जानिए पटना का एक बेबाक पत्रकार क्यों है नीतीश कुमार का मुरीद

Pushya Mitra : नीतीश कुमार की एक बात मुझे पसंद है. वे कल्चर ऑफ डिनायल से काफी हद तक उबर चुके हैं. पहले तो बड़ी घटनाओं के बाद हफ्तों मौन रह जाते थे, (जैसे आजकल मोदी करते हैं) मगर अब वे फेस करते हैं और कार्रवाई करते हैं चाहे दूसरी तरफ अपनी ही साख दाव पर क्यों न लगी हो. गोपालगंज वाले कांड में प्रशासन ने लीपापोती की पूरी तैयारी कर ली थी, फरजी पोस्ट मार्टम रिपोर्ट भी बन गये थे. मगर यह नीतीश का ही स्टैंड था कि अधिकारियों को यू-टर्न लेना पड़ा और आज पूरा थाना सस्पेंड हो गया है.

रिसर्च की गहराई और प्रोडक्शन की भव्यता के लिहाज़ से ‘भारतवर्ष’ जैसा काम न्यूज़ इंडस्ट्री में पहले कभी नहीं हुआ : मिलिंद खांडेकर

Milind Khandekar : हम आज रात दस बजे से भारतवर्ष शुरू करने जा रहे हैं। आपने प्रोमो देखे ही होंगे, फ़िल्म अभिनेता अनुपम खेर इस शो को प्रस्तुत करेंगे। ABP न्यूज़ का ये इस साल का सबसे बड़ा शो है। अंजु, संजय नंदन, रुचि और रजनीश प्रकाश पिछले एक साल से इस शो पर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री, रामराज्य के बाद भारतवर्ष हमारा बड़ा शो है।

…आन एयर बाल-टाई दुरुस्त करने में जुट गए ईटीवी वाले ब्रजेश मिश्रा! (देखें वीडियो)

लखनऊ एयरपोर्ट पर अगर आपका आना जाना हुआ है तो देखा होगा कि वहां न्यूज चैनल के नाम पर सिर्फ ईटीवी उत्तर प्रदेश के विज्ञापन लगे हैं, वह भी काफी भारी भरकम ताकि नजर जरूर जाए. साथ ही इस विज्ञापन में ईटीवी यूपी के संपादक ब्रजेश मिश्र का लंबा चौड़ा फोटो है. टाटा स्काई ने पिछले दिनों अपने यहां चैनलों की नंबरिंग में काफी बदलाव किया. इससे कई सारे मेरे फेवरिट चैनल इधर-उधर हो गए. कैसे कैसे कर के नेशनल न्यूज चैनलों का नंबर फिर याद करने लगा लेकिन इस प्रक्रिया में ईटीवी यूपी उत्तराखंड चैनल कहीं खो गया था.

इंदौर में नहीं हुआ समाचार पत्रों का सर्वे, दबंग दुनिया पर पत्रकार ने किया मुकदमा

इंदौर में पत्रकार जगत मजीठिया के मामले में अब भी खुलकर सामने नहीं आ रहा है। ज्यादातर पत्रकार संगठन भी मौन हैं। मजीठिया वेज बोर्ड मामले को लेकर प्रबंधन के  खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत दबंग दुनिया के एक पत्रकार प्रमोद दाभाडे और उनके एक साथी ने उठाई है।सूत्रों का दावा है कि इंदौर में कई सहायक श्रमायुक्तों को अलग-अलग जिलों के प्रभार सौंपा गया है, लेकिन वे केवल अपने केबिन में दुबककर बैठे हैं। इन्हें मीडिया कार्यालय में जाकर कार्रवाई करने में पसीने आ रहे हैं। 

इंडिया न्यूज़ ने फिर एबीपी न्यूज़ को पछाड़ा, आजतक को सर्वाधिक नुकसान, ज़ी न्यूज़ निकला न्यूज़ नेशन से आगे

32वें हफ्ते की टीआरपी में एबीपी न्यूज़ फिर नंबर चार पर आ गया है। इंडिया न्यूज़ ने तगड़ी उछाल के साथ नंबर चार की कुर्सी अपने कब्ज़े में कर ली है। नुकसान के मामले में आजतक को सबसे ज्यादा झटका लगा है। हालाँकि इसके बावजूद आजतक नंबर वन चैनल बना हुआ है। ज़ी न्यूज़ लगातार बेहतर करते हुए इस हफ्ते नंबर पांच पर आ गया है। उसने न्यूज़ नेशन को पछाड़ दिया है। देखें आंकड़े…

अशोक पांडेय और ज्ञान स्वामी ‘विश्व वार्ता’ अखबार में पहुंचे

लखनऊ से खबर है कि विश्व वार्ता नामक एक अखबार में अशोक पांडेय पहुंच गए हैं. पांडेय पहले जागरण, अमर उजाला और हिंदुस्तान अखबारों में बड़े पदों पर रह चुके हैं. विश्व वार्ता अखबार में उनकी ज्वाइनिंग के बाद इसे री-लांच कर दिया गया. बताया जा रहा है कि लखनऊ के फोटोग्राफर ज्ञान स्वामी भी इस अखबार में वरिष्ठ पद पर हैं. वे निदेशक मंडल में शामिल हैं. कई पत्रकारों को इस अखबार से जोड़ा जा रहा है.

साधना प्लस के कार्यक्रम में एबीपी न्यूज के पंकज झा, नभाटा के मनीष श्रीवास्तव समेत कई हुए सम्मानित

लखनऊ के ताज होटल में साधना प्लस चैनल की तरफ से आयोजित एक संगीतमय कार्यक्रम में एबीपी न्यूज लखनऊ के पत्रकार पंकज झा, नवभारत टाइम्स लखनऊ के पत्रकार मनीष श्रीवास्तव, पत्रकारिता शिक्षक डा. दिग्विजय सिंह राठौर समेत कई लोगों को सम्मानित किया गया है. साधना प्लस चैनल के हेड ब्रजमोहन सिंह ने इस आयोजन में चीफ गेस्ट के रूप में यूपी सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव को बुलाया था. सारे सम्मान शिवपाल यादव के हाथों दिलाए गए. कार्यक्रम का आकर्षण जानी मानी गायिका अलका याज्ञनिका का लाइव संगीत शो था.

जागरण की चुनावी नैया पार लगाने के लिए अमित शर्मा लाए गए

दैनिक जागरण प्रबन्धन सत्तापक्ष के हाथों की कठपुतली बन कर रह गया है। निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता की बात करने वाले जागरण प्रबंधन ने अपने सारे वसूल विज्ञापन के लिए खूटी पर टांग दिए हैं। जागरण के मालिकान विज्ञापन और पैसा कमाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। कुछ महीने पहले दिल्ली में केजरीवाल के ट्वीट पर कमेंट करने पर नेशनल ब्यूरो के राजकिशोर की इसलिए छुट्टी कर दी, क्योंकि कमेंट के बाद केजरीवाल ने विज्ञापन बंद करने की धमकी दे दी। दूसरे मामले में लुधियाना दैनिक जागरण के इंचार्ज अरविन्द श्रीवास्तव की बलि ले ली गई।

Withdraw the Charges against Journo Seema Mustafa

Press statement by the Delhi Union of Journalists…. The Delhi Union of Journalists to day called up on the Karnataka government to withdraw the sedition charges against senior journalist Seema Mustafa for moderating a meeting and singing songs. The meeting was called by the Amnesty International on August 16, at Bengaluru. In its first reaction in the Delhi Union of Journalists facebook page, yesterday itself the union said:

प्रभात खबर को हरिवंश ने कहा अलविदा, नए प्रधान संपादक की तलाश तेज

बिहार-झारखंड के लीडिंग हिंदी दैनिक प्रभात खबर से कई बड़ी सूचनाएं आ रही हैं. कई दशकों तक इस अखबार के प्रधान संपादक के रूप में कार्यरत रहे और इस अखबार के पर्याय बन चुके हरिवंश अब प्रभात खबर के हिस्से नहीं रहे. उन्होंने अखबार को अलविदा कह दिया है. सूत्रों का कहना है कि राज्यसभा सांसद बन जाने के तुरंत बाद हरिवंश ने प्रिंट लाइन से अपना नाम हटवा दिया था और नैतिक आधार पर अखबार के प्रधान संपादक पद से मुक्त करने का अनुरोध प्रबंधन से किया था. पर प्रबंधन उनके अनुरोध को टालता रहा. अंतत: अब जाकर प्रभात खबर के लिए नए प्रधान संपादक की खोज शुरू हुई तो पता चला कि प्रभात खबर को चमकाने वाले इसके प्रधान संपादक हरिवंश ने अखबार को अलविदा कह दिया है.

घबराइये कि आप उत्तर प्रदेश में हैं…

संक्रामक बीमारियों का मौसम है इसलिए मुस्कराइये नहीं, बल्कि घबराइये…. क्योंकि आप लखनऊ में हैं। मैं खुद भी तब से बहुत ज्यादा घबराने लगा हूँ, जब दो साल पहले मुझे एक रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। यहाँ समूची व्यवस्था चरमराई हुई है। जब तक आपका वास्ता यहाँ के अस्पताल, थाने, कोर्ट जैसी मूलभूत जरूरतों वाली संस्थाओं और उनके तथाकथित रखवालों यानी डॉक्टर, पुलिस या वकील से नहीं पड़ता तब तक आपको भी मेरी ही तरह शायद यही गुमान होगा कि हमारे लिए सरकार और प्रशासन ने बहुत कुछ इंतेजाम कर रखे हैं।

कानपुर में श्रम आयुक्‍त के सामने जागरण प्रबंधन ने कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की दी धमकी

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट में 23 अगस्‍त को तलब किए गए श्रम आयुक्‍तों के सक्रिय होने से अखबारों खासकर दैनिक जागरण प्रबंधन के तोते उड़ गए हैं। अब सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए दैनिक जागरण के कुतर्क यानी 20जे की हवा निकलने लगी है। पिछले दिनों 16 अगस्‍त 2016 को उत्‍तर प्रदेश के श्रम आयुक्‍त महोदय के बुलावे पर तमाम उप श्रम आयुक्‍त और विभिन्‍न अखबारों में कार्यरत कर्मचारी व प्रबंधन के लोग कानपुर पहुंचे।

मजीठिया मामले में हिन्दुस्तान टाइम्स झुका, 11 कर्मचारियों को दिया उनका लाखों रुपये बकाया

दिल्ली के हिन्दुस्तान टाईम्स से एक बड़ी और अच्छी खबर आयी है। यहां मजीठिया वेज बोर्ड मामले में हिन्दुस्तान टाईम्स प्रबंधन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दायर करने वाले 12 कर्मचारियों को समाचार पत्र प्रबंधन ने उनका बकाया देना शुरू कर दिया है। ये सभी 12 कर्मचारी सेवानिवृत हो चुके थे और उन्होंने रिटायरमेंट के बाद माननीय सुप्रीमकोर्ट में मजीठिया वेज बोर्ड मामले की लड़ाई लड़ने वाले एडवोकेट उमेश शर्मा के जरिये केस लगाया था।

एक पाती पीएम के नाम : एचटी मीडिया व एचएमवीएल ने हम हजारों मीडियाकर्मियों का हक मारा है

माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी,
प्रधानमंत्री
भारत सरकार, नई दिल्ली

आपके पास मैं यह शिकायत या निवेदन इस उम्मीद में कर रहा हूं कि आप हम लोगों का दुख सुनेंगे और इस पर ध्यान देंगे। आपके बारे में लोग बताते हैं कि आपके आफिस मेल करने या शिकायत कर देने भर से किसी व्यक्ति को तुरंत उसका हक और न्याय मिल जाता है। आपकी जानकारी में एक गंभीर मामला डालकर उस पर तुरंत कार्यवाही की आशा में यह शिकायत भेज रहा हूं। कृपया तुरंत ध्यान दीजिएगा।

महाकाल दर्शन के लिए गए पत्रकार की क्षिप्रा में डूबने से मौत

इंदौर में रहने वाले दो पत्रकार सोमवार को उज्जैन में हादसे का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि दोनों पत्रकार क्षिप्रा नदी में नहाने के लिए गए हुए थे, लेकिन गहरे पानी में उतरने की वजह से एक साथी डूब गया। जिससे एक पत्रकार की मौत हो गई। जीतू दुबे, अंकित यादव और नवीन महाकाल के दर्शन करने के लिए उज्जैन गए थे। तभी पत्रकार अंकित यादव और नवीन क्षिप्रा नदी में नहाने के लिए उतर गए, लेकिन इस दौरान वो गहरे पानी की ओर चले गए, जिससे वो डूबने लगे।

Narmada Bachao Andolan completes 31 years of struggle and reconstruction, today

Supporters from Mumbai express solidarity with the movement which continues to fight for justice reaching to ALL – especially to the most deprived amongst the citizens of our country

Mumbai | 16th August, 2016: The Narmada Bachao Andolan movement which started 31 full years ago in India, led to a discourse and push for an alternate, least destructive development model which would bring prosperity to even the poorest Indian living in the remotest, least developed part of the country. The three decades long movement began by questioning the development model created around the Sardar Sarovar Dam being constructed on the Narmada River.

मुम्बई में पत्रकारों से अवैध रूप से कराई जा रही है नाइट शिफ्ट

आर टी आई से हुआ खुलासा… मुम्बई के पत्रकारों से नाइट शिफ्ट कराना पूरी तरह गलत है। ये खुलासा हुआ है आरटीआई के जरिये। मुम्बई के निर्भीक पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट शशिकांत सिंह ने श्रम आयुक्त कार्यालय से जानकारी मांगी थी कि मुम्बई के कितने समाचार पत्र प्रबंधन ने अपने कार्यालय में कार्यरत पत्रकारों से नाइट शिफ्ट कराते समय श्रम आयुक्त कार्यालय से अनुमति ली है। इस पर 8 अगस्त 2016 को भेजे जवाब में श्रम आयुक्त कार्यालय के राज्य जन माहिती अधिकारी और सरकारी कामगार अधिकारी आरपी तोड़कर ने बताया है कि इस कार्यालय का रिकार्ड देखा गया जिसमें श्रमिक पत्रकार और पत्रकारेत्तर कर्मचारी सेवा शर्त की अधिनियम 1955 के अंतर्गत प्रकरण तीन के नियम 19 के तहत किसी भी समाचार पत्र प्रतिष्ठान को मंजूरी आदेश देने का आदेश नहीं दिया गया है।

आउटलुक में कृष्ण प्रसाद की जगह राजेश रामचंद्रन आए, मयंक शेखर फिर मिडडे पहुंचे

आउटलुक मैग्जीन से कृष्णा प्रसाद को हटाए जाने के बाद संपादक के तौर पर राजेश रामचंद्रन की तैनाती हुई है. उन्होंने आज कार्यभार संभाल लिया है. आउटलुक की कवर स्टोरी आपरेशन बेबी लिफ्ट के बाद कृष्ण प्रसाद को हटाया गया था. राजेश रामचंद्रन इकनॉमिक टाइम्स में पॉलिटिकल एडिटर हुआ करते थे. राजेश द वीक, हिन्दुस्तान टाइम्स, एनडीटीवी, इंडिया टुडे, द हिन्दू में भी काम कर चुके हैं.

झूठा केस दर्ज कराने वाले आरपीएफ इंस्पेक्टर के खिलाफ पत्रकार ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार

सेवा में,                                                           
माननीय राष्ट्रपति
भारत सरकार, नई दिल्ली।

विषयः आरपीएफ इंस्पेक्टर संजय पांडे द्वारा सिविल लाइन थाना, इलाहाबाद में झूठा केस दर्ज कराने के संबंध में।

महोदय,

अधोहस्ताक्षरी (अश्वनी यादव) पेशे से एक पत्रकार है और फेथ आफ इंडिया नाम से साप्ताहिक पेपर व न्यूज पोर्टल संचालित करता है। दिनांक 14-8-2016 को इलाहाबाद आरपीएफ क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर संजय पांडे ने मेरे व मेरे साथी प्रकाश सिंह राठौर के खिलाफ झूठा केस दर्ज कराया है। चूंकि अधोहस्ताक्षरी संजय पांडे की कार्यशैली और इनसे जुड़े अपराधिक मामलों को लगातार प्रकाशित कर रहा है और इनकी शिकायत प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रेलमंत्री, कानून मंत्री, विधि आयोग, मानवाधिकार आयोग, माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद, राज्यपाल उत्तर प्रदेश, डीजी आरपीएफ, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, डीजीपी उत्तर प्रदेश व रेलवे के आला अधिकारियों से लगातार की जा रही है।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस ठाकुर से जस्टिस काटजू ने पूछा- ‘यह किस किस्म की भाषा है?’

Justice Thakur, like Queen Gertrude in Shakespeare’s ‘ Hamlet ‘, ” doth protest too much “. He has complained of the large number of vacancies in the High Courts. Why does he not also talk of the huge corruption in the judiciary, and the inordinate time the judiciary takes in deciding cases ? Mr. Shanti Bhushan, the former Union Law Minister and a very senior lawyer of Supreme Court, filed an affidavit many years back in the Court stating that half of the previous 16 Chief Justices of India were definitely corrupt ( he named them ), and there was some doubt about 2 more.

मुलायम उलझे कुनबे की लड़ाई में, मायावती दगाबाज नेताओं से परेशान

अजय कुमार, लखनऊ

उत्तर प्रदेश के दो सबसे ताकतवर क्षेत्रीय क्षत्रप आजकल काफी कमजोर नजर आ रहे हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती जहां दगाबाज नेताओं के कारण परेशान हैं, वहीं सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव कुनबे की लड़ाई में उलझे हुए है, जो हालात बन रहे हैं उससे तो यही लगता है कि सपा के शीर्ष नेतृत्व ‘लक्ष्य 2017’ हासिल करने की बजाये अन्य मुद्दों पर भटक रहा हैं। सपा की चुनावी डगर में परिवार ही रोड़ा बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी पार्टियां संगठित होने की कोशिश में जुटी हैं। वहीं सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी संभावित बिखराव से परेशान है। 

हिंदी पायनियर में इनक्रीमेंट, कुछ लोग दुखी तो कई खुश

लखनऊ : हिन्दी पायनियर के अच्छे दिन आ गए हैं. मीडियाकर्मियों की सेलरी में ठीकठाक इंक्रीमेंट किया गया है. कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि यह इंक्रीमेंट पूरी तरह से भेदभाव से भरा हुआ है. आरोप है कि ग्रुप एडिटर विजय प्रकाश सिंह ने अपने चहेतों की सेलरी में ज्यादा इजाफा किया है. इससे अखबार के वो लोग नाराज हैं जिनकी सेलरी कम बढ़ी है.

सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और पत्रकार वसीम अकरम त्यागी सम्मानित किए गए

बीते 13 अगस्त को अलीगढ़ के छात्र नेता जियाउर्रहमान के संपादन में निकलने वाली पत्रिका ‘व्यवस्था दर्पण’ की तरफ से आयोजित एक समारोह में चर्चित सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और पत्रकार वसीम अकरम त्यागी को लाला लाजपत राय अवार्ड देकर सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को भड़ास 4 मीडिया के संपादक Yashwant Singh और अलीगढ़ के सूचना निदेशक जहांगीर खान के हाथों प्रदान किया गया. तस्वीर में माईक संभाले Ziaur Rahman भी देखे जा सकते हैं जो कार्यक्रम के आयोजक थे.

The Prime Minister’s historic speech : Justice Katju

The Prime Minister’s reference to Balochistan and POK in his Independence Day Speech at Red Fort in Delhi has come not a moment too soon. In fact it should have come in some speech much earlier, and also by earlier Prime Ministers, and it should also have referred to the demand for independence by people of Sind and NWFP. The speech reminds me of Nehru’s speech ‘ A Tryst with Destiny ‘. Now we are going to have another tryst with our destiny.

12 लोगों को गैर-कानूनी रूप से जेल भेजने के मामले में मुख्यमंत्री हरीश रावत पर कोर्ट ने जड़ा तमाचा

देहरादून : नानीसार (द्वारसो) मामले में प्रदेश सरकार को तगड़ा झटका लगा है। 23 जनवरी 2016 को नानीसार (द्वारसों) में जिन्दल के बाउन्सरों द्वारा उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उ०प०पा०) के केन्द्रीय अध्यक्ष पी०सी० तिवारी व महिला नेत्री श्रीमती रेखा धस्माना के साथ मारपीट की गई। पी०सी० तिवारी व रेखा धस्माना के साथ हुई मारपीट की सूचना देने वरिष्ठ नागरिक आनंदी वर्मा अल्मोड़ा थाने पहुँची। फिर दोनों का मेडिकल करवाने रानीखत अस्पाताल गईं।

भोपाल नगर निगम 35 लाख रुपये नहीं वसूल पाया भोपाल के सांध्य दैनिक से

भोपाल नगर निगम के एक तेजतर्रार अधिकारी ने मध्यप्रदेश के सांध्य दैनिक अख़बार प्रदेश टुडे को 35 लाख रुपये का प्रापर्टी टैक्स का नोटिस भेज था पर आज तक इस अख़बार से पैसे वसूल नहीं कर पाए भोपाल नगर निगम के अधिकारी. अख़बार मालिक का मध्य प्रदेश में अच्छा खासा रसूख है.

श्रम विभाग के खिलाफ खबरें क्यों नहीं?

डेंगू रोकने में स्वास्थ्य विभाग असमर्थ… नहीं बन रहे जाति प्रमाणपत्र… लोक अदालत में मामले निस्तारित… आजादी तो मिली स्कूलों पर छत नहीं डली जैसे समाचारों से अखबारों के दर पन्ने रंगे रहते हैं । अखबारों में छपने वाली खबरों में 90-95 % पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग या नगर निगम, जल निगम या परिवहन निगम से संबंधित होती हैं। खेल और कारोबार संबंधी खबरों की भी भरमार होती है। यही नहीं बडे क्या मझोले अखबारों में भी बकायदे इसके संवाददाता होते हैं। इधर कुछ वर्षो से न्याय पालिका से संबंधित समाचार भी पढने को मिल जाते हैं। अगर किसी समूह/ वर्ग की खबरें नहीं होती तो वह है श्रमिकों से जुड़े श्रम विभाग की। जबकि हर प्रदेश का अपना श्रम विभाग होता है।

इसी सलेक्टिव अप्रोच से पत्रकारिता का नुकसान हो रहा है : अनिल पांडेय

प्रेस क्लब ने वर्तमान समय में पत्रकार और पत्रकारिता के सामने मौजूद स्थितियों और चुनौतियों पर एक खुली परिचर्चा का आयोजन किया जिसमें दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पांडेय ने भी हिस्सा लिया। परिचर्चा में उन्होंने विचारधाराओं से परे स्वतंत्र पत्रकारिता की मुखर वकालत करते हुए कहा कि अगर हम वाकई पत्रकारों का हित चाहते हैं तो हमें विचारधारा के खेंमे से निकल कर सोचना होगा। पत्रकार पत्रकारों का ही “मारा” है।

नवागत की आड़ में अनभिज्ञता का स्‍वांग कर रहे यूपी के लेबर कमिश्‍नर

पेशी के वक्‍त सुप्रीम कोर्ट में सच बोलने से बचने का रास्‍ता ढूंढ रहे हैं : लटकती तलवार तले अनभिज्ञता का नकाब, ऐसे हैं यूपी के लेबर कमिश्नर जनाब। ठीक समझे हैं, उत्‍तर प्रदेश के नवागत माननीय श्रम उच्‍चाधिकारी इसी तरह के हैं। या कहें कि ऐसे ही बने हुए हैं और अनजानेपन का स्‍वांग कर रहे हैं, दिखावा कर रहे हैं। वह ऐसे पेश आ रहे हैं मानों मजीठिया वेज बोर्ड से जुड़ी हुई किसी भी बात को नहीं जानते। उनके कार्यालय में पहले की मैडम लेबर कमिश्‍नर के कार्यकाल में प्रिंट मीडिया के तमाम कर्मचारियों ने मजीठिया वेज बोर्ड अवॉर्ड से जुड़ीं अपनी अनेकानेक समस्‍याओं, मैनेजमेंट की प्रताड़ना, मजीठिया के मुताबिक बनती सेलरी दिलाने की लिखित मांग, मालिकान द्वारा न देने की ढेरों तिकड़मों-बदमाशियों-साजिशों आदि के बारे में उनको अवगत कराना, अपना हक पाने के लिए उनके कार्यालय के चक्‍कर काटते रहना और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट को आधा-अधूरा, तथ्‍यों को तोड़-मरोड़ कर अखबार मालिकों के फेवर वाली स्‍टेटस रिपोर्ट बनाकर भेजना आदि-इत्‍यादि हकीकत-सच्‍चाई से वे अनभिज्ञ बने हुए हैं।

जानिये मुम्बई के किस समाचार पत्र में कितने कर्मचारी काम करते हैं

मिड डे में काम करते हैं सबसे ज्यादा 432 कर्मचारी, प्रातःकाल तथा आपला महानगर निकलता है सिर्फ 8 कर्मचारियों से, आर टीआई से हुआ खुलासा

मजीठिया वेज बोर्ड को लागू करने की सख्ती के बाद मुम्बई के समाचार पत्रों में कर्मचारियों की संख्या को लेकर खूब उलटफेर हो रहा है। यहाँ श्रम आयुक्त कार्यालय द्वारा किये गए सर्वे का ताजा आंकड़ा तो यही संकेत दे रहे हैं। जानिये मुम्बई के कौन से समाचार पत्र में कितने कर्मचारी काम करते हैं और उनमे कितने परमानेंट और कितने ठेका पर काम करने वाले कर्मचारी हैं। ये सारी सूचना मुम्बई के निर्भीक पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट शशिकांत सिंह ने आरटीआई के जरिये हासिल किया है।

दो दिनी अलीगढ़ यात्रा : जिया, मनोज, प्रतीक जैसे दोस्तों से मुलाकात और विनय ओसवाल के घर हर्ष देव जी का साक्षात्कार

पिछले दिनों अलीगढ़ जाना हुआ. वहां के छात्रनेता और पत्रकार ज़ियाउर्रहमान ने अपनी पत्रिका ‘व्यवस्था दर्पण’ के एक साल पूरे होने पर आईटीएम कालेज में मीडिया की दशा दिशा पर एक सेमिनार रखा था. सेमिनार में सैकड़ों इंजीनियरिंग और एमबीए छात्रों समेत शहर के विशिष्ट जन मौजूद थे. आयोजन में शिरकत कर और युवाओं से बातचीत कर समझ में आया कि आज का युवा देश और मीडिया की वर्तमान हालत से खुश नहीं है. हर तरफ जो स्वार्थ और पैसे का खेल चल रहा है, वह सबके लिए दुखदायी है. इससे आम जन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. सेमिनार में मैंने खासतौर पर मीडिया में आए भयंकर पतन और न्यू मीडिया के चलते आ रहे सकारात्मक बदलावों पर चर्चा की. बड़े मीडिया घरानों के कारपोरेटीकरण, मीडिया में काले धन, मीडिया में करप्शन जैसे कई मामलों का जिक्र उदाहरण सहित किया. 

लखनऊ में साप्ताहिक समाचार पत्र ‘सिटी कनेक्शन’ का विमोचन हुआ

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त दिन रविवार को लखनऊ से प्रकाशित साप्ताहिक समाचार पत्र सिटी कनेक्शन का विमोचन समारोह उत्तर प्रदेश संगीत नाट्य अकादमी गोमतीनगर लखनऊ में सम्पन्न हुआ. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश पीसीएस संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बाबा हरदेव सिंह ने शिरकत किया.

हिंदुस्तान अखबार के संपादकीय विभाग में प्रमोशन पाने के क्या दो-तीन फंडे थे, बता रहे हैं प्रमोद जोशी

मैं करीब चालीस साल से हिन्दी अखबारों से जुड़ा हूँ। 1970 के आसपास मैने कार्टून बनाने शुरू किए, जो लखनऊ के स्वतंत्र भारत में छपे। मेरा पहला लेख भी स्वतंत्र भारत के सम्पादकीय पेज पर तभी छपा। उसका विषय था 18 वर्षीय मताधिकार। उन दिनों मताधिकार की उम्र 18 साल करने की बहस चल रही थी। इस लेख के लिए मैने कई दिन ब्रिटिश काउंसिल लाइब्रेरी में बैठकर सामग्री जुटाई कि किस-किस देश में 18 साल के लोगों को वोट देने का अधिकार है। पढ़ते-पढ़ते मुझे जानकारी मिली कि स्विट्ज़रलैंड में तो महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार उसी साल 1971 में मिला। विश्वविद्यालय की पढ़ाई के मुकाबले इस किस्म की पढ़ाई मुझे रोचक लगी। उन दिनों मेरा पूरा दिन ब्रिटिश काउंसिल लाइब्रेरी या अमेरिकन लाइब्रेरी, अमीरुद्दौला लाइब्रेरी, नरेन्द्रदेव लाइब्रेरी और अमीनाबाद की गंगा प्रसाद वर्मा लाइब्रेरी में बीत जाता था। राजनाति शास्त्र विभाग में एमए की एक या दो क्लास सुबह निपटाने के बाद दिनभर खाली मिलता था।

मोदी का बलूचिस्तान और पीओके पर पाक को ललकारना जस्टिस मार्कंडेय काटजू को पसंद आया!

An eye for an eye

by Justice Markandey Katju
former Judge
Supreme Court

The Prime Minister’s reference to Balochistan and POK in his Independence Day Speech has come not a moment too soon. In fact it should have come in some speech much earlier, and also by earlier Prime Ministers.. How long must we tolerate the Pakistani leaders castigating  and condemning us over Kashmir, and how long must we tolerate their incitement, encouragement and support of the Kashmiri agitations and militancy ? It is time now to pay them back in the same coin. Just as Pakistan is giving training, weapons and supplies to militants in Kashmir, we too must start organizing, training and supplying weapons etc to Sindhis, Balochis, and the NWFP people who have been suppressed by Punjabis in the Pakistan security services for long, and want independence. Pakistanis must be told frankly : if you want to support azadi, it cannot be limited to Kashmiris alone.

एमपी का भाजपा नेता इस पुलिस अफसर को बुरी तरह हड़का रहा (सुनें टेप)

मध्य प्रदेश में भाजपा के नेता ईमानदार अफसरों से उसी तरह व्यवहार कर रहे हैं जिस तरह यूपी में सपा के नेता करते हैं. अनूपपुर जिले में एक ऑडियो वायरल हुआ है. इस आडियो को सुनने के बाद लोग यही कह रहे हैं कि जिसको मध्य प्रदेश में नौकरी करनी हो वो भाजपा नेताओं की चरण वंदना करे अन्यथा नौकरी करना संभव नहीं. बिना वजह आप सस्पेंड किये जा सकते हैं. अनूपपुर जिले की सबसे बड़ी नगर पालिका पसान के अध्यक्ष और बीजेपी नेता राम अवध सिंग ने भालूमाड़ा थाने से लाइन अटैच हुए टीआई सुनील गुप्ता को सस्पेंड और बर्खास्त करने की धमकी दी है.

नाटक समूह की अभिव्यक्ति है : स्वयं प्रकाश

दिल्ली।  ‘कहानी लिखना एक व्यक्ति की निजी गतिविधि हो सकती है लेकिन नाटक और रंगमंच के साथ ऐसा नहीं है। नाटक रंगमंच पर आकर अपना वास्तविक आकार ग्रहण करता है जिसमें निर्देशक और नाटक से जुड़े तमाम लोग अर्थ भरते हैं।’  हिन्दी के वरिष्ठ कथाकार और नाटककार स्वयं प्रकाश ने हिन्दू कालेज की हिंदी नाट्य संस्था ‘अभिरंग’ के उद्घाटन समारोह में कहा कि युवा पीढी नाटक के क्षेत्र में भी रुचि लेकर आगे आ रही है यह सचमुच उल्लेखनीय बात है जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।

निष्पक्ष दिव्य सन्देश की संपादिका रेखा गौतम के खिलाफ एफआईआर और चार्जशीट

लखनऊ की समाजसेविका और आरटीआई कार्यकत्री उर्वशी शर्मा की मानहानि के लिए जालसाजी करने के मामले में लखनऊ के समाचारपत्र निष्पक्ष दिव्य सन्देश की संपादिका रेखा गौतम सह अभियुक्त हैं. यह बात पुलिस अभिलेख से उजागर हुई है. लखनऊ और सोनभद्र से प्रकाशित ‘कूटचक्र’ के संपादक महेंद्र अग्रवाल पर आईपीसी की धारा 469 के अंतर्गत एफ.आई.आर. दर्ज है और इसी में सह अभियुक्त रेखा गौतम हैं. समाजसेविका उर्वशी शर्मा ने बताया कि महेंद्र अग्रवाल ने उनकी प्रतिष्ठा को चोट पंहुचाने के दुरुद्देश्य से विगत वर्ष जालसाजी करने का अपराध किया था. इसकी लिखित शिकायत करने पर महेंद्र अग्रवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 469 में एफ.आई.आई. दर्ज कर जांच हुई और अभियुक्त महेंद्र अग्रवाल को पुलिस जांच में दोषी पाए जाने पर आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया था.

मुफ्त दवा बांटने और किताब पढ़ाने वाले कुरुक्षेत्र के पत्रकार पंकज अरोड़ा सम्मानित

कुरुक्षेत्र :  कुरुक्षेत्र के पत्रकार पंकज अरोड़ा को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल ने सम्मानित किया। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र की उपायुक्त सुश्री सुमेधा कटारिया एवं पुलिस अधीक्षक सिमरदीप सिंह अन्य अधिकारियों के साथ उपस्थित थे। गौरतलब है कि पंकज अरोड़ा पिछले दो दशक से भी अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हुए हैं। वे पत्रकारिता के साथ साथ अपने पिता जी की याद में एक डिस्पैंसरी एवं लाइब्रेरी भी कुरुक्षेत्र में चलाते हैं।

एयरक्राफ्ट गिरने से ईटीवी के रिपोर्टर सुजीत पटेल घायल

बीएचयू स्वतंत्रता दिवस पर एयरक्राफ्ट गिरने से ईटीवी के रिपोर्टर सुजीत पटेल गंभीर रूप से घायल… बनारस के अखबार क्लाउन टाइम्स ने सूचित किया है कि बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में स्वतंत्रता दिवस परेड के मौके पर एयरक्राफ्ट प्रदर्शन के दौरान एनसीसी का एयरक्राफ्ट एयर नियंत्रण से बाहर हो गया और सुजीत पटेल के सिर से टकरा गया। इससे वे गम्भीर रूप से घायल हो गए। ईटीवी संवाददाता सुजीत पटेल को गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

प्रेस क्लब आफ इंडिया के सेकेट्री जनरल नदीम अहमद काजमी पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप, देखें दस्तावेज

Forgery committed by PCI Secretary-General Nadeem Ahmed Kazmi

To:
Team of Bhadas4Media.com
CC:- All members of the Press Club of India situated at 1 Raisina Road, New Delhi.

SUBJECT:- Forgery committed by PCI Secretary-General Nadeem Ahmed Kazmi by tampering the “Minutes of the Meetings” Register with the intention of producing false evidence before the court of law. Thus, putting the reputation of our prestigious club at stake.

Dear all,

PCI Secretary-General Nadeem Ahmed Kazmi has committed the biggest ever forgery on the Press Club India, and its members, by tampering with the pious document of our Club – “Minutes of the Meetings” Register, and producing the forged Minutes before the court of law in an ongoing legal case – “PANKAJ YADAV Vs. (1) PRESS CLUB OF INDIA & (2) NADEEM AHMED KAZMI”. Thus, putting the reputation of our prestigious club at stake. Please find two attachments along with this mail, namely “True Minutes” and “Forged Minutes”.

True Minutes

आउटलुक से कृष्ण प्रसाद की बर्खास्तगी पर पढ़िए प्रकाशक रहे पेरी महेश्वर की टिप्पणी

Sanjaya Kumar Singh : “प्रेसटीट्यूट” अभियान के बीच आउटलुक की एक खबर को लेकर सरकार और सत्तारूढ़ दल फॉर्म में हैं। देखिए कि कैसे एक मामले में पत्रिका का गला घोंटने की कोशिश हो रही है और एक पुराने मामले को भी नए सिरे से हवा दी जा रही है। इस बीच, आउटलुक के वरिष्ठ संपादकीय सहयोगी को बर्खास्त कर दिए जाने की खबर है। मीडिया को खबरों के लिए सुबह-शाम गाली देने और पत्रकारिता सीखाने वाले तमाम वीर-बहादुर इस बर्खास्तगी पर चुप हैं। एक तरफ पत्रकारिता को बेच खाने वाले को पूरा “मूल्य” मिल रहा है और दूसरी तरफ सीमित या निश्चित वेतन के बदले ईमानदारी से काम करने वाले को बर्खास्त कर दिया जा रहा है। प्रेसटीट्यूट कहने वाले चुप हैं। आउटलुक के प्रकाशक रहे (Peri Maheshwer) पेरी महेश्वर की पोस्ट का हिन्दी अनुवाद देखिए….

मोदी ने भक्तों को नया एजेंडा दिया- ‘अब बलूचिस्तान-गिलगित खेलो!’

Sheetal P Singh : मोदी जी का तीसरा पन्द्रह अगस्त और हमारा सत्तरवां…  मोदी जी ने आज लालक़िले से अपना २०१९ के लोकसभा चुनाव का एजेंडा पेश किया। वे जानते हैं कि उनके समर्थक उनसे काले धन, दो करोड़ सालाना नौकरियों, मंहगाई कम करने पर तो कुछ पूछने से रहे… अब वक़्त है कि उन्हे नया एजेंडा दे दिया जाय! बलूचिस्तान और गिलगित अगला चुनाव लड़ेंगे! हम जानते हैं कि सिवाय इसके कि हमारे या उनके क़ब्ज़े के कश्मीर में कुछ और लोग मार डाले जांय, कुछ और सुरक्षा कर्मी राष्ट्रीय झंडों में लपेट कर अपने गाँव वापस किये जांय, कुछ और दिन कर्फ़्यू रहे… कुछ बदलने वाला नहीं है! पर चुनाव में देशभक्ति की फ़सल काटने का यह बेहतर औज़ार है, तब जब दाल के भाव नीचे आने नहीं हैं और प्रापर्टी के ऊपर जाने नहीं हैं! तो आज के पन्द्रह अगस्त को भगत मंडली के भजन का मुखड़ा कुछ यूँ है “क्वेटा और गिलगित में दिया पाकिसतान को ललकार ……”। ये लाइनें आलोचक जोड़ेंगे- “विकास” वाले मोदी करो देस बंटाधार….। चलिये पतंग उड़ाते हैं। जै हिन्द।

नभाटा के पत्रकार नदीम ने शिवपाल यादव को पत्र लिख पूछ डाले कई सवाल

Nadeem : आदरणीय शिवपाल यादव जी, यौम ए आज़ादी पर बहुत बहुत मुबारकबाद। आज जश्न का दिन है, कोई शिकवा शिकायत नहीं होनी चाहिए आज के दिन, इसलिए पशोपेश में था कि यह खत आपको लिखूं या नही? लेकिन अख़बारों में पढ़ा आपका बयान हमें मजबूर कर गया आपको खत लिखने के लिये।

लाल किले से मोदी ने झूठ बोला! सच्चाई सुनिए पत्रकार विनय ओसवाल से

सरकार जनता से कैसे दूर हो जाती है और शासकों को अधिकारी योजनाओं की सफलता के मामले में कैसे गुमराह कर देते है, इसकी बानगी आज स्वतंत्रता दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी के ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ के बाद देखने को मिली। दरअसल पीएम ने अपने भाषण में यूपी के हाथरस जिले के गांव नगला फतेला का जिक्र किया। कहा कि दिल्ली से महज तीन घंटे की दूरी के इस गांव में बिजली आने में 70 साल लग गए। लेकिन यह हकीकत नही है। सच्चाई यह है कि इस गांव में बिजली की लाइन तो खिंच गयी है लेकिन एक साल से इस लाइन में करंट नही आया है।

IIMC Alumni Association के पूर्व सचिव कुंवर अभिषेक भगत का हार्ट अटैक से निधन

Ritesh Verma :  Former Secretary of IIMC Alumni Association Kunwar Abhishek Bhagat (Amravati- EJ, 2011-12) passed away on Friday night following a heart attack. Abhishek who would have turned 31 on the 23rd of August was in Jalandhar to get his father treated for a medical condition during the time of the incident. Kunwar is surived by his parents and a sister Surdhani Bhagat who is also an alumna of IIMC.

आउटलुक के मालिकों बिल्डर राहेजा ने सम्पादक कृष्ण प्रसाद को बर्खास्त कर दिया

Om Thanvi : एक और श्रेष्ठ सम्पादक को आज घर का रास्ता दिखा दिया गया। आउटलुक के सम्पादक कृष्ण प्रसाद को पत्रिका के मालिकों (बिल्डर राहेजा) ने बर्खास्त कर दिया। प्रतिष्ठित पत्रिका के पिछले ही अंक में नेहा दीक्षित की सनसनीख़ेज़ रिपोर्ट “बेटी उठाओ” छपी थी। उसमें असम से 31 आदिवासी लड़कियों को उठाकर पंजाब और गुजरात ले जाने और हिंदू बनाने में संघ परिवार की भूमिका की खोजबीन की गई थी। नेहा की आगे की रिपोर्टें छपतीं, उससे पहले भाजपा प्रवक्ता और असम में वकालत करने वाले बिजोन महाजन ने नेहा और आउटलुक पर मुक़दमा दायर कर दिया।

मजीठिया : फरवरी 2014 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने अखबार की सभी यूनिटों के आधार पर कंपनी को माना है एक…

नई दिल्ली। मजीठिया को लेकर चल रही हक की लड़ाई की 23 अगस्त 2016 की सुनवाई को लेकर सभी साथी बड़ी ही बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस दिन माननीय अदालत 20(जे) को लेकर वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट 1955 के अनुसार सुनवाई करेगी। पूरी आशा है कि जीत कर्मचारियों की होगी क्योंकि एक्ट बड़ा है न की मजीठिया की सिफारिशें। चलिए अब बात करते हैं मजीठिया को लेकर अखबार मालिकों द्वारा कई राज्यों के लेबर विभाग के माध्यम से कंपनी का Classification गलत व मनमाने तरीके से अपने आप को lower कैटगरी में बताया गया है उदाहरण के लिए उत्तराखंड द्वारा दी गई रिपोर्ट में दैनिक जागरण अखबार ने अपने आप को 5 वीं कैटगरी में दिखाया है जबकि ये अखबार 1वीं कैटगरी में आता है। वहीं, अमर उजाला ने भी अपने आपको 5वीं कैटगरी का दिखाया है, जबकि उसकी कैटगरी 2वीं है। इसी तरह अन्य अखबारों ने भी अपने आप को दर्शाया होगा।

रेणुका शहाणे नाम की एक सामान्य और औसत दर्जे की अभिनेत्री ने सभी पत्रकारों का अपमान किया

Shambhunath Nath : रेणुका शहाणे नाम की एक सामान्य और औसत दर्जे की अभिनेत्री ने कल एक लिंक शेयर किया जिसमें उन्होंने बताया था कि पत्रकार कितने मूर्ख, जाहिल और अपढ़ होते हैं कि वे इंटरव्यू करते समय कोई होमवर्क करके नहीं आते। इसके बाद जैसे ही यह लिंक फेसबुक पर वायरल हुआ तमाम तरह के संघी, मुसंघी और सेकुलर संघी टूट पड़े पत्रकारों के बारे में कुछ भी आँय-बाँय-साँय लिखने लगे। लगभग सभी ने कहा कि पत्रकार दलाल होते हैं, पढ़े लिखे नहीं होते और मूर्खतापूर्ण बातें करते हैं और सारे के सारे पत्रकार दंभी होते हैं। लेकिन क्या वे महान संघी, मुसंघी और सेकुलर संघी लेखक, साहित्यकार, कलाकार, राजनीतिकार बताएंगे कि क्या आज देश में बाकी के पेशे उतने ही ईमानदार बचे हैं जैसे कि उनसे अपेक्षा की जाती है? क्या स्वयं रेणुका देवी जी बता सकती हैं कि वे भावाभिव्यक्ति में कितनी माहिर हैं और कितने तरह की भावाभिव्यक्ति की जा सकती है?

खुशदीप सहगल ने न्यूज24 को अलविदा कहा

न्यूज24 चैनल से खबर है कि इसके हिंदी डिजिटल सेक्शन के हेड खुशदीप सहगल ने इस्तीफा दे दिया है. वे फिलहाल नोटिस पीरियड पर चल रहे हैं. वे कहां जा रहे हैं, यह पता नहीं चल पाया है. खुशदीप यहां एसोसिएट एडिटर के पद पर थे. वे करीब 9 साल तक जी न्यूज के हिस्से रह चुके हैं. उसके पहले लंबे समय तक अमर उजाला और दैनिक जागरण के मेरठ आफिस में कार्यरत रहे. अमर उजाला डाट काम की लांचिंग के समय उन्हें नोएडा भेजा गया था.

एबीपी न्यूज ने इंडिया न्यूज को धूल चटाया, जी न्यूज भारी पड़ा न्यूज24 पर

31वां सप्ताह कई हिंदी न्यूज चैनलों के बुरी और कइयों के लिए अच्छी खबरें लेकर आया है. लंबे समय से इंडिया न्यूज से मात खाकर नंबर चार पर गिरे पड़े एबीपी न्यूज ने आखिरकार अपनी पुरानी जगह हासिल कर ली. इंडिया न्यूज को नंबर चार पर लुढ़कना पड़ा है. उधर, जी न्यूज ने तगड़ी छलांग लगाते हुए न्यूज24 से आगे निकलने में सफलता पाई है. 31वें हफ्ते में टीआरपी के मामले में सबसे ज्यादा फायदे में जी न्यूज ही रहा है. जी न्यूज को 1.1 की ग्रोथ मिली है. नुकसान के मामले में इंडिया टीवी अव्वल है. पूरे 0.9 का झटका लगा है. 31वें हफ्ते के आंकड़े इस प्रकार हैं….

सन स्टार, लखनऊ के संपादक बने उदय सिन्हा

वरिष्ठ पत्रकार उदय सिन्हा ने हरिभूमि, दिल्ली के स्थानीय संपादक पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने नई पारी की शुरुआत हिंदी दैनिक ‘सन स्टार’ अखबार के साथ की है. ‘सन स्टार’ अखबार नया और तेजी से उभरता अखबार है जो रायपुर और दिल्ली से प्रकाशित हो रहा है. सन स्टार अखबार छत्तीसगढ़ के उद्योगपति केडिया घराने का है. अब इस अखबार का विस्तार दूसरे कई प्रदेशों में होने जा रहा है. उदय सिन्हा को सन स्टार, लखनऊ का संपादक बनाया गया है. उदय सिन्हा ने दिल्ली से लखनऊ जाकर नया कार्यभार संभाल लिया है.

आकाशवाणी के कैज़ुअल उद्घोषकों की 12 दिन पुरानी हड़ताल समाप्त

शिमला के सांसद वीरेंद्र कश्यप तथा दिल्ली प्रदेश शिव सेना के अध्यक्ष नीरज सेठी ने आज 12 दिनों से दिल्ली जंतर मंतर पर बैठे आकाशवाणी के संविदा उद्घोषकों की भूख हड़ताल को समाप्त कराया। इस अवसर पर सरकार के दोनों प्रतिनिधियों ने कैज़ुअल उद्घोषकों की मांग पर सरकार द्वारा उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस बीच अखिल भारतीय कैज़ुअल एनाउंसर यूनियन के महासचिव मनोज पाठक और अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया और आशा व्यक्त की कि सरकार हम सभी कैज़ुअल कर्मियों का नियमितीकरण करने का फैसला लेगी।

राष्ट्रीय सहारा के लखीमपुर कार्यालय पर आकाशीय बिजली गिरी, बाल बाल बचे 7 पत्रकार

खबर है कि पिछले दिनों राष्ट्रीय सहारा के लखीमपुर कार्यालय पर आकाशीय बिजली गिर गई. इससे ईंट पत्थर का मलबा टूट कर सड़कों पर गिर पड़ा. इस हादसे में राष्ट्रीय सहारा अखबार के लखीमपुर ब्यूरो चीफ समेत 7 पत्रकार बाल बाल बच गए. सबने यही कहा कि हम लोगों ने पहली बार मौत को इतने …

मजीठिया वेज बोर्ड की लड़ाई : न मीडिया मालिक जेल जाएंगे, न अफसर, हारे हुए हम होंगे!

Yashwant Singh : यूपी के जंगलराज में तब तक कुछ नहीं होता जब तक कि कपार पर कस के डंडा न मारा जाए… जागरण के मालिकों को तलब कर लिया है श्रमायुक्त ने, सुप्रीम कोर्ट के डर से.. ( पढ़ें ये लिंक : http://goo.gl/cEjFk8 ) लेकिन मुझे नहीं लगता इन चोट्टों का कुछ होने वाला है… अफसर माल लेकर मस्त और मालिक शोषण करके मालामाल… सत्ताधारी महाचोरकट नेता इन सभी से थोक में माल लेकर और निहित स्वार्थी मित्रता की डील करके गदगद. न्यायपालिका कितना और कब तक इनको ठोंकती जगाती सिखाती समझाती रहेगी…मजीठिया वेज बोर्ड का मामला एक ऐसा मामला है जिसे आप गौर से देख पढ़ जान लें तो आपका लोकतंत्र पर से पूरा भरोसा उठ जाएगा.

यूपी के श्रमायुक्त की नींद टूटी, जागरण के मालिकों को नोटिस भेजा

23 अगस्त को उत्तर प्रदेश के श्रमायुक्त को खुद सुप्रीम कोर्ट में हाजिर होना है, मजीठिया वेज बोर्ड मामले में. ऐसे में अब जाकर उनकी नींद टूटी है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की याद आ रही है. श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश की ओर से दैनिक जागरण के मालिक (सीईओ) को नोटिस जारी कर मामले को निपटाने के लिए 16 अगस्त को कानपुर बुलाया गया है. नोटिस में यह याद दिलाया गया है कि 23 तारीख को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है.

नियमितीकरण के लिए लड़ रहे आकाशवाणी के कैज़ुअल एनाउंसर संसद भवन पहुंचे और वेंकैया नायडू से मिले

जंतर-मंतर पर हल्ला बोल जारी : आकाशवाणी के कैज़ुअल एनाउंसर का वर्षों पुराना दर्द अब उभर कर सामने आ गया है. वो दर्द है नियमितीकरण का. आकाशवाणी महानिदेशालय और प्रसार भारती के साथ साथ सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भी कैज़ुअल की सुध नहीं ली. न्यायपालिका और संसद तक की आवाज़ जब इनके कानों तक नहीं पहुंची तो फिर शुरू हुआ हल्ला बोल जंतर मंतर से। आवाज़ ईमानदारी की थी जिसमें सच्चाई भी घुली थी, इसलिए साथ मिलता गया और हौसला बढ़ता गया.

दैनिक भास्कर के एडिटर्स कोर्ट ने किए तलब

हत्या के एक आरोपी नाबालिग की पहचान उजागर करके दैनिक भास्कर अखबार के संपादकगण कानूनी पचड़े में फंस गए हैं. कपूरथला की एक अदालत ने समाचार समूह के नेशनल एडिटर कल्पेश याज्ञनिक तथा जालंधर यूनिट के पूर्व स्थानीय संपादक अभिजीत मिश्रा को सम्मन जारी कर कोर्ट में तलब किया है. दोनों आरोपियों के अलावा कोर्ट ने समाचार पत्र के तत्कालीन ब्यूरो चीफ को भी तलब किया है.

मुंबई के एक भी अखबार ने नहीं किया मजीठिया वेज बोर्ड मामले में सुप्रीमकोर्ट के आदेश का पालन

मुम्बई में लगता है समाचार पत्र मालिकों में सुप्रीमकोर्ट का खौफ नहीं है। दिनदहाड़े इन समाचार पत्रों ने मजीठिया वेज बोर्ड मामले में सुप्रीमकोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखा दिया। मुम्बई के निर्भीक पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट शशिकांत सिंह ने मजीठिया वेज बोर्ड मामले में आरटीआई के जरिये एक रिपोर्ट निकाली तो पता चला कि मुम्बई में एक भी अखबार प्रबंधन ने मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश पूरी तरह लागू नहीं की है। सिर्फ हिन्दुस्तान टाइम्स ने श्रम आयुक्त को एक पत्र लिखकर दावा किया कि उन्होंने मजीठिया वेज बोर्ड को पूरी तरह लागू कर दिया है जबकि श्रम आयुक्त कार्यालय ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है इस समाचार पत्र प्रतिष्ठान में सर्वे का काम बाकी है।

दैनिक जागरण की झूठी ख़बर से होमगार्ड नाराज, भेजा शिकायती पत्र

महोदय,

अपने हक और हकूक की लड़ाई लड़ रहे होमगार्ड संघ की खबर को कूटरचित कर दैनिक जागरण, बाँदा ने प्रकाशित कर हमारी नौकरी को खतरे में डाल दिया है। सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए दैनिक जागरण, बाँदा के ब्यूरो चीफ मनोज सिंह शुमाली ने खबर को फर्जी तरीके से मूल समाचार न छापकर मनगढ़न्त समाचार प्रकाशित किया। महोदय, दैनिक जागरण की इस फर्जी खबर से हमारी नौकरी खतरे में पड़ गई है। हमारे खिलाफ जांच के आदेश भी हुए हैं। इस आशय का हमनें एक शिकायती पत्र जिलाधिकारी को सौंपा है जिसमें हमनें दैनिक जागरण की काली करतूतों को उजागर किया है।

Hindu Editor who built modern Sindh

On the occasion of the 130th birth anniversary (10th August, 2016) of an Editor Extraordinary Kotamraju Punnaiah who went from Andhra to edit the nationalist daily the Sind Observer in Karanchi in 1920….

Hindu Editor who built modern Sindh

by K Vishwadev Rao

Both Mohammad Ali Jinnah and RSS’s Guru M.S. Golwarkar had accepted Kotamraju Punnaiah’s pivotal role in building modern Sindh, though both differed on Sindh remaining part of undivided India. Punnaiah tried in vain to be a bridge between them. This chief editor of Karachi’s nationalist daily “Sindh Observer” was a founder of the All India Newspaper Editors Confrence (AINEC) and also President of the Sindh Journalist Association, before partition drove him to Bengaluru.

यदि हमने गलत रास्ता ही चुना तो आजादी क्या करे!

शिवेन्द्र कुमार पाठक
सचिव प्रेस क्लब
गाजीपुर

आज आजादी से उलाहाना कैसा और क्यों? : सैकड़ों वर्षों की गुलामी को झेल चुके इस देश के लिए वस्तुतः वह गौरव पूर्ण दिन था जो अब राष्ट्रीय समारोह दिवस बन चुका है। 15 अगस्त 1947। यह वह ऐतिहासिक दिन है, जिस दिन भारत ब्रितानिया हूकुमत की गुलामी से आजाद हुआ था। कालान्तर से से शासन-प्रशासन इस दिन को अब राष्ट्रीय समारोह दिवस के रूप में मनाने का पुरजोर प्रयास न करे, तो बहुतो का पता भी न लगे कि यह 15 अगस्त कब आया- कब गया और इसका महत्व क्या है।

कार्पोरेट, जातिवादी और सांप्रदायिक मीडिया देश की एकता के लिए खतरा : अभिषेक श्रीवास्तव

भारत छोड़ो आंदोलन की बरसी पर रिहाई मंच ने ‘3सी मीडिया क्विट इंडिया’ नारे के साथ दिया धरना

लखनऊ, 09 अगस्त 2016। ऐतिहासिक भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं बरसी पर रिहाई मंच द्वारा कार्पोरेट, सांप्रदायिक और जातिवादी मीडिया के खिलाफ मंगलवार को लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर धरना दिया गया। कारर्पोरेट, कास्टिस्ट एंड कम्यूनल मीडिया ’क्विट इंडिया’ नारे से दिए गए इस धरने को संबोधित करते हुए रिहाई मंच प्रवक्ता शाहनवाज आलम ने कहा कि आज हमारा मीडिया जिस तरह से फासीवादी ताकतों के पैरों में लोट रहा है वो समाज की एकता के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न अस्मिताओं वाले बहुरंगी समाज में गरीबों, अल्पसंख्यकों और दलितों पर जिस तरह संघ के लंपट-गंुडों द्वारा लगातार हमले किए जा रहे हैं, वो देश की एकता और सामाजिक ताने बाने के लिए खतरा है। उनका महिमामंडन सांप्रदायिक मीडिया द्वारा किया जा रहा है। शाहनवाज आलम ने कहा कि हिन्दू राष्ट्र की संघी संकल्पना में दलितों, गरीबों और अल्पसंख्यकों के लिए कोई जगह नहीं है। चूंकि देश में मीडिया घरानों के भीतर ब्राहम्णवाद का बोल-बाला है इसलिए बीफ के नाम पर दलितों, अल्पसंख्यकों के खिलाफ हालिया हिंसा मीडिया घरानों के विमर्श का हिस्सा नहीं बनी।

प्रधानमंत्री को लात मारना या गोली मारना टाइप के अतिरेक से बचना चाहिए : रवीश कुमार

Ravish Kumar : गोली मार देने की बात मुझे नहीं जंची, भले ही यह बात इसलिए कही गई हो कि ठोस तरीके से मैसेज चला जाए. मेरी राय में प्रधानमंत्री को ऐसे अतिरेक से बचना चाहिए था. जिन गौ रक्षकों को वे दो दिन से असामाजिक तत्व, नकली गौ रक्षक, भारत की एकता को तोड़ने वाला मुट्ठी भर समूह बता रहे थे, उनके लिए यह कहना कि मुझे गोली मार दो मगर मेरे दलित भाइयों को मत मारो. जो लोग प्रधानमंत्री की नज़र में कानून और समाज के अपराधी हैं उन्हें हमारे प्रधानंत्री को गोली मारने की इजाज़त कतई नहीं दी जा सकती. इलाहाबाद की परिवर्तन रैली में भी प्रधानमंत्री ने कह दिया था कि मुझे यूपी में एक बार मौका दीजिए, पांच साल में अपने किसी काम के लिए आपका नुकसान कर दिया तो मुझे लात मार कर बाहर कर दीजिएगा.

हीरो मोटर के इस विज्ञापन पर टीवी पत्रकार नवीन कुमार गंभीर आपत्ति, जानिए क्या है मामला

Navin Kumar : इन दिनों टीवी पर एक विज्ञापन ख़ूब चल रहा है। हीरो मोटर कॉर्प का। यह विज्ञापन बहुत परेशान करने वाला है। यह दिखाता है कि घर का लड़का देर रात तक घर नहीं लौटा है। सब इंतज़ार कर रहे हैं। मां, पिता, छोटे-छोटे बच्चे और एक कुत्ता। नई-नई बीवी इंतज़ार करते-करते खाने के टेबल पर सो गई है। तभी बाइक की हेडलाइट दरवाज़े पर चमकती है। कैमरा दिखाता है कि कुत्ता दौड़ पड़ा। पिता मुस्कुरा उठे। बच्चे भी भागे। फिर बीवी कहां गई? सोती हुई बीवी हलचल होते ही सबसे पहले आईने के सामने भागती है। अपने बाल-मेकअप ठीक करने लगती है। और पूरी तरह संवरकर ही पति के सामने जाती है। गौर कीजिए यह आधी रात के बाद का दृश्य है। आखिर में एक लाइन का संदेश आता है गाड़ी संभलकर चलाइए क्योंकि कोई आपका इंतज़ार कर रहा है।

लेमन, झंकार और एसटीवी समेत दस चैनलों के लाइसेंस रद्द, देखें पूरी लिस्ट

खबर है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने दस चैनलों का लाइसेंस रद्द कर दिया है. इनमें लेमन, झंकार, एसटीवी समेत दस चैनल हैं. इनमें मां टेलीविजन नेटवर्क के चार चैनल भी शामिल हैं. एसटीवी एंटरप्राइजेज के चार चैनल हैं. लेमन एंटरटेनमेंट के दो चैनल हैं. इन तीनों कंपनियों के टीवी लाइसेंस केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सुरक्षा मंजूरी देने से इनकार करने के कारण रद्द किए गए हैं.

लोकमत मीडिया समूह में आठ से दस फीसदी वेतन वृद्धि

औरंगाबाद, महाराष्ट्र से सूचना है कि ‘वाइस आफ महाराष्ट्र’ के रूप में पहचाने जाने वाले लोकमत मीडिया समूह ने अपने संपादकों/पत्रकारों सहित लगभग सभी विभागों के कर्मचारियों को इस वर्ष की वेतन वृद्धि घोषित कर दी है. सूत्रों की मानें, तो यहां ए, बी और सी वर्ग में क्रमश: आठ से दस फीसदी बढ़ोतरी की गई है.

दैनिक जागरण का संवाददाता लड़की के अपहरण मामले में हुआ गिरफ्तार

वाराणसी से प्रकाशित दैनिक जागरण के सिगरा थाना क्षेत्र के रिपोर्टर यूसुफ को मीरजापुर कोतवाली पुलिस वासली गंज की रहने वाली 25 वर्षीय लड़की के अपहरण के आरोप में गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। सिगरा थानाध्यक्ष बृजेश नाथ त्रिपाठी ने युसुफ की गिरफ्तार मीरजापुर पुलिस द्वारा किए जाने की पुष्टि की। एसपी मीरजापुर अरविंद सेन का कहना है कि युसुफ की गिरफ्तारी लड़की के अपहरण के आरोप में की गई है. लड़की बालिग है. उसका मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराया जा रहा है. युसुफ के खिलाफ मीरजापुर कोतवाली में लड़की के अपहरण की धारा 363, 366 के अन्तर्गत मुकदमा कायम है. इसी मामले में युसुफ की गिरफ्तारी हुई है.

नौ दिन से जंतर-मंतर पर जमे कैजुअलल एनाउंसर मामले में मोदी के मंत्री मौनी हुए

“तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख मिलती रही है लेकिन इंसाफ़ नहीं मिला,….मिली है तो सिर्फ ये तारीख … ” आकाशवाणी के कैज़ुअल एनाउंसर, ये सिर्फ नाम के कैज़ुअल हैं , क्योंकि इनकी ड्यूटी कैज़ुअल नहीं होती, एक एक सेकंड बहुत कीमती होता है, कोई पॉज़ न चला जाए, कोई उच्चारण दोष न हो, यानी हर पल चौकन्ना और सारा ध्यान स्मूथ ट्रांस्मीशन की तरफ।

DOORDARSHAN INVITES FRESH AND INNOVATIVE PROGRAMME IDEAS

Doordarshan has been exploring new ways of procuring best quality content for its channels. Towards this a new policy namely “Slot Sale Policy” for DD Channels was approved by PBB Board. Doordarshan had floated RFP in the month of June, 2016. However there was not enough competition for the slots. In view of this, DD has now floated a new RFP document with several flexible eligibility conditions to invite fresh and good quality content on its DD National as a pilot.

संजय हरपी, दिवाकर झा, नवीन सिंह, संजीव शर्मा, राजवीर सिंह, सतीश राय, विजय शर्मा के बारे में सूचनाएं

दैनिक जनवाणी मेरठ के लोकल इंचार्ज संजय हरपी को हटाकर दिवाकर झा को नया लोकल इंचार्ज बनाया गया है. मेरठ से ही सूचना है कि दैनिक हिंदुस्तान से नवीन सिंह व संजीव शर्मा ने इस्तीफा देकर दैनिक जनवाणी ज्वाइन किया है. उधर, दैनिक जागरण मेरठ में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले समाचार संपादक राजवीर सिंह (बाबा) ने रिटायरमेंट के बाद अपनी नई पारी मेरठ से प्रकाशित नये हिंदी दैनिक “धारा न्यूज” में समूह संपादक के रूप में की है.

चीफ रिपोर्टर के नाम पत्र : आपको सिर्फ पुरुषों से प्राब्लम क्यों है?

आदरणीय चीफ रिपोर्टर जी
सन्मार्ग
कोलकाता

आपको प्रणाम।

मुझे तो पहचान ही गये होंगे आप। मैंने 3-4 साल आपके अधीन काम किया था लेकिन आपके रवैये के कारण मुझे सन्मार्ग छोड़कर कम तनख्वाह पर दूसरे अखबार में नौकरी करनी पड़ी। उस वक्त आप चीफ रिपोर्टर ही थे। अभी किस पद पर हैं पता नहीं इसलिए चीफ रिपोर्टर ही संबोधित कर रहा हूँ। मैंने पहले तय किया था कि सन्मार्ग को पत्र लिखूंगा और लिख भी चुका था लेकिन पिछली रात जब अपने पुराने दिन याद कर रहा था तो मुझे खयाल आया कि क्यों न सीधे आपको ही पत्र लिखूं इसलिए सन्मार्ग को लिखे पत्र को अपने लैपटॉप से डिलीट किया और फिर आपको पत्र लिखा।

केंद्र और राज्य सरकारों की अलग-अलग रिपोर्ट : महाराष्ट्र सरकार के रिकार्ड में ‘नवभारत’ मुम्बई का नंबर 1 और ‘नवभारत टाइम्स’ नंबर 2 हिंदी अखबार

आरटीआई से हुआ खुलासा… पिछले दिनों केंद्र सरकार के डी ए वी पी द्वारा मुंबई के समाचार पत्रों के सर्कुलेशन और सरकारी विज्ञापन रेट से जुडी एक सुचना मुम्बई के निर्भीक पत्रकार और आर टी आई कार्यकर्ता शशि कान्त सिंह को आर टी आई के जरिये मांगे जाने पर उपलब्ध करायी गयी थी जिसमे मुंबई से प्रकाशित नवभारत समाचार पत्र को मुम्बई का सर्कुलेशन के मामले में नंबर वन समाचार पत्र बताया गया था। इस रिपोर्ट को देखकर। मुंम्बई के मीडिया जगत में काफी बवाल मच गया।

जयपुर श्रम कोर्ट प्रथम में पत्रिका के वकील और गुर्गों ने मुंह की खाई

जयपुर। राजधानी के मिनी सचिवालय स्थित श्रम न्यायालय, प्रथम में सोमवार को गजब का माहौल था। न्यायालय में जिधर देखों पत्रकारों का हुजूम और सभी में जबरदस्त उत्साह। सभी पत्रकार न्यायालय की ओर से आए नोटिस की अनुपालना में स्टेटमेंट ऑफ क्लेम देने गए थे। पत्रिका के गुर्गे भी वहां आए हुए थे। इतनी बड़ी संख्या में पत्रकारों को वहां देखकर गुर्गों की आंखें चुधिया गईं। गुर्गे चुपचाप अपने वकील के साथ एक कोने में दुबक गए। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि पत्रकारा इतने उत्साह से न्यायालय में आएंगे। बात यहीं खत्म हो जाती तो और बात थी। लेकिन, असल बात इसके बाद ही शुरू होती है।

अलवर में जिला प्रशासन ने लोकल चैनल किये सीज

अलवर जिले में पिछले 2 महीनों से चल रहे ‘लोकल चैनल के खिलाफ प्रशासन सख्त’ अभियान आखिर सम्पन हुआ। पिछले 10 वर्षों से अवैध तरीके से पूरे अलवर जिले में न्यूज़ चैनल के नाम पर अलवर की जनता को बेवकूफ बनाकर, उनके साथ एक पक्षीय खबर बनाकर, लाखों रुपए के सरकारी टैक्स की चोरी कर रहे निजी चैनलों पर आख़िरकार जिला प्रशासन ने कार्यवाही कर ही दी। आखिरकार शनि देव की कुपित नजर से भस्म हो गए सभी फर्जी, अवैध लोकल न्यूज चैनल।

Stop witch-hunt of Outlook

The Delhi Union of Journalists (DUJ) has castigated the ham-handed manner and the speed with which the police lodged criminal cases against the publisher and editor of Outlook and the writer of one of its recent stories, Neha Dixit ,  at the behest of some RSS elements . This attack the DUJ felt was not only an attack on freedom of the press but one motivated at silencing the messenger.

जी न्यूज से जाने वाली है सुधीर चौधरी की नौकरी!

जी न्यूज में जबसे सुधीर चौधरी आए, कंपनी और चैनल की ऐसी तैसी हो गई. चौधरी खुद भी तिहाड़ हो आए और जी न्यूज पर उगाही के गंभीर आरोप लगे. चौधरी ने जी न्यूज को भाजपा परस्त चैनल बना दिया जिसके कारण एक बड़ी आबादी इस चैनल से घृणा करने लगी. चैनल की टीआरपी लगातार गिरती गई और यह छह नंबर का चैनल बन गया. अब देर से ही सही, जी न्यूज प्रबंधन जगा है. माना जा रहा है कि सुधीर चौधरी की विदाई की तैयारी शुरू कर दी गई है. कई ऐसे घटनाक्रम पिछले दिनों जी न्यूज में हुए जिससे यह संकेत मिल रहा है कि जी न्यूज में सुधीर चौधरी के दिन थोड़े ही शेष हैं.

पैलेट गन संबंधी सवाल पर CRPF DG का पत्नी पिटाई वाला जवाब बना चर्चा का विषय

Sushmita Verma : CRPF DG on being asked that when the usage of pellets will be stopped in Kashmir, says that this is like asking when will you stop beating your wife!

पैलेट गन से इस पत्रकार की आंख हुई बुरी तरह जख्मी, चल रहा इलाज

Kupwara scribe suffers eye damage due to pellet

A scribe working for a local news agency in north Kashmir district of Kupwara has suffered eye damage due to pellets shot by forces outside his residence at Kralgund Qaziabad near Langate. Mir Javiad is presently undergoing treatment at SMHS hospital here.

संजय दीक्षित ने स्वराज एक्सप्रेस को किया बाय-बाय

स्वराज एक्सप्रेस के छत्तीसगढ़ के स्टेट हेड संजय दीक्षित ने चैनल को बाय-बाय कर दिया है। संजय दीक्षित स्वराज एक्सप्रेस के छत्तीसगढ़ के स्तंभ माने जाते थे। वे न्यूज एक्सप्रेस के लांचिंग के पहले से जुड़े थे। बाद में, चैनल हेड एसपी त्रिपाठी ने चैनल का संचालन अपने हाथ में लिया, तो भी बने रहे। छत्तीसगढ़ में चैनल का पूरा सेटअप संजय दीक्षित ने ही तैयार किया।

डीएवीपी की नई विज्ञापन नीति के विरोध में बाड़मेर के पत्रकारों ने सौपा ज्ञापन

बाड़मेर । बाड़मेर प्रेस क्लब बाड़मेर की ओर से सोमवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी 2016 की नई विज्ञापन निति के विरोध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम का ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ पी विष्नोई को सौपा। क्लब के अध्यक्ष लाखाराम जाखड़ ने बताया कि ज्ञात हो कि नई नीति जो जारी हुई है उसमें अंकों के आधार पर समाचार पत्र पत्रिकाओं को विज्ञापन सूची में वरीयता क्रम में विज्ञापन देने के लिए चयन करने की बात कही गयी है जो लघु एवं मध्यम समाचार पत्र के संचालको के साथ कुठाराघात है।

इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष बने अरविंद तिवारी, महासचिव पद पर नवनीत शुक्ला निर्वाचित

प्रेस क्लब इंदौर के चुनाव में अरविंद तिवारी अध्यक्ष और नवनीत शुक्ला महासचिव पद पर विजयी हुए। चुनाव मैदान में दो पैनल थे। कुछ उम्मीदवार निर्दलीय थे। अध्यक्ष पद के लिए पांच उम्मीदवार थे। इनमें अरविंद तिवारी को सर्वाधिक 545 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी किशोर वाधवानी को 507 वोट हासिल हुए। उपाध्यक्ष के दो पदों के लिए पांच उम्मीदवार थे। इनमें मां सरस्वती समूह के प्रवीण खारीवाल (563) और मां सरस्वती पत्रकार समूह के संजय जोशी (554) चुने गए। सचिव पद के लिए चार उम्मीदवारों में से मां सरस्वती समूह के हेमंत शर्मा 478 वोट हासिल कर जीते।

नैनीताल की खूबसूरत नैनी झील अपने सबसे मुश्किल दौर में

नैनीताल : देश-दुनिया के सैलानियों के आकर्षण का केंद्र नैनीताल की खूबसूरत झील इस दौरान अपने इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। मिट्टी-मलबा, कूड़ा-करटक भर जाने से पैदा हुए प्रदूषण के साथ जल स्तर में आई जबरदस्त गिरावट समेत अनेक समस्याओं से जूझ रही नैनी झील के किनारों को अब झील के रखवालों ने ही मिट्टी, पत्थर और सीमेंट से पाटना शुरू कर दिया है। नैनीताल और आसपास के इलाकों को रोजी -रोटी, पानी और पहचान देने वाली झील अब खुद यतीम हो गई है।

मोदी सरकार की नई विज्ञापन नीति के खिलाफ अखबार मालिकों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया

केंद्र सरकार की नई विज्ञापन नीति के विरोध में कल देशभर से लगभग 500 से अधिक अखबार मालिक और संपादक दिल्ली के जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए। ‘अखबार बचाओ मंच’ के बैनर तले तय किया गया कि सरकार को इस नीति के तहत छोटे अखबारों के खिलाफ तमाम फैसले वापस लेने होंगे। केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने नई विज्ञापन नीति जारी की है जिसमें नई अंक व्यवस्था लागू की गई है। डीएवीपी द्वारा जारी नई नीति में अंकों के आधार पर अखबारों को विज्ञापन सूची में प्राथमिकता दी गई है। इसमें 45 हजार प्रसार संख्या से अधिक वाले समाचार पत्रों के लिए एबीसी (ऑ़डिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशन) और आरएनआई का प्रमाण पत्र अनिवार्य किया गया है।

सीएम अखिलेश ने दुखी मन से दीपक सिंघल के नाम पर मोहर लगाया था!

अजय कुमार, लखनऊ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिये सत्ता समीकरण साधना कभी आसन नही रहा। इसके बाद भी वह ठीक-ठाक तरीके से सरकार चलाने में सफल रहे तो यह उनकी अपनी काबलियत ही है। सबसे दुखद यह है कि सीएम अखिलेश की बाहर से नहीं, पार्टी के भीतर से ही निगहबानी की जाती है। एक तरफ उनसे उम्मीद की जाती है कि वह स्वच्छ छवि और पारदर्शिता के साथ शासन चलाये, कानून व्यवस्था दुरूस्त रखें। प्रदेश में विकास की गंगा बहाएं, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की हठ के कारण उन्हें(अखिलेश को) काम करने का पूरा मौका नहीं दिया जा रहा है। उन्हें काम करने पूरी छूट आज तक नहीं मिल पाई है।

पिता के मर जाने पर मनुष्य के अंदर का पिता डर जाता है…

पिता पर डॉ. अजित तोमर की चार कविताएं

1.

पिता की मृत्यु पर
जब खुल कर नही रोया मैं
और एकांत में दहाड़ कर कहा मौत से
अभी देर से आना था तुम्हें
उस वक्त मिला
पिता की आत्मा को मोक्ष।

***

मुंबई का एक पत्रकार दुनिया घूम रहा

मुंबई का एक पत्रकार दुनिया की सैर पर है। मराठवाड़ा के एक किसान का बेटे दुनिया घूमने की चाहत दिल में दबाए कुछ दिनों तक मुंबई में पत्रकारिता करता रहा। एक दिन अपने बचत के मुट्ठीभर पैसों के साथ निकल पड़ा दुनिया के सफर पर। काफी कम पैसों के साथ दुनिया की साहसिक यात्रा पर गए मराठवाड़ा के एक किसान के बेटे की मदद के लिए शहर के सभी डब्‍बावाले आगे आए हैं। प्रभानी निवासी और मुंबई के पूर्व पत्रकार, 33 वर्षीय विष्‍णुदास चापके ने 12,000किमी की दूरी तय कर ली है।

गुलाब कोठारी का झूठ पढ़िए… विज्ञापन के लिये पत्रकारिता का प्रलाप कर रहे….

-गोविंद गोयल-

श्रीगंगानगर। केंद्र और राज्य सरकार से विज्ञापन ना मिलने पर राजस्थान पत्रिका वाले श्रीमान गुलाब कोठारी जी ने लिखा, ”हम तो हमेशा की तरह अपने पाठकों के बूते अपना कुछ सामान बेचकर भी अगले ढाई साल गुजार देंगे।” बहुत अच्छी बात। अपना सामान बेच बेच कर भी पत्रकारिता को जिंदा रखने वाला इस युग मेँ कोई विरला ही हो सकता है। उनके शब्द काफी क्रांतिकारी हैं। ऐसा कहना मिसाल है और करना बेमिसाल होगा। पत्रकारिता मेँ नए युग की शुरुआत होगी। ऐसे शब्द और जज्बा किसी योगी और फकीर के पास ही होता है। उनके शब्दों को पढ़ मुझे भी हौसला हुआ। मानसिक रूप से उनके चरणों को प्रणाम किया और उनकी सोच को अभिनंदन। शब्दों से प्रेरित हो तय किया कि अपना कुछ ना कुछ बेच कर बंद किया अखबार फिर शुरू करूंगा। मैं तो अभी इसकी तैयारी ही कर रहा था कि क्रांतिकारी शब्दों के रचयिता के अखबार मेँ प्रलाप दिखा।

30वें हफ्ते की टीआरपी, न्यूज नेशन और इंडिया न्यूज को सबसे ज्यादा नुकसान

बार्क की 30वें हफ्ते की टीआरपी में ज्यादा उलटफेर नहीं दिख रहा है. आजतक और इंडिया टीवी अपनी अपनी जगह यानि नंबर एक और दो पर हैं, दोनों ने टीआरपी बढ़ाने में कामयाबी हासिल की है. सबसे ज्यादा नुकसान न्यूज नेशन को हुआ है. इसके बाद इंडिया न्यूज ने टीआरपी में नुकसान झेला है. आईबीएन7 को सबसे ज्यादा फायदा मिला है. देखिए आंकड़े….

आकाशवाणी के कैज़ुअल एनाउंसर के समर्थन में खुलकर आए कई पार्टियों के सांसद और नेता

अर्जुन, भीम, युधिष्ठर
सारे समा गए इतिहास में
पर शकुनि वाले पासे अब भी हैं
कुछ लोगों के पास में

आकाशवाणी के कैज़ुअल एनाउंसर का जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन और क्रमिक भूख हड़ताल का आज सातवां दिन है। भारतीय जनता पार्टी के सांसदों में शिमला के सांसद श्री वीरेंद्र कश्यप जी का,  गोंदिया महाराष्ट्र के भाo जo पाo सांसद श्री नानाभाउ पटोले जी का अकोला महाराष्ट्र के भाo जo पाo सांसद श्री संजय धोत्रे का, सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास अठावले से भी न्याय पाने के लिए विनम्र निवेदन किया गया। सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने न्याय पूर्ण इन्साफ दिलवाने का वादा किया है वहीं हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और फ़िलहाल कांगड़ा से बीजेपी सांसद शांता कुमार ने भी आकाशवाणी के कैज़ुअल एनाउंसर से अपने कार्यालय में मिले और हर संभव सार्थक मदद करने का भरोसा दिलाया।

पटना के युवा कार्टूनिस्ट गौरव ने बनायी 11 मिनट की अपनी पहली शॉर्ट फिल्म- ‘काश…थिंक बीफॉर एक्ट’

आदमी जन्म लेता है. मां की गोद से लुढ़क कर चलना सीखता है, फिसलते-फिसलते जवान हो जाता है, संभलते-संभलते बूढ़ा और फिर लुढ़क कर इस दुनिया को अलविदा कह देता है. लेकिन हमारे बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो इस नैसर्गिक जीवन-चक्र को बीच में ही तोड़ने का आत्मघाती निर्णय ले बैठते हैं. सही मायने में किसी भी रिश्ते से कहीं महत्वपूर्ण है, आपका होना. महानगरीय जीवन, तो ऐसे ही एक त्रासदी है. टॉल्सटॉय ने ठीक ही कहा है “शहर में कोई खुद को मृत समझ कर बहुत दिनों तक जीवित रह सकता है.” अचानक हमारे बीच से किसी जिंदादिल इनसान का यूं ही साथ छोड़ कर चले जाना हमें स्तब्ध तो करता ही है, साथ ही सोचने पर मजबूर भी कर देता है.

गुलाब कोठारी जी, इमरजेंसी तो आपने अपने आफिस में लगा रखी है

‘जर्नलिस्ट जयपुर’ नामक एफबी एकाउंट की वॉल पर पोस्ट किया गया पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी के नाम खुला पत्र….

माननीय गुलाब कोठारी जी,

आपका विशेष संपादकीय ‘ये भी इमरजेंसी’ पढ़ा। आपने जिस तरह आपके अखबार ‘राजस्थान पत्रिका’ को दिए जाने वाले सरकारी विज्ञापनों पर रोक लगाने को लेकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर हमला बोलते हुए इसे “जनता की सुध ना लेने” से जोड़कर आगामी चुनाव में सत्ता ना मिलने का चेताया है, यह मुझे प्रभावित कर गया!! किसी मुद्दे पर आपकी और मुख्यमंत्री की लड़ाई में सरकारी विज्ञापनों पर अघोषित रोक को आपने जिस तरह इमरजेंसी करार दिया है, यह पढ़कर तो जनता भी भौंचक रह गई होगी!! जनता में भी डर समा गया होगा कि कहीं सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ कुछ लिखने से उनकी कॉलोनी में अघोषित बिजली कटौती शुरू ना हो जाए!! वगैरह-वगैरह!!

कोलकाता के तीन हिंदी अखबारों के स्थानीय संपादकों के नाम एक पूर्व मीडियाकर्मी का पत्र

आदरणीय
रेजिडेंट एडिटर्स जी

प्रभात खबर,
दैनिक जागरण
राजस्थान पत्रिका
कोलकाता

सबसे पहले तो मैं आप लोगों को प्रणाम करता हूँ। सामने होेते तो दिल पर पत्थर रखकर आपके पैर भी छू लेता। बाकी चीजें छूने में मेरी कोई रुचि नहीं है। मेरी वैसे कोई औकात नहीं है कि आप जैसे धुरंधर, पारखी और पत्रकारिता के क्षेत्र में नये मानदंड तय करने वाले महान लोगों को पत्र लिखूं। मैं एक मसिजीवी हूँ और मेरा परिचय बस इतना है कि भारतमित्र से मैंने अपना करियर शुरू किया था। बाद में सन्मार्ग, कलयुग वार्ता और फिर सलाम दुनिया में कलम घिसने का काम किया। फिलहाल दिल्ली में हूँ।

होशंगाबाद का सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय गहरी नींद में, इन्हें मजीठिया और कोर्ट आदेश के बारे में कुछ नहीं पता

होशंगाबाद आफिस ने कहा कि उन्हें अभी तक नहीं मिला सुप्रीम कोर्ट का स्टेटस रिपोर्ट से जुड़ा आदेश, इसलिए वो सोते रहे और नहीं भेजा स्टेटस रिपोर्ट, आरटीआई से हुआ खुलासा, दैनिक भास्कर प्रबंधन ने श्रम आयुक्त कार्यालय को नहीं सौपा कर्मचारियों की सूची और दस्तावेज : देश भर के पत्रकारों में इन दिनों मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर आरटीआई डालने की मुहिम चल रही है। इस मुहिम ने अपने असर से श्रम आयुक्त कार्यालय तथा अखबार मालिकों की मिलीभगत का कच्चा चिट्ठा भी खोलना शुरू कर दिया है। इस मुहिम का हिस्सा बने होशंगबाद के एक साथी ने श्रम आयुक्त कार्यालय में 27 जुलाई 2016 को एक आरटीआई लगाया।

मजीठिया मामले में मुंबई के चार बड़े अखबार समूहों के खिलाफ हो सकती है कानूनी कार्रवाई

श्रम आयुक्त कार्यालय ने सुप्रीम कोर्ट को दी सूचना, आरटीआई से हुआ खुलासा : मजीठिया वेज बोर्ड मामले में श्रम अधिकारियों द्वारा किये गए सर्वे के दौरान सर्वे टीम को जरूरी दस्तावेज ना देने, मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश ठीक से लागू ना करने और जानकारी छिपाने के मामले में मुम्बई के चार बड़े समाचार पत्र समूहों बेनमेट कोलमन, इंडियन एक्सप्रेस, मेसर्स राणे प्रकाशन और प्रबोधन प्रकाशन के खिलाफ श्रम आयुक्त कार्यालय ने कानूनी कार्रवाई करने का मूड बनाया है।

बनारस के घाट गंदगी, कूड़े और मलवे के ढेर से बस्साते मिले (देखें वीडियो)

कुछ दिन पहले बनारस था तो गंगा किनारे भी चला गया. अस्सी घाट. एक नाव लिया. इस घाट से उस घाट तक का थोड़ा राउंड लगाया. क्या गंदगी गुरु. कहां तो सब चमकने वाला था, क्योटो बनने वाला था, लेकिन इहां तो गंगा का दिन प्रतिदिन हाल बुरा हो रहा है.

प्रसून जी, दलाली वाली पत्रकारिता ज्यादा खतरनाक है!

4 अगस्त को एनडीटीवी के पत्रकार दिनेश मानसेरा की किताब ‘दाज्यू बोले’ का लोकार्पण था, दिल्ली के प्रेस क्लब में। ज्यादा पत्रकार जुटे, 2-4 नेता भी। बड़े पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी को यह नहीं जंचा कि किसी पत्रकार की किताब का लोकार्पण कोई राजनेता क्यों करे। वैसे इस किताब का पहला लोकार्पण रवीश ने ही किया। वे भी बड़े पत्रकार माने जाते हैं। बहरहाल पुण्य प्रसून के शब्दों में आजकल पत्रकारों का राजनीतिक क्षेत्र में जाने का चलन बढ गया है। राजनेता भी खुद को एक जमाने का पत्रकार बताते नहीं अघाते। प्रसून जी इसे गलत परम्परा मानते हैं। वे कहते हैं कि कोई भी सच्चा और अच्छा पत्रकार राजनीति में नहीं जाता। इस लिहाज से वे बतौर पत्रकार अटल बिहारी वाजपेयी को भी खारिज करते हैं और हाल ही में राज्यसभा के रास्ते मंत्री तक का सफर तय करने वाले एम जे अकबर को भी पत्रकार नहीं मानते।

भड़ास 8वां स्थापना दिवस 11 सितंबर को कांस्टीट्यूशन क्लब में, देश भर के मीडियाकर्मी साथी आमंत्रित

Yashwant Singh : भड़ास का 8वां स्थापना दिवस समारोह 11 सितंबर दिन रविवार को स्पीकर हाल, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, नयी दिल्ली में होना तय हुआ है। दोपहर एक बजे से शाम 7 बजे तक। अभी से दिन और समय नोट कर लीजिए और दिल्ली से बाहर के साथी टिकट कटा लें। मीडिया में काले धन के खेल पर एक बड़ा खुलासा होगा।

चिदंबरम और एनडीटीवी का कच्चा चिट्ठा सामने लाने वाले IRS अफसर एसके श्रीवास्तव भड़ास स्थापना दिवस पर करेंगे कई नए खुलासे

संजय श्रीवास्तव, आईआरएस अधिकारी

Yashwant Singh : ये एक आईआरएस अधिकारी हैं. संजय श्रीवास्तव. परसों इनसे मुलाकात नोएडा आयकर भवन में हुई. परिचित तो हम लोग एक दूसरे से कई बरसों से हैं लेकिन आमने-सामने पहली बार बैठे थे. और, फिर जो बातों का सिलसिला चला तो रुकने का नाम नहीं लिया. संजय भाई ने पी चिदंबरम, प्रणय राय, एनडीटीवी, अभिसार शर्मा आदि की ऐसी तैसी करते हुए इंटरव्यू तक दे डाला.

इस IRS अफसर ने किया चिदंबरम, प्रणय राय और NDTV को एक्सपोज… देखें 3 Video

एसके श्रीवास्तव, आईआरएस अधिकारी

ये हैं आईआरएस अफसर संजय श्रीवास्तव. इन्हें एसके श्रीवास्तव यानि संजय कुमार श्रीवास्तव भी कहा जाता है. इन दिनों नोएडा में आयकर भवन में पदस्थ हैं. इस बहादुर अफसर ने पी. चिदंबरम, प्रणव राय और एनडीटीवी के काले धन के खेल का भंडाफोड़ तब किया था जब चिदंबरम खुद वित्त मंत्री हुआ करते थे. ऐसे में पूरा शासन सत्ता एसके श्रीवास्तव के पीछे पड़ गया और इन्हें पागल तक करार दिया गया. पर यह अफसर न झुका, न टूटा. इनके खिलाफ दो महिला आईआरएस अफसरों के जरिए छेड़छाड़ के झूठे मकुदमे तक लिखवाए गए. पर सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं. उस दौर में सिर्फ भड़ास एक ऐसा पोर्टल था जो एसके श्रीवास्तव के खुलासे के साथ खड़ा था और उनकी सारी बातों, परेशानियों, खुलासों को बिना डरे छापता रहा

पत्रकार अब लेफ्ट-राईट विचारधारा छोड़ कर नेता बनते जा रहे हैं : पुण्य प्रूसन बाजपेयी

दिल्ली : प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में पिछले दिनों टेलीविजन पत्रकार दिनेश मानसेरा की किताब ‘दाज्यू बोले’ का विमोचन हुआ। इस मौके पर आजतक के पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी ने अपने सम्बोधन में उन पत्रकारो को आड़े हाथों लिया जो कि सत्ता के गलियारों में अपने फायदे के लिए अपना रास्ता बदल लेते है। उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस और बीजेपी में कोई फर्क नहीं रह गया। पत्रकार भी अब लेफ्ट राईट विचारधारा को छोड़ कर राजनेता बनते जा रहे हैं। एनडीटीवी इंडिया के राजनीतिक संपादक मनोरंजन भारती ने कहा कि पहले भी पत्रकार राजनीति में आते रहे हैं और सांसद, प्रधानमंत्री बने हैं।

आकाशवाणी महानिदेशालय की खामोशी से आंदोलनकारी कैज़ुअल एनाउंसर नाराज, आर-पार की लड़ाई होगी

आकाशवाणी के कैज़ुअल एनाउंसर का एक दल, सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास अठावले से मिलने गया और न्याय पाने के लिए विनम्र निवेदन किया. सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने न्याय पूर्ण इन्साफ दिलवाने का वादा किया है. उधर, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और फ़िलहाल कांगड़ा से बीजेपी सांसद शांता कुमार ने भी आकाशवाणी के कैज़ुअल एनाउंसर से अपने कार्यालय में मिले और हर संभव सार्थक मदद करने का भरोसा दिलाया.

मोदी जी की गौरक्षकों को फटकार केवल राजनीतिक हथकंडा!

लखनऊ 7 अगस्त, 2016 : मोदी जी की गौरक्षकों को फटकार केवल राजनीतिक हथकंडा है. यह बात एस.आर. दारापुरी, राष्ट्रीय प्रवक्ता, आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने प्रेस को जारी ब्यान में कही है. उन्होंने आगे कहा है पूरे देश में गौरक्षा समितियों का गठन भारतीय जनता पार्टी के तत्वाधान में ही किया गया था और उन्हें पूरा सरकारी संरक्षण दिया गया था. वास्तव में भाजपा ने गौरक्षा को अपने विरोधियों को दबाने और आतंकित करने के लिए एक हथियार के रूप में अपनाया था. इसी लिए दो साल तक पूरे देश में गौरक्षकों की गुंडागर्दी निर्वाध चलती रही.

गंगा सफाई पर मनमोहन से कम सीरियस हैं मोदी!

गंगा सफाई के बजट में कटौती के बाद बचा पैसा भी खर्च नहीं कर पा रही मोदी सरकार

लखनऊ : लगभग सवा दो साल पहले भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए
गए नरेन्द्र मोदी ने उत्तरप्रदेश की  बनारस लोकसभा सीट से नामांकन भरने
के पहले सार्वजनिक रूप से कहा था “पहले मुझे लगा था मैं यहां आया, या फिर
मुझे पार्टी ने यहां भेजा है, लेकिन अब मुझे लगता है कि मैं मां गंगा की
गोद में लौटा हूं”. तब मोदी  ने सार्वजनिक रूप से भावुक होते हुए कहा था
“न तो मैं आया हूं और न ही मुझे भेजा गया है.दरअसल, मुझे तो मां गंगा ने
यहां बुलाया है.यहां आकर मैं वैसी ही अनुभूति कर रहा हूं, जैसे एक बालक
अपनी मां की गोद में करता है. मोदी ने उस समय यह भी कहा था कि वे गंगा को
साबरमती से भी बेहतर बनाएंगे. पर अब लखनऊ के सिटी मोंटेसरी स्कूल की
राजाजीपुरम शाखा की कक्षा 10 की छात्रा और ‘आरटीआई गर्ल’ के नाम से
विख्यात 14 वर्षीय ऐश्वर्या पाराशर की एक आरटीआई पर भारत सरकार के जल
संसाधन,नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय द्वारा दिए गए जबाब को देखकर
लगता है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी चुनाव से पूर्व गंगा
नदी की सफाई पर किये गए अपने बड़े बड़े वादों को शायद भूल गए हैं और गंगा
नदी की साफ-सफाई के लिए नरेंद्र मोदी सरकार की बहुप्रचारित नमामि गंगे
योजना महज फाइलों, सरकारी विज्ञापनों, राजनैतिक आयोजनों और राजनैतिक
बयानबाजी तक ही सिमट कर रह गयी है.

प्रदीप वर्मा ने गाजियाबाद केंद्रित साप्ताहिक अखबार शुरू किया, कलेक्टर ने किया लोकार्पण

जनसत्ता, दैनिक जागरण, 4 रियल न्यूज, न्यूज एक्सप्रेस और इंडिया इनसाइट चैनल में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके पत्रकार प्रदीप वर्मा ने गाजियाबाद की खबरों पर केन्द्रित साप्ताहिक समाचार पत्र ‘गाजियाबाद परिक्रमा’ लांच किया है। ‘गाजियाबाद परिक्रमा’ का लोकार्पण गाजियाबाद की नवनियुक्त जिलाधिकारी निधि केसरवानी के करकमलों से हुआ। इस खास मौके पर समाचार पत्र के प्रधान संपादक आर. पी. गोयल, वरिष्ठ पत्रकार सुनील वर्मा, वॉइस आफ नेशन चैनल के जिला प्रभारी शक्ति सिंह, पत्रकार मित्र राजकुमार और एसडीएम सदर के साथ काफी संख्या में पत्रकार व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

New Delhi gets its own Sunday compact weekly THE CAPITAL POST

The weekly hit the newsstands on 15th, August, 2016 : Capital Post Mediaworks Pvt. Ltd. has introduced a novel concept in bringing English weekly THE CAPITAL POST, New Delhi’s First Sunday Compact weekly which is the first-of-its-kind Sunday English weekly in the New Delhi and NCR.  The Sunday Compact Weekly is available at a cover price of Rs. 5.00. With 32 colour pages of hyper-local, national and international, entertainment, sports, lifestyle, health, fashion and business news. THE CAPITAL POST offers a succinct mix of national, international news interspersed with local information.

मजीठिया मांगा तो पत्रिका की प्लेसमेंट कंपनी ने किया सेवामुक्त, कर्मचारी पहुंचा श्रम आयुक्त कार्यालय

समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार अपना वेतन माँगना एक गुनाह जैसा होता जा रहा है। मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार अपनी मजदूरी मांगने पर श्रीगंगानगर जिले के एक साथी को सेवा समाप्त किए जाने का पत्र थमा दिया गया है लेकिन पत्रिका प्रबंधन को शायद ये नहीं पता कि कुछ साथी अंगार से भी खेलना जानते हैं। श्रीगंगानगर के इस साथी ने ज्वाइन तो किया था राजस्थान पत्रिका में और काम भी राजस्थान पत्रिका के लिए ही कर रहा था मगर पता नहीं कब उसे एक प्लेसमेंट एजेंसी फोर्टफोलिज प्राइवेट लिमिटेड में डाल दिया गया।

Labour commissioner submitted wrong report on wage board : Patil

Mumbai : Maharashtra Labour Commissioner submitted a “wrong report” to court on the status of implementation of Justice Majithia Wage Board for journalists and non-journalists in print media, Opposition Leader Radhakrishna Vikhe Patil said today. Raising the issue through a point of propriety in the Legislative Assembly, Patil said it is apparent that the officer concerned is working under pressure from some quarters.

पतंजलि को ऐसे विज्ञापन करने की इजाजत है तो मेक इन इंडिया और एफडीआई का क्या मतलब?

Sanjaya Kumar Singh : ”विदेशी कंपनियां हमारे देश के लिए बहुत ही खतरनाक हैं – पतंजलि”…  पतंजलि का एक राष्ट्रवादी विज्ञापन आता है – पतंजलि अपनाइए देश को आर्थिक आजादी दिलाइए। इसमें दावा किया जाता है कि विदेशी कंपनियां अपना मुनाफा विदेश ले जाती हैं, देश में कोई लोकोपकारी काम नहीं करती हैं पतंजलि का उद्देश्य सिर्फ चैरिटी है। विदेशी कंपनियां हमारे देश के लिए बहुत ही खतरनाक हैं। इस विज्ञापन का भाव विदेशी कंपनियों के खिलाफ तो है ही बिना नाम लिए देशी कंपनियों को भी छोटा या तुच्छ बताने की कोशिश की गई है जबकि पतंजलि अभी समाज सेवा में टाटा जैसी कंपनियों का पासंग भी नहीं हो सकता है। टाटा तो एक है, ऐसी कितनी ही कंपनियां हैं जो वर्षों से अपने स्तर पर समाज सेवा के काम कर रही हैं।

पारितोष जोशी, मुदित स्वरूप और मोहन वशिष्ठ के बारे में सूचनाएं

इंडिया टीवी से खबर है कि सीईओ पारितोष जोशी ने इस्तीफा दे दिया है. उनका अभी यहां एक साल भी पूरा नहीं हुआ था. वे स्टार सीजे नेटवर्क में सीईओ रह चुके हैं. उधर, बिजनेस वर्ल्ड से खबर है कि मुदित स्वरूप को मुदित स्वरूप को डायरेक्टर स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप्स के पद पर नियुक्त किया गया है. स्वरूप टाइम्स टेलिविजन नेटवर्क समेत कई मीडिया हाउसों में काम कर चुके हैं.

‘समाचार प्लस’ चैनल के देहरादून आफिस पर पेट्रोल बम फेंका

क्षेत्रीय चैनल समाचार प्लस के देहरादून दफ्तर में बुधवार रात पेट्रोल बम फेंका गया. बताया जा रहा है कि अज्ञात बदमाश बाइक पर सवार थे और पेट्रोल बम फेंककर भाग गए. समाचार प्लस की तरफ से आरोप लगाया गया है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत के इशारे पर यह पेट्रोल बम फिंकवाया गया है.

इंदौर प्रेस क्लब चुनाव : अभी तो पार्टी शुरू हुई है, खबर-खबरियों की खाल में छिपे माफियाओं की!

इंदौर : कभी सरस्वती के वरदहस्त के केंद्र के रूप में प्रख्यात इंदौर प्रेस क्लब अपने वास्तविक उद्देश्य और वास्तविक पहचान से लगता है बिलकुल ही गुजर बसा है। बीते कुछ वर्षों में जहां इंदौर प्रेस क्लब नामक यह संस्था पूरी इंदौरी मीडिया का प्रतिनिधित्व करते हुए देश में इंदौर की पत्रकारिता का परचम फहराया करती थी। कुछ दिनों पूर्व एक के बाद एक हुए घटनाक्रम ने इस क्लब की ही नहीं, इंदौर की पत्रकारिता को कलंकित करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। इस क्लब के मुखिया की कारगुजारियो से गत दिनों पूर्व ही यह क्लब सुर्खियों में आया था। मसलन करे एक, भुगते सब, की कहावत का चरितार्थ उत्कृष्ट उदहारण हम सबने देखा था।

आकाशवाणी के साउंड प्रूफ कमरे की आवाज़ आज जंतर मंतर से गूंज रही है, कई सांसद पहुंचे

जंतर मंतर, एक ऐसी जगह जहाँ वाकई जंतर भी है और मंतर भी, महज़ फ़र्क़ इतना है कि सफलता रुपी जंतर बनाने में कितना पसीना आपने बहाया है और कितने प्रभावी मन्त्र यानी नारे बुलंद किये गए हैं। जब ख़ामोशी इतनी बढ़ जाए की इन्साफ के लिए उठी हर आवाज़ को दबा दिया जाए कुचल दिया जाए, तब आवाज़ उठती है जंतर मंतर से।  हर आवाज़ अकेली होती है लेकिन सच्चाई की आवाज़ को न दबाया जा सकता है न कुचला जा सकता है, एक से दो, दो से चार, चार से आठ, आवाज़ों का सिलसिला बढ़ता गया और आकाशवाणी के कैज़ुअल एनाउंसर का हौसला भी, ये हौसला तब और बुलंद और गगन भेदी नारों से पूरा जंतर मंतर गूँज गया, जब आकाशवाणी के कैज़ुअल एनाउंसर की आवाज़ को साथ मिला शिमला के भाo जo पाo सांसद श्री वीरेंद्र कश्यप जी का,  गोंदिया महाराष्ट्र के भाo जo पाo सांसद श्री नानाभाउ पटोले जी का और अकोला महाराष्ट्र के भाo जo पाo सांसद श्री संजय धोत्रे का।

स्वामी प्रसाद मौर्या ने शीला दीक्षित को बताया ‘रिजेक्टेड माल’!

उत्तर प्रदेश के राजनीतिज्ञ, पूर्व मंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी की ओर से नेता विरोधी दल रह चुके स्वामी प्रसाद मौर्या ने कांग्रेस की ओर से उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद का चेहरा शीला दीक्षित पर अनैतिक टिप्पणी करके उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले एक और राजनीतिक विवाद की स्थापना कर दी हैI मौर्य ने कहा कि ”कांग्रेस के नेता नारा देंगे युवाओं का और दिल्ली का रिजेक्टेड माल लाकर उत्त्तर प्रदेश में बिठाएंगे। इससे यह बात साबित होती है कि कांग्रेस के पास नेताओं का अभाव है। आज यही कारण है जो मोहरा दिल्ली में पिट चुका है उसी मोहरे की बिसात पर उत्त्तर प्रदेश में सरकार बनाने का सपना देखने वाली कांग्रेस कहीं न कहीं अपने को अंधेरे में रख रही है।”

इंदौर के भास्कर, पत्रिका, स्वदेश अखबारों ने नहीं माना सुप्रीम कोर्ट का आदेश, जानिए क्या दिया है इन्होंने जवाब

मजीठिया वेज बोर्ड मामले में माननीय सुप्रीमकोर्ट ने साफ़ आदेश दिया था कि मजीठिया वेज बोर्ड की रिपोर्ट को 11 नवम्बर 2011 से माना जाएगा और कर्मचारियों को उनका एरियर मार्च 2014 तक जरूर दे दिया जाए लेकिन इंदौर में दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका और स्वदेश ने बाकायदे मार्च 2014 के बाद श्रम आयुक्त कार्यालय को एक पत्र लिखा और इस रिपोर्ट को लागू करना इसलिए जरूरी नहीं बताया क्योंकि उन्होंने 20 (जे) का सहारा लिया है। स्वदेश ने तो दो दो बार श्रम आयुक्त कार्यालय को पत्र लिखकर कागजात देने में समय माँगा।

मजीठिया वेज बोर्ड की लडाई लड़ रहे साथी ऐसे करें आरटीआई के लिए आवेदन

मजीठिया वेज बोर्ड के तहत अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे सभी साथी और मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिस के तहत वेतन,एरियर और प्रमोशन पाने के इच्छुक देश भर के सभी पत्रकार साथियों से निवेदन है कि इस अधिकार की लड़ाई के लिए आरटीआई का सहारा लें। आप एक बात एकदम स्पष्ट जान लीजिये यही वो ब्रम्हास्त्र है जो मैनेजमेंट के भ्रस्टाचार को आपके सामने लाएगा। उत्तर प्रदेश के एक साथी ने मेरे कहने पर कुछ सवाल आरटीआई से माँगा है।

सम्पूर्ण क्रांति राष्ट्रीय मंच 11 सितंबर से 11 अक्टूबर तक नया सर्वोदय अभियान चलायेगा

सम्पूर्ण क्रांति राष्ट्रीय मंच ने गांधी, विनोबा भावे और जय प्रकाश नारायण के विचारों के प्रचार प्रसार के लिए आगामी ग्यारह सितंबर से ग्यारह अक्टूबर तक देशव्यापी नया सर्वोदय अभियान चलाने का निर्णय किया है. सर्वोदय आंदोलन के इन तीनों नेताओं के जन्मदिन इस एक माह की अवधि में हैं. यह निर्णय हाल ही में सर्व सेवा संघ के तत्वावधान में वाराणसी में आयोजित सम्पूर्ण क्रॉति मंच मित्र मिलन में लिए गये. सम्मेलन में बारह राज्यों के सौ से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए.

गुवाहाटी में आउटलुक के खिलाफ केस, पढ़िए कंप्लेन लेटर

गुवाहाटी में आउटलुक मैग्जीन के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए के लिए एक शिकायती पत्र स्थानीय लोगों ने दिया है. इस पत्र में आउटलुक पत्रिका पर आरोप लगाया है कि मैग्जीन अपनी स्टोरीज के जरिए धर्म, नस्ल, भाषा, जन्म स्थान, निवास आदि के आधार पर भेदभाव फैलाने पर आमादा है. पढ़िए पूरा शिकायती पत्र….

भूरिया ने ऐसे अखबार के पक्ष में संसद में आवाज उठाई जिसे कर्मचारी शोषण में गोल्ड मेडल मिलना चाहिए

आदरणीय भूरिया जी,

नमस्कार,

सुबह-सुबह राजस्थान पत्रिका के प्रथम पेज पर आपकी मीडिया के दमन को लेकर चिंता के विषय में पढ़ा। अच्छा लगा। मीडिया के अधिकारों की बात होनी चाहिए। पुरजोर तरीके से मीडिया की दबती आवाज, अभिव्यक्ति, आजादी आदि-आदि के लिए लड़ना चाहिए। पर, आश्चर्यजनक तो यह है कि आप संपूर्ण मीडिया के लिए लड़े नहीं। एक विशेष अखबार की आपको चिंता हुई। कोई विशेष कारण। आखिर क्या मजबूरी थी? आपने कहा, अखबार के विज्ञापन रोकना लोकतंत्र विरोधी है। यह बात हजम नहीं हुई।

पत्रकार का संघर्ष मृत्युपूर्व तक है… एक लंबा और कभी न थकने वाला कठिन, लेकिन रोमांचक संघर्ष!

Krishan Bhanu : संघर्ष ‘देवतुल्य’ बना देता है। लंबे और निरंतर संघर्ष में बैल की भांति जुटा व्यक्ति एक समय देवताओं की श्रेणी में पहुँच जाता है। सक्रिय पत्रकारिता में निरंतर 30 वर्ष पूरे करने वाले सब पत्रकार मेरी दृष्टि में देवता तुल्य हो गए हैं। वर्तमान काल में पत्रकारिता के “मैदान-ए जंग” में लगातार 30 साल या इससे अधिक संघर्ष करने की बराबरी 300 वर्ष से की जा सकती है।

वीडियो बनाकर सरकार को भेजने वाले ऐसे सांपों से सावधान रहें!

मित्रों नमस्कार

आज हुई एक घटना के बाद मैं आपको यह सन्देश भेज रहा हूँ। पिछले शुक्रवार को पत्रकार आवास योजना को लेकर पिंकसिटी प्रेस क्लब में साथियों के बीच चर्चा हुई थी। सभी साथी अपने अपने विचार प्रकट कर रहे थे। मैंने भी अपनी बात रखी थी जो मेरा फ़र्ज़ है।

पाक्षिक प्रतियोगी पत्रिका ‘नया लक्ष्य’ ने छह माह में चार राज्यों में ग़ज़ब की प्रसार संख्या हासिल कर ली

Sanjay Sharma : कभी कभी नए जोखिम लेना कितना फायदेमंद हो जाता है, आजकल इसको बखूबी महसूस कर रहा हूँ मैं. छह महीने पहले जब मैंने घोषणा की थी कि एक बहुत अच्छी प्रतियोगी पाक्षिक पत्रिका शुरू करने जा रहा हूँ तो कई साथी चौंक गए थे. सबने कहा- क्यों जोखिम ले रहे हो. बारह साल से वीकएंड टाइम्स ने देश के सबसे गंभीर वीकली के रूप में अपनी जगह बना ली है. 4PM की ब्रांडिंग और लोगों के उसके प्रति दीवानेपन से तो मेरे करीबी ही मुझसे जलन करने लगे हैं. ऐसी तमाम बातें मुझे समझायी जा रही थीं और मेरा जूनून बढ़ता जा रहा था.

‘न्यूज स्टेट’ ने अपने स्ट्रिंगरों को छह महीने से नहीं दिया एक पैसा!

देश के टाप फाइव हिंदी न्यूज चैनलों में शामिल ‘न्यूज़ नेशन’ के यूपी-उत्तराखंड के रीजनल न्यूज चैनल ‘न्यूज़ स्टेट’ में काम कर रहे स्ट्रिंगरों का बुरा हाल है. वैसे तो न्यूज स्टेट खुद को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का नंबर एक चैनल होने का दावा करता है लेकिन उसका दावा यहीं झूठा साबित हो जाता है जब वह अपने यूपी उत्तराखंड के रिपोर्टरों का बकाया हड़प लेता है. चैनल के पास पैसों की कोई कमी नहीं है लेकिन वह अपने रिपोर्टरों स्ट्रिंगरों को एक धेला नहीं दे रहा.

अमिताभ श्रीवास्तव, संकेत उपाध्याय, अजितेश मिश्रा और श्रवण ठाकुर के बारे में सूचनाएं

मुम्बई से प्रकाशित होने वाले दैनिक समाचार पत्र ‘दैनिक दक्षिण मुंबई’ में वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ श्रीवास्तव को कार्यकारी संपादक बनाया गया है. अमिताभ श्रीवास्तव इसके पूर्व खबरगली डाट काम के संपादक थे. साथ ही वे डाक्यूमेंटरी तथा शार्ट फ़िल्म लेखन क्षेत्र में भी कार्य कर रहे थे. बतौर पत्रकार उनका एक लंबा अनुभव रहा है. वे सामना के खेल संपादक तथा विशेष संवाददाता भी रहे हैं. मेट्रो 7 डेज में समाचार संपादक के तौर पर भी उन्होंने कार्य किया है.

अर्नब गोस्वामी की working style ने टाइम्स नाऊ और टाइम्स ग्रुप को असहज कर दिया!

Nadim S. Akhter : बरखा ने जो कुछ कहा, वह अर्नब द्वारा कही गई बात का जवाब भर था और मैं व्यक्तिगत रूप से बरखा से सहमत हूं कि कोई शिखर पर बैठा पत्रकार यानी अर्नब ये कैसे कह सकता है कि कश्मीर पर उनसे अलग राय रखने वाले पत्रकारों का ट्रायल हो और उन्हें सजा मिले! यानी टाइम्स ग्रुप से जुड़ा एक बड़ा पत्रकार दूसरे पत्रकारों और मूलरूप से मीडिया की आजादी पर हमला करने की हिमायत और हिमाकत आखिर कर कैसे सकता है? सो चुप्पी तोड़नी जरूरी थी और बरखा ने चुप्पी तोड़कर सही किया. वरना अर्नब और बेलगाम हो जाते.

सपा नेताओं के स्त्री विरोधी चेहरे को दिखाने वाला यह पोस्टर सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल

सोशल मीडिया पर इन दिनों समाजवादी पार्टी की थू थू हो रही है. सपा के स्त्री विरोधी चेहरे के बखूबी उजागर हो जाने के बाद हर पढ़ा लिखा नागरिक इस पार्टी की भरपूर निंदा कर रहा है. बुलंदशहर गैंगरेप प्रकरण पर आजम खान के बेवकूफी भरे बयान के बाद हर आम ओ खास यह कहने पर मजबूर है कि आखिर सपा के नेताओं को हो क्या गया है, क्या उनके घर में बेटी मां नहीं हैं? सपा की सोच को उजागर करता एक पोस्टर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.