भास्कर ग्रुप के चेयरमैन रमेश चंद्र अग्रवाल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी

पेशी से कन्नी काटने पर पंजाब की कोर्ट ने ‘आज़ाद सोच’ के दावे वाले अखबार दैनिक भास्कर ग्रुप चेयरमैन रमेश चंद्र अग्रवाल के खिलाफ अंततः नॉन बेलएबल वारंट जारी किए. पंजाब से जल्द रवाना होगा विशेष तामीली टीम. हत्थे चढ़े तो लाकर कोर्ट में पेश किए जाएंगे चेयरमैन रमेश अग्रवाल. एक मासूम आरोपी की पहचान उजागर करने के मामले में कोर्ट ने किया है तलब.

आरोपी रमेश ने राहत के लिए हाइकोर्ट में भी लगा रखी है मामला निरस्त करने की याचिका. पूरा मामला क्या है, इसे जानने के लिए नीचे जय हिंद अखबार में प्रकाशित एक खबर की कटिंग दी जा रही है जिसे पढ़ कर सब समझ सकते हैं….

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रिपोर्टर सर्वेश कुकरा ने दैनिक भास्कर के फरेबी मालिकों रमेश अग्रवाल और सुधीर अग्रवाल के खिलाफ दायर किया धोखाधड़ी का केस

: टारगेट पूरा करने के बावजूद विदेश भेजने का वादा पूरा न करने पर रिपोर्टर ने दायर किया केस, कोर्ट ने पुलिस को जांच के निर्देश दिए, अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को : हरियाणा में हिसार जिले के हांसी शहर में दैनिक भास्कर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दायर किया गया है। इसमें दैनिक भास्कर के चेयरमैन रमेश अग्रवाल, एमडी सुधीर अग्रवाल समेत कई लोगों को पार्टी बनाया गया है। दैनिक भास्कर के पूर्व रिपोर्टर सर्वेश कुकरा ने कोर्ट में दायर की गई शिकायत में कहा है कि दैनिक भास्कर ने उन्हें विज्ञापन का एक टारगेट पूरा करने के एवज में विदेश टूर का वायदा किया था।

इस बारे में उन्हें लेटरहैड पर ऑफर भी दिया गया था लेकिन टारगेट पूरा होने पर भास्कर ने उन्हें धोखा दे दिया तथा टूर नहीं दिया। इस केस में दैनिक भास्कर के चेयरमैन रमेश अग्रवाल, एमडी सुधीर अग्रवाल के अलावा हिसार के संपादक हिमांशु घिल्डियाल, मार्केटिंग हैड अशोक शर्मा तथा धीरज त्रिपाठी को भी पार्टी बनाया गया है। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस को जांच के निर्देश दिए हैं। सर्वेश कुकरा ने कोर्ट में दायर की गई शिकायत में तमाम ऑफर लैटर तथा बैंक की स्टेटमेंट भी लगाई है जिनके द्वारा भास्कर को पेमेंट किए जाने की बात सत्यापित होती है। मामले की अगली सुनवाई 19 अक्तूबर को होगी।

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रमेश चंद्र अग्रवाल के कुकर्मों पर रेप पीड़िता लिख रही हैं किताब, मामले की कोर्ट में सुनवाई 29 अक्टूबर को

शादी का झांसा देकर पहले पति से तलाक दिलाना फिर खुद लगातार बलात्कार करने वाले भास्कर समूह के चेयरमैन रमेश चंद्र अग्रवाल के कुकर्मों पर किताब लिखने की तैयारी कर रही है रेप पीड़िता. भड़ास4मीडिया से बातचीत में जयपुर निवासी 45 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि रमेश चंद्र अग्रवाल ने जो जो किया, कहा और जिया है, उस वह किताब में लिखेगी. पीड़िता का कहना है कि मीडिया का उसे बिलकुल सपोर्ट नहीं मिल रहा है. कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईटीवी से लेकर पत्रिका तक के लोग जाते हैं लेकिन कोई खबर छापता दिखाता नहीं है. साथ ही पूरे मामले में पुलिस प्रशासन का रोल भी नकारात्मक है.

पीड़िता के मुताबिक वह तो बिलकुल सड़क पर आ गई हैं. रमेश चंद्र अग्रवाल के कहने पर उन्होंने अपने पति को तलाक दिया. जब शादी की बारी आई तो रमेश चंद्र अग्रवाल ने उनका इस्तेमाल करके छोड़ दिया. एक समय था जब रमेश चंद्र अग्रवाल कहते थे कि वे किसी भी हालत में साथ नहीं छोड़ेंगे. लेकिन जब उनके बेटों ने उन पर दबाव बनाया तो वे चुप्पी साध कर किनारे हो गए. पीड़िता के मुताबिक उन्होंने कई बार कहा कि उन्हें कोई संपत्ति या संपत्ति में हिस्सा नहीं चाहिए. संपत्ति में हिस्सा न लेने की बात उन्होंने लिखकर देने को भी कहा. लेकिन रमेश चंद्र अग्रवाल अपनी आदत के मुताबिक इज्जत और भावनाओं से खेलकर अलग हो गए और उल्टे आरोप लगा दिया कि महिला ही ब्लैकमेलर है.

पीड़िता ने बताया कि लोअर कोर्ट और हाईकोर्ट दोनों जगहों पर इसी 29 अक्टूबर को मामले की सुनवाई है. वह किसी भी हालत में यह लड़ाई बंद नहीं करने वाली हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने और उनके वकील ने जयपुर में प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले के बारे में मीडिया को बताया लेकिन किसी मीडिया हाउस ने खबर का प्रकाशन नहीं किया. इससे वो निराश हैं लेकिन उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में लोग उनके साथ खड़े होंगे और न्याय की लड़ाई में साथ देंगे. पीड़िता ने साफ कहा कि उनका मकसद न तो कभी किसी को ब्लैकमेल करने का रहा है और न ही धन पाने का. वह तो प्रेम और भावना में बह कर रमेश चंद्र अग्रवाल की बातों पर भरोसा कर बैठीं जिसका खामियाजा अब भुगतना पड़ रहा है. ऐसे धोखेबाज, कुकर्मी, घटिया इंसान के खिलाफ अपनी लड़ाई वह जारी रखेंगी और दंड दिलाकर ही मानेंगी, भले ही इसके लिए जितना संघर्ष करना पड़े.

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह की रिपोर्ट.

मूल खबर…

भास्कर चेयरमैन रमेश चंद्र अग्रवाल पर शादी का झांसा देकर देश-विदेश में रेप करने का आरोप (देखें पीड़िता की याचिका)

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भास्कर चेयरमैन रमेश चंद्र अग्रवाल पर शादी का झांसा देकर देश-विदेश में रेप करने का आरोप (देखें पीड़िता की याचिका)

डीबी कार्प यानि भास्कर समूह के चेयरमैन रमेश चंद्र अग्रवाल के खिलाफ एक महिला ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है. इस बाबत उसने पहले पुलिस केस करने के लिए आवेदन दिया पर जब पुलिस वालों ने इतने बड़े व्यावसायिक शख्स रमेश चंद्र अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा लिखने से मना कर दिया तो पीड़िता को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा. कोर्ट में पीड़िता ने रमेश चंद्र अग्रवाल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि रमेश चंद्र अग्रवाल ने उसे पहले शादी का झांसा दिया. कई जगहों पर शादी रचाने का स्वांग किया. इसके बाद वह लगातार संभोग, सहवास, बलात्कार करता रहा.

बाद में रमेश चंद्र अग्रवाल ने पीड़िता का उसके पति से तलाक करवाया. आखिरकार जब रमेश चंद्र अग्रवाल का पीड़िता से मन उब गया तो उसने उसे किनारे कर दिया और कोई भी संपर्क रखने से बचने लगा. इससे मजबूर होकर पीड़िता को कोर्ट का रास्ता अपनाना पड़ा. पीड़िता ने कोर्ट में लिखित शिकायत  में जो कुछ कहा है, वह न सिर्फ चौंकाने वाला है बल्कि एक बड़े मीडिया हाउस के मालिक की महिलाओं के प्रति नजरिए को भी उजागर करता है. बेटियों, महिलाओं को बचाने, सम्मान देने, बराबरी देने के ढेर सारे नारे देने वाला भास्कर समूह का चेयरमैन खुद महिला उत्पीड़न के एक बड़े मामले में आरोपी बन गया है.

देश के बाकी सारे मीडिया हाउस, अखबार, न्यूज चैनल इस खबर पर कतई एक लाइन न तो लिखेंगे, न दिखाएंगे क्योंकि उनके बिरादरी, फ्रैटनर्टी का मामला है. अगर यही मसला किसी और का होता तो मीडिया हाउस न जाने कबका इतना शोर मचा चुके होते कि पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर जेल में डाल चुका होता. ये खबर उन पत्रकारों, संपादकों के लिए है जो दिन भर पत्रकारिता के पतन पर आंसू बहाते रहते हैं लेकिन मीडिया के मालिकों की घिनौनी करतूत पर चुप्पी साधे रहते हैं.

अब पूरा दारोमदार सोशल मीडिया, न्यू मीडिया, वेब, ब्लाग, ह्वाट्सएप आदि पर है जहां इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर कर पूरे मामले को जनता के बीच ले जाया जा सकता है और बड़े लोगों की काली करतूत को उजागर किया जा सकता है. ये पूरा प्रकरण भड़ास के पास ह्वाट्सएप के जरिए पहुंचा है. सोचिए, अगर ये न्यू मीडिया माध्यम न होते तो बड़े लोगों से जुड़ी काली खबरें हमारे आप तक पहुंचने से पहले ही दम तोड़ जातीं क्योंकि बिकाऊ और बाजारू कार्पोरेट मीडिया का काम बड़े लोगों से जुड़ी भ्रष्टाचार और अत्याचार की खबरों को छापना नहीं बल्कि छुपाने का हो गया है. 

-यशवंत सिंह, एडिटर, भड़ास4मीडिया 


 

(पीड़िता के मान-सम्मान को ठेस न पहुंचे, इसलिए उसका नाम पहचान पता को उपरोक्त दस्तावेजों में ब्लैक कर अपठनीय बना दिया गया है.)


इस पूरे मामले / प्रकरण को समझने के लिए इन खबरों को भी पढ़ें…

रमेश अग्रवाल की संपत्ति पर ‘मां’ के हक ने उड़ाई समूह संचालकों की नींद

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भास्कर चेयरमैन रमेश अग्रवाल की पत्नी की याचिका पर बहू-बेटों को नोटिस

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