केरल में सिर्फ ईसाई शराब पी सकता है, बेच सकता है, हिन्दू नहीं!

Shameer Aameen Sheikh : यदि आपको लगता है कि भारत में सिर्फ एक ‘मुस्लिम पर्सनल लॉ’ है तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। आइये जानते हैं भारत के कुछ अन्य पर्सनल लॉ के बारे में। इनको पढ़कर आप समझ जायेंगे कि भारत जैसे ‘अनेकता में एकता’ वाले देश में ‘कॉमन सिविल कोड’ अगले ढाई साल तो क्या ढाई सौ साल तक लागू नहीं हो सकता, यह सिर्फ राजनीतिक उछल-कूद है और कुछ भी नहीं –

कानून : सोशल मीडिया पर अब सुप्रीम कोर्ट की भी नजर

सुप्रीम कोर्ट सोशल मीडिया पर नियंत्रण के लिए नया कानून चाहता है. अंग्रेजी दैनिक टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार मकसद अपमानजनक संदेशों के ऑनलाइन प्रसार के कारण सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकना है.

पत्रकारों पर हमले रोकने के लिए क़ानूनी प्रावधान जरूरी : प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया

नई दिल्ली : पत्रकारों पर लगातार बढ़ रहे हमलों पर अब प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने गंभीर रुख अपनाया है। पीसीआई की तरफ से गठित एक सब-कमेटी ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कानून बनाने की सिफारिश की है। किसी भी पत्रकार पर हमले को एक संज्ञेय अपराध मानने और कठोर दंड प्रावधान को जरूरी माना गया है। कमेटी के सिफारिशों को पीसीआई ने मंजूर कर लिया है। यह सब कमेटी 2011 में स्थापित की गई थी, जिसने 11 राज्यों मे जाकर शीर्ष सरकारी अधिकारियों और पत्रकार संघों से चर्चा की। इसकी रिपोर्ट के मुताबिक, 1990 से 2015 के बीच भारत मे 80 पत्रकारों की हत्या हुई। सब कमेटी ने कहा है कि पीसीआई को सभी राज्यों को उच्च शक्ति वाली समितियां बनाने का निर्देश देना चाहिए। जिनमें पत्रकारों की संस्थाओं का प्रतिनिधित्व हो और वे पत्रकारों पर हमलों के इन सभी मामलों पर हो रही जांच पर निगरानी रखें।

दिल्ली के कानून मंत्री की गिरफ्तारी से कानून खुद के शिकंजे में

परिपक्व संविधान मजबूत लोकतंत्र और युवा भारत दुनिया में भारत की फिलहाल यह भी एक मजबूत पहचान है लेकिन कानून के उपयोग और व्याख्या को लेकर अक्सर जो माजरा खड़ा होता है उससे एक अजीब से राजनीतिक मकसद की बू आती है जिसे लेकर कहीं न कहीं लोकतंत्र पर ही सवाल और कानून खुद-ब-खुद शिकंजे में दिखाई देने लगता है। कई बार ऐसा लगता है कि जंग कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच है तो कई बार यह जंग विधायिका और न्यायपालिका के बीच दिखती है। मजबूत लोकतंत्र और दुनिया में अपना डंका बजाने के लिए बेताब भारत के लिए यह हितकर नहीं कहा जाएगा।