पत्रकार बरखा दत्त लेकर आ रही हैं नया अंग्रेजी न्यूज चैनल!

खबर है कि वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त अपना अंग्रेजी न्यूज़ चैनल लेकर आ रही हैं। इस चैनल का नाम हार्वेस्ट न्यूज़ चैनल होगा। बताया जा रहा है कि कई बड़े न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर्स ने हार्वेस्ट चैनल ज्वाइन भी कर लिया है। इस चैनल के रिपोर्टर्स ने अपनी-अपनी बीट पर काम शुरू कर दिया है …

बरखा दत्त ने फिर किया धमाका, एनडीटीवी और प्रणय रॉय के कारनामों का किया खुलासा

बरखा दत्त ने एनडीटीवी और प्रणय राय की असलियत बताना जारी रखा हुआ है. उन्होंने फेसबुक पर अपने ताजे धमाके से एनडीटीवी प्रबंधन को बुरी तरह घेर लिया है. प्रणय राय को जरूर जवाब देना चाहिए क्योंकि ये बड़े और गंभीर सवाल कोई भाजपाई या संघी या बाहरी टाइप प्राणी नहीं उठा रहा बल्कि उनके यहां कई दशक तक काम कर चुकीं जानी पहचानीं बरखा दत्त लिखित में उठा रही हैं. एनडीटीवी के घपलों-घोटालों के बारे में ताजे खुलासे में बरखा दत्त ने काफी कुछ जानकारी दी है. पढ़िए बरखा की एफबी पोस्ट….

बरखा दत्त ने एनडीटीवी और प्रणय राय की पोल खोलते हुए फेसबुक पर जो कुछ लिखा है, उसे हू-ब-हू पढ़ें…

I certainly don’t see NDTV as either victim or crusader…

Barkha Dutt : For the last few days I have observed with cynical amusement a public debate around NDTV taking down a story related to Amit Shah. I am not getting into the specifics of the story here and whether the story was right or wrong but I did point out when I first heard the controversy that the axing of stories at NDTV is hardly new and those seeking the higher moral ground today remained absolutely silent when some of us fought with the owners and management over these issues.

एनडीटीवी को अलविदा कहने के बाद बरखा दत्त ‘द क्विंट’ से जुड़ीं, पढ़िए उनका बयान

एनडीटीवी की लंबी पारी के बाद बरखा दत्त अब द क्विंट से जुड़ गई हैं. मोदी की मार से मुश्किल में फंसे प्रणय राय को कई बड़े नामों को अपने यहां से रुखसत करना पड़ रहा है. बरखा इन्हीं में से एक हैं. द क्विंट नामक डिजिटल मीडिया कंपनी के मालिक राघव बहल ने बरखा को अपने मीडिया कंपनी से जोड़ लिया है. खासकर यह तो तय हो चुका है कि विधानसभा चुनावों में बरखा दत्त द क्विंट के लिए काम करेंगी. इस बारे में खुद बरखा दत्त ने फेसबुक पर जो लिखा है, वह इस प्रकार है :

बरखा दत्‍त ने अरनब गोस्‍वामी के लिए कहा- ”क्‍या यह आदमी पत्रकार है? शर्मिंदा हूं”

एनडीटीवी 24×7 की सलाहकार संपादक बरखा दत्‍त ने टाइम्‍स नाऊ के प्रमुख संपादक अरनब गोस्‍वामी के लिए एक ट्वीट में लिखा, ‘‘टाइम्‍स नाऊ मीडिया के दमन की बात करता है, वो जर्नलिस्‍ट्स पर मामला चलाने और उन्‍हें सजा दिलाने की बात करता है, क्‍या यह शख्‍स जर्नलिस्‍ट है? उस शख्‍स की तरह ही इस इंडस्‍ट्री का हिस्‍सा होने के लिए शर्मिंदा हूं.’’

पत्रकारिता के रंगरूटों, भक्त पत्रकारों… पहले बरखा पर आरोप तो जान लो!

Sanjaya Kumar Singh : बरखा दत्त के पक्ष में… पत्रकारिता के रंगरूटों, भक्त पत्रकारों – बरखा पर आरोप जान लो… संस्कारी सरकार के भक्तों के संस्कार इतनी बदबू फैला रहे हैं कि नए बने शौंचालयों का कोई फायदा ही नहीं हुआ। कहीं चिट्ठी बह रही है तो कहीं आरोप। स्वच्छता अभियान का जो हो, बदबू तो बढ़ रही है। इसके लिए रोहित सरदाना जैसे लोगों को बताना होगा कि सवाल खुले में ना करें – बदबू बहुत ज्यादा हो गई है। वैसे तो रोहित की हैसियत नहीं है कि बरखा दत्त के बारे में रवीश से पूछते पर भक्तों की मंडली सोशल मीडिया पर रोहित को कंधे पर बैठाकर जिस ढंग से नाच रही है उसमें भक्तों को बताना जरूरी है कि मुद्दा है क्या और बरखा पर शोर मचाने वाले, उसपर आरोप लगाने वालों को सच बता दिया जाए।

खुद को और बरखा दत्त को सोशल मीडिया पर गाली देने वाले को रवीश कुमार ने अपनी कलम के जरिए दिखाया आइना

आपकी गाली और मेरा वो असहाय अंग

कुछ ही तो वाक्य हैं बाज़ार में
जिन्हें तल कर
जिनसे छन कर
वही बात हर बार निकलती है
बालकनी के बाहर लगी रस्सी पर
जहाँ सूखता है पजामा और तकिये का खोल
वहीं कहीं बीच में वही बात लटकती है
जिन्हें तल कर
जिनसे छनकर
वही बात हर बार निकलती है
बातों से घेर कर मारने के लिए
बातों की सेना बनाई गई है
बात के सामने बात खड़ी है
बात के समर्थक हैं और बात के विरोधी
हर बात को उसी बात पर लाने के लिए
कुछ ही तो वाक्य हैं बाज़ार में
जिन्हें तल कर
जिनसे छनकर
वही बात हर बात निकलती है
लोग कम हैं और बातें भी कम हैं
कहे को ही कहा जा रहा है
सुने को ही सुनाया जा रहा है
एक ही बात को बार बार खटाया जा रहा है
रगड़ खाते खाते बात अब बात के बल पड़ने लगे हैं
शोर का सन्नाटा है, तमाचे को तमंचा बताने लगे है
अंदाज़ के नाम पर नज़रअंदाज़ हो रहे हैं हम सब
कुछ ही तो वाक्य है बाज़ार में
जिन्हें तल कर
जिनसे छनकर
वही बात हर बार निकलती है ।
बात हमारे बेहूदा होने के प्रमाण हैं
वात रोग से ग्रस्त है, बाबासीर हो गया है बातों को
बकैती अब ठाकुरों की नई लठैती है
कथा से दंतकथा में बदलने की किटकिटाहट है
चुप रहिए, फिर से उसी बात के आने की आहट है।

फेसबुक अपनी तरफ से कर रहा मेरा प्रचार, मैंने एक पैसा खर्च नहीं किया : बरखा दत्त

बरखा दत्त के स्पांसर्ड फेसबुकी पेज के बारे में भड़ास4मीडिया पर छपी खबर को लेकर ट्विटर पर बरखा दत्त ने अपना बयान ट्वीट के माध्यम से जारी किया. उन्होंने लोगों के सवाल उठाने पर अलग-अलग ट्वीट्स के जरिए जवाब देकर बताया कि उनकी बिना जानकारी के फेसबुक उनके पेज को अपने तरीके से प्रमोट कर रहा है. उन्होंने बताया कि फेसबुक की तरफ से उनके पास फोन आया था जिसमें ट्विटर की तरह एफबी पर भी सक्रिय होने के लिए अनुरोध किया गया. तब मैंने उन्हें कहा कि कोशिश करूंगी. ऐसे में एक भी पैसा देने का सवाल ही नहीं उठता. बिलकुल निराधार खबर भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित हुई है. 

पैसे वाली पत्रकार हैं बरखा दत्त, फेसबुक लाइक तक खरीद लेती हैं!

Yashwant Singh : बरखा दत्त इन दिनों फेसबुक पर खूब सक्रिय हो गई हैं. उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर इस बाबत लिखा भी है. साथ ही कई कहानियां किस्से विचार शेयर करना शुरू कर दिया है. बरखा समेत ज्यादातर अंग्रेजी पत्रकारों की प्रिय जगह ट्विटर है. लेकिन सेलेब्रिटी या बड़ा आदमी होने का जो नशा होता है, वह फेसबुक पर भी ले आता है, यह जताने दिखाने बताने के लिए यहां भी मेरे कम प्रशंसक, फैन, फालोअर, लाइकर नहीं हैं. सो, इसी क्रम में अब ताजा ताजा बरखा दत्त फेसबुक पर अवतरित हुई हैं और अपने पेज पर लाइक बढ़ाने के लिए फेसबुक को बाकायदा पैसा दिया है. यही कारण है कि आजकल फेसबुक यूज करने वाले भारतीयों को बरखा दत्त का पेज बिना लाइक किए दिख रहा है. पेज पर Barkha Dutt नाम के ठीक नीचे Sponsored लिखा है.

प्रभा दत्त (बरखा दत्त की मां) के युद्ध मोर्चे पर रिपोर्टिंग हेतु जाने के अनुरोध को एचटी प्रबंधऩ ने ठुकरा दिया था

(बरखा दत्त फाइल फोटो)

बरखा दत्त की सोशल मीडिया के नाम पर पूरी सक्रियता ट्विटर पर हुआ करती थी लेकिन अब वह फेसबुक पर भी सक्रिय रहेंगी. ऐसा उन्होंने फेसबुक के अपने पेज पर प्रकाशित एक पोस्ट में बताया है. इसी पोस्ट में उन्होंने अपने निजी जीवन के बारे में बताया है और इसकी शुरुआत अपनी मां के बारे में बताने से की है.