‘इंडिया न्यूज राजस्थान’ चैनल बंद, न्यू इयर पर सैकड़ों कर्मियों के लिए बैड न्यूज

विनोद शर्मा और उनके बेटे कार्तिक शर्मा को अपने मीडियाकर्मियों को दुख देने और प्रताड़ित करने में आनंद आता है. शायद कारण वही हो कि मीडिया वालों ने मीडिया ट्रायल के जरिए मनु शर्मा को जेसिका लाल मर्डर केस में सजा दिलवाने में सफलता पाई इसलिए बदला लेने के लिए बाप बेटे ने न्यूज चैनल से लेकर अखबार मैग्जीन सब खोल डाला और हर साल इस मीडिया हाउस से सैकड़ों लोगों को निकालते रखते रहते हैं. ताजी सूचना है कि इंडिया न्यूज राजस्थान चैनल को प्रबंधन ने बंद कर दिया है.

‘सामना’ के संपादक पद से प्रेम शुक्ला का इस्तीफा, भाजपा में शामिल होंगे, मंत्री या प्रवक्ता बनने के आसार

मुंबई से मीडिया जगत और राजनीति की एक बड़ी खबर सामने आ रही है. शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादक प्रेम शुक्ला ने पद से इस्तीफा दे दिया है. सूत्रों के मुताबिक प्रेम शुक्ला भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं. बताया जा रहा है कि उन्हें भाजपा में प्रवक्ता का पद दिया जा सकता है या फिर मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में होने वाले फेरबदल में मंत्री पद से नवाजा जा सकता है.

जा जा रे केजरिया… तू तो एहसासे करा दिए हम गरीबों को कि हम सब ब्लडी गरीब टाइप लोग भेरी भेरी गरीब हैं

Yashwant Singh : कृपया कोई दिल्ला वाला आपाई विशेषज्ञ मेरी इस भड़ास का जवाब दे…

मेरी मारुति अल्टो कार छह सात साल पुरानी है… इसके अलावा मेरे पास कोई दूसरी कार या बाइक या साइकिल नहीं है… मेरी कार का आखिरी अंक 7 पड़ता है. परसों दो तारीख को सिनेमा जाने का प्लान है.. फिर घूमने का… तो क्या मैं परसों बच्चों को कार पर बिठाकर सिनेमा दिखाकर उसके बाद इंडिया गेट घुमाने ले जा सकता हूं… या कार को घर पर धो पोंछकर रखें और हम चार पांच जच्चा बच्चा युक्त सकल परिवार मम पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ठुंसियाने को मजबूर होवें?

गल्तियां करके भी न सीखने वाले को भारतीय वामपंथ कहा जाता है…

Mahendra Mishra : प्रयोग करने वाले गल्तियां करते हैं। हालांकि उन गल्तियों से वो सीखते भी हैं। लेकिन गल्तियां करके नहीं सीखने वाले को शायद भारतीय वामपंथ कहा जाता है। 1942 हो या कि 1962 या फिर रामो-वामो का दौर या न्यूक्लियर डील पर यूपीए से समर्थन वापसी। घटनाओं का एक लंबा इतिहास है। इन सबसे आगे भारतीय समाज और उसमें होने वाले बदलावों को पकड़ने की समझ और दृष्टि। सभी मौकों पर वामपंथ चूकता रहा है। भारत में वामपंथ पैदा हुआ 1920 में लेकिन अपने पैर पर आज तक नहीं खड़ा हो सका। कभी रूस, तो कभी नेहरू, कभी कांग्रेस, तो कभी मध्यमार्गी दलों की बैसाखी ही उसका सहारा रही।

odd-even : केजरीवाल जैसा मूर्ख मुख्यमंत्री इस देश में दूसरा नहीं देखा…

Nadim S. Akhter :  अरविन्द केजरीवाल जैसा मूर्ख मुख्यमंत्री इस देश में दूसरा ने नहीं देखा, जिसन वाहवाही बटोरने के चक्कर में बिना सोचे-समझे पूरी जनता को odd-even की खाई में धकेल दिया। पहले से ही मरणासन्न दिल्ली का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम इतनी बड़ी आबादी के सफ़र को कैसे झेलेगी, इस पर एक पल भी नहीं सोचा। ऊपर से ये महामूर्ख मुख्यमंत्री स्कूल में बच्चों के बीच जाकर कह रहे हैं कि बेटे, अपने मम्मी-पाप को इस नियम का पालन करने की सीख देना, उनसे जिद करना। लेकिन ये नहीं बता रहे कि जब टाइम से ऑफिस न पहुचने पे पापा की सैलरी कटेगी और ऑटो लेकर जाने में उनकी जेब से दोगुने नोट ढीले होंगे, घर का बजट बिगड़ेगा, तो पापा घर कैसे चलाएंगे?

जोधपुर में कई साहित्यकारों और पत्रकारों को किया गया सम्मानित

: राज्य स्तरीय कथा अलंकरण समारोह-2015 : सामंतवादी और जातिवादी संस्कारों के खिलाफ चेतना जगाने का मूलभूत दायित्व साहित्यकारों का – न्यायाधीश माथुर : जोधपुर । राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश गोविन्द माथुर ने कहा है कि सामन्तवादी और जातिवादी संस्कारों के खिलाफ चेतना जगाने का मूलभूत दायित्व साहित्यकारों का है। आज का साहित्य लोगों की जुबान पर नहीं चढ़ रहा और साहित्य में युवा रचनाकारों की भागीदारी बहुत कम होती जा रही है, यह चिंता की बात है। दूसरी तरफ अच्छा लेखन भी हो रहा है, लेकिन साहित्यिक पत्र-पत्रिकाएं और उत्कृष्ट सृजन का प्रचार-प्रसार अभी भी आम पाठक से दूर है। ऐसे में साहित्य के प्रति सचेतन रहना समाज की जिम्मेदारी है। न्यायाधीश माथुर शनिवार को कथा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थान की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय कथा अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।

‘समाचार फर्स्ट’ पोर्टल को जरूरत है 18 पत्रकारों की, करें आवेदन

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा से ‘समाचार फर्स्ट’ नाम का यह पोर्टल शुरू होने जा रहा है। अभी यह निर्माणाधीन है। ऐंड्रॉयड और iOS ऐप के साथ लोगों तक पहुंच बनाने के इरादे से इसे फरवरी के पहले हफ्ते में विधिवत लॉन्च किया जाएगा। इस पोर्टल का इरादा हिमाचल प्रदेश पर केंद्रित रहते हुए भारत और दुनिया की सभी जरूरी खबरों को लोगों तक पहुंचाना है।

प्रसून शुक्ला और अतुल अग्रवाल की नई पारी, अमित त्रिपाठी का इस्तीफा

प्रसून शुक्ला ने ईटीवी से इस्तीफा देने के बाद नई पारी की शुरुआत सहारा मीडिया के साथ की है. उन्हें सहारा समूह के न्यूज चैनलों का ग्रुप इनपुट हेड बनाया गया है. वे पहले भी सहारा में 7 वर्षों तक काम कर चुके हैं. ईटीवी में कंसल्टिंग एडिटर के पहले वे न्यूज एक्सप्रेस चैनल के सीईओ व एडिटर-इन-चीफ थे.

प्रिया, बंशी, आदेश, महेश, अमित, सौरभ, नीति, मुरली, आशीष, धर्मेंद्र, सूरज, संजीत के बारे में सूचनाएं

कांगडा से खबर है कि हिमाचल की पहली मल्टी मीडिया कंपनी ‘हिमाचल अभी अभी’ के साथ साहित्यकार और पत्रकार प्रिया आनंद उर्फ सुनीता तिवारी ने जुड़ गई हैं. उन्होंने बतौर चीफ प्रोड्यूसर ज्वाईन किया है. प्रिया आनंद पिछले 13 साल तक दिव्य हिमाचल अखबार से जुडी रहीं. इस दौरान उन्होंने धार्मिक पुलआउट के साथ-साथ एडिटोरियल पन्ने को नया स्वरूप प्रदान किया था.

नेशनल हेराल्ड केस मे सोनिया-राहुल की बदनामी के बाद लगता नहीं शुरू हो पाएगा शिवराज के स्वप्नों का दैनिक अखबार

नेशनल हेराल्ड मामले मे सत्ता के शर्मनाक दुरुपयोग का खुलासा होने के बाद यह सवाल उठना लाज़मी है कि राजनैतिक पार्टियों द्वारा अपना अखबार, खासतौर पर दैनिक अखबार निकालने की क्या तुक है? मजबूरी में खरीदने वाले भी इन्हे रद्दी की टोकरी मे डालना पसंद करते हैं। वैसे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की दिली तमन्ना है कि एक दैनिक अखबार शुरू किया जाए जो पार्टी की विचारधारा और उनकी सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक सीधे पहुंचाने का काम करे। इसका खुलासा उन्होने पिछले बरस पार्टी पदाधिकारियों को दिए गए रात्रिभोज मे किया था। इसके लिए उन्होने प्रमुख सहयोगी शिवसेना के मुखपत्र सामना का जिक्र भी किया था। मुख्यमंत्री का मानना है की प्रस्तावित दैनिक पार्टी के दस लाख कार्यकर्तायों तक पहुँच सकेगा। वैसे प्रदेश भाजपा का मासिक पत्र चरैवेति प्रकाशित होता है।

जागरण समूह के अखबार नवदुनिया के भोपाल संस्करण से एक साथ पांच ने दिया इस्‍तीफा

जागरण समूह के अखबार नवदुनिया में एक साथ पांच बड़े इस्‍तीफे हो गए हैं. इनमें भोपाल नवदुनिया के स्‍टेट ब्‍यूरो में कार्यरत स्‍पेशल रिपोर्टर हरीश दिवेकर का भी इस्तीफा शामिल है. दूसरा बड़ा इस्‍तीफा है सिटी डेस्‍क डिप्‍टी न्‍यूज एडिटर सांध्‍यदीप काशिव का. सांध्‍यदीप ने दैनिक भास्‍कर से नाता जोड़ लिया है. चीफ रिपोर्टर वीरेंद्र राजपूत ने भी इस्‍तीफा दे दिया है. वीरेंद्र अभी नोटिस पर चल रहे हैं.

दैनिक जागरण चंदौली में गलत खबर छपने पर संपादक को नोटिस जारी

वर्ष 2012 के अक्टूबर व नवम्बर माह में दैनिक जागरण के चंदौली संस्करण में मुगलसराय से प्रकाशित हुये दो भ्रामक समाचारों की शिकायत को संज्ञान में लेने के बाद भारतीय प्रेस परिषद ने वादी व जागरण के वाराणसी के सम्पादक को सुनवाई के लिये नोटिस जारी किया है। सुनवाई वर्ष 2016 के 5 जनवरी को सुनिश्चित है। विदित हो कि वर्ष 2012 के अक्टूबर माह के 19 तारीख को जागरण के पृष्ठ संख्या 02 पर ”बिजली कटौती के विरोध में क्रमिक अनशन” नामक शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ था जो पूरी तरह गलत था। वादी राजीव कुमार ने स्पष्ट किया था कि दिनांक 17 अक्टूबर को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल किया जायेगा और किया भी गया था। इसका समाचार लगभग सभी समाचार पत्रों ने प्रमुखता से 18 अक्टूबर के अंक में प्रकाशित किया था, जागरण को छोड़कर। उसी समाचार को दैनिक जागरण ने 19 अक्टूबर को क्रमिक अनशन के रूप में दिखाया।

पीएसीएल वाले निर्मल सिंह भंगू के कई ठिकानों पर ईडी ने की छापेमारी

पीएसीएल और इसके प्रमोटर रहे निर्मल सिंह भंगू के खिलाफ शिकंजा कसता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देश के कई शहरों में पीएसीएल के दफ्तरों पर छापे मारे। ईडी निवेशकों से गैरकानूनी तरीके से जुटाई गई करीब 60 हजार करोड़ रुपये की राशि के मामले में मनी लांड्रिंग के पहलू की जांच कर रहा है। यह राशि कई पोंजी स्कीमों के जरिये जुटाई गई।

मेरी अंतिम इच्छा : एक जनपक्षीय व्यवसायी कामरेड महादेव खेतान ने मरने के दो दिन पहले जो वसीयत तैयार की, उसे पढ़ें

करेंट बुक डिपो कानपुर के संस्थापक महादेव खेतान का अब से तकरीबन 16 वर्ष पूर्व 6 अक्टूबर 1999 को निधन हुआ। महादेव खेतान ने अपनी पुस्तकों की इस दुकान के जरिए वामपंथी विचारधारा के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान किया और उनके इस योगदान को हिन्दी भाषी क्षेत्रों में काफी सराहा गया। विचारों से साम्यवादी होने के साथ वह एक सफल व्यवसायी भी थे लेकिन उन्होंने अपने व्यवसायी हित को कभी-भी व्यापक उत्पीड़ित जनसमुदाय के हित से ऊपर नहीं समझा। यही वजह है कि अपनी पीढ़ी के लोगों के बीच वह कॉमरेड महादेव खेतान के रूप में जाने जाते थे… अपने निधन से दो दिन पूर्व उन्होंने अपनी वसीयत तैयार की। हम उस वसीयत को यहां अक्षरशः प्रकाशित कर रहे हैं ताकि एक जनपक्षीय व्यवसायी के जीवन के दूसरे पहलू की भी जानकारी पाठकों को मिल सके. -आनंद स्वरूप वर्मा, संपादक, समकालीन तीसरी दुनिया

फेसबुक के फ्रॉड 5 : जो वाकई में फ्री बेसि‍क्‍स है, वो फेसबुक के फ्री बेसि‍क्‍स में शामि‍ल नहीं है

Rahul Pandey : मैं सोच रहा हूं उस वक्‍त और उस वक्‍त के रि‍जल्‍ट्स के बारे में, जब भारत के आम चुनाव कब होने चाहि‍ए, कैसे होने चाहि‍ए और क्‍यों होने चाहि‍ए और उसका रि‍जल्‍ट क्‍या होना चाहि‍ए, फेसबुक इस बारे में हमारे यहां के हर मॉल, नुक्‍कड़ और सड़कों पर बड़ी बड़ी होर्डिंग्‍स लगाएगा। यकीन मानि‍ए, तब भी उसका यही कहना होगा कि वो जो कुछ कह रहा है, सही कह रहा है क्‍योंकि उसके पास भारत में पौने एक अरब यूजर्स हैं। मेरी मांग है कि मुझे कान के नीचे खींचकर एक जोरदार रहपटा लगाया जाए ताकि मैं इस तरह की वीभत्‍स और डरा देने वाली सोच से बाहर आ सकूं। मेरे देश के लोगों के अंग वि‍शेष पर उगे बाल बराबर भी नहीं है ये कंपनी और कि‍सी देश के बारे में ऐसा सोच रही है…एक्‍चुअली हम ही ढक्‍कन हैं और सिर्फ घंटा बजाने लायक हैं, अक्‍सर थामने लायक भी।

फेसबुक के फ्रॉड 4 : तीन सबसे बड़ी लुटेरी कंपनियों एयरटेल, रि‍लायंस और वोडाफोन की फेसबुक से यारी के मायने

Rahul Pandey : अब इसका क्‍या करेंगे? देशभर में जि‍न तीन कंपनि‍यों के खि‍लाफ हम लोगों सहि‍त प्राइवेट कंपनि‍यों और सरकारी वि‍भागों ने सबसे ज्‍यादा शि‍कायत की है, वो एयरटेल, रि‍लायंस और वोडाफोन है। इनकी कहानी तो याद होगी। रि‍लायंस भारत में इस फ्री के फ्रॉड के साथ साझेदारी कर रहा है तो अफ्रीका में एयरटेल पहि‍लेन फेसबुक के साथ फ्रॉड इंटरनेट डॉट ओआरजी लॉन्‍च कर चुका है और यहां भी कि‍सी न कि‍सी तरह से (चाहे सरकार में पैसे खि‍लाकर लांबिंग हो) अपना हि‍स्‍सा बनाएगा। अगर फेसबुक फ्री बेसि‍क्‍स का फ्रॉड काम कर गया तो पड़े करते रहि‍ए इनके खि‍लाफ शि‍कायत, ये घंटा कुछ नहीं करने वाले। अभी भी कौन सा कुछ कर ही दे रहे हैं। कॉल ड्रॉप पर कोर्ट की कइयो फटकार के बावजूद क्‍या कॉल ड्रॉप होनी बंद हो गई?

फेसबुक के फ्रॉड 3 : भारतीयों को उल्‍लू बनाने के लिए एड कैंपेन पर सौ करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर चुका है फेसबुक

Rahul Pandey :  फेसबुक कह रहा है कि भारत में उसके बहुत ज्‍यादा यूजर्स हैं, इसलि‍ए फ्री बेसि‍क्‍स का अधि‍कार उसे मि‍लना चाहि‍ए। अंबानी अंकल का हाथ है तो पैसे की कोई कमी नहीं। फ्री बेसि‍क्‍स के लि‍ए फेसबुक ने भारत में जो एड कैंपेन चलाई, उस पर सौ करोड़ रुपये (सोर्स-द वायर) से भी ज्‍यादा खर्च कि‍या जा चुका है और अभी और भी खर्च होंगे। ये सारा का सारा पैसा भारतीयों को सिर्फ उल्‍लू बनाने के लि‍ए खर्च हो रहा है।

फेसबुक के फ्रॉड 2 : दलाली में हिस्सा पाने की लाइन में लगे बीबीसी, इंडि‍या टुडे, नेटवर्क 18, एक्‍यूवेदर, बिंग सहि‍त सौ से अधि‍क मीडि‍या हाउस

Rahul Pandey : आखि‍र क्‍या बात है जो मेनस्‍ट्रीम मीडि‍या फेसबुक के इस कदम का खुलकर वि‍रोध नहीं कर पा रहा है। जो मेरी समझ में आ रहा है, उसमें दो बातें हैं। एक तो मेनस्‍ट्रीम मीडि‍या की समझदानी इंटरनेट को लेकर अभी बहुत ही कमजोर है। कई डि‍जि‍टल कॉन्‍फ्रेंसों में मैने मेनस्‍ट्रीम के लोगों को सुपर बेवकूफी के सवाल पूछते पाया, मसलन फेसबुक के लाइक कैसे बढ़ते हैं या खबर लोग कैसे शेयर करते हैं। दसूरी ये कि मीडि‍या मालि‍क पहले भी चुपचाप दलाली कि‍या करते थे और इस बार भी इस बड़ी दलाली में हि‍स्‍सा पाने का ख्‍़वाब देख रहे हैं। वैसे चिंता की कोई बात नहीं है, फेसबुक ज्‍यादा बड़ा वाला है, वो खुद से जुड़ रहे मीडि‍यावालों को कोई इनकम नहीं देने वाला।

फेसबुक के फ्रॉड 1 : मार्क जुकरबर्ग अब तक भारत के 32 लाख लोगों को धोखा दे चुके हैं!

Rahul Pandey : बराबरी का एक ही मतलब होता है दस नहीं। कान के नीचे खींच के रहपट धरे जाने का काम कर रहे फेसबुक के मालि‍क मार्क ज़करबर्ग से पूछेंगे तो वो सत्‍तर और मतलब बता देंगे कि बराबरी ये भी होती है, वो भी होती है और जो कुछ भी वाया फेसबुक हो, वही होती है। बराबरी के सत्‍तर गैर-बराबर कुतर्क जि‍से वो फ्री बेसि‍क्‍स का नाम देकर हम पर थोपना चाह रहे हैं, उसके लि‍ए वो हर कि‍सी के बराबर से इतना गि‍र गए हैं कि उन्‍हें नीच कहना नीचता को मुंह चि‍ढ़ाना होगा।

माकपा के सवर्ण कम्युनिस्टों को सदबुद्धि आ गई…

Mukesh Kumar : शुक्र है कि माकपा को अब जाति व्यवस्था से उपजी सामाजिक विषमता के कारण होने वाले अत्याचारों एवं भेदभाव को अपनी नीति-रीति का हिस्सा बनाने की सद्बुद्धि आ गई है। सवर्णों के नेतृत्व ने उसे ऐसा करने से रोक रखा था, लेकिन सफाचट हो रहे जनाधार ने उसे मजबूर कर दिया कि वह अपना रवैया बदले और भारतीय परिस्थितियों में सामाजिक-आर्थिक विषमता को जोड़कर देखे।

जेटली का चाबुक और मीडिया घरानों का घुटने टेकना… : चौथे खंभे का ‘आपरेशन’ शुरू

: इमरजेंसी के विद्याचरण भी पानी मांगे : वित्तमंत्री अरुण जेटली नये प्रयोगकर्ता के तौर पर सामने आए हैं। उन्होंने डीडीसीए में अगर ‘चारा मॉडल’ को आगे बढ़ाया है। तो सूचना प्रसारण मंत्रालय के जरिये ‘लोकतंत्र में इमरजेंसी’ का नया माडल दिया है। जेटली जी ने छह महीने के भीतर ही चौथे खंभे की ऐसी कमर तोड़ी है कि फिर से उठने में उसे सालों लग जाएंगे। यह सब कुछ सरकारी कोड़े से संभव हुआ है। जेटली की चाबुक क्या चली एक-एक कर सारे मीडिया घराने घुटने टेक दिए। विरोध जताने वाले सरकारी कहर का सामना कर रहे हैं। पत्रकारिता का यह हाल उन जेटली साहब ने किया है जो इमरजेंसी की पैदाइश हैं। सरकारी शिकंजा ऐसा है कि संजय गांधी और विद्याचरण शुक्ल की जोड़ी भी शरमाने लगे।

पंकज सिंह जी की अंतेष्टि में मैंने अनायास उनके पैर छू लिए

Shashi Bhooshan Dwivedi : पता नहीं क्यों मृत्यु के बाद किसी की लाश या चिता की फोटो लगाना मुझे अच्छा नहीं लगता। शायद दिक्कत मेरी ही होगी। लेकिन आज एक सीख मिली। आमतौर पर मैं हिंदी साहित्य के किसी बुजुर्ग के पैर नहीं छूता। सिवाय विश्वनाथ त्रिपाठी के। आज तक उनसे कोई लाभ लिया नहीं और सोच रखा है कि कभी कोई लाभ उनसे मिलने वाला भी होगा तो लूंगा नहीं। आज पंकज सिंह जी की अंतेष्टि में मैंने और उमाशंकर चौधरी ने अनायास उनके पैर छू लिए तो उन्होंने पास बैठाकर कहा कि देखो कई लोग मेरे पैर छू गए मैंने किसी से नहीं कहा लेकिन तुम लोगों से तो कहूँगा कि श्मशान में मृतक के सिवा किसी के पैर नहीं छूने चाहिए। यह हमारी परंपरा है। मैं शर्मिंदा था।

जेटली साहब ज़रा अपने दूरदर्शन को भी देखिए, वो सरकारी भोंपू बना हुआ है

Mukesh Kumar : अरूण जेटली ने सही फरमाया है कि चैनलों की चर्चाएं शोरगुल और उत्तेजना से भरी होती हैं। उन्होंने ये समझाइश भी ठीक ही दी है कि उन्हें इस पर विचार करना चाहिए यानी सुधारना चाहिए। भला कौन उसे असहमत होगा, क्योंकि सभी चैनलों की चर्चाओं से त्रस्त हैं। लेकिन जेटली साहब ज़रा अपने दूरदर्शन को भी देख लिया कीजिए। वो किस कदर एक पक्षीय और सरकारी भोंपू बना हुआ है। उसे तथ्यों-कथ्यों से कुछ लेना-देना नहीं होता, बस सरकार का अंधाधुंध प्रचार और विपक्षियों के खिलाफ़ निंदा अभियान। आखिर प्रसार भारती का गठन इसलिए तो नहीं किया गया था। अगर जेटली सचमुच में भारतीय मीडिया के चरित्र को लेकर चिंतित हैं और उसमें बदलाव चाहते हैं तो शुरूआत प्रसार भारती से ही करें। उसे मुक्त करें और समूचे मीडिया के लिए रोल मॉडल बनने दें। अगर नहीं कर सकते तो ये पाखंड उनको शोभा नहीं देता।

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कवि-पत्रकार पंकज सिंह को जसम की श्रद्धांजलि : वे हमारी आवाजें थें…

मशहूर कवि और पत्रकार पंकज सिंह का निधन देश के क्रांतिकारी वामपंथी सांस्कृतिक आंदोलन के लिए एक बड़ी क्षति है। 26 दिसंबर को दिल्ली में दिल के दौरे से उनका निधन हो गया। निधन के चार दिन पहले ही उन्होंने अपने जीवन का 67वां साल पूरा किया था। वसंत के वज्रनाद ‘नक्सलबाड़ी जनविद्रोह’ ने मुक्ति का जो स्वप्न दिया, उसके साथ पंकज सिंह का आजीवन गहरा सरोकार रहा। राजनीति का क्षेत्र हो या साहित्य और कला का, जिन ‘हाथों पर युवा वसंत के उल्लास का खून’ लगा था, उनकी शिनाख्त करना वे कभी नहीं भूले। 1985 में दिल्ली मे हुए जन संस्कृति मंच के स्थापना सम्मेलन में वे बतौर प्रतिनिधि शामिल हुए थे। 1998 के दिल्ली सम्मेलन में वे जसम के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य बने। भाकपा-माले से उनका अत्यंत दोस्ताना संबंध रहा। आखिरी वक्त तक वे मार्क्सवादी-लेनिनवादी राजनीतिक धारा के साथ ही जुड़े रहे। जीवन की आखिरी सांस तक सत्ता की तानाशाही और उसके फासीवादी मुहिम के विरुद्ध वे सक्रिय रहे।

पंकज सिंह को जनसत्ता के संपादक मुकेश भारद्वाज की श्रद्धांजलि : अनजान शहर में जान-पहचान

एक बेतकल्लुफ-सी मुलाकात थी वो। दिल्ली में औपचारिक तौर पर काम संभालने के बाद एक पुराने वरिष्ठ सहयोगी के इसरार पर मैं अजित राय के जन्मदिन की पार्टी में शिरकत के लिए पहुंचा। यह पहला मौका था कि मैंने किसी आयोजन में शमूलियत की हामी भरी थी। जनसत्ता के पूर्व संपादक अच्युतानंद मिश्र, प्रख्यात कवि केदारनाथ सिंह और मशहूरो-मारूफ बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन की सोहबत का मौका मिला।

नेट न्यूट्रलिटी जरूरी… ताकि इंटरनेट का विस्तार न बाधित हो और इस पर बड़ी कंपनियों का एकाधिकार न स्थापित हो

नेट न्यूट्रलिटी यानी बिना किसी अवरोध के अपनी इच्छा से इंटरनेट का उपभोग करने की स्वतंत्रता का मुद्दा एक बार फिर बहस में है. भारतीय टेलीकॉम नियामक प्राधिकरण (ट्राइ) ने इस साल दूसरी दफे लोगों से इस मसले पर राय मांगी है. नेट न्यूट्रलिटी के विवाद के एक सिरे पर सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक और कुछ इंटरनेट सेवा प्रदाता हैं तथा दूसरे सिरे पर इंटरनेट के इस्तेमाल की मौजूदा स्थिति को बरकरार रखने की मांग करते उपभोक्ता और कार्यकर्ता. फेसबुक और उसके साथ खड़े सेवा प्रदाताओं का कहना है कि वे बेसिक इंटरनेट सेवा के माध्यम से जरूरी साइटें और सेवाएं उन लोगों तक मुफ्त या कम शुल्क में पहुंचाना चाहते हैं, जो अभी तक इसका उपभोग नहीं कर पा रहे हैं या फिर सीमित रूप में करते हैं.

अख़बारों-मैग्जीनों में छपने वाला साल का साहित्यिक आकलन मालिश पुराण के सिवा कुछ भी नहीं

Dayanand Pandey : अख़बारों और पत्रिकाओं में छपने वाला साल का साहित्यिक आकलन के नाम पर मालिश पुराण चार सौ बीसी के सिवा कुछ भी नहीं है। जैसे न्यूज चैनल न्यूज दिखाने की जगह चार ठो पैनलिस्ट बैठा कर चीखते -चिल्लाते आप का समय नष्ट करते हैं, अपना धंधा चोखा करते हैं। वैसे ही यह साहित्य के रैकेटियर कुछ लोगों की चरण वंदना करते हैं। यह किताबों की चर्चा नहीं करते, चेहरे की चर्चा करते हैं। नाम जानते हैं यह, काम नहीं।

जिन सब्जियों का यह पीक सीज़न है, उनका भी दाम आसमान पर, जियो रजा हुक्मरानों… खूब लूटो!

Dayanand Pandey :  हरी मटर पचास रुपए किलो, टमाटर चालीस रुपए किलो, गोभी तीस रुपए पीस, पत्ता गोभी बीस रुपए, पालक चालीस रुपए किलो, बथुआ चालीस रुपए किलो, चना साग अस्सी रुपए किलो। इन सब्जियों का यह पीक सीज़न है। फिर लहसुन दो सौ रुपए किलो। फल और दाल तेल तो अय्यासी थी ही, अब लौकी, पालक आदि भी खाना अय्यासी हो गई है। जियो रजा हुक्मरानों! ख़ूब जियो और ख़ूब लूटो! दूधो नहाओ, पूतो फलो! यहां तो किसी संयुक्त परिवार में रोज के शाम के नाश्ते में मटर की घुघरी और भोजन में निमोना नोहर हो गया है। हम लखनऊ में रहते हैं। यहीं का भाव बता रहे हैं। अब कोई मुफ़्त में ही खा रहा है या कम भाव में, तो खाए। अपनी बला से। हमें क्या?

क्या गूगल, क्या माइक्रोसॉफ्ट और क्या फेसबुक… आप सबके लिए मोहरे हैं…

Sanjay Tiwari : इंटरनेट पर आजादी की दुहाई के दिन फिर से लौट आये हैं। फेसबुक अगर नयी तैयारी से मुफ्त सेवा देने के लिए कमर कसकर दोबारा लौटा है तो उसी फेसबुक पर उसकी इस मुफ्त सेवा का मुखर विरोध भी शुरू हो गया है। अच्छा है। जनता के हक हित और आजादी की मांग तो होनी ही चाहिए लेकिन आजादी की यह दुहाई थोड़ी बचकानी है। जिन दिनों फेसबुक मैदान में उतरा ही था उन दिनों भी कहा गया था कि यह प्राइवेसी में बहुत बड़ी सेंध लग रही है। लेकिन सेंध क्या? फेसबुक ने तो पूरा पनारा ही खोल दिया। क्या हुआ प्राइवेसी का? यह जानते हुए कि आपकी प्राइवेसी को सचमुच खतरा है फिर भी क्या बिना फेसबुक एकाउण्ट बनाये रह सकते हैं आप?

सम-विषम दौर-दौरे में इस बड़े फच्चर को दूर करने का जतन तुरंत किया जाना चाहिए

Om Thanvi : मुझे बहुत खुशी होगी, अगर सम-विषम प्रयोग सफल होता है। लेकिन सरकार को भी चाहिए कि आवागमन के वैकल्पिक, प्रदूषण रहित, साधनों की उपलब्धि में जी-जान लगा दे। दिल्ली की छाती पर एनसीआर हलकों में धुँआ उगलते वाहनों पर नियंत्रण के लिए पड़ोसी राज्यों की सरकारों से सहयोग की गुजारिश करनी चाहिए। एक और समस्या, जिसे तुरंत हल किया जाना चाहिए। रेडियो टैक्सी एक बेहतर सुविधा के रूप में विकसित हो रही है। लेकिन अपनी सफलता पर इतरा कर कंपनियां बेजा फायदा भी उठाने लगी हैं। मसलन ऊबर (Uber) को लें। “पीक आवर” अर्थात ज्यादा भीड़ के घंटों में चार-छः गुणा किराया झटकने लगे हैं। यह किसी की मजबूरी का फायदा उठाना है, सरासर ब्लैकमेलिंग है। दूसरी कंपनियां – जैसे मेरु (Meru) – तो ऐसा नहीं करतीं। कुछ टैक्सी संचालकों को लूट की यह आजादी क्यों?

शिवना सम्‍मानों की घोषणा : ब्रजेश राजपूत, लालित्‍य ललित तथा सौरभ पाण्‍डेय होंगे सम्‍मानित

सीहोर : शिवना प्रकाशन द्वारा प्रति वर्ष दिये जाने वाले तीन सम्‍मानों की घोषणा कर दी गई है। शिवना प्रकाशन के शहरयार ख़ान ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष सम्‍मानों के लिये साहित्‍यकारों के नाम चयन हेतु जो समिति बनाई गई थी उस समिति ने शिवना के तीनों सम्‍मानों हेतु सर्वसम्‍मति से नामों का चयन कर लिया है। इस चयन समिति में साहित्‍यकार श्री नीरज गोस्‍वामी, डॉ. सुधा ओम ढींगरा, श्रीमती इस्‍मत ज़ैदी, तथा पत्रकार श्री चंद्रकांत दासवानी सदस्‍य थे।

वर्धा में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष बने डॉ. कृपाशंकर चौबे, विभाग के शिक्षकों ने किया स्वागत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कृपाशंकर चौबे को अध्यक्ष बनने पर विभाग के सभी शिक्षकों ने शाल और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में डॉ. चौबे  सन् 2009 में रीडर बनकर आए थे। इस मौके पर जनसंचार विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार राय, सहायक प्रोफेसर डॉ. धरवेश कठेरिया, डॉ. अख्तर आलम, संदीप वर्मा, राजेश लेहकपुरे और अंजनी राय उपस्थित रहे।

महेश मोतेवार दो दिन के रिमांड पर, 58 जगहों पर छापे, सतीश के सिंह भी नपेंगे

विवादित निवेश योजना की समृद्ध जीवन कंपनी में चिटफंड घोटाला के संबंध में कंपनी के प्रबंध निदेशक महेश मोतेवार के पुणे के 40 कार्यालयों समेत 58 जगहों पर पुलिस व सीबीआई टीमों ने छापा मारा है. गिरफ्तार मोतेवार को उस्मानाबाद की उमरगा अदालत ने दो दिन यानि 31 दिसंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है. मोतेवार को उस्मानाबाद पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार किया था. बताया जा रहा है महेश मोतेवार की मीडिया कंपनी में सतीश के सिंह भी डायरेक्टर हैं और वे लंबे समय से मोतेवार के इशारे पर तरह तरह के काम करते आए हैं. पुलिस और सीबीआई की टीम सतीश के सिंह से भी पूछताछ कर सकती है क्योंकि मोतेवार के ढेर सारे राज इस वरिष्ठ पत्रकार के पास सुरक्षित हैं.

डीएम ने सीजीएम से फोन कर कहा- अखबार में ढेर सारी चीजें छपती हैं जो सब वसूली टाइप रहती हैं (सुनें टेप)

धंधेबाज मीडिया के सच को अधिकारी भी अच्छी तरह जानते हैं लेकिन बस वह आन द रिकार्ड इस पर कुछ नहीं बोलते. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के डीएम नीरज बंसोड़ ने यहां के सीजीएम प्रभाकर ग्वाल से फोन पर बातचीत में मीडिया को लेकर अपनी राय का खुला मुजाहरा कर दिया. डीएम साब ने सीजीएम साब से कहा कि अखबारों की बातों का वह संज्ञान लेकर एफआईआर आदि न किया करें क्योंकि अखबारों में तो बहुत सी चीजें छपती हैं जो सब वसूली टाइप रहती है.

कैप्टन टीवी के मालिक और एक पार्टी के नेता विजयकांत ने पत्रकारों पर थूक दिया

पत्रकारों के सवाल के जवाब में कैप्टन टीव के मालिक और डीएमडीके के नेता विजयकांत इस कदर बिफरे कि पत्रकारों पर थूक दिया. विजयकांत कैप्टन टीवी के मालिक और डीएमडीके के चीफ होने के अलावा तमिल फिल्मों के एक्टर भी रहे हैं. एक ब्लड डोनेशन कैंप में शामिल विजयकांत से पत्रकारों ने सवाल पूछा कि क्या एआईडीएमके यानि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता फिर से राज्य की सत्ता में आ सकती है? इसी सवाल पर वो इतना भड़के कि जवाब देने की बजाय पत्रकारों पर थूक दिया और पत्रकारों से ये तक कह दिया कि किसी पत्रकार में इतनी हिम्मत नही है कि वो यही सवाल जयललिता से पूछे.

न्यूज चैनल में रोबोट बना एंकर, पढ़ दिया मौसम से संबंधित समाचार

दुनिया में पहली बार न्यूज चैनल पर खबरों को पढ़ने के लिए एक रोबो को भर्ती किया गया है। इसकी शुरुआत चीन के एक न्यूज चैनल ने की है। चैनल में मौसम की खबर एक रोबो पढ़ता है और यह लोगों को काफी पसंद भी आ रहा है, लेकिन इससे दूसरे एंकरों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें डर सताने लगा है कि कहीं यह रोबो उनकी नौकरी न खा ले। रोबो जायोल्स ने मंगलवार से अपने एंकरिंग के करियर की शुरुआत की है।

सुभाष चंद्रा और आनंद माधव के बारे में सूचनाएं

जी समूह के चेयरमैन डा. सुभाष चंद्रा ने पुलिस को बताया है कि फोन पर उन्हें किसी शख्स ने जान के खतरे के बारे में आगाह किया है. हिसार के सिटी थाना में शिकायत के बाद पुलिस ने रपट दर्ज की है. चंद्रा के अनुसार किसी ने फोन पर उन्हें कहा कि वह हिसार मत आएं, उनकी जान को खतरा है. फोन करने वाले ने एक ग्रुप और भाजपा के ही एक नेता का नाम लेते हुए बताया कि कुछ लोग डा. चंद्रा को नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र रच रहे हैं. डा. चंद्रा ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि फोन पर चेतावनी देने वाला उन्हें डराना चाहता था.

संघ और कांग्रेस के मुखपत्रों में हलचल, एक जगह बर्खास्तगी, दूसरी जगह चुप्पी

संघ के मुखपत्र पांचजन्‍य और ऑर्गनाइजर में काम करने वाले लोगों ने वेतन बढ़ाने और कुछ अन्‍य सुविधाओं की मांग करते हुए आरएसएसस के सरसंघचालक मोहन भागवत को चिट्ठी लिखी है। ये मुखपत्र छापने वाली कंपनी भारत प्रकाशन लिमिटेड (बीपीएल) के प्रबंधन पर घटिया व्यवहार करने और कम पैसे में काम कराने का आरोप कर्मियों ने लगाया है।

लोकसभा टीवी में वैकेंसी, करें अप्लाई

लोकसभा टीवी में कंसल्टेंट, चीफ प्रोड्यूसर पद के लिए वैकेंसी निकली है. चैनल को योग्य चीफ प्रोड्यूसर यानि कंट्रोलर आफ प्रोग्राम्स की तलाश है. मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन / इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्नातक की डिग्री या डिप्लोमा रखने वाले वो लोग अप्लाई करें जिन्हें 15 सालों का टीवी या फिल्म इंडस्ट्री का अनुभव हो. साथ ही कम से कम 5 साल का अनुभव प्रोग्राम प्रोडक्शन या डॉक्यूमेंट्री प्रोडक्शन में हो या फिर स्टूडियो ऑपरेशन व लाइव कवरेज के संचालक रहे हों.

भारत में क्रांति के लिए माहौल तैयार… वजह गिना रहे हैं जस्टिस काटजू

जस्टिस मार्कंडेय काटजू

मैं कह चुका हूं कि भारत एक तरह की फ्रेंच क्रांति की ओर बढ़ रहा है। कई इतिहासकार फ्रेंच नेशनल असेम्बली के टेनिस कोर्ट ओथ को (इस्टेट्स जनरल में तीसरा इस्टेट) जो 20 जून 1789 को लिया गया था, फ्रेंच क्रांति की शुरुआत मानते हैं। मेरा मानना है कि राजेन्द्र कुमार के दफ्तर पर छापा, जिसे दिल्ली के मुख्यमंत्री के दफ्तर पर छापा माना जा रहा है, और इसपर उनकी प्रतिक्रिया (प्रधानमंत्री मोदी को मनोरोगी कहना) भारतीय क्रांति का अग्रदूत है क्योंकि अब सरकारी संस्थाएं (दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार) ने एक-दूसरे से लड़ना शुरू कर दिया है। किसी क्रांति के लिए सिर्फ लोगों का व्यथित होना पर्याप्त नहीं है। यह भी आवश्यक है कि शासक एक दूसरे से लड़ने लगें।

इन तथ्यों पर विचार करें…

दुर्लभ व्यक्तित्व था पंकज सिंह का… श्रद्धांजलि सभा में जुटे संस्कृतिकर्मी

कवि, पत्रकार और कला समीक्षक पंकज सिंह का सोमवार को जब दिल्ली के निगमबोध घाट पर अन्तिम संस्कार हो रहा था, लखनऊ में भी उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए संस्कृतिकर्मी एकत्र हुए थे। कलास्रोत के तत्वावधान में सोमवार को श्रद्धांजलि सभा ‘हमारी छायाएं..’ का आयोजन किया गया था जिसमें नगर के साहित्यकारों, कलाकारों, रंगकर्मियों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व बहुआयामी और दुर्लभ था। अच्छे साहित्यकार और पत्रकार होने के साथ ही वे शास्त्रीय संगीत, कला और सिनेमा में भी गहरी दखल रखते थे।

लाइव इंडिया का मालिक महेश मोतेवार चिटफंड घोटाले में गिरफ्तार

हिंदी न्यूज चैनल ‘लाइव इंडिया’, मराठी न्यूज चैनल ‘मी मराठी’, लाइव इंडिया नाम से अखबार और मी मराठी नाम से अखबार की संचालक कंपनी समृद्ध जीवन के एमडी व चेयरमैन महेश मोटेवर उर्फ महेश किसान मोतेवार को चिटफंड घोटाले के चलते गिरफ्तार कर लिए जाने की खबर है. सेबी ने समृद्ध जीवन फूड्स के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था.

ओम थानवी पर भी मानहानि का मुकदमा कर चुके हैं जेटली

Om Thanvi : अखबारी काम-काज में मुझ पर दर्जनों मुकदमे हुए। सब मानहानि के। एक तो अरुण जेटलीजी ने ही किया था, जो रजामंदी में वापस हो गया। फिर भी संपादक के नाते मैंने कोई पच्चीस-तीस मुकदमों में तो जमानत करवाई होगी। तीन-चार बार गैर-जमानती वारंट भी जारी हुए, क्योंकि तय तारीखों पर अदालत न …

पत्रिका समूह, प्रधान संपादक, खुला खत, 22 दिसंबर की लंबी रात और कोहिनूर कंडोम!

माननीय प्रधान संपादक,

पत्रिका समूह

दिनांक 22 दिसंबर 2015 को आपके अखबार के पेज 7 पर कोहिनूर कॉन्डोम के विज्ञापन जिसकी हैडिंग ’22 दिसम्बर है साल की सबसे लम्बी रात, इसे दें कुछ एकस्ट्रा टाईम’ तथा सब हैडिंग ‘इस रात की सुबह नहीं’ सहित एक युगल का फोटो भी है…. देखा और पढ़ा। एक बार तो सोचा उसी समय आपको यह पत्र लिखूं, लेकिन फिर सोचा 22 दिसंबर के बाद लिखूं, जिससे आपकी और आपके जैसी सोच वालों की रात खराब ना हो! बहुत ही शर्मनाक बात है कि आए दिन आप अपनी लेखनी द्वारा ज्ञान झाड़ते रहते हैं, कई बार व्याख्यानों में भी ज्ञान ढोल आते हैं और अपने अखबार में क्या छप रहा है, उसका पता ही नहीं।

महाराष्ट्र में पत्रकार सुरक्षा कानून का ड्राफ्ट तैयार, जानिए क्या क्या है खास बातें

महाराष्ट्र में पत्रकार सुरक्षा कानून बनने की संभावना अब बढी है. राज्य सरकार ने पत्रकार सुरक्षा बिल लाने का निर्णय लिया है. इसी हेतु बिल का डॉफ्ट बनाया गया है जो विपक्ष एवं पत्रकार हमला विरोधी कृती समिती को भेजा गया है. विपक्ष और हमला विरोधी समिती एक महीने के अंदर इस ड्राफ्ट का अध्ययन करेगी और इस पर सुझाव देगी. ड्राफ्ट पर सुझाव के लिए एक महीने का अवधि देने से नागपुर मे चल रहे हिमकालीन अधिवेशन में बिल पेश होने की कोई गुंजाईश नहीं दिख रही. लेकिन अगले बजेट अधिवेशन में पत्रकार सुरक्षा बिल ला जाने के आसार अब बढे हैं.

चुनाव की झूठी खबर चलाने वाले उपजा के जिलाध्यक्ष पंकज दीक्षित गिरफ्तार

फर्रूखाबाद। रिश्वत देकर प्रधानी का प्रमाण पत्र मिलने की झूठी खबर चलाने वाले उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन उपजा के जिलाध्यक्ष एवं बेव पोर्टल जेएनआई के पत्रकार पंकज दीक्षित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आवास विकास चौकी प्रभारी महेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कोतवाली फतेहगढ़ जेएनआईबी रोड़ निवासी पंकज दीक्षित पुत्र चन्द्र विहारी के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक पंकज दीक्षित आवास विकास कालोनी 2बी/116 स्थित कार्यालय में जेएनआई न्यूज के नाम से बेव पोर्टल चलाते है।

दैनिक जागरण की ऑनलाइन परीक्षा परिणाम घोषित, चंडीगढ़ टीम ने किया बेहतर प्रदर्शन

लुधियाना। दैनिक जागरण की ऑनलाइन परीक्षा के नतीजे आ गए हैं। चंडीगढ़ टीम पहली बार परीक्षा देने के लिए लुधियाना प्रैस में गई थी और दैनिक जागरण चंडीगढ़ टीम ने बेहतर परफार्मेंस की है। लुधियाना में हुई इस परीक्षा के नतीजे वीरवार को घोषित कर दिए गए हैं। अब देखना होगा कि इस परीक्षा का इन रिपोर्टरों को कितना लाभ होगा और किस पद पर इन्हें दैनिक जागरण प्रबंधन नवाजता है। मजीठिया देने से बच रही दैनिक जागरण प्रबंधन इन सफलार्थियों को क्या इनाम देता है।

पूर्वोत्तर यात्रा-1 : शिलांग में पश्चिम का राजस्थान

शिलांग में राजस्थानी समाज द्वारा 1959 में बनाया गया राजस्थान विश्राम भवन।

जिंदगी यादों का कारवाँ है। हम भी अपने इस यादों के कारवे में आप सब को शामिल करने जा रहे है। देश के पूर्वी हिस्से जिसे नार्थ ईस्ट यानि पूर्वोत्तर के नाम से जानते हैं। भारत का यह इलाका देश के बाकी हिस्से से लगभग कटा हुआ है। हालाँकि हाल के वर्षों में लोगों की दिलचस्पी पूर्वोत्तर में बढ़ी है। काफी दिनों से पूर्वोत्तर यात्रा के बारे में सोच रहा था। इसी साल सितम्बर की एक दोपहर मंत्रालय में खबरों की तलाश के दौरान  एशियन एज के विशेष संवाददाता मेरे मित्र विवेक भावसार ने बताया की हम कुछ पत्रकार मित्र पूर्वोत्तर यात्रा की योजना बना रहे हैं। पूछा क्या आप भी चलना चाहेंगे ? मैं तो पूर्वोत्तर देखने के लिए कब से लालायित था। इस लिए हा कहने में जरा भी देर नहीं की। धीरे धीरे पूर्वोत्तर जाने वाले पत्रकार साथियों की संख्या बढ़ते बढ़ते 18 तक पहुच गई। आख़िरकार पूर्वोत्तर यात्रा की तिथि भी तय हो गई। एयर टिकट सस्ते मिले इस लिए एक माह पहले ही टिकटों की बुकिंग कराई गई।

शोध रिपोर्ट : महिलाओं को सशक्त बना रहा सोशल मीडिया

डॉ. कठेरिया के नेतृत्व में महिला फेसबुक उपयोगकर्ता पर हिंदी विवि में हुआ शोध
फेसबुक उपयोग करने वाली 47 प्रतिशत प्रतिभागी फेसबुक के नियम, कानून से परिचित हैं
34 प्रतिशत प्रतिभागी फेसबुक का उपयोग सामाजिक सरोकार के लिए करती हैं
55 प्रतिशत प्रतिभागी फेसबुक का उपयोग सूचना प्राप्त करने के लिए करती हैं
मित्रों से चैट करने के लिए केवल 13 प्रतिशत ही इसका उपयोग करती हैं
युवतियां फेसबुक का उपयोग सामाजिक मुद्दों एवं महत्वपूर्ण विषयों के संदर्भ में अधिक करती हैं
विचारों के आदान-प्रदान के लिए फेसबुक को सशक्त माध्यम की संज्ञा दी गई है

31 दिसंबर को पंकज, अनिल, प्रदीप समेत कई लोग होंगे जयप्रकाश शाही स्‍मृति सम्‍मान से सम्मानित

लखनऊ। लोकबंधु राजनारायण के लोग संस्‍था ने 31 दिसम्‍बर 2015 को अपने-अपने क्षेत्र में विशिष्‍ट कार्य करने वालों को लोकबंधु राजनारायण स्‍मृति सम्‍मान और जयप्रकाश शाही स्‍मृति सम्‍मान से विभूषित करने का निर्णय लिया है। लोकबंधु राजनारायण के निर्वाण दिवस पर आयोजित स्‍मृति समारोह में प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री श्री ओमप्रकाश सिंह, राष्‍ट्रपुरुष चन्‍दशेखर पुस्‍तक के विचार संपादक व विधान परिषद सदस्‍य श्री यशवंत सिंह और हिन्‍दुस्‍तान, दैनिक जागरण तथा राष्‍ट्रीय सहारा जैसे अखबारों में दो दशक से अधिक समय तक संपादक रहे श्री सुनील दुबे खास मेहमान के रूप में उपस्थित रहेंगे।

वाट्सएप पर मुस्लिमों के बारे में घटिया टिप्पणी करने वाले कथित पत्रकार के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में एक कथित पत्रकार पर आई टी एक्ट के तहत मामला दर्ज़ हुआ है. कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ थाणे में राजेश मंगतानि नाम के व्यवसायी पर मुस्लिम समुदाय पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में आई टी एक्ट की धारा 66क लगी है। घटना के संबंध में मनेन्द्रगढ़ के शिकायतकर्ता ने बताया की राजेश मंगतानि ख़ुद को “सहारा समय mp cg का पत्रकार बताता है।

योग शरीर की यात्रा करके समाधि तक जाता है… (साक्षात्कार : योगी अरुण तिवारी)

यूं तो भारत और योग का संबंध हज़ारों साल से भी ज़्यादा पुराना है। लेकिन हाल के कुछ दशकों में इसकी लोकप्रियता तथा स्‍वीकार्यता तेज़ी से बढ़ी है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यही है कि पुरातन प्रयासों के समानान्तर आज भी भारतीय ज्ञान की वर्षा सम्पूर्ण विश्व-जगत में हो रही है, भले ही औसतन उसका प्रतिशत कम हो किन्तु निःसंदेह रूप से हमारे योगियों, ज्ञानियों, ऋषियों और महात्माओं के द्वारा आज भी उसके पोषण के प्रयास निरन्तर जारी रहते हैं। ऐसे ही प्रयासों में लगातार ख़ुद को समर्पित करने वाले हैं योग व समाज-सेवा के क्षेत्र में भारत के राष्ट्रपति व देश-विदेश की अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित योगी अरुण तिवारी जिन्होने भारत के अलावा संयुक्त राष्ट्र संघ सहित दुनिया के अनेक देशों जैसे श्रीलंका, यूरोप, स्वीडन, नार्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, लुथवेनिया, अमेरिका और कनाडा आदि में योग-सुधार कार्यक्रम के माध्यम से हज़ारों लोगों तक योग को सही रूप में पहुँचाया है। योग को लेकर दुनिया भर में उनके प्रयासों की पड़ताल कर रहे हैं अमित राजपूत

Now time has come when wolf has to be unmasked to safe guard media employees interests : Parmanand Pandey

To, All Presidents, General Secretaries of the State Units, Working Committee Members & Special Invitees, Dear comrade, I am sorry for not having communicated for quite long time. The delay certainly needs to be explained. After the so-called Mathura meeting when I reached Delhi on 1st December I had to rush to the Court. While …

पत्रकार सुशील पाठक हत्याकांड : पांच साल बाद भी खुलासा न होने पर आज बिलासपुर बंद रहा

बिलासपुर : 19 दिसंबर 2010 की रात को हुए पत्रकार सुशील पाठक के मर्डर को 5 साल होने वाले है, लेकिन अभी तक उनकी मर्डर मिस्ट्री सुलझ नहीं पाई है. गौरतलब है कि सुशील की उनके सरकंडा स्थित मकान से कुछ ही दूरी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. प्रेस क्लब के तत्कालीन …

आईपीएस सिकेरा से पत्रिका के संपादक महेंद्र ने माफीनामा छापने का वादा किया (सुनें टेप)

Navniet Sekera : भगवान से भी तेज UP.Patrika.com … अभी अभी एक नयी जानकारी आई है , कि उपरोक्त न्यूज़ दिनाँक Patrika news network Posted: 2015-12-25 17:07:54 IST से स्पष्ट है कि यह न्यूज़ 25 दिसंबर को शाम को 5 बजकर 7 मिनट 54 वें सेकंड में अपलोड की गयी…

ये दुनिया एक कंप्यूटर प्रोग्राम है, सुख दुःख ख़ुशी गम सब कुछ केमिकल लोचे मात्र हैं

ये दुनिया एक कंप्यूटर प्रोग्राम है… MATRIX RELOADED… LIGHT यानी प्रकाश की गति अद्भुत है. इन फैक्ट सिर्फ एक सेकंड में… आपको पलक झपकाने में लगे समय के अंदर… लाइट इस पृथ्वी के चक्कर लगा सकती है. 7 बार!!! Impressive प्रकाश की गति 299792 Km/Sec ब्रह्माण्ड की सबसे तेज गति है… इससे तेज गति कर …

भास्कर के बाद अब पत्रिका वालों ने की बदमाशी, आईपीएस नवनीत सिकेरा के बारे में सरासर झूठी खबर छाप दी

भास्कर वालों ने पाकिस्तानी झंडा फहराए जाने की झूठी खबर छापकर अपनी थू थू सोशल मीडिया पर कराई तो इस काम में भला राजस्थान पत्रिका क्यों पीछे रहता. पत्रिका वालों के यूपी के पत्रकारों ने आईपीएस नवनीत सिकेरा के बारे में बिलकुल उलटी खबर छाप दी है. खुद नवनीत सिकेरा ने सोशल मीडिया पर इस झूठ का पर्दाफाश कर अपना पक्ष रखा है. इसके बाद लोग सिकेरा की पोस्ट को शेयर लाइक कर पत्रिका वालों को इस किस्म का सरासर झूठ छापने के लिए लानत भेज रहे हैं. पहले पढ़िए सिकेरा ने क्या लिखा है और उनके बार में पत्रिका में खबर क्या छपी है….

सम-विषम के नाम पर आम जनता को परेशान करने के लिए अड़ गई आम आदमी पार्टी की सरकार

Sanjaya Kumar Singh : पत्नी और सरकार के आगे तर्क!! दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए जांच के तौर पर शुरू की जा रही सम विषम नंबर की कारों को सम विषम तारीखों को ही चलने देने के फैसले की घोषणा में इतनी छूट है कि – यह प्रयोग सफल हो या असफल कोई खास मतलब नहीं है। सम-विषम नंबर के नाम पर असल में दिल्ली की आबादी को दो हिस्सों में बांट दिया गया है। एक आबादी जो इससे बेसर है। चाहे वह वीआईपी हो या मोटरसाइकिल चलाने वाली या महिलाएं। दूसरी आबादी इससे प्रभावित होने वालों की है और यह दिल्ली में रोज दफ्तर आने जाने वालों का है जो सबसे ज्यादा परेशानी झेलेगी। चूंकि मामला स्थायी नहीं है इसलिए परेशानी और ज्यादा है। वरना परेशान होने वाला अपने लिए कोई इंतजाम करता।

बीजेपी महासचिव राम माधव ने मोदी की लाहौर यात्रा पर संघी गोबर डाल दिया

Mahendra Mishra : भारत, पाक और बांग्लादेश एक ही जिगर के टुकड़े हैं। क्रूर हालात ने इन तीनों को एक दूसरे से अलग कर दिया। इनके बीच दोस्ती और मेल-मिलाप हो। एकता और भाईचारा का माहौल बने। अमन और शांति में विश्वास करने वाले किसी शख्स की इससे बड़ी चाहत और क्या हो सकती है । इस दिशा में किसी पहल का स्वागत करने वालों में हम जैसे लाखों लोगों समेत व्यापक जनता सरहद के दोनों तरफ मौजूद है। इसी जज्बे में लोग प्रधानमंत्री मोदी की लाहौर यात्रा का स्वागत भी कर रहे हैं। लेकिन इस यात्रा का क्या यही सच है? शायद नहीं। यह तभी संभव है जब मोदी जी नागपुर को आखिरी प्रणाम कह दें।

कैंसर हो गया तो ये रुपया ही काम आएगा, कोई सगा संबंधी नहीं, इसलिए खूब भ्रष्टाचार करो, रुपया कमाओ!

Kanwal Bharti : अभी बरेली से मेरे एक मित्र ने बताया कि उनकी पत्नी को कैन्सर है और दिल्ली में राजीव नाम के एक अस्पताल में वे इलाज करा रहे हैं। अब तक 11 लाख रूपये खर्च हो चुके हैं और इलाज अभी जारी है। मुझे याद आया कि ओमप्रकाश वाल्मीकि के इलाज में कोई 22 लाख रूपये खर्चे में आये थे। फिर भी वे बच नहीं सके थे। मेरे मित्र ने बताया कि 70-70 हजार रूपये के इंजेक्शन लगते हैं, क्योंकि यहां सरकार को लकवा मार गया है। उन्होंने यह भी बताया कि करीबी लोगों ने भी मुंह मोड़ लिया है, ताकि हम उनसे पैसा न मांग लें। अब तक वे 6 लाख रूपये के कर्जदार हो चुके हैं।

भास्कर कोई छोटा-मोटा अखबार नहीं, नया भी नहीं, फिर यह क्या और क्यों कर रहा है…

: यह कैसी पत्रकारिता : दैनिक भास्कर कोई छोटा-मोटा अखबार नहीं है। नया भी नहीं है। फिर यह क्या और क्यों कर रहा है। मीडिया के कॉरपोरेटीकरण में इस बात का कोई मतलब नहीं है कि संपादक कौन है या अखबार किसका है। मतलब ब्रांड का है और ब्रांड की ऐसी फजीहत। वह भी तब …

के. विक्रम राव ने परमानंद पांडेय और हेमंत तिवारी को नोटिस भेजा

Notice : Mr. Parmanand Pandey Hemant Tiwari’s circular makes irresponsible and unwarranted reading. Enclosed the show-cause notice, issued to Tiwari. What is more irresponsible is your allowing Tiwari to use your (fake/duplicate) Email id for issuing the invitation for the so-called national council meeting. Before I consult collegues under Rule 22 (d) of the IFWJ …

K Vikram Rao has not permitted Tiwari to hold such a parallel meeting…

Circ./ 3-Secy./Hq/ December 2015 All Presidents, General Secretaries of the State Units, Working Committee Members & Special Invitees Dear Comrades You may have received a circular from one Hemant Tiwari, posing as IFWJ secretary (North), dated 18 December  2015 .He calls the Mathura session (November 29 and 30) of  the IFWJ working committee as unconstitutional …

रवि मिश्र को रामेश्वरम हिंदी पत्रकारिता पुरस्कार, झांसी के पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया

झांसी। राजकीय संग्रहालय सभागार, झॉसी में स्व0 पं0 रामेश्वर दयाल त्रिपाठी (नन्ना) की पुण्य स्मृति में स्थापित रामेश्वरम् हिन्दी पत्रकारिता पुरस्कार का बारहवां सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ। डा. इकबाल खान ने वर्ष 2015 का राष्ट्रीय स्तर पर रामेश्वरम् हिन्दी पत्रकारिता पुरस्कार रवि मिश्रा (हिंदुस्तान, झांसी) को देने की घोषणा की। इसके बाद उन्हे मुख्य अतिथिद्वय …

अमेरिकी पत्रकार ने बाराबंकी आकर मैगी मुहिम के अगुवा युवा पत्रकार सरफ़राज़ वारसी का लिया साक्षात्कार

यूपी के बाराबंकी से उठा मैगी मुद्दा सारे देश में चर्चा का विषय तो बना ही था अब इसकी गूँज सात समन्दर पार अमेरिका तक पहुँच गयी है । आज अमेरिका की एक प्रतिष्ठित पत्रिका “फार्च्यून मैगजीन” की रिपोर्टर बाराबंकी आकर सबसे पहले मैगी मुहिम चलाकर पूरे देश में जागरूकता पैदा करने के काम को …

जागरण वालों ने अमिताभ ठाकुर की खबर में अमिताभ बच्चन को अवतरित कर दिया

दैनिक जागरण के हल्द्वानी संस्करण में कुछ विद्वान लोगों ने आईपीएस अमिताभ ठाकुर की खबर में अमिताभ बच्चन की फोटो लगाकर अपने हुनर का परिचय दिया है. देखें संबंधित खबर की कटिंग>   इसे भी पढ़ें> गंगा में फूल माला प्रवाहित करने वाले मोदी जुर्माना भरें और माफी मांगें

हर बात के लिए मीडिया की ही जवाबदेही तय नहीं की जा सकती : रवीश कुमार

नई दिल्ली। फिक्की सभागार में रविवार (20  दिसम्बर) को नेशनल दस्तक न्यूज वेब पोर्टल का शानदार शुभारंभ हुआ। इस मौके पर मीडिया, सिनेमा, शासन और साहित्य जगत की कई हस्तियां मौजूद थीं। उन्होंने इस वेब पोर्टल की सफलता और वांछित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अपने आशीर्वाद प्रदान किए। वरिष्ठ पत्रकार श्री रवीश कुमार, जाने माने शायर मुनव्वर राणा, मानवाधिकार कार्यकर्ता के स्टालिन, रिटायर्ड आईएएस अफसर श्री योगेंद्र नारायण, सेंटर फॉर सोशल रिसर्च की डायरेक्टर डॉ. रंजना कुमारी और नेशनल दस्तक के एडिटर इन चीफ श्री अशोक दास ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया।

दैनिक भास्कर को घुटने टेकने पड़े, माफीनामा प्रकाशित किया

Mohammad Anas :   हजरात हजरात .. दैनिक भास्कर वालों ने आज दौसा मामलें में माफ़ी मांग ली. और इसी के साथ सांप्रदायिक, जातिवादी, कट्टरपंथी मीडिया घराने को टेकने पड़े घुटने. मैंने पहले ही दिन कहा था जनता इस लोकतंत्र में सबसे बड़ी होती है. करोड़ो/अरबों रुपये के भास्कर का नकली दंभ, अकड़ ढीली करने के लिए दौसा के एसपी योगेश यादव को बेहद शुक्रिया. योगेश जी से बात हुई थी मेरी, मैंने कहा था उनसे कि चढ़ कर रहिएगा, दबाव बनेगा लेकिन वो कोहरे की तरह हट जाएगा.

जेटली के डर के मारे चैनलों ने कीर्ति आज़ाद की प्रेस कान्फ्रेन्स को कवर नहीं किया!

Om Thanvi : कीर्ति आजाद की प्रेस कांफ्रेंस के रोज कल क्या तमाम मीडिया ने रविवार की छुट्टी रख ली थी? फर्ज करें कीर्ति आजाद यही पर्दाफाश अरविंद केजरीवाल या मनमोहन सिंह के खिलाफ कर रहे होते? न सिर्फ ‘पीसी’ लाइव होती, हर टीवी स्टूडियो में दो-चार टीकाकार भी जमे बैठे होते। वैसे हैरानी इस …

आनलाइन एड एजेंसी झुकी, भड़ास के खाते में हफ्ते भर के विज्ञापन के लिए 70 डालर आए… चीयर्स

एक विदेशी आनलाइन एड एजेंसी ने 70 डालर मेरे एकाउंट में भेज दिए. काफी दिनों से बारगेनिंग चल रही थी. मैंने बहुत पहले तय कर लिया था कि बिना एडवांस लिए आनलाइन या आफलाइन, किसी एड एजेंसी वालों या किसी शख्स का विज्ञापन नहीं चलाउंगा क्योंकि विज्ञापन चलवाने के बाद पेमेंट न देने के कई मामले मैं भुगत चुका था. बकाया भुगताने के लिए बार बार फोन करने, रिरियाने की अपनी आदत नहीं रही. हां, इतना जरूर कुछ मामलों में किया हूं कि किसी रोज दारू पीकर बकाया पैसे के बराबर संबंधित व्यक्ति को फोन कर माकानाकासाका करके हिसाब चुकता मान लेता हूं. पर यह कोई ठीक तरीका थोड़े न है. इसलिए एक नियम बना लिया. बिना एडवांस कोई विज्ञापन सिज्ञापन नहीं. दर्जनों एड प्रपोजल इसलिए खारिज करता रहा क्योंकि आनलाइन एजेंसी को एडवांस पेमेंट वाला शर्त मंजूर न था. लेकिन आखिरकार एक एड एजेंसी झुकी और 70 डालर हफ्ते भर के विज्ञापन के लिए दे दिए.

एएनआई को चाहिए कापी एडिटर्स, करें अप्लाई

देश भर के सभी भाषाओं के चैनल्स को वीडियो, बाइट, रिएक्शन उपलब्ध करवाने के मामले में देश की अग्रणी न्यूज वीडियो एजेंसी ANI (एशियन न्यूज इंटरनेशनल) ने प्रिंट मीडिया की तरफ भी रुख कर लिया है. पीटीआई यूएनआई जैसी प्रिंट न्यूज एजेंसी को मात देने के लिए एएनआई ने पूरी तैयारी कर ली है. इसी …

सुजय, हिमांशु, रुपेश, श्रीनारायण के बारे में सूचनाएं

वरिष्ठ पत्रकार सुजय मेहदुदिया ने अमर उजाला को अलविदा कह दिया है। उन्होंने अब नई पारी इंटीग्रल पीआर एजेंसी के साथ शुरू की है। लंबे समय तक न्यूज एजेंसी ‘यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया’ (यूएनआई) से जुड़े रहे सुजय अमर उजाला अखबार के साथ जुड़े और वहां बिजनेस से लेकर राजनीतिक विषयों पर रिपोर्टिंग की। सुजय …

शिवराज सरकार ने मध्य प्रदेश के पत्रकारों के रिश्तेदारों पर 150 करोड़ रुपये उड़ाया, देखें लिस्ट

मध्य प्रदेश के जनसंपर्क विभाग द्वारा 150 करोड़ के विज्ञापन पत्रकारों को मनमाने तरीके से बांटे जाने का मामला प्रकाश में आया है. 235 वेबसाईट / वेबपोर्टलों को साढ़े चार साल में लगभग सवा बारह करोड़ रुपए के विज्ञापन नियमविरूद्ध तरीके से बांट दिए गये. इसी प्रकार 70 न्यूज चैनलों को लगभग 72 करोड़ रूपए और क्षेत्रीय प्रचार के नाम पर लगभग 58 करोड़ फूँक दिए गये. 235 वेबसाईट में से मात्र 25 वेबसाईट ऐसी हैं जो नियमित पत्रकारिता कर रही हैं. 210 वेबसाईट के संचालक नामी गिरामी पत्रकारों के रिश्तेदार या जनसंपर्क विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, जिन्हें भारी भरकम विज्ञापन दिए गये हैं. कुछ डमी पत्रकारों के तौर पर भाजपा के प्रभावशाली नेताओं से जुड़े लोग भी हैं.

बेअंत मर्डर केस के आरोपी ने वरिष्ठ पत्रकार कंवर संधू को जेल में थप्पड़ मारा, कई अफसर सस्पेंड, जांच के आदेश

CHANDIGARH: Balwant Singh Rajoana, convicted for the murder of former Punjab Chief Minister Beant Singh, assaulted senior journalist Kanwar Sandhu at Patiala Central Jail. The assault resulted in the suspension of Assistant Jail Superintendent Jagmel Singh who, though unauthorised, allowed the journalist into jail for an interview. It is learnt that Sandhu’s access was organised …

पत्रकार और ट्यूटर एक्सपर्ट मंगल सेन्चा का निधन

मुंबई : जागृति दौर नामक समाचार पत्र विषयक सेवा देने वाली संस्था के संचालक और पत्रकार मंगल सेंचा का हृदयाघात से बंगलोर में शनिवार को निधन हो गया। वे ४४ साल के थे। वे अपने पीछे पत्नी, पुत्र और तीन कन्या का भरापुरा परिवार छोड़ गये हैं। मंगल सेंचा का देश के सभी समाचार पत्रों से बहुत अच्छे संबंध थे। जागृति दौर नामक फीचर सेवा के जरिये वे देश के कई समाचार पत्रों को अपनी सेवा देते थे।

उफ्फ… अमर उजाला के अधिकारी ने अपने ग्रामीण पत्रकारों के साथ किया कितना घटिया आचरण, पढ़ें शिकायती पत्र

ये शिकायती पत्र कई ग्रामीण पत्रकारों ने अपने नाम पहचान और मोबाइल नंबर के साथ संपादक और मालिक को भेजा है. अमर उजाला लखनऊ संस्करण के अधीन आता है फैजाबाद ब्यूरो. यहां ग्रामीण पत्रकारों के साथ बैठक में अमर उजाला के एक अधिकारी ने ग्रामीण पत्रकारों को विज्ञापन लाने के लिए किस तरह दबाव में लिया और कैसे कैसे अपशब्दों का प्रयोग किया गया, यह सब कुछ इस शिकायती पत्र में है.

इंडिया न्यूज, जी न्यूज और इंडिया टीवी की लंबी छलांग, न्यूज नेशन और न्यूज24 का तगड़ा नुकसान

देखें इस साल के पचासवें हफ्ते की टीआरपी… इसमें सबसे ज्यादा फायदा इंडिया न्यूज को हुआ है. इसने न्यूज नेशन को पछाड़ कर पांचवां पोजीशन हासिल कर लिया है. इंडिया टीवी नंबर दो पर और जी न्यूज नंबर चार पर आ गया है. एबीपी न्यूज नंबर तीन पर है. आंकड़े इस प्रकार हैं…

…सुलह होगी पंकजजी, यहां नहीं तो वहां : ओम थानवी

Om Thanvi : परसों की ही बात है। आइआइसी मेन के लाउंज में सुपरवाइजर की मेज के गिर्द हम दोनों अगल-बगल आ खड़े हुए थे। करीब, मगर अबोले। बगल वाले शख्स पंकज सिंह थे। नामवर सिंहजी के सालगिरह समारोह के दिन से हमारी तकरार थी। बहरहाल, परसों हम आमने-सामने होकर भी अपने-अपने घरों को चले गए। पर मुझे वहाँ से निकलते ही लगा कि यहीं अगली दफा हम लोग शायद गले मिल रहे होंगे। क्षणिक तकरार कोई जीवन भर का झगड़ा होती है? आज मैं इलाहाबाद आया। वे पीछे दुनिया छोड़ गए। लगता है अब वहीं मिलेंगे। आज नहीं तो कल।

केजरीवाल पर निशाना साध प्रशांत भूषण ने काटजू के तर्क को गलत बताया तो जवाब में काटजू ने लिखा लंबा चौड़ा मेल…

Markandey Katju : Mr. Shanti Bhushan’s response to my article in scroll.in in which I said that the Delhi Govt. is a state, and is empowered to constitute a Commission of Inquiry. I have taken his permission to post his email to me…

भक्तों की भाषा पर वर्षों चुप-शांत रहे अरुण जेटली अब केजरीवाल को भाषा संबंधी सीख दे रहे हैं

Sanjaya Kumar Singh : अरुण जेटली का महत्त्व… लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जब नरेन्द्र मोदी अनोखे और बाद में जुमले घोषित किए जा चुके दावे कर रहे थे तो पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि नरेन्द्र मोदी का आर्थिक ज्ञान रसीदी टिकट के पीछे लिखे जाने भर है। नरेन्द्र मोदी ने यह कहकर इसका जवाब दिया था कि वे जानकारों के सहयोग से सरकार चलाएंगे। ऐसे में वित्त मंत्री कौन होता है यह महत्त्वपूर्ण था और जब अरुण जेटली का नाम सार्वजनिक हो गया तो समझ में आ गया कि राजा की जान किस तोते में है।

सर्वदा कविता के सुखद आनंद में जीने वाले पंकज सिंह को उनकी ही एक कविता में विनम्र श्रद्धांजलि!

Vinod Bhardwaj : पंकज सिंह से मेरा पुराना परिचय था. 1968 से उन्हें जानता था. आरम्भ लघु पत्रिका की वजह से. 1980 में जब मैं पहली बार पेरिस गया था, तो उन दिनों वे वहीँ थे. काफी उनके साथ घूमा. रज़ा से मिलने उनके साथ ही गया था. लखनऊ में रमेश दीक्षित के घर पर एक बार खुसरो का ‘छाप तिलक’ उनसे सुनकर मन्त्र मुग्ध हो गया था. बहुत सुन्दर गाया था उन्होंने. अजीब बात है कि फेसबुक पर हम मित्र नहीं थे पर वे मेरी कई चीज़ें शेयर कर लेते थे अपनी वाल पर, अधिकार की तरह. पिछली कई मुलाकातों में उन्होंने मुझसे सेप्पुकु पढ़ने की बात की. तय हुआ हम जल्दी ही मिलेंगे. पर आज यह बुरी खबर मिली. मेरी विनम्र श्रद्धांजलि.

क्या प्रसार भारती और आकाशवाणी महानिदेशालय माननीय सर्वोच्च न्यायालय व संसद से भी बड़ी हो गई है!

आकाशवाणी के दोहरे मापदंड एवं हठधर्मिता के चलते लंबे समय से काम रहे आकस्मिक उद्घोषकों का नियमितिकरण नहीं किया जा रहा है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट भी संविधान पीठ भी दस वर्षों या अधिक समय से कार्यरत संविदा कर्मियों की सेवाओं का नियमितिकरण एक मुश्त उपाय के तहत करने के निर्देश दे चुकी है। आकाशवाणी में आकस्मिक कलाकार/ कर्मचारी सन 1980 से अर्थात प्रसार भारती के लागू होने के वर्षों पहले से स्वीकृत एवं रिक्त पड़े पदों के स्थान पर आकस्मिक उद्घोषक/ कम्पीयर के रूप में काम कर रहे हैं।

कोहिनूर कॉन्डोम के विज्ञापन पर हिन्दुस्तान के संपादक को पत्र

आदरणीय यशवंत भाई, हिन्दुस्तान के संपादक के नाम एक पाठक ने फेसबुक पर यह पत्र लिखा है कंडोम के विज्ञापन को लेकर. उम्मीद है इसे जरूर भड़ास फोर मीडिया में स्थान देंगे। पोस्ट की पड़ताल करने के लिये आप फेसबुक पर राजेंद्र गुप्ता हितैषीदूत पर जा सकते हैं। यह बहुत जबरदस्त तंज है। चिट्ठी का मजमून मैं नीचे दे रहा हूं।
शुक्रिया

आपका
xyz
कानपुर

पंकज सिंह की याद में… Salute to the unsung hero of contemporary Hindi poetry

”कृष्णजी, मैं दिल्ली आ गया हूँ….” 17 दिसम्बर को Pankaj Singh का दूरभाष आया. वे अपने मुल्क़ मुज़फ़्फ़रपुर से आये थे जहां उन्हें कविता के लिये सम्मानित किया गया था. इस पर मैंने कहा- मैं भी अपने देश जा रहा हूँ, लौटकर मुलाक़ात होती है.

मैनेज करने और मैनेज होने वाली पत्रकारिता का यह दौर और आलोक तोमर जी की याद

Ashish Maheshwari : फेसबुक है कि याद दिला देता है… आज जब पत्रकारिता मैनेज करने और मैनेज होने भर का माध्यम बनकर रह गई है ऐसे दौर में आलोक तोमर जी का न होना बेहद सालता है… दिल्ली में करियर के शुरूआती दिनों में फेसबुक के माध्यम से जिस शख्स से परिचय हुआ उनमें आलोक तोमर एक बड़ा नाम हैं ….मेरे पिता के मित्र और वरिष्ठ पत्रकार Hari Joshi ने कभी मुझसे कहा था कि दिल्ली में कोई दिक्कत हो तो आलोक तोमर जी से मिल लेना ….फोन पर बात तो बहुत हुई. मोबाइल पर तबले वाली उनकी कॉलर ट्युन और बेबाक अंदाज से रूबरू हुआ पर दुख इस बात का कि मुलाकात न हो सकी….

टैगोर और उनकी एक खास प्रेयसी की कहानी सिल्वर स्क्रीन पर उतारने में मशगूल हैं सूरज कुमार

सूरज कुमार– एक नाम, एक कहानी– कहानी उन संघर्षों की, जो एक छोटे से गाँव से शुरू होकर किसी महानगर के फुटपाथों पर रगड़ खाकर धीरे-धीरे अपने परवान चढ़ती है। इस कहानी में दुःख भी है, खुशियाँ भी हैं, प्यार भी है और अलगाव भी है। नालंदा, बिहार के एक बेहद पिछड़े गाँव में पैदा होकर, वहीं की माटी में पले बढे सूरज के हौसले बुलंद थे और इरादे ठोस थे। देश की शीर्षस्थ संस्था जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में ज़िंदगी की लोरियाँ सुनकर भारतीय जन-संचार संस्थान में अपने इरादों को सूरज ने पंख लगाया और उड़ चले अपने सपनों के संसार में।