पत्रकारिता फील्ड में आने वालों, इस किताब को पढ़ लो… फिर न कहना- ‘ये कहां फंस गए हम!’

पत्रकारिता की दुनिया को ‘संजय’ की नजर से देखने-समझने के लिए ‘पत्रकारिता – जो मैंने देखा, जाना, समझा’ को पढें…

वरिष्ठ पत्रकार और उद्यमी संजय कुमार सिंह की पुस्तक “पत्रकारिता – जो मैंने देखा, जाना, समझा“ उन तमाम लोगों के लिए आंख खोलने वाली है, जो आज भी पत्रकारों में बाबूराव विष्णु पड़ारकर या गणेश शंकर विद्यार्थी देखते हैं और जो ग्लैमर से प्रभावित होकर पत्रकारिता को पेशा बनाना चाहते हैं। यह सच है कि चीजें जैसी दिखाई पड़ती हैं, उनको वैसी ही वही मान ले सकता है जिसके पास अंतर्दृष्टि नहीं होगी। पर जिसके पास अंतर्दृष्टि है वह चीजों को उसके अंतिम छोर तक देखता है। चीजें जैसी दिखती हैं, वह उसे उसी रूप में कदापि स्वीकार नहीं करता। चिंतन-मनन करता है और अपनी अंतर्दृष्टि से सत्य की तलाश करता है।

वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह की किताब ‘राजरंग’ का गोरखपुर में विमोचन 24 सितंबर को

सहारा मीडिया के लिए दिल्ली में लंबे समय से वरिष्ठ पद पर तैनात और प्रेस क्लब आफ इंडिया के कई वर्षों से निदेशक संजय सिंह की नई किताब ‘राज-रंग’ का आगमन हो गया है. इसका विधिवत विमोचन उनके गृह जनपद गोरखपुर में होगा. इसके लिए 24 सितंबर की तारीख तय की गई है. समारोह अपराह्न तीन बजे से गोरखपुर क्लब के सभागार में होगा. इस आयोजन के मुख्य अतिथि हैं साहित्य अकादमी नई दिल्ली के अध्यक्ष विश्वनाथ त्रिपाठी.

संजय द्विवेदी द्वारा संपादित दो पुस्तकों का विमोचन

भोपाल, 10 फरवरी। मीडिया विमर्श के तत्वावधान में आयोजित समारोह में लेखक एवं मीडिया गुरु संजय द्विवेदी द्वारा संपादित दो पुस्तकों ‘अजातशत्रु अच्युतानंद’ और ‘मीडिया, भूमण्डलीकरण और समाज’ का विमोचन किया गया। इस मौके पर संपादक श्री द्विवेदी ने कहा कि दोनों पुस्तकें रचनात्मक और सृजनात्मक पत्रकारिता के पुरोधाओं को समर्पित हैं। पुस्तकों का विमोचन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों ने किया, जो इन दिनों देश के विभिन्न मीडिया माध्यमों में कार्यरत हैं। कार्यक्रम का आयोजन सात फरवरी को भोपाल स्थित गांधी भवन में किया गया। इस मौके पर दिल्ली, छत्तीसगढ़, पंजाब, मध्यप्रदेश, झारखण्ड, बिहार और उत्तरप्रदेश सहित अन्य शहरों से आए मीडियाकर्मी, बुद्धिजीवी एवं पत्रकारिता के विद्यार्थी मौजूद थे।