वरिष्ठ पत्रकार अनेहस शाश्वत का नया वेंचर- TheGoldenTalk.com

वरिष्ठ पत्रकार और कई बड़े अखबारों में काम कर चुके अनेहस शाश्वत ने अपनी वेबसाइट लांच की है. नाम है- The Golden Talk dot com द गोल्डन टॉक डॉट कॉम. ख़बरों और तात्कालिक विषयों पर लेखन के आजकल के माहौल में ख़ास तौर से हिंदी में दिलचस्प और विविध विषयों पर शोधपूर्ण लेखन कम हो …

नाकारा सरकारें और आत्महन्ता किसान

अनेहस शाश्वत

लाख दावों प्रति दावों के बावजूद आज भी भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ खेती ही है। आधुनिक अर्थव्यस्था में इस स्थिति को पिछड़ेपन का द्योतक मानते हैं। बावजूद इसके अपने देश के किसानों ने देश के अनाज कोठार इस हदतक भर दिये हैं कि अगर तीन साल लगातार देश की खेती बरबाद हो जाये तो भी अनाज की कमी नहीं होगी। गौर करें यह तब जब भारत की आबादी लिखत-पढ़त में 125 करोड़ है यानी वास्तविक आबादी इससे ज्यादा ही होगी।

‘बोकरादी’ से ‘पेलपालदास’ तक!

अनेहस शाश्वत
बुढ़ापे को लोग बुरा कहते हैं, लेकिन दरअसल ऐसा है नहीं. इस अवस्था के बहुत लाभ भी हैं, खास तौर से हिंदुस्तान में. यहाँ कोई बुड्ढा आदमी कितनी भी बेवकूफी की बात करे, लोग उसका प्रतिवाद नहीं करते बल्कि हाँ में हाँ मिलाते हैं. इधर थोड़ा बदलाव आया है, देश से प्रेम करने का पेशा करनेवाले कुछ युवा जरूर, उनकी बात नहीं मानने वाले बुड्ढों को भी धमका देते हैं, लेकिन ख़ुदा का शुक्र है ऐसे लोग बहुत कम हैं. बुढ़ापे का एक दूसरा बड़ा लाभ ये भी है कि जीवन की संध्यावेला के पर्याप्त ख़ाली टाइम में पीछे छूट गई मूर्खताओं और मनोरंजक घटनाओं का काफी मज़ा नए सिरे से लिया जा सकता है. इस लेख में भी वही किया जा रहा है.

हिन्दू और मुसलमान दोनों पानीपत की तीसरी लड़ाई के घाव आज तक सहला रहे हैं

किसी व्यक्ति परिवार या समाज में कुछ घटनाएं ऐसी हो जाती हैं कि वे सब कई पीढियों तक उस घटना से प्रभावित होते रहते हैं। ये प्रभाव अच्छा भी हो सकता है और बुरा भी। ऐसी ही एक घटना है सन १७६१ में हुई पानीपत की तीसरी लड़ाई। इस लड़ाई के बारे में जानने से पहले लड़ाई क्यों हुई, यह जानना दिलचस्प होगा। इतिहास की एक धारा के मुताबिक उत्तर भारत में अंतिम महान हिन्दू सम्राट हर्ष वर्धन और दक्षिण भारत में रायरायान कृष्णदेव राय थे। मुस्लिम आक्रांताओं के हमले भारत पर आठवीं-नवीं शताब्दी से ही शुरू हो गए थे। लेकिन ११वीं शताब्दी में कुतुबुद्दीन ऐबक के साथ ही भारत में उनके साम्राज्य की शुरूआत हो गई।