‘नेट न्यूट्रीलिटी’ का अनसुलझा सवाल

संचार माध्यमों के विस्तार के साथ ही इंटरनेट ने एक ऐसी दुनिया क्रिएट की, जिसके चलते विश्व-ग्राम की अवधारणा की स्थापना हुई। बहुसंख्या में आज भी लोग इंटरनेट फ्रेंडली भले ही न हुए हों लेकिन ज्यादातर काम इंटरनेट के माध्यम से होने लगा है। बाजार ने जब देखा कि इंटरनेट के बिना अब समाज का काम नहीं चलना है तो उसने अपने पंजे फैलाना आरंभ कर दिया और अपनी मनमर्जी से इंटरनेट यूजर्स के लिए दरें तय कर दीं। 

इटारसी रेल अग्निकाण्ड : जरा सी चूक, हजारों करोड़ स्वाहा

रेल्वे सेफ्टी महकमा और जबलपुर जोन कार्यालय के बीच तालमेल की कमी के चलते लगभग उम्र पूरी कर चुके जले आरआरआई सिस्टम की जगह लेने पहले से तैयार नए आपग्रेडेड सिस्टम को ट्रायल की मंजूरी नहीं मिल पा रही थी। अब तक 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। केवल पहले 14 दिनों में 600 से ज्यादा पैसेन्जर ट्रेन कैंसल हो चुकी हैं और 350 से ज्यादा के रूट डायवर्ट कर दिए गए हैं। रेल परिचालन को सामान्य करने में 35 दिन लगेंगे और इसकी समय सीमा 22 जुलाई तय की गई है।

न्यूज चैनल के खिलाफ कुमार विश्वास ने लिखाई रिपोर्ट

नयी दिल्ली : आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने सोमवार को पटेल नगर पुलिस थाने में एक चैनल के मालिक, संपादक और एंकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि उनकी छवि खराब करने के लिए इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। 

दिल्ली की पत्रकार निरुपमा पाठक की मौत मामले में प्रियभांशु रंजन बरी

रांची : पत्रकार निरुपमा पाठक मौत मामले में कोडरमा की निचली अदालत ने उसके कथित प्रेमी प्रियभांशु रंजन को बरी कर दिया है।

पत्रकार जगेन्द्र की मौत की जांच रिपोर्ट जल्द, दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी : अखिलेश

समाजवादी पार्टी का युवा चेहरा अखिलेश यादव दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव पार्टी अखिलेश को आगे करके ही लड़ने का मन बना रही है। प्रदेश में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है। उनके मंत्रियों पर भी भ्रष्टाचार-दबंगई के आरोप लग रहे हैं। इन मुद्दों पर वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार …

मजीठिया की राह के दुश्मनों को हर मोर्चे पर शिकस्त दो, अखबार मालिकों की करतूतें उजागर करो

साथियों, हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं है। हम सभी इस शक्तिशाली तंत्र से लड़ रहे हैं। हमारे मन में अन्याय के प्रति आक्रोश तो हो लेकिन ऐसे कोई विचार लिखित रूप में व्यक्त न करें जो उनके लिए हमारे खिलाफ सबूत बने। हम सब फ़िलहाल कानूनी जंग लड़ रहे हैं सशस्त्र लड़ाई नहीं। आप सभी से अनुरोध है कि मजीठिया की राह के दुश्मनों को हर उस मोर्चे पर शिकस्त दें जो उनकी ताकत है।

पत्रिका के पत्रकारों के साथ और अधिक कठोर हुए गुलाब कोठारी

राजस्थान पत्रिका के मालिक गुलाब कोठारी का रवैया अपने ही स्टॉफ के प्रति दिनोदिन और अधिक कठोर होता जा रहा है। अपने खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में अवमानना के छह मामलों का सामना करने के बावजूद उनके रुख में मामूली सा भी बदलाव आने की बजाए मजीठिया मामले पर अवाज उठाने वालों के साथ उनकी सख्ती बढ़ती …

कुमार अविनाश, तुम चले गए, तुम्हारे पीछे-पीछे अभी और आएंगे!

डीडी न्यूज के बुलेटिन एडिटर कुमार अविनाश की शनिवार रात अचानक मौत हो गई। उम्र यही कोई 34 साल और मृत्यु की वजह हार्ट अटैक। पीछे रह गए दो छोटे-छोटे बच्चे, पत्नी और अन्य परिजन। पिछले कुछ दिनों से बेचैनी महसूस कर रहे थे, एक हाथ में दर्द था, बार-बार डॉक्टर के पास चलने के लिए रिपोर्टर्स से आग्रह भी किया, एक दिन दिखाने गए तो सरकारी अस्पतालों में हड़ताल थी। आखिरकार अल्पायु में ही काल ने उनको ग्रस लिया। 

गाजियाबाद में एसओ ने पत्रकार का कैमरा छीना, मारापीटा, पीएम और सीएम से कार्रवाई की फरियाद

‘सतर्क दृष्टि’ के संपादक तौसीफ हाशमी ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, यूपी के मुख्यमंत्री, गाजियाबाद के एसएसपी, डीआईजी मेरठ जोन, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, मानवाधिकार आयोग, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया एवं गृह मंत्रालय भारत सरकार को प्रेषित पत्र में एक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए पर्दाफाश किया है कि किस तरह पुलिस देह व्यापार को संरक्षण दे रही है। उन्होंने विजयनगर क्षेत्र (गाजियाबाद) में मुस्लिम नाबालिग लड़की को बेचे जाने के आरोपों की जांच करा कर विजयनगर थाने के एसओ व अन्य पुलिसकर्मियों या दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

रोते क्यों हो दुनिया के पहरेदारों

भारत में कुछ स्वयंभू हितैषी और संगठनों को छोड़ दें, तो ना तो पत्रकारों का कोई अधिकृत संगठन है और ना ही उनके हितों की रक्षा करने वाली कोई संस्था। लेकिन पत्रकारों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाने वाली अमेरिकी संस्था कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट ने पिछले दिनों एक सूची जारी की थी। इसमें उन देशों को शामिल किया गया है जहां हाल फिलहाल में या तो पत्रकारों पर हमले बढ़ गए हैं या नियमित होते रहते हैं। सूची में शामिल पहले 15 देशों में भारत भी मौजूद है। भारत 11वें स्थान पर है। जबकि पहले भारत 14वें स्थान पर था। इससे साफ जाहिर हो जाता है कि भारत में पत्रकारों पर हमले बढ़े हैं। ये बेहद अफसोसनाक स्थिति है। जो मीडिया, देश-दुनिया का ठेका लिए बैठा है, खुद वो असुरक्षित होते जा रहा है। मीडिया में काम करने वालों में हमेशा असुरक्षा की भावना बनी रह रही है।

ऐसे तो धुलने से रहा व्यापमं का पाप

मन कसैला सा हो गया है व्यापमं मामले में सरकार का चरित्र देखकर। किस प्रदेश के निवासी हैं हम। लाखों गरीब, योग्य मासूम बच्चों का भविष्य बर्बाद कर दिया गया नोटों की खातिर। जो आरोपी बनाये गये हैं उनमें से भी कितने गुनहगार हैं कितने बेगुनाह कोई हिसाब नहीं। दीनहीन सा मुंह लिये सरकार के लोग कहते हैं किसी जांच की जरूरत नहीं। और सूबे के मुखिया ने मौन धारण किया हुआ है। उनकी नजर में सब विपक्षियों की चाल है। सारे सबूत सारे दस्तावेज….. जय हो मामाजी की हद हो गई ये तो। अगर व्यापमं मामले के आरोपियों और गवाहों की मौत की ही बात करें तो इसके भी सही—सही आंकडे नहीं हैं।

अविनाश : डीडी न्यूज़ अफसरों के तो घड़ियाली आंसू भी सूखे

सोमवार 4.30 बजे डीडी न्यूज़ की चौथी मंजिल पर कमरा संख्या 227 में दूरदर्शन समाचार के स्पेशल सेल में कार्यरत कुमार अविनाश की शनिवार 27 जून 2015 की रात हुई अचानक मौत पर शोक सभा का आयोजन किया गया था। ऑफिस के सभी अनुबंधित कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित हुए। डीडी न्यूज़ के निदेशक सतीश नम्बूंदरीपाद ने शोक सभा का आरंभ करते हुए दो मिनट का मौन धारण कराया। दो मिनट के मौनधारण के दौरान खडे अवस्था में ही कुछ बिन बोले सभी अधिकारी चलते बने। सभी उपस्थित अनुबंधित कर्मचारी अधिकारियों के इस रवैये से अवाक रह गए और एक सुर में उनका विरोध शुरु हो गया। 

संविधान के मौलिक अधिकारों का वजूद खतरे में, कसौटी पर नाकारा यूपी सरकार

अभी तक तो यूपी सरकार की किरकिरी कराने वाले चाचा जान ने कल्वे जव्वाद पर हमला बंद  भी नहीं किया था कि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राम मूर्ति वर्मा का पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड में नामजद होना यूपी सरकार के लिए एक चिंता का सवाल बन गया है । सरकार पत्रकार हत्याकांड में नामजद मंत्री पर कत्तई एक्शन न लेने के मूड में है । अगर नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आकड़ों पर गौर किया जाय तो प्रतिवर्ष जितने पत्रकारों के देश भर में उत्पीड़न के मामले  प्रकाश में आते हैं, उसके 72 % मामले अकेले यूपी के होते हैं, जो राज्य के वजीर ए आलम अखिलेश के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। क्या अखिलेश के अंदर शासन व सत्ता को सुचारु रूप से चल़ाने का म़ाद्दा खत्म हो चुका है? क्या युवा शक्ति के आकलन में कोई सेंध है?

कोरबा : मजीठिया मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फरमान बना मखौल

कोरबा जिले (म.प्र.) के सहायक श्रम आयुक्त ने सूचना के अधिकारी के तहत मांगी गई जानकारी में साफ़ तौर पर ये बात कही है कि 29 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेश के तहत उन्हें अब तक कोई निर्देश राज्य शासन अथवा कहीं और से भी प्राप्त नहीं हुआ है। उनके अनुसार, जिन समाचार पत्रों का प्रकाशन जिले में होता है, केवल उन्हीं के विरुद्ध जिला कार्यालय से कार्यवाही संभव है। मतलब कि शाम के पेपर, जो जिले में ही छपते हैं।

‘अच्छे दिन’ आयो रे ! ट्रेनों के गंदे बॉथरूम में आम आदमी का सफ़र

भारतीय ट्रेनों में भीड़ के चित्र पहले भी देखने में आते रहे हैं लेकिन पटरियों के ऊपर से गुजरी विद्युत लाइन ने इस भीड़ की तस्वीर में परिवर्तन कर दिया है। तस्वीर बदली है लेकिन हालत सुधरने के बजाय और बदतर ही हुई है और जो इंतजाम न होने से लाजमी भी है। लेकिन मसला यह भी है कि अब वह भीड़ छतों पर नहीं दिखती। 

जब मासूम बेटे ने दी अपने पत्रकार पिता धीरज पांडेय को मुखाग्नि, डूब मरे अमर उजाला प्रबंधन

तारीख 28 जून। ग्राम-पयासे। जिला महराजगंज। स्थान दिवंगत पत्रकार धीरज पांडेय का घर। बाहर अपने हमउम्र बच्चों के साथ खेलता धीरज का बेटा। कभी घर के अंदर, कभी बाहर। धीरज के पिताजी तख्त पर लेटे हुए। हाथ में प्लास्टर, ठुड्ढी पर टांका। एक भौंह पर लगभग ठीक हो चुका घाव। कैंसर वाले जीव तो अंदर कहीं पैबस्त हैं। अब क्या दु:ख दे पाएंगे। जवान बेटे की मौत से ज्यादा असह्य पीड़ा और क्या हो सकती है।  

अपने पत्रकार पिता धीरज पांडेय के शव को मुखाग्नि देता उनका मासूम पुत्र

दैनिक जागरण मेरठ में भगदड़, कई गए, कई जाने को तैयार, भ्रष्टाचार में डूबे चापलूसों की चांदी

मेरठ दैनिक जागरण इन दिनों अस्‍थिरता और संक्रमणकाल से गुजर रहा है। हालात ऐसे बन पड़े हैं कि काम करने वाले गंभीर पत्रकार जागरण मेरठ को नमस्‍ते करने को मजबूर हैं। जहां कई संजीदा पत्रकार जागरण को अलविदा कह चुके हैं, वहीं कई नए-पुराने काबिल कर्मचारी भी यही राह पकड़ने की असमंजस में हैं। मालिकान और उनके शीर्ष सहयोगियों की अयोग्यता अब यहां के मीडिया कर्मियों के सिर चढ़ कर बोलने लगी है। भ्रष्ट चापलूसों से ज्यादातर कर्मी आजिज आने लगे हैं। 

सीनियरों को पांच लाख न देने पर रिपोर्टर को लॉकअप में रखा, सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगा जेल भेजवाया

सहरसा : वर्षों से दैनिक जागरण में सहरसा से रिपोर्टिंग करते रहे पत्रकार संजय साह का कसूर इतना था कि वह गलत तरिके से धन उगाही कर अपने सीनियरों की तीमारदारी नहीं कर पाते थे। उन्हें सैक्स रैकेट चलाने के आरोप में जेल भेज दिया गया।

उत्तर प्रदेश में सुरक्षित नहीं हैं पत्रकार

ये उत्तर प्रदेश है। यहाँ कानून नहीं, बल्कि राजनेताओं, मंत्रियों, किस्म-किस्म के माफिया, अपरााधियों, भाड़े के हत्यारों का राज  चलता है। आजकल इस राज्य में गुण्डागर्दी अपने चरम पर है और पूरी तरह ‘जंगलराज’ कायम है।

‘दबंग दुनिया’ के संपादक ने आपरेटरों को दी गालियां, कार्य बहिष्कार, मानहानि का दावा करेंगे

भोपाल : दबंग दुनिया भोपाल के संपादक विजय शुक्ला जब से आए हैं कर्मचाारियों को लगातार परेशान कर रहे हैं। उनकी इस हरकत से कई लोग पहले ही छोड़कर जा चुके हैं। आज तो हद हो गई। विजय शुक्ला ने अचानक किसी बात पर आपरेटरों के साथ बदतमीजी पूर्ण व्यवहार कर दिया। गालियां भी दीं।

सीकरौरा नरसंहार : सुनवाई के दौरान गुम हुई फाइल मिली, बढ़ेंगी डान बृजेश सिंह की मुश्किलें

सीकरौरा नरसंहार एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार चर्चा का मुख्य बिन्दु समाजसेवी राकेश न्यायिक हैं। न्यायिक ने तमाम न्यायालयों के अभिलेखों कें आधार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सीकरौरा नरसंहार की फाइल जानबूझ कर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल सिंह व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ताओं, अन्य पुलिस, न्यायिक कर्मचारियों की मिलीभगत से गुम कर दी गई। पिछले 8 सालों से गिरफ्तार व देश के विभिन्न जेलो में बन्द होते हुए वर्तमान में वाराणसी के केन्द्रीय कारागार शिवपुर में निरुद्ध माफिया डान बृजेश सिंह को आज तक उपरोक्त मुकदमे में तलब कर रिमांड तक नहीं बनवाया गया है बल्कि अभियुक्तों को बचाने के लिए सत्र न्यायालय की पत्रावली तक को गायब करा दिया गया है। 

जम्मू अमर उजाला की मीटिंग में संपादक के खिलाफ स्ट्रिंगर्स के बागी तेवर, हाथापाई की नौबत

जम्मू कश्मीर में पिछले 11 वर्षो से संपादक रवींद्र श्रीवास्तव के खिलाफ रिटेनर और स्ट्रिंगर पहली बार खुल कर सामने आ गए। विगत 22 जून को जम्मू प्रेस क्लब में अमर उजाला के सभी हेड मौजूद थे। उनकी मीटिंग हुई। कार्यकारी संपादक उदय सिन्हा के अलावा मार्केंटिंग और सर्कुलेशन के हेड भी मीटिंग में थे। रेवेन्यू कम हो रहा है, इस पर पहली बार मीटिंग हुई। मुद्दा रेवेन्यू बढ़ाने का रहा लेकिन बैठक में स्ट्रिंगरों ने खुलेआम रवींद्र श्रीवास्तव के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि पिछले 12 साल से इनके उत्पीड़न के चलते सिर्फ हजार-दो हजार की सैलरी पा रहे हैं। सभी ने एक एक कर अपने पक्ष रखे। रवींद्र श्रीवास्तव तो क्या जवाब देते, सभी सीनियर्स भी स्थिति पर खामोश और अवाक रह गए। उदय सिन्हा बीच में नहीं आते तो मामला बिगड़ चुका था और हाथापाई की नौबत आने ही वाली थी। 

जिसने ‘जनसंदेश’ की धज्जियां उड़ाईं, आज वही संपादक

सतना (मप्र) : जनसंदेश जब बाजार में आया तो उन दिनों सतना में ये कहा जाता था कि ये दिल्ली का अखबार हैं. उसके पीछे का कारण बताया जाता था कि पेपर के संपादक और पूरी टीम बाहर की है. 16 नंबर पेज को लेकर बवाल होता था. जिसे लोकल करने की मांग होती थी. जैसा वहां के पेपरों का 16 नंबर पेज लोकल था. जनसंदेश में काम करने वाले रिपोर्टर दिमाग कहीं और से लेते थे. पेपर को डुबाने की पूरी तैयारी थी . या मालिकों तक यह संदेश जाये कि बाहर की टीम बेकार है, काम नहीं कर पा रही है. 

धर्मशाला में खुला एफआईआर लाइव डाट कॉम का आफिस

हिमाचल प्रदेश में एक नया न्यूज पोर्टल खुलने जा रहा है। इसका  नाम काफी आकर्षक रखा गया है। यह है एफआईआरलाइव डाट काम (www.firlive.com)। इस न्यूज पोर्टल का हैड आफिस डिपो बाजार धर्मशाला में खोला गया है। इसे एक वरिष्ठ पत्रकार ने शुरू किया है। इस पोर्टल के अलावा एफआईआर नाम से ही एक साप्ताहिक टेबुलाएड अखबार भी निकालने की तैयारी है। 

पत्रकार धीरज पाण्डेय को सच्ची श्रद्धांजलि

प्रिय पत्रकार साथियों, 

साथियों मेरी जानकारी में सम्बन्धों का तात्पर्य संवेदना से है। अमर उजाला बस्ती के ब्यूरो चीफ धीरज पाण्डेय के साथ जो भी हुआ, वह अप्रत्याशित ही सही परन्तु बेहद खेद जनक एवं दुखदायी है। बड़े ही अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि जिस संस्था से वे सात वर्षों तक जुड़े रहे दुघर्टना के बाद उस परिवार का कोई भी जिम्मेदार सदस्य उन्हे अस्पताल में देखने तक नहीं गया। बीस दिनों तक जिन्दगी और मौत से लड़ने के बाद 25 जून 2015 को अन्तिम सांसे लीं। 

क्रिकेट के खेल को ही खत्म कर दें, तब अनैतिकता खत्म होगी

इंडियन प्रीमियर लीग के अध्यक्ष/कमिश्नर, चैंपियंस लीग के अध्यक्ष, बीसीसीआई के उपाध्यक्ष, पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष, मोदी इंटरप्राइज़ेज़ के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक और गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के कार्यकारी निदेशक के रूप में दुनिया भर में अपनी योग्यता का झंडा गाड़ चुके ललित कुमार मोदी आज कल फिर न सिर्फ चर्चाओं में हैं, बल्कि भारत सरकार के लिए बेवजह मुसीबत बने हुए हैं। विवाद की जड़ में क्रिकेट है, इसलिए बात पहले क्रिकेट की ही करते हैं। क्रिकेट का विस्तार सट्टेबाजों ने ही किया है। क्रिकेट का खेल अनैतिकता की गोद में ही फला-फूला है, इसलिए क्रिकेट से जुड़े लोगों से नैतिकता की कल्पना भी नहीं करनी चाहिए।

यूपी में जंगलराज : फिर निर्भया कांड, जननांग पर घाव, जलाने के निशान, बोरे में शव, फिर केस दब जाएगा!

Kumar Sauvir : बीती शाम लखनऊ की एक बेटी फिर कुछ हैवानों की शिकार बन गयी। अलीगंज के बीचोंबीच सेंट्रल स्‍कूल के पीछे बोरे में दो दिन पुरानी उसकी लाश जब बरामद हुई तो लोग गश खाकर गिर पड़े। उम्र रही होगी करीब 25 साल, कपड़े बुरी तरह फटे हुए। हाथ और पैर तार से बंधे थे। इस बच्‍ची को जलाया गया था। इतना ही नही, इसके जननांग पर दरिन्‍दों ने बहुत बड़ा घाव बना दिया था। एक मनोविज्ञानी से बातचीत हुई तो उन्‍होंने बताया कि ऐसी दरिन्‍दगी नव-धनाढ्य और इसके बल पर पाशविक ताकत हासिल किये लोगों की ही करतूत होती है। सत्‍ता का नशा भी सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण कारक तत्‍व बनता है। तो फिर कौन हैं वह लोग ? शायद एडीजी पुलिस (महिला सुरक्षा) सुतापा सान्‍याल को पूरी छानबीन के बाद इस बारे में पता चल जाए। इसके एक दिन पहले भी तेलीबाग में भी इसी तरह की एक लाश बरामद हुई थी। क्‍या वाकई लखनऊ की आबोहवा बेटियों के खिलाफ हो चुकी है? अगर ऐसा है तो हम सब के लिए यह शर्म, भय, निराश्रय, असंतोष के साथ ही साथ चुल्‍लू भर पानी में डूब जाने की बात है। बेशर्म हम।

‘भड़ास ने मुझे बदनाम कर दिया, माफी मांगो वरना मुकदमा करा दूंगी’

टीम भड़ास, आपकी वेबसाइट www.Bhadas4Media.com पर ‘नभाटा में नया फरमान- डेस्क नहीं करेगा किसी रिपोर्टर की कॉपी एडिट‘ नामक शीर्षक से 27 जून 2015 को एक आर्टिकल प्रकाशित किया गया है, जिसका लिंक है- https://bhadas4media.com/print/6225-nbt-farman इस आर्टिकल में मेरे नाम का इस्तेमाल कर मुझे बदनाम करने की कोशिश की गई है। बगैर मेरी इजाजत के, बगैर मेरा कथन/पक्ष जाने मेरे नाम का इस्तेमाल यहां क्यों किया गया? आपने यहां बिना सच जाने मुझे ‘आरोपी’ करार दे दिया। किसी आपराधिक मामले से जुड़ी खबर को बनाते हुए भी प्राथमिकी में दर्ज तथ्यों के आधार पर खबर लिखी जाती है।

महाराष्ट्र में भी स्पेशल लेबर अफसर नियुक्त, दिव्य मराठी को नोटिस

खबर है कि मजीठिया वेजबोर्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद महाराष्ट्र में भी विशेष श्रम अधिकारियों की नियुक्ति हो गई है. ताजी जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र में नियुक्त हुए स्पेशल लेबर अफसर ने दैनिक भास्कर के मराठी अखबार दिव्य मराठी को नोटिस भेजकर मजीठिया वेज बोर्ड के अनुपालन को लेकर पूछताछ की है. उधर, कई पत्रकार संगठनों ने श्रम विभाग का दरवाजा खटखटा कर अखबार मालिकों की मनमानी के बारे में शिकायत की है.

अमर उजाला कानपुर से संजय त्रिपाठी का लखनऊ तबादला

अमर उजाला में जारी तबादलों के दौर के बीच खबर मिली है कि कानपुर में बतौर सीनियर रिपोर्टर कार्यरत संजय त्रिपाठी का तबादला अमर उजाला लखनऊ के लिए कर दिया गया है. संजय त्रिपाठी तेजतर्रार रिपोर्टर माने जाते हैं. उनके कामकाज और उनके परफारमेंस को देखते हुए प्रबंधन ने उन्हें प्रमोट करके लखनऊ भेज दिया है.

किसे कहें मुसलमान ?

परसों जुमा के दिन कुवैत की एक मस्जिद में नमाज़ पढ़ते लोगों पर हमला हुआ.उसी दिन ट्यूनीशिया की मस्जिद में हमला और उसी दिन ही फ़्रांस में मज़हब के नाम पर खुनी खेल.मरने वाले भी मुस्लिम और मारने वाले भी.किसे कहा जाये मुसलमान।मरने वालों को या मारने वालों को.चौदह सौ बरस पहले भी ऐसा ही हुआ था.जब करबला में मैदान में एक तरफ हज़रत मुहम्मद साहेब के नवासे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम अपने चन्द साथियों के साथ थे और दूसरी तरह उनके सामने यज़ीद के वो हज़ारों लोग थे जो अपने आपको मुसलमान कहते थे लेकिन इस्लाम को मानने में उनकी दिलचस्पी नहीं थी.वही मंज़र आज भी मौजूद है.एक तरफ इस्लाम के मानने वाले मुस्लिम हैं और दूसरी तरफ इस्लाम के नाम पर हाहाकार मचाने वाले।

हिमाचल में मजीठिया छानबीन के नाम पर श्रम विभाग की खानापूरी

धर्मशाला : मजीठिया वेतनमान मामले पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के मद्देनजर हिमाचल प्रदेश में भी श्रम विभाग सक्रिय हो गया है। अखबारों के कार्यालयों में मजीठिया मामले को लेकर छानबीन शुरू हो गई है। दैनिक जागरण धर्मशाला की बनोई स्थित यूनिट में छानबीन के दौरान लेबर इंस्पेक्टर को कर्मचारियों ने घेर लिया। 

प्रेमी मुस्लिम, प्रेमिका हिंदू, दोनों घर से भागे, अब मौत का खौफ (देखें वीडियो)

बिहार से भागकर यूपी के बलिया जिले आए एक प्रेमी युगल को अब मौत का खौफ सता रहा है. प्रेमी मुस्लिम है तो प्रेमिका हिंदू. इनके घर वाले शादी के लिए राजी नहीं. दोनों ने चुपचाप विवाह किया और घर से भाग निकले. इन दोनों का कहना है कि उनके परिवार वाले उन्हें जान से मार देना चाहते हैं.

कानपुर में चार पत्रकारों पर हमला, कार से धक्का मारकर जान लेने की कोशिश

कानपुर : महानगर के स्टॉक एक्सचेंज चौराहे पर गत दिनो ‘हिंदुस्तान; में कार्यरत हैदर नकवी, फोटो जर्नलिस्ट मनोज यादव समेत चार पत्रकारों पर कुछ लोगों ने हमला कर जान लेने की कोशिश की। उनके साथ जमकर मारपीट करने के साथ ही उनके ऊपर गाड़ी चढ़ाने का दुष्प्रयास किया गया। 

मुंबई की महिला पत्रकारों ने बनाया ‘वूमेन्स जर्नलिस्ट एसोसिएशन’

मुंबई से खबर है कि यहां की कुछ महिला पत्रकारों ने अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए ‘वूमेन्स जर्नलिस्ट एसोसिएशन’ की स्थापना की है. संस्था का सचिव पूनम अपराज को बनाया गया. दोपहर का सामना अखबार की पत्रकार मनीषा गुरव को संस्था अध्यक्ष चुना गया है. बीते 26 जून को संस्था का पंजीकरण करा लिया गया. संस्था की मुख्य कार्यकारिणी समिति में भाग्यश्री फोड़कर, ऋजुता लुकतुके, ममता पड़िया, प्रतिमा जायसवाल, सरिता शुक्ला को शामिल किया गया है.

उद्यमी किरण मजूमदार शॉ ने एनडीटीवी पर गुस्सा ट्विट किया

महिला उद्यमी किरण मजमूदार शॉ ने एनडीटीवी के खिलाफ ट्विटर पर अपने गुस्से का इजहार किया है। उन्होंने ट्विटर पर एनडीटीवी को टैग करते हुए लिखा है- ‘Most disappointed that @ndtv with all its rhetoric on responsible reporting stoops so low as to use a morphed pic of me n Vasundaraji Shame.’

कानपुर प्रेस क्लब पोलखोल (4) : खुलासों से बौखलाए स्वयंभू पत्रकार नेता, दे रहे धमकियां और गालियां

प्रेस क्लब पर फ़र्ज़ी स्वयंभू पत्रकार नेताओं ने कब्ज़ा किया लेकिन उसके 6 महीने बाद ही अचानक सभी पत्रकारों को एक मेल से सूचना मिली कि श्याम नगर में नया प्रेस क्लब रजिस्टर्ड हो गया है जिसके अध्यक्ष कृष्ण कुमार गौड़, उपाध्यक्ष मयंक शुक्ला, और महामंत्री आलोक कुमार है। पत्रकारों में भ्रम फ़ैल गया कि शहर में दो कानपुर प्रेस क्लब कैसे बन गए? 

हिंदुस्तान गोरखपुर से दिनेश पाठक हटे, सुनील द्विवेदी नए आरई, आशीष त्रिपाठी जाएंगे देखेंगे इलाहाबाद

हिंदुस्तान अखबार के गोरखपुर एडिशन से खबर है कि स्थानीय संपादक दिनेश पाठक कार्यमुक्त हो गए हैं. चर्चा है कि पाठक पर कुछ आरोप थे जिसके कारण उन्हें संस्थान से हटना पड़ा. उनकी जगह पर सुनील द्विवेदी को नया आरई बनाया गया है. सुनील इलाहाबाद में हुआ करते थे. इलाहाबाद में अखबार का कामकाज आशीष …

मनोज तिवारी ने सहारा से इस्तीफा दिया, हिंदुस्तान दिल्ली में आरई बने

राष्ट्रीय सहारा अखबार के कानपुर एडिशन में बतौर रेजीडेंट एडिटर कार्य कर रहे मनोज तिवारी के बारे में सूचना आ रही है कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है. मनोज ने नई पारी की शुरुआत दैनिक हिंदुस्तान अखबार के साथ की है. बताया जा रहा है कि उन्हें दिल्ली में कोआर्डिनेटिंग रेजीडेंट एडिटर बनाया गया है. …

मथुरा में पत्रकार को लोहे की रॉड से पीट पीटकर अधमरा किया

मथुरा की आनंद पुरी कॉलोनी (कृष्णा नगर) में सड़क के किनारे गंदगी फेंकने का विरोध करने पर शनिवार शाम कुछ लोगों ने पत्रकार अरुण चतुर्वेदी पर हमला कर दिया। वह गंभीर रूप से घायल हो गए। 

बिहार के पत्रकार कुमार अविनाश का असामायिक निधन

डी डी न्यूज़ नई दिल्ली प्रोग्राम से जुड़े बिहार के पत्रकार कुमार अविनाश का असामायिक निधन हो गया है। 26 को इनके बड़े भाई कुमार आलोक जो वरीय संवाददाता हैं, डी डी न्यूज़ में पटना से टूर समाप्त कर दिल्ली वापस गए थे। अविनाश से मैं मिला नहीं हूँ, लेकिन 19 जून की रात में …

सोशल मीडिया पर भारी पड़ेगी जाति-धर्म पर गलत टिप्पणी, रासुका लगेगा

लखनऊ : सोशल मीडिया पर धर्म, सम्प्रदाय व जाति विशेष पर भड़काऊ कमेंट करने वालों पर रासुका के तहत कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं आपत्तिजनक पोस्ट पर कमेंट, लाइक व शेयर करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी। 

पीएम साहब, टी वी चैनलों पर बैठा आपका ‘चतुर गैंग’ काम न आएगा

सार्वजनिक जीवन में आप सवालों से मुँह चुराकर भाग नहीं सकते । सवाल अपने लिये माध्यम खोज लेते हैं अपने प्रियतम तक पहुँचने का , उसकी नींद चैन उड़ाने का ! फ़िलहाल हमारे प्रधानमंत्री जी यह सोच रहे हैं कि वे मीडिया की जद से बाहर रहकर इन सवालों को समय की गाद के नीचे दबाने में कामयाब हो जायेंगे जिन्होंने देश के आसमान में डेरा डाल दिया है ! ..और आप सोच रहे होंगे कि टी वी चैनलों पर बैठा आपका “चतुर गैंग” आदमी के मल से बैठक में लेप लगायेगा और परफ़्यूम छिड़क कर बदबू रोक लेगा ? पी एम साहेब ऐसा हो नहीं पाता !

मुआवजा मिल गया न, तो अब जंग छेड़ो दोस्‍तों, ताकि जगेन्‍द्र की चिता को न्‍याय मिले

कुछ मित्रों को लगता है कि जागेन्‍द्र के परिवारों को 30 लाख रूपये, दो बच्‍चों को सरकारी नौकरी और उसके घर की दूसरे से कब्‍जायी पांच एकड़ जमीन को छ़ुडवाने के सरकारी फैसले के बाद उनका परिवार संतुष्‍ट है और सरकार भी हल्‍की हो गयी है। ऐसे लोगों को लगता है कि यह तो धोखाबाजी हो गयी। जागेन्‍द्र के लिए जंग लड़ी हम सब लोगों ने और मलायी काट लिया उसके घरवालों ने, सरकार ने और सरकारी दलाल पत्रकारों ने। उन्‍हें लगता है कि अब यह सारा मामला ठण्‍डा हो चुका है और इस देश में अब इसके बाद कुछ भी नहीं हो सकता है। क्‍योंकि लोगों ने एक-दूसरे को खरीद-बेच लिया है।

आकाशवाणी इलाहाबाद के पदाधिकारियों तुम्हें श्रोताओं के हितों का ध्यान नहीं, डूब मरो

बेहद घटिया नीति और नीयत का परिचय देता हुआ आकाशवाणी इलाहाबाद। ‘विविधभारती-सेवा’ के अन्तर्गत जितने भी कार्यक्रम इलाहाबाद से प्रसारित किये जाते हैं, उन सभी में कार्यक्रमों को जारी रखते हुए विज्ञापनों का प्रसारण किया जाता है | इससे यहाँ के ‘मरे हुए लोग’ (आवाज़ नहीं उठा सकते |) न तो कोई पूरा गीत सुन पाते हैं और न आवश्यक जानकारी प्राप्त कर पाते हैं |

शशि शेखर का शब्द-ज्ञान : लेख का शीर्षक ‘जागृत जनों का जनतंत्र’, ‘जागृत’ कोई शब्द नहीं, ‘जन’ बहुबचन, ‘जनो’ अशुद्ध

यह लेख आज 28 जून , 2015 ‘हिन्दुस्तान’ समाचारपत्र के समस्त संस्करणों में पृष्ठ-संख्या छह पर शीर्षक के रूप में प्रकाशित है, जो पूर्णतः अशुद्ध है | इसे विधिवत जानते हुए भी इस सन्दर्भ में मैंने अपने परम शुभेच्छु, विचक्षण श्रद्धेय पण्डित रमेश प्रसाद शुक्ल जी से परामर्श किया था क्योंकि आज मैंने देश के एक विश्रुत समाचारपत्र के ‘प्रधान सम्पादक’ श्री शशि शेखर के भाषा-ज्ञान पर साधिकार अँगुली उठायी है, जो ‘हिन्दुस्तान’ समाचारपत्र के सारे संस्करणों के शीर्षस्थ पत्रकार हैं। शुद्ध शीर्षक होगा- ‘जाग्रत जन का जनतन्त्र’ । 

स्टिंग के नाम पर फिरौती में नया खुलासा, जिस शख्स को पहरेदार समझा, वह तो लुटेरा निकला !

पदमपति शर्मा : समझ में नहीं आ रहा कि कोई किस कदर नीचे गिर सकता है ! आपने पढ़ा होगा कि मीडिया में स्टिंग के नाम पर किस कदर एक्सटार्शन यानी फिरौती वसूली जा रही है डंके की चोट पर. एक ऐसी मेल की कापी हाथ लगी है जो आपको हिला देने के लिए काफी है. आपने पिछले दिनो पढ़ा होगा कि ‘आपरेशन जोंक’ के नाम पर किस कदर धतकरम किए गए. चलिए बताते हैं कि कैसे जिस शख्स को पहरेदार समझ कर अपना दुखड़ा एक नामी रेडियोलाजिस्ट ने रोया और गुहार की कि स्टिंग के नाम पर उसको ब्लैकमेल करने वाले का वह पर्दाफाश करे दरअसल वही फिरौती का मास्टर माइंड यानी लुटेरा निकला और उसी ने सारा जाल बट्टा फैला रखा था. 

पत्रकार संदीप कोठारी हत्याकांड में एक अखबार मालिक भी आरोपी

पत्रकार संदीप कोठारी हत्याकांड में अब तक केवल माइनिंग माफिया और उसके गुर्गों का हाथ माना जा रहा था लेकिन गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों में से एक आरोपी नागपुर से प्रकाशित अखबार एवं नोएडा से संचालित न्यूज एजेंसी का मालिक भी है। इत्तेफाक देखिए कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे संदीप कोठारी की हत्या में जिस अखबार मालिक को अरेस्ट किया गया, उसके अखबार का नाम ‘भ्रष्टाचार का सामना’ है। यह मूलत: बालाघाट का ही रहने वाला है।

नरेंद्र मोदी के मीडिया प्रबंधन पर उठने लगे सवाल

क्या से क्या हो गया इतने थोड़े से समय में। ऐसा लगा पिछले हफ्ते के आखिरी घंटों में जैसे ब्रह्मांड के सारे देवी देवताओं ने मिल कर निर्णय किया हो कि उस व्यक्ति से अपनी छत्र-छाया वापिस लाने का वक्त है जिस पर कल तक वे खास मेहरबान थे। ऐसा जब हुआ तो मोदी सरकार ने गलतियां इतनीं कीं कि मीडिया पागल सा हो गया और कांग्रेस पार्टी को अहसास हुआ कि लोकसभा में कम सीटों के बावजूद कितनी शक्ति होती है विपक्ष में।

वरिष्ठ पत्रकार रियाज अहमद का इंतकाल

कई चैनलों और अखबारों में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत रहे पत्रकार रियाज अहमद का इंतकाल होने की सूचना है. उनके परिजनों की तरफ से उनके ह्वाट्सएप फ्रेंड्स और मेल लिस्ट के लोगों को इस बारे में भेजी गई जानकारी इस प्रकार है….

डेक्कन क्रॉनिकल, सेंचुरी कम्यूनिकेशन, महुआ मीडिया बिकाउ है पर कोई खरीदार नहीं मिल रहा…

पहले से ही लोन वापस न होने के कारण बोझ तले दबे देश के विभिन्न बैंकों के सामने एक नई मुसीबत आ गई है। बैंकों ने तमाम प्रक्रियाओं को पार कर कुछ बकाएदारों की संपत्ति तो जब्त कर ली है, लेकिन अब उनके खरीदार नहीं मिल रहे हैं। इंडियनएक्सप्रेस.कॉम में छपी खबर के मुताबिक, बैंकों ने इन संपत्तियों की नीलामी की कई बार कोशिशें कीं, लेकिन उन्हें कामयाबी हाथ नहीं लगी। इसकी कई वजहें हैं, जिनमें लोगों की कम खरीद क्षमता, कानूनी पचड़े और अन्य समस्याएं शामिल हैं। जमीन अधिग्रहण से संबंधित समस्याएं तो और भी ज्यादा हैं।

‘आज’ अखबार का मालिक शार्दूल विक्रम गुप्त बोला- ”मैं चाहूं तो किसी रिक्शे वाले को भी संपादक बना सकता हूं”

वाराणसी। ‘आज’ अखबार से आर. राजीवन निकाल दिए गए। वरिष्ठ पत्रकार। सुनिए इनकी दास्तान। ये कहते हैं- फर्जी मुकदमा या हत्या शायद यही मेरे पत्रकारिता कर्म की संचित पूंजी हो, जो शायद आने वाले दिनों में मुझे उपहार स्वरूप मिले तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा. यकीन मानिए पूरे होशो-हवास में सच कह रहा हूं। हिन्दी का सबसे पुराना अखबार जो 5 साल बाद अपना शताब्दी वर्ष मनाने जा रहा है, उसी ‘आज’ अखबार में मैने 25 साल तक सेवा की, लिखता-पढ़ता रहा। निष्ठा-ईमानदारी के साथ अपने काम को अंजाम देता रहा। लेकिन एक दिन अचानक मुझे बिना किसी कारण-बिना किसी नोटिस के बाहर का रास्ता दिखा दिया।

‘आज’ अखबार से निकाले गए वरिष्ठ पत्रकार आर. राजीवन ने जब अपनी दास्तान सुनाई तो मीडिया के अंदर की हालत पर रोना आया…        फोटो : भाष्कर गुहा नियोगी

ये है हरियाणा पुलिस! वरिष्ठ पत्रकार को बिना जांच बिना नोटिस सीधे गिरफ्तार कर लिया

माननीय मुख्यमंत्री
हरियाणा

विषय- करनाल पुलिस द्वारा एकतरफ़ा कार्यवाही करने के खिलाफ…

निवेदन यह है कि 18-04-2015 को एक दवा विक्रेता ने अपनी ई-मेल आईडी ​​हैक करने का मामला सिविल लाइन थाना करनाल में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज करवाया था। इसमें पुलिस ने 40 दिन के अंतराल तक मुझे न तो जाँच में शामिल किया गया और न ही कोई पूछताछ की गयी। पुलिस ने सीधा एकतरफ़ा कार्यवाही करके 28 -05 -2015 को मुझे गिरफ्तार कर लिया जबकि पिछले 30 सालो के लम्बे कार्यकाल में मेरे खिलाफ आज तक पुलिस में मामला तो दूर की बात, कोई शिकायत भी दर्ज नहीं है।

खुले कोर्ट की कार्यवाही का प्रकाशन मीडिया का मौलिक अधिकार

ग्वालियर। पीएमटी मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के न्यायाधीश सतीषचन्द्र शर्मा ने फर्जीवाड़े के आरोपी राहुल यादव द्वारा कोर्ट में चलने वाली कार्यवाही के अखबारों में प्रकाशन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और कहा कि खबरों का प्रकाशन करना समाचार पत्रों का मौलिक अधिकार है, इस पर रोक उचित नही हैं। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 द्वारा भारत के प्रत्येक नागरिक को वाक और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मौलिक अधिकार के रूप में प्रदान की गई है, जिससे समाचार पत्रों के जरिये भी लोग अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं।

के. विक्रम राव, हेमन्‍त तिवारी और सिद्धार्थ कलहंस जैसों को दूर रखना अन्यथा पूरा मिशन तबाह कर देंगे

Kumar Sauvir : अखिलेश जी। मुझे अपनी मौत का मुआवजा एक कराेड़ से कम मंजूर नहीं… अपने मुआवजा सेटलमेंट के बंटवारे का पूरा प्‍लान तय कर लिया है मैंने…  पत्रकार-समिति के लोगों, 10-20 पेटी अलग ले लेना, पर मेरे हिसाब से नहीं… मैंने कर रखा है एक करोड़ मुआवजा के एक-एक पैसा का हिसाब प्‍लान… मेरी चमड़ी खिंचवाना व उसमें भूसा भरके मेरी प्रतिमा स्‍थापित कराना मित्रों… 

शामली में बजरंगदल के गुंड़ों द्वारा मुस्लिम युवक की पिटाई!

लखनऊ । रिहाई मचं ने जिला शामली में रियाज नाम के नौजवान को बजरंगदल के गुंडों द्वारा गोकशी के फर्जी आरोप में पुलिस की मौजूदगी में दो घंटे तक पूरे शहर में घुमा-घुमाकर बेल्ट, लात-घूंसों से पीटने को पूरे शहर को फिर से सांप्रदायिक हिंसा की आग में झोंकने की ताजा कोशिश बताया है। वहीं मुजफ्फरनगर में शहर कोतवाली बड़कली में गोविंद नाम के दलित युवक को पीटने, मुंह में पेशाब पिलाने और हाथों में कील ठोकने की घटना को सरकार की संरक्षण में सामंती उत्पीड़न बताया है।

श्रम निरीक्षक ने किया जागरण यूनिट का निरीक्षण, दुखी स्टाफ ने की मजीठिया न मिलने की शिकायत

धर्मशाला। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के चलते हिमाचल प्रदेश के श्रम विभाग ने प्रदेश में स्थापित समाचार पत्रों की यूनिटों में जाकर मजीठिया वेज बोर्ड लागू किए जाने को लेकर छानबीन शुरू कर दी है। हालांकि यह छानबीन महज औपचारिकता लग रही है, क्योंकि लेबर इंस्पेक्टर कर्मचारियों के बजाय अखबार प्रबंधन को सूचित करके अखबारों के कार्यालयों में छानबीन करने पहुंच रहे हैं। उधर, शनिवार की शाम जब लेबर इंस्पेक्टर दैनिक जागरण धर्मशाला की बनोई स्थित यूनिट में छानबीन करने पहुंचा तो इसकी सूचना फैक्ट्री स्टाफ को नहीं थी। जैसे ही फैक्ट्री स्टाफ को लेबर इंस्पेक्टर के आने की भनक लगी तो सभी कर्मचारी कार्यालय आ पहुंचे और इंस्पेक्टर को सच्चाई से अवगत कराया।

मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कराने के लिए त्रिपक्षीय बैठक जल्द : श्रम मंत्री

रांची : देश के श्रम मंत्री बंडारु दत्तात्रेय ने रांची में घोषणा की कि पत्रकारों एवं अन्य मीडिया कर्मियों के लिए मजीठिया वेतन आयोग की रिपोर्ट को पूरे देश में लागू कराया जायेगा. केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बंडारु दत्तात्रेय ने पूर्वी राज्यों के श्रम मंत्रियों, श्रम सचिवों एवं अधिकारियों के एक दिवसीय सम्मेलन के अवसर पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की. उन्होंने कहा कि मजीठिया वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के संबन्ध में उच्चतम न्यायालय का भी आदेश आ चुका है एवं अब तो उसे न लागू करने वाले संस्थानों के खिलाफ न्यायालय में अवमानना का वाद भी लंबित है.

पत्रकार रहे एमजे अकबर का भाजपा कोटे से जीतकर राज्यसभा जाना तय

झारखंड से राज्यसभा की एकमात्र सीट के लिए होने वाले उपचुनाव के लिए दो जुलाई को मतदान होगा. इसमें भाजपा के उम्मीदवार प्रसिद्ध पत्रकार एमजे अकबर का सीधा मुकाबला मुख्य विपक्षी झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी से होगा. चुनाव में एमजे अकबर की जीत तय है. झारखंड विधानसभा के सचिव और राज्यसभा चुनावों के लिए निर्वाचन अधिकारी सुशील सिंह ने जानकारी दी कि नामांकन वापसी के आखिरी दिन यानि गुरुवार को किसी भी उम्मीदवार ने अपना नाम वापस नहीं लिया है.

अपने सम्मान समारोह में बोले कुमार सौवीर- ”पत्रकारिता को चाटुकारिता न बनाया जाए”

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर का जौनपुर में सम्मान करते स्थानीय पत्रकार.


: इरादा मजबूत हो तो पत्रकार को कोई भी डिगा नहीं सकता- कुमार सौवीर : लखनऊ से आये वरिष्ठ पत्रकार का जनपद के साथियों ने किया स्वागत : जौनपुर। पत्रकार के कलम की धार तेज हो और उसका इरादा मजबूत हो तो उसे कोई भी डिगा नहीं सकता है। पत्रकारिता को चाटुकारिता न बनाया जाय, क्योंकि इसी के चलते पत्रकार जगत में निरन्तर गिरावट आ रही है।

sexual harassment of a female PhD. scholar in DU by a Prof. of St. Stephens college

New Delhi : Disha Student organisation organized a protest demonstration at Arts Faculty, University of Delhi, North campus to protest against the sexual harassment of a female PhD. scholar by her guide, a Prof. in St.Stephens College. The matter of sexual harassment came forward after the victim lodged an F.I.R against the teacher. The Scholar had reported the incident with the college authorities but she added that when she took the matter up with the internal affairs committee of the college, the principal tried to persuade her to drop the charges.

अगर इस नए चैनल से जुड़ना चाहते हैं तो ये-ये काम करने होंगे (सुनें टेप)

: सेलरी नहीं देंगे, सेक्युरिटी मनी लेंगे, जहां का स्ट्रिंगर बनोगे वहां खुद आन एयर कराओगे चैनल :  एमपी-सीजी यानि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से एक नया न्यूज चैनल आ रहा है, IND-24 नाम से. पी7 ग्रुप का एमपीसीजी चैनल बंद होने के बाद काफी सारे स्ट्रिंगर सड़क पर आ गए थे. मैंने अपने एक साथी को IND-24 के बारे में जानकारी दी और नौकरी के लिए बात करने को कहा. कुछ समय बाद उस स्ट्रिंगर का फोन मेरे पास आया और उसने मुझे बताया कि वहां सिक्युरिटी मनी की आड़ में काफी पैसे की मांग की जा रही है.

सुदर्शन न्यूज में काम कर रही एक लड़की ने पूरे ऑफिस के सामने महेश का भांडा फोड़ दिया (सुनें टेप)

आज मैं सुदर्शन न्यूज की एक खबर से आपको रुबरु करवाना चाहता हूं… वैसे तो खुद को राष्ट्रवादी बोलने वाले सुदर्शन न्यूज चैनल में आए दिन कुछ न कुछ घटिया-सा किस्सा होता ही रहता है.. पर अभी आपको जल्दी का ही एक किस्सा सुनाता हूं… कुछ दिन पहले सुदर्शन न्यूज से कई कर्मचारियों को निकाला गया और कई नए लोगो की नियुक्तियां भी की गईं… यह सब किया जा रहा था आउटपुट हेड महेश चतुर्वेदी के कहने पर..

पत्रकार जगेंद्र सिंह और संदीप कोठारी की हत्याओं के मुद्दे पर महाराष्ट्र के पत्रकार गवर्नर से मिले

यूपी के पत्रकार जगेंद्र सिंह की निर्मम हत्त्या, मध्य प्रदेश के पत्रकार संदीप कोठारी को जला देना और महाराष्ट्र में पत्रकारों के उपर बढते हमले को लेकर महाराष्ट्र पत्रकार हमला विरोधी कृती समिती के एक प्रतिनिधिमंडल ने गवर्नर के. विद्यासागर राव से मुलाकात करके महाराष्ट्र में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की. गवर्नर राव को सौंपे आवेदन में बताया गया है कि महाराष्ट्र में पिछले दस साल में 800 से ज्यादा पत्रकार पीटे गये.

‘जानेमन जेल’ पढ़ते हुए ऐसा लगता है जैसे यशवंत जी सामने बैठ कर अपनी कहानी सुना रहे हों…

Prabudha Saurabh : यशवंत जी की किताब ‘जानेमन जेल’ पढ़ना बिलकुल नया अनुभव रहा। ‘जेल’ और ‘जानेमन’ शब्द का एक साथ होना ही इस किताब के प्रति आकर्षण पैदा करने के लिए काफ़ी था, दूसरा आकर्षण यशवंत। यह किताब मोटे तौर पर (हालांकि है बड़ी पतली सी) यशवंत जी की दो-तीन महीने की आपबीती (या यों कहें कि जेलबीती) है। निजी रूप में जितना मैं यशवंत जी को जानता हूँ, यह समझना तो मुश्किल है, कि वो क्रांतिकारी ज़्यादा हैं या पत्रकार लेकिन इतना ज़रूर है कि वो एक अनूठा फॉर्मूला हैं।

साहस दिखाने के कारण मुझे किसी भी मीडिया समूह ने जॉब नहीं दी : कुलदीप नैय्यर

Rudra Pratap Dubey : डीडी न्यूज़ पर अभी एंकर अशोक श्रीवास्तव कुलदीप नैयर से इमरजेंसी पर हो रही चर्चा में कहते हैं की- ”नैयर जी, आप इमरजेंसी की खिलाफत करने वाले कुछ बड़े नामों में से एक थे. आप जेल भी गए और आन्दोलन का हिस्सा भी रहे. लेकिन आपके जैसे और पत्रकारों ने इतना साहस क्यूँ नहीं दिखाया?”

सत्ता की ताकत तले ढहते संस्थान : हर संस्थान के बोर्ड में संघ के पंसदीदा की नियुक्ती होने लगी….

याद कीजिये तो एक वक्त सीबीआई, सीवीसी और सीएजी सरीखे संवैधानिक संस्थानों की साख को लेकर आवाज उठी थी। वह दौर मनमोहन सिंह का था और आवाज उठाने वाले बीजेपी के वही नेता थे जो आज सत्ता में हैं। और अब प्रधानमंत्री मोदी की सत्ता के आगे नतमस्तक होते तमाम संस्थानों की साख को लेकर कांग्रेस समेत समूचा विपक्ष ही सवाल उठा रहा है। तो क्या आपातकाल के चालीस बरस बाद संस्थानों के ढहने और राजनीतिक सत्ता की आकूत ताकत के आगे लोकतंत्र की परिभाषा भी बदल रही है। यानी आपातकाल के चालीस बरस बाद यह सवाल बड़ा होने लगा है कि देश में राजनीतिक सत्ता की अकूत ताकत के आगे क्यों कोई संस्था काम कर नहीं सकती या फिर राजनीतिक सत्ता में लोकतंत्र के हर पाये को मान लिया जा रहा है। क्योंकि इसी दौर में भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को लेकर संसद की स्टैंन्डिग कमेटी बेमानी साबित की जानी लगी। राज्य सभा की जरुरत को लेकर सवाल उठने लगे। और ऊपरी सदन को सरकार के कामकाज में बाधा माना जाने लगा।

डीजेए ने की ‘पत्रकार सुरक्षा अधिनियम’ की मांग, जंतर-मंतर पर दिया धरना

: पत्रकारों पर हमलों का किया विरोध : केंद्रीय गृहमंत्री को सौंपा ज्ञापन : नई दिल्ली : दिल्ली पत्रकार संघ (डीजेए) ने केंद्र सरकार से पत्रकार सुरक्षा अधिनियम बनाने की मांग की है। देश भर में पत्रकारों पर हो रहे जानलेवा हमलों के खिलाफ बृहस्पतिवार को जंतर मंतर पर डीजेए की अगुवाई में आयोजित धरने में इस तरह की घटनाओं की कड़ी निंदा की गई । वक्ताओं ने एकजुटता के साथ कहा कि देश के किसी भी हिस्से में पत्रकार पर हुआ हमला लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को कुचलने की मंशा से किया जाता है जिसे सहन नहीं किया जाएगा। धरने के उपरांत डीजेए के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह को अपनी मांगो के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा।

Praful Bidwai funeral : No representation from the BJP and the Congress…

Vinod Sharma : Praful Bidwai was no ordinary voice in our media. But at his funeral this morning, there was no representation from the BJP and the Congress. Prakash and Brinda Karat of the CPM, Raja of the CPI and Arvind Kejriwal and Manish Sisodia of AAP turned up to pay tributes. Are the BJP and the Congress oblivious or plain intolerant of public intellectuals such as Bidwai? Can plurality be retained in policy making without balancing the talking space between ‘economic growth fanatics’ and those fighting for environmental protection and against the dangers of nuclear technology in the defence and power sectors?

पत्रकार विनोद शर्मा के फेसबुक वॉल से.

चैनल मालिक अरूप चटर्जी की संपत्ति की कुर्की जब्ती के आदेश लेकिन झारखंड सरकार संरक्षण देने में जुटी

Gunjan Sinha : स्थिति मजेदार है भाई, झारखण्ड के एक नामी गिरामी चैनल के चर्चित मालिक के खिलाफ कुर्की जब्ती का हुकुम हुआ है और रांची के मेरे कई पत्रकार मित्र कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दे पा रहे हैं! बड़ा धर्मसंकट है! लाइक तो कीजिये मित्रो। या यही लिखिए कि कुर्की जब्ती नहीं होनी चाहिए, कि वो भगोड़ा नहीं है, पूजा अर्चना में लगा हुआ है। असल में अदालत ने गैर जमानती आरोपी अरूप चटर्जी की संपत्ति की कुर्की जब्ती के आदेश जारी किये।

नकली दूध बनाने वाले माफियाओं ने किया पत्रकार पर हमला

मेवात :  मेवात जिले में नकली दूध बनाने के चल रहे गोरख धंधे के खिलाफ खबर छापना मेवात के एक पत्रकार को भारी पड़ गया। तीन दिन पहले इस पत्रकार को पहले फोन पर खबर छापने पर हाथ-पैर तोड़ने और जान से मारने की धमकी दी। लेकिन पत्रकार ने इसे गंभीरता न लेकर आम रूटीन की धमकी मान कर पुलिस में शिकायत नहीं की। यही गलती पत्रकार को भारी पड़ गई।  खबर छपने से बोखलाए नकली दूध बनाने वाले माफिया बुधवार को एक बोलेरो कार में आए और पिनगवां में पुलिस चौकी से मात्र 100 मीटर की दूरी पर चाय पी रहे इस पत्रकार आस मोहम्मद को सरियों, लाठी डंडों से जमकर पीटा और उसका अपहरण करने का प्रयास कर उसे बोलेरो कार तक ले गये लेकिन होटल पर मौजूद लोगो ने पत्रकार को छुड़ा लिया।

नभाटा में नया फरमान- डेस्क नहीं करेगा किसी रिपोर्टर की कॉपी एडिट

मुंबई नवभारत टाइम्स ने हाल ही में रिपोर्टर्स और स्ट्रिंगर्स के खिलाफ एक नया फरमान जारी किया हैं. फरमान के मुताबिक नवभारत टाइम्स के रिपोर्टर्स और स्ट्रिंगर्स को अपनी न्यूज़ कॉपी २०० परसेंट अच्छी बनाकर देनी पड़ेगी, ताकि डेस्क को कोई भी काम न करना पड़े. एनबीटी एडिटर सुंदरचंद्र ठाकुर और एसोसिएट एडिटर सतीश मिश्रा द्वारा जारी किये गए इस फरमान के बाद फ़िलहाल एनबीटी मुंबई के ऑफिस में खलबली मच गयी है.

पत्रकार को जेल भेजे जाने के विरोध में मुजफ्फरपुर बंद

बिहार के मुजफ्फरपुर में पत्रकार रंजन कुमार को एसएसपी के दबाव में जेल भेजे जाने के विरोध में पत्रकार संगठनों के बुलाए गए बंद का काफी असर देखा गया. विभिन्न राजनीतिक और समाजिक संगठनों से जुड़े लोगों के बंद को समर्थन देने की वजह से शहर के प्रमुख बाजारों में दुकानें बंद रही. बंद समर्थकों ने सरैय्यागंज टॉवर को दो घंटे तक बाधित कर एसएसपी रंजीत कुमार मिश्रा की बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं.

फिलीपींस में सीएनएन के कैमरा पत्रकार की हत्या, सऊदी अरब में पाकिस्तानी पत्रकार गिरफ्तार

फिलीपींस के कविते प्राँत के एमुस शहर में सीएनएन टीवी नेटवर्क के कैमरा पत्रकार 29 वर्षीय जोनातान ऑलदान की गोली मार कर हत्या कर दी गयी है। सीएनएन फिलीपींस ने माँग की है कि अपराधी को गिरफ़्तार किया जाये, हत्या के कारणों की तहकीक़ात हो। जोनाथान ऑलदान की हत्या के बाद ‘द नैशनल प्रेस क्लब ऑफ़ द फिलीपींस’ ने हत्या की कड़ी निन्दा की है और पत्रकारों के प्रति सरकारी रवैये की आलोचना की है।

‘हिन्दुस्तान’ हल्द्वानी यूनिट : नई नियुक्तियों में पुराने ‘हिंदुस्तानियों’ को रखा गया हाशिये पर

हिंदुस्तान अखबार को हल्द्वानी से लांच करने का काम शुरू हो गया है। सितम्बर-अक्टूबर में हल्द्वानी यूनिट से हिंदुस्तान अखबार के प्रकाशन का काम भी शुरू हो जायेगा। तैयारी के तहत हिन्दुस्तान अखबार ने हल्द्वानी में कुछ नियुक्तियां की हैं। लेकिन इन नियुक्तियों में संपादक के खास आदमियों को तवज्जो दी जा रही है। हिन्दुस्तान अखबार कुमाऊ एडिशन में छः से आठ साल से कार्य कर रहें लोगों को हाशिये पर रखा जा रहा है।

असिस्टेंट प्रोफेसर (प्रिंट मीडिया) के चयन में बेईमानी की आशंका

राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, नई दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर (प्रिंट मीडिया) के चयन में बेईमानी की आशंका बढने लगी है। परिणाम अभी घोषित नहीं हुआ है पर यहां के निदेशक प्रो. जयंत दास ने अपने चहेते विभागीय उम्मीवार को पहले तो साक्षात्कार के लिए अर्ह अभ्यर्थियों की सूची में प्रथम स्थान पर जगह दी और साक्षात्कार में सिलेक्शन कमेटी पर दबाव डालकर उसी को चयनित भी करा लिया है।

कन्नौज में दैनिक जागरण के पत्रकार को चौकी इंचार्ज ने पीटा

उत्तर प्रदेश में बंद नहीं हो रहा पत्रकारों पर अत्याचार. खबर है कि जनपद कन्नौज के कस्बा सौरिख में दैनिक जागरण के पत्रकार राहुल राजपूत को चपुन्ना चौकी इंचार्ज ने पीट दिया. इस घटना पर पत्रकारों ने नाराजगी जताई है. पत्रकारों का कहना है कि यदि जुल्म बंद नहीं हुआ तो वे अखिलेश सरकार की …

उस मीटिंग में संपादक प्रभात ने पत्रकार धीरज को जातिवाद के नाम पर बेहद जलील किया था

कोई दिन था जब तारीख एक थी. यही वह तारीख है जब अमर उजाला गोरखपुर के संपादक सभी ब्यूरो और डेस्क की मीटिंग लेते हैं. दरअसल, प्रभात स्वयंभू विद्वान हैं. ग्रामीण हिंदी पत्रकारिता में अंग्रेजी बोल लेने वाले शख्स हैं. लेकिन हैं बेहद बदतमीज. मैं भी हूं लेकिन जब तक अगला ऐसा न हो. भोजपुरी में एक कहावत है ‘जिसका दिया न खाइए वह…’. तो उसी उबाऊ और बेहद अपमानजनक मीटिंग में तथाकथित इंटेलेक्चुअल प्रभात ने धीरज को जातिवाद के नाम पर बेहद जलील किया.  अब जब जलील किया तो बेहद क्या.

वेद रत्न शुक्ला

राष्ट्रपति बोले- मीडिया वाले पतन रोकने के लिए खुद लागू करें आचार संहिता

पुणे। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को मीडिया को खुद को सुधारने के लिए एक तंत्र बनाने पर जोर दिया ताकि इसके पतन को रोका जा सके। स्पष्ट रूप से राष्ट्रपति के मस्तिष्क में ‘पेड न्यूज’ का मुद्दा मंडरा रहा था। राष्ट्रपति ने कहा कि मीडिया का नियंत्रण और नियमन बाहरी स्रोत से नहीं आ सकता बल्कि यह इसी व्यवस्था से अंदर से आएगा। ऐसा खुद लागू किए गए आचार संहिता से होगा।

ललित मोदी के 5 और मददगारों में पत्रकार प्रभु चावला से लेकर जज यूसी बनर्जी और पुलिस कमिश्नर आरडी त्यागी तक

नई दिल्ली। ललित मोदी प्रकरण में नए खुलासे से सियासी माहौल एक बार फिर गर्मा गया है। एक न्यूज चैनल के अनुसार पूर्व जज, पत्रकार से लेकर पुलिस कमिश्नर तक ने ललित मोदी की सहायता की थी। न्यूज चैनल के अनुसार ललित मोदी की सहायता करने वालों में पूर्व जज यूसी बनर्जी, पत्रकार प्रभू चावला तथा पुलिस कमिश्नर आरडी त्यागी का नाम है। इससे पहले ललित मोदी ने बताया कि लंदन में उनकी मुलाकात प्रियंका व रॉबर्ट वाड्रा से हुई थी।

‘दृष्टांत’ पत्रिका ने छापी यूपी के एक महालूट की आंख खोलने वाली विस्तृत कहानी

-अनूप गुप्ता-


लखनऊ

अरबों की योजना में करोड़ों की दलाली! : लगभग एक दशक पूर्व कांग्रेस के कार्यकाल में केन्द्र सरकार ‘राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन’ यानि एन.आर.एच.एम. की आधारशिला रखती है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के उन निम्न तबके के लोगों की सेहत सुधारना था जो निजी अस्पतालों में मोटी रकम देकर अपना इलाज करवाने में असमर्थ हैं। मनमोहन सरकार के कार्यकाल में योजना के प्रचार-प्रसार के लिए करोड़ों रुपए भी सरकारी खजाने से खाली हो जाते हैं। योजना तैयार होने के बाद बकायदा देश के विभिन्न राज्यों को भारी-भरकम बजट भी आवंटित हो जाता है। उत्तर-प्रदेश भी उन्हीं राज्यों में से एक था। गुणवत्तापरक दवाओं की आपूर्ति और सरकारी अस्पतालों के अपग्रेडेशन के लिए टेण्डर आवंटित किए जाते हैं। सम्बन्धित विभाग को प्राप्त टेण्डरों पर विचार-विमर्श चल ही रहा था कि इसी बीच गाजियाबाद की एक दवा निर्माता कम्पनी सरजीक्वाइन का प्रतिनिधि गिरीश मलिक नामक व्यक्ति सामने आता है।

यशवंत पर जंगली सांपों के काटने का भला क्या असर होगा!

भड़ास के ‘मुखिया’ यशवंत सिंह को गांव में काले नाग ने डस लिया है। खबर लगने पर भड़ासियों के बदन में गरमी दौड़ गयी। जितने मुंह उतनी बातें। कुछ का मानना है, सांप अगर जहरीला हुआ, और इलाज में देरी हुई होगी, तो खतरा मरीज (यशवंत सिंह) की जान को हो जायेगा। कुछ इस सोच में जुटे हैं कि, कहां काला सांप और कहां भला इंसानी शख्शियत वाले यशवंत सिंह। भला दोनो का भी कोई जोड़ हो सकता है!

मिर्जापुर में पत्रकार का उत्पीड़न, दबंगई से जमीन कब्जाने का प्रयास

: जब मामला अदालत में तो राजस्व विभाग कैसे कर सकता है सही-गलत का फैसला : मिर्जापुर के थाना जिगना में एक पत्रकार के उत्पीड़न का मामला सामने आ रहा है. बता दें कि यहां के मनिकठा गांव में पेशे से पत्रकार अनुज शुक्ला की पैत्रिक कृषि जमीन (गाटा संख्या- 612) को समाजवादी पार्टी के नेताओं की शह पर दबंगों द्वारा अवैध निर्माण कर कब्जाने की कोशिश की जा रही है. जबकि इस जमीन के विवादित बिंदु को लेकर मिर्जापुर की जू.डी. कोर्ट में किसी तरह के निर्माण के खिलाफ स्टे ऑर्डर (मुक़दमा संख्या- 463/ 2013) पारित है.

आलोक भट्टाचार्य और उमेश द्विवेदी श्रद्धांजलि सभा : पत्रकार-साहित्यकार मर कर भी अपनी लेखनी की वजह से जिंद रहते हैं

मुंबई : सांताक्रुज पूर्व के नजमा हेपतुल्ला सभागार में मुंबई हिंदी पत्रकार संघ द्वारा दिवंगत पत्रकार साहित्यकार अलोक भट्टाचार्य और पत्रकार उमेश द्विवेदी की याद में श्रद्धांजलि सभा का कार्यक्रम रखा गया। श्रद्धांजलि सभा में शहर के जाने माने पत्रकारों और साहित्यकारों ने अपने दिनों दिवंगत साथियों को भावपूर्ण आदरांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार-साहित्यकार मर कर भी अपनी लेखनी की वजह से जिन्दा रहते हैं।

विजय त्रिपाठी बने कानपुर अमर उजाला के संपादक, हरिश्चंद्र का देहरादून तबादला

कानपुर अमर उजाला के संपादक हरिश्चंद्र सिंह का स्थानांतरण देहरादून हो गया है। उनके स्थान पर देहरादून अमर उजाला के संपादक विजय त्रिपाठी अब कानपुर यूनिट के संपादकीय प्रमुख होंगे। 

उपराष्ट्रपति करेंगे रामगोपाल यादव की पुस्तक का विमोचन

राज्यसभा सदस्य एवं समाजवादी पार्टी के महासचिव-प्रवक्ता प्रो. रामगोपाल यादव के भाषणों पर आधारित पुस्तक का विमोचन यादव के जन्मदिन 29 जून को इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी करेंगे।

अंधेरे से उजाले की ओर पाक्षिक पत्रिका ‘शुक्लपक्ष’

निशिकांत ठाकुर : ‘शुक्लपक्ष’ पाक्षिक  पत्रिका का स्वरूप पूरी तरह से राजनीतिक होगा, लेकिन अन्य विषयों को कतई नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। मसलन- खेल, मनोरंजन, यूथ, धर्म-अध्यात्म, साहित्य, ज्योतिष, आधी आबादी, साइंस-टेक्नोलाजी, करियर, विदेश, बालजगत, बिजनेस-कारोबार, क्राइम से जुड़े आलेख पत्रिका में अनिवार्य रूप से समाहित होंगे, ताकि इसे समाज के हर वर्ग के साथ हर आयु-वर्ग एवं हर लिंग की पत्रिका बनाया जा सके। पत्रिका में हम ज्वलंत समस्याओं, यानी घटनाओं को छुएंगे जरूर, लेकिन यह महज रिपोर्ट नहीं होगी, बल्कि वर्तमान के जरिये भविष्य को फोकस करने वाले विश्लेषणात्मक आलेख होंगे, जिनकी पुष्टि तथ्य, आंकड़े, आकलन व संबंधित लोगों से बातचीत करेंगे। 

अमर उजाला के संपादक तो धीरज को देखने तक नहीं गए, जगदंबिका पाल बने मुसीबत में मददगार

अमर उजाला के पत्रकार धीरज पांडेय तो इस दुनिया से चले गए लेकिन उनके जाने का दर्द बहुतो से बर्दाश्त नहीं हो रहा। सबसे दुखद रहा अमर उजाला के गोरखपुर संपादक प्रभात सिंह और न्यूज एडिटर मृगांक सिंह का अमानवीय रवैया। धीरज इतने दिन से अस्पताल में मृत्यु से जूझ रहे थे, ये दोनो शख्स उन्हें देखने तक नहीं पहुंचे। उनके इलाज पर घर वालों के लगभग तीन लाख रुपए खर्च हो गए। 

सांप की मति मारी गयी कि और कोई नहीं मिला, भड़ास को डंस लिया

वरिष्ठ पत्रकार पलाश विश्वास अपने फेसबुक वॉल पर लिखते हैं:   सांप की मति मारी गयी कि और कोई नहीं मिला, भड़ास को डंस लिया!उम्मीद है कि सारे सांपों के जहर के दांत उखाड़ने की उसकी मुहिम से डरकर सांपों से डर डर कर जीने वाली हमारी मीडिया बिरादरी कम से कम इस सर्पदंश के बाद डरना छोड़ देगी। यशवंत, भड़ास के ताजा फेसबुक स्टेटस से परेशान हूं। मीडिया के महाबदमाशों से निपटने के लिए यह अपना बदमाश सांप से अपना बचाव नहीं कर सका और डंसवा कर यूपी के पत्रकार जलाओ राज में अस्पताल में है। वैसे सांपों से हमारा वास्ता हर वक्त है। मीडिया में सांप ही सांप भरे पड़े हैं। यशवंत को भी डंसवाने की आदत होगी। उम्मीद है कि इस काटे का असर न होगा।

सांप के डंस लेने से गाजीपुर के अस्पताल में पड़े यशवंत सिंह

सपा विधायक की गाड़ी से कुचले गए पत्रकार धीरज पांडेय की मौत

कोमा में रहकर जीवन मौत से 20 दिन तक संघर्ष करने वाले पत्रकार धीरज पांडेय

अमर उजाला बस्ती के ब्यूरो प्रभारी धीरज पांडे की ईलाज के दौरान मौत. सपा के पूर्व विधायक लालजी यादव की सफारी ने मारी थी टक्कर. मेडिकल कॉलेज मे 20 दिन इलाज के बाद आज धीरज पांडे ने तोड़ा दम. प्रेस क्लब बस्ती और जनपद के पत्रकारो में शोक की लहर. धीरज पांडेय की मौत पर गोरखपुर से पत्रकार आनंद सिंह की रिपोर्ट…

Rs 200 cr ADVT Scam : Supreme court will hear Shobhana Bhartia’s SLP No.1603 on 14 July 2015

New Delhi, June 25. In the globally talked Rs.200 crore Dainik Hindustan Government Advertisement Scandal, the Supreme Court of India on June 24,2015, has notified  through its website  that it is likely that the Supreme Court of India (New Delhi) will list ”the Special Leave Petition(Criminal) No-1603 of 2013 for hearing on July 14, 2015 next.

यकीन नहीं होता अमर उजाला बस्ती के ब्यूरो चीफ धीरज पांडेय नहीं रहे..

आज जैसे ही पता चला धीरज पांडेय हमारे बीच नही रहे तबसे काफी व्यथित हूं। बार-बार धीरज से जुड़ी यादें मुझे विचलित कर रही हैं। धीरज से आखिरी मुलाकात चंद दिनों पहले दिल्ली में हुई थी, तब बड़े उत्साह से भविष्य की बातों पर चर्चा हुई।  यह फोटो दिल्ली के 13, तालकटोरा रोड की है जहां मैंने और धीरज ने महामहिम राष्ट्रपति जी के सांसद पुत्र अभिजीत मुखर्जी जी के साथ बैठकर कुछ वक्त गुजारा।

संदीप-जगेंद्र हत्याकांड : खनन माफिया के सरपरस्त आम इंसान नहीं

उत्तरप्रदेश के जगेंद्र सिंह और मध्यप्रदेश के संदीप कोठारी की हत्याओं में एक समानता है और वह है दोनों अपने—अपने राज्यों के खनन माफिया के खिलाफ खबरें लिख रहे थे। ये वो माफिया है जिसकी सरपरस्ती भारत के हर राज्य में पॉवरफुल मंत्रियों नेताओं के पास होती है। ये माफिया इतना बेखौफ है कि पत्रकार तो बहुत दूर की बात है अगर कोई पुलिस अधिकारी, तहसीलदार या अन्य कोई इनके क्षेत्र में कार्रवाई के लिये घुस जाये तो ये दिनदहाडे ट्रेक्टर, डंफर से उसे कुचलने में कोताही नहीं बरतते।

पत्रकारों के खिलाफ बेखौफ होते जा रहे वर्दी वाले गुंडे, फोटो जर्नलिस्ट को थाने लेजाकर पीटा

जगदलपुर : रायपुर से प्रकाशित एक हिंदी दैनिक के फोटो जर्नलिस्ट अमन दीप ओमी से सोमवार रात 11 बजे पुलिस ने मारपीट की तथा थाने में बैठा दिया। वह पुलिस द्वारा एक बुजुर्ग ड्राइवर की पिटाई करने के दौरान तस्वीर ले रहा था। रात में हाता मैदान के पास एक ट्रक व कार चालक के मध्य ओवर टेक करने को लेकर हुए विवाद के बाद बोधघाट व कोतवाली टाउन मोबाइल वहां पहुंची थी। पुलिसकर्मी बुजुर्ग ड्राइवर पर शराब पीने की बात कहते मारपीट कर रहे थे। इसी दौरान फोटो जर्नलिस्ट अमनदीप वहां पहुंचे और तस्वीरें ले रहे थे। इस दौरान वहां मौजूद एक उप निरीक्षक ने उनसे गाली-गलौज कर मारपीट की। इसके बाद उसे कोतवाली थाने में लाकर बिठा दिया गया। थाने के भीतर एक प्रधान आरक्षक ने उसे बेल्ट से मारा। वहां मौजूद एएसआई साहू ने धक्कामुक्की की। 

नशीला दूध पिलाकर रेप करने का आरोप लगाया महिला पत्रकार ने

हरिद्वार में एक महिला पत्रकार ने युवक पर नशीला पदार्थ पिलाकर उसका बलात्कार करने का आरोप लगाते हुए नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। दूसरी ओर युवक ने भी खुद को पीड़ित बताते हुए तहरीर दी है। दिल्ली की रहने वाली महिला पत्रकार साप्ताहिक अखबार निकालती हैं। उनका कहना है कि भूपतवाला की गंगाधाम धर्मशाला में वह ठहरती हैं। इसी दौरान उनकी पहचान प्रबंधक अमरनाथ के पुत्र चिराग शर्मा से हो गई।

जगेन्द्र प्रकरण : याचिकाकर्ता सतीश जैन और दिल्ली के पत्रकार विशेष ध्यान दें

मैं हमेशा कहता हूँ कि अच्छा, बुरा कुछ नहीं होता। अति ही बुराई है। सद्कर्म की भी अति हो जाये, तो परिणाम नकारात्मक ही आता है। आप आगे को भागिए और भागते रहिये, तो एक दिन लौट कर वहीं आ जायेंगे, जहां से चले थे, ऐसे ही पीछे को दौड़ने पर होगा। पीछे को दौड़ने वाला भी रुके न, तो वो भी एक दिन वहीं आ जायेगा, जहां से भागा था, इसीलिए बीच की अवस्था को शिखर कहा जाता है, संतुलन जीवन की सर्वश्रेष्ठ अवस्था है। शिखर पर ठहरे रहना होता है, मतलब संतुलन बनाये रखना होता है, लेकिन कोई शिखर पर पहुंचने के बाद भी संतुलन न बना सके, तो उस पार नीचे जाने का ही रास्ता होता है फिर। खैर, मन धर्म-अध्यात्म और कर्म पर चर्चा का नहीं है। मन है शाहजहांपुर के पत्रकार जगेन्द्र कांड पर बात करने का। इस प्रकरण में भी समाजसेवा की थोड़ी अति हो गई, जिससे परिणाम अपेक्षित नहीं आ पा रहा है। लखनऊ के चर्चित अधिवक्ता प्रिंस लेनिन ने उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में ही गहन अध्ययन के बाद जगेन्द्र प्रकरण में जनहित याचिका दायर की थी, जिस पर सरकार से जवाब माँगा गया। आशा थी कि बहस के बाद सीबीआई जांच के आदेश हो जायेंगे, उससे पहले दिल्ली के पत्रकार सतीश जैन ने उच्चतम न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर दी, जिस पर उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और प्रदेश सरकार से जवाब माँगा है।

उप श्रमायुक्त से मिले रांची के अखबार कर्मी, शनिवार को फिर मिलेंगे

मंगलवार को रांची के अखबार कर्मियों ने उप श्रमायुक्त उमेश प्रसाद सिंह और अन्य श्रम अधिकारियों से मुलाकात की. 

गुलाब कोठारी को पीड़ित पत्रकारों ने घेरा, नारेबाजी-पर्चा वितरण के बीच हाथापाई की नौबत

राजस्थान पत्रिका के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी को उदयपुर के राजस्थान विद्यापीठ सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। कार्यक्रम के दौरान बंटे पर्चों ने कोठारी की हवा हवाई बातों की कलई खोल कर रख दी। गौरतलब है कि कोठारी पर पत्रकारों के लिए बने मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिशों को अपने अख़बार में लागू नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का केस चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट का शिकंजा कसने से बौखलाकर उन्होंने करीब चार दर्जन कर्मचारियों को गैर कानूनी रूप से ट्रान्सफर और टर्मिनेट कर दिया है।

आपातकाल की 40वीं बरसी पर कुछ विचारणीय सवाल

इस 25 जून की आधी रात को आपातकाल की 40वीं बरसी पर आपातकाल और उस अवधि में हुए दमन-उत्पीड़न और असहमति के स्वरों और शब्दों को दबाने के प्रयासों को न सिर्फ याद रखने बल्कि उनके प्रति चौकस रहने की भी जरूरत है ताकि देश और देशवाशियों को दोबारा वैसे काले दिनों का सामना नहीं करना पड़े और भविष्य में भी कोई सत्तारूढ़ दल और उसका नेता वैसी हरकत की हिमाकत नहीं कर सके. दरअसल, आपातकाल एक खास तरह की राजनीतिक संस्कृति और प्रवृत्ति का परिचायक था. जिसे लागू तो तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था लेकिन बाद के दिनों-वर्षों में और आज भी वह एकाधिकारवादी प्रवृत्ति कमोबेस सभी राजनीतिक दलों और नेताओं में देखने को मिलती रही है. एक तरह  देखें तो देश आज एक अघोषित आपातकाल की ओर ही बढ़ रहा है जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में पड़ी दिख रही है. भाजपा के वरिष्ठ और बुजुर्ग नेता लालकृष्ण आडवाणी ने हमारी मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में ही इन प्रवृत्तियों के मौजूद रहने और आपातकाल के भविष्य में भी लागू किये जाने की आशंकाएं बरकार रहने का संकेत देकर इस चर्चा को और भी मौजूं बना दिया है.

आज़म के भैंस चोरों को पकड़ने पर पुलिस को सौ रुपये इनाम

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने आज़म खान के भैंस चोर को गिरफ्तार करने वाले मुरादाबाद जिले के मूंढापांडे थानाध्यक्ष रविन्द्र तोमर को सौ रुपये का चेक इनाम के तौर पर भेजा है.

भेजे हुए चेक की प्रति

यह रहा जगेंद्र हत्याकांड के कातिल के फोन कॉल का ऑडियो सच, खुदकुशी का दावा सफेद झूठ

मुख्‍यमंत्री और उनकी पुलिस का कहना है कि जागेन्‍द्र सिंह दाह-हत्‍याकाण्‍ड की अभी जांच की जाएगी। लेकिन इसके पहले ही मैं आप मित्रों को सुना-दिखा रहा हूं कि किस तरह घेर कर मारा गया था जाबांज पत्रकार जागेन्‍द्र सिंह। मैं दे रहा हूं इससे जुड़े पुख्‍ता प्रमाण, जबकि हमारे मुख्‍यमंत्री ऐलान कर चुके हैं कि जांच के बाद ही किसी पर कोई कार्रवाई की जाएगी। पेश है उस रोंगटे खड़े कर देने वाले काण्‍ड के एक अभियुक्‍त की अपने एक परिचित से हुई बातचीत का ब्‍योरा—- 

अनशन पर बैठी महिला पत्रकार का घर ढहाया, पति समेत गिरफ्तार कर जेल में डाला

छत्तीसगढ़ : उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश में पत्रकारों को जलाकर मार दिये जाने की घटनाओं के बीच छत्तीसगढ के रायगढ़ जिले के खरसिया की महिला पत्रकार आरती वैष्णव के संघर्ष को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता। भ्रष्ट सीएमओ के खिलाफ आवाज उठाने वाली आरती वैष्णव को पहले तो अपना अजन्मा बच्चा खोना पड़ा, उसके बाद लगातार धमकियों का सामना करना पडा।जब कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो आरती और उनके ​पति ने महिला सीएमओ के खिलाफ आमरण अनशन शुरू कर दिया। इसे भी तुड़वाने की प्रशासन की तरफ से भरपूर कोशिश की गई लेकिन कल तो​हसीलदार द्वारा किया गया वायदा तोड़ दिया गया। वो भी कुछ इस रूप में कि पहले तो अनशनरत आरती को उनके पति के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। उनका घर जेसीबी से ढहा दिया गया।

कलम की आवाज़ बनो 25 जून को, दिल्ली जंतर मंतर चलो

प्रकाश फुलारा की अपील : मित्रों पत्रकारों पर हो रहे लगातार हमलों और जिस कदर पत्रकारों को जिंदा जलाया जा रहा है के विरोध में 25 जून को सुबह 11 बजे जंतर मंतर पर दिल्ली जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा धरना दिया जा रहा है। सभी पत्रकार इसमें सादर आमन्त्रित हैं। पत्रकार समाज में घट रही घटनाओं …

Market Defaulter Vivek Nagpal May have Links with BCCI Topguns

Vivek Nagpal, who disgraced former IPC commissoner Lalit Modi has called a hawala operator and is allegedly associated with President Pranab Mukherjee’s secretary Omita Paul, is believed to have links to several BCCI top-guns and was one of many businessmen whose phone was tapped by a private detective agency which had also targeted Arun Jaitley two years ago.

रिलायंस जिओ मीडिया को टीवी कंटेंट डिस्‍ट्रीब्‍यूशन के लिए मिली प्रोवीजनल मंजूरी

रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने सोमवार को कहा कि उसकी सब्सिडियरी रिलायंस जिओ मीडिया को संपूर्ण भारत में डिजीटल केबल टीवी क्षेत्र में मल्‍टी सर्विस ऑपरेटर के तौर पर काम करने के लिए सरकार से प्रोवीजनल रजिस्‍ट्रेशन हासिल हो चुका है।

रांची दूरदर्शन के निदेशक घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

रांची दूरदर्शन केंद्र के निदेशक शैलेश पंडित को सीबीआई ने आज पांच हजार रूपये घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। शैलेश पंडित पर पैसे लेकर नौकरी देने का आरोप लगा है। हालांकि इसमें और कितने लोग शामिल हैं, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। इस मामले में शैलेश से गहन पूछताछ की जा रही …

वरिष्ठ पत्रकार प्रफुल्ल बिदवई का आकस्मिक निधन

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक प्रफुल्ल बिदवई नहीं रहे। उनका निधन हो गया है। वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी ने लिखा- उनके निधन से पत्रकारिता को बड़ा सदमा लगा है। जुझारू पत्रकार प्रफुल्ल बिदवई नहीं रहे और मुझे अभी प्रेस क्लब में पत्रकारिता के बुरे दिनों पर बोलने जाना था। अब क्या बोलूंगा पता नहीं। बिदवईजी के जाने से …

मंडी गोलीकांड : ठेकेदार और प्रशासन की नंगई का पासा उलटा पड़ गया

शिमला : आइआइटी मंडी कांड में सरकारी तंत्र की नंगई के खुले दर्शन किए जा सकते हैं। कहानी सीधी सी है- सैकड़ों मजदूर श्रम कानूनों को लागू कराने के लिए ठेकेदार और सरकारी तंत्र पर दबाव बना रहे थे। शातिर ठेकेदार प्रशासन के नाक के सामने मजदूरों का 24 लाख रुपये का ईपीएफ हड़प चुका था और अब वेतन देने में भी आनाकानी कर रहा था। प्रशासन ने मजदूरों का साथ देने के बजाए ठेकेदार को ही बंदूक की नोक पर ‘समाधान’ करने देने का मौका दिया, लेकिन पासा उलटा पड़ गया।

मुआवजे ने किया सिद्ध किया, मंत्री दोषी

अमर शहीद पत्रकार जगेन्द्र सिंह के परिवार द्वारा मुआवजा स्वीकार कर लेने व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बात को मानकर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की जा रही जाँच से संतुष्ट होने की बात को दिल का ताड़ बनाकर पेश करने वाले साथियों से मेरा एक प्रश्न है। इन बातों को स्वीकार करने के अलावा उन गरीब, कमजोर, डरे हुए लोगों के पास क्या कोई दूसरा विकल्प था। जगेन्द्र को जिन्दा जला देने वाली घटना को आत्महत्या साबित करने में जुटी यूपी पुलिस के कार्य क्षेत्र में उनको सुरक्षित रहना है या नहीं? इनका फैसला समाजवादी पार्टी के तथाकथित गुंडों एव खाकी के द्वारा ही तो किया जाना है। जिन्दा रहना है तो बात मानो वर्ना कौन बचायेगा हम जगेन्द्र के परिवार को कही भी दोषी साबित नहीं कर सकते। 

जगेन्द्र सिंह हत्याकांड : प्रेस परिषद के खलीफाओं तक ने खूब फायदा उठाया

लाश पर रोटियां कैसे सेंकी जाती हैं, उसका सबसे ज्वलंत प्रमाण है जगेन्द्र सिंह हत्याकांड। छुटभैये पत्रकारों और नेताओं से लेकर प्रेसकौंसिल के खलीफाओं तक ने खूब फायदा उठाया इस प्रकरण का। जिन सरदार शर्मा के खिलाफ अपने जीवित रहते जगेन्द्र सिंह मोर्चा खोले रहे, हर कोई उन्ही से जाके पूछता रहा- जगेन्द्र पत्रकार था, तो कैसे? 

बोकारो में लुटेरों ने दो अखबार विक्रेताओं को पीटा

बोकारो : शहर में अखबार विक्रेता गणोश कुमार व इनके भाई भागीरथ गोराई को लुटेरों ने तमंचे के बट से पीटकर घायल कर दिया। बताया गया कि गणोश व उनके भाई भागीरथ चास मुफस्सिल थाना इलाके के नावाडीह स्थित अपने गांव से नया मोड़ सेंटर आ रहे थे। साइकिल से दोनों भाई जैसे ही गांधी गोलंबर पार कर एडीएम की ओर बढ़े, तभी झाड़ियों से दो बदमाश निकले। 

अखबार के प्रतिनिधि को अगवा करने की कोशिश

दहगवां क्षेत्र में एक अखबार के प्रतिनिधि को बदमाशों ने घेर लिया। उसको अगवा करने की कोशिश भी की, लेकिन वह किसी तरह बच निकला। उसने इस मामले में एसओ पर भी आरोप लगाए हैं। मामले की जांच के लिए एसएसपी को पत्र भी सौंपा है।

काटजू की बात पर मीडिया और सरकार दोनो खामोश क्यों, चीफ जस्टिस पर लगे आरोपों की जांच क्यों नहीं ?

”देश के चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया का मामला है । क़रीब दस महीनों से प्रधानमंत्री समेत क़ानूनी बिरादरी के महानुभावों और मीडिया में ठोकरें खा रहा है । इसकी जाँच क्यों नहीं होनी चाहिए?” अपने एफबी वाल पर शीतल पी सिंह लिखते हैं – ” देश के प्रधानमंत्री ने मना कर दिया है कि वे गौतम अडानी के बारे में, उनके (प्रधानमंत्री के सरकारी घर में ) आने जाने के बारे में किसी RTI का कोई जवाब नहीं देंगे ? सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काट्जू पिछले आठ महीने से सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस के बारे में उन तक पहुँचे दस्तावेज़ों की जाँच की माँग करते प्रतीक्षारत हैं ? व्यावसायिक tycoon और वक़्त फ़िलहाल वांछित ललित मोदी के हवाले से देश के सबसे बड़े अख़बार ने कहा है कि महामहिम राष्ट्रपति की सबसे प्रमुख सहयोगी/सलाहकार/सचिव ओमिता पाल देश के सबसे बड़े हवाला कारोबारी की भागीदार हैं ? इससे बड़े सवाल एक साथ देश के सामने कब थे ? जस्टिस मार्कंडेय काटजू की एक गंभीर टिप्पणी ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। काटजू का कहना है कि भ्रष्टाचार के आरोप सही हैं तो दत्तू को भारत का मुख्य न्यायाधीश नहीं होना चाहिए। इस मामले की जांच जरूरी है। दत्तू पर लगे आरोपों की फाइल काटजू ने तत्कालीन कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, वरिष्ठ अधिवक्ता शांति भूषण, उनके बेटे प्रशांत भूषण, टाइम्स ऑफ इंडिया के धनंजय महापात्रा, इंडियन एक्सप्रेस और द हिंदू के पत्रकारों को उपलब्ध करा दी थी। 

भारत के चीफ जस्टिस एचएल दत्तू एवं जस्टिस मार्कंडेय काटजू

ललित मोदी का विस्फोट : राष्ट्रपति की सेक्रेटरी ओमिता पाल के हवाला सरगना विवेक नागपाल से करीबी रिश्ते

पूर्व आईपीएल प्रमुख ललित मोदी ने एक विस्फोटक सूचना ट्विट की है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ में प्रकाशित एक ताजा खबर के मुताबिक ललित का कहना है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सेक्रेटरी ओमिता पाल देश के हवाला कारोबारियों के सरगना विवेक नागपाल की करीबी हैं। गौरतलब है कि दिल्ली के पुलिस कमिश्नर रहे के.के. पॉल की पत्नी अमिता पॉल प्रणब मुखर्जी के समय में वित्त मंत्रालय चलाती थीं। वह लंबे समय से मुखर्जी की करीबी रही हैं। जब वह मुखर्जी केंद्रीय वित्त मंत्री बने तो वे वित्त मंत्रालय में बतौर सलाहकार काम करने लगीं। भले ही वे केवल सलाहकार रही हों लेकिन अधिकारियों के तबादले हों या कोई बडे़ वित्तीय फैसले, अंतिम बात ओमिता की ही मानी जाती थी। जब मुखर्जी राष्ट्रपति बने तो कयास लगाए गए थे कि वह ओमिता को भी राष्ट्रपति भवन ले जा सकते हैं। और हुआ भी वही। वह मुखर्जी की सेक्रेटरी बन गईं। अब हवाला सरगना के साथ ओमिता का नाम जुड़ जाने से, और उन्हें मुखर्जी से संरक्षण के कारण इस कलंकित करने वाले प्रकरण का एक सिरा किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष तक जा रहा है।  

फिर वहीं पर जीमेंगे जागेन्‍द्र सिंह की तेरहवीं का भोज

देख्‍यौ भइया, तेवरिया ऐण्‍ड कम्‍पनी वालों ने तो शाहजहांपुर में जिन्‍दा फूंक डाले गये जागेन्‍द्र सिंह वाला मामिला को 20 लाख रूपया में डन ( नक्‍की-पक्‍का ) कराया था। सरकार और अफसरों के सामने डींगें खूब मारी थी कि,” यह बड़ा मुश्किल काम है। आजकल पत्रकार खुद को बहुत ईमानदार बनते हैं। ऐसे में इन पत्रकारों को सेट करना बड़ा मुश्किल होता है। खुद की छवि की भी बलि देनी पड़ती है।”

भविष्य डिजिटल मीडिया का : एमआइसीए डॉइरेक्टर

कोलकाता : मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्यूनिकेशंस, अहमदाबाद (एमआइसीए) के निदेशक डॉ नागेश राव ने कहा है कि भविष्य डिजिटल मीडिया का भविष्य है। इसलिए उद्योग की मांग को देखते हुए एमआइसीए डिजिटल मार्केटिंग के विशेष कोर्स करा रहा है. डॉ नागेश राव ने पत्रकारों को बताया कि किसी ब्रांड को स्थापित करने, उसकी रणनीतिक ढंग से मार्केटिंग करने और अपनी बात को अपने टारगेट ऑडियंस तक क्रिएटिव तरीके से पहुंचाने से जुड़े पाठ्यक्रमों के क्षेत्र में एमआइसीए एक जाना-माना नाम है.

जगेंद्र की फोरेंसिक रिपोर्ट से घटनाक्रम में नया मोड़, हत्या नहीं, खुदकुशी !!

लखनऊ की फॉरेंसिक लैब रिपोर्ट ने जगेंद्र हत्‍याकांड को खुदकुशी करार दिया है। बताया गया है कि जगेन्द्र ने खुद आग लगाई थी. छाती के बाईं तरफ से आग से जलने के निशान पाए गए हैं. गौरतलब है कि जगेन्द्र ने घायल होने के बाद बयान दिया था और यूपी के मंत्री राममूर्ति वर्मा और यूपी पुलिस पर आग लगाने का आरोप लगाया था। 

मोदी भक्‍त अखबार की हालत पतली, तेजी से लुढ़क रहा सर्कुलेशन

खबर है कि दैनिक जागरण के प्रसार अधिकारी काफी परेशान हैं। परेशानी के कारणों की सही -सही जानकारी तो नहीं मिल पाई है लेकिन पता चला है कि टाइम्‍स ऑफ इंडिया से आए जीएम भी परेशानी को दूर नहीं कर पा रहे। 

इन्‍दौर प्रेस क्‍लब अध्यक्ष खारीवाल की सदस्यता समाप्त, चुनाव की अटकलें तेज

इंदौर प्रेस क्लब के चुनाव को लेकर इन दिनो घमासान छिड़ा हुआ है। प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। उन्हें वर्ष 2010 में निगोशिएबल इंस्टूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत कोर्ट उठने तक की सजा सुनाई गई थी। खालवाल की सदस्यता समाप्ति का आदेश प्रेस क्लब के महासचविव अरविंद तिवारी ने जारी की है। 

कानपुर प्रेस क्लब पोलखोल (3) : गलत शपथ पत्र से रजिस्ट्रार को गुमराह किया

कानपुर प्रेस क्लब कानपुर महानगर के वर्तमान स्वयंभू महामंत्री अवनीश दीक्षित ने गलत शपथ पत्र और प्रार्थना पत्र दे रजिस्ट्रार को गुमराह किया। शपथपत्र और प्रार्थना पत्र के साथ सारे प्रपत्र फ़र्ज़ी लगाये गये थे।

मुद्राराक्षस ने सत्ताओं, शक्ति केंद्रों को ठेंगे पर रखा

बेबाक, बेलौस शख्सियत, तीखी असहमतियों, आलोचनाओं को भी पचा कर मुस्कराते रहने वाले, अपने आलोचक को सर्वाधिक प्रिय मानने वाले, अपनी उपस्थिति से ही सबको ऊर्जस्वित करने की क्षमता से संपन्न मुद्राराक्षस लखनऊ  में  अपनों से रुबरू थे। उनके जन्मदिन की पूर्वसंध्या पर लखनऊ  के जयशंकर सभागार में २०  जून  दिन शनिवार को उन्हें सुनने, उनसे मिलने, उनके बारे में अपनी यादें बांटने तमाम लोग जुटे थे।  वे 82 साल के हो गये। सबने अपने-अपने ढंग से अपनी बातें कहीं।