जानिए कौन-कौन हैं ‘गोदी मीडिया’ छाप पत्रकार!

इस लेख में आज हम गोदी मीडिया की बात करेंगे। मीडिया तो हमने बहुत सुना था पर ‘गोदी मीडिया’ और फेक समाचार शब्द का चलन मोदी के पिछले पांच सालों के कार्यकाल की देन है। हमें याद करना होगा जब भाजपा के अध्यक्ष ने एक टीवी चैनल को अपना साक्षात्कार देते हुए यह स्वीकार किया …

मोदी और मीडिया यानि ‘गोदी मीडिया’ पर इस चुनाव में बने ये सात कार्टून न देखा तो क्या देखा!

इस चुनाव में मीडिया ने ये कमाया है। सतीश आचार्य और मंजुल जैसे कार्टूनिस्टों की कूची से मीडिया का बनता चेहरा देखिए। मीडिया पर बने सभी कार्टूनों का संग्रह होना चाहिए। -Ravish Kumar Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

गोदी मीडिया की रिपोर्टिंग में जानबूझ कर तृणमूल के विकल्प के रूप में बीजेपी को पेश किया जा रहा!

Girish Malviya : बहुत से लोग तर्क देते हैं कि मोदी जी का नोटबन्दी का निर्णय इतना ही खराब होता तो क्या 4 महीने के अंदर हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा दो तिहाई बहुमत से जीतकर आती? चलिए मान लिया… पर अब यह तर्क पश्चिम बंगाल की तृणमूल काँगेस के साथ भी अप्लाई …

अमेरिकी पत्रकार राष्ट्रपति से भिड़ जाता है, भारतीय पत्रकार ‘साहेब’ से पूछता है-‘आज डिबेट किस टॉपिक पर करें!’ देखें वीडियो

जांबाज अमेरिकी मीडिया बनाम दलाल भारतीय मीडिया… एक अमेरिकी मीडिया है जो सब से ताकतवर राष्ट्रपति से भिड़ गई… एक हमारी दलाल मीडिया है रोज पूछती है- ”साहब बताइये आज क्या करें आपके लिए!” Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें: