया व एचएमवीएल प्रबंधन सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोल रहा, जाने क्या है सच्चाई

एचटी मीडिया व एचएमवीएल की सच्चाई…. कुछ तथ्य… मजीठिया वेज बोर्ड के मामले में सुप्रीम कोर्ट में एचटी मीडिया और एचएमवीएल ने सभी तथ्य और रेकॉर्ड गलत दाखिल किये हैं. इन्होंने वहां शो किया है कि हमारे दस-बारह कर्मचारी ही बचे थे उनको हमने वेजबोर्ड दे दिया, सैटलमेंट करके, बाकी सबको पहले ही दे रहे हैं. सच्चाई और तथ्य यह है कि इन्होंने अपने यहां काम करने वाले किसी भी कर्मचारी को आज की तारीख तक मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से न पैसा नहीं दिया, न हिंदी हिन्दुस्तान में और न ही अंग्रेजी एचटी. किसी भी कर्मी को मजीठिया के अनुसार वेतन और एरियर नहीं दिया गया.

लालू प्रसाद ने मीडियाकर्मियों के लिए नये वेतनबोर्ड का समर्थन किया

पटना : राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की तर्ज पर श्रमजीवी पत्रकारों एवं गैर पत्रकारों के लिए नये वेतनबोर्ड के गठन की मांग का समर्थन किया। लालू प्रसाद ने यहां फेडरेशन आफ पीटीआई इम्प्लाइज यूनियंस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। लालू ने कहा, ‘पत्रकार तथा मीडिया संगठन के अन्य कर्मचारी देश के पढ़े लिखे नागरिक हैं तथा समाज की बेहतरी के लिए खबरें जुटाने और उन्हें प्रसारित करने में अपनी जान जोखिम में डालते हैं। उनके वेतन में भी उसी तरह की अच्छी बढ़ोतरी होनी चाहिए जैसी सरकारी कर्मचारियों के वेतन में सातवें वेतन आयोग से हुई है।’’

मजीठिया : जानिए नवंबर 2011 से दिसंबर 2016 तक का डीए

23 अगस्‍त 2016 को सु्प्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बाद बहुत से साथी 20जे का खौफ अपने दिल से निकाल कर अपने एरियर की रिकवरी का दावा उप श्रम आयुक्‍तों के यहां पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। उन साथियों की मदद के लिए हम नवंबर 2011 से दिसंबर 2016 तक का डीए बता रहे हैं। यह डीए सभी ग्रेडों के समाचार-पत्रों, मैग्‍जीनों और न्‍यूज एजेंसियों में किसी भी शहर में कार्यरत सभी कर्मचारियों पर एक समान ही लागू होगा और यह हर छह महीने बाद (जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर) बदल जाता है। मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिशों के अनुसार इसका सही बेस प्‍वाइंट 167 है। आप कतई भी 185 या 189 के आधार पर इसकी गणना न करें, यह आपके लिए नुकसानदायक होगा।

विष्णु शर्मा ने न्यूज24 को नमस्ते किया

विष्णु शर्मा ने न्यूज24 को बाय-बाय बोल दिया है. वे करीब डेढ़ दशक से इस कंपनी के साथ थे. 2005 में बीएजी जॉइन करने के बाद विष्णु ने शुरुआती सालों में डीडी के लिए ‘खबरें बॉलिवुड की’ शो की पूरी जिम्मेदारी संभाली और उस शो को एक मुकाम तक पहुंचाया.

फोटोग्राफर, ट्रेवेल राइटर और ब्लॉगर डा. कायनात काजी की फोटो प्रदर्शनी “सबरंग” का उदघाटन

फोटोग्राफर, ट्रेवेल राइटर और ब्लॉगर डा. कायनात काजी की फोटो प्रदर्शनी “सबरंग” का उदघाटन समारोह कनाट प्लेस स्थित कैफे दी आर्ट में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद् और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, भारत सरकार के सदस्य सचिव डा. सच्चिदानंद जोशी ने की। प्रसिद्ध फोटोग्राफर और डीडी न्यूज के सीनियर कंसल्टिंग एडीटर श्री विजय क्रांति इस अवसर पर मुख्य अतिथि तथा वरिष्ठ टीवी पत्रकार और जानेमाने स्तंभकार श्री अनंत विजय विशिष्ठ अतिथि थे। कैफे द आर्ट अपनी तरह का एक अलग प्रयोग है। यह कैफे कम आर्ट गैलरी है। यहां कला प्रेमी फोटो और पेंटिंग को निहारते हुए चाय और कॉफी की चुस्कियों का लुत्फ उठाते हैं।

विश्व फोटोग्राफी दिवस पर फरीदाबाद के फोटो पत्रकार और टीवी कैमरा पर्सन हुए सम्मानित

फरीदाबाद। डीजीपी विजिलेंस गुरूग्राम शील मधुर ने कहा कि सभ्य समाज के निर्माण में पत्रकारों की अहम भूमिका है। चाहे कोई भी दौर रहा हो। पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। भ्रष्टाचार को जड़ मूल से खत्म कराने में पत्रकार अहम भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं। वे शुक्रवार को डीएवी शताब्दी कॉलेज एनएच-3 में राज्यस्तरीय परिचर्चा बदलते परिवेश में पत्रकारिता और पत्रकारों की भूमिका पर बोल कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जो जिस क्षेत्र में है। वे भारत को सशक्त बनाने का काम करें।

Except The Tribune, No Chandigarh Newspaper Has Implemented Majithia

Union Territory of Chandigarh is a major publication centre of newspapers in the country. Many important newspapers like; the Tribune, Dainik Bhaskar, Dainik Jagran, Punjab Kaisari, Indian Express and Ajit etc. having large circulations are published from this Union Territory. However, except the Tribune Group of Newspapers, publishers of the Tribune, Hindi Tribune and Punjabi Tribune, no other newspaper has implemented the Majithia Wage Award.

आईबीएन7 से आकाश सोनी, प्रवीण तिवारी, तस्लीम खान, समीर चटर्जी, अनंत विजय, इकबाल रिजवी समेत आठ निकाले गए

आईबीएन7 से एक बड़ी सूचना आ रही है. टीआरपी में लगातार पिट रहे इस चैनल के प्रबंधन ने खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे की तर्ज पर आठ कर्मियों की बलि ले ली है. इसमें कई वरिष्ठ पत्रकार हैं तो कुछ सीनियर एंकर. जिन आठ पत्रकारों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है उनके नाम हैं- आकाश सोनी, प्रवीण तिवारी, तस्लीम खान, समीर चटर्जी, अनंत विजय, इकबाल रिजवी, इंद्रजीत राय और नौशाद अली. शुक्रवार को आईबीएन7 के एचआर ने सुबह से शाम तक में आठ वरिष्ठ पत्रकारों से इस्तीफा लिया.

इंडियन एयरफोर्स के लापता विमान पर सवार फौजी की पत्नी ने पूछा- क्‍या मौत की सूचना पर ही सरकार आंसू पोछेगी?

रोते हुये फौजी की पत्‍नी तारा देवी को ढाढस बंधाते गाजीपुर के चर्चित समाजसेवी ब्रज भूषण दूबे। इनसेट में फौजी छेदी यादव का चित्र।

गाजीपुर : 22 जुलाई को एयरफोर्स का माल वाहक विमान एएन-32 कुल 29 लोगों के साथ ताम्‍बरम से पोर्ट ब्‍लेयर जाते हुये समुद्र में दुर्घटना ग्रस्‍त हो गया था जिसमें एनसीई के पद पर कार्यरत मुहम्‍मदाबाद थानान्‍तर्गत बरेजपुर गांव के छेदी सिंह यादव भी थे। इनके परिवार का रोते-रोते बुरा हाल है। शनिवार को पीड़ित परिवार के साथ सामाजिक कार्यकर्ता ब्रज भूषण दूबे ने बैठकर न केवल उनका दुख बांटा बल्कि रक्षामंत्री मनोहर पारिकर के नाम सूचना अधिकार का प्रयोग कर कुल 7 बिन्‍दुओं पर सूचनाएं भी मांगी।

मायावती ने आजमगढ़ में बसपा की रैली में नरेंद्र मोदी को साबुन लगा लगा कर खूब धोया…

यह मोदी सरकार भी कम घोटालेबाज नहीं है : मायावती

Yashwant Singh : मायावती ने आजमगढ़ में बसपा की रैली में नरेंद्र मोदी को साबुन लगा लगा कर खूब धोया… लाखों की भीड़ से बार बार पूछा कि महंगाई घटी, राशन सस्ता हुआ, नौकरी मिली, मकान मिला, रुपया एकाउंट में आया… जनता ने हर बार ना कहा. व्यापम घोटाला, विजय माल्या घोटाला, ललित मोदी घोटाला, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के घोटालों का जिक्र कर मायावती ने बताया कि यह मोदी सरकार भी कम घोटालेबाज नहीं है.

एक मैग्जीन ऐसी भी… इंटरव्यू विशाल जैन (एडिटर इन चीफ)

Vishal Jain

Yashwant Singh : एक मेरे पुराने मित्र हैं. विशाल जैन. आजकल वे एजुकेशन और स्कूलिंग के फील्ड में कई नए प्रयोग कर रहे हैं. एक रोज उनसे मुलाकात हुई तो सामने टेबल पर रखी उनकी मैग्जीन पर भी नजर चली गई. इसके पन्ने पलटने लगा. लगा कि इसके बारे में सबको बताना चाहिए. क्या खूब हो कि आपका बच्चा स्कूल पढ़ने गया हो और एक दिन वह कमिश्नर का इंटरव्यू कर लाए और उसे एक मैग्जीन में छाप भी दिया जाए. विशाल अपने स्कूल के बच्चों से ऐसे कई क्रिएटिव काम कराते हैं.

महिला टीवी पत्रकार ने छेड़छाड़ करने वालों की तस्वीर कैमरे में कैद की, एक गिरफ्तार

दक्षिण दिल्ली के एंड्रयूजगंज इलाके में अपना काम खत्म कर लौट रही एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल की एक महिला पत्रकार का चार लोगों ने पर पीछा किया। घटना शाम को उस समय की है जब महिला संवाददाता अपना काम खत्म करने के बाद धौला कुआं से लौट रही थी ओर नोएडा स्थित अपने कार्यालय जा रही थी।  पुलिस ने बताया कि उन्होंने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक वाहन पर सवार चार लोगों ने पत्रकार के कार्यालय की कैब का पीछा किया और उस पर अश्लील टिप्पणियां की। उन्होंने धौला कुआं से लेकर एंड्रयूयगंज तक पूरे रास्ते उसे परेशान किया।

कलिंग टीवी ने नौ कर्मचारियों को बाहर निकालने के लिए नोटिस थमाया

निकाले गए कर्मचारी चैनल के खिलाफ सामूहिक केस करने की सोच रहे हैं…ओड़िशा की मीडिया में अभी काफी उथल-पुथल हो रही है। गरीबों का मसीहा कहने वाले अच्युत सामंत के कलिंग टीवी में चैनल के गरीबों की रोटी छीनी जा रही है। सुनने में आया है कलिंग मीडिया प्राइवेट लिमिटेड में कर्मचारियों की छंटनी हो रही है। हाल ही में उनके नौ कर्मचारियों को कंपनी ने अनैतिक तरीके से निकाला।

मजीठिया : श्रमायुक्तों को शक्तियां देकर रिकवरी की गई आसान, शिकायतें निपटाने को छह सप्ताह का समय

अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने ताजा आदेश में 23 अगस्त की सुनवाई के दिन उपस्थित चार राज्यों के श्रमायुक्तों को वेजबोर्ड लागू करवाने और शिकायतकर्ताओं की सुनवाई स्वयं करने के आदेश जारी किए हैं। वहीं 20जे के मामले में उत्साहित कर्मियों को इन आदेशों से निराशा जरूर हुई है, मगर कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अगली सुनवाई के दिन यानि 04 अक्तूबर, 2016 को इस पर प्रबंधन का पक्ष सुनने के बाद निर्णय दे दिया जाएगा। हालांकि सुनवाई के दौरान जिस प्रकार से जज ने जागरण प्रबंधन के वकील को 20जे के संबंध में स्पष्ट कर दिया है, उससे यह बात साफ हो चुकी है कि अब अगली बार 20जे पर फैसला कर्मचारियों के पक्ष में ही रहेगा।

मजीठिया मामले में वकीलों के खिलाफ घोषित वॉकयुद्ध बंद कीजिये प्लीज़

मजीठिया वेज बोर्ड मामले में हम इन दिनों एक तरफ जहाँ खुश होकर सुप्रीम कोर्ट के 23 अगस्त के फैसले की तारीफ़ के कसीदे पढ़ रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की बारीकियों का अध्ययन कर रहे हैं वहीँ पत्रकारों का एक समूह कुछ वकीलों की तारीफ और मैनेजमेंट के इशारे पर दूसरे वकीलों के खिलाफ सोशल मीडिया पर वॉक युद्ध कर रहा है। फेसबुक पर स्टोरी चल रही थी कि अमुक वकील तो सुप्रीम कोर्ट में कुछ नहीं बोले। एक ने ‘हिन्दुस्तान और हिंदुस्तान टाइम्स के रिटायरमेंट हुए लोगों को मिले लाखों रुपये’ पर कमेंट लिखा है कि हिन्दुस्तान के कर्मचारियों को जितना पैसा बताया गया,  उतना नहीं मिला। यानि सीधे सीधे कहें तो आरोप हिन्दुस्तान टाइम्स कर्मचारियों के वकील उमेश शर्मा जी पर लगा दिया। साथ ही मेरी लेखनी पर भी।

देवबंद में भाजपा नेता ने पत्रकार दो गालियां और धमकी (सुनें टेप)

मैं सुधीर भारद्वाज देवबंद (सहारनपुर) निवासी पत्रकार हूं. मैंने नगर देवबंद के नवनियुक्त भाजपा नगर अध्यक्ष गजराज द्वारा गलत तरिके से कार्यकारिणी घोषित किये जाने को लेकर जिलाध्यक्ष से बात कर एक खबर व्हाटस अप पर डाली गई थी. इसके बाद मेरे मोबाइल नंबर पर नगराध्यक्ष गजराज ने फोन कर खबर छापने पर गंदी गंदी गालियां दी. भविष्य में खबर छापने पर जान से मारने की धमकी दी गई.

उस जमाने के चोर कहलाने वाले नेता की संतई देखने वाली थी

1957 का प्रसंग है। पुराने सिक्के जा रहे थे। नया पैसा जगह बना रहा था। चुनाव का माहौल था। यह बात लखनऊ की है। मैं लखनऊ के हैदराबाद मुहल्ले में रहता था। हैदराबाद दो थे— नया हैदराबाद और पुराना हैदराबाद। मेरा घर नया हैदराबाद के जिस मकान में था उसका नाम है खन्ना विला। यह कोठीनुमा मकान अपने उसी पुराने ढांचे में आज भी मौजूद है। जुलूस का शोर-शराबा सारे दिन सुनाई पड़ता था। गली-मुहल्लों और सड़कों पर एक के बाद एक राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ता और समर्थक नारे लगाते हुए परेड करते थे। एक नारा अभी तक याद आता है— ‘गली गली में शोर है, सी बी गुप्ता चोर है’। सी बी गुप्ता यानी चन्द्रभानु गुप्त। वह भारत की आजादी की जंग के अभिन्न अंग थे। काकोरी रेल डकैती कांड को अंजाम देने वाले क्रांतिकारियों के वह एक नामी और कुशल वकील के रूप में अनन्य सहयोगी थे। उनकी विचारधारा या पार्टी जो भी रही हो, इससे क्या लेना-देना।

दबंग दुनिया के संस्करणों में संपादकीय विभाग को कलेक्शन का टारगेट!

अपनी उलटबासियों के कारण कुख्यात हो चुका इंदौर का अखबार दबंग दुनिया इस बार तो एक नया रिकार्ड अपने नाम करने जा रहा है। जो बात दबी छिपी कही जाती थी उसे बाकायदा ईमेल जारी कर सभी संस्करणों में भेजा है। दबंग दुनिया के भोपाल, रायपुर और जबलपुर संस्करणों को भेजे एक ईमेल में कहा गया है कि उनके संपादकीय विभाग भी अब से मासिक कलेक्शन का टारगेट दिया जा रहा है।

अवमानना पर सुप्रीम कोर्ट का एक्‍शन शुरू : मजीठिया दो, अन्‍यथा जेल जाने को तैयार रहो अखबार मालिकान

मेरे एक मेधावी एवं बेहद संवेदनशील मित्र ने एक रोज एक चकित करने वाली, पर सच्‍ची बात कही। उन्‍होंने कहा कि मजीठिया वेज बोर्ड की लड़ाई तो हम तभी जीत गए थे जब केंद्र की तत्‍कालीन यूपीए सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी थी। अभी जो जंग चल रही है वह अखबार मालिकों और सुप्रीम कोर्ट के बीच की है। वो कैसे, मेरी तो समझ में ही नहीं आया? मित्र ने मेरी सवालिया सूरत को घूरते हुए खुलासा कुछ इस प्रकार किया।

Open letter by a senior student of Sri Sri University for mismanagement which led to the Death of a B.com child

Dear Sir,

This is my open letter to Sri Sri University . A university envisioned by Sri Sri Ravishankar which is now turned to a money making entity. A first year B.com Student named Bhanu Thakur from Sri Sri University, resident of Bilaspur, Chattisgarh, who was the only child of his family died in the river next to the University. This pathetic incident happened near about 12pm today morning and his body was found at 6pm evening.

‘संपत जी, आपसे पुन: अपनी जून माह की सेलरी और अपना पीएफ क्लीयर करने का आग्रह करता हूं’

Sachin Choudhary : श्रीमान संपत कुमार सुरप्पागारी (चेयरमैन प्रयुक्तिा हिंदी दैनिक) जी, अखबार लॉन्च करने के लिए आपको बधाई और शुभकामनाएं। अखबार सालों-साल चले और नित नई उंचाइयों को छुए। सर व्यस्त कार्यक्रम होने से चलते शायद आप भूूल गए होंगे इसलिए मैं आपको एक बार याद दिलाना चाहता हूं। जिस दिन (20 जून 2016) मैं त्याग पत्र देने प्रयुक्ति कायार्लाय आया था उस दिन आपने मुझे कहा था कि सचिन तुम्हारे 1500 रुपए पिछले महीने के बकाया और इस माह की सैलरी मैं आपके खाते में एक जुलाई को डलवा दूंगा, लेकिन सर ऐसा हुआ नहीं।

सुना है आज कल वह बड़ा पत्रकार हो गया…

एक रचना अपनी जमात के लिए

खबरों पर विज्ञापन जो इतना सवार हो गया।
उगाही का ही अड्डा हर अखबार हो गया ।।

संपादकों की शोखियां तो नाम की ही रह गईं।
मैनेजरों के कंधों पर सब दारोमदार हो गया।।

टूटा 20जे का खौफ, सबको मिलेगा मजीठिया, अब न करें देर

आखिर‍कार 20जे का खौफ टूट ही गया। 23 अगस्‍त 2016 का दिन मजीठिया चाहने वाले साथियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया। सुप्रीम कोर्ट के माननीय जज रंजन गोगोई की पीठ ने सख्‍त चेतावनी देते हुए मजीठिया वेजबोर्ड की संस्‍तुतियों को अक्षरश: लागू करने के लिए कहा। यह संस्‍तुतियों सभी कर्मचारियों पर चाहे वे स्‍थायी हो या ठेके पर या अंशकालिक संवाददता या छायाकार हो पर भी लागू होंगी। 20जे पर केवल और केवल विशेष एक्‍ट यानि वर्किंग वर्किंग जनलिस्‍ट एक्‍ट 1955 के तहत ही बहस हुई। बहस के दौरान वरिष्‍ठ वकील कोलिन ने भी एक्‍ट की धारा 13 और धारा 16 का ही जिक्र किया।

मजीठिया : अनुबंध पर रखे गए साथियों को सुप्रीम कोर्ट का तोहफा

पीटीआई फेडरेशन प्रबंधन के साथ हुए समझौते को सार्वजनिक करे… सुप्रीम कोर्ट के ताजे रुख और आदेश से अनुबंध पर रखे गए हजारों- लाखों कर्मचारियों को मालिकों के शैतानी चंगुल से बचाने में मदद किलेगी। खासकर वैसे कम्रचारी जिन्‍हें नाममात्र के वेतन पर रख कर ये लोग मजीठिया वेज र्बोड से अधिक वेतन देने का दम भर रहे हैं। सबसे पहले तो इस संदर्भ में पीटआई के साथियों को बहुत अधिक फायदा होने वाला है। यहां प्रबंधन और फेडरेशन दोनों कह रहे है कि मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू कर दिया गया है। लेकिन हकीकत ये है कि इससे ठेके पर रखे गए साथियों को एक पैसे का भी फायदा नहीं हुआ है। उल्‍टे फेडरेशन ने उनपसे इसके लिए चंदे के रूप में लाखों वसूल कर लिए। यहां दूसरे कर्मचारियों को एरियर की दो किस्‍तों को भी भुगतान नहीं हुआ है।

विज्ञापन घोटाले में शोभना भरतिया के खिलाफ अब 23 सितंबर को सुनवाई

बिहार में दौ सौ करोड़ रुपये के विज्ञापन घोटाले की अभियुक्‍त और हिन्‍दुस्‍तान / हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स की मालकिन शोभना भसरतिया के खिलाफ 22 अगस्‍त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई अब 23 सितंबर को होने की उम्‍मीद है।

पुलिस के खिलाफ खबरें चलाने वाले टीवी जर्नलिस्ट मनीष सोनी को फर्जी मामले में जेल भेजा गया

अंबिकापुर के न्यूज़24 के पत्रकार मनीष सोनी को आज गिरफ्तार कर लिया गया। पत्रकारों की गिरफ्तारी के लिए यह तय किया गया था कि ऐसे मामलों में राज्य सरकार द्वारा गठित एक कमेटी मामले की जांच करेगी उसके बाद तय किया जाएगा कि गिरफ्तारी होगी या नहीं। लेकिन इस मामले में पुलिस ने इस नियम का पालन नहीं किया। आज अचानक पुलिस मनीष के घर पहुंची और उन्हें थाने ले गयी। मनीष को एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुराना मामला भी पुलिस ने खुन्नस में एकतरफा कार्यवाही करते हुए मनीष के खिलाफ एफआईआर किया था। तब उच्च पुलिस अधिकारियों ने दखल देकर मामले को दबवाया था। लेकिन उसी मामले में अब पुलिस अफसरों ने मनीष को अरेस्ट करा दिया। मनीष की कई खबरों से पुलिस वाले चिढ़े हुए थे।

राकेश शुक्ला ने ईटीवी छत्तीसगढ़ से इस्तीफा दिया, सलिल सोनी न्यूज24 पहुंचे, गोपाल गिरि की नई पारी

छत्तीसगढ़ से खबर है कि ईटीवी छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार राकेश शुक्ला ने इस्तीफा दे दिया है. राकेश लंबे समय से ईटीवी को अपनी सेवाएं दे रहे थे तथा ईटीवी के दिग्गज पत्रकारों में शुमार थे. ईटीवी के लिए कांकेर जिलें में पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता कर रहे राकेश शुक्ला ने बुधवार को अपना …

इंडिया टीवी को तगड़ा नुकसान, एबीपी न्यूज और आईबीएन7 धड़ाम, जी न्यूज की छलांग

33वें हफ्ते की टीआरपी में कई उलटफेर हुए हैं. इंडिया टीवी को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. पूरे 2.1 का. लेकिन तब भी यह नंबर दो पर है. जी न्यूज ने उछाल लेते हुए नंबर चार की पोजीशन हथिया ली है. एबीपी न्यूज धड़ाम होकर नंबर छह पर चला गया है. न्यूज नेशन और इंडिया न्यूज की टीआरपी अच्छी खासी बढ़ी है. सबसे ज्यादा टीआरपी पढ़ने की बात करें तो यह श्रेय न्यूज24 को जाता है. आईबीएन7 बुरी स्थिति में आ गया है. देखें 33वें हफ्ते के आंकड़े…

बीएचयू में छात्र से बर्बर सामूहिक दुष्कर्म, पीड़ित का लगातार उत्पीड़न, अन्याय के खिलाफ सोशल मीडिया में उठी आवाज

Siddhant Mohan : बनारस स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में एमए हिन्दी प्रथम वर्ष के 23 वर्षीय छात्र अंकित तिवारी (बदला हुआ नाम) के साथ विश्वविद्यालय के ही कर्मचारी और उसके मित्रों द्वारा बलात्कार का मामला सामने आया है. अंकित घटना के अगले दिन से अपना मेडिकल करवाने का इच्छुक है, लेकिन पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की कारस्तानियों के चलते घटना के दस दिन बीतने पर आधा-अधूरा मेडिकल कराया गया. दस दिनों बाद हुए पीड़ित छात्र के मेडिकल परीक्षण में बलात्कार की पुष्टि नहीं हो सकी है. रिपोर्ट में यह बात ज़रूर स्वीकारी गयी है कि शरीर के अन्दर मौजूद मांस नाज़ुक अवस्था में हैं.

‘आज’ अखबार के ‘उत्तरोत्तर आगे बढ़ने’ की दिलचस्प असलियत

पिछले दिनों मैं गोरखपुर गया हुआ था। एक रोज सुबह चार बजे रेलवे स्टेशन स्थित उस ठीहे पर जाना हुआ, जहां से हॉकर यानी समाचार वितरक घरों में बांटने के लिए विभिन्न अखबार खरीदते हैं। उनकी भाषा में कहें उठाते हैं। अखबार वाले इसे सेंटर बोलते हैं। एक जमाने में हॉकर यूनियन के अध्यक्ष रहे अमरनाथ जी से कुलाकात हुई। सत्तर बरस के हो चले हैं, पर उनकी मेहनत और जिन्दादिली वैसी की वैसी ही है। तीस-पैंतीस साल से मेरी उनसे दोस्ती है। शहर के अखबारी जगत की हलचलों से वाकिफ रहते हैं अमरनाथ जी। एक से एक किस्से सुनने को मिलते हैं उनसे। जब भी अपने शहर जाना होता है, हॉकरों की इस तीर्थस्थली पर एक-दो बार जरूर जाता हूँ। अतीत-मोह मुझे वहां खींच ही ले जाता है।

सुप्रीम कोर्ट की डांट-फटकार और वारंट के बाद राइट टाइम हुआ श्रम विभाग, सुनिए भोपाल का हाल

मजीठिया वेज बोर्ड मामले में 23 अगस्त को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा देश के पांच कामगार आयुक्तों को लताड़ लगाने और वारंट जारी करने के बाद देश भर के श्रम विभाग के अधिकारी राइट टाइम होते दिख रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख से प्रिंट मीडिया के पत्रकारों में ख़ुशी की लहर है. भोपाल में श्रम आयुक्त कार्यालय ने मजीठिया वेज बोर्ड मामले में बहुत तेजी से काम करना शुरू कर दिया है. इस तेजी के लिए इस विभाग का नाम गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होना चाहिए.

कतर की राजकुमारी के सेक्स वाली झूठी खबर छापने वाले भास्कर के अंग्रेजी अखबार डीबी पोस्ट ने माफी मांगी

अब जनसत्ता, अमर उजाला, इंडिया संवाद, भोपाल समाचार की बारी है!

Pooja Singh : कल मैंने डी बी पोस्ट द्वारा क़तर की राजकुमारी के बारे में छापी गयी झूठी और वाहियात खबर पर जो पोस्ट लिखी थी उसका अपडेट यह है कि डी बी पोस्ट ने आज छोटा सा माफीनामा प्रकाशित कर दिया है. लेकिन वह शर्म नदारद है जो ऐसी झूठी खबर छापने पर आनी चाहिये. हिंदी मीडिया में इस खबर को लेकर जो उत्साह दिखा वह अभूतपूर्व है. समझा जा सकता है. एक तो राजकुमारी, दूसरा मुस्लिम, तीसरे सेक्स का तड़का…खैर क्या बाकी वेबसाइट भी माफ़ी मांगेंगी. जनसत्ता, अमरउजाला, इंडिया संवाद, भोपाल समाचार सबने यह बेसिरपैर की खबर छापी है. अब उनकी बारी है.

कैसे-कैसे मीडिया संस्थान और मीडिया में नौकरी की ये कैसी शर्तें?

यह कोई प्रयुक्ति पब्लिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी है जो अपने सेवा करार में बताती है कि कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय के तहत पंजीकृत है। यह लोगों को नौकरी पर रखती है तो उनसे “सेवा करार” करती है। इसमें यह नहीं बताया गया है कि सेवा के बदले क्या दिया जाएगा पर यह प्रमुखता से लिखा है कि बांड की तारीख एक साल (12 महीने) नौकरी जरूर करूंगा। यही नहीं, इसमें यह भी लिखा है कि अगर बांड पर दस्तखत करने वाला ऐसा नहीं कर पाया तो उसे एक लाख रुपए बतौर पेनल्टी देना होगा।

थप्पड़ मारने के बाद भाजपा नेता ब्रजेश पाठक ने इंटरव्यू वाला चिप तोड़ कर फ्लश में बहा दिया : शंभू कुमार सिंह

नेशनल दस्तक वेब चैनल के संपादक शंभू कुमार सिंह

Shambhu Kumar Singh : बसपाई से भाजपाई बने ब्रजेश पाठक ने नेशनल दस्तक के रिपोर्टर के तौर पर मुझे थप्पड़ मारा। रिकॉर्डिंग छीन ली। मैंने लाख कोशिश की रिकॉर्डिंग मिल जाए। यहां तक कहा कि आप दे दीजिए नहीं चलाएंगे। डिलिट मार दीजिए। क्योंकि मेरे कैमरे में दो चिप थे। कहने लगे कि नहीं जो मुंह पर ऐसे सवाल करता है वह चलाएगा जरूर। तुम डर ही नहीं रहे हो। मैंने कहा आपको सवाल का जवाब नहीं देना था मत देते। किसी पर थप्पड़ चलाना कहा सही है।

एबीपी न्यूज से संबंधित फर्जी खबर अमर उजाला के नाम से हुई वायरल, अखबार ने किया खंडन

पिछले चौबीस घंटे से एक फर्जी खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस खबर में एबीपी न्यूज के किसी अधिकारी के करोड़ों रुपये कैश के साथ पकड़े जाने का जिक्र करते हुए कहा गया है कि यह पैसा चुनाव संबंधित कवरेज के लिए दिया गया था. ज्ञात हो कि हाल में ही एबीपी न्यूज ने एक सर्वे दिखाया जिसमें अखिलेश यादव को यूपी का सबसे पसंदीदा चेहरा बताया गया. सर्वे आने के तत्काल बाद यह फर्जी खबर सोशल मीडिया पर वायरल करा दी गई.

मजीठिया : हिमाचल प्रदेश के लेबर कमिश्नर को कड़ी फटकार

अखबारों में तैनात पत्रकार व गैर पत्रकार कर्मियों को मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अमल न करने पर चल रहे अवमानना मामले में 23 अगस्‍त को हिमाचल प्रदेश के लेबर कमिश्रर के तौर पर आईएएस अमित कश्यप सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए। कोर्ट में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मणिपुर व नागालैंड सहित हिमाचल के लेबर कमिश्रर को उनके राज्य में मजीठिया वेज बोर्ड लागू किए जाने की रिपोर्ट सहित तलब किया गया था।

दलाली का चौथा खंभा

हिंदुस्तान की निर्धन और निरक्षर जनता यह सुनते-सुनते थक चुकी है कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा खंभा है। सड़क पर चलने वाला एक साधारण आदमी भी जान गया है कि प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया पैसा, दलाली, ग्लैमर, सनसनी, सेक्स और झूठ फैलाने में गले तक डूबा है। ऐसे मीडिया से भारत में किसी बदलाव या नवनिर्माण की उम्मीद कैसे की जा सकती है? रही होगी पत्रकारिता कभी ‘आ़जादी’ के आंदोलन की वाहक, आज तो वह महज एक चाकर की भूमिका में खड़ी ऩजर आ रही है। ऐसा चाकर जिसे अपनी ही जनता के खिला़फ फरेब करने, बुनियादी समस्याओं से ध्यान भटकाने और अपने देसी-विदेशी आकाओं की म़जदूरी करने के लिए नोबल पुरस्कार दिया जा सकता है।

मजीठिया मामले में भास्कर की एचआर हेड के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट!

समाचार पत्रों में सबसे ज्यादा बिगड़ैल घोड़े होते हैं एचआर हेड यानी कार्मिक विभाग के मुखिया। वे हमेशा कर्मचारियों के खिलाफ ऐसा काम करते हैं कि उन्हें हमेशा स्टाफ की बद्दुआयें मिलती हैं। मालिक के इशारे पर कानून और एक्ट तोड़कर अलग ही खुद का कानून बनाने वाले और हमेशा कामगारों के खिलाफ काम करने वाले एचआर हेड पर भी अब कानून का डंडा पड़ना शुरू हो गया है। ये एचआर हेड मजीठिया वेज बोर्ड की लड़ाई लड़ रहे साथियो से ऐसे पेश आते हैं जैसे ये एचआर हेड न होकर सुप्रीमकोर्ट के जज हैं और शिकायतकर्ता ने इनके बाप की कोई पुश्तैनी जमीन हथिया ली है।

सुप्रीम कोर्ट ने जागरण प्रबंधन को जेल जाने के लिए तैयार रहने के लिए चेताया

मजीठिया वेज बोर्ड लागू ना किए जाने को लेकर चल रहे अवमानना मामलों की सुनवाई के दौरान 23 अगस्त को माननीय सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस रंजन गोगोई व जस्टिस पीसी पंत की बैंच ने दैनिक जागरण प्रबंधन को सख्त चेतावनी देते हुए मजीठिया वेजबोर्ड अवार्ड को अक्षरश: लागू करने या फिर जेल जाने को तैयार रहने को कहा है। जस्टिस गोगोई ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी प्रबंधन मजीठिया अवार्ड को 20जे की आड़ में नहीं छिपा सकता।

भाजपा में शामिल होते ही ब्रजेश पाठक ने पत्रकार को पीट डाला

हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए पूर्व सांसद ब्रजेश पाठक ने एक सवाल के जवाब में ‘नेशनल दस्तक’ वेब चैनल के संपादक शंभू कुमार सिंह को थप्पड़ जड़ दिया और रिकॉर्डिंग छीन ली. उन्होंने देख लेने की धमकी दी. मौके पर मौजूद दलित कैमरामैन को भी धमकाया. नेशनल दस्तक के संपादक शंभू कुमार सिंह ने ब्रजेश पाठक से इंटरव्यू के लिए समय मांगा था. मंगलवार को तय समय पर शंभू कुमार सिंह कैमरामैन जगदीश गौतम को लेकर इंटरव्यू के लिए पहुंचे.

मजीठिया : सुप्रीम कोर्ट में कल हुई सुनवाई के दौरान के मुख्य और जरूरी तथ्य

20जे पर प्रबंधन का पक्ष 4 अक्‍टूबर को अगली सुनवाई के दौरान… सभी कर्मचारियों को मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों को लाभ… अनुबंध पर रखे गए कर्मचारी और वेज बोड कर्मचारी, दोनों कर्मचारी हैं… लेबर कमिशनर अब फिर से रिपोर्ट 4 अक्टूबर को कोर्ट के आदेश के अनुसार पेश करेंगे… इसमें मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों को लागू होने की स्थिति में मिलने वाले वेतन और मौजूदा वेतन की चर्चा प्रत्‍येक कर्मचारी की हो…

कन्नौज के पत्रकार नौकरी के लालच में खूब छापते हैं सपा की खबरें!

आये दिन लखनऊ की दौड़ लगाते हैं तिर्वा के भी कई रिपोर्टर… यूपी के कन्नौज जिले के कुछ पत्रकार लखनऊ की खूब दौड़ लगा रहे हैं। कारण, उनको अपनी या बच्चों की नौकरी लगवानी है। इस वजह से सपा की खबरों को खूब स्पेस दिया जा रहा है। कुछ पत्रकारों को इसमें सफलता भी मिल रही है। इससे अधिकतर पत्रकार सपा सरकार से नाराज होते दिख रहे हैं। जिले की तिर्वा तहसील के कई पत्रकार आये दिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने लखनऊ जाते हैं। कभी मुलाकात हो भी जाती है तो कभी बैरंग भी लौट आते हैं।

मजीठिया : अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे

लोगों का माननीय है भगवान के घर देर है अंथेर नहीं। हम डाक्टर और अदालत की शरण में जाते हैं तो एक तरह से उन्हें भगवान मानकर। पत्रकारों के लिए गठित वेज बोर्ड के मामले में अदालत और उसकी कार्यवाही भी कदम-कदम पर हम पत्रकारों के पक्ष में रही। मालिकानों ने सारे घोड़े खोल डाले लेकिन हर सुनवाई में हर तारीख में उन्हें और उनके वकीलों को मुंहकी खानी पड़ी है। अखबार मालिकों ने घाघ वकीलों की फौज खड़ी कर रखी थी।

आईपीएस को फोन पर धमकाने के मामले में मुलायम की मुश्किलें बढ़ीं, पुलिस रिपोर्ट खारिज, आवाज़ मिलान के आदेश

सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव द्वारा आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को मोबाइल फोन से दी गयी धमकी के सम्बन्ध में दर्ज एफआईआर में हजरतगंज पुलिस द्वारा लगाये गए अंतिम रिपोर्ट को अदालत ने ख़ारिज कर दिया है. सीजेएम लखनऊ संध्या श्रीवास्तव ने अपने आदेश में कहा कि केस डायरी से स्पष्ट है कि विवेचक ने कॉम्पैक्ट डिस्क में अंकित वार्तालाप की आवाज़ का नमूना परीक्षण नहीं कराया है और मात्र मौखिक बयान दर्ज कर के अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दिया है.

Supreme Court issues arrest warrant against Uttarakhand Labour Commissioner

The Supreme Court of India today issued a bailable warrant of arrest against the Labour Commissioner of Uttarakhand for noncompliance of the order of the court. The police will have to ensure his presence in the Court on the next date of hearing i.e. 4th of October 2016. The Chief Secretary and the Labour Commissioner of the State have also been directed to file a detail report with regard the implementation of the Majithia Award before the next date of hearing. The Labour Commissioners of all other four states i.e. Uttar Pradesh, Himachal Pradesh, Nagaland and Manipur were physically present along with the Standing Counsel of their respective states in the court room to reply to the queries of Supreme Court.

मोदी की महत्वाकांक्षी ‘ग्राम ज्योति योजना’ के लिए मिले धन का जमकर हो रहा बंदरबांट!

ग्राम ज्योति योजना पर केंद्र और उप्र सरकारें आमने सामने : दिल्ली से मात्र तीन घंटे की दूरी पर स्थित हाथरस के गाँव फ़तेला में 70 साल बाद पहली बार बिजली पहुंची। लालकिले की प्राचीर से प्रधानमन्त्री की इस घोषणा के तत्काल बाद उठा विवाद अभी थमने का नाम नही ले रहा। आज स्थिति ये है कि केंद्र और उ0प्र0 सरकारे अपनी अपनी नौकरशाही के साथ आरोपों की तोपें ताने आमने सामने खड़ी नजर आरही हैं। उ0प्र0 में आसन्न चुनावों के मद्देनजर दोनों ही सरकारों की समर्थक राजनैतिक पार्टियां भी अपनी अपनी सरकारों के समर्थन में लामबंद होने की तैयारियां कर रही हैं। प्रधानमन्त्री की उक्त घोषणा के तत्काल बाद डीवीवीएनएल (दक्षिणांचल विद्युत् वितरण निगम लि0) के महाप्रबन्धक, आगरा की यह टिप्पणी, कि गाँव फ़तेला तो पिछले 30 सालों से रोशन है, प्रधानमन्त्री की साख पर एक काले धब्बे की तरह चिपक गयी है।

सीएम अखिलेश ने दिया आश्वासन- पत्रकारों के आवास खाली नहीं होंगे

लखनऊ, 23 अगस्त : सुप्रीम कोर्ट के हाल के आदेश के बाद प्रदेश सरकार की ओर से पत्रकारों से सरकारी आवास खाली कराए जाने को लेकर भेजी गयी नोटिस के संदर्भ में आज उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की और उन्हें इस समस्या से अवगत कराते हुए शीघ्र उचित कदम उठाने की मांग की। विधानसभा में मुख्यमंत्री से हुयी मुलाकात के दौरान हेमंत तिवारी ने एक ज्ञापन सौंप कर सरकारी आवास खाली न कराए जाने का आग्रह करते हुए उक्त प्रकरण में अन्य की भांति प्रस्तावित कानून के दायरे में पत्रकारों को भी लाए जाने की मांग की।

‘प्रयुक्ति’ में पत्रकारों की हालत को लेकर छपी खबर पर अखबार प्रबंधन ने भड़ास को ये पत्र भेज कर अपना पक्ष रखा

Subject: Gentle Intimation Regarding news you published regarding PRAYUKTI.

Dear Mr Yashwant Singh,

Warm Greetings from PRAYUKTI.

This is to notice you that you have published news on your website BHADAS4MEDIA( Link: https://www.bhadas4media.com/print/10512-prayukti-akhbar ) again this is totally baseless. We always try to maintain good relationship with you guys but you are always trying to pinch us.

एयर इंडिया के एमडी का लीगल नोटिस आने के बाद घुटनों के बल बैठा भास्कर डाट काम

भास्कर के ‘भूल सुधार’ के चक्कर में पत्रकार की नौकरी जाना और अनुज खरे का केबिन में दुबके रहना!

मंगलवार को bhaskar.com में एक खबर चली, ‘एयर इंडिया के एमडी लोहानी से माफ़ी मांगी गई है’. दरअसल ये पूर्व में प्रकाशित की गई उस खबर का खंडन है जिसमें भास्कर ने ‘एयर इंडिया के एमडी पर सेक्सुअल हैरेशमेंट’ के आरोप की भ्रामक खबर छापी थी. होता है, पत्रकारिता में गलतियाँ न हों, ऐसा कोई नियम नहीं या पत्रकार गलती न करे ऐसा भी संभव नहीं. लेकिन प्रबंधन का पहले अपनी नाक के लिए खंडन न छापने पर अड़े रहना और फिर कानूनी मसलों में खुद को घिरता देख पलटी मार लेना, ऐसा शायद कम ही होता होगा.

मजीठिया : सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड के लेबर कमिश्नर के खिलाफ जारी किया वारंट

उत्तर प्रदेश के लेबर कमिश्नर को 6 हफ्ते में दिलाना होगा मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ, 4 अक्टूबर को महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड और दिल्ली के लेबर कमिश्नर को हाजिर होने का आदेश

पत्रकारों के वेतन से संबंधित फिलवक्त देश के सर्वाधिक चर्चित आयोग मजीठिया वेज बोर्ड के मामले में आज माननीय सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सख्त कदम उठाया और उत्तराखंड के श्रम आयुक्त को आज के दिन हाजिर रहने की पूर्व सूचना के बावजूद सुप्रीम कोर्ट में अनुपस्थित रहने पर कोर्ट ने वारंट जारी कर दिया है। साथ ही उत्तर प्रदेश के श्रम आयुक्त को साफ कह दिया कि 6 हफ्ते के अंदर मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश को पूरी तरह लागू कराईये। सुप्रीम कोर्ट ने लिखित रूप से तो नहीं बल्कि मौखिक रुप से यह भी कह दिया कि अगर आपने 6 सप्ताह में ऐसा नहीं किया तो जेल भेज दूंगा।

एक बर्बाद जीनियस उर्फ ब्रजेश्वर मदान की याद…

Prabhat Ranjan : आज ब्रजेश्वर मदान को कोई याद नहीं करता. वे अपने जमाने के मशहूर फिल्म पत्रकार थे. ‘फ़िल्मी कलियाँ’ के संपादक थे और यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘जंजीर’ की पब्लिसिटी उन्होंने ही की थी. किस्सा यह है वे जासूसी लेखन के बादशाह सुरेन्द्र मोहन पाठक के दोस्त थे. दोनों अक्सर शाम को रसरंजन की महफ़िल जमाते थे.

यह तस्वीर मदान साहब की बीमारी के बाद स्वास्थ्य लाभ के समय की है. 

गाजीपुर के इस जानलेवा नर्सिंग होम से सावधान रहें (देखें वीडियो)

पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक नर्सिंग होम है. राज नर्सिंग होम नाम से. यहां अगर कोई मरीज चला गया तो उसको इतना दूहा जाता है कि जब तक उसके सारे पैसे खत्म न हो जाएं या फिर वो मर न जाए. अगर संयोग से मरीज बचा रहा और पैसे खत्म हो गए तो उसे गिरवी बना लिया जाता है. ऐसा ही कुछ हुआ गाजीपुर के करंडा ब्लाक की निवासी याशमीन के साथ. उनका इलाज लंबा चला. तरह तरह की दवाएं डा. रजनी राय और डा. राजेश राय लिखते रहे. बाद में डिस्चार्ज कर दिया लेकिन मर्ज गया नहीं.

नर्सिंग होम से भगा दी गई मरीज याशमीन गेट पर बैठने को मजबूर

यूपी में कई बड़े पत्रकारों समेत कुल 586 लोगों के सरकारी आवास तत्काल निरस्त

लखनऊ से एक बड़ी खबर आ रही है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य संपत्ति विभाग ने कुल 586 सरकारी आवासों का आवंटन निरस्त कर दिया है. इनमें एनजीओ, संस्थाओं के मनोनीत पदाधिकारियों, वरिष्ठ पत्रकारों आदि को आवंटित सरकारी आवास शामिल हैं. सभी को 31 अगस्त तक सरकारी आवास खाली करने का आदेश दे दिया गया है.

जंगलराज और घरेलू झगड़े के आरोपी अखिलेश यादव मीडिया पर निकाल रहे भड़ास

यूपी में अजब गजब राज चल रहा है. सीएम किसी बच्चे की तरह अपनी हर हार का ठीकरा मीडिया पर फोड़ रहा है. प्रदेश में जंगलराज चरम पर है. सरकारी आफिसों में घूसखोरी और भ्रष्टाचार, सपा नेताओं व मंत्रियों की नंगई, सत्ताधारियों के परिजनों की गुंडई, समाजवादी पार्टी के कुनबे में आंतरिक विवाद, महिलाओं का उत्पीड़न और बलात्कार, बाढ़ से परेशान लाखों किसान, पुलिस प्रशासन द्वारा आम जनता की सुनवाई से इनकार… यूपी के बारे में जितना लिखा जाए कम है. लेकिन नौजवान सीएम अखिलेश यादव लंबे चौड़े कई कई पन्ने और कई कई मिनट के विज्ञापन अखबारों-चैनलों में देकर खुद की बढ़िया इमेज गढ़ने-काढ़ने में लगे हैं लेकिन कोई मामला जब उनके सिर के उपर सवार हो जाता है तो वह सारा ठीकरा मीडिया के सिर मढ़ देते हैं…

ब्लैकमेलिंग के तीन लाख रुपये देने से मना करने पर पत्रकार ने धमकाया- अब तो तेरे से पांच लाख लूंगा (सुनें टेप)

Yashwant Singh :  ये पत्रकार है या माफिया…  सच कहूं तो जब पहली बार ये टेप सुना तो मैं खुद सहम गया. कोई पत्रकार इतना ढीठ / इतना आपराधिक प्रवृत्ति का कैसे हो सकता है. पहली बार ऐसा कोई पत्रकार सुन रहा हूं जो तीन लाख रुपये की रंगदारी / ब्लैकमेलिंग न देने वाले से कह रहा है कि अब तो पांच लाख लूंगा…

पत्रकारों का करियर बर्बाद करने में जुटा ‘प्रयुक्ति’ अखबार

दिल्ली में अभी हाल ही में लॉन्च हुआ हिंदी दैनिक अखबार ‘प्रयुक्ति’ लोगों का करियर बर्बाद करने पर लगा हुआ है। अच्छी सैलरी का लालच देकर अखबार कर्मियों को अच्छे ब्रांड से बुलाता है और बाद में उनमें कमियां निकालकर उन्हें इस्तीफा देने पर मजबूर करता है।

शर्मनाक : क्या दैनिक जागरण के पत्रकारों के पास बिलकुल अकल नहीं है? पढ़िए ये हेडिंग

लगता है कि moradabad dainik jagran के रिपोर्टरों के पास बिलकुल अकल नहीं है. साथ ही डेस्क पर बैठे लोग भी भांग खाए लगते हैं. तभी तो इन्हें शब्दों का अर्थ भी नहीं मालूम.. दैनिक जागरण मुरादाबाद के रिपोर्टरों को फिर से प्राइमरी स्कूल से पढ़ाई करने के लिए भेज देना चाहिए. दैनिक जागरण के मुरादाबाद संस्करण में आज पेज दो पर एक खबर छपी है. हैडिंग है- ”धार्मिक पोशाक सिलकर मजबूत कर रहे मजहबी दीवार”. हैडिंग से ही यहां के रिपोर्टरों की स्थित का अंदाज लगाया जा सकता है कि उन्हें कितना ज्ञान है…

मजीठिया से खौफ खाए जागरण प्रबंधन ने फिर शुरू कराया हस्ताक्षर अभियान

कर्मचारी की ज्वाइनिंग डेट व हस्ताक्षर स्कैन कराकर कम्प्यूटर फार्म भराने का जारी हुआ फरमान… मेसर्स जागरण प्रकाशन लिमिटेड ने अपने कर्मचारियों से फिर से हस्ताक्षर कराने का कार्य शुरू कर दिया है। किन्तु इस बार सादे कागज पर न होकर कम्प्यूटर में सारी डिटेल भराई जा रही है। दिनांक १९ / ८ / २०१६ व २० / ८ / २०१६ को यह हस्ताक्षर अभियान वाराणसी व इलाहाबाद से शुरू कराया गया। सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि संपादकीय विभाग से यह अभियान शुरू किया गया। कर्मचारी इस हस्ताक्षर अभियान से सहमे हुए हैं। उनको यह लग रहा है कि शायद जागरण फिर कोई जालसाजी करने वाला है।

यूपी में जंगलराज : मंत्री पारसनाथ यादव के बेटे ने पत्रकार समेत आम जन को अंगरक्षकों से पिटवाया

जौनपुर : लाइन बाजार थाना क्षेत्र के रसैना के पास सोमवार को ट्रैफिक जाम लगा हुआ था। कई लोग उसमें फंसे थे। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। इसी बीच प्रदेश के कद्दवर मंत्री पारसनाथ यादव के पुत्र लकी यादव भी इसमें आकर फंस गए। काफी देर तक हार्न व हूटर बजाने के बाद भी रास्ता नहीं मिला, तभी निर्देश मिला तो साथ चल रहे गनर वाहन से नीचे उतर गए। मंत्री पुत्र के साथ चल रहे गनर ने लोगों पर लाठी भांजनी शुरू कर दी। इस दौरान कई लोगों को चोटें आईं। एक अधिवक्ता भी उसमें घायल हो गए।

दिल्ली वालों ने केजरीवाल को किया रिजेक्ट, ट्विटर पर चला टॉप ट्रेंड

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की लोकप्रियता दिनों दिन घट रही है जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर भी उनकी जबरजस्त खिंचाई हो रही है। आज तो ट्विटर पर #DelhiRejectsKejriwal टॉप पर ट्रेंड कर रहा है। हाल ही में इंडिया टुडे और कार्वी इनसाइट ने संयुक्त रूप से एक सर्वे किया था जिसमें सामने आया था कि दिल्ली में दो तिहाई लोग केजरीवाल को अपना मुख्यमंत्री मानते ही नहीं हैं। केवल 33 फ़ीसदी लोग ही केजरीवाल को अपना मुख्यमंत्री मानते हैं। 2015 में यह आंकड़ा 53 फ़ीसदी था लेकिन जैसे जैसे केजरीवाल ने दिल्ली को छोड़कर अपना ध्यान दूसरे राज्यों की तरफ करना शुरू किया है दिल्ली में उनकी लोकप्रियता भी घटनी शुरू हुई है। दिल्ली के ऑटो वालों का तो पूरी तरह से केजरीवाल से मोह भंग हो चुका है।

गुजरात में भाजपा नेता के बेटे ने बदमाश भेजकर ब्यूरो चीफ को अखबार के दफ्तर में ही बेरहमी से कत्ल करा दिया

जूनागढ़ में किशोर दवे गुजराती अखबार ‘जयहिंद’ के ब्यूरो चीफ थे. सोमवार देर रात एक पत्रकार की उसके ही ऑफिस में घुसकर चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई. किशोर के ऑफिस में रात करीब साढ़े 9 बजे बदमाश चाकू लेकर दाखिल हुए और उन पर ताबड़तोड़ हमले कर दिए. हत्या का आरोप भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रतिलाल सुरेजा के बेटे भावेश सुरेजा पर लगा है  रतिलाल गुजरात में मोदी सरकार में कृषि मंत्री रह चुके हैं.

जेल में बंद आईएएस अफसर ने कोर्ट से कहा- मुझे जमानत नहीं चाहिए, मैं यहीं ठीक हूं

भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के सचिव रहे आईएएस अफसर एच.सी. गुप्ता ने अदालत में जो बात कही है, वह गजब की है। मेरी याददाश्त में ऐसी साहसिक बात आज तक किसी नौकरशाह ने नहीं कही है। गुप्ता के पहले भी कई नौकरशाह भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार हुए हैं, उनकी जमानतें हुई हैं, उन्हें सजा भी हुई है लेकिन किसी ने अदालत को यह नहीं कहा है कि मुझे जमानत नहीं चाहिए। मैं जमानत लेकर मुकदमा नहीं लड़ना चाहता, क्योंकि मेरे पास वकीलों को देने के लिए भारी फीस नहीं है। बरसों तक मुकदमा लड़ने की बजाय बेहतर होगा कि मैं जेल में रहूं।

Mumbai mirror की गन्दी, गलीच, घटिया, कुत्सित मानसिकता और सनसनी फैलाने वाली पत्रकारिता

Ajit Singh : एक अखबार है Mumbai Mirror नाम का. जैसा कि नाम से जाहिर है, मुंबई से निकलता है. ओलम्पिक में शानदार प्रदर्शन के बाद इस अखबार ने PV Sindhu के कोच पुलेला गोपीचंद की पत्नी PVV Lakshmi का इंटरव्यू लिया. इंटरव्यू छापा तो उसकी हैडलाइन लगाई- Sindhu के पास वो है जो मेरे पास नहीं है, मेरा पति. Sindhu has, what i didnt have, My husband. और फोटो लगाई जिसमें गोपी पसीने से लथपथ Sindhu को गले लगाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं.

पत्रकारिता में पूंजी और तकनीक से ज्यादा महत्व काम करने वालों का है : अच्युतानंद मिश्र

हिंदी विवि के जनसंचार विभाग के सत्रारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति अच्युतानंद मिश्र ने मीडिया अवसर एवं चुनौतियाँ विषय पर वक्तव्य देते हुए कहा कि समय के साथ पत्रकारिता में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं. पत्रकारिता अब मिशन न होकर प्रोफेशन बन कर रह गया है. मीडिया के विश्वव्यापी चरित्र और इतिहास पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया में अवसर भी हैं और चुनौतियाँ भी. यह आप पर निर्भर करता है कि आप चुनौतियों को किस प्रकार अवसर में तब्दील करते हैं.

छह महीने हो गए, नेशनल वायस चैनल के स्ट्रिंगरों-रिपोर्टरों को नहीं मिला पैसा!

नया चैनल नेशनल वॉयस उत्तरप्रदेश-उत्तराखंड शुरू हो गया है. रिपोर्टर और स्ट्रिंगर से खूब खबरें ली जा रही हैं. सभी को माइक आईडी भी दे दी गयी है. लेकिन माइक आईडी के साथ अथॉरिटी लेटर कुछ ही लोगों को दिए गए है. जिसको लेटर नहीं मिला है उसे काम करने में परेशानी हो रही रही है. सूचना विभाग लेटर माँगता है. कई बार असाइनमेंट पर कॉल करके बता भी दिया गया है. लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई है.

राजस्थान के डीडवाना शहर के पत्रिका संवाददाता जहीर अब्बास उसमानी का सम्मान

राजस्थान के डीडवाना शहर के राजस्थान पत्रिका के संवाददाता जहीर अब्बास उसमानी को लगातार चार माह में ब्यूरो कैम्पेन में विशेष एवं उत्कृष्ट रिपोर्टिंग करने पर सम्मानित किया गया है। इसके तहत उन्हें अलग-अलग श्रेणियों के तीन प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर राजस्थान पत्रिका के जोनल हैड (सम्पादकीय) हरीश मलिक, जोनल हैड (मार्केटिंग) अरूण शाह, नागौर संस्करण के सम्पादक राजेश दीक्षित एवं प्रबंधक पदम जैन ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।

कमोडिटी और शेयर बाजार की पहली हिंदी वेबसाइट मोलतोल ने किया मोबाइल एप्‍प लांच

मुंबई। कमोडिटी एवं शेयर बाजार की पहली हिंदी वेबसाइट www.moltol.in ने अपना मोबाइल एप्‍लीकेशन लांच किया है। शुरुआत में यह एप्‍प एंड्रायड तकनीकी के स्‍मार्ट फोन के लिए है लेकिन आगे जाकर आई फोन के लिए भी एप्‍प लांच की जाएगी। मोलतोल के इस एप्‍प पर कमोडिटी बाजारों की लाइव खबरों को वरीयता दी गई है जिसके तहत खबरें एवं बाजार में तत्‍काल घटनाएं अलर्ट के माध्‍यम से दी जाती है।

लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार भगवत शरण का निधन

लखनऊ : वरिष्ठ पत्रकार भगवत शरण का आज निधन हो गया। वे 93 वर्ष के थे और एक हफ्ते से बीमार थे। उनके परिवार में तीन बेटे और एक बेटी है। शरण चार दशक तक हिन्दी के प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक जागरण से जुडे थे और लखनउ तथा मेरठ संस्करणों के संपादक रह चुके थे। …

आम्रपाली बिल्डर और इसका मालिक अनिल शर्मा दिवालिया होने की ओर!

मजदूरों-ठेकेदारों तक का पैसा मार गया…

एक बड़ी खबर आम्रपाली बिल्डर के यहां से आ रही है. बताया जा रहा है कि यह कंपनी दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गई है. इसकी माली हालत इतनी खराब है कि यह अपने ठेकेदारों और मजदूरों तक का पैसा नहीं दे पा रही है. चर्चा है कि आम्रपाली के मालिक अनिल शर्मा ने काफी पैसा अपने राजनीतिक शौक पूरा करने के वास्ते होम कर दिया. इस चक्कर में कई कई प्रोजेक्ट लटक गए हैं और निवेशकों को न तो फ्लैट दिया जा रहा है और न ही उनका पैसा वापस किया जा रहा है.

यूपी में जंगलराज : अंधेर नगरी चौपट राजा, परेशान होना हो तो जौनपुर के ARTO ऑफिस आजा

सेवा में
श्रीमान्
मुख्यमंत्री महोदय, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ
जिलाधिकारी / पुलिस अधीक्षक / ARTO महोदय, जौनपुर

महोदय,

सर्वप्रथम…..गुस्ताखी माफ़ कीजियेगा.. मैं आप सबको बड़ी शर्मिंदगी के साथ अपना परिचय बताना चाहता हूँ, श्रीमान् मैं अजय पाण्डेय उसी राज्य के उसी जौनपुर ज़िले का मूल निवाशी हूँ जहां के आप लोग संवेदनहीन मुख्यमंत्री, डीएम, एसपी और ARTO हैं। क्या मुख्यमंत्री जी..? आपके तो सारे दावे, सारी हेल्पलाईनें तो सिर्फ हवा हवार्इ है। आपके पास की गयी कम्प्लेन या निवेदन का कितना असर होता है ये हमने भली भांति देख लिया है।

मोदी के डर से ‘तहलका’ समेत कोई अखबार, पत्रिका, चैनल यह स्टोरी करने को तैयार नहीं हुआ : राणा अय्यूब

लखनऊ । गुजरात के अनेक वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तथा राजनेताओं के स्टिंग ऑपरेशन पर आधारित बहुचर्चित पुस्तक ‘गुजरात फ़ाइल्स’ की लेखिका राणा अय्यूब ने कहा कि अगर इस किताब में सामने आई बातों की निष्पक्ष जांच करके कार्रवाई हो तो देश की राजनीति बदल जाएगी। लेखिका जनचेतना तथा अनुराग ट्रस्ट की ओर से आयोजित ‘गुजरात फ़ाइल्स’ पर चर्चा के कार्यक्रम में बोल रही थीं। युवा पत्रकार राणा अय्यूब ने 2010 में करीब 8 महीने तक अपनी पहचान बदलकर की गई जांच में गुजरात के ऐसे अनेक वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बयान गुप्त रूप से रिकॉर्ड किए थे जो 2001 से 2010 के बीच महत्वपूर्ण पदों पर थे।

ब्रजेश पाठक भी गए, बहनजी किस पर भरोसा करें अब!

स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा दिए गए झटके की थरथराहट अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि ब्रजेश पाठक ने भी धमाका कर दिया. वे बहुजन समाज पार्टी छोड़ गए. इस पालाबदल से मायावती की स्थिति काफी कमजोर हो गई है. मायावती की बहुजन समाज पार्टी के बड़े नेता लगातार दूसरे दलों में जा रहे हैं. मजेदार यह है कि चौबीस घंटे पहले ब्रजेश पाठक ने मायावती की आगरा रैली की जिम्मेदारी निभाई थी और आज भाजपा के हिस्से बन गए. इस इस्तीफे से बसपा का ब्राह्मण-दलित समीकरण को झटका लगा है. ब्रजेश पाठक बसपा के कद्दावर ब्राह्मण नेता माने जाते हैं. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में आज ब्रजेश पाठक ने बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की. उधर, बसपा ने हर बार की तरह खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे के अंदाज में बृजेश पाठक को पार्टी से निकाल देने की घोषणा कर दी है.

सीबीआई जांच के घेरे में आए पत्रकार अभिसार शर्मा और उनकी आईआरएस पत्नी सुमाना सेन, पढ़ें पत्र

जिस आईआरएस अफसर एसके श्रीवास्तव ने एनडीटीवी की चोरी, मनी लांड्रिंग समेत कई वित्तीय अनियमितताओं को पकड़ा था, उसे पागल घोषित कराने से लेकर बदनाम करने और प्रताड़ित करने तक का काम करने वाले पत्रकार अभिसार शर्मा, उनकी आईआरएस पत्नी सुमाना सेन व एक अन्य महिला आईआरएस अधिकारी अशीमा नेब के बुरे दिन आने लगे हैं. सीबीआई की प्राथमिक जांच में यह पता चला है कि अभिसार शर्मा की पत्नी सुमाना सेन ने अपने पद का दुरुपयोग किया. अभिसार और सुमाना दोनों के पास बिना हिसाब किताब की करोड़ों की संपत्ति है. इसमें एक अन्य महिला आईआरएस अधिकारी अशीमा नेब भी बराबर की भागीदार रहीं.

एनडीटीवी टैक्स एसेसमेंट के संबंध में सीबीआई का इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को लिखा पत्र ये है…

यूपी में जंगलराज : फिर एक पत्रकार पर फर्जी मुकदमा लाद दिया, वो भी एक नहीं, तीन-तीन

हापुड़ से सूचना है कि एक न्यूज एजेंसी के रिपोर्टर रवि गुप्ता पर कई फर्जी मुकदमें लाद दिए गए हैं. रवि पहले एएनआई में मेरठ दुष्यन्त त्यागी के साथ कैमरामैन हुआ करते थे. हापुड़ शिफ्ट होने के बाद उनके पास एक स्टिंग आया जिसके बारे में उन्होंने अपने टीम लीडर अखिलेश को बता दिया. आफिसियली वर्जन के साथ स्टोरी पास कर दी. तब रवि ने CMO अविनाश कुमार को स्टिंग की ऑडियो वीडियो क्लिप की कॉपी दी और उनका वर्जन लिया. 17 जून 2016 को FTP पर विजवल और मेल पर खबर भेज दी. बाकी डिटेल उन्होंने टीम लीडर को व्हाट्सएप्प पर सेंड कर दी.

प्रेस क्लब आफ इंडिया : फर्जीवाड़े मामले में जांच समिति गठित, नदीम ने जारी किया सीसीटीवी फुटेज (देखें वीडियो)

प्रेस क्लब आफ इंडिया के एक पूर्व सदस्य पंकज यादव ने नदीम अहमद काजमी पर फर्जीवाड़े का जो आरोप लगाया था, उसके संबंध में भड़ास पर छपी खबर का संज्ञान लेते हुए प्रेस क्लब आफ इंडिया ने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है. यह समिति पंकज यादव द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करेगी. नदीम अहमद काजमी ने इस मसले पर कुछ भी बोलने से बचते हुए कहा कि जब मामला जांच समिति के हवाले है तो हम सभी को जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए. नदीम ने बताया कि पंकज यादव पर कुछ गंभीर आरोप थे जिसके कारण उनकी क्लब की सदस्यता निरस्त कर दी गई थी. उसी से खुन्नस खाए पंकज उन पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं.

मस्जिद की सफाई के लिए फोटो जर्नलिस्ट मनोज अलीगढ़ी सौ फीट उपर मीनार पर चढ़ गए (देखें तस्वीरें)

Manoj Aligadi Presented Example of Communal Harmony… Climbed 100 Feet Minaret of AMU Jama Masjid for Cleaning and Karseva…  In a rare example of communal harmony and brotherhood in hyper sensitive city Aligarh, photo journalist Manoj Aligadi has climbed on the nearly 100 feet mina rate of historic Aliagrh muslim University Jama mosque for cleaning (Karseva) it . He uprooted the grass grown upon the gum bad (tomb) because the grass was weakening the tomb. Manoj Aligadi told that I have under taken this cleaning work under karseva (self service) for enhancing communal harmony and mutual brotherhood.

मजीठिया का पैसा मिलने के बाद कोई चने की दुकान खोलेगा तो कोई गाड़ी चलाएगा!

मजीठिया पाने के बाद क्या क्या करेंगे पत्रकार…. मजीठिया क्रांति पर साझा किया विचार… मजीठिया वेज बोर्ड की लड़ाई लड़ रहे देश भर के पत्रकारों से वाट्सअप ग्रुप मजीठिया क्रान्ति पर ये जानने का प्रयास किया गया कि मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ पाने या नौकरी छूटने के बाद वे क्या करेंगे तो कुछ साथियों के जवाब जोश भरने के लिए काफी थे। राजस्थान पत्रिका के अरुण जी ने अपने विचार शेयर किया कि… ”मैंने तो प्लान कर रखा है, आज टर्मिनेट कर दे संस्थान, मैं अपना धंधा शुरू कर दूंगा। मजीठिया मिले या न मिले मेरे दिमाग से नौकरी का खौफ ख़त्म हो गया है। मैं हर समय यह सोचता हूँ कि मुझमे क्या क़ाबलियत है। हमारा दिमाग और हाथ पैर सही है। जो दिव्यांग है वो भी जीवन जीते हैं। मै राजस्थान पत्रिका सीकर में हूँ। मेरा ट्रान्सफर भोपाल से सीकर किया गया था पिछले साल 17 अगस्त 2015 को। आज पूरे एक साल हो गए। आप सभी में क़ाबलियत है। बस उसे पहचानने की ज़रूरत है। संस्थान हम सबको 24 घंटे बिजी रखता है ताकि हम कुछ नया या अलग हटकर न सोच सकें। पैसे भी इतने दिए जाते हैं कि आप जमा ना कर सकें। मैं भोपाल में फ्रंट पेज देखता था। 8 साल पत्रिका में बिताये लेकिन खबर से बाहर नहीं निकल सका। ट्रान्सफर होने के बाद मैं सीकर में ज़िले की खबरे पढता हूँ। दिनभर खाली। कोई tv नहीं। संस्थान के न्यूज़रूम में भी नहीं। खबरों का दबाव ख़त्म। बाजार घूमता हूं तो देखता हूँ कौन कैसे धंधा कर रहा है और बारीकिया ढूंढता हूँ धंधे की। मैंने सीकर में ड्राइविंग भी सीखी। क्या पता कौन सा काम करना पड़े। खुद को तयार कर रहा हूँ आगे जीवन कैसे चलेगा।”

अपने बीमार पत्रकार को नौकरी से निकालने की तैयारी में दैनिक जागरण!

बामारी से जूझ रहे पत्रकार राकेश पठानिया

गेट वैल सून या गेट ऑऊट सून? : खुद को देश का सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला हिंदी अखबार होने का दावा करने वाले दैनिक जागरण के प्रबंधन की संवेदनहीनता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ओर उनके सबसे पुराने पत्रकारों में से एक और प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा (जहां जागरण का प्रिंटिंग यूनिट और हिमाचल संस्करण का मुख्य कार्यालय भी मौजूद है) के ब्यूरो प्रभारी गंभीर बीमारी से लड़ रहे हैं, वहीं प्रबधन ने उनको चलता करने के पैंतरे आजमाने शुरू कर दिए हैं। प्रबंधन उनको गेट वेल सून कहने की जगह गेट आऊट सून की तैयारियों में जुट गया है।

मजीठिया : अब नींद से जागा उत्तराखण्ड का श्रम विभाग

पूरब के गांवों में एक कहावत है “दुआरे आई बारात तो समधिन को लगी हगास”। कुछ यही हाल देवभूमि कहलाने वाले उत्तराखंड के श्रम विभाग का है। मजीठिया अवमानना के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्वोत्तर के पांच राज्यों को (जिसमें उत्तराखंड भी शामिल है) 23 अगस्त को तलब किया है। इन राज्यों के प्रमुख सचिव इस दिन स्टेटस रिपोर्ट के साथ हाजिर होंगे। वे बताएंगे कि उन्होंने अपने राज्यों से छपने वाले अखबारों के कितने कर्मचारियों को मजीठिया के अनुसार वेतन और अन्य परिलाभ दिलवाना सुनिश्चित किया है। इस संदर्भ में मैंने 13-14 जून 2016 को सीए श्री एनके झा से क्लेम बनवाकर देहरादून स्थित अपर श्रम आयुक्त के कार्यालय में अपना दावा पेश किया। सफर में रहने के कारण 16 जून को मेरठ से इसकी प्रति लेबर कमिश्नर को हल्दावानी नैनीताल रजिस्ट्री की।

पत्रकार की पाक जासूस से दोस्ती!

जैसलमेर : रजत शर्मा वाले इंडिया टीवी और लोढ़ा वाले एवन टीवी का पत्रकार भला आईएसआई के जासूस की फ्रेंड लिस्ट में क्या कर रहा था? कब से था? क्यों था? उसकी दोस्ती की नज़र ने उसमें आईएसआई के पोस्टर नहीं दिखाये? कहीं देश की पश्चिमी सीमा की कोई जानकारी इधर-उधर? ख़ैर, ये सवाल मेरे नहीं हर उस आदमी के हैं जिसने यह सुना कि जैसलमेर के तथाकथित  “इंडिया” टीवी और प्रदेश के कथित “आगे बढ़ते जा रहे” A1TV” चैनल का जैसलमेर संवाददाता (जैसा ये लोगों को बताता है) योगेश गज्जा “पाकिस्तानी आईएसआई” एजेंट / जासूस /आरडीएक्स सप्लायर की फ्रेंड लिस्ट में मजा मार रहा है। इसकी भनक जब जागरूक सोशियल साइट्स यूजर्स के जरिये मिली तो गज्जा का दिमाग चकराया कि नन्दू महाराज गर्ग को गिरफ्तार हुए दिन 4 बीते और फेसबुक से “प्रिय मित्र” को “अनफ्रेंड” करना कैसे भूल गए?

प्रूफ रीडरों की जरूरत तो अनंतकाल तक रहेगी

लोकमत में जब नौकर हुआ, तब काम करने की त्रिस्तरीय व्यवस्था थी। पहले खबर लिखो, उसे इंचार्ज देखते थे। इंचार्ज के खबर को संपादित करने के बाद उसे कंपोजिंग में भेज दिया जाता था। कंपोजिटर उसे कंपोज करने के बाद प्रूफ रीडर को दे देता था। प्रूफ रीडर उसे पूरी तरह पढ़ते थे। पढ़ने का उनका स्टैंडर्ड गजब का था। शब्द उनके, तथ्य हमारे। वो दरअसल थे तो प्रूफ रीडर लेकिन मैं मानता हूं कि वे रीयल एडीटर थे।

A Fighter Dr. Debashish Bose

The Indian Federation of Working Journalists (IFWJ) dips its banner to honour its stalwart and leader Dr.Debashish Bose, who died in his home town of Madhepura Bihar this morning. Among his admirers were Lalu Yadav, Nitish Kumar, Sharad Yadav and several trade union leaders of Bihar. Sudhir Madhukar and Abhijit Pandey informed me this morning about the sad news. Only yesterday at Patna’s Sahitya Sammelan Bhavan the Journalist Union of Bihar held its Annual election. Sudhir has succeeded Dr.Bose as General Secretary.

हिंदुस्तान अखबार के संपादकों विश्वेश्वर कुमार, नागेंद्र, कुमार अभिमन्यु, प्रमोद, गीतेश्वर का तबादला

हिंदुस्तान अखबार से एक बड़ी खबर आ रही है. कई संपादक इधर उधर कर दिए गए हैं. अभी तक भागलपुर यूनिट के संपादक रहे विश्वेश्वर कुमार को बनारस यूनिट की कमान सौंपी गई है. बनारस यूनिट के लंबे समय से संपादक रहे नागेंद्र को दिल्ली बुलाया गया है. वह फीचर एडिटर के बतौर दिल्ली आफिस में काम देखेंगे. कुमार अभिमन्यु जो अभी तक मुजफ्फरपुर यूनिट की कमान संभालते थे, अब भागलपुर के नए संपादक बनाए गए हैं.

पत्रकार सौम्या के दो हत्यारों को फांसी की सजा, एक को आजीवन कारावास

Sheetal P Singh : साकेत कोर्ट (दिल्ली) ने आज दो युवकों रवि कपूर और अमित शुक्ला को जिगिषा घोष नामकी एक कामकाजी युवती की लूट और हत्या के मामले में फाँसी की सज़ा सुनाई है। तीसरे अभियुक्त बलजीत मलिक को आजन्म कारावास का दंड मिला। इन्हीं लोगों पर एक और कामकाजी युवती सौम्या जो पत्रकार थी की हत्या का मामला भी चल रहा है। इन लोगों ने कुछ पैसे लूटने के लिये दो युवा कामकाजी लड़कियों का जीवन ले लिया और उन पर निर्भर परिवार उजाड़ दिये।

बिहार में शराब मिलने पर पत्रकार गिरफ्तार, यूपी में कोर्ट में पत्रकार पर हमला

बिहार के पूर्णिया में एक पत्रकार अशोक कुमार को उनके कटिहार के कोसीबाग स्थित घर के बाहर से शराब की बोतल मिलने के बाद जेल भेज दिया गया। एक मासिक पत्रिका तापमान के लिए काम करने वाले अशोक को देर रात गिरफ्तार कर मेजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। तापमान के संपादक अविनाश चन्द्र मिश्रा का कहना है कि शराब की बोतल उसके घर के बाहर एक पॉलिथीन बैग में मिली थी और पुलिस ने उस व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है जिसने ऐसा किया था। अशोक से पहले बहुभाषीय टीवी चैनल के लिए काम करने वाले ब्रजेश झा को भी पुलिस ने अवकारी और प्रतिबंध से जुड़ी धाराओं में गिरफ्तार किया था। उसे बाद में जमानत मिल गई लेकिन प्रबंधन ने उसे नौकरी से निकाल दिया।

बोफोर्स फाइल छुपाने के बयान के बाद मुलायम सिंह से पूछताछ करे सीबीआई

मुलायम सिंह ने कहा है कि राजनेताओं पर आपराधिक मुकदमे नहीं चलाये जाने चाहिये. उनके अनुसार इसीलिए भारत के रक्षामंत्री रहते उन्होंने बोफोर्स की फाइल छुपा दी थी. इस कथन से दो निष्कर्ष निकलते हैं. एक तो ये कि नेताजी की जानकारी में था कि कोई राजनेता बोफोर्स में शामिल है और वे उसे बचाना चाहते थे. अच्छा होगा वे उसका नाम देश को बताएं. वर्ना सीबीआई, जिसने इस मामले की जांच की थी, वह उनसे पूछताछ करे.

उत्तराखंड में पत्रकार चंद्रशेखर भट्ट और बिहार में पत्रकार डा. देवाशीष बोस का निधन

देहरादून से सूचना है कि कई अखबारों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके पत्रकार चंद्रशेखर भट्ट का निधन हो गया. इन दिनों वह देवभूमि अखबार का संचालन कर रहे थे. उन्होंने कई अखबारों की नींव रखी. भट्ट काफी दिों से बीमार चल रहे थे और उन्होंने देहरादून में आखिरी सांस ली. उनके निधन पर मीडियाकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई.

नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड के माफीनामे को मोदी ने कबूल कर लिया है!

Anand Swaroop Verma :  आज के हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित प्रशांत झा की रिपोर्ट से पता चला कि नेपाल के माओवादी नेता और प्रधान मंत्री प्रचंड ने अपने विशेष दूत और गृहमंत्री बिमलेन्द्र निधि से नरेंद्र मोदी के पास सन्देश भेजा है कि अतीत में उनसे कई गलतियां हुईं क्योंकि उन्हें खुली राजनीति का अनुभव नहीं था, और अब वह इस बात का ध्यान रखेंगे कि भविष्य में ऐसा न हो और भारत के साथ अच्छे सम्बन्ध बने रहें.

सपा परिवार में हालात नहीं सुधरे तो मुलायम सम्भाल लेंगे सत्ता की बागडोर

सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के सामने 2017 का चुनाव जीतना मुख्य लक्ष्य है। मीडिया और राजनैतिक विश्लेषकों के सारे पूर्वानुमान ध्यस्त करने और विरोधियों को पटकनी देने में माहिर मुलायम इस मामले में अगर जरूरत हुयी तो अपने पुत्र को भी दर किनारे बिठा देने से भी नहीं चूकेंगे। उनकी पैनी निगाह चुनाव क्षेत्रवार उन क्षत्रपों पर गड़ी हुयी है, जिनका वर्चस्व उस क्षेत्र विशेष के जातीय वोटों को गोलबंद कर सकने में सक्रीय, महत्त्वपूर्ण और प्रभावशाली भूमिका हो सकती हैं। ऐसे क्षत्रपों की पहचान कर उनको अपने राजनैतिक हित साधने के लिए अपने पीछे लामबंद करने की जुगत बिठाने वे इनदिनों मशगूल हैं। फिर चाहे उसकी पृष्ठभूमि का इतिहास कितना ही मटमैला क्यों न हो।

लखनऊ में सपाई साइकिलों की खटर पटर और ताज होटल में टिप टिप बरसा पानी…

Yashwant Singh : अखिलेश यादव अदूरदर्शी और बकलोल नेता हैं. उन्हें जमीनी हालत की समझ ही नहीं है. पूर्वांचल में कौमी एकता दल के पास ठीकठाक जनाधार है. मुसहर, जुलाहा टाइप हिंदू मुस्लिम्स की बेहद पिछड़ी या यूं कहिए अति दलित जातियों का माई बाप कौमी एकता दल ही है. सपा में इस पार्टी के विलय से सपा को जबरदस्त फायदा होता. लेकिन मीडिया और दूसरी पार्टियों के नेताओं के ‘अपराधीकरण अपराधीकरण’ के हो हल्ले के जाल झांसे में फंसकर अखिलेश न सिर्फ इस विलय को रद करा बैठे बल्कि जमीनी स्तर पर सपा संगठन को मजबूती देने वाले शिवपाल को भी नाराज कर दिया.

Sri Sri University (Art of Living) cruel face, Injustice to a student

I am a MBA (2014-16 batch) student of Sri Sri University. A University envisioned by the Spiritual Leader and the founder of The Art of Living Organization, Sri Sri Ravishankar. I have been debarded by the Director Operations Mr. Narendra Lamba from giving my examination at the end of my course and I still cannot figure out what was my mistake. To be very frank I am not a follower of Sri Sri Ravishankar and this has turned my life as hell. I have faced many problems from day one in the university. From being discriminated by his followers to be neglected in many events.

केंद्र सरकार ने एनडीटीवी इंडिया, एनडीटीवी 24×7, आज तक और एबीपी न्यूज़ को नोटिस जारी किया

केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने चार चैनलों को नोटिस जारी किया है. नोटिस के जरिए चैनलों को उनके कुछ कार्यक्रमों को लेकर हिदायत दी गई है. इन चैनलों ने याकूब मेमन को लेकर जो कवरेज़ किया, उसकी मंत्रालय ने समीक्षा की थी और इसे अनुचित पाया था. दरअसल सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 1993 के बम धमाकों के अभियुक्त याकूब मेमन की फांसी पर कार्यक्रम प्रसारित करने को लेकर चार न्यूज़ चैनलों के खिलाफ हिदायती नोटिस जारी की है.

नेशनल दस्तक में भगदड़, 3 ने दिया इस्तीफा

खबर नेशनल दस्तक वेब चैनल से आ रही है। यहां काम करने वाले तीन पत्रकारों ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों में शशांक शेखर झा, निसार सिद्दिकी और एडिटर राहुल गौर का नाम आ रहा है। बताया जा रहा है कि इस्तीफा देने वाले पत्रकार चैनल में एडिटर के तौर पर काम काज देख रहे शंभू कुमार सिंह और मैनेजमेंट से नाराज थे। शंभू कुमार सिंह यहां काम करने वाले हर पत्रकार और कर्माचारी से बदतमीजी करता रहता है। मैनेजमेंट शंभू कुमार सिंह की इन बदतमीजियों को बर्दाश्त कर रहा है।

रामदेव को जमीन न देना महंगा पड़ा प्रवीर कुमार को

जो बाबा की बात मानेगा, वही प्रदेश की अहम कुर्सी पर कायम रह सकेगा, वरना उसे कुर्सी छोड़नी पड़ेगी। कुछ ऐसी ही है, नोएडा की अहम कुर्सी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा जमुना एक्सप्रेस के चेयरमैन प्रवीर कुमार के साथ भी ऐसा ही हुआ है। कुर्सी पर बैठे प्रवीर कुमार ने बाबा की बात नहीं मानी और मात्र 15 दिन के अन्दर ही उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ी। यह पद उन्हें मुख्य सचिव न बन पाने के एवज में दिया गया था। इसके बाद प्रवीर कुमार जैसे ही नोएडा पहुंचकर साफ, सफाई शुरू की तो उन्हें हटा दिया गया।

वसूली का कोई मौका नहीं छोड़ता सहारा मीडिया, देखिए ताजा आदेश

आते ही तुगलकी फरमान जारी किया यूनिट हेड ने…

देहरादून। सहारा संस्थान के बुरे दौर में सहारा का डूबता जहाज देखकर संस्थान छोड़कर जाने वाले राष्ट्रीय सहारा देहरादून के यूनिट हैड मृदुल बाली सहाराश्री के जेल से बाहर आने के बाद सहारा के दिन सुधरने की उम्मीद के चलते संस्थान के उच्चपदस्थ सम्पर्कों का लाभ उठाकर फिर से सहारा संस्थान में एन्ट्री मारने में सफल रहे हैं। मृदल बाली ने सहारा में अपने पुराने सम्पर्कों पर ऐसा जाल बुना कि न केवल उनकी संस्थान में घुसपैठ हुई बल्कि जिस जगह से वह संस्थान छोड़कर टैक्सटाइल सैक्टर में रोजगार करने चले गये थे, वापसी में उसी सीट पर उनकी ताजपोशी भी हो गई।

हिन्दुस्तान टाइम्स के टर्मिनेट कर्मचारियों ने किया 65-65 लाख का रिकवरी क्लेम

प्रबंधन इस कर्मचारी को मनाने में जुटा… एक दर्जन से ज्यादा रिटायर कर्मचारी बनवा रहे हैं क्लेम : मजीठिया वेज बोर्ड मामले में माननीय सुप्रीमकोर्ट में हिन्दुस्तान टाईम्स नयी दिल्ली प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दायर करने वाले 3 टर्मिनेट कर्मचारियों में दो ने अपना वास्तविक हिसाब बनवाकर लगभग 65-65 लाख रुपये का रिकवरी क्लेम श्रम आयुक्त के यहाँ किया है। एक अन्य टर्मिनेट कर्मचारी ने अपना फुल एंड फाइनल हिसाब कंपनी से ले लिया। इस 65 लाख के क्लेम में अंतरिम, एरियर और ब्याज भी शामिल है। लगभग एक दर्जन सेवानिवृत कर्मचारी अपना रिकवरी क्लेम करने की तैयारी कर चुके हैं जिनमे प्रत्येक 50-50 लाख का क्लेम करने जा रहे हैं।

बाबा कीनाराम जन्मोत्सव 31 अगस्त से 2 सितंबर तक चंदौली में, कई पत्रकार शिरकत करेंगे

अघोर-परम्परा का उद्गम, सृष्टि के निर्माण से ही है. दुनिया के मानचित्र में उत्तर-प्रदेश का चंदौली जिला इसके लिए विश्व-विख्यात है. ये बात यहां के निवासियों को भी, संभवतः, नहीं मालूम हो. कहा जाता है कि भगवान शिव इस दुनिया के पहले अघोरी थे. उत्तर-भारत में भगवान शिव को औघड़-दानी कहने का चलन बरसों पुराना है. अघोर परम्परा की बात करें तो तकरीबन 16वीं शताब्दी तक ये परम्परा सुसुप्तावस्था में रही. मगर 16वीं सदी के महान संत और अघोर-परम्परा के पुनरागामित-स्वरूप को पुनः प्रज्ज्वलित करने वाले वाराणसी जिले की तत्कालीन तहसील, चंदौली, (वर्तमान में जिला बन चुका है) के रामगढ़ नामक स्थान में जन्मे विश्व-विख्यात संत अघोराचार्य बाबा कीनाराम राम जी को (वर्तमान समय में ) इस परम्परा का जनक माना जाता है और (वाराणसी स्थित) उनकी तपोभूमि, “बाबा कीनाराम स्थल, क्री-कुण्ड” को इस परम्परा का सर्व-मान्य केंद्र-बिंदु.

‘कैनविज टाइम्स’ का शटर बहुत ही शातिराना अंदाज में धीरे-धीरे डाउन किया जा रहा है!

खुद को अव्वल दर्जे का बुद्धिमान और पत्रकारों को परले दर्जे का मूर्ख क्यों समझते हैं गुलाटी साहेब

पहले लखनऊ और फिर बरेली में पत्रकारिता की पताका बुलंद करने वाले ‘कैनविज टाइम्स’ का शटर बहुत ही शातिराना अंदाज में धीरे-धीरे डाउन किया जा रहा है। इस पुनीत कार्य को स्वयं कैनविज ग्रुप के चेयरमैन कन्हैया गुलाटी (स्वघोषित हरिश्चंद) अंजाम दे रहे हैं। जाहिर है गुलाटी साहेब सूदखोर रहे हैं, तो घाटे का कोई सौदा क्यों करेंगे? …और करना भी नहीं चाहिए। खैर छोड़िए घाटे और मुनाफे की बात… सूदखोर और धंधेबाज करें तो ही अच्छा है, पत्रकारों का काम तो दबे कुचलों की आवाज उठाना है। पत्रकारों की जमात दूसरों को न्याय दिलाने के लिए भ्रष्ट से भ्रष्ट तंत्र की चूले हिलाती आई है पर बात जब अपने लिए न्याय मांगने या करने की आती है तो यह जमात महज संसार के सबसे निर्बल जीवों का जत्था बनकर रह जाती है। पत्रकारों को बहुत कोस लिया अब वक्त है पत्रकारिता में घुसपैठ कर चुके कथित कॉरपोरेट्ïस को आईना दिखाने का…

पत्रकार अभिसार शर्मा और उनकी IRS पत्नी शुमाना सेन की कुल गैरकानूनी आय के बारे में बता रही हैं मधु किश्वर

Madhu Purnima Kishwar : NDTV money laundering – partners in crime… Journalist Abhisar Sharma (former NDTV employee) – Gross Unlawful income as per 2 attached IT Returns – Rs. 4.08 crore. IRS Officer Shumana Sen (wife of Abhisar Sharma & assessor of NDTV return – Gross Unlawful income as per 4 attached IT Returns – Rs. 6.99 crore. IRS Officer Ashima Neb – Gross Unlawful income as per the attached IT Return – Rs. 2.93 crore.