बिहार के श्रम संसाधन मंत्री बोले- मजीठिया वेज बोर्ड की अनुशंसा एवं सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का होगा अनुपालन

गया से वरिष्ठ पत्रकारपंकज कुमार की रिपोर्ट >


बिहार के श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि पूरे राज्य का 80 प्रतिशत बाल मजदूर अकेले गया जिला में है। श्रम मंत्री ने कहा कि बिहार को बाल मजदूर से मुक्त कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। श्रम मंत्री का दावा है कि राज्य सरकार जस्टिस मजीठिया आयोग की अनुशंसा के आलोक में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को क्रियान्वित कराने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। मंत्री श्री सिन्हा गया में इस संवाददाता से बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सरकार इस बात को लेकर काफी गंभीर है कि न्यूनतम मजदूरी से कोई वंचित न रहे। चाहे वह कोई मीडियाकर्मी ही क्यों न हों। मंत्री श्री सिन्हा ने आगे बताया कि तीन नवंबर को विभाग के सभी वरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर श्रम कानून का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए निर्णय लिया जाएगा। इसके पूर्व मंत्री ने भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनिल स्वामी के साथ विष्णुपद मंदिर और मां मंगला गौरी मन्दिर जाकर पूजा अर्चना की। मंत्री श्री सिन्हा ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। डॉ. अपर्णा, विजय कुमार ‌जुबैर अहमद, डॉ. पराशर सहित कई अधिकारी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे। भाजपा जिलाध्यक्ष धनराज शर्मा एवं पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंत्री श्री सिन्हा का स्वागत किया।

उधर, शुक्रवार को दैनिक जागरण के गया यूनिट के कर्मियों को श्रम कानून के तहत ईपीएफ, ईएसआई सुविधा, सर्विस बुक एवं अन्य सुविधा न दिए जाने के आरोप की जांच करने मगध प्रमंडल के उप श्रमायुक्त डॉ. अपर्णा के नेतृत्व में विभागीय टीम गयी थी। लेकिन जांच टीम के समक्ष कर्मियों को दी जाने वाली सुविधाओं के सम्बन्ध में कोई कागजात उपलब्ध नहीं कराया गया ताकि स्पष्ट हो सके कि कितने कर्मचारी कार्यरत हैं, उनमें कितने का ईपीएफ नम्बर है, कितने कर्मियों को ईएसआई सुविधा प्राप्त है, सर्विस बुक कितनों को कम्पनी ने दे रखा है। मंत्री विजय कुमार सिन्हा से जब पूछा गया कि दैनिक जागरण के गया यूनिट के कितने कर्मचारी को ईपीएफ, ईएसआई सुविधा प्राप्त है, तो मंत्री श्री सिन्हा ने कहा कि वे इस सम्बन्ध में श्रम आयुक्त से बात कर जबाव दे पाएंगे।

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जांच करने पहुंचे श्रम अधीक्षक को दैनिक जागरण के मैनेजर ने गेट के अंदर ही नहीं घुसने दिया

कानून और नियम को ठेंगे पर रखता है दैनिक जागरण प्रबन्धक… गया के श्रम अधीक्षक के साथ दैनिक जागरण प्रबंधक ने की गुंडागर्दी… नहीं करने दिया प्रेस की जांच… पंकज कुमार दैनिक जागरण गया के वरिष्ठ पत्रकार रहे हैं. इन्होंने मजीठिया वेज बोर्ड मांगा तो प्रबंधन ने इन्हें परेशान करना शुरू कर दिया… पंकज ने बिहार के श्रम आयुक्त गोपाल मीणा के यहां एक आवेदन दिनांक 26.07.2017 को दिया था.. इसमें पंकज कुमार ने आरोप लगाया था कि गया सहित दैनिक जागरण बिहार के सभी चार प्रकाशन केंद्र में श्रम कानून के तहत मीडियाकर्मियों और गैर मीडियाकर्मियों को लाभ नहीं दिया जा रहा है. 90 प्रतिशत से अधिक पत्रकारों एवं गैर-पत्रकारों का प्राविडेंट फंड, स्वास्थ्य बीमा, सर्विस बुक समेत कई सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है. साथ ही माननीय सर्वोच्च्य न्यायालय द्वारा मजीठिया वेज बोर्ड के तहत ग्रेड की घोषणा भी नहीं की गई है.

श्रम आयुक्त गोपाल मीणा ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए अपने ज्ञापांक 3/डी-96/2015 श्र० स० 4142 दिनांक 04-08-17 के माध्यम से दैनिक जागरण की नियमानुकूल आवश्यक जांच करने का आदेश निर्गत किया था तथा कृत कारवाई से संबंधित प्रतिवेदन विभाग को तुरंत उपलब्ध कराने का आदेश मगध प्रमंडल के उप श्रमायुक्त को दिया था.  श्रम आयुक्त गोपाल मीणा के उक्त आदेश के अनुपालन हेतु कल दिनांक 19 सितम्बर को श्रम अधीक्षक, गया जुबेर अहमद दैनिक जागरण प्रेस की जांच करने के लिए गए थे. परन्तु उन्हें प्रेस के मुख्य द्वार के अंदर प्रवेश करने की ईजाजत दैनिक जागरण के प्रबन्धक द्वारा नहीं दी गई.

यह घटना प्रबन्धक की गुंडागर्दी और कानून की अवहेलना को दर्शाता है.  पंकज कुमार ने इसके पूर्व माननीय उच्चतम न्यायालय में अवमानना वाद दायर किया था. अपने गया से जम्मू तबादले को स्टे करने तथा मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों के आलोक में वेतन सहित अन्य सुविधा की मांग की थी. माननीय उच्चतम न्यायालय ने सभी आवेदकों को श्रम आयुक्त के पास इंडस्ट्रियल डिस्पुट एक्ट के तहत आवेदन दायर करने का आदेश दिया है. पंकज कुमार द्वारा दायर अवमानना वाद की खबर भड़ास ने प्रमुखता से एक मई को प्रकाशित किया था.

बिहार से एडवोकेट मदन तिवारी की रिपोर्ट. संपर्क : tiwarygaya@gmail.com

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बिहार में दैनिक जागरण कर रहा अपने कर्मियों का शोषण, श्रम आयुक्त ने जांच के आदेश दिए

दैनिक जागरण, गया (बिहार) के पत्रकार पंकज कुमार ने श्रम आयुक्त बिहार गोपाल मीणा के यहाँ एक आवेदन दिनांक लगाया था. पिछले महीने 26 जुलाई को दिए गए इस आवेदन में पंकज ने आरोप लगाया था कि गया जिले सहित जागरण के बिहार के सभी चार प्रकाशन केंद्र में श्रम कानून के तहत मीडियाकर्मियों और गैर-मीडियाकर्मियों को कई किस्म का लाभ नहीं दिया जा रहा है. यहां 90 प्रतिशत से अधिक पत्रकार एवं गैर पत्रकारों का प्राविडेंट फंड, स्वास्थ्य बीमा, सर्विस बुक सहित कई सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है. साथ ही माननीय सर्वोच्च्य न्यायालय द्वारा मजीठिया वेज बोर्ड के तहत सेलरी, पद और ग्रेड की जो घोषणा की जानी थी, उसे भी नहीं नहीं किया गया है.

श्रम आयुक्त गोपाल मीणा ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एक आदेश (3 / डी-96 / 2015 श्र० स० 4142 दिनांक 04-08-17) जारी कर दिया है. आदेश के माध्यम से कहा गया है कि दैनिक जागरण में कार्य के माहौल, श्रम नियमों और मजीठिया वेज बोर्ड आदि के अनुपालन की नियमानुकूल आवश्यक जांच की जाए तथा कृत कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन विभाग को तुरंत उपलब्ध कराया जाए. ये आदेश मगध प्रमंडल के उप श्रमायुक्त को दिया गया है.

पंकज कुमार ने इसके पूर्व माननीय उच्चतम न्यायालय में अवमानना वाद दायर किया था. पंकज का गया से जम्मू विद्वेष के कारण तबादला कर दिया गया था. इस तबादला को स्टे करने तथा मजीठिया वेज बोर्ड की अनुसंशा के आलोक में वेतन सहित अन्य सुविधा देने की मांग पंकज ने की थी. माननीय उच्चतम न्यायालय ने सभी आवेदकों को श्रम आयुक्त के पास इंडस्ट्रियल डिस्पुट एक्ट के तहत आवेदन दायर करने का आदेश दिया है. पंकज कुमार द्वारा दायर अवमानना वाद की खबर भड़ास ने प्रमुखता से एक मई को प्रकाशित किया था. श्रम आयुक्त गोपाल मीणा के ताजे आदेश का लाभ हजारों मीडियाकर्मियों और गैर-मीडियाकर्मियों को मिलेगा जो दैनिक जागरण सहित अन्य प्रकाशन संस्थानों में काम कर रहे हैं.

गया से जाने माने वकील और पत्रकार मदन तिवारी की रिपोर्ट. संपर्क : 8797006594

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‘प्रभात खबर’ ने लालू यादव को राबड़ी देवी और राबड़ी देवी को लालू यादव बना दिया!

प्रभात खबर का एक और कारनामा… इसने रातोंरात अपने अखबार में लालू यादव को राबड़ी देवी और राबड़ी देवी को लालू यादव घोषित कर दिया…. ऐसा विज्ञापन में किया गया है. न्यूट्रल पब्लिशिंग हाउस नामक कंपनी प्रभात खबर अखबार का प्रकाशन करती है.  कभी ‘अखबार नहीं आंदोलन’ और आज के दिनों में ‘बिहार जागे…देश आगे’ स्लोगन देकर यह अखबार बेचा जाता है. इस हिन्दी दैनिक ‘प्रभात खबर’ के बिहार संस्करण में विज्ञापन के नाम पर एक और कारनामा सामने आया है.  ‘प्रभात खबर’ के गया एडीशन में एक विज्ञापन छपा जो काफी चौकाने वाला है.

गया जिला के राजद उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार द्वारा छठ पर्व के मौके पर दिए गए एक शुभकामना संदेश में राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद की तस्वीर के नीचे उनका नाम राबड़ी देवी लिखा गया है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तस्वीर के नीचे उनका नाम लालू यादव लिखा गया है. ऐसा नहीं कि इस विज्ञापन का आकार इतना छोटा है कि संपादकीय या विज्ञापन विभाग की नजर इस पर नहीं पड़ी हो. पर ‘पैसे के लिए कुछ भी करेंगे’ की कहावत को चरितार्थ कर रहा ‘प्रभात खबर’ में वह सब मुमकिन दिख रहा है जो आम लोगों को नामुमकिन दिखता है. 

गौरतलब है कि इस अखबार के पटना संस्करण में पिछले दिनों बिहार के कभी मोस्ट वांटेड रहे और कुछ दिन पूर्व ही जेल से जमानत पर रिहा हुए फतुहा के कल्याणपुर गांव निवासी कुख्यात अपराधी टुनटुन यादव का छठ पर्व के मौके पर एक बड़ा सा शुभकामना संदेश छपा था जिससे इस अखबार की पूरे बिहार में काफी किरकिरी हुई. इसके बावजूद न तो इस अखबार का प्रबंधन चेता न ही ही इसका विज्ञापन विभाग.

पटना के पत्रकार विनायक विजेता की रिपोर्ट.

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