डॉ. बी. आर. आंबेडकर पर चार लाख पुस्तिकाएं छाप कर फंस गई गुजरात की भाजपा सरकार

Dilip C Mandal : गुजरात सरकार के सामने एक अजीब मुसीबत आ गई है. चार लाख की मुसीबत. वजन के हिसाब से, कई क्विंटल मुसीबत. गुजरात सरकार के शिक्षा विभाग ने आंबेडकर सालगिरह समारोह पर एक Quiz कराने का फैसला किया. पांचवीं से आठवीं क्लास के बच्चों के लिए. इसके सवाल एक बुकलेट से आने थे. बुकलेट छपी गई. चार लाख कॉपी. इन्हें स्कूलों में बांटा जाना तय हुआ.

पानी से भी सस्ता हो चुके तेल के दाम को देश में न घटाने पर सोशल मीडिया में मोदी की फजीहत शुरू

Yashwant Singh : अमर उजाला अखबार में आज कच्चे तेल के जबरदस्त रूप से सस्ता हो जाने की खबर लीड खबर के रूप में है. ठीक भी है. आखिर बहुत दिनों बाद पेट्रोल डीजल का दाम इतना कम हुआ है अंतरराष्ट्रीय मार्केट में. मिनरल वाटर से सस्ता हो गया है तेल. लेकिन ये क्या. राष्ट्रीय मार्केट में तो दाम वहीं का वहीं. बस थोड़ा सा हेरफेर है. आखिर जब तेल की कीमतों को बाजार के हवाले करने का तर्क देकर सब्सिडी खत्म किया गया था तो इसे बाजार के हवाले ही रहने देते महराज. जब दाम बढ़े अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तो बढ़ने देते. जब दाम घट चुके हैं भयंकर रूप से तो इसे घटने देते. लेकिन नहीं.

पटना के पत्रकारों की एकजुटता रंग लाई.. अधिकारियों ने मानी गलती

पटना के क्राइम रिपोर्टरों के आगे झुकना पड़ा अधिकारियों को। पटना के दो पत्रकारों से बदसलूकी के मामले में पटना के सभी क्राइम रिपोर्टरों ने अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए इस मामले में विरोध जताया था। पटना के एसएसपी मनु महाराज ने 24 घंटे का समय माँगा था जिसके बाद गुरुवार को पटना के डीआईजी शालीन ने पत्रकारों और सम्बंधित अधिकारियों की बैठक कराई जिसमें अधिकारियों ने घटना पर खेद जताया।

विश्व पुस्तक मेले में ‘बनास जन’ का लोकार्पण

नई दिल्ली। प्रगति मैदान पर चल रहे विश्व पुस्तक मेले में शुक्रवार को हिंदी साहित्य की पत्रिका ‘बनास जन’ के विशेषांकों का लोकार्पण हुआ। मूर्धन्य कथाकार और भारत में प्रगतिशील लेखन के अग्रणी भीष्म साहनी की जन्म शताब्दी पर उनके अवदान पर केंद्रित बड़े विशेषांक तथा उनकी प्रसिद्ध कृति ‘तमस’ पर केंद्रित एक अन्य विशेषांक का लोकार्पण शीर्ष आलोचक नामवर सिंह तथा विख्यात कवि अशोक वाजपेयी ने किया।

चिटफंड के ‘चैनलों’ से सावधान! मीडियाकर्मियों की जिंदगी नरक बना देते हैं ये

नई दिल्ली: एक का दो और दो का चार बनाने का दावा करती हैं चिटफंड कंपनियां. कंपनियां कुछ ही समय में लखपति बनाने का सपना दिखाती हैं और इनके लालच में आ जाते हैं गरीब और आम निवेशक. लोगों से लिए गए पैसों से चिटफंड कंपनियां संपत्तियां खरीदती हैं और जब निवेशक पैसा वापस मांगते हैं तो उन्हें दर-दर भटकने के लिए छोड़ दिया जाता है पर आज की कहानी ये नहीं है. आज हम बता रहे हैं किस तरह चिटफंड कंपनियां अपने कारोबार को चमकाने के लिए न्यूज चैनल और अखबार शुरू करती हैं और फिर निवेशकों का पैसा डूबने के बाद पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को बर्बाद होने के लिए छोड़ देती हैं.

‘ममता’ का “मल्हार” करेगा दिव्यान्गों का सत्कार

सैकड़ों अखबार, हजारों पत्रकार। सबकी अपनी सोच, सबका अलग ख्याल। सन्स्थान के लिए समर्पित भाव से काम करने वाले इन कलमकारो को कभी इस बात का विचार मन नहीं आता कि किसी का सम्मान कर सके। कारण बहुत सारे हैं, आर्थिक, समयाभाव, संस्थान की अनुमति। सबसे बड़ा ख्याल यह कि यह सब कर उसे फायदा क्या? लेकिन जब संस्थागत बेड़ियों से आजादी मिलती है तो क्रिएशन और कुछ अलग कर गुजरने का जज्बा खुद ब खुद प्रबल हो जाता है।

नभाटा डिजिटल के संपादक ने रवीश कुमार पर छापे गए घटिया जोक को हटाया और अफसोस जताया

नवभारत टाइम्स की आनलाइन विंग में एक से एक बुद्धिमान लोग आ गए लगता है. इनने हिट्स के चक्कर में जाने माने पत्रकार रवीश कुमार के उपर इतना घटिया चुटकुला बनाकर छाप दिया कि इसे जो भी पत्रकार पढ़ता, सन्न रह जाता. पत्रकारों की गरिमा से खिलवाड़ करने वाला यह चुटकुला जब रवीश कुमार के …

क्या वाकई दैनिक भास्कर दुनिया का चौथा सबसे ज्यादा प्रसार वाला अखबार है?

दैनिक भास्कर ने 4 जनवरी को पहले पेज पर मत्थे के नीचे बड़ी खबर छाप कर खुद के विश्व का चौथा सबसे ज्यादा प्रसार वाला अखबार होने का दावा ठोंक दिया है। अखबार ने दुनियाभर मे सबसे ज्यादा बिकने वाले पाँच अखबारों की सूची प्रकाशित की है जिसमे तीन अखबार जापान के और एक-एक अमेरिका और भारत का है। चूंकि दावा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का है इसलिए वर्ल्ड एसोसियशन ऑफ न्यूज़पेपर्स एंड न्यूज़ पब्लिशर्स नामक संस्था की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। खबर में दोहराया गया है एबीसी की जनवरी-जून, 2015 की रिपोर्ट के मुताबिक भास्कर लगातार तीसरी बार देश का सर्वाधिक प्रसार वाला दैनिक बना हुआ है।

नई दुनिया, बस्तर के ब्यूरो प्रमुख भंवर बोथरा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

बस्तर छत्तीसगढ़ में नई दुनिया के ब्यूरो प्रमुख भंवर बोथरा के खिलाफ जगदलपुर के सिटी कोतवाली में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में इनके परिवार की चार महिलाओं और चार पुरुषों को आरोपी बनाया गया है। थाना प्रभारी बी एस खूंटिया ने बताया कि इस मामले में बलदेव बोथरा बिल्डर्स के मुख्य कर्ताधर्ता भंवर बोथरा समेत कुल पंद्रह लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसमें नगर पालिक निगम जगदलपुर के आयुक्त रमेश जायसवाल, कार्यपालन अभियंता एसबी शर्मा, नगर एवं ग्राम निवेश (टाऊन प्लानिंग) के सहायक संचालक एस आर असगरा और पटवारी सत्यनारायण सेठिया शामिल हैं। 

आज तक की वेब टीम ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी को करा दिया गिरफ्तार, विरोध में सोशल मीडिया पर चला अभियान

Mohammad Anas : ये देखिए आज तक की वेब टीम का कमाल। आज तक की वेब टीम में काम कर रही मोनिका शर्मा, ने अमरोहा की एक ख़बर लगाई है जिसमें उसने मोहम्मद शमी की फ़ोटो लगाते हुए लिखा है कि पशु तस्करी में भारतीय क्रिकेटर शमी पकड़े गए। लेकिन जब आप लिंक पर चटका लगा कर ख़बर पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि शमी नहीं बल्कि उनका भाई पकड़ा गया है। वैसे भी वेब वाले हिट्स पाने के लिए साथ काम कर रही महिलाओं का ही फ़ोटो और वीडियो डालते रहे हैं लेकिन यह पहली बार हुआ है कि मोनिका शर्मा ख़ुद ही इस नीच हरकत में कूद पड़ीं। मोनिका शर्मा कौन है यह मुझे नहीं पता। आज तक की वेब टीम की नीचता को मुँह तोड़ जवाब देने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में इसे शेयर करें।

पत्रकारों के सीट पर बैठने की टाइमिंग नोट करने वाले डिवाइस को लेकर द डेली टेलीग्राफ में बवाल

लन्दन के ‘द डेली टेलीग्राफ’  के पत्रकारों ने उनके डेस्क पर लगाए गए OccupEye नामक मोशन सेंसर एक ही दिन में हटाने पर मज़बूर कर दिया। ये सेंसर इस बात को रेकॉर्ड करते थे कि पत्रकार अपनी डेस्क पर कितने घंटे, मिनट और सेकण्ड्स बैठे। अख़बार प्रबंधन ने यह हिमाक़त कार्यालय में एसी / बिजली की खपत का अंदाज़ लगाने  के बहाने की थी। भारी विरोध के चलते सोमवार की सुबह लगाये गए मोशन सेंसर एक ही दिन में हटा लिए गए। 1855 में शुरू हुआ था लन्दन का  ‘द डेली टेलीग्राफ एंड कोरियर’, लेकिन उसके ‘मालिकों’ की मानसिकता आज भी 1855 की ही है।  अखबार के नाम, मालिक और सदियाँ बदल गईं, पर मानसिकता नहीं।

रवीश कुमार को एक टीवी पत्रकार की सलाह

Khushdeep Sehgal : भाई रवीश कुमार को पूर्व क्षमायाचना के साथ बिना मांगे सलाह… वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार को सोशल मीडिया पर एक विशेष विचारधारा के लोग हड़का रहे है, अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं…ऐसा करके वो अपनी दूषित मानसिकता का परिचय दे रहे हैं,,,उनसे सुधरने की किसी तरह की उम्मीद करना बेमानी है…लेकिन समझ नहीं आ रहा कि रवीश क्यों उनकी बात पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं…ऐसे लोगों की पूरी तरह अनदेखी करना ही श्रेयस्कर है…इन्हें ज़रा सा भी तूल दो तो इनका उद्देश्य हल हो जाता है..

कल याशिका का आजतक के दफ्तर में आखिरी दिन था

Vikas Mishra : कल याशिका का आजतक के दफ्तर में आखिरी दिन था। याशिका मेरी टीम की बहुत ही प्यारी, मेहनती, भरोसेमंद साथी रही है। उसे विदा करने में अपनी भूमिका बाबुल की लग रही थी। विदाई पर मेरी पुरानी टीम इकट्ठा हुई, दफ्तर में लंच हुआ, तस्वीरें खींची गईं और याशिका चली गई। 2 जनवरी 2012 को मैं जब आजतक में आया था, तो प्रोग्रामिंग टीम में ज्वाइन किया था। नीलेंदु जी हेड थे, उनके बाद की जिम्मेदारी मेरी थी। उन्होंने कहा था – टीम को मैं परिवार की तरह रखता हूं।

सुनित टंडन का विदा होना इस एनजीओ के लिए काफ़ी नुक़सानदेह साबित हो रहा है

Abhishek Ranjan Singh : सुनित टंडन की विदाई IIMCAA के लिए छूतका! भारतीय जनसंचार संस्थान पूर्व छात्रसंघ (IIMCAA) संभावित महानिदेशक के.जी सुरेश को साधने की कोशिशों में जुटा है, लेकिन सच्चाई यह है कि सुनित टंडन का विदा होना इस एनजीओ के लिए काफ़ी नुक़सानदेह साबित हो रहा है. सुना है सुनित टंडन की विदाई …

प्रवीण, बीना, पंखुरी की नई पारी

प्रवीण दीक्षित ने राजस्थान पत्रिका जयपुर से इस्तीफा दे दिया है. वे बतौर उपसंपादक कार्यरत थे. उन्होंने न्यूज पोर्टल वन​इंडिया का में बतौर उपसंपादक ज्वाइन किया है. वे विशेष तौर पर आटो जगत की खबरों को बतौर एनसीआर हेड देखेंगे. प्रवीण 2 साल से मीडिया में हैं. शुरुआत जागरण प्रकाशन लिमिटेड के आईनेक्स्ट कानपुर से की थी.

ऑड-इवन से दिल्ली की सड़कों पर क्या फायदा हुआ?

Arvind Shesh : इति “ऑड-इवन” स्वाहा…! इति ‘कार-सेवा’ स्वाहा…! पंद्रह तारीख के साथ ही ऑड-इवन खत्म… और साथ ही दिल्ली में बसों को सहज तरीके से चलने वाली अकेली बीआरटी को खत्म करने का काम शुरू। यानी पंद्रह दिनों की ऑड-इवन कार-सेवा खत्म होने के साथ ही कार वालों की सेवा शुरू…! अब अचानक दिल्ली से प्रदूषण छू-मंतर हो जाएगा… और अगर कहीं से प्रदूषण आएगा तो वह तंदूर चूल्हे से आएगा… और उससे आगे खाना बनाने के लिए जलाई गई आग से आएगा…!

कालिया जी धुर काँग्रेसी थे और मेरी छवि काँग्रेस विरोधी की थी

Sant Sameer : भारतीय ज्ञानपीठ के पूर्व निदेशक और एक विशाल पाठक वर्ग के चहेते साहित्यकार रवीन्द्र कालिया जी के देहावसान के कई दिन बाद आज जाकर यह मानसिकता बना पा रहा हूँ कि बतौर श्रद्धांजलि उनकी याद में अपने दिल की कुछ बातें बयान करूँ। असल में, मेरी भी मानसिक बनावट कुछ अजीब सी है। परिचितों का दायरा तो सबका ही आमतौर पर बहुत बड़ा होता है, पर नज़दीकी रिश्ते कम ही लोगों से बन पाते हैं।

दवा कंपनियों की माफियागिरी के खिलाफ बोलने की अखबारों और सरकारों में हिम्मत नहीं

Shambhunath Shukla : एलोपैथी दवा कंपनियां बड़े पूंजी घरानों के पास हैं और एलोपैथी के चिकित्सक उनके क्रीत दास। ये कंपनियां ही दिल्ली तथा समस्त मेट्रो टाउन्स के हाई-फाई अस्पताल भी चलाती हैं। नतीजा यह होता है कि इनके पालक डॉक्टर कम बीमार को घोर बीमार बता देते हैं और जिसका आपरेशन करने की जरूरत नहीं है उसे अपने चहेते अस्पताल के गंदे व इन्फैक्टेड ओटी में लिटा देते हैं। नतीजा यह होता है कि दस प्रतिशत रोगी इनके ओटी से बाहर आने के कुछ समय बाद दम तोड़ देते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के स्टेट ऑफ़ द यूनियन के अंतिम भाषण से संकटग्रस्त पूंजीवाद का चीत्कार सुनाई दे रहा!

Arun Maheshwari : अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का स्टेट ऑफ़ द यूनियन का अंतिम भाषण सुना। अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित अट्ठावन मिनट का यह भाषण ओबामा के ख़ास प्रकार के आवेग, ओज और आकर्षक वाग्मिता के साथ ही कई मायनों में विचारोत्तेजक और पूरी दुनिया के मौजूदा परिदृश्य और उसमें अमेरिका की एक नेतृत्वकारी और निर्णायक भूमिका के बारे एक समग्र दृष्टिकोण को पेश करने वाला भाषण था। इस पर अलग से धीरज के साथ लिखने की ज़रूरत है।

मैं जिंदगी भर अपने पति पंकज सिंह को बचाने में लगी रही क्‍योंकि उस शख्‍स को मौत से डर नहीं लगता था : सविता सिंह

मौत पर भारी एक शोकसभा : ‘पंकज भाई की याद में’

कवि पंकज सिह की शोक सभा, 14 जनवरी 2016, गांधी शांति प्रतिष्‍ठान, दिल्‍ली

मनुष्‍य जितना सामान्‍य होता है, या दिखता है, कभी-कभार जीते जी उस छवि को असामान्‍य तरीके से तोड़ कर आपको हैरत में डाल सकता है। पिछले पांच घंटे से मैं निस्‍तब्‍ध हूं, कि मैंने आज सविता सिंह को पंकज सिंह पर बोलते सुना है। मेरे कानों में अब भी उनके शब्‍द गूंज रहे हैं। मैं हैरत में हूं, कि आज मैंने सविता सिंह को पंकज सिंह पर बोलते सुना है और मैं हैरत में हूं। 

पत्रिका ने अपने कर्मी को बर्खास्त किया तो कर्मी ने नोटिस भिजवाया और लेबर आफिस में शिकायत दर्ज कराई

राजस्थान पत्रिका समूह के अखबार पत्रिका के ग्वालियर संस्करण के सरकुलेशन डिपार्टमेंट में कार्यरत शैलेंद्र सिंह को प्रबंधन ने बिना किसी पूर्व सूचना के संस्थान से टर्मिनेट कर दिया. इससे दुखी महेंद्र ने प्रबंधन को वकील के माध्यम से लीगल नोटिस भिजवाया है और लेबर आफिस में शिकायत दर्ज कराई है. इस प्रकरण से संबंधित सभी दस्तावेज नीचे दिए जा रहे हैं…

मेरे ‘गॉडफादर’ ने किया था यौन शोषण, तब मारा था सैंडल : कंगना रनौत

कंगना ने बरखा दत्‍त की किताब के विमोचन पर बताया कि उनकी भी यौनशोषण हुआ था। बरखा दत्‍त ने भी अपनी किताब अपने जीवन की कुछ कड़वी यादों को शेयर किया है। बॉलीवुड स्‍टार कंगना रनौत ने खुलासा किया है कि संघर्ष के दिनों में उन्‍हें भी शारीरिक शोषण का शिकार होना पड़ा था। कंगना ने वरिष्‍ठ पत्रकार बरखा दत्‍त की किताब ‘द अनक्वाइट लैंड’ के लॉन्च पर कही। जब बरखा दत्‍त ने कंगना से पूछा कि क्‍या वह शख्‍स फिल्‍म इंडस्‍ट्री से था? इस पर कंगना ने कहा, ‘मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं किसी जाल में फंस चुकी हूं। आपको ऐसा लगता है लोग आपकी मदद करेंगे, लेकिन इस दुनिया में यूं ही कोई किसी की मदद नहीं करता।’ कंगना ने यह तो माना कि वह शख्‍स फिल्‍म इंडस्‍ट्री से ही था, लेकिन उन्‍होंने उसका नाम बताने से इनकार कर दिया।

एनडीटीवी डिजिटल में जॉब, करें अप्लाई

एनडीटीवी ने जो ‘गजेट्स 360’ लांच किया है, उसमें मोबाइल, घड़ी, कार-बाइक एसेसरीज, म्यूजिक प्रोडक्ट्स और युवाओं से जुड़े तमाम इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स के बारे में बताया जाता है. इसी वेंचर ‘गजेट्स 360’ में कई किस्म के जॉब हैं. गजेट्स 360 को सोशल मीडिया मैनेजर चाहिए. साथ ही चार वीडियो एडिटर (दो दिल्ली और दो मुंबई में) की दो वैकेंसी है.

अमिताभ अग्निहोत्री ने ‘इंडिया नाउ’ ज्वाइन किया, बने मुख्य संपादक

समाचार प्लस न्यूज चैनल से इस्तीफा देने वाले अमिताभ अग्निहोत्री ने इंडिया नाऊ चैनल ज्वाइन किया है. यूपी यूके केंद्रित यह नया रीजनल चैनल अभी लांच होना है. इसकी लांचिंग पिछले कई साल से चल रही है जो अब तक हो नहीं पाई है. बिना लांच हुए ही यहां कई लोग आए और गए.

PRESS से हो, तो क्या नियम-कानून तोड़ने का हक़ मिल गया तुम्हें?

Dinesh Dard : पलासिया से इंडस्ट्री हाऊस की ओर वाले पैदल पथ (फुटपाथ) पर यूँ तो अक्सर दुपहिया-चार पहिया वाहनों का दौड़ना चलता रहता है, जो नियम के ख़िलाफ़ है। मगर मान लो फुटपाथ खाली हो और आपका कहीं पहुँचना बहुत ही ज़रूरी हो, तो मजबूरी में उस पर से गुज़रना समझ में आता है। लेकिन उसमें भी एक अपराध बोध ज़रूर होना चाहिए कि उन्होंने पैदल यात्रियों का अधिकार छीना। मगर इनमें अपराध बोध तो दूर, इन्हें तो ये एहसास तक नहीं होता कि ये ग़लत कर रहे हैं।

उमेश त्रिवेदी की माताजी श्रीमती जमुनादेवी त्रिवेदी का निधन

वरिष्ठ पत्रकार एवं दैनिक सुबह सवेरे के प्रधान संपादक उमेश त्रिवेदी की माताजी श्रीमती जमुनादेवी त्रिवेदी का वैकुन्ठवास दिनांक 14 जनवरी 2016 को इंदौर में हो गया है। अंतिम यात्रा शुक्रवार दिनांक 15 जनवरी 2016 को सुबह 10, बजे हमारे निवास प्लेटिनम बंगलो आशीर्वाद बिल्डिंग के सामने, अरविन्दो अस्पताल परिसर उज्जैन रोड, इंदौर से सयाजी …

‘जी न्यूज’ के पक्ष में प्रदर्शन! सुधीर चौधरी हुए खुश, देखें तस्वीर

 

Sanjaya Kumar Singh : ज़ी न्यूज कार्यालय के बाहर इन युवकों ने ज़ी न्यूज की खबरों से एकजुटता दिखाते हुए प्रदर्शन किया और इसे जी न्यूज के रामनाथ गोयनका पुरस्कार विजेता, संपादक सुधीर चौघरी ने अपने फेसबुक पेज पर लगाया है। कैप्शन लिखा है:

पटना के पत्रकारों का गुस्सा भड़का, एसएसपी के पास जाकर आपत्ति दर्ज कराई

पटना के सभी क्राइम रिपोटर मंगलवार को बेहद गुस्‍से में भरे थे। पत्रकार पहले गांधी मैदान में गांधी मूर्ति के समक्ष जुटे। अर्से बाद बड़ी जुटान थी जिसमे प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया से जुड़े सभी क्राइम रिपोर्टर मौजूद थे। दरअसल, सोमवार को पटना पुलिस कार्यालय में ईटीवी के साथी संजय और हिन्‍दुस्‍तान के मित्र अपूर्वा के साथ कतिपय पुलिस अधिकारियों का आचरण बेहद आपत्तिजनक रहा था।

स्व. अतुल जी के साथ चले गए अमर उजाला के सिद्धांत

पिछले दिनों अमर उजाला के नवोन्मेषक स्व. अतुल माहेश्वरी जी की पुण्यतिथि थी। अमर उजाला ने उनको याद करने की औपचारिकता भी निभाई, मगर सवाल यह है कि क्या अमर उजाला की नई मैनेजमेंट के दिमाग में उनकी नीतियां व दूरगामी सोच अभी अमर उजाला में जिंदा या है या फिर उनके साथ ही उनके मूल्यों का भी देहावसान हो चुका है। वैसे मौजूदा परिस्थितियों का आकलन करें, तो ऐसा लग नहीं रहा कि उनके जाने के बाद उनके द्वारा स्थापित सिद्धांतों तथा मूल्यों को पोषित किया जा रहा है। अब हालात बदल चुके हैं। शायद ऐसा होना भी चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति एक जैसा नहीं होता, मगर एक पद की परंपरा व मूल्य एक जैसे हो सकते हैं। ऐसा होने से ही तो आदर्श स्थापित होते हैं। अब असल बात यह है कि स्व. अतुल जी के निधन के बाद अमर उजाला में स्थापित मूल्यों का पतन होता जा रहा है या यह कहें कि उनकी हत्या कर दी गई है या नहीं।

देखो महाप्रभुओं! देख लो, इस बुजुर्ग पत्रकार की दुर्दशा

इलाहाबाद। देखिये, इस तस्वीर को जरा गौर से देखिये। दहाड़ें मारकर रोते, माथा पीटते सामने दिख रहे हैं बुजुर्ग पत्रकार रामदेव मिश्र। उसके थोड़ी ही दूर सहमे और हतप्रभ दशा में खड़े थे उनके दो पोते और एक नातिन। रामदेव ने अपना इकलौता बेटा और बहू तो इन तीन मासूम बच्चों ने अपने माता पिता को हमेशा-हमेशा के लिए एक सड़क हादसे में खो दिया। बुजुर्ग पत्रकार रामदेव मिश्र और मासूम उम्र के रामदेव के दो पोते और एक पोती। इस परिवार के आगे अंधेरा ही अंधेरा।

पूर्वोत्तर यात्रा-4 : मेघालय में लड़की शादी के बाद लड़के को अपने घर लाती है

आख़िरकार अब मेघालय को अलविदा कहने और पूर्वोत्तर के सबसे बड़े राज्य आसाम की भूमि को फिर से प्रणाम करने का वक्त आ गया था। जोवाई से हमें गुवाहाटी जाना था। 160 किलोमीटर के इस सफ़र की शुरुआत 25 नवम्बर 2015 की दोपहर को हुई। हमारे वाहन ने शहर से बाहर निकल कर रफ़्तार पकडी तो टीम लीडर किरण जी ने फरमान सुनाया कि अब सभी साथी बारी बारी से अपने मेजवान परिवारों के बारे में अपना अनुभव सुनाएंगे। मैंने और विनोद जी ने श्री पाले के साथ बीते पलों के अनुभव साझा किये, जिसकी चर्चा मैं पहले ही विस्तार से कर चुका हु। विवेक बाबू ( एसियन एज के विशेष संवाददाता विवेक भावसार, जिन्हें मैं विवेक बाबू के नाम से ही संबोधित करता हूं) और मुर्तज़ा मर्चेंट जी (पीटीआई) एक साथ मेजवान परिवार के यहाँ रात्रि विश्राम के लिए गए थे।

आसाम सरकार के श्रम विभाग के सचिव नितिन खाडे जी के साथ पत्रकार साथी।

पूर्वोत्तर यात्रा-3 : मेघालय में सपने दिखा कर जीवन बदल रहे हरदोई के मिश्राजी

सोशल मीडिया के अस्तित्व में आने के बाद इसका दुरूपयोग करने वाले भी पैदा हो गए हैं। बावजूद इसके सोशल मीडिया ने दुनिया का दायरा सीमित करने का काम किया है। हम कही भी जाये फेसबुक को बताना नहीं भूलते की कहां पहुचे हैं और क्या कर रहे हैं। आप सोच रहे होंगे पूर्वोत्तर यात्रा के बीच ये फेसबुकवा कहाँ से आ गया।  यहां हम फेसबुक की चर्चा इस लिए कर रहे क्योंकि इसकी वजह से हमारी मुलाकात एक मिलनसार, ईमानदार और लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाले एक आईएएस अफसर से हो सकी। गुवाहाटी पहुचते ही मैंने अपने इस यात्रा की जानकारी फ़ोटो सहित फेसबुक पर अपलोड कर दी थी।

शिलांग में मेघालय के विकास आयुक्त राममोहन मिश्रा जी से बातचीत करते मुम्बई से गए पत्रकार।

उत्तराखंड में आठ हजार लोगों का भविष्य चौपट

: पीएचडी धारकों की सुध नहीं ले रही सरकार : 2009 से पहले की पीएचडी का मामला : उत्तराखंड राज्य के आठ हजार उच्च शिक्षितों के भविष्य पर सियासत-सियासत खेल रही उत्तराखण्ड सरकार को हरियाणा के आईने में अपना चेहरा देखना चाहिए। उसे पता चल जाएगा कि इच्छाशक्ति हो तो कठिन काम के रस्ते भी आसान बन जाते हैं। उत्तराखण्ड में जहां 2009 से पहले के पीएचडी धारक यूजीसी के बेतुके फरमान के कारण नौकरी के लिए लम्बे समय से राज्य सरकार से गुहार लगा रहे हैं, वहीं हरियाणा ने कैबिनेट में प्रस्ताव पारित कर व्यवस्था की है कि राज्य में कोई भी पीएचडी धारक नेट क्वालीफाई के समान ही असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए अर्ह होगा।

मजीठिया मामले की सुनवाई के दौरान अदालत का रुख अखबार कर्मियों के पक्ष में रहा, जागरणकर्मी खुश

नई दिल्ली/ नोएडा। माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पष्ट रूप से कर्मचारियों का पक्ष लेने और अखबार मालिकों को सख्त सन्देश देने से मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने की मांग कर रहे मीडिया कर्मचारियों में खासा उत्साह है। बुधवार को नोएडा सेक्टर 62 स्थित एक पार्क में हुई बैठक में जागरण कर्मचारियों ने कहा कि अब अखबार मालिकों को कर्मचारियों पर अत्याचार बंद कर उनसे माफ़ी माँग लेनी चाहिए।

पठानकोट हमले वाले सप्ताह सबसे ज्यादा टीआरपी आजतक ने बटोरी

नए साल के पहले हफ्ते की टीआरपी में आजतक को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है. इस संबंधित हफ्ते पठानकोट अटैक हुआ था जिसकी कवरेज सबसे बढ़िया आजतक की रही. इसी कारण चैनल को सबसे ज्यादा टीआरपी का लाभ मिला. इसी हफ्ते नंबर दो पर मौजूद इंडिया टीवी को काफी नुकसान उठाना पड़ा. देखें टीआरपी के आंकड़े…

बीवी मल्लिकार्जुनैय्या आईएफडब्लूजे के अध्यक्ष बने

सेवा में,

सभी वर्किंग कमेटी सदस्य, राष्ट्रीय परिषद के सदस्यगण, समस्त प्रदेशों के अध्यक्ष व महामंत्री और आईएफडब्लूजे के सम्मानित सदस्यों,
 
प्रिय साथियों,

आईएफडब्लूजे संविधान की धारा 53 के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए संगठन की वर्किंग कमेटी ने बीवी मल्लिकार्जुनैय्या को इंडियन फेडरेशन अफ वर्किंग जर्नलिस्ट का अंतरिम अध्यक्ष चुना है। के विक्रम राव को हटाए जाने के चलते बीवी मल्लिकार्जुनैय्या का चुनावआवश्यक हो गया था। इससे पूर्व के विक्रम राव को आईएफडब्लूजे के सचिव (उतर क्षेत्र) श्री हेमंत तिवारी ने 22 दिसंबर, 2015 को एक कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि वह किसी तरह का स्पष्टीकरण देने में विफल रहे। एसा माना जा रहा है कि उनके पास देने के लिए कोई स्पष्टीकरण न हो और वर्किंग कमेटी के पास न्याय के प्राकृतिक सिद्धांत का पालन करने के बाद भी उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने और मल्लिकार्जुनैय्या को अंतरिम अध्यक्ष चुनने के अलावा कोई विकल्प नही था।

Madan Gowda is the new IFWJ Secretary General

Dear Friends,

In exercise of my powers under Rule 22 (d) of the IFWJ Constitution, and after nationwide and deep consultations with the members of the Working Committee and with state unit office bearers and senior members of the National Council since 22/12/2015, I have replaced Mr.Parmanand Pandey as Secretary General with senior colleague Com.H.B.Madan Gowda of Karnataka.

सरहद पार फेसबुक का प्यार : पाकिस्तानी प्रेमी के लिये हिन्दुस्तानी युवक ने कराया लिंग परिर्वतन

अजय कुमार, लखनऊ

प्यार अंधा होता है। उसे कुछ दिखाई-सुनाई नहीं देता है। न वह मजहब के दायरे में कैद होता है न किसी तरह की सीमाएं उसे बांध सकती हैं। न कोई प्यार पर पहरा बैठा सकता है,न ही न इसे जुल्मों-सितम से दबाया जा सकता है।  यह बात सदियों से प्रेम करने वालों के लिये कही जाती रही है। चाहें भगवान कृष्ण की दीवानी राधा हो या फिर मीरा।  लैला हो या मजनू, शीरी-फरहाद,हीर-रांझा,सलीम-अनारकली चंद ऐसे नाम हैं जिनकी बेपनाह मोहब्बत ने प्यार को नई ऊंचाइयां दी।  आजकल भी एक ‘मीरा’ का प्यार चर्चा में हैं। 

Ashwani K Dubey is the Legal advisor to IFWJ

Senior Advocate and Advocate on Record, Supreme Court of India Sri.Ashwani K Dubey has consented to be the legal advisor of the Indian Federation of Working Journalists. Ashwani Dubey is an eminent Advocate and Advocate-on-Record of Supreme Court of India since the year 2001. He is also the standing counsel and advocate of many educational institutions viz-a-viz Himachal Pradesh University Shimla, Hemvati Nandan Bahugana University Uttarakhand. He is also counsel for Coal India Ltd. Mr Dubey was counsel for Government of India in Supreme Court.

Tata Sky का ऐप डाउनलोड कीजिए और 80 चैनल फ्री में देखिए

टाटा स्काई ने अपने ऐप ‘टाटा स्काई एवरीवेयर टीवी’ का सब्सक्रिप्शन यूजर्स के लिए पूरी तरह फ्री कर दिया है. इसका मतलब है कि अब यूजर ऐप पर 80 चैनल फ्री देख सकते हैं. इससे पहले यूजर्स को इस सर्विस के लिए 60 रुपए महीने देना होते थे.

लखनऊ के वो कौन साढे तीन सौ पत्रकार हैं जिनके जीवन बीमा पर प्रदेश सरकार 25 लाख रुपए सालाना खर्च करती है?

: पत्रकारों के बीमा हेतु सभी पत्रकार संगठित, बना महागठबंधन : सिर्फ लखनऊ के साढे तीन सौ पत्रकारों के जीवन बीमा के लिए प्रदेश सरकार 25 लाख रुपए सालाना खर्च करती है। वे कौन जर्नलिस्ट हैं? सूचना के अध्किार के तहत मांगे गए सवाल का जवाब वर्षों से नहीं मिल सका है। अन्य जर्नलिस्टों को भी जीवन बीमा का लाभ देने के लिए प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव आदेश दे चुके हैं लेकिन बीमा का बजट सूचना विभाग में क्यों नहीं बढाया जा रहा है।

पुस्‍तक मेले में ब्रजेश राजपूत को शिवना सम्‍मान प्रदान किया गया

शिवना प्रकाशन द्वारा नई दिल्‍ली के प्रगति मैदान पर आयोजित विश्‍व पुस्‍तक मेले में दिनांक 13 जनवरी को हॉल क्रमांक 8 में साहित्‍य मंच पर आयोजित शिवना सम्‍मान समारोह में पत्रकार श्री ब्रजेश राजपूत को अम्‍बादत्‍त भारतीय स्‍मृति शिवना सम्‍मान प्रदान किया गया। शिवना प्रकाशन द्वारा प्रति वर्ष दिये जाने वाले तीन सम्‍मानों में इस वर्ष सम्‍मानों के लिये साहित्‍यकारों के नाम चयन हेतु जो समिति बनाई गई थी उस समिति ने  ”अम्‍बादत्‍त भारतीय स्‍मृति शिवना सम्‍मान” हेतु पत्रकार श्री ब्रजेश राजपूत को उनकी पुस्‍तक ‘चुनाव, राजनीति और रिपोर्टिंग’ हेतु चयनित किया था।

दूल्हा हिंदू, दुल्हन मुस्लिम, दोनों मीडिया में, दोनों आर्टिस्ट, शादी हुई क्रिश्चियन रीति से, देखें वीडियो

Yashwant Singh : पिछले दिनों एक अनूठी शादी में शिरकत करने का मौका मिला. लड़का हिंदू. लड़की मुस्लिम. दोनों ही मीडिया फील्ड से. दोनों ही आर्टिस्ट, यानि कार्टून, स्केच, चित्रकारी में सक्रिय. दोनों में कई वर्षों से प्रेम संबंध था.

बात शादी तक पहुंची. परिवार वाले राजी न थे लेकिन धीरे-धीरे दोनों ने अपने प्रेम और परिश्रम से परिजनों को राजी कर लिया. हालांकि ऐसा कर पाना भारत में बड़ा मुश्किल काम होता है लेकिन हुआ. प्रेम की उदात्तता के आगे मजहब की चट्टानी दीवार बौनी साबित हुई. दोनों के परिजनों ने अपनी-अपनी सीमाओं, अपनी-अपनी सोच के आगे जाने का फैसला किया.

मजीठिया वेज बोर्ड की मांग करने वाले दिव्य भास्कर, अहमदाबाद के 45 कर्मी किए गए बर्खास्त

अहमदाबाद : मजीठिया वेज बोर्ड लागू करने व अन्य मांगें उठाने वाले कर्मचारियों को दिव्य भास्कर अखबार ने बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया है. अखबार ने लगभग 45 कर्मचारियों को बाहर कर दिया है. इनमें प्रिन्टिंग, मैन्टेनन्स, यूटिलिटी, इलेक्ट्रिकल और अन्य डिपार्टमेंट के कर्मचारी शामिल हैं. दिव्य भास्कर मैनेजमेंट के इस रवैये के विरोध में भास्कर के कर्मचारी करीब एक हफ्ते से जगह-जगह धरना-प्रदर्शन का मन बना रहे हैं. साथ ही लेबर कोर्ट के माध्यम से अपने हक की लड़ाई आगे बढ़ा रहे हैं. उनको गुजरात मजदूर सभा के यूनियन व कुछ राजनीतिक दल भी समर्थन दे रहे हैं.

भास्कर डाट काम ने नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजित डोभाल का झूठा इंटरव्यू छापा

भास्कर डाट काम की जिस खबर पर बवाल मचा है, उसके बारे में कुछ तथ्य साझा करना चाहता हूं. भास्कर डाट काम ने नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजित डोभाल का झूठा इंटरव्यू छापा था. जिसका डोभाल ने तत्काल  खंडन कर दिया लेकिन भास्कर बेशर्मी से इंटरव्यू को अभी तक चलाये जा रहा है. कोई भी हिंदी मीडिया को गंभीरता से नहीं लेता उसका ये फायदा उठाते हैं. अगर यह इंटरव्यू किसी अंग्रेजी अखबार की साइट पर होता तो अब तक बवाल मच गया होता.

मैं ही हूं रवींद्र कालिया

IIMC पास करने के कुछ दिनों की बात है। पत्रकारिता का नया-नया रंगरूट था। नौकरी नहीं करने का फैसला किया था। फ्रीलांसिंग शानदार चलती थी और लगता था ज़िंदगी में और क्या चाहिए। मोहन सिंह प्लेस कॉफी हाउस में बैठे हुए कुछ लोगों के बीच इलाहाबाद का ज़िक्र छिड़ा। और मेरे मन में तुरंत इलाहाबाद जाने की हुड़क मच गई। ऐसी हुड़क कि मैंने कॉफी हाउस से सीधे इलाहाबाद की ट्रेन पकड़ने का फैसला किया। कोई रिजर्वेशन नहीं, कोई तैयारी नहीं। दूसरा दर्जा तब कैटल क्लास के नाम से कुख्यात नहीं हुआ था।

न्यूज वर्ल्ड इंडिया के कर्मियों का वेतन दस फीसदी घटा, पढ़ें आंतरिक मेल

न्यूज वर्ल्ड इंडिया के सभी कर्मचारियों के वेतन में से दस फीसदी की कटौती की जा रही है… एचआर ने मेल भेज कर सूचना दी है… मेल के मुताबिक कंपनी पर आर्थिक दबाव की वजह से ये कदम उठाया गया है… ये है आंतरिक मेल…

मध्य प्रदेश में चैनलगेट के आगे पानी भरता दिखाई देता है वेबगेट

मध्यप्रदेश में इन दिनों न्यूज वेबसाईट को दिये विज्ञापनों पर हंगामा जारी है। इसे बकायदा वेबगेट घोटाला कहा जा रहा है। लेकिन अगर सूची पर नजर डालें और प्रमुख सचि के हालिया आदेश पर नजर डालें तो वेबगेट के आगे चैनल गेट कहीं नहीं लगता। आंकड़े तो यही बता रहे हैं कि वेबगेट घोटाला यानी वेबसाईटों का विज्ञापन घोटाला चैनल विज्ञापन घोटाले के आगे पानी भरता नजर आ रहा है। पिछले एक महीने से मचे हंगामे और उठा—पटक के बीच वेबसाईट्स के विज्ञापन बंद कर दिये गये हैं।  सूची के अनुसार गड़बड़ है तो गड़बड़ियों को पकड़ने के बजाय मध्यप्रदेश की बदनामी कराने से क्या मिला?

मध्य प्रदेश में सौ करोड़ रुपये का TV चैनल विज्ञापन घोटाला

जीरो TRP वाले चैनल्स पर मेहरबान शिवराज सरकार

भोपाल : मध्य प्रदेश में इन दिनों बड़ा चैनल घोटाला चर्चा में है जिसकी अंतर्कथा व्यापम से जोड़कर देखी जा रही है। खबर यह है की वर्ष 2012 से उन  चैनलस पर मेहरबानी की जो अधिकांश जीरो टीआरपी पर हैं या बंद पड़ी हैं जबकि बड़ी चैनल्स अपने प्राइम टाइम के समाचारों के विज्ञापन के लिए  तरस रहीं हैं यहाँ तक की प्रधानमंत्री मोदी की पसंद दूरदर्शन को छ अंकों की राशि में भी शामिल नहीं किया गया है, कुल १०० करोड़ के इस घोटाले में उन चैनल मालिकों की पौ बारह हो गयी है जो या तो जेल में बंद हैं या उन पर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं.

रवीश ने गाली देने वाले से पूछा- क्या तुम ऐसे सवाल अपनी मां से कर लेते हो?

अरविंद, आपने पूछा है कि क्या मेरी मां चाचा के साथ सोई थी। क्या तुम ऐसे सवाल अपनी मां से कर लेते हो?  किस घर्मग्रंथ से तुमने ऐसे सवालों की प्रेरणा पाई है मेरे मित्र। मेरी मां देवी हो या न हो, वो मां है इसीलिए मेरी नज़र कभी उसके सामने उठ भी नहीं सकती। वैसे भी मेरी मां तो भारत माता है। दोस्त मैं माफी चाहता हूं। मैं अपनी भारत माता से ये सवाल नहीं कर सकता। वैसे तुम लोगों की हिन्दी भी बहुत ख़राब है। आप जिस विचारधारा के गुप्त गुंडे हैं, आप भारत माता का अपमान कर सकते हैं लेकिन मैं नहीं कर सकता क्योंकि इससे तो उन शहीदों का अपमान हो जाएगा जिन्होंने भारत माता के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। गुप्त गुंडे इसलिए कहा कि आप ये ट्वीट न तो अपनी बहन को दिखा सकते हैं, न अपनी मां को या पत्नी को। ज़ाहिर है आप कभी सामने नहीं आएंगे। आप अपने पिता को भी नहीं दिखा सकते।

गाली देने वाले को रवीश ने यूं समझाया

मैं भारत माता की संतान हूं। अगर मेरी मां भारत माता नहीं है तो फिर कोई भारत माता नहीं है। फिर कोई मां पूजे जाने के लायक नहीं है। मैंने हमेशा भारत माता को अपनी माता समझा है और अपनी मां में भारत माता देखी है। क्या हम सभी सौ फीसदी माँ भारती की औलाद नहीं हैं? सवाल मेरी मां का भी नहीं है। सवाल उन तमाम मांओं का है जिनके आगे बड़े बड़े नेता देवी कह कह कर गिड़गिड़ाते हैं और बाद में अपने वैचारिक समर्थकों से उन्हीं देवियो को किसी न किसी बहाने गाली पड़वाते हैं। गाली देने वाले की प्रोफाइल गलत हो सकती है मगर नकली नाम के पीछे किसी असली आदमी ने ही तो लिखा होगा। उसकी कुछ सोच होगी। वो किसी संगठन के लिए काम करता होगा। उसकी भलाई चाहता होगा। क्या उस संगठन में मांओं की यही इज़्ज़त है। अगर आप इस प्रवृत्ति को अब भी नहीं समझे और सतर्क नहीं हुए तो बहुत देर हो जाएगी। आखिर कौन लोग हैं जो पिछले कुछ दिनों धड़ाधड़ गालियां दिये जा रहे हैं।

B.V. Mallikarjunaiah is the IFWJ President

To,

All Working Committee members, National Council members, Presidents and General Secretaries of State Units and other esteemed members of the IFWJ,

Dear Comrade,

The Working Committee of the IFWJ in its exercise of powers under Section 53 of the IFWJ Constitution has elected Shri B.V. Mallikarjunaiah as the interim President of Indian Federation of Working Journalists (IFWJ). His election has been necessitated because of the removal of the Mr. K. Vikram Rao.

नवभारत टाइम्स ने रवीश कुमार पर बनाया घटिया चुटकुला, पढ़िए रवीश की प्रतिक्रिया

नवभारत टाइम्स ने मुझे लेकर लतीफा छाप दिया। यह लतीफा कितना ख़तरनाक है। आप पढ़ेंगे तो डर जायेंगे। पत्रकार को ऐसे डराया जाएगा तो एक बात याद रखियेगा। इस डर का नुकसान आपको होगा। नवभारत टाइम्स को ऐसा नहीं करना चाहिए था। मेरे नाम से हिट्स चाहिए तो ले लीजिए लेकिन समाज में ऐसी सोच मत डालिये जो एक दिन आपके पत्रकारों को भी खा जाएगी।

मजीठिया अवार्ड का सबसे ज्यादा उल्लंघन दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर ने किया : दिल्ली सरकार

दिल्ली के समाचार पत्रों द्वारा मजीठिया सिफारिशों को लागू करने की स्थिति पर दिल्ली सरकार ने 532 पृष्ठों का एक अतिरिक्त‍ शपथ पत्र सुप्रीमकोर्ट में दायर किया है। मजे की बात यह है कि अतिरिक्त शपथ पत्र पिछले शपथ पत्र से लगभग 20 गुना अधिक बड़ा है। पिछले शपथ पत्र में तथ्यात्मक गलतियों की भरमार …

सावधान, भाजपा राज में मिमिक्री करने वाले जेल जाएंगे, कॉमेडियन किकू शारदा गिरफ्तार

खबर है कि टीवी कलाकार कीकू को गुरुमीत राम रहीम की नकल (मिमिक्री ) उतारने के ले IPC की धारा 295 A के तहत धार्मिक भावनाएं आहत करने के अपराध में गिरफ्तार कर लिया गया है. यह वही गुरमीत है जो खुद गुरु गोविंदसिंह का वेश धारण करता है. तब इसके भक्तों को मोतियाबिंद हो गया था शायद. गुरमीत कब से और कौन से धर्म का ठेकेदार बन गया है भई? या २०१४ के आम चुनाव में भाजपा को समर्थन देने के एवज में ‘धर्म के ठेकेदार’ की पदवी मिली है?

साध्वी संध्या जैन के फेसबुक वॉल से.

Dainik Jagran and Dainik Bhaskar are the worst violators of Majithia Award : Govt. of Delhi

Government of NCT of Delhi has filed an Additional Affidavit in the Supreme Court of India containing 532 pages on the Status of the implementation of the Majithia recommendations by newspapers of Delhi. Interestingly, additional affidavit is nearly 20 times bulkier than the previous original Status Report which was full of factual howlers. This additional affidavit has been filed by K.R. Meena, Secretary-Cum-Commissioner (Labour), Government of Delhi.

किसी महिला पत्रकार की फोटो खींचने से पहले सौ बार सोचें, जाएंगे जेल

नोएडा से खबर है कि एक बिजनेसमैन को चुपचाप एक महिला पत्रकार की फोटो खींचना काफी महंगा पड़ गया. उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. कॉफी शॉप में बैठे एक बिजनेसमैन ने महिला मीडियाकर्मी की फोटो उसकी बिना मर्जी के खींच ली, तो पीड़िता ने मामले की शिकायत कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस से कर दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

जालंधर में बदमाशों ने पंजाब केसरी के पत्रकार का अपहरण कर पांच लाख रुपये की मांग की

जालंधर से खबर है कि ग्रीन माडल टाउन में पंजाब केसरी के पत्रकार कुमार अमित का अपहरण कर लिया गया। बाइक पर आए लुटेरे अमित को उसी की गाड़ी में ले गए। घास मंडी के पास पैसे लूटकर उसे खेतों में छोड़ गए। इससे पहले लुटेरों ने अमित पर हमला भी किया। थाना सात पुलिस ने कुमार अमित के बयानों पर अज्ञात लुटेरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

हे आपियों, लफ्फाजी से बार-बार बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता

Satyendra Ps : आम आदमी पार्टी के मंत्री कह रहे हैं कि 15 जनवरी को आड इवन बन्द होने के बाद बी आर टी का निर्माण कार्य ढाह दिया जाएगा। आम पार्टी को संघी टाइप नंगई छोड़कर काम पर ध्यान देने की ज्यादा जरूरत है।

मैं जहाँ काम करता हूँ वहाँ छुट्टी नहीं लेना अपराध माना जाता है : रवीश कुमार

मुझे नहीं पता था कि प्राइम टाइम की एंकरिंग से मेरी ज़िंदगी इतनी बदल जाएगी कि मेरी ग़ैरहाजिरी भी चिन्ता और अफवाह का कारण बन जाएगी । रात के नौ बजते ही मैसेज आने लगते हैं और दिन भर फोन कि कहाँ हैं । क्या NDTV ने आपको हटा दिया है, क्या आपने NDTV छोड़ दी है ? क्या सरकार के दबाव में आप एंकरिंग नहीं कर रहे हैं ? हमें आपकी चिन्ता हो रही है । आप सही तो बोल रहे हैं न कि छुट्टी पर हैं। हम आपके साथ हैं। आप हमारी आवाज़ हैं । अगर आपको साइड लाइन किया जा रहा है तो साफ साफ बोलिये।

रवीश कुमार को कैसी लगी फिल्म ‘वज़ीर’, पढ़िए…

क्रूर क्रूरतम होता जा रहा है । कमज़ोर को ही चुनौती है कि वो साहस दिखाये । क्रूरता को झेलते हुए मुस्कुराये । सत्ता और उसके नियम क्रूरता के प्रसार के लिए हैं । कमज़ोर सिर्फ उनकी चालों से शह की उम्मीद में मात खाता जा रहा है । हम जड़ होते जा रहे हैं । यथार्थ को समझते समझते हमने यथार्थ की वर्चुअल रियालिटी बना डाली है । दुनिया अगर ख़ुशगवार है तो वह सिर्फ विज्ञापनों में है । क्रूरता रोज बढ़ती जा रही है । उसका एक एकांत होता है । जहाँ कुछ लोग उसकी भेंट चढ़ते रहते हैं । हम इस दुनिया से क्रूरता कम नहीं कर सके।

सुप्रीम कोर्ट की ये लाउड और क्लियर आवाज और अखबार प्रबंधन का बहरापन

जिसे लाउड और क्लियर आवाज न सुनाई दे, उसे आप क्‍या कहेंगे। यह आवाज दैनिक जागरण के वकीलों को सुनाई दे रही है पर दैनिक जागरण प्रबंधन को नहीं। ऐसे ही लोग दुर्घटना के शिकार होते हैं। कोई कान में म्‍यूजिक की लीड लगाकर दुर्घटना को बुलावा देता है तो कोई अहंकार की लीड के शिकंजे में है। सुप्रीम कोर्ट में मजीठिया वेज बोर्ड मामले पर सुनवाई आज यानि 12 जनवरी दिन मंगलवार को हुई। न्यायाधीश रंजन गोगोई की अदालत मामले की सुनवाई हुई।

अखबार मालिकों की गुंडई और दुस्साहस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कई आदेश दिए

मजीठिया वेज बोर्ड मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में अदालत ने अखबार मालिकों की गुंडई और दुस्साहस को संज्ञान लेते हुए वकीलों को निर्देश दिया कि वे वेज बोर्ड मांगने के कारण अखबारों से निकाले गए या ट्रांसफर किए गए या किसी रूप में प्रताड़ित किए गए मीडियाकर्मियों के डिटेल दाखिल करें. मीडियाकर्मियों के वकीलों के तर्क को अदालत ने गंभीरता से सुनने के बाद रजिस्ट्री को कहा कि राज्यों से जो रिपोर्ट मंगाई गई है उसे वकीलों को अधिकृत रूप से मुहैया कराया जाए ताकि वो अध्ययन करके रिपोर्ट अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकें और उसी पक्ष में मीडियाकर्मियों के साथ हो रहे नकारात्मक व्यवहार का उल्लेख करें.

Like a ponzi scheme, Kejriwal bubble will burst sooner or later

The Aam Admi Party (AAP) won a landslide victory in Delhi in 2015 because people were disgusted with the other parties and wanted a radical change. Its leader Arvind Kejriwal projected himself as an epitome of honesty, a modern Moses, a Superman who will lead Delhi into a land of milk and honey. But his popularity started to rapidly decline as people started seeing the reality. He has no solutions to the problems facing the people — massive poverty, unemployment, lack of healthcare and good education, etc.

Nearly Nine Crore rupees given as Majithia arrears to employees in Gujarat

The Labour Commissioner of Gujarat Shri Kamlesh Ochhavlal Shah says that in order to comply with the direction of the Supreme Court all Deputy Commissioners, all Assistant Labour Commissioners, all Labour Officers of the state have been declared as Inspectors for their respective jurisdiction to prepare the status report on the implementation of Majithia Award. As per the status report submitted in the Supreme Court in all 65 newspaper establishments were inspected by the Labour Officials. Seven newspaper establishments have been found to have paid Rs. 8, 93, 19,309/- as arrears to 624 employees.

लीवर सिरोसिस से सालों संघर्ष करने वाले रवींद्र कालिया का गुजर जाना बड़ी क्षति

लीवर सिरोसिस की असाध्य बीमारी से सालों संघर्ष करने के बाद रवींद्र कालिया कल इस दुनिया में नहीं रहे. वे साठोत्तरी कहानी के एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधि थे और एक प्रखर, नवोन्मेषी साहित्यिक सम्पादक के रूप में भी उनकी विशिष्ट पहचान थी. उन्होंने ‘काला रजिस्टर’, ‘नौ साल छोटी पत्नी’, ‘त्रास’ और ‘पनाह’ जैसी कहानियां लिखीं, जिन्हें हिन्दी कहानी की चर्चा में बार-बार याद किया जाएगा.

हामिद अंसारी ने किया राज्यसभा टीवी के नए कलेवर का अनावरण

उप राष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने विज्ञान भवन में राज्यसभा टीवी के नए कलेवर का अनावरण किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश में अभी भी अंधविश्वास और कुरीतियां हैं,जिन्हें दूर करने में विज्ञान और मीडिया बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उपराष्ट्रपति ने देश में विज्ञान प्रसार के लिए नया टीवी चैनल लाने पर ज़ोर दिया।

यूपी में जंगलराज : सूचना दिलाने के बजाय आयुक्त बिष्ट ने वादी को बेइज्जत कर नज़रबंद कराया

: राज्य सूचना आयोग के अफसरों की मनमर्जी बेलगाम, कार्यकर्ताओं में क्षोभ : लखनऊ : सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी छवि चमकाने और पार्टी की जड़ों को जमाने की लाख कोशिश कर लें, उनके अनेक बड़े सूबेदार सारा मटियामेट करने में जुटे हैं। ताजा मामला है राज्य के चर्चित सूचना आयुक्त अरविन्द सिंह विष्ट का, जिन्होंने आज दोपहर एक सूचना कार्यकर्ता के साथ भरे दफ्तर गालियां दीं और अपने सुरक्षाकर्मियों को बुला कर उन्हें एक कमरे में बंद करा दिया। ताज़ा खबर मिलने तक तनवीर बिष्ट के कमरे में गैरकानूनी ढंग से नज़रबंद हैं और उन्हें किसी से भी मिलने से पाबंदी लगा दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट में मजीठिया वेज बोर्ड की सुनवाई कल 12 जनवरी मंगलवार को, बड़ा कुछ होने की संभावना

सुप्रीम कोर्ट में मजीठिया वेज बोर्ड मामले पर सुनवाई कल यानि 12 जनवरी दिन मंगलवार को होगी. यह जानकारी एडवोकेट उमेश शर्मा ने दी. उन्होंने बताया कि न्यायाधीश रंजन गोगोई की अदालत मामले की सुनवाई करेगी. काफी लंबे समय बाद सुनवाई की तारीख तय होने से देश भर के प्रिंट मीडियाकर्मियों में उम्मीद जगी है कि इस बार कुछ बड़ा फैसला हो सकता है.

NAPM Condemns the Branding of Sandeep Pandey as Naxal and Termination of His Contract from IIT BHU

Dr. Sandeep Pandey – an engineer, distinguished academic, grassroots activist, peace crusader and a highly esteemed member of the contemporary Indian milieu has been unceremoniously sacked from his post as a guest faculty in the Indian Institute of Technology BHU, Uttar Pradesh. People’s Movements from all across India are extremely angry as well as hurt at this conspiratorial manoeuvre in academic institutions that has become common place after BJP led coalition government has come to power. The progressive professor of Chemical and Mechanical Engineering Department has always been active in both classrooms and in the field as a champion of human rights.

अनिल शर्मा को भास्कर और संजीव रतन सिंह को टीओआई से हटाए जाने की चर्चा

चर्चा है कि दैनिक भास्कर भोपाल के संपादक अनिल शर्मा को पद से हटा दिया गया है. अनिल शर्मा लंबे समय से ऑक्सीजन पर चल रहे थे. उन पर कार्य में लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं. भोपाल से ही एक अन्य अपुष्ट जानकारी के मुताबिक टाइम्स आफ इंडिया के संपादक संजीव रतन सिंह को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. संजीव रतन सिंह की कार्यवधि में टीओआई के भोपाल संस्करण से कई कर्मचारियों ने, विशेषकर महिलाओं ने नौकरी छोड़ी और कुछ ने तो इस संबंध में प्रशासन को लिखित में शिकायत भी की थी.

मध्य प्रदेश दूरदर्शन का समाचार एकांश : जात ही पूछो साधू की…

मध्य प्रदेश दूरदर्शन के समाचार एकांश में जात और अर्थ (धन) को लेकर उठापटक मची हुई है. पुराने लोगों से काम लेना बन्द कर पैसा लेकर नये लोगों से काम लेना शुरु कर दिया गया है. वही जात के आधार पर लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है. डेस्क पर काम करने वाले 5 लोगो को तो बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. गौरतलब है कि सत्ता सम्भलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दूरदर्शन को सशक्त करने की पहल शुरु की थी. अपने विदेश दौर के समय वे सिर्फ दूरदर्शन की टीम को ही साथ लेकर गये थे. इतना ही उन्होनें अपने सरकार के साथियों और अधिकारियों को निर्देश भी दिया था कि कोई भी योजना या खबर पहले दूरदर्शन को दे उसके बाद निजी चेनल को.

दैनिक जागरण मुरादाबाद में संपादक का आतंक

दैनिक जागरण मुरादाबाद में इस समय आतंक का माहौल है। बताया जाता है कि इस समय संपादकीय के सारे साथी संपादक के रवैये से परेशान हैं। इसी वजह से एक के बाद एक आदमी यहां से कम होता जा रहा है। जब से संपादक धर्मेंद्र किशोर त्रिपाठी यहां कार्यभार ग्रहण किए हैं तब से आधा दर्जन से अधिक लोग अखबार छोडकर जा चुके हैं। सबसे पहले यहां से सब एडिटर लवलेश पांडे संपादक की गाली गलौज से त्रस्त होकर अखबार छोडे। उसके बाद मणिकांत शर्मा ने हिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया। इसके बाद डेस्क से सीनीयर साथी रमेश मिश्रा संपादक के रवैये से त्रस्त होकर अखबार छोड गए। इसके बाद अभिषेक आनंद ने अखबार छोडकर हिंदुस्तान हल्द्वानी ज्वाइन कर लिया।

‘इंडिया नाऊ’ चैनल ज्वाइन कर सकते हैं अमिताभ अग्निहोत्री

चर्चा है कि अमिताभ अग्निहोत्री नए आने वाले रीजनल न्यूज चैनल ‘इंडिया नाऊ’ के संपादक बन सकते हैं. ‘इंडिया नाऊ’ में पहले अतुल अग्रवाल गए थे लेकिन लांच से पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया और न्यूज वर्ल्ड इंडिया के हिस्से बन गए. ‘इंडिया नाऊ’ प्रबंधन पर आरोप है कि इनका पास पर्याप्त फंड नहीं है लेकिन चैनल लाने के नाम पर ढेर सारे पत्रकारों को सपने दिखा रहे हैं और जिलों के पत्रकारों से सेक्युरिटी मनी के नाम पर पैसे वसूल रहे हैं.

पिता की तेरहवीं में छुट्टी लेकर गए फोटो जर्नलिस्ट की चार दिन की तनख्वाह काट ली

राजस्थान पत्रिका समूह में उत्पीड़न और प्रताड़ना की ढेर सारी कहानियां सामने आती रही हैं. एक ताजे घटनाक्रम के मुताबिक पत्रिका ग्वालियर के फोटो जर्नलिस्ट शशि भूषण पाण्डेय अपने पिता की तरेहवीं में हिस्सा लेने के लिए अवकाश पर गए थे. जब वे लौटकर आए तो पता चला उनका अवकाश मंजूर नहीं किया गया है और उनके वेतन से चार दिन की सेलरी काट ली गई है. इससे आहत पांडेय ने प्रबंधन को पत्र लिखकर न्याय करने की गुहार की है.

महिला कर्मचारी को ब्लैकमेल करने वाले अखबार मालिक पर महिला आयोग ने कसा शिकन्जा

वाराणसी। पत्रकारिता की आड़ में साप्ताहिक समाचार पत्र को हथियार बना अपने महिला कर्मचारी को अनैतिक कार्य करने के लिए विवश करने वाले कथित सम्पादक पर राज्य महिला आयोग ने बुधवार को शिकन्जा कस दिया। आयोग ने सम्पादक और उसके सहकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश सिगरा थाने को दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच सीओ कोतवाली को सौंपा है।

भक्तों की सरकार, अफवाहों की सोशल मीडिया, सेल्फी पत्रकार, खबरों का नाश

खबरों के मामले में इन दिनों बड़ी मजेदार स्थिति है। हर तरह की खबर है आप चाहे जो ले लीजिए, जिसपर विश्वास कीजिए या आपको जो मिल जाए। सब संभव है। आप चाहें तो केंद्र सरकार की भक्ति वाली खबरें देख सुन पढ़ सकते हैं, थोड़ी मेहनत करें तो अधिकृत खबर पा सकते हैं, थोड़ा और मेहनत-खर्च करें तो वास्तविक स्थिति जान सकते हैं। कहने का मतलब कि अधिकृत बताई जाने वाली खबर भी आधी-अधूरी, एक पक्षीय या जैसा कल मैंने लिखा था, विचार घुसेड़ी हुई हो सकती है।

विज्ञापन घोटाला : क्या सिर्फ वेबसाईट संचालक ही घोटालेबाज हैं, दूसरी तरफ नजर टेढ़ी क्यों नहीं?

मध्यप्रदेश में मचे विज्ञापन घोटाले के हंगामे के बीच निशाने पर सिर्फ और सिर्फ वेब मीडिया यानी समाचार वेबसाईट्स हैं। वेबसाईट्स को दिये गये विज्ञापनों को लेकर एक हद तक काफी चीजें सही भी हैं जो बताती हैं कि गड़बड़ तो हुई है लेकिन सवाल ये है कि क्या गड़बड़ सिर्फ वेबसाईट्स को लेकर ही है? सुना है किसी मीडिया सन्घ के पदाधिकारी द्वारा कोर्ट में विज्ञापन घोटाले को लेकर सीबीआई जांच की मांग की गई है इस पूरे मामले में ऐसा प्रतीत होता है कि एकतरफा खेल खेला जा रहा है हर तरफ सिर्फ वेबसाइट्स की चर्चा है। जताया ऐसा जा रहा है कि सबसे बड़े घोटालेबाज सिर्फ और वेबसाईट संचालक पत्रकार ही हैं। वेबसाईट संचालक पत्रकारों पर सबकी टेढ़ी नजर है मगर क्यों?

अंतत: अरेस्ट हो गए चिटफंड कंपनियों पीएसीएल और पर्ल्स ग्रुप के दिग्गज निर्मल सिंह भंगू, सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह और सुब्रत भट्टाचार्य

सीबीआई ने 45 हजार करोड़ रुपये के घोटाले में पीएसीएल व पर्ल्स ग्रुप के सीएमडी निर्मल सिंह भंगू तथा इनके तीन सहयोगी एमडी सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह, सुब्रत भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर लिया है। इन्हें पोंजी स्कीम केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि ये लोग लगातार बयान बदल रहे थे और जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार भंगू के साथ पीएसीएल के प्रमोटर-डायरेक्टर तथा एमडी सुखदेव सिंह, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (फाइनेंस) गुरमीत सिंह तथा ईडी सुब्रत भट्टाचार्य से शुक्रवार को एजेंसी के मुख्यालय में विस्तृत पूछताछ की गई।

केजरीवाल और उनके सम-विषम की असलियत बता रहे हैं जस्टिस काटजू

The Truth about the Odd Even Scheme

By Justice Katju

AAP had won a landslide victory in the Delhi elections in Februaary, 2015, because people were disgusted with the other parties, and wanted a radical change. Kejriwal had projected himself as an epitome of honesty, a modern Moses, a Superman (as Modi had done earlier) who will lead Delhi into a land of milk and honey. Later, his popularity started to rapidly decline as people started seeing the reality. There is really nothing in the man, he has no solutions to the real problems facing the people— massive poverty, unemployment, malnourishment, lack of healthcare and good education, farmers suicides, etc.

मुफ्त बीमा सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र के पत्रकार इन लोगों से संपर्क करें

मुंबई : मराठी पत्रकार दिन के अवसर पर “जर्नलिस्ट वेलफेयर असोसिएशन” की तरफ से “पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा और बीमा सुरक्षा” विषय पर परिसंवाद का आयोजन किया गया था। इस परिसंवाद में “जर्नलिस्ट वेलफेयर असोसिएशन” की तरफ से पत्रकारों को मुफ़्त सामूहिक बीमा (Group Insurance Policy) सुरक्षा देने का निर्णय लिया गया। इसके लिए इस बीमा सुरक्षा का लाभ अधिक से अधिक पत्रकारों को लेने का आवाहन असोसिएशन के अध्यक्ष अशोक शेश्वरे और सचिव नागमणि पाण्डेय ने किया है।

लाइव : एंकर ने दी चुनौती तो महिला रिपोर्टर उतर गई समुद्र में, उतर गई उसकी बिकनी, वीडियो वायरल

रेनका। न्‍यूज चैनल के लिए बीच से लाइव रिपोर्टिंग कर रही एक न्‍यूज एंकर की सबके सामने बिकनी उतर गई। दरअसल वो समुद्री इलाके रेनका के बीच से लाइव रिपोर्टिंग कर रही थी और इस दौरान स्‍टूडियो में बैठे उसके साथी एंकर ने उसे समुद्र में नहाने की चुनौती दी थी।

जिस अखबार के प्रबंधन पर धोखाधड़ी के आरोप हैं, उस अखबार के सम्पादक को मोदी जी ने बनाया एनबीटी का चेयरमैन

नोएडा । नेशनल दुनिया प्रबंधतंत्र की धोखाधड़ी की जिस जांच के लिए पीएमओ ने चार सदस्य टीम गठित की थी, उस जांच में अब कोई प्रगति नहीं है। नेशनल दुनिया पीड़ित कर्मी शरद त्रिपाठी की पीएफ आदि से जुडी शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए गत 4 नवंबर को पीएमओ ने जांच के लिए 4 सदस्यों की एक टीम गठित की थी। सूत्रों की मानें तो इस मामले में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुयी है। जांच के आदेश जारी हुऐ भी दो माह से ज्यादा हो गये हैं।

चीन से तिब्बत अपने अहिंसात्मक संघर्ष से उसी तरह आजाद होगा जैसे अंग्रेजों के चंगुल से भारत मुक्त हुआ : डॉ. लोबसांग सांगे

आचार्य कृपलानी स्मृति व्याख्यान- 2016

नई दिल्ली। शक्तिशाली चीनी ताकत से तिब्बत अपने अहिंसात्मक संघर्ष के जरिए उसी तरह स्वतंत्र होकर रहेगा जैसे भारत, दक्षिण अफ्रीका आदि ब्रिटिश साम्राज्य से स्वतंत्र हो गए। यह बात तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री डॉ. लोबसांग सांगे ने आचार्य कृपलानी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित ‘आचार्य कृपलानी स्मृति व्याख्यान’ में बोलते हुए कही। डॉ. सांगे ने गांधी शांति प्रतिष्ठान में ‘तिब्बत का संकट और भारतीय नेतृत्व’ विषय पर बोलते हुए कहा कि तिब्बत की मुक्ति न केवल तिब्बत के हित में है बल्कि भारत और दुनिया के हित में भी है। उन्होंने कारण गिनाते हुए कहा कि तिब्बत में प्राकृतिक संसाधनों का चीन द्वारा जिस बर्बर तरीके से शोषण-दोहन-खनन हो रहा है, उससे तिब्बतियों का भविष्य तो दुरूह हुआ ही है, भारत के लोगों पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

Haryana Govt says four newspapers of the state have implemented Majithia

The status report on the implementation of the Majithia Wage Boards Award submitted by Government of Haryana says that there are 65 newspaper organisations in the state but only four of them namely; Amar Ujala, Sach Kahoon (Hindi, Punjabi), The Tribune and Dainik Tribune have implemented the recommendations of the Majithia Wage Award.

जोड़ दी दो स्कार्पियो कार, तैयार किया चलता फिरता बीयर बार, अफसर भौचक, देखें तस्वीरें

मुंबई से सटे नवीमुंबई में आरटीओ के अधिकारियों ने गुजरात नंबर प्लेट की दो ऐसी अनोखी कारें बरामद की हैं जिसमें से एक कार में पूरा बीयर बार बनाया गया है। इस कार की लंबाई 21 फीट है।  इसे दो स्कॉर्पियो को जोड़कर बनाया गया है। आरटीओ के अधिकारियों ने इस कार को पकड़ा तो उन्हें लगा कि ये लिमोजिन कार होगी, लेकिन पता चला कि स्कॉर्पियो कार को जोड़कर ये लुक दिया गया है। इस कार में बार के साथ साथ संगीत और टेलीविजन की व्यवस्था भी है।

दैनिक जागरण, रांची के आफिस में दो कर्मी आपस में भिड़े, हुई मारपीट

दैनिक जागरण रांची कार्यालय में इस समय अव्यवस्था चरम पर है। यहां मौखिक नियम बनाए जाते हैं और चेहरा देखकर काम कराया जा रहा है। कुछ खास लोगों के लिए खास नियम हैं। इस कारण आए दिन गाली गलौज की घटनाएँ होती रहती हैं। गुरुवार की रात करीब दस बजे इनपुट विभाग के आशीष झा और पेज आपरेटर मनोज ठाकुर के बीच पेज बनाने को लेकर पहले विवाद और फिर जमकर मारपीट हुई।

भारत सरकार ने कोर्ट में कहा- अगर अफसरों को मौलिक अधिकार चाहिए तो पहले इस्तीफा दें

इलाहाबाद हाई कोर्ट के लखनऊ बेंच में आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा आईएएस, आईपीएस अफसरों द्वारा सरकारी कार्य और नीतियों की आलोचना पर लगे प्रतिबन्ध को ख़त्म करने हेतु दायर याचिका में भारत सरकार ने कहा है कि यह रोक लोक शांति बनाए रखने के लिए लगाई गयी है. राजीव जैन, उपसचिव, डीओपीटी द्वारा दायर हलफनामे के अनुसार प्रत्येक सेवा संविदा में कुछ मौलिक अधिकारों का हनन होता है.

ईशमधु तलवार, गिरिराज शर्मा, जेपी शर्मा, अजय पांडेय, सोमब्रत झा के बारे में सूचनाएं

ईटीवी राजस्थान के जयपुर कार्यालय से सूचना है कि सलाहकार संपादक पद पर कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार ईशमधु पत्रकार ने सेवानिवृत्ति ले ली है. वे अब अपनी साहित्यिक अभिरुचि पर ध्यान देना चाहते हैं. संपादकीय प्रमुख बना कर लाए गए गिरिराज शर्मा के बारे में जानकारी मिली है कि उन्हें संपादकीय समन्वयक बना दिया गया है. उधर, समाचार प्लस छोड़ कर आए जेपी शर्मा का पद अब बढ़ कर चैनल संपादक का हो गया है.

बड़ा उलटफेर : न्यूज नेशन ने एबीपी न्यूज को पछाड़कर नंबर तीन की पोजीशन पर कब्जा किया

बीते साल के आखिरी हफ्ते की टीआरपी में बड़ा उलटफेर हुआ है. न्यूज नेशन पहली बार नंबर तीन की पोजीशन पर जा पहुंचा है. इस कारण एबीपी न्यूज को नंबर चार पर खिसक कर संतोष करना पड़ा है. जानकारों का कहना है कि न्यूज नेशन ने डिस्ट्रीब्यूशन के लगभग सभी माध्यमों पर खुद को प्रमुखता से प्रोजेक्ट किया हुआ है और इस काम में काफी पैसा बहाया है जिससे उसकी टीआरपी हमेशा ठीकठाक आती है.

पत्रकारों और उनके परिवारों को सीजीएचएस से मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहेंगी : जेपी नड्डा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने की पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों से भेंट

जनवरी 8, 2015, नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि पत्रकारों और उनके परिवारों को सीजीएचएस से मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पत्रकारों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी अन्य समस्याओं पर भी विचार कर उन्हें दूर करेगी। श्री नड्डा ने विभिन्न पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों से भेंटवार्ता के दौरान उस पत्र की प्रति भी प्रतिनिधिमंडल को सौंपी जिसके तहत स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पत्रकारों और उनके परिजनों को मिलने वाली सीजीएचएस सेवाओं को जारी रखने का निर्देश जारी किया गया है।

आज छपी इन तीन खबरों के जरिए जानिए भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा

Anil Singh : तीन खबरों में चाल-चरित्र और चेहरा! आज छपी तीन खबरें जो सरकार के चाल-चरित्र व चेहरे को समझने के लिए काफी हैं। एक, उत्तर प्रदेश के शामली कस्बे में एक मुस्लिम युवक का चेहरा कालिख से पोतकर सड़क पर जमकर पीटनेवाले बजरंग दल के जेल में बंद नेता विवेक प्रेमी पर लगा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर हटा लिया गया।

खुद को और बरखा दत्त को सोशल मीडिया पर गाली देने वाले को रवीश कुमार ने अपनी कलम के जरिए दिखाया आइना

आपकी गाली और मेरा वो असहाय अंग

कुछ ही तो वाक्य हैं बाज़ार में
जिन्हें तल कर
जिनसे छन कर
वही बात हर बार निकलती है
बालकनी के बाहर लगी रस्सी पर
जहाँ सूखता है पजामा और तकिये का खोल
वहीं कहीं बीच में वही बात लटकती है
जिन्हें तल कर
जिनसे छनकर
वही बात हर बार निकलती है
बातों से घेर कर मारने के लिए
बातों की सेना बनाई गई है
बात के सामने बात खड़ी है
बात के समर्थक हैं और बात के विरोधी
हर बात को उसी बात पर लाने के लिए
कुछ ही तो वाक्य हैं बाज़ार में
जिन्हें तल कर
जिनसे छनकर
वही बात हर बात निकलती है
लोग कम हैं और बातें भी कम हैं
कहे को ही कहा जा रहा है
सुने को ही सुनाया जा रहा है
एक ही बात को बार बार खटाया जा रहा है
रगड़ खाते खाते बात अब बात के बल पड़ने लगे हैं
शोर का सन्नाटा है, तमाचे को तमंचा बताने लगे है
अंदाज़ के नाम पर नज़रअंदाज़ हो रहे हैं हम सब
कुछ ही तो वाक्य है बाज़ार में
जिन्हें तल कर
जिनसे छनकर
वही बात हर बार निकलती है ।
बात हमारे बेहूदा होने के प्रमाण हैं
वात रोग से ग्रस्त है, बाबासीर हो गया है बातों को
बकैती अब ठाकुरों की नई लठैती है
कथा से दंतकथा में बदलने की किटकिटाहट है
चुप रहिए, फिर से उसी बात के आने की आहट है।

सहारा मीडिया के सीईओ और एडिटर इन चीफ उपेंद्र राय की माताजी का गाजीपुर में निधन

यूपी के गाजीपुर जिले से सूचना मिली है कि सहारा मीडिया के सीईओ और एडिटर इन चीफ उपेंद्र राय की माता जी का निधन हो गया है. गाजीपुर के शेरपुर कलां स्थित गांव में माताजी ने आज दिन में दो बजे अंतिम सांस ली. उनकी उम्र 74 साल की थी. वे अपने पीछे भरा पूरा …

मैनेजिंग एडिटर अमिताभ अग्निहोत्री ने ‘समाचार प्लस’ चैनल से इस्तीफा दिया

यूपी उत्तराखंड केंद्रित रीजनल न्यूज चैनल समाचार प्लस को बड़ा झटका तब लगा जब इसके मैनेजिंग एडिटर अमिताभ अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया. चैनल की लांचिंग से ही अमिताभ इसके साथ जुड़े हुए थे और चैनल के जाने माने चेहरे बन चुके थे. अमिताभ अग्निहोत्री का प्राइम टाइम डिबेट प्रोग्राम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में काफी पसंद किया जाता था. उनकी नेताओं और सिस्टम पर धारधार टिप्पणियां आम दर्शकों के मन में जगह बना चुकी थीं जिसके कारण अमिताभ अग्निहोत्री की अच्छी खासी फालोइंग हो गई है. माना जा रहा है कि अमिताभ के जाने से समाचार प्लस चैनल के दर्शक वर्ग पर असर पड़ेगा.

News World India in panic mode; staff salary cut by 10% without advance information

Yashwant Ji, You can be already informed by NewsWorld India staff that Jindal has cut salary of employee without advance information.  Our salary was coming on last day of month and due on Dec 31 for period of 1 to 31 december. but salary got delayed. we got mail that salary of decemebr will come by january 7. but today we shocked to hear that salary of december has been given to us with 10% reduction. on asking it is rumour that salary cut has been direction of Naveen Jindal himself for all staff who get monthly salary of above 25000 rupee.

बलिया के तहसील बेल्थरा रोड के एसडीएम प्रवरशील बरनवाल पर वकीलों ने किया हमला (देखें वीडियो)

बलिया के तहसील बेल्थरा रोड के एसडीएम प्रवरशील बरनवाल पर वकीलों ने हमला कर दिया. बेल्थरा रोड तहसील के वकीलों का एसडीएम पर आरोप है कि एसडीएम साहब बिना पैसा लिए कोई काम नहीं करते. वकीलों का आरोप यह भी था कि हर केस पर एसडीएम साहब पैसा लेने के लिए एजेंट रखे हुए हैं. इस सबको लेकर आज वकील काफ़ी गुस्से में थे.

संदीप पाण्डेय को हटाया जाना बीएचयू का साम्प्रदायिक संस्थानीकरण का उदाहरण

: शिक्षण संस्थानों के भगवाकरण का ही अभियान है संदीप पांडे का बीएचयू से निकाला जाना : मैग्सेसे पुरस्कार विजेता गांधीवादी नेता संदीप पांडे काे बनारस हिंदू विश्वविद्‍यालय से बतौर गेस्ट फैकल्टी के बर्खास्त किए जाने के पीछे असल कारण नक्सली होना या राष्ट्र विरोधी होना नहीं है जैसा कि आरोप लगाया गया है बल्कि देश के शिक्षण संस्थानों के भगवाकरण अभियान का हिस्सा है।

बलिया में सिपाही ने की अवैध वसूली की शिकायत तो एसपी ने किया सस्पेंड, आहत सिपाही ने दिया इस्तीफा (देखें वीडियो)

उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के नरही थाने के पिकेट पर हो रही अवैध वसूली की शिकायत करना एक सिपाही को महंगा पड़ गया. एसपी ने शिकायत करने वाले सिपाही को ही सस्पेंड कर दिया. इससे आहत निलम्बित सिपाही ने पुलिस हेड क्वार्टर इलाहाबाद को अपना त्याग पत्र भेज दिया है. उसने जान-माल की सुरक्षा की गुहार भी की है.

IBF urges Centre to grant Infrastucture Status to Broadcasting Industry

January 6, 2016 New Delhi: The Indian Broadcasting Foundation (IBF) today urged the Union Government to grant “Infrastructure Status” to the Broadcasting Industry, including DTH and Cable sectors, to push the digitisation agenda. At a pre-Budget consultation meeting, chaired by Union Finance Minister Shri Arun Jaitley, IBF stressed that the expected investment in STBs (set-top boxes) and optical fibre network alone would be to the tune of Rs 25,000 to Rs 30,000 crores.

नेशनल बुक ट्रस्ट का चेयरमैन बनने के बाद भी बलदेव भाई शर्मा नहीं छोड पा रहे हैं अखबार के सम्पादक पद का मोह

नोएडा । नेशनल दुनिया के वरिष्ठ स्थानीय सम्पादक बलदेव भाई शर्मा की कारगुजारियों के कारण इस समय अखबार की स्थिति पहले से ज्यादा खराब हो गयी है। इसके पीछे सबसे बडा कारण यह माना जा रहा है कि बलदेव भाई शर्मा जबसे नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन बने हैं, वह अखबार को बिल्कुल भी समय नहीं दे रहे हैं। अखबार के सम्पादक पद का मोह भी उन्हें इस पद को नहीं छोडने दे रहा है। अखबार के नाम पर उन्हें टीवी पर होने वाली डिबेट के लिए शेखी बघारने और भाजपा सरकार की बटरिंग करने का मौका मिल जाता है।

डीएनए इंडिया की एक खबर का पोस्टमार्टम : खबरों में विचार घुसेड़ने की पत्रकारिता कहां सिखाई जाती है…

खबर और विचार बिल्कुल अलग चीजें हैं। पत्रकारिता की पहली सीख होती है, खबर में विचारों का घालमेल ना हो। उसपर कोई राय भी ना दी जाए। संपादित खबरों को यथासंभव जस का तस प्रस्तुत कर दिया जाए। निर्णय लेने या विचार बनाने का काम पाठकों पर छोड़ दिया जाए। पत्रकारिता के ह्रास के साथ साथ खबरों और विचारों का अंतर भी खत्म होता जा रहा है। पत्रकारिता में विचारों की बेईमानी वैसे ही मिलाई जा रही है जैसे दूध में मिलाया गया पानी मिनरल वाटर है। आज इस शीर्षक पर नजर गई तो लगा कि यह कौन सी पत्रकारिता है और क्या यह आम पाठक के लिए की जा रही है। खबर का शीर्षक ही – एक उद्देश्य की पूर्ति करता लगता है।

आज है कमलेश्वर का जन्मदिन : तेरह साल पहले मोहम्मद जाकिर हुसैन ने जो इंटरव्यू लिया था, उसे आज फिर पढ़ें

12 जनवरी 2003 को प्रख्यात कथाकार कमलेश्वर भिलाई गए थे। तब पत्रकार मोहम्मद जाकिर हुसैन ने उनका एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू लिया था। वह तब ”हरिभूमि” में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था। आज 6 जनवरी को स्व. कमलेश्वर जी का जन्मदिन है। पूरा इंटरव्यू आज की परिस्थिति में भी बेहद प्रासंगिक है। जो पढ़ चुके हैं वो दुबारा पढ़ें और जो नए हैं वो जरूर पढ़ें।

‘अनारकली आरावाली’ नाम से ठीकठाक बजट वाली फिल्म बनाने में जुटे पत्रकार अविनाश दास

अविनाश दास का मुंबई में कई वर्षों का संघर्ष रंग लाया. वह एक ठीकठाक बजट वाली फिल्म बना रहे हैं. फिल्म का निमार्ण काम शुरू हो चुका है. फिल्म का नाम ‘अनारकली आरावाली’ है. फिल्म की लीड रोड स्वरा भास्कर निभा रही है. कोरियोग्राफर हैं शबीना ख़ान. सिनेमेटोग्राफर अरविंद कन्नाबीरन हैं. अमरोहा में फिल्म के कई हिस्सों की शूटिंग 28 दिनों में पूरी हो चुकी है और अब दिल्ली में शूटिंग चल रही है. अविनाश एनडीटीवी न्यूज चैनल में काम कर चुके हैं. ब्लागर रहे हैं और कई अखबारों में काम किए हुए हैं. अपनी फिल्म को लेकर फेसबुक पर अविनाश दास का एक स्टेटस यूं है:

मृदुल त्यागी ने जिस मैडम का जिक्र किया है कहीं वो आई-नेक्स्ट वाली शर्मिष्ठा शर्मा तो नहीं!

Mridul Tyagi : तो लीजिए मेहरबान, कद्रदान, साहेबान… हाजिर है, एक हैं मैडम….  एक हैं मैडम-1 …. एक बड़े अखबार का छोटा अखबार था. और उसमें थी एक बहुत मैडम. वो इतनी बड़ी क्यूं थी, कभी समझ नहीं पाए. शायद इसलिए कि वो जो कहती थीं, वो किसी को समझ नहीं आता था, और जो सब कहते थे, वो उन्हें समझ नहीं आता था. कुल मिलाकर अंतर इतना ज्यादा कि तमिल-पंजाबी. टू स्टेट्स यू नो…. कभी-कभी कुछ बातें समझ आ जाती थीं. जब वो कहती थी समथिंग बिग. फिर बहुत बड़ी खबर पर जब वो कहती थीं कि इसमें न्यूज जैसा क्या है, तो लगता था कि सही में न्यूयार्क टाइम्स और घंटाघर बोलता है वाला अंतर है.

रवीश कुमार ने एनडीटीवी से इस्तीफा नहीं दिया, छुट्टी पर गए हैं

Nachiketa Desai : क्या रवीश कुमार अब NDTV India में नहीं रहे. वे कई दिन से उनके सबसे लोकप्रिय कार्यक्रम प्राइम टाइम में नहीं आ रहे हैं. हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में रवीश कुमार ने आज के टीवी चैनल्स पर बहुत गंभीर टिपण्णी की थी. क्या कोई बता सकता है …

मालिनी पार्थसारथी के संपादन में हिंदू लगातार बदतर होता गया

Dilip Khan : जब शेखर गुप्ता इंडियन एक्सप्रेस छोड़कर गए तो कई लोगों को लगा था कि अख़बार बैठ जाएगा, लेकिन राजकमल झा ने उसे और चमका दिया। शेखर गुप्ता के छोड़ने का पूरा मामला शिगूफ़े में तब्दील होकर बैठ गया। लेकिन, जब सिद्धार्थ वरदराजन को द हिंदू से जाना पड़ा तो हिंदू के बैठने की बात किसी ने नहीं की थी। फिर पी साईंनाथ सहित एक-एक कर कई लोग गए। इनमें प्रवीण स्वामी के अलावा लगभग सबके जाने पर मुझे अफ़सोस हुआा।

पढ़िए द हिंदू की एडिटर मालिनी पार्थसारिथी के इस्तीफे का पत्र और अखबार के चेयरमैन एन राम की टिप्पणी

Dear colleagues,

In view of the strong feedback I have been receiving on “general dissatisfaction” with my performance as Editor these last 11 months, I hereby resign from the post of Editor, The Hindu, with immediate effect.

कवि और पत्रकार चितरंजन रावल नहीं रहे

Rajaram Tripathi : हिन्दी के अनन्य सेवक, प्रखर व्यंगकार, कवि, लेखक, शिक्षाविद, मेरे अनन्य सखा, अग्रज, भाई चितरंजन रावल कल रात्रि महाप्रयाण कर गये। आप दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय मासिक पत्रिका “ककसाड़” के आधार स्तम्भों में से एक थे, बस्तरान्चल की साहित्यिक पत्रिका “चेलिक” के मेरे प्रबन्ध संचालक थे। आपकी प्रकाशित कविता संग्रह “कुचला हुआ सूरज” बस्तर के साहित्य संसार में मील का पत्थर कहा जाता है।

वरिष्ठ पत्रकार दीपक शर्मा ने यह गंभीर आरोप मोदी पर लगाया या केजरीवाल पर, पढ़िए और बूझिए

Deepak Sharma : ब्रांड चाहे एक करोड़ की मर्सीडीज़ बेंज हो या 4 रूपए का विमल गुटखा , बाज़ार में बिकने के लिए उसे बाज़ार के उसूल स्वीकार करने ही होंगे. उसे लोगों के हाथ अगर बिकना है तो बाज़ार में दिखना होगा. मार्केटिंग के ये नियम कोका कोला ने बाज़ार में आज से कोई 129 साल पहले तय कर दिए थे. कोका कोला ने दुनिया को तब पहली बार बताया था कि बाज़ार में होने से कहीं ज्यादा बाज़ार में दिखना ज़रूरी है. दिखेंगे तो ब्रांड बनेंगे. ब्रांड बनेगे तो खुद ब खुद बिकेंगे.

द हिंदू के संपादक पद से मालिनी पार्थसारिथी का इस्तीफा, सुरेश नंबठ को अंतरिम प्रभार

इस प्रकरण के बारे में द हिंदू अखबार में छपी खबर इस प्रकार है>

Resignation of Editor & interim arrangements in place

Malini Parthasarathy has resigned as Editor of The Hindu with immediate effect. Suresh Nambath, National Editor, The Hindu, has been entrusted with the responsibility of managing the news and editorial operations of The Hindu until a new Editor is appointed.

कांट्रैक्ट के आधार पर काम करने वाले इंप्लाइज पर मोदी सरकार का बढ़ता हमला

देश में सार्वजनिक क्षेत्र में 50 प्रतिशत और निजी क्षेत्र में 70 प्रतिशत ऐसे इंप्लाई हैं जो कांट्रैक्ट पर काम करते हैं। इन कांट्रै्क्ट कर्मियों यानि ठेका मजदूरों की हालत बेहद खराब है। 1990 के बाद ठेका मजदूरों को स्थायी काम में नियोजित करने और इसके जरिए अपने मुनाफे में बेइंतहा वृद्धि करने की दिशा में देश में कारपोरेट घराने बढ़े। कार्य की प्रकृति स्थायी होने के बाबजूद ठेका मजदूर (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम की धारा 10 का उल्लंघन करते हुए इन कामों में ठेका मजदूरों को नियोजित किया जाता रहा। सरकार के संरक्षण में सारे श्रम कानूनों को दरकिनार कर यह प्रक्रिया चलायी गयी।

मां की महायात्रा पर पत्रकार विजय मनोहर तिवारी ने आठ पेज का अखबार छाप कर दी अनोखी विदाई

विजय मनोहर तिवारी ने अपनी मां श्रीमती सावित्री तिवारी को अलग तरीके से विदाई दी। उन्होंने अपनी मां की स्मृति में 8 पेज का वर्ल्ड क्लास का अखबार छापा है, जो केवल परिजनों के लिए है। इस अखबार में श्रीमती सावित्री तिवारी के जीवन से जुड़ी लगभग सभी बातों को पिरोने की कोशिश की गई है। विजय जी का कहना है कि जमींदार और राजे-महाराजे छत्रियां बनवाते थे, लेखक लोग किताब लिखते है, मूर्तिकार मूर्तियां बनाते है तो मैंने सोचा कि मैं अपनी मां के लिए अखबार निकाल दूं। इस अखबार में उनकी मां का लिखा हुआ दुनिया का सबसे संक्षिप्त सम्पादकीय भी है- ‘‘काए खों लिख रए हो? कौन पढ़ेगो? पप्पू तुम फालतू में दिमाग-पच्ची कर रए।’’

मनोरंजना और मतंग की मदद करने व अन्य कई आरोपों के चलते चिदंबरम की पत्नी नलिनी का नाम भी आरोप पत्र में शामिल होगा

कोलकाता से खबर है कि सारधा चिटफंड घोटाले के अंतिम आरोप पत्र में सीबीआई पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम की पत्नी नलिनी चिदम्बरम का नाम भी शामिल करेगी। सीबीआई सूत्रों के अनुसार नलिनी चिदम्बरम के खिलाफ एजेन्सी को ठोस सबूत मिले हैं। उन्हें आरोपी बनाया जाएगा। पेशे से वकील नलिनी चिदम्बरम पर कानूनी सलाह देने के नाम पर सारधा समूह से कई करोड़ रुपए वसूलने तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री मतंग सिंह व उनकी पत्नी मनोरंजना सिंह के टीवी न्यूज चैनल 42 करोड़ रुपए में खरीदने के लिए दबाव बनाने का आरोप है।

लखनऊ के ये तीन गैर-जिम्मेदार अखबार

Kumar Sauvir : मीडिया की गैर-जिम्मेदार हरकतें और बेहिसाब बेशर्मी का नजारा आपको आज यानि चार जनवरी के अखबारों में देखना चाहिए। लखनऊ से छपने वाले तीन प्रमुख अखबार हैं हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला। लेकिन कल पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकवादी हमले के कवरेज में इन अखबारों ने अपनी गैर-जिम्मेदारी का पूरी बेशर्मी से प्रदर्शन कर दिया। इस हादसे में हिदुस्तान ने 4 आतंकी और 3 जवानों की मौत का जिक्र है, जबकि दैनिक जागरण को इसमें 5 आतंकी और 5 जवानों के मारे जाने का तस्करा किया है।

व्यापमं केस : दो दर्जन संदिग्ध मौत के मामलों में खात्मे की तैयारी!

भोपाल। व्यापमं महाघोटाले से जुड़ी दो दर्जन संदिग्ध मौतों की जांच में सीबीआई को ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। देशभर में सनसनी फैलाने वाले मौत के मामलों की छानबीन में जुटी सीबीआई को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिल रहे। इसलिए इनमें खात्मा लगाने के संकेत हैं। राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे शैलेष एवं दिल्ली के पत्रकार अक्षय सिंह सहित 24 लोगों की संदिग्ध परिस्थितयों में हुई मौत के मामले में सीबीआई ने 15 पीई (प्रारंभिक जांच) दर्ज की है।

पंजाब में गेट तोड़े जाने की शिकायत करने गए पत्रकार का हाथ काटा

पंजाब के जालंधर जिले के पट्‌टी कस्बे से खबर है कि एक पंजाबी अखबार के पत्रकार को पड़ोसियों ने तेजधार हथियारों से हमला कर जख्मी कर दिया। उसे सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। पत्रकार सलविंदर सिंह बब्बा ने बताया कि वीरवार को उनकी हवेली का गेट पड़ोस के लोगों ने तोड़ दिया। जब …

हिंदुस्तान के पत्रकार संजय मिश्र और उनकी पत्नी की सड़क हादसे में मौत

हिन्दुस्तान अखबार के पत्रकार संजय मिश्र (उम्र 35 साल) और उनकी पत्नी की सड़क हादस में मौत हो गई. संजय इलाहाबाद के नवाबगंज के रहने वाले थे. सड़क दुर्घटना सिराथू में हुई. संजय के पास कई अखबारों की एजेंसी भी थी. बहू-बेटे की मौत से दैनिक जागरण में काम कर रहे उनके पिता रामदेव मिश्र की हालत खराब है. संजय अपने पीछे एक बेटी व दो बेटे छोड़ गए हैं. संजय अपने पिता के इकलौते बेटे थे. 

ट्रिब्यून के संपादक हरीश खरे बोले- नेता और व्यवसायी चला रहे हैं देश की पत्रकारिता

जयपुर। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार और ‘दैनिक ट्रिब्यून’ के एडिटर इन चीफ हरीश खरे ने पत्रकारिता और राजनीति के घालमेल पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, ‘पत्रकार आज राजनीति में सक्रिय हैं और राजनेता पत्रकार बन गए हैं, यह पता ही नहीं चलता है कि किस व्यक्ति का पेशा क्या है।’ खरे सोमवार को ‘राजस्थान पत्रिका’ की ओर से आयोजित ‘पंडित झाबरमल शर्मा स्मृति व्याख्यान एवं सृजनात्मक साहित्य पुरस्कार समारोह’ बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मीडिया समूह उद्योगपति चला रहे हैं। अब यह पता ही नहीं चलता है कि कौन पत्रकार है और कौन राजनीति में है, यही कारण है कि मीडिया राजनेताओं और उद्योगपतियों की बात करने लगा है।