एनडीटीवी के प्रणॉय, आजतक के शम्स समेत 24 पत्रकारों को प्रेस क्लब मुंबई का रेडइंक अवॉर्ड

मुंबई : एनडीटीवी ग्रुप के एग्जक्यूटिव को-चेयरमैन डॉ. प्रणॉय रॉय को टीवी पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रेस क्लब मुंबई के रेडइंक लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया है। डॉ. रॉय को मुंबई के जमशेद भाभा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। मानवाधिकार श्रेणी में ‘आजतक’ के शम्स ताहिर खान को इस सम्मान से नवाजा गया। हाल ही में यह पुरस्कार मुंबई प्रेस क्लब की ओर से स्थापित किया गया है। 

दादर के मंदिर में महिला रिपोर्टर को धर्म गुरुओं के पास बैठने से आयोजकों ने मना किया

दादर (महाराष्ट्र) : भारत में बेटियों को बचाने और उन्हें हर क्षेत्र में प्रोत्साहन देने की भले ही सरकार कई कोशिशें कर रही हैं, लेकिन महिलाओं को समाज में क्या स्थान प्राप्त है, इसकी हकीकत आए दिन जानने-देखने को मिलती रहती है। ताजा मामला महाराष्ट्र के एक मंदिर का है, जहां एक रिपोर्टर को महिला होने की वजह से सबसे आगे की लाइन में धर्मगुरुओं के पास नहीं बैठने दिया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे। यद्यपि उन्होंने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि महिलाओं और पुरुषों में भेद करना सही नहीं है। 

लखनऊ स्वतंत्र भारत के न्यूज एडिटर बने सुनीत निगम

विभिन्न प्रमुख समाचारपत्रों में कार्यरत रहे वरिष्ठ पत्रकार सुनीत निगम ने स्वतंत्र भारत, लखनऊ में न्यूज एडिटर का पदभार संभाल लिया है। अपनेलगभग ढाई दशक के कॅरियर में सुनीत निगम अमर उजाला और हिंदुस्तान में लंबी-लंबी पारियां खेल चुके हैं। अमर उजाला कानपुर तथा हिंदुस्तान लखनऊ की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा रहे सुनीत निगम को दोनों अखबारों में अपने कार्यकाल के दौरान करीब नौ ब्यूरो संभालने का अनुभव है।

दूरदर्शन में किसान चैनल के संपादकीय सलाहकार बने कुमार आनंद

देश के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार कुमार आनंद ने भारतीय दूरदर्शन के किसान चैनल में संपादकीय सलाहकार (एडिटोरियल कंसल्टेंट) के पद पर ज्वॉइन किया है। इससे पहले प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अनेक शीर्ष पदों पर उनका लंबा अनुभव रहा है। 

फर्रुखाबाद में मुलायम के दौरे के समय पिटे दरोगा को पुरस्कृत करे सरकार

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव से कल फर्रुखाबाद पुलिस लाइन में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यक्रम के दौरान सपा के नेताओं द्वारा थानाध्यक्ष जहानगंज शैलेंद्र कुमार मिश्रा और पुलिसवालों को मारने-पीटने की घटना पर कार्रवाई की मांग की है. 

भूकम्‍प की रिपोर्टिंग को लेकर नेपाल के पत्रकार परेशान

आज तड़के नेपाल के एक पत्रकार मित्र से बात हुई। भूकम्‍प की रिपोर्टिंग को लेकर वे बहुत परेशान थे। कह रहे थे कि नेपाल के पत्रकारों के पास संसाधन नहीं हैं कि वे दुर्गम इलाकों में जाकर रिपोर्ट कर सकें जबकि भारतीय वायुसेना के माध्‍यम से घूमकर खबर देने वाले भारतीय पत्रकार भारत सरकार के जनसंपर्क विभाग की तरह काम कर रहे हैं। 

रेनाल्ड लुजियर अब नहीं बनाएंगे पैगंबर के कार्टून

पेरिस में मैगजीन के दफ्तर पर आतंकी हमला होने के बाद नए एडिशन में कार्टूनिस्ट रेनाल्ड लुज ने ही कवर पेज के लिए पैंगबर का कार्टू बनाया था। जिसके बाद 7 जनवरी को पेरिस में चार्ली हेब्दो के दफ्तर पर आतंकियों ने हमला कर गोलियां बरसाई थीं जिसमें दो पत्रकारों और दस -कार्टूनिस्ट सहित 12 लोगों की मौत हो गई थी।

लीबिया सरकार ने माना, इस्लामिक स्टेट ने दो ट्यूनिशियाई पत्रकारों को मार डाला

लीबिया की सरकार ने लीबिया में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों द्वारा पिछले साल अगवा किए गए दो ट्यूनिशियाई पत्रकारों की हत्या किए जाने की पुष्टि की है।

ओ मेरे अत्याचारी, तुमसे हार नहीं मानूंगी, यौन शोषित ऑक्सफोर्ड छात्रा का खत मीडिया की सुर्खियों में

लंदन : विगत 11 अप्रैल की रात ज्यादती की शिकार हुई ऑक्सफोर्ड की छात्रा इयॉन वेल्स ने चुप बैठने के बजाए यूनिवर्सिटी के अखबार में आरोपी के खिलाफ एक चेतावनी भरा मार्मिक पत्र लिखा, जो अब विश्व मीडिया और सोशल मीडिया की सुर्खियों में है। ज्यादती करने वाले आरोपी के खिलाफ वेस्ल ने अपने अखबारी पत्र में लिखा – 

कोल एवं मीडिया उद्यमी नवीन जिंदल के खिलाफ सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट

सीबीआई ने उद्योगपति नवीन जिंदल पर आरोप लगाया है कि यूपीए शासन के दौरान झारखंड में एक कोयला खदान हासिल करने में उन्होंने भ्रष्टाचार किया और गलत तथ्य पेश किए। सीबीआई ने जिंदल, यूपीए सरकार में कोयला राज्य मंत्री रहे दासारी नारायण राव, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और पूर्व कोयला सचिव एच सी गुप्ता सहित 10 लोगों के खिलाफ दिल्ली की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट पेश की। 54 पेज की चार्जशीट में सीबीआई ने कहा है कि जिंदल और उनकी कंपनी जिंदल स्टील-पावर लिमिटेड ने 2007 में अमरकोंडा मुर्गाडांगल कोल ब्लॉक हासिल करने के लिए न केवल राव को रिश्वत दी थी, बल्कि अपनी कंपनी के बारे में गलत तथ्य भी पेश किए थे, जिन्हें तत्कालीन कोयला सचिव गुप्ता की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग कमेटी ने नजरंदाज कर दिया था।

शैलेंद्र शर्मा आत्महत्या कांड : ‘दबंग दुनिया’ के सीईओ समेत चार पर लटकी कार्रवाई की तलवार

खंडवा (म.प्र.) : दबंग दुनिया अखबार के मार्केटिंग विभाग से जुड़े रहे शैलेंद्र शर्मा ने काम के दबाव के चलते तीन माह पहले खंडवा के एक होटल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अब उस मामले में खंडवा पुलिस ने दबंग दुनिया के सीईओ सहित चार लोगों के खिलाफ धारा 304 के तहत प्रकरण दर्ज करने की तैयारी कर ली है। 

पीएम का दावा : मीडिया और सरकार से ज्‍यादा मजबूत मेरा सूचना तंत्र

नई दिल्ली : संसद भवन के अपने कक्ष में मध्य प्रदेश के पत्रकारों के साथ अनौपचारिक चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि उनका अपना सूचना तंत्र मीडिया और सरकार के सूचनातंत्र से ज्यादा मजबूत है। वह चार दशक तक संघ प्रचारक के रूप में देशभर में घूमे हैं। उस दैरान हजारों लोग उनके सीधे संपर्क में रहे हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला को भी मेरे ट्वीट से भूकंप की जानकारी मिली। 

सबसे बड़े रेटिंग सिस्टम बार्क में भी आजतक की बादशाहत

सबसे तेज और सर्वश्रेष्ठ न्यूज चैनल आजतक ने सबसे बड़े रेटिंग सिस्टम बार्क में भी सबको पछाड़ दिया है. ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल इंडिया (बार्क) की ओर से जारी टीआरपी रेटिंग में आजतक 24 फीसदी के साथ टॉप पर कब्जा जमाए हुए है. इसके अलावा दिल्ली और मुंबई में भी आजतक ने अपनी बादशाहत कायम रखी है.

एक महान दोस्त का अवसान और वह आखिरी मुलाकात !

सुनील साह के निधन की खबर पाकर मैं स्तब्ध रह गया। अभी कुछ ही दिन पहले उन्होंने फोन पर मुझसे बात की थी। मेरे स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद उन्हें काफी संतोष हुआ और बोले थे, पंडित जी इलाज में लापरवाही मत बरितएगा, आपसे जल्दी ही फिर बात होगी। मुझे क्या पता था कि वह मेरी उनकी अंतिम बातचीत होगी। जो भी उन्हें जानता है, निश्चित ही मेरी तरह उसे झटका लगा होगा।

दूरस्‍थ पत्रकारिता का असर : एनबीटी ने छापी चंदौली के चार युवकों के लापता होने की भ्रामक खबर

पत्रकारिता में गलाकाट प्रतिस्‍पर्धा के दौर में अपुष्‍ट खबरों को प्रकाशित करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. इसका जीता जागता प्रमाण नवभारत टाइम्‍स यानी एनबीटी में देखने को मिला. नेपाल में आए भूकंप में चंदौली जिले के चार युवक भी फंसे थे, लेकिन शाम तक उन युवकों का संपर्क अपने परिजनों से हो गया, लेकिन खबर को बेचने के चक्‍कर में एनबीटी ने चारों युवकों के लापता होने की भ्रामक खबर छाप दी, जिसके चलते युवकों के परिजनों को परेशानी उठानी पड़ गई. 

संपादक सुनील साह के निधन से उत्तरांचल और हिंदी पत्रकारिता की अपूरणीय क्षति

गैरसैंण (उत्तरांचल) : अमर उजाला नैनीताल यूनिट के स्थानीय संपादक सुनील साह के निधन से उत्तराखण्ड के पत्रकारिता जगत की अपूरणीय क्षति हुई है। पत्रकारिता और उत्तराखण्ड की समझ रखने वाले स्व. साह इस समूह में अकेले ऐसे संपादक थे, जिनसे उत्तराखण्डी हितों पर बात -विचार किया जा सकता था और जो उत्तराखण्ड को समझते थे।

दैनिक जागरण, मुरादाबाद में उथल-पुथल, कई लोग हुए इधर से उधर

दैनिक जागरण, मुरादाबाद में उठापटक मची हुई है. कई लोगों को इधर से उधर कर दिया गया है. कुछ रिपोर्टर संपादक के रवैये से खफा होकर दूसरे अखबरों में नौकरी तलाश रहे हैं. चीफ रिपोटर के पद पर कार्यरत संजय रस्‍तोगी को हटाकर संभल का प्रभारी बना दिया गया है. संभल काफी समय से खाली चल रहा था. उनकी जगह चीफ सब ज्ञानेंद्र और सीनियर सब एडिटर अभिषेक आनंद को तात्‍कालिक तौर पर यह जिम्‍मेदारी दी गई है. 

IAS, IPS ट्रान्सफर पर PIL के लिए IPS अमिताभ ठाकुर ने शासन से अनुमति मांगी

लखनऊ : आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने उत्तर प्रदेश में आईएएस, आईपीएस, पीसीएस और पीपीएस अधिकारियों और थानाध्यक्षों के अल्प अवधि के कार्यकाल में ही अत्यंत तीव्र गति से स्थानांतरण के सम्बन्ध में जनहित याचिका दायर किये जाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है.

लुटेरा अभियंता : आरोपी होने के बावजूद अरुण मिश्र बना सरकार का चहेता

तकरीबन तीन वर्ष पूर्व 2012 में जब युवा मुख्यमंत्री के रूप में अखिलेश यादव ने पद की शपथ ली तो उम्मीद जगी थी कि आधुनिक सोच और जोश के आगे भ्रष्टाचार फीका पड़ जायेगा। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने दावा भी यही किया था कि सूबे की जनता को भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन मिलेगा। छत्तीस महीने गुजर जाने के बाद जब पिछले दिनों अखिलेश सरकार ने कागजी उपलब्धियों को गिनाना शुरू किया तो सत्ता विरोधी दलों ने सरकार की खामियों का पिटारा खोल दिया। यह बात स्वयं मुख्यमंत्री भी अच्छी तरह से जानते हैं कि तीन वर्ष की उपलब्धियों का बखान करने के लायक उनके पास कुछ नहीं था। इसके बावजूद सरकारी चमचों ने लाखों के विज्ञापनों के सहारे सरकार की उपलब्धि की बढ-चढ़कर चर्चा की। 

धड़ाधड़ बंद हो रहे न्यूज चैनल, हजारो टीवी प्रोफेशनल बेरोजगार

देश में धड़ाधड़ समाचार चैनल बंद हो रहे हैं, हजारों की संख्या में टेलीविजन प्रोफेशनल बेरोजगार हैं. वॉयस ऑफ इंडिया नाम के टाइटेनिक के डूबने से शुरू हुआ यह सिलसिला बदस्तूर कायम है। सीएनईबी, पी 7, भास्कर न्यूज ,जिया न्यूज और फॉर रियल न्यूज जैसे न जाने कितने नाम हैं जो इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. 

मीडियाकर्मियों के लिए ये रहा मजीठिया मामले पर सुप्रीम कोर्ट का सम्पूर्ण आदेशपत्र

यहां समस्त मीडियाकर्मियों की सुविधा और जानकारी के लिए मजीठिया के मामले में 28 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी दी जा रही है। इस आदेश के बाद हम सभी की जिम्‍मेदारी बढ़ जाती है कि मालिक हमारी असंगठित स्थित‍ि का लाभ न उठा पाएं। आप सब से निवेदन है कि अपने हक …

मीडिया की मंडी में हमारे लिए अब जयपुर के वे दिन सपने जैसे

ये मार्च या अप्रैल 1990 था,जब मैं जयपुर दूरदर्शन समाचार विभाग से नियमित जुड़ा था।एक कैजुअल सब एडिटर कम ट्रांसलेटर के रूप में……हर महीने दस दिन की बुकिंग मिलती थी….उससे एक मुश्त कमरे का किराया और भोजन सहित छोटा-मोटा खर्च निकल जाता था,ये बहुत बड़ा सहारा था।साथ ही यह उम्मीद भी, कि कभी मौका लगा तो दूरदर्शन में स्थायी हो जाएंगें।तब किसी ने मार्गदर्शन नहीं दिया था,कि समाचार विभाग में सरकार कभी एडिटर या सब एडिटर की पोस्ट नहीं निकालेगी।खैर ये तो लंबे समय तक धक्के खा कर खुद ही समझना पड़ा।समाचार संपादक एम आर सिंघवी ने मुझमें विश्वास जताया और न्यूज रूम में हर तरह के असाइनमेंट करने का मौका दिया।

मजीठिया: सुप्रीम कोर्ट के रुख पर मूंछ टेरने लगे जागरण के पालतू, मगर कर्मचारी भाव नहीं दे रहे

मजीठिया वेतनमान मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दैनिक जागरण प्रबंधन इतना कन्‍फ्यूजिया गया है कि वह यह तय ही नहीं कर पा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में करोड़ों खर्च करने के बाद उसकी जीत हुई है या हार। फिर भी इतना तो तय है कि इसमें जीत वीरेंद्र मिश्रा की ही हुई है। डीलिंग सेटिंग में उनका जो लाखों का वारा न्‍यारा हो गया है। शायद यही वजह है कि वह आजकल मूंछों पर ताव देते फिर रहे हैं। मूछें हों तो वीरेंद्र मिश्रा जैसी हों, वर्ना न हों। पूरा प्रबंधन उन्‍हीं की मूंछों पर ताव देता फिर रहा है।

हम ‘रभीश फ्रेंडवा’ को कंजूस इसलिए कहता हूँ : ओम थानवी

संस्कृतिकर्मी और पूर्व उच्चाधिकारी अमिताभ पांडेय से मैं पूरी तरह सहमत हूँ कि रवीश कुमार का प्राइम टाइम अंगरेजी चैनलों के किसी भी कार्यक्रम पर भारी पड़ेगा; कि किसी ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल जैसे आयोजनों में उनके कार्यक्रम में शिरकत की हो तो पाया होगा कि लोकप्रियता में भी रवीश अर्णब, राजदीप, करण या राहुल किसी भी ‘स्टार’ से बड़े स्टार ठहरते हैं।

यकूम मई : उम्मीद के मजदूर

एक मई की तारीख कितने लोगों को याद है? बस, उन चंद लोगों के स्मरण में एक मई शेष रह गया है जो आज भी इस उम्मीद में जी रहे हैं कि एक दिन तो हमारा भी आएगा. वे यह भी जानते हैं कि वह दिन कभी नहीं आएगा लेकिन उम्मीद का क्या करें?

अमेठी में पत्रकार और उनके भाई पर ग्राम प्रधान ने किया जानलेवा हमला

अमेठी : थाना क्षेत्र शुकुल बाजार के निवासी पत्रकार सुरजीत यादव और उनके भाई पर कुछ लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। सुरजीत यादव ग्राम पंचायत सिधौली आधार कार्ड बनवाने अपने भाई के साथ गये थे। फार्म न मिलने पर पूछताछ करने पर प्रधान भगौती प्रसाद व पुत्रगण रविशंकर, अजय शंकर, विजय शंकर और दिवाकर ने सुरजीत यादव और उनके बड़े भाई से गाली गलौज करते हुए जानलेवा हमला कर दिया। 

मजीठिया : पत्रकारों के सामने अब संगठित संघर्ष के अलावा और कोई रास्ता नहीं

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से एक बात तो साफ हो गई है कि जो लोग मजीठिया की लड़ाई लड़ रहे लोगों के दम पर मोटी रकम की उम्मीद लगाए बैठे थे, उनकी दाल अब असानी से गलने वाली नहीं है। रही बात श्रम विभाग की तो वहां भी वही लोग जाएंगे, जिन्होंने अपनी-अपनी मैनेजमेंट के साथ सीधे टक्कर लेने का दम रखा था। ऐसे में श्रम विभाग के लिए अपनी रिपोर्ट में यह कहना आसान होगा कि कुछ चुनिंदा लोगों को छोड़ कर बाकी किसी को मजीठिया वेज बोर्ड के क्रियान्वयन को लेकर कोई शिकायत नहीं है। बाकी काम अखबारों के मालिक व उनके तलवे चाटने वाले सरकार व विभाग पर दबाव बनाकर पूरा कर देंगे। लिहाजा यह लड़ाई अब संगठित होकर लड़ने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं बचा। 

आजतक के पत्रकारों को तोड़ने में जुटा इंडिया टीवी, समीप राजगुरु गए

लगातार गिरती टीआरपी से परेशान इंडिया टीवी प्रबंधन अब आजतक न्यूज चैनल में कार्यरत लोगों को तोड़ने में जुट गया है. लंबे समय से स्पोर्ट्स देख रहे आजतक के पत्रकार समीप राजगुरु अब इंडिया टीवी के हिस्से हो गए हैं. इन्हें अच्छे खासे पैकेज पर इंडिया टीवी लाया गया है. सूत्रों के मुताबिक अजीत अंजुम को ‘आपरेशन आजतक’ के लिए लगाया गया है. उन्होंने आजतक के दसियों पत्रकारों से बातचीत की. साथ ही कई अन्य चैनलों के पत्रकारों को भी इंडिया टीवी में लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं.

मजीठिया मामला : पत्रकारों के न्याय में आड़े आएगा श्रम निरीक्षकों का भ्रष्टाचार

देश की सबसे बड़ी अदालत का यह कदम निराशाजनक है। अखबार मालिक पैसे के बल पर बड़े वकील कर मामले को लंबा खींचने में कामयाब होते जा रहे हैं । इसके पहले की सुनवाई में कोर्ट ने जिस सख्ती के साथ आखिरी बार समय देने की चेतावनी दी थी उससे तो यही लग रहा था कि इस बार वह गिरफ्तारी का आदेश देगा। पत्रकार समुदाय में इस बात पर गंभीर चर्चाएं हैं कि अब न्याय मिलने में श्रम निरीक्षकों का भ्रष्टाचार आड़े आएगा।  

टीआरपी का नया सिस्टम : TAM खत्म, BARC शुरू, 5वें स्थान पर लुढ़का इंडिया टीवी

Vikas Mishra : चलिए कयास लगाने का वक्त खत्म हुआ। दरअसल ये खबर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की टीआरपी नापने की नयी व्यवस्था की है। पहले टैम (TAM) नाम की संस्था, हर हफ्ते टीआरपी देती थी। अब टैम की जगह बार्क (BARC) नाम की एजेंसी ने टीआरपी देनी शुरू की है। पहले हफ्ते की टीआरपी आ गई है। इसके मुताबिक आजतक इस मंच पर भी न सिर्फ नंबर वन न्यूज चैनल है, बल्कि 25 प्रतिशत टीआरपी तो अकेले आजतक की ही है।

रोहित सिंह, जागेंद्र सिंह, विजय श्रीवास्तव, राकेश राय के बारे में सूचनाएं

ई.टी.वी. न्यूज, वाराणसी के सेंटर इंचार्ज बनाए गए हैं रोहित सिंह. वे ई.टी.वी वाराणसी के 2 फरवरी से प्रभारी हैं. अब वाराणसी सेंटर का इंचार्ज बना दिया गया है. वाराणसी सेंटर में बनारस के अलावा आजमगढ व मिर्जापुर मंडल के जनपद जुड़े हुये हैं.

न्यूज नेशन का संवाददाता गया जेल, रामदेव से कारतूस लेकर मिलने गया था

इस शख्स को जरा गौर से देखिये. ये महाशय हैं हरिद्वार के पत्रकार आशु शर्मा. न्यूज चैनल न्यूज़ नेशन के पत्रकार हैं. हरिद्वार में बतौर सम्वाददाता कार्यरत हैं. पत्रकार जेब में कलम लेकर चलते हैं लेकिन ये महाशय तो 315 बोर का कारतूस लेकर चलते हैं. वो भी बाबा रामदेव के यहाँ. आखिर आशु शर्मा 315 बोर के कारतूस के साथ पकड़े गए. इन्हें जेल जाना पड़ गया.

वामपंथी पत्रकारों की तगड़ी घेरेबंदी से भाजपाई सीएम खंडूड़ी को भागना पड़ गया था! (किस्से अखबारों के : पार्ट छह)

मीडिया में विचार की कद्र रही है, ऐसा हमेशा से माना जाता रहा है। इस धंधे में विचार कोई बुरी चीज नहीं रही। एक दौर रहा है जब पूंजीवादी मालिक अपनी दुनिया में रहते थे और अखबारों में वामपंथी रुझान के पत्रकार, संपादक अपना काम करते रहते थे। नई आर्थिक नीतियों के अमल में आने के बाद संभवतः पहली बार मालिकों का ध्यान विचार की तरफ गया। ये दक्षिणपंथ के उभार का दौर था। मालिकों और दक्षिणपंथ के बीच के गठजोड़ ने प्रारंभिक स्तर पर विचार के खिलाफ माहौल बनाना शुरु किया। इसके बाद धीरे-धीरे उन लोगों को दूर किया जाने लगा जो किसी विचार, खासतौर से प्रगतिशील विचार के साथ जुड़े थे। उन्हें सिस्टम के लिए खतरे के तौर पर चिह्नित किया जाने लगा। ढके-छिपे तौर पर पत्रकारों की पृष्ठभूमि की पड़ताल होने लगी। जो कभी जवानी के दिनों में किसी वामपंथी या प्रगतिशील छात्र संगठन से जुड़े रहे थे, उनकी पहचान होने लगी।

वरिष्ठ पत्रकार राजीव नयन बहुगुणा होंगे उत्तराखंड के नए सूचना आयुक्त

बड़ी खबर उत्तराखंड से आ रही है. वरिष्ठ, फक्कड़ और बेबाक पत्रकार राजीव नयन बहुगुणा उत्तराखंड के नए सूचना आयुक्त होंगे. वे विनोद नौटियाल की जगह लेंगे. राजीव नयन बहुगुणा कई अखबारों और चैनलों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं. वे जाने-माने पर्यावरविद सुंदरलाल बहुगुणा के सुपुत्र हैं. घुमक्कड़ और फक्कड़ स्वभाव के राजीव नयन बहुगुणा अपने बेबाकबयानी के लिए जाने जाते हैं. 

कुमार विश्वास के पक्ष में ट्वीट करना सोनू निगम को पड़ा महंगा, जी ग्रुप ने किया बैन!

: सोनू निगम के गाने नहीं खरीदेगा ज़ी ग्रुप : ज़ी न्यूज़ की झूठी खबर के खिलाफ सोनू निगम के एक सच्चे ट्वीट का नतीजा :  27 अप्रैल को मशहूर बॉलीवुड गायक सोनू निगम ने एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने ज़ी न्यूज़ की बेईमानी का साफ़तौर पर खुलासा कर दिया। हुआ यूं कि ज़ी न्यूज़ ने अपने चैनल पर बार-बार दिखाया था कि गजेन्द्र की मृत्यु के समय आप नेता कुमार विश्वास ने मंच से ‘लटक गया’ शब्द बोला था। सोनू निगम ने जो वीडियो ट्वीट किया, उसमें साफ़ दिख रहा है कि ‘लटक गया’ शब्द कुमार विश्वास द्वारा नहीं बोला गया था, बल्कि वह आवाज़ बाहर से भरी गई थी। इसका उद्देश्य निश्चित रूप से कुमार को बदनाम करना था।

सुप्रीम कोर्ट ने मीडियाकर्मियों को दिया गलती सुधारने का एक विशेष मौका

दबाव, जबर्दस्‍ती, अज्ञानता, भय, मजबूरी या कंफर्ट जोन में रहने की आदत। जो भी कहें, दैनिक जागरण के कर्मचारियों ने एक गलती तो कर ही दी है कि 20-जे के तहत कंपनी को सुप्रीम कोर्ट में फायदा उठाने का मौका दे दिया है। अब जब लोग ताल ठोंक कर सुप्रीम कोर्ट पहुंच ही गए हैं तो अदालत ने उन्‍हें अपनी गलती सुधारने का एक विशेष मौका दे दिया है। 

कुमार विश्वास के पक्ष में वीडियो ट्वीट पर ज़ी ने रद्द किए ‘Sonu Nigam songs’ के छह करार

दिल्ली में जंतर मंतर पर पिछले दिनो दौसा के किसान गजेंद्र सिंह कल्याणवत ने पेड़ पर फांसी लगा ली थी। कई दिनो तक वह घटनाक्रम मीडिया की सुर्खियों में रहा। अब ‘आप’ नेता कुमार विश्वास के बारे में ‘जी न्यूज’ पर प्रसारित एक झूठी खबर पर मशहूर बॉलीवुड गायक सोनू निगम के एक वीडियो ट्वीट ने मामले को एक बार फिर गरमा दिया है। फेसबुक पर टिप्पणियां आ रही हैं कि ‘आम आदमी पार्टी और कुमार विश्वास के बारे में भारत के मशहूर गायक सोनू निगम ने भी सच का साथ दिया और दलाल मीडिया ज़ी न्यूज़ को आईना दिखाया।’

‘न्यूज एक्सप्रेस’ के सीईओ और एडिटर इन चीफ पद से प्रसून शुक्ला के इस्तीफे की चर्चा

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एक बड़ी खबर ‘न्यूज एक्सप्रेस’ चैनल से आ रही है. पता चला है कि सीईओ और एडिटर इन चीफ पद से प्रसून शुक्ला ने इस्तीफा दे दिया है. पिछले कुछ महीने से चैनल में चले आ रहे सेलरी संकट के निपटते ही प्रसून ने चैनल को टाटा बाय बाय बोल दिया है. हालांकि इस बारे में प्रसून शुक्ला ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. उधर, उनके करीबियों का कहना है कि प्रसून जी ने इस्तीफा नहीं दिया है बल्कि वे लंबी छुट्टी पर चले गए हैं.

आईपीएस संवर्ग की भद्द पीटती एक रिटायर दरोगा की किताब ‘आईना’

सेवानिवृत्त पुलिस उपनिरीक्षक अशोक कुमार सिंह की पुस्तक ‘आईना’ अगर किसी प्रतिष्ठित प्रकाशन से छपी होती तो बहुत चर्चित हो जाती क्योंकि इसमें उन्होंने आईपीएस संवर्ग को जिस तरीके से आईना दिखाया है, वह विस्फोटक की हद तक सनसनीखेज है। 

दो साल से भुगतान के लिए तड़प रहे एनएनआईएस न्यूज एजेन्सी के सैकड़ों श्रमजीवी स्ट्रिंगर

इन दिनो ‘एनएनआईएस न्यूज एजेन्सी’ का हाल-बेहाल है। एजेंसी में कार्यरत स्ट्रिंगर भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं। पिछले दो साल से उनको सैलरी के नाम पर सिर्फ तारीख पर तारीख दी जा रही है। वो तारीख कब आएगी, यह कोई बताने वाला नहीं। स्ट्रिंगरों का कहना है कि ये तो भला हो भड़ास4मीडिया का, जिसके माध्यम से अपना दुःख कहने का मौका मिल रहा है अन्यथा चैनल व एजेंसी के अंदर तो स्ट्रिंगरों का दर्द सुनने तक को कोई तैयार नहीं। 

मीडिया बहस में नेट निष्पक्षता, अलग-अलग चार्ज मंजूर नहीं

नेट निष्पक्षता का प्रश्न आजकल मीडिया की गंभीर चर्चाओं में है। फेसबुक, ट्विटर आदि पर लगातार टिप्पणियां पोस्ट हो रही हैं। पिछले दिनो दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (डीजेए) के तत्वधान में आयोजित परिचर्चा में भी यह मुद्दा छाया रहा। आज भी सोशल माध्यमों, लेखों, टिप्पणियों, वार्ताओं में ये मुद्दा छाया हुआ है। अब तो वरिष्ठ पत्रकार तरुण विजय ने भी 28 अप्रैल को राज्यसभा में नेट न्यूट्रैलिटी का मुद्दा उठा दिया। 

दैनिक जागरण, लखनऊ में कई बदलाव, नीरज रावत ईटीवी पहुंचे

दैनिक जागरण, लखनऊ में कई लोगों की जिम्‍मेदारियों में बदलाव किया गया है. लोकल इंचार्ज के पद पर कार्यरत अजय श्रीवास्‍तव को ब्‍यूरो में भेज दिया गया है. उनके स्‍थान पर अमित मिश्रा को लोकल इंचार्ज की जिम्‍मेदारी दी गई है. प्रबंधन में आलोक त्रिपाठी को इनपुट हेड तथा अजय शुक्‍ला को आउटपुट हेड बना दिया है.

नहीं पसीजा सतीश मिश्रा का दिल, मां को बचा न पाए मुखी चौधरी

समाचार पत्र कर्मचारियों के लिए मजीठिया वेतनमान लागू न किए जाने का उनके जीवन पर कितना बुरा असर पड़ रहा है, इसी के एक उदाहरण हैं मुखी चौधरी। दैनिक जागरण की कानपुर यूनिट में डाइरेक्‍टर सतीश मिश्रा से मुखी चौधरी मिन्‍नतें करते रहे, लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा और वह धन के अभाव में इलाज न करा पाने के कारण अपनी मां को नहीं बचा पाए। पैसा भी वह अपनी कमाई से अग्रिम धन के रूप में मांग रहे थे। उनके आवेदन पर कई वरिष्‍ठ प्रबंधकों ने हस्‍ताक्षर भी कर दिए थे, लेकिन उन्‍हें धन तो मिला नहीं, उलटे उन्‍हें नौकरी से भी बेदखल जरूर कर दिया गया।

मजीठिया मामला : नियोक्ता पक्ष को तीन माह की मोहलत, गौरतलब अंदेशे और कई बड़े सवाल !

लाखों मीडिया कर्मियों के आर्थिक भविष्य से जुड़े मजीठिया वेतनमान के मामले पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद न्यायाधीश रंजन गोगोई की खंडपीठ का राज्य सरकारों को आदेश बार बार एक चिंताजनक अंदेशे से रू-ब-रू कराता है। न्यायाधीश का आदेश है कि राज्य सरकारें विशेष श्रम अधिकारी नियुक्त करें और वे अधिकारी तीन महीने के भीतर मजीठिया वेज क्रियान्वयन की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करें। उसके बाद इस मामले पर अगली सुनवाई होगी। यानी साफ है कि अब मामला लंबा खिंचेगा। 

कर्मचारी कोई भी हो, अस्थाई नहीं हो सकता : राजस्थान हाईकोर्ट

जयपुर : कर्मचारियों के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण एवं स्वागत योग्य आदेश जारी किया है। माननीय न्यायालय का कहना है कि यदि राज्य सरकार ने उसे वेतन दिया है तो वो उसका कर्मचारी हुआ। संविदा या कोई दूसरा नाम देकर उसे अस्थाई करार नहीं दिया जा सकता। यदि यह आदेश एप्लिकेबल हुआ तो देश भर में कोई भी कर्मचारी अस्थाई नहीं रहेगा। 

प्रशंसनीय : नेपाल में रिपोर्टिंग छोड़ घायल संध्या के सिर की सर्जरी करने लगे डॉ. संजय गुप्ता

सीएनएन के पत्रकार डॉ.संजय गुप्ता न्यूरोसर्जन हैं। वह गत शनिवार को नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के बाद तबाही की रिपोर्टिंग करने गए थे लेकिन उन्हें 15 साल की संध्या के ब्रेन का ऑपरेशन करना पड़ा, जिसके सिर पर दीवार गिर गई थी। सर्जरी कामयाब भी रही। इसके पहले वह 2003 में इराक़ में आपातकालीन सर्जरी कर चुके हैं।

वरिष्ठ पत्रकार शरद शिंदे का निधन

इंदौर : वरिष्ठ पत्रकार शरद शिंदे का आज यहां निधन हो गया। वह 52 वर्ष के थे और मुंह के कैंसर से पीड़ित थे। शिंदे के बड़े भाई अशोक शिंदे ने बताया कि वरिष्ठ पत्रकार का कुम्हारखाड़ी श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें उनके भतीजे राहुल शिंदे ने मुखाग्नि दी। उनके शोकसंतप्त परिवार …

सड़क हादसे में पत्रकार अनूप झा की मौत पर सीएम खट्टर ने शोक जताया

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रजातंत्र लाईव न्यूज के एडिटर अनूप झा की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि झा एक होनहार पत्रकार थे।

तुम्हें विदा करते हुए बहुत उदास हूँ सुनील…

हमारे सहकर्मी, हमारे स्वजन अमर उजाला हल्द्वानी के संपादक सुनील साह नहीं रहे.  राजीव लोचन साह, हमारे राजीव दाज्यू के फेसबुक वाल पर अभी-अभी लगा है वह समाचार, जिसकी आशंका से हमारे वीरेनदा कल फोन पर आंसुओं से सराबोर आवाज में कह रहे थे- ”सुनील वेंटीलेशन पर है और कल डाक्टरों ने जवाब दे दिया है।” सुनील साह नैनीताल से जुड़े हैं और बरसों से हल्द्वानी में हैं। पिछले जाड़ों में हम सुनील साह, हरुआ दाढ़ी, चंद्रशेखर करगेती और हमारे गुरुजी ताराचंद्र त्रिपाठी से मिलने नैनीताल से हल्द्वानी निकलने वाले ही थे कि पद्दो का घर से अर्जेंट फोन आ गया और हम हल्द्वानी बिना रुके बसंतीपुर पहुंच गये।

सुनील शाह और अमर उजाला : दोनों मेड फॉर ईच अदर थे…

यकीन नहीं हो रहा है कि सुनील शाह नहीं रहे। मैं 20 से 24 अप्रैल तक दिल्ली में नहीं था। लौटकर आया तो पता चला कि जनसत्ता में मित्र रहे सुनील शाह जो इस समय अमर उजाला, हलद्वानी में संपादक थे – एक कार दुर्घटना में घायल हो गए हैं और बेहतर इलाज के लिए दिल्ली लाया गया। फोन पर उनकी पत्नी से बात हुई तो पता चला वे सर गंगा राम हॉस्पीटल में दाखिल हैं। अस्पताल जाकर पता चला कि हलद्वानी में कार दुर्घटना बहुत मामूली थी और उनकी कलाई की हड्डी टूट गई थी। इसके लिए ऑपरेशन कर कलाई में प्लेट लगाई गई थी जो कोई खास चोट नहीं कही जाएगी।

सुनील शाह और संजय कुमार सिंह : पुराने दिनों की याद दिलाती एक तस्वीर

कमाई में अख़बारों की मदद करेगा गूगल

गूगल ने कई यूरोपीय अख़बारों के साथ समझौता किया है जिससे अख़बार अब अपने ऑनलाइन सामग्री से अधिक पैसा कमा सकेंगे. गूगल अगले तीन साल के भीतर न्यूज़ कंटेंट को एप्स से जोड़ने और यूज़र आधारित विज्ञापनों जैसे नए डिजीटल प्रोजेक्टों में 16 करोड़ डॉलर यानी एक हज़ार करोड़ रुपए निवेश करेगा. गूगल जर्नलिज़्म स्टार्ट अप्स को भी बढ़ावा देगा. इस निवेश से समाचार संस्थानों को अपने ऑनलाइन कंटेट से अधिक पैसा कमाने में मदद मिलेगी.

अप्लीकेशन भेजा दैनिक जागरण को, पहुंची शशि शेखर के पास (किस्से अखबारों के : पार्ट पांच)

अखबारी दुनिया चरम विरोधाभासों की दुनिया है। ये विरोधाभास भी ऐसे हैं जिनमें कोई सामंजस्य या संतुलन आसानी से नहीं बनता। ये दुनिया ऐसी कतई नहीं है जिसे किसी सरलीकृत सूत्र से समझा जा सके। कोई भी बात कहने-बताने के लिए कई तरह के किंतु-परंतु का इस्तेमाल करना पड़ता है। किसी भी मीडियाकर्मी की पर्सनेलिटी में ऐसे दो चित्र होते हैं जो हमेशा एक-दूसरे से न केवल टकराते हैं, वरन उन्हें खारिज भी करते हैं।

पांडे, तिवारी और बोधिसत्व का बाभनावतार… तीनों एकसाथ गालियां बक रहे हैं : अनिल कुमार सिंह

Anil Kumar Singh : उदय प्रकाश जी को गरियाते -गरियाते खूंखार जातिवादी और सांप्रदायिक भेडियों का झुण्ड मुझ पर टूट पड़ा है. ये दुष्प्रचारक अपने झूठ की गटर में मुझे भी घसीट लेना चाहते हैं. दो कौड़ी के साम्प्रदायिकता और अन्धविश्वास फ़ैलाने वाले टी वी सीरियलों का घटिया लेखक मुझे गुंडा बता रहा है. ये परम दर्जे का झूठा है और अपने घटिया कारनामों के लिए शिवमूर्ति जैसे सरल और निश्छल लेखक को ढाल बनाता रहा है. इसे मेरी भाषा पर आपत्ति है. कोई बताओ कि ऐसे गिरे व्यक्ति के लिए किस भाषा का प्रयोग किया जाय. और, आमना -सामना होने पर इससे कैसा व्यवहार किया जाय.

मजीठिया वेज बोर्ड पर सुप्रीम कोर्ट का आज का आदेश मीडिया मालिकों के पक्ष में है या मीडियाकर्मियों के? …एक विश्लेषण

: अब जो-जो मीडियाकर्मी राज्य सरकारों द्वारा नियुक्त विशेष श्रम अधिकारी के यहां लिखकर दे देगा कि उसे मजीठिया वेज बोर्ड का फायदा नहीं दिया गया है, उसे लाभ मिलने का रास्ता खुल जाएगा… एक तरह से देखा जाए तो अब उन मीडियाकर्मियों को भी मजीठिया वेज बोर्ड मिलने का रास्ता खुल गया है जिनसे मालिकों ने जबरन किन्हीं कागजों पर साइन करवा लिया है : मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. देश भर से आए सैकड़ों मीडियाकर्मियों और दर्जनों वकीलों के कारण खचाखच भरे कोर्ट रूम में जजों ने आदेश दिया कि प्रत्येक राज्य सरकारें हर मीडिया हाउस में लेबर इंस्पेक्टर भेजें और पता कराएं कि वहां मजीठिया वेज बोर्ड की रिपोर्ट लागू हुई या नहीं. पूरी रिपोर्ट तैयार करके तीन महीने के भीतर सुप्रीम कोर्ट में जमा करें. इस आदेश के बाद कुछ मीडियाकर्मी प्रसन्न नजर आए तो कुछ निराश.

मजीठिया पर सुप्रीम कोर्ट का ताजा आदेश- राज्य सरकारें तैनात करें विशेष श्रम अधिकारी, तीन माह में स्टेटस रिपोर्ट दें

SC orders state labour commissioners to submit Majithia wage boards implementation report in 3 months

नई दिल्ली : मंगलवार 28 अप्रैल को मजीठिया वेतनमान से संबंधित मामलों में सुप्रीम कोर्ट में आज बहस हुई। वरिष्ठ वकील कोलिन गोंजाल्विज, परमानंद पांडे, उमेश शर्मा ने जबर्दस्त दलीलें पेश कीं। करीब 45 मिनट की बहस के बाद न्यायाधीश रंजन गोगोई की खंडपीठ ने राज्य सरकारों को आदेश दिया कि वे एक महीने में एक विशेष श्रम अधिकारी की नियुक्ति करें। यह विशेष अधिकारी नियुक्ति के तीन महीने के भीतर मजीठिया वेज क्रियान्वयन की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को देगा। सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई राज्यों के विशेष श्रम अधिकारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही होगी। 

छुट्टी से लौटे रिपोर्टर को संपादक ने काम से रोका, दोनो में मारपीट होते होते बची, माहौल तनावपूर्ण

भोपाल : मजीठिया वेतनमान की मांग को लेकर दैनिक जागरण के सीईओ संजय गुप्ता के खिलाफ नई दुनिया, भोपाल के कर्मचारियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर होने के बाद जागरण अखबार प्रबंधन बौखला गया है। छुट्टी से लौटे रिपोर्टर को काम से रोकने पर गत दिनो यहां नई दुनिया के संपादक से मारपीट होते होते रह गई। इसके बाद दफ्तर का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है।   

हिंदुस्तान-जागरण से अनिल, गणेश और मनीष के बारे में सूचनाएं

दो हिंदी अखबारों दैनिक हिंदुस्तान और दैनिक जागरण में तीन पत्रकारों के इधर से उधर किए जाने की सूचनाएं हैं। दैनिक हिंदुस्तान से खबर है कि अनिल शर्मा को हिंदुस्तान बुलंदशहर का ब्यूरो चीफ नियुक्त किया गया है। गणेश मेहता को मुजफ्फरपुर (बिहार) स्थानांतरित कर दिया गया है। इसी प्रकार दैनिक जागरण मेरठ में फेरबदल किया …

आईएएनएस हिंदी को चाहिए कई वरिष्ठ उपसंपादक

आईएएनएस हिंदी को वरिष्ठ उपसंपादकों की आवश्यकता है। तीन से 10 साल के अनुभवी पत्रकार इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। 

यमुना एक्सप्रेस-वे पर दो कार हादसों में 6 मीडियाकर्मियों ने दम तोड़ा

मथुरा/दिल्ली : यमुना एक्सप्रेस-वे पर बीते आठ घंटों के बीच हुए दो सड़क हादसों में छह मीडियाकर्मियों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। इन छह में से चार मीडियाकर्मी हिंदुस्तान टाइम्स में सरकुलेशन विभाग में थे। दूसरे हादसे में जिन दो मीडियाकर्मियों की मौत हुई वे एक न्यूज चैनल के पत्रकार थे।

वाराणसी अमर उजाला ने फिर पत्ते फेटे, कई ब्यूरो इंचार्ज इधर से उधर

वाराणसी अमर उजाला में ब्यूरो स्तर पर काफी उलटफेर की सूचना है। पता चला है कि पांच जनपदों गाजीपुर, सोनभद्र, आजमगढ़, जौनपुर, भदोही के ब्यूरो इंचार्ज बदल दिए गए हैं।  

अमर उजाला हल्द्वानी के संपादक सुनील शाह का दिल्ली में निधन

अमर उजाला हल्द्वानी (उत्तरांचल) के संपादक सुनील शाह अब इस दुनिया में नहीं रहे। वह 59 वर्ष के थे। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में बीती रात 3:10 बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा। डाक्टरों ने प्रयास कर उनकी धडकन वापस लाई। 3:45 बजे फिर दौरा पड़ा और धड़कन वापस नहीं आई। 3:50 बजे उनका निधन हो गया।

जेबी यूनियन का पर्दाफाश होने से जागरण प्रबंधन गुंडागर्दी पर उतरा

दैनिक जागरण प्रबंधन गुंडागर्दी पर उतर आया है। अखबार की कानपुर यूनिट में डाइरेक्‍टर पद पर तैनात सतीश मिश्रा जेबी यूनियन का पर्दाफाश होने से इतना बिलबिला गए हैं कि जगदीश मुखी से मारपीट करने पर उतर आए। जगदीश मुखी को कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। जगदीश मुखी नोएडा कार्यालय में इलुस्‍ट्रेटर के रूप में काम कर रहे थे। कुछ माह पूर्व उनका तबादला कानपुर कर दिया गया था। उस समय उनकी पारिवारिक परिस्थितियों को दरकिनार कर उन्‍हें जबरन कानपुर भेज दिया गया। इससे पूर्व भी एक मशीनमैन से कानपुर में मारपीट की गई थी। उसके बाद रतन भूषण का तबादला कानपुर किया गया, जिससे रुष्‍ट कर्मचारियों ने विगत सात जुलाई को नोएडा में काम बंद कर दिया था। कर्मचारियों की इस एकजुटता से प्रबंधन को झुकना पड़ा था और उस समय किए गए तबादले वापस ले लिए गए थे। 

सुप्रीम कोर्ट में आज मजीठिया मामलों की सुनवाई पर टिकीं देशभर के पत्रकारों की निगाहें

एक माह बाद फिर मंगलवार 28 अप्रैल को मजीठिया वेज बोर्ड मामले पर उच्चतम न्यायालय के कोर्ट नंबर आठ में न्याधीश रंजन गोगोई और एनवी रमन के सामने करीब 30 अवमानना याचिकाएं प्रस्तुत होंगी। ये याचिकाएं क्रम संख्या-2 पर सुनवाई की लिए पेश होंगी। भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह की याचिका, जिसमें सैकड़ो मीडिया कर्मचारियों की ओर से उन्हें अधिकार पत्र दिया गया है, वह भी उन्हीं के साथ प्रस्तुत की जाएंगी। आठ नंबर अदालत में 28 अप्रैल को आइटम नंबर 2 के तहत सूचीबद्ध मजीठिया से संबंधित जिन मामलों पर सुनवाई होनी है, उनमें सबसे अधिक दैनिक भास्‍कर के आरसी अग्रवाल के खिलाफ 18 मामले, दैनिक जागरण के संजय गुप्‍ता और महेंद्र मोहन गुप्‍ता के खिलाफ 11 मामले, प्रभात खबर के खिलाफ एक मामला, इंडियन एक्‍सप्रेस के खिलाफ तीन मामले, राजस्‍थान पत्रिका के खिलाफ छह मामले और हिंदुस्तान के खिलाफ तीन मामले हैं। । दायर मामलों में एक केस नंबर 570 ऑफ 2014 टाइम्‍स ऑफ इंडिया के प्रबंधन के खिलाफ है। टाइम्‍स ऑफ इंडिया के इस स्थगित आइटम नंबर 3 मामले पर भी आज ही सुनवाई होगी। भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह ने बताया कि इस महत्वपूर्ण, बहुप्रतीक्षित एवं निर्णायक सुनवाई में भाग लेने के लिए हरियाणा, राजस्थान, बिहार से बड़ी संख्या में पत्रकार रवाना हो चुके हैंं। सुनवाई के दौरान दिल्ली के मीडिया कर्मी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचेंगे। 

भूकंप की कवरेज में रिपोर्टरों की सांसत

भारतीयु वायुसेना का पहला एयरक्राफ्ट शनिवार रात दस बजे 55 भारतीयों का पहला जत्था लेकर पालम एयरपोर्ट पर उतरा। उनमें से एक वरिष्ठ पत्रकार एमजे अकबर भी थे। उन्होंने मीडिया को बताया कि वह बड़ी मुश्किल से गुजरते हुए पहुंच सके हैं। भूकंप के बाद इंटरनेट में भी कुछ गड़बड़ियां आ रही थी, तभी बाबा रामदेव शनिवार देर शाम अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए अपनी सलामती का मैसेज ट्वीट कर पाए।

वोटबैंक वाले इस लोकतंत्र में किसान मरे तो मरे… सत्ता और मीडिया ने अपनी औकात दिखा दी…

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से…

उद्योगपित दिवालिया होने लगता है तो हंगामा मच जाता है. उसे फटाफट राहत देने की कवायद शुरू हो जाती है. उद्योगपति टैक्सचोरी में फंसा जाता है तो सरकार साहिब माफी देने में यह कहते हुए जुट जाती है कि ऐसा न करने से देश में निवेश और विकास का माहौल प्रभावित होगा. लेकिन जब खेती-किसानी संकट में पड़ जाए तो कोई नहीं बोलता. सत्ता का चरित्र बिलकुल साफ तौर पर सामने है इन दिनों. कारपोरेट मीडिया का बड़ा हिस्सा एक बड़े दलाल की भूमिका में है जो सत्ता को बचाने की खातिर मुख्य मुद्दों से ध्यान डायवर्ट करने में लगा रहता है. एक गजेंद्र के मरने पर आम आदमी पार्टी को घेरने के लिए इतना हायतौबा हुआ लेकिन देश भर में किसान जगह जगह धड़ाधड़ आत्महत्याएं कर रहा है तो कोई दिन भर इस पर लाइव मुहिम नहीं चला रहा.

राजस्थान में हफ्ते भर में चौथे किसान ने आत्महत्या की

भूकंप के बाद तबाह हुए नेपाल में भारत ने जो सक्रियता दिखाई है, वह तारीफ के काबिल है. लेकिन अगर अपने देश में देखें तो किसान खुदकुशी का मामला किसी तबाही से कम नहीं है. हर रोज जाने कितने किसान मर रहे हैं. लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें पूरी बेशर्मी से इन मौतों को नकार रही हैं. ये सरकारें साफ-साफ किसान विरोधी दिख रही हैं. जिस देश की आबादी की बहुत बड़ी संख्या खेती पर निर्भर हो, उस देश में जब खेती तबाह हो जाए और किसान कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या कर रहा हो तो इससे बड़ा संकट क्या होगा.

किसान खुदकुशी मामले में आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने बाराबंकी के डीएम के बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया

Surya Pratap Singh : बाराबंकी में सत्ता की चौखट पर आशाराम ने फ़ासी लगाई. बैंकों और सूदखोरों के तगादे से त्रस्त किसान आशाराम ने शनिवार देर रात बाराबंकी में डीएम आवास के सामने पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी. रविवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों व एडीएम पीपी पॉल ने पुलिस को सूचना दी. आशाराम ने डीएम के नाम संबोधित दो पेज के सूइसाइड नोट में सूदखोरों के दबाव की बात लिखने के साथ ही सीएम से अपने अंतिम संस्कार में शामिल होने का आग्रह भी किया है.

केजरीवाल से एक और समर्थक का मोहभंग, अपने ब्लाग पर लिखा: ”Kejriwal, You Have Failed Us”

“Not even the king has the right to subordinate the interests of the state to his personal sympathies or antipathies.”

AAP “leader” Ashutosh started his blog with this statement to defend the expulsion of four AAP leaders from the party. If there is one person who needed to be reminded of this sentence today, it is none other than Arvind Kejriwal.

Kejriwal has no moral ground to remain as the convener of AAP and here are the reasons.

हिंदी के तकनीकी विकास में योगदान के लिए बालेन्दु शर्मा दाधीच को आत्माराम पुरस्कार

नई दिल्ली : प्रभासाक्षी डॉट कॉम के समूह संपादक और सुपरिचित तकनीकविद् बालेन्दु शर्मा दाधीच को विज्ञान और टेक्नॉलॉजी के जरिए हिंदी भाषा के प्रति योगदान के लिए सन् 2013 का आत्माराम पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की गई है। केंद्रीय हिंदी संस्थान की ओर से दिया जाने वाला यह पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले समारोह में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की उपस्थिति में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के हाथों प्रदान किया जाएगा। इस पुरस्कार के अंतर्गत एक लाख रुपये की राशि और मान पत्र प्रदान किए जाते हैं।

टेलीविजन से मुक्ति का मेरा एक दशक : पत्रकार के लिए भी नियमित टीवी देखना जरूरी नहीं!

वक्त के गुजरने की गति हैरान करती है! टीवी को घर से निकाले एक दशक पूरा हो गया! लेकिन लगता है कल की ही बात है। उस वक्त मैं अमर उजाला नोएडा में था, रात की ड्यूटी करके ढाई बजे रूम पर पहुँचता और बस फिर क्या, बिना कपड़े बदले कुर्सी पर पसर जाता और पौ फटने तक न्यूज़ चैनलों को अदालत बदलता रहता। वही एक जैसी बासी ख़बरें सब चैनलों पर देखता रहता। मेरी इस आदत के चलते पढ़ना लिखना एकदम रुक ही गया था। पूरा रूटीन डिस्टर्ब रहता। सुबह छह सात बजे सोता। 11-12 बजे उठता। नींद आधी अधूरी। शरीर की लय ताल बिगड़ी रहती। फिर सोने की कोशिश। लेकिन कोई फायदा नहीं। तब तक फिर ऑफिस जाने की तैयारी। सब कुछ गड़बड़। ऑफिस के अलावा मेरा अच्छा खासा वक्त टीवी देखने में जा रहा था। मेडिटेशन सिट्टिंग्स बंद हो चुकी थी। अब टीवी ध्यान दर्शन चल रहा था। एनएसडी की विजिट्स अब कम हो गई थी। वीकेंड मूवीज और आउटिंग भी बंद क्योंकि टीवी है ना! एलजी का यह नया गोल्डन आई अब मेरी आँखों में खटकने लगा था।

यमुना एक्सप्रेसवे पर टायर फटने से एचटी के चार मीडियाकर्मियों की मौत

बेहद दुखद खबर यमुना एक्सप्रेसवे से आ रही है. यमुना एक्सप्रेस वे पर भीषण हादसे में चार मीडियाकर्मियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गयी और तीन लोग घायल हो गये. घायलों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया है. दिल्ली से आगरा जा रहे चार लोग मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर हादसे का शिकार हो गये. दो कारों की टक्कर में चारों लोगों की मौत हो गई जबकि तीन लोग घायल हैं.

भड़ास का सातवां जन्मदिन मनेगा… आप सभी के नाम पत्र

भड़ास के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह का अपने पाठकों, शुभचिंतको, समर्थकों के नाम पत्र… आदरणीय भारतीय आनलाइन मीडिया / न्यू मीडिया के सबसे चर्चित, तेवरदार और बेबाक नाम ‘भड़ास’ यानि Bhadas4Media.com का सातवां जन्मदिन मनाने का वक्त आ गया है. वर्ष 2008 में भड़ास की शुरुआत की गई और तबसे यात्रा जारी है, तमाम …

Asaram supporters zeroing on an IPS

IPS officer Amitabh Thakur, who is pursuing the murder case of Asaram follower Akhil Kumar Gupta in Muzaffarnagar, seems to have come in the target-zone of Asaram Bapu followers. Sri Thakur got a message on Facebook from a New Delhi swami that Asaram’s followers are eliciting information about him through a lady Police Circle Officer posted in Meerut. The message talked ofmany organizers of these Ashrams being criminal elements.

‘जनता टीवी’ ठेके पर लिया लेकिन तय समय पर पैसा न देने के कारण हो गए आउट!

हाल ही में एनसीआर के रीजनल चैनल जनता टीवी से नई टीम की छुट्टी। 2 महीने पहले ही बिका था चैनल लेकिन चैनल के पुराने मालिक को पैसे न देने और नए खरीददारों द्वारा पुराने स्टाफ को प्रताड़ित करने के चलते दिखाया बाहर का रास्ता। आज से लगभग 7 साल पहले टोटल टीवी से गुड़गांव शहर से अपनी पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले एक शख्स को अब चैनल हेड बनने का शौक चढ़ा है। इन जनाब ने टोटल टीवी की पत्रकारिता छोड़ कर गुड़गांव में खबरें अभी तक न्यूज़ चैनल में मार्किटिंग हेड बन गए। लेकिन वहाँ इन जनाब की दाल ज्यादा दिन तक नहीं गली और इनके कारनामों का मनेजमेंट को पता चल गया तो इनको चलता कर दिया गया। फिर ये p7 न्यूज़ के रीजनल चैनल पर्ल हरियाणा को इन शर्तों पर सम्भालने लगे कि प्रदेश में चुनाव है, जिसमें ये मोटी विज्ञापन राशि लायेंगे। लेकिन चुनाव के बाद यहाँ पर भी हालात ठीक नहीं रहे और p7 बंद हो गया और जनाब घर आ गए।

शोभना भरतिया की धोखाधड़ी जायज बताने के लिए राजीव वर्मा ने ‘प्रोजेक्ट बटरफ्लाई’ के नाम पर कर्मियों का किया ब्रेन वॉश

मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से अच्छी खासी सेलरी न देनी पड़े, कम पैसे में मीडियाकर्मियों का शोषण जारी रहे, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद मनमर्जी-मनमानी चलाई जा सके, इस उद्देश्य से अंग्रेजी और हिंदी अखबारों हिदुस्तान टाइम्स और हिंदुस्तान की मालकिन शोभना भरतिया ने अपने अखबारों के मीडियाकर्मियों को रातोंरात इंटरनेट कंपनी का इंप्लाई बना दिया और जबरन साइन करने के लिए मजबूर किया गया. मरता क्या न करता की तर्ज पर सभी ने साइन तो कर दिए लेकिन हर एक मीडियाकर्मी के दिल में यह सवाल उठने लगा कि आखिर हमारी मालकिन इतनी चीटर, फ्रॉड और बेशर्म क्यों है… आखिर हमारे संपादक इतने बेजुबान क्यों हैं… आखिर हमारे देश में कानून और न्याय की इज्जत क्यों नहीं है?

ऐसे सवालों से दो-चार हो रहे हिंदुस्तान और हिंदुस्तान टाइम्स के मीडियाकर्मियों को पिछले दिनों एक आंतरिक मेल मिला. यह मेल सीईओ राजीव वर्मा की तरफ से भेजा गया. मेल हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में था ताकि हर एक का ब्रेन वाश ठीक से किया जा सके. पूरी मेल में कहीं भी मजीठिया वेज बोर्ड का हवाला नहीं था. कहीं भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने को लेकर जिक्र नहीं था, कहीं भी कर्मियों से जबरन नई कंपनी में शिफ्ट कराए जाने के लिए कराए गए हस्ताक्षर को लेकर उल्लेख नहीं था. बस, सुहाने सपने दिखाए गए, प्रोजेक्ट बटरफ्लाई का हवाला दिया गया और सबको बातों में उलझाने की कोशिश की गई है. नीचे राजीव वर्मा के हिंदी अंग्रेजी के मेल के पहले वो दस्तावेज दे रहे हैं जिसके जरिए एचटी व हिंदुस्तान के मैनेजमेंट ने अपने कर्मियों को नए टर्म कंडीशन के पेपर पर साइन कराकर रातोंरात नई कंपनी में ट्रांसफर कर डाला ताकि मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी देने की स्थिति ही न आए.

-यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया

मानहानि का मुकदमा ठोकते ही समझौते के लिए रिरियाने, फिर धमकाने लगा दैनिक जागरण

मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) : अपना गला फंसते देख खुद को देश ही नहीं, पूरी दुनिया का नंबर वन कहने वाला बड़बोला अखबार दैनिक जागरण किस तरह सिंह से सियार बन जाता है, इसकी बानगी भर है ओमवीर सिंह प्रकरण। मानहानि के उस मामले में अपनी गलती से मुंह चुराते हुए जागरण प्रबंधन को आखिरकार ओमवीर के आगे समझौते के लिए रिरियाना पड़ा। 

अमर उजाला वाले मूर्ख हैं या गधे? जापान के वीडियो को नेपाल का बताकर दिखा रहे हैं

अमर उजाला अखबार की अपनी एक वेबसाइट है, अमर उजाला डाट काम के नाम से. इस पर एक वीडियो दिखाया जा रहा है. भूकंप को लेकर. एक स्वीमिंग पुल का वीडियो है. भूकंप आने पर शांत स्वीमिंग पुल किस तरह अशांत हो जाता है और पानी इधर उधर उछलने लुढ़कने और बहने लगता है. यह वीडियो सोशल मीडिया और ह्वाट्सअप पर खूब शेयर किया जा रहा है. लेकिन कोई यह नहीं बता रहा कि यह वीडियो कब का है, कहां का है.

दिल्ली में तो आम आदमी रेप करता है लेकिन मुंबई में तो पुलिसवाले ही रेपिस्ट हैं! …एक मॉडल की आपबीती

मुंबई में पुलिसवालों पर रेप का आरोप लगाने वाली मॉडल ने अपनी आपबीती बताई है। एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में मॉडल ने अपना दर्दी बयां किया है। उन्होंने बताया है कि एमबीए के बाद ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर में नौकरी करने के बाद वह ऐक्टिंग में करियर बनाने करीब एक साल पहले मुंबई आई थीं, लेकिन अब वह फिर पुराने प्रोफेशन में लौटना चाहती हैं। पीड़ित मॉडल ने कहा कि वह 3 अप्रैल की रात एक मूवी साइन करने होटेल पहुंची थी। इस मूवी को एक गुजराती बिजनेसमेन फाइनेंस कर रहा था। उनके मॉडलिंग कोआर्डिनेटर ने साइनिंग अमाउंट लेकर वहां से जाने के लिए कहा। इसके बाद बिजनेसमैन मेरे साथ होटल के कमरे तक आया। उसने अपने एक दोस्त को बुलाया और दोनों उसे होटल की पार्किंग में छोड़ने के लिए नीचे आ गए। तभी 6 लोगों ने उन्हें घेर लिया और कहा कि ये पुलिस रेड है।

मेरे प्रति तबके तीन सीनियर हरिवंशजी, संजीव क्षितिज और हरिनारायणजी का नजरिया काफी बदल गया था

ओमप्रकाश अश्क


जीवन में जटिलताएं न आयें तो आनंद की अनुभूति अलभ्य है। मुंह जले को ही तो मट्ठे की ठंडाई का एहसास हो सकता है। जो ठंड में ही रहने का आदी हो, उसके लिए ठंड का का क्या मायने? और अगर ठंड के बाद जलन की पीड़ा झेलनी पड़े तो उसकी हालत का आप अनुमान लगा सकते हैं। हरिवंशजी ने प्रथमदृषटया भले ही मुझे घमंडी समझ लिया था, लेकिन बाद के दिनों में उनकी यह धारणा बदली और वह मेरी शालीनता के कायल हो गये। मैं दफ्तर में शायद ही किसी से घुल-मिल कर बातें करता था। तब अपने काम में मगन रहना ही मुझे ज्यादा श्रेयस्कर लगा। बीच-बीच में हरिवंशजी मुझे अंगरेजी-हिन्दी अखबारों की कतरनें देते और उनसे एक नयी स्टोरी डेवलप करने को कहते। मैं वैसा करने लगा। हरिनारायण जी की कृपा से वैसे पीस बाईलाइन छप जाते। ऐसी बाईलाइन स्टोरी की संख्या जितनी होती, उतने 40 रुपये की कमाई हो जाती। इसका भुगतान वेतन वितरण के पखवाड़े-बीस दिन बाद होता।

पत्रकारों के हित के लिए संघर्ष करूंगा : अशोक यादव

सीतापुर : मान्यता प्राप्त पत्रकार संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अशोक यादव ने एक होटल में बैठक के दौरान कहा कि वह पत्रकारों के हितों को लेकर सदैव संघर्ष करते रहेंगे। पत्रकारों की जो भी समस्याएं हैं, उनको लेकर जिला प्रशासन से शासन तक निराकरण कराने का पूरा प्रयास करेंगे। यदि किसी भी मान्यता प्राप्त पत्रकार का उत्पीड़न किया गया तो आन्दोलन कर पत्रकार को न्याय दिलाया जायेगा। 

बैठक करते सीतापुर जनपद के मान्यता प्राप्त पत्रकार

चारधाम यात्रा का आगाज अच्छा, लेकिन फूल के कुप्पा न हो उत्तरांचल सरकार

21 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने के बाद केदारनाथ धाम के कपाट खुले तो पिछले दो वर्षों से यात्रा पर छाये संकट के बादल छंटने के संकेत दिख रहे हैं। 26 अपैल को श्री बदरीनाथ धाम के  कपाट खुलने के साथ चार धाम यात्रा पूरी तरह प्रारम्भ हो जायेगी। गंगोत्री व यमुनोत्री धामों में पहले दो दिनों में डेढ़-दो हजार यात्रियों की आवक अच्छे संकेत दे रही है। केदारनाथ धाम में भी अच्छी संख्या में यात्रियों का आना पिछले भय के कम होने के संकेत हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की केदार नाथ यात्रा के राजनैतिक अर्थ भले ही हों लेकिन यात्रा को प्रचार मिला है। पिछले दो वर्षों में आपदा के चलते यात्रा जिस प्रकार प्रभावित हुई, उससे उत्तराखण्ड का आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। ट्रांसपोर्ट या होटल-रेस्टोरेंन्ट, घोडा-खच्चर या पालकी के लोग सबकी रोजी रोटी संकट में थी। एक हिसाब से आपदा से निबटना और यात्रा को सुचारु करना कितनी बड़ी चुनौती थी। इसे आपदा के प्रभावितों और आपदा की विभिषिका से एकाकार हुए बिना नहीं समझा जा सकता था।

एम्स के इस बड़े डाक्टर प्रदीप शर्मा को क्या कहिएगा जो संत राम रहीम के अनुयायी हैं!

आस्था के कारोबार में मैंने अच्छे पढ़े लिखे प्रबुद्ध लोगों को अटके हुए देखा है। कई साल पहले बड़े बेटे राहुल की आँख का एक ऑपरेशन होना था। राहुल को एम्स दिल्ली स्थित डॉ आर पी सेंटर फॉर ऑप्थोमलिक साइंस (नेत्रविज्ञान का देश का सबसे बड़ा सेंटर) में दिखाया था। वहां के न्यूरो ओफ्थोमोलॉजी के सीनियर प्रोफेसर एंड हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट प्रो. प्रदीप शर्मा राहुल का उपचार कर रहे थे। प्रो. प्रदीप शर्मा ने ही राहुल की आँख का सफल ऑपरेशन किया था।

केबल टीवी कॉरपोरेशन के अफसर को धमकाने पर एमडी समेत 15 के खिलाफ रिपोर्ट

अरासू केबल टीवी कॉरपोरेशन के एक अफसर को धमकी देने पर तमिल टीवी चैनल के मैनेजिंग डायरेक्टर समेत 15 मीडिया कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई है। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रमों के डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर केबल टीवी ऑपरेटर्स और चैनल के बीच विवाद चल रहा है। 

काले कानून से अरुणाचल के दिल में नफरत पैदा न करे मोदी सरकार

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के आवास के समक्ष कार से उतरा तो सामने एक सज्जन को खड़े देखा, जिन्होंने अपना जैकेट इस प्रकार पहन रखा था कि उसका एक छोर ऊँचा तथा दूसरा नीचा दिखाई दे रहा था। मेरे साथ खड़े एक पूर्व संसदीय सचिव ने उन्हें देखते ही नमस्कार किया तथा बोल पड़े-‘अरे आपका जैकेट तो ऊँचा-नीचा हो रखा है। उनकी बात सुनते ही वे झेंप गये और पुन: जैकेट के बटन खोलकर ठीक किया और उन्हें धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री के आवास में प्रविष्ट हो गये। उनके जाते ही पूर्व संसदीय सचिव ने कहा-‘ये यहाँ के गृहमंत्री हैं। उनकी बात सुनते ही मैं अचरज में पड़ गया। एक राज्य के गृहमंत्री और इतने सीधे-सादे, इतनी सादगी, न कोई ताम-झाम, न कोई हो-हल्ला?

नेपाल भूकंप कवरेज : फुटेज दूसरों की और दावा एक्सक्लूसिव का

 

Sushil Upadhyay : नेपाल के भूकंप से दक्षिण एशिया अैर हिमालयी क्षेत्र में एक बार फिर गहरी चिंता का भाव पैदा हुआ है। भूकंप के बाद से मीडिया, खासतौर हिंदी टीवी चैनल जो कुछ और जिस अंदाज में परोस रहे हैं, उससे आम लोगों की चिंता में लगातार इजाफा हुआ है। तमाम बड़े, नामी और प्रसिद्ध चैनलों पर खबरों और भूकंप-विश्लेषण का एक खास पैटर्न नजर आ रहा है। इस पैटर्न की तुलना बड़ी आसानी से किसी फिल्म के साथ की जा सकती है। हरेक बुलेटिन या विश्लेषण में एक्टिंग, बैकब्राउंड म्यूजिक, प्रायोजक, स्टेज, ड्रामा और वर्चुअल एक्शन तक नजर आ रहा है। इन दिनों बुलेटिनों के साथ जो पार्श्व-संगीत सुनाई पड़ रहा है, वह पश्चिम की दुखांत फिल्मों से उठाया गया है।

आज से मेरे पसंदीदा अखबार ‘दि इंडियन एक्सप्रेस’ ने अपनी डिजाइनिंग बदल ली..वाह !

आज से मेरे पसंदीदा अखबार ‘दि इंडियन एक्सप्रेस’ ने अपनी डिजाइनिंग बदल ली. इसकी सादगी वाली खूबसूरती अब जवां लगने लगी है. आत्मा जेएनयू वाली है और रंग रूप डीयू वाला. जाने क्यों ऐसा लग रहा है कि मैं भी अंदर से स्मार्ट हो गया हूं. सुबह-सुबह कॉन्फिडेंस लग रहा है. बार-बार आईना देखने का मन कर रहा है. दिल ‘गार्डियन-गार्डियन’ हो रहा है.

श्री टाइम्स ने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए श्रमायुक्त से फिर मांगा एक हफ्ते का समय

मीडिया जगत में फजीहत झेल रहा दैनिक श्री टाइम्स न्यूज पेपर का प्रबंधन कर्मचारियों को वेतन देने में एक फिर अपने को असमर्थ बताते हुए एक हफ्ते का समय मांगा है। बताते चलें कि कर्मचारियों का अक्टूबर महीने से वेतन पेडिंग है। पैसा मांगने पर प्रबंधन द्वारा फटकार मिली और बगैर सूचित किए तानाशाही दिखाते हुए दफ्तर से बाहर कर दिया। तब कर्मचारियों ने श्रम विभाग में जाकर वेतन के लिए गुहार लगाई।

जुआ खेलकर रक़म जीतने का लालच देता ये विज्ञापन भड़ास को शोभा नहीं देता!

यशवंत सिंह जी

संपादक, भड़ास4मीडिया

भड़ास को हम सब पत्रकार बहुत गंभीरता से लेते हैं… पर एक ऐसा विज्ञापन देखा कि आपको पत्र लिखने को मजबूर हुआ.. लिखने को तो दस पेज भी लिख सकता हूँ.. मगर आप बुद्धिजीवी हैं… इसलिए पूरा यकीन है कि कम लिखे को ज़्यादा ही समझेंगे… इस मेल के साथ में एक तस्वीर अटैच की है, उसे देखिए… इसमें जो ऑफर है, वो किसी भी नज़रिये से स्वस्थ नहीं कहा जा सकता… जुआ खेलने का ऑफर देकर रक़म जीतने की उम्मीद या लालच देता ये विज्ञापन भड़ास को शोभा नहीं देता… आशा करता हूं कि आप इस पर ध्यान देंगे.

धन्यवाद.

आसिफ खान

Asif Khan

kasif.niaz@gmail.com

‘कला स्रोत’ त्रैमासिक पत्रिका का लोकार्पण 29 को

पत्रकार और कला समीक्षक आलोक पराड़कर द्वारा सम्पादित ‘कला स्रोत’ त्रैमासिक पत्रिका का लोकार्पण 29 अप्रैल को अपराह्न 4.30 बजे लखनऊ के अलीगंज स्थित कला स्रोत केन्द्र परिसर में होगा।  कला, संगीत और रंगमंच पर आधारित इस पत्रिका के लोकार्पण समारोह  के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं फिल्मकार रंजीत कपूर होंगे जबकि अध्यक्षता वयोवृद्ध रंग अध्येता कुंवर जी अग्रवाल करेंगे। गौरतलब है कि ‘जाने भी दो यारो’, ‘कभी हां कभी ना’, ‘लीजेण्ड आफ भगत सिंह’, ‘बैण्डिट क्वीन’ सहित कई लोकप्रिय फिल्मों के संवाद एवं पटकथा लेखक रंजीत कपूर ने ‘चिण्टू जी’ के बाद हाल में ही ‘जय हो डेमोक्रेसी’ फिल्म का निर्देशन किया है।

कानपुर में बदमाशों ने ईटीवी के रिपोर्टर को तड़के लूटा, कटर से अंगूठी भी काटकर ले उड़े

कानपुर में तड़के टेम्पो के इंतजार में खड़े ईटीवी के रिपोर्टर को तमंचा दिखाकर बदमाशों ने बाइक सवार बदमाशों ने उनकी चेन, पर्स आदि लूट लिया। दुस्साहसी लुटेरे पत्रकार की अंगुली से अंगूठी को भी कटर से काट ले गए।

गाजियाबाद में पत्रकार शिव कुमार गोयल स्मृति क्रिकेट मैच, क्रिकेट एकादमी टीम विजेता

गाज़ियाबाद : रविवार को वरिष्ठ पत्रकार स्व. शिव कुमार गोयल की स्मृति में क्रिकेट मैच हुआ। शुभारम्भ विधायक सुरेश बंसल ने किया।

भारतीय मीडिया ने नेपाल में उतारी रिपोर्टरों की फौज, वे भी वहां के गंभीर हालात से हो रहे दो-चार

भारतीय न्यूज चैनलों और अखबारों ने बड़ी संख्या में अपने रिपोर्टरों की फौज नेपाल के मोरचे पर तैनात कर दी है। उन्हें प्रतिकूल हालात में प्राकृतिक आपदा से जूझते हुए सूचनाएं लगातार अपडेट करनी पड़ रही हैं। बीती आधी रात बाद तक भारतीय पत्रकार नेपाल की पल पल की स्थितियों पर नजर रखे रहे। वायु सेवाएं असामान्य होने, होटल-बाजार बंद होने, संचार और बिजली सेवाएं ध्वस्त होने का खामियाजा नेपाल में खबरें बटोर रहे पत्रकारों को भी उठाना पड़ रहा है. इस प्राकृतिक आपात काल को इस नजरिए से भी सोशल मीडिया देख रहा है कि भारतीय किसानों पर प्रकृति की मार, गजेंद्र सिंह आत्महत्याकांड और आम आदमी पार्टी की करतूतों, भूमि अधिग्रहण अध्यादेश जैसे ज्वलंत मसलों पर मीडिया गतिविधियां आश्चर्यजनक ढंग से अचानक तटस्थ हो गई हैं।  

पुलिस से झड़प, रिहाई मंच ने सड़क पर किया यूपी सरकार के खिलाफ सम्मेलन

लखनऊ : रिहाई मंच ने प्रदेश सरकार द्वारा रोके जाने के बावजूद भारी पुलिस बल की मौजूदगी व उससे झड़प के बाद हाशिमपुरा जनसंहार पर सरकार विरोधी सम्मेलन गंगा प्रसाद मेमोरियल हाल अमीनाबाद, लखनऊ के सामने सड़क पर किया। 

लखनऊ में सड़क पर रिहाई मंच का सम्मेलन

सीएम शिवराज ने किया ‘आंखों देखी फांसी’ का लोकार्पण

भोपाल : किताब ‘ऑंखों देखी फांसी’ एक रिपोर्टर के रोमांचक अनुभव का दस्तावेज है. किसी पत्रकार के लिये यह अनुभव बिरला है तो संभवत: हिन्दी पत्रकारिता में यह दुर्लभ रिपोर्टिंग. लगभग पैंतीस वर्ष बाद एक दुर्लभ रिपोर्टिंग जब किताब के रूप में पाठकों के हाथ में आती है तो पीढिय़ों का अंतर आ चुका होता है. बावजूद इसके रोमांच उतना ही बना हुआ होता है जितना कि पैंतीस साल पहले. एक रिपोर्टर के रोमांचक अनुभव का दस्तावेज के रूप में प्रकाशित ये किताब हिन्दी पत्रकारिता को समृद्ध बनाती है. देश के ख्यातनामा पत्रकार गिरिजाशंकर की इस किताब का विमोचन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने गत दिनो किया. इस अवसर पर कार्यक्रम में सम्पादक श्रवण गर्ग भी उपस्थित थे.

दिल्ली के भ्रष्ट पुलिस कर्मियों का स्टिंग करने वाले पत्रकार को गोली मारी

नई दिल्ली : भ्रष्ट पुलिसकर्मियों का स्टिंग कर उन पर कार्रवाई के लिए विवश करने वाले पत्रकार चेतन प्रकाश शर्मा को अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी। उनको डीडीयू हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है, जहां हालत स्थिर बताई जाती है।

खराब फसल से परेशान किसान ने डीएम ऑफिस के बाहर लगाई फांसी

बाराबंकी : दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘आप’ की रैली के दौरान किसान गजेंद्र सिंह की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हो पाया था कि उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। रविवार को सुबह बाराबंकी में डीएम आवास के सामने किसान का शव लटका मिला। इसके बाद यहां ‌हड़कंप मच गया।

 

रविवार को बाराबंकी में डीएम ऑफिस के सामने पेड़ से झूलता आसाराम का शव

प्रेस काउंसिल तक पहुंचना चाहिए ‘हरिभूमि’ का ये सफेद झूठ !

कैसे कोई अख़बार अपनी ख़बर को मज़ाक की हद तक झूठा लिख सकता है, उसकी एक बानगी। अपनी एक खबर में हरिभूमि छाप रहा है कि दिल्‍ली से कनहर बांध गए जांच दल को गांव वालों ने बंधक बनाया था और रात में बघाड़ू गांव में जाकर पुलिस प्रशासन ने दल को रिहा करवाया।

In jail due to profession: Scribe

A Delhi court was told by a senior journalist arrested in the petroleum ministry documents leak case on Saturday that he is in jail due to his profession but other scribes writing on the Cabinet note, which is a classified document, have faced no action. The court was informed by accused Shantanu Saikia, who runs a Web news portal, that journalists were required to do stories on the basis of documents which were not in public domain and he was facing the “ordeal” for the past two months in jail because he also dared to travel in a domain not open to public.

स्थायी कर्मचारियों को परेशान कर रहा दूरदर्शन न्यूज भोपाल

Bhopal : I want to inform you that the contractual employees at Doordarshan News Bhopal are being harassed and exploited by Permanent staff, Employees say. They are repeatedly threatened to be sacked and are being given mental torture.

सड़क हादसे में घायल हुए सीओ प्रथम हरेन्द्र सिंह का निधन

नोएडा : बुधवार को नोएडा एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में घायल हुए ग्रेटर नोएडा के सीओ प्रथम हरेन्द्र सिंह का बीती रात जेपी अस्पताल में निधन हो गया। 

न्यूज नेशन यूपी के स्ट्रिंगर भुखमरी के कगार पर, तीन माह से सैलरी नहीं

लखनऊ : इस समय न्यूज नेशन यूपी के स्ट्रिंगरों की हालत खराब है। समय पर चैनल प्रबंधन मीडिया कर्मियों को सैलरी नहीं दे रहा है। ऊपर से विज्ञापन के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है। जो विज्ञापन के आर्डर ले आने से मना कर रहा है, उसको नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। इस हालात से पूरे यूपी में न्यूज नेशन के स्ट्रिंगर परेशान हैं।

कारपोरेट मीडिया के जवाब में हम वैकल्पिक मीडिया को मुख्यधारा बना ही लेंगे

मीडिया में बेहद कुशल लोग हैं जो पेशवर तरीके से देश के हालात जान रहे हैं। एक फीसद आका क्लास देश विदेश की उड़ान में वातानुकूलित हैं और बाकी लोग वंचित, उत्पीड़ित, शोषित और उपेक्षित। जिंदगी का भी कोई मकसद होना चाहिए। ज्यादातर पत्रकार अब स्थाई नौकरियों में नहीं हैं। अखबारों का हाल यह है कि मशरुम की तरह कस्बों तक में निकल रहा है और हमारी मेहनत पानी खून से मुनाफा की फसल उगायी जा रही है।

सोशल मीडिया और एजुकेशन पर पचमढ़ी में वर्कशॉप

पचमढ़ी (मध्यप्रदेश) : यूनिसेफ द्वारा सोशल मीडिया एंड एजुकेशन पर पचमढ़ी में वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की ‍शुरुआत यूनिसेफ एमपी के चीफ ट्रेवर क्लार्क ने करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया अब ट्रेडिशनल मीडिया की तरह लिया जा रहा है और इस मीडिया का उपयोग शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए बेहतरीन तरीके से किया जा सकता है।

न्यूज चैनल के रिपोर्टर पर युवती से छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज

गुड़गांव (हरियाणा) : सिटी थाना क्षेत्र में एक युवती ने एक मीडियाकर्मी पर छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है. युवती का आरोप है कि एक महीने से आरोपी उसे परेशान कर रहा है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. 

अखबार नकली दवाओं के गंदे विज्ञापन छापना बंद करें वरना सामाजिक बहिष्कार अभियान

लखनऊ : पत्रकार महेंद्र अग्रवाल ने प्रधानमंत्री, प्रेस काउंसिल, सूचना प्रसारण मंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं निदेशक आईबी को बताया है कि मीडिया अपनी कमाई की भूख में तरह तरह की नकली यौनबर्द्धक दवाओं के भ्रामक विज्ञापन छापकर ठगों के कारोबार को बढ़ावा दे रहा है। यह सब करके वह पाठकों के विवेक और अभिरुचि के साथ भी खिलवाड़ कर रहा है। पिछले दिनो भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित ‘धत्कर्मी विज्ञापनों से आज पटे अखबारों के पन्ने, बेशर्मों को चाहिए सिर्फ धंधा’ शीर्षक खबर का संज्ञान लेते हुए उन्होंने बताया है कि प्रिंट मीडिया की इस करतूत से जनजीवन में अपसंस्कृति को प्रोत्साहन फरेबियों को अवैध दवा के कारोबार बढ़ावा। 

जी टीवी पर ‘फियर फाइल्स’ के प्रसारण पर तत्काल पाबंदी की मांग

करनाल (हरियाणा) के मयंक जोगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली और चैनल प्रबंधन को प्रेषित एक पत्र में जी टीवी पर प्रसारित हो रहे सीरियल ‘फियर फाईल्स’ (हर मोड़ पर डर ) के प्रसारण पर तत्काल पाबंदी लगाने की मांग की है। 

Take action against Indian TV news channels

New Delhi : Why people should support my petition? Media is the fourth pillar of Indian democracy. Ensuring neutrality, impartiality and objectivity in news reporting is part of the Code of Ethics and Broadcasting Standards laid down by the News Broadcasting Standards Authority (NBSA), New Delhi, for violation of which a complaint may be made. The way media has been reporting the recent unfortunate death of Mr Gajendra at AAP rally on 22 April 2015 in Jantar Mantar, New Delhi, is appalling, disgusting and horrendous.It is against two important codes of  Ethics and Broadcasting standards (ensuring neutrality; ensuring impartiality and objectivity in news reporting).

कोतवाल ने गैस एजेन्सी मालिक को हवालात में डाला मगर एसडीएम हुए मेहरबान

देवरिया : चापलूस, दलाल पत्रकारों की अनसुनी करते हुए एक पुलिस अफसर ने तो एक गैस एजेन्सी मालिक को रात भर हवालात की हवा खिलाने के बाद में शान्ति भंग की आशंका में चालान कर दिया लेकिन एसडीएम ने अपने मातहत को आदेश दे दिया कि उसे रिहा कर दिया जाय, जमानत की कागजी कार्यवाही बाद में कर ली जाएगी। 

सुप्रीम कोर्ट में 28 को 30 अवमानना याचिकाओं के साथ 6000 कर्मियों की ओर से यशवंत सिंह की भी याचिका पेश होगी

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय के कोर्ट नंबर आठ में आगामी 28 अप्रैल को न्याधीश रंजन गोगोई और एनवी रमन के सामने करीब 30 अवमानना याचिकाएं प्रस्तुत होंगी। ये याचिकाएं क्रम संख्या-2 पर सुनवाई की लिए पेश होंगी। भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह की याचिका, जिसमें करीब छह हजार मीडिया कर्मचारियों की ओर से उन्हें अधिकार पत्र दिया गया है, वह भी उन्हीं के साथ प्रस्तुत की जाएंगी। जिन मीडिया कर्मचारियों को सुनवाई के दौरान उपस्थित रहना हो, वह एडिटर यशवंत सिंह से संपर्क कर सुप्रीम कोर्ट में प्रवेश के लिए पास लेने की प्रक्रिया पहले समझ लें। 28 अप्रैल को मजीठिया से संबंधित 45 मामले सुनवाई के लिए पेश होंगे। इनमें सबसे अधिक 18 मामले आरसी अग्रवाल, दैनिक भास्‍कर के खिलाफ और नौ मामले संजय गुप्‍ता, दैनिक जागरण के खिलाफ हैं। दो मामले महेंद्र मोहन गुप्‍ता के खिलाफ भी हैं। प्रभात खबर के खिलाफ एक मामला है। इसके अलावा इंडियन एक्‍सप्रेस के तीन, राजस्‍थान पत्रिका के खिलाफ छह मामले हैं। एचटी मीडिया के खिलाफ तीन और इसी दौरान टाइम्‍स ऑफ इंडिया के खिलाफ स्‍थगित मामले की भी सुनवाई होगी। ऊपर के सभी मामले 8 नंबर अदालत में सुने जाएंगे। ये सभी आइटम नंबर 2 के तहत सूचीबद्ध हैं। टाइम्‍स ऑफ इंडिया का आइटम नंबर 3 है।

 

आईपीएस यशस्वी यादव पर 1.20 करोड़ प्रलोभन के आरोप की जांच की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने एक निजी चैनेल के स्टिंग ऑपरेशन में कानपुर मेडिकल कॉलेज की एसोसियेट प्रोफ़ेसर डॉ आरती लालचंदानी द्वारा पूर्व एसएसपी कानपुर नगर यशस्वी यादव पर उन्हें और 24 निर्दोष घायल मेडिकल छात्रों को अपनी जेब से 5-5 लाख रुपये देने का ऑफर देने के गंभीर आरोपों की जांच कराये जाने की मांग की है.

जिन्हें पाकर पुरस्कार मुस्कुराया

साल 2000 के फरवरी माह का कोई दिन था। श्वेत-धवल वस्त्रों में लिपटी गौरवर्ण की काया, वात्सल्यमयी मुस्कान लिए विद्वान संपादक के समक्ष जैसे ही पहुंचा, उन्होंने बैठने का इशारा किया और सीधे पूछ लिया : कलम रखे हो। ग्रेजुएशन के बाद पहली नौकरी पाने के उत्साह से लबरेज मैंने स्वीकृति में सिर हिलाया और अपनी इंटरव्यू फाइल उनके सामने रख दी। जिसे सामने से हटाते हुए उन्होंने कहा : मार्कशीट से ज्यादा विश्वसनीय हमारा ज्ञान होता है। मुझे वही देखना है तुममें। ये लो कागज और जितने शब्द कह रहा हूँ, लिख डालो। विद्वान संपादक ने हिन्दी-अंग्रेजी के कुल 25 शब्द लिखवाये जिनमें से 20 सही थे। महज पन्द्रह मिनट के साक्षात्कार में ही मुहर लग गई कि मैं पत्रकार बनने के योगय हूं। राडियानुमा कार्पोरेटी पत्रकारिता के दौर में अब यह प्रयोग भले ही धूल चाट रहा हो लेकिन इसका खामियाजा पत्रकारिता को ही उठाना पड़ रहा है। 

बबन प्रसाद मिश्र

उस रात सत्ता की एक बड़ी हवेली में मेरे खिलाफ रचा गया षडयंत्र !

मैं पिछले दो दिन से ओला वृष्टि प्रभावित फैजाबाद व अम्बेडकरनगर में आत्महत्या करने वाले अथवा सदमे से मरे किसानों के परिवारों से मिलने व जनपद में हुए नुकसान का जायजा लेने आया हुआ हूं। इन जनपदों का मैं ‘नोडल अधिकारी’ भी हूँ। किसान के साथ प्रदेश में जो छलावा हो रहा है, इसके बारे में अलग से फोटो के साथ लिखूंगा। जब मैं ऐसी गर्मी में गाँव-गाँव व खेत-खेत घूम रहा था, तो मेरे पास एक फोन आया कि आप उधर किसानों के दुःख दर्द बाँट रहे हैं, इधर लखनऊ में कल रात सत्ता की एक बड़ी हवेली में आपके खिलाफ षडयंत्र रचा गया है। उन्होंने बताया कि “आप के खिलाफ भ्रष्ट इंजीनियर विभाग के कुछ अधिकारियों को एक बड़ी हवेली में बुलाकर आपको बदनाम करने के लिए साजिश रची गयी। उनमें से कई भ्रष्ट इंजीनियर, जो आपकी सख्ती से कुपित थे व ‘आका’ के बुरे दिनों के साथी भी रहे हैं, ने आपके खिलाफ ‘आका’ की उपस्थिति व निर्देश पर एक शिकायती रिपोर्ट बनाई ताकि आप की छवि को ख़राब करते हुए प्रताड़ित किया सके, सबक सिखाया जा सके। उन्ही इंजीनियरों ने आपका ट्रान्सफर भी कराया गया था। उन्होंने ये भी बताया कि इन विभागों के राजनैतिक मुखिया भी बहुत ख़राब छवि के हैं, पता नहीं क्यों ‘आका’ उन्हें इतना मुंह लगाते हैं?”

माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ

भोपाल : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 201 एवं 2016 में संचालित होने वाले विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु केवल ऑनलाईन आवेदन ही किये जा सकते हैं।

यूपी के लोकायुक्त ने किया सरकारी हेलीकाप्टर से एमपी का निजी दौरा, राज्यपाल से शिकायत

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने आज लोकायुक्त एन के मल्होत्रा द्वारा मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के छिपरी गाँव में एक धार्मिक कार्यक्रम में निजी हैसियत से भाग लेने के लिए सरकारी लाव-लश्कर और हेलीकाप्टर का इस्तेमाल करने के सम्बन्ध में राज्यपाल राम नाइक से शिकायत की है.

सोशल मीडिया में आशुतोष के आंसुओं की किरकिरी

अजित अंजुम और राना यशवंत, दोनों ने आशुतोष के आंसुओं पर यक़ीन करते हुए, फेसबुक पर हम सबको भी यक़ीन दिलाने की कोशिश की, कि आशुतोष वाकई भावुक थे…गम्भीर थे…और ये आंसू असली थे…

जागरण और भास्कर से शिवकुमार, त्रिभुवन, नृपेंद्र, मोहिंदर के बारे में सूचनाएं

दैनिक भास्कर पानीपत के संपादक शिवकुमार विवेक का भोपाल  ट्रान्सफर। सेटेलाइट सेटअप देंखेंगे। दैनिक भास्कर उदयपुर के संपादक बलदेवकृष्ण शर्मा पानीपत के नए संपादक होंगे। वह पहली मई से चार्ज लेंगे। उदयपुर के नए संपादक होंगे त्रिभुवन। इससे पहले त्रिभुवन दैनिक भास्कर जयपुर के ब्यूरो चीफ हुआ करते थे।

भास्कर जयपुर के सीओओ संजय शर्मा को सताने लगा जेल जाने का डर

दैनिक भास्कर जयपुर के सीओओ संजय शर्मा को अब ये डर सताने लगा है कि अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट उन्हें भी कही जेल न भेज दे। 

फर्स्ट इण्डिया न्यूज चैनल में इस्तीफे देने की होड़

जयपुर : पिछले दिनों फर्स्ट इण्डिया न्यूज टीवी चैनल से चार सम्भाग प्रमुखों के इस्तीफे देने के बाद इस चैनल में शुरू हुआ कर्मचारियों के इस्तीफे का दौर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इन्हीं हालात के चलते अब तक लगभग एक दर्जन लोगों ने अपने इस्तीफे चैनल प्रशासन का थमा दिए हैं और बाकी लोग भी इसी मूड में लग रहे हैं। इस तरह चैनल एक बारगा खाली-सा हो गया है। 

शनिवार दोपहर दो बार डोली उत्तर भारत की धरती, दूसरा झटका और तेज, लोग घरों से निकलकर भागे

आज दोपहर लगभग 11.43 पर पूरे उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इस दौरान मोबाइल फोन सेवाएं भी ध्वस्त हो गईं। सोशल मीडिया पर हजारों यूजर्स ने ये सूचनाएं तुरंत शेयर कीं। दिल्ली, देहरादून, रांची, कानपुर, लखनऊ,  पटना, जयपुर , सोनभद्र से फेसबुक यूजर्स ने लिखा कि अभी अभी भूकंप फील किया मैंने। इस दौरान लोग घरों से बाहर निकल आए। ज्यादातर के मुंह से एक ही बात फूटी कि इतना तेज झटका जीवन में पहली बार महसूस किया। लगभग 12 बजे दूसरा झटका लगा, लोग घरों से निकल कर बाहर सड़कों पर भागे। दूसरे झटके बाद देर तक सड़कों पर जहां तहां झुंड में लोग दहशत में डूबे रहे। 

फ़ेसबुक पर अब दिखेंगी बेहतर सूचनाएं, शेयर, टिप्पणी गैरजरूरी

फेसबुक ने कहा कि वह अपने ‘न्यूज फीड’ को नया स्वरूप दे रही है ताकि लोगों को अपने दोस्तों के बारे में ज्यादा बेहतर सूचना मिल सके। विश्व की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्क साइट ने नया बदलाव पेश किया और समाचार लेख और अन्य सामग्री शेयर करने पर निर्भरता कम की।