अगर आप नेट वीर हैं तो आपके लिए है ये ‘भड़ास कंटेंट मानेटाइजेशन वर्कशाप’

पूरे उत्तर भारत में इन दिनों आनलाइन मीडिया का जोर है. हर जिले में पत्रकार से लेकर पढ़े-लिखे वयक्ति तक अपने अपने न्यूज पोर्टल, ब्लाग, फेसबुक, यूट्यूब चैनल आदि पर सक्रिय हैं और खुद द्वारा क्रिएट जनरेट कंटेंट अपलोड कर रहे हैं. फिलहाल ज्यादातर लोग यह काम शौकिया करते हैं. लेकिन अब इस दौर में जब गूगल जैसा बड़ा ग्रुप हिंदी में कंटेंट रचने वालों को, वीडियो डालने वालों को जमकर डालर दे रहा है, गूगल एडसेंस व कंटेंट मानेटाइजेशन के जरिए, हिंदी पट्टी के अधिकतर लोग अनजान हैं कि आखिर कैसे वे अपने दम पर, अकेले के बल पर महीने में पांच से पचास हजार रुपये तक कमा सकते हैं.

दीपक शर्मा के आजतक से बाहर होने और ‘आम आदमी मीडिया’ की नारेबाजी करने के पीछे की असलियत

((यशवंत सिंह, एडिटर, भड़ास4मीडिया))


Yashwant Singh : ‘आप’ वालों की कमीनपंथी के बाद अब तो जो भी जनता की या आम आदमी की बात करता है तो जाने क्यों डर-सा लगता है बाबूजी. सोच रहा था इस चैनल के मसले पर चुप ही रहूंगा. जो भी लोग इससे जुड़े हैं या जुड़ रहे हैं सब किसी न किसी तरीके से आनलाइन-आफलाइन मित्र ही हैं. पर भाई Abhishek Srivastava ने जब ‘हुआं हुआं’ का आग़ाज़ किया है तो मेरे भी पेट में मरोड़ उठने लगी, सोचा दबा कर क्यों रखूं, निकाल ही दूं, मौका भी है और दस्तूर भी. तो, मेरी तरफ से भी थोड़ी-सी हुआं हुआं सुन लीजिए. वैसे, ‘हुआं हुआं’ को लोग गंभीरता से नहीं लेते, ‘हवा-हवाई’ टाइप ही मानते हैं और तदनुसार सुनकर भी अनसुना कर देते हैं… तो चलिए आप सभी अभी ऐसा ही मान लीजिएग क्योंकि मैं चाहता हूं कि उपर वाला उन-उन दावों को जो ये लोग कर-करा रहे हैं, बता रहे हैं, सुना रहे हैं, भुना रहे हैं, प्रचारित करा रहे हैं… सच साबित करे.

न्यूज चैनल के रिपोर्टर पर अटैक, हमलावरों ने माइक और कैमरा तोड़ा

बहराइच : कुछ लोगों ने खबर प्रसारित कर दिए जाने से खुन्नस मानते हुए एक न्यूज चैनल के रिपोर्टर जगदंबा सिंह पर हमला कर उनका कैमरा और माइक भी तोड़ दिया। हमले में रिपोर्टर को काफी चोटें आई हैं। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

अमर उजाला से जितेन्‍द्र, अनुपम, प्रज्ञान के बारे में सूचनाएं

अमर उजाला से खबर आ रही है कि डेस्‍क मे कार्यरत जूनियर सब जितेन्‍द्र पाण्‍डेय ने आज अमर उजाला को बाय बाय कर दिया। जितेन्‍द्र ने आगरा में ही हिन्‍दुस्‍तान के साथ काम करने का फैसला किया है । यहां पर उनको सब एडिटर के पद पर ज्‍वाइन कराया जायेगा । इसके पूर्व जितेन्‍द्र दैनिक …

बनारस की लवंडई और ग़ाज़ीपुर की अक्‍खड़ई का मिलन!

Abhishek Srivastava : बनारस की लवंडई और ग़ाज़ीपुर की अक्‍खड़ई आपस में मिल जाए तो वही होता है जो आज आम आदमी पार्टी के साथ हुआ है। ग़ाज़ीपुर के निवासी और बीएचयू छात्रसंघ के कभी महामंत्री रह चुके छात्र नेता उमेश कुमार सिंह ने मौके पर जो लंगड़ी मारी है, वह कल होने वाली नेशनल काउंसिल की बैठक से पहले रात भर में ही खेल को बिगाड़ने की कुव्‍वत रखता है। उमेशजी की सोहबत में अरविंद केजरीवाल बनारस से चुनाव तो लड़ आए, लेकिन एक बात नहीं समझ पाए कि मुंह में पान घुला हो तो बनारसी आदमी अमृत को भी लात मार सकता है। अगर ग़ाज़ीपुर का हुआ तो खिसिया कर सामने वाले के मुंह पर थूक भी सकता है।

लोकपाल के नाम पर सत्ता में आए और सवाल उठाने पर लोकपाल की ही छुट्टी कर दी!

आम आदमी पार्टी में मची भयानक कलह के बाद भी हालांकि पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पार्टी में “आल इज़ वेल”  है, लेकिन हर रोज़ हम सभी को जो देखने और सुनने को मिल रहा, उससे तो यही लगता है की केजरी हम सभी को बार बार “अप्रैल फूल” ही बना रहे हैं. हालांकि केजरी को अब इसकी ज़रूरत नहीं होनी चाहिए थी क्योंकि वह तो पहले ही हम दिल्ली वासियों को अप्रैल फूल बना कर ही दिल्ली की सत्ता पर क़ाबिज़ हुए हैं। 

हां जी मोदी जी! इससे तो अच्छा होता कि सीधे ‘भारत रत्न’ ही दे देते रजत बाबू को

पद्म और भारत रत्न पुरस्कार प्रदान किए जाने के लिए राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में आयोजित पारंपरिक समारोह में कल टीवी एंकर और पत्रकार रजत शर्मा को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। रजत को यह पुरस्कार शिक्षा और साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया। यह जानकर मन में जिज्ञासा हुई कि रजत बाबू के कभी किसी शैक्षणिक गतिविधि में संलग्न होने के बारे में तो सुना नहीं और न ही उनकी किसी किताब, कविता, कहानी या अन्य कोई साहित्यिक रचना के बारे में कभी सुना, …तो फिर शिक्षा और साहित्य में योगदान के लिए इतना बड़ा पुरस्कार कैसे ?

कंपनी एक्ट में बदलाव के कारण प्रेस क्लब आफ इंडिया का चुनाव टला!

प्रेस क्लब आफ इंडिया के सालाना चुनाव कई हफ्तों के लिए टल गए हैं. इसके पीछे कई तरह के कयास लगाए गए. कुछ लोगों ने गंभीर किस्म के आरोप भी लगाए. पर अब प्रेस क्लब आफ इंडिया की मैनेजिंग कमेटी ने स्पष्ट किया है कि आखिर किन वजहों से चुनाव टालने को मजबूर होना पड़ा. इसके पीछे वजह बताया गया कंपनी एक्ट में कई महत्वपूर्ण बदलाव. उन बदलावों के अनुरूप प्रेस क्लब को ढालने के लिए वक्त चाहिए. इसी वजह से चुनाव टालने जैसा बड़ा व मुश्किल फैसला लेना पड़ा. यह वजह कितना पर्याप्त है चुनाव टालने के लिए, ये तो प्रेस क्लब के सदस्य गण बताएंगे लेकिन प्रेस क्लब आफ इंडिया की तरफ से इसके सदस्यों को चुनाव टालने को लेकर जो मेल भेजा गया है, उसकी एक प्रति भड़ास के पास भी है, जिसे यहां प्रकाशित किया जा रहा है.

मजीठिया मामले में सबसे डरपोक अमर उजाला के कर्मचारी, सिर्फ मिमियाएं नहीं : रवींद्र अग्रवाल

मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर अखबार मालिकों से चल रही लड़ाई में सबसे ज्यादा बुरी हालत में अमर उजाला के कर्मचारी दिख रहे हैं। अधिकतर बड़े अखबारों की यूनियनों के अलावा उनके कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपने-अपने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है, मगर अमर उजाला के दब्बू/डरपोक कर्मचारियों की हालत भेड़-बकरियों जैसी बनी हुई है। हर किसी को पता है कि उसे हलाल किया जाने वाला है, मगर सभी मिमियाने के अलावा गुर्राने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहे हैं।

प्रशासन, नेताओं और धन्नासेठों का दलाल बनने से बचें पत्रकार : आनंद स्वरूप वर्मा

पौड़ी (उत्तराखण्ड) : आज के दौर में लोगों तक सही सूचनाएं नहीं पहुंच रही हैं। पत्रकार पुलिस और प्रशासन के स्टेनो बन गये हैं। जैसी सूचनाएं वह देते हैं, पत्रकार उसी को अपने अखबार/चैनल को भेज देते हैं। अपने स्तर पर सूचनाओं की पुष्टि करने तथा उससे अलग तथ्य खोजने की मेहनत से बचते हैं। यह बात उमेश डोभाल स्मृति रजत जयंती समारोह में आयोजित व्याख्यान ‘बदलते परिवेश में जन प्रतिरोध’ विषय पर मुख्य वक्ता वरिष्ठ लेखक-पत्रकार और समकालीन तीसरी दुनिया के संपादक आनंद स्वरूप वर्मा ने कही। 

नेहा, पंकज, चंद्रशेखर को उमेश डोभाल पुरस्कार, कठोच, नेगी, सुयाल भी सम्मानित

पौड़ी (उत्तराखण्ड)। उमेश डोभाल स्मृति ट्रस्ट पौड़ी द्वारा आयोजित रजत जयंती समारोह में पुरातत्वविद और इतिहासकार डा. यशवंत कठोच को उमेश डोभाल स्मृति सम्मान, समाजसेवी धूम सिंह नेगी को राजेंद्र रावत जन सरोकार सम्मान और कवि निरंजन सुयाल को गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ जनकवि सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अलावा पत्रकार डा. उमाशंकर थपलियाल और भवानी शंकर थपलियाल को मरणोपरांत विशिष्ठ सम्मान प्रदान किया गया। उमेश डोभाल युवा पत्रकारिता पुरस्कार हिंदुस्तान टाइम्स की देहरादून संवाददाता नेहा पंत को प्रिंट मीडिया में, ईटीवी संवाददाता पंकज गैरोला को इलेक्ट्रानिक मीडिया में और चंद्रशेखर करगेती को, साइबर मीडिया में जनसरोकारी पत्रकारिता के लिए पुरस्कृत किया गया।

हमने प्रभाष जोशी का असहाय चेहरा देखा है

हम जिन्हें प्रभाष जोशी से बेहतर संपादक मानते हैं, वे क्यों अरविंद केजरीवाल का पक्ष लेंगे, इसके लिए मामूली सबएटीटर होकर भी हमने ओम थानवी के खिलाफ सवाल उठाये थे तो आज मेरा सवाल जनपक्षधर सारे लोगों से है कि जनपक्षधरता आपपक्ष क्यों बनती जा रही है।

पुस्तक समीक्षा : जीवन का मूल स्वर है गजल संग्रह ‘दर्द का कारवां’

आम जीवन की बेबाकी से जिक्र करना और इसकी विसंगतियों की सारी परतें खोल देना यह विवेक और चिंता की उंचाइयों का परिणाम होता है। आज जो साहित्य रचा जा रहा है, वह लेखन की कई शर्तों को अपने साथ लेकर चल रहा है। एक तरफ जिन्दगी की जहां गुनगुनाहट है, वहीं दूसरी तरफ जवानी को बुढ़ापे में तब्दील होने की जिद्द भी है।

 

हिंदी पत्रकारिता में दलित चिंतकों की मजबूत हिस्सेदारी : अरविंद मोहन

नई दिल्ली : वरिष्ठ पत्रकार अरविंद मोहन ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता में दलित चिंतकों की हिस्सेदारी इतनी मजबूत हो गई है कि यदि उनके सामाजिक-साहित्यिक मुद्दों को केन्द्र में नहीं रखा गया तो यह पत्रकारिता के पेशे से बेईमानी और इसकी व्यवसायिकता की हानि होगी। प्रो. राजकुमार ने कहा कि शिक्षा ही प्रतिरोध की शक्ति देती है। 

जी न्यूज में तुगलकी फरमान, मोबाइल फोन के साथ आफिस के अंदर नहीं घुस सकेंगे!

खबर है कि जी न्यूज प्रबंधन ने एक तुगलकी फरमान जारी किया है. इसके मुताबिक अब मीडियाकर्मी आफिस के अंदर मोबाइल फोन लेकर नहीं घुस सकेंगे. कहा जा रहा है कि कुछ लोग मोबाइल फोन के जरिए अंदर की सूचनाएं बाहर कर रहे थे. मुखबिरी और लीक से परेशान जी प्रबंधन ने मोबाइल को दूर रखने का आदेश जारी कर दिया.

‘फोकस’ के सारे रीजनल न्यूज चैनल बंद!

नवीन जिंदल को धीरे धीरे समझ में आने लगा है कि मतंग सिंह ने उन्हें अच्छी खासी टोपी पहना दी है. फोकस समेत ढेर सारे न्यूज चैनल मतंग सिंह से खरीदने के कुछ महीनों बाद नवीन जिंदल को लगने लगा कि पैसा तो आ नहीं रहा, उपर से करोड़ों घर से जा रहा है. जिंदल ने चैनल खरीदा सुभाष चंद्रा और जी ग्रुप को सबक सिखाने के लिए. लेकिन ये ढेर सारे चैनल हाथी के पेट की तरह काफी पैसा खाते हैं.

सहारा में अब उठने लगे विरोध के स्वर, कई यूनिटों में भगदड़ के हालात

सहारा में सैलरी न मिलने का असर दिखने लगा है। वाराणसी और देहरादून समेत कई यूनिटों में कर्मचारियों में भगदड़ मचने की सूचनाएं हैं। वाराणसी में थोक में लोग लंबे अवकाश पर जाने लगे हैं। तेज प्रताप सिंह, विवेक सिंह, त्रिपुरेश राय, दीपक राय, बाबू राम, राहुल सिंह, राकेश यादव, अशोक चौबे, सुद्दोधन आदि बिना बताये अवकाश पर चले गए हैं। देहरादून से निधि सिंह, सुधीर सिंह, ममता सिंह, सरिता नेगी, शक्ति सिंह लंबे समय से अवकाश पर हैं। वाराणसी में स्टाफ की कमी से संस्करण मर्ज किये जा रहे हैं।

अमर उजाला ने रची फंड हजम करने की साजिश, मामला पहुंचा सेंट्रल पीएफ ऑफिस

कारपोरेट मीडिया अपने कर्मचारियों की फंड संबंधी बकाया राशि हजम कर जाने अथवा नियम-कानून की आड़ में आपराधिक मंशा से कैसी-कैसी साजिशें करता है, इसकी एक बानगी भर है नितिन दुआ की आपबीती, जिसे उन्होंने रीजनल प्रॉविडेंट फंड कमिश्नर कानपुर, सेंट्रल पीएफ कमिश्नर दिल्ली (श्रम मंत्रालय दिल्ली), चीफ विजिलेंस ऑफिसर भविष्य निधि दिल्ली एवं असिस्टेंट कॉम्पलेंस कमिश्नर भविष्य निधि दिल्ली को प्रेषित अपने पार्थना पत्र में सविस्तार अवगत कराया है। 

अधिकारियों को प्रेषित नितिन दुआ का पत्र

पत्रिका रायपुर के राज्य संपादक की महिला पत्रकार पर मेहरबानी के मायने

पत्रिका के रायपुर संस्करण में एक वक्त था जब पत्रिका ने छत्तीसगढ़ में लांचिंग के साथ ही भास्कर जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्र के सालों से जमे जमाए पैर को हिलाने में महीने भर का भी वक्त नहीं लिया। काफी कम समय में पत्रिका ने छत्तीसगढ़ में अपना अलग स्थान स्थापित किया। यही कारण है कि सीएम से लेकर जनता के दिलों में पत्रिका ने अपना अहम स्थान बनाया। पर पिछले एक वर्षों से स्थितियां काफी बदल गई है। जब से स्टेट हेड संपादक साहब ने यहां का कार्यभार संभाला है तब से पत्रिका का कंटेंट बहुत ही घटिया हो गया है।

अखबार के कुछ ऐसे शीर्षक जिनमें वर्तनी और व्याकरण की दृष्टि से अनेक ग़लतियां…

LN Shital : मित्रो, निम्नलिखित शीर्षक एक ही अखबार के कुछ ऐसे शीर्षक हैं, जिनमें वर्तनी और व्याकरण की दृष्टि से अनेक ग़लतियाँ हैं। यदि मेरे हिन्दी-प्रेमी मित्रों की इच्छा हो तो, मैं उन ग़लतियों को उजागर करने का प्रयास करूँ।

जिस पहले पन्ने को बनाते थे, उसी पर खबर बन गए अनूप…

DrPraveen Tiwari :  ‘सर, पेज भेज दिया हूँ, देख लीजिए’… पिछले एक साल से लगातार रात १२ से १ के बीच ये लाइन फोन पर सुनने का आदी हो गया हूँ. हर तारीख की शुरुआत का पहला मैसेज और वाट्सएप भी अनूप का ही होता था. रोज शाम खबरों पर चर्चा फिर रात में पेज प्रिंट पर भेजने से पहले फोन पर चर्चा मेरी और अनूप की जिंदगी का हिस्सा बन गया था. अनूप कई उम्मीदों और सपनों को साथ लिए हमेशा के लिए हमसे दूर हो गए हैं.

सुभाष चंद्रा ग्रुप के हिमगिरी जी विश्वविद्यालय का फ्रॉड, छात्र-छात्राएं हो रहे परेशान

Respected Sir, Myself xxx from Dehradun, i got your mail ID from Internet as you are so famous among everyone. The reason for this mail is I need your support and help, as may be you heard about our problem though the means of Media… FOCUS NEWS. 

अनूप झा को वरिष्ठ टेलीविजन पत्रकार पंकज शर्मा की श्रद्धांजलि…

: अनूप भाई ऐसी भी क्या नाराजगी : 30 मार्च 2015 रात के करीब दस बज रहे थे …मैं यूं ही बैठा हुआ नेट पर कुछ खंगाल रहा था कि  अनायास हमारे छोटे भाई सदृश और वरिष्ठ पत्रकार डॉ प्रवीण तिवारी का फोन आया। प्रवीण का फोन आता है तो हम लंबे समय तक देशदुनिया की बात करते हैं और एक दूसरे पर जमकर चिल्लाते हैं लेकिन आज उसकी उदासी और सांसों में बैचेनी को सहज ही समझा जा सकता था। फोन उठाते ही कहा कि एक बुरी खबर है.. मैं चौंक गया मन उधेड़बुन में लग गया .. कयासों के बादल दिमाग में मंडराने लगे सोचा शायद इसने लाइव इंडिया को बॉय बॉय बोल दिया या फिर शायद कुछ और.. इतना समय भी नहीं था, क्योंकि प्रवीण सरीखा हंसमुख व्यक्ति कभी उदास अच्छा नहीं लगता मैने पूछा तो बताया कि भाई अनूप झा नहीं रहे।

स्व. अनूप झा

भारत का मीडिया TRP के लिए दंगा, फसाद, हत्या, बलात्कार, धरना-प्रदर्शन, आगजनी और लूट के कार्यक्रम प्रायोजित करेगा!

Ajit Singh : पकिस्तान जब भारत से हारा तो पाकिस्तानियों ने अपने TV फोड़ दिए। ऐसा हमको मीडिया ने बताया। हम लोगों ने भी खूब चटखारे लिए। पाकिस्तानियों को इसी बहाने certified चूतिया घोषित कर दिया। बड़ा मज़ा आया। अब मीडिया ने दिखाया कि हिन्दुस्तान में भी लोगों ने TV फोड़ दिए। मैंने इस खबर को बड़े गौर से देखा। मीडिया ने ये भी बताया कि लोग आंसू बहा रहे हैं। उनके आंसू भी देखे । लोग tv सड़कों पे पटक रहे हैं। प्रश्न ये है कि लोग news channel के कैमरा को दिखाने के लिए टीवी फोड़ रहे हैं क्या ? लोगों ने tv खुद फोड़े या मीडिया ने स्टोरी बनाने के लिए फुड़वाये? पुराने टंडीरा TV हैं। साफ़ दिखाई दे रहा है। क्या ये नहीं खोजा जाना चाहिए कि ये नाटक किसने कराया? क्यों कराया? टीवी फोड़ने की घटना किसने शूट की? टीवी कहाँ से आये? कौन लोग थे जिनने अपना TV फोड़ा। जिन लोगों ने TV फोड़ा उन ने अपने घर से कभी संडास का mug भी फेंका है? रोने वालों में कुछ लोग तो स्टेडियम में बैठे हैं। बाकी जो बाहरी लोग दिल्ली मुम्बई में दिखाए जा रहे है वो बहुत घटिया acting कर रहे हैं। मीडिया वाले अपनी दुकानदारी चमकाने के चक्कर में सारी दुनिया को ये बताना चाहते है की सिर्फ पाकिस्तानी ही नहीं हम हिन्दुस्तानी भी certified चूतिया हैं ……ISO मार्का ….. हम भी किरकिट जैसे फर्जीवाड़े पे अपना TV फोड़ सकते हैं।

प्रेम से बोलिए, एंटी करप्शन मूवमेंट स्वाहा….

Dilip C Mandal : प्रेम से बोलिए, एंटी करप्शन मूवमेंट स्वाहा ….  अब ऊपर मोदी और नीचे केजरीवाल हैं और इस समय भारतीय जेलों में कौन कौन से भ्रष्टाचारी बंद हैं, आप बताएं. रॉबर्ट वाड्रा या शीला दीक्षित या कोई उद्योगपति या कोई बड़ा अफसर? कौन है जेल में? वहीं, मनमोहन ने राज चाहे जैसा चलाया, लेकिन उनके समय में जो करप्शन में जेल गए, उनमें कुछ नाम ये हैं:

हिंदी टीवी न्यूज के मसखरेपन के लिए क्या वाकई उदय शंकर, रजत शर्मा और कमर वहीद नकवी जिम्मेदार हैं?

Nadim S. Akhter : दो बातें कहनी हैं. एक तो दिलीप मंडल जी ने हिंदी टीवी न्यूज के -मसखरेपन- के लिए उदयशंकरजी, रजत शर्मा जी और कमर वहीद नकवी जी को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर जिम्मेदार ठहराया है. उनके मन की बात पढ़कर उसका लम्बा-चौड़ा जवाब लिख मारा, लेकिन फिर पुरानी गलती दोहरा गया. सब कुछ ऑनलाइन फेसबुक वॉल पे ही लिख रहा था. अचानक से मेरा कम्प्यूटर बंद हुआ और सब गायब. फिर दुबारा लिखने का मूड सुबह से अब तक नहीं बना. सो हिंदी टीवी न्यूज की गंभीरता को खत्म करने वाली दिलीप जी की बात पर मेरा जवाब फिर कभी.

केजरीवाल या आम आदमी पार्टी से वही लोग निराश हो रहे हैं जो बहुत ज्यादा उम्मीद पाले हुए थे

Sanjaya Kumar Singh : मुझे लग रहा है कि अरविन्द केजरीवाल या आम आदमी पार्टी से वही लोग निराश हो रहे हैं जो बहुत ज्यादा उम्मीद पाले हुए थे। जब अन्ना हजारे के साफ मना करने के बावजूद केजरीवाल ने राजनैतिक पार्टी बनाई – तभी साफ हो गया था कि अरविन्द केजरीवाल में वही कीड़े हैं जो नरेन्द्र मोदी या सोनिया गांधी में। पैकिंग अलग है। अन्ना के आंदोलन की सफलता और अपनी नई बनी छवि को कैश कराने की जल्दबाजी में अरविन्द इस्तीफा देकर बनारस गए और मुंह की खाकर लौटे। इस तरह अरविन्द ने बता दिया कि ना उन्हें राजनीतिक समझ है और ना धूर्तता (तभी कभी कोई स्टिंग कर ले रहा है और कभी कोई और)।

कायर न बनो, झूठे आंसू मत बहाओ, मुट्ठी तानो, लड़ने के लिए एकजुट हो जाओ

सहारा के पत्रकार अमित पांडेय की मौत इसलिए हो गयी क्योंकि उसे कई महीने से वेतन नहीं मिला था । फ़ाक़े कर रहा था। बिस्किट खाकर ख़बरें चला रहा था। कष्ट हो रहा है पर क्या कर सकते हैं।

मुफ्त में अखबार मांगते आरपीएफ जवान ने दो हॉकरों को पीटा, विरोध में हड़ताल

पूर्णिया (बिहार) : क्षेत्र के बनमनखी रेलवे स्टेशन के पास आरपीएफ जवान तारकेश्वर यादव ने अखबार बांटने वाले दो हॉकरों की पिटाई कर दी। वह मुफ्त में अखबार मांग रहा था। क्षेत्र के सभी हॉकर घटना के विरोध में हड़ताल पर चले गए हैं।

‘दृष्टांत’ मैग्जीन के सम्पादक अनूप गुप्ता को अपनी हत्या की आशंका

मैं पिछले लगभग डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़कर दस्तावेजों के साथ भ्रष्टाचार की पोल खोलता आ रहा हूं। पिछले कुछ समय से मैंने तथाकथित भ्रष्ट नौकरशाही से लेकर लखनऊ की भ्रष्ट पत्रकारिता के खिलाफ अभियान सा चला रखा है। परिणामस्वरूप मेरी मिशन पत्रकारिता को चोट पहुंचाने की गरज से विभिन्न तरीकों से प्रताड़ित करने का दौर जारी है। किसी ने मुझे जान से मारने की धमकी दी तो किसी ने मेरी पत्रकारिता को चुनौती देने की कोशिश की। हास्यासपद पहलू यह है कि मुझे चुनौती देने वाले वे पत्रकार हैं जिनका लेखन कार्य से दूर-दूर का रिश्ता नहीं रह गया है। अभी हाल ही में मेरी पत्रिका के ‘शीर्षक’ को भी चुनौती दी गयी। 

बच्ची को बंधक बनाकर घर का काम कराता था न्यूज चैनल का पत्रकार

लुधियाना : हैबोवाल के जस्सियां रोड और शिंगार सिनेमा रोड के दो घरों से सोमवार को दो बंधुआ बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। इन बाल श्रमिकों ने जो आपबीती सुनाई उसे सुनकर अधिकारी भी हक्के-बक्के रह गए। इनका कहना है कि घर के मालिक काम कराने के लिए उनसे मारपीट करते थे। काम नहीं कर पाते तो गर्म प्रेस से दागा जाता था।

सड़क हादसे में अनूप झा का निधन

: तुम्हारी याद बहुत आएगी अनूप : तुम दुनिया छोड़कर चले गए अनूप लेकिन तुम्हारी याद बहुत आएगी। तुम्हारा वो मुस्कुराता हुआ चेहरा भींगी पलकें हमेशा तुम्हे याद करेंगी अपने सबसे पुराने और सहज मित्र को। जो मिजाज और अंदाज से हमेशा मिलनसार रहा। हमेशा याद आएगा, तुम्हारा ये पूछना याद आएगा, कि चाय कब पिलाओगे? तुम्हारे साथ फिर से काम करने का मौका मिला था मुझे करीब 12 साल बाद। हमने हिंदुस्तान में 2000 में साथ काम किया था। फिर अमर उजाला में 2002 में एक बैनर में काम किया। तुम्हारे लाइव इंडिया से परिवार से जुड़ने के बाद मुझे ऐसा लगा था जैसे मुझे कोई खोई हुई दौलत मिल गई। तुम्हारा साथ होना, तुम्हारे साथ बात करना।

केजरीवाल : चेहरा या मुखौटा?

किसी को इंदिरा गांधी का सिडिंकेट से लड़कर मजबूत नेता के तौर पर उभरना याद आ रहा है तो किसी को प्रफुल्ल महंत का असम में सिमटना और फूकन को बाहर का रास्ता दिखा कर एक क्षेत्रीय पार्टी के तौर पर सिमट कर रह जाना याद आ रहा है। किसी को दिल्ली का चुनावी बदशाह दिल्ली में जीत का ठग लग रहा है तो कोई दिल्ली सल्तनत को अपनी बौद्दिकता से ठगकर गिराने की साजिश देख रहा है। कोई लोकतंत्र की हत्या करार दे रहा है तो कोई जनतंत्र पर हावी सत्ताधारी राजनीति को आईना दिखाने वाली राजनीति का पटाक्षेप देख रहा है। एकतरफा निर्णय सुनाने की ताकत किसी में नहीं है। कोई इतिहास के पन्नों को पलटकर निर्णय सुनाने से बचना चाह रहा है तो कोई अपनी जरुरतों को पूरा करने के लिये राजनीति के बदलते मिजाज को देखना चाह रहा है। लेकिन सीधे सीधे यह कोई नहीं कह रहा है कि आम आदमी पार्टी का प्रयोग तो राजनीतिक विचारधाराओं को तिलांजलि देकर पनपा है। जहां राजनेता तो हैं ही नहीं। जहा समाजवादी-वामपंथी या राइट-लेफ्ट की सोच है ही नहीं। जहां राजनीतिक धाराओं को दिशा देने की सोच है ही नहीं। जहां सामाजिक-आर्थिक अंतर्रविरोध को लेकर पूंजीवाद से लड़ने या आवारा पूंजी को संभालने की कोई थ्योरी है ही नहीं। यहा तो शुद्द रुप से अपना घर ठीक करने की सोच है।

जब खुद नेताओं ने पत्रकारों को बताया कि उनका सही नाम क्या है और इसे कैसे लिखा जाए

Shambhunath Shukla : ग्लासनोस्त दर्शन के प्रणेता और सोवियत संघ के कर्ताधर्ता मिखाइल गोर्बाचेव साल 1988 में भारत आए तो दिल्ली के सारे अखबारों को सोवियत सूचना केंद्र ने एक-एक पेज का विज्ञापन दिया। हमारे जनसत्ता को भी दिया गया। मगर उनका नाम गलत न छपे इसलिए कनाट प्लेस के बाराखंभा रोड स्थित सोवियत सूचना केंद्र का एक रूसी अधिकारी हमारे दफ्तर आया और उसने बताया कि साहब आप लोग हमारे नेता का नाम गलत लिखते हैं। उनका सही नाम गोर्बाचेव नहीं गोर्बाच्येव है।

नोएडा में भास्कर न्यूज के नाम से खुले चैनल ने तो हद ही कर दी…

Ashwini Sharma : मुंबई में जैसे चाय की दुकानों की तरह फिल्म निर्माण कंपनियां खुलती हैं ठीक वैसे ही दिल्ली में भी न्यूज चैनल और अखबार के दफ्तर खुलते हैं… सबका मकसद देश में नंबर वन से भी आगे निकलना होता है लेकिन जल्द ही टाय टाय फिस्स हो जाती हैं… दुख होता है जब कोई पत्रकार ठगा जाता है… उन्हें मेहनत का पैसा तक नहीं मिलता… नोएडा में भास्कर न्यूज के नाम से खुले चैनल ने तो हद ही कर दी… कुछ बड़े चेहरों को आगे कर पत्रकारों से इस्तीफा ले लिया गया… पत्रकारों के करियर से खिलवाड़ तो किया ही कई महीनों की सेलरी तक नहीं दी… अब भास्कर न्यूज के उन बड़बोले पत्रकारों की भी खटिया खड़ी है… उन्हें भी अब हाय लग रही है… काश सब साथ होते तो पत्रकार ठगे ना जाते.

चहेते पत्रकारों पर करोड़ों उड़ाने वाली सरकार अमित पांडेय जैसे छोटे पत्रकार की जान बचाने के लिए कुछ नहीं कर सकती!

Alok Ranjan : बहुत ही दुखद खबर आयी है… सहारा के न्यूज चैनल ‘समय’ उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड में 35 साल के असिस्टेंट प्रोड्यूसर अमित पांडेय की मौत हो गयी है… मौत की वजह तो और भी ज्यादा झकझोर देने वाली है… दो महीने से अमित सिर्फ बिस्किट के सहारे ज़िंदा थे… क्योंकि दो महीने से सैलरी नहीं आयी थी… दो महीने से वो ब्रेकफास्ट… लंच और डिनर में बिस्किट खा कर ऑफिस आ रहे थे… ज्यादा दुख इस बात का है कि…

केजरीवाल जी, अपने ये घड़ियाली आंसू बंद कीजिये…

Umesh Dwivedi : क्या जॉइंट कमिश्नर इनकम टैक्स की नौकरी बेहतर होती या मुख्यमंत्री की कुर्सी, पावर? केजरी बाबू अब हमें बार बार मत सुनाइए कि आप इनकम टैक्स की नौकरी छोड़ कर आये हैं …आपने कोई अहसान नहीं किया है ..हां यदि आप नौकरी छोड़ कर “मदर टेरेसा” जैसा कोई काम करते तो तब आपके उस कदम को सराहा जाता! आपने उससे बड़ा पद पाया है, ये आपकी महत्वकांक्षा थी, ना कि त्याग ! हर व्यक्ति अपने जीवन में ऊंचाई पर जाने के लिए जोखिम लेता है, वो आपने भी लिया तो कोई बड़ी बात नहीं की. ईसलिये अहसान की ये गठरी आप अपने मुख्यमंत्री आवास के अटाला घर में रख दें. कल आप राष्ट्रपति भवन में थे. क्या ज्वाइंट कमिश्नर रहते हुए आप जा पाते? नहीं, बिलकुल नहीं ….आपने नौकरी छोड़ कर उससे ज्यादा पाया है ..ईसलिये कृपया अपने ये घड़ियाली आंसू बंद कीजिये.

केजरीवाल पर संपादक ओम थानवी और नरेंद्र मोदी पर पत्रकार दयानंद पांडेय भड़के

Om Thanvi : लोकपाल को वह क्या नाम दिया था अरविन्द केजरीवाल ने? जी, जी – जोकपाल! और जोकपाल पैदा नहीं होते, अपने ही हाथों बना दिए जाते हैं। मुबारक बंधु, आपके सबसे बड़े अभियान की यह सबसे टुच्ची सफलता। अगर आपसी अविश्वास इतने भीतर मैल की तरह जम गया है तो मेल-जोल की कोई राह निकल आएगी यह सोचना मुझ जैसे सठियाते खैरख्वाहों की अब खुशफहमी भर रह गई है। ‘साले’, ‘कमीने’ और पिछवाड़े की ‘लात’ के पात्र पार्टी के संस्थापक लोग ही? प्रो आनंद कुमार तक? षड्यंत्र के आरोपों में सच्चाई कितनी है, मुझे नहीं पता – पर यह रवैया केजरीवाल को धैर्यहीन और आत्मकेंद्रित जाहिर करता है, कुछ कान का कच्चा भी।

See list of top publications / dailies, top language dailies, top english dailies and top magazines in india

IRS 2014 : Hindi remains the most popular language for physical publications and Dainik Jagran tops the chart with  a readership of over 16.6 million. Hindustan (14.7m) and Dainik Bhaskar (13.8m) round off the top 3 publications in India. Malayalam Manorama a Malayalam daily has a readership of 8.8 million, while Times of India, an English daily has a readership of 7.6 million. Here are the top publications in India. It is interesting to note that except Matrubhumi, who had slight dip in their readership all other publications have seen good growth in the number of readers.

All figures in 000’s, IRS 2014

Dainik Jagran Remains Top Publication With 16.6M Readership, ToI Tops English Dailies: IRS

The Indian Readership Survey 2014 is out and it shows that even in the age of Internet and mobile, the readership of physical dailies and magazines is still on the rise. Although, Internet as a news consumption medium is showing rapid growth, the physical paper still remains a popular with Indians. The Indian Readership Survey is the largest and most widely accepted platform to understand how Indian readers consume their news and through which channels. Let us look at some of the key findings of the report.

अब काले हिरण की आत्मा आकर बयान देगा- ”मैंने खुदकुशी की थी जज साहब!”

Nitin Thakur :  हिट एंड रन मामले में सलमान के ड्राइवर ने अचानक कहीं से आकर कहा कि कार मैं चला रहा था जज साहब। कमाल हो जाए अगर काले हिरण मामले में मृत हिरण की आत्मा आकर बयान दे दे कि मैंने खुदकुशी की थी जज साहब!!

जीवन जीने की आजादी देने वाले किसान की चिंता न सरकार को है, न विपक्षी नेताओं को और न शहरी मध्यवर्ग को

Shambhunath Shukla : हिंदुस्तान में पढ़ाई मंहगी है, इलाज मंहगा है और ऐय्याशी (शराबखोरी, होटलबाजी, शौकिया पर्यटन आदि-आदि) मंहगी है। लेकिन सबसे सस्ता है भोजन। आज भी मंहगे से मंहगा गेहूं का आटा भी 45 रुपये किलो से अधिक नहीं है और गेहूं 28 से अधिक नहीं। रोजमर्रा की सब्जियां भी 40 से ऊपर की नहीं हैं। अगर आप दिन भर में एक स्वस्थ आदमी की तरह 2400 कैलोरी ग्रहण करना चाहें तो भी अधिक से अधिक 50 रुपये खर्चने होंगे। मगर जो किसान आपको इतना सस्ता जीवन जीने की आजादी दे रहा है उसकी चिंता न तो सरकार को है न विपक्षी नेताओं को और न ही शहरी मध्यवर्ग को।

यूपी में पत्रकार मनीष दीक्षित को जहरखुरानी गिरोह ने लूटा

फतेहपुर : उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में बस से सफर कर रहे एक हिंदी दैनिक के संवाददाता को जहरखुरानी गिरोह के सदस्यों ने नशीला पदार्थ खिलाकर लूट लिया। अचेत पत्रकार को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने जानकारी दी है कि संवाददाता मनीष दीक्षित (45) किसी अन्य जिले से बस द्वारा फतेहपुर आ रहे थे। इसी बीच बस में पहले से बैठे जहरखुरानी गिरोह के सदस्यों ने उनसे बातचीत करते हुए दोस्ती बढ़ा ली और झांसा देकर कोई नशीला पदार्थ खिला दिया।

लखनऊ के डा. सुरेश को मुंबई में चौथा अनुष्का सम्मान देकर सम्मानित किया गया

मुंबई : ”जिस देश में हर बच्चे का मां से लोरी सुनना शाश्वत सत्य है, वहां कविता कितनी भी प्रगतिशील हो जाय, गीत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. छंद का पताका फहरानेवाली अनुष्का जैसी पत्रिकायें अपने आपमें एक आंदोलन हैं जिनमें भाग लेकर हमें अपना कर्तव्य निभाना चाहिये.” उक्त बातें नवनीत के संपादक विश्वनाथ सचदेव ने हिन्दी के वरिष्ठ गीतकार डॉ.सुरेश (लखनऊ) को चौथा अनुष्का सम्मान प्रदान करते हुये कही.

भाड़ में जाए यह जनसत्ता की नौकरी जो नवभारत टाइम्स व हिंदुस्तान से कम वेतन देता था

Shambhunath Shukla : 1983 में जब दिल्ली आया तो शुरू-शुरू में राजघाट के गेस्ट हाउस में रहा करता था। जनसत्ता के संपादक दिवंगत प्रभाष जोशी ने मेरा, राजीव शुक्ल और सत्यप्रकाश त्रिपाठी के रहने का इंतजाम वहीं पर करवा दिया था। उस गेस्ट हाउस की खास बात यह थी कि वहां पर लंच व डिनर में अरहर की दाल भी मिलती थी। यह दाल हमारी सबसे बड़ी कमजोरी थी। इतनी अधिक कि हम जनसत्ता की नौकरी छोड़ वापस कानपुर जाने की ठान रखे थे। और तब चूंकि दिल्ली के ढाबों में छोले-भटूरे व मां-चने की दाल के सिवाय कुछ नहीं मिलता था इसलिए हमने ठान लिया था कि हम कानपुर लौट जाएंगे।

हम नसीब वाले हैं कि रजत शर्मा जैसा महान साहित्यकार और शिक्षाविद हमारे समय में पैदा हुआ!

Abhishek Srivastava :  मैं रजत शर्मा को ‘शिक्षा और साहित्‍य’ के लिए मिले पद्म पुरस्‍कार का तहे दिल से स्‍वागत करता हूं। प्रधानजी से मेरा अनुरोध है कि अगले पद्म पुरस्‍कारों में सामाजिक परिवर्तन के लिए ज़ी न्‍यूज़ के सुधीर चौधरी, साहित्‍य के लिए डॉ. नरेश त्रेहान, चिकित्‍सा के लिए कुमार विश्‍वास, अमन-चैन के लिए श्री प्रवीण तोगडि़या, विज्ञान के लिए साक्षी महाराज आौर पत्रकारिता के लिए सुश्री स्‍मृति ईरानी के नामों पर विचार किया जाए। इसके अलावा हिंदी भाषा में साहित्‍य अकादमी का पुरस्‍कार चेतन भगत और अमीश त्रिपाठी को संयुक्‍त रूप से दिया जाए तथा अंग्रेज़ी में साहित्‍य अकादमी का पुरस्‍कार श्री सुधीश पचौरी को दिया जाए। अगर संभव हो तो मैग्‍सेसे पुरस्‍कार के लिए भारत की ओर से राष्‍ट्रीय गोरक्षा समिति को नामित किया जाए तथा शांति के नोबेल पुरस्‍कार के लिए भारत सरकार की ओर से श्री अजित डोभाल का नाम प्रस्‍तावित किया जाए। दरअसल, मेरी हार्दिक इच्‍छा है कि दुनिया के तमाम पुरस्‍कारों पर से तमाम लोगों का भरोसा धीरे-धीरे उठ जाए।

पहली बार किसी महिला के हाथ आई गार्जियन की कमान

करीब दो शताब्दियों का सफर कर चुके प्रतिष्ठित ब्रिटिश अख़बार गार्जियन की कमान पहली बार एक महिला पत्रकार के हाथों में सौंपी गई है। कैथरीन वेनर को अखबार का नया मुख्य संपादक नियुक्त किया गया है। उन्होंने 20 साल तक मुख्य संपादक के पद पर रहे एलन रसब्रिजर का स्थान लिया है। कैथरीन इससे पहले वह इसी अखबार में उप-मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत थीं। वह अपना नया कार्यभार जल्द ही संभालेंगी।

हम हार नहीं मानेंगे! हम लड़ना नहीं छोड़ेंगे!

25 मार्च को दिल्ली में मज़दूरों पर जो लाठी चार्ज हुआ वह दिल्ली में पिछले दो दशक में विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस के हमले की शायद सबसे बर्बर घटनाओं में से एक था। ध्यान देने की बात यह है कि इस लाठी चार्ज का आदेश सीधे अरविंद केजरीवाल की ओर से आया था, जैसा कि मेरे पुलिस हिरासत में रहने के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने बातचीत में जिक्र किया था। कुछ लोगों को इससे हैरानी हो सकती है क्योंकि औपचारिक रूप से दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के मातहत है। लेकिन जब मैंने पुलिस वालों से इस बाबत पूछा तो उन्हों ने बताया कि रोज-ब-रोज की कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस को दिल्ली के मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करना होता है, जबतक कि यह केन्द्र सरकार के किसी निर्देश/आदेश के विपरीत नहीं हो।

प्रबंधन और यूनियन की मिलीभगत से यूएनआई को ठिकाने लगाने की कोशिश

भारतीय मीडिया जगत में कभी यूएनआई /वार्ता एक सशक्‍त एजेंसी हुआ करती थी। चम्‍मच पीटीआई / भाषा को आगे बढ़ाने के लिए यूएनआई /वार्ता का कुंडा कैसे पिटा, उसकी कहानी कभी बाद में । अभी बस ये कि इस एजेंसी में कैसे मैनेजमेंट वहां के कर्मचारियों को परेशान कर रही है। साथ में बोनस ये कि वहां की यूनियन प्रबंधन के साथ मिलकर कैसे संस्‍था को खत्‍म करने में लगी है। 

म.प्र. हाई कोर्ट के जज पर महाभियोग, मीडिया ने चुप्पी साधी

भोपाल/दिल्ली : राज्यसभा के सभापति मोहम्मद हामिद अंसारी ने 58 सांसदों की याचिका पर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के जज एसके गंगेले के खिलाफ महाभियोग चलाने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है. यह पहला मौका है जब यौन उत्पीड़न के मामले में किसी जज को हटाने की कार्यवाही प्रारंभ की गई है. अलबत्ता पहले भ्रष्टाचार के मामलों में ऐसा किया जा चुका है. बेसिर पैर की ख़बरों पर जमीन-आसमान एक करने वाले भोपाल के मीडिया की इस खबर पर चुप्पी हैरान कर रही है.

शासनादेश पर अमल की मांग : मुख्य सचिव, डीजीपी, डीएम, एसएसपी से सुरक्षा वापस लो

लखनऊ : आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने प्रमुख सचिव गृह से प्रदेश के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी सहित तमाम वरिष्ठ अफसरों के साथ कमिश्नर, आईजी ज़ोन, डीआईजी रेंज, जिलों के डीएम, एसएसपी आदि अफसरों के सुरक्षाकर्मियों को वापस लेने की मांग की है. साथ ही अन्य लोगों को बिना आकलन सुरक्षा दिए जाने के बारे में जांच कराने की मांग की है.

संलग्न- सुरक्षा सम्बन्धी शासनादेश दिनांक 09 मई 2014

नीलकंठ पारटकर बने नवभारत पत्र समूह के स्टेट एडिटर

मुंबई के वरिष्ठ  पत्रकार नीलकंठ पारटकर को नवभारत पत्र समूह का स्टेट एडिटर बनाया गया है। वे रायपुर में  एक अप्रैल से पद संभालेंगे। उनके अधीन छत्तीसगढ़ के सभी संस्करण होंगे. तीस साल से हिंदी पत्रकारिता में सक्रीय पारटकर लम्बे समय तक पिटीआई, भाषा के मुंबई ब्यूरो चीफ रहे। उन्होंने मुंबई से दो अखबार लांच किये …

महिला सम्मेलन : मजबूत बनो, हिम्मत रखो और आगे बढ़ो – रानू शर्मा

गोगुन्दा/बरवाड़ा : आजीविका ब्यूरो एवं श्रमिक सहायता एवं संदर्भ केंद्र बरवाड़ा की ओर से सोमवार को यहां महिला शक्ति सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में क्षेत्र के प्रवासी श्रमिक परिवारों की करीब 600 महिलाओं ने भाग लिया। 

वसुन्धरा राजे ने किया ज़ी राजस्थान न्यूज चैनल के लोगो का अनावरण

जयपुर : मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने सोमवार को अपने आवास पर ज़ी मीडिया समूह के प्रादेशिक न्यूज चैनल ज़ी राजस्थान न्यूज के लोगो का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने चैनल की री-लॉन्चिग भी की। इस मौके पर ग्रुप के सीईओ भास्कर दास और चैनल के स्टेट हैड पुरुषोत्तम वैष्णव भी मौजूद रहे।

डॉ सरला बिरला का देहावसान

कोलकाता. उद्योगपति व समाजसेवी बसंत कुमार बिरला की धर्मपत्नी डॉ सरला बिरला की शनिवार को हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया. वह 90 वर्ष की थीं. शनिवार की सुबह नयी दिल्ली स्थित आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली. पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वृद्धावस्था की वजह से वह काफी दिनों से अस्वस्थ थीं. उनके आकस्मिक निधन से दिल्ली के साथ-साथ पूरे कोलकाता शहर में शोक का माहौल है.

जमशेदपुर में वरिष्ठ पत्रकार डीएनएस नीरज का निधन

जमशेदपुर : यहां से प्रकाशित कई अखबारों में संपादक और वरिष्ठ पदों पर रह चुके ध्रुवनारायण सिंह नीरज (डीएनएस) का रविवार 29 मार्च को हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह 58 साल के थे। देर शाम भुइयांडीह स्थित सुवर्णरेखा बर्निंग घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार में विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों  के अलावा में बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी शामिल हुए। डीएनएस अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र व एक पुत्री समेत भरापूरा परिवार छोड़ गये हैं।

पढ़िए, किन-किन अखबार मालिकों को सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना का नोटिस भेजा है

27 मार्च को मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान भड़ास की पहल पर दायर याचिकाओं का संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने दर्जनों अखबार मालिकों को अवमानना नोटिस भेजा है. भड़ास की पहल पर दो तरह की याचिकाएं दायर की गई हैं. एक वो जिसमें पत्रकार लोग खुलकर अपने नाम पहचान के साथ अपने अपने अखबार मालिकों के खिलाफ अपने हक के लिए लड़ रहे हैं.

कवि और नेता कुमार विश्वास पर ‘आप’ महिला कार्यकर्ता के साथ अनैतिक संबंध को लेकर सोशल मीडिया पर माहौल गरम

आम आदमी पार्टी नेता और कवि कुमार विश्वास पर पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता से अनैतिक संबंध का आरोप लगा है. मामला लोकसभा चुनावों के दौरान का है लेकिन यह प्रकरण सोशल मीडिया में अब गरम हुआ है. #ExposingKumarVishwas ट्विटर पर टॉप ट्रेंडिंग टॉपिक है. आरोप है कि पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में उन्‍होंने एक महिला कार्यकर्ता के साथ अनैतिक रिश्‍ते बनाए. एक अंग्रेजी अखबार में इस बारे में खबर छपने के बाद सोशल मीडिया पर यह मुद्दा चर्चा में आ गया. कुमार विश्वास ने इन आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने ट्वीट किया है- ”BJP पालित मीडिया का एक हिस्सा और उसके नेट-नकटे भक्त 2 साल के दुष्प्रचार का तीन नंबरी फल दिल्ली में खाकर भी काम पर जुटे है. गजब.”

बांग्लादेश में इस्लाम विरोधी लेखन पर एक और ब्लॉगर की चाकू मारकर हत्या

बांग्लादेश में इस्लाम विरोधी लेखन की वजह से एक और ब्लॉगर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक वशीकुर रहमान नामक इस व्यक्ति पर उस समय हमला हुआ, जब वह ढाका के बेगुनबारी स्थित अपने घर से कुछ दूरी पर था। हत्या के बाद एक मदरसे से दो छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मजीठिया देने में तो अखबारों की घिग्घी बंध जा रही मगर आईआरएस रिपोर्ट आने के बाद पढ़ने लगे ‘नंबर-1’ होने का पहाड़ा

मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिशें लागूं करने में तो घिग्घी बंध जाती है लेकिन इंडियन रीडरशिप सर्वे (आईआरएस) 2014 के आंकड़े जारी होने के बाद कारपोरेट मीडिया में बाजार कब्जियाने के लिए शब्दों की बाजीगरी के साथ नंबर-1 से टॉप-10 तक की दावेदारियां हो रही हैं। स्वार्थ इतना भर है कि बड़े बड़े दावे कर किस तरह एक-दूसरे को दांव देते हुए विज्ञापन बाजार को अपने-अपने पाले में खींचा-घसीटा जाए। मसलन, रिपोर्ट आने के बाद दैनिक हिंदुस्तान ने पहले पेज पर अपनी पीठ इन शब्दों के साथ थपथपा ली – ‘हिंदुस्तान की बादशाहत बरकरार, देश का दूसरा सबसे बड़ा अखबार।’ अंग्रेजी के हिंदुस्तान टाइम ने फ्रंट पेज पर लिखा- ‘HT is No-1.’ राजस्थान पत्रिका ने विज्ञापन के माध्यम से लिखा- ‘2 लाख 40 हजार पाठकों ने दैनिक भास्कर को छोड़ा।’ और तो और, सातवें से नौवें नंबर पर जा चुके ‘हरिभूमि’ ने कुछ इस तरह अपनी पीठ ठोंकी – ‘हरिभूमि एक बार फिर से देश में सर्वाधिक पढ़े जाने वाले टॉप 10 हिंदी समाचार पत्रों में काबिज है।’ फिलहाल, इतना तो सच है कि सभीन अखबारों की पाठक संख्या में इजाफा हुआ है और मीडिया इंडस्ट्री इंडिया में ग्रोथ कर रही है।

 

पेपर लीक होने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर उप्र पीसीएस परीक्षा रद्द

लखनऊ: उत्तर प्रदेश प्रांतीय लोक सेवा आयोग द्वारा रविवार को आयोजित पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा आज रद्द कर दी गयी। कल ऐसी खबरें आयीं थी कि परीक्षा का पहला पहला पर्चा लीक हो गया है, जिसके बाद जांच के आदेश दिये। आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर पूरी परीक्षा रद्द कर दी गयी। सरकार के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने बताया कि यूपी पीसीएस की प्रारम्भिक परीक्षा का पहला पर्चा कल लीक होने के बाद मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप पर सम्पूर्ण परीक्षा को रद्द कर दिया गया। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की जांच रिपोर्ट के बाद यह कदम उठाया गया है।

न्यूज़रूम में छिपे बैठे केजरीवाल के वे दोनो एजेंट संपादक कौन!

केजरी भाई ने खुलासा किया है कि दो बड़े समाचार चैनलों के वरिष्ठ संपादकों ने उन्हें बताया था कि योगेंद्र यादव उनके खिलाफ खबरें प्लांट करा रहे थे। इसका सीधा-सीधा मतलब यह भी हुआ कि कम से कम दो बड़े समाचार चैनलों के वे वरिष्ठ संपादक खुलकर केजरीवाल के पक्ष में ख़बरें चला और चलवा रहे थे।

थोड़ा तो अपने जमीर को जगाओ हिन्दुस्तानियो

दोस्तों इन दिनों हिन्दुस्तान में गजब का खेल चल रहा है। धड़ल्ले से sub एडिटर को कंटेंट क्रियेटर चीफ सब और न्यूज़ एडिटर तक को कंटेंट एडिटर बना दिया जा रहा। फिर भी हिन्दुस्तान के साथी कुछ बोलने को तैयार नहीँ है।

झूठ की टैगलाइन पर सवार होकर दीपक शर्मा ने कथित ‘वैकल्पिक मीडिया’ को कराया लॉन्‍च

Abhishek Shrivastava : ये लीजिए… भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत दिवस पर एक और कथित ”वैकल्पिक मीडिया” लॉन्‍च हो चुका है जिसे मौजूदा मीडिया से दिक्‍कत है और जो सच बोलना चाहता है। अभी वेबसाइट से शुरुआत है, बाद में कहते हैं कि चैनल भी आएगा। आग्रह सच्‍चाई का है, लेकिन टैगलाइन ही झूठी है। साइट का नाम indiasamvad.co.in है। वेबसाइट पर नाम के ऊपर लिखा है “nation’s first people owned media”. अगर 16 सदस्‍यों के ट्रस्‍ट के कारण जनता के मालिकाने की बात कही जा रही है, तो यह साफ़ झूठ है क्‍योंकि कई ट्रस्‍ट मीडिया में मौजद हैं।

भाड़ में जाए जनसत्ता की नौकरी, ठान लिया कि कानपुर लौट जाएंगे

(आज उन्हीं भवानी बाबू यानी भवानी प्रसाद मिश्र का जन्म दिन है।) 1983 में जब दिल्ली आया तो शुरू-शुरू में राजघाट के गेस्ट हाउस में रहा करता था। जनसत्ता के संपादक दिवंगत प्रभाष जोशी ने मेरा, राजीव शुक्ल और सत्यप्रकाश त्रिपाठी के रहने का इंतजाम वहीं पर करवा दिया था। उस गेस्ट हाउस की खास बात यह थी कि वहां पर लंच व डिनर में अरहर की दाल भी मिलती थी। यह दाल हमारी सबसे बड़ी कमजोरी थी।इतनी अधिक कि हम जनसत्ता की नौकरी छोड़ वापस कानपुर जाने की ठान रखे थे। और तब चूंकि दिल्ली के ढाबों में छोले-भटूरे व मां-चने की दाल के सिवाय कुछ नहीं मिलता था इसलिए हमने ठान लिया था कि हम कानपुर लौट जाएंगे। भाड़ में जाए यह जनसत्ता की नौकरी जो नवभारत टाइम्स व हिंदुस्तान से कम वेतन देता था।

मीडिया मालिकों ने बंधुआ मजदूर बना रखा है पत्रकारों को

देश में आज सबसे ज्यादा अगर शोषित है तो वह पत्रकार है। चाहे पत्रकार अखबार से जुड़ा हो या टेलिविजन से । पता नहीं कितने लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपने खून पसीने से अखबारी संस्थानों को सींच कर बड़ा किया लेकिन मुसीबत में वे उसे कोई मदद नहीं देते। अखबार -न्यूज़ चैनल के मालिकन जब चाहें, किसी को काम पर रख लेते हैं , जब चाहें उन्हें काम से निकाल देते हैं । इनके यहाँ इन न्यूज़ चैनल या अखबारों को टीआरपी दिलाने वाले, संवाददाता, रिपोर्टर या स्ट्रिंगर की कोई औकात नहीं। पत्रकार इनके लिए मात्र बंधुआ मजदूर से अधिक की हैसियत नहीं रखते। 

समाज को जर्नलिस्ट की जरूरत : केट बेकिंस्ले

मुंबई : एक्ट्रेस केट बेकिंस्ले ने हाल ही में महसूस किया है कि समाज को जर्नलिस्ट की जरुरत है। अगर ऐसा न हो तो आमजन को ‘पुलिस स्टेट’ में अपना जीवन जीना पड़े। 41 वर्षीय एक्ट्रेस केट अपनी अगली फिल्म जो कि एक सायकोलॉजीकल थ्रिलर है, इसमें एक जर्नलिस्ट का किरदार निभा रही हैं।

पाक मीडिया ने उछाला अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का इंटरव्यू

नई दिल्ली : पाकिस्तानी मीडिया ने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की उस टिप्पणी को उछाल दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान की इमेज दुश्मन देश के रूप में बनाने के लिए भारत में ब्रेन वॉशिंग हो रही है। भारत में तो अक्सर पाक कलाकारों का विरोध होता है। नसीरुद्दीन ने ये बातें एंटरटेनमेंट वेबसाइट ‘बॉलिवुड हंगामा’ को दिए एक इंटरव्यू में कही थीं।

मीडिया गुरुओं के सम्मेलन में प्रेस पर सार्थक बहस जरूरी

दो से चार अप्रैल तक जयपुर में हो रहे मीडिया शिक्षकों के महा सम्मेलन को सार्थक बनाने के लिए राजस्थान विश्वविद्यालय के संचार केंद्र अध्यक्ष संजीव भानावत को इन विंदुओं पर भी ध्यान देना चाहिए और मीडिया के भविष्य और भविष्य की मीडिया, मीडिया शिक्षा का स्तर, पत्रकारिता के नाम पर व्यवसाय, पत्रकारिता के नाम काला पीला काम समेत मीडिया में आ रहे छात्रों के स्तर पर भी गंभीर चर्चा कराते हुए इसे सार्थक बनाना चाहिए।

उदयपुर में राष्ट्रीय बाल फिल्म उत्सव का रंगारंग आगाज

उदयपुर : रविवार से यहां राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव की रंगारंग शुरूआत हो गई। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने ‘एक था भुजंग’ के प्रीमियर शो का भरपूर आनंद उठाया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) छोगाराम देवासी एवं महाराणा प्रताप का किरदार निभा चुके बाल कलाकार फैसल खान के हाथों दीप प्रज्वलन से हुई। फैसल खान के अपने जीवन से जुड़े अनुभव बच्चों से बांटे। 

बीबीसी पत्रकार सलमा जैदी का लंदन में निधन

वर्ष 2011 तक बीबीसी समाचार सेवा से लगभग डेढ़ दशक तक जुड़ी रहीं पत्रकार सलमा ज़ैदी का लंदन में निधन हो गया। वह कुछ समय से बीमार थीं। उन्होंने रविवार को लंदन में अंतिम सांस ली।  वह बीबीसी हिंदी रेडियो पर एक जानी-मानी आवाज़ थीं और हिंदी भाषा में डिजिटल दुनिया में काम कर रही …

पत्रकारों की फांकाकशी पर संपादक कुछ तो शर्म करो

रांची : इससे बड़ा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता कि एक पत्रकार अपना और अपने परिवार का पेट पालने के लिए वेटर का काम करे। वह भी दो दिन फांका करने के बाद। पत्रकार और उसके परिवार वालों ने दो दिन हलवा बना कर खाया। वह पत्रकार भी इतना खुदगर्ज कि स्वयं भूखा रहा, लेकिन चेहरे की हंसी नहीं गयी। हां, जब खबर मन्त्र में को-ऑडिर्नेटर एडिटर नीरज सिन्हा ने पूछा, तो उसकी आंखें छलछला गयीं। 

ऐसा तो किसी ने सोचा तक नहीं था

आखिर दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने 21 मार्च 2015 को मेरठ के हाशिमपुरा में 1987 में हुए नरसंहार के 16 अभियुक्त पुलिसकर्मियों को बरी कर दिया. इस नरसंहार में एक ही संप्रदाय के 40 से अधिक लोग मारे गए थे. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश की रिज़र्व पुलिस पीएसी के जवानों को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष संदिग्ध पुलिसकर्मियों की पहचान साबित करने में नाकाम रहा. तो फिर उन 40 से ज़्यादा मनुष्यों को किसने मारा ? क्या इस प्रश्न का उत्तर इस व्यवस्था के पास है ? लोग उम्मीद लगाए बैठे थे कि आरोपियों को सख्त सजा होगी, लेकिन उन्हें साक्ष्य के आभाव में बरी कर दिया जाएगा, ऐसा किसी ने सोचा तक नहीं था. कुछ लोग मान रहे थे कि कम से कम आजीवन कारावास तो होगा ही.

आम आदमी पार्टी ने लोगों की उम्मीदें तोड़ दीं, सड़क पर उतरे कवि नरेश सक्‍सेना

लखनऊ : वरिष्‍ठ कवि नरेश सक्‍सेना ने कहा कि अन्ना आंदोलन और उसके बाद आप पार्टी के गठन से बहुत से लोगों में जो उम्‍मीदें जगी थीं, वे बहुत जल्‍दी ही टूट गई हैं और अब ये स्‍पष्‍ट होता जा रहा है कि ये भी दूसरी पार्टियों की ही डगर पर चल रहे हैं।

पीएम से क्यों मिले मीडिया साम्राज्य वाले जेम्स मर्डोक और स्टार इंडिया के सीईओ उदय ?

जिस वक्त फिक्की मुंबई में अपना सालाना मीडिया सम्मेलन फिक्की फ्रेम्स कर रहा था, उसी दौरान ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी फॉक्स के सह-सीओओ जेम्स मर्डोक ने गुरुवार, 26 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात में मर्डोक के साथ स्टार इंडिया के सीईओ उदय शंकर भी शामिल थे। मर्डोक ने सूचना व प्रसारण मंत्रालय संभाल रहे वित्त व कॉरपोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली मंत्री से भी मुलाकात की। लेकिन इन बैठकों में क्या हुआ, इसके बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं लग सका है।

भारत रत्न अटलबिहारी बाजपेयी का ‘वो’ इकबालिया बयान

अटलबिहारी बाजपेयी ने पहली सितम्बर 1942 को द्वितीय श्रेणी मजिस्ट्रेट एस हसन के सामने उर्दू में लिए गये निम्नलिखित इकबालिया बयान पर हस्ताक्षर किये (उनके बड़े भाई प्रेम बाजपेयी ने भी ठीक ऐसा ही बयान दिया था।)  

दो माह से सिर्फ बिस्कुट खाकर जी रहे सहारा के असिस्टेंट प्रोड्यूसर ने दम तोड़ा

सहारा के न्यूज चैनल ‘समय’ उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड में असिस्टेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत अमित पांडेय (35) की अकाल मौत हो गई। सहारा संस्थान में काम कर रहे किसी कर्मी की हाल के दिनो में ये दूसरी दुखद मौत है। इससे पहले लखनऊ में सहारा कोआपरेटिव के डिप्टी मैनेजर ने छत से कूद कर जान दे दी थी। पता चला है कि सैलरी नहीं मिलने के कारण दो महीने से अमित पांडेय बिस्कुट खा कर चैनल के दफ्तर आ-जा रहे थे। इससे वह कमजोर और लगातार बीमार चल रहे थे। आखिरकार मल्टी आर्गन फेल हो जाने से उन्होंने दम तोड़ दिया। जब उनकी जान चली गई, उसके बाद सहारा ने उनकी तीन महीने की बकाया सैलरी परिजनों को जारी की। 

रीडर सर्वे : जागरण, हिंदुस्तान, भास्कर की शीर्ष अग्रता बरकरार, पत्रिका चौथे, अमर उजाला पांचवें पायदान पर

मुंबई : मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल (एमआरयूसी) के इंडियन रीडरशिप सर्वे (आईआरएस) 2014 के जारी आंकड़े के मुताबिक इस बार विभिन्न श्रेणियों के प्रकाशनों का क्रम जस का तस रहा है। सर्वे में पूरा सैम्पल 2.38 लाख पाठकों का रहा है। शीर्ष हिंदी समाचारपत्रों के रूप में दैनिक जागरण, हिंदुस्तान और दैनिक भास्कर की श्रेष्ठता बरकरार रही है। सभी श्रेणियों में मीडिया की खपत बढ़ने का दावा किया गया है। अपने-अपने प्रसार क्षेत्र में दैनिक जागरण (हिंदी), टाइम्स ऑफ इंडिया (अंग्रेज़ी) और मलयालम मनोरमा (क्षेत्रीय भाषाओं) पहले नंबर पर रहे। हरिभूमि अखबार सातवें नंबर से खिसक कर नौवें नंबर पर पहुंच गया है। शीर्ष की पत्रिकाओं में इंडिया टुडे (हिंदी) चौथे स्थान पर पहुंच गई है। सर्वे पीरिएड में प्रिंट मीडिया की खपत 197.4 लाख बढ़कर 3015.7 लाख पर और टेलिविज़न सेक्टर की खपत 185 लाख बढ़कर 6211.2 लाख पर पहुंच गई है। 

मजीठिया से बचने के लिए हिन्दुस्तान अपने सब एडिटर्स को बना रहा कंटेंट क्रियेटर

दोस्तों, हिन्दुस्तान अखबार मजीठिया से बचने के लिए अब अपने सब एडिटर्स को कंटेंट क्रियेटर बना रहा है। साथ ही उन्हें अखबार में न रख कर इंटरनेट विभाग में रख रहा है और काम अखबार के संपादकीय विभाग का करा रहा है।

bhadash4media से वैकल्पिक मीडिया की ताकत मिली तो लांच कर दिया ऑनलाइन चैनल ‘newsnationonline’

”आदरणीय यशवंत जी, प्रभु कृपा और आपके आशीर्वाद से अपना वेब न्यूज़ चैनल ‘न्यूज़ नेशन ऑनलाइन’ के नाम से लांच कर दिया हैं। इस बारे आपसे फ़ोन पर भी बात हुई थी। bhadash4media ने ही हमे यह ताकत दी वरना मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा हुआ एक अदना पत्रकार यह कैसे साहस कर सकता था।

उत्तर प्रदेश के सात शहरों से लांच होगा दैनिक भास्कर, दीपक द्विवेदी समूह संपादक

उत्तर प्रदेश के अखबारों में कांटे की प्रतिस्पर्द्धा और विशाल क्षेत्रफल को ध्यान में रखते हुए हिंदी दैनिक भास्कर पिछले कई वर्षों से अखाड़े में उतरने का साहस जुटा रहा था। कई तरह के कयास और शोशेबाजियों के लंबे सिलसिले के बाद अब उस पर विराम लगने की जानकारी मिली है। पता चला है कि निकट भविष्य में दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में एक साथ सात शहरों से लांच होने जा रहा है। प्रदेश के सभी संस्करणों की कमान संपादक के रूप में वरिष्ठ पत्रकार दीपक द्विवेदी को सौंपी गई है। वह भास्कर के सभी संस्करणों के संपादक के साथ अखबार के बोर्ड ऑफ डाइरेक्टर भी होंगे। 

रीया चक्रवर्ती फिर दंबग दुनिया की एचआर

दबंग दुनिया इंदौर में एचआर रहीं रीया चक्रवर्ती भास्कर छोड़ फिर से दबंग दुनिया ज्वाइन कर रही हैं। सूत्र बताते हैं कि उन्हें लाने के लिए दबंग दुनिया के चेयरमैन किशोर वाधवानी को काफी मशक्कत करना पड़ी और एक बड़ा एडवांस पैकेज देना पड़ा। माना तो यह भी जा रहा है कि रीया चक्रवर्ती को …

प्रभात खबर के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को गलत जानकारी दी

यशवंत जी,  कल भड़ास पर डाले गये एक वीडियो की वजह से यह भ्रम फैल गया है कि प्रभात खबर के कर्मियों के मामले (सीसी 108/2015) को सुप्रीम कोर्ट ने होल्ड पर डाल दिया है. यह सच नहीं है. प्रभात खबर प्रबंधन के वकील ने अदालत में यह गलत जानकारी दी कि मजीठिया के लिए …

जयपुर में चौदह राज्यों के ढाई सौ से अधिक मीडिया शिक्षकों का सम्मेलन 2 से 4 अप्रैल तक

जयपुर (राजस्थान) : राजस्थान विश्व विद्यालय के मानविकी सभागार में दो अप्रैल से देश भर के जाने-माने मीडिया शिक्षक जुटेंगे। वे ‘समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मीडिया की भूमिका’ विषय पर आयोजित किए जा रहे तीन दिवसीय अखिल भारतीय मीडिया शिक्षक सम्मेलन में शिरकत करेंगे। 

आम आदमी पार्टी ने लात-घूसे के बीच योगेंद्र, प्रशांत, आनंद और अजित को राष्ट्रीय कार्यपरिषद से निकाला

दिल्ली : दिल्ली-गुड़गांव सीमा पर शनिवार को कापसहेड़ा में राष्ट्रीय परिषद की बैठक में प्रशांत भूषण और योंगेद्र यादव, अजीत झा और प्रोफेसर आनंद कुमार को आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर कर दिया गया है। प्रस्ताव पर 200 सदस्यों ने हस्ताक्षर कर दिए। केजरीवाल धड़े का मानना है कि इन चारो नेताओं ने केजरीवाल को ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटाने के लिए साजिश रची। बैठक में जमकर लात-घूंसे भी चले, जिससे कई एक घायल हो गए। योगेंद्र यादव के समर्थक रमजान चौधरी को बाउंसर्स ने उठा कर पटक दिया। उनके पैर की हड्डी टूट गई। एक और नेता का पैर टूट गया। आरोप है कि बैठक हॉल में तीन दर्जन से अधिक बाउंसर्स तैनात किए गए थे।

आम आदमी पार्टी की बैठक के दौरान धक्कामुक्की के बाद धरने पर बैठे योगेंद्र यादव

थानवी ने कहा – गाली देकर केजरीवाल ने खुद को छोटा कर लिया, योगेंद्र का धरना खत्म, आप की हंगामी मीटिंग शुरू

जनसत्ता के संपादक ओम थानवी ने अपने फेसबुक वॉल पर आज लिखा कि.. ‘माना कि गुस्सा आ सकता है, पर आपसी गलतफहमियां लगता है चरम पर पहुँच गईं। दोनों खेमे जरूर कहीं न कहीं सीमाएं लांघ गए होंगे, पर उन्हें निपटा कर पार्टी को लाइन पर ले आना ही नेतृत्व की सफलता होता।

पूर्व ‘आप’ सदस्य का कथन – गालियों ने दिखाया, केजरीवाल सच्चे इंसान

 

सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व ‘आप’ सदस्य डॉ नूतन ठाकुर ने ‘आप’ कन्वेनर अरविन्द केजरीवाल द्वारा प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव के खिलाफ गाली-गलौज की खुल कर तारीफ़ की. 

तमंचाधारी फेसबुक प्रोफाइल वाला छात्र गिरफ्तार, दरोगा को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा था

हाथ में तमंचा लिए फेसबुक प्रोफाइल वाले अकाउंट से एसएसआई को फ्रैंडशिप रिक्वैस्ट भेजना एक छात्र को महंगा पड़ गया। इस मामले में पुलिस ने उस छात्र को अरैस्ट कर लिया है। उसके 2 अन्य साथी चकमा देकर फरार हो गए।

कांग्रेस के नेता को आजम खां से जान का खतरा, राज्यपाल से सुरक्षा की गुहार

लखनऊ: रामपुर कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी फैसल खां ने कैबिनेट मंत्री आजम खां से जान का खतरा बताते हुए राज्यपाल राम नाईक से सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने आजम के खिलाफ फेसबुक पर मुबय्यना तौर पर तब्सिरा करने वाले 12वीं के स्टूडेंट की जमानत ली है। फैसल ने बताया है कि आज़म खां पिछले दो साल से उनके पीछे पड़े हैं।

आम आदमी पार्टी के मीटिंग स्थल पर योगेंद्र यादव से धक्का-मुक्की, धरने पर बैठे

 नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के लिए पार्टी के नेता बैठक स्थल पर पहुंचने लगे, उसी बीच बैठक स्थल पर योगेंद्र यादव के साथ आप के कार्यकर्ताओं ने धक्का-मुक्की की और उनके विरोध में नारे लगाए।

मीडिया के प्रवेश पर पाबंदी की सलमान की याचिका कोर्ट ने ठुकराई, प्रेस को भी दिया निर्देश

मुंबई : वर्ष 2002 के हिट-एंड-रन मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभिनेता सलमान खान की अपील खारिज करते हुए कहा कि बयान दर्ज किए जाते समय अदालत में मीडिया की मौजूदगी रहेगी। अदालत ने हालांकि मीडिया को यह हिदायत भी दी कि वह इस मामले से संबंधित खबरों में केवल तथ्य दिखाए, मगर मामले के गुण-दोषों पर चर्चा करने से बचे।

मीडिया हाउस की याचिका पर अदाकारा श्रुति हासन को अदालती नोटिस

मुबई। मीडिया और एंटरटेनमेंट हाउस ‘पिक्चर हाउस मीडिया’ ने कमल हासन की अदाकारा बेटी श्रुति हासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

‘प्रभात खबर’ का दावा : वह झारखंड और बिहार में सबसे तेज बढ़ता अखबार

रांची : ‘प्रभात खबर’ ने दावा किया है कि वह बिहार और झारखंड में सबसे तेज बढ़ता हिंदी अखबार है. इंडियन रीडरशिप सर्वे (आइआरएस) 2014 के ताजा आंकड़ों का हवाला देते हुए आज इस अखबार ने लिखा है कि ”वह सबसे ज्यादा दो लाख 75 हजार नये पाठकों के साथ अपनी पाठक संख्या में 11 फीसदी का इजाफा कर गया है.”

एंकर अपने बाल और मेकअप पर ज्यादा ध्यान देती हैं, न्यूज़ पर कम : बरखा दत्त

मुंबई : फिक्की सम्मेलन में मीडिया फोरम में महिलाओं के मुद्दे पर बात करते हुए एनडीटीवी की सलाहकार संपादक रहीं बरखा दत्त ने कहा कि अगर आप औरत होकर अच्छा काम करते हो तो नफरत पाने के लिए तैयार रहो। यह बहुत निराशाजनक बात है कि न्यूज़ क्षेत्र ग्लेमराइज़्ड हो रहा है क्योंकि एंकर यहां अपने बालों और मेकअप पर ही ज्यादा ध्यान देती हैं, लेकिन न्यूज़ पर नहीं। 

मजीठिया : मीडिया कर्मियों का हक मारने के लिए सुप्रीम कोर्ट में मालिकों के नए-नए हथकंडे

मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू कराने और सुप्रीम कोर्ट की अवमानना की तीस याचिकाएं पर सुनवाई की गई । ये सभी नए मामले थे। इन मामलों की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को आभास हो गया है कि मालिक असंगठित कर्मचारियों का हक मारने के लिए रोज ‘रोज नए -नए हथकंडे अपना रहे हैं।

टीवी पत्रकारों को जोकर किसने बनाया !

अरनब गोस्वामी ने अगर इंग्लिश TV न्यूज की हत्या की, जैसा कि Outlook वाले कहते हैं, तो हिंदी TV न्यूज चैनलों की उससे भी बुरी मौत के लिए कौन जिम्मेदार है? या फिर यह आत्महत्या का मामला है, जिसके लिए कोई दोषी नहीं है. आखिर किन की लीडरशिप में हिंदी TV न्यूज चैनलों ने मसखरा-युग में प्रवेश किया?

वाह रे भिखारी ठाकुर का बिहार ! गया में भिखारियों ने खोला ‘मंगला बैक’ और पटना में बनाई नाटक मंडली

बिहार तो बिहार है, हर फन में अलखनिरंजन। वहीं के थे भिखारी ठाकुर। वहां जेपी जैसे आंदोलनकारी और लालू जैसे नेता ही नहीं हुए, आज भी आला-निराला कुछ न कुछ आए दिन वहां सुनने-देखने को मिल ही जाता है। गया जिले में भिखारियों ने अपना ‘मंगला बैंक’ खोल लिया है तो पटना में खुद की नाटक मंडली बनाकर जगह जगह भिखारी नुक्कड़ मंचन कर रहे हैं।

भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई की कीमत चुका रहे एम्स के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी

नई दिल्ली : एम्स (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी आज भी भ्रष्टतंत्र विरोधी अपनी ईमानदारी की कीमत चुका रहे हैं। उन्हें एक तरह से साइडलाइन कर दिया गया है। आरटीआई से पता चला है कि आंतरिक प्रताड़ना के शिकार चतुर्वेदी को न तो कहीं स्थानांतरित किया जा रहा है, न उनसे और कोई काम लिया जा रहा है। उनकी फाइल केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के पास जाकर अटक गई है।

सहारा में अंदरूनी हालात विस्फोटक, सैलरी न मिलने से मीडियाकर्मियों में भारी असंतोष

सहारा के मीडियाकर्मियों का धैर्य खोता जा रहा है। नवंबर की सैलरी उन्हें फरवरी महीने में तब मिली, जब मीडियाकर्मियों ने जयव्रत राय से सामूहिक मुलाकात कर सवाल जवाब किया। उस समय जयव्रत राय ने कहा था कि अगले महीने यानी मार्च से हर माह (एक माह की) सैलरी देने की दो हजार फीसदी कोशिश की जाएगी। लेकिन उनके आश्वासन देने के कुछ ही दिनों के बाद उन्होंने सारे चैनल्स हेड को बुलाकर कहा कि वे इस्तीफा दे रहे हैं। अब सारा काम वरुण दास देखेंगे।

आप में दुर्दिन क्यों ?

दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को आज जो दुर्दिन देखने को मिल रहे हैं, उनके लक्षण स्पष्टतः पार्टी के जन्म से ही परिलक्षित होने लगे थे हालांकि वे दृष्टव्य होने के बावजूद अनदेखी किये जाने के फलस्वरूप नासूर बन गये। राम नवमी पर 28 मार्च को राष्ट्रीय परिषद – आप की बैठक में वह कथित नासूर विस्फोटक रूप ले सकता है।

धोनी को भेजा 1000 का चेक, काम के समय मैच न देखने की लोगों से अपील करें भारतीय कप्तान

लखनऊ : आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने आज क्रिकेटर एम. एस. धोनी को 1000 रुपये का चेक उनके रांची के आवासीय पते पर भेजा। यह चेक क्रिकेट टीम के कल मैच हार जाने के कारण देश के कामकाज का एक और दिन बर्बाद होने से बच जाने के लिए धन्यवाद स्वरूप भेजा है।

एक नेतानुमा भूमाफिया और संपादक की सेटिंग सुर्खियों में

हिसार : इन दिनो एक अखबार के संपादक और भिवानी के भूमाफिया बनाम नेता के बीच सेटिंग की हिसार, भिवानी और पानीपत में जोरदार चर्चाएं हैं। सूत्रों के मुताबिक अखबार की हिसार यूनिट का ब्यूरो चीफ इस सेटिंग में विशेष भूमिका निभा रहा है। लगभग हर संडे संपादक के साथ इस भूमाफिया बनाम नेता को हिसार में देखा जा रहा है। 

‘आप’ में लवंडई जारी है… : टीवी पर सबा नक़वी का शर्मनाक बचाव और पुण्य प्रसून का विश्वसनीय कटाक्ष…

Abhishek Srivastava : कोई पत्रकार जब पार्टी बन जाता है तो उसके चेहरे पर डिफेंस की बेचारगी झलकने लगती है। वहीं कभी पार्टी रहा पत्रकार जब अपने पुराने पाले को दूर से देख रहा होता है तो उसके चेहरे पर सच की रेखाएं उभरने लगती हैं। पहले का उदाहरण आज टाइम्‍स नाउ पर प्राइम टाइम पैनल में बैठी सबा नक़वी रहीं तो दूसरे का उदाहरण दस तक में पुण्‍य प्रसून वाजपेयी रहे। सबा ने अरविंद केजरीवाल का जैसे बचाव किया, वह बहुत शर्मनाक था जबकि प्रसून ने कुमार विश्‍वास के स्‍वराज पर दिए बयान को तीन बार दिखाकर पार्टी पर जो कटाक्ष किया, वह ज्‍यादा विश्‍वसनीय लगा। वैसे, दस तक के बैकग्राउंड में जो लिखा था वही पूरी कहानी बताने के लिए काफी था- ”क्रिकेट खत्‍म, खेल शुरू”।

केजरीवाल की असलियत और पूंजीवादी व्‍यवस्‍था का बलात्‍कारी चरित्र

Vimala Sakkarwal : दिल्‍ली सचिवालय पर प्रदर्शन के दौरान वहां जिस तरह लड़कियों को पीटा गया, वो काम इंसान नहीं कर सकते, सिर्फ जानवर ही कर सकते हैं। वहां महिला पुलिस तो थी, लेकिन पुरुष पुलिस ने जिस तरह टारगेट करके ल‍ड़कियों के सिरों पर डंडे मारे, उनके पेटों में डंडे घुसेड़े, उनके नीचे के हिस्‍से में ड़डे घुसेड़े, बहुत विमानवीय था। मेरे हाथों और पेट पर, … पड़ी नीलें इनकी बर्बरता बयान कर रही हैं।

मजीठिया वेज बोर्ड : सुप्रीम कोर्ट में आज की सुनवाई, भविष्य की रणनीति और लड़ने का आखिरी मौका… (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : सुप्रीम कोर्ट से अभी लौटा हूं. जीवन में पहली दफे सुप्रीम कोर्ट के अंदर जाने का मौका मिला. गेट पर वकील के मुहर लगा फार्म भरना पड़ा जिसमें अपना परिचय, केस नंबर आदि लिखने के बाद अपने फोटो आईडी की फोटोकापी को नत्थीकर रिसेप्शन पर दिया.

एसएन विनोद के कारण मीडियाकर्मी लड़ने को बाध्य हुए और जीते

एक छोटी लड़ाई तो हम जीत गए। ठीक एक माह पहले जब जिया इंडिया के कर्मियों ने तीन महीने का बकाया वेतन मांगा तो देश के महान अवसरवादी संपादक एसएन विनोद ने कहा था- ‘मैं एक पैसा नहीं दूंगा, तुम लोग कोर्ट में जाओ।’ उनका ये अति प्रेरक वाक्य सुन कर हम कोर्ट में चले गए. तब विनोद जी ने कुछ कर्मियों को फोन कर के ये कहा कि – ‘कई लोग क्लेम वापस ले रहे हैं, तुम भी ले लो तो कल ही तुम्हारा पेमेन्ट कर दिया जायेगा।’

हरियाणा न्यूज की पूरी ग्राफिक्स टीम ने रिजाइन दिया

{jcomments off}कल शाम चार बजे ‘हरियाणा न्यूज’ की पूरी ग्राफिक्स टीम ने रिजाइन दे दिया. इस्तीफे का कारण नवजोत सिद्धू हैं जो कि काफी समय से अपनी बदतमीजियों के कारण चर्चा का विषय बनी हुई हैं. नवजोत सिद्धू ग्राफिक्स में अपनी नई टीम लाने के चक्कर में पुराने लोगों से बदतमीजी काफी समय से कर …

केजरी और इसका गैंग इतने छोटे दिल दिमाग वाला होगा, मुझे उम्मीद नहीं थी

Yashwant Singh : प्राइम टाइम के दौरान जब एनडीटीवी पर कायदे की बहस ना चल रही हो तो मैं फोकस टीवी देखने लगता हूँ। संजीव श्रीवास्तव बेहद सहज और दिल में उतरने वाली एंकरिंग करते हैं। ज्ञान, भाषा और समझ का स्तर ठीकठाक होने के कारण संजीव बड़े प्यार से बहुत नयी नयी बातें निकालते और निकलवाते रहते हैं। साथ ही चीख चिल्लाहट और चीप एंकरिंग की जगह ताजगी भरी स्टाइल का विकल्प भी बाकी एंकर्स को अनजाने में बताते समझाते रहते हैं। 

देश के सत्तर प्रतिशत गांवों की खबर मीडिया से नदारद : उर्मिलेश

दिल्ली : मोतीलाल नेहरू कालेज में मीडिया पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी में आईआईएमसी के प्रोफेसर डॉ.आनंद प्रधान ने कहा कि कारपोरेट मीडिया और पूंजी में गठजोड़ हो जाने से आज भारत में पारंपरिक मीडिया की विश्वसनीयता संदिग्ध हो चली है। वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने कहा कि भारतीय मीडिया अब गरीब और कमजोर लोगों को उनका हक दिलाने के प्रति जवाबदेह नहीं रहा है। इसका चरित्र मेट्रो केंद्रित हो गया है। कमर वहीद नकवी ने कहा कि मीडिया को उत्पीड़ितों का पक्षधर होना चाहिए। 

भ्रष्टाचार की जांच के दौरान पत्रकारों पर सचिव ने किया लाठियों से हमला

रायसेन। जिले के बाड़ी विकासखंड की ग्राम पंचायत जामगढ़ और भगदेई में हुए व्यापक भ्रष्टाचार की जांच के दौरान सचिव, उसके पिता और परिजन इतने बौखला गए कि इन्होंने लाठियों से हितग्राहियों और पत्रकारों पर हमला कर दिया। इस हमले में पत्रकार कमल याज्ञवल्क्य सहित अन्य पत्रकार भी घायल हो गए।

हारने पर धोनी को 1000 का इनाम

लखनऊ : आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि भारतीय क्रिकेट टीम के मैच हार जाने के कारण देश के कामकाज का एक और दिन बर्बाद होने से बच गया। इससे मैं व्यक्तिगत रूप से बहुत प्रसन्न हूँ। जैसा मैंने आज तमाम सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों को दायित्व छोड़ कर इस विकासविरोधी खेल से चिपके देखा और इस बड़ी सेवा के लिए मैं कप्तान एम एस धोनी को धन्यवाद स्वरुप 1000 रुपये दे रहा हूँ।

ईनाडु ग्रुप का अब डिजिटल मीडिया वर्ल्‍ड में प्रवेश

मीडिया और मनोरंजन के क्षेत्र में अपनी बेहतरीन कोशिशों के लिए बेहद विश्वसनीय ‘रामोजी ग्रुप’ ने ‘ईनाडु इंडिया’ के माध्यम से एकबार फिर अपनी क्रिएटीविटी को आपके समक्ष रखा है। ‘ईटीवी’ और ‘ईनाडु’ तेलुगू दैनिक अखबार के माध्यम से हम अरसे से आमलोगों की सूचनाओं के साथ उनके बीच हैं। ‘ईनाडु इंडिया वेबपोर्टल’ तकनीक के बदलते दौर में खबरों को लोगों तक तेजी से पहुंचाने की नई कोशिश है।

‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के राइटर विकास स्वरूप विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बने

नई दिल्ली : प्रसिद्ध उपन्यासकार और राजनयिक विकास स्वरूप विदेश मंत्रालय के नए प्रवक्ता होंगे। बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरे से लौटने के बाद 18 अप्रैल को स्वरूप यह कार्यभार ग्रहण करेंगे।

गूगल, याहू, माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका

नई दिल्ली : साबू मैथ्यू जॉर्ज की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारेख ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि गूगल इंडिया, याहू इंडिया और माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन जैसे सर्च इंजन लिंग निर्धारण संबंधी विज्ञापनों को ब्लॉक करने के बारे में उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं। भारत में लड़कियों की संख्या में लगातार …

जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में ‘सैनिटरी नैपकिन’ अभियान पर चार छात्रों को नोटिस

दिल्ली : सैनिटरी नैपकिन मामले में जामिया मिलिया इस्लामिया के चार छात्रों को मुख्य प्रॉक्टर की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। चारों छात्रों को नोटिस का जवाब 31 मार्च तक देना है। आरोप लगाया गया है कि उन्होंने यूनिवर्सिटी भवन में विभिन्न स्थानों पर सैनिट्री पैड छोड़े, जिनमें महिलाओं के मामलों से जुड़े कुछ अजीब प्रकार के संदेश उसमें लिखे हुए थे। विरोधस्वरूप स्लोगन में लिखा गया था कि ‘रेप अमानवीयता’, ‘हक है आजादी’। नोटिस दिए जाने के बाद कई एक ने ट्विटर पर छात्रों को समर्थन दिया है।

अस्थायी सभी पत्रकारों का दर्द एक समान

समाचार पत्रों याने छापा समाचार पत्रों के कर्मचारियों और पत्रकारों के वेतन आदि निर्धारण के संबंध में भारत सरकार ने न्यायमूर्ति जी. आर. मजीठिया को ”वेज बोर्ड”  नियुक्त किया था। इस ”वेज बोर्ड”  की सिफारिशें लंबे समय से सरकार के पास लंबित हैं और अभी तक न तो सरकार ने इनके क्रियान्वयन के लिये कोई पहल की है और न ही प्रिन्ट मीडिया के मालिकों ने। इसके विपरीत प्रिन्ट मीडिया के मालिकों ने ”मजीठिया वेज बोर्ड”  के खिलाफ अभियान शुरू किया है।

‘आप’ का वार सोशल मीडिया के आरपार : ट्विटर पर सिसौदिया, फेसबुक पर योगेंद्र-प्रशांत का पत्राचार

नई दिल्ली : सत्ता में आने के बाद से ही मीडिया से सोशल मीडिया तक छाया हुआ आम आदमी पार्टी का अंदर-बाहर का जमा-जुबानी घमासान शनिवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की होने वाली बैठक से ठीक पहले गुरुवार शाम चरम पर पहुंच गया। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया कि योगेंद्र और भूषण केजरीवाल को हटाने पर अड़े हैं। मैं इसके खिलाफ हूं लेकिन अब राष्ट्रीय कार्यकारिणी को फैसला करने दें। योगेंद्र यादव ने फेसबुक पर लिखा कि जिस चिट्ठी को उनका इस्तीफा बताया जा रहा है, वह दरअसल कुछ मांगों को लेकर लिखा गया एक नोट था। इस नोट में हमने कहा था कि अगर हमारी पांच मांगें मान ली जाती हैं, तो हम इस्तीफा दे देंगे। क्या हमारी ये मांगें पूरी हुई हैं। 

हिंदुस्तान, बरेली के संपादक अभिमन्यु की प्रधान संपादक शशिशेखर से शिकायत

Date: 2015-03-26 14:56 GMT+05:30

Subject: COMPLAIN

To: sshekhar@livehindustan.com

सर

हिंदुस्तान बरेली में 14 march शनिवार की क्यू सी मीटिंग में जो कुछ हुआ, उसकी ओर आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहता हूँ।

1. संपादक श्री अभिमन्यु कुमार सिंह ने कुछ साथियों को कॉलर पकड़ कर बाहर निकालने की धमकी दी।कहा कि कुत्ता बना दूंगा। हरामखोरों की यहाँ जगह नहीं है। यह भी कहा कि यहाँ गद्दार भरे हुए हैं।

सहारा की जो आज स्थिति है उसमें प्रदीप मंडल का आत्महत्या करना शुरुआत भर है…

Pradeep Srivastav : सहारा इंडिया के कर्मचारियों, वर्करों, अधिकारियों की स्थिति को लेकर मेरे जैसे ढेर सारे लोग चिंतित हैं। चार माह से वेतन न मिलने कारण आर्थिक तंगी में जीवन काट रहे लखनऊ में सहारा इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी प्रदीप मंडल द्वारा आज आत्महत्या करने से मन बहुत दुखी है। सहारा में प्रदीप मंडल जैसे ढेर सारे अधिकारी ऐसे हैं जिन्हें चार-पांच माह से वेतन नहीं मिला है।