यूपी में सत्ता के करीबी बड़े अफसरों में भी अंदरखाने शह-मात देने की खूब हो रही लड़ाई!

कल किसी वक्त चर्चा बहुत तेज छिड़ गई कि मुलायम सिंह यादव फिर से सीएम बनेंगे और सारे झगड़े को शांत कराएंगे तो देखते ही देखते यह खबर भी दौड़ने लगी कि मुलायम के सीएम बनने पर दीपक सिंघल तब मुख्य सचिव बनाए जाएंगे. इसके बाद तो कई बड़े अफसरों की हालत पतली होने लगी. दबंग और तेजतर्रार अफसर की छवि रखने वाले दीपक सिंघल की इमेज खराब करने के लिए कई अफसरों की टीम अलग अलग एंगल से सक्रिय हो गई.

मैं यादव सिंह से ना तो कभी मिला और ना ही देखा : नवनीत सहगल

भड़ास4मीडिया के पास लखनऊ से प्रकाशित होने वाली पत्रिका दृष्टांत के संपादक अनूप गुप्ता का एक मेल आया है जिसमें दावा किया गया है कि सीबीआई के समक्ष यादव सिंह की गवाही से यूपी के सीनियर ब्यूरोक्रेट नवनीत सहगल के भ्रष्टाचार पर से पूरी तरह से पर्दा उठ जाएगा. श्री गुप्ता का कहना है कि इस काम में राष्ट्रीय हिन्दी समाचार पत्रिका दृष्‍टांत की तरफ से शीघ्र ही समस्त दस्तावेजों के साथ नवनीत सहगल के खिलाफ एक चौंकाने वाला खुलासा किया जाएगा.

संपादक जगदीश नरायण शुक्ल से आईएएस नवनीत सहगल इतना डरते क्यों हैं?

लखनऊ के निष्पक्ष प्रतिदिन अखबार के मालिक और संपादक जगदीश नारायण शुक्ल से यूपी के ताकतवर आईएएस अधिकारी नवनीत सहगल इतना क्यों डरते हैं? आजकल यह सवाल मीडिया वालों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. सूचना विभाग से करोड़ों का विज्ञापन लेकर निष्पक्ष प्रतिदिन के संपादक जगदीश नारायण शुक्ल द्वारा वहां के कर्मचारियों …

‘दृष्टांत’ मैग्जीन के संपादक अनूप गुप्ता के खिलाफ लखनऊ में नया मुकदमा

(आईएएस नवनीत सहगल और पत्रकार अनूप गुप्ता)


खबर है कि लखनऊ से प्रकाशित क्रांतिकारी मैग्जीन ‘दृष्टांत’ के संपादक अनूप गुप्ता के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करा दिया गया है. यह एफआईआर मैग्जीन के पंजीकरण हेतु फर्जी दस्तावेजों के लगाने से संबंधित है. वहीं अनूप गुप्ता का कहनाा है कि भ्रष्ट नौकरशाहों से लेकर भ्रष्ट नेताओं और भ्रष्ट मंत्रियों की पोल लगातार खोलने के कारण उन्हें सत्ता प्रतिष्ठान द्वारा निशाना बनाया जा रहा है और दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है.

पढ़िए ‘दृष्टांत’ मैग्जीन की कवर स्टोरी : काशी का कलंक

लखनऊ से निकलने वाली चर्चित मैग्जीन ‘दृष्टांत’ की कवर स्टोरी इस बार भी यूपी के बदनाम आईएएस नवनीत सहगल पर केंद्रित है. यह नौकरशाह मायावती का भी प्रिय रहा है और इन दिनों अखिलेश यादव का भी प्रिय अफसर है. ‘दृष्टांत’ मैग्जीन के संपादक अनूप गुप्ता ने अबकी कवर स्टोरी में बनारस के विश्वनाथ मंदिर को लेकर बताया है कि किस तरह सौ करोड़ हिंदुओं की आस्था के इस प्रतीक का सौदा नवनीत सहगल ने मुंबई की एक कंपनी के साथ कर लिया था. पूरी कवर स्टोरी नीचे प्रकाशित है>>

‘दृष्टांत’ पत्रिका ने छापी यूपी के एक महालूट की आंख खोलने वाली विस्तृत कहानी

-अनूप गुप्ता-


लखनऊ

अरबों की योजना में करोड़ों की दलाली! : लगभग एक दशक पूर्व कांग्रेस के कार्यकाल में केन्द्र सरकार ‘राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन’ यानि एन.आर.एच.एम. की आधारशिला रखती है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के उन निम्न तबके के लोगों की सेहत सुधारना था जो निजी अस्पतालों में मोटी रकम देकर अपना इलाज करवाने में असमर्थ हैं। मनमोहन सरकार के कार्यकाल में योजना के प्रचार-प्रसार के लिए करोड़ों रुपए भी सरकारी खजाने से खाली हो जाते हैं। योजना तैयार होने के बाद बकायदा देश के विभिन्न राज्यों को भारी-भरकम बजट भी आवंटित हो जाता है। उत्तर-प्रदेश भी उन्हीं राज्यों में से एक था। गुणवत्तापरक दवाओं की आपूर्ति और सरकारी अस्पतालों के अपग्रेडेशन के लिए टेण्डर आवंटित किए जाते हैं। सम्बन्धित विभाग को प्राप्त टेण्डरों पर विचार-विमर्श चल ही रहा था कि इसी बीच गाजियाबाद की एक दवा निर्माता कम्पनी सरजीक्वाइन का प्रतिनिधि गिरीश मलिक नामक व्यक्ति सामने आता है।

नवनीत सहगल ने दी पत्रकार अनूप गुप्ता को धमकी!

Anoop Gupta : उत्तर प्रदेश की आर्थिक तबाही का कारण, दलाल- ब्लैकमेलर पत्रकारों का भीष्म पितामाह और भ्रष्ट सरकारों का दलाल नवनीत सहगल पर मैग्जीन द्वारा किए गए बड़े खुलासे के बाद नवनीत सहगल की तरफ से मुझे आज दिनांक 04-12-2014 को समय तीन बजकर 18 मिनट शाम पर दूरभास नंबर 05224004527 से निपट लेने की धमकी दी गई.