‘साधना न्यूज’ ने निवेश के लिए अब ‘लोकायत’ को फांसा

साधना न्यूज के चक्कर में जो फंसता है, वो बाद में रोता है. बावजूद इसके, फंसने वालों की कमी नहीं है. कुछ महीनों पहले भोपाल की एक पार्टी का काफी पैसा साधना न्यूज में फंस गया था. यही नहीं, निवेश करने वाली पार्टी के लोगों का स्टिंग आपरेशन भी करने की तैयारी साधना वालों ने कर रखी थी ताकि वे जब पैसे मांगें तो उन्हें ये स्टिंग दिखा दिया जाए. इसके लिए एक कालगर्ल को एंकर बनाकर होटल में भेजा गया था. लेकिन निवेश करने वाला एलर्ट हो चुका था, इस कारण बच गया था. बाद में उसका काफी पैसा साधना में फंसा रह गया.

ताजी सूचना ये आ रही है कि एक नई पार्टी साधना न्यूज में निवेश करने जा रही है. साधना न्यूज आ रही खबर के मुताबिक साधना न्यूज मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय लोकायत ने निवेश किया है. चैनल में राष्ट्रीय लोकायत की क्या भूमिका रहेगी यह अभी साफ नहीं हो पाया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों से जो जानकारी निकल कर सामने आ रही है, उसके मुताबिक राष्ट्रीय लोकायत अब प्रिंट के बाद इलेक्ट्रानिक मीडिया में अपनी दखल देने जा रहा है. 

दिल्‍ली से प्रकाशित राष्‍ट्रीय समाचार पाक्षिक ‘लोकायत’ हिंन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषा में निकलती है. इसके समूह संपादक एम.के. तिवारी काफी सालों से इलेक्ट्रानिक मीडिया में आने की तैयारी कर रहे थे. उन्होंने 2011 में भी साधना चैनल में निवेश करने का मन बनाया था, लेकिन उस समय उनकी बात नहीं बन पाई थी, तीन साल के इंतजार के बाद साधना प्रबंधन से लोकायत के बीच आपसी समझौता हो गया है.  बताया यह भी जा रहा है कि लोकायत प्रबंधन ने सिर्फ छत्तीसगढ़ को लेकर समझौता किया है, अभी उनका मध्यप्रदेश में कोई दखल नहीं रहेगा. राष्‍ट्रीय समाचार पाक्षिक ‘लोकायत’ छत्तीसगढ़ बेस कई प्रोग्राम लेकर आने वाला है, जिसे जल्द ही साधना न्यूज मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ पर लांच करने की तैयारी चल रही है.

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सहारा समूह ने 17,000 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग के लिए फर्जी इनवेस्टर बनाए!

एक बड़ी सूचना प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सूत्रों के हवाले से आ रही है कि सहारा समूह ने मनी लांड्रिंग के लिए ढेर सारे फर्जी निवेशक बनाए. इस आशंका / आरोप की जांच के लिए सेबी ने कहा था जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय सक्रिय हो गया है. सेबी ने ईडी को फर्जी निवेशकों के बारे में अपने पास मौजूद समस्त जानकारी दे दी है. सेबी ने सहारा मामले में जांच की रिपोर्ट भी ईडी को सौंप दी है. सेबी रिपोर्ट के आधार पर पीएमएलए कानून के उल्लघंन का मामला बनाएगी.  ईडी जानबूझ कर बनाए गए फर्जी निवेशकों की जांच कर रहा है.

सहारा समूह ने अपनी तरफ से सेबी को निवेशकों के बारे में जो जानकारी दी थी, वह गलत निकली है. सेबी को 20,000 करोड़ रुपये में से करीब 17,000 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग का शक है. इस मामले में उत्तरप्रदेश के एक बड़े राजनेता की भूमिका की भी जांच होगी. पूरे खेल के खुलासे के लिए प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम जल्द ही सुब्रत रॉय से तिहाड़ जेल में पूछताछ कर सकती है.  ईडी ने सहारा के खिलाफ ईसीआईआर (एनफोर्समेंट केस इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट) दाखिल कर दिया है. उधर, सहारा का कहना है प्रवर्तन निदेशालय इस मामले की जांच नहीं कर सकता क्योंकि सेबी की जांच फिलहाल जारी है.

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