शोभना भरतिया के हिन्दुस्तान अखबार में करोड़ों रुपये का पीएफ घोटाला!

प्रधानमंत्री व केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त करा रहे हैं पूरे मामले की जांच, मजीठिया क्रांतिकारी निर्मल कान्त शुक्ला ने की साक्ष्यों सहित पीएम, श्रम मंत्री, केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त से शिकायत, जांच अधिकारी के नोटिस पर हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड ने दस्तावेज व रिकार्ड देने को मांगा समय Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें …

हिन्दुस्तान अखबार के घोटाले की पुलिस जांच शुरू, शोभना भरतिया और शशिशेखर हो सकते हैं गिरफ्तार

मुंगेर (बिहार) : पत्रकारिता के छात्रों को ‘सत्य के संधान’ का लेक्चर देने वाले शशि शेखर अपने अखबार के ही एक घोटाल में आरोपी हैं. सुप्रीम कोर्ट के 11 जुलाई 2018 के आदेश के आलोक में मुंगेर के पुलिस अधीक्षक गौरव मंगला ने दैनिक हिन्दुस्तान के फर्जी संस्करण और 200 करोड़ रुपए के सरकारी विज्ञापन …

सुप्रीम कोर्ट ने शोभना भरतिया के एफआईआर रद्द करने के आवेदन को ठुकराया

विज्ञापन घोटाला की जांच को जल्द पूरा करने का आदेश दिया नई दिल्ली । हिंदी दैनिक हिंदुस्तान के विज्ञापन घोटाला में प्रमुख अभियुक्त शोभना भरतिया के प्राथमिकी रद्द करने के आवेदन को सुप्रीम कोर्ट ने 11 जुलाई को ठुकरा दिया. साथ ही पुलिस अनुसंधान पर लगी रोक को भी हटा लिया ओैर इस कांड में …

सुप्रीम कोर्ट ने ‘हिंदुस्तान’ की मालिकन शोभना भरतिया पर सवा लाख रुपये का हर्जाना ठोका

शोभना भरतिया

दैनिक हिन्दुस्तान फर्जी संस्करण और 200 करोड़ का सरकारी विज्ञापन घोटाला प्रकरण, सुनवाई की अगली तारीख 16 अप्रैल 2018 तय…. सुप्रीम कोर्ट ने 16 मार्च 2018 को एक ऐतिहासिक आदेश में मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्ज लिमिटे, नई दिल्ली की चेयरपर्सन व पूर्व कांग्रेस सांसद शोभना भरतिया को सवा लाख रूपए की हर्जाना राशि के भुगतान का आदेश दिया। मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्ज लिमिटेड नामक कंपनी देश में दैनिक हिन्दुस्तान नाम के हिन्दी दैनिक का प्रकाशन करती है।

विज्ञापन घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने शोभना भरतिया और बिहार सरकार को पक्ष रखने का अंतिम मौका दिया

नई दिल्ली। अठारह जनवरी 2018 को बहस की निर्धारित तिथि पर पीटिशनर शोभना भरतिया और बिहार सरकार के विद्वान अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति को सुप्रीम कोर्ट ने काफी गंभीरता से लिया है और कोर्ट ने अपनी गहरी नाराजगी प्रकट की है। सुप्रीम कोर्ट ने 18 जनवरी, 2018 को पारित अपने आदेश में अपनी नाराजगी प्रकट करते हुए  निम्नलिखित आदेश पारित किया है:- ‘‘न्याय का तकाजा है कि कोर्ट दोनों पार्टियों पीटिशनर शोभना भरतिया और रेसपोन्डेन्ट नंबर एक बिहार सरकार को अगली तारीख 14 मार्च, 2018 को अपना पक्ष रखने का अंतिम मौका प्रदान करता है। पीटिशनर के विद्वान अधिवक्ता की अनुपलब्धता की स्थिति में आज बहस स्थगित की जाती है।”