पीवी चंद्रन आईएनएस के नए अध्यक्ष (देखें नई कार्यकारिणी के सदस्यों की पूरी सूची)

बेंगलुरु : इंडियन न्यूज पेपर सोसायटी (आईएनएस) की शुक्रवार को हुई वार्षिक आम बैठक में मातृभूमि समूह के पीवी चंद्रन को साल 2015-16 के लिए आईएनएस का अध्यक्ष चुना गया। चंद्रन, किरण बी वडोडारिया की जगह लेंगे। वह मातृभूमि समूह के प्रबंधक निदेशक और पूर्णकालिक निदेशकों में से एक हैं। वह ‘गृहलक्ष्मी’ का कामकाज देखते हैं जो महिलाओं पर एक विशिष्ट पत्रिका है।

अखबार मालिकों के संगठन ‘आईएनएस’ की मांग- पत्रकारों के लिये वेतनबोर्ड की व्यवस्था खत्म हो

बेंगलुरु : देश के समाचारपत्रों के सबसे बड़े संगठन इंडियन न्यूज़पेपर्स सोसाइटी (आईएनएस) ने सरकार से अपील की कि वे प्रिंट मीडिया की आर्थिक व्यवहार्यता के लिये अखबारों के पत्रकार एवं गैरपत्रकार कर्मियों के लिये वेतनबोर्ड की प्रणाली समाप्त कर दे और सरकारी विज्ञापनों की दरों में वृद्धि करे. आईएनएस की 76वीं वार्षिक महासभा को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष किरण बी वडोदरिया ने कहा कि सरकार को प्रिंट मीडिया की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिये सकारात्मक कदम उठाने चाहिये. मजीठिया वेतनबोर्ड की सिफारिशों के कारण वेतन में असहनीय वृद्धि और सरकारी विज्ञापनों के बजट में कटौती के कारण देश के तमाम छोटे एवं मझोले प्रकाशनों के बंद होने का खतरा पैदा हो गया है. श्री वडोदरिया ने कहा कि दशकों पुरानी वेतन निर्धारित करने की संवैधानिक प्रणाली को जारी रखने की कोई आवश्यकता नहीं है.

New law needed to govern salary in print media : Ravindra Kumar

New Delhi: Outgoing president of Indian Newspaper Society (INS) Ravindra Kumar today (Friday) said a new law is required to govern salary and other issues relating to print media and called the wage boards “life-threatening disease” as their recommendations have put a “crippling burden” on the industry. In his Presidential address at the 75th annual general meeting of INS, Kumar said implementation of recommendations of the Majithia Wage Board has badly hit all newspaper establishments and urged the government to do away with them.