आई-नेक्स्ट देहरादून के संपादक कुलदीप पंवार ने इस्तीफा दिया

Kuldeep Panwar : अंतिम सलाम…. डेढ़ साल पहले जब मैं आई-नेक्स्ट देहरादून में संपादक बनकर आया था तो मेरे लिए परिवर्तन का बहुत बड़ा फल था। सबसे बड़ी खुशी अपने फेवरिट प्लेस पर इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलने की थी। मैंने पूरे पैशन और मेहनत के साथ इस जिम्मेदारी को निभाने की कोशिश भी की। कई बार फेल हुआ तो कई बार बहुत सफलता भी मिली, लेकिन घर से दूर अकेलेपन के बीच बार-बार अपने चमन, अपने मेरठ वापस लौटने की ललक दबा नहीं सका।

Arise India Limited : पढ़िए इस नालायक कंपनी की कहानी एक पीड़ित पत्रकार की जुबानी

Sanjaya Kumar Singh : नाम अराइज Arise India Limited. – लक्षण चिर निद्रा में सोने वाले। मैंने पिछले साल आपकी कंपनी का एक गीजर चैम्पियन 25 लीटर खरीदा था। कुछ ही महीने उपयोग करने का बाद टपकने लगा। इस साल गीजर की जरूरत शुरू हुई तब से शिकायत करने की कोशिश करते हुए जब शिकायत दर्ज करा पाया तो मेकैनिक ने बताया कि टैंक बदलना पड़ेगा। मेरे पास खरीदने की रसीद थी, गारंटी कार्ड उस समय नहीं था। मेकैनिक फिर आने की कहकर गया और लापता रहा। दीवाली की छुट्टी के चक्कर में मैने फोन नहीं किया। फोन मिला तो बताया गया कि मैकेनिक ने कहा है कि मेरे पास गारंटी कार्ड नहीं है – इसलिए मामला खत्म।

श्रद्धांजलि : अरविन्द उप्रेती ने एक सीख तब दी थी और एक आज दी

Sanjaya Kumar Singh : अरविन्द उप्रेती जनसत्ता के अपने साथी थे। आज अचानक चले गए। उनकी मस्ती का जवाब नहीं। आराम से गुटखा खाते, काम करना और खाने–पीने के जुगाड़ में लगे रहना। इससे ज्यादा की उनकी चिन्ता या परेशानी कभी मालूम नहीं हुई। जनसत्ता की बुरी स्थिति में जब पेज भरने के लिए खबरों का अकाल सा होता था और खबरें बनाने वाले साथी न के बराबर होते थे तब भी उन्हें कभी परेशान नहीं देखा। आराम से आना और आराम से जाना। मन हुआ तो आए नहीं तो छुट्टी। ड्यूटी जो हो सो हो। बहुत पुरानी बात है। आरके पुरम में रहते थे और घर बदलना था। हमलोगों से कहा कि यार कल घर बदलना है। सुबह आ जाओ थोड़ी मदद करना और मटन खाया जाएगा। अगले दिन मैं साथी Sanjay Sinha के साथ पहुंच गया। उस समय की गृहस्थी में ज्यादा सामान तो नहीं था पर दो कमरे का घर था तो समान कम भी नहीं था। लेकिन अरविन्द भाई बगैर किसी तनाव के मिले। कोई पैकिंग नहीं थी कोई तैयारी नहीं।

स्व. अरविंद उप्रेती

छप्पन इंच का लिजलिजा सीना और केजरीवाल का हिम्मत भरा प्रयोग

Sanjaya Kumar Singh : 56 ईंची का लिजलिजा सीना… नई सरकार ने सत्ता संभालने के बाद से सूचना के सामान्य स्रोतों और परंपरागत तरीकों को बंद करके सेल्फी पत्रकारिता और मन की बात जैसी रिपोर्टिंग शुरू की है। प्रधानमंत्री विदेशी दौरों में पत्रकारों को अपने साथ विमान में भर या ढो कर नहीं ले जाते हैं इसका ढिंढोरा (गैर सरकारी प्रचारकों द्वारा ही सही) खूब पीटा गया पर रिपोर्टर नहीं जाएंगे तो खबरें कौन भेजेगा और भेजता रहा यह नहीं बताया गया। प्रचार यह किया गया कि ज्यादा पत्रकारों को नहीं ले जाने से प्रधानमंत्री की यात्रा का खर्च कम हो गया है लेकिन यह नहीं बताया गया कि कितना कम हुआ? किस मद में हुआ? क्योंकि, विमान तो वैसे ही जा रहे हैं, अब सीटें खाली रह रही होंगी। जो जानकारी वेबसाइट पर होनी चाहिए वह भी नहीं है। कुल मिलाकर, सरकार का जनता से संवाद नहीं है।

साधना ग्रुप ने मराठी न्‍यूज चैनल ‘महाराष्ट्र 1’ लांच किया, निखिल वागले समेत कई लोग शीर्ष पदों पर

साधना ग्रुप ने मराठी न्यूज चैनल ‘महाराष्ट्र1’ लॉन्‍च कर दिया है. निखिल वागले इसके एडिटर-इन-चीफ हैं. चैनल साधना ग्रुप की कंपनी शार्प आई एडवर्टाइज़िंग का हिस्सा है. यह कंपनी साधना न्यूज़, साधना बिहार/झारखंड, तथा साधना मध्य प्रदेश/छत्तीसगढ़ चैनल चलाती है. आईबीएन लोकमत के पूर्व सीओओ संजय शर्मा नए चैनल के सीईओ है. बीरेन कंसारा सीएफओ …

मेरठ में नाई की दुकान, मोदी-केजरी की राजनीति और आम जन का जीवन : …कहीं आप धन कमाने वाले रोबो मशीन तो नहीं!

Yashwant Singh : मेरठ आया हुआ हूं. कल जब बस से उतरा तो पुरानी यादों के सहारे शार्टकट मार दिया. वो मटन कोरमा और काली मिर्च चिकन की खुश्बू को दिलों में उतारते, उस दुकान के सामने खड़े होकर कुछ वक्त उसे निहारते. फिर एक तंग गली में चल पड़ा. रिक्शों, आटो वालों को मना करते हुए कि मुझे पैदल ही जाना है. चलता रहा. कई दिन से दाढ़ी बढ़ी हुई थी. दाएं बाएं देखता रहा और वर्षों पुरानी मेरठ की यादों को ताजा करते हुए पैदल चलता रहा.

निमोना बनाने के लिए मटर की पिसाई में जुटे स्वामी भड़ासानंद जी, जानिए रेसिपी

Yashwant Singh : निमोना बनाने की तैयारी के तहत मटर की पिसाई में जुटे महान पाक विज्ञानी स्वामी भड़ासानंद जी महराज 🙂

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से. उपरोक्त स्टेटस पर आए कुछ कमेंट्स में रेसिपी के बाबत पूछा गया तो उसका जवाब भी कमेंट्स में दिया गया. कुछ चुनिंदा कमेंट्स यूं हैं>

जागरण संवाददाता पर बदमाशों ने चलाई गोली, बाल-बाल बचे

बनारस से खबर है कि दैनिक जागरण के चोलापुर संवाददाता सोनू सिंह पर बदमाशों ने गोली चलाई. बदमाश बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर आए थे. दो गोलियां मारी पर कोई भी गोली नहीं लगी और सोनू सिंह बाल बाल बच गए. इस बारे में सोनू ने अपने जानने वालों को जो जानकारी आडियो के …

यमुना ट्रॉफी लीग-2016 : मीडिया इलेवन ने जस्टिस इलेवन और ट्रेड इलेवन ने दिल्ली पुलिस इलेवन को हराया

नई दिल्ली। रविवार को दिल्ली के पडपडगंज स्थित नेशनल विक्टर पब्लिक स्कूल में यमुना ट्रॉफी लीग-2016 की शुरुआत की गई। इसका उदघाटन मुख्य अतिथि दिल्ली पुलिस के सीनियर स्पेशल कमिश्नर दीपक मिश्रा (आईपीएस) ने किया। यमुना ट्रॉफी लीग का आयोजन, पूर्वी दिल्ली उपायुक्त भैरों सिंह गुज्जर के साथ यमुना ट्रॉफी प्रबंधन कमेटी और इंडियन मीडिया वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव निशाना द्वारा किया गया।

एमपी पुलिस का शर्मनाक चेहरा : तीन पत्रकारों से इस कदर बदतमीज़ी और बेइज़्ज़ती…

सिवनी (मध्य प्रदेश) : नया साल इस तरह से पुलिस के नये चेहरे को लेकर आयेगा इसका भान सपने में भी नहीं था। पुलिस के द्वारा 31 दिसंबर और 01 जनवरी की दर्म्यानी रात में दो जिम्मेदार संपादकों के साथ जिस तरह का बर्ताव किया गया है उसको पाठकों के समक्ष रखा जा रहा है अब पाठक ही फैसला करें और अपना निर्णय दें।

भाजपा और कांग्रेस दोनों अपराधी पार्टियां : जस्टिस काटजू

Markandey Katju : Criminal Organizations… I regard the Congress and the BJP as criminal organizations. In 1984 that criminal gangster Indira Gandhi, who imposed a fake ‘ Emergency’ in 1975 in India in order to hold on to power after she had been declared guilty of corrupt election practices by the Allahabad High Court, an ‘ Emergency in which even the right to life was suspended, and lacs of Indians were falsely imprisoned, was assassinated.

रीता बहुगुणा को परेशान करने के लिए फेसबुक पर कट्टरपंथी हिंदूदवादी ग्रुप ने किया कारनामा, मुकदमा दर्ज

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता व विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने फेसबुक और कुछ अन्य सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री डाले जाने के आरोप में शुक्रवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। रीता ने यहां संवाददाताओं को बताया कि कुछ शरारती और कट्टरपंथी तत्वों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत उनकी फोटो सहित झूठा बयान फेसबुक और कुछ अन्य सोशल नेटवर्किंग साइटों पर पोस्ट किया गया है। इसमें अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उनका निजी मोबाइल नंबर डाला गया है और लोगों से अपील की गई है कि वे इस पोस्ट को शेयर करें और रीता जोशी को फोन करके परेशान करें।

राम रहीम की मिमिक्री करने पर जीटीवी चैनल और उसके प्रोड्यूसर व कलाकारों पर दर्ज हुआ केस

कैथल (हरियाणा) : डेरा सच्चा सौदा प्रेमियों की शिकायत पर थाना सिविल लाइन पुलिस ने जीटीवी, इस चैनल पर प्रसारित एक कार्यक्रम के कलाकारों और प्रोड्यूसर पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में केस दर्ज किया है। डेरा सच्चा सौदा समर्थक गांव ग्योंग निवासी दलशेर सिंह और गांव नौच निवासी उदय सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 27 दिसंबर को जीटीवी पर प्रसारित जश्ने उम्मीद कार्यक्रम में बाबा राम रहीम की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया। इससे डेरे से जुड़ी संगत की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

दैनिक जागरण नोएडा मीडियाकर्मी आंदोलन : जिला प्रशासन मध्यस्थता को आगे आया

नोएडा। दैनिक जागरण अख़बार में तीन महीने से चल रहे कर्मचारियों के आंदोलन को कुचलने के लिए जागरण संस्थान द्वारा उठाये जा रहे श्रम विरोधी कदमों को गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने भी गंभीरता से लिया है। प्रशासन ने उप श्रमायुक्त के यहाँ चल रही वार्ता को अब अपनी निगरानी में ले लिया है। सिटी मजिस्ट्रेट श्री बच्चू सिंह अब खुद प्रबंधन और जागरण कर्मचारियों के बीच होने वाली वार्ता को संभालेंगे। एडीएम श्री के पी सिंह और पुलिस के अधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहेंगे।

मध्य प्रदेश विज्ञापन घोटाले के बहाने उघड़ती असलियत को कोई दिन के उजाले में भी नहीं देखना चाहता

एक घोटाला मध्यप्रदेश का जिसे विज्ञापन घोटाला कहा जा रहा है। बहरहाल इस घोटाले के बहाने कई और भी परतें उधड़ रही हैं और कुछ असलियतें सामने आ रही हैं जिनकी तरफ कोई दिन के उजाले में भी देखने को तैयार नहीं है।  इस मामले की लिखी गई खबर में वेबसाईटस की संख्या लिखी 235 जबकि सूची में वेबसाईटस हैं 259 । गिनती फिर से करिये। दे कॉपी पेस्ट दे कॉपी पेस्ट किये जा रहे हैं। सूची के अनुसार जितना पूरी वेबसाई्टस को विज्ञापन को नहीं दिये गये उससे कहीं ज्यादा तो सिर्फ एक चैनल को पकड़ा दिये गये। बाजी मार गईं तमाम तरह की सोसयटीज और क्षेत्रीय प्रचार कंपनियां इनमें कई करोड़पतिये हैं।

स्व. मोहन सिंह की सम्पत्ति के बंटवारे को लेकर उनकी दो पुत्रियों के बीच छिड़ी जंग

देवरिया । जिस नेता के नाम पर समाजवादी पार्टी के लोग कसमें खाते है तथा पार्टी का उन्हें सच्चा समाजवादी नेता बताते हुए नहीं थकते हैं आज उन्ही नेता की सम्पति के बंटवारे को लेकर उनके दो पुत्रियों के बीच जंग छिड़ गई है। समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद स्व0 मोहन सिंह की पुत्रियों के बीच उनकी चल अचल सम्पति के बंटवारे का मामला अब गाजियाबाद और देवरिया जिले के कोर्ट में पहुंच चुका है। यही नहीं, स्व0 मोहन सिंह की द्वितीय पुत्री श्रीमती रीता सिंह तथा उनके एकमात्र पुत्र प्रतीक सिंह ने पुलिस अधीक्षक देवरिया को प्रार्थना पत्र देकर समाजवादी पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए अपने जान माल की रक्षा की गुहार लगाई है।

साईं प्रसाद के मालिक शशांक भापकर भी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा पुलिस हिरासत में

मुबंई से सूचना है कि मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने साईं प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के तीसरे मालिक की भी गिरफ्तारी कर ली है. कंपनी के चेयरमैन बालासाहेब भापकर के बेटे शशांक भापकर को परसों गोवा के मडगांव के एक बंगले से गिरफ्तार किया गया. बताया जा रहा है कि शशांक भापकर गोवा में नए साल का जश्न मनाने के लिए पहुंचे थे. उन पर आर्थिक अपराध शाखा की पैनी नज़र थी.

राघवेन्द्र पाण्डेय K News से और संजय तिवारी राष्ट्रीय सहारा से जुड़े

लखनऊ से सूचना है कि संजय तिवारी ने न्यूज एडिटर के रूप में राष्ट्रीय सहारा अखबार ज्वाइन किया है. संजय कई अखबारों में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं. उधर, दिल्ली से मिली सूचना के मुताबिक युवा पत्रकार राघवेन्द्र पाण्डेय ने साल के अंत में संचार टाइम्स पत्रिका को अलविदा करते हुये नये वर्ष की …

अरविंद उप्रेती साइलेंट रहते थे, लेकिन इतने चुपचाप चले जाएंगे, उम्मीद न थी

Shambhunath Shukla : फेसबुक पर अंबरीष कुमार की पोस्ट से पता चला कि जनसत्ता के दिनों के हमारे साथी अरविंद उप्रेती नहीं रहे। अरविंद साइलेंट रहते थे और इतना ज्यादा कि वे अपने साथ कानपुर में एक ही कालेज में पढ़े थे और साथ-साथ 12 वां किया था। लेकिन इस बात का पता चला इंटरमीडिएट करने के 15 साल बाद जब वे जनसत्ता में नौकरी करने आए और तब बातचीत से मालूम हुआ कि उन्होंने भी इंटरमीडिएट उसी कालेज से उसी साल किया था जिस कालेज से जिस साल मैंने किया था। बस सेक्शन अलग-अलग थे।

अरविंद उप्रेती

यादें : तब अरविंद उप्रेती का जवाब था- ‘छोड़ो यार बहुत हो गई नौकरी, अब मौज करनी है’

अरविंद उप्रेती के जाने की खबर से सन्न रह गया हूं. भीतर से डरा दिया दिया उनके की जाने की खबर ने. वे तो साथ के थे. हम प्याला हम निवाला थे. कुछ महीने पहले दो दिन साथ थे तो लंबी चर्चा हुई थी घर परिवार गाँव को लेकर.  उनका अपने पौड़ी स्थित गांव से बहुत लगाव थे. वे वही से आए और अपनी वही जमीन उन्हें नसीब हुई.  खबर पच्चीस साल से ज्यादा का संबंध रहा. वे एक अच्छे संपादक थे. बिना किसी अहंकार के बहुत कुछ सिखाया भी. वे कोई साहित्यकार या कवि नहीं थे शांत किस्म के बहुत ही इंट्रोवर्ड किस्म का व्यक्तित्व था.

जनसत्ता के समाचार संपादक रहे अरविंद उप्रेती का निधन

Ambrish kumar : जनसत्ता के समाचार संपादक रहे साथी अरविंद उप्रेती चले गए. वे अपने करीबी रहे. इंडियन एक्सप्रेस एम्प्लाइज यूनियन में भी लगातार पदाधिकारी रहे और संघर्ष करते रहे. पिछली बार जब एक कार्यशाला में मंसूरी के आगे गया था तो वे भी देहरादून से साथ गए थे. रात मंसूरी के आगे कैम्पटी फाल …

उतर गया चोला… अमीरों का आदमी साबित हुआ केजरीवाल, समझा रहे हैं यशवंत सिंह

Yashwant Singh  : कई लोग कहते मिले कि दिल्ली सुधर गई, केजरीवाल का फार्मूला पास हो गया, दिल्ली वाले बिना चूं चपड़ किए हंसते खेलते नया नियम मान लिए, प्रदूषण घट गया, ट्रैफिक स्मूथ हो गया… ब्ला ब्ला ब्ला…

टीवी चैनलों पर हमें तू तू मैं मैं की पत्रकारिता से बाज़ आना चाहिए : वैदिक

आइए हम 2016 में जो खुद कर सकते हैं, वे संकल्प लें। सबसे पहला संकल्प यही करेंगे कि न तो हम रिश्वत देंगे और न ही लेंगे। यह अत्यंत कठिन संकल्प है। प्रायः रिश्वत तभी दी जाती है, जब हम कोई गलत काम करवाना चाहते हैं। तो संकल्प यह भी करें कि थोड़ा नुकसान भुगत लें लेकिन किसी से भी कोई नियम-विरुद्ध काम न करवाएं। यदि किसी नियमपूर्ण काम के लिए भी रिश्वत मांगी जाए तो उसके विरुद्ध लड़ें। पत्रकार-जगत को सचेत करें। यदि किसी बेहद नाजुक मसले पर रिश्वत देनी ही पड़ जाए तो उसका कसकर भांडाफोड़ करें। यदि सिर्फ दस करोड़ लोग ही यह संकल्प कर लें तो देश में से 90 प्रतिशत भ्रष्टाचार अपने आप खत्म हो जाएगा। जहां तक मुझे याद पड़ता है, मैंने अपने जीवन के 72 वर्षों में कभी एक पैसा भी रिश्वत में नहीं दिया और जीवन बड़े मजे से चल रहा है।

Great Injustice to Urdu in India

१९६९ में आगरा में ग़ालिब की देहांत शाताब्दी समारोह जश्न-इ- ग़ालिब पर साहिर लुधयानवी की पंक्तियाँ…

“जिन शहरों में गूंजी थी ग़ालिब की नवा बरसों
उन शहरों में अब उर्दू बेनाम-ओ- निशाँ ठहरी
आज़ादी-इ- कामिल का ऐलान हुआ जिस दिन
मातूब जुबां ठहरी, ग़द्दार ज़ुबाह ठहरी”

(नवा माने आवाज़, कामिल माने पूरा, मातूब माने निकृष्ट)

नूतन ठाकुर पर लखनऊ की उर्वशी शर्मा ने दर्ज कराया मानहानि का मुकदमा

लखनऊ की सामजिक कार्यकत्री उर्वशी शर्मा ने आज शनिवार को उत्तर प्रदेश के निलंबित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की पत्नी और सामाजिक कार्यकत्री नूतन ठाकुर के खिलाफ अधिवक्ता त्रिभुवन कुमार गुप्ता के मार्फत मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। उर्वशी ने लखनऊ की जुडिशिअल मजिस्ट्रेट दुर्गेश नंदिनी के समक्ष यह शिकायत दर्ज कराई है। अदालत ने उर्वशी का मुकदमा दर्ज कर लिया है और इस मामले में उर्वशी का बयान 05 जनवरी मंगलवार को दर्ज होगा। उर्वशी ने नूतन पर आईपीसी की धारा 499, 500, 501 और 502 में मानहानि करने वाला अपराध बताते हुए कार्यवाही की प्रार्थना की है।

दस जनवरी से ‘नया लक्ष्य’ नाम से कंपटीशन मैग्जीन निकालेंगे संजय शर्मा

Sanjay Sharma : मैंने सोचा आप सबको नये साल की शुभकामनाओं के साथ एक अच्छी सूचना भी दी जाये.. 4 PM और वीकएंड टाइम्स को आपने जितना प्यार दिया उसके लिये मैं आपका आभारी हूँ. एक दैनिक सांध्य और एक साप्ताहिक अखबार के बाद अब दस जनवरी से एक प्रतियोगी पाक्षिक पत्रिका ‘नया लक्ष्य’ निकालने …

ओम थानवी जेएनयू के सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज में गेस्ट फेकल्टी बने

Om Thanvi : चलिए, आपको कुछ खबर दें! जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के आमंत्रण पर आज मैंने विश्वविद्यालय का सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज जॉइन किया है, गेस्ट फेकल्टी (विजिटिंग स्कॉलर) में। मेरे दादा शिक्षक रहे, मेरे पिताजी, चाचाजी, मामाजी … घर-परिवार में पुराना सिलसिला है। सोचा, जेएनयू जैसे शिक्षालय के परिवेश का थोड़ा अनुभव मुझे भी …

वेब मीडिया को विज्ञापनों पर हंगामा क्यों? दूसरा पहलू भी आये सामने

सिर्फ सनसनी पैदा करने के लिये अपनी ही बिरादरी के लोगों को नीचा दिखाने पर उतारू न हो जायें। मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र तो सामान्य हंगामेदार रहा लेकिन असली हंगामे की एक जड़ छोड़ गया भोपाली मीडिया में। इस बहाने कांग्रेस विधायक बाला बच्चन भी अच्छे—खासे चर्चा में आ गये हैं। उन्होंने सवाल ही कुछ ऐसा पूछ डाला। इसके कारण एक और काम सबसे अच्छा हुआ है कि सबकी असली मानसिकता और असली चेहरे सामने आ गये। सोशल मीडिया में ये बहुत अच्छा प्लेटफॉर्म मिला है कि लोगों के असली चेहरे और उनकी असली मानसिकता जल्दी सामने आ जाती है।

मजीठिया मामले में फर्जी रिपोर्ट तैयार करने पर मुंबई के श्रम आयुक्त की होगी लोकायुक्त से शिकायत

मजीठिया वेज बोर्ड मामले में मुंबई के श्रम आयुक्त कार्यालय द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय को फर्जी रिपोर्ट भेजे जाने के मामले में मुंबई के पत्रकार शशिकांत सिंह ने श्रम आयुक्त को एक पत्र लिखकर साफ शब्दों में आग्रह किया है कि वे इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की कृपा करें और एक सप्ताह के अंदर मुझे सूचित करें अन्यथा लोकायुक्त से शिकायत की जायेगी और माननीय सर्वोच्च न्यायालय से भी गुहार लगाई जायेगी।

आज़म खान, रामपुर की पुलिस और दोगला चरित्र

Kanwal Bharti : कल रामपुर पुलिस ने फेसबुक पर आज़म खान के खिलाफ लिखने वाले किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। खबर है कि उसने आज़म और उसके परिवार पर कोई टिप्पणी की थी। किन्तु रामपुर पुलिस दोगली चरित्र की है।

शर्मनाक : गायकी के उस्ताद अहमद हुसैन और मुहम्मद हुसैन को दैनिक जागरण ने पाकिस्तानी फ़नकार बताया!

शर्म से डूब मरने की बात है। हिंदी के सबसे बड़े अख़बार होने का दावा करने वाले दैनिक जागरण ने जयपुर की माटी में खिलकर, गायकी के उस्ताद बने अहमद हुसैन और मुहम्मद हुसैन को पाकिस्तानी फ़नकार बताया है। यह हाल है पराड़कर जी के शहर वाराणसी की पत्रकारिता का। नाक़ाबिले माफ़ी यह है ग़लती, क्योंकि सवाल किसी वर्तनीदोष या छपाई का नहीं है..इन उस्ताद भाइयों के परिचय में कुछ जोड़ा गया है यानी संपादनकला का परिचय दिया गया है…!

पंकज सिंह विलक्षण प्रतिभा के धनी होने के साथ-साथ बेहद संवेदनशील और बेबाक इंसान थे

Shiv Kant : कुछ ही क्षण पहले रूपा झा के फ़ेसबुक संदेश से पता चला कि जाने-माने कवि और बीबीसी के पूर्व प्रसारक पंकज सिंह नहीं रहे। हिंदी कविता और पत्रकारिता के लिए यह समाचार एक निर्मम आघात है। पंकज सिंह से एक महीने पहले ही इंडिया इंटरनेशनल सेंटर पर संक्षिप्त सी मुलाक़ात हुई थी। विश्वास नहीं होता कि वे इतनी जल्दी अंतिम विदा ले लेंगे। उन के साथ चार साल काम करने और बहुत कुछ सीखने का सौभाग्य मिला था। किसी चलते-फिरते क़िस्सा-कोश की तरह उनके पास हर अवसर, विभूति और क्षेत्र को लेकर दिलचस्प क़िस्सों का एक ख़ज़ाना रहता था। वे विलक्षण प्रतिभा के धनी होने के साथ-साथ बेहद संवेदनशील और बेबाक इंसान थे। हम उनके परिवार, मित्रों और पाठकों के दुःख में शामिल हैं…

टीवी टुडे ग्रुप के वरिष्ठ पत्रकार संजय सिन्हा ने सम-विषम पर अरविंद केजरीवाल को दिखाया आइना, आप भी पढ़ें..

Sanjay Sinha : आदरणीय अरविंद केजरीवाल जी, नया साल मंगलमय हो। मैं संजय सिन्हा, दिल्ली का एक आम नागरिक, आज खुद को बहुत लाचार और त्रस्त महसूस कर रहा हूं। मैं पत्रकार हूं और रोज सुबह फेसबुक पर एक पोस्ट लिखना मेरा शौक है। मैं आम तौर पर रिश्तों की कहानियां लिखता हूं। मैं स्वभाव से खुश और अपनी ज़िंदगी से संतुष्ट व्यक्ति हूं। मैं दफ्तर में राजनीति की ख़बरें लिखता हूं, लेकिन कभी निज़ी ज़िंदगी में राजनीति की बातें नहीं करता।

दसवीं के पाठ्यक्रम में गर्भपात कराने की बात, डा. प्रीति ने CSB से शिकायत की

रायपुर : गर्भपात विषय में शोध कर चुकी डा. प्रीति सतपथी ने छत्तीसगढ़ के स्कूलों में 10वीं कक्षा की किताब में गर्भपात को जनसंख्या नियंत्रण का उपाय बताने वाली बात को अपराध करार दिया है। उन्होंने कहा कि गर्भपात को रोकने के लिए कई कानून बने हैं जिसमें दोषी पाये जाने पर सजा का प्रावधान है। ऐसे में सरकार जन संख्या रोकने के लिए गर्भपात को बढ़ावा देने वाली शिक्षा दे रही है जो समझ से परे है। या तो इस पुस्तक को लिखने वाले लेखक या स्कूल शिक्षा से जुडे़ उच्च अधिकारियों को मालूम नहीं कि गर्भपात कराना एक अपराध है जिसके लिये बाकायदा कई कानून भी बने हैं।

यूपी के देवरिया में एसओ ने पत्रकार के सिर पर रिवाल्वर की बट से मारा

खाकी की गुंडई का शिकार बना पत्रकार

उत्तर प्रदेश पुलिस की खुलेआम गुंडई एक बार फिर सामने आयी है. देवरिया जिले के खुखुन्दु थाने के एसओ अंशुमान यदुवन्शी ने एक पत्रकार पर कातिलाना हमला करते हुए उसे फर्जी मुकदमें में फसांने की धमकी दे डाली. इतना ही नहीं शिकायत करने गये लोगों पर जमकर लाठिया भी बरसाई. खुखुन्दु थाना क्षेत्र के पडरी गांव मे वारावफात का जुलूस निकलना था जो पत्रकार अरविन्द पाण्डेय के घर के सामने से होकर जाना था.

दो गुना बढ़ गया था पत्रकार अक्षय का दिल!

व्यापमं घोटाले की रिपोर्टिंग के दौरान आकस्मिक मौत का शिकार बने दिल्ली के पत्रकार अक्षय सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सीबीआई को मिली पीएम रिपोर्ट में अक्षय के दिल का आकार सामान्य से दो गुना बताया गया है। सामान्य दिल का वजन 320 ग्राम होता है जबकि अक्षय का दिल 700 ग्राम पाया गया। हृदय के असामान्य आकार को लेकर विशेषज्ञ कोई कारण तो नहीं बता सके लेकिन मौत की वजह हृदयाघात बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल और विसरा में किसी प्रकार का जहर नहीं पाया गया है।

‘विषबाण’ अखबार के कार्यक्रम में आईएएस सूर्यप्रताप बोले- नौकरशाही गुलाम हो गई है खादी की

मथुरा । विषबाण साप्ताहिक अखबार के तृतीय स्थापना दिवस एवं व्यापारिक समाचार पत्र व्यापार मार्केट के शुभारम्भ के मोके पर आयोजित समारोह में कई रंग बरसे। आयोजन में जहाँ में मीडिया एवं जनसेवा के क्षेत्र में नाम कमाने वाले बुद्धीजीवियों ने समसामयिक विषयों पर अपने विचार रखें वहीं कार्यक्रम समापन से पूर्व कवियों ने ओज और हास्य का मिश्रण प्रस्तुत कर समां बांध दिया। कार्यक्रम के मध्य में आयोजित जादूगर अशोक ने अपने हैरतअंगेज जादूगरी से उपस्थितजनों का भरपूर मंनोरंजन कर यादगार शाम बना दी। आयोजन में उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस और शासन में चर्चित प्रमुख सचिव डॉ सूर्यप्रताप सिंह विशेष आकर्षण का केन्द्र रहे। फेसबुक जैसी शोसल साईटस पर जुड़े हुये जनपद से बाहर के प्रशेसक भी उन्हें देखने सुनने के लिये कार्यक्रम में शामिल हुये। 

वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार गौतम की सड़क हादसे में मौत

बिहार के आरा-सासाराम मुख्य मार्ग से पटना लौट रहे वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार गौतम की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गयी. पटना निवासी पत्रकार सुनील गौतम अपने साथी जय शंकर बिहारी के साथ नोखा से बाइक से आरा की तरफ आ रहे थे. इसी दौरान विपरीत दिशा से तेज गति से आ रही टैंक  लॉरी ने बाइक में टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही सुनील गौतम की मौत हो गयी. वहीं, जयशंकर बिहारी गंभीर रूप से जख्मी हो गये.

आजतक और न्यूज24 को फायदा, इंडिया न्यूज व जी न्यूज को तगड़ा झटका

साल के 51वें हफ्ते की टीआरपी से पता चलता है कि दो न्यूज चैनलों ने जबरदस्त फायदा पाया है. ये हैं आजतक और न्यूज24. दोनों को टीआरपी में 1.1 की उछाल मिली है. वहीं नुकसान की बात करें तो इंडिया न्यूज और जी न्यूज सबसे ज्यादा घाटे में रहे. टीआरपी में इंडिया न्यूज को कुल 1.8 और जी न्यूज को 1.3 का पतन झेलना पड़ा. इस गिरावट के कारण इंडिया न्यूज फिर से न्यूज नेशन से पिछड़ कर पांचवें पोजीशन से छठें पोजीशन पर आ गिरा है.

10 करोड़ दर्शकों वाला पहला न्यूज चैनल बना आजतक

लगातार चार हफ्तों की रेटिंग में ‘आज तक’ ने सभी न्यूज चैनलों को पीछे छोड़ते हुए 10 करोड़ से ज्यादा दर्शकों का रिकॉर्ड कायम किया है. BARC और HSM समेत दूसरे रेटिंग सिस्टम में भी ‘आज तक’ की बादशाहत कायम है. कवरेज के मामले में ‘आज तक’ जहां अंग्रेजी न्यूज चैनलों से पांच गुना आगे …

वरिष्ठ पत्रकार रजत अमरनाथ के पिता श्री अमरनाथ शर्मा का निधन, ब्रह्मभोज चार जनवरी को

नई दिल्ली : वरिष्ठ पत्रकार रजत अमरनाथ के पिता श्री अमरनाथ शर्मा का देहांत बीते महीने चौबीस दिसंबर को हो गया. आत्मा की शांति के लिए 4 जनवरी को प्रार्थना सभा और ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया है. श्री अमरनाथ शर्मा दिल्ली में डेसू में कैशियर के पद पर कार्यरत थे और हेड कैशियर के …

पूर्वोत्तर यात्रा-2 : चौदह पेज का अखबार आठ रुपए में

सिर्फ 50 रुपए में बन गए राजा

-विजय सिंह ‘कौशिक’-

शिलांग से चेरापूंजी के लिए रवाना होने के वास्ते 23 नवंबर 2015 कि सुबह 7 बजे का समय तय किया गया था। लेकिन हम भारतीयों में से अधिकांश समय प्रबंधन के मामले में कच्चे ही हैं। कुछ साथी तैयार हो रहे थे इस लिए बाकी साथी राजस्थान विश्राम भवन के पास में स्थित होटल में नास्ता करने चले गए। होटल के काउंटर पर बैठे सज्जन को हिंदी अखबार पूर्वोदय पढ़ते देखा तो समझ में आ गया कि महोदय हिंदी भाषी हैं। पूर्वोत्तर में हिंदीभाषियों के खिलाफ हिंसा की खबरे आती रहती हैं। उनसे यहां के हालात जानने के लिए बातचीत करने की उत्सुकता हुई। पता चला होटल के मालिक राजेंद्र शर्मा मूलतः राजस्थान के सिलचर जिले के रहने वाले हैं। 40 सालों पहले उनका परिवार राजस्थान से शिलांग आ गया था। मौजूदा हालात के बारे में पूछने पर शर्मा बताते हैं कि अभी स्थिति थोड़ी अच्छी है।

मध्य प्रदेश में व्यापमं के बाद विज्ञापन घोटाला!

रतलाम। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजपुर विधायक बाला बच्चन को विधानसभा में उठाए सवाल के जवाब में मिली जानकारी ने प्रदेश के पत्रकारों के कान खड़े कर दिये हैं। विधायक बाला बच्चन द्वारा जनसंपर्क विभाग के मंत्री राजेन्द्र शुक्ल (जो कि ऊर्जा मंत्री भी है) से जनसंपर्क विभाग की विज्ञापन नीति विषय से जुड़े चार सवाल पूछे गए। इन सवालों के जवाब में जो जानकारी विधानसभा में जनसंपर्क विभाग द्वारा दी गई, उसके मुताबिक विभाग द्वारा 235 वेबसाईट/वेबपोर्टलों को साढ़े चार साल में लगभग सवा बारह करोड़ रूपए के विज्ञापन बांट दिए गए। 70 न्यूज चैनलों को लगभग 72 करोड़ रूपए और क्षेत्रीय प्रचार के नाम पर लगभग 58 करोड़ रूपए दे दिए गए।