हरियाणा के रिटायर्ड डेस्‍क जर्नलिस्‍टों की मांग- ‘हरियाणा सरकार हमें भी दे पेंशन!’

-भूपेंद्र प्रतिबद्ध-

वह पीड़ा पीछा छोड़ने का नाम ही नहीं ले रही जो उस दिन एक रिटायर्ड पत्रकार साथी ने एक समारोह में अपने संबोधन के दौरान व्‍यक्‍त किए थे। उनका कहना था कि जिन्‍दगी का ताकत और ताजगी वाला वक्‍त तो कठोर श्रम से जीविका कमाने, अखबार को नई-नई, अलग तरह की, सबके पक्ष की, सबकी रुचियों की स्‍टोरियों से सजाने-संवारने में गुजार दिए। तब इलहाम ही नहीं था कि एक वक्‍त वह भी आएगा जब रिटारमेंट हो जाएगी। संगी सहकर्मी फेयरवेल पार्टी दे देंगे और मैनेजमेंट हिसाब-किताब करके अपने रजिस्‍टर से मेरा नाम उड़ा देगा। ि‍फर सताएगी शेष जीवन की गाड़ी को चलाने की चिंता। जीना कब तक है यह कोई नहीं जानता, लेकिन सांस चलाने-चलते रहने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है जो भोजन से मिलती है। इस भोजन का प्रबंध करने के लिए ही पेंशन की दरकार होती है, जो पत्रकारों को आम तौर पर उपलब्‍ध नहीं होती। जिन थोड़े लोगों को उपलब्‍ध होती भी है तो वह ऊंट के मुंह में जीरे से भी कम होती है।

पत्रकार मनोज ने हरियाणा के कनफ्यूज्ड सीएम खट्टर को आइना दिखा दिया

जाट आरक्षण से निपटने को लेकर मुख्यमंत्री खट्टर कन्फ्यूज्ड हैं। लेकिन बिल्डरों को लाभ देने और करप्शन की शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डालने के मामले में बिलकुल कन्फ्यूज्ड नहीं हैं। एक तेजतर्रार पत्रकार ने कन्फ्यूज्ड चीफ मिनिस्टर को समझा दिया कि सरकार कनफ्यूज़न से नहीं चलती। चंडीगढ़ में एक पत्रकार हैं मनोज ठाकुर। मैं कभी मिला नहीं। या कहिये की मिलने का सौभाग्य नहीं हुआ। फेसबुक पर मित्र बने। मैं उनकी पत्रकारिता को सलाम करता हूँ।

देखे खट्टर तेरे ठाठ : पार्टी वर्कर और जनता त्रस्त… नेता, अफसर और मंत्री मस्त…

पवन कुमार बंसल, नयी दिल्ली

मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बने दो साल हो गए. प्रदेश में पहली बार भाजपा की पूर्ण बहुमत लेकर सरकार बनी है. लंबे अरसे से नेताओं की सभाओं में दरी बिछाने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि अब उनकी सरकार में सुनवाई होगी. उन्हें मान सम्मान मिलेगा और काम भी होंगे. लेकिन इस समय पार्टी का वर्कर मुख्यमंती को लेकर काफी परेशान और दुखी है. मुख्यमंत्री अफसरशाही के चुंगल में फंसे हैं और आम जनता से तो दूर की बात, अपने कार्यकर्तओं से भी कट गए हैं.

सीएम खट्टर ने मुझे मीडिया के पास जाने से मना किया है : सांसद अश्विनी चोपड़ा

सोनीपत / पानीपत (हरियाणा) : सांसद अश्विनी चोपड़ा ने खुलासा किया है कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने उन्हें मीडिया के पास जाने से मना किया है। सीएम ने कहा कि वे उनसे सीधी बात करें। आगे से अपने मुद्दों को लेकर मीडिया के पास न जायें। सांसद के अनुसार सीएम ने कहा- ‘क्या जरूरत है, आपको मीडिया में जाने की, मुझे बताओ, मैं सब ठीक करूंगा।’ इस पर चोपड़ा का सीएम को जवाब था – ‘मैं भी चाहता हूं कि आपसे बतौर सांसद बात करूं, पर क्षेत्र की उपेक्षा सहन नहीं कर पाता और मेरे भीतर का पत्रकार जाग उठता है, मैं क्या करूं?’

सड़क हादसे में पत्रकार अनूप झा की मौत पर सीएम खट्टर ने शोक जताया

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रजातंत्र लाईव न्यूज के एडिटर अनूप झा की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि झा एक होनहार पत्रकार थे।