सूचना विभाग में पदस्थ एक बाबू से परेशान हैं बनारसी टीवी पत्रकार

वाराणसी :  बनारस में बीते रोज 27 मार्च को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का एक प्रतिनिधि मंडल सूचना विभाग में नियुक्त अनिल श्रीवास्तव के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रति उपेक्षा पूर्ण रवैये के खिलाफ सूचना प्रसारण राज्य मंत्री नीलकंठ तिवारी से मिलने उनके आवास पर पहुंचा. पत्रकारों ने अनिल श्रीवास्तव के रवैये और उनकी दुर्भावना को लेकर अपनी व्यथा मंत्री से बताई. 

बताया जा रहा है कि इसके बाद माननीय मंत्री ने मोबाइल पर अनिल श्रीवास्तव की जम कर क्लास लगाई और अपना व्यवहार  सभी पत्रकारों के साथ एक समान रखने की हिदायत दी. साथ ही मंत्री जी ने एक लिखित शिकायत भी देने की बात इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोगों से कही ताकि अनिल श्रीवास्तव के खिलाफ विधिक कार्यवाही की जा सके. मंत्री से मिल कर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोगों ने निम्न बातों की शिकायत की…

1 — वीवीआईपी दौरे के समय पास बनाने के नाम पर खास तौर पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों को परेशान करना

2– कवरेज के दौरान सूचनाओं के आदान प्रदान में लेट लतीफी करना… अक्सर सूचनाएं छिपा लेना

3– पोर्टल के प्रतिनिधियों के संबंध में सीधे मना कर देना जबकि कई पत्रकार कई वर्षों से इसी बनारस में कर्यरत हैं…

4– कवरेज के दौरान मीडिया के प्रतिनिधियों के लिए चाय नाश्ते के लिए फण्ड आता है वो कुछ चुनिंदा प्रिंट के प्रतिनिधियों के साथ बंदरबाट कर लेना और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों को मना कर देना जैसा कि कल राष्ट्रपति महोदय के कार्यक्रम के दौरान देखा गया…

5 – सामान्य दिनों में भी सूचना विभाग के बाबू अनिल श्रीवास्तव जो करीब 15 वर्षों से यहां जमे हुए हैं, उनका व्यवहार सूचना सही समय से देने के मामले में और बात करने के तरीके को लेकर हमेशा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोगो के लिए उपेक्षा पूर्ण रहता है…

बनारस के एक टीवी पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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मजीठिया मुद्दे पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए राज्यपाल को दिया ज्ञापन

वाराणसी । काशी पत्रकार संघ और समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार 22 अगस्त, 2017 को अपराह्न लखनऊ स्थित राजभवन में प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक से मिलकर उन्हें मजीठिया वेज बोर्ड की संस्तुतियों के तहत पत्रकारों व गैर पत्रकार कर्मचारियों के लम्बित वादों के निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के लिए राज्य सरकार को निर्देश देने का आग्रह किया।

राज्यपाल श्री नाईक ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री को जल्द ही पत्र लिखेंगे। प्रतिनिधि मंडल में संघ के अध्यक्ष सुभाषचन्द्र सिंह, महामंत्री डा॰ अत्रि भारद्वाज, समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन के मंत्री अजय मुखर्जी, संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप कुमार, उपाध्यक्ष चंदन रूपानी, मंत्री पुरुषोत्तम चतुर्वेदी, कार्यसमिति के सदस्य एके लारी, मनोज श्रीवास्तव, वाराणसी प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष संदीप गुप्ता शामिल थे।

अगले दिन संघ के अध्यक्ष सुभाषचन्द्र सिंह व महामंत्री अत्रि भारद्वाज ने उपमुख्यमंत्री डा॰ दिनेश शर्मा से विधान सभा भवन में मिलकर मजीठिया मुद्दे पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और सामाजिक सुरक्षा के तहत अन्य राज्यों की तरह अवकाश प्राप्त पत्रकारों के लिए न्यूनतम 10 हजार रुपये मासिक पेंशन की व्यवस्था की मांग का ज्ञापन सौंपा। इसी क्रम में पत्रकारों के हितों के सम्बन्ध में विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से भी मांग की।

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काशी पत्रकार संघ को लेकर वरिष्ठ पत्रकार शुभाकर दुबे की एफबी पोस्ट से मचा है हड़कंप

जो काशी पत्रकार संघ कभी पत्रकारिता की दशा और दिशा तय करता था, उसमें इन दिनों कुछ न कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पत्रकारों के वेतन भत्ते और एरियर से जुड़े जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की लड़ाई से तो ये संघ हमेशा से दूर रहा है, अब वरिष्ठ पत्रकार शुभाकर दुबे जी ने एक मार्मिक एफबी पोस्ट किया है जिससे साफ़ पता चलता है कि काशी पत्रकार संघ में बहुत कुछ नष्ट होते जा रहा है।

शुभाकर दुबे जी ने लिखा है- ”मैं कुछ नहीं बोलूंगा, बोलते ही मुझे उसी तरह निकाल दिया जाएगा जैसे पत्रकारपुरम से निकाल दिया गया।” शुभाकर जी अपनी एफबी पोस्ट में आगे लिखते हैं- ”पत्रकारपुरम से निकाले जाने के बाद मैं दाने दाने को मोहताज हो गया। किसी तरह जिंदगी गुजर बसर कर रहा हूँ। अब अगर पत्रकार संघ से निकाल दिया गया तो मुझे आप शीतला घाट पर अलमुनियम का कटोरा लेकर बैठे देखेंगे।”

इस पोस्ट से इतना तो संकेत मिल गया है कि पत्रकार संघ के अंदरखाने कई चीजों गड़बड़ हो चुकी हैं जिसे ठीक किए जाने की जरूरत है. शुभाकर दुबे जी के बारे में आपको बता दूं कि वे वाराणसी के आज समाचार पत्र के खेल पेज इंचार्ज और सिटी पेज इंचार्ज रह चुके हैं। गले में कैंसर हुआ तो आवाज चली गयी। हर चीज लिखकर देते हैं और सांकेतिक भाषा में काम करते हैं। काशी पत्रकार संघ के वे मानद सदस्य हैं। इस जुझारू पत्रकार शुभाकर जी का काशी की पत्रकारिता में काफी सम्मान है। इनके एफबी पोस्ट से हड़कम्प मच गया है।

सूत्रों का दावा है कि काशी पत्रकार संघ में कुछ वरिष्ठ पत्रकारों की सदस्यता ख़त्म करने की योजना बनायी जा रही है। काशी पत्रकार संघ में दो गुट हैं। एक गुट है वर्तमान अध्यक्ष सुभाष सिंह का जो आज अखबार से रिटायर हो चुके हैं। इसी गुट में गांडीव से रिटायर डॉक्टर अत्रि भारद्वाज महामंत्री हैं। सुभाष सिंह और डॉक्टर अत्रि भारद्वाज को बिना विश्वास में लिए संघ के कुछ पदाधिकारी बीबी यादव गुट के कुछ वरिष्ठ पत्रकारों को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी में हैं। सारा बवाल इसी वजह से हुआ है। सूत्र बताते हैं कि बीबी यादव गुट चाहता था कि मरहूम फोटोग्राफर मंसूर आलम के परिवार के सदस्यों को काशी पत्रकार संघ सरकार से मदद दिलाये लेकिन काशी पत्रकार संघ के कुछ पदाधिकारी इस मामले पर चुप हैं।

चर्चा है कि इन दिनों पत्रकार संघ में एक कॉकस सक्रिय है जिसका काम लाइजनिंग कर अपना हित साधना है। पदाधिकारी भी इनके दबाव में रहस्यमय कारणों से रहते हैं। जो इनकी हां में हां मिलायेगा वह ठीक। जिसने नाइत्तफाकी की, उसके खिलाफ घिनौने स्तर तक जाकर मुहिम चलाने लगते हैं। काशी पत्रकार संघ ने अब तक इतना गंदा वक्त नहीं देखा। फिलहाल हम तो यही चाहेंगे कि काशी पत्रकार संघ में सब कुछ ठीक रहे।

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आरटीआई एक्सपर्ट
मुंबई
9322411335

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