आभार यशवंत जी, मेरी 40 साल से दबी भड़ास को bhadas4media के मुख पृष्ठ पर स्थान देने के लिए

Ma Jivan Shaifaly : 2007 की बात है पत्रकारिता की दुनिया में पहला दूसरा कदम ही था… उन दिनों Yashwant जी के bhadas4media के बारे में बहुत कुछ सुन रखा था… बिंदास और बेबाक… फिर फेसबुक की दुनिया ने हमें मित्र बनाया तो मैं उनकी राजनीतिक पोस्ट्स से ज़्यादा प्रभावित उन पोस्ट्स से हुई जिनमें उन्होंने अपने ध्यान के क्षणों में हुए अनुभव साझा किए…

उनके विज़न की घटनाओं पर गौर करना शुरू किया तो लगा वो अध्यात्म के उस मुकाम पर खड़े हैं जिसे हम threshold point कहते हैं… जहां बस एक हलके से धक्के की आवश्यकता होती है और मनुष्य ध्यान के सागर में डूब जाता है…

उनकी पोस्ट्स से लगा जैसे बार बार किनारे से ही लौट आते हैं वो.. तब मैंने उन्हें जबलपुर ओशो आश्रम आने का निमंत्रण दिया था… देखते हैं वो कब समय निकाल पाते हैं…. लेकिन इस समय तो मैंने उन्हें धन्यवाद देने के लिए याद किया है… आज उन्होंने मेरी 40 साल से दबी भड़ास को अपने bhadas4media के मुख पृष्ठ पर स्थान दिया है… बहुत आभार यशवंत जी…

खुद को ‘माल’ कहे जाने पर शैफाली ने यूं दिखाया मर्दवादी समाज को आइना
https://bhadas4media.com/article-comment/4111-mardwadi-samaj

जबलपुर की पत्रकार और आध्यात्मिक गुरु मा जीवन शैफाली के फेसबुक वॉल से.

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shopclues.com मेरे पैसे नहीं लौटा रहा

Dear sir!

i had ordered a samsung phone of the cost 7099 rs on 23 feb on shopclues.com… order no is 39295023.

for some address issue, i cancled my order, the company said that the refund wil come to my account. but refund is not coming to my account, their customer care executive are not answering properly they only take time, it has gone 30 days but they does n;t listen.

please show their fraud to the public.

Naushad Farsi
farsi_0074u@yahoo.com

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चैनल वन से बकाया सेलरी के लिए लड़ रहे एक मीडियाकर्मी का खुला पत्र

संपादक, भड़ास4मीडिया, सादर प्रणाम, मैं भड़ास4 मीडिया का एक नियमित पाठक हूं. आप लोगों ने ना जाने कितनी बार हम पत्रकार लोगों के साथ जो अन्याय कभी हुआ है उसके खिलाफ कदम से कदम मिला कर साथ दिया है, उसके लिए तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहूंगा. मैं आपको अपने साथ जो अन्याय हुआ है उसके बारे में अवगत कराना चाहूंगा. आशा करता हूं कि आप इसे प्रमुखता से छापकर मेरे जैसे ना जाने कितने लोगों को फर्जी स्टिंग, ब्लैकमेलिंग और कर्मचारियों का शोषण करने वाले इस बदनाम प्रवृति के न्यूज चैनल ‘चैनल वन’ से सावधान कर उनका सही दिशा में मार्ग दर्शन कर सकते हैं. 

महोदय

जिस चैनल की तुच्छ मानसिकता और घटियापन के बारे में जिक्र करने वाला हूं वो आपके लिए नया नहीं है उसकी बदनाम कार्यशैली और बलैकमेलिंग के किस्सों की सच्ची दास्तान अक्सर सुनने को मिल जाया करते हैं. मामला जून 2013 का है, जब मैने लोगों से नौकरी के नाम पर बंधुआ मजदूर की तरह काम कराकर, खून चूसने वाले नौएडा के एफ 42 सेक्टर 6 स्थित न्यूज चैनल वन के पीसीआर में कार्यरत अपने एक मित्र के कहने पर पैनल प्रोड्यूसर के पद पर ज्वाईन किया था।

ये चैनल अक्सर कर्मचारियों को जिस सैलरी पर नियुक्त करता है बाद में उससे कम सैलरी देने और आयाराम गयाराम के लिए मशहूर था, लेकिन मित्र ने बताया कि कुछ प्रोफेशन लोगों की टीम सहारा समय से आई है सब कुछ लिखित में होगा, लेकिन बदकिस्मती के ज्वाईनिगं के चार दिन बाद ही उस प्रोफेशनल टीम ने भी काम करने की आजादी ना होने और जहीर अहमद एंड कम्पनी के चापलूसों की वजह से इस घटिया चैनल को अलविदा कह दिया इसके बाद तो अस्थिरता का माहौल लगातार बना रहा और नए-नए तुगलगी फरमान जहीर अहमद एंड चमचा कंपनी की तरफ से कर्मचारियों पर थौपे जाने लगे, कभी 10 घंटे की शिफ्ट बना दी तो कभी पंचिंग मशीन की आड़ में कर्मचारियों का शोषण किया जाने लगा फिर अचानक कुछ नौसिखए पत्रकारों की चैनल में आई नई नवेली टीम को चैनल के मालिक ने कुछ नया करके दिखाने को कहा तो बेचारों ने प्रेशर के चलते उत्तराखंड के गृह सचिव जेपी जोशी का फर्जी स्टिंग ही प्रसारित कर दिया और जिसके बाद बड़ी कमाई के चक्कर में ब्लेकमेल करने लगा मामला ऐसा उल्टा पड़ की उत्तराखंड का रिपोर्टर तो जेल गया है साथ में काफी दिनों तक जहीर अहमद अपने दोनो बेटों एंड चमचा कंपनी के साथ चैनल से ही फरार हो गऐ और आज तक कोर्ट कचहरियों के चक्कर काट रहे है.

दूसरा मामला, देश के एक दूसरे प्रतिष्ठित प्रोफेशनल न्यूज चैनल न्यूज एक्सप्रेस का है जिसने चैनल वन की आड़ में स्ट्रिंगरों से जो अवैध उगाही करने के लिए कैसे जाल बिछाया जाता है, जहीर अहमद के अंगूठा टेक मानसिकता का स्टिंग करके दुनिया को इनका असली चेहरा दिखाया. साथ ही चैनल वन जो कि पत्रकारिता के पेशे को बदनाम कर रहा था, उसको बेनकाब किया. इसके लिए मैं न्यूज एक्सप्रेस को बधाई देना चाहूंगा.

खैर बात मेरे साथ हुए अन्याय की हो रही थी. चैनल वन ने दिसंबर 2013 तक तो मेरा ही नहीं लगभग सभी कर्मचारी, चमचे एंड कंपनी को छोडकर, तरह-तरह से शोषण किया. शायद ही कभी ऐसा हुआ कि पूरी सैलरी मिली हो. कभी पंचिंग मशीन की खराबी का शिकार होना पड़ा तो कभी चैनल के ऐसे चापलूसों का जिनका काम केवल मुफ्त की सैलरी लेकर कर्मचारियों की गलत चुगली करना था, लेकिन जब जनवरी 2014 में लोगों की सैलरी आई तो चैनल में अफरा तफरी मच गई. वजह, अपनी आदत के मुताबिक जहीर अहमद ने चापलूसों की सलाह पर हर किसी कर्मचारी की मनमाने ढंग से सैलरी कम कर दी गई. नतीजन बहुत ही कम लोगों ने समर्पण किया और ज्यादातर कर्मचारियों ने अपनी खुद्दारी को प्राथमिकता देते हुए नौकरी छोड़ दी. इनमें से मैं भी एक था लेकिन पीसीआर से सभी कर्मचारियों के एक साथ नौकरी छौड़ने से मालिक को बैकफुट पर आना पड़ा और केवल पीसीआर कर्मचारियों को पूरी सैलरी देने का आश्वासन देकर अगले दिन वापस बुला लिया गया, जिसमें से कुछ लोगों को 10-15 दिन तंग करने के बाद पूरी सैलरी मिलने लगी.

कुछ कर्मचारियों को चैनल की आर्थिक स्थिति की दुहाई देकर वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर कटौती की गई सैलरी को देने का वादा किया गया. बेचारे कर्मचारी करते भी तो क्या. अचानक नौकरी का संकट जो खड़ा हो गया था जिनमें से मै भी एक था। खैर वित्तीय वर्ष भी समाप्त हो गए लेकिन आश्वासन के सिवा मुझे कुछ नहीं मिला. एक दिन चैनल के चापलूसों में से एक ज्योति खुराना जो कि चैनल का प्रशासनिक कार्य संभालती थी, से सैलरी को लेकर मेरा बहस करना उसके ईर्द गिर्द घूमने वाले दूसरे चमचों को बुरा लगा. 5 जून को दुबारा वेतन मांगने पर पूरी प्लानिंग के साथ ज्वानिंग के समय दिये गए फोटो लगाकर मेरे खिलाफ कुछ फर्जी कागजात तैयार करा रखे गए थे. ये ज्योति खुराना ने तैयार किये थे. ऐसे तरीके से कितने ही लोगों को फर्जी फंसाने की धमकी देकर सैलरी हड़प कर जाते हैं ये भेड़िये. साथ ही चैनल की फर्जी आईडी इस्तेमाल करने का आरोप लगाकर मुझे आफिस के गेस्ट रुम में चैनल को लूट कर खाने वाले असली चोर पंकज, शम्मी ने पूरी प्लानिंग के साथ मेरे कुछ रिशतेदार जिनसे प्रापर्टी बंटवारे का झगड़ा था, जोकि लगातार जहीर अहमद के पीएसओ शब्बीर अहमद के संपर्क में थे, चैनल में बुलाकर पहले ही लिखी गई पटकथा के आधार पर मेरे साथ मारपीट की गई, जिसकी वीडियों फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी. इसे बाद में पुलिस में शिकायत होने पर डिलीट कर दिया गया.

अनहोनी की आशंका के चलते मुझे अपनी जान बचाकर भागना पड़ा. बाद में पुलिस में शिकायत की लेकिन मामला चैनल के मालिकों से जुड़ा होने की वजह से कुछ हासिल नहीं हुआ. फिर अपनी मेहनत की कमाई जब मांगी तो फंसाने की फोन पर धमकी मिलने लगी. हारकर 7 जुलाई 2014 को कोर्ट का नोटिस भेजा जिसके जवाब की समय सीमा 15 दिन थी लेकिन मुझे मानसिक तौर पर परेशान करने के लिए एसपी सिटी नौएडा जोकि चैनल वन न्यूज के बराबर अथार्टी में बैठते हैं, वहा मेरे खिलाफ शिकायत की लेकिन जब मैंने डीआईजी मेरठ मंडल को सारे सबूते के साथ अवगत कराया तो सीओ प्रथम नौएडा ने जांच की और मेरे बयान दर्ज किए. साथ ही मेरे द्वारा की गई शिकायतों को सही तो पाया लेकिन चैनल के चमचों के खिलाफ नोटिस जारी होने के बाबजूद क्या कार्रवाई हुई, आज तक नहीं पता चला.

सब जगह से निराशा हाथ लगने के बाद 11 नवम्बर 2014 को सेक्टर 2 स्थित लेबर कोर्ट में शिकायत करने के बाद भी अपनी मेहनत की कमाई के लिए चक्कर काट रहा हूं. लेकिन बेशर्मी की हद तो देखो कि लेबर इंस्पेक्टर से भी आज साफ कह दिया की हम सैलरी नहीं देंगे. लेकिन मैं आपके माध्यम से समाचार चैनल के नाम पर कलंक इस न्यूज चैनल वन के मालिकों को सबक सिखा कर रहूंगा चाहे कुछ भी करना पड़े. सारे शिकायती पत्र आपको भेज रहा हूं. कृपा करके मेरी इस खबर को प्राथमिकता के आधार पर प्रकाशित करें ताकि मुझे मीडिया की आड़ में चैनल वन मालिक जैसे राक्षसों से लड़ने में कठिनाईयों का सामना नहीं करना पड़े. आशा करता हूं कि जिन सक्षम लोगों से मैने न्याय की उम्मीद लगाई थी उनसे आप सवाल पूछें कि क्या वो भी जहीर अहमद एंड चमचा कंपनी के पाप के उतने ही भागीदार हैं. साथ ही मेरा मार्गदर्शन भी करें कि इनके मुंह से अपनी मेहनत की कमाई कैसे निकाल सकूं. सदा आपका आभारी रहूंगा।

धन्यावाद

अकरम खान

Akram khan Khan

पुत्र
इस्लाम अहमद खांन
निवासी 24/225 देवी पुरा प्रथम
बुलंदशहर
09871954581, 09634766114

media.akram786@gmail.com

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Pathetic service of Air Asia

Hello, I was about to fly to Malaysia and i got thrilled at the economic prices offered by Air Asia…but alas! for those cheap tickets i paid a really heavy heavy price. at the last minute i was unable to travel due to some health issues and so had to cancel my travel plan. I called up air asia office for checking on the cancellation/refund process and I had no clue on what kind of pathetic slow coach service i would be getting.

The first call fine – explained the situation. The second call – reexplained the sitatuation. The third call  – they havent got my registered complaint and had to re -explain the situation. and the saga continued…till i had to escalte to nodal officer.

The response – had to reexplain the situation , and i was promised to get a revert in 2 days… And the actual response i got  – no revert and now not picking my calls!
I have never ever recieved such a slow pathetic and unhelpful customer support team.

The Air Asia provides a pathetic and horrible service. I have been following up with Air Asia for a ticket refund for over a year and i am left with a bagfull of unkept promises from the customer support team and head.

‘We will shortly revert’  ‘we will get back to you’ ‘we apologise for the confusion’ etc etc is the response every single time i talk to the customer care.

They have the standard protocol robotic nonsense answers and doesnt get the problem resolved. I finally spoke to the Nodal officer incharge thinking there will be some problem resolution. But again another mistake…Air Asia is same – pathetic response….

With the booking number ICI86N , i had booked a flight with Air Asia and that was the biggest mistake i made in my choice for travel.

dhanya purushothaman
dhanya.jgd@gmail.com

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इस पोर्टल के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह ( संपर्क: yashwant@bhadas4media.com ) हैं जो करीब डेढ़ दशक तक दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे अखबारों में कार्यरत रहे. यशवंत ने मीडिया के भीतर के भ्रष्टाचार को उजागर करने हेतु वर्ष 2008 में इस पोर्टल को लांच किया. पत्रकारिता के मिशनरी तेवर को कायम रखने के उद्देश्य से अस्तित्व में आए इस हिंदी पोर्टल के साथ देशभर के हजारों अनुभवी, ईमानदार और सचेत मीडियाकर्मियों की टीम जुड़ी है जो खबरें भेजने से लेकर अपडेट करने तक का आनलाइन काम करते हैं. भड़ास4मीडिया न सिर्फ मीडिया जगत से जुड़ी सूचनाएं, खबरें, विश्लेषण प्रकाशित करता है बल्कि उन खबरों को भी तवज्जो देता है जिन्हें मुख्यधारा की कारपोरेट मीडिया अपने स्वार्थी हितों और भ्रष्टाचारियों से गठजोड़ के चलते दिखाता छापने से इनकार कर देता है. Continue reading

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