मजीठिया वेज बोर्ड मांगने वाले पत्रकार को एमपी पुलिस ने 31 घंटे तक अवैध हिरासत में रखा

प्रति,
श्रीमान् प्रधान संपादक महोदय
भड़ास मीडिया

पत्रकार के साथ पुलिस की गुंडागर्दी का मामला आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं… मैं पत्रकार विपिन नामदेव बताना चाहूंगा कि मेरे पिताजी को पुलिस वाले 04/03/2017 को सुबह 04:10 मिनट पर उठा के ले गये. घर की महिलाओं के साथ गाली गलौज की. इसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. मैं पुलिस के पास शाम 05:30 पर पहुंचा तो मुझे बिठाकर पिताजी को छोड़ दिया गया.

पिताजी को टोटल 14 घंटे बैठाया गया. मुझे 05/03/2017 को रात्रि 12:00 बजे छोड़ा गया. टोटल 31 घंटे 30 मिनट पुलिस की कस्टडी में रहा. इसका कारण अभी तक पुलिस ने स्पष्ट नहीं किया है. मुझसे एक स्टॉम्प पर लिखवाया गया कि मुझे कम्पनी को 50,000/- देने हैं. पुलिस की गुंडागर्दी मेरे घर पर हुई. पुलिस ने मेरे पिताजी को तभी छोड़ा जब मैं थाने गया और मुझे अवैध रूप से हिरासत में रखा. पुलिस ने बिना वारंट मेरे घर की तलाशी ली.

बताना चाहूंगा कि कुछ दिन पहले मैंने दबंग दुनिया छोड़कर चाय की दुकान खोलकर बिजनेस करना शुरू किया. तब भी मुझे परेशान किया जाता रहा. इसके कारण मुझे फिर पत्रकारिता क्षेत्र में लौटना पड़ा. मैं फिलहाल ‘समय जगत’ भोपाल के पेपर को जबलपुर महाकौशल, विंध संभाग के ब्यूरो हेड के बतौर देख रहा हूं. दंबग दुनिया पर मैंने मजीठिया बेतन बोर्ड के तहत हक पाने के लिए आवेदन लेबर कोर्ट में दिया हुआ हूं. वहां पर मैं एक पेशी को अटेंड कर चुका हूं.

मुझे एक पेशी पर पेश होने के लिए इंदौर जाना था लेकिन वहां मुझे जान का खतरा दिखा. मैंने लेबर कमिश्नर इंदौर को लिखित आवेदन प्रस्तुत करके जबलपुर में लेबर के संयुक्त कमिश्नर के सामने पेश हो गया.

असल में दबंग दुनिया का मालिक गुटखा किंग किशोर बाधवनी मुझसे बंधुवा मजदूरी करवा रहा था. उसने मुझे तीन माह का पेमेंट और 10 माह का टूर का भुगतान नहीं दिया. मैंने इस बारे में कम्पनी के मालिक किशोर वाधवानी जी को मेल करके ईमानदारी से अवगत करा दिया था. मैंने वर्ष 2014, 2015, 2016 में मालिक किशोर वाधवानी को कई बार लिखित में शिकायत की और सी.ई.ओ विजय गुप्ता जी, यूनिट हैड संजीव सक्सेना जी के साथ सभी एजेन्टों से मिलकर स्पष्ट करवा दिया था. तब यूनिट हैड संजीव सक्सेना जी ने उचित कार्यवाही की.

दबंग दुनिया के गीत दिक्षित अपनी कुर्सी बचाने के चक्कर में मुझे फंसाने की साजिश कर रहे हैं. मजीठिया वेतन बोर्ड मांगने की इतनी बडी कीमत चुकानी पड़ रही है.

विपिन नामदेव
जबलपुर महाकौशल
विंध संभाग ब्यूरो
समय जगत
7771016601
samayjagatjbp67@gmail.com

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

गोविंद ठाकरे जबलपुर पात्रिका के संपादक बने

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पत्रिका में कार्यरत सिटी चीफ गोविंद ठाकरे को जबलपुर पत्रिका का स्थानीय संपादक नियुक्त किया गया है। वे पत्रिका में पिछले पांच सालों से कार्यरत हैं। 

इससे पहले वह नवभारत और दैनिक भास्कर में भी काम कर चुके हैं। अपनी कड़ी मेहनत और धारदार कलम के बूते उन्होंने यह बड़ा मुकाम हासिल किया है। वर्ष 2002 में उन्होंने बालाघाट (मध्यप्रदेश) के नवभारत ब्यूरो से करियर की शुरुआत की थी। 2004 में उनका चयन भास्कर अकादमी भोपाल में ट्रेनिंग के लिए हुआ। इसके बाद सितम्बर 2010 तक वे दैनिक भास्कर रायपुर में सीनियर रिपोर्टर रहे। वे पात्रिका में सिटी चीफ/न्यूज एडिटर रहे। इस दौरान उन्होंने शिक्षा जारी रखते हुए अकादमिक उपलब्धि भी हासिल की। 2011 में उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) पत्रकारिता विषय क्वालीफाई की। एक रिपोर्टर से संपादक के पद पर पहुंचने से पत्रकारिता के नए कलमकारों को प्रेरणा मिली है।

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

जगदीश किंजल्क को राष्ट्रीय कामता प्रसाद गुरु अलंकरण सम्मान

जबलपुर : साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ‘वर्तिका’ के 30वें वार्षिक राष्ट्रीय साहित्य अलंकरण सम्मेलन में आयोजित एक भव्य समारोह में सुप्रसिद्ध साहित्यकार, पत्रकार एवं मीडियाकर्मी जगदीश किंजल्क को “राष्ट्रीय कामता प्रसाद गुरु अलंकरण “से नवाजा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध विद्वान आचार्य डॅा. कृष्णकान्त चतुर्वेदी ने की एवं मुख्य अतिथि रहे शैलजाकान्त मिश्रा।

स्मरणीय है कि जगदीश किंजल्क ने 9 पुस्तकें लिखी हैं और एक हजार से अधिक परिचर्चाएँ आयोजित कीं जो भारत की सर्वोच्च पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। उनके एक हजार से अधिक कहानियाँ, लेख, चिन्तनपूर्ण आलेख, समालोचनाएँ और साक्षात्कार आदि देश की विभिन्न लोकप्रिय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुये हैं। किंजल्क “Famous Figure of Face Book ,”के रूप में भी जाने जाते हैं । उनके साथ अन्य साहित्यकार इरफान झाश्वी, किशोरी लाल नेमा,  हरेराम समीप, संध्या शुक्ल मृदुल, सोहन सलिल, महेश मानव, सलमा जमाल, रत्ना ओझा रतन, डॅा विजय तिवारी और प्रतुल श्रीवास्तव भी विभिन्न अलंकरणों से सम्मानित किये गये। 

कार्यक्रम में विश्व हिन्दी सम्मेलन की प्रासंगिकता विषय पर विशेष गोष्ठी आकर्षण का केन्द्र रही जिसकी अध्यक्षता जगदीश किंजल्क ने की । संगोष्ठी के प्रमुख वक्ता रहे संजीव वर्मा सलिल, डॅा राजकुमार सुमित्र, आचार्य भागवत दुबे, डॅा गार्गी शरण मिश्रा, आलोक श्रीवास्तव एवं विजय तिवारी ।

समारोह की सफलता में कवि अंशलाल पंद्रे, विवेक रंजन श्रीवास्तव, विजय नेमा, डॅा विजय तिवारी, दीपक तिवारी, राजेश पाठक प्रवीण और ममता जबलपुरी का उल्लेखनीय सहयोग रहा। “वर्तिका ” की स्थापना जबलपुर के प्रसिद्ध कवि श्री साज जबलपुरी ने की थी । 

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें: