जैन मुनि को भी झांसा देने से नहीं चूके अजमेर के फर्जी पत्रकार!

अजमेर। कभी आदर्श पत्रकारिता की पहचान रहा राजस्थान का अजमेर शहर अब पत्रकारिता के पतन का वायस बन गया है। अब यहां सिर्फ सम्बन्धों को पाला-पोसा जा रहा है। पत्रकार खुद फर्जी पत्रकारों की जमात खड़ी कर रहे हैं। बुधवार को तब हद हो गई जब प्रख्यात जैन मुनि प्रसन्न सागर महाराज ने अजमेर में मंगल प्रवेश करने के बाद प्रेस वार्ता की। बाकी पत्रकारों की तरह देश के एक बड़े अखबार का स्थानीय चीफ रिपोर्टर खुद भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचा और अपने पड़ोसी (प्रोपर्टी डीलर) को भी फर्जी पत्रकार बनाकर साथ ले गया। उस रिपोर्टर ने अपने पड़ोसी को बाकायदा पत्रकार बताते हुए मुनि श्री से मिलवाया और उनसे बतौर गिफ्ट चांदी का सिक्का भी दिलवाया।

दूसरे पत्रकार उस फर्जी पत्रकार को देखकर चौंके, क्योंकि वास्तव में वह पत्रकार न होकर प्रोपर्टी डीलर है। मगर अफ़सोस, एक भी पत्रकार ने इस पर आपत्ति नहीं जताई। अब वह फर्जी पत्रकार अपने जीवन की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुनि के आशीर्वाद स्वरूप चांदी का सिक्का पाकर अभिभूत हो रहा है।

पता चला है कि चीफ रिपोर्टर की इस करतूत का पता उसके सम्पादक को लग चुका है। इससे पहले भी चीफ रिपोर्टर और प्रोपर्टी डीलर की यह दोस्ती चर्चित रह चुकी है। खबर तो यह भी है कि चीफ रिपोर्टर ने अपने इस दोस्त को सरकारी ठेके भी दिलवाना शुरू कर दिया है। देखना यह है कि सम्पादक जी अपने अखबार का फर्जी रिपोर्टर बनाने वाले चीफ रिपोर्टर को क्या सजा/सलाह या दंड देते हैं।

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भय दिखाकर वसूली करने वाले इस फर्जी पत्रकार की शक्ल याद रखिए, ये न तो दैनिक जागरण में है और न के. न्यूज में

सेवा में,
प्रभारी, साइबर सेल,
हजरतगंज,
जनपद लखनऊ

विषय- कथित पत्रकार रणजीत सिंह राठौड़, जनपद लखनऊ विषयक

महोदय,

कृपया निवेदन है कि मुझे कतिपय विश्वस्त सूत्रों द्वारा यह बताया गया कि रणजीत सिंह राठौड़ नाम के एक व्यक्ति स्वयं को पत्रकार बता कर ना सिर्फ तमाम लोगों पर गलत-सही रौब दिखा रहा है बल्कि वह इसके जरिये कई सरकारी कर्मियों को भय दिखा कर उनसे वसूली भी कर रहा है. मुझे जब इस बारे में विश्वास हो गया कि ये शख्स फर्जी है, तो इस प्रकरण में कार्यवाही कराने के लिए आवेदन कर रहा हूं.

फर्जी पत्रकार ने अपने फेसबुक वॉल पर खुद की यही फोटो डाल रखी है

सूत्रों द्वारा मुझे उस व्यक्ति का Ranjeet Singh Rathour नाम से फेसबुक एकाउंट (वेबलिंक https://www.facebook.com/ranjeet.singhrathour.92 ) भेजा गया जिस पर उसका पता लखनऊ का और मूल निवास लखीमपुर खीरी का बताया गया. इस एकाउंट में उसने खुद को crime reporter in samajwadi party and dainik jagran बताया है.  इसके अलावा इस फेसबुक एकाउंट में उसने खुद को न्यूज़ चैनल का भी पत्रकार बताते हुए एक फोटो लगा रखा है. फोटो उपर प्रकाशित है.

मैंने इस सम्बन्ध में दैनिक जागरण लखनऊ के जिम्मेदार पदाधिकारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने भी सुन रखा है कि इस नाम का कोई आदमी उनके अख़बार का पत्रकार बन गलत काम कर रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आदमी का उनके अख़बार से कोई रिश्ता नहीं है पर वह फर्जी रूप से स्वयं को इस अख़बार का पत्रकार बता कर गलत काम कर रहा है.

मैंने के-न्यूज़ के भी जिम्मेदार लोगों से इस बारे में बात किया तो उन्होंने भी बताया कि उन्हें भी एक आदमी द्वारा के-न्यूज़ की आईडी लगा कर घुमने और गलत काम करने की शिकायत मिली है. उन्होंने मुझे व्हाट्सएप पर उस आदमी की फोटो भेजी जो हूबहू इसी आदमी श्री रणजीत सिंह राठौड़ की थी.

उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट होता है कि यह आदमी फर्जी रूप से स्वयं को दैनिक जागरण और के-न्यूज़ और शायद अन्य अख़बारों का पत्रकार बता कर इसके जरिये समाज में गलत काम कर रहा है. वह इसके लिए फेसबुक का भी अनुचित प्रयोग कर रहा है.

अतः आपसे निवेदन है कि कृपया इस व्यक्ति द्वारा इन्टरनेट और भौतिक जगत में स्वयं को गलत ढंग से पत्रकार बता कर लोगों को ठगने, गलत रौब दिखाने, इसके माध्यम से विधि-विरुद्ध कार्य करने आदि के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही करने की कृपा करें. निवेदन करूँगा कि यह कार्य व्यापक जनहित का है, जिसमे एक व्यक्ति द्वारा पत्रकारिता जैसे गंभीर कार्य को अनुचित, अनैतिक और अवैध हितों के लिए प्रयोग किया जा रहा है, अतः इस शिकायत पर प्राथमिकता देने की कृपा करें.

पत्रांक संख्या- AT/Comp/37/14 
दिनांक –    24/12/2014                                                                  
(अमिताभ ठाकुर)
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर, लखनऊ
094155-34526

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ईटीवी का पत्रकार बताकर उगाही करने वाला शख्स धरा गया

मध्यप्रदेश के मंडला जिले में पंचायत सचिव से रंगदारी मांगते एक फर्जी पत्रकार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. कथित पत्रकार का नाम अमित मिश्रा है जो रीवा जिले के मऊगंज का निवासी है. पंचायत सचिव के अनुसार ये फर्जी पत्रकार अपने आपको ईटीवी न्यूज का संवाददाता बतलाकर पत्रकारिता का धौंस दिखा तीन हजार रुपयों की मांग कर रहा था.

इतना ही नहीं, कथित पत्रकार पंचायत सचिव को तीन अलग अलग पंचायतों से रंगदारी में मिले पांच पांच हजार के चेक दिखलाकर झांसे में लेने की कोशिश कर रहा था. शिकायतकर्ता ने सुनियोजित तरीके से रुपये देने के नाम पर फर्जी पत्रकार को बुलाया और पुलिस के हवाले कर दिया. बहरहाल पुलिस कथित पत्रकार से गहन पूछताछ में जुटी है. पुलिस की मानें तो आरोपी पत्रकार द्वारा लगातार भ्रामक जानकारियां दी जा रही है.

विजय तिवारी की रिपोर्ट.

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