हरीश रावत की चाटुकारिता पर उतर आया अमर उजाला!

देहरादून। एक वक्त था जब उत्तराखंड में अमर उजाला अपनी धारदार खबरों के लिए पहचाना जाता था, लेकिन अब यह अखबार जिस तरह सत्ता की चाटुकारिता के लिए पूरी नंगई पर उतर आया है वह हैरान करने वाला है। देहरादून में ज्योतिषिlयों का मजमा लगाने वाले अमर उजाला ने बेजान दारूवाला के हवाले से हरीश रावत की दोबारा ताजपोशी का ऐलान कर दिया है। अमर उजाला ने हरीश रावत की चुनाव में फिर वापसी की भविष्यवाणी की है।

अमर उजाला पर विज्ञापन न मिलने से डीजीपी के खिलाफ खबर छापने का आरोप

अमर उजाला को विज्ञापन न देने पर डीजीपी के खिलाफ 31 जनवरी और 1 फरवरी को प्रकाशित खबरों के मामले ने तूल पकड लिया है। पुलिस अधिकारियों ने अमर उजाला न पढ़ने की चेतावनी जारी कर दी है। साथ ही अमर उजाला के विज्ञापन कर्मी के खिलाफ नगर कोतवाली देहरादून में मुकदमा दर्ज कर लिया है। सूत्रों की मानें तो अब अमर उजाला के पदाधिकारी मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलकर मामले में समझौता कराने के प्रयास में लगे हैं।

चलो पिण्ड छूटा, धन्यवाद विजय त्रिपाठी!

3 जनवरी को फेसबुक पोस्ट और 6 जनवरी को भड़ास में लिखी अमर उजाला के नवोन्मेषक भाई साहब स्व. अतुल माहेश्वरी को दी गयी श्रद्धांजलि व व्यक्त की गयी भावनायें लगता है हमारे स्थानीय संपादक विजय त्रिपाठी को नहीं भायी है. 13 जनवरी से हमारा गैरसैंण हैड बन्द कर हमारे द्वारा पेषित समाचारों को कर्णप्रयाग हैड से लगाया जा रहा है. ये कहना उचित होगा कि उनकी ओर से हमें अमर उजाला से हटा दिया गया है. अर्थात भाई सहब के प्रति व्यक्त उद्गार को तो वे विषय नही बना पायेंगे, वे कोई मनगडंत कारण ढूंढें.