गरीब विरोधी एम्स ऋषिकेश के खिलाफ अनशन शुरू (देखें वीडियो)

ऋषिकेश : प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत करोड़ों रूपये की लागत से तीर्थनगरी ऋषिकेश में बनाये गए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में चिकित्सा सेवा महंगी होने पर राइट टू हेल्थ से जुड़े लोगों ने एम्स के पास अनशन प्रारम्भ कर दिया है… अनशन से जुड़े अन्ना समर्थक प्रवीण सिंह ने कहा कि एम्स …

ऋषि‍केश एम्‍स में आने वाले मरीजों से लाखों रुपये असंवैधानि‍क रूप से वसूले जा रहे हैं!

उत्‍तराखंड में एम्‍स बना तो लगा कि‍ पहाड़ की पहाड़ सी बीमारि‍यां शायद तलहटी पर आएं। लेकि‍न फि‍लवक्‍त वहां के एम्‍स में जो हालात चल रहे हैं, साफ लग रहा है कि‍ पहाड़ की बीमारि‍यां पहाड़ पर ही चढ़ती जा रही हैं। ऋषि‍केश एम्‍स में आने वाले मरीजों के इलाज से लेकर जांच तक लाखों रुपये असंवैधानि‍क रूप से वसूले जा रहे हैं। कमाल की बात है कि‍ कुछ एक राजनीति‍क दलों के कुछ एक बार के वि‍रोध प्रदर्शनों को छोड़ दें, तो लगता है कि‍ एम्‍स प्रशासन ने यहां के पत्रकारों को बेहोशी की दवा दे दी है, या मर जाने की। पहाड़ के लोग बुरी तरह से परेशान हैं, और पत्रकार चुप बैठे हैं।

वरिष्ठ पत्रकार अनूप भटनागर की किडनी ट्रांसप्लांट, एम्स में अब भी चल रहा इलाज

कई अखबारों में वरिष्ठ पद पर काम कर चुके दिल्ली के पत्रकार अनूप भटनागर की किडनी पिछले दिनों सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट कर दी गई. एम्स में भर्ती अनूप भटनागर हाल फिलहाल पीटीआई से जुड़े रहे. उनके इलाज में लगभग दस बारह लाख रुपये खर्च आए. पीटीआई भाषा के साथियों ने चंदा करके तीन चार लाख रुपये अनूप को दिए. प्रेस क्लब आफ इंडिया की तरफ से भी पच्चीस तीस हजार रुपये दिए गए. अनूप भटनागर अब भी एम्स में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है. 

रेप पीड़िता के समर्थकों पर एम्स कर्मियों और छात्रों का लाठियों और ब्लेड से हमला, महिलाओं के कपड़े फाड़े, एसपी ने भी गालियां दीं

दिल्ली : आईसीएमआर की बलात्कार पीड़ित छात्रा अपने समर्थकों के साथ गत दिवस जब एम्स के डायरेक्टर डॉ.ऍम.सी मिश्र से मिलने पहुंचीं तो ऑफिस के कर्मचारियों ने उनसे पहले बदतमीज़ी की। मना करने पर हमलावर हो गए। कर्मचारियों और एम्स के चार-पांच छात्रों ने उनसे गाली-गलौज के बाद साने वाली बिल्डिंग से दो-ढाई सौ छात्रों को और लेकर उन पर हमला कर दिया। महिला प्रदर्शनकारियों को भी नहीं बख्शा। सबकी मार पिटाई की। दो महिला प्रदर्शनकारियों के कपड़े फाड़ दिए। कुछ के हाथ में सर्जरिकल ब्लेड मार दिए तो कुछ को लाठियों से पीटा।