पानी की कमी से जैसे हड़प्पा का नाश हुआ, वैसे ही आधुनिक शहरी-औद्योगिक सभ्यता का सत्यानाश होगा : अनिंद्य सरकार

Pushya Mitra : हड़प्पा में हाल के दिनों में हुए एक्सकेवेशन करने वाली टीम के मुखिया अनिंद्य सरकार से रंजीत और अखिलेश्वर पांडे ने लम्बी बातचीत की है। यह बातचीत प्रभात खबर में प्रकाशित हुई है। यह काफी महत्वपूर्ण बातचीत है। इसका विषय शहरी जीवन और पर्यावरण है। उत्खनन से यह पता चला है कि आठ हजार साल पहले अस्तित्व में आई इस महान सभ्यता का पतन पर्यावरण सम्बन्धी कारणों से हुआ। मानसून कमजोर पड़ने लगा और सरस्वती नदी सूख गयी।

…तब हमारा ब्रह्माण्ड लिंग नुमा सुरंग में धंसते हुए निकटवर्ती ब्रह्माण्ड में समाहित हो जाएगा!

(विजय सिंह ठकुराय)


अब बात ब्रह्माण्ड के अंत से लेकर आरम्भ तक की. THE BEGINNING OF EVERYTHING. लगभग 13.7 अरब वर्ष पूर्व ब्रह्माण्ड में समय और काल की अवधारणा शून्य थी. भौतिकी के नियम अस्तित्व में नहीं थे. दृश्य ब्रह्माण्ड का समस्त पदार्थ अपने फंडामेंटल स्वरुप (क्वार्क-ग्लुआन प्लाज़्मा) के रूप में एक पिन पॉइंट के आकार के द्रव्यमान (10^-26 मीटर) में सिमटा हुआ था. और एक विस्फोट हुआ.

13 अप्रैल 2029 की सुबह धरतीवासियों की जिंदगी की आखिरी सुबह होगी अगर 350 मीटर लंबा उल्का पिंड टकरा गया

(विजय सिंह ठकुराय)


महाप्रलय… क़यामत… डूम्स डे… THE END OF EVERYTHING… 13 अप्रैल-2029… हो सकता है… इस दिन की सुबह आपकी जिन्दगी की आखिरी सुबह हो.. APOSPHIS नामक 350 मीटर लम्बा उल्का पिंड 13 अप्रैल 2029 को, आज से ठीक 14 साल बाद, पृथ्वी की तरफ आएगा और 97.3% चांस है कि पृथ्वी की ग्रेविटी के कारण इस उल्कापिंड की कक्षा विचलित हो जाने के कारण ये पृथ्वी से 29470 km की दूरी से निकल जाएगा… इतनी कम दूरी होने के कारण आप “अपनी मौत के सामान” को नंगी आँखों से आसमान में जाते हुए देख सेल्फी ले पाएंगे लेकिन… 2.7% चांसेज है कि (हमारी कैलकुलेशन गलत हो सकती है) टकरा जाए और अगर ऐसा हुआ तो अगले क्षण की तुलना आप उस तबाही से कर सकते हैं जो “हिरोशिमा और नागासाकी” पर गिराए आणविक बम जैसे 65000 बम एक साथ पृथ्वी पर गिरा देने से आयेंगे… 2.7% यानि 1 in 37 chance… लेकिन मायूस होने की जरूरत नहीं….

द हिंदू का मुंबई एडिशन होगा लांच, सचिन कालबाग बनाए गए स्थानीय संपादक

द हिंदू अब मुंबई से भी प्रकाशित होगा. चेन्नई बेस्ड यह चर्चित अंग्रेजी अखबार दिल्ली समेत कई एडिशन्स निकालता है लेकिन मुंबई अभी इससे दूर ही रहा. लेकिन इस दूरी को खत्म करने का फैसला द हिंदू प्रबंधन ने किया है. मुंबई के स्थानीय संपादक के बतौर सचिन कालबाग की तैनाती हो गई है. सचिन इसके पहले मुंबई के टैबलायड मिडडे के संपादक हुआ करते थे. जागरण प्रबंधन अब मिडडे के लिए नए संपादक की तलाश कर रहा है. सचिन कालबाग मिडडे के साथ वर्ष 2011 से हैं. अगले महीने वह मिडडे से मुक्त होकर द हिंदू के हिस्से बन जाएंगे. फिलहाल वे नोटिस पीरियड पर चल रहे हैं.

धार्मिक जनगणना के डाटा पर टीओआई और द हिंदू के इन शीर्षकों को गौर से पढ़िए

See how two of India’s leading newspapers have today reported the same data (of the latest Census)

Nadim S. Akhter : इसे देखिए, पढ़िए और समझिए. देश के दो प्रतिष्ठित अखबारों निष्ठा. किसकी निष्ठा पत्रकारिता के साथ है और किसकी चमचई में घुली जा रही है, खबर की हेडिंग पढ़ के समझा जा सकता है. मैंने कल ही फेसबुक की अपनी पोस्ट में लिखा था कि अलग-अलग चम्पादक, माफ कीजिए सम्पादक धार्मिक जनगणना के इस डाटा का अपने अपने हिसाब से इंटरप्रिटेशन करेंगे. आज फेसबुक पर एक ही खबर के दो एंगल, बिलकुल जुदा एंगल तैरता हुआ देखा तो आपसे साझा कर रहा हूं.