इसे कहते हैं मीडिया की ताकत, एम्स ऋषिकेश झुका (देखें वीडियो)

रोहिनी गुप्ते नामक एक अनाम सी महिला ने फेसबुक पर एक बड़ा मुद्दा उठाया. आखिर क्यों ऋषिकेश में बने एम्स में दिल्ली वाले एम्स से कई गुना ज्यादा रेट पर इलाज होता है? इस एफबी स्टेटस पर भड़ास4मीडिया, जनचौक समेत कई वेबसाइटों की नजर पड़ी. इन पोर्टल्स पर प्रमुखता से खबर छपने के साथ ही एनडीटीवी की टीम ने भी इस पर काम शुरू कर दिया. चर्चित एंकर रवीश कुमार ने इस गड़बड़ी को प्राइम टाइम में प्रमुखता और विस्तार से प्रसारित किया.

कोबरा पोस्ट का ‘ऑपरेशन व्हाईट कोट’ : इलाज के दौरान मरीज भले मर जाए, रेफर करने वाले का कमीशन नहीं मरेगा!

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज अपनी जिंदगी बचाने के लिए बड़े और नामी अस्पतालों का रुख करते हैं या फिर कहे उन्हे छोटे अस्पताल से बड़े सेंटर के लिए रेफर कर दिया जाता है। लेकिन इन बड़े अस्पतालों में मरीजों को सिर्फ और सिर्फ पैसा कमाने का जरिया समझा जाता है। रेफर करने वाले छोटे अस्पतालों और डाक्टरों को कमीशन देकर ये बड़े अस्पताल मरीजों को अपने यहां रेफर कराते हैं और फिर इलाज, सर्जरी और ऑर्गन ट्रांसप्लांट के नाम पर उनसे भारी-भरकम कमाई करते हैं।

कोबरा पोस्ट के स्टिंग में फोर्टिस, मेट्रो, यशोदा, कोलंबिया, मैक्स, अपोलो, नानावती समेत दर्जनों अस्पताल हुए नंगा

कोबरा पोस्ट वाले अनिरुद्ध बहल की टीम ने इस बार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जबरदस्त स्टिंग आपरेशन किया है. इस स्टिंग ने कई बड़े नामी गिरामी अस्पतालों के चेहरे से नकाब उतारने का काम किया है. प्राइवेट अस्पताल वाले मरीज रिफर करने पर किस तरह डाक्टरों और छोटे अस्पतालों को अच्छा खासा कमीशन देते हैं, यह स्टिंग आपरेशन का हिस्सा है. यह कमीशन मरीज के मत्थे मढ़ा जाता है. कोबरा पोस्ट की तरफ से इस स्टिंग को लेकर जारी प्रेस रिलीज इस प्रकार है…