हिंदुस्तान और हिंदुस्तान टाइम्स में हाहाकार, वेज बोर्ड नहीं चाहिए वाले फार्म पर प्रबंधन जबरन करा रहा हस्ताक्षर

इस वक्त हिंदुस्तान टाइम्स और हिंदुस्तान अखबार के दफ्तरों में हाहाकार मचा हुआ है. नोएडा और दिल्ली से आ रही खबरों के मुताबिक दोनों अखबारों के कर्मियों से एक फार्म पर जबरन साइन कराया जा रहा है जिस पर लिखा हुआ है कि हमें मजीठिया वेज बोर्ड से अधिक वेतन मिलता है इसलिए हम मजीठिया वेज बोर्ड के लाभ नहीं लेना चाहते. सूत्रों के मुताबिक जो लोग फार्म पर साइन करने से मना कर रहे हैं उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है.

यह देखिए हरियाणा के मुख्यमंत्री की खबर हिन्दुस्तान टाइम्स, दिल्ली में विज्ञापन की शक्ल में

Sanjaya Kumar Singh : यही अच्छे दिन हैं क्या। पर किसके लिए? ना खाउंगा ना खाने दूंगा तो ठीक है। पर जायज पैसे भी नहीं देंगे और अपनी मर्जी से दान के पैसे उड़ाएंगे – यह कैसे ठीक हो सकता है। यह देखिए हरियाणा के मुख्यमंत्री की खबर हिन्दुस्तान टाइम्स, दिल्ली में विज्ञापन की शक्ल में। यह खबर है और खबर के रूप में छप सकती थी, छपनी चाहिए थी और छपवाने के लिए जारी की जानी चाहिए थी। नहीं छपती तो इसमें ऐसा कुछ नहीं है कि पैसे खर्च कर विज्ञापन के रूप में छपवाया जाए। चंदे के पैसे विज्ञापन में उड़ाने का कोई मतलब नहीं है।

सात सौ रुपये, हजार रुपये, ढाई हजार रुपये… ये है सेलरी… बदले में 50 लाख से अधिक की विज्ञापन की वसूली

दैनिक हिन्दुस्तान से जुड़े रामगढ जिला अन्तर्गत गोला संवाददाता मनोज मिश्रा ने हिंदुस्तान अखबार को अलविदा कह दिया है. श्री मिश्रा ने इस बाबत एक आवेदन प्रधान संपादक श्री शशिशेखर और झारखण्ड के वरीय संपादक श्री दिनेश मिश्र को प्रेषित किया है. मनोज ने कहा कि सन 2000 से हिन्दुस्तान से जुड़ा. पत्रकारिता में काफी उतार-चढ़ाव देखे. जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले पत्रकारों का आज भी काफी शोषण किया जा रहा है. उन्हें अखबार प्रबंधन से सम्मानजनक पारिश्रमिक नहीं मिलता है. इस कारण पत्रकार आर्थिक तंगी से जूझते रहते हैं. सभी का परिवार है. खर्चे भी काफी हैं. पारिवारिक दायित्व होने और आर्थिक तंगी के कारण ही अखबार को अलविदा कह दिया.

HT, IE among 47 Delhi newspapers have dared not to implement Majithia Award

Except four newspapers namely; The Hindu, The Tribune, The Decan Herald and Bennet Coleman & Company (publishers of The Times of India, Economic Times and Navbharat Times) and one news agency i.e. the Press Trust of India no newspaper/news agency being published from Delhi has implemented the Majithia Award. This has been revealed in the affidavit of the Government of Delhi submitted by Dr. Madhu Teotia, Labour Commissioner of Government of NCT of Delhi.

आसाराम से संबंधित गलत खबर छापने के बाद हिंदुस्तान टाइम्स ने मांगी माफी

3 अगस्त को कई समाचार पत्रों में ये समाचार छपा कि आसाराम की तस्वीर NCERT की कक्षा 3 की पुस्तक में महान संतों के बीच में प्रकाशित है. इस खबर की सच्चाई की पोल तब खुली जब मानव संसाधन व विकास मंत्रालय (HRD Ministry) द्वारा हिंदुस्तान टाइम्स को इस बाबत नोटिस जारी हुआ कि इस प्रकार की कोई पुस्तक NCERT द्वारा नहीं छापी गई है.

हिन्दुस्तान के पत्रकारों पर हमला करने वालो पर गैंगेस्टर एक्ट लगाया जाय : हेमंत तिवारी

लखनऊ : हिंदुस्तान अखबार के कार्यालय पर अराजक तत्वों द्वारा हमले की उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है. समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने घटना की जानकारी होते ही डीजीपी से बात की और कड़ी कार्यवाई की मांग की.    

लखनऊ में दैनिक हिंदुस्तान के दफ्तर पर भीड़ के साथ सभासद का हमला, कई घायल, फोर्स तैनात

लखनऊ : दबंग सत्ताधारियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब पत्रकार ही नहीं, प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान भी उनके निशाने पर आ गए हैं। लखनऊ में गोमतीनगर स्थित दैनिक हिन्दुस्तान के कार्यालय पर सभासद के भाई ने अपने समर्थकों के साथ हमला कर दिया। हमले में एचआर हेड आशीष मित्तल का सिर फट गया। कई अन्य कर्मियों को भी चोटें आई हैं। 

चुनाव से पहले हिंदुस्तान के ब्यूरो प्रमुखों पर गिर सकती है गाज

आगामी विधानसभा और पंचायत चुनावों से पहले हिंदुस्तान लखनऊ में बड़े फेरबदल की खबरें आ रही हैं। स्थानीय संपादक के के उपाध्याय ने लोकसभा  की तरह पंचायत चुनावों और  उसके बाद  होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बेहतर टीम बनने की तैयारी कर ली है। सबसे ज्यादा बदलाव ब्यूरो लेवेल पर होने की चर्चा है। 

वाह- वाह : ‘हिंदुस्तान’ की कसम, खबरें रिपीट करेंगे हम !

लगता है कि दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिन्दुस्तान ने पुराना मैटर रिपीट करने की कसम खा रखी है। हिन्दुस्तान के 31 जुलाई के अंक के पेज नंबर 11 (हेल्थ तरक्की) में जो सुडोकू 3503 नंबर से प्रकाशित किया गया है, वही सुडोकू 27 जुलाई के पेज नंबर 11 (जीने की राह) पर 3499 नंबर से पहले ही प्रकाशित किया जा चुका है। इतना ही नहीं सुडोकू नं. 3499 का जो उत्तर 28 जुलाई के पेज नं. 11 (धर्मक्षेत्रे) पर छपा है, वही उत्तर 01 अगस्त के पेज नं 11 (मनोरंजन) पर 3503 नंबर से प्रकाशित किया गया है।

टीवी पत्रकार ने जागरण और हिंदुस्तान को थमाया तीन करोड़ की मानहानि का नोटिस

 आगरा के मून टीवी चैनल के पत्रकार शशिकांत गुप्ता ने एक खबर से अपनी मानहानि होने पर दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान को तीन करोड़ रुपए अदा करने का नोटिस दिया है। शशिकांत गुप्ता के खिलाफ बीते अप्रैल माह में जागरण और हिन्दुस्तान ने एक खबर प्रकाशित की थी। एक खबर, जो 24 अप्रैल को छपी थी, उसमें एक शराबी युवक द्वारा बिजली घर पर तोड़फोड़ का उल्लेख किया गया था। अगले दिन 25 अप्रैल को फिर खबर छपी कि बिजली घर पर तोड़फोड़ करने वाला युवक शशिकांत गुप्ता है, जिसके विरुद्ध थाने में मुकदमा लिखाया गया है।

एचटी मीडिया की शुद्ध कमाई में इजाफा

हिंदुस्तान मीडिया वेंचर्स लि. (एचएमवीएल) का एकल आधार पर शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 23.11 प्रतिशत बढ़कर 41.71 करोड़ रुपये रहा।

भास्कर छोड़ मतिकांत, गुंजेश गए हिंदुस्तान, लोकेंद्र ने दबंग दुनिया को ठुकराया

बिहार में भास्कर की लांचिंग से हिंदुस्तान ने भास्कर रांची यूनिट के कई शीर्ष पत्रकारों को अपने खेमे में शामिल कर लिया है। आठ साल से भास्कर का साथ निभा रहे और भास्कर के फाउंडर मेंबर में से एक मतिकांत सिंह ने भास्कर को बाय-बाय कर दिया। मतिकांत सिंह भास्कर के उन चुने गिने पत्रकारों में हैं, जिन्होंने झारखंड में अखबार को मजबूती प्रदान की। झारखंड के सभी संस्करणों के लिए झारखंड और बिहार डेस्क इंचार्ज रहे।

जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान ने महेंद्र मोहन और संजय गुप्ता के खिलाफ समन नहीं छापा

मुरादाबाद  : दूसरों के बारे में बड़ी बड़ी हांकने वाले प्रमुख मीडिया घराने अपनी करतूतें छापने से कैसे कतराने लगते हैं, इसकी ताजा मिसाल है मुरादाबाद के इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह राना का मामला। कोर्ट में दैनिक जागरण के मालिक महेंद्र मोहन गुप्ता और प्रधान संपादक संजय गुप्ता के खिलाफ एक गलत खबर प्रकाशित करने का मामला चल रहा है। गत दिनो जब राना के वकील उस केस का समन प्रकाशित कराने जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान और आज अखबारों के दफ्तर पहुंचे तो चारो ने उसे प्रकाशित करने से साफ मना कर दिया। अंत में सिर्फ दैनिक केसरी ने समन को प्रकाशित किया।   

मुलायम-अमिताभ प्रकरण : दैनिक हिन्‍दुस्‍तान लखनऊ ने पहली खबर दबा दिया, दूसरी खिलाफ खबर छाप दिया!

अच्‍छा, इस हालत को क्‍या कहा-माना जाए कि एक खबर को दबा लिया गया है। इतना ही नहीं, इस असल खबर से जुड़ी एक दूसरी खबर उस खबर के खिलाफ छाप दी गयी। इतना भी होता तो बर्दाश्‍त कर लिया जाता। सम्‍पादक ने उससे जुड़ा एक साक्षात्‍कार छाप दिया है। सम्‍पादक है। यह कमाल किया है दैनिक हिन्‍दुस्‍तान के सम्‍पादक केके उपाध्‍याय ने। अरे जनाब, यह करने से पहले आप जरा इतना तो सोच लेते कि आप सम्‍पादन कर रहे हैं या तेल-चटाई का धन्‍धा खोले बैठे हैं। 

वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर

नोएडा हिंदुस्‍तान में एक और विकेट चटका, दो और के अखबार छोड़ने की अटकलें

दैनिक हिंदुस्‍तान नोएडा कार्यालय में इन दिनों हताशा का माहौल है। इन्‍क्रीमेंट में उपेक्षा और भेदभाव का शिकार हुए लोग लगातार संस्‍थान का दामन छोड़ रहे हैं। इस माह अब तक तीन लोग संस्थान छोड़ चुके हैं, जिनमें विनीत राय, प्रभात उपाध्‍याय और मनोज द्विवेदी शामिल हैं। 

रामपुर हिन्दुस्तान ब्यूरो चीफ बने विपिन शर्मा

हिन्दुस्तान ने रामपुर में एक बार फिर फेरबदल किया है। यहीं स्टि्ंगर रहे विपिन कुमार शर्मा को उनकी मेहनत को देखते हुए मार्च माह में ऑनरोल लेते हुए स्टाफर बना दिया गया। अब बीते दिन उन्हें रामपुर में ही ब्यूरो चीफ बनाकर प्रोन्नति दे दी। जबकि पूर्व में ब्यूरो चीफ रहे संतोष सिंह के बाद आए संजय सिंह को फिर से मुरादाबाद रिपोर्टिंग टीम का हिस्सा बना दिया गया।

हिंदुस्‍तान नोएडा को छोड़ प्रभात और मनोज पहुंचे दैनिक जागरण

हिंदुस्‍तान प्रबंधन की भेदभाव पूर्ण नीतियों और दमनकारी माहौल से खफा होकर दो कर्मियों ने जागरण का दामन थाम लिया है। दैनिक हिंदस्‍तान नोएडा में कार्यरत प्रभात उपाध्‍याय एजुकेशन बीट देखते थे। प्रभात ने स्‍थानीय संपादक के बेहूदापूर्ण व्‍यवहार से नाराज होकर पिछले दिनों दैनिक जागरण का दामन थाम लिया। 

खबर का खंडन छापने के बाद हिंदुस्तान के रिपोर्टर ने माफी भी मांगी

पाकुड़ (झारखण्ड): पाकुड़ में हिन्दुस्तान समाचार पत्र के ब्यूरो चीफ कार्तिक कुमार रजक ने पहले तो गलत खबर छापी लेकिन, खबर गलत होने के बाद वकील द्वारा प्लीडर नोटिस मिलते ही रिपोर्टर महोदय ने न सिर्फ खबर का खंडन निकाला बल्कि हाथ से लिख कर माफ़ी भी मांगी ।

जागरण के जिंदा और हिन्दुस्तान-अमर उजाला के मुर्दा पत्रकार

दैनिक जागरण नोएडा में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन इन दिनों मीडिया कर्मियों के बीच सबसे बड़ी खबर है। जागरण कर्मियों ने जो तेवर, उत्साह प्रबंधन के दमनात्मक रवैये के खिलाफ दिखाया है, वह दर्शाता है कि वाकई जागरण के कर्मी जर्नलिस्ट हैं, अन्यथा हिंदी अखबारी मीडिया में हिंदुस्तान  अखबार के भड़ैत पत्रकार भी हैं, जिनकी शशि शेखर के आगे बोली नहीं निकलती। कमोबेश यही हाल अमर उजाला के भी ज्यादातर पत्रकारों का हैं, जो सिर्फ पेट पाल रहे हैं। 

मजीठिया वेतनमान के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे एचटी मीडिया के पांच कर्मियों की सेवा समाप्त

पिछले सप्ताह हिन्दुस्तान टाइम्स नोएडा-दिल्ली में इंकऱीमेंट के लैटर सबको बांट दिए गए, लेकिन साथ ही यहां के एचटी आफिस दिल्ली से 4-5 लोगों को तुरंत प्रभाव से नौकरी से टरमिनेट भी कर दिया गया। इन लोगों का एक कसूर था कि इन बेचारे भोले कर्मचारियों ने पिछले दिनों यहां प्रबंधन के खिलाफ मजीठिया वेतनमान न देने पर सुप्रीम कोर्ट में शिकायत कर दी थी, जो कि यहां कि उच्च प्रबंधकीय वर्ग को कतई पसंद नहीं। 

नहीं सम्‍पादक जी, नहीं, ऐसा मत कीजिए

वैसे भी आपकी विश्‍वसनीयता पिछले कई बरसों से बुरी तरह खतरे में हैं, इसके बावजूद अगर आपने अपना रवैया नहीं सुधारा तो अनर्थ ही हो जाएगा। अब देख लीजिए ना, कि आपके संस्‍थान में क्‍या-क्‍या चल रहा है। राजधानी से प्रकाशित अखबारों पर एक नजर डालते ही हर पाठक को साफ पता चल जाता है कि मामला क्‍या है और खेल किस पायदान पर है। 

मजीठिया वेज बोर्ड संघर्ष : शोभना भरतिया और शशि शेखर को शर्म मगर नहीं आती… देखिए इनका कुकर्म…

हिंदुस्तान अखबार और हिंदुस्तान टाइम्स अखबार की मालकिन हैं शोभना भरतिया. सांसद भी हैं. बिड़ला खानदान की हैं. पैसे के प्रति इनकी भूख ऐसी है कि नियम-कानून तोड़कर और सुप्रीम कोर्ट को धता बताकर कमाने पर उतारू हैं. उनके इस काम में सहयोगी बने हैं स्वनामधन्य संपादक शशि शेखर. उनकी चुप्पी देखने लायक हैं. लंबी लंबी नैतिक बातें लिखने वाले शशि शेखर अपने घर में लगी आग पर चुप्पी क्यों साधे हैं और आंख क्यों बंद किए हुए हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए. आखिर वो कौन सी मजबूरी है जिसके कारण वह अपने संस्थान के मीडियाकर्मियों का रातोंरात पद व कंपनी जबरन बदले जाने पर शांत बने हुए हैं.

Newspapers readership IRS 2014 Download

Download Topline Newspapers Readership numbers… देश के बड़े अखबारों, मैग्जीनों आदि की लैटेस्ट या बीते वर्षों की प्रसार संख्या जानने के लिए नीचे दिए गए शीर्षकों या लिंक्स पर क्लिक करें…

मजीठिया वेज बोर्ड : सुप्रीम कोर्ट में आज की सुनवाई, भविष्य की रणनीति और लड़ने का आखिरी मौका… (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : सुप्रीम कोर्ट से अभी लौटा हूं. जीवन में पहली दफे सुप्रीम कोर्ट के अंदर जाने का मौका मिला. गेट पर वकील के मुहर लगा फार्म भरना पड़ा जिसमें अपना परिचय, केस नंबर आदि लिखने के बाद अपने फोटो आईडी की फोटोकापी को नत्थीकर रिसेप्शन पर दिया. वहां रिसेप्शन वाली लड़की ने मेरा फोटो खींचकर व कुछ बातें पूछ कर एक फोटो इंट्री पास बनाया. पास पर एक होलोग्राम चिपकाने के बाद मुझे दिया. जब तक कोर्ट नंबर आठ पहुंचता, केस की सुनवाई समाप्त होने को थी.

Dainik Hindustan 200 cr Government Advt Scam : SC to hear SLP of Shobhana Bharatia on 24 March

New Delhi : 200 crore Dainik Hindustan Government Advertisement scandal, the Supreme Court of India(New Delhi) has listed the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 / 2013 (Shobhana Bhartia Vs State of Bihar & another) for hearing on March, twenty four 2015 next. Meanwhile, the Superintendent of Police, Munger (Bihar), Mr. Varun Kumar Sinha has submitted the Counter-Affidavit on behalf of the Bihar Government to Mr.Rudreshwar Singh, the counsel for the Bihar Government in the Supreme Court in the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 of 2013. Now, the Counsel for the Bihar Government, Mr. Rudreshwar Singh has to file the Counter-Affidavit in the Supreme Court and has to argue on behalf of the Bihar Government in this case.

हिंदुस्तान टाइम्स् ने आरटीआई एक्टिविस्ट की इज्जत उछाल दी

हेलो सर, नमस्‍कार, मेरा नाम सुमेर लाल शर्मा है. मेरा मोबाइल नंबर 09983148394 है. मैं एक आरटीआई एक्‍टीविस्‍ट हूं. हिन्‍दुस्‍तान टाईम्‍स ने दिनांक 18 दिसम्‍बर 2014 को जयपुर एडिशन में मुख्‍य पेज पर मेरे खिलाफ अपुष्‍ट, मुझ से बिना किसी व‍िषय पर बात किये, निराधार, झूठी व मेरी इज्‍जत तार तार करने वाली खबर छाप दी. इस अंग्रेजी अखबार ने मेरी व उन सभी लोगों की जो आरटीआई एक्‍टीविस्‍ट एवं व्हिसल ब्लोअर्स हैं, की इज्‍जत सरेआम नीलाम कर दी.

Dainik Hindustan Advt Scam : next hearing date 13 January

New Delhi : 200 crore Dainik Hindustan Government Advertisement  scandal, the Supreme Court has listed the Special Leave Petition (Criminal) No.1603/2013 (Shobhana Bhartia Vs State of Bihar & another) for  hearing on January thirteen, 2015 next. Meanwhile, the  Superintendent of Police,Munger(Bihar), Mr.Varun Kumar Sinha has submitted the Counter-Affidavit on behalf of the Bihar Government to Mr.Rudreshwar Singh, the counsel  for the Bihar Government in the Supreme Court in the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 of 2013 .Now, the Counsel for the Bihar Government, Mr. Rudreshwar Singh  has to  file the Counter-Affidavit  in the Supreme Court and has to argue on behalf of the Bihar Government in this case.

सड़क हादसे में हिंदुस्‍तान के पत्रकार अमरेश मिश्र की मौत

इलाहाबाद यूनिट के अंतर्गत आने वाले प्रतापगढ़ जिले में तैनात हिन्दुस्तान’ के पत्रकार अमरेश मिश्र की सोमवार रात सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा प्रतापगढ़ के लालगंज अझारा में रात तकरीबन आठ बजे हुआ। अमरेश प्रतापगढ़ कार्यालय से काम निपटाकर बाइक से कौशाम्बी स्थित अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल अमरेश काफी समय पर सड़क पर ही पड़े रहे। बाद में सड़क किनारे तड़प रहे अमरेश को एक एंबुलेंस चालक ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई।

फर्जी बिल लगाने पर हिंदुस्‍तान ने अनिल के. अंकुर को फोर्स लीव पर भेजा

हिंदुस्‍तान, लखनऊ में कार्यरत एक पत्रकार को गलत तरीके से फर्जी बिल-बाउचर लगा‍कर प्रबंधन से पैसा ऐंठने की कोशिश महंगी पड़ गई. प्रबंधन ने शक होने पर पूरे मामले की जांच अपने स्‍तर से कराई और लगभग साठ हजार का घपला सामने आने के बाद उक्‍त पत्रकार को फोर्स लीव पर भेज दिया गया है. यह पत्रकार लंबे समय से हिंदुस्‍तान से जुड़ा हुआ था. यह भी खबर आ रही है कि प्रबंधन ने उससे इस्‍तीफा भी मांग लिया है.